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ELECTION 2018 / LOKSABHA 2019

: फीचर

बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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महाकालेश्वर के बाद अब ओंकारेश्वर की 156 करोड़ की कार्य-योजना मंजूर
5 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने ओंकारेश्वर के विकास के लिये तैयार की गई 156 करोड़ रूपये की कार्य-योजना को मंजूरी दे दी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि ओंकारेश्वर मंदिर के लिये शीघ्र ही एक्ट भी तैयार किया जाये। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में ओंकारेश्वर कार्य-योजना की समीक्षा कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा महाकालेश्वर मंदिर परिसर की 300 करोड़ रूपये की विकास कार्य-योजना पूर्व में ही स्वीकृत की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बैठक में कहा कि देश में केवल मध्यप्रदेश को यह गौरव हासिल है, जहाँ 12 ज्योतिर्लिंग में से दो ज्योतिर्लिंग प्रतिष्ठापित हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ये पवित्र स्थान विश्व पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित हों। श्री कमल नाथ ने ओंकारेश्वर विकास योजना को पूरा करने के लिए समय निर्धारित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकास कार्य पूरा करने की तारीख तय हो। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा है कि अगले शीतकालीन सत्र में यह एक्ट पेश किया जा सके। मुख्यमंत्री ने योजना के शिलान्यास के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए। यह कमेटी विकास कार्य की प्रगति पर निगरानी रखेगी।
ओंकारेश्वर विकास योजना
ओंकार सर्किट योजना के अंतर्गत महाकाल-महेश्वर के साथ ओंकारेश्वर विकास की योजना मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार की गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इस योजना को अंतिम रूप दिया। आज मंत्रालय में यह योजना मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की गई। योजना में विकास का एक विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। इसमें ओंकारेश्वर के प्रवेश द्वार को भव्य बनाना, मंदिर का संरक्षण, प्रसाद काउंटर, मंदिर के चारों ओर विकास तथा सौंदर्यीकरण, शॉपिंग काम्प्लेक्स, झूलापुल और विषरंजन कुंड के पास रिटेनिंग वॉल, बहुमंजिला पार्किंग, पहुँच मार्ग, परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण, शेड निर्माण, लैंड-स्केपिंग, धार्मिक-पौराणिक गाथा पुस्तकों की लायब्रेरी, ओंकार आइसलैंड का विकास, गौमुख घाट पुन-र्निर्माण, भक्त निवास और भोजनशाला, ओल्ड पैलेस, विष्णु मंदिर, ब्रम्हा मंदिर, चंद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार, ई-साइकिल तथा ई-रिक्शा सुविधा, बोटिंग, आवागमन, बस स्टैंड, पर्यटक सुविधा केन्द्र सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
आध्यात्म एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, खंडवा जिले के प्रभारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, गृह मंत्री श्री बाला बच्चन तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव आध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय दुबे, आयुक्त इन्दौर संभाग श्री आकाश त्रिपाठी एवं कलेक्टर खंडवा सुश्री तन्वी सुन्द्रियाल उपस्थित थीं।

स्कूल स्तर पर आयोजित किये जाएं सड़क सुरक्षा कार्यक्रम
5 December 2019
भोपाल.पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में आज राज्य सड़क सुरक्षा परिषद और राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति में लिये गये निर्णयों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा संबंधी किये गये कार्यों एवं प्रयासों की जानकारी दी।
नोडल एजेन्सी के प्रभारी अधिकारी, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री कुमार सौरभ ने कहा कि अत्याधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया आदि चिन्हित कर उन्हें सुधरवाने की कार्यवाही शीघ्र पूरी कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जायें। श्री सौरभ ने 132 ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्यवाही को अगल-अलग बताने के निर्देश दिये।
बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूली स्तर पर सड़क सुरक्षा के कार्यक्रम आयोजित कर मासिक और त्रैमासिक जानकारी प्रस्तुत करें। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा। साथ ही, सड़क सुरक्षा के लिये किये गये अच्छे कार्यों की जानकारी देने के निर्देश दिये। बैठक में प्रदेश में सड़कों पर अतिक्रमण रोकने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर कार्यवाही करने को कहा गया।

नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह की विश्व बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा
5 December 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज विश्व बैंक की सीनियर म्यूनिसिपल इंजीनियर और को-टास्क टीम लीडर एमपीयूडीपी श्रीमती पूनम अहलूवालिया तथा विश्व बैंक की वाटर एण्ड सेनिटेशन स्पेशलिस्ट वाटर ग्लोबल प्रेक्टिस सुश्री उपनीत सिंह से प्रदेश के 11 शहरों में संचालित योजनाओं के बारे में चर्चा की। इस दौरान आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि भी उपस्थित थे।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को तुरंत दूर करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय में योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, जिससे नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
ज्ञातव्य है कि विश्व बैंक की सहायता से भेड़ाघाट, नसरूल्लागंज, महेश्वर, धरमपुरी, शाजापुर, छिंदवाड़ा और शहडोल में मल-जल निस्तारण योजना और बुरहानपुर, मुरैना, खरगोन, सेवढ़ा और श्योपुर कला में जल प्रदाय योजना प्रस्तावित है।

रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के लिए औद्योगिक संस्थानों से समन्वय कायम करें विश्वविद्यालय
4 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में कहा कि रोजगारोन्मुखी पाठयक्रमों के संचालन के लिए औद्योगिक संस्थानों से समन्वय कायम करें। जो निर्णय लें, उन्हें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ परिणाम तक ले जायें। उन्होंने कुलपतियों को नई सोच, ऊर्जा और आत्म-विश्वास के साथ उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में पहल करने को कहा।
राज्यपाल श्री टंडन की पहल पर देश में पहली बार मध्यप्रदेश में विश्वविद्यालयों का कंसोर्टियम बनाया गया है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय एक-दूसरे की विशेषज्ञताओं का उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाएंगे। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि कंसोर्टियम के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम नया इतिहास बनाएगा।
राज्यपाल की उपस्थिति में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, छिन्दवाड़ा विश्वविद्यालय, पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय, महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपनी-अपनी कमियों को दूर करने के लिए आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सभी विश्वविद्यालयों को उनकी आवश्यकतानुसार साफ्टवेयर और लायसेंस उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल ने साइंस रिसर्च के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सुविधायें देने, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व तथा पांडुलिपि संग्रहालय में रखी विभिन्न भाषाओं की लगभग बीस हजार पांडुलिपियों को शोध एवं अनुसंधान की सुविधा देने की जानकारी दी।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से राज्यपाल की अध्यक्षता में कंसोर्टियम का गठन किया गया। राज्यपाल के सचिव और शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को कार्यकारी समूह में शामिल किया गया है।

मंत्री श्री राठौर द्वारा केन्द्र से जीएसटी कम्पंसेशन शीघ्र दिए जाने का आग्रह
4 December 2019
भोपाल.वाणिज्य-कर मंत्री श्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन से मिलकर प्रदेश को माह अगस्त-सितम्बर 2019 का जीएसटी कम्पंसेशन शीघ्र दिए जाने का आग्रह किया। श्री राठौर के साथ पंजाब, केरल, राजस्थान, पुडुचेरी और दिल्ली राज्य के मंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्य को कम्पंसेशन की यह राशि यथाशीघ्र जारी करने की मांग की।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आश्वस्त किया कि राज्यों को जीएसटी कम्पंसेशन की राशि जारी करने के बारे मे शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यों की आर्थिक स्थिति से वे भलीभाँति परिचित है।
ज्ञातव्य है कि संविधान में हुए संशोधन के अनुसार जीएसटी लागू होने से राज्यों को होने वाली हानि की भरपाई के लिए भारत शासन की ओर से प्रति वर्ष 14 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में कम्पंसेशन की गारंटी प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश को यह राशि विगत 10 अक्टूबर तक मिलनी चाहिए थी लेकिन आज तक यह कम्पंसेशन राशि अप्राप्त है।

एग्री स्टार्ट-अप्स को संरक्षण देगी राज्य सरकार : मंत्री श्री सचिन यादव
4 December 2019
भोपाल.किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एग्री स्टार्ट-अप्स को संरक्षण देगी। इसके लिये शीघ्र ही नीति निर्धारित की जाएगी। श्री यादव आज आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में 'एग्री स्टार्ट-अप्स : रोल ऑफ इनोवेशन एण्ड टेक्नोलॉजी इन को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट इन इंडिया' कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि अब जोत का आकार छोटा हो गया है। इसलिये एफपीओ ( फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ) निर्मित कर संगठित कृषि की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बाजार से जोड़ना, उत्पाद को बाजार मुहैया कराना, उचित मूल्य दिलाना, लागत मूल्य कम करना, ऑर्गेनिक उच्च गुणवत्ता की खाद्य सामग्री का उत्पादन, वेल्यूएडिशन आदि क्षेत्रों में नवाचार और नवीन तकनीक का अधिकाधिक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों को जल्दी ही ऑनलाइन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली के सचिव श्री मोहन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगला वर्ष एग्री स्टार्ट-अप्स का वर्ष है। इसके माध्यम से तकनीकी ज्ञान किसान तक पहुँचेगा, जो उसकी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यशाला में निदेशक राज्य सहकारी प्रबंधन संस्थान, श्री टी.जी. षडाक्षरी और विषय-विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विषयानुसार मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में आयुक्त सहकारिता श्री एम.के. अग्रवाल, नाबार्ड के महाप्रबंधक श्री डी.एस. चौहान उपस्थित थे।

नए शहरीकरण के लिए नगरीय निकायों का सशक्त होना जरूरी
4 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए नगरीय निकायों को सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्थाओं के चुने हुए जन-प्रतिनिधि तेजी से हो रहे परिवर्तन को पहचान और नई सोच और नई दृष्टि से दूरदर्शिता के साथ अपने शहरों का विस्तार करें। श्री नाथ आज मंत्रालय में नगर-पालिका और नगर-परिषद के अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह समय है जब हम अपने छोटे-बड़े शहरों का भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नियोजन करें। परिवर्तन के इस दौर में नागरिकों की अपेक्षाएँ और उम्मीद भी बढ़ी हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी कार्य-शैली और संस्कृति में परिवर्तन लाएं और लोगों की आशाओं के अनुरूप शहरों का नियोजित विकास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय-निकायों को सरकारी मदद के साथ ही अपनी आय के नए स्त्रोत भी विकसित करना होंगे। इसके लिए वे नई गतिविधियों की शुरुआत करें।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि पिछले एक साल में नई सरकार ने अपने काम से नियत और नीति का परिचय दिया है। वित्तीय संकट था। किसानों की आत्म-हत्या, बेरोजगारी और महिलाओं के साथ अत्याचार में प्रदेश देश में नंबर-1 था। इन चुनौतियों के बीच सरकार ने बड़े फैसले लिए। ऋण माफी के वचन को पूरा करते हुए 21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए गए। कर्ज माफी की प्रक्रिया में कई ऐसी तकनीकी दिक्कतें आई जिनके कारण हमारे सामने कई संकट खड़े हुए। इन सबका निदान हमने किया। इसी माह से हम कर्ज माफी का दूसरा चरण शुरू करने जा रहे हैं। बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के उदे्दश्य से निवेश के लिए विश्वास की वापसी की है। श्री नाथ ने कहा कि हमारे यह काम जनता तक पहुँचाने में नगरीय निकायों के पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य है कि प्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास के लिए हमारे पास अनुभव और मार्गदर्शन के रूप में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हैं। श्री नाथ ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री रहते हुए पूरे देश के शहरों के विकास को एक नई दिशा और कई योजनाएँ दी। श्री सिंह ने कहा कि वे सरकार की नगरीय विकास नीतियों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री सिंह ने कहा कि बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों के विकास के लिए सरकार नई दिशा दृष्टि से काम कर रही है। पीने का पानी लोगों का अधिकार है इसके लिए सरकार "राइट टू वाटर" की नीति बनाने जा रही है। शहरों की पहचान जिन गतिविधियों से है, उनका भी संरक्षण किया जा रहा है।
प्रदेश के नगर पालिका एवं नगर परिषद संगठन की अध्यक्ष श्रीमती हरमीत कौर एवं अन्य अध्यक्षों ने नगरीय निकायों को सशक्त बनाने के सुझाव दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री का नगर पालिका एवं नगर परिषद संगठन की ओर से शाल-श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।

पुस्तकें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त : स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. चौधरी
4 December 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शासकीय मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय में पुस्तक मेले–2019 का उद्घाटन करते हुए है कहा कि पुस्तकें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। पुस्तकों से ज्ञान के साथ जीवन को समझने की सोच भी मिलती है। उन्होंने कहा कि जो लोग पुस्तकों को अपना साथी बनाते हैं, उनका विवेक उन्हें हमेशा गलत काम करने से बचाता है। डॉ. चौधरी ने बताया कि पुस्तक मेले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अधिकतम छूट के साथ पुस्तकें उपलब्ध होंगी।
उल्लेखनीय है कि शासकीय मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय सन 1955 से निरन्तर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक विद्यार्थियों को अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। लगभग 8000 सदस्य हैं, जिनमें लगभग 700 से 800 तक केवल विद्यार्थी हैं। पुस्तकालय द्वारा क्विज, व्याख्यान-माला, मॉक इन्टरव्यू, मॉक परीक्षाएँ और प्रति रविवार शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

स्पेन की जलवायु परिवर्तन प्रदर्शनी में शामिल हुईं मध्यप्रदेश के चित्रकारों की पेंटिग्स
4 December 2019
भोपाल.प्रदेश के दो सुप्रसिद्ध चित्रकार श्री दिलीप श्याम और श्री धावत सिहं उईके के जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से सचेत करती पेंटिग्स इन दिनों स्पेन के मेड्रिड शहर में यूनाईटेड नेशन्स क्लाइमेट चेन्ज कान्फ्रेन्स कॉप 25 की प्रदर्शनी का हिस्सा बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के समन्वय से स्पेन पहुँची ये पेंटिग्स दर्शकों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही है।
युनाईटेड नेशन्स क्लाईमेट चेन्ज और व्हाट डिजाइन केन डू संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस प्रदर्शनी में विश्व के प्रख्यात चित्रकारों द्वारा जलवायु परिवर्तन और भविष्य की आशाओं को चित्रित किया गया है। जलवायु संतुलन को प्रोत्साहित करने के लिये ये पेंटिग्स बनाई गई हैं।

गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
3 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन आज भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी पर बरकतउल्ला भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। राज्यपाल ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस बात का संकल्प लें।
राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि शांति सभी सुखों का आधार है। शांति से ही समृद्धि आती है। भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने कहा सभी धर्मों द्वारा इस सत्य की प्रार्थना की गई है। उन्होंने कहा कि कई घटनाएँ प्राकृतिक प्रकोप का और कई घटनाएँ मानवीय भूलों का परिणाम होती हैं। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज के सदस्य के रूप में हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम किसी भी गलती अथवा चूक को दोबारा नहीं करे। सदैव समाज में शांति के लिए कार्य करे।
श्रद्धांजलि सभा में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी सी शर्मा, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री आरिफ मसूद और प्रमुख सचिव भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास डॉ. पल्लवी जैन गोविल सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। इस अवसर पर सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने प्रार्थना कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।

सच्चाई का साथ देने पर झाबुआ की जनता को धन्यवाद
3 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हम एक नई परम्परा की शुरूआत करने जा रहे हैं, जिसमें सरकार काम करने की घोषणा नहीं करेगी, बल्कि जनता घोषणा करेगी कि काम हो गया है। उन्होंने झाबुआ की जनता को तहेदिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि उसने सच्चाई का साथ देकर क्षेत्र के विकास की एक नई इबारत लिखने का जो अवसर दिया है, उसे साकार किया जाएगा। श्री नाथ आज झाबुआ में पंचायत राज एवं पंच, सरपंच, सचिव, पटेल, तड़वी और कोटवार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि झाबुआ के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए हम प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। इस क्षेत्र से मेरा चुनावी नहीं दिल से जुड़ा हुआ संबंध है जिसे निभाया जायेगा। क्षेत्र की जनता द्वारा सरकार के प्रति व्यक्त विश्वास के बाद उसे निराश नहीं होना पड़ेगा। क्षेत्र की जनता ने यह साबित किया है कि वह समझदार है। जनता को जब भी कोई परेशानी होगी मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े रहेंगे और हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना और घोषणा की राजनीति से अलग रहकर नई सरकार ने साढ़े नौ माह में मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने की योजना बनाई है। इस अवधि में हर वर्ग के विकास की आधारशिला रखी गयी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्थिक तंगी, खजाना खाली होने के बाद भी जनता को दिए गए वचन को पूरा करते हुए हमने पहले चरण में प्रदेश के 21 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के लाखों किसानों का कर्ज माफ होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी है। नौजवानों को रोजगार देने के लिए निवेश का एक नया वातावरण पूरे प्रदेश में बनाया गया है। हमारी कोशिश होगी कि जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने बड़े प्यार से पाला है उन्हें भटकना न पड़े। लोगों की क्रय शक्ति बढ़े, इसके लिए आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए जरूरी है कि सिर्फ आलोचना न हो बल्कि हम कैसे अपने प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाए, इसके लिए हमें सुझाव मिले। आज जरूरत इस बात की है कि हमारे आदिवासी भाइयों को मुख्य-धारा से जोड़ने और उन्हें प्रदेश की प्रगति में सहभागी बनाने की दिशा में सभी एकजुट होकर काम करें।
सम्मेलन को गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, पर्यटन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल हनी तथा नव निर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वन पट्टे, उद्योग विकास, आजीविका परियोजना, मत्स्य-पालन, वन स्टाप सेंटर, बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। उन्होंने झाबुआ जिले के लिए 4 करोड़ 21 लाख रुपए के 30 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने जिले की विभिन्न योजनाओं पर तैयार किए गए ब्रोशर का विमोचन किया।

धर्मस्व मंत्री श्री शर्मा ने दी मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के शिरडी यात्रियों को विदाई
3 December 2019
भोपाल.जनसम्‍पर्क एवं धार्मिक न्यास-धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन स्पेशल ट्रेन से शिरडी साईं बाबा के दर्शन के लिये जा रहे श्रद्धालुओं का पुष्प हार पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने हबीबगंज रेल्वे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री श्री शर्मा ने शिरडी जा रहे सभी श्रद्धालुओं की सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री श्री राजकुमार पटेल, पार्षद श्री योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू भैया, श्रीमती संतोष कंसाना, श्री अनस पठान सहित श्रद्धालुओं के परिजन मौजूद रहे।

हमारी सम्पूर्ण संस्कृति संस्कृत में ही निहित है - राज्यपाल श्री टंडन
2 December 2019
भोपाल.राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री लालजी टंडन ने कहा कि हमारी सम्पूर्ण संस्कृति संस्कृत में ही निहित है। भारतीय संस्कृति की समस्त उपलब्धियों का उद्भव संस्कृत भाषा से हुआ है। हमें महर्षि पाणिनि पर हमें गर्व होना चाहिए।
श्री टंडन आज उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हम उस परम्परा के वारिस हैं, जिसने भारत को जगदगुरु बनाया है। हम क्यों जगदगुरु थे, इस पर चिंतन किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने संस्कृत को जीवित रखने के प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने ही सबसे पहले शल्य चिकित्सा शास्त्र दिया। आचार्य सुश्रुत सर्जरी की सबसे दुरुह विद्या प्लास्टिक सर्जरी के जनक थे। हमारे पूर्वजों ने विश्व को शून्य एवं दशमलव का ज्ञान दिया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि भारत की सभी क्षेत्रीय भाषाओं का उद्गम संस्कृत से हुआ है। संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है। उन्होंने कहा कि महर्षि पाणिनि ने भाषा को व्याकरण दिया। श्री पटवारी ने उपाधि प्राप्त कर रहे छात्रों से आव्हान किया कि वे संस्कृत के ज्ञान के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
समारोह की सारस्वत अतिथि प्रो. उमा वैद्य ने कहा कि महर्षि पाणिनि विश्वविद्यालय निस्संदेह संस्कृत भाषा का संरक्षण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्य बोलना और धर्म का आचरण करना विद्यार्थियों के लिये आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के प्रति सदैव सचेष्ट रहेंगे।
दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल के आगमन पर कुलपति श्री पंकज एम. जानी और उप कुलपति डॉ. मनमोहन उपाध्याय ने अतिथियों का शाल एवं श्रीफल से स्वागत किया। राज्यपाल श्री टंडन ने पीएचडी, स्नातकोत्तर एवं स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता छात्रों को उपाधियाँ एवं पदक प्रदान किये। उन्होंने महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलगान का विमोचन भी किया।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा द्वारा मिशन इन्द्रधनुष अभियान का शुभारंभ
2 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज शासकीय जयप्रकाश अस्पताल में मिशन इन्द्रधनुष 2.0 अभियान का शुभारंभ किया। श्री शर्मा ने इस मौके पर चिकित्सालय में बच्चों को दवा पिलाई। उन्होंने अभिभावकों और चिकित्सकीय अमले को शत-प्रतिशत बच्चों का समय पर सभी टीकाकरण कराने का संकल्प दिलाया। श्री शर्मा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को फूड पैकेट वितरित किये।
इस अवसर पर मिशन संचालक (एन.एच.एम) सुश्री छवि भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. डेहरिया, सिविल सर्जन डॉ. श्रीमती अल्का परगानिया और पार्षद श्री अमित शर्मा उपस्थित थे।
जय जगत 2020 गांधी विश्व शांति यात्रा में शामिल हुए मंत्री श्री शर्मा
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा जय जगत 2020 गांधी विश्व शांति पदयात्रा में शामिल हुए। श्री शर्मा ने यात्रा का स्वागत किया। महात्मा गांधी के विचारों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए “जय-जगत 2020” यात्रा में कैलाश मिश्रा समेत कई गांधीवादी विचारक शामिल हुए।

सफलता के लिये सतत प्रयास ज़रूरी - जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
2 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मंडीदीप में गिरधर ग्रुप ऑफ इन्सटीट्यूशन्स के 27वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कुम्भ में कहा कि कोशिश करने वालों को सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को बताया कि नेहरू जी विज्ञान के विद्यार्थी नहीं थे इसके बावजूद भी उन्होंने देश में विज्ञान के मजबूत आधार स्तम्भ स्थापित किए। राज्य शासन नवाचार करने वाले विद्यार्थी वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने बाल वैज्ञानिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग स्वयं और दूसरों को न करने देने का आव्हान किया। इस अवसर पर मृदा एवं भूमि उपयोग मंत्रालय वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रोफेसर और बाल वैज्ञानिक मौजूद थे।

बच्चों के विषयों को ग्राम विकास योजना में जोड़ा जाएगा : मंत्री श्री पटेल
2 December 2019
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि बच्चों से सम्बन्धित विषयों को ग्राम पंचायत-विकास योजना (GPDP) में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। श्री पटेल ने आज यूनिसेफ और समर्थन संस्था द्वारा ग्राम विकास योजना को चाइल्ड फ्रेडंली बनाने विषयक कार्यशाला में यह जानकारी दी।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामों के व्यवस्थित विकास के लिए प्रत्येक ग्राम-पंचायत की वार्षिक "ग्राम पंचायत विकास योजना" तैयार की जाती है। इस विकास योजना में बच्चों से सम्बन्धित शिक्षा, शैक्षणिक सुविधा, स्वच्छता, कुपोषण, बालश्रम, बाल-विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए मंडला, खरगौन, बड़वानी जिलों के बच्चों और जन-प्रतिनिधियों से भी विस्तार से चर्चा की।
यूनिसेफ के स्टेट हैड श्री माइकल जूमा ने कहा कि यूनिसेफ का मुख्य उददे्श्य प्रदेश के ग्रामीण अंचल के बच्चों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में अगली पीढ़ी के रूप में बच्चों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में बाल-मंच और बाल-संगठनों का गठन किया जा सकता है।
कार्यशाला में आयुक्त पंचायत राज श्री संदीप यादव सहित यूनिसेफ, समर्थन संस्था के प्रतिनिधि तथा ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधि और बच्चे उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में देश में अव्वल : मंत्री श्रीमती इमरती देवी
2 December 2019
भोपाल.महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा है कि केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में अव्वल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अव्वल लाने का श्रेय विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को जाता है।श्रीमती इमरती देवीनेग्वालियर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह काशुभारंभ करते हुए यह बात कही। श्रीमती इमरती देवीनेइस मौके पर मातृ वंदना योजना के प्रचार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शीघ्र ही साइकिलें प्रदान की जाएंगी ताकि उन्हें अपने क्षेत्र में आने-जाने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 8 लाख 53 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 14 लाख 36 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इस उपलब्धि के लिये आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, परियोजना अधिकारी तथा विभागीय अधिकारी बधाई के पात्र हैं।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मातृ वंदना सप्ताह में छूटे हुए हितग्राहियों को चिन्हित कर जोड़ने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने कहा किआँगनवाड़ी के मैदानी अमले को अन्य किसी कार्य में न लगाया जाए। इस संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है। श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मैदानी अमला योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करें। कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई भीसुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हम अपने प्रदेश को कुपोषण-मुक्त बनाएंगे।

मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा आवासीय भवनों का भूमि-पूजन और श्रृंखला न्यायालय का लोकार्पण
2 December 2019
भोपाल.कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने रविवार को सागर जिले के केसली और देवरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्टॉफ के लिए आवासीय भवनों का भूमि-पूजन किया। दोनों स्थान पर कुल एक करोड़ 95 लाख 58 हजार रुपए की लागत से तीन श्रेणी के 2-2 आवासीय भवन बनाए जाएंगे।
श्री हर्ष यादव ने देवरी में व्यवहार न्यायालय के श्रृंखला न्यायालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस श्रीमती नंदिता दुबे भी उपस्थित थी। श्रृंखला न्यायालय में श्री भूपेन्द्र तिवारी व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है।

सभी नगरों को बनाएं स्वच्छ और सुंदर : मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
1 December 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज अपने प्रभार के जिले राजगढ़ के खिलचीपुर में जिले के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी नगरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही नहीं बरतें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि नगरों में लोगों की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी नगरों में प्रतिदिन स्वच्छ जल नल के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिये वाटर ऑडिट करवाया जा रहा है। श्री सिंह ने सारंगपुर में कालीसिंध नदी के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों को डस्ट-फ्री बनाने की कार्य-योजना भी बनाएं। श्री सिंह ने कहा कि जल-जनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि नगरों की जल-संरचनाओं की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने योजनाओं की नगरीय निकायवार समीक्षा की।
खिलचीपुर में मंत्रीद्वय ने श्रीजी मेला ग्राउण्ड की बाउण्ड्री-वॉल का भूमि-पूजन किया। बाउण्ड्री-वॉल 71 लाख की लागत से बनाई जाएगी। बैठक में विधायक राजगढ़ श्री बापू सिंह तंवर, विधायक नरसिंहगढ़ श्री राज्यवर्धन सिंह, नगरीय निकायों के अध्यक्ष सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश को अंगदान के क्षेत्र में सर्वोपरि कार्यों के लिये मिला बेस्ट सोटो अवार्ड
1 December 2019
भोपाल.केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने मध्यप्रदेश को अंगदान के क्षेत्र मे सर्वोपरि कार्यों के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ सोटो (राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्थान) सम्मान प्रदान किया। मध्यप्रदेश के सोटो प्रभारी डॉ. मनीष पुरोहित और मेडिको समाज-सेवी श्री सुभाष कुमार दांगी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्राप्त किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने इस सम्मान के लिये विभागीय अधिकारियों और चिकित्सकों को बधाई दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्थान (नोटो) द्वारा इस वर्ष 10वाँ राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया। इसमें अंगदान दाता परिवारों का सम्मान किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अंगदान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ सोटो राज्य, सर्वश्रेष्ठ अस्पताल, सर्वश्रेष्ठ ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर आवार्ड प्रदान किये गये।
प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 10वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर यह पुरस्कार वर्ष 2019-20 में मृतकों के अंगदान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिये दिया गया है। साथ ही, मध्यप्रदेश के अंगदान दाता स्वर्गीय श्री रखब चंद जैन के पुत्र श्री संजय जैन और पुत्रवधु श्रीमती वर्षा जैन को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर में नवीन सोटो संस्थान कार्यरत है।

विधानसभा अध्यक्ष, जनसम्पर्क मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री ने नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद
1 December 2019
भोपाल.विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा के युवक-युवती परिचय और आदर्श विवाह सम्मेलन में नव दम्पतियों को आशीर्वाद दिया। अतिथियों ने सम्मेलन में प्रकाशित समाज की स्मारिका का विमोचन भी किया।
जिला स्तरीय इन्टर स्कूल कराटे चेम्पियनशिप का शुभारंभ
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने नर्मदा भवन तुलसीनगर में जिला स्तरीय इन्टर स्कूल कराटे चेम्पियनशिप का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में 300 स्कूली बच्चे भाग ले रहे हैं। श्री शर्मा शिवाजी नगर स्थित अंकुर मैदान में रस्साकसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों से भी मिले।
कोशियारी कमेटी की अनुशंसाओं को लागू कराने की पहल करेंगे
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि ई.पी.एफ. संबंधी श्री भगत सिंह कोशियारी कमेटी 2013 की लंबित अनुशंसाओं को केन्द्र सरकार से लागू करवाने के लिए पहल करेंगे। मंत्री श्री शर्मा ने सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति द्वारा पंचानन भवन में आयोजित सम्मेलन में यह बात कही। इस अवसर पर समिति के श्री चन्द्रशेखर परसाई, श्री वीरेन्द्र खोंगल, श्री अनिल वाजपेई, श्री सुधीर नायक, श्री महेन्द्र शर्मा और श्री ओ.पी. कटियार उपस्थित थे।

मनुष्य के कर्म और जीवनशैली ही उसकी यादों को चिर-स्थाई बनाते हैं
30 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के पूर्व प्रधान संपादक स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र अग्रवाल की जयंती पर आयोजित प्रेरणा उत्सव समारोह में कहा कि वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनकी सोच, विचार और दृष्टिकोण आदर्श के रूप में आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि हर मनुष्य को एक दिन प्रकृति के नियम के अनुसार अपनी देह का त्याग करना पड़ता है लेकिन उसके कर्म, जीवनशैली, व्यवहार और उद्यम हमेशा लोगों के बीच उसकी यादों को चिर-स्थाई बनाए रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र जी एक ऐसी ही शख्सियत थे, जिन्होंने हिन्दी समाचार पत्र के इतिहास को स्वर्णिम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपनी कर्मशीलता, दूरदर्शिता और जोखिम उठाकर न केवल भास्कर ग्रुप का नाम पूरे देश में रौशन किया बल्कि मध्यप्रदेश की पहचान आज पूरे देश में उनके कारण है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रमेश जी के परिवार को इस बात के लिए बधाई दी कि वे उनके विचारों, आदर्शों को जीवित रखने के साथ ही प्रेरणा के रूप में आत्मसात भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय रमेश जी के साथ जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वे जबभी दिल्ली आते थे, तो भोपाल से उनका फोन आता था कि साथ में साऊथ इंडियन खाना खाने चलेंगे। उन्हें साऊथ इंडियन खाना बहुत पसंद था। जबवे दिल्ली आते, तो हम लोधी स्टेट स्थित साऊथ इंडियन रेस्टोरेंट में जाते थे और वहाँ साथ में भोजन करते थे। इस दौरान वे अपने नए-नए प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा करते थे। श्री कमल नाथ ने कहा कि मुझे आज यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि जो सपना स्वर्गीय रमेश जी ने देखा था, वह उन्होंने साकार करके दिखाया।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रमेश जी के व्यवहार में जीवन-पर्यंत मध्यप्रदेश की माटी की विशेषता, शालीनता, सज्जनता और आपसी प्रेमभाव देखने को मिला। उनमें कभी अहंकार नहीं रहा। वे अच्छे समाजसेवक थे। इंडिया टीवी न्यूज के प्रमुख श्री रजत शर्मा ने कहा कि रमेश जी एक बार जिस किसी से संबंध बनाते थे, उसे जीवनभर निभाते थे। उन्होंने अपने कौशल से हिन्दी समाचार पत्र जगत में एक नई चुनौती दूसरे समाचार पत्रों के सामने खड़ी की। विषम परिस्थितियों में भी वे साहसिक निर्णय लेते थे। यही कारण है कि आज भास्कर पत्र समूह देश के बड़े समाचार पत्रों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के जीवन पर सुश्री भारती प्रधान द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन किया। समारोह में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, श्रम मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह, कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री श्री सचिन यादव एवं भास्कर पत्र समूह के श्री सुधीर अग्रवाल और श्री पंकज अग्रवाल उपस्थित थे।

बच्चों, खूब पढ़ो और अपनी सभ्यता, संस्कृति तथा संस्कार से जुड़े़ रहो
30 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री निवास पहुँचे गरीब और अनाथ बच्चों से मुलाकात की और 'नन्ही खुशियाँ कार्यक्रम' के अंतर्गत बच्चों के 'एक दिन की पूरी खुशी' टूर कार्यक्रम को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो, अपनी सभ्यता, संस्कृति तथा संस्कार से जुड़े रहो और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जानो।
श्री कमल नाथ ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। आने वाले दिनों में समाज के नव-निर्माण में बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि इन बच्चों को हम ऐसा वातावरण उपलब्ध करवाएं, जिससे न केवल उनका भविष्य बेहतर हो बल्कि वे सक्षम और सफल नागरिक भी बनें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने उनसे मिलने पहुँचे विभिन्न गरीब बस्तियों में रहने वाले अनाथ और गरीब बच्चों से उनकी पढ़ाई और रूचि के साथ ही खेल-कूद के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे जिस देश में रह रहे हैं, वह पूरी दुनिया में एकमात्र एक ऐसा देश है, जहाँ अलग-अलग संस्कृति, भाषा, जाति और धर्म के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी विभिन्नताओं के बीच भी हमारी एकता और अखण्डता न केवल मजबूत है बल्कि समय आने पर सभी लोग एकजुट होकर हर संकट का सामना भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि हाल ही में मंदसौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई अति-वृष्टि के कारण पीड़ित बाढ़ प्रभावितों लोगों के लिए हर धर्म और वर्ग के लोगों ने आगे बढ़कर मदद की। श्री कमल नाथ ने कहा कि यही हमारी विशेषता है और यही हमारी शक्ति है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने आए बच्चों को शॉल और उपहार भेंट किए। बच्चों ने खुश होकर मुख्यमंत्री को थैंक्यू कहा।
'एक दिन की खुशी' कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को मुख्यमंत्री निवास, वन विहार और राजभवन सहित भोपाल के रमणीय और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। समाचार पत्र नवदुनिया एवं प्रतिभा फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में शामिल बच्चे एक बड़ी होटल में दोपहर और रात्रि का भोजन भी करेंगे।

मानव संसाधन को आत्म-निर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य :मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
30 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह और जनसम्पर्क तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने होटल नूर-उस-सबा में स्मार्ट सिटी डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड में इंक्यूबेसन सेंटर, बीनेस्ट में स्टार्ट-अप के लिये दो दिवसीय 'हैकाथॉन' वर्कशॉप का शुभारंभ किया। वर्कशॉप का समापन एक दिसम्बर को होगा।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मानव संसाधन को स्किल करना, गाइड करना और आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन की थीम हेल्थ केयर, पानी, ट्रांसपोर्ट, कृषि, वेस्ट, ऊर्जा, इंडस्ट्रियल आईओटी, सिटीजन सर्विस, फिनटेक और सिटी सर्विलांस है। श्री सिंह ने कहा कि स्टार्ट-अप में पूरी निष्ठा के साथ कड़ी मेहनत करें, तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने हैकाथॉन में शामिल हुए 79 स्टार्ट-अप का स्वागत करते हुए कहा कि चयनित 10 स्टार्ट-अप को बीनेस्ट के साथ काम करने का मौका मिलेगा। श्री सिंह ने बताया कि प्रथम आने वाली टीम को एक लाख 25 हजार रूपये, द्वितीय आने वाली टीम को 75 हजार रूपये और तृतीय आने वानी टीम को 50 हजार रूपये पुरस्कार दिया जाएगा।
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्टार्ट-अप के लिए इन्वेस्टमेंट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। श्री शर्मा ने कहा कि बच्चों में नवाचार की प्रवृत्ति होती है। इस तरह के आयोजन उनके नवाचारों को प्लेटफार्म प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्य-प्रणाली से प्रदेश में इन्वेस्टर्स का विश्वास बढ़ा है। श्री शर्मा ने स्मार्ट चालान व्यवस्था की सराहना की।
कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ.श्री दीपक सिंह और जागरण लेक यूनिवर्सिटी के श्री अभिषेक मोहन गुप्ता के बीच स्टार्ट-अप आइडियाज के आदान-प्रदान के लिए एम.ओ.यू. साइन हुआ। स्मार्ट सिटी, भोपाल के सी.ई.ओ. श्री सिंह ने हैकाथॉन के उददे्श्यों की जानकारी दी। इस मौके पर लगाई गई प्रदर्शनी में मंत्री द्वय ने सहभागियों से चर्चा की और उनके कार्यों की सराहना की।

सभी जिलों में लागू करें "आयुष्मान मध्यप्रदेश" योजना : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
29 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 'आयुष्मान मध्यप्रदेश'' योजना का प्रदेश के सभी जिलों में विस्तार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सबको समय पर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में 'आयुष्मान मध्यप्रदेश' योजना की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आयुष्मान योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि योजना में प्रत्येक जिले के निजी अस्पतालों को संबंद्ध करने के लिए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के जरिए उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए मार्गदर्शिका बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन चिकित्सालयों को इस योजना में शामिल किया गया है, उन पर सतत् निगरानी रखी जाए, जिससे कोई गड़बड़ी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी योग्य हितग्राहियों को अगले 6 माह में गोल्डन कार्ड दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सेवानिवृत्त एवं सेवारत शासकीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रारूप शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना में हितग्राहियों के उपचार में आ रही कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए शासकीय अस्पतालों के लिए आरक्षित पैकेजेस पर पुनर्विचार करने को कहा।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया, एलिमिनेशन डिमॉन्ट्रेशन प्रोजेक्ट, मॉडल कॉम्प्रीहेन्सिव अबॉर्शन केयर सर्विस एवं टी.बी. के मरीजों की रीयल टाइम मॉनिटिरिंग एप के लिए मिले पुरस्कार और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मिले डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड से अवगत कराया।
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने बताया कि 'आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश'' योजना में 1 करोड़ 31 लाख कार्ड बनाए गए हैं। इस योजना में अब तक 1 लाख 75 हजार लोगों के दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 18 हजार लोगों को इलाज के लिये 157.11 करोड़ रुपए भुगतान किया गया है। योजना में 257 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इलाज के लिए 98 निजी एवं 339 शासकीय अस्पतालों का पंजीयन किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, आयुक्त स्वास्थ्य श्री प्रतीक हजेला और आयुष्मान भारत निरामयम् के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. जे. विजय कुमार उपस्थित थे।

हमीदिया कॉलेज में शुरू होगा दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम :मंत्री श्री पटवारी
29 November 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि भोपाल के शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में अगले शिक्षा सत्र में दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। श्री पटवारी आज महाविद्यालय में राज्य स्तरीय पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ कर रहे थे। प्रतियोगिता में रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल संभाग की टीमें भाग ले रही हैं।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के लिये वर्ल्ड बैंक परियोजना में 15 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि महाविद्यालय में ऑडिटोरियम, कम्प्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासेस निर्माण तथा खेल गतिविधियों में खर्च की जाएगी।
श्री जीतू पटवारी ने राज्य स्तरीय पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि कबड्डी भारत का पारम्परिक खेल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। खेल एवं खिलाड़ियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिये प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। श्री पटवारी ने कहा कि खिलाड़ियों का कैरियर सुनिश्चित हो, इसके लिये शासकीय नौकरियों में उन्हे 5 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव नए खेल नीति में शामिल किया गया है।
इस अवसर पर विधायक श्री आरीफ मसूद, हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जैन, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक श्री महेन्द्र सिंह रघुवंशी उपस्थित थे।

आरा मिलें "आइडियल क्लस्टर" के रूप में होंगी विकसित
29 November 2019
भोपाल.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील ने आज आरा मिलों के विस्थापन के संबंध में बैठक ली। श्री अकील ने कहा कि आरा मिलों के विस्थापन की सभी आवश्यक कार्यवाही जल्द पूरी करें। उन्होंने प्रमुख सचिव श्री अशोक शाह से कहा कि एक सप्ताह में संबंधित विभागों की बैठक लेकर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करें।
प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार की क्लस्टर योजना में आरा मिलों के विस्थापन का प्रस्ताव भेजा गया है। लगभग छ: माह के अन्दर यह कार्यवाही की जाती है। अभी चार माह का समय और लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आरा मिलों को ''आइडियल क्लस्टर'' के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में आरा मिलों के लिये बिजली, पानी, फायर ब्रिगेड, पहुंच मार्ग आदि विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, कलेक्टर श्री तरूण पिथोड़े, नगर निगम सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और आरा मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

विधानसभा के बजट सत्र में पेश होगा "राइट-टू-वॉटर" एक्ट : मंत्री श्री सुखदेव पांसे
28 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में हर घर नल से जल पहुँचाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेशवासियों को पानी का अधिकार दिलाने के लिये विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में 'राइट-टू-वाटर' एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में यह एक्ट पारित करवाकर लागू कर दिया जाएगा। श्री पांसे ने कहा कि इस एक्ट के लागू होने पर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहाँ लोगों को पानी का कानूनी अधिकार मिलेगा। उन्होंने बताया कि पानी का अधिकार कानून लागू करने के लिये बजट में एक हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
हर घर पहुँचेगा नल से जल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री पांसे ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में हर घर तक नल से जल पहुँचाने के लिये 68 हजार करोड़ रूपये की विस्तृत कार्य-योजना बनाई गई है। अभी तक 19 समूह जल योजनाएँ पूर्ण कर 802 गाँव की लगभग साढ़े 11 लाख से अधिक जनसंख्या को घरेलू नल कनेक्शन द्वारा जल-प्रदाय प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 6672 करोड़ रूपये लागत की 39 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जो अगले दो साल में पूरा हो जाएगा। इससे 6091 गाँव की लगभग 64 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। श्री पांसे ने जानकारी दी कि 14 हजार 510 गाँव के लिये 22 हजार 484 करोड़ रूपये की 45 समूह जल-प्रदाय योजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से लगभग एक करोड़ ग्रामीण आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा।
मंत्री श्री पांसे ने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 88 लाख आबादी 1 लाख 28 हजार 231 ग्रामीण बसाहटों में निवास करती है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में मात्र 12 फीसदी आबादी को ही पेयजल प्रदाय किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस भीषण स्थिति से ग्रामीणों को उबारने के लिये राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार को उसकी आवश्यकता के अनुरूप जल उपलब्ध करवाने का निश्चय किया है। पानी का कानूनी अधिकार इसी निश्चय का परिणाम है।
पेयजल प्रदाय योजनाओं की बेहतर प्लानिंग के लिये आईआईटी से अनुबंध
मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने जानकारी दी है कि प्रदेश में पेयजल प्रदाय योजनाओं की बेहतर प्लानिंग के लिये देश के अग्रणी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी, दिल्ली से अनुबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में पेयजल उपलब्ध कराने के लिये एक बड़ी धन राशि की आवश्यकता होगी। इसे ध्यान में रखकर न्यू डेवलपमेंट बैंक, जायका, एशियन डेवलपमेंट बैंक और नाबार्ड से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की पहल की गई है। न्यू डेवलपमेंट बैंक से 4500 करोड़ रूपये की योजनाओं की वित्तीय सहायता प्राप्त हो गई है। जायका से नीमच तथा मंदसौर जिले के सभी गॉंव और रतलाम जिले के आलोट विकासखण्ड के 1735 गाँव में समूह पेयजल योजना के लिये वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उपलब्धियों के 11 माह
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 11 माह में ग्रामीण अंचल में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के सघन प्रयास किए हैं। इतने कम समय में ग्रामीण अंचल में 6 हजार से अधिक हैण्डपम्प स्थापित किए गए हैं, 600 से अधिक नवीन नल जल योजनाओं के कार्य पूर्ण कर उनसे पेयजल प्रदाय प्रारंभ कराया गया है और 6700 से अधिक सिंगल फेस मोटर पम्प स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बंद हुई लगभग 3000 नल-जल योजनाओं को पुन: चालू कराया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के समय बंद हुए 3 लाख 12 हजार से अधिक हैण्डपम्प को भी सुधरवा कर पुन: चालू करवाया गया है। श्री पांसे ने बताया कि 65 हजार से अधिक हैण्डपम्पों में लगभग साढ़े 3 लाख मीटर राइजर पाइप बढ़ाकर अथवा बदलकर हैण्डपम्पों को चालू रहने की स्थिति में लाया गया है।
300 मीटर के दायरे में होगा एक शासकीय पेयजल स्त्रोत
मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने बताया है राज्य सरकार ने नई पेयजल नीति में प्रावधान किया है कि जिन बसाहटों में गर्मी के मौसम में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है, उनमें नये हैण्डपम्प लगाए जाएं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में किसी भी बसाहट के 500 मीटर के दायरे में न्यूनतम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था ग्रामीण माताओं और बहनों के लिये गर्मी के मौसम में कष्टदायी थी। राज्य सरकार ने इस समस्या को समाप्त करने के लिये नई पेयजल नीति में 300 मीटर के दायरे में कम से कम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। हैण्डपम्प स्थापना के लिये ग्रामों के चयन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल ग्रामों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया गया है।
मंत्री श्री पांसे ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने जनसंख्या के मान से केवल बड़े ग्रामों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी थी। इस कारण पेयजल समस्यामूलक छोटे गाँव और दूरदराज के गाँव पेयजल की समस्या से निरंतर जूझ रहे थे। श्री पांसे ने कहा कि राज्य सरकार ने छोटे और दूर दराज के गाँवों को अपनी नई पेयजल नीति में प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि इन गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये नीति को सरल बनाया गया है। अब गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या से त्रस्त रहने वाले बड़े गाँवों के साथ छोटे गाँव भी नल-जल योजना के क्रियान्वयन से लाभान्वित होंगे।

कूनो में हुए पहले सर्वेक्षण में मिले 200 प्रजाति के पक्षी
28 November 2019
भोपाल.कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहले पक्षी सर्वेक्षण में लगभग 200 प्रजाति के पक्षी मिले हैं। उद्यान में 22 से 24 नवम्बर के बीच हुए सर्वेक्षण में देश भर के 65 वन्य प्राणी विशेषज्ञ और प्रकृति प्रेमी तथा 80 से अधिक वन अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। पक्षी गणना के परिणाम अगले हफ्ते जारी किए जाएंगे।
वन मंडल अधिकारी श्री ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान लगभग डेढ़ सौ लोगों की 45 टीमें बनाई जाकर गणना करने का प्रशिक्षण दिया गया था। इन टीमों ने पूरे उद्यान में 22 रूट्स पर सर्वेक्षण किया। वन विभाग की टीम में मुख्य वन संरक्षक से लेकर चौकीदार स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
सर्वेक्षण के दौरान राज्य पक्षी दूधराज, फ्लाईकेचर, पैराकीट, नाईटजार, बारबलर्स, वुड पेकर, किंगफिशर आदि के साथ गिद्धों की पांच प्रजातियाँ भी मिलीं। उद्यान में प्रवासी पक्षियों का आना भी शुरू हो रहा है।

जन-सामान्य को निर्माण कार्य के लिए सस्ती दरों पर मिलेंगे गौण खनिज
28 November 2019
भोपाल.राज्य शासन ने जन-सामान्य को निर्माण कार्यो के लिए सस्ती और सुलभ दरों पर गौण खनिज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। खनिज साधन द्वारा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 29 के उप नियम 5 के अधीन गौण खनिजों की पुनरीक्षित रॉयल्टी और अनिवार्य भाटक दरें जारी की गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अनुवांशिक कुम्हार वर्गो को रॉयल्टी से छूट यथावत जारी रहेगी।
मार्बल और ग्रेनाइट्स के ब्लॉक्स के निर्माण में निकलने वाले अनुपयोगी छोटे पत्थरों की निर्माण कार्यो में सुलभता से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब ग्रेनाईट का अनुपयोगी वेस्ट 120 रूपये प्रति घन मीटर और मार्बल का अनुपयोगी वेस्ट 200 रूपये प्रति घन मीटर की दर पर उपलब्ध होगा। इस प्रयास से खदानों से निकलने वाले अनुपयोगी पत्थरो का उपयोग निर्माण कार्यो में किया जा सकेगा। मार्बल एवं ग्रेनाइट के आकारीय पत्थरों की रॉयल्टी दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। साथ ही, गिट्टी और पत्थरों की दरों में पांच वर्षो में बाजार मूल्यों को देखते हुए 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
खनीज साधन विभाग ने अनुपयोग पड़ी खदानों को चालू करने के लिए डेड रेन्ट दिये जाने के प्रावधान को सख्त कर दिया है। इसके अनुसार पूर्व में 40 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष के स्थान पर ग्रेनाईट, मार्बल आदि खनिजों के लिए दो लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष दर निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, गिट्टी, मुरम आदि खनिजों के लिए डेड रेन्ट एक लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है।

धन्य है हमारा प्रदेश, जहाँ षंजन जैसी प्रतिभाएं हैं : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की प्रतिभा तीन वर्षीय नन्हीं बालिका षंजन थम्मा के साथ आत्मीय पल बिताए। बहुमुखी प्रतिभा की धनी दस माह की उम्र में ही इस बालिका को दोनों हाथ से लिखने की कला के साथ ही वर्तमान में दुनिया के 247 देशों में से 235 देशों के नाम और उनकी राजधानी मुखाग्र याद है। मुख्यमंत्री ने कहा 'धन्य है हमारा प्रदेश, जहां इतनी अद्वितीय प्रतिभाएं हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं का प्रदेश हित में प्रेरणा के रूप में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जब मंत्रिमंडल की बैठक से लौटे, तो मंत्रालय की 5वीं मंजिल में अपने कक्ष में वे कुमारी षंजन से मिले। षंजन अपनी माँ श्रीमती मानसी थम्मा एवं नाना श्री रमेश चंद्र शर्मा के साथ आई थी। उज्जैन निवासी षंजन जैसे ही कक्ष में दाखिल हुई मुख्यमंत्री ने गर्म जोशी के साथ उससे हाथ मिलाया। षंजन से उन्होंने सवाल किया कि उसे कौन-कौन से मेडल प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने उसकी एक-एक उपलब्धि को देखा। फूलों से लदा एक गुलदस्ता भी मुख्यमंत्री ने षंजन को दिया। मुख्यमंत्री ने अपनी और से षंजन को एक प्रशंसा-पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री ने प्रशन्सा-पत्र में लिखा
'धन्य है हमारा प्रदेश, जो आपकी जैसी अद्वितीय प्रतिभा हमारे यहाँ है। 'यंगेस्ट एक्टिवट्रेक्स्ट्रस राइटर' के रूप में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने पर मेरी और प्रदेश की जनता की ओर से बधाई देता हूँ। आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए माता-पिता ने जिस समर्पण के साथ जो सतत् प्रयास किए हैं, वे सराहनीय हैं। ऐसी प्रतिभाओं को संवारने और सहेजने की आवश्यकता है। आपकी सफलता माता-पिता की कोशिशों का परिणाम है, और एक उदाहरण भी। मेरी शुभकामनाएँ हैं कि आप हमेशा इसी तरह अपने देश-प्रदेश और माता-पिता का सम्मान बढ़ाते जाएं। आपके बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ।'
मुख्यमंत्री को षंजन की माता मानसी ने बताया कि जब वह 10 माह की थी, तभी से दोनों हाथ से लिखने के साथ ही एक से 10 तक की गिनती इसे याद थी। साइंस, राजनीति और दुनिया के भूगोल की षंजन को गहरी समझ और जानकारी है। षंजन का पहला रिकार्ड 2 साल 11 माह में बना, जब वह दोनों हाथों से लिखने लगी थी। दूसरा रिकार्ड इतनी ही कम उम्र में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान के साथ ही सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान उसे पूरा याद होने के कारण बना। उसे वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकार्ड मिल चुका है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। षंजन की अपनी खुद की 250 किताबों की लाइब्रेरी है। चंद्रयान 2 की लॉचिंग उसने पूरी रात देखी और कहा कि आगे हम इसमें सफल होंगे। षंजन तीन साल की है और वह नर्सरी में है लेकिन उसे नवीं कक्षा का पूरा ज्ञान है। षंजन की माँ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्री श्रीधर थम्मा एयर फोर्स में कच्छ में पदस्थ हैं। षंजन की प्रतिभा को सहेजने और संवारने के लिए मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी। वे बीएड कर रही हैं ताकि वे स्वंय उसकी अधिकृत शिक्षिका बन सके।

गांधी जी ने अहिंसा के सिद्धांतों से विश्व को दिया शांति का संदेश : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि जब पूरा विश्व हिंसा की चपेट में था, विश्व युद्ध छिड़ा हुआ था, ऐसे समय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत में आजादी की लड़ाई अहिंसा के सिद्धांत पर लड़कर पूरे विश्व को शांति का संदेश दिया था। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज हमें विश्‍व में भाईचारा और शांति चाहिए, तो महात्मा गांधी के मार्ग पर पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ चलना होगा। मुख्यमंत्री आज गांधी भवन में बा-बापू की 150वीं जयंती के अवसर पर 'जय जगत 2020 गांधी संदेश यात्रा' के भोपाल पहुँचने पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्र प्रभाष शेखर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष पर जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ श्री पी. राजगोपाल के नेतृत्व में जय जगत 2020 गांधी संदेश यात्रा निकल रही है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस यात्रा के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों से नई पीढ़ी को जोड़ने का काम राजगोपाल जी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की जो पीढ़ी है, वह हमारे गौरवशाली इतिहास की जानकारी से वंचित है। श्री कमल नाथ ने कहा कि अगर हमें इस देश की संस्कृति, सभ्यता और संस्कार से इस पीढ़ी को जोड़ना है, तो उन्हें इस देश के इतिहास से अवगत कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल भारत के ही नहीं, पूरे विश्व के नेता थे। बापू एक मात्र ऐसे महापुरुष रहे हैं, जिनका दुनिया के कई देशों में सम्मान किया जाता है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कई देशों में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है और अन्य गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम पूर्व और पश्चिम एशिया में अशांति का जो वातावरण देख रहे हैं, उसका निदान गांधी मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी का संदेश जन-जन तक पहुँचे, यह हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने यात्रा में शामिल विदेशी यात्रियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके शामिल होने से यह संदेश और अधिक मजबूत होता है कि गांधी जी के सिद्धांतों की न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को जरूरत है। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में समन्वयक श्री सुरेन्द्र सिंह ठाकुर सहित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है।
जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर प्रदेश में जहाँ-जहाँ से भी यह यात्रा गुजरेगी और पहुँचेगी, वहाँ पर पूरी भव्यता के साथ इसका स्वागत और सम्मान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 सत्याग्रहियों के साथ यह यात्रा 370 दिन तक 10 हजार 151 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा 10 देशों में जाएगी और 2 अक्टूबर 2020 को जिनेवा के स्विट्जरलैंड में इसका समापन होगा।
जय जगत गांधी संदेश यात्रा का नेतृत्व कर रहे श्री पी. राजगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस यात्रा के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जो सहयोग और समर्थन दिया है, वह इस बात का प्रतीक है कि वे गांधी जी के मार्ग पर पूरी निष्ठा के साथ चलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश गांधीमय हो रहा है, तो इसका श्रेय श्री कमल नाथ को जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ एक मात्र व्यक्ति हैं, जिनमें वह क्षमता है, जो गांधी जी के संदेशों को लोकल से ग्लोबल तक जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में फैली अशांति से निपटने का रास्ता भारत के अलावा और कोई देश नहीं दिखा सकता।
यात्रा दल की प्रमुख सदस्य श्रीमती जिल हैरी ने यात्रा में शामिल राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सदस्यों का मुख्यमंत्री से परिचय करवाया। प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने बा-बापू के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यात्रा सदस्यों को स्लिपिंग बैग वितरित किए। आभार एवं स्वागत भाषण राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष श्री रण सिंह परमार ने दिया।

फिल्म पर्यटन नीति शीघ्र लागू की जाएगी :- मंत्री श्री बघेली
27 November 2019
भोपाल.पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने आज भेल में सोनी टी.व्ही. के प्राइम टाइम सीरियल 'एक दूजे के वास्ते' का क्लेप देकर शुभारंभ किया। श्री बघेल ने कहा कि यह सीरियल प्रदेश के लिये 'गेटवे ऑफ टी.व्ही. इंडस्ट्री इन मध्यप्रदेश' साबित होगा।
श्री बघेल ने बताया कि प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा निर्माताओं और निर्देशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्हें मध्यप्रदेश में शूटिंग के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 3 अन्तर्राष्ट्रीय फिल्में, 10 राष्ट्रीय फिल्में, वेब सीरीज और धारावाहिक प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्रीज के प्रदेश में आने से रोजगार और निवेश की व्यापक संभावनाएं निर्मित होंगी। पर्यटन मंत्री श्री बघेल ने बताया कि प्रदेश सरकार फिल्म पर्यटन नीति बना रही है, जिसे शीघ्र लागू किया जाएगा।
'एक दूजे के वास्ते' धारावाहिक सोनी टी.व्ही. का प्राइम टाइम शो है। इसके माध्यम से पहली बार किसी धारावाहिक की पूरी शूटिंग भोपाल सहित प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर की जा रही है। इस धारावाहिक के 260 से अधिक एपिसोड भोपाल सहित प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर शूट किये जाएंगे। इससे भोपाल के लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, प्रदेश के कलाकारों को इस सीरियल के माध्यम से अभिनय के मौके भी मिलेंगे। यह सीरियल 130 देशों में भोपाल शहर की पहचान के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे भोपाल और प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में सोनी टी.वी. के प्रोजेक्ट ग्रुप हेड श्री रीतेश मोदी, प्रोजेक्ट के हेड राइटर और प्रोड्यूसर श्री दिलीप झा और धारावाहिक के कलाकार श्री मोहित कुमार और सुश्री कनिका कपूर तथा टी.व्ही. के अन्य कलाकार और यूनिट के सदस्य उपस्थित थे।

भारतीय संविधान दिवस
26 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने संविधान दिवस पर मंत्रालय के सामने सरदार पटेल उद्यान में देश में 26 नवम्बर 1949 को लागू भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों-कर्मचारियों से भी भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन करवाया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा वाचन की गई संविधान की उदे्दशिका इस प्रकार है:- 'हम, भारत के लोग, भारत को एक (संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथ-निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य) बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़-संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ईसवी (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सत्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। '
इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री शर्मा ने रवाना की तिरुपति बालाजी स्पेशल तीर्थ-यात्रा ट्रेन
26 November 2019
भोपाल.जनसम्पर्क तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने सोमवार रात मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत हबीबगंज रेलवे स्टेशन से तिरुपति बालाजी स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री शर्मा ने तीर्थ-यात्रा पर रवाना हो रहे तीर्थ-यात्रियों को पुष्पाहारों से स्वागत कर विदा किया। उन्होंने तीर्थ-यात्रियों की सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।
इस मौके पर पार्षद श्री योगेंद्र सिंह चौहान , श्री मोनू सक्सेना, श्री अनस पठान और अन्य जन-प्रतिनिधि तथा तीर्थ-यात्रियों के परिजन मौजूद थे।

गौ-शालाओं में लगाए जाएं सोलर पैनल: मंत्री श्री हर्ष यादव
26 November 2019
भोपाल.कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय उर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने गौ-शालाओं में विद्युत आपूर्ति के लिये सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए हैं। श्री यादव ने सोमवार को सागर जिले की केसली जनपद के रेंगाझोली गाँव में निर्माणाधीन गौशाला का निरीक्षण करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला में गायों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।
मंत्री श्री हर्ष यादव ने निर्माणाधीन गौशाला के नक्शे और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को देखा। उन्होंने निर्माण एजेन्सी को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के प्रतीक चिह्न एवं शुभांकर का अनावरण
25 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के प्रतीक चिह्न (लोगो) एवं शुभांकर (मेस्कॉट) का आज मंत्रालय में अनावरण किया। प्रतियोगिता 9 से 13 दिसम्बर तक भोपाल में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 16 खेल विधाओं में 23 राज्यों के लगभग पाँच हजार खिलाड़ी एवं सहयोगी अधिकारी भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने खेल प्रतियोगिता के सफल आयोजन और इसमें भाग ले रहे प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री द्वारा एकलव्य राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए जारी प्रतीक चिह्न महाभारत के पात्र एकलव्य की प्रतिकृति पर आधारित है। चित्र में एकलव्य, शक्ति, समर्पण, निष्ठा एवं निडरता को प्रदर्शित करता है। इसके आस-पास हरे रंग का गोल आवरण प्रकृति और पृथ्वी को इंगित करता है। यह प्रकृति को संरक्षित करने की भी प्रेरणा देता है। प्रतीक चिह्न में अंकित पीला रंग खुशी, सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रतीक है।
एकलव्य राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए मुख्यमंत्री द्वारा जारी शुभांकर 'बाघ मुन्ना' है। बाघ न केवल राष्ट्रीय पशु है बल्कि मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का भी दर्जा प्राप्त है। बाघ गर्व, ताकत, निडरता एवं नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए बनाए गए प्रतीक चिह्न और शुभांकर प्रतिभागियों के लिये प्रेरणास्त्रोत होंगे।
मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को दिए जाने वाला स्टोल भेंट किया गया। यह स्टोल चंदेरी के बुनकरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छिंदवाडा जिले की बेटी कुमारी विनीता नेटी बनी अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी
25 November 2019
भोपाल.छिंदवाडा जिले की बेटी कुमारी विनीता नेटी फुटबॉल की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी है, जो अब युवाओं की प्रेरणा स्रोत बन गई है। विनीता पिछले 8 सालों से फुटबॉल खेल रही है। साउथ अमेरिका के चिली में हुए अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल मैच में विनीता को “फेयर प्लेयर अवॉर्ड”, से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विनीता को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय मैच में “बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड”, इंटर यूनिवसिर्टी वेस्ट जोन फुटबॉल टूर्नामेण्ट पुणे में “बेस्ट मिडफील्डर अवॉर्ड”, स्कूल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता नीमच में “बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड” और स्कूल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता छिंदवाडा में “बेस्ट डिफेन्सर अवॉर्ड” के अलावा अन्य अवार्ड मिल चुके हैं।
विनीता को आदिवासी महा-सम्मेलन के सम्मान समारोह में, डिस्ट्रिक्ट ओलम्पिक एसोसिऐशन छिंदवाडा, वर्ष 2011 में लाल बहादुर शास्त्री सम्मान तथा वर्ष 2017 के वीरमाता जीजाबाई सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया है। आज भी विनीता मध्यप्रदेश टीम की प्रतिनिधि बनकर खेल रही हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश का 8-9 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है।
विनीता की उपलब्धियों के कारण उसे विधानसभा चुनाव 2018, लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा उप चुनाव छिंदवाड़ा 2019 के दौरान जिला स्वीप आईकॉन बनाया गया। जिले के युवाओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करने और उन्हें अपने मत का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की प्रेरणा देने के लिये विनीता ने जिले के गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को जागरूक किया। परिणाम यह हुआ कि छिंदवाड़ा जिले का मतदान प्रतिशत प्रदेश में सर्वाधिक रहा,।
विनीता अभी शासकीय राजमाता सिंधिया कन्या महाविद्यालय, छिन्दवाड़ा में स्नातक की पढ़ाई कर रही है। वह चाहती है कि जिले की खेल प्रतिभाएं न केवल छिन्दवाड़ा जिले, बल्कि मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन करें। इसके लिये विनीता खेल प्रतिभाओं को हर समय अपना मार्गदर्शन, सहयोग और समय देने को तैयार रहती है।

50 लाख में होगा आरोन तालाब का सौंदर्यीकरण : मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
25 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले के आरोन विकासखण्ड में विकास कार्यों और हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आरोन में बमुरिया रोड तालाब के सौंदर्यीकरण के लिये 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करें। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाना सुनिश्चित करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि निर्धारित समय पर किसानों को खेती के लिये निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वीकृत गौ-शालाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने आरोन में 4 स्थानों पर सुलभ शौचालय के निर्माण की भी मंजूरी दी।

ओरछा महोत्सव-2020 की सभी तैयारियाँ जनवरी माह तक पूर्ण कराने के निर्देश
24 November 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आज ओरछा में अगले वर्ष मनाये जाने वाले 'ओरछा महोत्सव-2020'' की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि जनवरी माह तक सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली जाएं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम भावना से कार्य कर ओरछा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करें। प्रत्येक विभाग ओरछा महोत्सव के लिये अपना एक कार्यकारी अधिकारी भी नियुक्त करे। तैयारियों को अंतिम रूप देते समय स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिता दी जाये।
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओरछा में संचार, नेटवर्क, सड़कों और पुलों सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए। सभी मुख्य मार्गों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। शहर में और शहर के आसपास के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता के शौचालयों का पर्याप्त संख्या में निर्माण कराया जाए। सभी प्रमुख स्थानों और मार्गों पर एक जैसे साइनेज लगाए जाएं और दुकानें भी एक जैसी हों।
मुख्य सचिव ने कहा कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिये ओरछा में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाए। इस काम में स्थानीय व्यापारियों और स्थानीय लोगों का मार्गदर्शन भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ओरछा में बाजार, मार्ग, गलियों और दर्शनीय स्थानों को व्यवस्थित किया जाए। पर्यटकों को जानकारी देने के लिये आकर्षक ब्रोशर तैयार कराया जाए। पर्यटन विभाग यहाँ पर सूचना-केन्द्र स्थापित करे और पर्यटन महत्व के स्थलों को साफ और व्यवस्थित कराएं तथा ईको-टूरिज्म का ट्रेक बनवाएं। श्री मोहंती ने कहा कि ओरछा में उच्च गुणवत्ता का लाइट एण्ड साउण्ड सिस्टम लगाया जाए।
मुख्य सचिव ने ओरछा के प्रमुख पर्यटन स्थलों श्री रामराजा मंदिर, राजमहल, चतुर्भुज मंदिर, जहाँगीर महल, शीश महल, राय प्रवीण महल, हरदौला बैठक, छत्रियों, लक्ष्मी मंदिर, वल्चर संरक्षण स्थल, तुंगारण्य अभयारण्य तथा एक हजार वर्ष प्राचीन कल्पवृक्ष का निरीक्षण किया।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर, निवाड़ी श्री अक्षय कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ओरछा महोत्सव-2020 के लिये अब तक की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव, संस्कृति एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी सचिव श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं जनसम्पर्क श्री संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त, जनसम्पर्क तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि, सचिव/आयुक्त, राज्य पर्यटन विकास निगम श्री फैज अहमद किदवई और प्रबंध संचालक, रूरल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन श्री सुदामा खाड़े शामिल हुए।

राघोगढ़ में मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
24 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राघोगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जामनेर में कृषि उपज उप मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने नई कृषि उपज उप मंडी बनाने के लिए प्रस्तावित स्थल का अवलोकन भी किया।
मंत्री श्री सिंह ने राघोगढ़ में डिग्री कॉलेज और गौ-शाला निर्माण के लिए भी उचित स्थान का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय श्री जोशी के निवास पहुँचकर दी श्रद्धांजलि
24 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कैलाश जोशी के 74 बंगले स्थित निवास पर पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री जोशी का आज सुबह लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय श्री जोशी के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया। उन्होंने श्री जोशी के पुत्र श्री दीपक एवं अन्य परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में श्री कैलाश जोशी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा शोक व्यक्त
24 November 2019
भोपाल.पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए गहन संवेदना व्यक्त की है।
सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री कैलाश जोशी एक कुशल प्रशासक एवं प्रभावशाली राजनेता थे। उन्होंने हमेशा जनहित में काम किया। जल-संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा ने कहा कि श्री कैलाश जोशी के निधन से प्रदेश को बहुत बड़ी क्षति हुई है। वे एक नेक इंसान एवं अच्छे राजनेता थे।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस दु:ख को सहने की शक्ति दें। गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा कि श्री कैलाश जोशी के निधन से हमने एक कुशल राजनेता खो दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने श्री कैलाश जोशी के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं कर्मठ राजनेता थे।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन को प्रदेश के लिये अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री जोशी के निधन से प्रदेश ने एक वरिष्ठ राजनेता खो दिया है। चिकित्सा शिक्षा, आयुष और संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने श्री कैलाश जोशी के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्पष्टवादी राजनेता थे।


24 November 2019
भोपाल.

24 November 2019
भोपाल.
सभी विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा संविधान दिवस :राज्यपाल श्री टंडन
23 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को संविधान अंगीकरण दिवस की 70 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 26 नवम्बर को संविधान दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संविधान के अध्याय 4-ए अनुच्छेद 51ए के संबंध में व्यापक जन-जागृति अभियान चलाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि अभियान 26 नवम्बर से शुरू कर बाबा साहब अंबेडकर के जन्म दिवस 14 अप्रैल 2020 तक संचालित होगा। इस दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
राज्यपाल ने बताया कि राजभवन में 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, सभी खंडपीठ के न्यायाधीशों सहित समस्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राज्यपाल श्री टंडन ने निर्देश दिए हैं कि 26 नवम्बर 2019 से 14 अप्रैल 2020 के मध्य विद्यार्थियों में आपसी भाईचारे की भावना को मज़बूत बनाने, क्षेत्रीय भाषायी विविधताओं के प्रति पारस्परिक सम्मान, राष्ट्रीय अखंडता की प्रतिबद्धता, महिलाओं की गरिमा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
राजभवन से विश्वविद्यालयों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि नागरिकों को उनके मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के लिए जागृति यात्राओं और दौड़ आदि के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। ब्रोशर और पर्चों के माध्यम से संविधान की प्रस्तावना, मूल कर्तव्यों आदि की जानकारी प्रचारित-प्रसारित की जाए। निबंध, चित्रकला, नाटक, क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। विश्वविद्यालय स्तर पर समूह चर्चा, संगोष्ठी आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस दौरान कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों का व्याख्यान सत्र भी आयोजित किया जाए। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विधि सेवा शिविर लगाए जाएं। परिपत्र में युवाओं के लिये अध्ययन यात्राएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए है। कहा गया है कि विद्यार्थियों को बाबा साहब बी.आर. आंबेडकर की जन्म स्थली का अवलोकन भी कराया जाए।

प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा
23 November 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन और विधि-विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव विधि-विधायी कार्य श्री सत्येन्द्र सिंह, संचालक लोक अभियोजन श्री पुरूषोत्तम शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी श्री राजीव टंडन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ श्री अशोक अवस्थी और सचिव गृह श्री शाहिद अबसार उपस्थित थे।


शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों को मिलेगा 5 प्रतिशत आरक्षण
23 November 2019
भोपाल.प्रदेश में खिलाड़ियों को अब शासकीय नौकरी में 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिये अंडर 16 प्रांतीय ओलम्पिक शुरू किया जायेगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने आज ग्वालियर के कम्पू खेल परिसर में प्रांतीय ओलम्पिक खेलों का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार में जन-सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल के लिये बेहतर वातावरण बनाया जा रहा है।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में लगातार पदक हासिल करने के बाद भी खिलाड़ियों को नौकरी से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार नई खेल नीति में यह व्यवस्था की जा रही है कि शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सकें।
श्री पटवारी ने कहा कि अंडर 16 प्रांतीय ओलम्पिक में सभी सीबीएसई, सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे। अभी यह स्पर्धा केवल 16 वर्ष से अधिक आयु समूह के बच्चों में से प्रतिभा चयन के लिये आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसमें 10 खेल हॉकी, बास्केटबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, कुश्ती, बेडमिंटन और टेबिल टेनिस शामिल हैं। प्रांतीय ओलम्पिक खेल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं में जागरूकता लाना, खेलों को सर्वसुलभ बनाना, प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करना तथा उन्हें आधुनिक सुविधा और प्रशिक्षण प्रदान करना है।
मुरैना में अम्बेडकर स्टेडियम का निरीक्षण
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने मुरैना जिले के अम्बेडकर स्टेडियम का निरीक्षण कर खिलाड़ियों के लिये की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। श्री पटवारी ने स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे, विशेषकर सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहे, युवाओं से चर्चा की। खिलाड़ियों द्वारा स्टेडियम के जिम की फीस कम करने के आग्रह पर श्री पटवारी ने फीस को 300रू. प्रति व्यक्ति से घटाकर 100रू. प्रति व्यक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम परिसर में शौचालय निर्माण कराने के लिये भी कहा ।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री पटवारी ने हॉकी फीडर सेन्टर के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों से उनकी डाइट, किट तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

मध्यप्रदेश के शैक्षणिक उत्थान में सहयोग करे पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स : राज्यपाल
22 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज नई दिल्ली में पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि-मण्डल ने मुलाकात की। राज्‍यपाल ने प्रतिनिधि-मण्डल को मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिये तैयार किए गए रोड-मेप की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के शैक्षिक उत्थान में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। प्रतिनिधि-मण्डल ने राज्यपाल को हर संभव सहयोग के लिये आश्वस्त किया।
राज्यपाल से मिले प्रतिनिधि-मण्डल में गिन्नी इंटरनेशनल एवं जयपुरिया स्कूल ग्रुप के श्री शरद जयपुरिया, कैन्ट आर.ओ. के श्री महेश गुप्ता, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसीडेंट श्री डी.के. अग्रवाल और वरिष्ठ वाइस प्रेसीडेंट श्री संजय अग्रवाल शामिल थे।

ऐसी शिक्षा प्रणाली का विकास हो, जो समग्र शिक्षा दे : राज्यपाल श्री टंडन
21 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन परिसर में 'सांदीपनि ऑडिटोरियम' का उदघाटन करते हुए सांदीपनि आश्रम के बारे में विस्तार से बताया। राज्यपाल ने बताया कि वहाँ बिना भेदभाव के सबको समान शिक्षा मिलती थी। उस समय भारतीय शिक्षा प्रणाली पेपरलेस थी, श्रुति और स्मृति पर आधारित थी। भारतीय ज्ञान केन्द्रों को नष्ट करने के अनेक प्रयासों बाद भी उनका पुर्नलेखन होता रहा है। राज्यपाल ने कहा कि अभी भी प्राचीन पांडुलिपियां बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। उनके डिजिटलाइजेशन के प्रयास किए जाने चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय शिक्षा के प्रतीक ऋषि सांदीपनि के नाम पर ऑडिटोरियम का नामकरण किये जाने के पीछे मंशा यह है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्रति विद्जनों में जिज्ञासा उत्पन्न हो। वे उसके पुनर्जागरण के प्रति प्रेरित हों। ऐसी शिक्षा प्रणाली का विकास हो, जो समग्र शिक्षा दे, जैसी प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में मिलती थी। उन्होने विद्जनों के समक्ष प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली पर आधारित मंचीय कार्यक्रम आयोजित किये जाने के लिये कहा।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे। अंवति (उज्जैन) शिक्षा का बहुत बड़ा केन्द्र था। प्राचीन भारत की समकालीन मिस्त्र, रोम और यूनानी संस्कृतियों के भग्नावशेष तो हैं, मगर संस्कृति लुप्त हो गई हैं, जबकि भारतीय संस्कृति की जीवंतता आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विरासत के मामले में सम्पन्न राज्य है। ओरछा में राजाराम हैं, तो उज्जैन में ऋषि सांदीपनि, जिनसे श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रचलित ज्ञान और मान्यताओं के प्रति दुनिया का दृष्टिकोण बदल रहा है। यह माना जा रहा है कि सदियों से जो विचार प्रचलित हैं, उनमें कुछ सत्यता होगी। इसी आधार पर शोध अनुसंधान भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने विलंब की समस्त बाधाओं को दूर करवाकर ऑडिटोरियम का निर्माण पूर्ण करवा दिया। उन्होंने सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी।
राजभवन में 26 नवम्बर को मनेगा संविधान दिवस
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि 26 नवम्बर को राजभवन में 'संविधान दिवस' का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान देश का गुरू है। जब भी हम भटकते हैं, तो संविधान ही हमारा मार्गदर्शन करता है। यह कार्यक्रम भी गुरूपूजन के भाव से किया जाएगा। कार्यक्रम में संविधान विशेषज्ञों के विचार आमंत्रित किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च न्यायालय की सभी खण्डपीठों के न्यायाधीश और न्यायविद् शामिल होंगे।
सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि ऑडीटोरियम के निर्माण से राजभवन की वर्षों से लंबित आवश्यकता की पूर्ति हुई है। राजभवन में संवैधानिक प्रमुखों के शपथ ग्रहण के कार्यक्रम खुले में होने से मौसम के व्यवधान की आशंका बनी रहती थी। ऑडीटोरियम बनने से यह समस्या समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि विकास के प्रति राज्यपाल की विशेष रूचि है। उत्तर प्रदेश में नगरीय प्रशासन मंत्री के रूप में श्री टंडन की उपलब्धियों की पूरे देश में सराहना होती थी। डॉ. गोविन्द सिंह ने आशा व्यक्त की कि राज्यपाल श्री टंडन को मार्गदर्शन में प्रदेश निरंतर प्रगति करेगा।
कार्यक्रम में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा ने ऋषि सांदीपनि के जीवन पर प्रकाश डाला। आभार राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने किया।

सरदार सरोवर बाँध के पात्र डूब प्रभावित परिवार को राहत देने का निर्णय
21 November 2019
भोपाल.नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बाँध के पात्र डूब प्रभावित परिवारों को राहत देने का निर्णय लिया है। टीन के शेड्स में रहने वाले पात्र प्रत्येक परिवार को मकान के लिये 5 लाख 80 हजार रुपये का अनुदान शीघ्र दिया जाएगा।
मंत्री श्री बघेल ने आज नर्मदा भवन में नर्मदा बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक में चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। बैठक में सरदार सरोवर बाँध का जल-स्तर एवं पुनर्वास के संबंध में चर्चा की गई। चर्चा के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया।
मंत्री श्री बघेल ने निर्देश दिये कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों की नये सिरे से समीक्षा की जाए। डूब प्रभावित ग्रामों की ग्राम-स्तरीय समिति का गठन कर प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि बोट व्यवस्था में लगे नाविकों को तत्काल भुगतान करने को कहा गया है। इसके लिये जिला स्तर पर राशि उपलब्ध कराई गई है। श्री बघेल ने कहा कि बाँध की डूब से होने वाले फसल नुकसान को प्राकृतिक आपदा मानकर आरबीसी 6 (4) के तहत प्राथमिकता से भुगतान किया जाए। डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों के विभिन्न प्रकरणों का बीमा कम्पनियों से समन्वय कर दावा राशियों का निराकरण करवाया जाएगा। सर्वे के बाद डूब से प्रभावित पात्र विस्थापितों को पात्रतानुसार लाभ दिया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं नर्मदा घाटी विकास के उपाध्यक्ष श्री एम. गोपाल रेड्डी, नर्मदा घाटी विकास आयुक्त (फील्ड) इंदौर श्री पवन कुमार शर्मा, नर्मदा घाटी विकास के संचालक प्रशासन/पुनर्वास श्री संजय गुप्ता, सदस्य विद्युत श्री आर.पी. मालवीय, सदस्य अभियांत्रिकी श्री राजीव कुमार सुकलीकर, सदस्य वन एवं पर्यावरण श्री सी.के. पाटिल, सदस्य मुख्य वन संरक्षक श्री एस.डी. पटेरिया और सदस्य अपर मुख्य प्रधान वन संरक्षक श्री आशीष कुमार वर्मा उपस्थित थे।

प्रत्येक सहकारी कर्मचारी को प्रशिक्षण देने के निर्देश
21 November 2019
भोपाल.सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने आज राज्य सहकारी संघ के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कार्यरत 40 हजार सहकारी संस्थाओं के प्रत्येक कर्मचारी और संचालक मंडल के सदस्यों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके लिए सहकारी संघ द्वारा राज्य स्तर के साथ ही संभाग एवं जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण केन्द्र विकसित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शेष 14 जिलों में भी सहकारी संघों के गठन की कार्रवाई की जाए।
सहकारिता मंत्री ने सहकारी संघों की परिसंपत्तियों का विकास कर अतिरिक्त आय के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल में त्रिलंगा स्थिति राज्य सहकारी संघ के परिसर को पीपीटी मॉडल के रूप में विकसित कर वहाँ प्रशिक्षण केन्द्र-सह-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना बनाएं। इंदौर में किला मैदान स्थित सहकारी संघ की संपत्ति पर उच्च स्तरीय सहकारी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान बनाने का प्रस्ताव भी तैयार करे। साथ ही जबलपुर, भोपाल तथा नौगांव के सहकारी प्रशिक्षण केन्द्रों को विकसित करें। इसके अलावा, जिन जिला सहकारी संघों के पास जमीन है, वहाँ भी प्रशिक्षण केन्द्र-सह-वाणिज्यिक केन्द्र विकसित करने पर विचार करें। मंत्री डॉ. सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे गुना जिले की सहकारी समितियों के सेल्स मेन के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का अवलोकन भी किया।
बैठक में बताया गया कि सहकारी संघ द्वाया सहकारिता संबंधी विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। अब संघ द्वारा ऑन लाइन प्रशिक्षण दिए जाने की योजना भी बनाई गई है। राज्य सहकारी संघ देश का ऐसा प्रथम सहकारी संघ है, जिसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सहकारिता के क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए एनएसडीसी के पार्टनर के रूप में चुना गया है।
बैठक में राज्य सहकारी संघ के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री रितु रंजन, संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री अरविन्द सेंगर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्रीमती कृति सक्सेना और श्री हितेन्द्र बाघेला भी उपस्थित थे।

वर्ल्ड बैंक परियोजना से एमएलबी कालेज में बनेगा स्पोर्टस कॉम्पलेक्स
21 November 2019
भोपाल.खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में वर्ल्ड बैंक परियोजना के तहत स्पोर्टस काम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। श्री पटवारी आज महाविद्यालय में राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि आज बेटियाँ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसलिये अब माता-पिता को बेटा-बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कबड्डी भारत का पारम्परिक खेल है। इस खेल को धीरे-धीरे ख्याति मिल रही है। श्री पटवारी ने सात संभागों से आए 84 खिलाडियों को ट्रैक सूट देने की घोषणा भी की।
एमएलबी महाविद्यालय में 20 नवम्बर से शुरू हुई राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मैच जबलपुर संभाग तथा भोपाल के बीच खेला गया, जिसमें जबलपुर संभाग विजेता रहा। भोपाल की उप-विजेता टीम की कु. फरहद शाह को बेस्ट रेडर और विजेता टीम की कु. अंजलि को बेस्ट डेफेन्डर घोषित किया गया।
इस अवसर पर अपर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री वेद प्रकाश अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा नर्मदापुरम संभाग डॉ. एम.एस. रघुवंशी तथा एमएलबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी.एस. गोस्वामी उपस्थित थे।

नि:संकोच और भयमुक्त होकर करें नागरिकों के हित में नवाचार
21 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि नागरिकों को कारगर व्यवस्था के साथ बेहतर सेवाएं देने के लिए नि:संकोच और भयमुक्त होकर नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं में नई सोच, नजरिया और दृष्टिकोण दिखना चाहिए। श्री कमल नाथ आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में नव-नियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है। आज से तीस साल पहले के गाँव बदल गए हैं, वहाँ के रहवासियों की सोच में भी अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बदली परिस्थितियों में आम नागरिकों के लिए बेहतर सेवाओं का स्वरूप क्या होगा। इसके लिये व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है।
डिफॉल्ट नहीं डिजाईन से जुड़ें शहर से गाँव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे एशिया में शहरीकरण बढ़ रहा है। शहरों की आबादी का बोझ वहन करने की क्षमता कम हो रही है। इसलिए हमें उप नगरीय क्षेत्रों के विकास के बारे में सोचना होगा। जब हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो इस बात का ध्यान रखें कि शहर से गाँव बाय डिफॉल्ट नहीं, बाय डिजाईन जुड़ें। उन्होंने कहा कि उप-नगरीय क्षेत्र पूरी तरह बुनियादी सुविधाओं से लैस हों ताकि लोग वहाँ रहना पसंद करें। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही हमें शहरी क्षेत्रों का नियोजन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने नवागत मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से कहा कि वे नवाचारों, नई तकनीक और नागरिकों की आज की जरूरतों के मुताबिक बेहतर सेवाएं देने के लिए भयमुक्त होकर काम करें, तभी बेहतर परिणाम दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं प्रशिक्षण सत्र में नगरीय विकास पर एक घंटे का लेक्चर देना चाहता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी की मूल अवधारणा यह है कि हम शहरों को अत्याधुनिक स्वरूप तो दें लेकिन साथ ही नागरिकों की दैनिंदिन जीवन की कार्य प्रक्रिया में भी बदलाव लाने का प्रयास करें।
देश में नगरीय विकास के मॉडल बनें हमारे शहर
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि नगरों का विकास इस तरह से करें कि पूरे देश में हमारे शहर नगरीय विकास के मॉडल बनें। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय अपनी सम्पत्तियों का उपयोग अतिरिक्त आय बढ़ाने में करें, जिससे शहर आत्म-निर्भर बनें सकें। श्री सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा विकास मॉडल पूरे देश में जाना जाता है। इसका अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिये नवाचार करने से घबरायें नहीं। शहरी क्षेत्रों के विकास में हमें दीर्घकालीन सोच के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे साथ एक ऐसे मुख्यमंत्री है, जिन्होंने शहरी मंत्री होते हुए विकास की आज के दौर की जरूरतों के मुताबिक योजनाएँ शुरू कीं, जिसमें राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और मेट्रो परियोजनाएँ शामिल हैं। उनके पास अंतर्राष्ट्रीय सोच है जिसका लाभ हम सभी को उठाना चाहिए।
इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक श्री आर. परशुराम ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों के दक्षता संवर्धन का वृहद कार्यक्रम लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बताई गई दो प्राथमिकताओं में से एक शहरी विकास संस्थान का प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। दूसरा दक्षता संवर्धन का कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने संस्थान के कार्यकलापों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। आयुक्त नगरीय विकास श्री पी. नरहरि ने भी संबोधित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान की गतिविधियों पर एक फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने क्वालिटी एश्युरेन्स इन अर्बन प्रोजेक्ट्स पर बनी फिल्म की डीवीडी का विमोचन और संस्थान की विज़न एण्ड मिशन स्टेटमेंट पट्टिका का भी अनावरण किया। इस मौके पर विषय विशेषज्ञ श्री रामनाथ, संस्थान के मुख्य सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय, श्री मंगेश त्यागी एवं गिरीश शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा छिंदवाड़ा में श्रीमती इंदिरा गांधी की प्रतिमा का अनावरण
20 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज छिंदवाड़ा में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। श्रीमती गांधी के जन्म दिवस 19 नवम्बर के अवसर पर इंदिरा तिराहे पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएँ उनके विचार, सिद्धांत और मूल्यों के साथ संघर्ष की याद दिलाती हैं। उन्होने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती गांधी भारतीय इतिहास की ऐसी शख्सियत थीं, जिन्होंने पूरे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ाया। उनके नेतृत्व में भारत ने चहुमुखी तरक्की की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए इंदिरा जी ने जो योजनाएं बनाईं, उससे उनका जीवन बेहतर हुआ। श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश की सरकार श्रीमती गांधी के सर्वधर्म समभाव और सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास के कार्य निरंतर करते रहने के लिये कृत संकल्पित है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन, सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, विधायक श्री सुनील उईके एवं पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

जनता के प्यार और विश्वास से करेंगे प्रदेश का विकास : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
20 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य का अधिकार मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती अर्थाभाव की है क्योंकि पूर्ववर्ती सरकार ने हमें खाली खजाना सौंपा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर चुनौती का सामना करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार हैं क्योंकि हमारे साथ इस प्रदेश की जनता के प्यार और विश्वास की शक्ति है। श्री कमल नाथ आज छिंदवाड़ा में 1500 करोड़ रुपये लागत के छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) से संबद्ध चिकित्सालय का शिलान्यास और 240 करोड़ रुपये लागत के नवीन जेल परिसर का भूमि-पूजन कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने के बाद छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, बालाघाट सहित अन्य जिलों के लोगों को इलाज के लिए नागपुर नहीं जाना पड़ेगा। हमारा यह अस्पताल अत्याधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से इतना अधिक लैस होगा कि नागपुर सहित अन्य राज्यों के लोग भी एम्स की बजाए छिंदवाड़ा के सिम्स में इलाज कराने आएंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में हर व्यक्ति को सुनिश्चित बेहतर इलाज का अधिकार देने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमने सरकार बनते ही कर्ज माफी का निर्णय लिया। हमारा वादा है कि हम सभी पात्र किसानों के 2 लाख रुपए तक के फसल कृषि ऋण माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में शेष किसानों के 2 लाख रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि ऋण माफी किसानों के साथ न्याय नहीं है। उनके साथ तभी न्याय होगा, जब हम उन्हें उनकी उपज का सही दाम दिला सकें। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस दिशा में सोचना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में हम कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरूआत करेंगे, जिससे प्रदेश के हर किसान के चेहरे पर मुस्कुराहट आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए भी निर्णय ले रहे हैं। उद्योगों में स्थानीय युवकों को रोजगार मिले, इसकी नीति बना रहे हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि युवाओं पर हमारे प्रदेश के नव-निर्माण की जिम्मेदारी है। ये युवा ही प्रदेश का भविष्य हैं। अगर ये बेरोजगार होंगे, तो हम अपने प्रदेश को विकसित प्रदेश नहीं बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के नए अवसर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमने निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा में नवीन जेल निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जेल में अपराधियों की आपराधिक प्रवृत्ति पर रोक लगाने और उन्हें रचनात्मक कार्यों के साथ विकास से जोड़ने के लिए एक ऐसा वातावरण बने, जो पूरे देश में उदाहरण साबित हो। श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा से अपने 40 साल पुराने रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ जो विकास हुआ है, उसका मुख्य कारण है कि लोगों ने मुझे विश्वास और प्यार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में जो विश्वास और प्यार प्रदेश की जनता से उन्हें मिला है, उसके परिणाम में छिंदवाड़ा की तर्ज पर पूरे प्रदेश का विकास सुनिश्चित करेंगे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और जिले के प्रभारी श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि स्वास्थ्य सुधार की दिशा में छिंदवाड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास एक पुण्य के काम की शुरूआत है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और छिंदवाड़ा के सांसद श्री नकुल नाथ को जाता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि प्रदेश के विकास का आधार छिंदवाड़ा मॉडल है। श्री कमल नाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उनकी मंशा है कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिले। चिकित्सा शिक्षा मंत्री का प्रभार देते हुए उन्होंने मुझसे कहा था कि बिगड़ी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना और सरकारी अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति को अच्छा इलाज मिले, यह जिम्मेदारी भी निभाना। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मैं इस दिशा में काम कर रही हूँ।
गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा कि छिंदवाड़ा में बनने वाले नवीन जेल कॉम्पलेक्स में ओपन जेल भी बनाई जाएगी, जिसमें अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को रखा जाएगा। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने छिंदवाड़ा में खुलने वाले सिम्स चिकित्सालय को पीड़ित मानवता की सेवा के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
सांसद श्री नकुल नाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा में आज जिस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास होने जा रहा है, यह मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और मेरा सपना था। उन्होंने कहा कि लोगों को अत्याधुनिक इलाज न्यूनतम खर्च पर मिले, यह हमारी मंशा है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल न केवल 2000 बिस्तरों का होगा बल्कि आने वाले समय में 500 बिस्तर का विस्तार हो सके, यह व्यवस्था भी यहाँ रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मध्यप्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बनेगा। कार्यक्रम को महाराष्ट्र के विधायक श्री सुनील केदार ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महाविद्यालयीन छात्राओं को नि:शुल्क ड्राइविंग लायसेंस और आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने छिंदवाड़ा नगर पालिका द्वारा तैयार प्रदेश के जीरो वेस्ट कैलेण्डर का विमोचन भी किया। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला ने अस्पताल निर्माण और उसमें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना, स्थानीय विधायक, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) के छात्र-छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शॉल-श्रीफल भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामनाएँ
1 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन सेआज मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री टंडन ने श्री कमल नाथ को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ एवं शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मनित किया।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री टंडन ने मुख्यमंत्री के प्रवास पर होने के कारण उन्हें दूरभाष पर जन्म दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की थी। मुख्यमंत्री प्रवास से लौटने के बाद राज्यपाल से सौजन्य भेंट करने राजभवन पहुंचे थे।

गौ नस्ल सुधार का अभियान चले
19 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा है कि गौ नस्ल सुधार का अभियान विश्वविद्यालय द्वारा चलाया जाए। विश्वविद्यालय केवल अनुदान पर आश्रित नहीं रहे, आय के स्त्रोत विकसित कर आत्म-निर्भर बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मिशन मोड में गौ-संरक्षण और संवर्धन की समग्र योजना पर कार्य करें। नस्ल सुधार, चारा और दूध उत्पादन में नई तकनीक के उपयोग का एकीकृत रूप से क्रियान्वयन करे। श्री टंडन राजभवन में नाना जी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल की पहल पर विश्वविद्यालय को पशुपालन विभाग द्वारा सौ-सौ गायों की 10 गौशालाएँ संचालित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराने का निर्णय हुआ।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि गौ-वंश को बचाना वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती है। इस परिदृश्य को बदलने विश्विद्यालय गौ पालन के समग्र प्रोजेक्ट पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग निराश्रित गायों को विश्वविद्यालय में रखकर उनको सेरोगेटेड मदर की तरह उपयोग करने की पहल पर विचार करें। लक्ष्य बनाकर देशी नस्ल की उन्नत बछिए विश्विद्यालय द्वारा तैयार किये जाये। तैयार बछिए के विक्रय से विश्वविद्यालय की आर्थिक निर्भरता कम होगी। इसी तरह चारा उत्पादन का कार्य भी नवीन विधि से किया जाए। चारा रखने के ऐसे बैग मिल रहे हैं जिनमें एक से डेढ़ माह तक हरा चारा सुरक्षित रहता है। उत्पादित चारा जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय के पशुओं की आहार आवश्यकताओं को पूरा करेगा, वहीं उसकी बिक्री से क्षेत्र में दूध के उत्पादन में भी वृद्धि और सुधार होगा। पशुपालन के लाभों से परिचित हो ग्रामीण पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे।
श्री टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय मूल्यवर्धक गतिविधियों के प्रसार के प्रयासों पर विशेष बल दे। संसाधनों के विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए ताकि नई परियोजना सेल्फ सस्टेनेबल रहें। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा बॉयो गैस प्लान्ट लगाने की योजना संचालित की गई है, जिसमें प्लांट लगाने के साथ कम्पनी उत्पादित गैस भी खरीद लेती है। प्लांट का अवशेष भी समृद्ध खाद होता है, जिसे तालाब में प्रवाहित कर मत्स्य उत्पादन में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय इस तरह नई तकनीक के सफल प्रयोगों को दिखाकर किसानों तक पहुँचाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गायों की प्रजनन क्षमता में भी सुधार के प्रयास जरूरी हैं। नई विधियों से एक वर्ष में कई उन्नत नस्ल तैयार करने के उदाहरण मिल रहे हैं। इसका विस्तार कर देशी नस्ल को बेहतर बनाने के कार्य किये जायें। उन्होंने कहा कि बाजारवाद के चलते विदेशी कम्पनियाँ कभी देशी नस्लों को बढ़ावा नहीं देगी। केन्द्र सरकार देशी नस्ल सुधार कार्यक्रम पर विशेष बल दे रही है। उसके सहयोग से एक-डेढ़ वर्ष में चमत्कारी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि महान नानाजी देशमुख के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय चुनौतियों के नवाचारी सोच के साथ समाधान की कार्य-शैली का उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने बताया नानाजी के समय सरकार बोरिंग नि:शुल्क करवाती थी। पम्प पर भी काफी अनुदान था। कॉस्ट आयरन पाइप लगाना पड़ता था, जो बहुत महंगा होता था। गरीब किसान उसका लाभ नहीं ले पाते थे। नाना जी ने निकट के जंगल के बाँसों को अंदर से खोखला कर उनको पाइप बनाकर उपयोग किया और गाँव की खेती की दशा बदल दी।
बैठक में कुलपति डा. जुयाल द्वारा बताया गया कि विश्वविद्यालय ने देशी नस्ल की नर्मदा निधि विकसित की है जो ग्रामीण परिवेश में पालन की उपयुक्त नस्ल है। क्लोनिंग प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक पेटेंट भी मिला है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोबर से निर्मित मॉस्किटो रैपलेंट, लकड़ी और गमले के उत्पाद भी दिखाए। बैठक में राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे उपस्थित थे।

बाजना रोड के भूमि संबंधी कार्य निपटाये वन और लो.नि.वि.
19 November 2019
भोपाल.रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री श्री सचिन यादव ने जिला योजना समिति की बैठक में रतलाम-बाजना मार्ग के साइड भरने और अन्य छूटे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस मार्ग के भूमि संबंधी कार्य को अति शीघ्र सुलझाने के निर्देश वन तथा लोक निर्माण विभाग को दिए। प्रभारी मंत्री ने बैठक में अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की। मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सड़क मरम्मत कार्यों की जानकारी सभी विधायकों को देने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिले के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति युक्तियुक्त ढंग से की जाए। स्कूलों में कृषि संकाय के लिए शिक्षक उपलब्धता नहीं होने की दशा में अतिथि शिक्षक रखने के निर्देश दिए गए।
प्रभारी मंत्री ने जिले में बीपीएल परिवारों के सत्यापन अभियान के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मेंसामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। रतलाम नगर में 15 दिन में सत्यापन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।जिले के बड़ौदा, नौगावां आदि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के लिये खोदी गई सड़कों को पुनः बनाने को कहा गया। जिले के लाल पानी की समस्या वाले 24 गाँव में छूटे हुए 12 गाँव की योजना बनाने के लिये जल निगम को निर्देशित किया गया।
प्रभारी मंत्री ने जिले में सहकारी संस्थाओं द्वारा अलग-अलग दरों पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध करवाने की तत्काल जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि वह जिले के जन-प्रतिनिधियों को प्रत्येक सप्ताह सहकारी संस्थाओं में उर्वरकों के स्टॉक वितरण की जानकारी सुलभ करवाये। वन अधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।प्रभारी मंत्री ने समिति सदस्यों द्वारा खराब गुणवत्ता की सड़कों की जानकारी पर निर्देश दिए कि पीआईयू के सभी सड़क निर्माण कार्यों की जांच एक कमेटी बनाकर की जाए। निगम आयुक्त को आगामी आठ-दस दिनों मेंरतलाम शहर के गड्ढे भरवाने के लिए निर्देशित किया गया।
राष्ट्रीय एकता-अखण्डता की शपथ दिलाई
मंत्री श्री सचिन यादव ने कलेक्ट्रेट में उपस्थित व्यक्तियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मईडा, विधायकगण श्री हर्षविजय गहलोत, श्री मनोज चावला, श्री चैतन्य कश्यप, श्री राजेंद्र पांडे, श्री दिलीप मकवाना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, जिला योजना समिति के सदस्यगण तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक ऊँचाइयों को छू रहा है
19 November 2019
भोपाल.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील और संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-20019 में मध्यप्रदेश मण्डप का उद्घाटन किया। श्री अकील ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश औद्योगिक ऊँचाइयों को छू रहा है।
संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने कहा कि मण्डप राज्य के विकास की गाथा को दर्शा रहा है। उन्होंने कहा कि मण्डप राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और विरासत से रू-ब-रू करवाता है। डॉ. साधौ ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों की कतार में शामिल होगा।
म.प्र. मण्डप में सभी प्रकार की विविधता देखी जा सकती है। इसमें आर्थिक विकास, मानव प्रगति, जन-कल्याण की योजनाएँ, औद्योगिक विकास, कृषि की प्रचुरता, व्यापार, इतिहास, कृषि, पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत शामिल हैं।
इस वर्ष मण्डप की विषय-वस्तु 'व्यापार करने की सुगमता' है। इसमें राज्य सरकार द्वारा विकास की तेजी ओर निवेश आकर्षित करने का चित्रण है। मण्डप में राज्य की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देने वाले पैनल लगाये गये हैं। हंस ध्वनि थियेटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में आवासीय आयुक्त श्री आई.सी.पी. केसरी, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री अशोक शाह और प्रबंध निदेशक लघु उद्योग निगम डॉ. पंकज जैन उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री टंडन ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को दी जन्म-दिन की बधाई
18 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को टेलीफोन कर जन्म-दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को टेलीफोन पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुदीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।



"जनगणना-2021" का सही डाटा तैयार करने गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें मास्टर ट्रेनर्स
18 November 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने आज आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में 'जनगणना-2021' के लिये प्रथम चरण के 6 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिलों की पूरी जनगणना का सही डाटा तैयार करने में मास्टर ट्रेनर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिये प्रशिक्षण को गंभीरता से लें, शंकाओं के समाधान के लिये संवाद जरूर करें। प्रमुख सचिव ने कहा कि जनगणना के अंतिम परिणाम की गुणवत्ता मास्टर ट्रेनर्स की योग्यता पर ही निर्भर है।
श्री एस.एन. मिश्रा ने बताया कि 'जनगणना-2021' को डिजिटल जनगणना कहा जा सकता है। इस जनगणना का कार्य ''मिक्स मोड एप्रोच'' यथा मोबाइल एप्प एवं पेपर मोड द्वारा संपादित किया जाएगा। यह जनगणना पूर्व जनगणना से भिन्न है। इसमें सभी कार्यो के सतत् पर्यवेक्षण एवं प्रगति की मॉनिटरिंग ''सेन्सस मैनेजमेन्ट एण्ड मॉनीटरिंग सिस्टम'' (सी.एम.एम.एस.) पोर्टल से की जाएगी। जनगणना के सभी कार्यों की प्रत्येक स्तर पर रियल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी। श्री मिश्रा ने बताया कि जनगणना के दोनों चरण में एप्प के माध्यम से डाटा कलेक्शन होगा, जिसका विश्लेषण और बहुआयामी उपयोग किया जा सकेगा।
जनगणना कार्य निदेशालय के उप संचालक श्री अजय सहाय ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य के सुचारू एवं सफल संचालन के लिये प्रशासन अकादमी में 18 नवम्बर से 23 नवम्बर तक 57 और 2 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक 58 मास्टर्स ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर्स विभिन्न जिलों में लगभग 2850 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे। फील्ड ट्रेनर्स लगभग एक लाख 74 हजार 221 प्रगणकों/पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशासन अकादमी में मास्टर ट्रेनर्स को नई दिल्ली में प्रशिक्षित 4 नेशनल ट्रेनर दो चरणों में प्रशिक्षण देंगे।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों को ग्रामीण एवं नगरीय इकाई में फील्ड विजीट कराया जाएगा, जिससे उन्हें वास्तविक फील्ड कार्य का अनुभव होगा। जनगणना के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अद्यतिकरण का कार्य अप्रैल से सितम्बर 2020 तक राज्य शासन द्वारा निर्धारित कुल 45 दिनों में सम्पन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना कार्य 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 तक किया जाएगा।

डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये जन-सहयोग बहुत जरूरी
18 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज इंदौर की बस्तियों में घर-घर पहुँचकर डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली, रहवासियों से मिले। उन्होंने लोगों से कहा है कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये जनता का जागरूक होना और सहयोग बहुत जरूरी है।
मंत्री श्री सिलावट ने लोगों से कहा कि डेंगू तथा मलेरिया की रोकथाम के लिये घर के आसपास तथा कूलर और गमले आदि में पानी जमा न होने दें। आसपास यदि कहीं डेंगू या मलेरिया का लार्वा मिले, तो उसे नष्ट करने के लिये सभी जरूरी उपाय तुरंत करें। श्री सिलावट ने नगर में जन-सुविधा केन्द्रों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिये कि सुलभ शौचालय, जिला अस्पताल, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगहों पर डेंगू तथा मलेरिया की रोकथाम के प्रयासों और उपायों को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर्स लगवाएँ।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने इंदौर के मेघदूत उपवन और विजय नगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने निर्देश दिये कि इन बस्तियों में हर रोज शेड्यूल के आधार पर फॉगिंग मशीन और स्प्रे मशीन से क्रूड आइल का स्प्रे कराएं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने जानकारी दी कि इंदौर में फॉगिंग मशीन की संख्या 19 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। शहर में खाली पड़े 32 हजार प्लाट मालिकों को नोटिस जारी कर अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की गई है।

मंत्री श्री शर्मा और श्री यादव ने गुलाबगंज में किया विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
17 November 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने आज विदिशा जिले के गुलाबगंज में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। वे गंजबासौदा की ग्राम पंचायत फतेहपुर में श्री गोपालकृष्ण गौ-शाला के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहले चरण में 3 हजार गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 100 गौ-शालाएँ आधुनिक और कम्प्यूटरीकृत स्वरूप की होंगी। जिले के प्रभारी मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक गौ-शाला का निर्माण कराया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय निकायों को अधिकार सम्पन्न बनाया जा रहा है। कार्यक्रम को विधायक श्री शशांक भार्गव ने भी संबोधित किया।
सहकारी बैंक का शुभारंभ - व्हालीबॉल प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने विदिशा में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शमशाबाद में 65वीं राष्ट्रीय शालेय व्हालीबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में पुरस्कार वितरण किया।

खजुराहो में बनेगा डायमण्ड म्यूजियम और स्टोन-ग्रेनाइट पार्क
17 November 2019
भोपाल.खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने खजुराहो में जन-प्रतिनिधियों और संभागीय अधिकारियों के साथ बक्सवाहा में हीरा खदान की नीलामी, खजुराहो में डायमण्ड म्यूजियम तथा छतरपुर जिले में स्टोन-ग्रेनाइट पार्क की स्थापना के बारे में विचार-विमर्श किया। श्री जायसवाल ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्तावित कार्य-योजना पर तत्काल काम शुरू करें। छतरपुर जिले में खनिज और पर्यटन विभाग के समन्वित सहयोग से स्थापित होने वाले उद्योगों में अधिकाधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल खजुराहो में हीरा व्यापारियों के आवागमन से पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास होगा। खनिज साधन मंत्री ने बताया कि बंदर हीरा परियोजना में नीलामी के जरिये तकनीकी निविदा का निष्पादन इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा। यहाँ से उत्खनित जेम क्वालिटी के हीरों की नीलामी के लिये म्यूजियम में प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार के रेत नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावशील हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि खनिज सम्पदा का अवैध दोहन रोकने और राजस्व में बढ़ोत्तरी करने के लिये चिन्हित अवैध खदानों की नीलामी की जाएगी। इसके साथ ही, छतरपुर जिले में नए खनिज उद्योगों की स्थापना की संभावनाएँ भी तलाशी जाएंगी।
बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित डायमण्ड म्यूजियम और बक्सवाहा बंदर हीरा खदान की नीलामी की रूपरेखा तथा कार्य-योजना की जानकारी दी गई। सचिव, खनिज साधन श्री नरेन्द्र सिंह परमार ने ई-खनिज पोर्टल और प्रस्तावित विभागीय योजना के बारे में बताया।
बैठक में विधायक श्री आलोक चतुर्वेदी, श्री नीरज दीक्षित, श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी और कुँवर विक्रम सिंह तथा सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के खनिज अधिकारी उपस्थित थे।

आदिवासी समुदाय से मिलती है पर्यावरण संरक्षण की सीख : मंत्री श्री मरकाम
17 November 2019
भोपाल.आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम आज भोपाल स्थित इंदिरा गाँधी मानव संग्रहालय में आदिवासी भाषा, संस्कृति और समग्र विकास पर केन्द्रित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में शामिल हुए। श्री मरकाम ने कहा कि आज सारी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण के संकट का सामना कर रही है। ऐसे समय में आदिवासी समुदाय से पर्यावरण संरक्षण की सीख बेहतर तरीके से प्राप्त की जा सकती है क्योंकि आदिवासी समुदाय प्रकृति के सबसे करीब है। समापन सत्र में श्री मरकाम ने "भारत के आदिवासी-एक परिचय'' और "कुँडुख़ ब ओत'' पुस्तिका का विमोचन किया।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से आदिवासी वर्ग का सर्वांगीण विकास संभव है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि विकास की दौड़ में हमारी युवा पीढ़ी अपनी परम्पराओं से दूर न हो जाये। श्री मरकाम ने कहा कि कोई भी समाज तभी पूर्ण रूप से विकसित हो सकता है, जब उस समाज की महिलाओं को भी बराबरी से प्रगति के अवसर दिये जाएं। आदिम-जाति कल्याण मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में विचार-विमर्श से उपजे निष्कर्षों का आदिवासी समुदाय की भलाई की योजनाओं और नीति-निर्धारण में उपयोग किया जायेगा।
समापन सत्र में अरुणाचल प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री जर्जुम अत्ते ने कहा कि देश की सुरक्षा को साम्प्रदायिक सद्भाव के माहौल में ही मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी समुदाय के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत किये जाने का आग्रह किया। आदिवासी भारत समन्वय मंच के डॉ. अभय खाखा ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में 16 राज्यों के 21 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन प्रतिनिधियों ने आदिवासी समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, भाषा, संस्कृति समेत नौ विषयों पर विचार-विमर्श किया। समापन सत्र में आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री मरकाम ने भोपाल घोषणा-पत्र पढ़कर सुनाया।

समय की मांग के अनुसार शिक्षा के स्तर में सुधार करना जरूरी : राज्यपाल श्री टंडन
16 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने आज शहडोल में पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि समय की मांग के अनुसार विश्वविद्यालयों में नये पाठ्यक्रम और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिये निरंतर प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन सरकार के अनुदान पर ही नहीं, रूसा तथा समाज के सहयोग होना चाहिए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से कहा कि नेक ग्रेडिंग में सफल होने के लिये अभी से तैयारी शुरू करें।
राज्यपाल श्री टंडन ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में नये तकनीकी ज्ञान के साथ पुरातन संस्कृति के अध्ययन की व्यवस्था को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट होना चाहिए कि विदेशी विश्वविद्यालय भी इसका अनुसरण करें। श्री टंडन ने कहा कि शहडोल में विश्वविद्यालय की स्थापना आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिये की गयी है। उन्होंने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधरोपण, जलसंरक्षण एवं संवर्धन, रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग और सोलर एनर्जी की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जायें। राज्यपाल ने कहा कि राष्टपिता महात्मा गाँधी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिये विश्वविद्यालय में गाँधी पीठ स्थापित की जायें। साथ ही आदिवासी कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिये भी शोध पीठ बने।
प्रदेश में 200 महाविद्यालयों का हुआ अपग्रेडेशन
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुखी बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के 200 महाविद्यालयों का अपग्रेडेशन किया गया है। इन महाविद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से हरियाली केम्पस विकसित किये जा रहे हैं। श्री पटवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी को शीघ्र पूरा किया जायेगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने आशा व्यक्त की कि शहडोल में स्थापित विश्वविद्यालय समाज के गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के विकास में सहयोगी होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिये नि:शुल्क आवागमन व्यवस्था किये जाने और इसे हाई-वे से जोड़ने केलिये कहा।
लोकार्पण समारोह को जिले के प्रभारी, जनजातीय कार्य, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने भी संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मुकेश तिवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह विश्वविद्यालय आदिवासी कला एवं संस्कृति के संरक्षण और शोध कार्य प्राथमिकता के साथ संचालित करने के लिये कृत-संकल्पित है।

संघर्ष, कुर्बानी और त्याग के प्रतीक थे आदिवासी नायक बिरसा मुंडा
15 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आदिवासी नायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री बिरसा मुंडा संघर्ष, कुर्बानी और त्याग के प्रतीक थे। वे कम उम्र में ही अपने सद्कर्मों से भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गए। श्री कमल नाथ आज बिरसा मुंडा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा ने कम उम्र में ही अपने समाज के उत्थान और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष की राह को चुना था। उन्होने गुलामी के दौर में अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई। देश को आजाद कराने के लिये अंग्रेजों के खिलाफ हुए आंदोलन में बिरसा मुण्डा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी नायक बिरसा मुण्डा ने अपने विचार और संघर्ष से आदिवासी समाज को नई दिशा और दृष्टि प्रदान की। श्री कमल नाथ ने कहा कि समाज और देश के लिए जो विचार बिरसा मुंडा के हैं, उन्हे आज युवाओं को समझने और आत्मसात करने की आवश्यकता है।
प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री चंद्रप्रभाष शेखर, पूर्व विधायक श्री भूपेन्द्र जैन एवं श्री रामनिवास रावत तथा श्री राजीव सिंह उपस्थित थे।

आदिवासी युवाओं को संस्कृति से जोड़े रखकर विकास की तरफ ले जाना चुनौतीपूर्ण
15 November 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने इंदिरा गाँधी मानव संग्रहालय में आदिवासी भाषा, संस्कृति और विकास पर केन्द्रित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया। श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि आज के वैश्विक दौर में आदिवासी युवाओं को संस्कृति से जोड़े रखकर विकास की तरफ ले जाना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे देश और प्रदेश की आदिवासी परम्पराएँ काफी प्राचीन हैं। इनके विकास के लिये लगातार शोध किये जा रहे हैं। आज जरूरी हो गया है कि हम अब तक किये गये शोध के निष्कर्षो को आदिवासी वर्ग के हितों के लिये तैयार की जा रही नीतियों और योजनाओं में शामिल करें।
प्रमुख सचिव ने कहा कि आदिवासी संस्कृति में पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को काफी महत्व दिया गया है। आदिवासी समुदाय में खेती और पशुपालन की अपनी श्रेष्ठ परम्‍पराएँ रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्ग की बोलियाँ का संरक्षण इस तरह से किया जाना जरूरी है कि वह सभी समुदाय के बीच लोकप्रिय बनी रहे। प्रमुख सचिव ने उम्मीद जाहिर की कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के निष्कर्ष, योजना और नीति तैयार करने में मददगार साबित होंगे।
टाटा इंस्टिट्यूट, मुम्बई के प्रोफेसर श्री विपिन जोजो ने कहा कि देश में 700 आदिवासी समुदाय हैं। इनमें से 46 आदिवासी समुदाय मध्यप्रदेश में है। इनकी संस्कृतियों में काफी विविधता है। आदिवासी भारत समन्वय मंच के संयोजक डॉ. अभय खाखा ने बताया कि संगोष्ठी में 14 राज्यों के 21 जनजाति समुदायों के 200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में देशभर में 170 आदिवासी भाषाएँ बोली जाती हैं, जिनका संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने आदिवासी समुदाय की लोककथाओं, सामाजिक परम्पराओं और चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी दी। संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना श्री राकेश सिंह ने राष्ट्रीय संगोष्ठी को प्रदेश के लिये गर्व का विषय बताया।

जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये एप्को को मिला "अर्थ केयर अवार्ड
15 November 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) को देश के प्रतिष्ठित 'अर्थ केयर अवार्ड'' से पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली में केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री सी.के. मिश्रा ने एप्को के कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे और इंदौर नगर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह को यह अवार्ड प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष एप्को को जल-संसाधन के क्षेत्र में क्लाइमेट चेंज वल्नेरेबिलिटी असेसमेंट के अध्ययन के लिये केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जल मिशन का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
प्रदेश के पर्यावरण विभाग के अंतर्गत स्थापित राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र को इंदौर शहर को पारम्परिक जल-स्रोतों के पुनर्जीवीकरण एवं संरक्षण परियोजना की लीडरशिप इन अर्बन क्लाइमेट एक्शन की श्रेणी में विजेता घोषित किया गया है। एप्को के कार्यपालन संचालक श्री राजे ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य इंदौर शहर की सीमा में स्थित 330 कुओं और बावड़ियों को संरक्षित और पुनर्जीवित करना है। परियोजना का लाभ 16 हजार 500 परिवारों को मिलेगा। इंदौर नगर निगम इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 2 करोड़ 16 लाख रुपये की बचत कर सकेगा। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के बाद केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने बुरहानपुर शहर में भी कुओं और बावड़ियों के संरक्षण की समान परियोजना मंजूर की है। इस परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

बेहतरी के लिए भविष्य की चुनौतियों को समझे भावी पीढ़ी
14 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि भावी पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों को समझकर अपने देश-प्रदेश के नवनिर्माण को एक ऐसा आकार देना होगा जिससे आने वाले समय में लोग सम्मान के साथ बेहतर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, बढ़ता हुआ शहरीकरण और शिक्षा हमारे सामने एक ऐसी चुनौती है जिसका अगर हमने समय पर समाधान नहीं किया तो हम अपने लोगों के साथ अन्याय करेंगे। श्री नाथ ने एक समाचार-पत्र द्वारा क्विज कॉम्पीटीशन में चयनित विभिन्न जिलों के स्कूली बच्चों के साथ अपने निवास पर संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेला।
लक्ष्य है शहरों पर बढ़ता बोझ कैसे कम करें
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने ग्वालियर से आयी एक बच्ची द्वारा ट्रेफिक के कारण हो रही दिक्कत के सवाल पर कहा कि आज शहरों के ऊपर आबादी का बढ़ता हुआ बोझ एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जब शहरों का निर्माण और विकास हुआ तब सारी व्यवस्थाएँ मौजूदा आबादी को ध्यान में रखकर की गई। उन्होंने कहा कि चाहे सीवेज हो, पेयजल हो, आवागमन की सुविधाएँ हो, आज जब शहरीकरण बढ़ा तो न केवल ट्रैफिक की बल्कि और कई समस्याएँ भी सामने आयी। श्री नाथ ने कहा कि हमारी सड़कों की डिजाइन दो पहिया वाहनों के हिसाब से ही की गई थी। आज चार पहिया वाहनों की बाढ़ से न केवल हमारी सड़कों पर बोझ बढ़ा है बल्कि ट्रेफिक भी बाधित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका एक ही समाधान है कि हम शहरी क्षेत्रों का सम्पूर्ण अधोसंरचना विकास के साथ विस्तारीकरण करें। उन्होंने दिल्ली के गुरूग्राम और नोएडा तथा बम्बई के थाने एवं नवी मुंबई का उदाहरण देते हुए बताया कि अगर इनका निर्माण नहीं होता तो दिल्ली, मुम्बई के हालात और भी खराब होते। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरों के मास्टर प्लान बना रहे हैं। शहरों का विस्तारीकरण इस दृष्टि के साथ कर रहे हैं कि हम वहाँ वे सारी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराये जो रहवासियों के लिए आवश्यक हैं।
वही राजनेता योग्य जो सत्ता का उपयोग विकास और जनता की खुशहाली के लिए करें
राजनीति में योग्यता के बारे में इंदौर के एक छात्र द्वारा पूछे गए एक सवाल में मुख्यमंत्री ने बताया कि राजनीति में मेरी आदर्श स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी रही हैं। मैं उनके पुत्र श्री संजय गांधी जी के साथ पढ़ा। उसी स्कूल में श्री राजीव गांधी मुझसे तीन साल सीनियर रहे। मेरी राजनीति की शुरुआत युवक कांग्रेस से हुई। मैंने यही सीखा कि वही राजनेता योग्य होता है जो सत्ता में आने के बाद उससे मिली शक्ति का उपयोग देश-प्रदेश के हित और जनता की खुशहाली और उसके लिए कल्याणकारी योजनाएँ बनाने में करे।
पढ़ने पर माता-पिता की डाँट खाना पड़ती थी
भोपाल की छात्रा पलक जैन के सवाल कि बचपन में आपको किस बात के लिए डाँट पड़ती थी, मुख्यमंत्री श्री नाथ ने बताया कि बोर्डिंग स्कूल में छुट्टियों में भी होमवर्क मिलता था। जब हम छुट्टियों में घर आते थे तो पहले घर का मजा लेने में, फिर आराम करने में ही छुट्टियां बीत जाती थी। छुट्टी के जब आखिरी दो-तीन दिन बचते थे तब हमें होमवर्क का ध्यान आता था तो फिर हम देर रात जगकर लगातार होमवर्क करते थे। इसके लिए हमें अपने माता-पिता की डाँट खाना पड़ती थी।
शिक्षा में गुणवत्ता जरूरी
होशंगाबाद से आए छात्र सिद्धार्थ के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं उच्च शिक्षा में गुणवत्ता की बेहद कमी है। हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ शिक्षकों के पढ़ाने की क्षमता में भी गुणवत्ता लाए। शिक्षक उत्कृष्ट हो, समर्पित हो, इस दिशा में हम मिशन के रूप में काम कर रहे हैं। हम इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि शिक्षा के साथ बच्चों के ज्ञान में भी लगातार वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के साथ हमारी शिक्षा पूरी हो जाती है लेकिन ज्ञान हमको जीवनभर अर्जित करना पड़ता है और यही हमें जीवन में हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनाता है।
महिला अपराधों में रोकथाम के लिए कानून के साथ लोगों की सोच में भी परिवर्तन लाना होगा
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने महिला अपराधों की रोकथाम के संदर्भ में भोपाल की छात्रा राशि त्यागी के प्रश्न पर कहा कि कानून का सख्ती से पालन करने के साथ ही इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में भी परिवर्तन आए। इसके लिए एक सामाजिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है।
गाँव में ही शिक्षा की बेहतर व्यवस्था हो ताकि शहरों में न आना पड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा व्यवस्था पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में माता-पिता द्वारा बच्चों को स्कूल न भेजना या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने की बड़ी चुनौती हमारे सामने है। उन्होंने बताया कि जब वे केन्द्र में मंत्री थे तब स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की शुरूआत की गई, जिसका उद्देश्य यही था कि माँ-बाप बच्चों को स्कूल भेजे। उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्याओं के कारण बच्चों को स्कूल भेजने के बजाए गरीब और आदिवासी वर्ग के लोग उनसे मजदूरी कराना पसंद करते हैं। इस समस्या के निदान के लिए ही मनरेगा के साथ मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की गई। इससे हालात में सुधार आया है और अब हम इसे और बेहतर बनाने के प्रयास कर रहे हैं।
राजनीति में काम करने वाले व्यक्ति को उदाहरण बनकर काम करना चाहिए
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने एक राजनीतिज्ञ कैसा हो? प्रश्न के उत्तर में कहा कि हमारे देश में राजनीतिक व्यक्ति और दलों को लेकर आम जनता में बेहतर छवि का अभाव है। श्री नाथ ने बताया कि जब मैंने राजनीति में आने का फैसला लिया तब मुझे माता-पिता और परिवारवालों ने ऐसा न करने को कहा और कहा कि कहाँ जाकर फँस रहे हो। मेरा बेटा स्कूल में पढ़ता था तो मैंने एक बार उससे कहा कि मैं तुम्हें स्कूल लेने आऊँगा, उसने साफ मना किया कि आप मत आना नहीं तो मेरे दोस्त आपको कुर्ता-पायजामा पहने हुए देख लेंगे। आज इस छवि को सुधारने की और उदाहरण बनकर राजनीतिक क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता है।
प्रदूषणरहित ट्रैफिक व्यवस्था स्थापित करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दिल्ली सहित मध्यप्रदेश में भी बढ़ते हुए प्रदूषण से उत्पन्न खतरे के संबंध में एक बच्चे प्रश्न के उत्तर में कहा कि दिल्ली न केवल भारत बल्कि विश्व में सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है। इसका मुख्य कारण है खेतों में नरवाई का जलना, जो दिल्ली से लगे पंजाब, हरियाणा के खेतों में जलाई जाती है। इसके साथ ही औद्योगिक प्रदूषण का भी इसमें बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि प्रदूषण मुख्यत: उद्योग एवं बढ़ते हुए वाहनों के कारण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रदूषण तो नियंत्रण में है लेकिन वाहनों की संख्या में जिस तरह भारी वृद्धि हो रही है इससे हमारे यहाँ पर्यावरण को काफी क्षति पहुँच रही है। श्री नाथ ने बताया कि इसके समाधान के लिए हमने ई-वाहन योजना को शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रयोग के तौर में इंदौर में महिलाओं के द्वारा ई-वाहन चलाने की शुरूआत की गई है। हम सीएनजी वाहनों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं और इसके लिए सब्सिडी भी देंगे।
खेल में उत्कृष्टता हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि हम प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सुविधाएँ देने के लिए प्राथमिकता पर काम कर रहे हैं। प्रयास यह है कि शिक्षा के अलावा बच्चे अन्य गतिविधियों विशेषकर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मानसिक अनुशासन। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में छिन्दवाड़ा की भावना डेहरिया एवं सीहोर की मेघा परमार ने माउंट एवरेस्ट पर फतह किया है। उन्होंने बताया कि भावना डेहरिया मेरे संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा की बेटी है जब वह माउंट एवरेस्ट जा रही थी तब उसने मुझसे मदद का आग्रह किया था। मैंने उसकी मदद की जिसका परिणाम यह हुआ कि उसने हमारे प्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रतिभावान खिलाड़ियों को ऐसा वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराएंजिससे वह उत्कृष्ट कर सकें, इस दिशा में सरकार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने क्रिकेट खेला और लगाए कई शॉट
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अपने निवास के लॉन में बच्चों के साथ क्रिकेट भी खेला। मुख्यमंत्री ने बैटिंग की और बच्चों की बॉलिंग पर कई शॉट भी लगाए। श्री नाथ ने आठ वर्षीय बालक के साथ फुटबॉल भी खेली।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एक समाचार-पत्र द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों से भोपाल लाये गये बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह संवाद हुआ। ये बच्चे छिंदवाड़ा, बैतूल, झाबुआ, शहडोल, अलीराजपुर, खंडवा, सागर, उज्जैन, रतलाम, होशंगाबाद, ग्वालियर, इंदौर और भोपाल के स्कूलों में अध्ययनरत है।

पंडित नेहरू की दूरदृष्टि और सक्षम नेतृत्व के कारण ही एक झण्डे के नीचे खड़ा है देश
14 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु की दूरदृष्टि और सक्षम नेतृत्व के कारण ही आज हमारा पूरा देश एक झण्डे के नीचे खड़ा है। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू की सोच के अनुरूप सरकार प्रदेश की भावी पीढ़ी को सक्षम और सफल बनाने के लिए उन्हें शिक्षित करने के साथ ही उनके व्यक्तित्व विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। श्री कमल नाथ आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पंडित जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयंती पर आयोजित सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि पंडित नेहरू एक शिक्षित राष्ट्र के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने को लेकर काफी गंभीर थे। आजादी के बाद उनके सामने राष्ट्र निर्माण और उसकी अनेकता में एकता को मजबूत करने के साथ ही ज्ञानवान देश निर्माण की एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती का उन्होंने अपने सक्षम नेतृत्व, दूरदृष्टि और दृढ़ निश्चतता के साथ सामना किया। आज देश में जितनी भी नामी शिक्षण संस्थाएँ और अनुसंधान केन्द्र हैं, वे सब नेहरू जी की देन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू जी ने मजबूत भारत की नींव रखी, जो आज दुनिया के सशक्त राष्ट्रों में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के बीच नेहरू जी ने पूरे भारत को एक झंडे के नीचे लाकर खड़ा किया, जिसका लोहा आज पूरा विश्व मानता है। उन्होंने कहा कि आज देश में हमारा प्रजातंत्र मजबूत है, उसे कमजोर करने की हर कोशिश असफल हो रही है, तो इसका श्रेय पंडित नेहरु को जाता है। बाबा साहिब अंबेडकर को संविधान बनाने की जिम्मेदारी देकर उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर क्षेत्र में परिवर्तन आया है। शिक्षा भी उससे अछूती नहीं है। पहले हमारे सामने शिक्षा और ज्ञान के सीमित संसाधन थे लेकिन आज उनका विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि इस परिवर्तन को समझें, इसे अपनाएं और अपने देश को पूरे विश्व में नए बदलावों के साथ सशक्त भारत के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दें। शिक्षा और ज्ञान के अंतर को समझें। उन्होंने कहा कि ज्ञान हमें जीवन भर प्राप्त होता है, जो हर चुनौती का सामना करने में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पंडित नेहरू से बाल्यकाल में हुए सम्पर्क की यादों को साझा करते हुए कहा कि जब वे दून स्कूल में संजय गांधी के सहपाठी थे, तब पंडित नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी एक साथ माह में एक बार स्कूल के नियम के अनुसार संजय गांधी और राजीव गांधी से मिलने आते थे। इस दौरान उनका सम्पर्क नेहरू जी एवं इंदिरा जी से हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दिन भर उनके साथ रहते थे लेकिन हमें कभी अहसास नहीं होता था कि हम देश के प्रधानमंत्री के साथ हैं। वे बगैर तामझाम के एक जिम्मेदार अभिभावक होने के नाते हम लोगों के साथ समय बिताते थे। हमसे शिक्षा और ज्ञान से जुड़ी बातें करते थे और सीख भी देते थे। अंत में वे यह कहकर विदा लेते थे कि मैं अगली बार आऊँगा, तो पूछँगा।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि पंडित नेहरू ने आजादी के बाद प्रगतिवादी सोच के साथ उस समय देश को एक नई दिशा और दृष्टि दी, जब हमारा देश रूढ़िबद्धता और अंधविश्वास की सोच में जकड़ा हुआ था। उस समय एक सुई भी हमारे देश में नहीं बनती थी। आज हम न केवल अपने देश की बल्कि दुनिया के अन्य देशों की जरूरतों को पूरा करते हैं। पंडित नेहरू की ही यह देन है। उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान देश कभी नहीं भुला पाएगा। उन्होंने कृषि क्षेत्र को उन्नतशील बनाया और मजबूत लोकतंत्र की नींव डाली।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि पंडित नेहरू की उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रगतिवादी सोच थी, आज हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ उसी सोच के अनुरूप प्रदेश के विकास की नई तस्वीर गढ़ रहे हैं। प्रदेश का युवा शिक्षित और सक्षम बने, उसे रोजगार मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
'नेहरू और शिक्षा' विषय पर आयोजित इस सेमिनार के मुख्य वक्ता शिक्षाविद् डॉ. अनिल सदगोपाल ने कहा कि पंडित नेहरू के तीन महत्वपूर्ण विचार हैं, जो आज के समय में केवल प्रासांगिक ही नहीं है बल्कि हमारा मार्गदर्शन भी करते हैं। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू कहते थे कि शिक्षा का मकसद सेवा है। शिक्षा का केवल निज हित के लिए नहीं बल्कि समूचे समाज की सेवा में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू का विचार था कि हमारे विश्वविद्यालय इंसानियत सहिंष्णुता, तार्किकता और नए विचारों के बनें, जहाँ सच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि नेहरू जी का यह भी विचार था कि हमारी तकनीकी की स्वीकार्यता तभी है, जब उसमें इंसानियत और समाज के बुनियादी मूल्यों का समावेश हो।
सेमिनार के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम क्षणों तक के कृतित्व पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। उन्होंने नेहरू जी पर केन्द्रित स्मारिका का भी विमोचन किया।

प्रदेश में त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था ही लागू रहेगी : मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह
14 November 2019
भोपाल.सहकारिता, संसदीय कार्य एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने सहकारी भवन में 66वें सहकारिता सप्ताह के अन्तर्गत 'ग्रामीण सहकारिता के माध्यम से नवाचार' संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएँ सहजता से उपलब्ध कराई जा सकें। डॉ. सिंह ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंड़ित जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के स्वप्न को पूरा करने में पूर्व उप मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री सुभाष यादव का योगदान सराहनीय रहा।
मंत्री डॉ. सिंह ने जानकारी दी कि प्रदेश की निष्क्रिय सहकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलेंगे और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त सामग्री उपलब्ध होगी। डॉ. सिंह ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित संगोष्ठियों के निष्कर्षों के आधार पर नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव ने संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कहा कि लघु कृषकों की समृद्धि में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके माध्यम से छोटी जोत के किसानों की उपज को नया बजार उपलब्ध कराया जा सकता है, किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य दिलाया जा सकता है। श्री यादव ने प्राथमिक सहकारी साख संस्थाओं को बहुउद्देशीय बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
इस अवसर पर मंत्रीद्वय ने गांधी जी के 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और 'टूरफेड' वेबसाइट का लोकार्पण किया।
राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन ने सहकारी सप्ताह के दौरान आयोजित की जानेवाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर को सहकारिता के लिये समर्थ विधि-विधान 16 नवम्बर को, सफलता की कहानियों के माध्यम से शिक्षा-प्रशिक्षण का पुर्न्मुखीकरण, 17 नवम्बर को सहकारिता का सुदृढ़ीकरण, 18 नवम्बर को सहकारिता के माध्यम से नई शासकीय पहल, 19 नवम्बर को युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्ग के लिये सहकारिता तथा 20 नवम्बर को सहकारिता के माध्यम से वित्तीय समावेशन तकनीक का अभिग्रहण और डिजिटिलाइजेशन विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री अशोक सिंह,प्रमुख सचिव सहकारिता एवं कृषि श्री अजीत केसरी, आयुक्त सह-पंजीयक श्री एम.के. अग्रवाल, मार्कफेड की प्रबंध संचालक श्रीमती स्वाति मीना नायक, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री प्रदीप नीखरा और नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री एस.के. बंसल भी उपस्थित थे।

बिजली बिल सुधार समितियों की बैठक नियमित रूप से करें : ऊर्जा मंत्री श्री सिंह
13 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने अधिकारियो को निर्देशित किया है कि बिजली बिल सुधार समितियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित करें। निर्धारित समयअंतराल में शिकायत निवारण शिविर भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि बैठक और शिविर में प्राप्त समस्याओं का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित करें। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि ग्वालियर में दीनदयाल नगर जोन में उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो जोन बनाए जाएंगे। श्री सिंह ने कहा कि ग्वालियर शहर में 5 नये उपभोक्ता सेवा केन्द्र भी खोले जाएंगे।
दो लाख सोलर पम्प
ऊ र्जा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि दो लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जाएंगे। सोलर पम्प के लिये 50 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार और 30 प्रतिशत सब्सिडी भारत सरकार देगी। उन्होंने बताया कि रबी सीजन में किसानों को घोषित अवधि में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। श्री सिंह ने पात्रता वाले जले एवं खराब ट्रांसफार्मर तुरंत बदलने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गुना वृत्त के अंतर्गत अशोकनगर को वर्ष 2020 में नया वृत्त बनाया जायेगा। इससे वहाँ पर महाप्रबंधक स्तर का कार्यालय खुल जाएगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ मिलेंगी।

राज्यपाल श्री टंडन ने 550वें प्रकाश पर्व पर दी बधाई
11 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने नागरिकों को सिक्ख धर्म के संस्थापक संत गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा है कि गुरूनानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं से शांति और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि गुरूनानक देव जी ने समाज से अन्याय और असमानता को समाप्त करने, सत्य करूणा और प्रेम के मानवीय मूल्यों का पालन करते हुए सत्य और शांतिपूर्ण जीवन का पथ प्रदर्शन किया है।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 550वें प्रकाश पर्व पर दी नागरिकों को बधाई
11 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सिक्ख धर्म के संस्थापक संत गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
श्री कमल नाथ ने शुभकामना संदेश में कहा कि संत गुरु नानक देव जी ने मानवता की सेवा करने का जो संदेश वर्षों पहले दिया था, उसका महत्व आज और ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा था कि सभी मनुष्य समान हैं, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति, सम्प्रदाय में जन्मे हों। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द्र स्थापित करने की आवश्यकता है।

भारत को जागृत किया गुरु नानक देव जी ने - कमल नाथ
11 November 2019
भोपाल.गुरु नानक देव जी मानवता में विश्वास रखने वालों और नि:स्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में समर्पित लोगों के लिए अनन्य प्रेरणा-स्रोत रहे हैं। हम इस महान संत की 550 वीं जयंती मनाते हुए आध्यात्मिक रूप से स्वयं को धन्य समझते हैं।
नानक शाह फकीर जी की शिक्षाएं आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गई हैं क्योंकि मनुष्य स्वरचित दुखों का सामना कर रहा है। सामाजिक, सांस्कृतिक एकता की भावना को खतरों का सामना करना पड़ रहा है और मानवीय मूल्यों में मनुष्य का विश्वास बुरी तरह डगमगा गया है। वर्षों पहले गुरुनानक देव जी ने इस तरह की स्थितियों की चेतावनी दी थी और सुधारवादी कदम भी सुझाए थे।
भारत के गौरवान्वित नागरिकों के रूप में हम गुरु नानक देव जी को अपने मार्गदर्शक और दार्शनिक के रूप में पाकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं। आज, जब दुनिया में सांस्कृतिक विविधता के लिए नापाक ताकतों और कट्टरपंथी सोच ने खतरे पैदा किये है, हम अपने मार्गदर्शक के रूप में गुरु नानक देव जी की बानी पाकर धन्य हैं। वे सिर्फ सिख समुदाय के गुरु नहीं हैं। वे मानवता के महान आध्यात्मिक शिक्षक हैं क्योंकि वे मन और हृदय के विकारों से मुक्ति पर जोर देते हैं।
गुरु नानक देव जी सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक सद्भाव के प्रतीक हैं। गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना का साथ एक अनूठा उदाहरण है। यह सांस्कृतिक एकता को रेखांकित करता है। दो महान पुण्यात्माएँ परस्पर आध्यात्मिक गहराई से एकाकार थी। भाई मरदाना गुरुजी से 10 साल बड़े थे और अपने अंतिम समय तक उनके साथ रहे। उन्होंने निरंकार की महिमा का गायन करते हुए दो दशकों तक एक साथ आध्यात्मिक यात्रा की। गुरुनानक देव जी गाते थे और भाई मरदाना उनके साथ रबाब पर संगत करते थे। वे विलक्षण रबाब वादक थे। यहाँ तक ​​कि उन्होंने इसे छह-तार वाला यंत्र बनाकर इसमें सुधार किया। उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। संगीत का उनका ज्ञान श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्पष्ट झलकता है। उसे विभिन्न रागों में निबद्ध किया गया है।भाई मरदाना का उल्लेख श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी है। भाई गुरुदास जी ने लिखा है -
'इक बाबा अकाल रूप दूजा रबाबी मरदाना।'
दुनिया को यह जानने की जरूरत है कि - 'आदि सच, जुगादि सच, है भी सच, नानक होसी भी सच।' इसका सीधा सा अर्थ यह है कि ईश्वर एक परम सत्य, सर्वव्यापी है। सिवाय उसके कुछ भी वास्तविक नहीं है । वह सर्वकालिक है। अनन्त था अनन्त रहेगा।
ज्ञान के ऐसे शब्दों से गुरु नानक देव जी ने भारत के लोगों को जागृत किया। उर्दू के दार्शनिक कवि अल्लामा इक़बाल ने कहा है -
'फिर उठी आखिर सदा तौहीद की पंजाब से,
हिंद को एक मर्द-ए-कामिल ने जगाया ख्वाब से'
(एक बार फिर पंजाब से एक दिव्य आवाज उठी जिसने उद्घोष किया कि ईश्वर एक है। एक सिद्ध पुरुष गुरु नानक देव जी ने भारत को जगाया।)
गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना ने कीर्तन की परंपरा शुरू की, जो आध्यात्मिक जागृति का माध्यम साबित हुई है। समानता के विचार को प्रदर्शित करने के लिए, उन्होंने लंगर के आयोजन की परंपरा शुरू की। वर्षों बाद हम समझ पाए हैं कि यह एक क्रांतिकारी धार्मिक सुधारवादी कदम था।
गुरु नानक देव जी ने भारत को आध्यात्मिक भव्यता दी। उन्होंने कहा कि आंतरिक जागृति ही मूल्यवान वस्तु है। उन्होंने घोषणा की कि सभी समान हैं और सभी दिव्य ऊर्जा से भरपूर है। अपनी आध्यात्मिक यात्राओं के माध्यम से गुरु नानक देव जी ने भारत को जागृत किया और इसकी महिमा को ऊँचाइयाँ दी।
गुरु नानक देव जी ने जो उपदेश दिया उसका पालन किया। उन्होंने अपने बोले प्रत्येक शब्द को आत्मसात किया और सामाजिक सुधार लाए। मानवता की भलाई के लिए हमारे पास उनके दर्शन की सबसे अच्छी सीख हैं। उन्होंने कहा- हमेशा सच्चाई के पक्ष में रहें और मानवता की सेवा के लिए तैयार रहें। हमेशा पाँच बुराइयों को दूर करें- काम, क्रोध, लोभ, मोह ,अहंकार। गुरु ज्ञान का सच्चा स्रोत होते हैं। गुरु पर विश्वास रखें।
आइए हम अपने दैनिक जीवन में गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं, वैश्विक भाईचारे व सांस्कृतिक अखंडता को मजबूत करने के लिए सदैव तैयार रहें।

उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण करना हमारी प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री श्री सिंह
11 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि आम विद्युत उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो, यह हमारी पहली प्राथमिकता है। आम उपभोक्ता को नियमित विद्युत प्रदाय करना हमारी जवाबदारी है। विद्युत संबंधी कोई भी शिकायत हो, तो आम उपभोक्ता टेलीफोन नम्बर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। उनकी शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ग्वालियर में चेम्बर ऑफ कॉमर्स में जन-प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आम उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिये विद्युत समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत समस्या के संबंध में आम उपभोक्ता शिकायत का निराकरण प्राथमिकता से करें। अपने व्यवहार को भी संयमित और मधुर रखें।
मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने संवाद के दौरान उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि बिलों का भुगतान समय पर करें और विद्युत की चोरी रोकने में विभाग की मदद करें। उन्होंने कहा कि सब के सहयोग से ही विद्युत मण्डल आम उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति कर सकेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं आम उपभोक्ताओं की ओर से प्राप्त शिकायतसें का निराकरण समय-सीमा में करें। संवाद कार्यक्रम में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव श्री प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि ऊर्जा विभाग द्वारा जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए प्रारंभ की गई पहल सराहनीय है।

पावर जनरेटिंग कम्‍पनी ने 38 अभियंताओं को दिया 30 वर्षीय समयमान
11 November 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्‍पनी द्वारा 38 अभियंता को 30 वर्षीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है। कम्पनी ने 2 अधिक्षण अभियंता एवं 32 कार्यपालन अभियंता को अतिरिक्त मुख्य अभियंता पद का तथा एक को कार्यपालन अभियंता, 2 सहायक अभियंता एवं एक कनिष्ठ अभियंता को अधिक्षण अभियंता पद का समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है।



युवाओं में लोकप्रिय श्री पटवारी फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री अवार्ड से अलंकृत
10 November 2019
भोपाल.प्रदेश के उच्च शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी को केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री अवार्ड से अलंकृत किया। श्री पटवारी को युवाओं में खासे लोकप्रिय होने तथा शराबबंदी, तालाब संरक्षण और किसानों के हितों की रक्षा के लिये सदैव सक्रिय रहने के कारण सर्वश्रेष्ठ मंत्री का अवार्ड प्रदान किया गया है।
फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ सम्मान एशिया पोस्ट और फेम इंडिया पत्रिका द्वारा देश में सर्वे के आधार पर चुने गये उत्कृष्ट मंत्रियों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। सर्वे में व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, जनमानस में प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली और ऑउटपुट को आधार बनाया गया है।
मंत्री श्री जीतू पटवारी सर्वे में शामिल सभी मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ रहे। साथ ही वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में उनके रचनात्मक और आक्रामक तेवर भी सर्वश्रेष्ठ मंत्री के अवार्ड के लिये चुने जाने का आधार बने। श्री पटवारी जनसेवा के प्रति कर्मठता और समर्पण के कारण युवाओं में लोकप्रिय हैं।
विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में देश के 21 राज्यों के मंत्रियों को वर्ष 2019 में उत्कृष्ट सेवाओं के लिये अवार्ड प्रदान किये गये। इस मौके पर विभिन्न राज्यों के जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अ. भा. 150 वी गांधी जयंती महिला हॉकी प्रतियोगिता 2019
10 November 2019
भोपाल.पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने आरिफ अकील फैंस क्लब के तत्वावधान में आयोजित महिला हॉकी प्रतियोगिता के विजेता टीम भिलाई को 15 हजार एवं ट्राफी दी। उजविजेता को 10 हजार, ट्राफी और थर्ड पोजीशन टीम को 5 हजार रूपये और ट्राफी दी गई।
गांधी जयन्ती के 150 वी जयंती के उपलक्ष्य में महिला हॉकी प्रतियोगिता में आज तीन मैच खेले गए। फाइनल मैच में भिलाई ने bcw को 5- 1 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता अपने नाम की। टूर्नामेंट का विजेता भिलाई, उप विजेता bcw एवं थर्ड पोज़िशन पर Afc भोपाल रही।


पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सक्रिय और सजग रहें
9 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज पुलिस मुख्यालय पहुँचकर एक उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। श्री नाथ ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर सक्रिय और सजग रहकर काम करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या के मामले में सर्वसम्मति से दिए गए फैसले का सम्मान करें और प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। बैठक में सामान्य प्रशासन मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी डॉ. गोविंद सिंह और जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ आज अपने पूर्व निर्धारित मंडला दौरे को स्थगित कर दिल्ली से भोपाल लौटकर मंत्रालय पहुँचे। मुख्यमंत्री शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य स्थिति कक्ष (स्टेट सिचुएशन रूम) गए, जहाँ उन्होंने पूरे प्रदेश से आ रही कानून-व्यवस्था संबंधी सूचनाओं को देखा।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्थिति कक्ष में पुलिस और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में प्रदेश में अमन-चैन कायम रहे। उन्होंने कहा कि नागरिकों से निरंतर सम्पर्क की स्थिति रखें और उन्हें किसी भी तरह के अफवाहों से सावधान करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील कि वे प्रदेश के पारंपरिक भाईचारे-अमन चैन, शांति-सद्भाव और सौहार्द बनाये रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के साथ सरकार खड़ी हुई है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश हम सभी का है। हमारी गंगा-जमुनी तहजीब सुरक्षित रहे। विकास प्रभावित न हो, आम जन-जीवन सामान्य रहे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। श्री नाथ ने कहा कि हम भाईचारे और मोहब्बत के पैगाम से वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों को परास्त करें।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्त वार्ता श्री एम. डब्ल्यू. नकवी एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री सिलावट द्वारा मण्डला में जिला अस्पताल का निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविर में देखीं व्यवस्थाएँ
9 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज मण्डला में जिला अस्पताल पहुँचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लड बैंक और अन्य वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की। श्री सिलावट नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर स्थल पर भी पहुँचे और व्यवस्थाएँ देखीं। श्री सिलावट ने शिविर में नेत्र उपचार के लिये की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में मरीजों से भोजन व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
शिविर में विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति, सांसद श्री विवेक तन्खा, वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री तरूण भनोत, विधायक श्री नारायण पट्टा और डॉ. अशोक मर्सकोले भी शामिल हुए, व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों मिले। इस मौके पर दिव्यांगों को ट्रायसिकल, श्रवण यंत्र और वैसाखी प्रदान की गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने रवाना किये रेफर मरीज
विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति ने शिविर में जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिये रेफर किये गये मरीजों को बस द्वारा रवाना किया। मण्डला में 7 नवम्बर से 14 नवम्बर तक आयोजित इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जबलपुर संभाग के अन्य जिलों के मरीजों का भी नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और सर्जरी की जा रही है।

फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान-2019
8 November 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी को 9 नवम्बर को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान प्रदान करेंगे। सम्मान समारोह विज्ञान भवन में दोपहर 12.30 बजे होगा। इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केन्द्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री अरविन्द सांवत और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्री शिवराज पाटिल विशिष्ट अतिथि होंगे।
फेम इंडिया पत्रिका तथा एशिया पोस्ट के संयुक्त तत्वाधान में एक सर्वे के आधार पर वर्ष 2019 में देश के 21 उत्कृष्ट मंत्रियों को सम्मानित किया जा रहा है। इसमें व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और ऑउटपुट के आधार पर सम्मान के लिये मंत्रियों का चयन किया गया है।

पनिशमेंट और रिवार्ड दोनों के लिए रहें तैयार : मंत्री श्री पटवारी
8 November 2019
भोपाल.खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने गुरुवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में प्रदेश के जिला खेल अधिकारियों की बैठक में प्रांतीय ओलम्पिक, विधायक कप तथा जिलों में फीडर सेन्टर की आवश्यकता की समीक्षा की। श्री पटवारी ने कहा कि अधिकारी लक्ष्य आधारित काम करें। सभी सौंपे गए दायित्वों का कुशलतापर्वूक निर्वहन करें। मुस्तैदी और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन करें। काम को आधार बनाएं। अच्छा काम करने वाले अधिकारी रिवार्ड और खराब परफॉर्मेंस वाले अधिकारी पनिशमेंट के लिये तैयार रहें।
प्रांतीय ओलम्पिक खेल
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने प्रांतीय ओलम्पिक खेलों का व्यवस्थित रूप से आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना, खेल को सर्वसुलभ बनाना तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आधुनिक सुविधा और प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके लिए हर जिला खेल अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर स्कूल स्पोर्टस नर्सरी बनाने के लिए काम करना होगा। प्रांतीय ओलम्पिक की प्रतियोगिताएँ जिला स्तर पर 14 नवम्बर तथा संभाग स्तर पर 15 से 20 नवम्बर तक होगी। राज्यस्तरीय खेल दो चरण में 23 से 29 नवम्बर तक होंगे।
विधायक कप
मंत्री श्री पटवारी ने विधायक कप के आयोजन की चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा स्तर पर विधायक कप में कम से कम 50 टीमें (बालक 25/बालिका 25) भाग ले सकें, ऐसे खेलों को चुनें। उन्होंने कहा कि पहले पाँच जिले, जो विधायक कप में 50 टीम बनाकर प्रतियोगिता कराएँगे, उन्हें अतिरिक्त रूप से दो लाख रुपये की राशि बढ़ाकर दी जायेगी। विधायक कप के आयोजन के लिए एक लाख रुपये की राशि दी जाती है।
श्री पटवारी ने जिला खेल अधिकारियों से जिलों में प्रस्तावित फीडर सेन्टर में खेलों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फीडर सेन्टर का सही संचालन हो, इसका ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में फीडर सेन्टर की आवश्यकता हो, उसकी कार्य-योजना जल्द तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही फीडर सेन्टर के लिए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने के भी निर्देश दिए।
इंदौर में स्विमिंग पूल के प्रथम चरण का निर्माण कार्य मार्च तक होगा पूर्ण
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने इंदौर में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। संचालक डॉ. एस.एल. थाउसेन ने जानकारी दी कि स्वीमिंग पूल के प्रथम चरण का कार्य मार्च माह तक पूर्ण कर लिया जायेगा। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने स्वीमिंग पूल के चरणबद्ध निर्माण कार्य का प्रेजेंटेशन भी दिया।

सभी शासकीय भवनों पर 550वें प्रकाश पर्व पर होगी विद्युत साज-सज्जा
8 November 2019
भोपाल.श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर 12 नवम्बर को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर विद्युत साज-सज्जा की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देशानुसार राज्य शासन ने आदेश जारी कर दिये हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में गठित समिति की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस एक नवम्बर को मंत्रालय में हुई थी। श्री कमल नाथ ने बैठक में निर्देश दिये थे कि 12 नवम्बर को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर विद्युत साज-सज्जा की जाए ।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, अध्यक्ष राजस्व मंडल ग्वालियर, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया है। परिपत्र में 12 नवम्बर को श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर सभी शासकीय भवनों में प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गये हैं।

राज्यपाल को लगाया स्काउट गाइड ध्वज और स्टीकर
7 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से राजभवन में आज मध्यप्रदेश स्काउट गाइड के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की एवं उन्हें ध्वज तथा स्टीकर लगाया। राज्यपाल ने अपनी ओर से संस्था को सहयोग राशि का चेक प्रदान किया।
इस अवसर पर भारत स्काउट गाइड की मध्यप्रदेश शाखा के अध्यक्ष श्री अशोक अर्गल, उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा गुट्टू, राज्य मुख्य आयुक्त श्री पारस चंद जैन, स्टेट कमिश्नर श्री डीएस राघव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


ऊर्जा मंत्री द्वारा खिलचीपुर में 3 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन
7 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में 3 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। उन्होंने खिलचीपुर में पानी की टंकी का लोकार्पण किया। श्री सिंह ने खिलचीपुर में ही 13 लाख की लागत के पार्क, 9 लाख की उत्कृष्ट विद्यालय की बाउंड्रीवॉल और एक करोड़ 38 लाख के कस्तूरबा कन्या छात्रावास का भूमि-पूजन किया। श्री सिंह ने एक करोड़ 44 लाख लागत की सड़क का भूमि-पूजन भी किया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि खिलचीपुर नगर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। श्री सिंह ने स्कूल प्रांगण में 15 लाख लागत के 2 बेडमिंटन एवं 2 बास्केटबॉल कोर्ट बनवाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल का निर्माण मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा उपलब्ध करायी गयी (सीएसआर मद) राशि से कराया जायेगा।
ऊर्जा मंत्री ने सड़क के भूमि-पूजन समारोह में कहा कि शहर की अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये भरसक कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलावे सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नगरीय विकास मंत्री ने गुना जिले के झाझौन में सुनी ग्रामीणों की समस्याएँ
7 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले की आरोन जनपद के ग्राम झाझौन में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी और मौके पर ही उनका निराकरण भी करवाया। श्री सिंह ने कहा कि अतिवृष्टि से परेशान किसानों से ऋण की वसूली स्थगित की जाये।
श्री सिहं ने कहा कि ग्रामीणों को उचित मूल्य दुकान से राशन नियमित रूप से मिले। उन्होंने कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। श्री सिंह ने एक लाइनमेन की अधिक शिकायतें मिलने पर उसे निलंबित करने और शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षक के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये। खराब सड़कों और हैण्डपम्प की मरम्मत करवाने के लिये भी कहा।
मंत्री श्री सिंह ने झाझौन में नव-निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने पंचायत भवन परिसर में आम का पौधा भी लगाया। इस दौरान जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

स्वच्छता अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण देने का प्रयास- मंत्री श्री तोमर
7 November 2019
भोपाल.खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि स्वच्छता अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करने का प्रयास है। उन्होंने यह बात भोपाल के शिवाजी नगर में शासकीय आवासों के सामने वाले पार्क में साफ-सफाई के दौरान कही। अभियान में पोहरी विधायक श्री सुरेश राठखेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ता और श्री तोमर की निजी स्थापना के अधिकारी-कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।
खाद्य मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उनका स्वच्छता अभियान एक नियमित प्रक्रिया है। अभियान में समाज के हर वर्ग को आगे आकर हाथ बँटाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का सम्‍बंध व्यक्ति की सोच और इच्छा-शक्ति से है। हम जिस पर्यावरण में जिस स्थान पर रहते हैं या काम करते हैं, उस को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी हमारी अपनी हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घरों को स्वच्छ रखना चाहते हैं, उसी प्रकार अगर हम सार्वजनिक स्थानों की भी चिंता कर, उन्हें स्वच्छ बनाने में सक्रियता बरतेंगे तो समाज में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।
श्री तोमर ने कहा कि उनके द्वारा एक माह तक इस अभियान को चालू रखने का निर्णय लिया गया है, जो 30 अक्टूबर से लगातार जारी है।

इन्दौर-दुबई फ्लाइट शुरू करने पर शीघ्र निर्णय होगा
6 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज दुबई में एमीरेट्स एयरलाइन समूह के चेयरमेन और सीईओ एच.एच. शेख अहमद बिन सईद अल मखदूम से भेंट कर इन्दौर-दुबई के लिये एमीरेट्स प्लाइट चालू करने पर चर्चा की। एच.एच. शेख मखदूम द्वारा इस संबंध में शीघ्र निर्णय करने का आश्वासन दिया गया। एयरलाइन मुख्यालय में हुई इस भेंट के दौरान मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती और प्रदेश के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और एच.एच. शेख मखदूम के बीच एमीरेट्स समूह द्वारा मध्यप्रदेश में लाजिस्टिक हब के निर्माण पर भी विस्तार से बात हुई।

जो बैंकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर करें
6 November 2019
भोपाल. सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के जो अधिकारी- कर्मचारी बैंकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर करें तथा जो अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें पदोन्नत करें। साथ ही खाली पड़े पदों पर आयुक्त सहकारिता से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर नियमानुसार शीघ्र ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। वित्तीय गड़बड़ी करने वालों से राशि की वसूली जाए, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। डॉ गोविन्द सिंह आज अपैक्स बैंक के सभागार में भोपाल एवं हौशंगाबाद संभागों के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान है। अत: आवश्यक है कि इनकी वित्तीय स्थिति को सुधारा जाए। गत वर्षों में इनकी वित्तीय स्थिति काफी बिगड़ी है। सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निरंतर संभागीय बैठकें आयोजित कर इनके कार्य की समीक्षा करें। आयुक्त सहकारिता श्री एम के अग्रवाल ने बताया कि सागर एवं जबलपुर संभाग को छोड़कर सभी बैठकें की जा चुकी हैं तथा भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी ने बताया कि सहकारी बैंक मुख्य रूप से किसानों को अल्प अवधि कृषि ऋण देने का कार्य करते हैं। उन्होंने दिए गए ऋणों की समय से वसूली किए जाने की आवश्यकता बताई। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि सभी बैंकों द्वारा दिए गए कालातीत ऋणों (NPA) की राशि अत्यधिक है। बैंकों के स्तर पर ऋणों की वसूली के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी एक वर्ष में अघिक से अधिक कालातीत ऋणों की वसूली सुनिश्चित की जाए।
सहकारी बैंकों की जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि भोपाल में संस्थागत जमा तो हैं, परन्तु व्यक्तिगत जमा नहीं के बराबर हैं। इसके लिए प्रयास किया जाए। साथ ही कालातीत ऋणों की वसूली की जाए। बैतूल जिले में कालातीत ऋण की राशि रूपये 143 करोड़ है। आगामी 30 जून तक 100 करोड़ रूपये की वसूली कर ली जाए। रायसेन जिले में कालातीत ऋण राशि 148 करोड़ है, वहां के अधिकारी ने बताया कि आगामी जून तक 45 करोड़ की वसूली कर ली जाएगी।
राजगढ़ जिले की समीक्षा में पाया गया कि ऋण असंतुलन तथा वित्तीय अनियमितता के प्रकरणों के चलते सहकारी बैंक की हालत खराब है। वहां 183 करोड़ रूपये का कालातीत ऋण है। वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरणों वसूली तथा एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश मंत्री डॉ गोविन्द सिंह द्वारा दिए गए। आगामी जून तक कम से कम 75 करोड़ ऋण राशि की वसूली कर ली जाए। विदिशा जिले में 45 करोड़ कालातीत ऋण शेष है, आगामी जून तक वसूली की जाए।
समीक्षा में होशंगाबाद जिले की स्थिति भी काफी खराब पाई गई, वहां 292 करोड़ का कालातीत ऋण शेष है, जिसमें अधिकांश गैर कृषि ऋण है। कई कर्मचारियों के खिलाफ मामले भी चल रहे हैं। कई प्रकरणों में संबंधित सहायक/उप पंजीयक द्वारा स्टे भी दे दिया गया है। इसे मंत्री श्री सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए गए कि ऐसे सहायक/उप पंजीयकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी वेतन वृद्धियां रोकी जाएं। सीहोर जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहां जिला सहकारी बैंक का वर्ष 2016-17 में कालातीत ऋण 38 करोड़ था, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 280 करोड़ रूपये हो गया। ऋण वसूली को लेकर बैंक द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इस पर सहकारिता मंत्री द्वारा नाराजी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधारी गई तो बोर्ड भंग करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण वसूली की मासिक योजना बनाकर सघन कार्रवाई की जाए। जो लोग कार्य करना नहीं चाहते वे बैंकों से बाहर जाने की तैयारी कर लें।
बैठक में अपैक्स बैंक के प्रशासक श्री अशोक सिंह, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी, सहकारिता आयुक्त श्री एम के अग्रवाल, एमडी अपैक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा, अपर आयुक्त सहकारिता श्री आर सी घिया सहित दोनों संभागों के जिला सहकारी बैंकों के प्रशासक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी तथा सभी संबंधित उपस्थित थे।

मंत्री श्री राजपूत ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का सन्देश
5 November 2019
भोपाल.परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिला मुख्यालय की सड़कों एवं नालियों में स्वयं झाडू लगाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से स्वच्छता मिशन में स्वेच्छा से श्रमदान करने का आग्रह किया।
मंत्री श्री राजपूत ने सागर नगर में गुरू गोविंन्द सिंह वार्ड से स्वच्छता मिशन प्रारंभ किया। इस दौरान पार्षद श्री नरेश जाटव ने अम्बेडकर सामुदायिक भवन में मांगलिक कार्यों के लिये नि:शुल्क बर्तन और भजन सामग्री उपलब्ध कराई।
बुन्देलखण्ड कॉलेज के डीन डॉ. जी एस पटेल, नगर पालिका निगम आयुक्त श्रीराम अहिरवार और स्मार्ट सिटी के सीइओ श्री राहुल सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

लोगों में बिजली बचाने की आदत विकसित करने चलेगा अभियान
5 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि प्रदेश में लोगों में बिजली बचाने की आदत विकसित करने के लिये अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में यह भी बताया जायेगा कि थोड़े से जन-सहयोग से प्रदेश को कितना अधिक फायदा होगा। ऊर्जा मंत्री गोविंदपुरा बिजली कालोनी में सड़क डामरीकरण के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि डेढ़ किलोमीटर सड़क के लिये 44 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इससे बिजली कालोनी के साथ ही बिजली नगर और प्रकाश नगरवासी भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं का विकास जरूरी है।
इन्दिरा गृह ज्योति योजना से 97 लाख उपभोक्ता लाभान्वित
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में शुरू की गई इन्दिरा गृह ज्योति योजना से प्रदेश के लगभग 97 लाख बिजली उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। कुल बिजली उपभोक्ता एक करोड़ 16 लाख हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसानों के 10 हार्स-पॉवर तक के मोटर का बिजली बिल आधा कर दिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि उपभोक्ता बिजली बिल समय पर जमा करें, जिससे उन्हें निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली बिल ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ इन्टक के संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व महापौर श्री सुनील सूद, नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री कैलाश मिश्रा, प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री विशेष गढपाले एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सूखा और गीला कचरा संग्रहण में जन-सहयोग प्राप्त करने के निर्देश
5 November 2019
भोपाल.आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने आज जबलपुर में जबलपुर संभाग के नगरीय निकायों की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि गीला तथा सूखा कचरा संग्रहण में जन-सहयोग प्राप्त करें, लोगों को जागरूक करने के लिये वार्डों में शिविर लगायें। निकाय प्रभारी प्रतिदिन सुबह नगर में साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण करें, एकत्रित कचरे के निस्तार का इंतजाम करें और गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाई जाये।
श्री नरहरि ने आवासीय भूमि का पट्टा वितरण, शौचालय निर्माण, कर वसूली और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि नगरीय निकाय अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिये स्वयं के संसाधन से धन-राशि जुटाने के प्रयास करें। श्री नरहरि ने कर वसूली में खराब प्रदर्शन पर 11 नगरीय निकायों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से डीपीआर स्वीकृत कराकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करें।

प्रमुख सचिव तथा आयुक्त नगरीय विकास ने किया जबलपुर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण
5 November 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने आज अपने जबलपुर प्रवास के दौरान शहर में नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
प्रमुख सचिव श्री दुबे ने अपने निरीक्षण की शुरूआत स्मार्ट स्कूल के रूप में चयनित रांझी स्थित एल.एन. यादव शाला से की। श्री दुबे ने यहां छात्रों से चर्चा भी की तथा स्मार्ट क्लासेस को आधुनिक शिक्षण पद्धति के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिये। उन्होंने सफाई एवं सीवर लाइन के कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था पर नागरिकों से चर्चा भी की। श्री दुबे ने साफ-सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिये।
प्रमुख सचिव ने मोहनिया और कुदवारी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाये जा रहे आवासों का जायजा भी लिया। उन्होंने आवासों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने की हिदायत देते हुए आवासीय योजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत अभिन्यास के मुताबिक ही करने के निर्देश दिये। श्री दुबे ने बाद में जानकी नगर पहुँचकर सीवर लाइन के कार्य का निरीक्षण भी किया।
आयुक्त नगरीय विकास ने देखी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण की शुरूआत आगा चौक स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन से की। जैविक अपशिष्ट से खाद बनाने के लिए स्थापित प्लांट का अवलोकन किया। श्री नरहरि ने इस प्लांट में बासी सब्जियों एवं फूलों से खाद बनाने की प्रक्रिया का मुआयना किया।
श्री नरहरि ने अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए किये जा रहे सभी कार्यों की जानकारी ली तथा पाइप लाइन बिछाने के कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन करने एवं गुणवत्ता बनाये रखने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये।
श्री नरहरि ने माढ़ोताल स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड का निरीक्षण भी किया और यहां यात्रियों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। आयुक्त नगरीय विकास ने कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का अवलोकन किया। उन्होंने यहाँ कचरे से बिजली बनाने की पूरी प्रक्रिया देखी तथा संयंत्र की उत्पादन क्षमता और इसे पूर्ण क्षमता पर चलाने के लिए कचरे की आवश्यकता की जानकारी ली।
श्री नरहरि ने विकास और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के अंतिम चरण में तिलहरी में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का निरीक्षण भी किया। उन्होंने आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की हिदायत अधिकारियों को दी तथा चयनित हितग्राहियों को आवासों के आबंटन में तत्परता बरतने के निर्देश दिये। आयुक्त नगरीय विकास के निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर आयुक्त नगरीय विकास मीनाक्षी सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम टी.एस. कुमरे, कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव मौजूद थे।

मंत्री श्री अकील ने अखिल भारतीय महिला हॉकी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
5 November 2019
भोपाल.अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने आज अखिल भारतीय महिला हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। आरिफ नगर स्टेडियम में आरिफ अकील फैंस क्लब के तत्वाधान में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। समारोह में संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव भी उपस्थित थी।
पहले दिन 4 मैच खेले गये, जिसके पहले मैच में बीसीडब्ल्यू भोपाल ने बड़ी आसानी से नोबल क्लब को 9-0 से शिकस्त दी। बीसीडब्ल्यू के जर्सी नम्बर 7 को मैन ऑफ द मैच दिया गया। दूसरा मैच अनूपपुर और ऐशबाग भोपाल के मध्य खेला गया। अनूपपुर ने ये मैच 11 के मुकाबले 0 से जीत लिया । तीसरा मैच कोलकाता और उत्तर प्रदेश के मध्य खेला गया। संघर्षपूर्ण मैच में कोलकाता ने मैच 5-2 से जीत लिया। आरिफ नगर स्टेडियम में खेले गए आखरी मैच में काफी तादाद में दर्शक उपस्थित थे। होस्ट टीम भारत चिल्ड वाटर ने इसका फायदा उठाते हुए हॉकी ओडीसा को 9 गोल से शिकस्त दी। इस मैच के मैन ऑफ द मैच गायत्री को हरफनमौला खेल के लिए चुना गया।

देशी नस्ल की गायों के पालन का प्रेरणा केन्द्र बने आदर्श गौशाला : राज्यपाल श्री टंडन
4 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में बनाई गई आदर्श गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह गौशाला देशी नस्लों की गायों के पालन की प्रेरणा का केन्द्र बने, ऐसे प्रयास किये जाएं। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि गौशाला में सभी गायों के स्वरूप और दूध में उपलब्ध गुणों का विवरण प्रदर्शित किया जाये। श्री टंडन ने गौपालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया।
राज्यपाल ने कहा कि देशी नस्ल की गाय की पर्यावरण अनुकूलता सर्वाधिक है। इनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत अधिक होती है। इनकी प्रजनन अवधि विदेशी नस्लों की अपेक्षा अधिक होती है। राज्यपाल ने विभिन्न गायों की प्रकृति, शारीरिक गुणों, दूध की गुणवत्ता और दूध में मिलने वाले पोषक तत्वों की विभिन्नता के संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते देशी गौ-सम्पदा का संरक्षण और संवर्धन नहीं किया गया, तो भविष्य में अनेक समस्याओं का सामना करना पडे़गा, जिनसे आज पश्चिमी देश जूझ रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आस्ट्रेलिया, अर्जेटिना और ब्राजील जैसे देश ने भारतीय गीर और साहीवाल नस्लों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध में उपलब्ध धातु की पहचान उसके रंग से की जा सकती है। यही कारण है कि प्राकृतिक चिकित्सा में कई रोगों के उपचार में गाय के रंग के आधार पर दूध का सेवन करने के लिए कहा जाता है। उन्होंने इस पारंपरिक ज्ञान की वैज्ञानिक आधार पर पुष्टि करने के लिए अनुसंधान की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर बताया गया कि आदर्श गौशाला में देशी नस्ल की 8 गायों का वैज्ञानिक विधि से पालन करने की व्यवस्था की गई है। यहाँ गायों के मूत्र और गोबर संकलन के प्रबंध किये गये हैं। गायों को सामान्यत: होने वाली शारीरिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए फर्श पर काऊमेट की व्यवस्था की गई है। गायों को अलग-अलग रखने की आवासीय व्यवस्था के साथ ही साफ-सफाई के प्रबंध भी किये गये। गौशाला में देशी नस्ल की गीर, साहिवाल और मालवी नस्ल की गाय हैं। शीघ्र ही थार पारकर, निमाड़ी, राठी और काकरेज प्रजाति की गायें भी गौशाला में उपलब्ध होंगी।

राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति गठित
4 November 2019
भोपाल.राज्य शासन ने उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति गठित की है। समिति का कार्यकाल 3 वर्ष होगा।
प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा, आयुक्त उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा, कुलपति समस्त राष्ट्रीय सेवा योजनायुक्त विश्वविद्यालय, सचिव, खेल एवं युवा कल्याण, जनसम्पर्क तथा ग्रामीण एवं पंचायत विभाग, भारत सरकार, राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय केन्द्र भोपाल के प्रमुख, राहत आयुक्त, समन्वयक सूच्यांकित प्रशिक्षण संस्थान/प्रशिक्षण प्रतिनिधि को समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है।
समिति में युवाओं से संबंधित दो स्वंयसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, भारत सरकार राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ नई दिल्ली के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सेवा योजनायुक्त विश्वविद्यालय के समस्त राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक (विशेष आमंत्रित) को भी सदस्य बनाया गया है। राज्य एन.एस.एस. अधिकारी म.प्र. राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ उच्च शिक्षा को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है।
राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय सेवा योजना मैन्युअल (संशोधित) वर्ष 2006 के अनुसार सौपें गये दायित्वों का निर्वहन करेगी।

पृथ्वी पर जीवन बचाने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण नितांत आवश्यक
4 November 2019
भोपाल.राज्य-स्तरीय पर्यावरण समाधान निर्धारण प्राधिकरण (सिया) के चेयरमेन श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा है कि पृथ्वी पर जीवन बचाने के लिये विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाये रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिया का काम सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ जीवन की निरन्तरता से भी जुड़ा हुआ है। श्री श्रीवास्तव आज यहाँ प्रशासन अकादमी में आयोजित 'पर्यावरणीय अनुमति एवं अनुपालन'' कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
श्री राकेश श्रीवास्तव ने दिल्ली में पर्यावरण असंतुलन के कारण निर्मित स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का पूर्वी भाग भी इस स्थिति से प्रभावित हो रहा है। शिमला, मसूरी और नैनीताल में पर्यावरण संरक्षण के लिये ग्रीन टैक्स की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आम नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति साक्षर बनाना बहुत जरूरी है। ऐसा करने पर ही हम पृथ्वी पर जीवन को कायम रख सकते हैं।
सिया चेयरमेन श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमें समृद्ध पर्यावरण दिया लेकिन हम अपनी आने वाली पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देकर जायेंगे, यह चिंतन का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खदानों की अनुमति के समय क्षेत्र का भ्रमण अवश्य करें और लिखित आश्वासनों का कड़ाई से पालन करायें। श्री श्रीवास्तव ने खदानों की अनुमति के बाद पौधा-रोपण की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि सीएसआर/सीएआर के माध्यम से सामाजिक कार्य स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर करना जरूरी है।
सेक (राज्य-स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति) अध्यक्ष मो. कासम खान ने कहा कि खदान की मंजूरी के समय सड़क, पेड़, नहर, नदी की सूची आवश्यक रूप से लगायें और इस बात का भी उल्लेख रहे कि 500 मीटर के दायरे में कितनी खदान हैं। श्री खान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर रेत खदानों की अनुमति दी जाये।
कार्यशाला को एप्को के कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. मुन्ना शाह संयुक्त संचालक पर्यावरण वन भारत सरकार, सिया के सदस्य आर. के. शर्मा, खनिज अधिकारी, खदान मालिक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

देश ही नहीं, विश्व भी होगा मध्यप्रदेश में बदलाव का साक्षी : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
1 November 2019
भोपाल.
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की जनता का आव्हान किया है कि वे आशाओं से भरे मध्यप्रदेश को विश्वास का प्रदेश बनाने में पूरी तन्मयता से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को विश्वास दिलाया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश एक बदला हुआ प्रदेश होगा, जिसका साक्षी देश ही नहीं, विश्व भी होगा। श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय के सामने सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश की जनता के नाम यह संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कौशल विकास हो और उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिले, इसके लिए राज्य सरकार भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए हमने एक रोडमैप तैयार किया है, जिस पर सरकार अगले पाँच साल तक पूरी दृढ़ता के साथ काम करेगी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश देते हुए 63 साल पहले मध्यप्रदेश राज्य के निर्माण के बाद धार जिले के मांडू में पंडित जवाहरलाल नेहरू की एक सभा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पंडित नेहरू ने कहा था कि 'मध्यप्रदेश में तरक्की के अवसर हैं, मैं चाहता हूँ कि यहाँ की जनता आगे बढ़े लेकिन याद रखे कि आगे तो हम अपने आप से बढ़ते हैं। आपस में मिलकर, प्रेम से रहकर नए काम सीखें। अपना काम अच्छी तरह करें। इससे आपकी, आपके पड़ोसियों की और गाँव की तथा सबकी भलाई होगी और देश को भी लाभ होगा। श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश आज पंडित नेहरू की आशाओं का प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
विकास का सही पैमाना है लोगों की खुशहाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, जीडीपी दर अथवा अन्य आँकड़ों से परिभाषित नहीं होता। मेरा मानना है कि विकास का सही पैमाना है लोगों की खुशहाली। युवाओं को रोजगार मिले, खेती लाभदायी बने, प्राकृतिक संपदा का संतुलित दोहन होने के साथ ही शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ हों। सर्वधर्म समभाव हो, शासन-प्रशासन जनोन्मुखी हो, लोगों का अपनी शक्ति में विश्वास हो, बुनियादी सुविधाओं के साथ शहर और गाँवों का समान विकास हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऐसा ही मध्यप्रदेश बनाना चाह रहा हूँ। उन्होंने कहा कि समय के साथ नहीं चलने पर हम पिछड़ जाते हैं। मध्यप्रदेश देश-दुनिया का हम-कदम बने, इसके लिए शासन-प्रशासन को नए सकारात्मक परिवर्तनों के साथ जोड़ने का हम प्रयास कर रहे हैं।
प्रदेश के समग्र विकास के लिये रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमने एक रोडमैप तैयार किया है। खेती को आधुनिक बनाने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, खेती की मानसून पर निर्भरता को कम करने, सिंचाई, पेयजल, बिजली और सड़कों का निर्माण मजबूत नींव के साथ करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रोडमैप में हमने प्रदेश के सभी वंचित तबकों का सर्वांगीण विकास, महिलाओं का सशक्तिकरण, कानून के राज की स्थापना और सभी वर्गों को तरक्की के भरपूर अवसर उपलब्ध करवाना भी शामिल किया है। हम सत्ता का विकेन्द्रीकरण कर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के मौके ग्रामीणों को ही सौंपेंगे। साथ ही, उन्हें नैसर्गिक संपदा का अधिकार भी देंगे।
प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में अग्रणी बनाने के लिये उठाएंगे कड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमें कड़े कदम भी उठाना पड़े, तो हम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के बदलते संदर्भों में शिक्षा और ज्ञान के बीच बेहतर तालमेल हो, यह हमारी प्राथमिकता है। युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के साथ ही सरकार प्रदेश में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के लोगों को देना अनिवार्य करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में सम्पन्न मैग्नीफिसेंट एमपी का उल्लेख करते हुए कहा इससे निवेशकों का मध्यप्रदेश में विश्वास बढ़ा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में वृहद, मध्यम, लघु, सूक्ष्म यानी हर स्तर के उद्योग स्थापित हों, जिससे प्रदेश का औद्योगिक विकास होने के साथ ही रोजगार की समस्या का भी समाधान होगा।
लोगों की शक्ति-सरकार की शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लोगों की शक्ति को सरकार की शक्ति मानता हूँ। जनादेश का सम्मान हो, उनके विश्वास पर सरकार खरी उतरे, इसके लिए हम अपनी सुस्पष्ट नीतियों, सभी वर्गों के कल्याण कार्यक्रमों और संकटों को अवसर के रूप में मानकर काम कर रहे हैं। हमारा यह भाव मध्यप्रदेश को अब आगे ही आगे बढ़ाएगा। मध्यप्रदेश की देश में अलग पहचान बनाने के लिए नजरिया और सोच में परिवर्तन लाएँ
1 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि यह परिवर्तन का दौर है। पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में बदलाव हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में मध्यप्रदेश की देश में एक अलग पहचान बनाने के लिए हम सबको देश और दुनिया में हो रहे परिवर्तन से जुड़ते हुए अपने नजरिये और सोच में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सब सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण के साथ अपना काम करें। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय के सामने सरदार पटेल पार्क में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अधिकारियों-कर्मचारियों को मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प दिलवाया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश होने के साथ-साथ एक लघु भारत भी है। यहाँ सभी प्रदेशों, जातियों, भाषाओं, धर्मों और विभिन्न वर्गों के लोग निवास करते हैं । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश हम सभी का है। इसलिए हम सबका यह दायित्व है कि हमारा प्रदेश एक प्रगतिशील प्रदेश बने। यहाँ के नागरिकों के जीवन में खुशहाली आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसानों के हालात सुधरें, नौजवानों को रोजगार मिले, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में उत्कृष्टता आए। इसके लिए क्रांतिकारी तरीके से काम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्णय व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों से कहा कि वे आज के दिन यह संकल्प लें कि जब हम अगला स्थापना दिवस मनाएँ, तो हमारा प्रदेश, देश के अग्रणी प्रदेशों की कतार में खड़ा हो। मुख्यमंत्री ने भावी पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को एक रखने की हमारी यह ताकत कमजोर न होने पाए, इसके लिए हमें निरंतर प्रयासरत रहना होगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पुरस्कृत किया। राज्य शासन द्वारा स्थापित सुशील चन्द्र वर्मा पुरस्कार वर्ष 2015-16 के लिए श्रीमती ऊषा परमार, उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रथम पुरस्कार, अपर सचिव सामान्य प्रशासन श्री कैलाश कातिया को द्वितीय पुरस्कार, द्वितीय श्रेणी वर्ग में अनुभाग अधिकारी सामान्य प्रशासन श्री सलीम खान, श्रीमती लता दीवान को प्रथम, श्रीमती रत्ना लक्षाणी को द्वितीय, श्रीमती मधुबाला श्रीवास्तव को तृतीय पुरस्कार दिया गया। तृतीय श्रेणी में सुश्री हरि भोजवानी को प्रथम, श्री राम सिया को द्वितीय एवं श्री कन्हैयालाल को तृतीय पुरस्कार दिया गया। चतुर्थ श्रेणी वर्ग में श्री रमेश को प्रथम एवं श्रीमती राम बाई को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। वर्ष 2016-17 के लिए प्रथम श्रेणी वर्ग में उप सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार को प्रथम, उप सचिव गृह श्रीमती अजीजा सरशार जफर को द्वितीय और अवर सचिव श्री प्रदीप जैन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय श्रेणी वर्ग में श्री पैकरण सिंह अनुभाग अधिकारी गृह विभाग को प्रथम, श्री यशवंत कुमार ढोणे को द्वितीय एवं श्री ओ.पी. मेहरा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। तृतीय श्रेणी वर्ग में श्री चंद्रपाल बाथम को प्रथम, श्री राजेश चौधरी को द्वितीय एवं श्रीमती प्रतिभा डोलस को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। चतुर्थ श्रेणी वर्ग में श्री मुकेश नाई को प्रथम, श्री लक्ष्मण दास बैरागी को द्वितीय एवं श्री अमृतलाल पटेल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार में 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार में 30 हजार एवं तृतीय पुरस्कार में प्रत्येक को 10 हजार रुपये की सम्मानित निधि प्रदान की गई।
अदम्य साहस के लिये ओरछा पर्यटन टीम सम्मानित
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले दिनों ओरछा स्थित बेतवा नदी में अति वर्षा के कारण आई बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और उनकी जान बचाने के लिए ओरछा स्थित पर्यटन इकाई के प्रभारी और उनकी सात सदस्यीय टीम को अदम्य साहस पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में प्रबंधक टीम लीडर श्री संजय मल्होत्रा, क्रू मेंबर श्री पुष्पेन्द्र केवट, श्री मुकेश केवट, श्री लक्ष्मीनारायण प्रजापति, श्री भगवानदास केवट, श्री जयराम केवट एवं वाहन चालक श्री राजेन्द्र परिहार शामिल हैं। इन सभी को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए।
स्थापना दिवस समारोह में प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदे मातरम्, मध्यप्रदेश गान और अंत में राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री व्ही.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी भी उपस्थित थे।

मानव अधिकारों में सबसे बड़ा मूल अधिकार है स्वास्थ्य का अधिकार
1 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मानव अधिकारों में सबसे बड़ा मूल अधिकार है नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाना। उन्होंने कहा कि जब हम स्वास्थ्य का अधिकार देने की बात करते हैं, तब हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि अधोसंरचना और वित्त के साथ हमारे पास उत्कृष्ट और दक्ष मानव संसाधन भी हो, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है। श्री कमल नाथ आज मिटों हाल में स्वास्थ्य का अधिकार विषय पर आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गत मई माह में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मध्यप्रदेश में जनता को स्वास्थ्य का अधिकार देने की योजना बनाने के निर्देश दिये थे। यह कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री की इसी मंशा को पूरा करने के लिए आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, नागरिकों का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारी स्वास्थ्य सुविधाएँ पिछड़ी हुई हैं। हमारे पास अधोसंरचना है, बजट भी है, लेकिन प्रशिक्षित चिकित्सक सहित अन्य मानव संसाधनों की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि हमें संख्या के आधार पर नहीं, गुणवत्ता के आधार पर चिकित्सा से जुड़े लोगों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा का व्यवसाय मानव सेवा से जुड़ा हुआ है। इससे जुड़े जितने भी लोग हैं, वे नौकरी के रूप में नहीं बल्कि समाज सेवा के रूप में अपना काम करें। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करते हुए हमें लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुँचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अन्य क्षेत्रों के साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन हुए हैं और नई-नई तकनीकें इजाद हुई हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन परिवर्तनों का बेहतर उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीपीपी मॉडल का मैं समर्थन करता हूँ लेकिन इसका सही मॉडल हमें देखना होगा जो लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ दे सके। उन्होंने कहा कि आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है, अगर हैं, तो डॉक्टर नहीं हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हम कितनी भी अच्छी योजनाएँ बना लें लेकिन उसका डिलेवरी सिस्टम ठीक नहीं है, तो हमारी सारी योजनाएँ फेल हो जाती हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार व्यवस्था में हम जो भी कार्य प्रक्रिया अपनाएँ, उसकी क्रियान्वयन व्यवस्था पुख्ता हो और लोगों तक उसका लाभ पहुँचना सुनिश्चित हो। यह भी हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की कार्य प्रक्रिया में सुधार लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई परिवर्तन हुए हैं, जरुरतें बढ़ी हैं। उसके अनुरुप अगर कार्य प्रक्रिया में हमने बदलाव नहीं किया, तो हमें इसके बेहतर परिणाम प्राप्त नहीं हो सकेंगे।
श्री कमल नाथ ने कहा कि यह कॉन्क्लेव इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें जो लोग शिरकत कर रहे हैं, उनके पास ज्ञान का भंडार है, कौशल है और अनुभव है। मेरी अपेक्षा है कि कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकले निष्कर्ष मध्यप्रदेश की जनता को स्वास्थ्य का अधिकार दिला सकें और हम एक स्वस्थ्य मध्यप्रदेश का निर्माण कर सकें। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस है। हम दस साल बाद जब मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस मनाएं, तो इस सम्मेलन के निष्कर्षों के आधार पर जो स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में बनें, वो मील का पत्थर साबित हो और पूरे देश का आदर्श मॉडल बन सके।
स्वास्थ्य का अधिकार कानून में 97 प्रतिशत बीमारियाँ कवर करने का प्रयास
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा हैं कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें और ये उनके अधिकार में भी जुड़ें। श्री सिलावट ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य का अधिकार कानून में 97 प्रतिशत बीमारियों को कवर करें। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हम प्रदेश के लोगों को वही सुविधाएँ उपलब्ध करवा पाएंगे, जो मुख्यमंत्री, मंत्री या उच्च वर्गों को सुलभ हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा मध्यप्रदेश
नीति आयोग के सलाहकार डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वास्थ्य का अधिकार देने के लिए जो कदम उठाया है, वह न केवल एक साहसिक निर्णय है बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व भी करेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। श्री पॉल ने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता के बगैर हम लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार नहीं दिला सकते। उन्होंने इसके लिए अधोसंरचना, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग और बजट की पर्याप्त उपलब्धता को जरूरी बताया। डॉ. पॉल ने कहा कि हमें एक सुनियोजित रणनीति और सु-स्पष्ट सोच के साथ इस दिशा में कदम उठाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शक्ति योजना-2025, टी.बी. मुक्त मध्यप्रदेश और उपशामक (पेलियेटिव) सेवाओं के लिए प्रकाशित मार्गदर्शिका का विमोचन किया। यू.एन.एड्स की सलाहकार श्रीमती हेलीना एन. कुर्ग, नेशनल हेल्थ एजेंसी की सीईओ डॉ. इन्दु भूषण, अपोलो हॉस्पिटल की सीएमडी श्रीमती संगीता रेड्डी, मेग्सेसे अवार्ड से सम्मानित श्री भारत वतवानी, लेखक एवं अर्थशास्त्री श्री हर्ष मंगल सहित देशभर से आए स्वास्थ्य एवं इससे जुड़ी सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस - एक नवम्बर
30 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ प्रदेश के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास में योगदान की शपथ दिलाएंगे। मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में सुबह 11 बजे स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में राष्ट्रगीत एवं मध्यप्रदेश गान के बाद प्रदेश के विकास में जन-जन के योगदान की शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद पुरस्कार एवं सम्मान-पत्र वितरण होगा। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्रगान बजाया जायेगा।
स्थापना दिवस के मौके पर एक नवम्बर की रात प्रदेश के सभी मुख्य सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व की इमारतों पर लाइटिंग की जायेगी।
जिला स्तर पर भी होंगे समारोह
स्थापना दिवसपर एक नवम्बर को राज्य-स्तरीय समारोह लाल परेड ग्राउण्ड पर शाम 6.30 बजे प्रारंभ होगा। जिला स्तर पर स्थापना दिवस कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे से आयोजित किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद के सदस्य उन्हें आवंटित जिले में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगे और राष्ट्रीय गान होगा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। समारोह में उपस्थित जन-समूह को प्रदेश के विकास एवं समृद्धि के लिये दृढ़-प्रतिज्ञ होने की शपथ दिलाई जाएगी। तत्पश्चात पुरस्कार वितरित किये जायेंगे।

राज्यपाल श्री टंडन से मिला भाजपा का प्रतिनिधि मंडल
30 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजभवन में भेंट की। राज्यपाल को प्रतिनिधि मंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधि मंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद सुश्री प्रज्ञा ठाकुर, महापौर श्री आलोक शर्मा, पूर्व मंत्रीगण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 11 शहरों में विशेष "सिटी वॉक फेस्टिवल
30 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को प्रदेश के 11 शहरों में विशेष 'सिटी वॉक फेस्टिवल'' का आयोजन किया जाएगा। ये शहर हैं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, पन्ना, विदिशा, खजुराहो, चंदेरी, जबलपुर, बुरहानपुर और ओरछा। भोपाल में हेरिटेज सिटी वॉक सुबह 7 बजे कमला पार्क से शुरू होकर गौहर महल, इकबाल मैदान होते हुए सदर मंजिल पर समाप्त होगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा पैनल एजेन्सी सिटी एक्सप्लोरर, नई दिल्ली एवं जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद के सहयोग से वॉक आयोजित की जा रही है।
सचिव पर्यटन श्री फैज़ अहमद किदवई ने बताया है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये सिटी वॉक फेस्टिवल मनाया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यटक राज्य की विरासत, इतिहास, संस्कृति और परम्पराओं के बारे में जान सकेंगे। सचिव पर्यटन ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि सिटी वॉक फेस्टिवल में अवश्य शामिल हों।
प्रदेश में 12 अक्टूबर से आयोजित 'सिटी वॉक फेस्टिवल'' के तहत प्रदेश के 11 शहरों में एक साथ प्रत्येक सप्ताहांत सिटी वॉक का आयोजन किया जा रहा है। अभी तक 50 से अधिक वॉक आयोजित की जा चुकी हैं, जिसमें लगभग 1000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले चुके हैं। सबसे दिलचस्प अनुभवों में इंदौर में खान-पान पर वॉक, भोपाल में फोटो वॉक एवं म्यूजियम टूर, जबलपुर में फूड वॉक और बोट राइड, पन्ना में हीरों की खोज पर वॉक, उज्जैन में आध्यात्मिक सैर, विदिशा में प्रकृति वॉक एवं अन्य कई प्रकार की वॉक शामिल हैं।
सभी आयु वर्ग के प्रतिनिधियों ने पर्यटन के इस आयोजन की सराहना की है। सभी ने अनुभव किया कि वास्तव में अपने शहर के बारे में जानने का यह शानदार तरीका है। इन्हीं शहरों के निवासी, जो कई वर्षों से शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में रह रहे हैं और कई जो अपने पूरे जीवन-काल से यहीं रह रहे हैं, उन्होंने भी कहा कि वे शहर की इमारतों एवं परम्पराओं के महत्व से पूरी तरह अंजान थे। वे हेरिटेज वॉक के कारण अपने शहर को जान सके हैं।

शिक्षा बदलाव के साथ जुड़े, शिक्षा और ज्ञान में तालमेल हो
30 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में आज बड़े परिवर्तन हुए हैं। हमारी शिक्षा बदलाव के साथ जुड़े, शिक्षा और ज्ञान में तालमेल हो, शिक्षक दक्ष हो और वे समाज सेवक के रूप में काम करें, यह सबसे बड़ी चुनौती हमारे सामने है। श्री नाथ आज मिंटो हॉल में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्टस एवं मैथ्स (स्टीम) शिक्षा पद्धति पर आयोजित दो दिवसीय स्टीम कान्क्लेव-2019 का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि जब भी किसी क्षेत्र में बदलाव हुआ है, तो उसकी आलोचना हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 21वी सदी के भारत की कल्पना करते हुए कम्प्यूटर क्रांति की शुरूआत की थी तब उसका विरोध यह कहकर किया गया था कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी, यह एक बेकार की कोशिश है। आज हम देख रहे हैं कि आईटी क्षेत्र में जो क्रांति हुई उससे न केवल बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिला है बल्कि आज पूरे विश्व में हमारे देश के लोग आईटी के क्षेत्र में छाये हुए हैं। श्री नाथ ने कहा कि हमें बदलाव के साथ जुड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व में हर क्षेत्र में परिवर्तन हुआ है। शिक्षा भी अछूती नहीं है। परिवर्तन के इस दौर में हमारे शिक्षकों का अपग्रेड होना जरूरी है, नहीं तो हम अपनी भावी पीढ़ी को आज के और आने वाले समय के अनुकूल शिक्षित नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान को जोड़ा जाना बहुत जरूरी है तभी हम अपने बच्चों का सर्वांगीण विकास कर पाएंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और उसकी गुणवत्ता में आमूल-चूल परिवर्तन की आवश्यकता प्रतिपादित की। श्री नाथ ने कहा कि हमारे शिक्षकों को आत्म-चिंतन करना चाहिए कि वे अपनी भावी पीढ़ी को किस तरह शिक्षित करें जिससे उसका भविष्य बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आव्हान किया कि वे अपने दायित्व को सरकारी नौकरी के रूप में नहीं, बल्कि एक समाज सेवक की भूमिका के रूप में निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी राज्य बने। इसके लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़े तो उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्टीम शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि इससे हम अपने बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर पाएंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि स्टीम शिक्षा पद्धति विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग, गणित और कला की पढ़ाई को न केवल रूचिकर बनाती है बल्कि हमारे बच्चों कों भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश में स्टीम शिक्षा पद्धति पर विचार के लिए दो दिवसीय कॉन्क्लेव हो रहा है। इसमें नवीनतम ग्लोबल अवधारणा पर विषय-विशेषज्ञ मंथन करेंगे। इसे कैसे लागू करें और पाठ्यक्रम में शामिल करने पर भी विचार होगा। मुझे विश्वास है कि इस कॉन्क्लेव के निष्कर्ष से हमारी शिक्षा पद्धति को नया आयाम हासिल होगा। डॉ. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर काम कर रहे हैं।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने स्टीम शिक्षा पद्धति की मूल अवधारणा, उसके महत्व और कॉन्क्लेव की रूपरेखा की जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सलीना सिंह, स्टीम एजुकेशन की संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सी.ई.ओ.) सुश्री जार्जट येकमेन, डी ऐंज़ा कॉलेज केलिफोर्निया यू.एस.ए. की बाल विकास एवं शिक्षा विषय की प्रोफेसर सुश्री जयंती टेम्बे रॉय, स्टोरी ट्राइंगल फाउन्डेशन की संस्थापक सुश्री अर्पणा अत्रैय, शिव नाडर फाउंडेशन के बाल शिक्षा विभाग की प्रमुख सुश्री सुमिता मलिक, शंकर महादेवन अकादमी में पाठ्यक्रम विकास कार्य से जुडे़ संगीतकार श्री कार्तिक रमन और स्टीम रिसर्च लैब की विभागाध्यक्ष सुश्री शहीन शाहीबोले उपस्थित थी।

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए हर संभव प्रयास हों : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
29 October 2019
भोपाल. मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश की स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सुधार की दिशा में हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री कमल नाथ आज मुख्यमंत्री निवास पर स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्राथमिक, माध्‍यमिक और हाईस्कूल शिक्षा उत्कृष्ट हो, यह आज सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अभी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की जरूरत है। यह हमारे प्रदेश के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इससे कोई भी समझौता करना बच्चों के साथ अन्याय करना है।
मुख्यमंत्री ने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर स्कूली शिक्षा और अधूरी पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को निरंतर रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए। इसके लिए जवाबदेही भी तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा की बेहतर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाए ताकि वे बच्चों को आज की और भविष्य की जरूरत के मुताबिक शिक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार कार्य को मिशन के रूप में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सम्‍पूर्ण स्कूली शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जो भी कदम उठाया जाना है, उसकी कार्य-योजना बनाकर प्रस्तुत करें।
बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री शर्मा ने यम द्वितीया पर मन्दिरों में की पूजा-अर्चना
29 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने यम द्वितीया पर ग्यारह सौ क्वार्टर्स, कोटरा और जवाहर चौक स्थित चित्रगुप्त मंदिरों में पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्री शर्मा ने कोटरा में पूजा-अर्चना के बाद स्कूली बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान कायस्थ समाज के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।




मंत्री श्री शर्मा द्वारा छठ पूजा के लिये घाटों पर सुरक्षा-व्यवस्था के दिये निर्देश
28 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज यहाँ शिवाजी नगर, प्रेमपुरा, शीतलदास की बगिया और रानी कमलापति घाट पर छठ पूजा के लिये सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। श्री शर्मा ने घाटों पर साफ-सफाई, रौशनी और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि घाटों पर पूजा के समय गोताखोर तैनात रहें और तालाब मेँ नाव से किसी को भी नहीँ जाने दें।
स्थानीय जन-प्रतिनिधियों सहित भोजपुरी समाज के प्रतिनिधि, जिला पुलिस और नगर निगम के अधिकारी जनसम्पर्क मंत्री के साथ थे।
गोवर्द्धन पूजा
मंत्री श्री पी. सी. शर्मा आज दीपावली की प्रथमा पर माता मन्दिर पहुँचे और गोवर्द्धन पूजा की।
श्री कृष्ण गोवर्द्धन मन्दिर समिति पाल समाज द्वारा गोवर्द्धन पूजा का आयोजन किया गयाl
व्यापारियों को शुभकामनाएँ
मंत्री श्री शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह आज न्यू मार्केट पहुँचे और व्यापारियों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। स्थानीय जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक साथ रहे।
तीर्थ-दर्शन ट्रेन मेँ वृद्धजनों के लिये रहेगा अलग कोच
आनंद धाम वृद्धाश्रम मेँ बुज़ुर्गों के बीच दीपावली मनाने पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने घोषणा की कि तीर्थ-दर्शन ट्रेन मेँ वृद्धाश्रम के बुज़ुर्गों के लिये अलग कोच रहेगा। उन्होने कहा कि इसके लिये आवश्यक निर्देश ज़ारी कर दिये गये हैं। भोपाल से रवाना होने वाली अगली तीर्थ-दर्शन यात्रा की ट्रेन से यह व्यवस्था लागू होगी।
मंत्री श्री शर्मा ने आनंद धाम वृद्धाश्रम मेँ अगले सप्ताह कैम्प लगाकर वृद्धजनों के पेंशन प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने वृद्धजनों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया, आश्रम में दिये जलाए और फटाके चलाकर दीपावली मनाई। श्री शर्मा ने ऋषि नगर झुग्गी बस्ती मेँ बच्चों को पटाखे और मिठाई वितरित की और उनके साथ भी दीपावली मनाई। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान साथ थे।
भीमनगर राशन दुकान का निरीक्षण
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने आज भीमनगर राशन दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने सेल्समेन से कहा कि राशन नहीँ मिलने जैसी शिकायत नहीँ आनी चाहिए। सभी कार्डधारक को महीने का निर्धारित राशन समय पर वितरित करना सुनिश्चित करें। मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बी.पी.एल. कार्ड धारक को राशन समय पर उपलब्ध हो। तकनीकी कारण से थम्ब इम्प्रेशन नहीँ मिलने पर कार्ड धारक की पहचान सत्यापित कर उसे राशन दें।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस फ़ैज़ानुद्दीन का निधन, मुख्यमंत्री कमलनाथ जताया शोक
28 October 2019
भोपाल.सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एवं मध्यप्रदेश के पूर्व लोकायुक्त फैज़ान उद्दीन का रविवार की दोपहर बंसल अस्पताल में निधन हो गया। जस्टिस फैज़ान उद्दीन 87वे वर्ष के थे और कुछ वक्त से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार भोपाल टॉकीज स्थित कब्रिस्तान में किया गया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जस्टिस फैजान उद्दीन ने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में लोकायुक्त के रूप में उल्लेखनीय काम किए हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
मध्यप्रदेश लोकायुक्त भी रहे
जस्टिस फैज़ान उद्दीन ने भोपाल के हमीदिया कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। उन्हें 1978 में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में न्यायधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद साल 1993 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त किया गया था, जहां से जस्टिस 1997 में रिटायर हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के अलावा जस्टिस फैजान उद्दीन मध्यप्रदेश के लोकायुक्त भी रह चुके है। इस पद पर उन्होंने साल 2003 तक सेवाएं दी।
कई क्षेत्रो में दी सेवाएं:
जस्टिस फैजान उद्दीन का जन्म 5 फरवरी 1932 को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हुआ था। 1948 में उन्होंने मेट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने 1952 में भोपाल हमीदिया कॉलेज से ग्रेजुएशन की और उसी कॉलेज से 1952 में कानून की डिग्री हासिल की।

प्रदेश समृद्ध हो, नागरिकों के जीवन में खुशहाली आए : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
26 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दीपावली पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री कमल नाथ ने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाए और सभी के सहयोग से मध्यप्रदेश, समृद्ध प्रदेश बने, ऐसी कामना करता हूँ।
श्री कमल नाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार से जुड़ा दीपावली का पर्व संकल्प और निष्ठा का संदेश देता है। यह पर्व स्वच्छता का भी प्रतीक है। मुख्यमत्री ने प्रदेशवासियों का आव्हान किया कि हम सब परम्परा के अनुसार मिल-जुलकर दीपावली मनाएँ। अपने घर के साथ-साथ सभी के घरों में उजाला हो, ऐसा प्रयास करें।

गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने दीं दीपावली की शुभकामनाएँ
26 October 2019
भोपाल.गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री बच्चन ने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली का त्यौहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि रोशनी का यह त्यौहार सभी के जीवन को प्रकाशमय करे।



नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने दी दीपावली की बधाई
26 October 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव पर्व दीपावली की बधाई दी है। श्री सिंह ने नागरिकों से आग्रह किया है कि नगर की सफाई में सक्रिय सहभागिता करें। श्री सिंह ने शुभकामना संदेश में कहा है कि प्रकाश पर्व पर मिट्टी के दियों का ही उपयोग करें। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।



छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करें
25 October 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और वहाँ जन-सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने प्लेटफार्म नम्बर चार का चौड़ीकरण करने और चारफाटक गेट की समस्या का समाधान करने को कहा। उन्होंने पातालकोट एक्सप्रेस को अमृतसर तक चलाये जाने की कार्य-योजना बनाने और ट्रेन के मेन्टेनेंस के लिये 2 से ढाई घंटे तक का समय छिन्दवाड़ा स्टेशन में समायोजित करने के निर्देश दिये।
श्री कमल नाथ ने स्टेशन मास्टर से कहा कि जनसुविधा और स्वच्छता के लिये छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करें। रेलवे व्यापारी मण्डल ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को लड्डू और मिठाई से तौलकर अपनी आत्मीयता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की बधाई दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री दीपक सक्सेना, रेलवे के सीनियर डीईएम तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।


सिम्स बनेगा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
25 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज छिन्दवाड़ा में छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) का निरीक्षण कर बेहतर व्यवस्थाओं तथा कैंपस सौंदर्यीकरण के दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने सिम्स में पूर्व डीन स्व. डॉ. एच.के.टी. रजा की स्मृति में बनाये गये ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया और प्रशासकीय समिति की बैठक भी ली।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि लगभग पाँच वर्ष पहले मैंने छिन्दवाड़ा में मेडिकल कॉलेज का सपना देखा था। यह सपना अब साकार होने जा रहा है। इस इंस्टीट्यूट को सच्चे अर्थों में स्थापित करने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब फैकल्टी और स्टाफ की है। उन्होंने कहा कि शुरूआत से ही अनुशासित वर्क कल्चर और मानक स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये, जिससे इंस्टीट्यूट को उत्कृष्टता की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. रजा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इंस्टीट्यूट को प्रारंभ करने में उनका समर्पण भाव और उनकी सोच बहुत अहम् रही है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इंस्टीट्यूट को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक स्तर तक पहुँचाने की दिशा में हर संभव प्रयास किये। हम सभी को मिलकर उनकी इस सोच और मंशा को आगे ले जाना है। श्री कमल नाथ ने डीन डॉ. रामटेके को इंस्टीट्यूट में फैकल्टी और स्टाफ के रिक्रूटमेंट में गुणवत्ता से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जब फैकल्टी का स्तर अच्छा होगा, तभी वे विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा दे सकेंगे। सिम्स के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया और कहा कि गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ली प्रशासकीय समिति की
मुख्यमंत्री ने सिम्स के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रशासकीय समिति की बैठक भी ली। उन्होंने इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत विद्यार्थियों, सहायक प्राध्यापकों, प्राध्यापकों और रिक्त पदों, नवीन उपकरणों, आईसीसीयू एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चिकित्सा महाविद्यालय के परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाये। मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। मरीजों को मानक स्तर की उपचार सुविधाएँ दी जाएँ। मेडिकल कॉलेज कैंपस एवं जिला अस्पताल के लिये हॉर्टिकल्चर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने जिला अस्पताल के लिये स्वीकृत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये।
इस दौरान विधायक श्री निलेश उईके और श्री सुनील उईके, पूर्व विधायक श्री दीपक सक्सेना, राज्य बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना, डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेके सहित सिम्स का स्टाफ एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

छिंदवाड़ा के हनुमान मंदिर में अदभुत भजन संध्या और लेजर शो
25 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने धनतेरस की शाम छिंदवाड़ा में सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया पहुँचकर पूजन-अर्चन किया। हनुमानजी की 101.25 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा पर पहली बार अदभुत लेजर शो आयोजित किया गया। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ हुआ।
इस मौके पर विश्वविख्यात भजन गायक श्री अनूप जलोटा के शिष्य श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने आर्केस्ट्रा के साथ भजन प्रस्तुत किये। अदभुत भजन संध्या और लेजर शो देख दर्शक और भक्तजन गदगद हो गये।


जनता से जुड़े वादे पूरे कर रही सरकार : मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह
24 October 2019
भोपाल.सामान्य प्रशासान एवं सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने कहा है कि प्रदेश की सरकार जनता से किये सभी वादे पूरा करेगी। समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिये राज्य सरकार संकल्पित होकर प्रयास कर रही है। डॉ. सिंह यहाँ पुरानी सब्जी मण्डी नवबहार में 169 लाख रुपये लागत की सी.सी. रोड के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम को विधायक श्री आरिफ मसूद और शहर काजी मौलाना मुश्ताक अली नकवी ने भी संबोधित किया। राम मंदिर ट्रस्ट, गुरूद्वारा प्रबंध समिति, राइन बिरादरी और व्यापारी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


सिमरी तलाई विद्युत उप-केन्द्र को मिला आईएसओ प्रमाण-पत्र
24 October 2019
भोपाल.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सिमरी तलाई विद्युत उप-केन्द्र (पिपरिया संभाग) को उत्कृष्ट डिजाइन, कार्य-प्रणाली और तकनीकी रूप से सक्षम होने पर आईएसओ-9001 प्रमाण-पत्र मिला है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह और कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने होशंगाबाद वृत्त के एसटीसी और एसटीएम के अधिकारियों और लाइन स्टॉफ को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
सिमरी तलाई उप-केन्द्र अभी हाल ही में निर्मित हुआ है। अब इस उप-केन्द्र से सिमरी तलाई और उसके आसपास के चार दर्जन से अधिक गाँवों को पर्याप्त वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे विद्युत व्यवधानों में भी कमी आयेगी।

खरीफ-2019 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
24 October 2019
भोपाल.राज्य शासन द्वारा खरीफ-2019 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तारीख को 23 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दिया गया है। मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली, कपास, तिल और रामतिल उत्पादक किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा इस संबंध में समस्त जिला कलेक्टर्स को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।



सभी वर्गों के साथ मिलकर मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य
23 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से मध्यप्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। साहू समाज की ओर से मुख्यमंत्री का शाल-श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि साहू समाज का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि समाज युवाओं के कौशल विकास और महिलाओं को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों के साथ मिलकर समग्र विकास का रोडमैप बना रही है। आने वाले पाँच साल में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में मध्यप्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रांताध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ताराचंद साहू, संस्थापक सदस्य डॉ. हेमराज साहू सहित सभी जिलों के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री सिलावट अचानक पहुँचे जे.पी. अस्पताल
23 October 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज यहाँ शासकीय जे.पी. अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाये। श्री सिलावट ने अस्पताल में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज की व्यवस्था की जानकारी ली।
मंत्री श्री सिलावट ने अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीजों से बातचीत की, एक्स-रे रूम और किचन की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने के निर्देश दिये।
निरोगी काया अभियान में 32 लाख लोगों की जाँच होगी
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बदलती जीवन-शैली के कारण जन-सामान्य में तेजी से बढ़ रही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज तथा कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिये प्रदेश में निरोगी काया अभियान चलाया है। इसमें प्रदेश के करीब 2,500 आरोग्यम स्वास्थ्य केन्द्रों में 30 वर्ष से अधिक आयु के करीब 32 लाख लोगों की जाँच की जाएगी।
मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश में 'शुद्ध के लिये युद्ध'' अभियान निरंतर जारी रहेगा। मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
प्रदेश में अब तक 31 लोगों के खिलाफ रासुका में कार्रवाई की गई है। करीब 100 प्रकरणों में दोषी व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 56 करोड़ रुपये लागत से इंदौर, ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में सैम्पल की जाँच के लिये लैब शुरू की जा रही है। प्रयोगशाला के भवनों का भूमि-पूजन किया जा चुका है।

ओंकारेश्वर मास्टर-प्लान-2031 पर 30 अक्टूबर तक दे सकते हैं आपत्ति/सुझाव
23 October 2019
भोपाल.शासन द्वारा ओंकारेश्वर को पवित्र नगर घोषित किया गया है। इस नगर में तीर्थ-यात्रियों की आवश्यकताओं एवं सुख-सुविधाओं के मद्देनजर जीआईएस पर ओंकारेश्वर विकास योजना-2031 (मास्टर-प्लान) का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना के संबंध में आपत्ति/सुझाव जिला कार्यालय, खण्डवा और संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, भोपाल के साथ ही वेबसाइट dtcp.mp.gov.in/publicviewer पर ऑनलाइन भी दिये जा सकते हैं।
संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री राहुल जैन ने जानकारी दी है कि मास्टर-प्लान बनाने के लिये सुदूर संवेदन तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली और अमृत योजना के मानकों का उपयोग किया गया है। इस कार्य में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, हैदराबाद और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों का भी सहयोग लिया गया है।
मास्टर-प्लान में ओंकारेश्वर के समस्त संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षित करने के प्रावधान रखे गये हैं। नर्मदा नदी के दोनों ओर घाट के विकास के साथ ही सघन पौधा-रोपण का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2031 तक आवासीय, वाणिज्यिक और नगरीय उपयोग के साथ-साथ सभी प्रकार की भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचनाओं का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे धार्मिक नगर का सुनियोजित विकास हो सके।
पहली बार प्रारूप के साथ प्रयुक्त डाटा का प्रकाशन
ओंकारेश्वर विकास योजना का प्रारूप एक अक्टूबर, 2019 को राजपत्र में और वेबसाइट www.mptownplan.gov.in पर प्रकाशित किया गया है। प्रदेश में पहली बार विकास योजना तैयार करने में प्रयुक्त डाटा को वेबसाइट dtcp.mp.gov.in/publicviewer पर भी प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही आपत्ति/सुझावों को ऑनलाइन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। विकास योजना की सॉफ्ट कॉपी जिला कार्यालय, खण्डवा से सशुल्क प्राप्त की जा सकती है। विकास योजना पुस्तिका का अलग से मुद्रण नहीं किया जायेगा।

व्यापार, व्यवसाय, छोटे उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित होगी मुख्य सचिव अध्यक्षता में कमेटी
22 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी। यह कमेटी समय-समय पर व्यापारियों, व्यवसायियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हम देश-दुनिया और अपने आसपास हो रहे परिवर्तनों को पहचानें, तभी हम प्रगति कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ आज मिंटो हाल में कान्फेडरेशन ऑफ एम.पी. फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड (कम्पिस्ट) समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय और छोटे उद्योगों का मध्यप्रदेश के विकास, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है। उनके बगैर हम प्रदेश के समग्र विकास की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि परिवर्तन को हम कैसे पहचानें और कैसे अपनाएं, यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि आज से बीस साल पहले जो बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं, वो अब नहीं हैं क्योंकि उन्होंने बदलाव की बयार को नहीं पहचाना। वो कंपनियाँ जो समय के साथ आगे बढ़ीं,उन्होंने एक मुकाम हासिल किया। श्री कमल नाथ ने ऊबर और ओला कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में इन्होंने व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में जो तरक्की की है,उसके पीछे मूल कारण था इन्होंने परिवर्तन के दौर को पहचाना और सफलता पाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शासन-प्रशासन को भी परिवर्तनों से जोड़ना चाहते हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं। अगर हमने सरकार चलाने की कार्य-प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो विकास के मामले में हम पिछड़ जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने हर स्तर पर बदलाव का प्रयास किया है। मेग्नीफिसेंट एम.पी. के जरिए एक वातावरण का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से निवेशकों का विश्वास हमें हासिल हुआ है। पिछले साढ़े सात माह के कार्यकाल में हमने तंत्र की उन छोटी-छोटी दिक्कतों को पहचाना है,जिनके कारण निवेशकों को परेशानी थी। उन्होंने उदाहरण दिया कि अतिरिक्त भूमि होने के बाद भी उस पर अन्य उद्योग न चला पाना और सबलीज जैसे प्रावधानों को हमने हटाया। इसके कारण लोगों का सरकार पर भरोसा बना है। श्री कमल नाथ ने बताया कि कृषि, निवेश, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में हमने महत्वपूर्ण प्रयास शुरु किए हैं। इनसे हमारी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि विकास और रोजगार के लिए परकेपिटा इन्कम और जीडीपी ग्रोथ रेट से ज्यादा जरुरी है लोगों के पास डिस्पोजेबल इन्कम हो। उन्होंने कहा कि मनरेगा और ग्रामीण सड़क योजना का मूल उद्देश्य था कि गांवों में पैसा पहुँचे और लोगों की क्रय शक्ति बढ़े। इससे ही हम आर्थिक विकास कर पायेंगे। उन्होंने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने विभिन्न संसाधनों के जरिए उत्पादन तो बढ़ा दिया लेकिन बढ़े हुए उत्पादन का उपयोग कैसे होगा, उससे किसानों को कैसे फायदा पहुँचेगा, इस पर हमने ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण किसानों के साथ हमारी अर्थ व्यवस्था भी कमजोर हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समस्याओं का मूल कारण आर्थिक समस्या है। इसका समाधान हमने ढूँढ़ लिया, तो हम सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण पा लेंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि छोटे व्यापार, व्यवसाय, उद्योग का विकास हो, यह राज्य सरकार की मंशा है। तंत्र के कारण व्यापार, व्यवसाय, उद्योग के विकास में जो दिक्कतें हैं, उन्हें जानने की हमारी अपेक्षा है। हम नहीं चाहते कि किसी को अपना समय शासन-प्रशासन के चक्कर काटने में बर्बाद करना पड़े। यह समय व्यापार-व्यवसाय और अपने काम करने में उपयोग हो, ऐसा वातावरण हम प्रदेश में बनाना चाहते हैं। सरकार प्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए तत्पर है। हम सबके साथ मिलकर मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेग्नीफिसेंट एम.पी. के जरिए मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने निवेशकों का जो विश्वास जीता है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। श्री सिंह ने अपेक्षा की कि श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के व्यापार,व्यवसाय तथा छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।
कम्पिस्ट के उद्देश्यों पर प्रस्तुतिकरण देते हुए श्री प्रताप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मध्यप्रदेश का हित चाहा है। श्री वर्मा ने बताया कि सन 2007 में जापान में डीएमआईसी का एक आयोजन था, जिसमें सभी राज्यों की ओर से प्रतिनिधित्व होना था। मध्यप्रदेश से कोई भी प्रतिनिधि नहीं था। तब कमल नाथ केन्द्र में कामर्स मंत्री थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को फोन कर कहा कि सभी राज्यों का डीएमआईसी में प्रतिनिधित्व है। मध्यप्रदेश का क्यों नहीं। उनकी इस पहल के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने अपना प्रतिनिधि भेजा। श्री वर्मा ने बताया कि हाल ही में सीएमआई की रिपोर्ट में बेरोजगारी के जो आंकड़े सितम्बर माह में जारी हुए हैं, उसमें मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर 4.2 प्रतिशत है, जो गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों से कहीं कम है। देश में बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत है। इसका एक ही कारण है,मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रयास,जो उन्होंने पिछले दस माह में किए हैं।
कार्यक्रम को कम्पिस्ट के अध्यक्ष श्री गोविंद गोयल ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापार-व्यवसाय के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को प्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए श्री टी.एस.पाली ने 5 लाख एक हजार रुपये का चैक भेंट किया।

नये रेत नियम से बढ़ेगी प्रदेश की राजस्व आय : मंत्री श्री जायसवाल
22 October 2019
भोपाल. खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाये गये रेत नियमों से राजस्व आय में वृद्धि होगी। उन्होंने समिति के सभी सदस्य विधायकों से आग्रह किया कि नये नियमों को वास्तविक स्वरूप में क्रियान्वित करने में सहयोग प्रदान करें। श्री जायसवाल ने बताया कि समिति द्वारा सदस्यों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी और प्रदेश के विभिन्न स्थानों का भ्रमण भी कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष समिति की त्रैमासिक बैठक होगी, जिसमें सदस्यों को विभागीय गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा और सकारात्मक सुझाव प्राप्त कर उन पर अमल किया जाएगा। बैठक में सदस्य विधायक सर्वश्री कुँवर प्रद्युम्न सिंह लोधी, विक्रम सिंह, प्रदीप पटेल, नारायण पट्टा और महेश परमार ने क्रमश: अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के बारे में सुझाव दिये।
प्रमुख सचिव श्री नीरज मण्डलोई ने बताया कि नये रेत नियमों के क्रियान्वयन के बारे में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिये जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये जायेंगे। खनिज के क्षेत्र में नए रेत नियमों के अंतर्गत कार्य करने वाले ठेकेदारों से नवाचार के अंतर्गत विकास कार्य भी कराये जायेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि कलेक्टर्स को नये नियमों का पालन करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। संचालक श्री विनीत कुमार आस्टिन ने नये रेत नियम एवं गौण खनिजों के विषय में विस्तारपूर्वक बताया। सचिव श्री नरेन्द्र सिंह परमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

"आपकी सरकार - आपके द्वार" शिविर में मंत्री श्री यादव और डॉ. चौधरी
22 October 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रायसेन जिले के बेगमगंज में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' विकासखण्ड स्तरीय शिविर में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से किये गये वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की सरकार है। शिविर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा कि पहले लोगों को अपना काम कराने के लिये कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने समाज के प्रत्येक वर्ग की चिंता करते हुए निर्णय लिया कि शासन-प्रशासन समाज के अंतिम व्यक्ति तक चलकर जायेगा। समस्याओं को सुनेगा, शिकायतों का निराकरण करेगा। प्रत्येक पात्र हितग्राही को लाभान्वित किया जायेगा।
मंत्री द्वय ने शिविर में आमजन की समस्याओं को सुना। कई लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। शेष आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये। शिविर में आये लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दिव्यांग लोगों को प्रमाण-पत्र एवं उपकरण वितरित किये गये।

केन्द्र सरकार शीघ्र जारी करे 6621.28 करोड़ की राहत राशि
21 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। श्री कमल नाथ ने केन्द्रीय गृह मंत्री को प्रदेश में पिछले दिनों अति-वृष्टि के कारण कई जिलों में आई बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और अन्य प्रभावितों को तत्काल मदद दिए जाने के लिए केन्द्र सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से शीघ्र ही 6621.28 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी करे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गृह मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया कि बाढ़ के कारण 55 लाख से अधिक किसान और आम आदमी प्रभावित हुए हैं। अधोसंरचना को भी भारी नुकसान पहुँचा है। श्री कमल नाथ ने बताया कि राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। प्रदेश के 52 में से 20 जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। किसानों की सभी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से प्रदेश में भारी वर्षा के कारण आई त्रासदी को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखने की माँग की।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में 4 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी अति-वृष्टि और बाढ़ के कारण हुए नुकसान का ब्यौरा दिया था। श्री कमल नाथ के आग्रह पर प्रधानमंत्री ने अति-वृष्टि से हुए नुकसान का केन्द्रीय अध्ययन दल से फिर से आकलन करवाया। अध्ययन दल ने 14 से 16 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 16 जिलों में हुए नुकसान का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंप दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आकलन होने के बाद अब केन्द्र सरकार तत्काल राज्य सरकार को राहत राशि दे ताकि सभी प्रभावितों, विशेषकर किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

देश की पहचान है आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति : मंत्री श्री शर्मा
21 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज नर्मदा भवन में धनवंतरि जयंती के परिपेक्ष्य में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में कहा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश की पहचान है। इससे सभी रोगों का इलाज संभव है। इसकी अन्य चिकित्सा पद्धति के साथ कोई तुलना नहीं है। श्री शर्मा ने इस मौके पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों को वर्ष 2019 के पंडित उद्धव दास मेहता स्मृति चिकित्सा सेवा सम्मान प्रदान किया। आयोजित क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
समारोह में समिति के अध्यक्ष श्री कैलाश पंत, डॉ. दीपक मेहता, श्री सुदेश शांडिल्य और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


आदिवासी अंचल को मिलेंगी अंतर्राष्ट्रीय खेल सुविधाएँ
21 October 2019
भोपाल.प्रदेश में आदिवासी छात्र-छात्राओं की खेल प्रतिभा को विकसित करने के मकसद से आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा 23 खेल परिसर संचालित किये जा रहे हैं। इनमें 17 बालक और 6 कन्या खेल परिसर हैं। ये खेल परिसर पूर्णत: आवासीय हैं। प्रत्येक खेल परिसर में 100 विद्यार्थियों के लिये सीट स्वीकृत हैं। विभाग ने वर्तमान खेल परिसरों में से 7 खेल परिसरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इन खेल परिसरों में आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिये विशिष्ट कोचिंग सुविधा प्रदान की जायेगी।
जिन 7 खेल परिसरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान की जायेंगी, उनमें बालक खेल परिसर, इंदौर में एथेलेटिक्स, स्वीमिंग और डायविंग की सुविधा होगी। बालक खेल परिसर, श्योपुर और खरगौन में ऐथेलेटिक्स, बालक खेल परिसर, शहडोल में क्लाइंबिंग एण्ड बोल्डरिंग, कन्या खेल परिसर, जबलपुर में साइकिलिंग, कन्या खेल परिसर, डही जिला धार में टेबल-टेनिस, बेडमिंटन और स्क्वैश की सुविधाएँ विकसित की जा रहीं हैं। कन्या खेल परिसर, झाबुआ में बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी की कोचिंग दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। इन चयनित खेल परिसरों में विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि
आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये पुरस्कार दिये जाने की योजना भी संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 21 हजार रुपये और सामूहिक रूप से खेल में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रति खिलाड़ी 10 हजार रुपये की राशि दिये जाने का प्रावधान रखा गया है। द्वितीय पुरस्कार में व्यक्तिगत रूप से 15 हजार रुपये और सामूहिक राशि के रूप में प्रत्येक खिलाड़ी को 7 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर व्यक्तिगत रूप से 11 हजार रुपये और सामूहिक रूप से 5 हजार रुपये की राशि प्रत्येक खिलाड़ी को दिये जाने का प्रावधान किया गया है। मु

गृह मंत्री श्री बच्चन इंदौर में पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे
20 October 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन 21 अक्टूबर को इंदौर में पुलिस स्मृति दिवस परेड कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री बच्चन इंदौर के 15वीं वाहिनी परेड ग्राउण्ड शहीद स्मारक पर आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम में सुबह 9 बजे पहुँचेंगे।



शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं में शाला प्रबंधन समितियों का गठन 21 अक्टूबर को
20 October 2019
भोपाल.प्रदेश के सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक तथा माध्यमिक स्कूलों में शाला प्रबंधन समितियों का गठन 21 अक्टूबर को किया जायेगा। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर सभी जिलों में इसकी आवश्यक तैयारियाँ कर ली गई हैं। शाला शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ ही आवश्यकतानुसार शालावार पर्यवेक्षक भी नियुक्त किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार कानून में सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के बेहतर प्रबंधन और शैक्षिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए शाला प्रबंधन समितियों के गठन का प्रावधान है। ये समिति, बच्चों के शाला नामांकन, नियमित उपस्थिति, गुणवत्तायुक्त शिक्षा और अधोसंरचना कार्यों के साथ बच्चों के बहुआयामी विकास में महत्वपूर्ण भमिका निभाती हैं।
शाला प्रबंधन समितियों में, शाला में पढ़ रहे बच्चों के पालक, शाला के प्रधान शिक्षक, वरिष्ठतम् महिला शिक्षिका, स्थानीय वार्ड के पंच/पार्षद तथा स्थानीय निकाय के सरपंच/अध्यक्ष/महापौर द्वारा नामित अन्य वार्ड की एक महिला पंच/पार्षद के रुप में निर्वाचित जन-प्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं। स्कूलों के स्थानीय प्रबंधन के अधिकार भी इन समितियों को रहते हैं।
मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 413 दिनांक 04 अक्टूबर 2019 में शिक्षा का अधिकार नियम में किये गये संशोधन अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला की प्रबंधन समिति में 18 सदस्य होंगे। पूर्व में प्राथमिक स्कूलों में 18 सदस्यीय एवं माध्यमिक स्कूलों में 16 सदस्यीय शाला प्रबंधन समिति गठित की जाती थी। संपूर्ण प्रदेश में, कक्षा 1 से 5 की प्राथमिक, कक्षा 6 से 8 की माध्यमिक एवं कक्षा 1 से 8 तक की संयुक्त प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में इन समितियों का गठन वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के सत्र के लिए किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत्, विद्यार्थियों के पालकों और अभिभावकों से 21 अक्टूबर को स्कूल पहुँचकर, शाला प्रबंधन समिति से जुड़ने और शालाओं के विकास कार्यों में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

व्यवस्था के साथ सोच में भी परिवर्तन लाना जरूरी : मुख्यमंत्री
19 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में व्यवस्था के साथ-साथ सोच में भी परिवर्तन लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हम वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव नहीं लायेंगे तब तक समग्र विकास के सपने को साकार नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री नाथ आज इंदौर के होटल मेरियट में सीआईआई की नेशनल काउंसिल की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता, खनिज संसाधन, वन सम्पदा के साथ ही क्षेत्रफल की दृष्टि से विशाल प्रदेश है और देश के दिल के रूप में स्थापित है। मध्यप्रदेश की इन विशेषताओं का अगर हम प्रदेश की समृद्धि के लिए उपयोग करते हैं तो हम इसे देश के अव्वल राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित बनाने के सपने को पूरा करने के लिए हम शासन-प्रशासन के साथ ही लोगों की सोच में भी बदलाव ला रहे हैं। आज के वक्त की जरूरत के हिसाब से दिशा और दृष्टि बदल रही है। परिणाम आधारित लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश में निवेश लाने का लक्ष्य भी हम भरोसे के साथ जमीनी हकीकत के रूप में पूरा करना चाहते हैं। आज आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में जो परिवर्तन हो रहे हैं उसके साथ भी हम जुड़ रहे हैं। हमें इसमें रचनात्मक सोच के साथ निवेशकों, उद्योगपतियों के साथ ही आम जनता के भी सहयोग की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में जिस तरह नित नए परिवर्तन हो रहे हैं, नई-नई चीजें सामने आ रही हैं उससे स्पष्ट है कि तकनीकी विकास से आने वाले दस साल में औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले आठ-नौ माह के कार्यकाल में हमें उत्साहजनक परिणाम भी प्राप्त हुए हैं। निवेश के नक्शे पर मध्यप्रदेश उभरकर सामने आए, युवाओं की सोच के अनुरूप समाज और प्रदेश का निर्माण हो, हमारे देश की विविधता में एकता की जो विशेषता है, उसके अनुरूप मध्यप्रदेश बने हम इस दिशा में भी सुनियोजित सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
श्री नाथ ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उन्नति हमारे सामने एक बड़ी चुनौती इस मायने में है कि हमारे किसान अधिक उत्पादन के बाद भी कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं। हमने सरकार में आने के बाद 20 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। लेकिन यह कोशिश तभी सफल होगी जब हम किसानों के अधिक उत्पादन का वाजिब उपयोग उनकी आय बढ़ाने में करें। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयों का विस्तार करने का हमारा उद्देश्य यही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक बहुआयामी सोच के साथ सधे हुए कदमों से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले पाँच सालों में सभी के सहयोग से हम मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल प्रदेश बना सकेंगे।

परम्परागत तरीकों से हटकर गरिमापूर्ण तरीके से शुरू हुआ मैग्नीफिसेंट एमपी
18 October 2019
भोपाल.प्रदेश में निवेशकों के लिए विश्वास के वातावरण के बीच इंदौर में मैग्नीफिसेंट एमपी का मुख्य समारोह परम्परागत तरीकों से हटकर गरिमापूर्ण तरीके से शुरू हुआ। फूल-मालाओं और गुलदस्तों से स्वागत की परम्परा की बजाए एक प्रभावी नृत्य-नाटिका के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। विविध रंगों के साथ आकर्षक नृत्य-नाटिका ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
प्रदेश में निवेश और उद्योग मित्र वातावरण बनाने के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय और प्रयासों को आकर्षक प्रेजेन्टेशन के जरिए रेखांकित किया गया। मध्यप्रदेश की विविधता, सौन्दर्य और संसाधनों की उपलब्धता प्रदर्शित करते एक लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ सहित देशभर से आए सभी शीर्ष उद्योगपति मंच की बजाए मैग्नीफिसेंट एमपी में भाग लेने वाले लोगों के साथ ही बैठे। संभवत: यह पहली बार था कि जब एक प्रतिष्ठापूर्ण समारोह एक नई परम्परा के साथ सम्पन्न हुआ।

!--------------------------18 October 2019-----------------------------> प्रदेश को निवेश फ्रेंडली राज्य बनाने के लिए सरकार नए तौर-तरीके अपनाएगी
18 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश को निवेश फ्रेंडली राज्य बनाने के लिए सरकार कोई भी कदम और नए तौर-तरीकों को अपनाने में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने उद्योग समुदाय का आव्हान किया कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन में मदद करें। सरकार नए निवेश का स्वागत और पूर्व में हुए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम एक जवाबदेह सरकार के रूप में काम करेंगे और निवेशकों को निराश नहीं होने देंगे। श्री कमल नाथ आज इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में "मैग्नीफिसेंट एमपी" इन्वेस्टर समिट के मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आज का आयोजन दिखावे के लिए नहीं है। यह केवल एमओयू साईन करने का भी वैसा मंच नहीं है, जिसमें हजारों करोड़ रूपए के करार हों और जमीन पर उसकी कोई हकीकत न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि वास्तविक रूप में निवेश हो, रोजगार के ज्यादा अवसर मिले, प्रदेश में आर्थिक समृद्धि आए और पूरे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का एक ऐसा दौर शुरू हो, जो हर वर्ग के जीवन में खुशहाली लाए। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को उत्पाद और सेवा देने वाले प्रदेश की श्रेणी से ऊपर ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उद्योग समूहों और निवेशकों को यह बताना चाहता हूँ कि मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जिस पर वे भरोसा कर सकते हैं। हम बताना चाहते हैं कि मध्यप्रदेश जो कहता है, वही करता है। शायद यही कारण है कि आप और हम यहाँ पर इकट्ठा हुए हैं। हमें अपने आप पर भरोसा है और हमारी विश्वसनीयता अडिग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह जानती है कि उद्योगों की क्या आवश्यकता है। उन्हें सफल निवेश के लिए उत्कृष्ट, भौतिक और सामाजिक अधोसंरचना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि पिछले दस माह में हमने रात-दिन मेहनत कर असंभव लगने वाले कामों को भी संभव करके दिखाया है। रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रापर्टी गाइड लाईन में व्यापक सुधार किए गए हैं। इंदौर-भोपाल में मेट्रो का काम शुरू किया गया है। कॉलोनाईजर्स के अनुमति और लायसेंस शुल्क को घटाकर 27 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है। यह प्रावधान भी किया गया है कि पूरे राज्य के लिये कॉलोनाइजर्स को एक लायसेंस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भोपाल, इंदौर इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर का विकास हो रहा है, जिसके अंतर्गत सेटेलाईट सिटी भी बनाई जायेगी। भोपाल और इंदौर को मेट्रो से कनेक्ट करने के लिए आर.आर.टी.एस. की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ब्रांडेड होटल्स को विशेष सुविधाएँ देने के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध करवाएगी। आई.ई.ई.टी.एस. सिंगापुर के सहयोग से प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे प्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहाँ ऊर्जा स्टोरेज की क्षमता स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में दो लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए गए हैं। उद्योगों को कम दाम पर सोलर एनर्जी उपलब्ध करवाई जाएगी। भूमि स्थानांतरण के प्रकरणों में अनुमति लेने के बजाए स्व-आंकलन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, डायवर्जन शुल्क को भी युक्तियुक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग मित्र वातावरण बनाने के लिए शासन-प्रशासन की प्रक्रिया में व्यापक सुधार किया जा रहा है। उन्होंने निवेशक समुदाय से अनुरोध किया कि वे राज्य और यहाँ के नागरिकों के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है, इसके बारे में राज्य सरकार को अवश्य बतायें। हम एक जवाबदेह सरकार के रूप में उनका सहयोग करेंगे।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में आए उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम निवेशकों की भागीदारी से एक समृद्ध और खुशहाल मध्यप्रदेश बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र के साथ ही वन और खनिज संपदा से भरपूर राज्य है। हमारी भौगोलिक परिस्थितियाँ उद्योग अनुकूल हैं। राज्य शासन ने यह प्रयास किया है कि नियम, प्रक्रियाएँ इतनी सरल हों कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों को कोई कठिनाई न हो। अंत में आभार प्रदर्शन प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा ने किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील, वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जनम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा एवं वित्त मंत्री श्री तरुण भनोट सहित विभिन्न जन-प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

संवेदनशील दृष्टि से क्षति का आंकलन हो: राज्यपाल श्री टंडन
7 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से प्रदेश में अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के आंकलन के लिए प्रदेश प्रवास पर आये अंतर मंत्रालयीन केन्द्रीय दल ने आज राजभवन में भेंट की। राज्यपाल ने दल से कहा कि प्रदेश के अतिवृष्टि पीड़ित किसान और गरीब के प्रति संवेदनशील दृष्टि के साथ क्षति का अध्ययन किया जाए। क्षति का आंकलन उदार और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से सोयाबीन और अन्य फसलों की काफी हानि की सूचनाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बड़े भू-भाग में सोयाबीन फसल का उत्पादन होता है। अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की कृषि अर्थ-व्यवस्था में सोयाबीन का बड़ा योगदान है। फसल की क्षति से ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि मूंग, उड़द, कपास आदि अन्य फसलों की क्षति की खबरें भी प्राप्त हुई हैं। उन्होंने केन्द्रीय दल से अपेक्षा की कि फसल क्षति से प्रभावितों को उचित राहत मिले। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा राहत अधिकतम हो। केन्द्रीय दल द्वारा इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाए।
राज्यपाल को राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि से हुई क्षति के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी, राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे एवं केन्द्रीय दल के सदस्य उपस्थित थे।

"मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश" बनाना हमारा लक्ष्य
7 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मेरी प्राथमिकता मध्यप्रदेश को एक ऐसी दिशा और दृष्टि देना है, जिससे प्रदेश का हर वर्ग लाभान्वित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि हम उनका उपयोग कैसे 'मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश' बनाने में करें। पिछले दस माह में हमने इस दिशा में अपनी नीयत और नीति से यह बताया है कि हमारा लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ विकास है, जिसमें किसानों को दाम और नौजवानों को काम मिले। श्री नाथ आज होटल जहाँनुमा में निजी चैनल के 'बिजनेस लीडर्स मध्यप्रदेश सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के पास अकूत वन और खनिज संपदा है। प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र सुदृढ़ हो और किसानों की आय में वृद्धि हो, यह हमारी प्राथमिकता है। ऋण माफी के जरिए हमने किसानों के बोझ को कम किया है। अब हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि अधिक उत्पादन का किस तरह उपयोग करें, जिससे किसानों को फायदा मिले। हम कृषि और उद्योग क्षेत्र के बीच में एक सेतु बनाने का प्रयास कर रहे हैं। खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों के माध्यम से किसानों के अधिक उत्पादन का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जीडीपी का मायने हमारे लिए यह है कि मध्यप्रदेश में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ें। इससे हम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ा सकेंगे और इससे लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को हमने रोजगार से जोड़ा है। सबसे पहले निवेशकों का विश्वास मध्यप्रदेश के प्रति हो, इस दिशा में हमने काम किया है और हम काफी हद तक इसमें सफल भी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए वही निवेश महत्वपूर्ण है और उसी को हम प्रोत्साहित करेंगे जो अधिक से अधिक रोजगार दे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाए। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में मंत्रीमंडल की बैठक में हमने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो निवेश को प्रोत्साहित करने में हमारी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए हमने उद्योग नीति में प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तंत्र को निवेश सहयोगी बनाने के लिए भी हमने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा अगला कदम होगा कि हमारी कल्याणकारी योजनाओं का 'डिलेवरी सिस्टम' मजबूत हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएँ चल रही हैं लेकिन हमारी क्रियान्वयन व्यवस्था ठीक न होने से जरूरतमंदों तक उसका लाभ नहीं पहुँच रहा है।
मुख्यमंत्री ने देश में मंदी के दौर पर कहा कि इसके लिए हमें आर्थिक नीतियों में व्यापक सुधार लाना होगा और एक ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे लोगों को सहयोग मिले, परेशानी न हो। श्री नाथ ने कहा कि वर्तमान में गलत दिशा में लिए गए निर्णयों से, जिसमें जीएसटी भी शामिल है हमारी अर्थ-व्यवस्था कमजोर हुई है।
ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर श्री राज चेंगप्पा ने कहा कि मध्यप्रदेश एक खुश किस्मत राज्य है जिसे श्री कमल नाथ जी जैसा सेनापति मिला है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज देश के राज्यों के सामने मंदी के इस दौर में विकास की गति को बनाए रखना है। श्री कमल नाथ जी इस चुनौती से निपटने में सबसे सक्षम व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी छवि एक कुशल प्रशासक, कार्य करने वाले व्यक्ति और लक्ष्य को पाने वाले व्यक्ति के रूप में बनाई है। उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वे ये मानते हैं कि मध्यप्रदेश में निवेश विश्वास से आएगा, उसे माँगकर नहीं लाया जा सकता। उनका अनुभव निश्चित ही मध्यप्रदेश को ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बिजनेस लीडर्स सम्मान समारोह में मध्यप्रदेश में विनिर्माण, सेवा, निर्यात और अन्य सेवाओं के उद्योगों से जुड़े नौ उल्लेखनीय उद्योगपतियों का सम्मान किया। इस मौके पर इंडिया टूडे ग्रुप के चेयरमेन और चीफ एडीटर श्री अरुण पुरी भी उपस्थित थे।

उपयुक्त आवास मिलने तक खाली नहीँ होंगे सरकारी मकान
7 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी. सी. शर्मा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों से कहा है कि चक्की चौराहा, तुलसीनगर क्षेत्र के सरकारी आवास कर्मचारियों से तब तक खाली नहीँ कराये जाएँ, जब तक उन्हें उपयुक्त शासकीय आवास नहीँ दे दिये जाते l उन्होंने कहा कि जो आवास दिये गये, उनकी मरम्मत की जाना है, तो मरम्मत की जाये, अन्यथा दूसरे अच्छे उपयुक्त आवास आवंटित किये जायेंl
मंत्री श्री शर्मा आज स्थानीय पार्षद श्री अमित शर्मा के साथ स्मार्ट सिटी क्षेत्र मेँ आने वाले सरकारी मकानों के रहवासियों से मिलने तुलसीनगर चक्की चौराहा गये थे l चक्की चौराहा क्षेत्र वार्ड 31 के रहवासियों ने उन्हें बताया कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र मेँ उनके सरकारी आवास हैं। उनको उपयुक्त आवास दिये बिना आवास खाली करने को कहा जा रहा है l श्री शर्मा ने कहा कि रहवासियों को फिक्र करने की ज़रूरत नहीँ l उन्हें उपयुक्त आवास देने पर ही मकान खाली कराये जायेंगे।

गोंड जनजाति कला वर्ष के रूप में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस
15 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर प्रदेश के इतिहास और विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए आम लोगों की भावनाओं के अनुसार व्यापक पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में सर्वाधिक गोंड जनजाति के आदिवासी भाई मध्यप्रदेश में निवास करते हैं। स्थापना दिवस पर गोंड जनजाति की कला और उनके विशिष्ट कार्यों को पूरे देश में प्रचारित किया जाए। उन्होंने गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व, 14 नवम्बर को पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस और 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य-तिथि पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर चल रहे कार्यक्रमों की रिपोर्ट भी देने को कहा । श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में संस्कृति विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों एवं कलाकारों की मासिक सहायता और चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। उन्होंने प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब हम रहवासियों को प्रदेश के गौरव से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम विभिन्न आयोजन कर उसमें प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व पर राज्य स्तरीय समिति गठित करें और उसके माध्यम से कार्यक्रमों की रूप रेखा तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस 14 नवम्बर पर बाल सृजन केन्द्रित बहु आयामी गतिविधियों के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य-तिथि पर देश के विकास में उनके अवदान पर आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल स्थित जनजातीय संग्रहालय के आकर्षण में और अधिक इजाफा करते हुए वहाँ साउण्ड एंड लाइट शो की व्यवस्था भी करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों से जुड़ी संस्कृति, कला, जीवन आदि पर संदर्भ केन्द्र बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के पाताल कोट तामिया में भारिया जनजाति बहुतायत में रहती है। उनकी प्रगति और उनके परिवेश को संरक्षित करें।
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के नाम पर स्मारक संग्रहालय निर्माण की डीपीआर तैयार करने और भिण्ड जिले में शौर्य स्मारक निर्माण की तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया। बताया गया कि सामाजिक सद्भाव के लिए पूरे प्रदेश में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत भवन में रंग मंडल रेपर्टरी पुन: स्थापित की जाएगी। युवाओं में रचनाशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें विभिन्न कला आयामों से जोड़ा जाएगा।
बैठक में मध्यप्रदेश के चित्र शैलाश्रयों के दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण तथा लालबाग पैलेस, इंदौर के अनुरक्षण एवं विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया। मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव श्री पंकज राग एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आम आदमी के लिए जन सुविधाएँ बढ़ाना शासन का लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
15 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी की बुनियादी सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हो, जिससे वह एक सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सके। श्री कमल नाथ आज लाल परेड ग्राउण्ड में 108 जननी एंबुलेंस के 45 नए वाहनों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। ये वाहन पुराने वाहनों से रिप्लेस (परिवर्तित) किये गए हैं। मुख्यमंत्री ने 108 जननी एंबुलेंस की नई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर आम जनता की सेवा के लिए रवाना किया। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में नागरिकों को हर सुविधा मिले। एक ऐसा वातावरण प्रदेश में बने, जिसमें हर वर्ग खुश रहे और हमारा प्रदेश खुशहाल बने। श्री कमल नाथ ने कहा कि 108 जननी एंबुलेंस में पुराने वाहनों को बदला जाना इसी कड़ी में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि नई एंबुलेंस वाहन शुरू होने से सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों को सुचारू रूप से समय पर इलाज मिल सकेगा।
बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के 51 जिलों में 737 संजीवनी 108 जननी एंबुलेंस वाहन संचालित हैं। इनमें से 2.5 लाख किलोमीटर चल चुके अथवा 5 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके वाहनों में से 50 वाहनों को नए वाहनों में बदलने की योजना है। जानकारी दी गई कि जननी एक्सप्रेस योजना में अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तक मात्र छ: माह में कुल 2 लाख 94 हजार 595 गर्भवती महिलाओं तथा 39 हजार 299 बीमार शिशुओं को उपचार के लिये समय पर घर से चिकित्सालय तक पहुँचाया गया। इसी प्रकार कुल 2 लाख 64 हजार 513 महिलाओं को प्रसव उपरान्त तथा 28 हजार 24 बीमार शिशुओं को अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। कुल 77 हजार 446 हितग्राहियों को एक अस्पताल से दूसरे उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुँचाया गया।

ग्रामीण क्षेत्र के कॉमन सर्विस सेन्टर में भी जमा होंगे बिजली बिल
15 October 2019
भोपाल.ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ता अब ग्राम पंचायतों में स्थित कॉमन सर्विस सेन्टर में भी बिजली बिल जमा कर सकते हैं। इसके लिये विद्युत वितरण कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर भारत सरकार की सेवा ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ स्कीम के अंतर्गत एक समझौता किया है। इसमें एक नए विकल्प के तौर पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों की लगभग 1500 से अधिक ग्राम पंचायतों में स्थापित ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ के जरिए बिल भुगतान की सुविधा दी गई है।
ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता कॉमन सर्विस सेन्टर में अन्य नागरिक सेवाओं जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर कार्ड के साथ अब बिजली बिल भी जमा कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को अपने घर के समीप ही ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ में बिल जमा करने पर पक्की रसीद प्राप्त होगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे कॉमन सर्विस सेन्टर की सेवाओं का लाभ लें और बिजली बिल समय पर जमा करें।

अफ्रीकी देशों ने भी संविधान बनाने में ली बाबा साहेब अम्बेडकर की मदद
14 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान का निर्माण तो किया ही, साथ ही कई अफ्रीकी देशों को उनका संविधान बनाने में मदद भी की। यही कारण है कि अफ्रीकी देशों ने बाबा साहेब की समानता आधारित समाज की सोच को अपनाया है। श्री कमल नाथ छिंदवाड़ा में 63वें धम्म चक्र प्रवर्तन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हर धर्म का एक संदेश होता है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म के संदेश की आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व को आवश्यकता है। बाबा साहेब अंबेडकर देश के ही नहीं बल्कि विश्व के हैं, जिनके कारण हमारे देश की बुनियाद खड़ी है। श्री कमल नाथ ने कहा कि विभिन्न भाषा, जाति, त्यौहार और धर्म के होते हुए भारत आज बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान के कारण ही एक झंडे के नीचे खड़ा है। इतना ही नहीं, बाबा साहेब अंबेडकर की सोच के कारण ही कई अफ्रीकी देशों को स्वतंत्रता भी मिली। उन देशों ने अपने संविधान में बाबा साहेब की सोच को अपनाया। वे लोग आज भी बाबा साहेब को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बाबा साहेब एक व्यक्ति नहीं, एक सोच है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हमें नई पीढ़ी पर भी ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी की अपनी सोच है। उन्हें भारत की संस्कृति और बाबा साहेब की सोच से परिचित करवाएँ। श्री कमल नाथ ने गौतम बुध्द और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने ली सेल्फी
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पेंशनर्स समाज कार्यालय के समीप बने सेल्फी प्वाइंट पर बैठकर सेल्फी भी ली। इस अवसर पर जिले के प्रभारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे उपस्थित थे।

छठ पर्व के लिये घाटों पर सभी व्यवस्थाएँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश
14 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी शर्मा ने कहा है कि नगर के छोटे और बड़े तालाब सहित अन्य घाटों पर छठ पर्व की व्यवस्थाओं की तैयारियों का वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल में लगभग 36 घाटों पर छठ पूजा की जाती है।
मंत्री श्री शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों से कहा है कि छठ पूजा के लिये सभी कुंडों और घाटों पर पर्याप्त साफ-सफाई और रोशनी आदि की व्यवस्था की जाए। तालाब के घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जाएं।
भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष श्री कुंवर प्रसाद ने बताया कि साढे़ तीन लाख से अधिक लोग घाटों पर छठ पूजा करते हैं। छठ पर्व 31 अक्टूबर से शुरू होकर 3 नवम्बर तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 2 नवम्बर को छठ पूजा होगी।
व्यवस्था संबंधी बैठक में आयुक्त नगर निगम श्री विजय दत्ता, भोजपुरी एकता मंच के श्री लक्ष्मण सिंह, श्री गंगा जी, श्री रविन्द्र सिंह, श्री सी.पी. राय, श्री पी.के. तिवारी, श्री देवेन्द्र गिरी, मंटू गिरी आदि मौजूद थे।

हॉकी खिलाड़ियों की अकस्मात मृत्यु से हॉकी जगत को अपूर्णीय क्षति
14 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की सड़क दुर्घटना में अकस्मात मृत्यु होने पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि इन खिलाड़ियों की मृत्यु से प्रदेश के हॉकी जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।
श्री कमल नाथ ने कहा कि होनहार खिलाड़ी श्री शाहनवाज खान, श्री आदर्श हरदुआ, श्री आशीष लाल और श्री अनिकेत की दु:खद मृत्यु से उन्हें गहरा आघात पहुँचा है। उन्होंने कहा कि ये सभी खिलाड़ी मध्यप्रदेश का गौरव थे। इनसे न केवल प्रदेश को बल्कि पूरे देश को बड़ी आशाएँ थीं। श्री कमल नाथ ने कहा कि इनके दु:खद निधन से हमने उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को खो दिया है। पूरा हॉकी जगत सदैव इनकी कमी महसूस करेगा।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत खिलाड़ियों की आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिवारजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

राजभवन में दशहरा मिलन समारोह सम्पन्न
9 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन की उपस्थिति में राजभवन में आज दशहरा मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर गणमान्य नागरिकों ने राज्यपाल को दशहरे की शुभकामनाएँ दी।
राजभवन में आयोजित दशहरा मिलन समारोह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, मुख्य सचिव श्री सुधिरंजन मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह, सभी धर्मों के धर्मगुरू, सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख, मानव अधिकार आयोग के सदस्य, सूचना आयोग के सदस्य, शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, जन प्रतिनिधि, साहित्यकार, कलाकार, प्रमुख सचिव, पुलिस, प्रशासन, मीडिया के प्रमुख व्यक्ति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


प्रदेश में वास्तविक निवेश पर केन्द्रित होगा मैग्निफिसेंट एमपी समारोह
9 October 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आज इंदौर में मैग्निफिसेंट एमपी समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को आकर्षित करने के लिये यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह वास्तविक निवेश पर केन्द्रित होगा। इसमें निवेश के संबंध में गंभीर चर्चाएँ होंगी और निष्कर्षों पर अमल कराने के सुनिश्चित प्रयास भी किये जायेंगे। श्री मोहंती ने बताया कि प्रदेश में विभागवार उद्योग आधारित नीतियाँ निर्धारित करने के लिये तेजी से काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम शीघ्र ही पूरे प्रदेश में दिखाई देंगे। श्री मोहंती आज इंदौर में आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने मैग्निफिसेंट एमपी के आयोजन में आने वाले अतिथियों के लिये उनकी गरिमा के अनुरूप आवास, परिवहन, सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन की सफलता के लिये पूर्ण समन्वय के साथ टीम भावना से सभी काम समय-सीमा में पूर्ण करें। आयोजन के दौरान शहर में संपत्ति विरूपण अधिनियम का पालन सुनिश्चित करायें। अधिकारियों-कर्मचारियों के बगैर अनुमति अवकाश पर जाने पर प्रतिबंध लगायें। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि अतिथियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन की व्यापक तैयारियाँ
इंदौर संभाग के आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये इन्दौर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। शहर में आने वाले उद्योगपतियों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जायेंगी। शहर में इस आयोजन के लिये उत्सवी माहौल है। शहर के मॉल, चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों को प्रदेश में औद्योगिक संभावनाओं और अतिथियों के शानदार स्वागत की दृष्टि से सजाया जा रहा है। श्री त्रिपाठी ने बताया कि अतिथियों की सुविधा के लिये जगह-जगह मार्ग संकेतक लगाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट तथा अतिथियों के ठहरने के प्रत्येक स्थान पर समुचित स्वागत और सहायता के लिये आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ योग्य और जानकार अधिकारियों को ही तैनात किया जायेगा। आयोजन के दौरान उज्जैन रोड से एमआर-10 मार्ग पर ट्रकों का आवागमन प्रतिबंधित किया जायेगा। आयोजन स्थल पर विशिष्ट अतिथियों के वाहनों की पार्किंग के लिये उचित व्यवस्था रहेगी। पार्किंग स्थल पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया जायेगा। आयोजन स्थल पर फायर ब्रिगेड और आकस्मिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
समारोह एक नजर में
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह के अंतर्गत 17 अक्टूबर को इंदौर में प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा और मुख्य कार्यक्रम 18 अक्टूबर को होंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 18 अक्टूबर को सुबह उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस दिन 8 विशेष सत्र होंगे। सत्र दो भागों में दोपहर 2.30 बजे 3.30 बजे तक तथा शाम 4 से 5 बजे तक आयोजित किये जायेंगे। इसके बाद समापन कार्यक्रम होगा। शाम को अतिथियों के लिये सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनसम्पर्क श्री संजय शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री वरूण कपूर, ट्रायफेक के प्रबंध संचालक श्री विवेक पोरवाल, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विकास नरवाल और इंदौर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्‍य सचिव ने देखी आयोजन स्थल की व्यवस्थाएँ
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने मैग्निफिसेंट एमपी समारोह के आयोजन स्थल का भ्रमण किया। श्री मोहंती ने व्यवस्थाएँ देखीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

आजीविका मिशन की महिलाएँ नई दिल्ली फूड कोर्ट में लगाएंगी व्यंजनों के स्टॉल
9 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों की 6 महिला सदस्य 10 से 23 अक्टूबर तक नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित फूड-कोर्ट में लोगों को प्रदेश के परम्परागत व्यंजनों और मिठाईयों के स्वाद से परिचित कराएंगी। ये महिला सदस्य हैं छतरपुर जिले की सुश्री पूनम और सुश्री नीरजा अहिरवार, गुना की सुश्री गंगा अहिरवार, सीहोर की सुश्री रजनी राठौर, जबलपुर की सुश्री हिना खान और सुश्री रजनी वर्मन।
महिला सदस्यों को एम.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी ट्रेवल एण्ड टूरिज्म द्वारा दो चरणों में प्रशिक्षित किया गया है। फूड-कोर्ट का आयोजन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के सहयोग से छतरपुर, गुना, सीहोर, जबलपुर, रीवा, बड़वानी, भोपाल, इंदौर और सागर जिले में 18 से 27 सितम्बर और 3 से 7 अक्टूबर तक पाक कला और व्यवसायिकता प्रशिक्षण आयोजित किये गये। इसमें 25 स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों को स्वादिष्ट पारम्परिक व्यंजन, मिठाइयाँ और नमकीन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

ऊर्जा मंत्री श्री यादव से मिले रीवा-सोलर प्रोजेक्ट के अधिकारी
9 October 2019
भोपाल.नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव से आज मंत्रालय में रीवा अल्ट्रा सोलर परियोजना के अधिकारियों ने भेंट की। प्रमुख सचिव श्री मनु श्रीवास्तव और ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आर.आर. मीणा उपस्थित थे।
मंत्री श्री यादव को अधिकारियों ने सोलर परियोजना की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी और सौर ऊर्जा की भावी संभावनाओं पर चर्चा की।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विजयादशमी पर्व पर की शस्त्रों-वाहनों की पूजा
8 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विजयादशमी के अवसर पर आज अपने निवास पर परम्परानुसार शस्त्रों और वाहनों की पूजा की। श्री कमल नाथ ने विधि-विधान से शक्ति की देवी माँ दुर्गा के समक्ष शस्त्रों की पूजा की। उसके बाद उन्होंने वाहनों की पूजा की।
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एम.डब्ल्यू. नकवी, मुख्यमंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री प्रवीण कक्कड़, मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री अजय पाण्डे, ओ.एस.डी. श्री हृदयेश श्रीवास्तव, अन्य अधिकारी- कर्मचारी तथा सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे।


एकजुटता की संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये संकल्पित हों प्रदेशवासी
8 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति गहन आस्थाओं और उसे मिल-जुलकर मनाने की भावनाओं का ही परिणाम है कि हमारा देश सुरक्षित है और हमारी अखण्डता मजबूत है। उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरे का यह पर्व हम सब लोगों के लिए यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपनी एकजुटता की संस्कृति को न केवल अक्षुण्ण बनाये रखेंगे बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। श्री कमल नाथ आज शिवाजी नगर में दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में पहुँचते ही भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के प्रतीक चरित्रों की आरती की। उन्होंने वहाँ स्थापित माँ दुर्गा की झाँकी के भी दर्शन किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्म हमारे देश की एक सबसे बड़ी शक्ति है। हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्म की ताकत का पूरी दुनिया लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमारी यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता की परम्परा, सभ्यता और संस्कार नई पीढ़ी आत्मसात करे। उन्होंने बुजुर्गों, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे युवाओं और बच्चों को इन संस्कारों से जोड़ें और इस मार्ग पर चलने के लिए उन्हें प्रेरित भी करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप लोगों की उपस्थिति बताती है कि आने वाले समय में हमारे देश की एकता और अखण्डता सदैव सुरक्षित रहेगी।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आने वाले पाँच सालों में प्रदेश के विकास और समृद्धि में बाधा उत्पन्न करने वाली हर रावण रूपी बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया है।
समारोह को पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने भी संबोधित किया। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान गुडडू और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

खटलापुरा नाव दुघर्टना के मृतकों के परिवार आवास योजना में शामिल
8 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह खटलापुरा नाव दुघर्टना में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिये आज पिपलानी में आयोजित सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इसके पूर्व, श्री दिग्विजय सिंह और श्री शर्मा ने मृतकों के परिजनों से उनके निवास पर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। मंत्री श्री शर्मा ने सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में बताया कि मृतकों के पीड़ित परिवारों को आवास योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपये सहायता राशि तत्काल भुगतान की गई। उन्होंने बताया कि शेष 7-7 लाख रूपये सहायता राशि के भुगतान आदेश उसी समय सौंप दिये गये थे। भुगतान आदेश के अनुसार सहायता राशि पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में यथाशीघ्र पहुँचाई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में कहा कि दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु अत्यंत दु:खद है। उन्होंने कहा कि हम सब पीड़ित परिजनों के साथ हैं। श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को तत्काल 11-11 लाख रूपये की सहायता राशि की स्वीकृति जारी किया जाना मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की संवेदनशीलता की पहचान है।
आदिवासी विद्यार्थियों को कराया जायेगा देश के गाँधी स्मृति स्थलों का भ्रमण
7 October 2019
भोपाल.प्रदेश के आदिवासी छात्रावासों और शालाओं के विद्यार्थियों को इस वर्ष देश के गाँधी स्मृति स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जायेगा। आदिम जाति कल्याण विभाग ने भ्रमण कार्यक्रम के लिये जिला स्तरीय उत्कृष्ट छात्रावासों को छात्रावास 25-25 हजार रूपये और विशिष्ट विद्यालयों को 50-50 हजार रूपये की राशि स्वीकृत कर दी है।
सभी सहायक आयुक्त और जिला संयोजक से कहा गया है कि शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक परिसरों और विशिष्ट शैक्षणिक महाविद्यालयों जैसे आईआईटी और आईआईएम परिसर को भी शामिल करें।
दीपावली अवकाश
मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर रेसिडेंशियल एण्ड आश्रम एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसायटी द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में इस वर्ष दीपावली का अवकाश 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक रहेगा। इसके साथ 6 दिन जोड़कर 25 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक बच्चों को घर जाने की छूट रहेगी। प्राचार्यों से विद्यार्थियों की अर्ध-वार्षिक परीक्षाएँ 24 अक्टूबर तक पूर्ण कराने को कहा गया है। इन विद्यालयों में दशहरा का अवकाश 7 से 10 अक्टूबर तक स्वीकृत किया गया है।
आदिवासी विद्यार्थियों की कोचिंग
कक्षा 10 की परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थीयों के लिये आकाँक्षा योजना शुरू की गई है। इसमें कक्षा कक्षा 11वीं और 12वीं में अध्यनरत रहते हुए जे.ई.ई.,नीट,एम्स और क्लेट की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिये जबलपुर, इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिये दो वर्षीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
आकांक्षा योजना में 800 विद्यार्थियों को कोचिंग दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कोचिंग सेन्टर में इंजीनियरिंग के लिये 100-100 तथा मेडिकल और क्लेट के लिये 50-50 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। इस योजना में जबलपुर की मोमेंटम कोचिंग क्लास के लिये करीब 49 लाख 22 हजार रूपये की राशि विभाग द्वारा जारी की गई है।

प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन व्यवस्थाओं का मंत्री श्री शर्मा ने किया निरीक्षण
7 October 2019
भोपाल.जनसंपर्क, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाएं ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि क्रेन से प्रतिमाओं का विसर्जन सीधे तालाब में होगा। इसके साथ ही घाट पर विसर्जन कुण्ड भी बनाए गए है। विसर्जन घाट पर पर्याप्त रोशनी की एवं आवागमन के मार्ग और पर्किंग आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री शर्मा आज प्रेमपुरा घाट, भदभदा रोड की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे।
जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विसर्जन स्थल पर नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ आदि के अधिकारियो एवं कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यह अधिकारी एवं कर्मचारी पूरे समय जिम्मेदारी के साथ विसर्जन घाट पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे।

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने 1.20 लाख विद्यार्थियों को कराएंगे वन क्षेत्रों का भ्रमण
7 October 2019
भोपाल.वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने कहा है कि ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये इस वर्ष शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के 1 लाख 20 हजार विद्यार्थियों को वन क्षेत्रों में भ्रमण कराया जायेगा। श्री सिंघार आज वन विहार की विहार वीथिका में राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग आज वनों से दूर होते जा रहे हैं। इसलिये ईको टूरिज्म को प्रोत्साहित करना जरूरी हो गया है। मंत्री श्री सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश को टाईगर स्टेट घोषित किया गया है। अभी प्रदेश में 526 टाईगर हैं। इस संख्या में वृद्धि के लिये गुजरात सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया है।
श्री सिंघार ने इस मौके पर लोगों को वनों और वन्य-प्राणियों के संरक्षण, सर्वधन और सुरक्षा की शपथ दिलाई और ग्रीन कलेण्डर का विमोचन किया। इस मौके पर 'वनरक्षक प्रोटेक्टर ऑफ पेराडाइज' वृतचित्र का प्रदर्शन किया गया। वन मंत्री ने वृत चित्र के निर्माता युवा फिल्मकार श्री फरहान खान को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
पुरस्कार वितरण
वन मंत्री श्री सिंघार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी महाविद्यालयीन और विद्यालयीन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह 2019 में आयोजित प्रतियोगिताओं में करीब 3200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सप्ताह के दौरान चित्रकला, वन्यप्राणी फोटो, वन्यप्राणी संरक्षण के लिये युवा संसद, फोटोग्राफी कार्यशाला, शिक्षक कार्यशाला, सृजनात्मक कार्यशाला, रंगोली, पाम पेंटिग एवं मेहंदी क्विज, फेन्सी ड्रेस, फेस पेंटिग प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री यू. प्रकाशम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) श्री एस.पी. रयाल, प्रबंध संचालक लघु वनोपज सहकारी संघ श्री एस.के. मण्डल, प्रबंध संचालक वन विकास निगम श्री भरत कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) श्री ए.बी. गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य आयोजना एवं वन भू-अभिलेख) श्री रमेश कुमार गुप्ता और संचालक वन विहार श्रीमती कमलिका मोहन्ता उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री टंडन से उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी की सौजन्य भेंट
5 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज राजभवन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने सौजन्य भेंट की। श्री पटवारी ने राज्यपाल को प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों से अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल को विभिन्न विषयों में हुए सुधारों और परिवर्तनों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव उपस्थित थे।


जबलपुर और छिंदवाड़ा में बनाये जा रहे आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय
5 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिये छिंदवाड़ा और जबलपुर में संग्रहालय बनाये जा रहे हैं। इसके साथ ही, विशेष पिछड़ी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिये भोपाल में राज्य-स्तरीय तथा डिण्डोरी, छिंदवाड़ा और श्योपुर में जिला-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। संग्रहालयों और सांस्कृतिक केन्द्रों की स्थापना के लिये आदिम-जाति कल्याण विभाग के बजट में 53 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
छिंदवाड़ा संग्रहालय के लिये शोधकर्ताओं ने 19 आदिवासी सेनानियों और उनके 10 प्रमुख संघर्षों की गाथाएँ संकलित कर ली हैं। गाथाओं का संकलन निरंतर जारी है। संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक से गाथाओं को प्रदर्शित किया जायेगा। यहाँ तीन मुख्य गैलरियाँ होंगी, जिनमें किले, मॉडलिंग और रेखाचित्र के माध्यम से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रदर्शित किया जायेगा। संग्रहालय में मीटिंग और सेमिनार हॉल अलग-अलग रहेंगे। इसके अलावा, फूड कोर्ट भी होगा, जिसमें पर्यटकों के लिये प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के पारम्परिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। पर्यटक संग्रहालय की गतिविधियों को वीडियो मोबाईल एप के माध्यम से भी देख सकेंगे। मोबाईल एप से लोकेशन के आधार पर पर्यटकों को गाइड की तरह रनिंग कॉमेन्ट्री दी जा सकेगी।
जबलपुर में आदिवासी समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, प्रदेश की विशेष पिछड़ी बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति की संस्कृति तथा कलाओं के संरक्षण के लिये भोपाल में राज्य-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। डिण्डोरी, छिंदवाड़ा और श्योपुर में जिला-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र बनाये जा रहे हैं।

नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी की रेरा अध्यक्ष श्री डिसा से सौजन्य भेंट
4 October 2019
भोपाल.नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी ने आजयहाँ रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कैलाश जीकी धर्मपत्नि श्रीमती सुमेधा कैलाश भी मौजूदथीं।
श्री सत्यार्थी ने रेरा भवन का अवलोकन किया तथा श्री डिसा से विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन, रेरा सदस्य (न्यायिक) श्री दिनेश कुमार नायक, सदस्य (तकनीकी) श्री अनिरूद्ध डी. कपाले, सचिव श्री चंद्रशेखर वालिम्बे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे!


मध्यप्रदेश में वर्षा से हुई भारी तबाही को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखा जाए
4 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश में अति-वृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का ज्ञापन सौंपा। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे पुन: केन्द्रीय अध्ययन दल प्रदेश में भेजें, जिससे क्षति का वास्तविक आकलन हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रदेश में वर्षा के कारण हुई भारी तबाही को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखने की माँग की।
केन्द्र तत्काल जारी करे 9 हजार करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से एनडीआरएफ से अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए लगभग 9 हजार करोड़ रुपये की मदद देने का आग्रह किया, जिससे किसानों और आम लोगों को हुए नुकसान की तुरंत भरपाई की जा सके।
मध्यप्रदेश में खरीफ फसलों को हुए नुकसान से पूरा देश प्रभावित
श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों को जो क्षति पहुँची है, उससे पूरा देश प्रभावित होगा क्योंकि मध्यप्रदेश में उत्पादित फसलें पूरे देश की जरूरत पूरी करती हैं। उन्होंने कहा कि अति-वृष्टि और बाढ़ के कारण प्रदेश को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को मदद देने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से लगभग 45 मिनिट तक चर्चा हुई। उन्होंने राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई तबाही से किसानों, मकानों, भवनों तथा अन्य क्षति की जानकारी से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। राज्य के 52 जिलों में से 20 जिलों में सामान्य से अधिक 60 प्रतिशत वर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि मालवा क्षेत्र के मंदसौर, नीमच और आगर-मालवा अत्याधिक वर्षा के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। धान को छोड़कर सभी फसलें प्रभावित हुई हैं। लगभग एक लाख मकानों को नुकसान पहुँचा है। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि अति-वृष्टि के कारण 242 गाँवों को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से खाली कराया गया। लगभग 1100 किलोमीटर सड़क मार्ग और 1700 से अधिक पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार, भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियों की मदद से 75 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुँचाया गया। सभी प्रभावितों की रहने, खाने, कपड़ों, दवाई आदि की व्यवस्था की गई। इसमें स्वयंसेवी संगठनों ने भी सरकार की मदद की है।
केन्द्रीय अध्ययन दल दोबारा करे प्रदेश का दौरा
श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में केन्द्रीय अध्ययन दल आने के बाद से प्रदेश में अब तक बारिश का दौर जारी है। इसलिए एक बार फिर से नुकसान का सर्वे करवाया जाए, जिससे जो क्षति हुई, उसका वास्तविक आकलन किया जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय राहत कोष (एनडीआरएफ) से 6621.28 करोड़ रुपये और अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए 2285.88 करोड़ रुपये तत्काल उपलब्ध करवाने को कहा, जिससे किसानों और अन्य प्रभावितों को तत्काल मदद दी जा सके।

शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में 31 मिलावटखोरों पर रासुका में कार्रवाई
4 October 2019
भोपाल.प्रदेश में विगत 19 जुलाई से मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ चलाये जा रहे शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में अब तक 31 कारोबारियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में कार्यवाही की गई है। इसके अलावा 87 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। अभियान पूरे प्रदेश में निरन्तर जारी है।
अभियान के अन्तर्गत अब तक दूध, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों तथा पान मसाला सहित कुल 6,463 नमूने जाँच के लिये एकत्रित किये गये। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने 1484 नमूनों के जाँच प्रतिवेदन जारी किये हैं। इसमें से 491 नमूने अमानक, 112 नमूने मिथ्या छाप, 29 नमूने अपदृव्य, 27 नमूने असुरक्षित, 803 नमूने मानक स्तर और 22 नमूने प्रतिबंधित स्तर के घोषित किये गये हैं।

किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की कमी ना हो: मंत्री डॉ.गोविंद सिंह
3 October 2019
भोपाल.गोविंद सिंह ने दतिया में जिला योजना समिति की बैठक में किसानों के लिए खाद, बीज और कीटनाशक की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इसका पर्याप्त मात्रा में भंडारण कराया गया है।
सहकारिता मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यानिकी फसलें लेने के लिए प्रेरित करें। हर विकासखण्ड में कम से कम दो उद्यानिकी फसलें विभागीय स्तर पर ली जायें, जिसे देखकर किसानों को प्रेरणा मिले। डॉ. गोविंद सिंह ने बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए गठित समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा।
मंत्री डॉ. सिंह ने अति-वर्षा से प्रभावित फसलों का सर्वे जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में कोई भी प्रभावित किसान छूटना नहीं चाहिए। डॉ. सिंह ने जिले में गौ-शालाओं का शीघ्र निर्माण कराने पर बल दिया। वनाधिकार पट्टों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी के आधार पर अमान्य किए गए वनाधिकार पट्टों के प्रस्तावों पर दस्तावेजों की पूर्ति कराकर अग्रिम कार्यवाही करें।

रायसेन बस दुर्घटना में घायल यात्रियों से मिलने अस्पताल पहुँचे मंत्री डॉ. चौधरी
3 October 2019
भोपाल.रायसेन जिला मुख्यालय के समीप बुधवार की देर रात रीछन नदी के पुल पर बस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दल-बल सहित घटना स्थल पर पहुँचे और बस में फँसे लोगों को निकाला। घायल यात्रियों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर रूप से घायलों को भोपाल के शासकीय हमीदिया अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बस दुर्घटना में 7 यात्रियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। नौ यात्रियों को गंभीर चोटें आयीं तथा अन्य 9 यात्रियों को मामूली चोटें आयीं।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी घटना की जानकारी मिलते ही घायल यात्रियों से मिलने जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिये। डॉ. चौधरी ने मृतक यात्रियों के परिजनों से मिलकर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढाँढस बँधाते हुए कहा कि दु:ख की इस घड़ी में शासन-प्रशासन हर संभव सहायता के लिये आपके साथ है।
मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बस दुर्घटना में मृत, गंभीर रूप से घायल और अन्य घायल यात्रियों के परिवारों को तुरंत कुल 29 लाख 82 हजार 500 रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की। बस दुर्घटना में मृत 7 यात्रियों के परिजनों को आरबीसी-6 (4) के अंतर्गत 4-4 लाख रुपये और रेडक्रॉस की ओर से 10-10 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी गई। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को 7500-7500 रुपये तथा अन्य घायलों को 5-5 हजार रुपये आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की गई।
प्रभारी मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा गहन दु:ख व्यक्त
रायसेन जिले के प्रभारी कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने बस दुर्घटना पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत यात्रियों के प्रति शोक-संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की। श्री यादव ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। प्रभारी मंत्री ने चिकित्सकों से घायल यात्रियों के उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक निर्देश भी दिये।

राज्यपाल श्री टंडन से पैरा स्वीमर श्री सत्येन्द्र सिंह की सौजन्य भेंट
3 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज राजभवन में विक्रम पुरस्कार से सम्मानित पैरा स्वीमर श्री सत्येन्द्र सिंह ने सौजन्य भेंट की। श्री टंडन ने श्री सिंह को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। श्री सत्येन्द्र सिंह ने राज्यपाल को बताया कि वे प्रदेश के पहले पैरा स्वीमर हैं, जिन्होंने रिले स्वीमिंग में इंग्लिश चैनल और यू. एस. ए. की कैटरीना चैनल को पार किया है।



हिन्दी भाषा और भारत की तस्वीर एक ही है : राज्यपाल श्री टंडन
2 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि हिन्दी भाषा और भारत की तस्वीर एक ही है। आजादी की लड़ाई में हिन्दी भाषा की उल्लेखनीय भूमिका रही है। राज्यपाल आज यहाँ हिन्दी भवन में मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी की बात करने का यह मतलब नहीं कि हिन्दी को दूसरी भाषाओं पर थोपा जाये। उन्होंने गाँधी जी, स्वामी दयानंद सरस्वती और देश के विभिन्न क्षेत्रों के दूसरी भाषाओं के प्रबुद्धजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृ भाषा को सम्मान देते हुए सभी हस्तियों ने राष्ट्रभाषा हिन्दी को सर्वोपरि स्थान दिया। जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गाँधी दर्शन और गाँधी विचार वास्तव में भारतीय समाज के विचार है, भारत का दर्शन है। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने विश्व को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। गाँधी जी की 150वीं जयंती पर संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अहिंसा सर्वोपरि विचारों के प्रचार-प्रसार के लिये कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने परस्पर सद्भाव और समरसता का दर्शन दिया। श्री शर्मा ने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिये निरंतर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा कार्य-व्यवहार में हिन्दी को अपनाने वाले, बढ़ावा देने वाले गैर हिन्दी सेवियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, संचालक श्री कैलाशचन्द पंत, साहित्यकार और हिन्दी भाषा प्रेमी मौजूद थे।
शास्त्रीय संगीत आराधना का माध्यम भी : राज्यपाल श्री टंडन
2 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में नाद स्वर को ब्रह्म माना गया है। नाद को मुखरित करने वाले ब्रह्म परमात्मा की वाणी बोलते हैं। शास्त्रीय संगीत के अनेक स्वर और भाव ईश्वर की आराधना के माध्यम हैं। श्री टंडन आज राजभवन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर संगीत संध्या में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पद्मश्री संगीतज्ञ गुंदेचा बंधुओं ने गायन प्रस्तुतियां दीं।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में ज्ञान का उतनी संपूर्णता से चिंतन नहीं हुआ है, जितना हमारे देश में हुआ है। उन्होंने कहा कि ध्रुपद के प्रसिद्ध संगीतज्ञ गुंदेचा बंधुओं ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को दुनिया में ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हम सबके लिए यह गर्व का विषय है। उन्होंने गुंदेचा बंधुओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपरा को सारी दुनिया में और अधिक विस्तार करने की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था महात्मा गांधी के त्याग, बलिदान और संघर्ष की देन है। उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के रूप में राजभवन में संगीत संध्या की गई है। महात्मा गांधी ने सारा जीवन एक दर्शन के साथ जिया। श्री टंडन ने कहा कि दीन दुखियों की आवाज बनकर उन्होंने दुनिया को एक नई दिशा दी। मानवता को उनका संदेश, उनका जीवन ही है। महात्मा गांधी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा के ऐसे शस्त्र दिए हैं, जिनका अलग-अलग समय और देशों में सफलतापूर्वक प्रयोग हुआ है ।
संगीत संध्या में ध्रुपद गायक पद्मश्री उमाकांत और रमाकांत गुंदेचा के ध्रुपद गायन की रागों बंदिशों पर सुर, लय, ताल की सुमधुर प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया। गुंदेचा बंधुओं के गायन ने सभी का मनमोह लिया। कार्यक्रम में गुंदेचा बंधुओं ने गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दी। उन्होंने 'वैष्णव जन तो तेने कहिये...' को राग खमाज में और 'साधो मन का मान त्यागो' को राग हंसध्वनि में प्रस्तुत कर भक्ति भाव की अविरल धारा प्रवाहित कर दी।
जब 'हम सब माँहि, सकल हम मॉहि' की राग भैरवी में गुंदेचा बंधुओं की प्रस्तुति के लचीले, भावपूर्ण रसग्राही स्वरों से श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये। मधुर राग चारुकेशी में 'झीनी झीनी चदरिया' की शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने अनूठी छठा सभागार में बिखेर दी।
संगीत संध्या में उमाकांत रमाकांत गुंदेचा को गायन में पखावज पर अखिलेश गुंदेचा और ह्रदेश चोपड़ा ने संगत दी। उनके साथ तानपुरे पर अनंत और धानी गुंदेचा ने सुर साधे। राज्यपाल श्री टंडन ने कार्यक्रम के प्रारंभ में उमाकांत रमाकांत गुंदेचा, अखिलेश गुंदेचा, ह्रदेश चोपड़ा, धानी गुंदेचा, अनंत गुंदेचा और अनिरुद्ध व्यंकटेश का शॉल, श्रीफल, पुष्प भेंट कर सम्मान किया।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा "मध्यप्रदेश और गाँधी जी" पुस्तक का लोकार्पण
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज यहाँ भारत भवन में गाँधी जयंती पर आयोजित 'गाँधी पर्व'' समारोह में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित 'मध्यप्रदेश और गाँधी जी'' पुस्तक का लोकार्पण किया। ज्ञातव्य है कि 'मध्यप्रदेश और गाँधी जी'' पुस्तक का प्रथम संस्करण वर्ष 1969 में गाँधी जन्मशती वर्ष पर प्रकाशित किया गया था। आधी शती के बाद, अब गाँधी जी के 150वें जन्म-दिवस पर इस पुस्तक का पुन: प्रकाशन किया गया है।
यह पुस्तक गाँधी जी की तत्कालीन मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों के संकलन का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक दो हिस्सों में परिपूर्ण है। पहला खण्ड 'पदचिन्ह'' गाँधी जी द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों में की गई दस यात्राओं पर केन्द्रित है। दूसरे खण्ड 'प्रेरणा'' में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा पूर्ण रूप से अनुप्राणित स्वाधीनता आंदोलन की चर्चा है, जिसने पूरे मध्यप्रदेश में जन-जागृति के नये मंत्र का संचार किया था।
पुस्तक में प्रकाशित संदेश में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गाँधी जी का दर्शन और विचार समय की सीमाओं से परे है और हर काल-खण्ड में प्रासंगिक है। यही कारण है कि आज भी किसी राष्ट्रीय समस्या पर सम्यक रूप से विचार करने की प्रक्रिया गाँधी जी के बगैर संभव नहीं लगती।
आयुक्त एवं सचिव जनसम्पर्क श्री पी. नरहरि ने पुस्तक के प्राक्कथन में कहा कि महात्मा गाँधी की जीवन-यात्रा, दर्शन, चिंतन, दृष्टि और विचारों की सम्पदा से नई पीढ़ी भी अपना मार्ग प्रशस्त कर सकेगी। इससे नई पीढ़ी वैचारिक रूप से भी समृद्ध होगी।

देश, दुनिया और समाज में तनाव से मुक्ति का सशक्त माध्यम है गाँधी मार्ग : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आज देश, दुनिया और समाज में जो तनाव है, उससे मुक्त होने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों को अपना कर उनके दिखाए गए मार्ग पर चलना जरूरी है। मुख्यमंत्री आज यहाँ महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर आयोजित पद-यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने रोशनपुरा चौराहे से मिंटो हाल स्थित गाँधी जी की प्रतिमा तक पद-यात्रा की। श्री कमल नाथ ने महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे पुरानी विधानसभा के चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थल पर पहुँचे और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी सिर्फ भारत ही नहीं, विश्व के नेता थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्य स्थल पर भी महात्मा गाँधी का चित्र लगा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में एक समय ऐसा आता है, जब सही राह की आवश्यकता होती है। आज हमारे देश, समाज और पूरी दुनिया में जो हालात हैं, उसका निदान महात्मा गाँधी के बताए मार्ग पर चलकर ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने अपने साधारण व्यक्तित्व से अंग्रेजों का मुकाबला कर उनसे भारत को मुक्ति दिलाकर असाधारण और अभूतपूर्व काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश अगर गाँधी जी के रास्ते पर नहीं चला, तो मुझे यह कहने में कतई संकोच नहीं है कि हम और हमारी संस्कृति, दोनों नष्ट हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को गर्व है कि उसका नेतृत्व महात्मा गाँधी जैसे महानतम् व्यक्ति ने किया है। आज कांग्रेस पार्टी समाज को देश को जोड़ने की अगर बात करती है, तो यह देन महात्मा गाँधी की है। उन्होंने कहा कि बापू के प्रति हमारी निष्ठा और सम्मान है, तो यह हमारे देश और समाज के लिए भी है।
इस अवसर पर मिंटो हाल स्थित गाँधी जी के प्रतिमा स्थल पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में श्रीमती विभा शर्मा और उनके साथियों द्वारा गाँधी जी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीर पराई जाने रे'' और 'पायो जी मैंने, राम रतन धन पायो'' की अविस्मरणीय प्रस्तुति दी गई।
सामान्य प्रशासन मंत्री श्री गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री संजय कपूर, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री चंद्रप्रभाष शेखर, महामंत्री श्री राजीव सिंह, कांग्रेस मीडिया प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुश्री शोभा ओझा, कांग्रेस मीडिया समन्वयक श्री नरेन्द्र सलूजा, श्री प्रकाश जैन, श्री कैलाश मिश्रा, श्री अरूण श्रीवास्तव, श्री गोविंद गोयल, मोहम्मद सलीम एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

गाँधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाए युवा पीढ़ी : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने देश की युवा पीढ़ी का आव्हान किया है कि वे गाँधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाएँ तथा जीवन में उस पर अमल करें। उन्होंने कहा कि गाँधी जी के मूल्यों को सुरक्षित रखकर ही हम मानव जाति को संकट से बचा सकते हैं। श्री कमल नाथ गाँधी जयंती पर संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन में आयोजित 'गाँधी पर्व'' समारोह का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी ने पूरे विश्व को अपने विचारों, सिद्धांतों और मूल्यों से जोड़ा। उनका सम्पूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति में रचा-बसा था। वे अपने कर्म और आचरण को समान रखते थे। उन्होंने एक साधारण लिबास के जरिए न केवल हिन्दुस्तान में अहिंसक क्रांति की बल्कि पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से कहा कि वे गाँधी को जानें तथा उनकी सोच और विचार में भारतीय संस्कृति और उसकी विविधता, सद्भाव, समानता तथा एकता का समावेश है। उन्होंने कहा कि गाँधी जी को अपने जीवन में अपनाने से न केवल अपने देश को बल्कि दुनिया को विभिन्न संकटों से मुक्ति दिला सकेंगे।
संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि बापू नाम के छोटे से शब्द में पूरे हिन्दुस्तान और दुनिया को हिला कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व में हथियारों की होड़, आतंकवाद और धार्मिक उन्माद की चुनौतियाँ सामने हों, तब हमें राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचार प्रासंगिक लगते हैं। उन्होंने बताया कि गाँधी जी जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए संस्कृति विभाग द्वारा रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न बोलियों में जो राष्ट्रभक्ति के गीत गाये जा रहे थे, उनका दस्तावेजीकरण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 'गाँधी पर्व'' पर 'फिर गाँधी'' कला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में गाँधी जी के जीवन और विचारों पर आधारित चित्र, शिल्प और पोस्टर प्रदर्शित किये गये। प्रदर्शनी में गाँधी जी को आधुनिक तकनीक के जरिए आम लोगों तक पहुंचाने से संबंधित श्री सुबोध केरकर द्वारा बनाये गये एप को भी रेखांकित किया गया है। प्रदर्शनी में वर्ष 1937 में महात्मा गाँधी की हृदय संबंधी जाँच का दस्तावेज भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति दिल्ली एवं मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से आयोजित खादी कला प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस मौके पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा गाँधी जी की मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों पर 50 वर्ष पूर्व प्रकाशित पुस्तक के पुन: प्रकाशन का विमोचन किया। गाँधी जी पर पंडित विश्वम्भरनाथ पाण्डे द्वारा लिखित पुस्तक 'उमरेठ के गाँधी'', प्रोफेसर महेशदत्त मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक 'हरदा के गाँधी'', सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री ध्रुव शुक्ला द्वारा संपादित गाँधी पर केन्द्रित साक्षात्कार पत्रिका, आश्रम भजनावली के गीत एवं सुराज गीत आधारित चित्र अभिव्यक्तियों का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गाँधी के विचारों, आदर्शों और दर्शन पर समर्पित पुणे की लोकायत्त संस्था को उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए राष्ट्रीय महात्मा गाँधी अलंकरण सम्मान दिया गया। सम्मान स्वरूप संस्था के श्री नीरज जैन को दस लाख रूपये की सम्मान निधि, शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रशस्ति वाचन प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में "वन्दे-मातरम्" सामूहिक गायन
1 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में आज मंत्रालय स्थित सरदार पटेल पार्क में राष्ट्रगीत 'वन्दे-मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' का सामूहिक गायन सम्पन्न हुआ। जन-सामान्य ने बढ़ी संख्या में शौर्य स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुलिस बैंड के साथ मंत्रालय तक मार्च किया। पुलिस बैंड निरंतर देशभक्ति पूर्ण गीतों की धुनों के साथ वल्लभ भवन की ओर अग्रसर हुआ।
सरदार पटेल पार्क में सामूहिक गायन में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, मुख्य सचिव श्री एस.आर.मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव जल-संसाधन श्री एम. गोपाल रेड्डी, अपर मुख्य सचिव आयुष श्रीमती शिखा दुबे, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन सहित बड़ी संख्या में मंत्रालय, विंध्याचल तथा सतपुड़ा भवन में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए।

भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के हर काम की टाइम लाइन बनायें
1 October 2019
भोपाल. भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के हर काम की टाइम लाइन बनायें और उसी के अनुसार काम करें। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फण्ड की कमी नहीं हो, इसके लिये जिन अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से लोन के लिए एग्रीमेंट हुआ है, उनसे सतत् सम्पर्क में रहें। उन्होंने कहा कि जरूरी एक्सपर्ट स्टाफ की भर्ती करें। श्री सिंह ने कहा कि ट्रेन शुरू करने की जो समय-सीमा है, उस समय-सीमा में ही कार्य पूरा होना चाहिए।
साथ-साथ करें पुनर्वास कार्य
मंत्री श्री सिंह ने कहा है कि मेट्रो ट्रेन के कारण प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास का कार्य भी निर्माण के साथ-साथ करें। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास होने चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि जिस विभाग का काम हो, उस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से सीधे बात कर समस्या का निराकरण करें। अनावश्यक पत्राचार में समय खराब न करें। श्री सिंह ने इंदौर में बिजली लाइन की शिफ्टिंग का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिये।
एयरपोर्ट तक का डी.पी.आर. बनायें
श्री सिंह ने कहा कि करोंद से एयरपोर्ट तक का डी.पी.आर. जल्द बनायें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रेन ले जाना है। अधिकारियों ने भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के लिये चल रहे कार्यों का प्रजन्टेशन दिया।
इस मौके पर प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, एडिशनल कमिश्नर श्री स्वतंत्र सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गाँधी जयंती पर मिन्टो हॉल में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश का व्याख्यान
1 October 2019
भोपाल.गाँधी जयंती 2 अक्टूबर को पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश मिन्टो हॉल में सुबह 10.30 बजे 'गाँधी दर्शन-पर्यावरण और प्रकृति' विषय पर व्याख्यान देंगे। पर्यावरण एवं लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। महात्मा गाँधी फेलोशिप, इंदिरा गाँधी फेलोशिप और राष्ट्रीय हरित कोर से संबंधित विद्यार्थी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। ज्ञातव्य है कि पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) ने 2 अक्टूबर 2018 से महात्मा गाँधी के विचारों पर केन्द्रित व्याख्यान माला की शुरूआत की थी।


पाँच दिवसीय गाँधी पर्व 2 से 6 अक्टूबर तक
30 September 2019
भोपाल. संस्कृति विभाग द्वारा गाँधी जयंती 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक पाँच दिवसीय गाँधी पर्व मनाया जायेगा। पर्व में रोज शाम 7 बजे से भारत भवन में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। दो अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 'फिर गाँधी' कला प्रदर्शनी, 'खादी कला प्रदर्शनी', मध्यप्रदेश में महात्मा और 'मोहन से महात्मा' प्रदर्शनी आयोजित की जायेगी। इसी दिन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जनसम्पर्क विभाग के प्रकाशन 'मध्यप्रदेश में गाँधी' सहित अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी करेंगे।
गाँधी पर्व में गाँधी जी के आचार-विचार पर केन्द्रित प्रकाशनों तथा ऑडियो सी.डी. का विमोचन होगा। मैहर वाद्य वृन्द की तरफ से आश्रम-भजनावली प्रस्तुतिकरण के साथ राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान अलंकरण भी होगा। शाम 7 बजे नई दिल्ली की सुश्री गीता चंद्रन 'गाँधी : ताना-बाना' नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी।
गाँधी पर्व में 3 अक्टूबर को शाम 7 बजे गाँधी जी के विचारों पर एकाग्र शैरी नशिस्त में सुश्री परवीन कैफ, मुम्बई की सुश्री लता हया और श्री इब्राहिम अश्क प्रस्तुती देंगे। इसके बाद नई दिल्ली की सुश्री विद्या शाह का गायन होगा। चार अक्टूबर को रीवा के श्री शशि कुमार पाण्डेय, श्री सुराज गीत तथा पुणे की सुश्री शमा भाटे द्वारा नृत्य नाटिका 'पीर पराई जाणे रे' होगी।
चौथे दिन 5 अक्टूबर को भोपाल की सुश्री कीर्ति सूद आश्रम भजनावली के पदों का गायन, अलवर के श्री जुम्मे खाँ मेवाती गाँधी गीत और अहमदाबाद के श्री शिशिर भट्ट वैष्णव भजन प्रस्तुत करेंगे।गाँधी पर्व के आखिरी दिवस 6 अक्टूबर को दिल्ली की सुश्री फौज़िया दास्तानगो और श्री फज़ल द्वारा 'दास्तान ए गाँधी : दास्तान गोई' प्रस्तुत किया जायेगा। इसके बाद राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुति 'पहला सत्याग्रही' नाटक का मंचन होगा।

मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह अति-वृष्टि प्रभावित किसानों से मिले
30 September 2019
भोपाल. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राजगढ़ जिले के ग्राम रामलीवे में अति-वृष्टि से प्रभावित किसानों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनी। श्री सिंह ने किसानों को उनकी हर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया।
श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि मोहनपुरा डेम के कारण खराब हुई सड़कों की जल्द मरम्मत करवायें। उन्होंने बताया कि राजगढ़ को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। विधायक श्री बापूसिंह तंवर एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।


आपकी सरकार-आपके द्वार शिविर में आवेदन का होगा निराकरण मंत्री श्री सिंह
30 September 2019
भोपाल. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह अपने प्रभार के आगर जिले की सुसनेर तहसील में 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का तुरन्त निराकरण करने के लिये ही 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर के माध्यम से सरकार जनता के दरवाजे पर पहुँच रही है। सरकार की मंशा शासन, प्रशासन एवं जनता के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि किसान भाई किसी भी बात की चिन्ता न करें, सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। अति-वृष्टि से हुई फसल नुकसानी का सर्वे करवाकर सभी किसानों को पूरा मुआवजा अतिशीघ्र दिया जाएगा। अतिवृष्टि से मकान आदि की नुकसानी का भी आकलन करवाकर राहत राशि का शीघ्र वितरण कराया जाएगा।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जय किसान ऋण माफी योजना में किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में नल के माध्यम से पानी मिले, ऐसी व्यवस्था जिले में सुनिश्चित की जाएगी।
श्री सिंह ने शिविर में क्षेत्रीय जनता की समस्याएँ सुनीं। करीब 283 आवेदकों ने उन्हें समस्या संबंधी आवेदन दिए। श्री सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये किसी भी स्थिति में परेशान न हो, उनकी समस्या सुनकर निराकरण सुनिश्चित करें।
श्री सिंह ने विधायक श्री विक्रम सिंह राणा गुड्डू के साथ डूब प्रभावित सोयत नगर का दौरा किया । डूब प्रभावित 23 दुकानदारों को 25-25 हजार की आर्थिक सहायता के प्रमाण पत्र बांटे। जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए उन्हें 99 हजार 100 रूपये की आर्थिक सहायता उनके निजी खाते में जमा करने का आश्वासन दिया। किसानों को उनकी बिगडी फसल का पूरा मुआवजा दिलाने, सोयत नगर में नये बस-स्टेण्ड बनाने और ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने का आश्वासन दिया।

गाँधी जी का 150वाँ जयंती वर्ष पूरे प्रदेश में समारोह पूर्वक मनाया जायेगा
28 September 2019
भोपाल.राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के 150वें जयंती वर्ष को पूरे प्रदेश में समारोहपूर्वक मनाया जायेगा। जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये गये हैं कि गाँधी जी के सिद्धांतों, विचारों और प्रेरणाओं को बच्चों, युवाओं और आमजन तक पहुँचाने के लिये 2 अक्टूबर 2019 से 2 अक्टूबर 2020 तक लगातार गतिविधियाँ आयोजित करें।
प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों में गाँधी जी के आदर्शों, विचारों एवं प्रेरणाओं पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण, क्विज, विचार गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। शहर के वरिष्ठ नागरिकों, लेखकों, कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं को कार्यक्रमों से जोड़ा जायेगा।
गाँधी जयंती पर 2 अक्टूबर को जिलों में प्रभात फेरी निकाली जायेगी। इसमें शहर के संस्कृति कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल होंगे। प्रभात फेरी के समापन स्थल पर भजन कार्यक्रम होगा। गाँधी जी के जीवन दर्शन, ग्राम स्वराज, नशा मुक्ति, कुटीर उद्योगों पर आधारित प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जायेगा।

बुरहानपुर में पारम्परिक कुओं-बावड़ियों के संरक्षण के लिये एप्को की कार्य-योजना
28 September 2019
भोपाल.पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) ने बुरहानपुर जिले के पारम्परिक जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। एप्को ने कार्य-योजना बनाकर स्थानीय नगरीय निकाय के माध्यम से उसका क्रियान्वयन शुरू कराया है।
कार्य-योजना के अनुसार बुरहानपुर जिले में 71 पारम्परिक कुओं और बावड़ियों तथा कुण्डी भण्डारा के कछार क्षेत्र का संरक्षण किया जा रहा है।इसी तरह 250 शासकीय भवनों के 5807 वर्गमीटर क्षेत्र में वर्षा जल संचयन का कार्य किया जा रहा है। बुरहानपुर नगर के कुण्डी भण्डारा केचमेंट क्षेत्र में ईको रेस्टोरेशन शुरू किया गया है। इससे केचमेंट क्षेत्र के करीब 325 हेक्टेयर भूमि में वन क्षेत्र का ईको रेस्टोरेशन होगा।
देश में एक मात्र जीवित भूमिगत भू-जल संरचना बुरहानपुर के ऐतिहासिक कुण्डी भण्डारे के नाम से प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को हेरिटेज सिटी नेटवर्क के अंतर्गत कनात नाम से जाना जाता है। करीब 600 वर्ष ईसा पूर्व ताप्ती नदी के किनारे बसे बुरहानपुर में 1500 वर्ष काल में 11 राज घरानों ने राज किया। शहर में जल प्रबंधन का अनूठा नमूना है। यहाँ का कुण्डी भण्डारा जल संरक्षण कर लोगों तक पीने का पानी पहुँचाने की विशिष्ट मानव निर्मित संरचना है, जो पूरे देश में सिर्फ यहीं है, जो अभी भी कार्य कर रही है।
मुगल काल के सूबेदार अब्दुल रहीम खानखाना ने 1615 ईसवी में कुंडी भण्डारा को बनाया था। इसमें सतपुड़ा पर्वत मालाओं से ताप्ती की ओर प्रवाहित जल स्त्रोतों का पानी जमीन से 80 फीट नीचे इकट्ठा किया जाता था। इसे भूमिगत नहरों से बुरहानपुर नगर की ओर भेजा जाता था। यह स्थान शहर से 7 किलोमीटर दूर है। पूरे रास्ते में 108 कुंडियाँ ऊपर से खुली हैं ताकि हवा के दबाव से भूमि के चेनल के अन्दर के पानी को एक शक्तिशाली दबाव से ऊपर उठाया जा सके। इस तरह की भूमिगत नहर प्रणाली ईरान-ईराक जैसे देशों में व्यापक स्तर पर बनाई गई है। बुरहानपुर की 400 वर्ष पुरानी इस धरोहर की तकनीक, अभियांत्रिकी, कार्यप्रणाली और डिजाईन को देखने और समझने के लिये दुनिया भर के लोग बुरहानपुर आते हैं। कुंडी भण्डारा का केचमेंट क्षेत्र लगभग 1200 हेक्टेयर है। इससे अभी भी शहर में 10 से 15 प्रतिशत पानी की आपूर्ति होती है।
बुरहानपुर में मंजूर जल संरक्षण योजना में सामूहिक जन-भागीदारी से परम्परागत जल संग्रहण संरचनाओं की मरम्मत और सफाई का काम किया जा रहा है। शहर में चारागाह विकास और मृदानमी संरक्षण का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। शहर में सामुदायिक जन-भागीदारी से वृक्षारोपण की मुहीम भी चलायी गई है।

राज्यपाल श्री टंडन द्वारा विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति का त्यागपत्र अस्वीकृत
27 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा का त्यागपत्र अस्वीकृत कर दिया है। राज्यपाल ने कुलपति प्रो. शर्मा को पद पर कार्य करते रहने के निर्देश दिये हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति पद से प्रो. शर्मा का त्याग-पत्र मिलने पर उन्हें समक्ष में उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे। श्री टंडन ने प्रो. शर्मा से त्याग-पत्र के कारणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के उदंडतापूर्ण व्यवहार से शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही हैं। छात्रों के ऐसे व्यवहार से आहत होकर वे कुलपति पद से त्याग-पत्र देने को विवश हुए हैं।
श्री लालजी टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के पक्ष को गंभीरता पूर्वक सुनने के बाद कहा कि विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अभद्र व्यवहार और उदंडतापूर्ण आचरण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। श्री टंडन ने प्रो. शर्मा से कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर में अनुशासन स्थापित करने के संपूर्ण अधिकार हैं। प्राप्त अधिकारों का निष्पक्ष रहकर विवेकपूर्ण उपयोग करें। उदंड तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा और शिक्षण व्यवस्था के लिए अनुशासित व्यवहार अनिवार्य है। राज्यपाल ने कहा कि कुलपति के वैधानिक और न्याय संगत कार्यो को राजभवन से पूरा सहयोग मिलेगा। श्री टंडन ने प्रो. बालकृष्ण शर्मा का त्याग-पत्र अस्वीकार करते हुए उन्हें पद पर कार्य करते रहने के निर्देश दिए।

भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित और सुन्दर प्रदेश का निर्माण करें : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय परिसर में अति दुर्लभ प्रजाति का शल्य कर्णी पौधा लगाया। हरा भोपाल शीतल-भोपाल अभियान में मंत्रालय में बनाए गए अदिती वन में संकटापन्न एवं दुर्लभ प्रजातियों के 32 में से 30 प्रजातियों का पौध-रोपण मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बढ़ते हुए प्रदूषण की रोकथाम और पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को जीवित रखने के लिए जंगलों को बचाना जरूरी है। श्री कमल नाथ ने कहा कि हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित और सुंदर प्रदेश का निर्माण करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा लगाया गया संकटापन्न प्रजाति का शल्यकर्णी पौधा महाभारत कालीन है। यह पौधा उस समय युद्ध और अन्य दुर्घटना में घायल लोगों के घाव भरने में उपयोग किया जाता था। यह प्रजाति आज पूर्णत: विलुप्त होने की कगार पर है।
अदिती वन में संकटापन्न प्रजाति के 6 पौधों में दहिमन, शल्य कर्णी, मेंदा, सोनपाठा, गरूड़ वृक्ष एवं बीजा हैं। इस मौके पर खतरे और संवेदनशील प्रजाति के पौधों में कुंभी, केंकड़, पाडर, कुल्लू, रोहिना, शीशम, धवा, सलई, भिलमा, गधा पलाश, धनकट, कुचला, अंजन, मोखा, तिन्सा, खरहर, भेड़ार, अचार, कुसुम, भुडकुट, हल्दू, खटाम्बा और बड़ प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया।
विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कांवरे, संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, जल-संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, वन मंत्री श्री उमंग सिंघार, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री सचिन सुभाष यादव ने भी पौध-रोपण किया।

ग्राम खजुरिया के "आपकी सरकार-आपके द्वार" शिविर में पहुँचे मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
27 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह राजगढ़ जिले की ग्राम पंचायत खजूरिया में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर में ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।
ग्रामीणों की श्री सिंह ने बताया कि 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर से अब माहौल बदल रहा है। हर अधिकारी, जन-प्रतिनिधि गाँव-गाँव पहुँच रहे हैं। पहले जो किसान और आम जन तहसील एवं कलेक्ट्रेट कार्यालयों के चक्कर लगाते थे, अब उनकी समस्याओं का निराकरण उनके गाँव में ही हो रहा है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आज के शिविर में 511 आवेदनों में से 330 आवेदनों का निराकरण मौके पर किया गया है। कुल 181 आवेदन ऑनलाइन किये गये है। इनका भी शीघ्र निराकरण किया जायेगा। श्री सिंह ने विभिन्न कार्यों का लोकार्पण/भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में व़िधायक श्री गोवर्धन दांगी ने भी विचार व्यक्त किये।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने खजूरिया तथा आस-पास के गाँव में गौशाला खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहाँ शा.मा. विद्यालय की बाउंड्रीवाल का निर्माण जन-भागीदारी से कराया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि ऐसे किसानों को भी फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता दी जायेगी, जिन्होंने बीमा नही लिया है।
अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों का किया अवलोकन
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने ब्यावरा तहसील के विभिन्न ग्रामों में अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित फसलों का सर्वे करवाकर जल्द राहत राशि वितरित करें। श्री सिंह ने कहा कि किसानों को फसल बीमा की राशि भी दिलाई जायेगी। श्री सिंह ने 3 गाँवों के सहयोग से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अनुकरणीय कार्य किया है।

ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने वाला पहला विभाग बना वन विभाग
27 September 2019
भोपाल.प्रदेश में वन विभाग ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने वाला प्रदेश का पहला विभाग बन गया है। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री जे.के.मोहन्ती ने आज ई-फाईल का आदान-प्रदान कर सिस्टम की शुरूआत की।
वन विभाग और मंत्रालय स्थित विभागीय कार्यालय में आज से ई-आफिस सिस्टम लागू होने से पेपरलेस काम की शुरूआत होने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। यह सिस्टम हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा गत 28 जून को सभी विभागों को ई-आफिस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिये गये थे। इस पर एन.आई.सी. की सहायता से कार्यवाही करते हुए वन विभाग ने इसे निर्धारित तारीख 2 अक्टूबर से पूर्व ही लागू कर दिया है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि वन मुख्यालय की सभी शाखाओं और मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक मुख्यालय में ई-आफिस प्रणाली शुरू होने से फाईल की स्थिति प्रत्येक स्तर पर ट्रेस होने से गतिशीलता बढ़ने के साथ पारदर्शिता भी आयेगी। अन्य विभागों के सिस्टम से जुड़ जाने के बाद अन्तर्विभागीय गतिविधियों में भी कम समय लगेगा। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को लगातार इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक वन विभाग के सतपुड़ा आफिस में 282 पंजीयन हो चुके हैं। सभी को पासवर्ड दिया जायेगा। प्रणाली में फाईल मेनेजमेंट, नॉलेज मेनेजमेंट, ई-फाईल एम.आई.एस. रिपोर्ट्स, पर्सनल इंफॉर्मेशन मैनेजर सिस्टम, एम्प्लाई-मास्टर डिटेल्स, लीव मेनेजमेंट सिस्टम, लीव एम.आई.एस. रिपोर्ट्स और टूर मेनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं।

राज्यपाल की पहल पर स्कूलों में गाँधी जी की पुस्तक का वाचन
26 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन की पहल पर गाँधी जी के 150वें जयंती वर्ष में प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थी महात्मा गांधी की पुस्तक का वाचन कर रहे हैं। आज यहाँ शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और शासकीय कमला नेहरू कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गाँधी जी की पुस्तक 'हिन्द स्वराज' का सामूहिक वाचन किया गया।
गाँधी जी का चिंतन विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिये सभी शासकीय/अशासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को पुस्तक 'हिन्द स्वराज' का वाचन कराया जा रहा है। विद्यालयों में पुस्तक वाचन गत 25 सितंबर से शुरू हुआ है और 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। प्रतिदिन छात्र-छात्राएँ नियमित रूप से पुस्तक के अलग-अलग अध्यायों का वाचन कर रहे हैं।
विद्यालयों में वाचन से संबंधित प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिताएँ और समूह चर्चाएँ तथा अन्य गतिविधियाँ भी आयोजित की जायेंगी ताकि विद्यार्थी महात्मा गांधी की विचारधारा की प्रासंगिकता, को आत्मसात कर सकें।

राजा भोज के नाम पर होगी मेट्रो रेल परियोजना:मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
26 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास करने के बाद परियोजना का नामकरण राजा भोज के नाम से 'भोज मेट्रो रेल' करने की घोषणा की। उन्होने कहा कि शहरों को सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उनका विस्तारीकरण बुनियादी सुविधाओं के साथ हो। श्री कमल नाथ आज यहाँ एम.पी. नगर में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना का भूमि-पूजन कर रहे थे। कार्यक्रम में भोपाल जिले के प्रभारी सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और खनिज विकास मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना के भूमि-पूजन के साथ ही प्रदेश में विकास के एक नये अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि मेट्रो सिर्फ आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है। शहरों में बढ़ती हुई आबादी का नियोजन बेहतर ढंग से हो, इसके लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य को देखते हुए शहरों के मास्टर प्लान को इस तरह तैयार करना होगा, जिससे हम आने वाली पीढ़ी को हर दृष्टि से सर्वसुविधायुक्त शहर दे सकें। उन्होंने दिल्ली के पास विकसित हुए नोएडा और गुड़गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अगर ये दो नए क्षेत्र विकसित नहीं होते, तो दिल्ली की क्या हालत होती, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसलिए यह जरुरी है कि हम समय से शहरों के विस्तार की योजना बनाकर लोगों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर स्वच्छ हों, स्मार्ट हों, इसके साथ यह भी जरूरी है कि परिवर्तन के इस दौर में हम अपनी सोच में भी बदलाव लाएं। हर नागरिक अपने अंदर परिवर्तन लाए और अपने शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि भोपाल शहर का बहुप्रतिक्षित मेट्रो रेल का स्वप्न पूरा होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के सहयोग से 2022 तक इस परियोजना की पहली लाइन को पूरा कर देंगे। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्रों के विकास और विस्तार को लेकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में दो कॉरीडोर बनेंगे। पहला कॉरीडोर करोंद सर्कल से एम्स अस्पताल तक और दूसरा कॉरिडोर भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहे तक बनेगा। इसकी कुल लागत 7 हजार करोड़ रुपये होगी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री शंकरदयाल शर्मा के बाद मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ पहले व्यक्ति हैं, जो भोपाल के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि भोपाल की जनता मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की आभारी है, जिन्होंने भोपाल मेट्रो रेल की सौगात को आज जमीन पर साकार किया है। उन्होंने कहा कि श्री कमल नाथ केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी भोपाल के विकास के लिए निरंतर भरपूर राशि देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री स्वर्गीय श्री बाबूलाल गौर श्री कमल नाथ से शहरी विकास मंत्री के रूप में जब मिले थे, तब उन्होंने भोपाल में नर्मदा जल लाने के लिए 500 करोड़ रुपये देने की मांग की थी। श्री कमल नाथ ने तत्काल यह राशि मध्यप्रदेश सरकार को दी थी। आज भोपालवासियों को जो नर्मदा जल मिल रहा है, यह मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की ही देन है। श्री शर्मा ने बताया कि जब श्री कमल नाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब भोपाल से दो फ्लाइट दिल्ली और मुम्बई जाती थीं। उन्होंने कहा कि आज हैदराबाद, अहमदाबाद, इन्दौर से दुबई की भी फ्लाइट शुरु हो गई। उन्होंने कहा कि इससे विकास की न केवल गति बढ़ेगी बल्कि जिस नियोजित तरीके से चिंता के साथ मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं, उससे आने वाले पाँच साल में प्रदेश की दशा और दिशा दोनों ही बदल जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्षों पुरानी विचाराधीन मेट्रो रेल परियोजना आज शुरु हुई। उन्होंने कहा कि भोपाल के विकास के साथ पूरे प्रदेश में अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ काम कर रहे हैं। इससे निश्चित ही प्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनेगा। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल उनके विजन डाक्यूमेंट का एक हिस्सा था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल परियोजना का विधिवत पूजन किया और शिला-पट्टिका का अनावरण किया। भोपाल नगर निगम के महापौर श्री आलोक शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने भोपाल मेट्रो परियोजना के निर्माण की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय विधायक श्री आरिफ मसूद ने किया।
इस मौके पर श्री कैलाश मिश्रा, पूर्व सांसद श्री रामकृष्ण कुसमरिया और असलम शेर खान सहित बड़ी संख्या में भोपाल के नागरिक उपस्थित थे।

प्रजातंत्र की सफलता के लिए नागरिकों को संसदीय प्रणाली का ज्ञान होना आवश्यक
26 September 2019
भोपाल.संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने राज्य संग्रहालय में युवा संसद अभि-विन्यास का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रजातंत्र की सफलता के लिए नागरिकों को संसदीय प्रणाली का ज्ञान होना आवश्यक है। पंडित कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा इस दिशा में किये जा रहे सतत् प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा संसद के प्रतिभागी प्राध्यापक, अध्यापक अपने-अपने महाविद्यालयों, विद्यालयों में विद्यार्थियों को संसदीय कार्य प्रणाली से भली-भांति अवगत कराएंगे।
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि संसदीय मर्यादाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ को स्वयं का भवन बनाने में सरकार मदद करेगी। डॉ. गोविंद सिंह ने पाठ्यक्रम में कई बार हिस्सा ले चुके प्रतिभागियों से कहा कि संसदीय प्रणाली के संबंध में अपने अनुभव बताएं। मैं भी कुछ नया सीखूंगा।
डॉ. अमरजीत सिंह प्राध्यापक शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा, डॉ. नियाज अहमद अंसारी प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरिया, प्रोफेसर सुश्री रजनी तिवारी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ तथा सुश्री वंदना पांडे शासकीय विद्यालय चूना भट्टी ने संसदीय कार्य पद्धति के विषय में अपने अनुभव बताए। इस मौके पर प्रथम विजेता विद्यालय टीम इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल द्वारा युवा संसद का मंचन भी किया गया।


25 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गुरुनानक देवजी की 550वें प्रकाश उत्सव को पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा। मध्यप्रदेश में गुरुनानक देवजी की स्मृति से जुड़े स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा और उन्हें धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 550वाँ प्रकाश पर्व मनाने के लिए सरकार राज्य-स्तरीय सिख एवं अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ समिति गठित कर प्रदेश में यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और सुझावों के अनुरूप रूपरेखा तैयार करेगी। इस मौके पर पूरे प्रदेश से सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के आये प्रतिनिधियों ने कहा की प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज के लोगों की बैठक आयोजित की है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गुरुनानक देवजी के 550वें पर्व पर प्रदेश से निकलने वाली यात्रा पूरे देश में ऐतिहासिक बने, इसके लिए हम निरंतर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी विषय पर मंथन के लिए सिख समुदाय के लोगों को बुलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पर्व पर यात्रा धूमधाम से उत्साह के साथ सभी वर्गों के साथ निकले, इसके लिए जरूरी है कि एक राज्य-स्तरीय समिति बने, जिसमें हर वर्ग और प्रदेश के हर अंचल का प्रतिनिधि शामिल हो। उन्होंने कहा कि समिति में राज्य सरकार की ओर से गृह, वित्त, संस्कृति और अध्यात्म विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि समिति एक सप्ताह में गठित कर दी जाएगी। सभी लोगों के सुझावों के आधार पर यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल सिख समाज के लिए ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आन-बान और शान का अवसर है। हमारी मंशा है कि यह यात्रा इतनी भव्य हो कि पूरे देश में एक मिसाल बने।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सिख समाज के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख एक बहादुर और स्वाभिमानी कौम है। मानवता की रक्षा के लिए हमारे सिख गुरुओं ने जो बलिदान दिया है, वह हमेशा इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज कर्मयोगी समाज है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है, जहाँ सिख समाज की उपस्थिति नहीं हो। उन्होंने साइबेरिया सहित अन्य सुदूर अंचल के देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मैं वहां विभिन्न अवसरों पर यात्रा पर गया, तो मुझे सिख समाज का व्यक्ति जरूर मिला। सिख समाज जैसी कोई कौम नहीं है, जिसकी पूरे विश्व में उपस्थिति हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है और इस तथ्य को गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के सभी को निर्देश हैं कि गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन्दौर में गुरुनानक देव जी द्वार बनाने की घोषणा पूरी होने तक वे एक टाईम भोजन करेंगे। बैठक में पूरे प्रदेश से आए सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए।
पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज को चर्चा के लिए बुलाया
केन्द्रीय गुरुसिंघ सभा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के महासचिव श्री सुरजीत सिंह टुटेजा ने सिख समाज की ओर से गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर मध्यप्रदेश से निकलने वाली यात्रा को यादगार बनाने के लिए सुझाव-पत्र का वाचन किया और मुख्यमंत्री को भेंट किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
भोपाल के ईदगाह हिल्स गुरुद्वारा के श्री परमवीर ने प्रकाश पर्व के अवसर पर शैक्षणिक संग्रहालय एवं गुरुनानक जी के नाम पर पुरस्कार घोषित करने का सुझाव दिया। इन्दौर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के श्री जसवीर सिंह गांधी ने सिख समाज के गौरवशाली महापुरुषों की प्रतिमाएँ स्थापित करने का सुझाव दिया। श्री सुरेन्द्र अरोरा ने संभागीय स्तर पर सर्वधर्म सम्मेलन करने और गुरुनानक जी के उपदेश पर केन्द्रित छोटी-छोटी पुस्तकें वितरित करने का सुझाव दिया।
सागर के श्री जितेन्द्र चावला ने पूरे सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुनानक जी के नाम पर ट्रॉफी स्थापित करने का सुझाव दिया। जबलपुर के श्री नरेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सभी सिख समाज को मंत्रालय में आमंत्रित करके हमारी पगड़ी को ऊंचा करने का काम किया है। उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का नामकरण गुरुनानक देव जी के नाम पर करने का सुझाव दिया। इटारसी, पिपरिया के श्री जसपाल सिंह भाटिया ने गुरुनानक जी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। देवास के श्री गुरुचरण सिंह सलूजा ने मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए सिख धर्म की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने को कहा। धार के श्री कुलदीप सिंह ढंग ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए धर्मशालाएँ बनाने का सुझाव दिया। अब्दुल्लागंज के श्री गुरुदीप सिंह ने कहा कि 11 अक्टूबर से शुरु हो रहे गुरु पर्व और 12 नवम्बर के बीच एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन्दौर से श्री मंजीत सिंह भाटिया ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए सिख समाज के बंजारा एवं सिकलीगर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने को कहा। ग्वालियर के श्री राजीव भाटिया ने भी अपने सुझाव दिए।
प्रारंभ आयोजक एवं मीडिया समन्वयक श्री नरेन्द्र सलूजा ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा थी कि गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को यादगार पल बनाने के लिए सभी के सुझावों के आधार पर पूरा कार्यक्रम बने। इसी उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सरताज सिंह और प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एक पद पर लम्बे समय से कार्यरत शासकीय कर्मियों को मिलेंगे उच्च पदनाम
25 September 2019
भोपाल.सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने निर्देश दिये हैं कि एक पद पर लम्बे समय से सफलतापूर्वक काम कर रहे शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को पात्रतानुसार उच्च पदनाम दिये जाने की कार्यवाही शीघ्र पूरी करें। इसी के साथ, निर्माण विभागों में 28 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके पात्र उपयंत्रियों को सहायक यंत्री का पदनाम और डिप्लोमा होल्डर कर्मचारियों को प्रभारी उपयंत्री का पदनाम देने की कार्यवाही की जाये।
डॉ. गोविन्द सिंह ने आज मंत्रालय में शासकीय कर्मचारी कल्याण संगठन की बैठक में यह निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति करने के लिये कहा। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार वचन-पत्र में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों से किये गये वादों को तत्परता से पूरा करने के लिये वचनबद्ध है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे बैठक में शामिल हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह तथा जल-संसाधन, लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियन्ता उपस्थित थे।

चिन्हित एक्सीडेन्टल स्पॉट्स को शीघ्र सुधारने के निर्देश
25 September 2019
भोपाल.राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सचिव और विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर ने आज पी.टी.आर.आई. में राज्य सड़क सुरक्षा सेल और नोडल अधिकारियों की बैठक ली। श्री सागर ने कहा कि सुधार की आवश्यकता वाले एक्सीडेन्टल स्पॉट्स, डेथ स्पॉट्स और ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किये गये हैं। इनका सुधार कार्य शीघ्र शुरू करें। श्री सागर ने कहा कि नोडल अधिकारी संबंधित विभाग के विषयों को गंभीरता से लें। पूरी जानकारी प्रोफार्मा में जिला और संभाग स्तर पर नियमित रूप से विषयवार और क्षेत्रवार संकलित कर राज्य परिषद को भेजें।
श्री महान भारत सागर ने बताया कि प्रदेश में जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा उप-समितियों ने कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में क्रैश इन्वेस्टिगेशन के अन्तर्गत दुर्घटना में तीन से ज्यादा मृत्यु और गंभीर रूप से घायल प्रकरण में यह उप-समिति स्पॉट पर जाकर अनुसंधान और विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट राज्य परिषद को भेजेगी।

राज्य अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक 27 सितम्बर को
25 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में 27 सितम्बर को राज्य अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक होगी। बैठक मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। सलाहकार मण्डल के उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया बैठक में शामिल होंगे।
सलाहकार मण्डल के सदस्य के रूप में मंत्री-मण्डल के सदस्य श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, श्री सज्जन सिंह वर्मा, श्री तुलसीराम सिलावट, श्रीमती इमरती देवी, डॉ. प्रभुराम चौधरी के साथ ही विधायक श्री हरीसिंह सप्रे, श्री हरिशंकर खटीक, श्री कमलेश जाटव, श्री रणवीर सिंह जाटव, श्रीमती रक्षा संतराम सरोनिया, श्री जसमंत जाटव, श्री जजपाल सिंह जज्जी, श्री शिवदयाल बागरी, श्री सोहनलाल बाल्मीक, श्री महेश परमार, श्री रामलाल मालवीय और श्री मनोज चावला बैठक में उपस्थित रहेंगे।
अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण, पुलिस महानिदेशक और प्रबंध संचालक राज्य अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम बैठक में शामिल होंगे।

राज्यपाल श्री टंडन कुरूक्षेत्र में देखेंगे जीरो बजट गौ-आधारित प्राकृतिक खेती
24 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन 25 सितम्बर को कुरूक्षेत्र (हरियाणा) में गौ-आधारित शून्य लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल और गुरुकुल के कृषि फार्म में प्राकृतिक कृषि के व्यापक प्रकल्प का अवलोकन करेंगे। राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा गठित राज्यपालों की कृषि सुधार समिति के संयोजक, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए गौ-आधारित शून्य लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को देखने के लिए आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल श्री टंडन को कृषि और कृषक विषय पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के संयोजन में गठित कृषि सुधार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। समिति में महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल भी सदस्य हैं।
राज्यपाल श्री टंडन समिति के समक्ष किसानों की आय को दोगुना करने के संबंध में कृषि आदान लागत को कम करने, उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने, जैविक खेती का विस्तार करने, सिंचाई क्षेत्र के विस्तार और सूक्ष्म सिंचाई को प्रोत्साहन देने, तीसरी फसल के क्षेत्रफल में वृद्धि करने, कृषि वि‍विधिकरण, उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार के प्रयासों पर विशेष बल दिये जाने का पक्ष प्रस्तुत करेंगे। श्री टंडन समिति के समक्ष कृषि क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर भी प्रकाश डालेगें। उत्पादकता में वृद्धि के साथ जीविकोपार्जन एवं आय को दोगुना करने में मदद के लिए विभिन्न योजनाओं की उपयोगिता एवं प्रभाव का सर्वेक्षण और विश्लेषण कर डाटाबेस बनाने की आवश्यकता बतायेंगे। फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीकी विकास एवं प्रसार के साथ मौसम परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभाव के प्रबंधन के लिये प्रयासों की जरूरत भी बतायेंगे। जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिये तकनीकी सहयोग और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा तकनीकी हस्तांतरण की जरूरत को रेखांकित करें। कृषि वानिकी से संबंधित तकनीकी विकास के प्रसार, कृषि विज्ञान केन्द्रों का अधिक संख्या में विस्तार और किसानों को उद्यानिकी फसलों की पैदावार के लिये प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर बल देंगे। साथ ही पशुपालन के क्षेत्र में गोवंश संरक्षण एवं सुधार के लिए प्रोत्साहित करने, दुग्ध उत्पादकों को कृषि उत्पादकों की भाँति उचित मूल्य एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराने का सुझाव भी देंगे।
दलहन, तिलहन, दुग्ध उत्पादन में अव्वल मध्यप्रदेश
ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश देश का प्रमुख अनाज उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ लगभग 63% फसली क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादन होता है, जिसमें वर्ष 2014-15 के अनुसार 41% में अनाज, 21% में दलहन तथा 29% में तिलहन की खेती होती है। दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। देश के कुल उत्पादन में मध्यप्रदेश 26.4% योगदान दे रहा है । प्रदेश का चना उत्पादन में 38.6 प्रतिशत और सोयाबीन में 44 प्रतिशत योगदान है। उद्यानिकी फसलों में अमरुद, लहसुन एवं मिर्च के उत्पादन में प्रदेश प्रथम स्थान पर और संतरा, प्याज, हरा मटर तथा धनिया उत्पादन में द्वितीय और टमाटर उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 8.34% हो रहा है, जो देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना करने और खेती में सुधार के लिए प्रदेश में अनुसंधान की गतिविधियाँ, जैविक खेती के लिए फसल सुधार योजना, बीज उत्पादन, खेती की तैयारी तथा मृदा की जाँच आदि कार्यक्रमों को प्राथमिकता से नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। कृषि उपज की 58 मंडियों को ई-नाम से भी जोड़ा गया है।

2 अक्टूबर से "शहर सरकार-आपके द्वार" - नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
24 September 2019
भोपाल.प्रदेश में गांधी जयंती 2 अक्टूबर से सभी शहरों में नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 'शहर सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम चलाया जायेगा। कार्यक्रम में नगरीय विकास विभाग के अधिकारी मोहल्ले में पहुँचकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने वार्ड-31 के चक्की चौराहा पर मुख्यमंत्री आवास मिशन (शहरी) में हितग्राहियों को अधिकर-पत्रों के वितरण कार्यक्रम में यह बात कही।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी पात्र लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा और घर बनाने के लिये राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में मुख्यमंत्री आवास मिशन शुरू किया गया है। सभी 378 नगरीय निकाय के कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान की सौगात भी दी गयी है। इंदौर में मेट्रो ट्रेन का भूमि-पूजन किया गया है और 26 सितम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का भूमि-पूजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शहरों के विकास के लिये लगातार काम कर रही है। आवास योजना को समय-सीमा में पूरा करने के लिये कार्य-योजना बनायेंगे। श्री सिंह ने कहा कि भोपाल में जेएनएनयूआरएम योजना में 12,004 आवास और राजीव आवास योजना में 1204 आवास बनाये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 51 हजार 694 आवास स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 18 हजार 702 आवासों की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
भोपाल बनेगा 'झुग्गी मुक्त-आवास युक्त' शहर
जनसम्पर्क, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि भोपाल शहर को 'झुग्गी मुक्त-आवास युक्त' शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि झुग्गी में रहने वाले लोगों को पक्के मकान दिये जायेंगे। स्लम क्षेत्रों के लिये सीवेज सिस्टम का एकजाई प्लान बनायें। श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट सिटी में रहने वाले कर्मचारियों को पहले आवास आवंटित करें, उसके बाद मकान खाली करवायें। जनसम्पर्क मंत्री ने जोर देकर कहा कि बगैर वैकल्पिक आवासीय व्यवस्थों के किसी को भी बेदखल नहीं करें। श्री शर्मा ने कहा कि सभी पात्र लोगों को आवास योजना का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह, नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर और नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री कैलाश मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किया। पार्षद श्री अमित शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने 15 हितग्राहियों को अधिभार-पत्र वितरित किये। कुल 126 अधिभार-पत्र वितरित किये गए। स्मार्ट सिटी में कुल 342 एकड़ भूमि में से 20 प्रतिशत पर निर्माण करवाया जायेगा। शेष स्थान ओपन ग्रीन प्लेस के रूप में विकसित किया जायेगा।

गाँधी जी के मूल-सिद्धान्तों पर केन्द्रित होंगी ग्राम सभाएँ-मंत्री श्री पटेल
24 September 2019
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर को प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएँ आयोजित की जाएंगी। ग्राम सभाएँ गाँधी जी के ग्राम स्वरोजगार, महिला स्वावलम्बन, ग्राम-स्वराज से ग्राम्य विकास तथा 'सादा जीवन-उच्च विचार' के मूल सिद्धांतों पर आधारित होंगी। ग्राम सभाओं के लिए 24 बिन्दुओं का एजेण्डा तैयार किया गया है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस वर्ष 2 अक्टूबर से अगले वर्ष 2 अक्टूबर तक विभिन्न स्तरों पर महात्मा गाँधी के विचारों पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में गाँधी जी की ग्राम स्वराज की अवधारणा पर परिचर्चा होगी। साथ ही, पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिये 'लोगों की सरकार' सिद्धांत को लागू करने के बारे में विचार-विमर्श होगा। महिला सशक्तिकरण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों के निर्माण तथा आर्थिक स्वावलंबन के लिये योजना बनाने, स्वच्छ भारत अभियान, कचरे के समुचित निपटान में समुदाय की भागीदारी, मनरेगा में जरूरतमंद परिवारों को नवीन जॉब कार्ड का वितरण और रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति पर चर्चा होगी।
इस मौके पर ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। प्रत्येक गाँव में जल संरक्षण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा। लेबर बजट के वित्तीय वर्ष 2019-20 के लक्ष्य, अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किया जाना, गौशाला निर्माण, नदी पुनर्जीवन की प्रगति, चंदेलकालीन और बुंदेलाकालीन तालाबों एवं प्राचीन तालाबों के जीर्णोद्धार, जल शक्ति अभियान, सिक्योर साफ्टवेयर, नरेगा के नवीन निर्देशों, प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मध्यान्ह भोजन का वितरण, गर्भ-धारण, पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं नियम से संबंधित संदेशों का वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा स्तर पर जैव-विविधता प्रबंधन समितियों का गठन करने का संकल्प, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमि संक्रमण की रोकथाम, आयुष्मान भारत 'निरामयम' योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में ग्राम पंचायत में गठित समूहों की गतिविधियों तथा समूह सदस्यों की सफलता और प्रगति तथा 'मुख्यमंत्री मदद योजना' के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रत्येक ग्राम के आदिवासी मुखिया के नाम की प्रविष्टि विभागीय पोर्टल पर की जाएगी।

राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने की कुपोषण उन्मूलन प्रयासों की समीक्षा
23 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन के साथ प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन के लिये किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे भी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा योजनाएँ संचालित की गई हैं। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन के साथ-साथ प्रभावी मानीटरिंग भी जरूरी है।
प्रमुख सचिव श्री राजन ने राज्यपाल को प्रदेश में राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत संचालित गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से सितंबर माह को पोषण आहार माह के रूप मे मनाया जा रहा है। इस दौरान जन-जागृति के विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसमें मीडिया का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया है। पोषण आहार संबंधी गतिविधियों का कैलेण्डर बनाकर गतिविधियों की मानीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पोषण आहार गतिविधियों के संचालन में देश का अग्रणी राज्य है। राज्य को केन्द्र सरकार ने पोषण आहार की गतिविधियों के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये प्रथम पुरस्कार 3 करोड़ रूपये प्रदान कर सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी स्तर पर पोषण सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के हिमोग्लोबिन की जांच और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के कार्य भी किए गए हैं।
प्रमुख सचिव ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर प्रतिदिन कैलेंडर के अनुसार गतिविधियों संचालित की जा रही हैं। परियोजना स्तर पर भी प्रति सप्ताह 2 से 3 बार पोषण गतिविधियाँ और जिला स्तर पर प्रति सप्ताह स्वास्थ्य पोषण संबंधित थीम गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान हर घर पोषण आहार का त्यौहार मनाया गया। नवरात्रि के समय यह पुनः मनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

बाढ़ प्रभावितों की मदद का काम मिशन के रूप में करें : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
23 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बाढ़ की विभीषिका से जिन लोगों की फसलें नष्ट हुई हैं, मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं और उन्हें कई तरह के नुकसान हुए हैं, ऐसे लोगों को राहत देने के लिए अधिकारी मिशन के रूप में काम करें। सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें। श्री कमल नाथ आज मंदसौर जिले के ग्राम कायमपुर में अधिकारियों की बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान और दी गई राहत की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारी वर्षा के नुकसान का सही आकलन करें। कोई भी पात्र न छूटे, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए जो समय-सीमा निर्धारित की गई है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। किसानों को आगामी रबी फसल के लिए समय पर बीज मिले। बीज की उपलब्धता तथा वितरण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन जनता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर होगा। राहत और मुआवजा वितरण का मिशन सफल रहा, इसका प्रमाण-पत्र जनता से मिलना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों को राहत और मुआवजा देने के कार्य में कोई भी दिक्कत महसूस हो, तो वे तत्काल मुख्यमंत्री सचिवालय को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूँ कि बाढ़ प्रभावितों को यह महसूस हो, कि समय पर उन्हें पूरी मदद सरकार से मिली है।
बैठक में जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, उज्जैन संभाग के आयुक्त श्री अजीत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री मनोज पुष्प एवं जिले तथा संभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

15 अक्टूबर तक सभी बाढ़ प्रभावितों को वितरित होगा मुआवजा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
23 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि 15 अक्टूबर तक सभी बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा वितरित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए पहले के समान भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार पीड़ितों के पास जाएगी, उन्हें सरकार के पास नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उन्हें आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के तहत 8 हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार मदद नहीं देगी, तो राज्य सरकार अपने बजट में कटौती कर बाढ़ प्रभावितों की मदद करेगी। श्री कमल नाथ आज अतिवृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित नीमच जिले के ग्राम रामपुरा में बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे।
22 सितम्बर से राहत प्रारंभ ; 15 अक्टूबर तक सभी को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा, निमाड़, नीमच और मंदसौर क्षेत्र में इस बार इतिहास में सर्वाधिक भारी बारिश हुई है। इससे जो नुकसान हुआ है, वह भी बड़ा है। हम इसका आकलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने केन्द्र की मदद का इंतजार किए बिना राहत देने का काम 22 सितम्बर से शुरु कर दिया है। अगले 15 अक्टूबर तक हर प्रभावित व्यक्ति को मदद दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके साथ है। आपके दु:ख दर्द, पीड़ा और समस्या के समाधान के लिये सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि बाढ़ की विभीषिका के दौरान वे हर घंटे की स्थिति की जानकारी ले रहे थे और जिला प्रशासन से निरंतर संपर्क में थे।
8 हजार से 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा, बीज भी दिया जाएगा
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने नीमच जिले में बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात के दौरान कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान से लोगों को राहत पहुँचाने केलिए भारत सरकार से मदद देने की माँग की है, लेकिन हमें वहाँ से कोई मदद मिले या न मिले, भले ही हमें बजट में कटौती करना पड़े, हम किसानों और बाढ़ प्रभावितों को पूरी मदद देंगे। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, मूंग, उड़द और सब्जियों की फसल को जो नुकसान पहुँचा है, उसमें भी सरकार पूरी मदद देगी। श्री नाथ ने बताया कि आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के अनुसार 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले और 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों की सिंचित/असिंचित भूमि में 33 से 50 प्रतिशत फसल की क्षति होने पर आठ हजार रुपए प्रति हेक्टेयर से लेकर 26 हजार रुपए प्रति हेक्टयर तक मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह, 50 प्रतिशत से अधिक फसल की क्षति होने पर विभिन्न फसलों के लिए 16 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर से लेकर 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा। सभी प्रभावित किसानों के खातों में 15 अक्टूबर तक राशि पहुँच जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों का पानी भर जाने के कारण गेहूँ, चना, सरसों, मटर, मसूर, अलसी आदि के बीजों को भंडारण खराब हो गया है, उन्हें आगामी रबी फसल के लिए उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे।
सरकार चुकाएगी प्रभावितों के बिजली बिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ की विपदा से प्रभावित लोगों को बिजली बिलों में राहत दी जाएगी। नया सवेरा योजना में पात्र परिवारों के 3 माह के बिजली बिलों को माफ किया जाएगा। उनके 300 रुपए तक के बिजली बिल सरकार चुकाएगी। जो लोग नया सवेरा योजना में पात्र नहीं होंगे, उन्हें प्रति परिवार बिजली बिल में 1000 रुपए तक की राशि सरकार देगी, जो उनके खाते में पहुँचेगी।
बच्चों को दी जाएँगी कॉपी-किताबें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण हमारे बच्चे भी प्रभावित हुए हैं, उनके पढ़ने की कॉपी-किताबें भी पानी के कारण नष्ट हो गई हैं। ऐसे सभी बच्चों को नई कॉपी-किताबें सरकार उपलब्ध कराएगी।
प्राथमिकता से होंगे सड़कों, पुलों के मरम्मत कार्य
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सड़कों, पुलों और बिजली की व्यवस्थाएँ भी प्रभावित हुई हैं। इन सभी विभागों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सड़कों और पुलों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर लिया गया है। ऐसे पुल जिनके कारण आवागमन रूका है, उसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करके यातायात शुरू करने के निर्देश दिए गये हैं।
अगले छ: माह तक दिया जाएगा नि:शुल्क राशन
श्री कमल नाथ ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों परिवारों का घर में संग्रहित राशन खराब हो गया है। उनके सामने राशन का संकट है। इसके लिए सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को 50 किलो अनाज उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह राशन लोगों तक पहुँच गया है। अगले छ: माह तक ऐसे परिवारों को 5 किलो प्रति सदस्य के मान से खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाएगा।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1 लाख रुपए तक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए प्रति मकान एक लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसमें 5 हजार रुपए कपड़े आदि के नष्ट होने का मुआवजा भी शामिल है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनको मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल कर मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की राशि सरकार उपलब्ध करवाएगी।
पशु हानि पर 3 हजार से 30 हजार तक की मदद, पोस्टमार्टम जरूरी नहीं होगा
श्री कमल नाथ ने कहा कि बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर पशुओं की मृत्यु हुई है। पशु मालिकों को राहत राशि दी जाएगी। गाय, भैंस, ऊँट इत्यादि की हानि पर 30 हजार रुपए तक और भेड़-बकरी की हानि होने पर 3 हजार रुपए प्रति पशु दिए जाएंगे। इसके अलावा, गैर-दुधारू पशु और गाय, भैंस की हानि के लिए भी सहायता राशि दी जाएगी। पशुओं की हानि होने पर नियमानुसार पोस्टमार्टम किया जाना आवश्यक है, परंतु बाढ़ में कई किसानों के पशु बह गए हैं, जिनका पोस्ट मार्टम व्यावहारिक रूप से किया जाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार ने निर्णय लिया गया है कि पशु क्षति पर राहत राशि पंचनामा के आधार पर ही दी जाएगी।
2 लाख तक के ऋण 15 अक्टूबर तक होंगे माफ, 50 हजार के ऋण माफ
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बताया कि नीमच जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना में 18 हजार 158 किसानों के 178 करोड़ से अधिक के ऋण माफ किए गए हैं। ऋण माफी योजना में 50 हजार तक की ऋण माफी की सीमा को दो लाख रुपए तक बढ़ा दिया गया है। यह ऋण 15 अक्टूबर तक माफ कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नीमच जिले में 54 हजार 361 किसानों का बीमा किया गया है। इन्हें बीमा की दावा राशि दिलवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को संकट के समय में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई मदद और राहत पहुँचाने के काम की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के साथ जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग और पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन उपस्थित रहीं।

गोवा में जीएसटी काउंसिल में मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर हुए शामिल
22 September 2019
भोपाल.वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने गोवा में 37वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में मध्यप्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व किया। श्री राठौर ने अनेक बिन्दुओं पर राज्य सरकार का पक्ष रखा। श्री राठौर ने कहा कि जून 2022 तक कंपनशेसनसेस की राशि को यथावत रखा जाए।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि सोना, चाँदी और रत्न आभूषण आदि के परिवहन पर ई वे बिल को लागू किया जाय। इन महंगी धातु और रत्न आभूषणों को जब परिवहन किया जायगा तो उसके लिए वर्तमान सीमा 50,000 से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया जाए तथा ई वे बिल के प्रावधान केवल अंतर-राज्य विक्रय के लिए लागू किए जाएं। श्री राठौर ने कहा कि जीएसटी के नियमों के अनुसार यदि राज्य शासन या उनकी कोई एजेंसी किसी भूमि को इंडस्ट्रियल प्लॉट के रूप में किसी उद्योग को या किसी प्लॉट को वित्तीय कार्यों के लिए डेव्हलप करने के लिए देती है तो ऐसी लीज पर दी गई भूमि पर लीज रेंट पर जीएसटी से छूट है।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि वर्तमान समय लिबराइजेशन का है, जहाँ शासन निजी व्यावसायिक संस्थानों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने और सुविधा प्रदाता की महत्वपूर्ण भूमिका में है वहाँ यह आवश्यक है कि प्राइवेट व्यावसायिक संस्थाओं को भी आगे बढ़कर शासन को सहयोग करना होता है। ऐसी स्थिति में यदि शासन अथवा शासकीय संस्था किसी भूमि को प्राइवेट एंटिटी अथवा व्यावसायिक संस्थानों को टूरिज्म होटल रिसोर्ट अथवा इंडस्टियल पार्क आदि के निर्माण के लिए लीज परदे, तो भी जीएसटी से मुक्ति होनी चाहिए। श्री राठौर ने 7500 रुपये से अधिक प्रतिदिन किराए वाले होटल पर टैक्स की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करने और 1000 से 7500 रुपये तक के होटलों के लिए कर की दर 12 प्रतिशत करने तथा 1000 रुपये से नीचे के प्रतिदिन किराये वाली होटलों को कर मुक्त रखने का प्रस्ताव का समर्थन किया।
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने 4 वार्षिक विवरण पत्र को प्रस्तुत करने में आने वाली कठिनाइयों से जीएसटी काउंसिल को अगवत करवाते हुए इसके सरलीकरण की बात भी कही।

मंत्री श्री पटवारी द्वारा देवास जिले में क्षतिग्रस्त फसलों का निरीक्षण
22 September 2019
भोपाल.देवास जिला प्रभारी और उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने देवास जिले में अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का अवलोकन किया। श्री पटवारी ने फसलों के सर्वे और राहत वितरण के बारे में अधिकारियों से चर्चा भी की।
मंत्री श्री पटवारी ने जिले में अति-वृष्टि से फसलों को हुई क्षति की सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों से वन-टू-वन जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि फसलों को हुई क्षति के सर्वे में किसानों की संतुष्टि का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी ग्राम, पटवारी हल्का, राजस्व निरीक्षक सर्किल, तहसील क्षेत्र से सर्वे में गड़बड़ी करने की शिकायत आती है, तो संबंधित क्षेत्र का अधिकारी जवाबदार होगा। उन्होंने सर्वे के दौरान यथा संभव स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि वर्षा अच्छी होने से आगामी रबी मौसम में खाद और उर्वरक की मांग को देखते हुए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खाद और उर्वरक की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्युत कंपनी के अधिकारियों को भी किसानों को विद्युत की सतत आपूर्ति के लिए अभी से तैयारियाँ करने के लिए कहा।
प्रभारी मंत्री श्री पटवारी ने जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र करवाने के लिये भी कहा।
खेतों में जाकर देखी क्षतिग्रस्त फसल
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों को खेतों में जाकर देखा। उन्होंने देवास तहसील के ग्राम छोटा मालसापुरा में फसल क्षति का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक श्री मनोज चौधरी मौजूद थे।

महिला महाविद्यालयों में महिला पुलिस चौकी होगी स्थापित
22 September 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए कन्या महाविद्यालय में महिला पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर राज्य शासन के वचन पत्र अनुसार कन्याओं की शैक्षणिक संस्थाओं, महिलाओं के कामकाजी क्षेत्रों को चिन्हित कर वहाँ महिला पुलिस चौकी की स्थापना करने और ऐसे क्षेत्रों में महिला पुलिस गश्त की व्यवस्था करने को कहा है।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कन्या एवं को-एड महाविद्यालय के प्राचार्य को भी पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वे कड़ाई से इसका पालन सुनिश्चित करें। प्राचार्य को महाविद्यालय में छात्राओं की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की बैठक में छात्राओं के हस्ताक्षर सहित सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त करने को भी कहा गया है। प्राप्त सुझावों के बारे में प्राचार्य स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बिंदुवार चर्चा करेंगे। बैठक के आधार पर प्राचार्य स्थानीय स्तर पर सुरक्षा से संबंधित पत्र जारी करेंगे। सभी कन्या महाविद्यालय के कामन एरिया में (जिसमें निजता भंग न हो) विशेष तौर पर प्रवेश और निर्गम द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को भी कहा गया है। इसके अलावा प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि पिछले 2 वर्ष में संस्थाओं में कोई गंभीर घटना घटित हुई है तो घटना में शामिल लोगों पर क्या कार्यवाही की गई, की जानकारी स्थानीय कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को दें। कन्या महाविद्यालय और कन्या छात्रावासों में काम कर रहे सभी संविदा कर्मचारियों का 15 दिन में पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्राचार्य अपने महाविद्यालय और छात्रावास में पूर्व में की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी आयुक्त उच्च शिक्षा को उपलब्ध करवायेंगे। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा समय-समय पर महाविद्यालयों के निरीक्षण के दौरान निर्देशों के क्रियान्वयन की जानकारी लेकर शासन को प्रतिवेदन भेजेंगे।

नौजवानों को रोजगार और किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
21 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि नौजवानों को रोजगार और उनके बेहतर भविष्य के साथ किसानों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में उच्च-स्तरीय सुविधाएँ विकसित की जाएंगी जिससे प्रदेश के लोगों को बाहर से अस्पतालों में इलाज के लिए न जाना पड़ेगा। श्री नाथ आज जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में 150 करोड़ की लागत के 220 बिस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का लोकार्पण कर रहे थे। जबलपुर जिला प्रभारी और ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 42 करोड़ 16 लाख की लागत के कार्यों का भी भूमि-पूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। सरकार ने पिछले नौ माह में कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने और किसानों को बेहतर लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम कृषि क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार कर रहे हैं । श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगान्मुखी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे हमारे नौजवानों को रोजगार मिलेगा और वे पूरी ऊर्जा के साथ प्रदेश के विकास में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश को पूरे देश में अव्वल बनाने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनने से पूरे महाकौशल अंचल में उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ लोगों को उपलब्ध होंगी। वहीं नौजवान चिकित्सकों को काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर का सुनियोजित विकास किया जाएगा। उन्होंने जबलपुर में हुई कैबिनेट बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बैठक में लिये गये निर्णयों को पूरा किया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि पिछले नौ माह में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र को एक नया आयाम मिला है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 800 मेडिकल सीट को बढ़ाकर 2 हजार किया गया है। आने वाले समय में हम इसे 3 हजार सीट तक ले जाएंगे।
वित्त मंत्री श्री तरुण भानोट ने कहा कि जबलपुर के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने कई सौगातें दी हैं। सभी परियोजनाओं की डीपीआर बन गई है और शीघ्र ही उन्हें स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जबलपुर में मेट्रो रेल और मेट्रोपॉलिटिन सिटी की योजना बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, सांसद श्री विवेक तन्खा ने भी संबोधित किया।

हर व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होता पर उसमें एक हुनर होता है
21 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि हर व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होता लेकिन उसमें एक हुनर होता है और उस हुनर में अगर हम उसे प्रशिक्षित कर दें, तो उसका भविष्य बेहतर बन जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में बेरोजगारी खत्म करने के लिए कौशल उन्नयन और तकनीकी ज्ञान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हम अपने प्रदेश की युवा पीढ़ी को सक्षम बनाएंगे जिससे वे सम्मानित जीवन जीने के साथ ही प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगे। श्री नाथ आज जबलपुर में मॉडल कैरियर सेंटर का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर मॉडल कैरियर सेंटर बनाने के लिए सीआईआई और नगर निगम जबलपुर के बीच एमओयू हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत इस बात की है कि युवाओं को शिक्षा के साथ ही कौशल उन्नयन का भी प्रशिक्षण दिया जाए। इससे वे स्व-रोजगार और रोजगार से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा में उन्होंने हर उस व्यक्ति की चिंता की है जो शिक्षित है, जो आठवीं पास या मजदूरी कर रहा है। हमनें वहाँ पर 12 साल पहले ही कौशल उन्नयन के इतने सेंटर स्थापित किए, जो विश्व में सबसे अधिक हैं। हमारी चिंता उस वर्ग के प्रति अधिक है जो कम पढ़ा-लिखा है और जिसके सामने पूरा जीवन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि हमारा प्रयास है कि मध्यप्रदेश में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों का अधिक से अधिक तकनीकी ज्ञान देने के साधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाये जायें। उन्होंने उम्मीद की कि जबलपुर का मॉडल कैरियर सेंटर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने में सफलता हासिल करेगा। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपेक्षा कि वह इस सेंटर का लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्जवल बनायें।
वित्त मंत्री श्री तरुण भानोट ने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मॉडल कैरियर सेंटर से जबलपुर क्षेत्र के विकास में गति आएगी। उन्होंने बताया कि सेंटर में अगले पाँच साल में 50 हजार युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने कहा कि युवाओं के रोजगार से जुड़ने से प्रदेश की तरक्की सुनिश्चित होगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियवत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश को विकसित और संपन्न बनाने का बीड़ा उठाया है। युवाओं को रोजगार देने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। जबलपुर का मॉडल कैरियर सेंटर एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रदेश में जहाँ कहीं भी उद्योग लगेंगे उनमें अनिवार्यत: 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
भारतीय औद्योगिक परिसंघ के श्री आशीष केसरवानी ने बताया कि देश में पाँच स्थान पर परिसंघ के प्रशिक्षण संस्थान है और अब एक संस्थान जबलपुर में खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई साल में पाँच लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है जिनमें से 1 लाख 32 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। जबलपुर के संस्थान में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने और 25 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को सांसद श्री विवेक तन्खा ने भी संबोधित किया।

बंदरगढ़ा में "आपकी सरकार-आपके द्वार" शिविर में शामिल हुए नगरीय विकास मंत्री
21 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि ग्रामीण जनता की समस्याओं का निराकरण करने के उद्देश्य से 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर के माध्यम से सरकार जनता के दरवाजे तक पहुँच रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके नजदीक पहुँचकर निराकरण करना और शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह राघौगढ़ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बंदरगढ़ा में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर को संबोधित कर रहे थे।
श्री सिंह ने बंदरगढ़ा, खेराई, बिजोरिया, कुंदा, नादेर पंचायतों से आए ग्रामीणों से समस्याएँ सुनी और उनका निराकरण किया। उन्होंने शिविर में निराकृत नहीं हो सके आवेदनों का समय-सीमा मे निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कुंदा में निर्बाध विद्युत प्रदाय की पुख्ता व्यवस्था की जाये। ग्राम दतिया से बंदरगढ़ा विद्युत लाईन के कार्य में वन बाधक नहीं बनें। श्री सिंह ने निर्देशित किया कि बंदरगढ़ा अथवा आसपास की किसी भी पंचायत में हाईस्कूल नहीं है, अत: हाईस्कूल का प्रस्ताव बनाया जाये। श्री सिंह ने इसके पहले राघौगढ़ में अधिकारियों की बैठक में अति-वृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिये।

अति-वृष्टि प्रभावित गरीब बस्तियों में पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
20 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने अति-वृष्टि प्रभावित पंचशील नगर, राहुल नगर और अंबेडकर नगर जाकर जल-भराव की स्थिति और जल-निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। स्थानीय रहवासियों की शिकायतों और समस्याओं को भी सुना तथा उनके निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिये।
मंत्री श्री शर्मा ने बस्तीवासियों को बताया कि अति-वृष्टि और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिये राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों कों सभी सम्भव सहायता और राहत दी जा रही है। जनसम्पर्क मंत्री के साथ पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री अमित शर्मा, श्री प्रवीण सक्सेना और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री नाथ जबलपुर में सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय का करेंगे लोकार्पण
20 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 21 सितम्बर को जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय का लोकार्पण करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने आज अस्पताल और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लगभग 150 करोड़ की लागत से तैयार इस चिकित्सालय में विश्व-स्तरीय 7 माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, उच्च स्तरीय कैथलेब, बाईप्लेनडीएसए और 30 बिस्तरों का आधुनिक आईसीयू है। यहाँ ब्रेन एवं स्पाईन के सभी ऑपरेशन, हृदय शल्य चिकित्सा, डॉयलिसिस, लेजर पद्धति से पथरी और प्रोस्टेट ग्लेंड का इलाज भी होगा। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री विनय सक्सेना और संभागायुक्त श्री राजेश बहुगुणा भी मौजूद थे।
अत्याधुनिक मशीनों से लेस होगा अस्पताल
डॉ. साधौ ने बताया कि जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएँ मिलने से अब यहाँ के लोगों को एम्स दिल्ली, पड़ोसी राज्यों या अन्य शहरों के चिकित्सा संस्थानों में नहीं जाना पड़ेगा। इस चिकित्सालय में न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूनेटोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी आदि की सुविधाएँ मिलेगी। अस्पताल में अत्याधुनिक मशीन जैसे बाईप्लेनर, एंजियोग्राफी आदि भी स्थापित की गई है। ये मशीनें लकवा और हार्टअटेक के परीक्षण के साथ ही उचित उपचार भी तुरंत उपलब्ध करवा सकती है।
आम आदमी को मिलेगी राहत
डॉ. साधौ ने कहा कि जबलपुर में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल आरंभ होने से जबलपुर सहित सिवनी, बालाघाट, कटनी, सागर, दमोह, छिन्दवाड़ा, शहडोल, उमरिया, शिवुपरी, दतिया, गुना, सतना, अनूपपुर, रीवा, विदिशा, नरसिंहपुर, खंडवा आदि जिलों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। डॉ. साधौ ने कहा कि इस शासकीय चिकित्सालय में महंगी चिकित्सा उपलब्ध होने से आम आदमी को राहत मिलेगी।

युवा पीढ़ी गांधीजी के व्यक्तित्व को जाने और अपनाए : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
19 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गांधीजी के विचार, उनके दर्शन और सिद्धांतों को घर-घर तक पहुँचाना है। हमारा मूल लक्ष्य यह होना चाहिए कि युवा पीढ़ी गांधीजी के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाने और उसे अपनाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जन्म वर्ष पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित गतिविधियों के लिए गठित समिति को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गांधीजी के विचार और उनकी प्रासंगिकता हमारे देश में सदैव रही है, आज भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस दौर से आज भारत गुजर रहा है, उसमें यह सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम गांधीजी के सिद्धांतों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाये, उसे लोग अपनाएँ, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से हम किसी एक वर्ष में गांधीजी को समेट नहीं सकते बल्कि हमारे प्रयास सदैव गांधीजी को लोगों तक पहुँचाने के होंगे। इसके लिए स्थायी कार्यक्रम बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि गाँधीजी की 150वीं जयंती पर हमारी सारी गतिविधियाँ केवल टी.वी. पर दिखाने और अखबारों में छपने तक सीमित न रहें। युवा पीढ़ी तक उनके विचार और आज के समय में उनकी प्रासंगिकता पहुँचे, इस पर हमें विशेष ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में गांधीजी के विचारों का क्रियान्वयन कैसे हो, इसका एक समग्र प्रारूप तैयार किया जाये। अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में पुन: एक बैठक की जाएगी, जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दर्शन और सर्वधर्म समभाव, धर्म-निरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता के लिए उनके जो विशेष आग्रह थे, उस पर एक स्थायी कार्यक्रम के संचालन की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी। उस रूपरेखा के आधार पर हम मध्यप्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोगों तक पहुँचाने का काम करेंगे।
आज के दौर में महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत की सबसे ज्यादा जरूरत
बैठक में समिति के सदस्यों ने गांधीजी द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्र की एकता, सभी वर्गों के कल्याण और धर्म के प्रति उनके विचारों, उनके दर्शन, सिद्धांतों और मूल्यों को शहरों से लेकर गाँव तक कैसे पहुँचाये, इसके बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि आज के दौर में महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत की सबसे ज्यादा जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने गांधीजी के 150वें जयंती वर्ष में आजादी की लड़ाई में उनके द्वारा अपनाए गए प्रमुख शस्त्र, जिनसे उन्होंने युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों में नई चेतना जागृत की और खादी को लेकर उनके दर्शन, को जन-जन तक पहुँचाने का सुझाव दिया। उन्होंने बैतूल जिले में हुए जंगल सत्याग्रह को केन्द्रित करते हुए वन क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने, ग्राम स्वराज्य की अवधारणा पर ग्रामीण क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने, महात्मा गांधीजी के नाम पर पाठशाला का नामकरण करने और सरकार के सभी पत्राचारों और विज्ञापन में गांधीजी की 150वीं जयंती का लोगो तथा उनकी सूक्तियाँ अंकित करने का सुझाव दिया। समाज में कटुता फैलाने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने, स्कूलों में प्रार्थना में रामधुन और गांधीजी की सुप्रसिद्ध प्रार्थना 'ईश्वर अल्लाह तेरे नाम-सबको सन्मति दे भगवान', सभी सरकारी कार्यक्रमों में गांधीजी की प्रार्थना तथा खादी के उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया। उन्होंने गांधीजी के नशामुक्ति संबंधी विचारों के आधार पर युवाओं को नशे से मुक्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। श्री सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी गांधीजी के विचारों को प्रचारित करने तथा हाई-स्कूल पाठ्यक्रम की पुस्तकों में गांधीजी का पाठ शामिल करने को कहा।
महाराष्ट्र के वर्धा से आये श्री सुमन बरंत ने कहा कि पर्यावरण को लेकर गांधीजी का विशेष आग्रह रहा है। इस विषय पर हमें युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करना चाहिए। उन्होंने चरखा पर प्रबोधन कार्यक्रम और गांधीजी पर केन्द्रित पोर्टेबल प्रदर्शनी लगाने का सुझाव दिया। श्री बरंत ने कहा कि भागवत कीर्तन के जरिए भी हम गांधीजी को जन-जन तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने गांधीजी के विचारों और उन पर लिखे जाने वाले नए साहित्य को सामान्य भाषा में लिखकर लोगों तक पहुँचाने को कहा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में गांधीजी पर केन्द्रित पाँच दिवसीय कार्यक्रम हों और आदिवासी क्षेत्रों में भी गांधीजी से संबंधित आयोजन किये जाये।
गांधीवादी चिंतक डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को बधाई दी कि उन्होंने मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है। डॉ. सुब्बाराव ने सुझाव दिया कि सबसे पहले हमें सांप्रदायिक सद्भाव और देश की अखंडता को मजबूत बनाने वाले कार्यक्रम करना चाहिए। उन्होंने गांधीजी के विचारों को आत्म-सात कर निष्ठावान कार्यकर्ताओं का निर्माण करने और धर्म तथा भाषा में एकता तथा भूख, गरीबी, बेगारी, भ्रष्टाचार और छूआछूत मुक्त भारत बनाने संबंधी प्रयासों को कार्यक्रम में जोड़ने का सुझाव दिया।
पूर्व महाधिवक्ता और गांधीवादी श्री आनंदमोहन माथुर ने सभी सरकारी स्कूलों में 1857 से 1947 तक हुए स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले महापुरुषों पर केन्द्रित लघु पुस्तिकाएँ बाँटने को कहा। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में गांधीजी के जीवन पर केन्द्रित निबंध प्रतियोगिता के आयोजन, संग्रहालय, शोध संस्थान की स्थापना स्थापित करने और विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में उदार विचार वाले क्रांतिकारी वक्ताओं के व्याख्यान आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्कूली तथा महाविद्यालयीन शिक्षा में महापुरुषों पर केन्द्रित पाठ पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा महापुरुषों के स्मारकों का जीर्णोद्धार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मध्यकालीन इतिहास को लेकर जो भ्रांतियाँ फैलायी गई हैं, उससे युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए भी कार्यक्रम करने होंगे। उन्होंने हर 6 गाँव के बीच स्वास्थ्य केन्द्र खोलने और उनमें भारतीय चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने की सुविधा उपलब्ध करवाने, स्कूलों में सभी भाषाएँ पढ़ाने और पुस्तकालय बनाने का सुझाव दिया।
गांधीवादी नेता श्री पी. राजगोपाल ने शांति और अहिंसा का मंत्रालय गठित करने, सर्वोदय संगठनों को मजबूत बनाने और शांति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष कस्तूबा गांधीजी का भी 150वां जन्म वर्ष है। इसलिये हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें भूमि अधिकार देने और गाँवों को भूमि विवाद से मुक्त कराने की मुहिम भी चलाना चाहिए।
श्री चंद्रिकाप्रसाद द्विवेदी ने बड़वानी जिले में डूब में आये गांधीजी के स्मारक को अन्य स्थान पर भव्य रूप में स्थापित करने, वास्तविक रूप में ग्राम-स्वराज्य को लागू तथा युवा पीढ़ी को भ्रमित करने वाले इतिहास तथा प्रदूषित विचारधारा से मुक्त करने का अभियान चलाने का सुझाव दिया।
श्री एल.एस. हरदेनिया ने गांधीजी के शिक्षा, संस्कृति, महिलाओं और विश्व-शांति को लेकर जो विचार हैं, उन्हें हर पंचायत तक पहुँचाने और गांधीजी पर केन्द्रित फिल्में स्कूलों में दिखाने तथा गांधीजी के प्रति पूरे विश्व के जिन महापुरुषों ने विचार व्यक्त किए हैं, उनसे बच्चों और युवाओं को अवगत कराने का सुझाव दिया।
श्री करुणाकर त्रिवेदी ने नागरिकों को गांधीजी के विचार, व्यवहार और मूल्यों से अवगत कराने, खादी के महत्व को पुन:स्थापित करने और गांधीजी के विचारों को लेकर जो संस्थान काम कर रहे हैं, उन्हें सशक्त बनाने को कहा। श्री चिन्मय मिश्रा ने गांधीजी के विचारों के साथ काम करने वाले व्यक्तियों को रेखांकित करने को कहा। गांधीजी के विचारों पर केन्द्रित सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करने और जो कानून दमनकारी हों, उन्हें नरम बनाने या समाप्त करने का सुझाव दिया। श्री घनश्याम सक्सेना ने गांधीजी के जंगल सत्याग्रह को प्रचारित करने और धर्म-निरपेक्षता को मजबूत बनाने के संबंध में सुझाव दिए।
सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने एनएसएस के राष्ट्रीय एकता शिविर लगाने, विश्वविद्यालय में गांधी अध्ययन केन्द्र खोलने और फैलोशिप स्थापित करने को कहा। सुश्री नटराजन ने संविधान पर केन्द्रित पुस्तक के प्रकाशन और बच्चों तथा युवाओं को उससे अवगत कराने का सुझाव दिया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी 150वीं जयंती पर प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक में संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल उपस्थित थे। बैठक में मुख्य सचिव एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

श्री गुरूनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर निबंध स्पर्धा
19 September 2019
भोपाल.संस्कृति विभाग की पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा श्री गुरूनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर निबंध लेखन स्पर्धा आयोजित की जाएगी। प्रदेश के सभी नागरिक स्पर्धा में हिस्सा ले सकते हैं। 'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में श्री गुरूनानक देवजी के संदेशों की प्रासंगिकता' विषय पर आयु वर्ग 18 से 35 वर्ष और 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से 30 सितम्बर 2019 तक प्रविष्टियाँ मांगी गई हैं। निबंध आलेख की प्रविष्टियाँ रजिस्टर्ड डाक या ई-मेल panjabisahityaacademy@gmail.com पर भी भेजी जा सकती हैं। स्पर्धा संबंधी विस्तृत जानकारी पंजाबी साहित्य अकादमी, संस्कृति भवन, भोपाल से सम्पर्क स्थापित कर प्राप्त की जा सकती है।



मेट्रो प्रोजेक्ट में जुड़ेगा मंडीदीप, एयरपोर्ट एवं पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र
19 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल और इन्दौर मेट्रो प्रोजेक्ट में भोपाल के मंडीदीप और एयरपोर्ट तथा इन्दौर के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को भी जोड़ने को कहा है। श्री कमल नाथ ने यह निर्देश मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित समय-सीमा को कम करते हुए इसे शीघ्र पूरा करें। उन्होंने इसके लिए निर्माण प्रक्रिया की अवधि का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि निर्माण कार्य साथ-साथ हों, जिससे यह प्रोजेक्ट जल्दी पूरा हो और इसका लाभ इन्दौर तथा भोपाल के लोगों को जल्द मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में मेट्रो परियोजना के अनुभव और अपनायी गई प्रक्रिया का भोपाल-इन्दौर के प्रोजेक्ट में लाभ लें। वहाँ अपनायी गई तकनीक का उपयोग करें। इससे हमारे कार्य में गति आएगी और हम उन बाधाओं का समाधान पहले से निकाल सकेंगे, जो दिल्ली मेट्रो के निर्माण में आई थीं।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, आयुक्त नगरीय विकास श्री पी. नरहरि, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी श्री स्वतंत्र कुमार सिंह और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


मंत्री श्री यादव ने श्योपुर जिले में देखी बाढ़ प्रभावित फसलें
19 September 2019
भोपाल.श्योपुर में जिले के प्रभारी पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव जिले के ग्राम सामरसा, दांतरदा, तलावदा, जैनी और जवासा में बाढ़ प्रभावित किसानों से मिले। श्री यादव ने खेतों में पहुँचकर धान, उड़द, सोयाबीन, तिल और बाजरा की क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लिया। किसानों को ढांढस बंधाते हुए श्री यादव ने कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से युद्ध स्तर पर फसलों का पूरा सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद तैयार सूची ग्राम पंचायत भवन पर चस्पा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सूची के अनुसार प्रभावित उचित मुआवजा आरबीसी ६(४) के अंतर्गत किसानों को दिया जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने राजस्थान की सीमा पर चंबल नदी के किनारे बसे ग्राम सामरसा में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएँ एवं कठिनाईयाँ सुनीं। विधायक श्री बाबू जण्डेल, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान और अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी प्रभावित किसानों के क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों को देखा।


नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा समयमान-वेतनमान
18 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने बताया है कि अब नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अन्य शासकीय कर्मचारियों की तरह समयमान-वेतनमान मिलेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इससे निकायों के लगभग 70 हजार अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2008, 2014 और 2015 में समयमान और तृतीय समयमान के संबंध में जारी आदेशानुसार नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान स्वीकृत करने के लिए नगरीय निकायों को ही अधिकृत किया गया है। नगरीय निकायों द्वारा स्वंय की वित्तीय व्यवस्था के अनुसार ही इसका लाभ देने का निर्णय लिया जायेगा। नगरीय निकाय स्वंय यह व्यय वहन करेंगे।


मंत्री श्री वर्मा ने अस्पताल पहुँचकर मूक-बधिर छात्राओं के उपचार की जानकारी ली
18 September 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में जिला अस्पताल पहुंचकर वहाँ भर्ती मूक-बधिर छात्राओं के उपचार की जानकारी ली। श्री वर्मा ने चिकित्सकों को छात्राओं की विशेष देखभाल करने को कहा।
शासकीय पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास की इन मूक-बधिर छात्राओं को मंगलवार सुबह ही उल्टी, दस्त और पेट दर्द की परेशानी होने पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाकर उपचार शुरू किया गया था। अब ये सभी छात्राएँ स्वस्थ हैं।
पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में मंत्री श्री वर्मा
लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने कहा है भारतीय रेलवे राष्ट्रीय एकता की प्रतीक है। श्री वर्मा पश्चिम रेलवे मजदूर संघ, रतलाम मण्डल और एन.एफ.आइ.आर. के उज्जैन में हुए 29वें राष्ट्रीय महाधिवेशन को सम्बोधित कर रहे थे।
महाधिवेशन में विधायक श्री मुरली मोरवाल और श्री महेश परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री करण कुमारिया, एडीआरएम श्री के.के. सिन्हा और स्टाफ रेलवे बोर्ड के मेम्बर श्री मनोज पाण्डेय, मौजूद थे।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा सुप्रसिद्ध कवि श्री माणिक वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त
18 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सुप्रसिद्ध हास्य कवि एवं व्यंग्यकार श्री माणिक वर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि श्री माणिक वर्मा ने कविता एवं व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों और तंत्र की खामियों पर सटीक रचनाएँ लिखीं। श्री वर्मा के निधन से देश ने रचनाओं के जरिए समाज और सत्ता को झकझोर देने वाला व्यक्तित्व खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।


जल स्त्रोतों पर अतिक्रमण को अपराध माना जाएगा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
17 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश की नदियों, तालाबों तथा अन्य जल स्त्रोतों पर सभी अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों पर अतिक्रमण को अपराध माना जाएगा। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में 'पानी का अधिकार' एक्ट के लिए गठित जल विशेषज्ञों की समिति के सदस्यों के साथ चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पानी का अधिकार' एक्ट का प्रारूप शीघ्र बनाया जाए, जिससे इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सके। बैठक में विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष डॉ. मिहिर शाह और सह अध्यक्ष मेगसेसे पुरस्कार प्राप्त श्री राजेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि पानी पर आम नागरिकों का अधिकार है। इसलिए उस पर अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पानी के स्त्रोतों पर अतिक्रमण करेगा, उसे अपराधी माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संरचनाओं के स्थान पर छोटी जल संरचनाएँ बनाना चाहिए। इससे लोगों को उनकी पुरखों की जमीन, जायदाद और गाँव से बेदखल होने से बचा सकेंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि साइबेरिया यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि पूरे साइबेरिया में बड़े पैमाने पर खेती होती है लेकिन उसकी सिंचाई के लिए कोई बांध नहीं बनाए गए बल्कि वहां तालाबों और छोटी-छोटी जल संरचनाओं के जरिए लोग सिंचाई करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भी अपने यहां इस तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे अनावश्यक विवादों से बच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमुदाय को पानी के प्रबंधन और उपयोग का अधिकार देना चाहिए। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने और उसके संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संरचनाएँ बनाते समय हमें ग्रामीणों से भी सुझाव लेना चाहिए क्योंकि उन्हें इसकी अधिक जानकारी होने के साथ अनुभव भी होता है।
बैठक में जल विशेषज्ञ समिति अध्यक्ष डॉ. मिहिर शाह और सह-अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह ने पानी का अधिकार एक्ट के संबंध में अपने विचारों और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री संजय शुक्ला और विशेषज्ञ समिति के सदस्य डॉ. हिमांशु कुलकर्णी, श्री पी.एस. विजय शंकर, श्री सचिन ओझा, श्री लिबी जॉनसन, डॉ. फिलिप कुलेट, डॉ. सुंदर राजन कृष्णनन, श्री जितेन्द्र अग्रवाल, डॉ. आर.के. नेमा और डॉ. डी.के. पहलवान उपस्थित थे।


"आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम में अब गाँव-गाँव लगेंगे शिविर
17 September 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री सुधि रंजन मोहन्ती ने आज इंदौर में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मिलावट के विरूद्ध चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी और परिणाममूलक बनायें। इस अभियान में ऐसी कार्रवाई करें, जिससे दोषी दण्डित तो हो ही, साथ ही इसका सकारात्मक परिणाम आमजन को दिखाई भी दे। मुख्य सचिव ने 'आपकी सरकार, आपके द्वार' कार्यक्रम को और अधिक जनोन्मुखी बनाते हुए अभियान को आमजन के नजदीक तक ले जाने को कहा। इस कार्यक्रम के शिविर अब गाँव-गाँव लगाये जायें।
मुख्य सचिव ने रबी मौसम के दौरान कृषकों की कृषि आदानों की जरूरतों का आंकलन कर उनकी माँग के अनुसार खाद-बीज सहित अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिये जिला स्तर पर कार्य-योजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा। उन्होंने इन्दौर संभाग के जिलों में अति-वृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सूक्ष्म सर्वे कर प्रभावितों को समय पर राहत राशि वितरण की व्यवस्था के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने त्यौहारों एवं पर्वों के मेलों तथा अन्य कार्यक्रमों की व्यवस्था में सतर्कता बरतते हुए जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, वहाँ विशेष ध्यान देने को कहा। त्यौहार एवं पर्व के दौरान अगर नदी में किसी बांध से पानी छोड़ा जाना है, तो उसकी पूर्व सूचना का ऐलान कराया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों में मूर्ति विसर्जित नहीं हो, इसके बंदोबस्त किए जाएं।
श्री मोहन्ती ने कहा कि नामांतरण, बँटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और अन्य नुकसानी का आंकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे वास्तविक रूप से और सावधानी से कराया जाए। कोई भी पात्र किसान छूटे नहीं और क्षतिपूर्ति की राशि समय पर मिल जाये। राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाए। राजस्व संबंधी नकलें लोक सेवा केंद्र तथा आईटी सेंटर से मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि मिलावटखोरों के विरूद्ध संचालित अभियान को राष्ट्रव्यापी सराहना मिल रही है। प्रदेश में सभी जगहों पर प्रभावी कार्रवाई हुई हैं। इस अभियान में और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाए।
श्री मोहन्ती ने इंदौर संभाग में वर्षाजनित तथा अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि संभाग में चिकनगुनिया, डेंगू तथा स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन सजगता एवं सतर्कता रखें। नागरिकों को जागरूक बनाएं। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की राशि निर्धारित समय-सीमा में देने को कहा। मुख्य सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, किशोरियों स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और सेनेटरी नैपकिन के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी मूल दायित्वों के साथ सामाजिक दायित्व का निर्वहन भी करें।
श्री मोहन्ती ने कहा कि अमान्य वनाधिकार प्रकरणों की सूक्ष्मता से जाँच कर। प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाये। उन्होंने बताया कि निरस्त प्रकरणों के परीक्षण और निराकरण के लिये दो अक्टूबर से अभियान शुरू किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने किराये के भवन में लगने वाली आँगनवाड़ियों के लिये शासकीय भवनों की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करने को कहा। उन्होंने अवैध खनिज के उत्खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भण्डारण के विरूद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की।
बैठक में श्री मोहन्ती ने सतत् विद्युत बनाये रखने के कार्य में व्यवधान डालने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने संभाग में हुए कार्यों की सराहना की और कहा कि इंदौर संभाग में अनेक अनुकरणीय कार्य हुए हैं।
बैठक में संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी, प्रमुख सचिव गृह, जेल और परिवहन श्री एस. एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव कृषि श्री अजीत केसरी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खाद्य और नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, सचिव खनिज श्री एन.एस. परमार, संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना श्री राकेश सिंह, संचालक औषधि प्रशासन श्री रविंद्र सिंह सहित संभाग और जिलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


राज्यपाल द्वारा प्रधानमंत्री को जन्म-दिन की शुभकामनाएँ
17 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्म-दिन 17 सितम्बर पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। श्री टंडन ने प्रधानमंत्री को भेजे शुभकामना पत्र में कहा कि विश्व क्षितिज पर सूर्य की भाँति प्रकाश और ऊर्जा के पुंज के रूप में आपको देखकर हम सब गौरवान्वित हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना की है।


भिण्ड जिले में रेस्क्यू ऑपेरशन से 1900 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए
17 September 2019
मन्दसौर में अत्यधिक बारिश होने तथा कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से भिण्ड जिले में चंबल नदी उफान पर है। इससे अटेर और भिण्ड क्षेत्र के चंबल नदी के किनारे बसे 44 गाँव प्रभावित हो रहे हैं। चम्बल नदी का जल-स्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित गाँव मुकुटपुरा, दिन्नपुरा नावली वृन्दावन, रमा कोट, खैराहट, नखनोली की मढ़ैयन, कोसण की मढ़ैयन, चीलोंगा, चौमहो, कछपुरा, तरशोखर हैं। इन गाँव में फँसे लोगों को प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर राहत शिविरों में पहुँचाया जा रहा है। बाढ़ग्रस्त गाँवों में प्रशासन द्वारा बार-बार समझाने पर भी कई लोग गाँव छोड़ कर जाने से इन्कार कर रहे हैं।
अभी तक गाँव नखनोली, रमाकोट, कोषण, नावली वृन्दावन, मुकुटपुरा चौमहो, कछपुरा, तरशोखर एवं दिन्नपुरा से लगभग 1900 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू किए गए 900 से ज्यादा लोगों को जिला प्रशासन द्वारा बनाये गए राहत शिविरों में पहुँचा दिया गया है। बाकी बचे लोग अपने रिश्तेदारों और मिलने वालों के यहाँ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। जिला प्रशासन, होमगॉर्ड, सेना और एसडीआरएफ द्वारा लगातार लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
कलेक्टर भिण्ड श्री छोटे सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री रुडोल्फ अल्वारेस बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ये अधिकारी बाढ़ प्रभावित स्थानों पर चलाए जा रहे रेस्क्यू आपरेशन में स्वयं मौजूद रह कर स्थिति पर पकड़ बनाये हुए हैं। साथ ही राहत शिविरों में सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।
राहत शिविरों में किये गये सभी जरूरी इंतजाम
जिला प्रशासन द्वारा रोशनलाल दैपुरिया महाविद्यालय सुरपुरा, हाईस्कूल विण्डवा , आईटीआई अटेर, मघेरा, हाई स्कूल रमाकोट में बनाये गये राहत शिविरों में लाये गए लोगों के लिये भोजन, पानी, सोने की व्यवस्था आदि आवश्यक इन्तजाम खाद्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। सभी राहत शिविरों में मेडिकल टीमें पूरी तैयारी के साथ तैनात हैं। पशुओं के ईलाज के लिये पशु चिकित्सक तैनात किये गये हैं।
शासकीय अधिकारियों- कर्मचारियों की छुट्टियाँ निरस्त
कलेक्टर ने सभी शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सभी को कार्य पर लौटने का आदेश जारी कर दिया है। आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। होमगार्ड्स को नाव, बोट सहित सभी सुरक्षा साधन उपलब्ध कराये गये हैं। जल संसाधन और सेतु विकास निगम के सुरक्षा अधिकारी और राजस्व का पूरा अमला इस मुहिम में लगा हुआ है और लगातार मोबाइल, दूरभाष सहित वायरलैस से आपस में सम्पर्क में बने हुए हैं।


सड़क दुर्घटनाएँ रोकने के लिये प्रत्येक जिले का रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार हो
17 September 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाएँ रोकने के लिये प्रत्येक जिले का रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लेक स्पॉट पर रोड सेफ्टी ऑडिट के सुधार के बाद थर्ड पार्टी ऑडिट करवाया जाए। श्री बच्चन आज राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्रालय में हुई बैठक में श्री बच्चन ने कहा है कि जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति और काउन्सिल की बैठक नियमित हो। उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि शाम 6 से 9 और रात 12 से सुबह 6 बजे के बीच दुर्घटनाएँ अधिक हुई हैं। इसके लिये हाईवे पर भारी वाहन चालकों के लिये रोड साइड सोने/आराम करने की जगह विकसित की जायें। इसके कारण लम्बी दूरी पर निकले चालक को रात में नींद की झपकी आने की संभावनाएँ कम होंगी और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
श्री बच्चन ने कहा है कि नोडल एजेन्सियाँ अपने काम को अंजाम तक पहुँचाये। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से नवाचारों पर युद्ध स्तर पर कार्य किये जाने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव को दूर कर ट्रेफिक नियमों का पालन करवाया जाए। सड़क निर्माण एजेन्सी नवम्बर के पहले सड़क सुधार के आवश्यक कार्य के साथ दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों को अपना कर उन्हें रोकने के कार्य करें। श्री बच्चन ने वाहनों की अनाधिकृत पार्किंग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि मवेशियों को सड़क से दूर रखने के प्रयासों में स्थानीय निकाय महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके लिये नगर पंचायत एवं नगरीय निकाय स्थानीय स्तर से प्रयास करें। श्री बच्चन ने कहा है कि ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक आदि पर रेडियम, रिफ्लेक्टर आदि लगाने का कार्य निरन्तर जारी रखें।
बताया गया कि इस साल दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये कटनी, अलीराजपुर, भिण्ड, अशोकनगर और शहडोल ने बेहतर परिणाम दिये हैं। सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान के दौरान 4088 जागरूकता कार्यक्रम कर 3 लाख 70 हजार 436 विद्यार्थियों को यातायात के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में देश में घटित सड़क दुर्घटनाओं के आँकड़ों की जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश की स्थिति, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का संख्यात्मक विश्लेषण, दुर्घटनाओं पर प्राप्त जानकारियों की समीक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी करने के लिये कार्य-योजना एवं सुझावों पर चर्चा की। बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन.मिश्रा, परिवहन आयुक्त श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव और विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर उपस्थित थे।


नगरीय निकायों में योजनाओं के निरीक्षण, पर्यवेक्षण के लिये अधिकारी नियुक्त
16 September 2019
भोपाल.प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के पर्यवेक्षण और निरीक्षण के लिये अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे नगर पालिका निगम भोपाल और इंदौर का पर्यवेक्षण करेंगे। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि को नगरीय निकाय उज्जैन और जबलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपर आयुक्त श्री आशीष सक्सेना को कटनी, सिंगरौली, अपर आयुक्त श्री स्वतंत्र कुमार सिंह को ग्वालियर, मुरैना, उप सचिव श्री मनीष सिंह को देवास, रतलाम, अपर आयुक्त श्रीमती मीनाक्षी सिंह को उज्जैन, धार, खरगोन, प्रमुख अभियंता श्री प्रभाकांत कटारे को रीवा, छिंदवाड़ा, मुख्य अभियंता श्री एन.जी. मालवीय को सतना, खण्डवा, सतना, जबलपुर, अपर संचालक श्री पी.एन. पाण्डेय को सागर, दमोह और सीधी, उप सचिव श्री राजीव निगम को बुरहानपुर, मंदसौर और इंदौर (नगर निगम के अतिरिक्त) जिले के नगरीय निकाय की पर्यवेक्षण जिम्मेदारी दी गई है।
संयुक्त संचालक श्री आर.के. कार्तिकेय को सागर, भिण्ड एवं मुरैना, संयुक्त संचालक श्री सुरेश बेलिया को गुना, दतिया, अशोक, संयुक्त संचालक (वित्त) श्री राजेश सिंह को देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, संयुक्त संचालक श्री अनिल गौड़ को भोपाल, होशंगाबाद, हरदा तथा मण्डला, संयुक्त संचालक श्री जे.जे. जोशी को कटनी, बालाघाट, अधीक्षण यंत्री श्री सुरेश शेजकर को ग्वालियर, शिवपुरी, अधीक्षण यंत्री श्री राजीव गोस्वामी को बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, कार्यपालन यंत्री श्री आनन्द सिंह को छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कार्यपालन यंत्री श्री रवि चतुर्वेदी को रतलाम, नीमच, उप संचालक श्री ओ.पी. झा को पन्ना, श्योपुरकलां, उप संचालक श्री परमेश पलोटे को बैतूल, नरसिंहपुर, सिवनी, उप संचालक श्री नीलेश दुबे को शहडोल, अनूपपुर, उप संचालक श्री सी.यू. राय को राजगढ़ एवं विदिशा और सहायक संचालक श्री फरीद कुरैशी को उमरिया एवं डिण्डोरी जिले के नगरीय निकायों का जिम्मा दिया गया है। सभी अधिकारियों के लिये 4 माह में कम से कम एक बार संबंधित निकाय का निरीक्षण करना जरूरी होगा।


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती की थीम पर होंगे पर्यटन पर्व
16 September 2019
भोपाल.सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने जिला पर्यटन संर्वधन परिषदों को निर्देश दिये हैं कि जिलों में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की थीम पर 2 अक्टूबर को पर्यटन पर्व आयोजित करें। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिषदों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी के जीवन-दर्शन को पर्यटन से जोड़ने के लिये विभिन्न स्थानों, संस्थाओं और व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करें। श्री किदवई ने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर 2 से 27 अक्टूबर तक स्वच्छता अभियान और 18 अक्टूबर से प्रदेश में इन्वेस्टर्स मीट के पहले भूमि और हैरिटेज सम्पत्ति पर्यटन विभाग को हस्तान्तरित करें।
अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड श्रीमती भावना वालिंबे ने जिला पर्यटन संवर्धन परिषदों को जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषदों में परिवर्तित करने के निर्देश दिये। श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि सभी परिषद आवंटित सहायता राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र तुरंत भेजें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में जिला पर्यटन संवर्धन परिषदों के लिये मध्यप्रदेश नीति 2016, जल पर्यटन नीति और कैम्पिंग नीति की कार्य-योजना तथा गतिविधियों को पॉवर पाइंट से प्रस्तुत किया गया। सचिव श्री किदवई ने प्रत्येक जिले की पर्यटन कार्य-योजना बनाने पर जोर दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्य पर्यटन विकास निगम की अपर प्रबंध संचालक सुश्री सोनिया मीणा और पर्यटन बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।


शासकीय खाद्यान्न चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश
16 September 2019
भोपाल.खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने वेयर हाउस से शासकीय खाद्यान्न चोरी और स्टॉक की कमी की खबरों के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव से वस्तु-स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।