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नीरव मोदी को बड़ा झटका, भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, होगी संपत्ति जब्‍त
5 December 2019
नई दिल्‍ली/मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक घोटाला (PNB Scam) मामले में नीरव मोदी (Nirav Modi) को बड़ा झटका लगा है. पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में देश छोड़कर भागे हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है. विशेष कोर्ट (ED) ने नीरव को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित किया है. अब जल्द ही नीरव मोदी की संपत्तियों को का जब्त करने का आदेश भी दिया जाएगा.
इससे पहले बुधवार को अदालत ने नीरव सहित तीन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर 15 जनवरी तक कोर्ट के सामने हाज़िर होने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर तीनों आरोपी न्यायालय में हाज़िर नही होंगे, तो उन्हें फरार घोषित किया जाएगा.
नीरव मोदी के साथ उसके करीबी निशल मोदी और सुभाष परब के खिलाफ भी विशेष सीबीआई अदालत ने समन जारी कर उन्हें अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया था. न्‍यायालय ने साफ कहा कि अगर ये तीनों आरोपी कोर्ट के सामने हाज़िर नहीं होते तो इनको फरार घोषित किया जाएगा.
कानूनन किसी आरोपी को फरार घोषित किया जाता है तो जांच एजेंसी उसकी प्रोपर्टी अटैच भी करने की कार्रवाई कर सकती है. स्पेशल ईडी कोर्ट में ईडी ने नीरव मोदी को फरार घोषित किया जाए ऐसी अर्जी दी थी. इस केस में जाली दस्तावेज के सहारे कर्ज लेने के मामले की जांच एजेंसियां कर रही है.

गलत हाथों में अर्थव्‍यवस्‍था, देश की GDP 1.5%, सरकार मेरी आवाज नहीं दबा सकती: चिदंबरम
5 December 2019
नई दिल्‍ली: आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX Media Case) में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार मेरी आवाज नहीं दबा सकती. बिना आरोप नेताओं को हिरासत में लिया गया. मंत्री के रूप में मेरा रिकॉर्ड और अंतररात्‍मा साफ है. मेरे साथ काम करने वाले अधिकारियों, संपर्क रखने वाले बिजनेसमैन और पत्रकार ये बात भलीभांति जानते हैं. जेल से 106 दिनों बाद रिहाई के पलों के अनुभवों को साझा करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि जब कल रात मैं तकरीबन आठ बजे रिहा हुई तो मेरे ख्‍याल और दुआओं में में सबसे पहले कश्‍मीर घाटी के 75 लाख लोग आए जो चार अगस्‍त, 2019 के बाद से अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं.
पी चिदंबरम ने कहा कि मैं खासकर उन राजनीतिक नेताओं के लिए चिंतित हूं जिनको बिना किसी आरोप में हिरासत में रखा गया. आजादी का कोई मोल नहीं है. इसलिए यदि हम अपनी आजादी को बचाए रखना चाहते हैं तो हमें उनकी आजादी के लिए लड़ना होगा. आईएनएक्‍स म‍ीडिया केस के संबंध में कहा कि चूंकि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है लिहाजा वह इस विषय पर कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे.
आरबीआई की आज मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद देश की अर्थव्‍यवस्‍था के संबंध में सरकार पर निशाना साधते हुए चिदंबरम ने कहा कि इकोनॉमी मौजूदा सरकार के दौर में 8% से गिरकर 4.5% रह गई. देश में मंदी जैसे हालात हैं लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि साल के अंत में यदि वृद्धि दर पांच प्रतिशत रखी गई तो हम भाग्‍यशाली साबित होंगे.
पूर्व मुख्‍य आर्थिक सलाहकार डॉ अरविंद सुब्रमण्‍यम ने पहले ही चेताया था कि जिस तरह की पद्धति को अपनाकर ये सरकार आंकड़े पेश कर रही है, उसके मुताबिक ये वृद्धि दर 5% नहीं बल्कि 1.5% के करीब है. प्रधानमंत्री असाधारण रूप से इस मुद्दे पर खामोश हैं. उन्‍होंने इस मुद्दे को अपने मंत्रियों पर छोड़ दिया है. अर्थशास्त्रियों के मुताबिक इसका नतीजा ये निकला कि सरकार अर्थव्‍यवस्‍था को संभालने के लिहाज से 'अक्षम मैनेजर' साबित हुई है. देश की अर्थव्‍यवस्‍था गलत हाथों में है. टैक्‍स आतंकवाद, जीएसटी और नोटबंदी के कारण देश की अर्थव्‍यवस्‍था बर्बाद हो गई है.
चिदंबरम को मिली जमानत
उल्‍लेखनीय है कि आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX media case) में पी चिदंबरम को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई है. इस केस में चिदंबरम पर सीबीआई और ईडी ने अलग अलग दो FIR दर्ज की थी. चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था. 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के केस में चिदंबरम को ज़मानत दी थी, लेकिन इससे पहले ही ईडी ने 17 अक्‍टूबर को अपने केस में चिदंबरम को गिरफ़्तार कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने 2 लाख के बेल बांड और दो सिक्योरिटी पर जमानत दी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना कहीं भी यात्रा नहीं कर सकेंगे. गवाहों के साथ किसी भी तरीके का संपर्क नहीं रखेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पी चिदंबरम इस केस के संबंध में किसी भी तरीके की सार्वजनिक बयानबाजी और प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करेंगे.
हालांकि इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस बात से सहमत है कि आर्थिक अपराध गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं लेकिन पी चिदंबरम को जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि जमानत नियम है और जेल अपवाद. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम को निर्देश दिया कि जब भी ईडी कहे तो उसकी जांच में वह सहयोग करें.
सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को ज़मानत दिए जाने के आदेश में कहा कि चिदंबरम अब सत्ता में नहीं हैं और न ही सरकार में कोई ऐसे पद पर हैं जिसके जरिये वो जांच में दखल देने की स्थिति में हो. सिर्फ़ 'फेस वैल्यू' के आधार पर उनके खिलाफ ऐसे आरोप स्वीकार नहीं किये जा सकते. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी गवाह ने चिदंबरम का सामना करने में असमर्थता जताई है तो इसके लिये चिंदबरम को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. खासतौर पर तब जबकि चिंदबरम या उनकी ओर से किसी और के, गवाहों को धमकाने के आरोप साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है.

सामूहिक खुदकुशी मामले में पुलिस का खुलासा, राकेश वर्मा ने की थी डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी
4 December 2019
गाजियाबाद: पांच लोगों की हत्या-आत्महत्या मामले में गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी राकेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक राकेश वर्मा ने गुलशन को बड़े व्यापार का सपना दिखा कर उससे करीब 1.5 करोड़ रुपये ले लिए और ये पैसा प्रॉपर्टी में लगवा दिया. साल 2018 में राकेश वर्मा और उसकी मां ने गुलशन के नाम से ली गई प्रॉपर्टी को धोखाधड़ी से अपने नाम करवा लिया. जिसके बाद गुलशन ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए. लगातर रुपये मांगने पर राकेश वर्मा ने कई चेक गुलशन को दिए जो बाउन्स हो गए.
गाजियाबाद एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इतने बड़े नुकसान के बाद गुलशन के परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा जिससे पूरा परिवार डिप्रेशन में आ गया था. गुलशन ने कई लोगों से पैसे उधार लेकर राकेश वर्मा को व्यापार में लगाने के लिए दिए थे. ऐसे में उधार देने वालों ने भी गुलशन से पैसे मांगने शुरू कर दिए और बार-बार उस पर दवाब बनाने लगे.
पुलिस ने बताया कि देनदारों के दवाब और राकेश वर्मा के पैसे न लौटने के कारण मानसिक रूप से परेशान गुलशन ने मंगलवार की सुबह अपने 15 साल के बेटे की गला रेत कर और बेटी की रस्सी से गला घोंट कर हत्या कर दी. फिर घर मे मौजूद गुलशन उसकी पत्नी और महिला बिजनेस पार्टनर ने बालकनी में कुर्सी लगाकर 8वीं मंजिल से एक साथ छलांग लगा दी.
पुलिस को राकेश वर्मा के खिलाफ गुलशन के घर से अग्रीमेंट की कॉपी समेत कई अन्य सबूत मिले हैं. इसलिए पुलिस इस मामले में राकेश वर्मा और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

एससी-एसटी आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया गया, 5 अन्य बिलों को कैबिनेट की हरी झंडी
4 December 2019
नई दिल्ली: मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 6 अहम बिलों को हरी झंडी दिखाई. इनमें सबसे अहम नागरिकता संशोधन बिल, एससी-एसटी को आरक्षण और सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी गई. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी कि नागरिकता संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि एससी-एसटी को जो आरक्षण मिलता है उसे हर 10 साल बाद बढ़ाना पढता है. इस बार भी सरकार ने एससी-एसटी आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि यह आरक्षण 2020 में खत्म हो रहा था जिसे 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने सिटिजन अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि सीनियर सिटिजन को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कैबिनेट ने सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को हरी झंडी दिखा दी है.
इसके अलावा तीन संस्कृत की डीम्ड यूनिवर्सिटी के एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूदी दी गई है. इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. इसके अलावा जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 को वापस लेने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैठक में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 (Personal Data Protection Bill, 2019) को भी मंजूरी दी गई. संसद के वर्तमान सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा.

PAK की आतंकी साजिश का खुलासा, ISI खालिस्तान समर्थित ग्रुप को दे रही है ऑनलाइन ट्रेनिंग
4 December 2019
नई दिल्ली: खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि पाकिस्तान भारत में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए पंजाब में खालिस्तान समर्थित आतंकियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दे रहा है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्लान K2 (कश्मीर-खालिस्तान नेक्सस) के तहत भारत में आतंकी हमलों की योजना बनाकर उसे अंजाम देने की फिराक में है.
इस रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलते हैं कि पंजाब में खालिस्तान समर्थित तत्व सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और वह पाकिस्तान आधारित आतंकी इकाई से ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे हैं जिसमें विस्फोटक निर्माण योजना और आतंकी हमले को अंजाम देना भी शामिल हैं.
खुफिया इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट पंजाब में एक्टिव खालिस्तानी मॉड्यूल को विस्फोटक बनाने के लिए फंडिंग भी कर रहे हैं.
पंजाब आधारित कट्टरपंथी अब पाकिस्तान आईएसआई द्वारा सक्रिय हो गए हैं. खुफिया सूत्रों ने ऑस्ट्रेलिया और इटली में बैठे खालिस्तानी समर्थकों द्वारा भारत में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाने की मंशा के बारे में भी संकेत दिया है.

पूनम महाजन ने अधीर रंजन से कहा- 'निर्बल तो आप हैं जो एक ही परिवार की महिला के लिए खड़े हैं'
3 December 2019
नई दिल्‍ली: कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण को 'निर्बला' कहने के बाद उठे हंगामे के बीच आज बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने अधीर रंजन पर पलटवार किया. पूनम महाजन ने कहा कि कल तेलंगाना की डॉक्‍टर के रेप और हत्‍या के मामले में सभी सांसद एकजुट थे. कुछ समय बाद जिनके नाम में 'धीर' है वैसे अधीर रंजन जी के अपने धीर क बांध फूट गया. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण पर उन्‍होंने जो टिप्‍पणी की वो सबसे बुरा हुआ. इसके साथ ही पूनम महाजन ने अधीर रंजन से कहा, ''निर्बल तो आप हैं दादा जोकि एक ही परिवार की महिला के लिए आप खड़े हैं और उसी के सम्‍मान और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं.''
इससे पहले बीजेपी सांसदों ने पीएम मोदी, अमित शाह और निर्मला सीतारमण के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्‍पणी करने के लिए अधीर रंजन से माफी की मांग की. इससे पहले बीजेपी (bjp) की संसदीय दल की बैठक मंगलवार को दिल्ली में संपन्न हुई. बैठक में कांग्रेस (congress) में लोकसभा के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chaudhary) के पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और अमित शाह को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का भी मुद्दा उठा. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( rajnath singh) ने कहा कि जिस स्तर पर कांग्रेस नेता ने भाषा का इस्तेमाल किया है, उस स्तर पर हमें नहीं जाना है. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें आक्रामक रहना चाहिए लेकिन गरिमा के साथ. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बैठक में सांसदों की सदन में गौरमौजूदगी को लेकर चिंतित हैं. पीएम मोदी चाहते हैं संसद में सांसदों को मौजूद रहना चाहिए.
क्या कहा था अधीर रंजन चौधरी ने?
बता दें रविवार को लोकसभा में कांग्रेस (Congress) के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक विवादित देते हुए पीएम मोदी और अमित शाह को घुसपैठिए कहा था. अधीर रंचन चौधरी ने कहा, 'एनआरसी नाम लेकर एक ऐसा माहौल पैदा हो गया कि जो हमारे देश के वास्तविक नागरिक हैं वे भी सोचने लगे हैं कि हमारा क्या होगा. आम जन सारे कागजात लेकर नहीं बैठे रहते, गरीब, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के लोगों को रोटी की चिंता रहती है, कागजात के बारे में सोचने का उनके पास समय नहीं है.'
कांग्रेस नेता ने कहा, ''वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे. मुसलमान अगर इस देश का नागरिक है तो भागेगा क्यों, हिंदुस्तान सबके लिए है हिंदू के लिए है मुसलमान के लिए है, लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हम हिंदुओं को यहां रहने देना चाहते हैं, मुसलमानों को भगा देंगे. चौधरी ने कहा, 'यह हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सबका अधिकार समान है, मैं तो यह कह सकता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी खुद घुसपैठिए हैं. घर आपका गुजरात, आ गए दिल्ली, आप तो खुद माइग्रेंट हैं. कानूनी और गैरकानूनी बाद में देखा जाएगा.'

बढ़ने वाली है भारतीय नौसेना की ताकत, अमेरिका से जल्द मिलेंगे 24 मल्टी रोल हेलीकॉप्टर
3 December 2019
नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह (Navy Chief Admiral Karambir Singh) ने मंगलवार (3 दिसंबर) को बताया कि अमेरिका से 24 एमएच-60 आर मल्टी रोल हेलीकॉप्टर के लिए स्वीकृति पत्र (LoA) मिल गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस सौदे पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. उन्होंने नैसेना दिवस (Navy Day) से एक दिन पहले यानी कि मंगलवार (3 दिसंबर) को दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही.
एडमिरल करमबीर सिंह ने यह भी कहा कि साल 2012-13 के मुकाबले देश की रक्षा बजट में कटौती हुई है. साल 2012-13 के मुकाबले साल 2019-20 में रक्षा बजट में करीब पांच प्रतिशत की कटौती हुई है. आपको बता दें कि 4 दिसंबर को देश भर में नौसेना दिवस मनाया जाएगा. उससे पहल यानी कि मंगलवार (3 दिसंबर) को दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख ने यह बात कही.
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के तहत 44 चोरी के प्रयासों को नाकाम करते हुए 120 समुद्री डाकुओं को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा 48 भारतीय शिपयार्ड के साथ-साथ भारतीय नौसेना 50 जहाज और पनडुब्बियों का निर्माण कर रही है.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि नेवी की योजना तीन एयरक्राफ्ट कैरियर्स को बेड़े में शामिल करने की है. ताकी दो हमेशा परिचालन में रहें. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यह इलेक्ट्रो मैग्नेटिक प्रोपल्शन के साथ 65,000 टन का हो.

गलत तरीके से चंदे के लेन-देन के मामले में आयकर विभाग ने कांग्रेस को भेजा नोटिस
3 December 2019
नई दिल्‍ली: आयकर विभाग (IT) ने चंदे के लेन-देन के एक मामले में कांग्रेस को नोटिस कर जवाब मांगा है. दरअसल हैदराबाद में अक्टूबर महीने में IT ने छापेमारी की थी और करोड़ों की टैक्स चोरी का पता चला था. उसी छापे में पता चला था कि कांग्रेस पार्टी को काफी पैसा गलत तरीके से चंदा दिखा कर दिया गया था. कांग्रेस ने अक्टूबर में इसी मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस भी की थी. उसी का जवाब कांग्रेस पार्टी से नोटिस देकर मांगा है कि पैसा कैसे आया था.
हैदराबाद में एक बड़े बिज़नेस ग्रुप से गलत तरीके से पैसे लेने के आरोप में जवाब मांगा गया. विस्‍तृत विवरण की प्रतीक्षा है.

मंत्री होने के बावजूद फैसले नहीं ले पातीं, आपको निर्मला कहें या 'निर्बला' सीतारमण: अधीर रंजन
2 December 2019
नई दिल्‍ली: पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयानबाजी के 24 घंटे के भीतर ही लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक और विवादित बयान दिया है. छह वर्षों में जीडीपी दर सबसे कम रहने और अमेरिका-चीन ट्रेड वार पर जब वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पक्ष रखा तो उसके बाद अधीर रंजन ने उनको लाचार मंत्री कहा. अधीर रंजन ने कहा, ''आपके लिए सम्‍मान तो है लेकिन कभी-कभी सोचता हूं कि आपको निर्मला सीतारमण की जगह 'निर्बला' सीतारमण कहना ठीक होगा कि नहीं. आप मंत्री पद पर तो हैं लेकिन जो आपके मन में है वो कह भी पाती हैं या नहीं.''
इससे पहले एनआरसी के मुद्दे पर रविवार को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा था. उन्‍होंने कहा, 'एनआरसी नाम लेकर एक ऐसा माहौल पैदा हो गया कि जो हमारे देश के वास्तविक नागरिक हैं वे भी सोचने लगे हैं कि हमारा क्या होगा. आम जन सारे कागजात लेकर नहीं बैठे रहते, गरीब, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के लोगों को रोटी की चिंता रहती है, कागजात के बारे में सोचने का उनके पास समय नहीं है.' कांग्रेस नेता ने कहा, ''वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे. मुसलमान अगर इस देश का नागरिक है तो भागेगा क्यों, हिंदुस्तान सबके लिए है हिंदू के लिए है, मुसलमान के लिए है, लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हम हिंदुओं को यहां रहने देना चाहते हैं, मुसलमानों को भगा देंगे.
चौधरी ने कहा, 'यह हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सबका अधिकार समान है, मैं तो यह कह सकता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी खुद घुसपैठिए हैं. घर आपका गुजरात, आ गए दिल्ली, आप तो खुद माइग्रेंट हैं. कानूनी और गैरकानूनी बाद में देखा जाएगा.'
इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है. उन्‍होंने अधीर रंजन के लिए कहा, ''उनके राजनीतिक गोत्र का डीएनए खराब है. जिसने पूरे भारत में तुष्टिकरण की राजनीति की हो. इनका राजनीतिक डीएनए है तुष्टिकरण. 1971 में श्रीमती गांधी ने कहा था कि हमारा जनसंख्या विस्फोट इतना अधिक है कि हम सह नहीं सकते हैं. लेकिन वोट के सौदागरों के आगे घुटने टेक दिए.''
गिरिराज सिंह ने कहा, ''आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने एक देश- एक कानून बनाने का काम किया. नेहरू की गलतियों को, कश्मीर की नीतियों को, 35A और 370 को हटाकर सही किया. देश को एनआरसी की जरूरत है. धर्मशाला रूट, जो कांग्रेस ने धर्मशाला बना दिया है भारत को, जो आए, जो रह जाए. वोट दें कांग्रेस को, और यही रह जायें. हिंदुस्तान में उसको हटा दिया गया है अब. देश के लिए कानून होगा. वह कानून होगा एनआरसी के तहत, जो भारत का नागरिक है वो रहेगा. जो गैर भारतीय है. उसे जाना पड़ेगा. अगर पाकिस्तान का है, बांग्लादेश का है, रोहिंग्या है, कोई भी है, उसे जाना पड़ेगा.''
गिरिराज सिंह ने कहा, ''देखिए देश को इसे वोट के चश्मे से नहीं देखना चाहिए. देश को आज तक कांग्रेस ने इसे वोट के चश्मे से देखा. मैं तमाम लोगों से कहता हूं देश के चश्मे से देखें. देश की जनसंख्या विस्फोट के चश्मे से देखें. देश में बढ़ती आबादी है. हम घुसपैठियों का भार नहीं सकते. इसलिए एनआरसी चाहिए पूरे देश में लागू हो. बिहार हो या बंगाल पूरे देश में लागू होना चाहिए एनआरसी.''
इससे पहले उन्‍होंने ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, ''मुगलों को अपना वोट बैंक बनाने वाले कांग्रेस को राष्ट्रवादी मोदी बाहरी और घुसपैठिए लगने लगे हैं...कांग्रेस मुगलों और रोहिंग्‍यों से माफ़ी मांगे ना मांगे इसे देशवासियों से माफी मांगनी पड़ेगी. मेरा मुंह खुलवाएंगे तो गूंज इटली तक जाएगी.''

पुलवामा हमले के बाद दिल्ली में बड़ा आतंकी हमला करना चाहता था जैश-ए-मोहम्मद
2 December 2019
नई दिल्ली: पुलवामा हमले (Pulwama attack) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. एनआईए (nia) ने कोर्ट में दायर चार्जशीट में कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) पुलवामा हमले के बाद दिल्ली (Delhi) में बड़ा आतंकी हमला करना चाहता था.
जैश ने दिल्ली के साउथ ब्लॉक और सेंट्रल सेक्रेटरिएट की रेकी भी की थी जिससे पुलवामा की तरह एक और बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके.
एनआईए के मुताबिक जैश आतंकी अहमद खान ने एनआईए से पूछताछ में खुलासा करते हुए कहा है कि उसने जैश के टॉप कमांडर्स के कहने पर साउथ ब्लॉक, सेंट्रल सेक्रेटरिएट, पुरानी दिल्ली, सिवल लाइन्स ,बी के दत्त कॉलोनी, कश्मीरी गेट, लोधी एस्टेट, मंडी हाउस और दरियागंज की रेकी की थी.
बता दें कि 14 फरवरी को जम्‍मू और कश्‍मीर के पुलवामा जिले में जैश ए मोहम्‍मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इस हमले में आतंकियों ने 300 किलो विस्‍फोटक से भरी कार का इस्‍तेमाल किया था. आतंकियों ने पहले विस्‍फोटक से भरी इस कार को काफिले की एक बस से टक्‍कर मारकर विस्‍फोट किया था.

हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर केस, संसद में बोलीं जया बच्चन 'गुनाहगारों की हो सार्वजनिक लिंचिंग'
2 December 2019
नई दिल्ली: संसद (parliament) के दोनों सदनों में सोमवार को हैदराबाद गैंगरेप-हत्याकांड का मुद्दा उठा. लोकसभा और राज्यसभा में बोलते हुए सांसदों ने इस घटना पर अपना आक्रोश जाहीर किया. राज्यसभा में बोलते हुए सासंद जया बच्चन (Jaya Bachchan) बहुत बड़ा बयान दे डाला. उन्होंने कहा कि रेप के गुनहगारों को सार्वजिक तौर पर सजा दी जाए उनकी लिंचिंग की जाए.
जय बच्चन ने कहा, 'मुझे नहीं पता कितनी बार मैंने इस मसले पर अपनी बात रखी है. मुझे लगता है कि लोग चाहते हैं कि सरकार अब एक निर्णायक जवाब दे. मुझे लगता है कि यह जो घटना हैदराबाद में हुई क्या वहां के जो सिक्योरिटी इंचार्ज है क्या आपको नहीं लगता कि उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए कि वे उस इलाके की सुरक्षा क्यों नहीं कर पाए क्योंकि वहां एक दिन पहले भी यह घटना हुई थी. ऐसे लोगों को देश के समाने लाकर उन्हें शर्मिंदा करना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, 'जिन लोगों ने यह अपराध किया है....इस तरह की चीजें कुछ देशों में होती हैं वहां जनता इसका फैसला देती है, मुझे लगता है कि इस तरह के लोग जनता के बीच लाया जाए जहां इनकी लिंचिंग हो. '
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (rajnath singh) ने कहा, 'हैदराबाद की जो यह घटना घटित हुई है. इससे बड़ा और कोई दूसरा अमानवीय कृत्य नहीं हो सकता है. सारा देश इस घटना को लेकर शर्मसार हुआ. इस घटना से सभी आहत हुए है. सदन में सभी ने कहा है कि जो भी अपराधी है उसे कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए. '
जब निर्भया कांड हुआ था तो उसके बाद एक कठोर कानून बना था और लोगों ने उस समय यह मान लिया था कि इन घटनाओं में काफी हद तक कमी आएगी. मैं कहना चाहूंगा अध्यक्ष महोदय की अगर आप चर्चा कराना चाहते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी. उन्होंने कहा सदन में जिस तरह के कठोर कानून बनाने पर सहमति बनेगी हम उस तरह का कानून बनाने के लिए तैयार है.
AIADMK सांसद विजिला सत्यानथ ने लोकसभा में कहा, देश में बच्चे औह महिलाएं सुरक्षित नहीं है. चार लोग जिन्होंने यह अपराध किया है उन्हें 31 दिसंबर से पहले फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए. इस मामले में एक फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाया जाना चाहिए.

पीड़िता को पहले केरोसीन डालकर जलाया, फिर लौटकर देखने आए बॉडी पूरी जली या नहीं
30 November 2019
Hyderabad Doctor Murder: हैदराबाद में डॉक्टर की नृशंस हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। जिस दरिंदगी से डॉक्टर की हत्या की गई उसे सुनकर ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं। जिन 4 वहशी दरिंदों ने इस वारदात को अंजाम दिया वह पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर सामने आ गया है कि अपराधियों पर पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने केरोसीन डालकर आग लगा दी थी। इसके बाद उसे जलता हुआ छोड़कर चले गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद दरिंदे घटनास्थल से चले गए थे। लेकिन 4 में से 2 वापस घटनास्थल पर यह तसल्ली करने के लिए पहुंचे थे कि डॉक्टर का शव पूरी तरह से जला की नहीं।
2 आरोपी दोबारा शव देखने पहुंचे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नृशंस हत्या को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अंडरपास के नीचे आरोपियों ने रात लगभग 2 से 2.30 के बीच वारदात को अंजाम दिया और घटनास्थल से ट्रक और स्कूटर से रवाना हो गए थे। इसके थोड़ी देर बाद आरोपी स्कूटर से दोबारा लौटकर यह देखने आए कि शव पूरी तरह से जला की नहीं।
महिला आयोग के सदस्य पहुंचे डॉक्टर के घर
डॉक्टर की हत्या को बदमाशों ने जिस तरह से अंजाम दिया इसके बाद पूरे देश में गुस्सा फूट पड़ा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर की हत्या ने राज्य की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी आज डॉक्टर के परिवार से मिलने पहुंची हैं।

फ्लोर टेस्ट से पहले BJP का वॉकआउट, फडणवीस बोले, 'असंवैधानिक है यह अधिवेशन'
30 November 2019
मुंबई: BJP विधायकों ने उद्धव सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा से वाक आउट किया. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadnavis) ने दावा किया संवैधानिक नियमों को ताक पर रखकर विधानसभा का यह सत्र बुलाया गया है. फडणवीस ने तीन बिंदुओं पर इस सरकार पर निशाना साधा
1-फडणवीस ने दावा किया कि विधानसभा अधिवेशन बुलाने के लिए संविधान के लिए जो नियम तय किए गए उन्हें ताक पर रखकर यह अधिवेशन बुलाया गया है. फडणवीस ने कहा कि इससे पहले जो अधिवेशन हुआ था वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ था. उस अधिवेशन के आखिर में राष्ट्रगान गाया गया जिसके साथ ही वह अधिवेशन खत्म हो गया था लेकिन आज उसी अधिवेशन को जारी रखा गया. यह पूरी तरह से संविधान का उल्लंघन है.
2-फडणवीस ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर को हटाना संविधान का उल्लंघन है. नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रोटेम स्पीकर को हटाने की कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि आज तक कभी बहुमत परीक्षण विधानसभा स्पीकर के चुनाव से पहले नहीं हुआ.
3-इसके साथ ही फडणवीस ने आरोप लगाया कि उद्धव सरकार का शपथग्रहण समारोह में संविधान की धज्जिया उड़ाई गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि शपथ ग्रहण समारोह में लोगों ने शरद पवार, सोनिया गांधी, बाल ठाकरे के नाम पर प्रतिज्ञा ली, जो कि संविधान के खिलाफ है.

उद्धव सरकार ने महाराष्‍ट्र विधानसभा में बहुमत साबित किया, 169 विधायकों ने समर्थन दिया
30 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra) विधानसभा में आज उद्धव ठाकरेे सरकार ने बहुमत सिद्ध कर दिया. 2 बजे शुरू हुई कार्यवाही में विपक्ष के भारी हंगामे और सदन से बीजेपी और उसके घटक दलों के वॉकआउट के बीच उद्धव ठाकरे सरकार ने सदन में बहुमत सिद्ध कर दिया. सदन में 169 विधायकों ने उद्धव सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विरोध में 0 वोट आए. इसके अलावा 4 मत तटस्‍थ रहे. यानि उन्‍होंने किसी का समर्थन नहीं किया. इनमें 2 AIMIM, 1 CPM जबकि एक विधायक मनसे का था. इस तरह उद्धव ठाकरे की सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया.
सदन में बहुमत साबित कर लेने के बाद उद्धव ठाकरे ने महाराष्‍ट्र विधानसभा में पहली बार संबोधन देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का वंदन कर मैं यहां आया हूं. हमारा महाराष्‍ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्‍ट्र है. वह हमारे देवता समान हैं. उन्‍होंने आगे कहा कि सदन में विरोधी पक्ष नहीं हैं. देवेंद्र फडणवीस ने अगर हमनें शपथ ग्रहण के दौरान शिवाजी महाराज, साहूजी महाराज और डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लिया तो इन्‍हें आपत्ति क्‍यों है? ये लोग भी तो हमेशा इन महानुभावों के नाम लेते हैं. जिस तरह सदन से वॉकआउट किया गया, मैं कहना चाहूंगा कि ये वो महाराष्‍ट्र नहीं है, जैसा हम चाहते हैं. हमनें जिन भी महानुभावों के नाम अपनी शपथ ग्रहण के लिए हमें उन पर गर्व है. मैं मैदान में लड़ने वाला इंसान हूं.
उनके बाद प्रोटेम स्‍पीकर ने सभी विधायकों को बधाई दी एवं कहा कि सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे शुरू होगी और स्‍पीकर का चुनाव होगा.
सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू हो गई थी. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वहां हंगामा हो गया. पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा अधिवेशन पर सवाल उठाए. हंगामे के बीच उद्धव ठाकरे ने प्रोटेम स्पीकर के आदेश के बाद सरकार की कैबिनेट में शपथ ले चुके नये मंत्रियों का पहले सदन मे परिचय कराया, लेकिन हंगामा जारी रहा. इसी बीच राज्‍य के पूर्व सीएम अशोक चव्‍हाण ने विधानसभा में विश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया. इनके बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक के अलावा सुनील प्रभु, जयंत पाटिल ने विश्‍वास प्रस्‍ताव का अनुमोदन किया. इसके बाद सदन में विश्‍वास मत पर वोटिंग होनी थी, लेकिन विपक्ष ने भारी हंगामा किया. बीजेपी विधायकों ने विरोधस्‍वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया.
सदन के बाहर फडणवीस ने मीडिया से कहा कि नियमों के खिलाफ विधानसभा का सत्र बुलाया गया है. विधानसभा में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है. उन्‍होंने सदन में यह भी कहा कि उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से कहा कि संविधान के अनुरूप के विधानसभा के जो नियम बनाए गए हैं उन्हें ताक पर रखकर यह अधिवेशन बुलाया गया है. पुराना अधिवेशन जोकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ था, वह जनगणमन के साथ समाप्त हो गया, लेकिन उस अधिवेशन को आज भी जारी रखा गया. शपथग्रहण समारोह में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. शपथ ग्रहण करने वालों ने शरद पवार, सोनिया गांधी, बाल ठाकरे के नाम लेकर भी प्रतिज्ञा ली, जोकि संविधान के खिलाफ है.
उन्‍होंने यह भी कहा कि प्रोटेम स्पीकर को हटाना संविधान का उल्लंघन है. प्रोटेम स्पीकर को हटाया गया. संविधान को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई. आज तक कभी भी बहुमत परीक्षण विधानसभा स्पीकर के चुनाव से पहले नहीं हुआ. हम राज्यपाल से अनुरोध करने वाले हैं कि यह सारी कार्यवाही निरस्त हो.
इससे पहले सदन के भीतर भी हंगामे के बीच फडणवीस ने कहा कि उन्‍होंने कहा कि 'विधानसभा सत्र नियमों के खिलाफ बुलाया गया. विधानसभा सत्र की शुरुआत वंदे मातरम से क्‍यों नहीं की गई? आधी रात को विधानसभा सत्र की जानकारी दी गई. विधानसभा में विपक्ष सदस्‍यों ने दादागिरी नहीं चलेगी के नारे लगाए. फ्लोर टेस्‍ट नियमों के खिलाफ हो रहा है. उद्धव के मंत्रियों ने नियमों के खिलाफ शपथ ली है'. फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्‍ट्र विधानसभा में पहले अध्‍यक्ष का चुनाव होता रहा है, उसके बाद ही फ्लोर टेस्‍ट होता रहा है, लेकिन इस बार उल्‍टा हो रहा है. सारे नियमों को ताक पर रखा गया है. उन्‍होंने प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए. बिना अध्‍यक्ष के आज तक बहुमत परीक्षण नहीं हुआ.
कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे दोपहर करीब 12.45 बजे विधानसभा पहुंच गए थे. बहुमत परीक्षण से पहले यहां उन्‍होंने सबसे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को माला पहनाई. वहीं, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और पूर्व मुख्‍यमंत्री व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस भी महाराष्‍ट्र विधानसभा पहुंच गए थे.
फ्लोर टेस्‍ट से पहले शिवसेना और एनसीपी ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर उन्‍हें सदन में उपस्थित रहने को कहा. वहीं, कांग्रेस ने भी अपने विधायकों के नाम तीन लाइन का व्‍हिप जारी किया था.
इससे पहले विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए में महाविकास अघाडी‌ के उम्मीदवार कांग्रेस के नाना पटोले ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए कहा कि संख्याबल हमारे साथ है, इसलिए जीत हमारी होगी. बहुमत साबित करने के लिए हम पूरी तरह से सक्षम हैं. हम अपनी सरकार को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त हैं. जहां तक बात है शपथ के दौरान संविधान के नियमों का पालन नहीं करने की, वहां राज्यपाल महोदय थे ही... अगर कुछ गड़बड़ है तो राज्यपाल ही इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे. नाना पटोले की तरफ से विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन किया गया.
वहीं, एनसीपी नेता प्रफुल्‍ल पटेल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री पद एनसीपी के पास है और इसके नाम का ऐलान हम नागपुर सत्र के बाद करेंगे. साथ ही उन्‍होंने कहा कि मैं दिल्ली में सांसद हूं. उप मुख्यमंत्री पद की रेस में मेरे नाम का सवाल ही नहीं उठता.
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अजित पवार, प्रफुल्‍ल पटेल और जयंत पाटिल विधानसभा पहुंच गए. वहीं, बहुमत सिद्ध करने से कुछ देर पहले ही एनसीपी की बैठक होगी.
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी की तरफ से उसके विधायक किसन कथोरे को चुना गया है. किसन कथोरे ठाणे जिले की मुरबाड सीट से विधायक हैं. विधानसभा स्पीकर का कल यानि रविवार को चुनाव है. आज विधानसभा की कार्यवाही प्रोटेम स्पीकर दिलीप वल्से पाटिल की अध्यक्षता में होगी.
बालासाहेब थोराट ने सुबह ही बताया कि, नाना पटोले कांग्रेस पार्टी की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार होंगे. नाना पटोले महाराष्ट्र के चन्द्रपूर इलाके से चुनाव जीतकर आए हैं. पटोले पहले बीजेपी मे हुआ करते थे, लेकिन किसानों के मुद्दे पर उन्‍होंने बीजेपी छोड़ दी थी और पिछला लोकसभा चुनाव केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लड़ा था. उधर, बालासाहेब थोराट ने कहा कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निर्णय लिया है कि हम बहुमत सिद्ध करेंगे और इस बात को लेकर हम सभी पूरी तरह से निश्‍चित हैं.
इससे पहले शनिवार सुबह राज्‍य के पूर्व उप मुख्‍यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार, विधायक दल के नेता और महाराष्‍ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल पार्टी प्रमुख शरद पवार से मिलने के लिए उनके आवास सिलवर ओक पहुंचे. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष और उद्धव ठाकरे के साथ मंत्रीपद की शपथ लेने वाले बालासाहेब थोराट भी यहां पहुंचे थे. इसके कुछ देर बाद नीतिन राउत और बाला साहेब थोराट वहां से निकल गए. इनके बाद अजित पवार, जयंत पाटिल और प्रफुल्‍ल पटेल भी सिल्‍वर ओक से निकलते देखे गए.
नांदेड़ से बीजेपी (BJP) सांसद प्रतापराव ने एनसीपी (NCP) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) से मिलने पहुंचे. उद्धव सरकार द्वारा शनिवार दोपहर को विधानसभा में बहुमत साबित करने के कुछ घंटे पहले ही यह मुलाकात हुई. मुलाकात के बाद अजित पवार ने कहा, यह एक सदिच्छा भेंट थी. राजनीति में ऐसी मुलाकातें होती रहती हैं. मुझसे कई पार्टियों के नेता मिलते हैं..
बता दें उद्धव सरकार के बहुमत साबित करने, नए अध्यक्ष के चुनाव, विरोधी पक्ष नेता की घोषणा और राज्यपाल के अभिभाषण के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा के दो दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है.
शिवसेना(Shiv Sena) -एनसीपी (NCP)-कांग्रेस (congress) वाली सत्तारूढ़ 'महा विकास अघाड़ी' का दावा है कि उसके पास 170 विधायकों का दावा है. महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा मे बहुमत का आंकड़ा 145 है.

एम्स में इलाज करवाना हो सकता है महंगा, डॉक्टर बनने की फीस भी बढ़ने की संभावना
28 November 2019
नई दिल्‍ली : एम्स (AIIMS) में अब इलाज करवाना भी महंगा हो सकता है और पढ़ना भी. एम्स के फाइनेंस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए एक लैटर में एम्स के सभी विभागों से ये पूछा गया है कि फिलहाल किस सेवा का क्या चार्ज लिया जा रहा है. साथ ही ये बताने को भी कहा गया है कि ये चार्ज लागत से कितना कम है और क्या कारण है कि ये चार्ज लागत से कम पर वसूला जा रहा है.
फिलहाल एम्स में एमबीबीएस करने का सालाना खर्च 6000 रुपए है, जो 50,000 तक किया जा सकता है. एम्स प्रशासन के मुताबिक, एमबीबीएस करने वाले एक डॉक्टर पर संस्थान 1.8 करोड़ रुपए खर्च करता है.
एम्स में ओपीडी में दिखाने के लिए 10 रुपए का कार्ड बनता है, जबकि भर्ती होने पर 25 रुपए का.
स्वास्थ्य मंत्रालय चाहता है कि एम्स का रेवेन्यू बढ़े. सरकार दिल्ली एम्स को सालाना 3 हज़ार 5 सौ करोड़ रुपए देती है, जबकि देश में बने बाकी एम्स को 300 से 500 करोड़ मिलते हैं.
एम्स के डॉक्टरों की एसोसिएशन ने इस कदम का विरोध किया है. एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर और स्टूडेंट एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज़ जारी कर रहा है कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही क्षेत्रों को अफोर्डेबल यानी किफायती होना चाहिए जिससे हर कोई इन सेवाओं को हासिल कर सके.

पंजाब के सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा लागू करने के लिए आदेश जारी
28 November 2019
चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा लागू करने के लिए पंजाब सरकार ने आदेश जारी कर दिए है . बोर्ड कारपोरेशन व सभी विभागों में पंजाबी लागू करने को कहा है . उच्च शिक्षा विभाग की और से जारी पत्र में कहा गया है कि देखने में आया कि पंजाब सरकार की और से राजभाषा एक्ट 2008 में लागू होने के बावजूद भी कई विभाग इस एक्ट को लागू नहीं कर रहे है .
पंजाब सरकार ने पहले भी आदेश जारी किये थे लेकिन उनको लागू नहीं किया जा रहा. पंजाब में विपक्ष काफी समय मांग कर रहा है कि पंजाब में कई विभाग पंजाबी भाषा में काम नहीं कर रहे है. यह मामला विधानसभा में भी उठता रहा है.
अब सरकार के फिर से विभागों को आदेश जारी किया है के सरकार के आदेशों को लागू किया जाए.

पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
28 November 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया हेराफेरी मामले से जुड़े मनी लॉड्रिंग केस में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले आज ED ने पी चिदंबरम की जमानत का विरोध किया. सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल चिदंबरम की तरफ से कहा गया है कि मैं रंगा बिल्ला नहीं हूं, तो मुझे क्यों जेल में रखा जा रहा है, इसका जवाब ये है कि इस अपराध की गंभीरता समाज पर प्रभाव डालती है. पी चिदंबरम के बाद अब कार्ति चिदंबरम पर भी गिरफ़्तारी की तलवार लटक सकती है. ED ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार करना चाहती है बस प्रोटेक्शन हटते ही कार्ति को गिरफ्तार कर लेंगे.
तुषार मेहता ने कहा कि ED मामले में कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी अभी होनी है. उन्होंने अब तक अग्रिम जमानत की अर्ज़ी नहीं लगाई है. PMLA के कुछ प्रावधानों को उन्होंने चुनौती दे रखी है लिहाज़ा अदालत में उन प्रावधानों पर लगे स्टे की वजह से वो अब तक बचे हुए हैं. कोर्ट का स्टे हटते ही वो गिरफ्तार होंगे.
मेहता ने कहा कि चिदंबरम इतने प्रभावशाली हैं कि एक गवाह चिदंबरम के सामने बयान देने से पीछे हट गया, ये इनका प्रभाव ही था कि गवाह ने आमना-सामना करने से मना कर दिया. हमने उसका बयान दर्ज किया है जो सीलबंद लिफाफे में अदालत को दिया है. आम आदमी का सिस्टम से भरोसा खत्म हो जाएगा, आरोपी फाइनेंस मिनिस्टर के पद पर थे.
SG ने कहा कि एक गवाह ने उनके साथ आमने सामने बैठने से मना कर दिया. कहा कि वो बहुत प्रभावशाली हैं, तुषार मेहता ने कहा क्या हम तभी कार्रवाई करेंगे जब अपराध करने वाला रंगा बिल्ला होगा.

अयोध्‍या केस में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन का विवादित बयान, 'देश की शांति-सौहार्द हमेशा हिंदू बिगाड़ता है'
27 November 2019
नई दिल्‍ली : अयोध्‍या केस (Ayodhya Case) में मुस्लिम पक्ष के वकील रहे राजीव धवन (Rajiv Dhawan) ने विवादित बयान दिया है. राजीव धवन ने अयोध्या मसले पर सुप्रीम फैसले (Ayodhya Case) के संदर्भ में कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिमों के साथ अन्याय हुआ है. इसके साथ ही वह यह भी कह गए कि देश की शांति और सौहार्द को हमेशा हिंदू ही बिगाड़ता है. मुस्लिमों ने ऐसा काम कभी नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी जमकर निशाना साधा.
ANI के अनुसार, राजीव धवन ने कहा कि संघ परिवार तालिबान की तरह बात करता है! उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अखलाक के लिए कौन जिम्मेदार है? गौरी लंकेश के लिए कौन जिम्मेदार है? गोवा में क्राइम के लिए और डाभोलकर के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके साथ ही राजीव धवन ने कहा कि 1934 में मस्जिद किसने गिराई, किसने लिंचिंग की, किसने हत्याएं की हैं?
उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले भी अयोध्‍या केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने एक पिक्टोरियल मैप को फाड़ दिया, जिसमें भगवान राम के जन्मस्थल को चिह्न्ति किया गया था. इस मैप को अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने अदालत के समक्ष रखा था. उनके द्वारा नक्शे को फाड़े जाने की घटना की वकील समुदाय ने निंदा की थी, जिनका कहना था कि वकीलों को कार्यवाहियों के दौरान अदालतों की मर्यादा को बनाए रखना चाहिए.
मामले में बीते 16 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश धवन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सामने इस मैप को फाड़ दिया था, जिस पर सीजेआई और अन्‍य जजों ने कड़ी टिप्‍पणी भी की थी. उनके इस कृत्य की कानून समुदाय से इतर बाहर के लोगों ने भी आलोचना की थी.
हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि धवन का व्यवहार अनैतिक, गैर-पेशेवर था और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. अदालत में उस वक्त मौजूद अयोध्या वार्ता समिति के अध्यक्ष मौलाना सुहैब कासमी ने भी उनके इस कृत्य की आलोचना की और कहा कि वरिष्ठ वकील का व्यवहार अनुचित था.
निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा था कि जो भी धवन ने किया वह गलत था लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने उन्हें मैप फाड़ने की इजाजत दी थी. इसके अलावा इस मामले से नहीं जुड़े हुए वकीलों ने भी धवन की इस बाबत आलोचना की.
प्रसिद्ध वकील एमएस खान ने धवन के व्यवहार की आलोचना की और कहा, "यद्यपि प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठ वकील को मैप फाड़ने की इजाजत दी थी, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. कोर्ट की मर्यादा बनी रहनी चाहिए."
इस मामले में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र लिखकर वरिष्ठ वकील के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

पुलिस ने उस वाहन की पहचान की जिससे गिरा था कैमिकल
27 November 2019
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने उस वाहन की पहचान कर ली है जिसमें से 23 नवंबर को मोरी गेट इलाके में कैमिकल निकला था, इस वाहन से गिरे केमिकल की वजह से 3 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी.. पुलिस वाहन के लिए राजस्थान के जोधपुर गई हैं.
बता दें कि शनिवार (23 नवंबर) की सुबह करीब 5 बजे कश्मीरी गेट के मोरी गेट इलाके पर सड़क पर गिरे एक रहस्यमयी कैमिकल की वजह से बाइक सवार 3 युवकों की मौत हो गई थी. एक शादी समारोह से अपनी बाइक पर लौट रहे 3 युवक मोरी गेट की मार्किट के पास सड़क पर फिसल गए. कुछ सेकंड तक तो उन्हें केवल ये एक मामूली एक्सीडेंट लगा.
तीनों युवक तुरंत खड़े हो गये. लेकिन कुछ पलों के बाद ही तीनों को बहुत तेज जलन महसूस हुई और देखते ही देखते उनके शरीर पर दाने निकल आये. पास है मौजूद पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी भी तब तक वहां पहुंच गए.
उन्होंने तुरंत तीनों को अरुण आसिफ अली हॉस्पिटल में भर्ती कराया. वहां तीनों की हालत खराब होने लगी. शरीर नीला पड़ने लगा तो तीनों को एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां 23 साल के शिवम और 24 साल महेश की महज कुछ घंटों बाद मौत हो गई. जबकि मोनू की हालत गंभीर बनी रही. इलाज के दौरान मोनू ने भी 25 नवंबर की सुबह दम तोड़ दिया.
पुलिस लेने आई सैंपल तो जल गए जूते और चप्पल
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने सड़क पर गिरे केमिकल का सेम्पल उठा लिया और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया. लेकिन जो पुलिस टीम केमिकल लेने गयी थी उनके भी जूते चप्पल भी जल गए. पीड़ित के परिवार वालों के मुताबिक तीनो की मौत बाइक फिसलने से नही बल्कि केमिकल की वजह से हुई है.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है मौत की वजह क्या है पोस्मार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा. लेकिन बेहद गंभीर सवाल है कि आखिर इतना खतरनाक केमिकल कहां से आया और इसका मकसद क्या था. हालांकि पास में है केमिकल मार्किट है लेकिन खतनाक केमिकल को लाने ले जाने के लिए कड़े नियम बने हुए है उसके बावजूद भी ऐसा केमिकल जिसके केवल संपर्क में आने से तीन घरों के चिराग बुझ गए किसकी लापरवाही से सड़क पर फैल गया.

सुप्रीम कोर्ट में पी चिदंबरम के वकील की दलील- 'क्‍या वह दुर्दांत अपराधी रंगा-बिल्ला हैं?'
27 November 2019
नई दिल्‍ली : INX मीडिया हेराफेरी (INX Media Case) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बुधवार को सुनवाई के दौरान उनके वकील कपिल सिब्‍बल ने अपनी दलील में कहा कि रिमांड अर्जी में ED ने आरोप लगाया है कि पी चिंदबरम गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके मुवक्किल तो ED की कस्टडी में थे. क्या ED के अधिकारी ये कहना चाहते हैं कि ED के दफ्तर में जहां फोन भी उपलब्ध नहीं था, वहां से वह गवाहों को प्रभावित कर रहे थे? केस की सुनवाई जारी है.
सुनवाई के दौरान पी चिदंबम की तरफ से कपिल सिब्‍बल ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने ED की तीनों बड़ी दलील (सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका, फ्लाइट रिस्क, गवाहों को प्रभावित करने की संभावना) को ठुकरा दिया, लेकिन इसके बावजूद सिर्फ ये कहते हुए ज़मानत देने से इंकार कर दिया कि चिंदबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. उन्हें इस स्कैम का सरगना साबित कर दिया गया, जबकि उनसे जुड़ा कोई डॉक्युमेंट नहीं है. बाकी लोग जिन्हें आरोपी बनाया गया है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है या फिर ज़मानत पर बाहर हैं.
पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कैसे काउंटर एफिडेविट कोर्ट की फाइंडिंग हो सकती है. सिब्बल ने कहा कि 10 लाख के अपराध के आरोप को करोड़ों रूपये के अपराध की तरह पेश किया जा रहा है. सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से कहा कि 'हाईकोर्ट ने जनता में ग़लत संदेश दिया की यह मामला गंभीर है, इनको ज़मानत नही दी जा सकती. जैसे यह दुर्दांत अपराधी रंगा-बिल्ला हैं'.
सिब्बल ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां ED ने अपने हलफनामे में जो कहा, वहीं दिल्ली HC का निष्कर्ष बन गया. हाई कोर्ट ने ED के जवाब का हूबहू अपने फैसले में लिया और यही जमानत अर्जी को ठुकराने का आधार बन गया.
सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से कहा कि 'पी चिदंबरम से जुड़ा कोई भी मेल, मैसेज या दस्तावेज और बैंक अकाउंट की जानकारी नहीं है. मामले में सभी आरोपी जमानत पर हैं, लेकिन सिर्फ मैं जेल में हूं, उसके बाद भी मै किंगपिन हूं, क्योंकि मैं कार्ति चिदंबरम के पिता हूं'.
चिंदबरम की ओर से सिब्बल ने कहा, 'आज जेल में मेरा 99 वां दिन है. इस केस में मेरे खिलाफ कोई डॉक्यूमेंट/ SMS या ईमेल नहीं है, लेकिन ED की कोशिश किसी भी तरह मुझे जेल में रखने की है. पहले वो मुझसे पूछताछ के लिए कस्‍टडी मांग रहे थे, लेकिन CBI वाले केस में ज्यूडिशियल कस्टड़ी ख़त्म हो जाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछताछ नहीं की. जब मामला SC में सुनवाई के लिए लगने वाला था, तो उन्होंने 23 नवंबर को पूछताछ की.
उल्‍लेखनीय है कि INX मीडिया हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार के लिए सुनवाई टल गई थी. दरअसल, सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता जम्मू-कश्मीर के पाबंदी मामले की सुनवाई में व्यस्त थे. चिदंबरम केस में वो ईडी की तरफ पेश होते हैं. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर 26 नवंबर तक जवाब मांगा था. इससे पहले चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी.
आपको बता दें कि INX मीडिया केस में पी चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा था कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते.
क्‍या है मामला?
सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा लेने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, कहा- 'हमारे पास बहुमत नहीं है'
26 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अचानक से राज्य में बड़े सियासी बदलाव होना शुरू हो गए है. डिप्टी सीएम अजित पवार के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य की जनता ने बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को बहुमत दिया था. नतीजों में बीजेपी ने जितनी सीटें लड़ी उनमें से 70 प्रतिशत सीटें जीतीं. वहीं शिवसेना ने 40 प्रतिशत जीती थी. शिवसेना ने नतीजों के बाद ही यह कहना शुरू कर दिया कि दोनों पार्टियों का ढाई-ढाई साल का सीएम होगा. लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव चुनाव से पहले नहीं दिया गया था ना ही ऐसा कोई समझौता हुआ था.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जी ने स्पष्ट रूप से बताया था कि ऐसा कोई वादा नहीं किया गया था. जो वादे हुए थे उस पर हम कायम थे लेकिन ढाई साल सीएम बनाने का कोई वादा नहीं था. लेकिन इसी दौरान शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस से बात करना शुरू कर दिया. इसके बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में राज्यपाल ने बीजेपी को बुलाया था लेकिन हमारे पास संख्या नहीं थी. इसके बाद शिवसेना को बुलाया गया था, शिवसेना के दावे का खुला मजाक बना ना कोई चिट्ठी आई ना कोई सरकार बनी. इसके बाद एनसीपी को भी मौका दिया गया और बाद में राष्ट्रपति शासन लगाया गया. कई दिनों की राजनीतिक गतिविधियों के बीच शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दिया. लेकिन तीनों दलों के बीच कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम नहीं बन पाया.
फडणवीस ने कहा 'जब तीनों में सहमति नहीं बनी तो ऐसे समय में अजित पवार ने कहा कि हम आपके साथ मिलकर सरकार बनाएंगे तो हमने उनके साथ मिलकर सरकार बनाई. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अजित पवार ने मुझे इस्तीफा दे दिया. तो अब हमारे पास करने के लिए कुछ भी नहीं है. मैं राज्यपाल महोदय के पास जा रहा हूं और अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दूंगा.'
फडणवीस ने कहा कि हम किसी भी दल के विधायक को अपनी तरफ लाने का प्रयास नहीं करेंगे. बीजेपी महाराष्ट्र में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाएगी. पिछले पांच साल में हमने जो काम किया है उससे पता चलता है कि हम जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं.
महाराष्ट्र में आज सत्ता के लोभ के लिए अलग अलग विचारधारा वाली पार्टियां एक साथ आई हैं. यह सरकार कितने दिन चलेगी कुछ नहीं कहा जा सकता है.
उद्धव ठाकरे 5 साल के लिए सीएम बनेंगे
अजित पवार के इस्तीफे के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा का 5 साल के शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री होंगे. संजय राउत ने कहा कि पांच साल के लिए एनसीपी कांग्रेस और शिवसेना गठबंधन से सरकार चलेगी. संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार भी हमारे साथ में आएंगे.
वहीं दूसरी तरफ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कल 5 बजे तक बहुमत साबित करने का दिया था वक्त
मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए देवेंद्र फडणवीस को कल (बुधवार) शाम 5 बजे से पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट गुप्त मतदान के जरिए ना हो इसका लाइव प्रसारण भी हो.
जस्टिस रमना ने आज मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट और विधायिका के अधिकार पर लंबे समय से बहस चली आ रही है. लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए और लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है. इस मामले ने राज्यपाल की शक्तियों को लेकर बहुत अहम संवैधानिक मुद्दे को उठाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कर्नाटक और उत्तराखंड के मामलों को भी जिक्र किया. कल सुबह 11 बजे विधायकों का शपथ ग्रहण हो, शाम 5 बजे तक बहुमत परीक्षण हो. कोर्ट ने कहा कि विधायकों को शपथ प्रोटेम स्पीकर करवाएंगे. कोर्ट ने कहा कि संसदीय परम्पराओं में कोर्ट का दखल नहीं लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए फ़ैसला सुना रहे है.
सरकार को नीतिगत फ़ैसला लेने से रोकन पर कोर्ट ने कुछ नहीं कहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तत्काल बाद कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं होता, तब तक फडणवीस सरकार को नीतिगत फ़ैसला या कोई बडा फ़ैसला लेने पर रोक लगाई जानी चाहिए. कोर्ट ने इसपर कोई आदेश नहीं पारित किया. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी और अजीत पवार व सभी पक्षकारों को 8 सप्ताह का समय इस मुद्दे पर जवाब दायर करने के लिए दिया है कि राज्यपाल के निर्णय की न्यायिक समीक्षा हो सकती है या नहीं. जस्टिस रमना ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का अंतरिम आदेश जारी करना जरूरी है. लोकतांत्रिक मूल्यों को बने रखने के लिए ये जरूरी है, लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है.
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा. कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आज संविधान दिवस के मौके पर संविधान की जीत हुई है. मैं मांग करता हूं कि देवेंद्र फडणवीस तुरंत अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपे. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के स्वागत करते हैं. हमें पूरा विश्वास है कि देवेंद्र फडणवीस बहुमत हासिल करेंगे और यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी.

उद्धव ठाकरे 5 साल के लिए महाराष्ट्र के CM बनेंगे, अजित पवार भी हमारे साथ: संजय राउत
26 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अचानक से राज्य में बड़े सियासी बदलाव होना शुरू हो गए है. दोपहर बाद डिप्टी सीएम अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा का पांच साल के शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री होंगे. संजय राउत ने कहा कि पांच साल के लिए एनसीपी कांग्रेस और शिवसेना गठबंधन से सरकार चलेगी. संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार भी हमारे साथ में आएंगे.
खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बता दें कि बुधवार फ्लोर टेस्ट कराए जाने को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोपहर 03.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. खबर है कि इसी में सीएम अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं.
वहीं दूसरी तरफ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं.
बता दें कि महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना अहम फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की एक संयुक्त याचिका पर आदेश दिया है कि कल (बुधवार) शाम 5 बजे से पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हो. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट गुप्त मतदान के जरिए ना हो इसका लाइव प्रसारण भी हो.
सरकार को नीतिगत फ़ैसला लेने से रोकन पर कोर्ट ने कुछ नहीं कहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तत्काल बाद कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं होता, तब तक फडणवीस सरकार को नीतिगत फ़ैसला या कोई बडा फ़ैसला लेने पर रोक लगाई जानी चाहिए. कोर्ट ने इसपर कोई आदेश नहीं पारित किया. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी और अजीत पवार व सभी पक्षकारों को 8 सप्ताह का समय इस मुद्दे पर जवाब दायर करने के लिए दिया है कि राज्यपाल के निर्णय की न्यायिक समीक्षा हो सकती है या नहीं. जस्टिस रमना ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का अंतरिम आदेश जारी करना जरूरी है. लोकतांत्रिक मूल्यों को बने रखने के लिए ये जरूरी है, लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है.
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा. कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आज संविधान दिवस के मौके पर संविधान की जीत हुई है. मैं मांग करता हूं कि देवेंद्र फडणवीस तुरंत अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपे. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के स्वागत करते हैं. हमें पूरा विश्वास है कि देवेंद्र फडणवीस बहुमत हासिल करेंगे और यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पृथ्वराज चव्हाण ने कहा, 'यह हमारी सैद्धांतिक जीत है'
26 November 2019
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण (prithviraj chavan) ने कहा है कि हमें सैद्धांतिक जीत मिली है, जैसा हमने चाहा था वैसा ही फैसला आया है.
चव्हाण ने कहा हम प्रधानमंत्री से सवाल करना चाहते हैं कि आखिर किस नैतिकता के आधार पर उन्होंने अजित पवार (Ajit Pawar) का समर्थन किया. समर्थन के 24 घंटे के अंदर उन्हें घोटालों से क्लीन चिट मिल गई क्या इसलिए ही फडणवीस ने अजित पवार के खिलाफ बड़ी - बड़ी बातें कही थीं.
उन्होंने कहा, हम पूरी तरह स आश्वस्त हैं, हमारे पास जरूरी आकंड़ा है, देवेंद्र फडणवीस बताएं कि वह जरूरी संख्या बल कैसे हासिल करेंगे.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
बता दें महाराष्ट्र के विपक्षी दलों की याचिकाओं पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार शाम पांच बजे से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का अंतरिम निर्देश दिया.
शीर्ष अदालत के न्यायमूर्ति एन.वी. रमना, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की सदस्यता वाली पीठ ने विपक्षी दलों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि विधायकों ने शपथ ग्रहण नहीं किया है, इसलिए 27 नवंबर को जल्द से जल्द बहुमत परीक्षण हो जाना चाहिए. पीठ ने कहा कि बहुमत परीक्षण बुधवार शाम पांच बजे से पहले हो जाना चाहिए.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इसके लिए एक प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाएगा और बहुमत परीक्षण गुप्त मतदान द्वारा नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा.

फडणवीस ने संभाला कामकाज, मुख्यमंत्री राहत कोष के चेक पर किए पहले हस्ताक्षर
25 November 2019
मुंबई: महाराष्ट्र में जारी सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपना कामकाज सोमवार को संभाल लिया. फडणवीस ने इस दौरान पहले हस्ताक्षर मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत दिए जाने वाले एक चेक पर किए. मुख्यमंत्री ने यह चेक कुसुम वेंगुरलेकर को दिया.
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार विधानभवन पहुंचे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.


NCP-कांग्रेस-शिवसेना ने विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौंपी, 162 MLAs की सपोर्ट का दावा
25 November 2019
मुंबई: कांग्रेस (congress), एनसीपी (NCP) और शिवसेना (shiv sena) ने विधायकों की समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौंप दी है. राजभवन को दी गई अपनी चिट्ठी में तीनों दलों ने दावा किया है कि महाराष्ट्र (maharashtra) की मौजूदा सरकार अल्पमत मे हैं, उसके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है.
तीनों दलों की चिट्ठी में कहा गया है कि हमारे पास सरकार गठन के लिए पूरा संख्याबल है. एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा हमने 162 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौपी दी है. बता दें फिलहाल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मुंबई में नहीं है वह करीब दोपहर 1.30 बजे मुंबई पहुंचेेंगे.
गौरतलब है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार सुबह आठ बजे बीजेपी (bjp) नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलवाई.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बागी भतीजे अजीत पवार ने भी उनके साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

महाराष्ट्र मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा, कल 10.30 बजे आएगा निर्णय
25 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन भी अहम सुनवाई हुई. इस मामले पर कोर्ट ने आज फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में कोर्ट कल सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगा. जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ के समक्ष शिवसेना की तरफ से वकील कपिल सिब्बल, एनसीपी की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी, देवेंद्र फडणवीस की तरफ से मुकुल रोहतगी पेश हुए और अजित पवार की तरफ से पूर्व अजीत पवार की ओर से वरिष्ठ वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल मनिन्दर सिंह पेश हुए
केंद्र यानि राज्यपाल की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील रखी.
कोर्ट ने आज इस मामले में सभी पक्षों की दलीले सुनीं और अपना फैसला कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया. कोर्ट अब इस केस में 10.30 बजे फैसला सुनाएगा. आज कोर्ट में राज्यपाल की तरफ से पेश हुए वकील तुषार मेहता ने अजित पवार के समर्थन की वह चिट्ठी भी पेश की जिसमें 54 विधायकों के समर्थन की बात कही गई थी.
कोर्ट को बताया कब-कब क्या क्या हुआ
केन्द्र के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता चुनाव परिणाम से अब तक का घटनाक्रम कोर्ट को बताया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्यपाल ने कब-कब क्या किया. तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल ने 9 नवंबर तक इंतजार किया. BJP ने मना कर दिया. 10 तारीख को शिवसेना से पूछा तो उसने भी मना कर दिया. 11 को एनसीपी ने भी मना किया तो राष्ट्रपति शासन लगाया गया. उसके बाद से किसी ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया. अजित पवार का समर्थन पत्र पेश हुए, NCP के विधायक दल के नेता के तौर पर जिसमें 54 विधायक का नाम है.
अजित पवार ने 54 विधायकों की चिट्ठी सौंपी थी
तुषार मेहता ने कहा कि क्या आर्टिकल 32 की याचिका में राज्यपाल के आदेश को इस तरह से चुनौती दी जा सकती है या नहीं? राज्यपाल को पता था कि चुनाव पूर्व का एक गठबंधन जीता है. राज्यपाल की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को अजित पवार की चिट्ठी सौंपी जिसमें 54 विधायकों के नाम थे. उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर को चुनाव हुआ, 24 को नतीजा घोषित हुआ, BJP के 105 सदस्य है शिवशेना के 56 सदस्य NCP के 54 सदस्य है. शिवसेना और BJP का प्री पोल अलाइंस था. सबसे पहले BJP को बुलाया गया वह बहुमत नही साबित कर पाए उसके बाद शिवसेना को बुलाया गया वह भी बहुमत नही साबित कर पाए उसकके बाद NCP को बुलाया गया था.
अजित पवार की चिट्ठी के बाद ही राज्यपाल ने हटाया राष्ट्रपति शासन
तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के पत्र के आधार पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की थी. गवर्नर के वकील तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि देवेंद्र फडणवीस की चिट्ठी में लिखा गया है कि उनके साथ NCP के 54 विधायकों के साथ 11 निर्दलीय का समर्थन है. अजित पवार विधायक दल के नेता हैं.उन्होंने चिट्ठी पढ़ी. जिसमें कहा है कि मुझे सभी एनसीपी विधायकों का समर्थन है. हमने तय किया है कि फडणवीस को समर्थन दें. चिट्ठी में कहा गया है कि राष्ट्रपति शासन ज्यादा नहीं चलने चाहिए, इसलिए उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया जाए..
तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल ने अपने विवेक से सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाया है, उसका पर्याप्त आधार है. राज्यपाल की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा कि मुझे दो से तीन दिन का वक्त दिया जाए, ताकि रिप्लाई फाइल किया जा सके. तुषार मेहता ने कहा कि इनको चिंता है कि विधायक भाग जाएंगे. अभी इन्होंने किसी तरह से उनको पकड़ा हुआ है. विधानसभा की कार्रवाई कैसे चले? इसमें दखल से भी कोर्ट को परहेज करना चाहिए.
मामले पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है, इसे हड़बड़ी में नहीं निपटाया जा सकता
देवेंद्र फडणवीस के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील देते हुए कहा कि अजित पवार ने कहा कि हमारा समर्थन आपके साथ है. वे लोग हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं, और हम पर आरोप लगा रहे हैं. हमारे चुनाव पूर्व साथी शिवसेना ने चुनाव के बाद हमारा साथ छोड़ दिया. फिर एनसीपी आई और हमारे सदस्य 170 हो गए. राज्यपाल ने हमें आमंत्रण दिया. अजित पवार हमारे साथ हैं. एक पवार दूसरी तरफ बैठे हैं. जिनके पारिवारिक झगड़े से हमे कोई लेना देना नहीं है. ये केस येदुरप्पा मामले से अलग है. मामले पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है, इसे हड़बड़ी में नहीं निपटाया जा सकता.
रोहतगी ने कहा कि अब जो होगा विधानसभा के फ्लोर पर होगा. लेकिन राज्यपाल पर आरोप क्यों? उन्होंने भी तो फ्लोर टेस्ट के लिए ही बोला है. फ्लोर टेस्ट कब होगा ये तय करने का अधिकार राज्यपाल का है. इसे कोर्ट को तय नहीं करना चाहिए. राज्यपाल पर आरोप लगाना गलत है. फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल को नहीं कहा जा सकता कि कितने दिन में कराना है. यह राज्यपाल का विवेकाधिकार है. राज्यपाल के कदम को दुर्भावना से प्रेरित नहीं कहा जा सकता.
'मैं ही एनसीपी हूं'
अजित पवार के वकील पूर्व सॉलिसिटर जनरल मनिन्दर सिंह ने कहा, 'मैंने 22 नवंबर को एनसीपी विधायक दल के नेता के रूप में काम किया. उस दिन अन्यथा दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था. राज्यपाल ने अपने विवेक से कार्य किया.अजित पवार की ओर से मनिंदर सिंह ने कहा, 'जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही. फिर विवाद क्यों? अजित पवार ने कहा था कि मैं एनसीपी हूं. विधायक दल का नेता हूं. यही सही है, कोर्ट को आर्टिकल 32 के तहत इस याचिका को नहीं सुनना चाहिए. इन्हें हाईकोर्ट जाने को कहना चाहिए. अगर बाद में कोई स्थिति बनी है इसे राज्यपाल देखेंगे. उनके ऊपर छोड़ा जाए. कोर्ट इसमें दखल क्यों दें?'
जस्टिस रमना ने कहा, क्या आदेश देना है, ये हम पर छोड़ दें
जस्टिस रमना ने कहा, क्या आदेश देना है, ये हम पर छोड़ दें. सुप्रीम कोर्ट ने सिंघवी को कहा कि अपनी दलीलों को याचिका कि मांगों तक सीमित रखिए. इस पर सिंघवी ने कहा, 'Mylord आपका कहना सही है. मगर वे बातें अंतरात्मा को धक्का पहुंचती है, जब कोई कोर्ट में खड़ा होकर कहता है कि मैं एनसीपी हूं.' सिंघवी ने कहा कि अजित पवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए किए गए विधायकों के हस्ताक्षर राज्यपाल को दिए गए पत्र में लगा दिए गए हैं. सिंघवी ने कहा कि मैं इन बातों पर जोर नहीं देना चाहता, मगर ये बातें अपने आप में आधार हैं. फ्लोर टेस्ट आज ही हो जाना चाहिए. सिंघवी और रोहतगी में बहस होने पर जस्टिस रमना ने दोनों को शांत होने के लिए कहा.
रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए कोई महीनों का समय नहीं दिया है. उन्होंने 30 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश नहीं दे सकता. ये कह रहे हैं कि कोर्ट सत्र बुलाये और ये भी तय करे कि को कब नाश्ता करेगा और कब लंच करेगा. मुकुल रोहतगी ने कहा कि पूर्व में कोर्ट ने संसद की कार्रवाई में दखल देने से मना किया था. इनका केस यह है कि आज ही फ्लोर टेस्ट हो.
एनसीपी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दोनों पक्ष फ्लोर टेस्ट को सही कह रहे हैं तो फिर इसमें देर क्यों? इसी तर्क के केस में कोर्ट के पुराने आदेश हमारे सामने हैं, उनकी उपेक्षा नहीं कि जा सकती. अनकवरिंग लेटर और अनएड्रेस लेटर को राज्यपाल ने कैसे स्वीकार किया.
जब कोर्ट में सब हंसने लगे
तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा, 'आपके आदेश का दूरगामी असर होगा. विस्तृत सुनवाई के बाद ही आदेश जारी करें. जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है. इस मामले में पूर्व के कुछ आदेशों के आधार पर अंतरिम आदेश न दें. इस मामले में हमें विस्तृत जवाब दायर करने दीजिए.'तुषार मेहता ने कहा कि ये लोग एक याचिका दायर कर यहां आए हैं और एक वकील पर तो सहमत नहीं हो पाए. गठबंधन में सहमत कैसे हो पाएंगे. कोर्ट में सब हंसने लगे.तुषार मेहता ने कहा कि जो नई चिट्ठी ये कोर्ट को दे रहे हैं, उसमें भी कई विधायकों के नाम पते नहीं है. आपके अनुसार हम फ्लोर टेस्ट हारने को तैयार हैं. तो फ्लोर टेस्ट तय समय पर होने दो.
जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह बात आपकी याचिका में नहीं है, इसे न बोलें.
शिवसेना के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि 22 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. ऐलान किया कि एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस मिलकर सरकार बना रही हैं. ये शाम को 7 बजे हुआ. सुबह 5 बजे तक राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला क्यों लिया गया?ऐसा राष्ट्रीय आपातकाल क्या था. यह दुर्भाग्यपूर्ण था. देश मे ऐसी क्या राष्ट्रीय विपदा आ गई थी कि सुबह 5 बजे राष्ट्रपति शासन हटा और 8 बजे मुख्यमंत्री की शपथ भी दिलवा दी गई. जिस तरह पीएम के कहने पर बिना कैबिनेट मीटिंग के फैसले हुआ, वह आपातकालीन प्रावधान है. जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह बात आपकी याचिका में नहीं है, इसे न बोलें.
शिवसेना के वकील सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को तत्काल फ्लोर टेस्ट का आदेश देना चाहिए. 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट होना चाहिए. कोर्ट ने पहले भी किया है, आज भी करना चाहिए. सबसे सीनियर मेंबर प्रोटेम स्पीकर होता है, वीडियो रिकॉर्डिंग होती है. कोर्ट को आदेश देना चाहिए.
बता दें कि इससे पहले रविवार को अहम सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल, सीएम और डिप्टी सीएम को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने इस मामले में गवर्नर (केंद्र), सीएम और डिप्टी सीएम को राज्यपाल को सौंपे गए दस्तावेज आज कोर्ट में पेश करने को कहा था.

संजय राउत का दावा- अजित पवार को किया गया ब्‍लैकमेल, जल्‍द लौट आएंगे
23 November 2019
नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) को झटका लगा है. इस पर शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने अजित पवार पर विधायकों को धोखे से अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, 'एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ गए 8 में से 5 नेता वापस लौट आए हैं. उनसे झूठ बोला गया, उन्‍हें कार में बैठाया गया, उनकी किडनैपिंग तक की कोशिश हुई.'
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'हम धनंजय मुंडे के संपर्क में हैं. अजित पवार के वापस लौटने की संभावनाएं हैं. अजित पवार को ब्‍लैकमेल किया गया है. इसके पीछे कौन है, उसका नाम जल्‍द ही शिवसेना के मुखपत्र सामना में सामने लाया जाएगा.' उन्‍होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, 'अगर हिम्‍मत है तो विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं.'
महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा. इसके बाद कांग्रेस (Congress) ने अलग प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अहमद पटेल के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक, कानूनी रूप से लड़ेंगे.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने इस दौरान कहा, 'महाराष्‍ट्र में बिना बैंड बाजा और बारात के मुख्‍यमंत्री व डिप्‍टी सीएम की शपथ ली गई. उन्‍हें बिना किसी जांच के शपथ दिलाई गई. नेता चोरी छिपे जाते हैं और शपथ लेते हैं. सबकुछ छिपाकर किया गया. ऐसे में मुझे बू आती है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत हुआ गया है.' अहमद पटेल ने कहा कि इन्‍होंने बेशर्मी की इंतेहा को भी पार कर दिया है. आज का इतिहास काली स्‍याही से लिखा जाएगा.
वहीं सरकार बनाने में देरी के सवाल पर पटेल ने कहा, 'एक प्रक्रिया चल रही थी एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच. पहले तय हुआ था कि अपने सहयोगियों को विश्‍वास में लेना है. हमने सभी दलों को विश्‍वास में लिया था. एक मीटिंग उद्धव ठाकरे के साथ हुई. दो मीटिंग शरद पवार के साथ हुई. कुछ मुद्दों पर आज 12 बजे मिलने वाले थे.'
इस दौरान अहमद पटेल ने कहा कि सुबह के कांड की आलोचना के लिए शब्‍द नहीं. हमारे विधायक हमारे साथ हैं. हमें कुछ मुद्दों पर थोड़ा समय लगा. उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ हैं. और हमें विश्‍वास है कि हम बीजेपी को विश्‍वास मत में परास्‍त करेंगे. कांग्रेस के सभी विधायक हमारे साथ हैं. दो विधायक अभी गांव गए हैं, लेकिन वे भी हमारे साथ हैं.
वहीं शिवसेना और एनसीपी ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर हमला बोला. साथ ही इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में शरद पवार (Sharad Pawar) अजित पवार के साथ गए एनसीपी के विधायकों को भी सामने लाए थे.
एनसीपी के विधायकों का कहना है कि उन्‍हें गुमराह करके राजभवन ले जाया गया. उनके मुताबिक उनके पास रात 12 बजे एनसीपी नेता अजित पवार का फोन आया था. उन्‍होंने विधायकों से कहा था कि कहीं चर्चा के लिए जाना है. इसके बाद ही प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक बदल गया.
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में एनसीपी के विधायक राजेंद्र शिंगणे ने कहा, 'अजित पवार ने मुझे फोन करके कहा था कि हमें किसी बात पर चर्चा करनी है. इसके बाद मुझे अन्‍य विधायकों के साथ राजभवन ले जाया गया. इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते शपथ ग्रहण समारोह खत्‍म हो गया था. इसके बाद मैं तुरंत पवार साहब (शरद पवार) के पास गया और उन्‍हें इसकी जानकारी दी. मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूं.'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस पर कहा कि अजित पवार ने जो किया है उसके लिए उनके खिलाफ प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी. अजित के साथ गए विधायक मेरे साथ हैं. उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में सरकार हम ही बनाएंगे. सरकार हम ही बनाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है. बीजेपी ने चोरी छिपे सरकार बनाई है. हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े हैं.

महाराष्‍ट्र पर बोली कांग्रेस- 'बिना बैंड, बाजा-बारात के हुई शपथ, हम राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ेंगे
23 November 2019
नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा. इसके बाद कांग्रेस (Congress) ने अलग प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अहमद पटेल के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक, कानूनी रूप से लड़ेंगे.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने इस दौरान कहा, 'महाराष्‍ट्र में बिना बैंड बाजा और बारात के मुख्‍यमंत्री व डिप्‍टी सीएम की शपथ ली गई. उन्‍हें बिना किसी जांच के शपथ दिलाई गई. नेता चोरी छिपे जाते हैं और शपथ लेते हैं. सबकुछ छिपाकर किया गया. ऐसे में मुझे बू आती है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत हुआ गया है.' अहमद पटेल ने कहा कि इन्‍होंने बेशर्मी की इंतेहा को भी पार कर दिया है. आज का इतिहास काली स्‍याही से लिखा जाएगा.
वहीं सरकार बनाने में देरी के सवाल पर पटेल ने कहा, 'एक प्रक्रिया चल रही थी एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच. पहले तय हुआ था कि अपने सहयोगियों को विश्‍वास में लेना है. हमने सभी दलों को विश्‍वास में लिया था. एक मीटिंग उद्धव ठाकरे के साथ हुई. दो मीटिंग शरद पवार के साथ हुई. कुछ मुद्दों पर आज 12 बजे मिलने वाले थे.'
इस दौरान अहमद पटेल ने कहा कि सुबह के कांड की आलोचना के लिए शब्‍द नहीं. हमारे विधायक हमारे साथ हैं. हमें कुछ मुद्दों पर थोड़ा समय लगा. उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ हैं. और हमें विश्‍वास है कि हम बीजेपी को विश्‍वास मत में परास्‍त करेंगे. कांग्रेस के सभी विधायक हमारे साथ हैं. दो विधायक अभी गांव गए हैं, लेकिन वे भी हमारे साथ हैं.
बता दें कि महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम से शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) को झटका लगा है. देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के मुख्‍यमंत्री पद और अजित पवार (Ajit Pawar) के डिप्‍टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद शिवसेना और एनसीपी ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर हमला बोला था. साथ ही इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में शरद पवार (Sharad Pawar) अजित पवार के साथ गए एनसीपी के विधायकों को भी सामने लाए थे.
एनसीपी के विधायकों का कहना है कि उन्‍हें गुमराह करके राजभवन ले जाया गया. उनके मुताबिक उनके पास रात 12 बजे एनसीपी नेता अजित पवार का फोन आया था. उन्‍होंने विधायकों से कहा था कि कहीं चर्चा के लिए जाना है. इसके बाद ही प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक बदल गया.
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में एनसीपी के विधायक राजेंद्र शिंगणे ने कहा, 'अजित पवार ने मुझे फोन करके कहा था कि हमें किसी बात पर चर्चा करनी है. इसके बाद मुझे अन्‍य विधायकों के साथ राजभवन ले जाया गया. इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते शपथ ग्रहण समारोह खत्‍म हो गया था. इसके बाद मैं तुरंत पवार साहब (शरद पवार) के पास गया और उन्‍हें इसकी जानकारी दी. मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूं.'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस पर कहा कि अजित पवार ने जो किया है उसके लिए उनके खिलाफ प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी. अजित के साथ गए विधायक मेरे साथ हैं. उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में सरकार हम ही बनाएंगे. सरकार हम ही बनाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है. बीजेपी ने चोरी छिपे सरकार बनाई है. हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े हैं.
वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर जो खेल चल रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है. जनादेश का हमने आदर किया है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम जोड़ने का काम करते हैं जबकि बीजेपी तोड़ने का काम कर रही है. यह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जो भी करते हैं दिन के उजाले में करते हैं. बीजेपी ने चोरी छुपे सरकार बनाई. ऐसा ही उन्होंने बिहार और हरियाणा में भी किया.

देवेंद्र फडणवीस के CM बनते ही लगा बधाइयों का तांता, PM मोदी बोले महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए वो काम करेंगे
23 November 2019
नई दिल्ली. लंबे से समय से चले आ रहे गतिरोध के बाद आखिरकार महाराष्ट्र (Maharashtra) में नई सरकार का गठन हो गया है. देवेंद्र फडणवीस ने नए सीएम के तौर पर शपथ ले ली है. राजभवन में आज फडणवीस (Devendra Fadnavis) के अलावा अजित पवार (Ajit Pawar) ने डिप्टी सीएम की शपथ ली है. इन दोनों के शपथ लेते ही बधाइयों का तांता लग गया. पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि नई सरकार महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेगी.
पीएम मोदी ने लिखा, 'देवेंद्र फडणवीस जी और अजित पवार जी को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने के लिए बधाई. मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेंगे.'
गृहमंत्री अमित शहा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ये सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नये मापदंड स्थापित करेगी.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उम्मीद जताई है कि महाराष्ट्र में नई सरकार बनने से लगातार विकास होगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने पर हैरानी जताई है. शुरुआत में उन्हें लगा कि ये कोई फेक न्यूज़ है.

ममता की अपील- एनआरसी को लेकर जनता किसी भी नेता के उकसावे में न आए
21 November 2019
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा। ममता ने लोगों से कहा, ‘‘कुछ लोग हैं, जो एनआरसी के नाम पर आपको उकसाते हैं। ऐसे किसी भी नेता पर आप विश्वास न करें। सिर्फ हम पर विश्वास करें। हम इस जमीन के लिए लड़ रहे हैं। आपके साथ बराबरी से खड़े हैं।’’
शाह ने राज्यसभा में कहा था कि एनआरसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत किसी धर्म विशेष को इससे बाहर रखा जाए। देश के सभी नागरिक, भले ही उनका धर्म कोई भी हो.. इसमें शामिल किए जाएंगे। शाह ने कहा था कि एनआरसी नागरिकता संशोधन बिल से अलग है।
'नागरिकता संशोधन बिल गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए'
गृहमंत्री ने कहा था- नागरिकता संशोधन बिल की आवश्यकता इसलिए है ताकि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से धर्म के आधार पर बहिष्कृत किए गए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, क्रिश्चियन, पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सके। नागरिकता संशोधन बिल 2016 इसी साल 8 जनवरी को लोकसभा से पास किया गया था। इसका मकसद 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आए गैर-मुस्लिम लोगों को भारतीय नागरिकता देना है।

PM मोदी ने NCP की तारीफ की, महाराष्‍ट्र की राजनीति से जोड़े जा रहे प्रशंसा के तार
18 November 2019
नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र की सियासत के चाणक्‍य माने जाने वाले शरद पवार जहां शिवसेना और कांग्रेस के साथ राज्‍य में वैकल्पिक गठबंधन बनाने के सूत्रधार कहे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने उनकी राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राज्‍यसभा में तारीफ की. इस शीतकालीन सत्र में राज्‍यसभा के 250वें सत्र के मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने दो बार एनसीपी की तारीफ की. उन्‍होंने कहा कि NCP और BJD ने सदन में अनुशासन को बनाए रखा. दोनों ही पार्टियों ने वेल में जाकर विरोध नहीं करने का फैसला किया और उस पर अमल भी किया. इससे इन दलों की राजनीति विकास यात्रा पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा. NCP की तारीफ़ को महाराष्ट्र की ताजा राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि उच्‍च सदन की दो खास बाते हैं: 1) स्थायित्व 2) विविधता. स्थायित्व - लोकसभा तो भंग होती है लेकिन ये कभी भंग नहीं होती. विविधता - राज्यों का प्रतिनिधित्व प्राथमिकता है. भारत की विविधता-अनेकता में एकता का सूत्र सबसे बड़ी ताकत है. वह इस सदन में दिखता है. हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पारकर पाना आसान नहीं होता लेकिन इससे उनकी उपयोगिता कम नहीं होती और देश के नीति निर्धारण में लाभ मिलता है.
पीएम मोदी ने कहा, 'यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है कि मुझे इस अवसर में शामिल होने का अवसर मिला. अनुभव कहता है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी वह कितनी अद्भूत है. इस सदन ने देश में इतिहास बनते देखा है. अनेक महानुभावों का लाभ हमें राज्यसभा के माध्यम से मिला है. यही राज्यसभा थी जहां से बाबा साहब अंबेडकर को आने का मौका मिला, क्योंकि लोकसभा से तो उन्हें आने नहीं दिया गया. सदन ने बदले हालात में खुद को ढालने की कोशिश की. इस सदन में ऐसे विद्वान लोग बैठे थे जिन्होंने शासन व्यवस्था को कभी निरंकुश नहीं होने दिया.'

शरद पवार पहुंचे दिल्ली, शाम 5 बजे सोनिया गांधी से मुलाकात संभव, महाराष्ट्र की सियासत पर होगी चर्चा
18 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सोनिया गांधी से बैठक करने के लिए शरद पवार (sharad pawar) दिल्ली पहुंच गए हैं. माना जा रहा है शाम 5 बजे होने जा रही इस बैठक के बाद महाराष्ट्र में बनने जा रही सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी.
दिल्ली पहुंचने पर जब पत्रकारों ने उसने सवाल पूछे तो उनका जवाब सरकार गठन के सस्पेंस को बढ़ा देने वाला था. उन्होंने कहा, 'शिवसेना बीजेपी अपना रास्ता तय करे, एनसीपी कांग्रेस अपना रास्ता तय करेंगे.'
सोनिया से मुलाकात पहले शरद पवार पहले नई दिल्ली में सोनिया गांधी द्वारा नामित कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मिलेंगे. सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस के तीन नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी वेणुगोपाल शरद पवार के साथ बैठक करेंगे ताकि सोनिया गांधी द्वारा इस डील को अंतिम करार देने से पहले सत्ता के समझौते को लेकर तीनों पक्षों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बन सके.
एक सूत्र ने कहा कि पावर शेयरिंग समझौता अंतिम चरण में है. राज्य से एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हम जल्दबाजी में नहीं हैं विचारधारा एक बड़ी बात है, जिसे हल किया जा रहा है. इस प्रकार के गठबंधन में समय लगता ही है."
संसद में विपक्ष में बैठेगी शिवसेना
इस बीच एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के साथ बैठेगी. सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा है. पार्टी के इस कदम से विपक्ष को शीतकालीन सत्र से पहले बढ़ावा मिलेगा. शिवसेना के लोकसभा में 18 और राज्यसभा में तीन सांसद हैं.
सूत्रों के मुताबिक, अब वह विपक्षी कतार में 198 नंबर की सीट पर बैठेंगे. शिवसेना के दो अन्य राज्यसभा सांसदों की कुर्सी भी संजय राउत के आसपास रहेगी. वहीं लोकसभा में शिवसेना के 18 सांसदों का सीटिंग अरेंजमेंट भी विपक्षी कतार में किया गया है. सूत्रों के मुताबिक उन्हें पांचवीं कतार में कुर्सी मिलेगी.

जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी चिदंबरम, 20 नवंबर को होगी सुनवाई
18 November 2019
नई दिल्ली: INX मीडिया केस (INX Media Case) में पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा बुधवार (20 नवंबर) को मामले की सुनवाई होगी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चिदंबरम पिछले 90 दिनों से जेल में बंद हैं. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.
आपको बता दें कि INX मीडिया केस में पी चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा.
दरअसल इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते.
वहीं, चिदंबरम की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की थी कि चिदंबरम देश छोड़कर नहीं भागेंगे. हाई कोर्ट ने भी माना था कि चिदंबरम किसी पद पर नहीं हैं इसलिए वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं और देश छोड़कर नहीं भाग सकते हैं. सीबीआई ने हाल ही में उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है जिनमें उनके बेटे कार्ति तथा कुछ नौकरशाह शामिल हैं. इन पर कथित रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था. चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में है.
क्‍या है मामला?
सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा लेने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

शिवसेना, कांग्रेस, NCP ने तैयार किया CMP, इन मुद्दों पर अभी भी हो सकता है टकराव
16 November 2019
मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP )की गठबंधन सरकार का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है. कांग्रेस और शिवसेना शिवसेना पर दवाब बना कर काफी हद तक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से उग्र हिंदुत्व को दूर रखने में कामयाब रही है लेकिन अब भी कुछ मुद्दे हैं जिन असहमति कायम है.
जिन कुछ मुददों पर कांग्रेस एनसीपी से शिवसेना का टकराव हो सकता है उनमें कामन सिविल कोड, एनआरसी को लागू करने, बालासाहेब का भव्य स्मारक और पाकिस्तान विरोधी पार्टी एजेंडे पर बरकरार है.
शिवसेना की दलील है कि अयोध्या में श्रीराम राम मंदिर और जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 जैसे दो अहम हिंदुत्व मुद्दों का हल पहले ही निकल चुका है. फिर भी इसका ये मतलब नहीं कि शिवसेना ने हिंदुत्व मुद्दा छोड दिया है.
बता दें प्रदेश मे सियासी उठापटक के बीच सरकार गठन के लिए शिवसेना, कांग्रेस और एन.सी.पी कई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) बनाते पर सहमत हो गए हैं.
इसमें शिवसेना की सियासत का आधार रहे हिंदुत्व के मुद्दे को बाहर कर दिया गया है.
कामन मिनीमम प्रोग्राम में किसानों की कर्जमाफी से लेकर किसानों के मुद्दोँ पर फोकस किया गया है. जैसे किसानों के पूरे कर्ज की माफी, किसानों की फसलों की बीमा पॉलिसी नए सिरे से प्रभावी ढंग से लागू करने. किसानों की बिजली बिजल में राहत देने जैसे मुद्दे शामिल हैं.

ऑड-ईवन से कोई फायदा नहीं- CPCB, सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों के मुख्य सचिव तलब किए
15 November 2019
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में दिवाली के बाद से ही पॉल्यूशन (Pollution) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को तलब किया है. 29 नवंबर को सभी को कोर्ट में पेश होना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल कार पर ऑड ईवन लगाने से काम नहीं चलेगा. क्योंकि ये इतना प्रभावित नहीं हैं. यह सिर्फ़ मिडिल क्लास पर प्रभाव डालता है जबकि अमीरों के पास हर नंबर की कार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन देशों में ऑड ईवन लागू है वहां पब्लिक ट्रांसपॉर्ट काफी मजबूत और फ्री है, लेकिन यहाँ नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को केंद्र से दिल्ली में जगह-जगह एयर प्यूरीफायर टावर लगाने पर विचार करने को कहा है. उधर, दिल्ली सरकार ने ऑड-इवन का बचाव करते हुए कहा कि इससे 5-15% प्रदूषण घटा है जबकि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) का कहना है कि हमारे अध्ययन के मुताबिक ऑड-Rवन से कोई फायदा नहीं हुआ.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बंद कमरों में AQI बहुत खराब है जबकि बाहर हालत बदतर हैं. पिछले साल अक्टूबर में AQI ठीक था जबकि ऑड ईवन नहीं था. कोर्ट ने कहा आज भी AQI 600 है लोग कैसे सांस ले रहे हैं हालात बहुत गंभीर है. इसपर दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि ऑड-ईवन के कारण इस साल AQI और भी बेहतर है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑड-ईवन, प्रदूषण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सकता.
केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण का डेटा लेकर एक हलफनामा दाखिल किया. इसके अलावा सरकार ने SC को बताया कि दिल्ली में एयर प्यूरीफायर टावर 'वायु' लगाया गया है. जिसका ट्रायल चल रहा है. ट्रायल में कम से कम 1 साल का समय लगेगा.
केंद्र ने IIT बॉम्बे के प्रोफेसर का हवाला देते हुए कहा कि टॉवर 1 किलो मीटर के दायरे में हवा साफ करेगा. IIT बॉम्बे के प्रोफेसर ने चीन में जैसा टावर लगा है वैसा ही टावर लगाने का सुझाव दिया है.
इसपर जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि कोई और टेक्नोलॉजी ढूंढ़िए जो कम से कम 10 किलो मीटर की रेंज में हवा साफ कर सके.

ED केस में चिदंबरम को झटका, दिल्ली HC ने जमानत याचिका खारिज़ की
15 November 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया केस में पी चिदंबरम (P Chidambaram) को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज़ की. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा. दरअसल इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते. वहीं, चिदंबरम की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की थी कि चिदंबरम देश छोड़कर नहीं भागेंगे. हाई कोर्ट ने भी माना था कि चिदंबरम किसी पद पर नहीं हैं इसलिए वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते है और देश छोड़कर नहीं भाग सकते हैं.सीबीआई ने हाल ही में उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है जिनमें उनके बेटे कार्ति तथा कुछ नौकरशाह शामिल हैं. इन पर कथित रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था. चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में है.
डीके शिवकुमार की जमानत को चुनौती देने वाली ED की याचिका खारिज
15 November 2019
नई दिल्ली: धनशोधन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कर्नाटक के पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को दी गई जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Ed) की दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है.
बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (23 अकूटबर) को जमानत दे दी थी. कोर्ट ने उन्हें 25 लाख रुपये के निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया था.
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें बिना अनुमति विदेश न जाने का भी निर्देश दिया था. शिवकुमार को धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था. ईडी मामले की जांच कर रहा है.
शिवकुमार ने कर्नाटक में जनता दल (सेकुलर) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनवाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी.

राष्ट्रपति शासन लागू; उद्धव ने कहा- हम सरकार बनाने की स्थिति में, राकांपा-कांग्रेस चर्चा के बाद समर्थन पर फैसला करेंगी
13 November 2019
मुंबई. महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट में कहा था कि नतीजे सामने आने के 15 दिन बाद भी कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाना ही बेहतर विकल्प है। इस फैसले के बाद राकांपा और कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला लोकतंत्र का मजाक उड़ाना है। दोनों पार्टियों ने सरकार गठन पर कहा कि सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद हम इस पर आगे बात करेंगे। हमारे बीच स्थितियां स्पष्ट होने के बाद शिवसेना को समर्थन देने पर बात की जाएगी।
पवार ने कहा कि हम किसी भी सूरत में महाराष्ट्र को दोबारा चुनाव में नहीं जाने देंगे। वहीं, भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा- मुझे लगता है कि एनसीपी-कांग्रेस शिवसेना को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता नारायण राणे से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस-राकांपा के नेता उनके संपर्क में हैं तो राणे बोले- मैं इस पर कुछ भी नहीं कह सकता हूं। केवल इतना कहूंगा कि मैं बस सरकार गठन में मदद की कोशिश कर रहा हूं।
हम राज्य के लोगों के साथ खड़े होंगे: भाजपा
भाजपा नेता मुनगंटीवार ने पार्टी कोर कमेटी की बैठक के बाद कहा- हमने राष्ट्रपति शासन लगने की उम्मीद तो नहीं की थी। हम निश्चित रूप से कोशिश करेंगे कि जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान हो। हम राज्य में स्थिर सरकार के गठन को लेकर कोशिश करेंगे। हम राज्य के लोगों के साथ खड़े होंगे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- हमने राज्यपाल से वक्त मांगा था मगर हमें समय नहीं दिया गया।
उद्धव ठाकरे ने कहा- भाजपा ने जब सरकार बनाने से इनकार किया तो हमें सोमवार 7:30 तक सरकार बनाने को लेकर मंशा जाहिर करने को कहा गया। कांग्रेस और राकांपा ने हमसे संपर्क किया था।
‘राज्यपाल से हमने सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की थी। हमारी राकांपा से बातचीत जारी है। हम अभी भी सरकार बनाने की स्थिति में हैं।’
‘कांग्रेस और राकांपा को जिस तरह से स्पष्ट हालात जानने के लिए समय की आवश्यकता थी, उसी तरह हमें भी वक्त की आवश्यकता थी। हमने 48 घंटे मांगे थे और हमें यह समय नहीं दिया गया।’
‘सरकार बनाने का हमारा दावा अभी भी कायम है। महाराष्ट्र में सरकार बनाना मजाक बात नहीं है। भिन्न विचारधारा के मुद्दे पर दल सरकार बनाना चाहते हैं तो चर्चा जरूरी होती है। राकांपा ने खुद कहा कि हमने संपर्क किया है। भाजपा कहती है कि हमारे पास समय नहीं था। समय हमारे पास था, लेकिन जिस तरह से हमसे बातचीत हो रही थी। वह हमें पसंद नहीं था।’
‘माननीय राज्यपाल महोदय ने 6 महीने दिए हैं। मैं तो लोकसभा के पहले भी उनसे अलग हो रहा था, वे लोग सामने से आए थे। जो खत्म किया है, वह भाजपा ने किया है और जो बातचीत हुई थी हम लोगों के बीच, उस पर अमल करो।’
शिवसेना ने 11 नवंबर को आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था- राकांपा
राकांपा-कांग्रेस की कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा- पहले हम गठबंधन के दलों के बीच सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करेंगे और इसके बाद शिवसेना से भी बातचीत की जाएगी। उनसे भी सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी और उसके बाद ही सरकार बनाने के बारे में आगे कोई फैसला लिया जाएगा। शिवसेना ने पहली बार कांग्रेस और राकांपा से पहली बार 11 नवंबर से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था। अहम फैसला लेने से पहले जरूरी था कि सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण होना चाहिए। जिस तरह से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई, उसकी हम आलोचना करते हैं। ये मनमाना तरीका है और इसकी हम निंदा करते हैं। यह लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश।
राज्यपाल ने भाजपा-शिवसेना के बाद राकांपा को न्योता दिया था
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे पहले सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता सौंपा था। लेकिन, भाजपा ने सरकार गठन की इच्छा जाहिर नहीं की। इसके बाद शिवसेना को न्योता दिया गया। लेकिन, शिवसेना ने 2 दिन का वक्त मांगा था। राजभवन ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद तीसरे सबसे बड़े दल राकांपा से राज्यपाल ने सरकार बनाने की इच्छा के बारे में पूछा। राकांपा ने कहा कि हमें मंगलवार रात 8:30 बजे तक का वक्त सौंपा गया है।
शिवसेना को समर्थन के पक्ष में 44 में से 26 कांग्रेस विधायक
न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस के 44 में से 26 विधायक इस पक्ष में हैं कि शिवसेना को समर्थन दिया जाए। राज्य में राकांपा-शिवसेना और कांग्रेस की सरकार बने। ये 26 विधायक मराठा है। इनके अलावा भी ज्यादातर विधायक इस पक्ष में नहीं हैं कि नए सिरे से चुनाव हों।

ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी, BRICS देशों से सहयोग बढ़ाने पर देंगे जोर
13 November 2019
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी मंगलवार शाम को दिल्ली से रवाना हुए थे। ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन 13 व 14 नवंबर को होगा, जिसमें डिजिटल इकोनॉमी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी व आतंकवाद रोधी अभियान जैसे क्षेत्रों में सहयोगी बढ़ाने पर चर्चा होगी। ब्रिक्स में पांच देश उभरती व बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश शामिल हैं। इन देशों की विश्व की कुल आबादी में 42 फीसदी व जीडीपी में 23 फीसदी हिस्सेदारी है।
आतंकवाद रोधी प्रणाली तैयार करने पर रहेगा जोर
पीएम मोदी ने ब्राजील रवाना होने से पहले बयान जारी कर कहा कि ब्रिक्स के 11 वें शिखर सम्मेलन में आतंकवाद रोधी प्रणाली बनाने पर खास जोर रहेगा। मोदी ने कहा कि वह ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो से मुलाकात कर द्विपक्षीय सामरिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर देंगे। संगठन के अन्य सदस्य देशों के नेताओं से भी रिश्ते और मजबूत करने व सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे। दो दिनी शिखर बैठक में पांच देशों के नेता कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
पुतिन, जिनपिंग से भी होगी बात
हाल ही में चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अब एक बार फिर से पीएम मोदी उनसे मिलने वाले हैं। पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें होंगी। वह ब्रिक्स बिजनेस फोरम व शिखर बैठक के उद्घाटन व समापन सत्रों में भी मौजूद रहेंगे।
छठी बार मोदी करेंगे सम्मेलन में शिरकत
पीएम मोदी ने 2014 में ब्राजील के ही फोर्टेलेजा में ब्रिक्स सम्मेलन में पहली बार शिरकत की थी। यह छठा मौका है जब वे इस अहम संगठन की बैठक में भाग लेंगे।
इसलिए ब्रिक्स नाम
ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन व साउथ अफ्रीका शामिल हैं। इनके पहले अक्षरों को मिलाकर संगठन का नाम ब्रिक्स रखा गया है।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू, रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दी
12 November 2019
मुंबई. सरकार गठन को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति शासन को लेकर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि कपिल सिब्बल शिवसेना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर सकते हैं। गृह मंत्रालय ने कहा- राज्यपाल का मानना है कि नतीजे सामने आने के 15 दिन बाद भी कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाना ही बेहतर विकल्प है।
राज्यपाल ने शिवसेना को 2 दिन का वक्त नहीं दिया था
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे पहले सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता सौंपा था। लेकिन, भाजपा ने सरकार गठन की इच्छा जाहिर नहीं की। इसके बाद शिवसेना को न्योता दिया गया। लेकिन, शिवसेना ने 2 दिन का वक्त मांगा था। राजभवन ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद तीसरे सबसे बड़े दल राकांपा से राज्यपाल ने सरकार बनाने की इच्छा के बारे में पूछा। राकांपा ने कहा कि हमें मंगलवार रात 8:30 बजे तक का वक्त सौंपा गया है।
अब कांग्रेस की सरकार बनाने में दिलचस्पी
सोमवार को दो बैठकों के दौरान सोनिया ने महाराष्ट्र विधायकों से सरकार बनाने पर राय मांगी और साथ ही राकांपा से भी चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि अब कांग्रेस की दिलचस्पी महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बढ़ रही है। मंगलवार को हुई कांग्रेस की बैठक में सरकार बनाने को लेकर ही चर्चा हुई। इसके बाद सोनिया गांधी ने केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे और अहमद पटेल को राकांपा के साथ समन्वय का जिम्मा सौंपा है। वेणुगोपाल ने बताया कि हम सभी राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मिलने मुंबई रवाना हो रहे हैं। सत्ता गठन को लेकर फैसला सोनिया और पवार की बातचीत के बाद ही होगा।
राकांपा नेता अजित पवार ने मंगलवार को कहा कि हमने (राकांपा और कांग्रेस) साथ-साथ चुनाव लड़ा है, इसलिए सरकार बनाने का फैसला हम अकेले नहीं ले सकते। उन्होंने कहा- कल 10 बजे से शाम 7 बजे तक हम उनके पत्र की राह देखते रहे, लेकिन शाम तक वह नहीं मिला। हमारा अकेले पत्र देना ठीक नहीं था। हमारे पास कुल 98 विधायक हैं। आज शाम को राकांपा और कांग्रेस नेताओं की मुंबई में बैठक होगी।
राष्ट्रपति शासन के सवाल पर अजित ने कहा- अगर हम एक साथ चर्चा कर रहे हैं, तो आगे किसी चीज का कोई सवाल ही नहीं उठता।
शिवसेना को समर्थन के पक्ष में 44 में से 26 कांग्रेस विधायक
न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस के 44 में से 26 विधायक इस पक्ष में हैं कि शिवसेना को समर्थन दिया जाए। राज्य में राकांपा-शिवसेना और कांग्रेस की सरकार बने। ये 26 विधायक मराठा है। इनके अलावा भी ज्यादातर विधायक इस पक्ष में नहीं हैं कि नए सिरे से चुनाव होंे।

योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की मांग
12 November 2019
अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित 2.7 एकड़ जमीन पर रामलला का अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए 3 माह में ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया है। इसके बाद ट्रस्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस बीच, राम जन्मभूमि न्यास चाहता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट के अध्यक्ष बनें। यानी योगी आदित्यनाथ की देखरेख में ही राम मंदिर का निर्माण हो। राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास ने यह बात कही है।
महंत नृत्य गोपाल दास के अनुसार, योगी आदित्यनाथ को एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि गोरक्ष पीठ के महंत के रूप में ट्रस्ट की अध्यक्षता करें। गोरखपुर का ख्यात गोरखनाथ मंदिर गोरक्षपीठ का है, जिसने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है। सबसे पहले महंत दिग्विजय नाथ, फिर महंत आदित्यनाथ और अब योगी आदित्थनाथ ने राम मंदिर में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भव्य राम मंदिर निर्माण में न्यास की भी अहम भूमिका रहेगी। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इन्कार कर दिया। हालांकि यह जरूर कहा कि न्यास की तरफ से चम्पत राय (विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष) और ओम प्रकाश सिंघल (विश्व हिंदू परिषद के खजांची) राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं। बता दें 2015 में अशोक सिंघल के निधन के बाद से चम्पत राय विहिप का पूरा कामकाज देख रहे हैं। चम्पत राय और ओम प्रकार सिंघल, दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं।
इस बीच, चर्चा शुरू हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन कहां दी जाए। सुन्नी वक्फ बोर्ड 26 नवंबर को तय करेगा कि जमीन लेना है या नहीं और लेना है तो कहां।

ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक जवान नहीं रख सकेंगे मोबाइल, बात करते पाए गए तो होगी कार्यवाही
12 November 2019
अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस जवान अपने पास मोबाइल फोन नहीं रख सकेंगे। ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर मस्त रहने वाले पुलिस कर्मियों की शिकायत मिलने के बाद राजकोट पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल ने यह आदेश दिया है। देश में ट्रैफिक के नियमों का पालन सख्ती से करवाया जा रहा है। वाहन चालकों से हेल्मेट, सीट बेल्ट, लाइसंस, पीयूसी सहित वाहन के कागजात नहीं रखने पर भारी भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है। ऐसे में ट्रैफिक के नियमों का पालन करवाने वाली ट्रैफिक पुलिस ही ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर व्यस्त रहते होने की आये दिन शिकायतें मिलती हैंं। जिसके मद्देनजर राजकोट पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल ने मंगलवार से ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को मोबाइल फोन अपने पास न रखने का आदेश दिया है।
यह लिखा है आदेश में
पुलिस आयुक्त के आदेश के अनुसार ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के ड्यूटी के दौरान अपने इंचार्ज पुलिस अधिकारी के पास अपना मोबाइल फोन जमा करवाना रहेगा। अगर कोई कर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर बात करते हुए दिखाई देगा तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिये गये हैं।
इसलिए उठाया गया यह कदम
राजकोट जोन-2 के पुलिस उपाधीक्षक ने मनोहरसिंह जाड़ेजा ने बताया कि उनके पास ट्रैफिक को लेकर कई शिकायतें मिली हैंं। जिसमें सबसे अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत मिली है। इसमें कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी मोबाइल पर बातें करते रहते है। इसके कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने के बाद सबंधित ट्रैफिक प्वाइन्ट के इंचार्ज के पास मोबाइल फोन जमा करवाना पड़ेगा।

राम के साथ-साथ अयोध्या का विकास रोटी से भी जुड़ना चाहिए: कल्याण सिंह
11 November 2019
लखनऊ: अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह (Kalyan Singh) का कहना है कि राम मंदिर के निर्माण का संकल्प पूरा होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि 500 साल विवाद हल हो गया है. यह किसी की हार और जीत नहीं है. हम राम मंदिर के मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ते, यह मुद्दा सांस्कृतिक है.
बीजेपी नेता ने कहा कि अयोध्या में इतना विकास होना चाहिए कि लोगों को लगे कि यह राम की नगरी है. राम के साथ-साथ अयोध्या का विकास रोटी से भी जुड़ना चाहिए- यानी राम और रोटी, रोजगार मिल सके ऐसा विकास.
कल्याण ने कहा, ''मैं राम का भक्त हूं, अयोध्या का विकास और राम मंदिर के निर्माण का सपना देखता रहा हूं. अब करोड़ों लोगों का सपना साकार हुआ है.''
काफी चेहरे चर्चित रहे
पता हो कि जब बाबरी मस्जिद के ढांचे को हजारों कारसेवकों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था तब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. मस्जिद के विध्वंस के बाद हालांकि उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने के बाद 6 दिसंबर की शाम को पद से इस्तीफा दे दिया. सिंह ने छह दिसंबर की रैली से पहले सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया था कि वह और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अयोध्या विवाद मामले में 70 सालों तक चली कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद शनिवार को ऐतिहासिक फैसला आ गया. फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया. फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी. अदालत ने कहा कि विवादित 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी.

अयोध्या केस: ओवैसी के बयान पर AIMPLB और मुस्लिम पक्षकार ने जताया ऐतराज
11 November 2019
लखनऊ : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या भूमि विवाद (Ayodhya case) पर आए फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) के बयान को लेकर अयोध्या में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य और बाबरी पक्षकार ने ऐतराज जताया है.
एआईएमपीएलबी के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "पूरे मुल्क में जिस तरह से इतने बड़ा फैसला आने के बावजूद किसी प्रकार की कोई वारदात नहीं हुई, इससे संदेश मिलता है कि तमाम हिन्दुस्तानी चाहते हैं कि अब मंदिर-मस्जिद मुद्दे से आगे की बात होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सदियों पुराना मसला खत्म कर दिया गया है. अब इस मुद्दे पर किसी राजनीतिक व्यक्ति की सियासत के लिए कोई जगह बची नहीं है. जिस प्रकार से अवाम द्वारा लगातार शांति बरकार है, इससे उन लोगों को संदेश मिल गया होगा जो इस पर सियासत करते हैं."
26 नवंबर को मस्जिद की जमीन पर फैसला
उन्होंने इस मामले में पुनर्विचार याचिका डाले जाने पर कहा, "अब इस मुद्दे को यहीं खत्म कर देना चाहिए. इसमें आगे अब जाना नहीं चाहिए. पांच एकड़ जमीन पर क्या होना चाहिए इसका फैसला मुस्लिम वक्फ बोर्ड को करना है. 26 नवंबर को बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा."
कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं
अयोध्या विवादित भूमि मामले (Ayodhya Case) में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला किया है हम उसका सम्मान करते हैं. कौन इसमें क्या बोलता है यह कोर्ट के फैसले से खत्म हो जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने हमें पांच एकड़ जमीन दी है. उस जमीन का क्या करना है यह हम तय करेंगे, लेकिन हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे सौहार्द्र बिगड़े."
माहौल खराब करना चाहते हैं ओवैसी
अंसारी ने कहा, "हम खुद पक्षकार हैं, कोई क्या कह रहा है, हम सुनते भी नहीं हैं, मैं पुनर्विचार याचिका नहीं डालूंगा. एक फैसला आने में सत्तर साल लग गए, जबकि सारे गवाह और सबूत हमने दिए. हम चाहेंगे कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बना रहे." राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, "ओवैसी की बात न तो मुसलमान सुनते हैं न ही हिन्दू. उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है." उन्होंने कहा, "भड़काऊ बयानबाजी करके वह माहौल खराब करना चाहते हैं. उनकी बातों को कोई वर्ग महत्व नहीं देता है. सभी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं."
फैसले से संतुष्ट नहीं
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया है. एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था "मैं कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हूं. सुप्रीम कोर्ट वैसे तो सबसे ऊपर है, लेकिन अपरिहार्य नहीं है."
हम पर कृपा करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा, "हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, हमें खैरात के रूप में पांच एकड़ जमीन नहीं चाहिए. हमें इस पांच एकड़ जमीन के प्रस्ताव को खारिज कर देना चाहिए. हम पर कृपा करने की जरूरत नहीं है." ओवैसी ने आगे कहा, "अगर मस्जिद वहां पर रहती तो सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेता. यह कानून के खिलाफ है. बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता? जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है."

समर्थन के लिए नेता हमेशा ठाकरे के घर मातोश्री गए, अब उद्धव सत्‍ता के लिए पवार से मिलने गए
11 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र की सियासत में ठाकरे परिवार के घर 'मातोश्री' की हमेशा से हनक रही है. विभिन्‍न दलों के नेता हमेशा शिवसेना के समर्थन के लिए इस परिवार के मुखिया से मिलने के लिए मातोश्री जाते रहे हैं. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्‍ट्र की सियासत नई करवट ले रही है. बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के बिखरने के साथ ही सत्‍ता के लिए नए साथी तलाशने की चाहत में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को 'मातोश्री' से निकलना पड़ा है. इस सिलसिले में उद्धव आज होटल ताज लैंड्स एंड में एनसीपी नेता शरद पवार से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक मुलाकात में उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए शरद पवार को साथ आने का न्‍योता दिया है. उद्धव ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण एक साथ आना जरूरी है.
इससे पहले आज सुबह एनसीपी की बैठक के बाद पार्टी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शाम चार बजे कांग्रेस की बैठक के बाद उनका दल अपनी पोजीशन स्‍पष्‍ट करेगा. उन्‍होंने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इसलिए कांग्रेस की राय जानने के बाद ही एनसीपी अगले कदम का ऐलान करेगी. इस बीच उद्धव से मुलाकात के बाद शरद और अजित पवार एक बार फिर एनसीपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ शाम चार बजे मुलाकात करने वाले हैं.
इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्‍ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने की कोशिशें कर रही है. गवर्नर ने भी उनको आज शाम साढ़े सात बजे तक अपनी स्थिति स्‍पष्‍ट करने को कहा है.
अब सारी निगाहें कांग्रेस पर टिकी है. वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्‍व शाम चार बजे महाराष्‍ट्र इकाई के नेताओं के साथ बैठक करेगा. सूत्रों के मुताबिक उसमें शिवसेना को अंदर या बाहर से समर्थन देने का फैसला लिया जाएगा. वैसे सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस के 44 विधायकों में से ज्‍यादातर शिवसेना के नेतृत्‍व में बनने वाली सरकार में शामिल होने के इच्‍छुक हैं.
अरविंद सावंत ने दिया इस्‍तीफा
इन सबके बीच शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शिवसेना से किए 50:50 फॉर्मूले का वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे भाजपा-शिवसेना के गठबंधन के जारी रखने पर सवाल खड़ा हो गया है. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री ने कहा, "राज्य में नई सरकार और नया गठबंधन बनेगा."
उन्होंने कहा, "हालिया घटनाओं के बाद मंत्री बने रहना ठीक नहीं है, इसीलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है." यह पूछने पर कि क्या शिवसेना भाजपा की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से निकल रही है?, उन्होंने कहा, "मेरी कार्रवाई से इसका मतलब कोई भी समझ सकता है."

कश्मीर में भारी बर्फबारी, 7 की मौत, 200 से ज्यादा मकानों को पहुंचा नुकसान
8 November 2019
श्रीनगर: नवंबर में बेवक्त हुई भारी बर्फ़बारी ने जम्मू कश्मीर की सुंदरता तो बढ़ा दी मगर लोगों की मुश्किलें भी बड़ा दी. पिछले 48 घंटों में बर्फबारी ( snowfall) के कारण 7 लोगों की जान चली गई हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर के ऊपरी इलाकों खास कर उत्तरी कश्मीर की कई जगहों पर 6 फीट तक की बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है. बर्फबारी की वजह से 200 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है. वही यह रिपोर्ट कहती हैं कि पूरे बर्फबारी की वजह से हजारों पेड़ उखड़ गए.
दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में सब से ज्यादा नुकसान सेब के बागों को हुआ हैं जहां 40% पेड़ों पर अब भी फल मौजूद थे. एक अनुमान के तहत सेब इंडस्ट्री को लगभग 100 करोड़ तक नुकसान पहुंचा है.
वहीं बिजली की बहाली सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि कश्मीर घाटी में कई हज़ार पेड़ उखाड़ गए हैं. इन उखड़े हुए पेड़ों ने बिजली की तारों को काट दिया है.
बिजली विभाग के मुताबिक कश्मीर में बर्फबारी के कारण बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है और उसे ठीक करने का काम तेज़ी से जारी है. विभाग ने उम्मीद जताई हैं की शुक्रवार देर रात तक बिजली को कई इलाकों में बहाल किया जाएगा.
गुरुवार देर रात बर्फ़बारी बंद होने के बाद प्रशासन का दावा हैं कि रेस्टोरेशन के काम में तेजी आई. शुक्रवार सुबह कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर के नेतृत्व में प्रशासन की स्पेशल टीम श्रीनगर में हर जगह का दौरा करती दिखीं. प्रशासन के मुताबिक अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले एक दो दिनों में कश्मीर में जीवन पटरी पर लौटेगा.
श्रीनगर में मुख्य रास्तों को तो खोल दिया गया हैं और इंटर डिस्ट्रिक्ट रस्ते भी खोल दिए गए हैं मगर अभी इंटीरियर रास्ता बंद हैं. वहीं कश्मीर को देश से जोड़ने वाले तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बंध हैं. शुक्रवार को दूसरे दिन दोपहरत तक एयर ट्रैफिक फिर से शुरू नहीं हो पाया है.

देवेंद्र फडणवीस मीडिया से होंगे मुखातिब, उद्धव शाम को होटल में विधायकों से करेंगे मुलाकात
8 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra Assembly Elections 2019) की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल आज मध्‍यरात्रि को समाप्‍त हो रहा है. आखिरी मौके पर सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बंगले वर्षा पर सुधीर मुनगुंटीवार, गिरीश महाजन, चंद्रशेखर बावनकुले समेत बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ मुलाकात की. वह साढ़े चार बजे मीडिया से बातचीत करेंगे.
उधर शिवसेना मुंबई के ब्रांदा इलाके में रंग शारदा होटल में ठहरे अपने विधायकों को वहां से निकालकर मुंबई के किसी और रिजॉर्ट या होटल में भेजने की तैयारी कर रही है. इस सिलसिले में दो एसी बसें वहां भेजी गई हैं. हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि उससे पहले रंग शारदा होटल में उद्धव ठाकरे शाम पांच बजे अपने विधायकों से मिलने आएंगे.
इस बीच महाराष्ट्र एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोनी आज फिर से महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे. वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के घर पहुंचे. मीटिंग के बाद शरद पवार ने कहा, ''रामदास आठवले मुझसे मिलने आये थे और राज्य की स्थिति पर मुझसे सलाह लेने आए थे. जनता ने बीजेपी-शिवसेना को बहुमत दिया है इसीलिए वो बैठकर चर्चा करें और सरकार बनायें...राज्यपाल और राष्ट्रपति कितने दिन रुकेंगे...कर्नाटक में ऐसी ही स्थिति थी तो राज्यपाल ने समय दिया था...बीजेपी शिवसेना को बहुमत मिला है तो राज्य में अस्थिरता ना आये इसके लिए उन्हें कोशिश करनी चाहिए...एनसीपी इसमें कुछ नहीं कर सकती...बीजेपी-शिवसेना सरकार स्थापना से भाग रही हैं.''
मैं मध्‍यस्‍थता को तैयार: नितिन गडकरी
सरकार गठन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी गतिरोध पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मैं मध्‍यस्‍थता के लिए तैयार हूं. देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार बनेगी. जहां तक मुझे पता है तो शिवसेना के साथ ढाई-ढाई साल की कोई बात नहीं हुई थी. बालासाहेब ने भी कहा था कि जिसके ज्यादा विधायक होंगे मुख्यमंत्री उनका ही होगा. गुरुवार को नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात के बाद आज मुंबई पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुंबई के वर्ली स्थित अपने घर पर ठहरे हुए हैं. शाम को गडकरी नवी मुंबई के घनसोली इलाके में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मुंबई आए हैं.

तीस हजारी कोर्ट हिंसा: SC ने पुलिस और वकीलों को लगाई डांट, कहा- एक हाथ से ताली नहीं बजती
8 November 2019
नई दिल्ली: ओडिशा (Odisha) के वकीलों की हड़ताल पर सुनवाई के दौरान आज तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) हिंसा का मसला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में उठा. सुप्रीम कोर्ट ने तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'ताली एक हाथ से नहीं बजती'. कमियां दोनों पक्षों में हैं. बेहतर है कि हम इस मसले में कुछ न कहें. दरअसल, उड़ीसा में हुए वकीलों की हड़ताल से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा मामले में पुलिस की ज़्यादती का मामला उठाया था. सुनवाई के दौरान मनन कुमार मिश्रा ने कोर्ट से कहा कि हमें उम्मीद है कि दो दिनों में इस समस्या का समाधान हो जाएगा.
आपको बता दें कि, 2 नवंबर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में पुलिस लॉकअप के पास पार्किंग को लेकर एक वकील से विवाद हो गया था. इसके बाद वहीं पुलिस और वकीलों के बीच दंगे जैसे हालात बन गए थे और वकीलों ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी थी. इतना ही नहीं महिला अधिकारियों के साथ भी बदसलूकी और धक्का-मुक्की के वीडियो और हिंसा के कई वीडियो सामने आए हैं. इस मामले पर मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है. वहीं इस घटाना के विरोध में पुलिसकर्मियों ने हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शन भी किया था.
इस घटना के अगले दिन 3 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. हाई कोर्ट ने न्यायिक जांच रिटायर्ड जज एसपी गर्ग के नेतृत्व में कराने का फैसला लिया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि वकीलों और पुलिस के बीच हुई इस हिंसक झड़प की जांच में सीबीआई के डायरेक्टर, आईबी के डायरेक्टर, विजिलेंस डायरेक्टर और सीनियर अधिकारियों की मदद ली जाएगी.
इसके अलावा हाई कोर्ट ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को घायल वकीलों के बयान दर्ज करने के भी आदेश दिए थे. हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि मामले में आरोपित पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए और यह कमेटी अगले 6 सप्ताह में जांच पूरी कर हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंपे.

पासपोर्ट अनिवार्यता पर पाक बदल रहा बयान, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कही यह बात
7 November 2019
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर्व के पूर्व 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का शुभारंभ होने जा रहा है। भारतीय श्रध्दालुओं के लिए यह बड़ी सौगात है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर स्थिति अब भी असमंजस से भरी बनी हुई है। दरअसल, पाकिस्तान की ओर से लगातार विरोधाभासी बयान सामने आ रहे है। पूर्व में पाक की ओर से कहा गया कि श्रध्दालुओं को पासपोर्ट की जरुरत नहीं रहेगी, बाद में बयान बदलकर कहा गया कि हर श्रध्दालु के लिए पासपोर्ट अनिवार्य रहेगा।
गुरुवार को एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से एक नया बयान सामने आया है। इसमें पाकिस्तान मीडिया के हवाले से कहा गया है कि आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने के लिए भारतीय सिख श्रध्दालुओं के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता रहेगी।
पाकिस्तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के इस्तेमाल को लेकर सामने आ रहे विरोधाभासी बयान के बाद आज भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'पाकिस्तान की ओर से आ रहीं रिपोर्ट्स विरोधाभासी हैं। कभी वह कहते हैं कि पासपोर्ट जरुरी है और कभी कहते हैं कि इसकी जरुरत नहीं है। हमें लगता है कि वहां विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के बीच मतभेद हैं। हमने एक एमओयू साइन किया है, यह नहीं बदला गया है। इसके मुताबिक करतारपुर कॉरिडोर के इस्तेमाल के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता है।'
रवीश कुमार ने आगे कहा कि 'हमें पता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि श्रध्दालुओं को कौन से दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य रहेंगे। इस वर्तमान एमओयू में एकतरफा बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति जरुरी है।'

जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण कईं रास्ते बंद, हिमस्खलन में दो जवान शहीद
7 November 2019
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को मौसम में पहली बार भारी बर्फबारी हुई है। कल से जारी इस बर्फबारी की वजह से यहां का सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राज्य में कईं रास्ते बर्फबारी की वजह से बंद हो गए हैं वहीं फ्लाइट्स भी उड़ान नहीं भर पा रही हैं। हंदवाड़ा में तो हिमस्खलन की वजह से दो जवान शहीद हो गए हैं। राज्य में भारी बर्फबारी के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और पारे ने भी गोता लगा दिया है। आलम यह है कि खाटी में पिछले 18 घंटे से बिजली नहीं है ऐसे में आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कश्मीर में कल से ही भारी बर्फबारी जारी है जिसकी वजह से राज्य के कईं अहम हाईवे बंद हो गए हैं और यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। हालांकि, सैलानी बर्फबारी का मजा उठा रहे हैं लेकिन लगातार गिर रही बर्फ ने उन्हें भी परेशान कर दिया है। इसकी वजह से श्रीनगर में 100 से ज्यादा जगहों पर पेड़ गिरने की खबर है जबकि श्रीनगर आने और जाने वाली सारी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।
मौसम की भविष्यवाणी करने वाली प्राइवेट एजेंसी स्कायमेट के अनुसार, कश्मीर में इस भारी बर्फबारी का सीधा असर जल्द ही मैदानी इलाकों में नजर आने लगेगा और दिल्ली, पंजाब के अलावा हरियाणा में भी 9 तारीख के सर्द हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आठ नवंबर तक मौसम के मिजाज तीखे रहेंगे। इस दौरान बर्फबारी व बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है।
दो जवान शहीद
बर्फबारी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित करते हुए भारी नुकसान किया है वहीं हंदवाड़ा में हिमस्खलन की वजह से दो जवानों के शहीद होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार कुपवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कैंप पर हिमस्खलन हुआ जिसमें दो जवान दब गए। जब तक उन्हें निकाला जाता तब तक वो शहीद हो गए।

राम रहीम की करीबी हनीप्रीत 2 साल बाद डेरा सच्चा सौदा पहुंची, दंगों की साजिश रचने के मामले में मिली जमानत
7 November 2019
नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत के लिए बुधवार को अच्छी खबर सामने आई थी। पंचकूला की विशेष कोर्ट द्वारा हनीप्रीत की जमानत याचिका मंजूर कर ली गई थी। लगभग दो साल बाद कोर्ट से राहत मिलने के बाद अंबाला सेंट्रल जेल से रिहा होते ही हनीप्रीत सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंची। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक देर रात हनीप्रीत डेरा सच्चा सौदा में पहुंच गई थी। हनीप्रीत पंचकूला में साल 2017 में हुए दंगों को भड़काने की साजिश रखने की आरोपी है। पुलिस ने हनीप्रीत पर राजद्रोह की धाराएं भी लगाई थीं। बीते दिनों पंचकूला कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सबूत ना पाए जाने पर हनीप्रीत पर से राजद्रोह की धाराएं हटा दी थी, इसके साथ ही उसके जमानत मिलने का रास्ता बहुत हद तक साफ हो गया था। बुधवार को हनीप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर कर ली थी।
हनीप्रीत पर है साजिश रचने का आरोप
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे गुरमीत राम रहीम पर साध्वियों के दुष्कर्म और पत्रकार की हत्या के मामले में अगस्त 2017 में कोर्ट फैसला सुनाने वाला था। फैसले के पूर्व पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को दंगे भड़के थे। राम रहीम के अनुयायी इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। इसके बाद हुई हिंसा में 42 लोगों की मौत हो गई थी। दंगे की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ राजद्रोह सहित विभिन्न धाराएं लगाई थी। पुलिस ने हिंसा के मामले में डेरा अनुयायियों के खिलाफ लगभग 200 प्रकरण दर्ज किए थे। इसमें 1 हजार से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी।

वकीलों की मांग- गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
6 November 2019
नई दिल्ली/पुड्डुचेरी. दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पीड़ित कॉन्स्टेबल की पत्नी ने दायर की है। इसमें मांग कि गई है कि ड्यूटी के दौरान अगर पुलिसकर्मी की मौत हो जाती है तो उसे अवॉर्ड दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। साथ ही परिवार को मृतक की पूरी तनख्वाह दी जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई करेगा।
उधर, रोहिणी और साकेत कोर्ट के बाहर वकीलों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। रोहिणी कोर्ट के एक वकील ने कहा कि हमारी लड़ाई केवल उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ है, जिन्होंने हम पर गोली चलाई और लाठीचार्ज किया। हम तब तक विरोध करेंगे, जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने कहा कि कल जो हमने मीडिया रिपोर्ट्स देखीं उसको देखकर हमारे वकीलों ने बताया कि पुलिस का प्रदर्शन देखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया डर गई। पुलिस के पास बंदूक है, गोली है, लाठी-डंडे हैं। आप जिम्मेदारी से काम लें। यह कह रहे हैं कि हम न्यायाधीशों से सुरक्षा वापस ले लेंगे। मैं अपील करुंगा कि आप इसकी भर्त्सना करें। कल इन्होंने पिटीशन दी थी। कोर्ट की बात सड़कों पर लाकर आप आंदोलन करें। यह न्यायपूर्ण नहीं है।
इस बीच पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस का समर्थन किया है। बेदी ने ट्वीट किया- नेतृत्व एक ऐसी विशेषता है, जो जिम्मेदारी दिखाते हुए कड़े फैसले कर सके। अधिकार और जिम्मेदारी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सोमवार और मंगलवार को साकेत और तीस हजारी कोर्ट के बाहर उनके सहयोगियों पर वकीलों द्वारा हमला किया गया। लेकिन, सीनियर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब हम कानून का पालन करने की अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं तो कोई संघर्ष नहीं होता।
‘हमला झेलने के लिए वर्दी नहीं पहनी’
मंगलवार को हजारों से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दिल्ली के आईटीओ में पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों ने किरण बेदी की प्रशंसा में नारे लगाए। जवानों ने कहा- पुलिस कमिश्नर कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो। पुलिसकर्मियों ने कहा- हम पीटते रहे, लेकिन कमिश्नर मौन बने रहे। हमने यह वर्दी इसलिए नहीं पहनी है कि हर दिन हम पर हमला होता रहे। 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में और 4 नवंबर को साकेत और कड़कड़डूमा कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी। इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी और कुछ वकील घायल हुए थे।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने मंगलवार को पुलिसकर्मियों से काम पर लौटने की अपील की थी और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। स्पेशल कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा था- हिंसक घटना में जितने पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, उन्हें कम से कम 25 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म करने का फैसला किया था।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को वकीलों के खिलाफ सख्ती न बरतने का आदेश दिया था
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें 3 नवंबर के कोर्ट के आदेश को संशोधित करने की मांग की गई थी। गृह मंत्रालय का कहना है कि 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में वकील और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद की घटनाओं पर यह आदेश लागू न किया जाए। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को वकीलों के खिलाफ सख्ती न बरतने का आदेश दिया था। गृह मंत्रालय की याचिका पर अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) समेत वकीलों के दूसरे संगठनों को नोटिस जारी किया।

करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं का किराया देगी हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री खट्टर का ऐलान
6 November 2019
चंडीगढ़: करतारपुर साहिब जाने वाले हरियाणा के साढ़े 5 हजार लोगों के बस और ट्रेन का किराया सरकार देगी. इच्छुक लोग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर जिला उपायुक्त के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बुधवार को तीन दिवसीय विधानसभा सत्र की समाप्ति के दिन यह ऐलान किया.
इसके अलावा मुख्यमंत्री खट्टर ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार की बात भी कही. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के बाद मुख्य काम मंत्रिमंडल का विस्तार है. इसी हफ्ते हरियाणा मंत्रिमंडल का विस्तार होगा.
वहीं, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि इसके लिए 5 लोगों की कमेटी अनिल विज की अध्यक्षता में बना दी गई है. इसमें तीन लोग बीजेपी और दो लोग जेजेपी के होंगे.

प्याज का रेट 80 रुपए किलो हुआ, 7 दिन में 45% बढ़ोतरी; सरकार ईरान समेत 4 देशों से आयात करेगी
6 November 2019
नई दिल्ली. प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। दिल्ली में 7 दिन में रेट 45% बढ़ चुका है। 31 अक्टूबर को भाव 55 रुपए था। सप्लाई बाधित होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक महीने से कीमतें ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं। मौजूदा रेट एक साल पहले की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल नवंबर में प्याज का भाव 30-35 रुपए प्रति किलो था। प्याज सप्लाई बढ़ाने और कीमतें काबू में रखने के लिए सरकार ने ईरान, अफगानिस्तान, इजिप्ट और तुर्की से आयात का फैसला लिया है। न्यूज एजेंसी ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी।
केंद्र सरकार मदर डेयरी के जरिए 25 रुपए किलो में प्याज बेच रही
>> उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अगले कुछ दिनों में रेट कम होने की उम्मीद है, क्योंकि महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है। दिल्ली में बफर स्टॉक से प्याज की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। मदर डेयरी के सफल आउटलेट पर 24.90 रुपए के रेट पर प्याज बेचा जा रहा है।
>> हालांकि, कुछ आउटलेट्स पर प्याज का स्टॉक खत्म होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। जंगपुरा एक्सटेंशन आउटलेट पर एक महिला ने बताया कि प्याज खरीदने के लिए उसने 2 घंटे लाइन में लगकर इंतजार किया, लेकिन उसकी बारी आई तो स्टॉक खत्म हो गया।

बम धमाके से दहली मणिपुर की राजधानी इम्फाल, 4 पुलिसकर्मियों सहित 5 घायल
5 November 2019
इम्फाल। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर की राजधानी इम्फाल आज एक भीषण बम धमाके से दहल गई। एक शक्तिशाली IED ब्लास्ट में 4 पुलिसकर्मियों सहित एक आम नागरिक भी घायल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IED ब्लास्ट सुबह 9.30 बजे के आसपास इम्फाल के थांगल बाजार में हुआ। माना जा रहा है कि यह ब्लास्ट पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए किया गया था। इस धमाके में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए वहीं एक आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ गया है। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है। घायलों में इम्फाल पश्चिम जिले के ASP, एक SI, दो ASI और एक राइफलमैन के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
ब्लास्ट का CCTV फुटेज सामने आया
इम्फाल के थांगल बाजार में हुए IED ब्लास्ट का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस फुटेज में बम धमाके के पूर्व कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। बम धमाका होने के बाद बाजार में भगदड़ हो गई है। वहीं कुछ पुलिसकर्मी घायल भी नजर आ रहे हैं, जिन्हें उनके साथ पुलिसकर्मी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ब्लास्ट के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बम धमाके के बाद इलाके में घेराबंदी कर दी गई है। यह पिछले चार दिनों में दूसरा मौका है जब राजधानी बम धमाकों से दहली है। इसके पूर्व 2 नवंबर को भी इम्फाल के पूर्वी जिले के तेलीपटी क्षेत्र में हुए धमाके में BSF के तीन जवान घायल हो गए थे।

ऑफिस में घुसकर महिला तहसीलदार को जलाया, गंभीर झुलसने से हुई मौत
5 November 2019
हैदराबाद। तेलंगाना में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां दफ्तर में घुसकर एक महिला तहसीलदार को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। गंभीर झुलसने की वजह से महिला अधिकारी की मौत हो गई है। दिन दहाड़े हुई इस घटना के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। घटना सोमवार दिन की है। माना जा रहा है कि एक जमीन विवाद के मामले में आरोपी से तहसीलदार की बहस होने के बाद आरोपी ने तहसीलदार विजया रेड्डी पर पेट्रोल डाला और लाइटर से आग लगा दी। इस घटना में गंभीर झुलसने की वजह से महिला अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद दो कर्मचारियों ने विजया को बचाने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे। इस घटनाक्रम में आरोपी भी झुलस गया है।
सामने आई जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार दोपहर 1.30 बजे के आसपास की है। सुरेश नाम का शख्स विजया रेड्डी के दफ्तर में पहुंचा और विवाद के बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस कदम को उठाने के पीछे की वजह जमीन से जुड़ा कुछ विवाद होने की बात कही जा रही है।
इस घटना में आरोपी सहित झुलसे दो अन्य कर्मचारियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राचाकोंडा पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने बताया कि पहली बार ऐसा कोई घटनाक्रम सरकारी दफ्तर में हुआ है। तहसीलदार को जलाने वाला शख्स भी झुलस गया है और उसका इलाज चल रहा है। वह हमारी कस्टडी में है। वह भी 50 से 60 फीसदी झुलसा है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह अटैक कुछ जमीन विवाद को लेकर है। आरोपी ने ऐसा कदम क्यों उठाया या फिर किसी ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया इसका खुलासा आगे की जांच के बाद हो सकेगा। उसे पेट्रोल के साथ सरकारी दफ्तर में किसने घुसने दिया इसकी भी जांच की जाएगी।
इस हादसे को लेकर रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर इब्राहिम पतनाम ने बताया कि जिस वक्त यह घटना घटी उस वक्त तहसीलदार विजया अपने चेंबर में अकेली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चीख पुकार सुनने के बाद कुछ कर्मचारी तहसीलदार के चेंबर की ओर दौड़े और देखा की तहसीलदार विजया आग की लपटों से घिरी हुईं थी।
इस घटना की जानकारी लगने के बाद शिक्षा मंत्री पी सबिता इंद्रा रेड्डी और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं मंत्री सबिता ने कहा किआरोपी ने यह कदम क्यों उठाया अभी यह पता नहीं चला है।

सोशल मीडिया में अयोध्या पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर लगेगा रासुका
5 November 2019
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले के मद्देनजर अगर किसी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई करने में हिचक नहीं होगी।
उन्होंने कहा- 'हम पूरी तरह तैयार हैं। किसी भी हालत में किसी को कानून हाथ में नहीं लेने देंगे। हमारी इंटेलिजेंस मशीनरी तत्पर है। जरूरत पड़ी तो कानून-व्यवस्था की बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर रासुका भी लगाया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिकारियों की एक टीम कड़ी निगरानी रख रही है और किसी भी भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करने पर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसी महीने 17 तारीख से पहले आने की संभावना है। इसके अलावा भी सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई तरह की पाबंदियां लागू की हैं। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर भी अयोध्या में बहस आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

केरल के सीएम ने कहा- सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर कानून संभव नहीं
4 November 2019
तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने सोमवार को कहा कि सबरीमाला के अयप्पा मंदिर (Ayyapa Temple) में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए कोई कानून लाना राज्य सरकार के लिए संभव नहीं है. विजयन ने विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ के एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि शीर्ष अदालत का 28 सितंबर, 2018 का फैसला जल्लीकट्टू या बैलगाड़ी दौड़ से संबंधित फैसले जैसा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित उच्चतम न्यायालय का फैसला मौलिक अधिकारों से जुड़ा फैसला है. राज्य सरकार शीर्ष अदालत का फैसला लागू करने के लिए बाध्य है.''
उन्होंने कहा कि जो लोग सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर कानून लाने की बात करते हैं, वे श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं. माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पिछले वार्षिक तीर्थाटन सत्र के दौरान रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर आलोचना से घिर गयी थी.

महाराष्ट्र में बीजेपी CM और कई अहम मंत्रालयों पर 'कोई समझौता नहीं' के रुख पर कायम
4 November 2019
नई दिल्ली: एक ओर महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी पर 50-50 फॉर्मूले को लेकर बीजेपी पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं आज दिल्ली में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और महासचिव भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की है. वहीं बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी इंतजार करो और देखो की रणनीति अपना रही है और लगता है कि शिवसेना से बातचीत की अभी उम्मीद है. अगले दो दिन में सरकार गठन की संभावना बेहद कम है लेकिन आठ नवंबर तक गतिरोध का हल निकलने की बीजेपी को उम्मीद है. लेकिन पार्टी का इस पर भी रुख साफ है कि मुख्यमंत्री पद और महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर कोई समझौता नहीं होगा.
आपको बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत आज शाम ही महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलने वाले हैं और खबरों के मुताबिक वह इस मुलाकात में राज्यपाल से कह सकते हैं कि वह सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें. इसके साथ ही संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है अगर बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब नहीं होती है तो शिवसेना इस पर दावा कर सकती है. वहीं आज ही दिल्ली में आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की भी मुलाकात होनी है. इससे पहले संजय राउत भी शरद पवार से मुलाकात कर चुके हैं. इसके बाद से इस बात के कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन लेकर सरकार बनाएगी.

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना- ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘बाय फ्रॉम चाइना’ हो गया
4 November 2019
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने क्षेत्रीय समग्र आर्थिक समझौते (RECP) को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया' अब ‘बाय फ्रॉम चाइना' (चीन से खरीदो) हो गया है. इसके साथ ही राहुल ने RECP से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए यह दावा भी किया कि RECP से भारत में सस्ते सामान की बाढ़ आ जाएगी, जिससे लाखों नौकरियां चली जाएंगी और अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचेगाराहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मेक इन इंडिया' अब ‘बाय फ्रॉम चाइना' बन गया है. हर साल हम प्रति भारतीय के लिए 6000 रुपये की वस्तुओं का आयात करते हैं. 2014 के बाद से आयात में 100 फीसदी का इजाफा हुआ है.'
राहुल ने दावा किया, ‘RECP से भारत में सस्ते सामान की बाढ़ आ जाएगी, जिससे लाखों नौकरियां चली जाएंगी और अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान होगा.'

चिदंबरम को 1 और दिन की ED कस्टडी भेजने से कोर्ट का इनकार, 14 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजा
30 October 2019
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कस्टडी बढ़ाने से इनकार कर दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने चिदंबरम को तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया. चिदंबरम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. अब चिदंबरम 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे. उन्हें अलग सेल में रखा जाएगा जिसमें वेस्टर्न टॉयलेट होगा. इसके अलावा चिदंबरम को खाना भी घर का मिलेगा.
ईडी ने कोर्ट से 1 और दिन का रिमांड मांगा था. बता दें कि चिदंबरम अब तक 13 दिन की ईडी की हिरासत में रह चुके हैं. ईडी ने कोर्ट से कहा कि चिदंबरम की तबियत खराब थी. लिहाजा, एम्स में इलाज कराया गया, इसलिए ज्यादा समय तक पूछताछ नहीं हो पाई. फिलहाल, और कुछ सवालों के जवाब ईडी को चिदंबरम से चाहिए.
चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने एक दिन कस्टडी के ईडी की मांग का विरोध करते हुए कहा कि क्या 14 दिन की कस्टडी के दौरान किसी से आमना सामना नहीं कराया. हर दिन की कहानी ईडी की एक ही है. 14 दिन में चिदंबरम का आमना सामना ईडी ने किसी से नहीं कराया.
ईडी ने कोर्ट में कहा, 'हमने आईएनएक्स मामले में कई लोगों को सम्मन जारी किया. चिदंबरम बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है लिहाजा दूसरे आरोपियों को ईडी तक पहुचाने में रोक भी सकते है.
चिदंबरम की ताजा मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में दायर की. ईडी ने कोर्ट से कहा कि अभी भी कानून एक दिन कस्टडी पी चिदंबरम का उन्हें मिल सकता है. लिहाजा, विरोध करने का कोई आधार नही बनता. अभी भी मामले में जांच चल रही है और चिदंबरम से सवाल पूछे जा रहे है. चिदंबरम के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल एजेंसी रख रही है.

ईयू सांसदों ने कहा- कश्मीर भारत का आंतरिक मसला, उसे दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते
30 October 2019
श्रीनगर. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिन के दौरे पर है। बुधवार को सांसदों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है। हम यहां की राजनीति में उलझकर कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते। डेलिगेशन के एक सांसद थिएरी मारियानी ने कहा कि हम आतंकवाद से पीड़ित रहे कश्मीर की स्थिति देखने आए हैं।
मरियानी ने कहा, भारतीय मीडिया का एक वर्ग हमें नाजीवादी बता रहा है, लेकिन अगर हम ऐसे होते तो जनता हमें नहीं चुनती। इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि ईयू के सांसदों को यूनियन ने नहीं भेजा है, ये लोग नाजीवादी हैं।
यूरोपियन आर्थिक और सामाजिक कमेटी के अध्यक्ष हेनरी मलोस ने कहा कि कश्मीर के पास वो सबकुछ है जिससे यह सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र बन सकता है। भारत विकास के स्तर पर अच्छा विकास कर चुका है, जबकि कश्मीर सब्सिडी मिलने के बावजूद अपनी स्थिति की वजह से पिछड़ा है।
उन्होंने आगे कहा, कश्मीर दौरे से हमें जो संदेश मिला है वो यह है कि अभी उम्मीद है। हमें यहां अच्छी स्वास्थ्य स्थिति, संचार, इन्फ्रास्ट्रक्चर के नए प्रोजेक्ट्स और शिक्षा का समर्थन करना होगा। मलोस ने कहा कि हमें फासीवादी और नस्लवादी तक कहा जा रहा है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमें पता है कि कश्मीर दुर्भाग्य से खतरे में है। कल ही 5 निर्दोष मजदूरों की हत्या हो गई।
एक सांसद ने कहा, ''पहले भी कई बार भारत आ चुका हूं। कश्मीर को लेकर कई तरह से दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो सही नहीं है। हमें यहां राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। हम सिर्फ तथ्य जानने के लिए आए हैं। यहां सामान्य जीवन पटरी पर लाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं, यही जानना चाहते हैं।''
''कश्मीर के लोगों ने बताया कि वे भारतीय हैं और वे विकास के लिए हर संभव सरकार की मदद करना चाहते हैं। कश्मीर के नागरिक अच्छे अस्पताल और नौकरी चाहते हैं। मैं पाकिस्तान और सीरिया भी जा चुका हूं। आतंकी सिर्फ अपनी लड़ाई लड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई चल रही है।''
'कश्मीर में भ्रष्टाचार, केंद्र से भेजा पैसा लोगों को नहीं मिलता'
दूसरे सांसद ने कहा, ''कल आतंकियों ने जिन मजदूरों को मारा, उनके परिवार के प्रति संवेदना जताता हूं। यूरोप में हम एक-दूसरे के खिलाफ कई सालों से लड़ते रहे, लेकिन अब हमने शांति से रहना सीख लिया है। यूरोप और भारत के बीच काफी मजबूत रिश्ते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। हम यहां यही स्थिति जानने आए हैं। हमने लोगों से बात की। कश्मीर के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार से बड़ा फंड आता है, लेकिन वह नागरिकों तक नहीं पहुंच पाता। यहां बहुत भ्रष्टाचार है।''
''हम यहां कश्मीर को लेकर जो सोच बन रही है, उसे जानने आए हैं। आतंकवाद सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि हमारी और विश्वभर की समस्या है। हम भारत के साथ हैं। भारत यूरोप के कई देशों से बड़ा है। हम चाहते हैं कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए, इसमें हम उसके साथ बराबरी से खड़े हैं। हम कश्मीर की स्थिति जानने आए हैं। हम नाजीवादी नहीं हैं। हम हिटलर समर्थक नहीं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यूरोप को कश्मीर और भारत के बारे में हमारे द्वारा सही जानकारी मिल पाएगी।''
'कश्मीर में सुधार के प्रयास बेहतर, लोगों से यहां घूमने को कहेंगे'
ब्रिटेन के सांसद ने कहा कि 370 भारत का आंतरिक मामला है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हमने पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश की। यहां हमने कई लोगों से बात की। विकास के लिए अच्छा काम हो रहा है। भारत में प्रेस की आजादी अच्छी बात है। हमें लोगों ने अपनी आजादी से चुना है। हम नाजी नहीं हैं। अन्य सांसद ने कहा कि कश्मीर में सुधार के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वे ठीक हैं। हम यूरोप जाकर इन्हें बताएंगे। प्रतिनिधिमंडल में 8 देशों के सांसद हैं। हम यूरोप के लोगों से कश्मीर घूमने की बात कहेंगे। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए। पाकिस्तान और वहां के अल्पसंख्यकों की स्थिति को भी यूरोप जाकर बताएंगे।
ईयू सांसदों ने डल झील में शिकारे से सैर की, लोगों से मिले
ईयू के 27 सांसदों को कश्मीर जाना था, लेकिन मंगलवार को 4 दिल्ली से वापस लौट गए। बताया जाता है कि इन चारों ने बिना सुरक्षा स्थानीय लोगों से मुलाकात की मांग की थी, जिसे सरकार ने नहीं माना। सांसदों ने पहले दिन श्रीनगर में पंच-सरपंचों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, व्‍यापारियों और फल उत्‍पादकों से मुलाकात की। उन्होंने डल झील में शिकारे से सैर की। सेना के कमांडरों ने उन्हें कश्मीर की स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और डीजीपी ने भी सांसदों को राज्य के हालात का ब्यौरा दिया। ईयू सांसदों ने सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी।
हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं, सिर्फ दिखाने को है: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कांग्रेस के विरोध पर कहा, ‘‘जब अनुच्छेद-370 हटा था, तब शांति-व्यवस्था के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए गए थे। हालात सामान्य होते ही सब रोक हटा ली गई। अब हमारे पास कुछ छिपाने को नहीं, सिर्फ दिखाने को है। कश्मीर जाना है तो कांग्रेस के नेता भी फ्लाइट पकड़कर जा सकते हैं। गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, सैर करें, घूमें-टहलें। उन्हें किसने रोका है? देशी-विदेशी सभी पर्यटकों के लिए कश्मीर को खोल दिया गया है। ऐसे में विदेशी सांसदों के दौरे को लेकर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं।’’
‘यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही’ इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि भारतीय सांसदों की कश्मीर यात्रा पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और श्रीनगर से वापस भेज दिया गया। वहीं यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही है। इससे पहले कांग्रेस आनंद शर्मा ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय सांसद कश्मीर जा रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। ये भारतीय संसद की संप्रभुता के खिलाफ है और भारतीय सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख कल से केंद्र शासित प्रदेश होंगे, उर्दू की बजाय हिंदी में काम होगा
30 October 2019
नई दिल्ली (मुकेश कौशिक). जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर गुरुवार से दो नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आ जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि यहां की आधिकारिक भाषा उर्दू की जगह हिंदी हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर देश का एकमात्र राज्य था, जहां आधिकारिक भाषा उर्दू थी। अब यहां आधार समेत 106 नए कानून पहली बार लागू होंगे। विशेष राज्य का दर्जा होने से यहां 153 कानून विशेष रूप से लागू किए गए थे, जो खत्म हो जाएंगे।
जेएंडके पुनर्गठन अधिनियम के सेक्शन 47 के मुताबिक नई विधानसभा का गठन होने के बाद नई सरकार किसी एक या इससे अधिक भाषाओं को प्रशासन के कामकाज की भाषा चुन सकेगी। ऐसी स्थिति में भी हिंदी के आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने का विकल्प बना रहेगा। विधानसभा में भी यही व्यवस्था लागू होगी। विधानसभा का कामकाज निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा तय की गई भाषा या हिंदी या अंग्रेजी में होगा। वीरवार से मुस्लिम बहुल इस केंद्र शासित प्रदेश में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक के रूप में दर्जा और अधिकार भी मिलेंगे। राज्य में दो नए रेडियो स्टेशन भी लॉन्च किए जाएंगे।
लद्दाख चंडीगढ़ और जेएंडके पुडुचेरी की तर्ज पर काम करेगा
लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश चंंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर पुड्‌डुचेरी के मॉडल की तर्ज पर काम करेगा। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं और परिसीमन के बाद इनकी संख्या 114 तक पहुंच जाएगी। इनके अलावा लेफ्टिनेंट गवर्नर को विधानसभा में दो महिला सदस्य मनोनीत करने का अधिकार रहेगा। विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सीटों की संख्या भी उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षित की जाएगी। सभी आयोग भंग कर दिए जाएंगे।
पहली बार लागू होंगे ये कानून
पहली बार 106 नए कानून लागू होंगे। इनमें आधार, मुस्लिम विवाह विच्छेद कानून, शत्रु संपत्ति कानून, मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन एक्ट, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, आरटीआई, शिक्षा का अधिकार, व्हिसल ब्लोअर शामिल हैं।
पुलिस-प्रशासन और नियुक्ति
इन सेवाओं के अधिकारियों के बंटवारे में दोनों प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नरों की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी। इन केंद्रीय सेवाओं के लिए नियुक्तियां अरुणाचल, गोवा, मिजोरम यूनियन टेरेटरी काडर से की जाएगी।
टोल टैक्स में छूट जारी रहेगी
नया केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद यहां के जिन वाहनों को टोल टैक्स में छूट है, वह केंद्र के नए फैसले तक जारी रहेगा। परमिट भी नई व्यवस्था तक वैध रहेंगे। लद्दाख के वाहनों को एलडीके की नंबर प्लेट मिलने की संभावना है।

आज धनतेरस पर खरीदारी के 5 मुहूर्त, शाम को होगी भगवान धन्वंतरि और यमराज की पूजा
25 October 2019
दीपावली का त्योहार धनतेरस से प्रारंभ होता है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस पर भगवान धनवंतरी और धर्मराज यम की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा जाता है, उसमें लाभ होता है। धन संपदा में भी इजाफा होता है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा आध्यात्मिक मान्यताओं में दीपावली की महानिशा से दो दिन पहले आने वाला यह दिन धन ही नहीं, चिकित्सा जगत की समृद्ध विरासत का भी प्रतीक है।
धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के मुहूर्त
सुबह 8:10 से 10:35 तक
सुबह 11:42 से दोपहर 12:20 तक
दोपहर 12:10 से 01:20
शाम 04:17 से 05:35 तक
रात 09:00 से 10:25 तक
कैसे मनाएं
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर नहाने के बाद पूरे घर में झाड़ू-पौंछा लगाएं। इसके बाद आंगन को गोबर से लिपकर वहां पर रंगोली बनाएं।
नए कपड़े पहनें और घर के मुख्य स्थानों पर हल्दी और कुमकुम से स्वस्तिक और अन्य मांगलिक चिन्ह बनाएं।
इस दिन आभूषण, कपड़े, वाहन और महत्वपूर्ण खरीदारी के साथ बर्तन खरीदने की भी परंपरा
इस दिन शाम को पूरे घर को दीपक से सजाएं और प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि और धर्मराज यम की पूजा करें।
इस दिन हल जुती मिट्टी को दूध में भिगोकर उसमें सेमर की शाखा डालकर तीन बार अपने शरीर पर फेरना चाहिए और कुंकुम लगाना चाहिए।
सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में घाट, गौशाला, कुआं, बावड़ी, तुलसी, आंवला के साथ अन्य औषधि पौधों के पास और देव मंदिरों पर दीपक जलाना चाहिए।
धन्वंतरि पूजा विधि
नहाकर साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र को साफ स्थान पर इस तरह स्थापित करें कि पूजा करने वाले का मुंह पूर्व दिशा की ओर हो। उसके बाद भगवान धन्वंतरि का आह्वान करते समय ये मंत्र बोलें।
मंत्र
सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं
अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य।
गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।।
इसके बाद पूजा चावल चढ़ाएं फिर आचमन के लिए जल दें। भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र पर गंध, अबीर, गुलाल पुष्प, रोली और अन्य सुगंधित एवं पूजा सामग्री चढ़ाएं। फिर चांदी के बर्तन में खीर का भोग लगाएं। चांदी का बर्तन न हो तो अन्य किसी नए या साफ बर्तन में भी भोग लगा सकते हैं। इसके बाद पुन: आचमन के लिए जल छोड़ें। मुख शुद्धि के लिए पान, लौंग, सुपारी चढ़ाएं। भगवान धन्वंतरि को वस्त्र या मौली अर्पण करें। फिर शंखपुष्पी, तुलसी, ब्राह्मी आदि पूजनीय औषधियां भी भगवान धन्वंतरि को अर्पित करें और रोग नाश की कामना के लिए नीचे लिखा मंत्र
मंत्र
ऊं रं रूद्र रोग नाशाय धनवंतर्ये फट्
इसके बाद भगवान धन्वंतरि को प्रणाम कर के नीचे लिखा मंत्र बोलें फिर भगवान धन्वंतरि को श्रीफल व दक्षिणा चढ़ाएं एवं अंत में कर्पूर आरती करें।
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये: अमृतकलश हस्ताय
सर्वभय विनाशाय सर्वरोगनिवारणायत्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय
श्री महाविष्णुस्वरूप श्री धन्वंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
यम पूजा
वैदिक देवता यमराज का पूजन किया जाता है। पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। यह पूजा दिन में नहीं की जाती अपितु रात्रि होते समय यमराज के निमित्त एक दीपक जलाया जाता है। इस दिन यम के लिए आटे का चतुर्मुख यानी 4 बत्तियों वाला तेल का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखें इस दीप को जमदीवा अर्थात् यमराज का दीपक कहा जाता है। दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए। जल, रोली, फूल, चावल, गुड़, नैवेद्य आदि सहित यमराज और दीपक का पूजन करें। दीप जलाते समय पूर्ण श्रद्धा से यमराज को नमन तो करें ही, साथ ही यह भी प्रार्थना करें कि वे आपके परिवार पर दया दृष्टि बनाए रखें और किसी की अकाल मृत्यु न हो।
महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवन्तरी, चतुर्दशी को मां काली और अमावस्या को लक्ष्मी माता सागर से उत्पन्न हुई थीं। कार्तिक कृष्णपक्ष त्रयोदशी को धनवन्तरी के प्रकट होने के उपलक्ष में धनतेरस मनाया जाता है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय धनवन्तरी ने संसार को अमृत प्रदान किया था। पुराणों में धन्वंतरि को भगवान विष्णु का अंशावतार भी माना गया है।
आमतौर पर लोग धनतेरस के दिन कुबेर की पूजा करते हैं, लेकिन काफी कम लोग यह जानते हैं कि इस दिन सिर्फ धन ही नहीं बल्कि आप अपनी तंदुरुस्ती और स्वास्थ्य को भी संवार सकते हैं। इस दिन आयुर्वेद के जनक महर्षि धन्वंतरि की विधिवत पूजा करने से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। अच्छी सेहत सबसे बड़ा धन है। यदि स्वस्थ देह ही न हो, तो माया किस काम की। शायद इसी विचार को हमारे मनीषियों ने युगों पहले ही भांप लिया था। उत्तम स्वास्थ्य और स्थूल समृद्धि के बीच की जागृति का पर्व है धनतेरस, जो प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।

पाक ने शुल्क में नहीं दी छूट, 1400 रु. देकर बिना वीजा जा सकेंगे श्रद्धालु
25 October 2019
लाहाैर/डेरा बाबा नानक (एजेंसी). ऐतिहासिक करतारपुर काॅरिडाेर खोलने के लिए भारत अाैर पाकिस्तान ने गुरुवार काे बहुप्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। कश्मीर मुद्दे पर अापसी रिश्ताें में तनाव के बीच दस्तखत की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीराे पाॅइंट पर हुई। इसके साथ ही काॅरिडाेर खाेलने की राह में बड़ी कानूनी अड़चन हट गई। अब भारत के सिख श्रद्धालु बिना वीजा के पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे तक जा सकेंगे। इसके लिए अाॅनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हाे गए।
समझाैते के तहत श्रद्धालु सुबह पाकिस्तान जाएंगे अाैर गुरुद्वारे में दर्शन के बाद शाम काे भारत लाैट अाएंगे। राेज 5 हजार श्रद्धालुअाें काे बिना वीजा जाने की इजाजत हाेगी। हालांकि, पाक ने शुल्क में छूट नहीं दी है। हर यात्री से पाकिस्तान 20 डाॅलर (करीब 1400 रुपए) शुल्क वसूलेगा। समझाैते काे अंतिम रूप देने के लिए चली तीन दाैर की बातचीत में भारत ने पाकिस्तान से यह फीस नहीं लगाने का अाग्रह किया था। यह काॅरिडाेर भारत के डेरा बाबा नानक काे करतारपुर गुरुद्वारे से जाेड़ेगा। पाकिस्तानी पंजाब के नराेवाल जिले में स्थित यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से सिर्फ चार किलाेमीटर दूर है। गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अाखिरी 18 साल यहां बिताए थे। अभी ज्यादातर सिख श्रद्धालु दूरबीन से इसके दर्शन करते हैं।
भारतीय सीमा से गुरुद्वारे तक पाक ने काॅरिडाेर बनाया
समझाैते पर भारत की अाेर से गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास अाैर पाकिस्तान की अाेर से विदेश विभाग के प्रवक्ता माेहम्मद फैसल ने दस्तखत किए। फैसल ने कहा कि इमरान खान ने वादा निभाते हुए एक साल में काॅरिडाेर पूरा कर दिया। 12 नवंबर काे गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशाेत्सव से पहले 9 नवंबर काे इमरान खान काॅरिडाेर का उद्घाटन करेंगे। भारत में पंजाब के गुरदासपुर में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने करतारपुर काॅरिडाेर का शिलान्यास किया था। दाे दिन बाद इमरान खान ने नराेवाल में इसकी नींव रखी थी। भारतीय सीमा से लेकर गुरुद्वारे तक पाकिस्तान ने काॅरिडाेर बनवाया है। जीराे पाॅइंट पर करतारपुर काॅरिडाेर काे नेशनल हाईवे 354 से जाेड़ने के लिए फाेर लेन हाईवे बना है।
यात्रा की तारीख से 4 दिन पहले एसएमएस से मिलेगी सूचना
करतारपुर काॅरिडाेर से जाने के लिए वेबसाइट prakashpurb550.mha.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना हाेगा। श्रद्धालु यात्रा के लिए अपनी पसंद का दिन चुन सकते हैं। यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले पाक काे यात्रियाें की सूची भेजी जाएगी। यात्रा से 4 दिन पहले श्रद्धालुअाें काे एसएमएस से कन्फर्मेशन भेजा जाएगा। साथ ही इलेक्ट्राॅनिक ट्रैवल अॉथाेराइजेशन जारी किया जाएगा। यात्रियाें काे पासपाेर्ट व ईटीए साथ रखना हाेगा। भारत से किसी भी धर्म का अनुयायी काॅरिडाेर के जरिये दर्शन करने जा सकता है। काॅरिडाेर पूरे साल खुला रहेगा। यात्री अकेले, ग्रुप में या फिर पैदल जा सकेंगे। पाक ने श्रद्धालुअाें के लिए पर्याप्त लंगर व प्रसाद की व्यवस्था करने का भराेसा दिलाया है। श्रद्धालुअाें काे सिर्फ कृपाण साथ ले जाने की इजाजत दी गई है। वाई-फाई-ब्रॉडबैंड उपकरण, भारत या पाक की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देने वाले झंडे-बैनर अाैर शराब जैसी कई वस्तुएं नहीं ले जा सकेंगे। हथियार, गोला बारूद, विस्फोटक पदार्थ, मादक पदार्थ, चाकू, ब्लेड, जाली नोट, मोहर व सिक्के, भारत-पाक की बाहरी सीमाओं के गलत चित्रण वाले मानचित्र और साहित्य ले जाने पर मनाही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से 92000 करोड़ रु वसूलने की इजाजत दी
25 October 2019
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के विवाद से संबंधित 92000 करोड़ रुपए वसूलने की इजाजत दे दी। कंपनियों को जुर्माना और ब्याज भी चुकाना पड़ेगा। अदालत ने गुरुवार को फैसला देते हुए दूरसंचार विभाग द्वारा तय एजीआर की परिभाषा को बरकरार रखा। अदालत ने टेलीकॉम कंपनियों की अपील खारिज कर दी। साथ ही कहा कि इस मामले में अब और मुकदमेबाजी नहीं होगी। बकाया भुगतान की गणना के लिए समय अवधि तय की जाएगी। एजीआर विवाद क्या है? टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर का 3% स्पेक्ट्रम फीस और 8% लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को देना होता है। कंपनियां एडीआर की गणना टेलीकॉम ट्रिब्यूनल के 2015 के फैसले के आधार पर करती हैं। ट्रिब्यूनल ने उस वक्त कहा था कि किराए, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ, डिविडेंड और ब्याज जैसे नॉन कोर स्त्रोतों से प्राप्त रेवेन्यू को छोड़ बाकी प्राप्तियां एजीआर में शामिल होंगी। विदेशी मुद्रा विनिमय (फॉरेक्स) एडजस्टमेंट को भी एजीआर में माना गया। हालांकि फंसे हुए कर्ज, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कबाड़ की बिक्री को एजीआर की गणना से अलग रखा गया। दूरसंचार विभाग किराए, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ और कबाड़ की बिक्री से प्राप्त रकम को भी एजीआर में मानता है। इसी आधार पर वह टेलीकॉम कंपनियों से बकाया फीस की मांग कर रहा था।
किस कंपनी पर कितनी लाइसेंस फीस बकाया?
कंपनी बकाया (रुपए)
भारती एयरटेल 21,682.13 करोड़
वोडाफोन 19,823.71 करोड़
रिलायंस कम्युनिकेशंस 16,456.47 करोड़
बीएसएनएल 2,098.72 करोड़
एमटीएनएल 2,537.48 करोड़

दूरसंचार विभाग ने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर टेलीकॉम कंपनियों पर बकाया लाइसेंस फीस की जानकारी दी थी। कुल 92,641.61 करोड़ रुपए का बकाया बताया गया था।
फैसले का असर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों के शेयर 23% तक लुढ़क गए। वोडाफोन-आइडिया का शेयर इतने नुकसान में रहा। भारती एयरटेल का शेयर इंट्रा-डे में 6% गिर गया। हालांकि, क्लोजिंग 3% बढ़त के साथ हुई।
टेलीकॉम सेक्टर पर आर्थिक बोझ कम करने की जरूरत: भारती एयरटेल
भारती एयरटेल ने कहा कि एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से टेलीकॉम सेक्टर को नुकसान होगा। सरकार को इसके असर की समीक्षा करते हुए पहले से मुश्किलों से गुजर रहे टेलीकॉम सेक्टर पर आर्थिक बोझ कम करने का रास्ता तलाशना चाहिए। सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि यह फैसला टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका है।

एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय होगा, गेहूं के समर्थन मूल्य में 85 रुपए का इजाफा
23 October 2019
नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को रबी की फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी समेत कई अहम फैसले हुए। आर्थिक संकट से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल का बीएसएनएल में मर्जर होगा। दोनों कंपनियों के रिवाइवल के लिए सरकार के लिए सरकार 29,937 करोड़ रुपए खर्च करेगी। 15 हजार करोड़ रुपए सॉवरेन बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे। अगले चार साल में इन कंपनियों की 38 हजार करोड़ रुपए की संपत्तियां बेची जाएंगी। कर्मचारियों के लिए वीआरएस की योजना भी है।
कैबिनेट ने रबी की फसल के समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की मंजूरी भी दी। प्रमुख फसल गेहूं का एमएसपी 85 रुपए बढ़कर 1925 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है, पहले 1840 रुपए था। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, रविशंकर प्रसाद और हरदीप सिंह पुरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट के अन्य फैसले
* दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे 40 लाख लोगों को मालिकाना अधिकार दिया जाएगा, इसके लिए संसद के शीत सत्र में बिल पेश किया जाएगा।
* नॉन ऑयल कंपनियां भी फ्यूल रिटेल कारोबार कर सकेंगी।

घाटी से जाकिर मूसा के आतंकी संगठन का सफाया, आखिरी दहशतगर्द लल्हारी का भी खात्मा: डीजीपी
23 October 2019
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार को दावा किया कि राज्य से जाकिर मूसा के आतंकी संगठन गजवत उल हिंद का सफाया हो गया है। उन्होंने कहा कि इस संगठन का आखिरी आतंकी अब्दुल हमीद लल्हारी मंगलवार को अंवतीपोरा में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया।
दिलबाग सिंह ने कहा- फिलहाल राज्य से गजवत उल हिंद का सफाया हो गया है, लेकिन भविष्य में यह संगठन फिर पनप सकता है।
अल-कायदा से जुड़ा था गजवत उल हिंद
जाकिर मूसा के बाद गजवत को संभाल रहा लल्हारी उन तीन आतंकियों में शामिल था, जिन्हें सुरक्षाबलों ने अवंतीपोरा में हुए एनकाउंटर में मार गिराया था। सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर काम कर रहे थे, जबकि गजवत उल हिंद अल-कायदा से जुड़ा हुआ था। आतंकियों के खिलाफ अभियान तेजी पकड़ रहा है।
‘आतंकी संगठनों में युवाओं के शामिल होने की रफ्तार धीमी’
सिंह ने कहा, ‘‘जाकिर मूसा घाटी में 2016 में एक्टिव हुआ था और कुछ बड़े हमलों को अंजाम दिया। कुछ लोग कह रहे थे कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद माना जा रहा था कि युवा बड़ी तादाद में आतंकी संगठनों में शामिल होंगे, लेकिन इस दौरान युवाओं के इन संगठनों में शामिल होने की रफ्तार कम रही। हालांकि, कुछ युवा संगठनों में शामिल हुए हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वे आतंकी बने या नहीं।’’
‘बच्चों को हिरासत में लिए जाने की बात प्रोपेगैंडा’
बच्चों को हिरासत में लिए जाने के एक सवाल पर डीजीपी ने कहा- कई जगह गलत बातें फैलाई जा रही हैं, यह प्रोपेगैंडा है। कुछ बेहद गैर-जिम्मेदाराना मीडिया धड़ों में इस बात को फैलाया जा रहा है। इन लोगों ने बिना किसी साक्ष्य और आंकड़ों के ही इस तरह की बातें कहनी शुरू कर दीं। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि जो भी एक्शन लिया गया होगा, उसके पीछे बेहद मजबूत वजह रही होगी।

हमलावरों ने कमलेश तिवारी पर चाकू से 15 वार किए थे, फिर चेहरे पर गोली मारी: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
23 October 2019
लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार को सामने आई। आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन ने बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया था। कमलेश के सीने में चाकू से 15 वार किए गए। 18 अक्टूबर को लखनऊ में कमलेश की हत्या कर दी गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कमलेश के सीने में बाईं ओर 7 जख्म मिले हैं। चाकू से गला रेतने के निशान भी मिले हैं। हमलावरों ने कमलेश के चेहरे के बाईं तरफ गोली मारी थी, जो अंदर फंसी मिली।
गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से हुई हत्यारोपियों की गिरफ्तारी
कमलेश तिवारी मर्डर केस के मुख्य आरोपी अशफाक (34) और मोइनुद्दीन (27) को गुजरात एटीएस ने मंगलवार रात राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया था। अशफाक और मोइनुद्दीन दोनों सूरत के रहने वाले हैं। शाहजहांपुर में घेराबंदी किए हुई पुलिस को चकमा देकर दोनों लोग यूपी से निकल गए थे। रास्ते से सूरत में परिवार से संपर्क कर पैसों का बंदोबस्त करने को कहा था। बस, यही कॉल गुजरात एटीएस ने ट्रेस कर ली और हत्यारोपियों तक पहुंच गई।


स्वदेशी होवित्जर तोप सेना में शामिल, अमेरिका से गाइडेड गोले खरीदे; 50 किमी से ज्यादा दूरी के लक्ष्य को भेदने में सक्षम
17 October 2019
नई दिल्ली. भारत ने सैन्य शक्ति बढ़ाते हुए स्वदेशी होवित्जर तोप धनुष को सेना में शामिल किया है। इसके लिए अमेरिका से गाइडेड गोले खरीदे गए हैं। शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे 50 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक के लक्ष्यों पर निशाना साधा जा सकता है। यह जीपीएस सिस्टम से लैस है। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से यह घनी आबादी में भी दुश्मन पर सटीक निशाना साध सकती है। आर्मी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका से गाइडेड गोले फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
बुधवार को हुए आर्मी कॉन्फ्रेंस में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के नए पद को लेकर भी चर्चा की गई। शीर्ष अफसरों ने उन सैनिकों के लिए बढ़ाए गए अनुदान राशि के प्रस्तावों पर भी चर्चा की, जिन्हें 10 साल की सेवा से पहले चोटों और दिव्यांगता के कारण बाहर कर दिया गया था।
अधिकारियों के डेटा का विवरण अब बेहतर तरीके से रखा जाएगा
अधिकारियों के रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से रखने के लिए ऑफिसर्स ऑटोमेटेड इन्फॉर्मेशन सिस्टम (ओएएसआईएस) को भी शुरू किया गया है। ओएएसआईएस को आर्मी इंट्रानेट के जरिए चलाया जाएगा। इसमें प्री-कमीशनिंग से लेकर रिटायरमेंट तक हर अधिकारी के डेटा का विवरण होगा।

कश्मीर से आए सेबों की पेटियों पर लिखे आजादी के नारे, फल विक्रेताओं ने बहिष्कार की धमकी दी
17 October 2019
जम्मू. यहां के कुछ फल विक्रेताओं को कठुआ जिले से आए पेटियों में सेब पर "हमें चाहिए आजादी', "मुझे बुरहान वानी पसंद है' और "जाकिर मूसा लौटेगा' जैसे नारे लिखे मिले। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की है। फल विक्रेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस बारे में कार्रवाई नहीं करता है, तो हम कश्मीर से सेब मंगाना ही बंद कर देंगे।
एक फल विक्रेता रोहित गुप्ता ने बताया कि कठुआ की थोक मंडी से आए सेब पर काले अक्षरों में अंग्रेजी और उर्दू में पाकिस्तान और आतंकी समर्थक नारे लिखे हुए थे। इस बीच, पुलिस ने पेटियां जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यात्रा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद टूर ऑपरेटर कश्मीर पहुंचे
जम्मू-कश्मीर में सैलानियों और तीर्थयात्रियों को यात्रा की मंजूरी बहाल होने के बाद बुधवार को प्रमुख टूर ऑपरेटर कश्मीर पहुंचे। वहां उन्होंने जमीनी स्तर पर हकीकत का जायजा लिया। टूर ऑपरेटर्स ने बताया कि पर्यटन राज्य का मुख्य जरिया है। यात्रा की मंजूरी मिलने से राज्य आगामी सीजन में सैलानियों से फिर गुलजार हो जाएगा।
सौरा में हिंसा कराने के आरोपी हयात अहमद भट को पुलिस ने पकड़ा
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 6 और 7 अगस्त को श्रीनगर के बाहरी इलाके में हिंसा फैलाने की साजिश रचने वाले हयात अहमद भट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोप लगाया कि भट श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर जेनाब साहिब सौरा के आसपास उपद्रवियों को जुटाने में भूमिका निभाई थी।
आतंकियों ने गैर कश्मीरी सेब कारोबारी और मजदूर की हत्या की, तीन आतंकी भी मारे गए
आतंकियों ने शोपियां में दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। पंजाब के सेब कारोबारी चरणजीत सिंह और संजीव सिंह को बुधवार शाम करीब 7:30 बजे तीन-चार आतंकियों ने गोली मार दी। दोनों को गंभीर हालत में पुलवामा अस्पताल ले जाया गया, जहां चरणजीत सिंह ने दम तोड़ दिया, वहीं संजीव की हालत नाजुक है। सोमवार को पोस्टपैड मोबाइल फोन सेवाएं शुरू होने के बाद शोपियां में ही राजस्थान के भरतपुर जिला निवासी ट्रक ड्राइवर शरीफ को चार आतंकियों ने सेब का ट्रक ले जाते वक्त मार डाला था। पुलवामा जिले में आतंकियों ने बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ के बेसोली निवासी सेठी कुमार सागर की हत्या कर दी। वह मजदूरी करता था। आतंकियों द्वारा तीन दिन में गैर कश्मीरी की हत्या की यह तीसरी वारदात है।

वरिष्ठ अफसरों और साथियों की प्रताड़ना से तंग आकर बीएचईएल की महिला अफसर ने आत्महत्या की
17 October 2019
हैदराबाद/भोपाल. हैदराबाद के बीएचएईएल में बतौर डिप्टी ऑफिसर (अकाउंट्स) कार्यरत भोपाल की रहने वाली नेहा चौकसे ने साथियों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार को आत्महत्या कर ली। नेहा ने सुसाइड नोट में बीएचईएल के डीजीएम रैंक के अफसर और उसके साथियों द्वारा फोन हैक किए जाने, प्रताड़ित करने, उत्पीड़न करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का जिक्र किया है। आत्महत्या से पहले नेहा ने अलग-अलग जगहों पर सहकर्मियों की हरकतों के बारे में शिकायत भी की थी। तेलंगाना पुलिस में फोन हैक किए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
डीजीएम ने प्रताड़ित किया
नेहा ने अपने एक पत्र में लिखा कि पति के साथ रहने के लिए उसने भोपाल बीचएईएल से हैदराबाद बीएचईएल में ट्रांसफर लिया था। हैदराबाद बीएचईएल में काम करने वाले डीजीएम फाइनेंस आर्थर किशोर कुमार ने उसे पिछले दो महीने में काफी प्रताड़ित किया। आर्थर ने नेहा का फोन भी हैक कर लिया। नेहा ने इस पत्र में आर्थर किशोर कुमार के अलावा मोहनलाल सोनी, तीरथभासी स्वेन, सीताराम पेंटाकोटा और महेश कुमार के नाम भी लिए हैं। ये लोग नेहा पर अश्लील फब्तियां कसते थे। नेहा के पत्र के मुताबिक, आर्थर ने उसे जान से मारने की साजिश रच ली थी।
नेहा ने सुसाइड नोट में भोपाल बीएचईएल के कर्मियों पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाया
नेहा ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि भोपाल बीएचईएल के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करने वाली नीलिमा, रूचिता, कल्पना, स्वाति और नेहा नाम की महिला ने भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। हैदराबाद तबादला होने के बाद इन लोगों ने वहां भी बदनाम करने की कोशिश की। नेहा ने पत्र मंे लिखा है कि आर्थर ने उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के फोन भी हैक कर लिए थे।

अयोध्या केस: महंत धर्मदास बोले- सुनवाई पूरी होने से खुश हूं, फैसला हमारे हक में आएगा
16 October 2019
नई दिल्ली: अयोध्या मामले में सभी पक्षों की ओर से बुधवार को बहस पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 नवंबर तक फैसला आने की उम्मीद है. अयोध्या मामले में 40 दिनों तक चली लंबी सुनवाई आज पूरी हो गई. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर सभी पक्षों को लिखित में अपना पक्ष रखने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने खुशी जताई. उन्होंने कहा कि फैसला हमारे हक में ही आएगा.
उधर, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के वकील बरूण सिन्हा ने कहा कि न्याय पर सबको भरोसा है उम्मीद की हमारे हक में फैसला आएगा. इसके बाद महंत धर्मदास के वकील वीरेंद्र चौबे ने कहा कि फैसला रामलला विराजमान के हक में आएगा, क्योंकि रामलला एक न्यायिक व्यक्ति है. इधर, हिंदू महासभा के वकील विष्णू शंकर जैन ने कहा कि 40 दिनों तक मैराथन सुनवाई चली अब सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का इंतजार है. उन्होंने कहा कि हमने दलील अपने मेरिट पर रखी है और मुस्लिम पक्ष के वकील के पास कोई मेरिट नहीं था, इसलिए उन्होंने फ्रस्ट्रेशन में आकर नक्शा फाड़ दिया.
वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने इस नक्शे को पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल की किताब से निकालकर अदालत में पेश किया था. ये किताब 2016 में प्रकाशित की गई थी.
मालूम हो कि अयोध्‍या केस में छह अगस्‍त से चल रही नियमित सुनवाई सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद पूरी हो गई. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कहा जा रहा है कि 17 नवंबर से पहले फैसला आ सकता है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर होने वाले हैं. वह इस केस की सुनवाई के लिए गठित संविधान पीठ के मुखिया हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या केस की 40वें दिन की सुनवाई में रामलला विराजमान के सीएस वैद्यनाथन ने अपनी जिरह में कहा कि पैग़ंबर मोहम्मद ने कहा था कि किसी को मस्ज़िद उसी ज़मीन पर बनानी चाहिए, जिसका वह मालिक है. सुन्नी वक्फ बोर्ड जगह पर मालिकाना हक साबित करने में नाकाम रहा और सिर्फ नमाज़ पढ़ने को आधार बना कर ज़मीन दिए जाने की मांग कर रहा है.
अयोध्या मामले में पहले याचिकाकर्ता रहे स्वर्गीय गोपाल सिंह विशारद की तरफ से वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि इमारत में मूर्ति रखने का केस अभिराम दास पर दर्ज हुआ. वही वहां पुजारी थे. वह निर्वाणी अखाड़ा के थे. सेवादार होने का निर्मोही अखाड़ा का दावा गलत है.
इससे पहले जब आज सुनवाई शुरू हुई तो चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्‍पष्‍ट किया कि किसी नए दस्‍तावेज पर विचार नहीं किया जाएगा. दरअसल हिंदू महासभा की हस्‍तक्षेप संबंधी एप्‍लीकेशन को खारिज करते हुए मुख्‍य न्‍यायाधीश ने कहा कि हर हाल में आज शाम 5 बजे तक इस मामले में सुनवाई खत्‍म हो जाएगी. बस बहुत हुआ...चीफ जस्टिस ने बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी को बहस करने की इजाज़त देने से मना किया. कहा कि उनकी याचिका मामले में शामिल नहीं है, वह केवल सुनवाई को सुन सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि हमने ये कल ही कह दिया था कि किसी और को नही सुनेंगे.

अयोध्या केस: योगी सरकार ने 30 नवंबर तक रद्द की अफसरों की छुट्टियां, तैनात होगी अतिरिक्त फोर्स
16 October 2019
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या मामले के संभावित फैसले के मद्देनजर सभी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. योगी सरकार ने 30 नवंबर तक के लिए सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने का फरमान जारी कर दिया है. यूपी सरकार ने फील्ड में तैनात सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. बताया जा रहा है कि योगी सरकार ने आदेश में सभी अधिकारियों को मुख्यालय में बने रहने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि अयोध्या मामले में फैसले के मद्देनजर योगी सरकार ने पहले ही अयोध्या में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी थी.
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई आखिरी दौर में चल रही है. आज सुनवाई का आखिरी दिन है. सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले से पहले उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के मद्देनजर योगी सरकार ने कमर कस ली है. योगी सरकार ने फील्ड में तैनात सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. इसी के साथ अयोध्या में भी पुलिस, अर्धसैनिक बल और जल पुलिस की तैनाती की जा रही है.
वहीं, अयोध्या में दीपावली पर प्रस्तावित दीपोत्सव कार्यक्रम को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस बार दीपोत्सव में पांच लाख 51 हजार दीप जगमगाएंगे. तैयारियों का जायजा लेने के लिए यूपी सरकार के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी सोमवार को अयोध्या पहुंचे थे. अयोध्या फैसला और दीपोत्सव के मद्देनजर अयोध्या में अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. पीएसी के साथ ही 3 जोन से पुलिस फोर्स की डिमांड भेजी गई है. दीपोत्सव की सुरक्षा के लिए 7 एडिशनल एसपी, 20 सीओ, 20 इंस्पेक्टर, 70 सब इंस्पेक्टर, 500 सिपाही और 7 कंपनी पीएसी तैनात रहेगी.

असम: रॉयल बंगाल टाइगर की खाल और हड्डियों के साथ 2 अंतर्राष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार
16 October 2019
पुलकित मित्तल/अलीपुरद्वार: वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स ने असम(Assam) के अलीपुरद्वार के हासिमारा (Hasimara) इलाके से दो अंतर्राष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों ने पास से रॉयल बंगाल टाइगर की खाल और हड्डियां बरामद की है. शुरूआती जांच में टाइगर की खाल करीब 8 महीने पुरानी बताई जा रही है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है.
उत्तरी बंगाल रेंज के अधिकारी संजय दत्त ने बताया कि उन्हें हासिमारा में जानवर तस्करों की सूचना मिली थी. जिसके बाद एक स्पेशल टीम का गठन किया गया. टीम ने मौंके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने रॉयल बंगाल टाइगर की 14 फीट लंबी खाल और उसकी 110 हड्डियां बरामद की है. जांच में पता चला कि यह एक नर टाइगर की खाल है जिसका शिकार करीब आठ महीने पहले किया गया था.

अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी को हिरासत में लिया गया
15 October 2019
श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) की बहन सुरैया और बेटी साफिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. यह दोनों अनुच्छेद 370 (Article 370) के खिलाफ एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं इसी दौरान इनको हिरासत में लिया गया.
सुरैया अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, "5 अगस्त को, हमें हमारे घरों में बंद कर दिया गया और अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बना दिया गया. यह जबरदस्ती से कराई गई शादी है जो चलेगी नहीं."
प्रदर्शनकारी जब तक सड़क पर जा पाते, पुलिस ने हस्तक्षेप किया और उन्हें ऐहतियातन हिरासत में ले लिया. भारतीय संसद द्वारा 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के बाद से यहां लोगों द्वारा किया गया यह पहला सार्वजनिक प्रदर्शन था.
बता दें जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री पिता-पुत्र नजरबंद हैं. 81 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित अपने आवास पर नजरबंद हैं, जबकि उमर अब्दुल्ला को स्टेट गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है.
कुछ दिन पहले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस (National conference) के नेताओं ने पूर्व मुख्यंत्री और एनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) से मुलाकात की थी. एनसी नेताओं के 15 सदस्यीय शिष्ट मंडल ने फारूक से श्रीनगर (Srinagar) स्थित उनके घर पर उनसे मुलाकात की.
शिष्ट मंडल ने फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर से भी मुलाकात की. इस मौके पर फारूक अब्दुल्ला नेताओं के साथ घर की छत पर भी आए. उनके साथ उनकी पत्नी मौली अब्दुल्ला भी नजर आईं.

INX मीडिया केस: CBI ने SC में पी चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध किया
15 October 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया हेराफेरी मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर पी चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध किया. सीबीआई ने कहा कि वित्त मंत्री रहते चिदंबरम ने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया. सीबीआई ने दावा किया है कि जांच के दौरान भी चिदंबरम ने 2 गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की है, सीबीआई ने अपने हलफनामा में शंका जताते हुए कहा है कि अगर चिदंबरम को जमानत मिलती है तो वो विदेश भाग सकते हैं, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की उम्मीद जताई है.
सीबीआई ने आगे कहा कि चिदंबरम फ्लाइट रिक्स पर हैं अगर उन्हें जमानत मिलती है तो जांच पर बुरा असर पड़ेगा. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज करने की मांग की. चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है.
इस बीच सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के संविधान पीठ में भूमि अधिग्रहण मामले में व्यस्त रहने के चलते सीबीआई ने सुनवाई टालने की मांग की लेकिन सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस भानुमति ने पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई टालने से इनकार किया. जस्टिस भानुमति ने कहा कि तुषार मेहता अन्य मामले में व्यस्त हैं तो कोई दूसरा विकल्प तैयार करें.

मुर्शिदाबाद ट्रिपल मर्डर: 1 हफ्ते बाद पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी, कबूला जुर्म
15 October 2019
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस के एक सप्ताह बाद कामयाबी मिली है. पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी का नाम उत्पल बहेरा बताया जा रहा है. 10 अक्टूबर को मुर्शिदाबाद के जियागंज इलाके में रहने वाले बंधु प्रकाश पाल उनकी पत्नी और 6 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई थी.
मारे गए बंधु प्रकाश राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता थे. ऐसा बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी उत्पल ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उत्पल का कहना है उसने बंधु प्रकाश पाल की इंशोरेंस कंपनी में पैसे लगाए हुए थे.
उत्पल ने पुलिस को बताया कि उसे बंधु प्रकाश से 24 हजार रुपये लेने थे. लेकिन वह उसके रुपये वापस नहीं कर रहा था. आरोपी उत्पल का कहना है कि जब भी वह बंधु प्रकाश से अपने पैसे मांगता वह उसे गालियां निकालता था. उसने बदला लेने के लिए बंधु प्रकाश पाल के पूरे परिवार को खत्म कर दिया.

अनुच्छेद 370 पर घडियाली आंसू बहा रहे कांग्रेसी- PM मोदी
14 October 2019
फरीदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के बल्लभगढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं आपके बीच हरियाणा में आता हूं, तो मुझे लगता है कि मैं अपने घर में आया हूं. यहां का विकास और यहां के लोगों के जीवन में बदलाव हमेशा मेरी प्राथमिकता रही है. उनकी सभा फरीदाबाद के सेक्टर 61 स्थित ग्राउंड पर हो रही है. यह रैली फरीदाबाद सहित पलवल, गुरुग्राम और मेवात जिलों के तहत आने वाली 16 विधानसभा सीटों के लिए आयोजित है.
पीएम ने अपने भाषण में कहा, 5 वर्ष पहले जब मैं हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने की बात करता था तो विरोधी दल के नेता पूछ रहे थे कि मोदी जी बताओ तुम्हारा कप्तान कौन है? तब मेरा जवाब था कि हरियाणा की जनता का आशीर्वाद मिले तो हरियाणा को एक मजबूत कप्तान भी मिलेगा और अकेला कप्तान ही नहीं मजबूत टीम भी मिलेगी. जो तब मुझसे कैप्टन को लेकर सवाल करते थे, वो आज अपनी बिखरी टीम को ही समेटने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. वो खुद को जितना समेटने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही बिखरते जा रहे हैं.
मोदी ने जनसभा में पूछा कि अपने-अपने अहंकार के कारण, कुनबे की हिफाजत के लिए बिखरते हुए लोग क्या हरियाणा के विकास के बारे में सोच पाएंगे? स्वार्थ और भ्रष्टाचार की राजनीति हरियाणा की जनता का संस्कार नहीं है. यह धरती तो भारत के लिए जीने-मरने वाले वीरों-बलिदानियों की धरती है. यह धरती खेल की दुनिया में छा जाने वाले हमारी वीर बेटे-बेटियों की धरती है.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ''आज आप देख रहे हैं कि कैसे पूरी दुनिया, दुनिया के बड़े-बड़े नेता भारत के साथ खड़े होने के लिए, भारत के साथ आने के लिए आज दुनियाभर में आतुर नजर आते हैं.''
मोदी बोले- ये इस धरती और यहां के लोगों का सहयोग और समर्थन है जिन्होंने मनोहर लाल जी और उनकी टीम को ताकत दी है. आपका यही आशीर्वाद हमें लोकसभा चुनाव के दौरान भी मिला है.
हरियाणा विधानसभा चुनाव का घोषणापत्र जारी होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आक्रामक होकर चुनाव प्रचार में उतर गई है. सूबे में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है.

पी चिदंबरम को लाया गया कोर्ट, ED की हिरासत में रहेंगे या नहीं तय करेगी अदालत
14 October 2019
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया मामले (INX media matter) में आज कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदबंरम (P Chidambaram ) की अदालत में पेशी है. चिदंबरम को कड़ी सुरक्षा में राउज एवेन्यू कोर्ट लाया जा चुका है.
अदालत ने शुक्रवार (11 अक्टूबर) को आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम को सोमवार को पेश होने का आदेश दिया था. ईडी (Enforcement Directorate) इस मामले में चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है.
सोमवार की सुनवाई के दौरान को यह तय हो जाएगा कि पी. चिदंमबरम ईडी की कस्टडी में रहेंगे या नहीं. बता दें , कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री के खिलाफ इस मामले में प्रॉडक्शन वॉरंट जारी किया है.
बता दें शुक्रवार (11 अक्टूबर को ) ईडी ने शुक्रवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को हिरासत में लेने के लिए एक विशेष अदालत का रुख किया. चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई (CBI) की न्यायिक हिरासत में हैं.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बहस करते हुए कहा कि विदेश में फर्जी कंपनियों और 17 बैंक खाते से संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है. उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि इस मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है.

Jammu Kashmir में शुरू हुई पोस्टपेड मोबाइल सर्विस, 69 दिन बाद मिली राहत
14 October 2019
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आखिरकार पोस्टपेड मोबाइल सर्विस शुरू हो गई है। सोमवार को प्रशासन ने अपने वादे अनुसार वादी के बचे हुए हिस्सों में भी मोबाइल सेवाएं चालू कर दी है जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। पहले खबर आई थी कि यह सेवाएं शनिवार को शुरू होंगी लेकिन शनिवार के दिन प्रशासन ने कहा कि अब यह सेवाएं सोमवार से शुरू होंगी। घाटी के हालात सामान्य होते ही पिछले दो महीनों से बंद पड़ी मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार दोपहर को बहाल कर दी गई। इससे पहले वादी में पर्यटकों के आने पर लगा प्रतिबंध भी हटा लिया गया था। 10 अक्टूबर को प्रशासन ने वादी में पर्यटन पर दो अगस्त से लगी रोक हटा ली थी।
बता दें कि 4 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने से एक दिन पहले ही सरकार ने कश्मीर में संचार सेवा और इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके बाद जैसे-जैसे हालात सुधरते गए वैसे-वैसे यहां चीजों में ढील भी दी जाने लगी। स्थितियां सुधरने के बाद सबसे पहले घाटी में लैंडलाइन सेवा शुरू की गई थीं। इसके बाद अब अब सभी सभी पोस्टपेड कंपनियों को पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू कर दी गई है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि इंटरनेट सेवाएं शुरू करने पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है।
मालूम हो कि पूरी वादी में करीब 66 लाख मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं। उनमें से लगभग 40 लाख पोस्टपेड ही इस्तेमाल करते हैं। राज्य प्रशासन ने अफवाहों पर लगाम लगाने और सुरक्षा के लिहाज से 4 अगस्त की मध्यरात्रि से ही मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट सेवाओं को एहतियातन बंद कर दिया था।
इसके बाद 17 अगस्त को पहली बार लैंडलाइन सेवा की बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई थी और चार सितंबर तक इसे पूरी तरह से चालू कर दिया गया। घाटी में करीब 50 हजार लैंडलाइन में से सिर्फ 15-16 हजार ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हैं।

पीएम मोदी और शेख हसीना की मुलाकात, भारत और बांग्लादेश के बीच हुए अहम समझौते
5 October 2019
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय परियोजनाओं का उद्घाटन किया. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को अगले उच्च स्तर पर ले जाने के लिए बातचीत की. मोदी और हसीना के बीच 10 दिनों में दूसरी मुलाकात है. दोनों नेता 27 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर मिले थे.
इस दौरान मोदी ने कहा, ''खुशी है कि मुझे आज भारत और बांग्लादेश के बीच 3 और द्विपक्षीय परियोजनाओं के उद्घाटन का अवसर मिला. एक वर्ष में हमने कुल 12 संयुक्त परियोजनाओं का उद्घाटन किया है.''
भारत-बांग्लादेश बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और संबंधों को बढ़ाने पर जोर रहा. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना गुरुवार से चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं.

आजम खान को 5 मामलों में मिली अंतरिम बेल, अग्रिम जमानत पर 11 अक्टूबर को होगी सुनवाई
5 October 2019
रामपुर: रामपुर से सांसद और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को पांच मामलों में अंतरिम जमानत मिल गई है. जिला कलेक्ट्रेट रामपुर आजम खान को पांच मामलों में अंतरिम जमानत मिली है. वहीं, अग्रिम जमानत याचिका पर 11 अक्टूबर को सुनवाई होगी. आजम खान ने जमीन पर कब्जा के कुल नौ मामलों में जमानत अग्रिम याचिका दाखिल की गई है.
अग्रिम जमानत के लिए 11 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में एक क्वालिटी बार मामले में और चार अन्य मामलों में यतीमखाने में एफआईआर हुई है. इन मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए आजम खान की तरफ से रामपुर की एडीजे कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी. आजम खान के खिलाफ जमीन पर कब्जे के मामल के साथ अन्य करीब 80 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.
दरअसल, भैंसखाना यतीमखाना ने लोगों ने आजम खान ने ऊपर मकान तोड़ने और भेस चोरी के मुकदमे दर्ज करवाये था. साथ ही क्वालिटी बार मे लूट ओर तोड़फोड़ का मुकदमा भी दिखा गया था. आज़म खान इन मामलों में अग्रीम ज़मानत के लिए कोर्ट में गए है. शासकीय अधिवक्ता दलविंदर सिंह ने बताया की 8 मुकदमों में अग्रीम जमानत पर सुनवाई हुई. इसका फैसला सुरक्षित रखा गया है. ये संभवतः आज शाम तक या कल आएगा. इसके अतिरिक्त 5 मामलो को अंतरिम जमानत मिल गई.
आपको बता दें आजम खान बुधवार (02 अक्टूबर) को एसआईटी (SIT) के सामने पेश हुए. आजम खान के साथ उनकी पत्नी डॉ तजीन फ़ातिमा (Tazeen Fatma) और छोटा बेटा अब्दुल्ला आजम खान (Abdullah Azam khan) भी पेश हुए. आजम दूसरी बार एसआईटी के सामने पेश हुए हैं. आजम खान अपनी पत्नी और बेटे के साथ महिला थाने पहुंचे, जहां एसआईटी के समक्ष उनके बयान दर्ज कराए गए. इससे पहले आजम खान ने एसआईटी से चार दिन का समय मांगा था.
इससे पहले जल निगम घोटाला मामले में आरोपी आजम खान मंगलवार को लखनऊ में एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे. इस मामले पर हां उनसे घंटों पूछताछ की गई. वैसे रामपुर में स्थानीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने पिछले दिनों सपा सांसद आजम खान को फिर नोटिस जारी किया था.

हरियाणा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने छोड़ी पार्टी
5 October 2019
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. तंवर ने ट्वीट कर पार्टी प्राथमिकता से इस्तीफा देने की जानकारी है. बता दें तंवर प्रदेश अध्यक्ष का पद जाने के बाद से नाराज चल रहे थे.
इससे पहले शुक्रवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने पार्टी में सभी बड़े पदों से इस्तीफा दे दिया था. अशोक तंवर ने हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा था. अशोक तंवर ने आरोप लगाया था कि यह हरियाणा कांग्रेस अब हुड्डा कांग्रेस बन गई है.
तंवर ने कहा उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए जिन लोगों ने अपना खून पसीना बहाया कांग्रेस (Congress) को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया उन सभी को दरकिनार कर दिया गया और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी मनमर्जी से टिकट बांट दी
अशोक तंवर ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी भी लिखी थी. हालांकि उन्होंने दावा किया था कि वह कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे और एक आम पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करते रहेंगे.
गौरतलब है कि हरियाणा में कांग्रेस के अंदर चल रही उठा-पटक की आंच अब सोनिया गांधी की चौखट तक पहुंच गई थी। अशोक तंवर ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन भी किया था.

मनमोहन सिंह करतारपुर साहिब जाएंगे, PAK का नहीं पंजाब के CM का न्‍योता स्‍वीकारा
3 October 2019
नई दिल्‍ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) करतारपुर साहिब के उद्घाटन समारोह में हिस्‍सा लेने के लिए वहां जाएंगे. वह नौ नवंबर को वहां जाने वाले पहले जत्‍थे में शामिल होंगे. पंजाब के मुख्‍यमंत्री के न्‍योते पर वह जाएंगे. दरअसल पाकिस्तान सरकार ने भी उन्हें निमंत्रण भेजा था लेकिन वह उसके निमंत्रण पर नहीं जाएंगे. पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने मनमोहन सिंह से गुरुवार को मुलाकात कर उन्हें करतारपुर कॉरीडोर के उद्घाटन पर चलने का न्योता दिया. इस तरह मनमोहन सिंह 9 नवंबर को पहले जत्थे में कैप्टन अमरिंदर के साथ करतारपुर जाएंगे.
उल्‍लेखनीय है कि करतारपुर कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए 9 नवंबर को खोला जाएगा. पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी ने पिछले शुक्रवार को उन्‍हें आमंत्रित करने की बात कही थी. कुरैशी ने कहा, "हम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित करना चाहेंगे. वह सिख समुदाय का भी प्रतिनिधित्व करते हैं. हम उन्हें औपचारिक आमंत्रण भी भेजेंगे." पाकिस्तान ने कूटनीतिक चाल चलते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण नहीं भेजा, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आमंत्रित किया है. पाकिस्तान की यह कूटनीति सफल नहीं हुई.
उल्‍लेखनीय है कि मनमोहन सिंह जब 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे तो उस दौरान वह एक बार भी पाकिस्‍तान नहीं गए. उनका जन्‍म पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत स्थित गाह में हुआ. बंटवारे के बाद उनका परिवार अमृतसर आ गया.

दिल्ली में जैश के चार आतंकियों के घुसने का अलर्ट, बड़ी साजिश की आशंका
3 October 2019
नई दिल्ली: राजधानी पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार शाम को अलग-अलग इलाकों में कम से कम एक दर्जन लोकेशन पर ताबड़तोड़ छापे मारे. सुरक्षा एजेंसियों को दिल्ली में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों के घुसने का अलर्ट मिला था. आतंकी 370 हटाए जाने के विरोध में किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं.
इस जानकारी के बाद स्पेशल सेल ने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के सीलमपुर समेत 2 और इलाके, जामिया, पहाड़गंज इलाकों में रात 8 से 9 बजे के बीच छापामार कार्रवाई की और कुछ लोगों से पूछताछ भी की
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों ने बताया कि इंटीलेंस ब्यूरो (आईबी) की तरफ से इनपुट जारी हुआ था जिसमें जैश-ए-मोहमद के 4 आतंकियों के दिल्ली में घुसने की बात कही गई थी. इसके बाद की गई छापेमार कार्रवाई में फ़िलहाल किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है.
उधर, पुलिस ने किसी बड़ी साजिश की आशंका के मद्देनजर त्योहारों से पहले सभी धार्मिक संस्थाओं, मंदिरों गस्त बढ़ा दिया है. वहीं, भीड़भीड़ वाले इलाको में गश्ती बढ़ा दी है.

INX मीडिया केस: पी चिंदबरम ने ज़मानत के लिए SC में अर्जी दायर की, कल सुनवाई की मांग
3 October 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया केस में पी चिदंबरम ने ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की. चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल ने जस्टिस रमना की कोर्ट से अर्जी पर कल सुनवाई की मांग की. जस्टिस रमना ने कहा कि मामले की सुनवाई की तारीख तय करने पर चीफ जस्टिस फैसला लेंगे. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही है. सिब्बल कल ही सुनवाई इसलिए चाहते है क्योंकि अगले हफ्ते से दशहरे के अवकाश के चलते कोर्ट बंद रहेगा.
इसके पहले INX मीडिया हेराफेरी के सीबीआई केस में 30 सितंबर को पी चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है. हाई कोर्ट ने पी चिदंबरम (P Chidambaram) की जमानत याचिका खारिज की. दरअसल, पिछले दिनों हाई कोर्ट ने सीबीआई और चिदंबरम की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. चिदंबरम ने सीबीआई केस में जमानत याचिका लगाई थी और इस वक्त इसी केस में चिदंबरम दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
इससे पहले चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने पिछली सुनवाई में उनकी तरफ से हाई कोर्ट के समक्ष दलील रखते हुए कहा था कि वह कभी भी इन्द्राणी मुखर्जी से नहीं मिले. यहां तक कि सीबीआई कस्टडी के दौरान मुझसे कहा गया था कि पीटर हमसे मिले हैं इंद्राणी नहीं. ये खुद पीटर ने अपने बयान में कहा है. ऐसा एजेंसी के अधिकरियों ने कहा. इसके अलावा विज़िटर्स बुक भी चेक कर सकते हैं कि इंद्राणी से हमारी मुलाकात नहीं हुई है.
सीबीआई का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'ये मनी लॉन्ड्रिंग केस का क्लासिक एक्सएम्पेल है. इसी केस को हाई कोर्ट ने समझते हुए अग्रिम जमानत याचिका आरोपी का खारिज किया था.'
उन्होंने आगे कहा, 'पैसा एडवांटेज कंपनी में आया, आगे उसी की अन्य कंपनी ASCPL का इस्तेमाल किया गया, मोहन और राजेश जोकि ASCPL के डायरेक्टर हैं, कंपनी के 66% शेयर ट्रांफर किए गए, ये दोनों चिदंबरम के फैमिली फ्रेंड हैं. गवाहों को प्रभावित किया जा रहा है, इसलिए याचिका खारिज कर देनी चाहिए. सिर्फ इन्द्राणी मुखर्जी ही मुख्य गवाह नहीं हैं, उसने मजिस्ट्रेट के सामने 164 में बयां दर्ज कराया.'

मोदी ने गांधी और शास्त्री को श्रद्धांजलि दी, आज देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित करेंगे
2 October 2019
नई दिल्ली. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 150वीं जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट जाकर गांधीजी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे विजयघाट पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया। वहीं, गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री दिल्ली और गुजरात में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी भी राजघाट पहुंचकर गांधी जी को श्रद्धांजलि दी। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी राजघाट जाकर गांधीजी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राजघाट पहुंचकर गांधी जी को नमन किया।
नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जन्म-जयंती पर शत-शत नमन।
इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें याद किया और ट्वीट किया- ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोष से देश में नव-ऊर्जा का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें याद किया और ट्वीट किया- ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोष से देश में नव-ऊर्जा का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी गांधी जी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की 115वीं जयंती पर राष्ट्रपति ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें याद किया।
फ्रांस के राजदूत ने गांधी को श्रद्धांजलि दी
भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन ने गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने टि्वटर पर लिखा, “ आज के इस ऐतिहासिक दिन गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर फ्रांस भारत के साथ मिलकर महात्मा को श्रद्धांजलि देता है।” उन्होंने कहा कि गांधी जी की अहिंसा और समावेशिता की महान विरासत असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए आज भी प्रासंगिक मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं।
अहमदाबाद में कार्यक्रम को संबोधित करेंगे मोदी
मोदी बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट में 20 हजार से ज्यादा सरपंचों के महासम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दौरान पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित करेंगे। वे शाम छह बजे अहमदाबाद पहुंच जाएंगे। वह 6.30 से 6:50 बजे के दौरान यहां साबरमती गांधी आश्रम में मौजूद रहेंगे। मोदी रात को 8:30 बजे अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर आयोजित नवरात्री महोत्सव में भी भाग लेंगे। वे रात में ही नई दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

सोनिया गांधी का PM मोदी पर निशाना, 'गांधी जी का नाम लेना आसान, उनके रास्ते पर चलना मुश्किल'
2 October 2019
नई दिल्लीः राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जंयती के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने आज दिल्ली में 'गांधी संदेश यात्रा' निकाली. इस अवसर पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य सभा सांसद अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद और पीसी चाको समेत दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कमेटी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
इस दौरा सोनिया गांधी ने कहा, 'हम सब के लिए ऐतिहासिक शुभ दिन है, आज के दिन महात्मा गांधी जैसे पुरूष का जन्म हुआ, पूरी दुनिया को अहिंसा का प्रेरणा दिया. हम उन्हें बार बार नमन करते हैं. हमारा देश और पूरी दुनिया 150 वीं जयंती मना रही है. गर्व है कि भारत जहां पहुंचा है वो गांधी जी के रास्ते पर चल कर पहुंचा है.'
सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'गांधी जी का नाम लेना आसान है, लेकिन उनके रास्ते पर चलना आसान नहीं है. वे चाहते हैं कि गांधी जी नहीं आरएसएस देश का प्रतीक बन जाए. जो असत्य पर आधारित राजनीति कर रहे हैं कि गांधी जी सत्य के पुजारी थे. हर हाल में सत्ता पर काबिज होने वाले क्या समझेंगे कि गांधी की सहिष्णुता क्या थी. हमारे मुल्क के बुनियाद में गांधी के उसूलों की आधारशिला है. ये अलग बात है कि कुछ इसे उल्टा करने की कोशिश कर रहे हैं.'
सोनिया गांधी ने कहा 'साफ करना चाहती हूं कि गांधी जी की सोच देश की मिला जुला समाज, संस्कृति, सभ्यता के अलावा कुछ नहीं थी. जो असत्य पर राजनीति कर रहे हैं, वो कैसे समझेंगे. गांधी जी अहिंसा के उपासक थे. गांधी जी के स्वराज का मलतब कैसे समझेंगे. भारत का भाग्य विधाता समझने वालों को विनम्रता से कहना चाहती हूं. मैं कहना चाहती हूं कि गांधी जी के सिद्धांतों पर कांग्रेस पार्टी ही चली थी और आगे भी चलेगी. नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक सभी ने नए भारत के लिए काम किया है. पिछले 4-5 सालों में जो भारत की हालत हो गई है, उससे गांधीजी की आत्मा भी दुखी होगी.'
कांग्रेस नेता ने कहा, 'गांव तो छोड़िए, शहर के लोग भी सुरक्षित नहीं है, उन पर अत्याचार करने वाले प्रभावशाली लोग आराम फरमा रहे हैं. जिन पर जुल्म हो रहा है, वो जेलों में डाले जा रहे हैं. अपने को भारत का भाग्य विधाता समझने वालों को कहना चाहती हूं कि गांधी जी नफरत के नहीं, प्रेम के प्रतीक हैं. कोई कुछ भी दिखावा करे, कांग्रेसी गांधी जी के सिद्धांतों पर चले हैं. कांग्रेस के लोगों से कहूंगी कि भारत के मूल को बचाने, संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए, सामाजिक ताने-बाने को जिंदा रखने के लिए, हम सभी को एक-एक दिन गांधी जी की तरह गांव-गांव, गली-गली जाना है.'
उन्होंने कहा कि भारत की गरिमा, आपसी सौहार्द हर कीमत पर बचाने के लिए हमें संकल्प लेना हैं. संघर्ष कितना भी लंबा हो, साथ साथ चलेंगे, जब तक कामयाब नहीं हो जाते है.

रूस से 'S-400' डील पर भारत का US को जवाब, 'कोई न बताए कि हमें क्या खरीदना है, क्या नहीं'
1 October 2019
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अमेरिका (US) की तरफ से प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Missile defense system) खरीदने के भारत के अधिकार का बचाव किया है. भारत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि हम सैनिक उपकरणों को कहीं से भी खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं.
अपनी अमेरिका यात्रा पर सोमवार को विदेश मंत्री ने कहा भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए स्वतंत्र है.
एस जयशंकर ने कहा, ‘हमने हमेशा कहा है कि हम जो भी खरीदते हैं, वह हमारा सम्प्रभु अधिकार है.’ उन्होंने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि कोई देश हमें बताए कि रूस से हमें क्या खरीदना है और क्या नहीं, और न ही हम चाहते हैं कि कोई देश हमें यह बताए कि अमेरिका से क्या खरीदना है और क्या नहीं.’
गौरतलब है कि भारत ने रूस से 5.2 अरब डॉलर की पांच एस-400 प्रणालियां खरीदने पर पिछले साल सहमति जताई थी. बता दें कि रूस की यूक्रेन एवं सीरिया में सैन्य संलिप्तता और अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप के आरोपों के कारण अमेरिका ने 2017 कानून के तहत उन देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया है जो रूस से बड़े हथियार खरीदते हैं.

पाकिस्तान में मिला BSF के लापता जवान का शव, PAK रैंजर्स ने किया बरामद
1 October 2019
नई दिल्ली: बीएसएफ (BSF) के एक लापता जवान का शव पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ पाकिस्तान रैंजर्स ने बरामद किया है. बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर पारितोष मंडल 28 सिंतबर को इंटरनेशनल बॉर्डर (Border) के पास अईक नाला इलाके से पेट्रोलिंग के दौरान लापता हो गए थे. पाकिस्तान रैंजर्स ने मंडल का शव 1 अक्टूबर को बरामद किया है.
बताया जा रहा है कि पारितोष मंडल आइक नाले में गिर गए थे. पारितोष मंडल को ढूंढने के लिए बीएसएफ और एसडीआरएफ (Sdrf) ने एक संयुक्त अभियान चलाया था. इस अभियान में पाक रैंजर्स (Pak Rangers) और स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसएफ की सहायता की. अईक नाला भारत से पाकिस्तान की तरफ बहता है. बारिश के दौरान इस नाले का जल स्तर अधिक हो जाता है.
मंगलवार की सुबह परितोष मंडल को जीवित ढूंढ लेने की सभी संभवानाएं उस वक्त समाप्त हो गए जब पाक रेंजर्स को उनका शव मिला. पाक रैंजर्स ने उनका शव भारतीय सुरक्षाबलों को सौंप दिया.
आईजी बीएसएफ, जम्मू ने अपने दो साथियों को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर देने वाले पारितोष मंडल की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. बीएसएफ ने एसडीआरएफ, ग्रामीण, पाक रैंजर्स को शुक्रिया कहा है कि जिन्होंने मंडल को ढूंढने के अभियान में बीएसएफ की मदद की.

IAF अधिकारियों की हत्या का मामला, यासीन मलिक के खिलाफ सुनवाई 23 अक्टूबर तक स्थगित
1 October 2019
जम्मू: जम्मू और कश्मीर में भारतीय वायु सेना ( IAF) के चार कर्मियों की हत्या के मामले में जम्मू में टाडा कोर्ट ने मंगलवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) के खिलाफ सुनवाई 23 अक्टूबर तक स्थगित कर दी है. कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मलिक को कोर्ट के सामने पेश करने की अनुमति दी.
बता दें यासीन मलिक और उसके साथियो पर 25 जनवरी 1990 को कश्मीर के सनत नगर इलाके में 4 एयरफोर्स अधिकारियो की गोलियां मार के हत्या और 22 लोगों को जख्मी करने के आरोप लगे थे.
सीबीआई ने अगस्त 1990 में मालिक और उसके साथियों के खिलाफ जम्मू की टाडा कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जिसकी सुनवाई पर जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट की सिंगल बेंच ने 1995 मैं इस ग्राउंड पर रोक लगा थी की चूंकि कश्मीर में टाडा कोर्ट नही है इसलिए इस मामले की सुनवाई जम्मू में नही हो सकती.
तीस साल के बाद अब मामले की सुनवाई करने की इजाजत मिली है. यासीन मलिक फिलहाल टेरर फंडिंग के मामले में NIA की हिरासत में तिहाड़ जेल में है. मलिक को 11 सितंबर को जम्मू की टाडा कोर्ट में पेश करने की हिदायत अदालत ने पिछली पेशी में सीबीआई के वकील को दी थी.
स्क्वाडर्न लीडर रवि खन्ना इस आतंकी हमले में अपने 3 साथियो के साथ शहीद हो गए थे. रवि खन्ना की पत्नी शालिनी खन्ना को 30 साल बाद इस मामले में इंसाफ की उम्मीद जगी है. शालिनी खन्ना ने अपने पति को इंसाफ दिलाने के लिए पिछली तीस सालों से संघर्ष कर रही हैं.

विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की पहली सूची में 51 प्रत्याशियों के नाम, अशोक चह्वाण बोकर से लड़ेंगे
30 September 2019
नई दिल्ली. कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 51 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। अशोक चह्वाण बोकर से चुनाव मैदान में उतरेंगे। अमित देशमुख लातूर सिटी और विश्वजीत पाटंगराव पालुस काटेगांव से चुनाव लड़ेंगे। उधर, भाजपा की दिल्ली में रविवार को अहम बैठक हुई। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं और नतीजों की घोषणा 24 अक्टूबर को की जाएगी। वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य मुंबई की वर्ली सीट से चुनाव में उतरेंगे।
कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट
1 अक्कल कुआं (सुरक्षित) केसी पड़ावी
2 शाहदा (सुरक्षित) पद्माकर विजय सिंह वाल्वी
3 नवापुर (सुरक्षित) शिरीष सुरुप सिंह नाइक
4 रावेर शिरीष चौधरी
5 बुलढाना हर्षवर्धन सपकाल
6 मेहकार (सुरक्षित) अनंत वानखेड़े
7 रिसोद अमित जानक
8 धमनगांव रेलवे वीरेंद्र जगताप
9 तेओसा यशोमति ठाकुर
10 अर्वी अमर काले
11 देओली रंजीत काम्बले
12 सांवनेर सुनील केदार
13 नागपुर नॉर्थ (सुरक्षित) नितिन राउत
14 ब्रह्मपुरी विजय नामदेव
15 चिमूर सतीश वरजूरकर
16 वरोड़ा प्रतिभा धानोरकर
17 यवतमाल बालासाहेब मंगरुलकर
18 बोकर अशोक चह्वाण
19 नांदेड़ उत्तर डीपी सावंत
20 नाईगांव वसंत राव चह्वाण
21 देगलुर (सुरक्षित) राव साहेब अनंतपुरकर
22 कलामुंसी संतोष तारफे
23 पथरी सुरेश अंबादास वारपुड़कर
24 फुलांबरी कल्याण काले
25 मालेगांव सेंट्रल आसिफ शेख राशिद
26 अंबेरनाथ (सुरक्षित) रोहित साल्वे
27 मीरा भयंदर सैय्यद मुजफ्फर हुसैन
28 भाडुप वेस्ट सुरेश हरिश्चंद्र कोपारकर
29 अंधेरी वेस्ट अशोक जाधव
30 चांदीवली मो. आरिस खान
31 चेंबूर चंद्रकांत हंडोरे
32 वांद्रे ईस्ट जीशान सिद्दीकी
33 धारावी (सुरक्षित) वर्षा गायकवाड़
34 सिओन कोलीवाड़ा गणेश कुमार यादव
35 मुंबादेवी अमीन पटेल
36 कोलाबा अशोक जगताप
37 महद माणिक जगताप
38 पुरंदर संजय जगताप
39 भोर संग्राम थोप्टे
40 पुणे कैंटोनमेंट (सुरक्षित) रमेश बागावे
41 संगमनेर विजय थोराट
42 लातूर सिटी अमित देशमुख
43 निलंगा अशोक नीलांगेकर
44 औसा बासवराज पाटिल
45 तुलजापुर मधुकरराव चह्वाण
46 सोलापुर सिटी सेंट्रल प्रणीति शिंदे
47 सोलापुर साउथ बाशुमिया सैय्यद
48 कोल्हापुर साउथ ऋतुराज पाटिल
49 करवीर पी एन पाटिल सडोलीकर
50 पालुस-काड़ेगांव डॉ. विश्वजीत कदम
51 जाट विक्रम सावंत
भाजपा-कांग्रेस ने उपचुनावों के लिए प्रत्याशी घोषित किए
कांग्रेस और भाजपा ने विभिन्न राज्यों में लोकसभा और विधानसभा की खाली सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए रविवार को अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। कांग्रेस ने बिहार की एक लोकसभा सीट सहित विधान सभा की चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। वहीं, भाजपा ने देशभर की 32 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की।
कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान के निधन के बाद रिक्त हुई बिहार की समस्तीपुर (सुरक्षित) लोकसभा सीट पर डॉ. अशोक कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बिहार में एक, राजस्थान में दो और उत्तर प्रदेश की एक सीट पर होनेवाले विधानसभा के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के नामों की घोषणा कर दी।
भाजपा ने विभिन्न राज्यों में उपचुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। बिहार, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की 1-1 सीटों पर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और सिक्किम की 2-2 सीटों पर, असम की 4, केरल की 5 और उत्तर प्रदेश की 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। डॉ. जावेद के सासंद बनने के चलते बिहार की किशनगंज सीट खाली हुई थी।

इंडिगो विमान के इंजन में आग लगने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग, गोवा के पर्यावरण मंत्री समेत 200 यात्री सवार थे
30 September 2019
नई दिल्ली. एक इंडिगो विमान के इंजन में अचानक आग लगने के बाद इमरजेंसी लेंडिंग कराई गई। रविवार देर रात को गोवा से दिल्ली जा रहे विमान में गोवा के पर्यावरण मंत्री निलेश काबराल समेत करीब 200 यात्री सवार थे। यह इमरजेंसी लैंडिंग गोवा के डेबोलिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कराई गई।
काबराल ने कहा कि उड़ान भरने के 15 मिनट बाद ही, करीब 1.15 बजे देर रात को इंजन में आग देखी गई थी। फ्लाइट (6ई-336) के पायलट ने तुरंत ही वह इंजन बंद कर दिया और विमान को वापस गोवा की ओर घुमा लिया। इसके बाद सावधानीपूर्वक डेबोलिन में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
‘तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग कराई’
डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने मामले में जांच के आदेश दिए। सोमवार को एयरलाइन प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान के बाद विमान में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। जिसके कारण विमान को वापस गोवा बुलाया गया और इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। तकनीकी खराबी किस कारण से आई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका।

नए वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने कहा- परमाणु युद्ध पर इमरान की अपनी समझ, हम चुनौतियों के लिए तैयार
30 September 2019
नई दिल्ली. एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने सोमवार को भारतीय वायुसेना के 26वें प्रमुख बने। पूर्व वायुसेना अध्यक्ष बीएस धनोआ ने उन्हें कार्यभार सौंपा। इसके बाद भदौरिया ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की परमाणु युद्ध की धमकी पर कहा कि हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। परमाणु युद्ध को लेकर उनकी अपनी समझ है, लेकिन हमारा विश्लेषण उनसे अलग है।
नए वायुसेना अध्यक्ष ने कहा कि राफेल बेहद क्षमतावान लड़ाकू विमान है। हमारी सैन्य क्षमता के लिए यह गेम चेंजर साबित होगा। उनसे सवाल पूछा गया- क्या भारत आज बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक के लिए तैयार है? इस पर भदौरिया ने कहा कि हम तब भी तैयार थे, आज भी तैयार हैं और कल भी तैयार रहेंगे।
राफेल डील करने वाली टीम के अध्यक्ष थे भदौरिया
केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को वायुसेना के अगले प्रमुख के रूप में आरकेएस भदौरिया को नियुक्त किया था। वे पहले वायुसेना के उप-प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन पर वायुसेना के बेंगलुरु स्थित प्रशिक्षण कमांड का जिम्मा था। वे फ्रांस के साथ 36 राफेल विमान सौदे के लिए भारतीय टीम के अध्यक्ष थे।
भदौरिया कई पदों पर सेवाएं दे चुके हैं
भदौरिया को 15 जून, 1980 को ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' के साथ वायुसेना के लड़ाकू दल में शामिल किया गया था। उन्होंने कई अहम पदों जैसे नेशनल डिफेंस एकेडमी में कमांडेंट, सेंट्रल एयर कमांड में सीनियर वायुसेना अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। वे 1 मार्च 2017 से दक्षिणी कमान में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे। उन्होंने 1 अगस्त 2018 को बेंगलुरु स्थित प्रशिक्षण कमान के प्रमुख का पदभार संभाला था।
धनोआ ने रिटायर्ड होने से पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दी
बीएस धनोआ ने कार्यकाल के समापन से पहले सोमवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजिटर्स बुक में शहीदों को याद करते हुए संदेश लिखा। वायुसेना प्रमुख धनोआ तीनों सेनाओं के प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में ही वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।

जम्मू कश्मीर: गांदरबल, श्रीनगर और रामबन में सुरक्षाबलों का संयुक्त ऑपरेशन जारी, 1 आतंकी मार गिराया
28 September 2019
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में आतंकियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा रामबन, श्रीनगर और गांदरबल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गांदरबल में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 1 आतंकी को मार गिराया है। टीम को आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। श्रीनगर में भी आतंकियों ने CRPF जवानों पर ग्रेनेड से हमला किया हालांकि इस हमले में सभी जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं रामबन के डोडा इलाके में दो आतंकियों ने एक सिविल व्हीकल को रोकने की कोशिश की। सूचना मिलने के बाद सेना की क्विक रिस्पॉस टीम (QRT) ने पूरे इलाके को घेर लिया। ऑपरेशन अब भी जारी है।
गांदरबल में 1 आतंकी को मार गिराया
सेना के जवानों ने गांदरबल के नारानाद के जंगलों में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के बाद 1 आतंकी को मार गिराया है। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक जंगल में 3 आतंकी हैं। इस इलाके में खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सुबह से ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। आतंकियों को भनक लगने के बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई थी।
रामबन के डोडा में आतंकियों से मुठभेड़ जारी रामबन के बटोट-डोडा रोड पर 2 संदिग्ध लोगों ने एक सिविल वाहन को रोकने की कोशिश की थी। यह घटनाक्रम सुबह 7.30 के लगभग घटा। ड्रायवर ने समझदारी दिखाते हुए वाहन नहीं रोका और इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सेना की क्विक रिस्पॉस टीम (QTR) को दी। इसके बाद टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबलों की तरफ से फायरिंग जारी है।
श्रीनगर में CRPF जवानों पर हुआ ग्रेनेड हमला
श्रीनगर के नवाकदल में आज सुबह आतंकियों ने CRPF पर ग्रेनेड हमला किया। गनीमत रही कि इस हमले में किसी भी जवान को चोट नहीं आई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी।

कर्नाटक में 15 सीटों पर 5 दिसंबर को होगें उपचुनाव, चुनाव आयोग ने की घोषणा
28 September 2019
नई दिल्ली। कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होगा। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग(EC) ने कहा कि 5 दिसंबर से चुनाव की शुरुआत होगी, 11 दिसंबर के पहले यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बता दें कि पूर्व में कर्नाटक में भी 21 अक्टूबर को ही उपचुनाव होना थे।
इन सीटों पर होना है उपचुनाव
कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनमें अथानी, कांगवाड, गोकक, येल्लापुर, रानीबेन्नुर, हिरेकेरुर, विजयनगर, चिक्काबल्लापुर, के आर पुरा, यशवंतपुरा, शिवाजीनगर, महालक्ष्मी, होसाकोटे, कृष्णाराजपेट और हनसुर शामिल हैं। यहां चुनाव सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संपन्न होंगे।
इस तारीख तक होगा नामांकन दाखिल
चुनाव आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के मुताबिक उम्मीदवार अपने नामांकन 11 नवंबर से 18 नवंबर के बीच दाखिल कर सकते हैं। 19 नवंबर को सभी नामांकनों की स्क्रूटनी की जाएगी। वहीं 21 नवंबर नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख रहेगी।
बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने तीन जजों की बेंच के सामने कहा था कि वह कर्नाटक उपचुनाव को आगे बढ़ा देगा जब तक शीर्ष कोर्ट 17 अयोग्य विधायकों की याचिका पर कोई निर्णय नहीं ले लेता है।
कर्नाटक के 17 विधायकों की अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है जिस पर 22 अक्टूबर को सुनवाई होना है। इसी वजह से आयोग ने चुनाव टालने का फैसला किया है।
कर्नाटक में ऐसे मचा था सियासी घमासान
कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार हाल ही में गिरी है। दोनों ही पार्टियों के 17 बागी विधायकों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया था। इसके चलते एस कुमारस्वामी की सरकार फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई थी। इसके बाद भाजपा की ओर से बीएस येदियुरप्पा द्वारा सदन में बहुमत सिद्ध कर दिया गया था।
इस राजनीतिक घमासान के बीच स्पीकर ने इस सभी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था। अब ये सभी विधायक उपचुनाव में बतौर उम्मीदवार उतरना चाहते हैं। यही वजह है कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए उन्हें इसकी अनुमति चाही है।

Weather Alert: मानसून विदाई के लिए तैयार नहीं, यूपी में 48 की मौत, पटना बना टापू
28 September 2019
नई दिल्ली। इस बार मानसून विदाई लेने को तैयार नजर नहीं आता। सितंबर का महीना खत्म होने को आया लेकिन अब भी लगता है जैसे सावन-भादौ का महीना चल रहा हो। लगातार हो रही बारिश के कारण देश के कईं राज्यों में हालात बिगड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश में भी इसी बारिश ने कहर ढाया है और राज्य में 48 लोगों की मौत हो गई है।
वहीं आज यानि शनिवार को बिहार में भारी बारिश हो रही है और पिछले 36 घंटे से बरस रहे पानी ने पटना शहर को टापू बना दिया है। शहर के लगभग हर इलाके में पानी भर गया है। अस्पतालों की भी हालत खराब है और मरीजों के पलंगों तक पानी पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने बिहार में आज इस मौसम की सबसे अधिक और खतरनाक बारिश की आशंका जताई गई थी। आम लोगों को आपदा से निपटने के लिए तैयार और सतर्क रहने की हिदायत दी गई थी। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा आज राज्य में 200 एमएम तक बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर है। आशंका है कि गया, जमुई, औरंगाबाद, जहानाबाद समेत कई अन्य जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में करीब एक हफ्ते से अधिकांश जिलों में जारी बारिश पिछले दिनों में आफत बन गई। शुक्रवार को भी पूरे दिन आसमां जमकर गरजा-बरसा। इस कारण नदी-नाले पूरे उफान पर हैं। शहरी इलाके जलमग्न हैं तो हवा ने उड़द, धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों मकान धराशायी हो गए।
केवल यूपी और बिहार नहीं बल्कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों में भी बारिश का कहर लगाता जारी है। मध्य प्रदेश में भी मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आम तौर पर एक सितंबर से शुरू हो जाती है वापसी
मौसम की वर्तमान स्थितियों को देखते हुए लगता है कि मानसून अक्टूबर के पहले सप्ताह से लौटना शुरू होगा। मानसून की वापसी तय समय से एक माह देरी से शुरू होगी। मौसम विभाग के प्रमुख ने शुक्रवार को यह अनुमान जाहिर किया है।
भारत में खेती के लिए महत्वपूर्ण मानसून सामान्य रूप से जून में सक्रिय होता है और एक सितंबर से इसकी वापसी शुरू होती है। लेकिन इस साल तय अवधि के बाद भी बारिश हो रही है। इस कारण देश के पश्चिमी हिस्से में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।
भारत मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा, "मानसून की वापसी में देरी हो चुकी है। अगले 10 दिनों तक इसकी वापसी की संभावना नहीं दिख रही क्योंकि सत्र के अंत की स्थिति नहीं बन पाई है।

इलाज की दरें 200% तक बढ़ीं, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले- ज्यादा प्राइवेट अस्पताल जुड़ेंगे
27 September 2019
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) यानी आयुष्मान भारत में इलाज के पैकेज की दरें बढ़ गई हैं। इजाफा 10 से 200% तक है। हालांकि, इस फैसले से मरीजाें पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस याेजना में पांच लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस है। खर्च इंश्योरेंस कंपनी या सरकार देती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि पैकेज रेट रिवाइज करने से याेजना में और ज्यादा प्राइवेट अस्पताल शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि ज्यादातर अस्पताल पैकेज रेट बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने 270 तरह की सर्जरी और जांचाें की कीमत बढ़ाई है। बाईपास सर्जरी, घुटना-कूल्हा प्रत्यारोपण, अपेंडिक्स, गाल ब्लैडर में पथरी, ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी पेसमेकर-स्टेंट लगवाने की दरें बढ़ाई हैं। ब्रेस्ट कैंसर में सर्जरी के बाद दाे के बजाय अब सात कीमोथैरेपी दी जाएंगी। डायलिसिस भी सस्ता हुअा है। एक सिटिंग की दर 2000 के बजाय 1500 रुपए हाेगी। इन बदलावाें पर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) का गवर्निंग बोर्ड मुहर लगा चुका है।
554 तरह के पैकेज हटाए, 237 नए पैकेज जाेड़े
वर्तमान में लागू 1392 तरह की जांच, प्राेसीजर और सर्जरी में से 554 काे हटाया गया है। 237 नई जांच, प्रोसीजर और सर्जरी जोड़ी गई हैं। 57 से ज्यादा जांच, प्रोसीजर और सर्जरी की कीमतें घटाई गई हैं। 469 तरह के पैकेज में काेई बदलाव नहीं है। नए फैसलाें के बाद पैकेज की संख्या करीब 900 हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पैकेज के अंदर सब-पैकेज बनाए गए हैं। इनकी कुल संख्या करीब दो हजार होगी।
>>.46,40,000 से ज्यादा लाेगाें काे लाभ मिला
>>.10,48,65,190 परिवाराें को ई-कार्ड सौंपा गया
>>.62% मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में हुआ
>>.7500 करोड़ रुपए अभी तक मरीजों के इलाज पर खर्च

उत्तर प्रदेश-त्रिपुरा में भाजपा और केरल में लेफ्ट की जीत, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बढ़त
27 September 2019
नई दिल्ली. चार राज्यों में 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे शुक्रवार को घोषित हो गए। हमीरपुर सीट पर भाजपा के युवराज सिंह को जीत मिली। पाला सीट पर लेफ्ट सत्ताधारी एलडीएफ के मणि सी कप्पन ने यूडीएफ के जोस टॉम पुलीक्कुनेल को हराया। बाधरघाट सीट से भाजपा की मिनी मजूमदार जीतीं। दंतेवाड़ा से कांग्रेस की देवती कर्मा आगे चल रही हैं।
23 सितंबर को उत्तर प्रदेश (हमीरपुर), छत्तीसगढ़ (दंतेवाड़ा), केरल (पाला) और त्रिपुरा (बाधरघाट) सीट पर उपचुनाव हुआ था।
हमीरपुर: हमीरपुर सीट पर भाजपा के युवराज सिंह और सपा के मनोज प्रजापति के बीच मुख्य मुकाबला था। कांग्रेस ने यहां से दीपक निषाद और बसपा ने नौशाद अली को मैदान में उतारा था। हमीरपुर सीट भाजपा विधायक अशोक कुमार सिंह चंदेल को हत्या के एक मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद खाली हुई है।
दंतेवाड़ा: 23 सितंबर को उपचुनाव के लिए हुए मतदान में यहां 60.21% मतदाताओं ने वोट डाले थे। उपचुनाव में कुल नौ प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सीधा मुकाबला भाजपा की प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी और कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा के बीच है। भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या के चलते यह सीट खाली हो गई थी। भाजपा ने दिवंगत विधायक की पत्नी ओजस्वी को मैदान में उतारा है।
पाला: केरल की पाला विधानसभा सीट पर 71.48% मतदान हुआ था। पूर्व वित्त मंत्री और केरल कांग्रेस (एम) के नेता केएम मणि के निधन के कारण यहां उपचुनाव कराया गया।
बाधरघाट: त्रिपुरा की बाधरघाट सीट भाजपा के विधायक रहे दिलीप सरकार के निधन होने के चलते खाली हो गई थी। इस सीट पर कुल 79 फीसदी वोटिंग हुई थी।

विक्रम की चांद पर हार्ड लैंडिंग हुई, नासा ने लैंडिंग साइट की तस्वीरें जारी कीं
27 September 2019
न्यूयॉर्क. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शुक्रवार को चंद्रयान-2 पर अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा गया है कि चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग हुई। एजेंसी ने उस जगह की कुछ तस्वीरें भी जारी कीं, जहां विक्रम की लैंडिंग होनी थी। हालांकि, विक्रम कहां गिरा इस बारे में पता नहीं चला पाया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद पर रात हो चुकी है, इसके चलते ज्यादातर सतह पर सिर्फ परछाइयां ही दिखाई दे रही हैं। ऐसे में हो सकता है कि लैंडर किसी परछाई में छिप गया हो।
नासा अक्टूबर में दक्षिणी ध्रुव से अंधेरा छंटने के बाद एक बार फिर अपने लूनर रिकॉनेसा ऑर्बिटर (एलआरओ) के कैमरे से विक्रम की लोकेशन जानने और उसकी तस्वीर लेने की कोशिश करेगा। पहले भी एजेंसी ऐसी कोशिशें कर चुकी है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
सतह पर गिरकर तिरछा हो गया था विक्रम लैंडर
इससे पहले इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि लैंडिंग के दौरान विक्रम गिरकर तिरछा हो गया है, लेकिन टूटा नहीं है। इसरो ने लैंडर से 21 सितंबर तक संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद दक्षिणी ध्रुव पर अंधेरा छा गया।
लैंडर न मिलने के बाद नासा ने बढ़ाया था इसरो का हौसला
इससे पहले नासा ने चंद्रयान-2 को लेकर ट्वीट किया था। उसने लिखा, “अंतरिक्ष कठिन है। हम इसरो के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-2 को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं। आपने हमें प्रेरित किया है और भविष्य में हम सौर मंडल का पता लगाने के लिए साथ काम करेंगे।”
2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया
इससे पहले इसरो ने 7 सितंबर को बताया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने से 2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया। विक्रम 2 सितंबर को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से अलग हुआ था। इस मिशन को 22 जुलाई को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था।
लैंडर से संपर्क नहीं हुआ, लेकिन ऑर्बिटर बेहतरीन काम कर रहा है: इसरो
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के चेयरमैन के. सिवन का कहना है कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्छे से काम कर रहा है, हालांकि लैंडर 'विक्रम' के साथ किसी तरह का संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने ये भी बताया कि लैंडर के साथ हुई गड़बड़ी का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की एक समिति विश्लेषण कर रही है। जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतरिक्ष एजेंसी अपने आगे की योजना पर काम शुरू करेगी।

अयोध्या: राम मंदिर पर 18 अक्टूबर को आएगा फैसला, संतों के बीच खुशी की लहर
26 September 2019
नई दिल्ली: अयोध्या मसले में सुप्रीम कोर्ट अब 18 अक्टूबर के बाद कोई सुनवाई नहीं करेगी. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने आज इस बात को स्पष्ट कर दिया है. साथ ही चार हफ़्तों में निर्णय आने को चमत्कार के रूप में बताया है. यह खबर आते ही अयोध्या के संतों में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक आशा प्रबल हो गई है. संत समाज सीजेआई के इस निर्णय का स्वागत कर गदगद महसूस कर रहा है तो वहीं बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी भी इस फैसले को सही ठहरा रहे हैं.
इकबाल अंसारी का कहना है कि कोर्ट आज ही फैसला करदे उस फैसले को मानने के लिए तैयार है. वह अब इस फैसले को लेकर कोई राजनीति नहीं करना चाहते और न ही फैसले को लटकाना चाहते हैं. अयोध्या के संत समाज भी राम मंदिर को लेकर आशा के साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर देख रहे हैं.
श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का कहना है कि भगवान श्री राम के जन्म स्थान को लेकर कोई संसय नहीं है. राम के लिए प्रमाण की जरूरत नहीं है. अयोध्या की सुंदरता उसका अस्तित्व भगवान श्री राम से ही है. यदि कोई प्रमाण दे कि राम का जन्म कहीं और हुआ तो बताएं. आज जहां श्री राम विराजमान हैं, वही उनका जन्म स्थान है. उसपर कुछ कहना मूर्खता और अज्ञानता ही होगी.
आचार्य सतेंद्र दास का कहना है कि अयोध्या मसला जटिल है. संविधान पीठ के पैनल को सुनवाई के लिए धन्यवाद है. अब नवंबर तक फैसला आने की आशा संत समाज रख रहा है. सितंबर 2010 को हाई कोर्ट ने जो निर्णय दिया था वह किसी को समझ नहीं आया था. सुप्रीम कोर्ट सूझबूझ से निर्णय देगा संतों को यह विश्वास है, हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के महज 10 दिन बचे हैं.

मध्य प्रदेशः CM कमलनाथ ने 'भोज मेट्रो' परियोजना का किया उद्घाटन, ऐसी होगी ट्रेन
26 September 2019
भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने आज भोपाल में मेट्रो परियोजना का शिलान्यास किया. इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, महापौर आलोक शर्मा और भोपाल के विधायक आरिफ मसूद भी मौजूद रहे. हालांकि मेट्रो के पटरी पर दौड़ने में अभी तीन साल से ज्यादा का समय है, लेकिन भोपाल के लोगों ने इस परियोजना को लेकर खुशी जताई है. बता दें मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27 किलोमीटर में दो कॉरीडोर बनाए जाएंगे. एक कॉरिडोर करोंद सर्कल से लेकर एम्स तक और दूसरा भदभदा चौराहे से रत्नागिरी चौराहे तक होगा.
इस दौरान अपने भाषण में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, 'आज मध्य प्रदेश में इतिहास बनने जा रहा है. इस अवसर पर मैं आज आप सबको एक कहानी बताना चाहता हूं. कभी भोपाल का लेक काफी गंदा हुआ करता था, न सड़कें थी और न ही सफाई. उस वक्त में पर्यावरण मंत्री था. मैंने भोपाल के विकास के लिए बहुत पैसे दिए हैं. आज मुझे वो समय याद आता है. मुझे मेरी जवानी का वक्त याद आता है.'
सीएम कमलनाथ ने महापौर आलोक शर्मा से कहा कि, 'मैं आज आपको मेट्रो का इतिहास बताना चाहता हुं. मैं जयपुर गया था वहां मैंने देखा थी मेट्रो. तब सोचा था कि मेट्रो भोपाल में और इंदौर में क्यों नहीं चल सकती. मैंन बाबूलाल गौर को फोन किया था उन्होंने कहा था हमारे पास पैसा नहीं है. तब मैंने कहा था पैसे ले जाइये.'
सीएम कमल नाथ ने महापौर आलोक शर्मा से कहा कि, 'आप महापौर हैं, आपका बहुत वजन है. दिल्ली से केंद्र से पैसे दिलाइये. आज भोपाल को फैलाने की चुनौती है. भोपाल इंदौर को फैलाना है. आज भोपाल नहीं मध्य प्रदेश का इतिहास बनने जा रहा है. भोपाल आते थे तो दुख के साथ देखते थे. उस समय मैं केंद्र में पर्यावरण मंत्री था. मैंने भोपाल को सुधारने, लेक की सफाई के लिए पैसा दिया. इसके एक साल बाद दिग्विजयसिंह मुख्यमंत्री बने तो उनकी भी इसमें दिलचस्पी थी. आलोक जी आप केंद्र से जितना पैसा ला सकते हैं लाइए, हो सकता है 4 की जगह 3 साल में ही मेट्रो बनकर तैयार हो जाए.'

'स्वच्छ भारत दिवस' रूप में मनाई जाएगी बापू की 150वीं जयंती, PM गुजरात में स्वच्छता महासम्मेलन में होंगे शामिल
26 September 2019
नई दिल्लीः राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात जाएंगे. खबर है कि राष्ट्रपिता बापू की 150वीं जयंती का पर्व 2 अक्टूबर को गुजरात में मनाया जाएगा. ऐता बताया जा रहा है कि 2 अक्टूबर को देशभर में "स्वच्छ भारत दिवस" के तौर पर मनाया जाएगा. इस दौरान स्वच्छता का संदेश देश और दुनिया में पहुंचाया जायगा. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अक्टूबर को पूरे देश को खुले में शौच से मुक्ति का ऐलान करेंगे. इस दौरान साबरमती रिवरफ्रन्ट (अहमदाबाद) में 20,000 से ज्यादा सरपंच स्वछता की प्रतिज्ञा के साथ महासम्मेलन आयोजित किया जायगा.
गुजरात के 10,000 और विविध राज्यों के 10000 सरपंच इस सम्मलेन में शामिल होंगे. सभी सरपंच 4 जोन में गांधीजी की स्मृति से जुड़े स्थलों की मुलाक़ात कर गांधी विचारों को लोगों के बीच रखेंगे.
देश विदेश के महानुभावो समेत केंद्र सरकार के मंत्री मंडल के सदस्य, अधिकारी और महानुभाव उपस्थित रहेंगे.


मुझे जेल जाने का अनुभव नहीं, अगर कोई भेजना चाहता है तो उसका स्वागत: शरद पवार
25 September 2019
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस पर शरद ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अब तक जेल जाने का अनुभव नहीं रहा। अगर कोई उन्हें जेल भेजना चाहता है तो वे इसका स्वागत करते हैं। मुझे इससे खुशी होगी। ईडी ने यह कार्रवाई महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के तहत की है। पवार के भतीजे अजित के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।
पवार ने कहा, ‘‘मैं जांच एजेंसियों को धन्यवाद देता हूं, क्योंकि उन्होंने ऐसे बैंक से संबंधित एक मामले में मेरा नाम शामिल किया है, जिसका मैं सदस्य भी नहीं हूं। मैं इसके निर्णयों में शामिल नहीं था। अगर उन्होंने मेरे खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, तो इसका स्वागत करता हूं। मुझे तब आश्चर्य होता जब राज्य के कई जिलों में अपनी यात्रा के दौरान मुझे मिली प्रतिक्रिया के बाद भी मेरे खिलाफ ऐसी कार्रवाई न की जाती।’’
मामले में अजित समेत 70 पूर्व कर्मचारियों के नाम
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। यह पुलिस एफआईआर की तरह होती है। इसमें बैंक के पूर्व चेयरमैन, महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार और कोऑपरेटिव बैंक के 70 पूर्व कर्मचारियों के नाम हैं।
बीते 22 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अजित पवार और 69 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक स्कैम में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। ईडी की जांच के बाद इसमें शरद पवार का नाम बढ़ाया गया।
क्या है मामला?
शिकायत में दावा किया गया है कि 2007 से 2011 के बीच बैंक को करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। मामले को लेकर नाबार्ड और महाराष्ट्र सहकारिता विभाग की ओर से मामले को लेकर दायर की गई रिपोर्ट में बैंक को हुए नुकसान के लिए अजित और बैंक के दूसरे निदेशकों को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक अधिकारियों की निष्क्रियता और उनके द्वारा लिए गए निर्णय के चलते बैंक को काफी नुकसान हुआ है।
कर्ज देने के नियमों में किया गया था उल्लंघन
नाबार्ड की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक शकर कारखानों को कर्ज देने में बड़े पैमाने पर बैंक की ओर से कर्ज देने में नियमों का उल्लंघन किया गया है। तब अजित बैंक के निदेशक थे। नाबार्ड की इस रिपोर्ट के बावजूद कोई एफआईआर नहीं दर्ज की गई थी।
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र अरोड़ा ने इस मुद्दे को लेकर पहले पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में साल 2015 और 29 जनवरी 2018 को शिकायत की थी। इसके बाद वकील एसबी तलेकर के माध्यम से मामले को लेकर एफआईआर दर्ज किए जाने का निर्देश देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

सड़क हादसे में 9 की मौत, सेना की भर्ती में शामिल होकर ऑटो से घर लौट रहे थे युवक
25 September 2019
जींद. हरियाणा के जींद जिले में मंगलवार रात एक तेल टैंकर ने ऑटो को टक्कर मार दी। इसमें ऑटो चालक समेत 9 लोगों की मौत हो गई। ऑटो में 11 लोग सवार थे। युवक सेना की भर्ती से लौट रहे थे। एक युवक गंभीर रूप से घायल है। सभी मृतक जींद जिले के रहने वाले थे।
मंगलवार को सेना में भर्ती रखी गई थी। इसमें जींद के 10 युवकों का चयन हुआ था। मेडिकल और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन्होंने शाम 7 बजे हिसार से ऑटो किराए पर किया और जींद के लिए चल पड़े। ऑटो रामराये गांव के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे टैंकर ने ऑटो में सीधी टक्कर मार दी।
ऑटो के परखच्चे उड़े, युवक टैंकर के नीचे फंस गए
टैंकर की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए। सभी ऑटो सवार टैंकर के नीचे फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने क्रेन को बुलाया और युवकों को बाहर निकालकर सिविल अस्पताल में भेजा। डॉक्टरों ने 9 को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक को रोहतक रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टैंकर ओवरस्पीड था, सामने से लाइट पड़ी तो ऑटो चालक को दिखा नहीं
पुलिस के मुताबिक, तेल टैंकर ओवर स्पीड में था। सामने से लाइट पड़ने के कारण ऑटो चालक को टैंकर नहीं दिखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑटो में तय संख्या से ज्यादा लोग थे। ऑटो में सवारियां बिठाने की तय संख्या चालक समेत 5 होती है, जबकि इसमें ड्राइवर समेत 11 लोग थे।

जम्मू कश्मीर, दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके, पाकिस्तान में रहा केंद्र
24 September 2019
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार शाम को भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. भूकंप (Earthquake) का अहसास होते ही लोग दफ्तरों और घरों से बाहर आ गए. बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ के कई इलाकों में महसूस किए गए. भूकंप शाम 4:32 मिनट पर महसूस किया गया. भूकंप का केंद्र भारत-पाकिस्तान सीमा को बताया जा रहा है. इसकी तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई है.
अब तक आई सूचना के मुताबिक भूकंप का सबसे ज्यादा प्रभाव जम्मू कश्मीर में देखने को मिला है. यहां राजौरी, पूंछ जिले के लोगों ने बताया कि उन्हें जोरदार झटके महसूस हुए. सूचना के मुताबकि इसका केंद्र लाहौर से 173 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है. वहीं यह जगह रावलपिंडी से 81 किलोमीटर दूर है.
भूकंप (Earthquake) आने की स्थिति में क्या करें?
भूकंप (Earthquake) जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव मुश्किल है और इसे टाला नहीं जा सकता है. लेकिन आप कुछ समझदारी का इस्तेमाल कर इस कुदरती कहर से अपना बचाव कर सकते हैं.
- भूकंप (Earthquake) के दौरान आपको लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं. इससे भूकंप (Earthquake) का ज्यादा असर होगा.
-अगर आप गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें.
- वाहन चला रहे हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें.
-भूकंप (Earthquake) आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं. बड़ी इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें.
- भूकंप (Earthquake) आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने से चोट न लगे.
- टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे छिप जाएं.
- किसी मजबूत दीवार, खंभे से सटकर सिर, हाथ आदि को किसी मजबूत चीज से ढककर बैठ जाएं.

सियाचिन ग्‍लेशियर की सैर पर भी जा सकेंगे आम भारतीय! सेना बना रही है योजना
24 September 2019
नई दिल्ली. सियाचिन ग्‍लेशियर (Siachin Glacier) जाने की इच्‍छा रखने वाले लोगों के लिए भारतीय सेना (Indian Army) की ओर से अच्‍छी खबर आई है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Army Chief Genral Bipin Rawat) ने बताया कि भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर समेत कुछ चौकियों को आम नागरिकों के लिए खोलने की योजना बना रही है. बता दें कि पहले भी सेना आम भारतीयों को प्रशिक्षण शिविरों (Training Camps) और सैन्य संस्थानों का दौरा करने की अनुमति देती रही है.
'राष्‍ट्रीय एकजुटता के लिए साबित होगा बेहतर कदम'
जनरल रावत ने कहा कि भारतीय सेना और उसकी कार्यप्रणाली में आने वाली चुनौतियों को लेकर आम लोगों में जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है. ऐसे में कुछ चौकियों पर आम लोगों को जाने की अनुमति मिलना राष्ट्रीय एकजुटता के लिए बेहतर कदम साबित होगा. हालांकि, फिलहाल सेना ने यह तय नहीं किया है कि किन जगहों पर भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) को जाने की अनुमति दी जाएगी.
पर्यटक सेना से अनुमति देने का करते रहे हैं आग्रह
सूत्रों के अनुसार, लद्दाख आने वाले भारतीय नागरिक सेना से हमेशा आग्रह करते हैं कि उन्हें टाइगर हिल समेत उन सभी जगहों पर जाने की अनुमति दी जाए, जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा है. सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है जो लद्दाख का हिस्सा है. जम्‍मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद लद्दाख अलग केंद्रशासित प्रदेश बन चुका है. सेना के हजारों जवान कड़ाके की सर्दी के बावजूद यहां सालभर तैनात रहते हैं.
पाकिस्‍तान की आपत्तियों को जनरल रावत ने किया खारिज
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने इस योजना पर पाकिस्तान की आपत्ति जताने की आशंका पर कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है. लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का है. आम नागरिकों को वहां जाने की अनुमति देने जैसे फैसले लेना भारत सरकार पर निर्भर है. 2007 से भारत आम नागरिकों को सियाचिन बेस कैंप से 11,000 से 21,000 फीट तक की ऊंचाई पर कई जगहों पर ट्रेकिंग की अनुमति दे रहा है.

अमृतसर में हादसा, थाने से उठाए कबाड़ में मिला पुराना बम फटा, 2 की मौत
24 September 2019
छेहरटा (अमृतसर)। अमृतसर में सोमवार को एक हादसा हो गया। थाना परिसर में जिस चीज को कबाड़ समझ रहे थे, असल में वह बम निकला। यह फटा तो दो लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंंदर सिंंह ने धमाके में मारे गए दो व्यक्तियों के परिवारों दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। घायल हुए लोगों का इलाज सरकार कराएगी।
कैंटोनमेंट थाने से उठवाए गए कबाड़ में सोमवार देर शाम धमाका होने से दो लोगों की मौत हो गई। ढाई साल के बच्चे सहित छह लोग जख्मी हुए हैं। इनमें एक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि पांच का इलाज चल रहा है। कबाड़ में आतिशबाजी के साथ-साथ पुराना बम भी था, जिसे तोड़ते समय धमाका हो गया।
ऐसे हुई यह घटना
कैंटोनमेंट थाने में इन दिनों साफ सफाई का काम चल रहा है। थाने के होमगार्ड गुरनाम सिह ने तीन दिन पहले कबाड़ का काम करने वाले रत्न लाल से सफाई के बाद सारा कबाड़ (स्क्रैप) उठवा दिया था। इसमें लोहे का सामान, भारी संख्या में पुरानी आतिशबाजी के अलावा अन्य सामान था।
महिला के घर रखवा दिया था
रत्न लाल ने सारा कबाड़ पुतलीघर के पास स्थित लव-कुश नगर में अपनी गली में रहने वाली गोगा नाम की महिला के घर में रखवा दिया था। सोमवार शाम रत्न लाल, राजिदर कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ उसकी छंटाई कर रहे थे। इस बीच उसमें पड़े पुराने बम को हथौड़ी से तोड़ते समय जोरदार धमाका हो गया।
ये आए चपेट में
धमाके से रत्न लाल (65) और माहला गांव निवासी राजिदर कुमार (50) की मौत हो गई, जबकि माहला निवासी शुभम, होमगार्ड का जवान गुरनाम सिह, मंजीत कौर, यश कुमार व अभिषेक कुमार (ढाई साल) घायल हो गए।
घटना स्थल पर मौजूद लोग बता रहे थे कि जब रत्न लाल और राजिदर कबाड़ छांट रहे थे तो एक पुराना ग्रेनेड उनके हाथ लग गया था। राजिदर ने उसकी पिन निकाल दी। देखते ही देखते धमाका हो गया।

यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
20 September 2019
लखनऊ: यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी (BJP) नेता स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) को एसआईटी (SIT) ने शाहजहांपुर (Shahjahanpur) से गिरफ्तार कर लिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री को इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. चिन्मयानंद को उनके ही कॉलेज की छात्रा और उसके पिता द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
बता दें एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें शाहजहांपुर के सरकारी अस्पताल में बुधवार को भर्ती कराया गया था . चिन्मयानंद (73) का उनके मुमुक्षु आश्रम में डॉक्टरों की एक टीम इलाज कर रही थी, जहां वे 13 सितंबर से नजरबंद हैं.
उल्लेखनीय है कि कई दिन से एसआईटी की जांच पर सवालिया निशान लगाए जाने लगे थे. वजह थी तमाम गवाह सबूतों की मौजूदगी के बाद भी आरोपी स्वामी की गिरफ्तारी न होना. दो दिन पहले ही पीड़िता ने अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए थे. तभी आशंकाएं प्रबल होने लगी थीं कि, चिन्मयानंद की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है. पीड़िता के अदालत में बयान दर्ज कराते ही आरोपी चिन्मयानंद कथित बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हो गया था.
उल्लेखनीय है कि, स्वामी पर उनके ही कॉलेज में पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ गठित करवा कर पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था.

चंद्रयान-2: लैंडर विक्रम की मिशन लाइफ हो रही खत्‍म, संपर्क का आखिरी दिन आज
20 September 2019
नई दिल्‍ली: चंद्रयान-2 मिशन के तहत चांद पर भेजे गए विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों का संपर्क अभी तक नहीं हो पाया है. 22 जुलाई को लॉन्‍च किए गए चंद्रयान-2 मिशन के तहत 7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चांद की सतह पर लैंड कराया जाना था. लेकिन चांद की सतह से कुछ ऊपर ही उससे संपर्क टूट गया था.
अब आज विक्रम लैंडर से संपर्क का अंतिम दिन है. अगर आज इसरो के वैज्ञानिक इसमें सफल नहीं हो पाए तो शायद उससे कभी संपर्क ना हो पाए. इसके पीछे का कारण है कि इसकी मिशन लाइफ महज 14 दिन की थी, जो कि आज खत्‍म हो रही है.
7 सितंबर की सुबह हार्ड लैंडिंग के साथ चंद्रमा की सतह पर पहुंचे लैंडर से संपर्क दोबारा साधने की कोशिशों को अब तक कोई कामयाबी नहीं हाथ लगी है. चंद्रमा के एक दिन की अवधि धरती के 14 दिन के बराबर होती है. खगोलशास्त्री के अनुसार सूर्य की रोशनी समाप्ति की ओर है. आज दोपहर बाद पूरी तरह अंधकार में डूब जायेगा चंद्रमा का दक्षिण ध्रुव.
इसरो ने विक्रम लैंडर की कार्य करने की निर्धारित अवधि पहले 14 दिन तय की थी. अब सारा फोकस ऑर्बिटर पर है. अपने सभी निर्धारित लक्ष्यों को इसरो ऑर्बिटर द्वारा हासिल करेगा. ऑर्बिटर सौ प्रतिशत सही है. ऑर्बिटर में लगे सभी 8 पेलोड पूरी तरह से एक्टिव हैं. वे योजना के अनुसार लगातार काम कर रहे हैं.
विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग के बाद इसरो ने ये उम्मीद जताई थी कि विक्रम से एक बार फिर से संपर्क साधने के लिए उनके पास 14 दिनों की अवधि है. इन 14 दिनों में इसरो ने थर्मल ऑप्टिकल तस्वीरों के सहारे विक्रम की स्थिति की जानकारों हासिल की. ये पता चला कि लैंडिंग हार्ड हुई है पर इसकी वजह से इसके ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है.
वैज्ञानिकों ने अपनी उम्मीदों को कायम रखा और लगातार इसरो अपने डीप स्पेस सेन्टर से सिग्नल भेजता रहा. भेजे जाने वाले सिग्नल को ऑर्बिटर ने हर बार रेस्पांड किया पर विक्रम तक सिग्नल पहुंचे जरूर पर उधर से किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई. इस क्रम में नासा ने भी विश्व के अलग अलग जगहों पर स्थापित डीप स्पेस सेन्टर से 8 घंटे प्रति स्पेस सेन्टर से 24 घंटे सिग्नल भेजने की प्रक्रिया को अपनाया है. बावजूद इसके इस दिशा में सफलता नही मिल पाई है.
चन्द्रयान 2 ने मूलतः प्रयोग की दो प्रक्रिया की परिकल्पना की थी. ऑर्बिटर को जहां चंद्रमा की सतह से 100 किमी की दूरी से ऑब्सर्व करना था. वही लैंडर और रोवर को चंदमा की जमीन पर उतरकर, वहां मौजूद मिट्टी को खुरचकर उसे जलाना था, ताकि उसमें मौजूद रासायनिक तत्वों की जानकारी इकट्ठा किया जा सके. लेकिन विक्रम से संपर्क टूटने की स्थिति में इस प्रयोग को अब नहीं किया जा सकता.
इसरो द्वारा दिये गये 14 दिन के समय मे अब कुछ घंटे ही बचे हैं. वैज्ञानिकों को प्राप्त तस्वीरों के आधार पर 19 सितंबर की दोपहर को ही वहां लंबी-लंबी छाया बनने लगी थी. चंद्रमा पर सूर्य की किरणें अस्ताचल हो रही हैं. ऐसे में ये अनुमान लगाना आसान है कि अब तक वहां पूर्ण अंधकार हो चुका है. अब इसरो को एक बार फिर सूर्य उदय का इंतजार करना होगा. 14 दिनों के बाद जब सूर्योदय होगा तो इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि विक्रम लैंडर में मौजूद बैटरी चार्ज होंगी.
निश्चित रूप से लैंडर के हाथों से निकल जाने के बाद कुछ प्रयोग नहीं हो पाएंगे पर चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर बिलकुल दुरुस्त है. उसके 8 पेलोड अपना काम सही तरह से कर रहे हैं. ऑर्बिटर में लगे कैमरे आज के समय के बहुत हाई रेसॉल्युश युक्त कैमरे हैं जो सूक्ष्म से भी सूक्ष्म पदार्थ की बेहद शार्प तस्वीरें ले सकते हैं. ऐसे में ऑर्बिटर इस योग्य है कि मिट्टी को जलाने के प्रयोग को छोड़कर बाकी तमाम निर्धारित प्रयोग ऑर्बिटर सम्भव कर दिखाएगा.

सिंगापुर, थाईलैंड के साथ भारतीय नौसेना की ड्रिल आज होगी खत्म
20 September 2019
नई दिल्ली: अंडमान सागर में थाईलैंड और सिंगापुर के साथ भारत द्वारा किया जा रहा तीन देशों का नौसैनिक सैन्य अभ्यास शुक्रवार को संपन्न होगा. ड्रिल का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में तीन देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री पारस्परिकता का परीक्षण करना है. सिंगापुर, भारत, थाईलैंड मैरीटाइम एक्सरसाइज (एसआईटीएमईएक्स) के दो दिवसीय समुद्री चरण की शुरुआत गुरुवार को हुई थी.
नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि आईएनएस रणवीर, एक निर्देशित मिसाइल विध्वंसक सहित तीन भारतीय जहाज; आईएनएस कोरा, एक मिसाइल कोरवेट और आईएनएस सुमेधा, एक ऑफशोर पट्रोल वेसेल, इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं. भारत के लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी -8आई को भी अभ्यास में तैनात किया गया है.
एक अधिकारी ने कहा, 'विभिन्न गोला-बारुद, बल सुरक्षा उपाय, वायु रक्षा और संचार अभ्यास आयोजित किए जा रहे हैं. इसके साथ ही क्रॉस-बोडिर्ंग संचालन और सतह लक्ष्य शूटिंग सहित अभ्यास भी आयोजित किए गए हैं.'
पोर्ट ब्लेयर में आयोजित अभ्यास के बंदरगाह चरण में, तीनों देशों के नौसैनिक दल के बीच व्यावसायिक बातचीत हुई. इस चरण के अभ्यास में खेल और फूड फेस्टिवल भी आयोजित किए गए थे.

चिदंबरम को बड़ा झटका, न्यायिक हिरासत 3 अक्टूबर तक बढ़ाई गई
19 September 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया हेराफेरी से जुड़े सीबीआई केस में रॉउज एवेन्‍यू कोर्ट ने पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 3 अक्टूबर तक बढ़ाई. चिदंबरम को 14 दिन और तिहाड़ जेल में रहना पड़ेगा. 23 तारीख़ को बेल पर हाईकोर्ट में होनी है सुनवाई. चिदंबरम 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में हैं. कोर्ट ने चिदंबरम को बैंक स्टेटमेंट लेने के लिए पीएनबी बैंक मैनेजर को पत्र देने की इजाज़त दी.
उल्‍लेखनीय है कि चिदंबरम 14 दिनों की न्यायिक हिरासत आज खत्म हो रही थी. उधर, चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट में नियमित जमानत लगाई हुई थी जिस पर पिछले दिनों हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. इससे पहले उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय कुमार कुहर द्वारा दिए गए न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती दी थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को अदालत में पेश किया गया था, जहां विशेष सीबीआई न्यायाधीश कुहर ने उन्हें 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया था.
अदालत ने चिदंबरम द्वारा दायर किए अर्जी को भी स्वीकार कर लिया था. इनमें जेड-श्रेणी की सुरक्षा के साथ एक खाट, बाथरूम के साथ एक अलग सेल और दवाओं की अनुमति मांगी गई थी. उन्होंने जेल में पश्चिमी शैली के शौचालय (इंग्लिश टॉयलेट) की भी मांग की थी. उधर, ईडी केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था.कोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
सुप्रीम कोर्ट में ईडी की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि अगर चिदंबरम को अग्रिम जमानत सुप्रीम कोर्ट देता है तो उसके विनाशकारी परिणाम होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका सीधा असर विजय माल्या, मेहुल चौकसी, नीरव मोदी, शारदा चिटफंड, टेरर फंडिंग जैसे मामले पर पड़ेगा.तुषार मेहता ने सबूत दिखाकर बिना गिरफ्तारी पूछताछ की मांग का विरोध करते हुए कहा था कि जांच कैसे हो, एजेंसी ज़िम्मेदारी से इसका फैसला लेती है. जो आरोपी आज़ाद घूम रहा है, उसे सबूत दिखाने का मतलब है बचे हुए सबूत मिटाने का न्योता देना.

PM मोदी ने शरद पवार पर बोला हमला, कहा- पाकिस्तान का समर्थन कर रहे NCP नेता
19 September 2019
नासिक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पाकिस्तान (Pakistan) का कुछ ज्यादा ही समर्थन कर रहे हैं. पीएम ने अपने भाषण में कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख नई संभावनाओं को गले लगा रहा है, लेकिन विपक्ष के लोग इसमें भी राजनीतिक स्वार्थ ढूंढ रहे हैं. इतना बड़ा फैसला देश ने लिया है. ये ठीक से लागू हो पाए. कम से कम परेशानी के साथ लागू हो पाए. इसके लिए पूरा देश एकजुट है. सभी साथ है, लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं को जिस तरह का बर्ताव और सहयोग करना चाहिए था. वो दिख नहीं रहा है.
नासिक में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''वो विपक्ष के नाते मेरी या देवेंद्रजी की आलोचना करें. वो उनका अधिकार है लेकिन उनके बयान के आधार पर विदेश में हमला हो. ये दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस का कन्फ्यूजन तो समझ में आता है, लेकिन शरद पवार जो कुछ वोट के लिए गलत बयानी करने लगें तो बहुत दुख होता है. शरद पवार जी को पड़ोसी देश अच्छा लगता है. ये उनकी मर्जी है. वहां के शासक ,प्रशासक उनको कल्याणकारी लगते हैं. ये उनका आंकलन है, लेकिन पूरा महाराष्ट्र जानता है. पूरा भारत जानता है. पूरी दुनिया जानती है कि आतंक की फैक्ट्री कहां से आती है.''
राम मंदिर मामले पर कुछ बड़बोले लोग अड़ंगा डाल रहे
मोदी ने कहा, ''मैं देख रहा हूं कि पिछले दो-तीन सप्ताह से कुछ बयानबहादुर और बड़बोले लोग राम मंदिर को लेकर अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं. देश के सभी नागरिकों का भारत के सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान बहुत आवश्यक होता है. जब मामला अदालत में चल रहा हो, सब पक्ष अपनी बात रख रहे हों, कोर्ट लगातार समय निकालकर पूरी बात को सुन रहा हो तब मैं हैरान हूं कि ये बहानबाहदुर क्यों पूरे मामले में अड़ंगे डाल रहे हैं. हमारा सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा होना चाहिए. हमारा बाबा साहब आंबेडकर के दिए संविधान पर भरोसा होना चाहिए. हमारी न्याय प्रणाली पर भरोसा होना चाहिए. इसलिए मैं आज बड़बोले लोगों से हाथ जो़ड़कर विनती करता हूं. भगवान प्रभु राम की खातिर आंख बंद करके भारत की न्याय प्रणाली के प्रति श्रद्धा रखें.''
दरअसल, मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के चुनाव प्रचार का बिगुल फूंका. इसके अलावा पीएम ने सीएम देवेंद्र फणडवीस की महजनादेश यात्रा का भी समापन किया.

जम्मू कश्मीरः 370 हटने के बाद लोगों को मिलने लगा केंद्र की योजनाओं का लाभ
19 September 2019
जम्मूः जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में केंद्र की बहुत सारी योजनाओं से वंचित आम लोगों को अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब सीधा लाभ मिलने लगा है. राज्य का हेल्थ सेक्टर इन योजनाओं को लागू करने में सबसे ज्यादा सुस्त रफ्तारी से चल रहा था. 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की परियोजना जो जेनेरिक दवाईओं के ना मिलने के चलते अपनी शुरुआत में ही बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी थी, उसने अब एकाएक रफ्तार पकड़ ली है.
जम्मू के गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMC) में लान्च हुई योजना के बाद अब जम्मू के एसजीएमसी अस्पताल, सरवाल अस्पताल और गांधी नगर अस्पताल में लोगों को सस्ते दामो में जेनेरिक दवाई उपलब्ध करवाने के केंद्र खुल गए हैं. जम्मू का कनाट प्लेस समझे जाने वाले इलाके गांधीनगर के अस्पताल में तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 28 अगस्त को खोला गया था.
लदाख के कारगिल और लेह समेत राज्य के सभी 22 जिला अस्पतालों और उप जिला अस्पतालों, और सीएचएस हेल्थ सेंट्रो में फटाफट प्रधानमंत्री जान औषधि केंद्र खोले जा रहे है.
इन केंद्रों में गैस्ट्रिक, ब्लड प्रेशर, शुगर, एंटीबायोटिक्स और हार्ट पेशेंट्स के लिए 125 से लेकर 800 किस्म की जेनरिक दवाइयां रोगियो को सस्ते दामो पर मिल रही हैं.
उदहारण के लिए गैस्ट्रिक मरीजों के लिए बाजार में 110 रुपये में Pentaprazole का मिलने वाला एक पत्ता यहां सिर्फ 10 रुपये में मिल रहा है. शुगर के रोगियो के लिए बाजार में 30 से 50 रुपये के अलग-अलग ब्रांडेड कंपनियो के मिलने वाले मेट्रोफिन 500 mg का 10 tblt वाला 1 पत्ता इन केंद्रों में सिर्फ 4 रुपये का मिलता है.
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की बढ़ती लोकप्रियता और क्वालिटी मेडिसिन को देखते दवाई निर्माता कंपनियां सस्ती दवाईओं के प्रति रोगियो में भ्रामक प्रचार भी कर रही हैं. जिसको काउंटर करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी मीडिया से सहयोग मांग रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो के अनुसार जल्द ही जम्मू और कश्मीर के बड़े अस्पतालों में स्थापित इन केंद्रों में कैंसर रोगियो के लिए भी दवाइयां उपलब्ध होंगी.
इन दवाई केंद्रों से दवाइयां लेने वाले रोगी मोदी सरकार का शुक्रिया अदा करते नही थकते, जिसने गरीब रोगियों को ब्रांडेड कंपनियों की लूट-खसोट से बचाया है.

देशभर में ई-सिगरेट और ई-हुक्का पर पूरी तरह प्रतिबंध, पहली बार पकड़े जाने पर 1 साल की सजा
18 September 2019
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने आज देशभर में ई सिगरेट और ई हुक्का पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस निर्णय के बाद देश में ई-सिगरेट और ई हुक्का बनाने, बेचने, एक्सोर्ट-इंम्पोर्ट विज्ञापन और ड्रिस्ट्रीब्यूशन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. अब ई सिगरेट और ई हुक्का के इस्तेमाल पर जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है. पहली बार ई सिगरेट और ई हुक्का के इस्तेमाल 1 लाख का जुर्माना होगा. पहली बार ई सिगरेट और ई हुक्का पीते पकड़े जाने पर 1 साल की सजा का प्रावधान किया गया है.
दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 लाख जुर्माना और 3 साल की सजा या दोनों.
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया गया. बैठक के दौरान फैसला हुआ कि 11 लाख से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन की सैलरी बोनस के तौर पर दी जाएगी. सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया रेलवे कर्मचारियों को बोनस की यह रकम वेतन की तरह ही दी जाएगी.
2024 करोड़ रुपया खर्च होगा
रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने के लिए सरकार को कुल 2024 करोड़ रुपया खर्च करना होगा. यह लगातार छठा साल है जब सरकार की तरफ से बोनस का ऐलान किया गया है. सरकार का मानना है बोनस देने से रेलवे कर्मचारियों की कार्य करने की क्षमता में इजाफा होगा. आपको बता दें इस समय भारतीय रेलवे में करीब 11.52 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं. इस फैसले का फायदा सभी को मिलेगा.

ओवैसी ने कहा- बीजेपी और एनडीए नेताओं को कैसे पता कि अयोध्या पर फैसला क्या आएगा?
18 September 2019
नई दिल्ली: अयोध्‍या केस की 26वें दिन की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सभी पक्षकारों से कहा है कि इस विवाद में बहस 18 अक्‍टूबर तक खत्म कर ली जाएगी. इस पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बुधवार को कहा कि हर पार्टी को बहस का पूरा वक्त मिलना चाहिए.
ओवैसी ने राम मंदिर मुद्दे पर मध्यस्थता करने वाली की चिट्ठी लीक होने पर भी सवाल उठाए और पूछा कि यह चिट्ठी कैसे मीडिया तक पहुंच गई. अजीब बात है कि मध्यस्थता करने वाले चिट्ठी मीडिया में लीक कर रहे हैं.
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि बीजेपी नेताओं को कैसे पता है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा. जजमेंट तो सुप्रीम कोर्ट को देना है. उन्होंने कहा कि चुनाव आ गया है तो बयानबाजी करने शुरू हो गए. चुनाव नहीं आता तो भूल जाते. ओवैसी ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इंसाफ करेगा.
18 अक्‍टूबर तक अपनी दलीलें समाप्‍त करने की CJI ने मामले में पक्षकारों के मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करने की मांग पर कहा कि अगर 2 पक्ष आपस में मध्यस्थता के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास करना चाहते हैं तो वे कर सकते हैं मगर सुनवाई नहीं रुकेगी, सुनवाई जारी रहेगी. 18 अक्‍टूबर तक अगर दो पक्षों के बीच मध्यस्थता पर कोई बात बनती है तो वे अपनी रिपोर्ट कोर्ट को दें. मध्यस्थता को लेकर गोपनीयता बनी रहेगी. मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी भेज कर बताया था कि कुछ पक्ष इसे जारी रखना चाहते हैं.

रामसे बदर्स में कोई भाई प्रोडक्शन एक्सपर्ट था तो कोई साउंड और राइटिंग का
18 September 2019
नई दिल्ली आप देश में कहीं भी रामसे ब्रदर्स का नाम लीजिए तो तुरंत लोग उन्हें पहचान लेंगे. जवाब होगा-वहीं हॉरर फिल्मों वाले रामसे ब्रदर्स. रामसे ब्रदर्स और हॉरर फिल्म इस देश में एक दूसरे के पूरक हो गए थे. आजादी के बाद रामसे परिवार कराची से मुंबई आया. फिर देखते ही देखते सातों भाइयों ने फिल्म के सारे डिपोर्टमेंट संभाल लिये. हर भाई फिल्म की किसी ना किसी विधा का विशेषज्ञ बन गया. कोई अच्छा डायरेक्टर तो कोई प्रोड्यूसर, कोई एडीटर तो कोई राइटर ..कोई तकनीक मामलों का जानकार तो कई उम्दा सिनेमेटोग्राफर.
60 औऱ 70 के दशक में जब रामसे ब्रदर्स फिल्में बनाते थे तो उन्हें बाहर से यूनिट के लिए किसी की जरूरत नहीं पड़ती थी. हर कोई उनके परिवार का ही होता था, जो फिल्म प्रोड्कशन से जुड़ा कोई ना कोई विभाग संभाल लेता था. यहां तक सात रामसे ब्रदर्स की बीवियां भी उनकी यूनिट से जुड़ी होती थीं. उसमें कोई यूनिट के खाने का जिम्मा संभाल रही होती थी तो कोई डिजाइनर का काम करती थी कोई व्यवस्था का काम संभालती थी.
30 से ज्यादा हिट हॉरर फिल्में
रामसे ब्रदर्स ने 30 से ज्यादा हिट हॉरर फिल्में बनाई. जितनी फिल्में बनाईं वो सभी कम बजट की थीं. बॉलीवुड में जब भी कभी हॉरर फिल्मों की बात की जाएगी तो वो बगैर इस परिवार के अधूरी रहेगी. उनकी पहली फिल्म दो गज जमीन के नीचे थी.
जिसने फिल्मी दुनिया में हॉरर फिल्म की सफलता के झंडे गाड़ दिये. ये फिल्म जब बनी तब कहा जाता था कि बॉलीवुड की कोई भी फिल्म एक साल और 50 लाख रुपए से कम में नहीं बनती लेकिन ये केवल 40 दिनों में साढ़े तीन लाख रुपए में बनी. इस फिल्म में 45 लाख रुपए का फायदा कमाया.
एक्टर्स से अपने कपड़े खुद लाने को कहा
इस फिल्म के बारे में कहा जाता है कि सभी सात रामसे ब्रदर्स अपनी बीवियों, पेरेंट्स और एक छोटे से फिल्म क्रू के साथ दो बसों में बैठी और ये महाबलेश्वर के एक सरकारी गेस्ट हाउस में पहुंची. जहां आठ कमरे उन्होंने किराये पर लिये. इसी में सारी शूटिंग पूरी हुई. कोई सेट भी नहीं बनाया गया. उन्होंने एक्टर्स के लिए कोई कपड़े भी डिजाइन नहीं कराए बल्कि एक्टर से अपने कपड़े खुद लाने को कहा. कैमरे किराए पर लाए गए थे.
जैसे ही ये फिल्म रिलीज हुई, ये हाउसफुल हो गई. रामसे ब्रदर्स की फिल्में आमतौर पर सेक्स और भूत-प्रेतों के कांबिनेशन के तौर पर याद की जाती थीं.
रेडियो की दुकान से फिल्मों तक
रामसे ब्रदर्स के पिता फतेहचंद यू रामसिंघानी कराची में एक रेडियो की दुकान चलाते थे. जब वो मुंबई आए तो उन्होंने अपने नाम के आगे रामसे जोड़ा. वहां उन्होंने फिल्मों में हाथ आजमाने का फैसला किया. उन्होंने शुरुआती दो तीन फिल्में हॉरर नहीं बनाईं थीं लेकिन जब ये अच्छी चलीं तो उन्होंने हॉरर फिल्मों के साथ ही जुड़े रहने का फैसला किया.
बीवियां यूनिट के खाने का डिपार्टमेंट देखती थीं
70 और 80 के दशक में रामसे बंधुओं का नाम सफलता का पर्यात था. रामसे ब्रदर्स में आमतौर पर सभी सात भाई प्रोडक्शन से रिलीज तक काम संभालते थे. उनमें कोई प्रोड्यूसर था तो कोई डायरेक्टर था. ये भाई म्युजिक कंपोजिंग, कैमरा मैन, एडीटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग के साथ पोस्ट प्रोडक्शन में उस्ताद थे. बल्कि ये केवल फिल्म ही नहीं बनाते थे बल्कि फिल्म ड्रिस्ट्रीब्यूशन का काम भी करते थे. जब भी रामसे ब्रदर्स फिल्में बनाते थे तो उनकी बीवियां यूनिट के खाने से लेकर मेकअप और कास्ट्यूम डिजाइनिंग का काम संभालती थीं.
अब टूटने लगा है तिलिस्म
रामसे बंधुओं में तुलसी रामसे की मृत्यु दो तीन साल पहले हो गई थी जबकि श्याम रामसे का निधन 18 सितंबर को हुआ. इसके अलावा रामसे बंधुओं में कुमार, केशु, किरन, गांगुली और अर्जुन रामसे भी शामिल हैं. अधिकतर फिल्मो में निर्देशन का काम तुलसी और श्याम ने संभाला तो स्टोरी और स्क्रीनप्ले का काम कुमार रामसे, प्रोडक्शन डिजाइन का काम अर्जुन ,सिनेमेटोग्राफी का काम गांगुली रामसे और केशु रामसे ने म्य़ुजिक और साउंड का काम किरन रामसे ने संभाला.
अब तो रामसे ब्रदर्स की तीसरी और चौथी पीढ़ी भी आ गई है. इनमें से कुछ फिल्म निर्माण से जुड़े हैं तो कुछ अलग क्षेत्रों में भाग्य आजमा रहे हैं. दरअसल 90 के दशक के बाद रामसे ब्रदर्स का तिलिस्म टूटने लगा और उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं थीं.
1990 में लोगों का रुझान कम होने की वजह से उन्होंने बी Grade की कई हॉरर फिल्में बनाईं. अब नई तकनीक और बदले रुझान के साथ इंटरनेट पर फिल्मों के प्रसार के बाद उनकी फिल्मों का बाजार खत्म हो गया. रामसे ब्रदर्स का ग्राउंड फ्लोर ऑफिस पिछले 18 सालों से कहीं ज्यादा समय से बंद पड़ा है. फिर भी हम मान सकते है हिंदी हॉरर फिल्मों का अकेला शहंशाह घराना रामसे ब्रदर्स ही हैं.

अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी ने छुए मां के पैर, आशीर्वाद के साथ मिले 501 रुपये
17 September 2019
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अपने 69वां जन्मदिन पर गांधीनगर (Gandhinagar) जाकर अपनी मां हीराबेन मोदी (Heeraben Modi) से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. पीएम मोदी की मां ने उन्हें आशीर्वाद के साथ ही 501 रुपये भी दिए. पीएम मोदी ने अपनी के साथ लंच भी किया. घर के बाहर पीएम ने आम लोगों से भी बात की और उनको ऑटोग्राफ भी दिए.
इससे पहले नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन पर अपने गृहराज्य गुजरात में ही रहे और कई कार्यक्रमों में शामिल हुए. केवडिया में सरदार सरोवर बांध के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज के दिन मां नर्मदा के दर्शन होना बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ रहते हुए भी विकास किया जा सकता है.
पीएम मोदी खलवानी इको-टूरिज्म मै सैर का आनंद लिया.उसके बाद वे केवडिया के कैक्टस गार्डन गए.प्रधानमंत्री नरेंद्र सरदार सरोवर बांध पहुंचे. पीएम मोदी ने एकता नर्सरी का दौरा किया. पीएम मोदी ने नर्मदा की पूजा अर्चना भी की. गरुडेश्वर मंदिर में पीएम मोदी ने पूजा अर्चना भी की.
जनसभा को किया संबोधित
सरदार सरोवर बांध के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज के दिन मां नर्मदा के दर्शन होना बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ रहते हुए भी विकास किया जा सकता है.
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी संस्कृति के अनुसार पर्यावरण की रक्षा करते हुए भी विकास हो सकता है. प्रकृति हमारे लिए आराध्य है, प्रकृति हमारा आभूषण है.'
पीएम मोदी ने कहा आज एक तरफ सरदार सरोवर बांध है, बिजली उत्पादन के यंत्र हैं तो दूसरी तरफ एकता नर्सरी, बटर-फ्लाई गार्डन जैसी इको-टूरिज्म से जुड़ी सुंदर व्यवस्थाएं हैं. इन सबके बीच सरदार पटेल जी की भव्य प्रतिमा हमें आशीर्वाद देती नजर आ रही है.
हमने पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा है. एक समय था जब 122 मीटर के लक्ष्य तक पहुंचना ही बड़ी बात थी. लेकिन 5 वर्ष के भीतर 138 मीटर तक सरदार सरोवर का भर जाना, अद्भुत और अविस्मरणीय है.

कर्नाटक में कन्नड़ ही चलेगी: येदियुरप्पा, ममता बोलीं- मातृभाषा से समझौता नहीं।
17 September 2019
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने की अपील पर कई नेताओं ने अपना विरोध जताया है। कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को कहा कि कोई कुछ भी कहे, लेकिन राज्य में सिर्फ कन्नड़ ही चलेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा से कोई समझौता नहीं करेंगे।
कमल हासन ने भी शाह के बयान पर विरोध जताया
>> हिंदी विवाद में फिल्म अभिनेता भी शामिल हो गए हैं। फिल्मों से राजनीति में आए कमल हासन ने कहा कि 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता।
>> येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, ‘‘देश में सभी आधिकारिक भाषाएं समान हैं। हालांकि, कर्नाटक की सैद्धांतिक भाषा कन्नड़ है। हम इसके महत्व से कोई समझौता नहीं करेंगे। राज्य में कन्नड़ ही चलेगी। हम अपनी कन्नड़ और राज्य की संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
>> ममता ने कहा कि हमें सभी भाषाओं और संस्कृतियों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। हम कई भाषाएं सीख सकते हैं, लेकिन हमें अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। दूसरी भाषाओं के सम्मान के लिए हम अपनी मातृभाषा से समझौता नहीं करेंगे।
>> कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार-2 में केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने अमित शाह के हिंदी वाले बयान का समर्थन किया। गौड़ा ने कहा, ‘‘हिंदी सभी को एक करने वाली भाषा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि यह देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं से बड़ी है। हम सभी ने तीन भाषाओं के फॉर्मूला को अपनाया है। प्रधानमंत्री ने भी सदन में कहा था कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान होगा।’’
>> अमित शाह ने 14 सितंबर को कहा था कि हिंदी हमारी राजभाषा है। हमारे देश में कई भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन एक ऐसी भाषा होनी चाहिए जो दुनियाभर में देश की पहचान को आगे बढ़ाए और हिंदी में ये सभी खूबियां हैं।

डीआरडीओ का मानवरहित विमान टेस्टिंग के दौरान चित्रदुर्ग में क्रैश
17 September 2019
बेंगलुरू. डिफेस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) का एक मानवरहित विमान (यूएवी) मंगलवार को टेस्टिंग के दौरान क्रैश हो गया। इसे चित्रदुर्ग टेस्ट रेंज से उड़ाया गया था। 17 किमी. दूर एयरक्राफ्ट के सिस्टम में कुछ खराबी आ गई और वह खेतों में क्रैश हो गया। बताया गया है कि यूएवी के गिरते ही इसमें तेज धमाका हुआ। कुछ ही देर बाद आसपास मौजूद किसान घटनास्थल पर पहुंच गए।
अफसरों के मुताबिक, घटना रूस्तम-2 की एक्सपेरिमेंट फ्लाइट के दौरान हुई। यूएवी चित्रदुर्ग जिले में ही स्थित अर्कनत फार्म में सुबह करीब 7:50 पर गिरा। डीआरडीओ अधिकारियों ने फिलहाल इस दुर्घटना पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।

शरद पवार का ऐलान- महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी
16 September 2019
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का ऐलान किया है. पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र में दोनों पार्टियां 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेंगीं.
शरद पवार ने नासिक में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया. शरद पवार ने कहा कि बाकी बची हुई सीटें उनके गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियों को दी जाएगी. शरद पवार ने कहा कि उनके और कांग्रेस के बीच 15-20 सीटो में उलट फेर हो सकता हैं.
बता दें शरद पवार ने पिछले हफ्ते ही विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा की थी. दोनों नेताओं ने राज्य के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना गठबंधन को रोकने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन के मुद्दे पर बातचीत की थी. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दो महीने का ही समय शेष है.
बता दें 2014 के चुनाव में, भाजपा ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि शिवसेना को 62 सीटें मिली थीं. कांग्रेस और राकांपा को क्रमश: 42 व 41 सीटों के साथ संतुष्ट होना पड़ा था.

योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, उत्तर प्रदेश में भी लागू हो सकता है NRC
16 September 2019
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वह उत्तर प्रदेश में इसे लागू कर सकते हैं. एक अंग्रेजी समाचार पत्र के साथ एक साक्षात्कार में, आदित्यनाथ ने कहा कि NRC लागू कराना एक अहम और साहसपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री ने समाचार पत्र से कहा, "इन बातों को चरण-वार लागू किया जा रहा है और मुझे लगता है कि जब उत्तर प्रदेश को NRC की जरूरत होगी, हम ऐसा करेंगे. पहले चरण में, यह असम मे हुआ है और जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है, यह हमारे लिए एक उदाहरण हो सकता है." आदित्यनाथ ने कहा कि इसे लागू किया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण था और अवैध आव्रजन के कारण गरीबों को होने वाली समस्याओं का भी अंत होगा.
सीएम योगी के बयान पर उत्तर प्रदेश के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि गैर कानूनी तरीके से जो घुसपैठिए हैं उनको लेकर सरकार सख्त हैं. प्रदेश में भी NRC पर काम होगा, क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. केंद्र सरकार ने इस पर अभियान भी चलाया है जो अवैध तरीके से उत्तर प्रदेश में रह रहे हैं और घुसपैठिए हैं, उनको देखते हुए NRC लागू किया जाएगा.
पिछले महीने, असम सरकार ने राज्य में अंतिम NRC सूची जारी की, जिसमें 19 लाख से अधिक लोग बाहर हो गए. असम से अवैध रूप से बसे लोगों को बाहर निकालने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर यह अभियान चलाया गया. इससे पहले, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने राजधानी के लिए NRC की मांग की थी और रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वह अपने राज्य में इसी तरह के नियम के क्रियान्वयन के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं.
बता दें, यूपी के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो प्रदेश में NRC को लागू किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कैबिनेट के साथ चर्चा करेंगे. क्योंकि, उत्तराखंड सीमांत राज्य है और इसकी सीमा दूसरे मुल्क से लगती है, इसलिए यह गंभीर विषय है जिसपर सोचने की जरूरत है.

सुप्रीम कोर्ट से J&K जाने की इजाजत मिलने पर आजाद ने कहा- मुझे राज्य के लोगों की चिंता
16 September 2019
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के दौरे की इजाजत मिलने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का धन्यवाद करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने कहा कि उन्हें राज्य के लोगों की चिंता है और वापस आकर वह सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी देंगे.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुलाम नबी आजाद को जम्मू, अनंतनाग, बारामूला और श्रीनगर जाने और लोगों से बातचीत करने की अनुमति दी है. सुप्रीम कोर्ट ने आजाद को जम्मू-कश्मीर जाने की परमिशन देते हुए कहा कि वह वहां कोई राजनीतिक रैली ना करें.
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने कहा, ‘मुझे भी चिंता है कि जम्मू-कश्मीर में टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं होनी चाहिए. लेकिन उससे पहले प्राथमिकता यह है कि लोग जिंदा रहने के लिए कमाएं और अपने परिवार को खिलाएं.’
उन्होंने दावा किया, ‘बीजेपी के नेताओं को छोड़कर दूसरे दलों के नेताओं को नजरबंद किया गया. कौन आवाज उठाएगा? इसलिए मैं सुप्रीम कोर्ट की शरण में गया. सरकार इसको लेकर चिंतित नहीं है.’’
उन्होंने कहा, 'मैं पूरे राज्य का दौरा करना चाहता था, लेकिन मुझे कुछ स्थानों पर जाने की अनुमति मिली है. मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं. जो भी रिपोर्ट लाऊंगा वो न्यायालय के समक्ष रखूंगा.’ आजाद ने यह भी कहा कि उनका किसी राजनैतिक व्यक्ति से मिलने का इरादा नहीं है.
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को जम्मू एवं कश्मीर में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने साथ ही कहा कि राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर चयनात्मक आधार पर सामान्य स्थिति बहाल की जाए.

देश की टॉप 10 भाषाओं में सिर्फ हिंदी बोलने वाले बढ़े, इंटरनेट पर 94% की बढ़ोतरी
14 September 2019
नई दिल्ली. हिंदी और समृद्ध हो रही है। इंटरनेट पर भी हिंदी का विस्तार हो रहा है। देश की टॉप 10 भाषाओं में सिर्फ हिंदी बोलने वाले बढ़े हैं। बीते चार दशक में हिंदी बोलने वाले 19% बढ़े हैं। अकेले 10 साल में हिंदी भाषी 10 करोड़ बढ़ गए। जबकि इसी दौरान अन्य 9 भाषाएं बोलने वालों की संख्या घटी है।
मलयालम बोलने वालों की संख्या सबसे ज्यादा 28% घटी है। यही नहीं, हिंदी निदेशालय के सरकारी हिंदी शब्दकोष में 20 साल में शब्दों की संख्या साढ़े सात गुना बढ़ी है। इसमें अब शब्द 20 हजार से बढ़कर 1.5 लाख हो गए हैं। जबकि 30 साल में अंग्रेजी के ऑक्सफोर्ड शब्दकोष में 9500 शब्द ही जुड़े हैं।
5 साल में दक्षिण में हिंदी सीखने वाले 22% बढ़े
दक्षिण भारत में हिंदी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा द्वारा आयोजित हिंदी परीक्षा में बैठने वाले लोगों की संख्या पांच साल में 22% बढ़ी है। 2019 में हुई इस परीक्षा में करीब छह लाख लोग बैठे।
2021 में इंटरनेट पर हिंदी इस्तेमाल करने वाले अंग्रेजी से ज्यादा होंगे
>> इंटरनेट में हिंदी सबसे तेज 94% की दर से बढ़ रही है। अंग्रेजी की रफ्तार 19% है। हर पांच में एक व्यक्ति हिंदी में सामग्री ढूंढ रहा है। हिंदी में सामग्री ढूंढ़ने वाले लोग भी दोगुना तेजी से बढ़ रहे हैं।
>> 2021 तक वेब पर 54 करोड़ लोग हिंदी, मराठी, बंगाली आदि में सर्च करने वाले होंगे। सर्वाधिक 35 करोड़ हिंदी वाले होंगे। जबकि अंग्रेजी के 21 करोड़ लोग होंगे।
>> 68% लोग मानते हैं कि उन्हें इंटरनेट पर उनकी भाषा में मिलने वाली सामग्री ज्यादा भरोसेमंद होती है।
दुनिया में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा, 170 देश में पढ़ाई
>> 170 देशों में किसी न किसी रूप में हिंदी पढ़ाई जा रही है। भारत के बाहर करीब 600 हिंदी के स्कूल-कॉलेज हैं। मेंडरिन, स्पैनिश और अंग्रेजी के बाद दुनिया में हिंदी सबसे ज्यादा बोली जाती है।
>> नासा के भाषा विभाग प्रमुख डॉ. ब्रिक्स के मुताबिक, हिंदी दुनिया की एकमात्र ध्वन्यात्मक (फोनेटिक) भाषा है। भविष्य में यही कंम्प्यूटर की भाषा होगी।
>> इसी साल संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने हिंदी में समाचार सेवा भी शुरू की है। ये सम्मान पाने वाली हिंदी पहली गैर-यूएन एशियाई भाषा बन गई है।

रामपुर में बोले अखिलेश यादव, 'बदले की भावना से आजम खान के खिलाफ कार्रवाई कर रहा प्रशासन'
14 September 2019
रामपुर : सपा अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh yadav) के रामपुर दौरे का आज दूसरा और अंतिम दिन है. शनिवार को अखिलेश यादव ने रामपुर में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके केंद्र सरकार और रामपुर प्रशासन पर हमला बोला. उन्‍होंने कहा, 'मैं जब आ रहा था सुबह तो अखबार में देखा कि आजम खान पर बकरी चोरी की एफआईआर दर्ज है.
रामपुर का प्रशासन आजम खान के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है. सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि आज लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ गया है. आज मुकदमों की संख्या देखिये, लोग रो रहे हैं कि हमारे बेटे को जेल भेज दिया.
सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमें लगा भारत सरकार और प्रदेश सरकार अच्छा काम करेगी. लेकिन इन लोगों ने शौचालयों में हमें फंसा दिया. आज मुझे जानकारी मिली है कि लोहिया ट्रस्ट को खाली करा दिया गया है. उन्‍होंने कहा कि अब किन कारणों से हटाया गया है, ये मुझे नहीं पता है. लोहिया ट्रस्ट नेताजी के ट्रस्ट हैं, ये लोगों को पहले ही पता था इसीलिए वहां से सामान पहले से ही हटाया जाने लगा गया था.
सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में न्यूटन और आइंस्टीन आ गए हैं. आपका इंफ्रास्ट्रक्चर डाउन, हेल्थ सेक्टर डाउन, रियलिटी सेक्टर डाउन, अर्थव्यवस्था अगर खराब हुई है तो भारतीय जनता पार्टी की खराब नीतियों की वजह से हुई है.

खटलापुरा घाट में फिर पलटी नाव, जाते-जाते बची तीन मछुआरों की जान
14 September 2019
भोपालः राजधानी भोपाल के खटलापुरा घाट में बीते शुक्रवार को गणपति विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 11 लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है, जहां आज फिर एक हादसे में तीन लोगों की जान जाते-जाते बची है. दरअसल, खटलापुरा घाट में शनिवार की दोपहर तीन लोग बिना लाइफ जैकेट के वोटिंग कर रहे थे और मछलियों को दाना डाल रहे थे, तभी नाव पलट गई और तीनों व्यक्ति डूबने लगे, हालांकि तीनों को रेस्क्यू कर बचा लिया गया है, लेकिन इस हादसे के बाद एक बार फिर प्रशासन पर सवाल उठ खड़े हुए हैं.
बता दें तीनों युवक तालाब में मछली पालने वाले ठेकेदार के कर्मचारी हैं और वह मछलियों को दाना डालने के लिए तालाब में उतरे थे, इसी दौरान नव का संतुलन बिगड़ गया और नाव बीच तालाब पलट गई. मौके पर पहुंचे ASP अखिल पटेल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि तीनों को उनके साथियों ने तुरंत बाहर निकाल लिया गया है. तीनों मछली ठेकेदार के आदमी हैं, ठेकेदार सहित अन्य लोगों को भी लाइफ जैकेट के साथ तालाब में नाव लेकर जाने की समझाईस दी है. घटना में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है.
बता दें भोपाल में शुक्रवार को गणपति विसर्जन के दौरान नाव के पलट जाने से 11 लोगों की डूबकर मौत हो गई. यह हादसा राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) और राज्य आपदा बचाव दल (SDRF) के पास निचली झील के खटलापुरा घाट पर तड़के करीब 4.30 बजे हुआ. मिली जानकारी के मुताबिक विसर्जन के दौरान नाव का संतुलन बिगड़ जाने से नाव पलट गई, जिसमें सवार 18 लोग तालाब में गिर गए. हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि इनमें से 6 लोग तैरकर तालाब से घाट पर आ गए. सूचना मिलने पर आनन-फानन पुलिस प्रशासन, नगर निगम, होमगार्ड, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

यौन शोषण मामले में बढ़ीं चिन्‍मयानंद की मुश्किलें, आश्रम सील, 8 घंटे हुई पूछताछ
13 September 2019
शाहजहांपुर : शाहजहांपुर (Shahjahanpur) की लॉ छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्‍पीड़न के आरोप में एसआईटी ने स्‍वामी चिन्‍मयानंद से गुरुवार देर रात 8 घंटे तक पूछताछ की. इसके साथ ही शाहजहांपुर स्थित उनके दिव्‍य आश्रम को सील कर दिया. एसआईटी छात्रा को लेकर चिन्मयानंद के दिव्य आश्रम पहुंची थी. आश्रम के गेट पर इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. आश्रम के आसपास और अंदर बाहर किसी की भी आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी.
बात दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद पर शोषण के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया था. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चिन्मयानंद पर छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच एसआईटी करेगी और इलाहाबाद हाईकोर्ट जांच की निगरानी करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देते हुए कहा था कि जब तक हाईकोर्ट किसी नतीजे पर नहीं पहुंच जाता है, तब तक छात्रा और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए. सुप्रीम कोर्ट ने उप्र के मुख्य सचिव को निर्देश दिए थे कि वो छात्रा को एलएलएम कोर्स की पढ़ाई को पूरी करने के लिए दूसरे कॉलेज में शिफ्ट करें.

अब ED करेगा आजम खान और जौहर ट्रस्‍ट से जुड़ी बेनामी संपत्ति की जांच
13 September 2019
रामपुर (आमिर) : सपा सांसद आजम खान (Azam khan) और जौहर ट्रस्‍ट से जुड़ी हुई बेनामी संपत्ति की शिकायत की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करेगा. बीजेपी नेता आकाश सक्‍सेना की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को इसकी शिकायत सौंपी गई थी. गृह मंत्रालय की ओर से अब पूरे मामले को ईडी को सौंप दिया गया है.
सपा नेता आजम खान (Azam Khan) पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं. उनके खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने के कई केस दर्ज हैं. इनकी जांच जारी है.

किश्‍तवाड़ में PDP नेता के पीएसओ का हथियार ले भागे आतंकी, लगाया गया कर्फ्यू
13 September 2019
श्रीनगर : जम्‍मू और कश्‍मीर (Jammu kashmir) के किश्‍तवाड़ में आतंकी शुक्रवार को पीडीपी के जिलाध्‍यक्ष शेख नासिर हुसैन के पीएसओ का हथियार छीनकर फरार हो गए हैं. इससे इलाके में दहशत फैल गई. प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाते हुए किश्‍तवाड़ में कर्फ्यू लगा दिया है. बता दें कि गुरुवार को पंजाब-जम्मू कश्मीर बॉर्डर पर एक ट्रक में हथियारों का बड़ा जखीरा मिला था.
पुलिस ने कठुआ के लखनपुर बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान इस हथियार की इस खेप को पकड़ा था. बताया जा रहा है कि यह हथियार पंजाब से श्रीनगर ले जाए जा रहे थे. ट्रक में किरयाने के सामान की आड़ में हथियारों को जम्मू कश्मीर पहुंचाया जा रहा था. पुलिस इन हथियारों के साथ 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने इनके पास से 5 एके-47 रायफल बरामद की है. जिस ट्रक में हथियार मिले हैं उस पर श्रीनगर का नंबर लिखा थे. आतंकवादियों से 4.5 लाख रुपये भी बरामद हुए थे. शुरुआती जानकारी में पता चला है यह ट्रक पंजाब के अमृतसर से श्रीनगर के लिए चला था.

मोटर व्हीकल एक्ट पर बोले CM कमलनाथ, 'मंदी के दौर में क्षमता अनुसार लगे जुर्माना'
12 September 2019
नई दिल्ली: देशभर में आया नया मोटर मोटर व्हीकल एक्ट चर्चा का विषय बना हुआ है. मंदी के दौर में लोगों की जेब पर भारी पड़ने वाले इस एक्ट ने लोगों की नाक में दम कर दिया है. सोशल मीडिया पर भी इस एक्ट को लेकर खूब मीम्स बन रहे हैं. इसी एक्ट के बारे में बात करते हुए मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार को जुर्माने के बारे में एक बार फिर से सोचना चाहिए ताकि मंदी के दौर में लोगों की जेब पर भारी खर्च न पड़े. कमलनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट लिखते हुए कहा कि सड़क हादसों को रोकना और लोगों की जान की हिफाजत हम भी चाहते है पर यह भी देखना चाहिये कि जुर्माना अव्यवाहरिक ना हो, लोगों की क्षमता के अनुरूप हो, भारी मंदी का दौर चल ही रहा है. केंद्र सरकार जुर्माने की राशि पर पुनर्विचार करे और लोगों को राहत प्रदान करें.
वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने केंद्र सरकार के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा है कि इस एक्ट में लगने वाले ज्यादातर जुर्माने की रकम आम आदमी की आदमनी के बराबर है. ऐसे में मैं सीएम से बात करूंगा कि कैसे इस बोझ को कम किया जा सकता है.
बता दें कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार बदले हुए ट्रैफिक नियम और पेनाल्टी की रकम इस हिसाब से है.
1. बिना हेलमेट पहले जुर्माना 100 से 500 और 1500.
2. ट्रिपल राइडिंग पहले 100 अब 500.
3. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट को लेकर पहले 100 अब 500.
4. बिना लाइसेंस पहले 500 अब 5000.
5. ओवर स्पीडिंग पहले 400 अब 1000 से 2000.
6. डेंजरस ड्राइविंग पहले 1000 अब 1000 से 5000 तक.
7. मोबाइल फोन ड्राइविंग करते वक्त पहले जुर्माना 1000 अब 1000 से 5000 तक.
8. गलत साइड गाड़ी चलाने पर पहले 1100 अब 5000 तक.
9. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहले जुर्माना 2000 अब 10 हजार.
10. रेड लाइट जम्प जुर्माना पहले 100, अब पहली बार पकड़े जाने पर 1000 से 5000. दूसरी बार पकड़े जाने पर 2000 से 10 हजार.
11. सीट बेल्ट नहीं पहनने पर पहले 100 अब 1000.

पाकिस्‍तान ने कुलभूषण जाधव को दोबारा काउंसलर एक्‍सेस देने से किया इनकार
12 September 2019
इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को पाकिस्‍तान ने दोबारा काउंसलर एक्‍सेस की सुविधा देने से इनकार कर दिया है. इस संबंध में हमारे सहयोगी WION न्‍यूज चैनल ने पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय से सवाल किया तो प्रवक्‍ता मोहम्‍मद फैसल ने कहा कि दोबारा मीटिंग नहीं होगी. भारत ने इस मुद्दे पर अभी प्रतिक्रिया नहीं दी है.
इससे पहले पाकिस्‍तान सरकार ने दो सितंबर को कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को कांउसलर एक्‍सेस मुहैया कराया. भारत ने पाकिस्‍तान के भारतीय डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर गौरव अहलूवालिया को जाधव से मिलने भेजा. गौरव अहलूवलिया और कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के बीच ढाई घंटे मुलाकात हुई.
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्‍तान ने दोनों की मुलाकात अज्ञात जगह करवाई. इस दौरान पाकिस्‍तानी अधिकारी भी मौजूद रहे. पाकिस्‍तान की ओर से बिना शर्त के काउंसलर एक्‍सेस देने की बात कही गई थी. उस मुलाकात के बाद भारत ने कहा कि मुलाकात के दौरान जाधव दबाव में दिख रहे थे. पूरी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे. पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव पर झूठे आरोपों को कबूल करने का दबाव है. कुलभूषण जाधव के लिए न्याय की कोशिशें जारी रहेंगी. जाधव को भारत सुरक्षित वापस लाने की कोशिश भी जारी रहेगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुलभूषण जाधव की मां से बात की.
बता दें कि भारत करीब 3 साल से कुलभूषण जाधव का काउंसलर एक्‍सेस लेना चाह रहा था. भारत के रिटायर्ड नेवी अफसर जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले गया था. कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी. इस साल जुलाई में आईसीजे ने पाक को आदेश दिया था कि वह बिना देर किए जाधव को काउंसलर एक्सेस मुहैया करवाए.

पूरे देश में लागू हो NRC, पता चलेगा कौन है घुसपैठिया: जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द
12 September 2019
नई दिल्ली: मुसलमानों के सबसे बड़े सगठनों में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिन्द (Jamiat-Ulema-e-Hind) कश्मीर (Kashmir) मामले में सरकार के समर्थन में आ गयी है. जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द की दिल्ली में जरनल बॉडी की बड़ी मीटिंग हुई, जिसमें करीब तीन हजार सदस्यों ने हिस्सा लिया. इस दौरान कश्मीर मुद्दे पर प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें कहा गया कि कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है, ये बात जमीयत पहले भी कहती रही है आज भी दोहराती है. इसके साथ ही जमीयत ने एनआरसी के मुद्दे पर भी प्रस्ताव पास किया.
अलगाव को जमीयत स्पोर्ट नहीं करती और पाकिस्तान से कहना चाहती है कि वो भारत के मुसलमानों को लेकर अपनी बयानबाजी बंद करें. इस मौके पर जमीयत उलेमा ए हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान मिलने की वो पैरवी करते है.
जमीयत ने एनआरसी के मुद्दे पर भी प्रस्ताव पास किया और असम में एनआरसी कराने का स्वागत करते हुए कहा कि अगर सरकार को लगता है कि वो देशभर में एनआरसी कराना चाहती है तो वो इसका भी स्वागत करते है. मदनी ने कहा कि इससे साफ पता चल जाएगा कि देश में घुसपैठिया कितने है और इस पर राजनीति बंद होगी.
जमीयत उलेमा ए हिन्द ने पहली बार आगे बढ़कर मदरसों में आधुनिक शिक्षा की पैरवी की है. जमीयत ने प्रस्ताव पास किया कि देश के सभी मदरसों में इस्लामी तालीम के साथ साथ कम से कम 12वीं तक की शिक्षा भी दी जाएं ताकि मदरसे से पढ़ाई करने वाला छात्र कॉलेज या यूनिवर्सिटी में भी आगे की पढ़ाई कर सके.
इसके अलावा जमीयत ने जमीयत सद्भावना मंच बनाने का भी ऐलान किया है, जिसमे मुस्लिमों के अलावा भी दूसरे धर्मों के सदस्य होंगे. ऐसा पहली बार होगा कि जमीयत उलेमा ए हिन्द में गैर मुस्लिम भी सदस्य होंगे. अब तक सिर्फ मुस्लिम ही जमीयत में सदस्य होते थे. इस मामले में जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी ने कहा देश मे ऐसा माहौल है, जिससे दूरिया बढ़ रही है, ऐसे में सद्भावना मंच की बेहद सख्त जरूरत है.

'सबसे पहले भारतीय हूं'...इसरो प्रमुख के सिवन ने जीता सबका दिल
10 September 2019
अंतरिक्ष के इतिहास में भारत को नई कामयाबियों पर पहुंचाने वाले इसरो के प्रमुख के सिवन ने देश को जश्न मनाने के कई मौके दिए हैं। भारत के मून मिशन चंद्रयान-2 के सूत्रधार के तौर पर वह हमेशा याद किए जाएंगे। लगभग 95 फीसदी सफल होने वाले इस चंद्र मिशन में भले ही संपर्क टूट जाने से इसरो लैंडर विक्रम की सफल लैंडिंग कराने में नाकाम रहा हो, लेकिन ऑर्बिटर के एकदम सही काम करने से इसकी महत्ता और सिवन की मेहनत व्यर्थ होने वाली नहीं है। ऑर्बिटर द्वारा भेजी थर्मल तस्वीरों से पता चला है कि लैंडर एकदम सही है। इसरो लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है।
संपर्क टूटने के बाद इसरो प्रमुख सिवन खुद को रोक नहीं सके थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ही उनकी आंखों से आंसू छलक आए थे। प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगाते हुए सांत्वना दी थी। सोशल मीडिया पर सिवन की यह भावुक तस्वीर खूब वायरल हुई थी और लोगों ने उनके जज्बे को सलाम किया था। अब सिवन एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार जिस वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर वाहवाही मिल रही है वह एक वीडियो क्लिप है, जिसमें सिवन खुद को पहले एक भारतीय बताते हुए नजर आ रहे हैं। एक क्षेत्रीय चैनल के इंटरव्यू में कही गई सिवन की यह बात सबका दिल जीत रही है।
जनवरी 2018 में सिवन ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल को इंटरव्यू दिया था। इस दौरान पत्रकार ने उनसे सवाल किया था कि एक तमिल व्यक्ति के तौर पर आप इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं, तमिलनाडु के लोगों के लिए आप क्या कहना चाहेंगे? इस पर सिवन ने जो जवाब दिया वह जानकर आपको भी गर्व होगा। सिवन ने कहा, 'सबसे पहले मैं एक भारतीय हूं। मैंने एक भारतीय के रूप में इसरो जॉइन किया। इसरो ऐसी जगह है जहां सभी क्षेत्रों और अलग-अलग भाषाओं वाले लोग एक साथ काम करते हैं और अपना योगदान देते हैं। मैं अपने भाइयों के प्रति आभारी हूं, जो मेरी प्रशंसा करते हैं।'
किसान परिवार में हुआ था सिवन का जन्म
इसरो प्रमुख का पूरा नाम डॉ. कैलाशवडिवू सिवन (K Sivan) है। 14 अप्रैल 1957 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के सराक्कलविलाई गांव में एक किसान के घर उनका जन्म हुआ था। सिवन ने एक सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम से पढ़ाई की है। नागेरकोयल के एसटी हिंदू कॉलेज से उन्होंने स्नातक किया। सिवन स्नातक करने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य हैं। उनके भाई और बहन गरीबी के कारण अपनी उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पाए। लेकिन सिवन का सफर यहीं नहीं रुका। 1980 में उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज (IISc) से इंजीनियरिंग में पीजी की पढ़ाई की। फिर 2006 में उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
2018 में नियुक्त किए गए थे इसरो चेयरमैन
साल 2018 में सिवन को इसरो का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उनसे पहले इस पद पर ए. एस. किरण कुमार थे। के. सिवन के अनुसार, जब वह कॉलेज में थे तो खेतों में अपने पिता की मदद भी करते थे। इस कारण स्नातक में उनका दाखिला घर के पास के कॉलेज में ही करा दिया गया था। लेकिन जब उन्हें बीएससी में मैथ्स में 100 फीसदी अंक मिले, तो उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने का मन बना लिया।
सिवन के अनुसार, बचपन में उनके पास पहनने के लिए जूते-चप्पल भी नहीं थे। वे अक्सर नंगे पैर ही रहा करते। कॉलेज तक धोती पहनते थे। एमआईटी में दाखिला लेने के बाद उन्होंने पहली बार पैंट पहनी। वह कभी ट्यूशन या कोचिंग क्लास भी नहीं गए। सिवन ने साल 1982 में इसरो ज्वाइन किया था। यहां उन्होंने लगभग हर रॉकेट कार्यक्रम में काम किया है। इसरो प्रमुख बनने से पहले वह रॉकेट बनाने वाले विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) के निदेशक भी थे।

पीके मिश्रा प्रधानमंत्री मोदी के नए मुख्य सचिव और पीके सिन्हा मुख्य सलाहकार बने
11 September 2019
नई दिल्ली. डॉ. पीके मिश्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया मुख्य सचिव और पूर्व केबिनेट सचिव पीके सिन्हा को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दोनों नियुक्तियों को बुधवार को मंजूरी दी। फिलहाल, पीके मिश्रा प्रधानमंत्री के अतिरिक्त सचिव के तौर पर कार्यरत थे। पूर्व मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा के रिटायर होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई।
पीके सिन्हा पिछले महीने केबिनेट सचिव के पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में विशेष कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया था। इन दोनों अधिकारियों का कार्यकाल प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक रहेगा।
मोदी के करीबी माने जाते हैं पीके मिश्रा
पीके मिश्रा 1997 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। नरेंद्र मोदी जब गुजरात को मुख्यमंत्री थे, तब से पीके मिश्रा उनके साथ काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीके मिश्रा मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं।

उन्नाव रेप केस: एम्स में शुरू हुई विशेष कोर्ट की कार्यवाही, पीड़िता के दर्ज किए जा रहे हैं बयान
11 September 2019
नई दिल्ली: उन्नाव रेप केस की पीड़िता का बयान आज से दर्ज किया जाएगा. इसके लिए अस्पताल में ही विशेष कोर्ट बैठेगी. जज सुनवाई के लिए एम्स में पहुंच चुके हैं. पीड़िता का बयान बंद कमरे में दर्ज किया जाएगा जिसे रिकॉर्ड भी किया जाएगा. वहीं, आरोपी शशि सिंह और कुलदीप सेंगर की पेशी भी हुई है. पीड़िता के बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों से क्रॉस एग्जामिनेशन होगा. रायबरेली के पास हुई दुर्घटना के बाद पीड़िता एम्स में इलाज करवा रही हैं. इसी वजह से अदालत ने एम्स में अस्थायी कोर्ट बनाकर बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था. इस मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आरोपी हैं.
न्यायाधीश ने शनिवार को एम्स के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में एक अस्थायी अदालत स्थापित करने के निर्देश दिए थे, जहां महिला को 28 जुलाई को एक दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था. उच्च न्यायालय ने इस मामले में शुक्रवार को अनुमति दी थी. उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रशासनिक पक्ष से इस आशय की एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश शर्मा पीड़िता के बयान दर्ज करेंगे.
महिला ने 2017 में सेंगर पर उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था. घटना के वक्त वह नाबालिग थी. 28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुये सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई पीड़िता फिलहाल जीवन के लिए जूझ रही है. उस दुर्घटना में उसकी मौसी और चाची दोनों की मौत हो गई थी. हादसे में उनका वकील भी घायल हो गया था.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा- पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ PoK के मसले पर ही होगी बातचीत
11 September 2019
नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने प्रत्येक भारतीय के लिये सुरक्षा और देश की अखंडता को सर्वोपरि करार देते हुये मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर ही होगी. नायडू (M Venkaiah Naidu)ने जम्मू कश्मीर में हाल ही में निर्वाचित पंच और सरपंचों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ पीओके के मसले पर ही बातचीत होगी.'' उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार नायडू ने सरपंचों को संबोधित करते हुये इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक भारतीय के लिये सुरक्षा और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता सर्वोपरि है.
उन्होंने (M Venkaiah Naidu) जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को पांच अगस्त को समाप्त किये जाने के बाद विभिन्न नागरिक सुविधाओं पर लगाये गये अस्थायी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुये कहा कि इसका उद्देश्य उपद्रव और अशांति फैलाने की शरारती तत्वों की मंशा को नाकाम बनाना है. उन्होंने कहा कि अब इन प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है. इसके तहत संचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही हैं.
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने और जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को संघ शासित क्षेत्र घोषित करने के बाद पिछले एक महीने से राज्य में टेलीफोन, मोबाइल और इंटरनेट सेवायें आंशिक रूप से बंद थीं. इसके अलावा अशांति की आशंका वाले राज्य के कुछ इलाकों में एहतियातन कर्फ्यू भी लागू करना पड़ा था.
नायडू ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद संघ शासित क्षेत्र घोषित किये गये जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विकास की गति जोर पकड़ेगी. नायडू ने सरपंचों के साथ बैठक की जानकारी ट्विटर पर भी साझा करते हुये कहा, ‘‘आज अपने निवास पर जम्मू कश्मीर से आये सरपंचों के शिष्टमंडल से मुलाकात की और संविधान का अनुच्छेद 370 हटने के बाद, क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को तत्परता से जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए निष्ठापूर्वक अथक प्रयास करने का आग्रह किया.''
उपराष्ट्रपति ने राज्य में मौजूदा हालात के बारे में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में लगाये गये अस्थायी प्रतिबंधों का उद्देश्य शरारती तत्वों द्वारा अशांति और उपद्रव की संभावना को रोकना तथा उसके कारण जान-माल की संभावित हानि से नागरिकों को बचाना है.'' उन्होंने राज्य में पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होने के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद, वहां भी पंचायती राज से जुड़े संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के प्रावधान स्वत: ही जम्मू-कश्मीर में भी लागू होंगे.

गवाह बनी इंद्राणी से पूछताछ की CBI को कोर्ट ने दी इजाजत
10 September 2019
मुंबई। INX Media भ्रष्टाचार मामले में विशेष अदालत ने सोमवार को सीबीआइ को बेटी की हत्या के आरोप में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी से पूछताछ करने की अनुमति दे दी।
इसी मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया है। इंद्राणी मुखर्जी ने चिदंबरम और उनके बेट कार्ति के खिलाफ अपना इकबालिया बयान दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में गवाह बनने की मंजूरी प्रदान कर दी गई थी।
CBI ने अदालत से इंद्राणी मुखर्जी से पूछताछ की अनुमति मांगी थी। जांच एजेंसी का कहना था कि भ्रष्टाचार के मामले में हुए कुछ वित्तीय लेनदेन के बारे में वह इंद्राणी से पूछताछ करना चाहती है।
इंद्राणी यहां अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में बंद है। कोर्ट ने कहा कि इंद्राणी से सुबह 9.30 से 12.30 बजे के बीच पूछताछ की जा सकती है।

पुलिस ने किया आतंकियों के 8 सहयोगियों को गिरफ्तार, पूछताछ जारी
10 September 2019
सोपोर। जम्मू कश्मीर पुलिस को सोमवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आतंकियों की मदद करने वाले 8 सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये सभी लोग स्थानीय लोगों को डराने के साथ ही उन्हें भड़काने के लिए विवादित पोस्टर्स का प्रकाशन करते थे। ANI के मुताबिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ जारी है।
ANI के मुताबिक सोपोर पुलिस इन आतंकवादियों से हाल ही में सिविलयन क्षेत्र में की गई हत्याओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इन आतंकियों के पास से कम्प्यूटर के साथ ही अन्य सामग्री भी बरामद की है। इसमें पोस्टर प्रकाशन के लिए ड्राफ्टिंग भी पाई गई है।
बताया जा रहा हैकि पुलिस पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि इन 8 आतंकियों में से 3 आतंकी लश्कर ए तैयबा के सहयोगी हैं जो मुख्य अभियुक्त भी हैं। पुलिस ने सभी विवादित सामग्री को जब्त ककर लिया है।
सोपोर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकियों के नाम एजाज मीर, उमर मीर, तौसीफ नजर, इम्तियाज नजर, उमर अकबर, फैजान दानिश हबीब और शौकत अहमद मीर बताए जा रहे हैं। इन लोगों द्वारा पोस्टर तैयार करने के साथ ही उन्हें स्थानीय इलाकों में पहुंचाया था।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी, दलित समाज ने किया प्रदर्शन
10 September 2019
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने का मामला सामने आया है। शरारती तत्वों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया। इसके बाद नाराज दलित समाज के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि प्रतिमा तोड़े जाने से नाराज लोगों ने सड़कों को रोक दिया, जिससे आवाजाही परेशानी हुई। इसके बाद जैसे तैसे पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभाला। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव के हालात पैदा हो गए है।
ये मामला सहारनपुर के बेहट थानाक्षेत्र का बताया जा रहा है। घुना बस स्टैंड पर लगी अंबेडकर प्रतिमा को कुछ शरारती तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने बेहट सहारनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बाबा अंबेडकर की नई प्रतिमा जल्द से जल्द लगाने की मांग भी की।
गौरतलब है कि इसके पूर्व आजमगढ़, मेरठ, सिद्धार्थनगर और इलाहबाद में भी बाबा साहेब की मूर्ति से छेड़छाड़ का मामला सामने आ चुका है।

गिरने के बाद नहीं टूटा है लैंडर 'विक्रम', जैसे उतरना चाहिए था वैसे नहीं उतरा: ISRO
9 September 2019
नई दिल्ली: इसरो (ISRO) ने कहा है कि चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) का लैंडर विक्रम (Lander vikram) चांद की सतह पर गिरने के बाद नहीं टूटा है. इसरो के सूत्रों ने कहा है लैंडर विक्रम को जैसे उतरना चाहिए था वैसे वह नहीं उतरा. इसरो ने कहा है कि लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिशें जारी हैं.
इससे पहले रविवार को इसरो (ISRO) चीफ के सिवन ने कहा था कि इसरो ने चंद्रयान 2 के लैंडर 'विक्रम' की लोकेशन पता लगा ली है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान2 के ऑर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर लैंडर 'विक्रम' की थर्मल तस्वीरें ली हैं.
चांद पर उतरते समय टूटा था संपर्क
बता दें ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था.
लैंडर को शनिवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया.
‘विक्रम’ ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया.
पीएम ने इसरो वैज्ञानिकों से कहा था 'हौंसला रखें'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैंडर का संपर्क टूट जाने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों से कहा,‘देश को आप पर गर्व है. सर्वश्रेष्ठ के लिए उम्मीद करें. हौसला रखें.’
शनिवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिक की तारीफ करते हुए कहा था, 'ISRO और वहां काम करने वाले लोग ऐसे हैं जो, लक्ष्य प्राप्त करने तक न रुकते हैं, न थकते हैं और न बैठते हैं.' आज हमने मिशन चंद्रयान में एक रुकावट देखी है. लेकिन ISRO के वैज्ञानिक तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक मंजिल पर नहीं पहुंच जाते. चांद पर पहुंचने का सपना पूरा होकर रहेगा'

मोदी ने कहा- भारत कुछ साल में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म कर देगा, दुनिया भी इसे गुडबाय कहे
9 September 2019
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कॉप-14 (कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कुछ साल में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म कर देगा। अब समय आ गया है कि विश्व के नेताओं को भी इसे गुडबाय कह देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विश्वभर में स्वीकार्य है कि जलवायु परिवर्तन का नकारात्मक प्रभाव पूरा विश्व महसूस कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन (यूएनसीसीडी) के 14वें सम्‍मेलन में मोदी ने विश्वभर के नेताओं को जलवायु परिवर्तन से लड़ने में योगदान देने को कहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में आए मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत दो साल के कार्यकाल के लिए कॉप प्रेसीडेंसी को संभालने में प्रभावी योगदान देने के लिए भी तत्पर है। पर्यावरण संरक्षण में हम हर तरह से सहयोग करने की कोशिश करेंगे। जलवायु परिवर्तन भी विभिन्न प्रकार के भूमि क्षरण का कारण बन रहा है। समुद्र के जलस्तर में वृद्धि, अनियमित वर्षा और तूफान के कारण ऐसा हो रहा है।
जलवायु परिवर्तन का दुनियाभर में नकारात्मक प्रभाव- मोदी
मोदी ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन का बायोडाइवर्सिटी और जमीन दोनों पर असर होता है। सब जानते हैं कि इसका दुनियाभर में नकारात्मक प्रभाव हो रहा है। मेरी सरकार ने कृषि के कई तरीके जैसे माइक्रो-इरीगेशन जैसी तकनीक से किसानों की आय को दोगुनी करने का काम किया है। हम बायो-फर्टिलाइजर्स के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं और केमिकल कीटनाशक के इस्तेमाल को कम करने के प्रयास में है।’’
‘2 सालों में वन क्षेत्रों में 8 लाख हेक्टेयर की वृद्धि’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘2015 से 2017 के बीच भारत में वन क्षेत्रों में 8 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। मैं आपका ध्यान ऐसे बंजर जमीन की ओर ले जाना चाहूंगा जिसे कभी रिवर्स नहीं किया जा सकता। प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्रदूषित हुई भूमि के तरफ भी मैं आपका ध्यान ले जाना चाहूंगा। हमने जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है जो जल संबंधी समस्याओं का सामाधान करता है।”
2 साल के लिए भारत यूएनसीसीडी का अध्यक्ष
पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता में कमी और भूमि के बंजर होने का कारण इंसानी दखल है। तीनों आपस में जुड़े हुए हैं। अब सकारात्मक दखल के जरिए इसे सुधारने और भावी पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने का समय आ गया है। पिछले 200 साल में हमने पर्यावरण को जो नुकसान पहुंचाया है, उसे ठीक करना है। हर दो साल में बैठक शुरू होने के साथ ही भारत अगले दो साल के लिए यूएनसीसीडी का अध्यक्ष भी बन गया है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 2 सितंबर को कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। यह सम्मेलन 13 सितंबर तक चलेगा।

अमेरिका ने कहा- चंद्रयान-2 भारत के लिए बड़ा कदम, यह मिशन उन्हें बहुत आगे ले जाएगा
9 September 2019
वाशिंगटन. अमेरिका में दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक मंत्री एलिस जी वेल्स ने शनिवार को इसरो को चंद्रयान-2 मिशन के लिए बधाई देेते हुए कहा कि भारत का इस तरह का मिशन एक बड़ा कदम है। अमेरिकी राजदूत ने ट्वीट किया, “हम चंद्रयान-2 के इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए बधाई देते हैं। यह मिशन भारत को बहुत आगे तक ले जाएगा और वैज्ञानिक आंकड़ों को जुटाने का प्रयास भविष्य में भी जारी रखेगा। हमें उम्मीद है कि भारत अपनी अंतरिक्ष आकांक्षाओं को जरूर हासिल करेगा।”
नासा ने शनिवार को ट्वीट कर चंद्रयान 2 की सराहना की थी। उसने ट्वीट किया, “अंतरिक्ष कठिन है। हम इसरो के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-2 को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं। आपने हमें प्रेरित किया है और भविष्य में हम सौर मंडल का पता लगाने के लिए साथ काम करेंगे।”
वहीं, विक्रम लैंडर से इसरो का संपर्क टूटने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने वैज्ञानिकों के इस प्रयास की जमकर सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी 384400 किमी है लेकिन कल रात भारत और चांद की दूरी महज 2.1 किमी रह गई थी। भारतीय होने पर हमें गर्व है। इसरो को बहुत सारा प्यार।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “हमारे जैसे आम आदमी वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़ा हुआ महसूस करने लगे। तकनीकी खामियों के कारण जब चंद्रयान मिशन संघर्ष करने लगा। इसके बाद वैज्ञानिकों को भावुक देखकर हमारी आंखे भी नम हो गईं।”
दुनियाभर में तारीफ
इसरो के वैज्ञानिकों की दुनियाभर में जमकर तारीफ हो रही है, क्योंकि विमान से 10 गुना तेज यान की सॉफ्ट लैंडिंग कभी आसान नहीं रही। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर वॉशिंगटन पोस्ट और ब्रिटिश अखबार बीबीसी से लेकर द गार्जियन तक सभी ने चंद्रयान-2 को प्रमुखता से स्थान दिया और इसे अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी मिशन बताया।
ऑर्बिटर से लैंडर विक्रम 2 सितंबर को अलग हुआ था
इसरो प्रमुख ने शनिवार देर रात को घोषणा की थी कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने से 2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से हमारा संपर्क टूट गया है। इससे पहले, विक्रम ने 2 सितंबर को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से अलग हुआ था। यह ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में लगातार चक्कर लगाएगा। इस मिशन को पिछले 22 जुलाई को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था।

चांद की सतह से सिर्फ 2.1 किमी पहले लैंडर का पृथ्वी से संपर्क टूटा; ऑर्बिटर एक्टिव, 95% मिशन सफल
7 September 19
बेंगलुरु. भारत अंतरिक्ष विज्ञान में इतिहास रचने के करीब था, लेकिन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का लैंडिंग से महज 69 सेकंड पहले पृथ्वी से संपर्क टूट गया। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम की शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1 बजकर 55 मिनट पर लैंडिंग होनी थी, लेकिन इसका समय बदलकर 1 बजकर 53 मिनट कर दिया गया था। हालांकि, यह समय बीत जाने के बाद भी लैंडर विक्रम की स्थिति पता नहीं चल सकी। इसरो चेयरमैन डाॅ. के. सिवन ने बताया, ‘‘लैंडर विक्रम की लैंडिंग प्रक्रिया एकदम ठीक थी। जब यान चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह से 2.1 किमी दूर था, तब उसका पृथ्वी से संपर्क टूट गया। हम ऑर्बिटर से मिल रहे डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं।’’
इसरो के एक वैज्ञानिक ने कहा, "हम केवल 5% मिशन खराब हुआ है, यह लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान हैं। 95% मिशन सफल रहा है, क्योंकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर सफलतापूर्वक चांद के चक्कर लगा रहा है।' अगर लैंडर विक्रम की लैंडिंग की पुष्टि हो जाती तो सुबह 5 बजकर 19 मिनट पर रोवर प्रज्ञान बाहर आता और यह सुबह 5:45 पहली तस्वीर क्लिक कर लेता।
मोदी ने कहा- आगे भी हमारी यात्रा जारी रहेगी
इससे पहले जब लैंडिंग का समय बीत गया तो इसरो मुख्यालय में वैज्ञानिकों के चेहरे पर तनाव नजर आया। इसरो मुख्यालय के कंट्रोल रूम में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजिटर गैलरी से रवाना हो गए। इसके बाद वहां इसरो के पूर्व चेयरमैन मौजूदा चीफ डॉ. सिवन का हौसला बढ़ाते दिखे। डॉ. सिवन की तरफ से संपर्क टूटने की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री दोबारा वैज्ञानिकों के बीच लौटे और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा- जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। जो आपने किया, वो छोटा नहीं है। आगे भी हमारी कोशिशें जारी रहेंगी। देश को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। मैं पूरी तरह वैज्ञानिकों के साथ हूं। आगे भी हमारी यात्रा जारी रहेगी। मैं आपके साथ हूं। हिम्मत के साथ चलें। आपके पुरुषार्थ से देश फिर से खुशी मनाने लग जाएगा। आपने जो कर दिखाया है, वह भी बहुत बड़ी उपलब्धि है।
आगे क्या?
जिस ऑर्बिटर से लैंडर अलग हुआ था, वह अभी भी चंद्रमा की सतह से 119 किमी से 127 किमी की ऊंचाई पर घूम रहा है। 2,379 किलो वजनी ऑर्बिटर के साथ 8 पेलोड हैं और यह एक साल काम करेगा। यानी लैंडर और रोवर की स्थिति पता नहीं चलने पर भी मिशन जारी रहेगा। 8 पेलोड के अलग-अलग काम होंगे...
>> चांद की सतह का नक्शा तैयार करना। इससे चांद के अस्तित्व और उसके विकास का पता लगाने की कोशिश होगी।
>> मैग्नीशियम, एल्युमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम, टाइटेनियम, आयरन और सोडियम की मौजूदगी का पता लगाना।
>> सूरज की किरणों में मौजूद सोलर रेडिएशन की तीव्रता को मापना।
>> चांद की सतह की हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें खींचना।
>> सतह पर चट्टान या गड्ढे को पहचानना ताकि लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग हो।
>> चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की मौजूदगी और खनिजों का पता लगाना।
>> ध्रुवीय क्षेत्र के गड्ढों में बर्फ के रूप में जमा पानी का पता लगाना।
>> चंद्रमा के बाहरी वातावरण को स्कैन करना।
अप्रैल में इजरायल के यान के साथ भी ऐसी ही दिक्कत आई थी
इजराइल की निजी कंपनी स्पेसएल ने इसी साल अपना मून मिशन भेजा था। लेकिन उसका यान बेरेशीट चंद्रमा की सतह पर उतरने की कोशिश में क्रैश हो गया था। यान के इंजन में तकनीकी समस्या आने के बाद उसका ब्रेकिंग सिस्टम फेल हो गया था। वह चंद्रमा की सतह से करीब 10 किलोमीटर दूर था, तभी पृथ्वी से उसका संपर्क टूट गया और रोवर चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग के अब तक 38 प्रयास हुए, 52% ही सफल
चांद को छूने की पहली कोशिश 1958 में अमेरिका और सोवियत संघ रूस ने की थी। अगस्त से दिसंबर 1968 के बीच दोनों देशों ने 4 पायनियर ऑर्बिटर (अमेरिका) और 3 लूना इंपैक्ट (सोवियन यूनियन) भेजे, लेकिन सभी असफल रहे। अब तक चंद्रमा पर दुनिया के सिर्फ 6 देशों या एजेंसियों ने सैटेलाइट यान भेजे हैं। कामयाबी सिर्फ 5 को मिली। अभी तक ऐसे 38 प्रयास किए गए, जिनमें से 52% सफल रहे।
कई देशों के मुकाबले हमारा मिशन सस्ता
यान लागत
चंद्रयान-2 978 करोड़ रुपए
बेरशीट (इजराइल) 1400 करोड़ रुपए
चांग’ई-4 (चीन) 1200 करोड़

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को बड़ा झटका, चौथी बार जमानत अर्जी खारिज
7 September 2019
नई दिल्‍ली : अगस्‍ता वेस्‍टलैंड मामले (augusta westland case) में पकड़े गए बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल (christian michel) की जमानत अर्जी कोर्ट ने चौथी बार खारिज कर दी है. क्रिश्चियन मिशेल की ओर से दिल्‍ली की राउज एवेन्‍यू कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी.
आरोपी मिशेल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बताया था कि मनी लांड्रिंग मामले में न्यायिक सहायता के लिए विदेशी अदालत में भेजे गए अनुरोध के औपचारिक पत्र (लेटर्स रोगेटरी) के जवाब में कई देशों से स्वैच्छिक दस्तावेज प्राप्त हुए हैं.

भारत के खिलाफ PoK के आम लोगों को ढाल बना रही पाक सेना, LoC पार करने के लिए भड़का रही
7 September 2019
श्रीनगर: जम्मू कश्मीर बैखलाया पाकिस्तान (Pakistan) अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाकिस्तान न सिर्फ अपनी सेना बल्कि आम लोगों को अपने नापाक मंसूबों के लिए इस्तेमाल कर रहा है. पाकिस्तान एलओसी (LoC) के पास पीओके (PoK) के नागरिकों को एलओसी पार करने के लिए भड़का रहा है.
शुक्रवार को नोशैरा के लाम इलाके में लोगों के प्रदर्शन की आवाजें जोर-जोर से सुनी गईं. यह प्रदर्शन एलओसी पर बनी सैनिक पोस्टों के पीछे हो रहा था. कुछ समय के बाद 6 नागरिक एलओसी की तरफ बढ़े. हालांकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस चाल को भांप गई. भारतीय सेना ने लोगों को खदड़ने के लिए गैप में गोलीबारी की.
पाकिस्तान की सैनिक पोस्ट लगातार लोगों को एलओसी का उल्लंघन करने के लिए भड़का रही है. वहीं भारतीय सेना ने अभी तक संयम से काम लिया है जिसकी वजह से किसी की भी जान नहीं गई है.
LoC के नजदीक नए आतंकी कैंप सक्रिय
वहीं हताश निराश पाकिस्तान भारत (India) के खिलाफ प्रत्‍यक्ष तौर पर जब कुछ कर नहीं पा रहा तो वह फिर आतंकियों का सहारा ले रहा है. जी न्‍यूज के हाथ लगी इंटेलिजेंस एजेंसियों की एक्‍सक्‍लूसिव जानकारी के मुताबिक, पाकिस्‍तानी सेना और उसकी खुफि‍या एजेंसी कश्‍मीर घाटी में आतंकियों की बड़ी घुसपैठ कराने की कोशिश में है.
खुफिया एजेंसियों ने LoC पर पाकिस्‍तान आतंकियों के 18 कैंप और लॉन्‍च पैड्स को पहचाना है, जहां आतंकवादियों को या तो ट्रेनिंग दी जा रही है या उन्‍हें यहां से भारत में घुसपैठ कराए जाने की कोशिश है.
बालाकोट में भारतीय वायुसेना की तरफ से की गई एयर स्‍ट्राइक के बाद LoC के नजदीक आतंकी बड़ी संख्‍या में दोबारा देखे गए हैं. रिपोर्ट यह भी बताती है कि पीओके में आतंकियों के तीन नए कैंप भी बनाए गए हैं. मानसेरा के तहत बालाकोट, गढ़ी, हबीबुल्लाह, बतरसी, चेरो मंडी, शिवाई नाला, मस्करा, अब्दुल्ला बिन मसूद में लॉन्च पैड की पहचान की गई है. वहीं, कोटली क्षेत्र में गुलपुर, सेसा, बाराली, डूंगी और कोटली में आतंकी शिविरों और लॉन्च पैड की पहचान की गई है. वहीं, ए-3 सेक्टर में काली घाटी और हजारे में आतंकी शिविरों की पहचान की गई है. उधर, बहावलपुर, बंबा और बरनाला में अतिरिक्त नए आतंकी शिविर बनाए गए है.

भारत 10 साल में सबसे कम खर्च में सफल स्पेस मिशन भेजने वाला दुनिया का सुपर पावर बना
6 September 2019
बेंगलुरु (अनिरुद्ध शर्मा). इसरो का चंद्रयान-2 आज रात चंद्रमा पर लैंड करेगा। मिशन 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था। चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा। यहां पहुंचने वाला भारत पहला देश होगा। इस मिशन में इसरो वैज्ञानिक 10 साल से जुटे हैं। उन्होंने खुद ही लैंडर और रोवर बनाया।
भारत ने 10 साल में एक के बाद एक सबसे कम खर्च में 20 से ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं। इनकी लागत दुनिया में अन्य देशों के मिशनों के खर्च की तुलना में आधे से कम रही है। ऐसा इसरो ने देश के युवा टैलेंट पर भरोसा और विदेशी वैज्ञानिक बुलाना बंद करके किया है। इन मिशनों को बहुत ही कम समय में पूरा किया है। चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट पर 978 करोड़ रु. खर्च हुए हैं। यह हाल में आई हॉलीवुड फिल्म एवेंजर्स-एंडगेम की लागत से कम है। इसके निर्माण में 2560 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। 2014 में भारत ने मंगल की कक्षा में मंगलयान भेजा था। मिशन मंगलयान पर 532 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। जबकि 2013 में नासा द्वारा मंगल पर भेजे मावेन ऑर्बिटर मिशन में 1346 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।
मुश्किल: 2013 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने इसरो को लैंडर देने से मना कर दिया था
1 2007 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने कहा कि वह इसरो के चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट में साथ काम करेगा और लैंडर देगा। 2009 में चंद्रयान-2 का डिजाइन तैयार कर लिया गया। जनवरी 2013 में लॉन्चिंग तय थी, लेकिन रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस लैंडर दे पाने में असमर्थता जताई। इसके बाद इसरो ने लैंडर विक्रम को खुद ही बनाया।
कामयाबी: अमेरिका, रूस, चीन ही अब तक चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करा सके हैं
2 इसरो का चंद्रयान-2 मिशन अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत को नया कद देेगा। अब तक दुनिया के सिर्फ 3 देश ही चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करा पाए हैं। ये देश- रूस, अमेरिका और चीन हैं। भारत, जापान और यूरोपीय यूनियन ने इससे पहले चंद्रमा पर अपने मिशन भेजे हैं। लेकिन चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर सके हैं। िसर्फ कक्षा में ही पहुंचे हैं।
मिशन का मकसद : चंद्रमा पर पानी और जीवन तलाशना, चंद्रयान-3 की दिशा-दशा तय करना
चंद्रयान-2 का मकसद, चंद्रमा पर खनिज, पानी, जीवन की संभावना तलाशना है। ऐसी खोज करना, जिनसे भारत के साथ पूरी दुनिया को फायदा होगा। इन परीक्षणों और अनुभवों के आधार पर ही 2023-24 के भावी चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट में नई टेक्नोलॉजी की दिशा-दशा तय होगी। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम जहां उतरेगा उसी जगह पर यह जांचेगा कि चंद्रमा पर भूकंप आते हैं या नहीं। वहां थर्मल और गुरत्वाकर्षण कितनी है। रोवर चंद्रमा के सतह की रासायनिक जांच करेगा कि तापमान और वातावरण में आर्द्रता है कि नहीं। अमेरिका के स्पेस एंड ओसियन स्टडीज प्रोग्राम से जुड़े चैतन्य गिरी कहते हैं कि भारत ने एशिया में कम बजट में सैटेलाइट और अंतरिक्ष मिशन भेजने की छवि बनाई है। 2017 में भारत ने रिकार्ड 104 सैटेलाइट एक साथ अंतरिक्ष में भेजे थे।
मुश्किल: 2013 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने इसरो को लैंडर देने से मना कर दिया था
1 2007 में रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने कहा कि वह इसरो के चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट में साथ काम करेगा और लैंडर देगा। 2009 में चंद्रयान-2 का डिजाइन तैयार कर लिया गया। जनवरी 2013 में लॉन्चिंग तय थी, लेकिन रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस लैंडर दे पाने में असमर्थता जताई। इसके बाद इसरो ने लैंडर विक्रम को खुद ही बनाया।
कामयाबी: अमेरिका, रूस, चीन ही अब तक चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करा सके हैं
2 इसरो का चंद्रयान-2 मिशन अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत को नया कद देेगा। अब तक दुनिया के सिर्फ 3 देश ही चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करा पाए हैं। ये देश- रूस, अमेरिका और चीन हैं। भारत, जापान और यूरोपीय यूनियन ने इससे पहले चंद्रमा पर अपने मिशन भेजे हैं। लेकिन चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर सके हैं। िसर्फ कक्षा में ही पहुंचे हैं।
मिशन का मकसद : चंद्रमा पर पानी और जीवन तलाशना, चंद्रयान-3 की दिशा-दशा तय करना
चंद्रयान-2 का मकसद, चंद्रमा पर खनिज, पानी, जीवन की संभावना तलाशना है। ऐसी खोज करना, जिनसे भारत के साथ पूरी दुनिया को फायदा होगा। इन परीक्षणों और अनुभवों के आधार पर ही 2023-24 के भावी चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट में नई टेक्नोलॉजी की दिशा-दशा तय होगी। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम जहां उतरेगा उसी जगह पर यह जांचेगा कि चंद्रमा पर भूकंप आते हैं या नहीं। वहां थर्मल और गुरत्वाकर्षण कितनी है। रोवर चंद्रमा के सतह की रासायनिक जांच करेगा कि तापमान और वातावरण में आर्द्रता है कि नहीं। अमेरिका के स्पेस एंड ओसियन स्टडीज प्रोग्राम से जुड़े चैतन्य गिरी कहते हैं कि भारत ने एशिया में कम बजट में सैटेलाइट और अंतरिक्ष मिशन भेजने की छवि बनाई है। 2017 में भारत ने रिकार्ड 104 सैटेलाइट एक साथ अंतरिक्ष में भेजे थे।
दुनिया के देश जो चंद्रमा पर सैटेलाइट यान भेज चुके हैं
रूस: 1959 से 1976 के बीच सोवियत संघ रूस ने 24 प्रयास किए, इनमें से 15 सफल रहे, किसी में ऑर्बिटर था, किसी में लैंडर। 13 सितंबर, 1959 को रूस का लूना-2 मिशन चंद्रमा पर पहुंचने वाला पहला मिशन था। लूना के दो मिशन चंद्रमा की सतह से नमूने लेकर भी वापस आए। लूना-17 और लूना-21 मिशन ने चंद्रमा पर रोवर को भी उतराने में कामयाबी हासिल की।
जापान: जापान ने 24 जनवरी, 1990 को अपना पहला मून मिशन 'हितेन-हागोरोमो' लाॅन्च किया। ऑर्बिटर से चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के कुछ देर बाद ही इसका जमीन से संपर्क कट गया। जापान एयरोस्पेस एजेंसी ने 4 सितंबर 2007 को 'कागुया' लाॅन्च किया, जो 3 अक्टूबर को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया। अपोलो मिशन के बाद चंद्रमा का यह सबसे बड़ा मिशन था।
अमेरिका: नासा के सर्वेयर प्रोग्राम के तहत जून, 1966 से जनवरी, 1968 तक 7 बार रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा पर भेजे गए। इनमें से पांच सर्वेयर स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग में सफल रहे। नासा के अपोलो मिशन के तहत फरवरी, 1966 से दिसंबर, 1972 के बीच 19 प्रयास किए, 16 सफल रहे। इन मिशनों के जरिए नील आर्मस्ट्रांग सहित 24 अंतरिक्ष यात्री भीचंद्रमा पर पहुंचे।
चीन: चीन के चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने मून मिशन चेंग सीरीज में 2007 से अब तक 4 प्रयास किए हैं, सभी सफल रहे हैं। चेंग-1 और चेंग-2 में ऑर्बिटर भेजे गए और चेंग-3 और चेंग-4 में लैंडर थे, इनमें युतु-1 और युतु-2 नाम के रोवर भी थे। चेंग-3 (1200 किग्रा) लैंडर ने चीन से एक दिसंबर, 2013 को उड़ान भरी और 14 दिसंबर को चंद्रमा पर उतर गया।
भारत: भारत का चंद्रयान-1 (1380 किग्रा) 22 अक्टूबर, 2008 को पीएसएलवी सी-11 रॉकेट द्वारा श्रीहरिकोटा से भेजा गया। इसमें कुल 11 उपकरण थे। इसकी अवधि 2 साल थी, पर यह केवल 10 महीने छह दिन ही सक्रिय रह सका।
यूरोप की यूरोपियन: यूरोप की यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने स्मार्ट-1 ऑर्बिटर/इंपैक्ट प्रोब 27 सितंबर, 2003 को लाॅन्च किया।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर केरल एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग, मचा हड़कंप
6 September 2019
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी घटना हुई है। यहां खड़ी केरला एक्सप्रेस के पॉवर इंजन में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई है। जानकारी के अनुसार ट्रेन अपने प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और आचनक इसमें आग लग गई जिसके बाद प्लेटफॉर्म पर हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चंडीगढ़ कुचुवली एक्सप्रेस के पॉवर कार में आग लग गई थी। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
वहीं दूसरी तरफ पॉवर कार को अलग करने के बाद ट्रेन को हजरत निजामुद्दीन रवाना किया गया। वहां ट्रेन में नया पॉवर कार लगाया गया और गंतव्य के लिए रवाना हुई। दुर्घटना में किसी भी यात्री को नुकसान नहीं।

बिहार के समस्तीपुर में घर में घुसकर बिजनेसमैन, पत्नी और बेटी को गोलियों से भूना
6 September 2019
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बिजनेसमैन और उसके परिवार को अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर गोलियों से भून डाला। इस वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए, वहीं गंभीर घायल स्थिति में परिवार के तीनों सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार देर रात बदमाशों ने स्टेशन रोड़ स्थित घोष लेन में वारदात को अंजाम दिया। घटना स्क्रेप व्यापारी के परिवार के साथ घटी।
बताया जा रहा है कि स्क्रेप व्यापारी बद्री गोयनका को चार गोली लगीं। उनकी पत्नी सोनम गोयनका और बेटी अदिति गोयनका को दो गोलियां लगी हैं। गोलियों की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग जागे और जमा होकर गोयनका के घर पहुंचे तब वारदात का खुलासा हुआ।
वारदात के बाद सूचना मिलने पर जब तक पुलिस पहुंची सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है।

रूस में बोले PM मोदी, 'हम भारत को 2024 तक 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने में जी-जान से जुटे हैं'
5 September 2019
नई दिल्‍ली : रूस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईस्‍टर्न इकोनॉमिक फोरम में बतौर मुख्‍य अतिथि शिरकत की. इस दौरान उन्‍होंने अपने संबोधन में कहा कि 130 करोड़ भारतीयों ने मुझपर भरोसा जताया है. इसके लिए मैं उनका आभारी हूं. पीएम मोदी ने कहा कि हम 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्‍वास' के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हम 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने के अभियान में भी हम जी जान से जुटे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि मेरी रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से खुले दिन से चर्चा होती है. मैंने और पुतिन ने भारत के लिए लक्ष्‍य तय किए हैं. हमारे संबंधों में हमने नए आयाम जोड़े हैं, उन्हें विविधता दी है. संबंधों को सरकारी दायरे से बाहर लाकर, प्राइवेट इंडस्‍ट्री के बीच ठोस सहयोग तक पहुंचाया है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत फार ईस्‍ट (पूर्वी एशिया, उत्‍तरी एशिया और दक्षिण पूर्वी एशिया) के विकास के लिए दी जाने वाली सहायता राशि (क्रेडिट लाइन) बढ़ाकर 1 अरब डॉलर करेगा. उन्‍होंने कहा कि हमारी सरकार ईस्‍ट एशिया के साथ एक्‍ट एशिया पॉलिसी के तहत संपर्क में है. यह हमारे बीच इकोनॉमिक डिप्‍लोमेसी को नए आयाम देगा.
पीएम मोदी ने कहा कि व्लादिवस्तोक यूरेशिया और पैसिफिक का संगम है. यह आर्कटिक और नॉर्दन समुद्री रूट के लिए नए अवसर खोलता है. रूस का करीब तीन चौथाई भाग एशियाई है. फार ईस्ट इस महान देश की एशियन पहचान को मजबूत करता है. इस क्षेत्र का आकार भारत से करीब दो गुना है. जिसकी आबादी सिर्फ 6 मिलियन है. पीएम मोदी ने कहा कि व्‍लादिवोस्‍तोक से भारत का रिश्‍ता काफी पुराना है. यहां भारत ने काफी निवेश किया है. जब व्‍लादिवोस्‍तोक से चेन्‍नई तक जहाज चलेंगे तो हमारी दोस्‍ती और गहरी होगी. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फार ईस्ट का रिश्ता बहुत पुराना है. भारत पहला देश है, जिसने व्लादिवोस्तोक में अपना कांसुलेट खोला है. सोवियत रूस के समय भी व्लादिवोस्तोक के जरिए बहुत सामान भारत पहुंचता था. आज इसकी भागीदारी और भी बढ़ गई है. यह दोनों देशों की सुख-समृद्धि का सहारा बन रहा है.

गुरदासपुर हादसा: बटाला के लिए रवाना हुए सांसद सनी देओल, घायलों से करेंगे मुलाकात
5 September 2019
गुरदासपुर: पंजाब (Punjab) के गुरदासपुर के बटाला में बुधवार शाम को हुए दर्दनाक हादसे 23 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है, जबकि 27 लोग अभी भी घायल हैं. आतिशबाजी कारखाने में विस्फोट के बाद हुए इस दर्दनाक हादसे में गुरदासपुर के सांसद सनी देओल ने खेद जताया था. जानकारी के मुताबिक, सांसद सनी देओल हुए बटाला के लिए रवाना हो चुके हैं.
जानकारी के मुताबिक, यहां वह राहत कार्यों बचाव कार्य का जायजा लेंगे और घायलों का भी हाल-चाल जानेंगे. सनी देओल के साथ पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों बचाव कार्य का जायजा लेंगे.
घटना की जानकारी के बाद सनी देओल ने ट्वीट कर कहा, 'बटाला में पटाखा फैक्ट्री में लगी आग से जान-माल के नुकसान के बारे में जानकार बहुत दुख हुआ, जिला उपायुक्त से बात की. जिला प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल की टीम मौके पर कार्यरत है.'
आपको बता दें कि पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री सुखविंदर रंधावा के अनुसार मरने वाले प्रत्‍येक व्‍यक्ति के परिजन को मुआवजे के रूप में दो लाख रुपये दिए जाएंगे. साथ ही घायल व्‍यक्तियों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है.

जम्‍मू-कश्‍मीर में आज से शुरू होंगे सभी लैंडलाइन नंबर, कुपवाड़ा-हंदवाड़ा में मोबाइल सेवाएं होंगी बहाल
5 September 2019
नई दिल्‍ली : जम्‍मू और कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने के बाद सुरक्षा कारणों से लैंडलाइन सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को सरकार की ओर से आज हटा लिया जाएगा. पूरे जम्‍मू और कश्‍मीर में सभी लैंडलाइन नंबर गुरुवार से दोबारा शुरू हो जाएंगे. इसके साथ ही कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में गुरुवार से मोबाइल पर इनकमिंग और आउटगोइंग सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी.
बता दें कि जम्‍मू और कश्‍मीर से मोदी सरकार ने 5 अगस्‍त को अनुच्‍छेद 370 हटा लिया था. इसके बाद वहां सुरक्षा कारणों से लैंडलाइन और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई थीं. सरकार की ओर से हालातों को देखते हुए इन सेवाओं को शुरू किया गया.

मोदी ने कश्मीर मसले पर कहा- भारत और रूस आतंरिक मामलों में बाहरी दखल के खिलाफ
4 September 2019
मॉस्को.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को 2 दिन के रूस दौरे पर व्लादिवोस्तोक पहुंचे। मोदी ने पुतिन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर मसले पर कहा कि दोनों ही देश आतंरिक मामलों में बाहरी दखल के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों में रक्षा, व्यापार और परमाणु क्षेत्र में दर्जनों एग्रीमेंट हुए हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई-व्लादिवोस्तोक जलमार्ग पर सहमति बनी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही मोदी ने पुतिन को अगले साल एनुअल समिट में भारत आने का न्योता दिया।
इससे पहले भारतीय समुदाय ने रूस पहुंचने पर एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत किया। मोदी को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। व्लादिवोस्तोक पहुंचने पर मोदी ने कहा कि जहां 21वीं सदी में मानव विकास की नई गाथाएं लिखी जा रही हैं। ऐसे कर्मतीर्थ में आकर मुझे अपार खुशी हो रही है। रूस के सुदूर व्लादिवोस्तोक जाने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। मोदी कल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ईईएस में हिस्सा लेंगे। पुतिन ने मोदी को इस समिट में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया है।
दोनों देश सहयोग को सरकारी दायरे से बाहर लाए- मोदी
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- पुतिन और मेरे बीच पहली मुलाकात 2003 में हुई थी। अटलजी प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात के सीएम के तौर पर प्रतिनिधिमंडल में आया था। तबसे हमने स्पेशल और प्रिवेलेज्ड स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप से स्ट्रैटजिक हितों के अलावा, लोगों के विकास को भी जोड़ा है। हमने सहयोग को सरकारी दायरे से बाहर लाकर उसमें लोगों और प्राइवेट इंडस्ट्री की असीम ऊर्जा को जोड़ा है। आज हमारे सामने दर्जनों बिजनेस एग्रीमेंट हुए हैं। रक्षा के क्षेत्र में रूसी उपकरणों के स्पेयर पार्ट्स भारत में बनाने का समझौता हुआ है। साल की शुरुआत में एके 203 का ज्वाइंट वेंचर समझौता को-मैन्युफैक्चरिंग को ठोस आधार दे रहा है। हमारे रिश्तों को हम राजधानियों के बार भारत के राज्यों और रूस के अन्य क्षेत्रों तक ले जा रहे हैं।
मुझे सम्मान का मतलब 130 करोड़ लोगों का सम्मान- मोदी इससे पहले मोदी ने कहा- यह एक ऐतिहासिक पल है। इससे भारत और रूस के संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा। कल होने वाली समिट में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित हूं। आपने मुझे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने का भी ऐलान किया है। मैं राष्ट्रपति पुतिन और रूस के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। ये दोनों देशों की दोस्ती को दिखाता है। मुझे सम्मान मिलना भारत के 130 करोड़ लोगों का सम्मान है।
मोदी पोत निर्माण केंद्र देखने भी गए
मोदी पुतिन के साथ ज्वेज्दा पोत निर्माण केंद्र भी देखने गए। मोदी और पुतिन के बीच ऊर्जा से जुड़े कई समझौते हो सकते हैं। व्लादिवोस्तोक में खनिज और ऊर्जा के बड़े भंडार मौजूद हैं। मोदी पुतिन से आर्कटिक जलमार्ग खोलने का आग्रह कर सकते हैं, ताकि भारत से रूस के इस हिस्से की दूरी कम हो जाए और दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाए जा सकें।
जलमार्ग पर समझौता अहम
अगर चेन्नई-व्लादिवोस्तोक जलमार्ग पर समझौते से भारत-रूस के बीच व्यापार को मजबूती मिलेगी। व्लाओएनजीसी और कुछ हीरा कंपनियां अभी रूस के इस सुदूर पूर्वी इलाके में काम कर रही हैं। भारत-रूस इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भी काम कर रहे हैं। यह 7200 किलोमीटर लंबा सड़क, रेल और समुद्र मार्ग होगा। यह भारत, ईरान और रूस को जोड़ेगा। कॉरिडोर हिंद महासागर और फारस की खाड़ी से ईरान के चाबहार पोर्ट होते हुए रूस के सेंट पीटर्सबर्ग को जोड़ेगा।
मैनपावर एक्सपोर्ट करने पर विचार कर रहे दोनों देश
विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि भारत और रूस के बीच एक विशेष रिश्ता है। प्रधानमंत्री इस रिश्ते को परमाणु ऊर्जा और डिफेंस के क्षेत्र से आगे अर्थव्यवस्था से जोड़ना चाहते हैं। भारत आने वाले समय में रूस को मैनपावर निर्यात करने पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां कहीं भी मैनपावर की कमी है, भारत उन सभी जगहों पर स्किल्ड वर्कर्स को भेजने के बारे में सोच रहा है।
विदेश सचिव ने यह भी बताया कि भारत का प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और रूस की तरफ से इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। दरअसल, राजधानी मॉस्को से व्लादिवोस्तोक तक ट्रेन से पहुंचने में 7 दिन लगते हैं। यहां कम जनसंख्या की वजह से प्राकृतिक संसाधनों के खनन में भी परेशानी आती है। ऐसे में कृषि और खनन सेक्टर में भारत के लिए यह बड़ा मौका होगा।
पहले दिन दोनों देशों के बीच डेलिगेशन स्तर की बातचीत होगी
मोदी के रूस दौरे के पहले दिन उनके और राष्ट्रपति पुतिन के बीच डेलिगेशन स्तर की बातचीत होगी। इसके बाद दोनों अलग से बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री के साथ 50 सदस्यों वाला फिक्की का एक डेलिगेशन भी व्लादिवोस्तोक गया है। 5 सितंबर को दोनों नेता ईस्टर्न इकोनामिक फोरम में हिस्सा लेंगे। मोदी के भारत लौटने से पहले पुतिन उन्हें जूडो चैम्पियनशिप दिखाने भी ले जाएंगे। पुतिन खुद एक जूडो खिलाड़ी हैं।

लगातार दूसरे दिन बारिश से निचले इलाकों में पानी भरा, 1500 लोगों को रेस्क्यू किया; स्कूलों की छुट्टी
4 September 2019
मुंबई. शहर और आसपास के इलाकों में मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी है। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया। भारी बारिश के चलते कुर्ला इलाके में मीठी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी किनारे रहने वाले 1500 लोगों का एनडीआरएफ ने रेस्क्यू किया। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पुणे,रायगढ़, रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग और पालघर शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश से मुंबई की लोकल रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण विक्रोली-कांजुरमार्ग के बीच सभी छह लाइनों और ठाणे और सीएसएमटी स्टेशन के बीच चार लाइनों पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। वहीं, हार्बर लाइन पर कुर्ला और चूनाभट्टी के बीच भी रेलवे ने सेवाएं रोक दी।
स्कूलों को बंद करने का आदेश
इससे पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) बुधवार को सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। बीएमसी ने ट्वीट किया- ‘‘जिन स्कूलों में छात्र पहुंच चुके हैं, वहां के प्रिसिंपल पूरी सावाधानी बरतें और बच्चों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाएं।’’ स्कूलों को बंद करने का निर्णय बीएमसी ने बुधवार सुबह ही लिया। इससे पहले ही कई स्कूलों में बच्चे पहुंच चुके थे।
अंधेरी सब-वे पर यातायात बंद
बारिश और जलभराव के मद्देनजर कई बसों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। अंधेरी सब-वे पर यातायात बंद कर दिया गया। पवई गार्डन से होकर आरे कालोनी जाने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया। सांताक्रूज चेंबूर लिंक रोड पर भारी ट्रैफिक के चलते वाहनों की लाइन अमर महल जंक्शन तक पहुंच गई। माहिम के रेतीबंदर में जलभराव के कारण दक्षिण की ओर यातायात सिर्फ एक लेन पर चल रहा है। बारिश के चलते एयरपोर्ट पर भी विमानों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

विक्रम लैंडर को आखिरी कक्षा में उतारा गया, अब यह चंद्रमा से सिर्फ 35 किमी दूर
4 September 2019
नई दिल्ली. चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को बुधवार तड़के 3:42 बजे फिर एकबार डि-ऑर्बिट किया गया। अब यह चंद्रमा की तय की गई आखिरी कक्षा में पहुंच गया है। चांद से अब इसकी दूरी सिर्फ 35 किमी है। यहीं से यह इस उपग्रह की सतह पर उतरेगा। इससे पहले इसे मंगलवार सुबह 8:50 बजे डि-ऑर्बिट किया गया था। यह 7 सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।
इसरो ने कहा कि इस ऑपरेशन के साथ ही विक्रम के चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए जरूरी कक्षा हासिल कर ली गई है। ऑर्बिटर और लैंडर सही काम कर रहे हैं।
3 सितंबर को पहली बार डि-ऑर्बिट किया गया था
सोमवार को विक्रम लैंडर चंद्रयान-2 से अलग हुआ था। इसके बाद मंगलवार को पहली बार डि-ऑर्बिट किया गया था। इसके बाद वह करीब 20 घंटे तक सीधे ऑर्बिट (घड़ी की सुई की दिशा) की कक्षा में घूमता रहा। डि-ऑर्बिटिंग के बाद अब विक्रम कक्षा में उल्टी दिशा में घूम रहा है। तब यह ऑर्बिटर की कक्षा को छोड़कर चांद के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ चला था। दूसरी बार डि-ऑर्बिटिंग के बाद अब विक्रम कक्षा में उल्टी दिशा में घूमते हुए सीधे चांद पर लैंड करेगा।
विक्रम और प्रज्ञान एक लूनर डे तक काम करेंगे
विक्रम 7 सितंबर को देर रात 1.55 बजे चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इसके बाद 7 सितंबर की सुबह 5.30 से 6.30 बजे के बीच प्रज्ञान रोवर विक्रम से बाहर आएगा। यहां से प्रज्ञान एक लूनर डे (चांद का एक दिन) के लिए अपने मिशन पर आगे बढ़ जाएगा। लूनर डे पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है। लैंडर भी इतने ही दिनों तक काम करेगा। हालांकि, आर्बिटर एक साल तक इस मिशन पर काम करता रहेगा।
6-7 सितंबर के बीच रात को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा
6-7 सितंबर की दरमियानी रात 1:40 बजे लैंडर चंद्रमा पर उतरना शुरू करेगा। यह प्रक्रिया करीब 15 मिनट की होगी। लैंडिंग के दो घंटे बाद तड़के 3:55 बजे लैंडर से रोवर बाहर निकलेगा। 5:05 बजे रोवर के सोलर पैनल खुलेंगे। 5:55 बजे रोवर चंद्रमा पर उतर जाएगा। रोवर के चंद्रमा पर उतरते ही वह लैंडर और लैंडर रोवर की सेल्फी लेगा जो उसी दिन 11 बजे के आसपास उपलब्ध होगी।
मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले 50 बच्चे देखेंगे नजारा
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने की घटना के गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसरो मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले देशभर के 50 बच्चे व उनके माता-पिता को भी इसरो ने आमंत्रित किया है। नासा के पूर्व एस्ट्रॉनॉट डोनाल्ड ए. थॉमस ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर लैंडिंग का नजारा अमेरिकी एजेंसी नासा के साथ ही पूरी दुनिया के लोग देखेंगे।

प्रियंका गांधी का बीजेपी सरकार पर निशाना - 'अर्थव्यवस्था पर मंदी की मार स्वीकार करे सरकार'
3 September 2019
नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था की धीमी चाल पर अब मोदी सरकार दिन पर दिन घिरने लगी है। एक बार फिर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासिचव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने कहा कि भाजपा सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में ऐतिहासि मंदी है। इसके पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी सरकारी की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़ा कर चुके हैं।
देश में मंदी की मार की आशंका के बीच प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है कि ' किसी झूठ को सौ बार कहने से झूठ सच नहीं हो जाता। BJP सरकार को ये स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक मंदी है और उन्हें इसे हल करने के उपायों की तरफ बढ़ना चाहिए। मंदी का हाल सबके सामने है। सरकार कब तक हेडलाइन मैनेजमेंट से काम चलाएगी?'
कांग्रेस समेत विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर आर्थिक मंदी को लेकर हमला कर रहा है। हाल ही में देश की आर्थिक विकास दर में काफी गिरावट देखी गई है, पिछले क्वार्टर के मुकाबले 5.8 से घटकर यह 5 प्रतिशत पर आ गई है।
पिछले कुछ वक्त में देश के मैन्युफेक्चरिंग, ऑटो और एग्रीकल्चर सेक्टर में मंदी का असर दिखाई दिया है। कथित तौर पर मंदी की मार की वजह से कई नौकरियां खत्म हुई हैं।

नवी मुंबई के उरण में ONGC प्लांट में लगी आग, 5 लोगों की मौत की आशंका
3 September 2019
नवी मुंबई। महाराष्ट्र के उरण में आज सुबह बड़ा हादसा हो गया है। यहां स्थित ONGC प्लांट में आग लग गई है। आग की चपेट में आने की वजह से 5 लोगों की मौत होने की आशंका है। घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची हैं और टीमें आग पर काबू करने की कोशिश कर रही हैं। आग इतनी भीषण है कि काफी दूरी से भी उसकी लपटें और धुआं नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ONGC प्लांट के गैस प्रोसेसिंग युनिट में आज सुबह 7 बजे आग लगी। जिस दौरान ये हादसा हुआ उस वक्त भी कई कर्मचारी प्लांट में मौजूद थे। आग की चपेट में आने की वजह से 5 लोग झुलस गए जिससे उनकी मौत हो गई।
फिलहाल ये सामने नहीं आया है कि प्लांट में आग किस वजह से लगी है। आग पर काबू पाने की कोशिशें लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
बताया जा रहा है कि प्लांट के एक हिस्से में आग लगी हुई है अगर आग फैल गई तो यहां फंसे कर्मचारियों का निकलना मुश्किल हो सकता है।

वायुसेना के जंगी बेड़े में 8 अत्याधुनिक अपाचे हेलिकॉप्टर शामिल, अंधेरे में भी दुश्मन को खत्म करेगा
3 September 2019
पठानकोट. अमेरिका से खरीदे गए 8 अपाचे हेलिकॉप्टर मंगलवार को वायुसेना के जंगी बेड़े में शामिल हो गए। ये 125 हेलिकॉप्टर यूनिट 'ग्लेडिएटर्स' का हिस्सा होंगे। हेलिकॉप्टर पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर तैनात हो चुके हैं। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में हुई इंडक्शन सेरेमनी में इन हेलिकॉप्टर को वॉटर केनन सैल्यूट दिया गया।
भारत का 2015 में अमेरिका और बोइंग कंपनी से 4168 करोड़ रुपए में 22 अपाचे खरीदने का करार हुआ था। 2020 तक ये सभी वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इनमें से 11 पाक सीमा के साथ पठानकोट और 11 चीन सीमा के साथ असम के जोरहाट में तैनात किए जाएंगे। एयरफोर्स में अपाचे की तैनाती ऐसे समय की जा रही है, जब धनोआ ने यह बयान दिया कि हम 40 साल पुराने फाइटर उड़ा रहे हैं।
अपाचे हेलिकॉप्टर की खासियतें
* एएच 64ई अपाचे दुनिया के सबसे एडवांस मल्टी काम्बैट हेलिकाप्टर हैं। इनमें हाईक्वालिटी नाइट विजन सिस्टम है। जिससे दुश्मन को अंधेरे में भी ढूंढा जा सकेगा। यह मिसाइल से लैस हैं और एक मिनट में 128 लक्ष्यों पर निशाना साधा जा सकता है। भारी मात्रा में हथियार ले जाने की क्षमता है। 293 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।
* हेलिकॉप्टर में 16 एंटी टैंक एजीएम-114 हेलफायर और स्ट्रिंगर मिसाइल लगी होती है। हेलफायर मिसाइल किसी भी आर्मर्ड व्हीकल जैसे टैंक, तोप, बीएमपी वाहनों को पलक झपकते ही ध्वस्त कर सकती है। वहीं स्ट्रिंगर मिसाइल हवा से आने वाले किसी भी खतरे का सामना करने में सक्षम है। इसके साथ ही इसमें हाइड्रा-70 अनगाइडेड मिसाइल भी लगी होती हैं जो जमीनी टारगेट को तबाह कर सकती हैं।
अब आतंकी हमले पर तुरंत लिया जा सकेगा एक्शन * पठानकोट और जम्मू का सांबा, कठुआ को पाकिस्तान कश्मीर का चिकन नेक मानता है। कश्मीर का संपर्क काटने के लिए वह बार-बार यहीं हमले कराता है।
* पंजाब और जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर पाक हमले की स्थिति में तुरंत बड़ा एक्शन लिया जा सकेगा।
* पाक के सबसे करीब पठानकोट एयरबेस सुरक्षित होगा, जहां घुसे आतंकियों को ढूंढने में 2 दिन लग गए थे, अपाचे में आतंकियों की तस्वीरें लेने और कमांडो को भेजने के उपकरण होंगे।
* खासकर पाक की ओर से आतंकी हमलों को रोकने में मददगार साबित होगा।
आतंकियों के निशाने पर रहा है पठानकोट और पंजाब का इलाका
पठानकोट एयरबेस पर अभी रूस निर्मित एमआई-25 और एमआई-35 हेलिकाप्टरों की एक यूनिट तैनात है। सेना के प्रवक्ता कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि इससे एयरफोर्स की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी बढ़ जाएगी और पाकिस्तान बॉर्डर के साथ जम्मू-कश्मीर तक की एलओसी और आईबी को कवर किया जा सकेगा। दरअसल, पठानकोट और पंजाब का यह एरिया पाकिस्तानी आतंकियों के निशाने पर रहा है। आतंकियों ने 2016 में एयरबेस पर हमला कर फाइटर विमान सुरक्षित रखे जाने वाले टेक्निकल एरिया की ओर बढ़ने की कोशिश की थी।

3 साल से जेल में बंद कुलभूषण को पहली बार काउंसलर एक्सेस मिली, भारतीय राजनयिक ने एक घंटे मुलाकात की
2 September 2019
इस्लामाबाद. भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया ने सोमवार को इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव से मुलाकात की। 3 साल से ज्यादा वक्त से पाक जेल में बंद यह कुलभूषण की पहली काउंसलर एक्सेस थी। पाक ने रविवार को दूसरी बार कुलभूषण को काउंसलर एक्सेस देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया। जाधव से मुलाकात के बाद के बाद अहलूवालिया ने पाक में भारत के उप उच्चायुक्त से भी मुलाकात की। पाकिस्तान के जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुलभूषण से भारतीय राजनयिक की मुलाकात सोमवार 3 बजे हुई, जो करीब एक घंटे तक चली।
पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने रविवार को कहा था कि जाधव को वियना कन्वेंशन के तहत काउंसलर एक्सेस मिलेगा। उन्होंने कहा यह एक्सेस आईसीजे के फैसले और पाकिस्तान के कानून के तहत दिया जाएगा। इससे पहले, पाकिस्तान सरकार ने आईसीजे के फैसले के 11 दिन बाद कुलभूषण को सशर्त एक्सेस देने का निर्णय लिया था। तब भारत ने कहा था कि इंटरनेशनल कोर्ट के आदेशानुसार हम जाधव के लिए अबाधित और जल्द एक्सेस चाहते हैं।
आईसीजे ने लगाई थी जाधव की फांसी पर रोक
आईसीजे ने इसी साल 21 जुलाई को भारत के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी थी। साथ ही पाक को उन्हें काउंसलर एक्सेस देने के निर्देश दिए थे। आईसीजे के 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद पाक ने कहा था कि आईसीजे के फैसले के तहत कमांडर जाधव को एक्सेस से जुड़े उनके अधिकार बता दिए हैं। हम जिम्मेदार देश के तौर पर काउंसलर एक्सेस देंगे।
जाधव के खिलाफ पाक सेना के ट्रायल को भारत ने चुनौती दी
29 मार्च 2016 को कुलभूषण को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। कुलभूषण को पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने मई 2017 में आईसीजे के सामने यह मामला उठाया था। पाकिस्तान पर जाधव को काउंसलर न मुहैया करवाने का आरोप लगाया। भारत ने जाधव के खिलाफ पाकिस्तानी सेना के ट्रायल को भी चुनौती दी। आईसीजे ने 18 मई 2017 को जाधव के केस में फैसला आने तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए थे।
25 दिसंबर 2017 को जाधव की मां और पत्नी ने इस्लामाबाद में उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान जाधव और उनके परिवार के बीच एक कांच की दीवार थी और किसी भी भारतीय अफसर को मिलने या उनकी बात सुनने की इजाजत नहीं दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का उप्र सरकार को निर्देश- छात्रा और परिजनों को सुरक्षा दी जाए, एसआईटी आरोपों की जांच करे
2 September 2019
नई दिल्ली. भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर शोषण के आरोपों के मामले मेें सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि चिन्मयानंद पर लगाए गए छात्रा के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए और जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करे। अदालत ने उप्र के मुख्य सचिव को निर्देश दिए किए अगले आदेश तक छात्रा और उसके परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
शाहजहांपुर के एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा ने चिन्मयानंद पर शोषण के आरोप लगाए थे। यह कॉलेज चिन्मयानंद का है। वह 23 अगस्त को हॉस्टल से लापता हो गई थी और इसके बाद 30 अगस्त को राजस्थान में एक युवक के साथ मिली थी। छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद पर अपहरण और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया था।
छात्रा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था- घर वापस नहीं जाना चाहती
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए वकील से छात्रा की लोकेशन के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद योगी सरकार को लड़की को पेश करने का निर्देश दिया था। 30 अगस्त को छात्रा के मिलने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। यहां पर एक न्यायाधीश ने उससे बातचीत की थी। इस दौरान छात्रा ने कहा था कि वह घर वापस जाना नहीं चाहती है और उसके परिजनों को भी दिल्ली बुला लिया जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि छात्रा को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
वीडियो जारी कर छात्रा ने आरोप लगाए थे
छात्रा ने एक वीडियो जारी कर चिन्मयानंद पर आरोप लगाए थे। वीडियो में उसने कहा था- मैं एसएस लॉ कॉलेज में पढ़ती हूं। एक बहुत बड़ा नेता बहुत लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। मुझे और मेरे परिवार को भी जान से मारने की धमकी देता है। मैं इस टाइम कैसे रह रही हूं, मुझे ही पता है। मोदी जी प्लीज... योगी जी प्लीज मेरी हेल्प करिए आप। वह संन्यासी, पुलिस और डीएम सबको अपनी जेब में रखता है। धमकी देता है कि कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता। मेरे पास उसके खिलाफ सारे सबूत हैं। आपसे अनुरोध है कि मुझे इंसाफ दिलाएं।

चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम सफलतापूर्वक अलग हुआ, 7 सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा
2 September 2019
नई दिल्ली. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर विक्रम सोमवार दोपहर 1:15 बजे सफलतापूर्वक अलग हो गया। विक्रम 7 सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा। रविवार शाम ही चंद्रयान-2 को पांचवीं और अंतिम कक्षा में भेजा गया था। अभी ऑर्बिटर और लैंडर इसी कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं। इनकी चंद्रमा से न्यूनतम दूरी 119 किमी और अधिकतम दूरी 127 किमी है। अब अगले एक साल तक ऑर्बिटर इसी कक्षा में चंद्रमा का चक्कर लगाता रहेगा।
विक्रम के ऑर्बिटर से अलग होने को लेकर इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा था कि ये ऐसा ही है मानो बेटी अपने मायके से विदा हो जाएगी। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था।
विक्रम चंद्रमा से 36 किमी दूर कक्षा में चक्कर लगाएगा
अब अगले दो दिन लैंडर अपनी कक्षा को छोटा करता जाएगा और चंद्रमा से 36 किमी दूर की कक्षा में पहुंचकर चक्कर लगाएगा। इस बीच 3 सितंबर को इसरो लैंडर के साथ एक टेस्ट करेगा, इसे पूरी तरह रोककर तीन सेकंड के लिए विपरीत दिशा में चलाकर परखा जाएगा और फिर वापस उसे अपनी कक्षा में आगे बढ़ाया जाएगा। इसरो इस टेस्ट के जरिए यह पता करेगा कि लैंडर ठीक से काम कर रहा है या नहीं। 4 सितंबर को लैंडर की कक्षा में अंतिम बार बदलाव होगा और अगले तीन दिन उसके सभी उपकरणों की जांच होगी।
6-7 सितंबर के बीच रात को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा
6-7 सितंबर की दरमियानी रात 1:40 बजे लैंडर का चंद्रमा की ओर उतरना शुरू होगा और 15 मिनट में 1:55 बजे विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर दो क्रैटर मैंजिनस सी और सिंप्लीयस एन के बीच उतरेगा। लैंडिंग के दो घंटे (3:55 बजे) बाद लैंडर से रैंप बाहर निकलेगा। 5:05 बजे रोवर के सोलर पैनल खुलेंगे। 7 सितंबर को सुबह 5:10 मिनट पर चलना शुरू करेगा और 45 मिनट के बाद 5:55 बजे रोवर चंद्रमा पर उतर जाएगा। रोवर के चंद्रमा पर उतरते ही वह लैंडर और लैंडर रोवर की सेल्फी लेगा जो उसी दिन 11 बजे के आसपास उपलब्ध होगी।
पीएम मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले 50 बच्चे देखेंगे नजारा
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने की घटना के गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसरो मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले देशभर के 50 बच्चे व उनके माता-पिता को भी इसरो ने आमंत्रित किया है। नासा के पूर्व एस्ट्रॉनॉट डोनाल्ड ए. थॉमस ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर लैंडिंग का नजारा अमेरिकी एजेंसी नासा के साथ ही पूरी दुनिया के लोग देखेंगे।

पाक विदेश मंत्री ने कहा, शर्तों के साथ भारत से द्विपक्षीय बातचीत को तैयार: पाक मीडिया
31 August 2019
इस्लामाबाद। कश्मीर मसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ी तल्खी के बाद पाक ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध तोड़ दिए हैं। पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कश्मीर मसले पर भारत द्वारा आदेश वापस लेने के बाद ही द्विपक्षीय वार्ता करने की बात कही थी। इसी बीच पाकिस्तान मीडिया के हवाले से खबर आ रही है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि 'पाकिस्तान भारत से शर्तों के साथ बातचीत को तैयार है।' बता दें कि पाकिस्तान की लगातार बयानबाजी के बावजूद भी भारत ने अब तक अपनी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत ने कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया है। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, वह इस मसले को दोनों देशों का मामला बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उछाल चुका है। हालांकि भारत ने कश्मीर मसले को पूरी तरह से देश का आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तान के हर दावे को खारिज कर दिया था। इसके बाद भारत की कूटनीति के आगे पाक को मुंह की खानी पड़ी थी।
इससे बौखलाए पाक ने भारत से राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म कर डाले थे। इसके साथ ही किसी भी तरह की द्विपक्षीय वार्ता से इंकार कर दिया था।
हाल ही में पाक पीएम इमरान खान ने परमाणु हमले की चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत से पाक तभी बातचीत करेगा जब कश्मीर मुद्दे पर भारत सरकार अपना निर्णय वापस लेगी। अब एक बार फिर पाक की ओर से नया बयान जारी किया गया है। इस बार उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शर्तों के साथ भारत से बातचीत करने की बात कह डाली है।

वेबसाइट पर जारी हुई अंतिम सूची, 19 लाख 6 हजार 657 लोगों के नाम लिस्ट से बाहर
31 August 2019
गुवाहाटी। असम के लोगों के लिए शनिवार का दिन बहुत अहम है। NRC की अंतिम सूची वेबसाइट पर जारी हो गई है। सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल सूची में 19 लाख 6 हजार 657 लोग लिस्ट से बाहर हो गए हैं। बता दें करीब 41 लाख लोगों की सांसें इस आशंका में अटकी थी कि उनका नाम आज जारी होने वाली राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम लिस्ट में उनका नाम शामिल होगा या नहीं। पिछले साल 30 जुलाई को प्रकाशित मसौदे में इनके नाम शामिल नहीं थे। थोड़ी देर में वेबसाइट पर NRC सूची जारी होने वाली है।
NRC की अंतिम सूची गृह मंत्रालय ने जारी कर दी है इसमें 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार 4 लोगों को शामिल किया गया है। वहीं 19 लाख 6 हजार 657 लोग लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों को भरोसा दिया है कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। महज NRC में नाम नहीं होने की वजह से किसी को विदेशी या बाहरी नहीं मान लिया जाएगा। इसका फैसला समुचित कानूनी प्रक्रिया के बाद सिर्फ फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (एफटी) लेगा। पढ़िए इसी से जुड़ी अहम बातें -
धारा 144 लागू
शनिवार को अंतिम NRC के प्रकाशन के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने गुवाहाटी समेत सभी संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन की मदद के लिए पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बल मुहैया कराए हैं। हमने प्रत्येक जिले में उपायुक्तों और एसपी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
छूट गए, तो क्या होगा
NRCसे बाहर होने का यह मतलब नहीं है कि कोई व्यक्ति अपने आप विदेशी बन जाएगा। सिर्फ एफटी को ही किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने का अधिकार है।
अगर फिर भी किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित कर दिया जाता है तो वह एफटी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकता है। अगर फिर भी वह संतुष्ट न हो तो सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।
इस तरह भी मदद करेगी सरकार
NRC से बाहर रह गए गरीब लोगों को सरकार कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी ताकि वे एफटी और ऊंची अदालतों में अपने केस लड़ सकें। केंद्र सरकार ने एफटी में अपील की अवधि पहले ही 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है।

महाराष्ट्र के धुले की केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट, 12 की मौत, 58 घायल
31 August 2019
मुंबई। सेंधवा से 50 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र राज्य के शिरपुर की इस केमिकल फैक्ट्री में शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे ब्लास्ट हो गया। बताया जा रहा है कि हादसा सुबह उस वक्त हुआ जब गैस सिलेंडर में धमाका हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रुप ले लिया और इसकी चपेट में कर्मचारी आ गए।
एसपी धुले, विश्वास पंधारे के मुताबिक अब तक 12 लोगों की मौत हुई है और 58 घायल हुए हैं। घायलों का महाराष्ट्र के धुलिया और शिरपुर स्थित अस्पताल में उपचार जारी है। बचाव कार्य अभी जारी है। फैक्ट्री में अभी भी लोग फंसे हुए भी बताए जा रहे हैं।
सामने आ रही जानकारी के मुताबिक जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त फैक्ट्री में 70 से ज्यादा लोग मौजूद थे। अब भी 50 से 60 लोग फैक्ट्री में फंसे बताए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर स्थानीय प्रशासन के साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम और बचाव दल पहुंच गया है। फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी है।

चिदंबरम को नहीं मिली राहत, अदालत ने 2 सितंबर तक बढ़ाई सीबीआई रिमांड
30 August 2019
दिल्ली। INX Media Case में शुक्रवार को सुनवाई हुई. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राउज एवेन्यु कोर्ट (rouse avenue court) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 2 सितंबर तक पी चिदंबरम (P Chidambaram) की रिमांड अवधि बढ़ा दी है.
अदालत में चिदंबरम ने कहा कि -' मैंने अपने वकील को कहा था कि अगर सीबीआई रिमांड मांगेगी तो उसका विरोध करेंगे उन्होंने ने कहा कि हम PC को विरोध कर रहे है.' चिदंबरम ने कहा कि '55 घंटे पूछताछ में कुछ नहीं मिला. एक भी बैंक खाते, शेल कंपनी के बारे में कुछ नही मिला.'
चिदंबरम ने कोर्ट में कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट में हमनें कहा था कि सोमवार तक कस्टडी में रहने में कोई दिक्कत नही लेकिन अगर 5 दिनों की कस्टडी मांगेंगे तो हम विरोध करेंगे.' चिदंबरम ने कहा कि 'सोमवार तक कस्टडी में रहने पर दोनों पक्षों ने हामी भरी थी. सीबीआई ने इसका विरोध किया. सीबीआई ने कहा कि हमनें कभी नहीं कहा कि हम इसमें आपके साथ है. '
CBI ने दर्ज किया था मामला
केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की जिसमें आरोप लगाया गया था कि आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ का निवेश प्राप्त करने के लिये विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी देने में अनियमिततायें की गयीं. यह मंजूरी उस वक्त दी गयी थी जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे. इसके बाद, 2017 में ही प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया.
इससे पहले खबर आई थी कि आज सीबीआई चिदंबरम की हिरासत को और बढ़ाने पर जोर नहीं डालेगी. ऐसे में अगर उनका रिमांड नहीं बढ़ाया जाता है, तो फिर उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल जाना पड़ सकता है. लिहाजा चिदंबरम ने खुद रिमांड बढ़ाने की पेशकश की थी.

चिन्मयानंद केस: SC ने पुलिस से पूछा- लड़की कहां है? कोर्ट आने में कितना वक्त लगेगा
30 August 2019
शाहजहांपुर। शाहजहांपुर से लॉ छात्रा के गायब होने और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर अपहरण का आरोप लगने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. मामले में अपीलकर्ता के वकील की तरफ से कहा गया कि लड़की की लोकेशन पता चल गई. वकील ने मांग की है कि कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए. वकील ने कहा न्यूज चैनलों से पता चला है कि राजस्थान में मिली है, ऐसे में कोर्ट इस मामले में स्टेट्स रिपोर्ट मांगे. उन्होंने मांग की कि लड़की को कोर्ट में बुलाया जाए और उससे बात की जाए. वकील ने कहा कि 24 अगस्त से लड़की लापता थी, अभी मिली है.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूछा लड़की मिल गई? इसके बाद कोर्ट ने कहा कि 5 मिनट में बताएं कि लड़की को कब कोर्ट में पेश करेंगे. वक़ील ने कहा इस मामले में हम नहीं चाहते उन्नाव जैसा हाल हो. वकील आज ही आप यहां बुला सकते है. वकील ने कहा कि आप चाहें तो लड़की के पिता को बुला सकते हैं. चिन्मयानंद के वकील की तरफ से कहा गया कि ये उनके खिलाफ गहरी साजिश है. वहीं यूपी सरकार की तरफ से कहा गया कि वो राजस्थान से शाहजहांपुर के रास्ते में है. लड़की इस समय फतेहपुर सीकरी पहुंच चुकी है. दिल्ली लाने में ढाई घंटे लगेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने लड़की को तुरंत दिल्ली लाने के आदेश दिए.
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पहले लड़की सुप्रीम कोर्ट लाई जाएगी, इसके बाद खुद जस्टिस भानुमति उससे चैंबर में मुलाकात करेंगीं. कोर्ट ने कहा कि लड़की से पूरी बातचीत की जाएगी, उसके आरोपों को सुप्रीम कोर्ट सुनेगा, इसके बाद मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना आदेश देगा. कोर्ट ने कहा कि लड़की से चेंबर में मिलेंगे और फिर कोर्ट में आएंगे. हम क्यों अपने आदेश में किसी लड़की के दोस्त के बारे में लिखें. हमें नहीं पता की लड़की अंग्रेजी में बात कर सकती है या नहीं.
बता दें कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के एक समूह ने याचिका दाखिल कर कहा था कि शाहजहांपुर में लॉ छात्रा के गायब होने के मामले में कोर्ट स्वत: संज्ञान ले. वह नहीं चाहते कि इस मामले का हश्र उन्नाव की तरह हो.

6 करोड़ PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी! मिलेगा ज्यादा ब्याज, कभी भी हो सकता है ऐलान
30 August 2019
नौकरीपेशा के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. भविष्य निधि खाते (PF Account) पर ज्यादा ब्याज मिलने का रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार (Labour Minister Santosh Gangwar) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पीएफ (EPF) पर 8.65 फीसदी ब्याज मिलेगा. इसको लेकर वित्त मंत्रालय तैयार हो गया है. श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच ब्याज दर को लेकर सहमति बन गई है. वित्त मंत्रालय ब्याज दरों को जल्द नोटिफाई कर देगा. इसका सीधा फायदा 6 करोड़ खाताधारकों को मिलेगा. आपको बता दें कि यह पिछले छह महीने से पीएफ खाते की ब्याज दरों पर सहमति नहीं बन पाई थी. इससे पहले वित्त वर्ष यानी 2017-18 में ब्याज दरें 8.55 फीसदी थी. मतलब साफ है कि ब्याज दरों में 0.10 फीसदी का इजाफा होगा.
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन से क्या होगा-पीएफ की ब्याज दरों को लेकर लंबे समय से वित्त मंत्रालय और श्रम मंत्रालय में सहमतिन नहीं बन पा रही थी. फिक्की के कार्यक्रम में न्यूज एजेंसी पीटीआई के रिपोर्टर को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बताया है कि 8.65 फीसदी की दर से पीएफ खाताधारकों को ब्याज मिलेगा. इसको लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी होगा.
>> अगले हफ्ते ब्याज दरों को नोटिफाई कर दिया जाएगा. नोटिफाई होने के बाद सभी प्रोविडेंट फंड खाताधारकों के लिए खाते में ब्याज क्रेडिट कर दिया जाएगा.
>>इससे पहले 2017-18 में ईपीएफ पर ब्याज दर 8.55 प्रतिशत थी. ईपीएफओ ने 2016-17 में ईपीएफ पर ब्याज दर घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दी थी. जबकि, इससे पहले वित्त वर्ष 2015-16 में ब्याज दरें 8.80 फीसदी थी.
>> आपको बता दें कि 8.65 फीसदी की दर सरकार की अन्य छोटी बचत स्कीमों पर उपलब्ध ब्याज से ज्यादा है.
>> छोटी बचत स्कीमों के रिटर्न की बेंचमार्किंग मार्केट रेट पर होती है.EPFO के 6 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं. यह संगठन 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रिटायरमेंट सेविंग को मैनेज करता है.

नौसेना ने किया गुजरात के बंदरगाहों को अलर्ट, समुद्र के रास्ते हमले की आशंका
29 August 2019
गुजरात (Gujarat) में कच्छ के कांडला में आतंकी हमले की आशंका को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है. भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने बताया कि कांडला पोर्ट के रास्ते पाकिस्तान से प्रशिक्षित कमांडो दाखिल हो सकते हैं, जिसके बाद सभी बंदरगाहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
खुफिया एजेंसी के इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने के बाद ये कमांडोज समुद्री रास्ते के जरिए घुसपैठ कर सकते हैं और गुजरात में किसी बड़े हमले की फिराक में हैं. हाल ही में भारतीय नौसेना ने आशंका जताई थी कि पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी पानी के रास्ते बड़े हमले की फिराक में हैं. इसके लिए जैश एक विंग को अंडरवॉटर ट्रेनिंग भी दे रहा है. हालांकि, नौसेना ने कहा कि हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
भारतीय नौसेना के चीफ एडमिरल करमबीर सिंह ने सोमवार को इसे लेकर अलर्ट जारी किया. उन्होंने कहा, 'हमें खुफिया जानकारी मिली है कि पानी के अंदर से हमला करने के लिए जैश-ए-मोहम्‍मद अपने विंग को ट्रेनिंग दे रहा है. हम इसपर नज़र रख रहे हैं. आपको विश्‍वास दिलाते हैं कि इसको लेकर हम पूरी तरह से सतर्क हैं.'
अडानी पोर्ट्स और सेज़ की ओर से एक बयान में कहा गया, 'तटरक्षक स्टेशन से इनपुट मिला है कि पाकिस्तान में ट्रेनिंग ले चुके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कच्छ जिले के पास भारत-पाक सीमा से लगते हरामी नाला क्रीक क्षेत्र से दाखिल हो रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इन्हें अंडरवॉटर ट्रेनिंग दी गई है.'
इससे पहले चार आतंकियों के दाखिल होने के बाद भी पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के एजेंट के साथ चार आतंकी भारत में दाखिल हो गए. राजस्थान और गुजरात बॉर्डर समेत पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया.
आतंकी हमले की आशंका के बाद अलर्ट पर नौसेना
अभी कुछ दिन पहले लश्कर-ए-तैयबा के छह आतंकवादियों के तमिलनाडु में घुसपैठ करने की खुफिया जानकारी मिली थी. जिसके मद्देनजर नौसेना ने समुद्री क्षेत्र में हाई अलर्ट की घोषणा की है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में कड़ी निगरानी बरती जा रही है. इस सिलसिले में शनिवार को यहां पर छह लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.
सूत्रों ने बताया था कि इन लोगों को इस संदेह में हिरासत में लिया गया कि वे कथित घुसपैठ करने वाले लोगों के संपर्क में थे. हिरासत में लिये गये लोगों मे से एक आरोपी से अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है. केरल के कोच्चि में रक्षा प्रवक्ता ने बताया, 'खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय नौसेना समुद्र में और तटीय इलाकों में स्थिति पर पैनी नजर बनाये हुए है.'

प्लास्टिक से बने ये 6 आइटम्स होंगे बैन, 2 अक्टूबर को मोदी लॉन्च कर सकते हैं कैंपेन
29 August 2019
भारत ने 2 अक्टूबर से देशभर में प्लास्टिक से बने बैग, कप और स्ट्रॉ पर पाबंदी लगाने की तैयारी की है. शहरों और गांवों में सिंगल यूज प्लास्टिक की वजह से भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में शुमार है. 2022 तक देश में ऐसे प्लास्टिक को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य लेकर चलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांधी जयंती पर प्लास्टिक से बने 6 आइटम्स पर बैन के लिए कैंपेन लॉन्च कर सकते हैं.
इन आइटम्स पर लग सकता है बैन
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न बताने के शर्त पर दो अधिकारियों ने बताया कि सरकार प्लास्टिक बैग, कप, प्लेट, छोटी बोतलें, स्ट्रॉ और कुछ चुनिंदा प्रकार के सैशे बंद किया जा सकता है. एक अधिकार ने कहा कि बैन सिर्फ इस्तेमाल में होने वाली चीजें ही नहीं बल्कि ऐसी चीजों की मन्युफैक्चरिंग और इंपोर्ट भी बंद किया जाएगा.
अधिकारियों के मुताबिक, इन छह आइटम पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत के सालाना प्लास्टिक खपत में 5-10 फीसदी की कमी आएगा. यानी लगभग 14 मिलियन टन प्लास्टिक की खपत कम होगी. अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंध के उल्लंघन के लिए जुर्माना संभवत: छह महीने की शुरुआती अवधि के बाद प्रभावी होगा. देश कुछ राज्यों ने पहले से ही पॉलिथीन बैग पर पाबंदी लगा रखी है.
स्वतंत्रता दिवस पर की थी घोषणा
बता दें कि 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने की बड़ी घोषणा की थी. उन्होंने देश की जनता और खासतौर पर दुकानदारों-व्यापारियों से इस दिशा में योगदान देने की अपील की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने के अभियान की शुरूआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती (02 अक्टूबर) से एक साथ पूरे देश में शुरू किया जाएगा. पीएम मोदी ने इस बार अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी लोगों और सरकारी एजेंसियों से 2 अक्टूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन के लिए पहला बड़ा कदम उठाने को कहा था.
एयर इंडिया में यूज नहीं होगी प्‍लास्टिक
देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के मकसद से एयर इंडिया ने प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने का ऐलान किया है. एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी लोहानी ने गुरुवार को कहा कि हम 2 अक्टूबर से एयरलाइन में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं. उन्होंने बताया पहले चरण में प्लास्टिक पर प्रतिबंध एयर एक्सप्रेस की सभी फ्लाइट और सहयोगी फ्लाइट में लगाया जाएगा. दूसरे चरण में एयर इंडिया की सभी फ्लाइट में प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लागू किया जाएगा.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा जवाब - 'कश्मीर कब पाक का था कि उसे लेकर रोते रहते हो'
29 August 2019
लेह। कश्मीर मसले पर बौखलाए पाकिस्तान की ओर से रोजाना विवादित बयान सामने आ रहे हैं। यहां तक पाकिस्तान ने भारत को परमाणु हमला करने तक की चेतावनी दे डाली है। इस बीच भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। सिंह ने कहा कि PoK भी भारत का ही है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
राजनाथ सिंह ने कहा 'मैं पाकिस्तान से पूंछना चाहता हूं, कश्मीर कब पाकिस्तान का था कि उसको लेकर रोते रहते हो? पाकिस्तान बन गया तो हम आपके वजूद का सम्मान करते हैं। पाकिस्तान हेज नो लोकस स्टडी ऑन दिस मैटर'।
इतना ही नहीं राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि POK और गिलगित-बालतिस्तान पर भी पाकिस्तान ने अवैध कब्जा किया हुआ है।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख के लेह में आयोजित 26वें किसान-जवान विज्ञान मेले में शामिल होने पहुंचे थे।
इसके पूर्व पाकिस्तान के रेलवे मंत्री ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच निर्णायक युद्ध होने की चेतावनी दी थी। वहीं पाकिस्तान ने शनिवार तक के लिए कराची एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। आज पाकिस्तान की ओर से गजनबी मिसाइल का परीक्षण भी किया गया। इसे पाकिस्तान द्वारा भारत पर दबाव बनाने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है।

SC से इजाजत मिलने के बाद गुरुवार श्रीनगर जाएंगे सीताराम येचुरी
28 August 2019
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में जारी तमाम प्रतिबंधों के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी (Sitaram Yechuri) को श्रीनगर जाने की इजाजत दे दी है. येचुरी ने अपने विधायक एमवाई तरिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हम आपको आपके दोस्त से मिलने की इजाजत देंगे, लेकिन इस दौरान आप कुछ और काम नहीं कर पाएंगे. कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद सीताराम येचुरी गुरुवार को श्रीनगर के लिए रवाना होंगे. सीपीआई ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.
सीपीआई ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया है कि सीताराम येचुरी को कश्मीर में यूसुफ तारिगामी से मिलने की अनुमति दी जाए. इसी के अनुसार कॉमरेड सीताराम येचुरी 29 अगस्त को श्रीनगर जाएंगे. वह इस उम्मीद के साथ जम्मू-कश्मीर प्राधिकारियों को यह सूचना देंगे कि कम से कम इस बार वे उनकी मुलाकात का प्रबंध करेंगे.’
वहीं, कोर्ट से परमिशन मिलने के बाद सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया, ‘उच्चतम न्यायालय ने मुझे श्रीनगर जाकर कॉमरेड यूसुफ तारिगामी से मिलने की अनुमति दे दी है. न्यायालय ने मुझे उनके स्वास्थ्य के बारे में उसे ‘बताने’ को कहा है. मैं उनसे मिलने, लौटने और अदालत को इसकी जानकारी देने के बाद ही विस्तृत बयान दूंगा.’
बता दें कि माकपा नेता इस महीने जम्मू-कश्मीर जाने की दो बार कोशिश कर चुके हैं. उन्होंने एक बार भाकपा महासचिव डी राजा और एक अन्य बार विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां जाने का प्रयास किया था. उन्हें जम्मू-कश्मीर प्रशासन के आदेश पर दोनों बार श्रीनगर हवाईअड्डे से लौटना पड़ा था. उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रवेश नहीं करने दिया गया था.
कोर्ट ने येचुरी को दी ये चेतावनी
कोर्ट ने येचुरी से साफ तौर पर कहा कि आप ध्यान रखें. आपको सिर्फ दोस्त से मिलने जाने की परमिशन दे रहे हैं. वहां जाकर आप कोई पॉलिटिकल एक्टिविटी नहीं कर सकते. आप वहां किसी और काम में हिस्सा लेंगे, तो इसे कोर्ट आदेश का उल्लंघन माना जाएगा. इस पर सीपीआई महासचिव येचुरी ने कहा कि वह निर्देश का पूरा पालन करेंगे.

कश्मीर घाटी में हाई स्कूल खुले, छात्रों नदारद रहे
28 August 2019
कश्मीर (Kashmir) घाटी के उन क्षेत्रों में बुधवार को हाई स्कूल खोल दिए गए जहां पर प्रतिबंधों में ढील दी गई है. बहरहाल, छात्रों नदारद रहे. जम्मू्-कश्मीर (Jammu-Kashmir) का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे. अधिकारियों ने बताया कि आज सबुह हाई स्कूल खोल दिए गए. बहरहाल इन स्कूलों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति देखी गई.
इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक सेहरिश असगर ने कहा था, शिक्षा विभाग ने कल से घाटी के उन इलाकों में सभी हाई स्कूलों को खोलने का फैसला किया है जहां प्रतिबंधों में ढील दी गई है.
घाटी के 81 थाना क्षेत्रों से लोगों के आवाजाही पर लगी रोक भी अब हटा ली गई है. स्कूलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए शिक्षा के निदेशक यूनिस मलिक ने मंगलवार को बताया कि पूरी घाटी में 3,037 प्राथमिक और 774 मिडल स्कूल खोल दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि गत एक हफ्ते में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

पाकिस्तान के रेल मंत्री का दावा - अक्टूबर या उसके बाद भारत से होगी जंग
28 August 2019
पाकिस्तान (Pakistan) की इमरान खान (Imran Khan) सरकार के एक मंत्री ने दावा किया है कि भारत से उनकी जंग (War) होगी. मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह तक बता दिया है कि जंग कब शुरू होगी. पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद (Pakistan Railways Minister Sheikh Rashid Ahmed ने भविष्यवाणी की है कि पाकिस्तान और भारत के बीच एक पूर्ण युद्ध होगा. उनका दावा है कि यह युद्ध अक्टूबर या उसके बाद होगा. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि शेख राशिद ने यह बयान दिया है.
पाक के विदेश मंत्री ने कहा था-
इस्लामाबाद में कश्मीर पर आयोजित एक सेमिनार में कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा. उन्होंने कहा, 'भारत ने कश्मीर से गैरकानूनी तरीके से आर्टिकल 370 हटाकर वहां तनाव पैदा कर दिया है. ऐसे में यहां भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं और हम इसके लिए तैयार हैं.'
कुरैशी ने यह भी कहा कि वो अगले महीने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उठाएंगे. बता दें कि अब तक पाकिस्तान को आर्टिकल 370 के मुद्दे पर हर जगह झटका लगा है. यहां तक कि अमेरिका ने भी इस मुद्दे पर भारत का साथ दिया है.
सऊदी के वली से इमरान ने की थी बात
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक महीने में दूसरी बार सऊदी अरब के वली अहद मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर कश्मीर मुद्दे पर बात की. मीडिया में आयी खबर में यह जानकारी दी गयी.
‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की खबर के अनुसार, खान ने सोमवार को वली अहद से बात की और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिये जाने तथा उसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में विभाजित करने के भारत के कदम के बाद घाटी में मौजूदा हालात से उन्हें अवगत कराया.
बता दें जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान युद्ध के लिए तैयार है.

ट्रम्प के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मोदी की रही, किसी भी देश ने कश्मीर मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया
27 August 2019
बियारिट्ज फ्रांस के बियारिट्ज में 45वीं जी-7 समिट के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत दुनिया के 15 नेताओं से मुलाकात की। तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। समिट के 2 सत्र को भी संबोधित किया। इससे पहले मोदी का समिट में पहुंचने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया।
पीएम ने यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से बातचीत की। इसके बाद मोदी ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, जापान के पीएम शिंजो आबे, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो आदि से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि महासचिव के साथ बातचीत शानदार रही। उनके साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी सैल के साथ भी मोदी ने बातचीत की।
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद मोदी पहली बार दुनिया के टॉप सात नेताओं से एक साथ मिले
कश्मीर से 370 हटाने के बाद जी-7 में मोदी दुनिया के टॉप नेताओं से पहली बार मिले। मोदी ने इन नेताओं को कश्मीर पर भारत के रुख को बताया। नतीजा यह रहा कि कश्मीर मुद्दे को समिट के एजेंडे से बाहर रखा गया। समिट में दुनिया के करीब 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहे। पर किसी ने इसका जिक्र तक नहीं किया। यूएन महासचिव ने भी कोई बयान नहीं जारी किया।
जी-7 के 6 राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प के इर्द-गिर्द सिमटे, मैक्रों ने रूस की वकालत की
जी-7 समिट में जो कुछ दिखा, वो छुपी हुई कहानी बयां कर रहा है। सोमवार को ट्रम्प ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ से बियारिट्ज में मुलाकात का उन्हें पहले से पता था। इसे मैंने ही अनुमति दी थी। समिट में देखने को मिला कि ग्रुप के अन्य 6 राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प के इर्द-गिर्द ही सिमटे रहे। वे ट्रम्प को ही समझाते देखे गए। वहीं, ट्रूडो, मैक्रों, जॉनसन अपनी अवाम को यह दिखाने कोशिश की- वे ट्रम्प की तुलना में कितने गंभीर हैं।
सबसे ज्यादा फायदा भारत को
मैक्रों निजी मुलाकातों में जी-7 में रूस को दोबारा शामिल करने की हिमायत करते रहे। इस पूरी समिट में सबसे ज्यादा फायदा मोदी को हुआ है, क्योंकि जी-7 के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा उन्होंने कई अन्य राष्ट्रों जैसे सेनेगल के राष्ट्रपति से मुलाकात की। समिट में कश्मीर के मुद्दे पर ऐसी कोई बात नहीं हुई, जो भारत को पसंद न हो, जिसको पाकिस्तान की हार के तौर पर देखा जा रहा है।
समिट में और क्या हुआ : क्लाइमेट चेंज सत्र में ट्रम्प नहीं आए, उनकी कुर्सी खाली
* समिट में एक सत्र क्लाइमेट चेंज के लिए रखा गया था। इसमें जी-7 के सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया, लेकिन ट्रम्प नहीं आए, उनकी कुर्सी खाली रही। इस सत्र का नेतृत्व मैक्रों ने किया, उन्होंने रिसाइकल प्लास्टिक से बनी हाथ की घड़ी सभी नेताओं को दी।
* ब्रेग्जिट पर ब्रिटिश पीएम जॉनसन की यूरोपीय यूनियन (ईयू) अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क से बातचीत हुई। जॉनसन बोले- ब्रिटेन 31 अक्टूबर से पहले हर हाल में ईयू से बाहर हो जाएगा।
* ट्रम्प ने आखिरी दिन मिस्र, जर्मनी, भारत और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बातचीत की।
* 2020 में 46वीं जी-7 समिट अमेरिका में हो सकती है। ट्रम्प ने कहा कि हम मियामी गोल्फ रिजॉर्ट में अगली समिट करने के इच्छुक हैं। वह शानदार जगह होगी।
* ईरान के विदेश मंत्री जवाद जारिफ फ्रांस पहुंचे। वो मैक्रों की पहल पर आए, हालांकि अमेरिका के किसी अधिकारी तक ने ईरानी मंत्री से बातचीत नहीं की।
अमेजन जंगल की आग बुझाने के लिए जी-7 देश 154 करोड़ रु. देंगे, फायर फाइटर भेजेंगे
जी-7 के सभी सदस्य देश अमेजन रेन फॉरेस्ट में लगी आग को जल्द से जल्द बुझाने पर सहमत हो गए हैं। वे ब्राजील सरकार की आग बुझाने में 154 करोड़ रुपए की मदद करेंगे। सभी सदस्य देश आग बुझाने के लिए फायर फाइटर एयरक्राफ्ट भी भेजेंगे। वहीं, मैक्रों ने ट्रम्प के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगले कुछ हफ्तों में ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति रूहानी के बीच बातचीत की जगह तय होगी। ट्रम्प ने अन्य देशों से अगली जी-7 समिट में रूस को दोबारा शामिल करने की अपील की है।

राहुल गांधी ने कहा- आरबीआई का धन हड़पने से काम नहीं चलेगा, सरकार समाधान नहीं ढूंढ़ पा रही
27 August 2019
नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री आर्थिक संकट का समाधान नहीं ढूंढ़ पा रहे। राहुल ने सरकार पर आरबीआई का धन हड़पने का आरोप भी लगाया। रिजर्व बैंक ने बिमल जालान कमेटी की सिफारिशें मानते हुए कैश सरप्लस में से 1.76 लाख करोड़ रुपए सरकार को ट्रांसफर करने की सोमवार को मंजूरी दी। राहुल ने इसी मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा।
राहुल ने आरबीआई लूटेड हैशटैग का इस्तेमाल कर लिखा- आरबीआई से धन हड़पने का तरीका काम नहीं आएगा। यह डिस्पेंसरी से बैंड-ऐड चुराकर गोली लगने से हुए घाव पर लगाने जैसा है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया- यह रहस्यमयी संयोग है या सुनियोजित षड्यंत्र कि आरबीआई से ली गई 1.76 लाख करोड़ रुपए की राशि भाजपा सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की 'गायब' राशि के बराबर है? क्या यह रकम भाजपा के दिवालिया पूंजीपति मित्रों को बचाने के लिए है ? क्या ये आर्थिक समझदारी है?

जेटली के परिवार से मिलकर भावुक हुए मोदी, शाह भी मौजूद रहे
27 August 2019
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिवंगत अरुण जेटली के परिवार से मिलने उनके घर गए। इस दौरान मोदी भावुक हो गए। गृह मंत्री अमित शाह भी उनके साथ थे। मोदी करीब आधे घंटे जेटली के परिवार के साथ रहे।
24 अगस्त को जेटली के निधन के वक्त वे विदेश दौरे पर थे। उस दौरान उन्होंने जेटली की पत्नी संगीता से बात की थी। संगीता ने उन्हें विदेश दौरा बीच न छोड़कर आने के लिए कहा था।
बहरीन में जेटली को याद कर भावुक हुए थे मोदी
मोदी 22 अगस्त को तीन देशों फ्रांस, यूएई और बहरीन के दौरे पर गए थे। प्रधानमंत्री ने बहरीन में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान अरुण जेटली को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैं एक दर्द दबा कर आपके बीच खड़ा हूं। विद्यार्थीकाल से लेकर सार्वजनिक जीवन में हम मिलकर साथ चले। हर पल एक-दूसरे के साथ जुड़े रहना, साथ मिलकर जूझते रहना। जिस दोस्त के साथ यह सब किया, उसने आज देश छोड़ दिया। कल्पना नहीं कर सकता कि इतनी दूर बैठा हूं और मेरा एक दोस्त चला गया। बड़ी दुविधा का पल है। लेकिन मैं एक तरफ कर्तव्य और दूसरी तरफ दोस्ती की भावना से भरा हूं। मैं दोस्त अरुण को बहरीन की धरती से श्रद्धांजलि देता हूं। ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे।”

INX मीडिया केस में ऐसे फंसते चले गए चिदंबरम, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, अब CBI कोर्ट पर आस
26 August 2019
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (Chidambaram) आईएनएक्स मीडिया केस (INX Media Case) में सीबीआई की हिरासत में हैं. इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश में जुटी है. सोमवार को उन्हें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से भी तगड़ा लगा है. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसपर दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चिदंबरम की याचिका का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वह पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं. जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने कहा कि चिदंबरम को कानून के तहत इसका उपाय ढूंढने की छूट है. बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की सीबीआई हिरासत की अवधि आज समाप्त हो रही है. उन्हें सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी उनकी हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है. वैसे देखा जाय तो पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया केस में धीरे-धीरे फंसते चले गए. इस पूरे केस में आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी के सरकारी गवाह बनने के बाद से चिदंबरम की मुश्किलें ऐसी बढ़ी कि अब वह सीबीआई की हिरासत में हैं. SC में फिर क्यों खारिज हुई चिदंबरम की अर्जी, जानें वजह...
क्या है INX मीडिया केस?
साल 2007 में इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी ने आईएनएक्स मीडिया नाम से कंपनी बनाई. फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) ने आईएनएक्स मीडिया को 4.62 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की परमिशन दी थी, मगर आईएनएक्स मीडिया ने 305.36 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश हासिल किए. इस रकम में से आईएनएक्स मीडिया ने गलत तरीके से 26% हिस्सा आईएनएक्स न्यूज में लगा दिया. इसके लिए FIPB की परमिशन नहीं ली गई. सीबीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने पाया कि आईएनएक्स मीडिया के पास मॉरिशस स्थित तीन कंपनियों से गलत तरीके पैसे आ रहे हैं.
3 फरवरी को कानून मंत्रालय ने दिए CBI जांच के आदेश
इसके बाद चिदंबरम के खिलाफ जांच चलती रही. समय-समय पर छापे भी मारे गए, लेकिन पुख्ता सबूत नहीं मिल पा रहा था. इसी साल 3 फरवरी को कानून मंत्रालय ने सीबीआई के चिदंबरम के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए. ईडी ने पहले कार्ति चिदंबरम के ठिकानों पर छापेमारी की और 54 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की. सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान ईडी को जांच में पता चला है कि FIPB से मंजूरी के लिए आईएनएक्स मीडिया के डायरेक्टरों पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी ने किसी सीनियर कांग्रेस नेता से मुलाकात की थी. सीबीआई के मुताबिक इंद्राणी का कहना है कि ये सीनियर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ही थे.
INX मीडिया केस में CBI ने चिदंबरम से मांगे इन सवालों के जवाब
इंद्राणी मुखर्जी के बयान के बाद गिरफ्तार हुए चिदंबरम
इंद्राणी ने अपने बयान में कहा, 'पीटर ने चिदंबरम के साथ बातचीत शुरू की और INX मीडिया की अर्जी एफडीआई के लिए है और पीटर ने अर्जी की प्रति भी उन्हें सौंपी. FIPB की मंजूरी के बदले चिदंबरम ने पीटर से कहा कि उनके बेटे कार्ति के बिजनस में मदद करनी होगी.' इस बयान को ईडी ने चार्जशीट में दर्ज किया और कोर्ट में भी इसे सबूत के तौर पर पेश किया गया.
देश-विदेश में खरीदीं 54 करोड़ की संपत्तियां
ईडी का आरोप है कि चिंदबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने स्पेन में टेनिस क्लब, यूके में कॉटेज के साथ-साथ देश-विदेश में कुल 54 करोड़ की संपत्तियां खरीदी हैं. ईडी जानना चाहती है कि कार्ति के पास ये संपत्तियां खरीदने के पैसे कहां से आए. ईडी ने अक्टूबर 2018 में एक अटैचमेंट ऑर्डर पास किया था. इसके मुताबिक ये सारी संपत्तियां आईएनएक्स मीडिया केस में मिली रिश्वत की रकम से खरीदी गई हैं.
बता दें पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया घोटाला और एयरसेल-मैक्सिस 2जी स्कैम में अपने बेटे कार्ति के साथ सह-अभियुक्त हैं. दोनों से सीबीआई और ईडी पहले पूछताछ कर चुकी हैं.

मोदी ने कहा- कश्मीर पर कोई मध्यस्थता नहीं चाहते, ट्रम्प बोले- भारत-पाक अपनी समस्याएं सुलझा सकते हैं
26 August 2019
पेरिस. बियारिट्ज में जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मोदी ने कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है और हम इस पर किसी भी देश की मध्यस्थता नहीं चाहते। ट्रम्प ने कहा कि पिछली रात कश्मीर पर मोदी से बात हुई थी। उन्हें भरोसा है कि हालात उनके नियंत्रण में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और पाकिस्तान मिलकर अपनी समस्याएं सुलझा सकते हैं।
मोदी ने जैव विविधता पर सत्र को संबोधित किया
रविवार को भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जैव विविधता, महासागर और जलवायु के मुद्दे पर रखे गए एक सत्र को संबोधित किया। इसके बाद वे जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मिले। इससे पहले मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘महासचिव के साथ बातचीत शानदार रही। उनके साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने जलवायु परिवर्तन रोकने वाले प्रयासों को भी तेज करने पर चर्चा की।’’
जॉनसन के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी से यह उनकी पहली मुलाकात थी। मोदी ने बताया कि ब्रिटेन के साथ कई मुद्दों व्यापार, रक्षा और नई खोजों को लेकर चर्चा हुई। भारत और ब्रिटेन के रिश्ते आने वाले वक्त में और मजबूत होंगे, जिसका फायदा दोनों देशों के लोगों को मिलेगा। मोदी ने एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की जोरदार जीत पर जॉनसन को बधाई दी। बीते हफ्ते दोनों नेताओं की फोन पर बात हुई थी। इसमें जॉनसन ने कश्मीर मुद्दे को भारत-पाक का द्विपक्षीय मसला बताया था।
गुटेरेस ने तनाव कम करने की अपील की थी
अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद मोदी की अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ यह पहली मुलाकात थी। जम्मू-कश्मीर दो भागों में विभाजन के फैसले के बाद गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान को ज्यादा संयम बरतने के लिए कहा था। गुटेरेस शिमला समझौते का जिक्र कर चुके हैं, जिसके मुताबिक कश्मीर मुद्दा केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही हल होगा और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं होगी।
भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से यही कह रहा है कि अनुच्छेद 370 हटाना उसका आंतरिक मामला है। पाकिस्तान इस सच को स्वीकार करे, यही बेहतर होगा।
मोदी कई नेताओं से मिलेंगे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, ‘‘जी-7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी को एक खास सहयोगी के तौर पर आमंत्रित किया गया है। मोदी जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता, सामुद्रिक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े कई सत्रों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वे दुनिया के कई नेताओं से मुलाकात भी करेंगे।’’
बहरीन और यूएई के दौरे पर गए थे मोदी
मोदी 23 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर गए थे। न्होंने अबु धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। मोदी को यूएई में सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया गया।
24 अगस्त को मोदी बहरीन पहुंचे। यहां क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमाद ने शनिवार को ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किया। फ्रांस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने श्रीनाथ मंदिर के दर्शन किए। दोनों नेताओं के बीच भारत और बहरीन की दोस्ती, व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर बातचीत हुई।

सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के 22 अफसरों को हटाया, भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में आरोपी
26 August 2019
नई दिल्ली. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 22 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। सुपरिंटेंडेंट रैंक के ये अफसर भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में आरोपी हैं। इसलिए, सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 1972 के तहत जनहित में कार्रवाई के मूलभूत अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने इन्हें रिटायर कर दिया। सीबीआईसी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
टैक्स अफसरों के खिलाफ जून से अब तक इस तरह की तीसरी कार्रवाई की गई है। इससे पहले सीबीआईसी के कमिश्नर स्तर के 15 और आयकर विभाग के 12 अधिकारियों को हटाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों स्वतंत्रतता दिवस के संबोधन में भी कहा था कि कर विभाग में कुछ लोगों ने अधिकारों का दुरुपयोग कर करदाताओं को प्रताड़ित किया।

फंडामेंटल रूल 56 (जे)
इसका इस्तेमाल 50 से 55 साल की उम्र या 30 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके उन अधिकारियों के खिलाफ किया जा सकता है जो नॉन परफॉर्मर हों या भ्रष्टाटार जैसे मामलों में आरोपी हों।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद AIIMS में निधन
24 August 2019
नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी (BJP) के वरिष्‍ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली. अरुण जेटली को 9 अगस्त को सांस लेने में दिक्‍कत के कारण AIIMS में भर्ती कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन शुक्रवार को उनकी हालत बिगड़ने की खबर आई थी. बता दें कि जेटली काफी समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे. इसी के चलते उन्‍होंने लोकसभा चुनाव, 2019 में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का आग्रह किया था
. मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के लिए लिखा था पत्र
जेटली ने पत्र में लिखा था कि 18 महीने से मेरा स्‍वास्‍थ्‍य खराब चल रहा है. मैंने चुनाव प्रचार की सभी जिम्‍मेदारियों को निभाया. अब अपनी सेहत और इलाज पर ध्‍यान देना चाहता हूं. दरअसल, उन्‍हें अप्रैल, 2017 में एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां वह डायलसिस पर थे. इसके बाद 14 मई, 2018 को दिल्ली के एम्स में उनका किडनी ट्रांसप्‍लांट हुआ. उनकी गैरमौजूदगी में रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके बाद जेटली ने 23 अगस्त, 2018 को फिर वित्त मंत्रालय की जिम्‍मेदारी संभाल ली.
किडनी ट्रांसप्‍लांट के बाद हुआ सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अरुण जेटली को बाएं पैर में रेयर कैंसर (सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा) हो गया. उन्‍हें इसके ट्रीटमेंट के लिए जनवरी, 2019 में अमेरिका जाना पड़ा, जहां इसकी सर्जरी की गई. इसके बाद उनकी कुछ तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसमें वह काफी कमजोर दिख रहे थे. दरअसल, बीजेपी से राज्‍यसभा सदस्‍य स्‍वप्‍न दास गुप्‍त ने कैंसर का इलाज कराकर लौटे अरुण जेटली से मुलाकात की. इस दौरान उन्‍होंने जेटली को अपनी किताब भी दी. मुलाकात के बाद किए ट्वीट में स्‍वप्‍न दास गुप्‍त ने एक तस्‍वीर शेयर की. जेटली की यही तस्‍वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उनकी सेहत को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई. इसके बाद वह लोकसभा चुनाव, 2019 के प्रचार अभियान में सार्वजनिक मंचों पर भी नजर नहीं आए.
ट्यूमर के रूप में विकसित होता है यह रेयर कैंसर
सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा रेयर कैंसर है. यह तब होता है, जब कोशिकाएं डीएनए के भीतर विकसित होने लगती हैं. यह कोशिकाओं में ट्यूमर के रूप में विकसित होता है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगता है. यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, खासकर कंधों और पैरों को अधिक प्रभावित करती है. सर्जरी के जरिये इसे निकाला जा सकता है. इसके अलावाा रेडिएशन और कीमोथेरेपी के जरिये भी इसका इलाज संभव है, लेकिन यह साइज, प्रकार और जगह पर निर्भर करता है.
हो चुकी थी गैस्ट्रिक बाईपास और हार्ट सर्जरी
सितंबर, 2014 में डायबिटीज मैनेज करने के लिए जेटली की गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी की गई थी. वहीं, 2005 में उनका दिल से जुड़ा ऑपरेशन भी किया गया था. पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) जेटली से मिलने के लिए शुक्रवार रात एम्स पहुंचे थे. मोदी-शाह के अलावा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला भी उनका हालचाल जानने एम्स गए थे.

मोदी यूएई के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से नवाजे गए, रूपे कार्ड भी जारी किया
24 August 2019
अबु धाबी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यं ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया। मोदी दो दिवसीय फ्रांस दौरा पूरा करने के बाद शुक्रवार देर रात यूएई पहुंचे। मोदी ने शनिवार को रूपे कार्ड भी जारी कर दिया। उन्होंने यहां व्यापारी वर्ग से मुलाकात की और उनसे भारत में निवेश करने का आग्रह किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, अनुमानित नीतिगत ढांचा भारत को निवेश के लिए आकर्षक बाजार बनाता है।
मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से भी नवाजे जाने की घोषणा इस साल अप्रैल में हुई थी। इसका मकसद भारत और दुबई के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना है। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यां के नाम पर रखा गया है।
कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बता चुका है यूएई
भारत में यूएई के राजदूत अहमद अल बन्ना कश्मीर मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बता चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि यूएई को मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले में कुछ भी गलत नहीं लगा है। यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। हम नहीं मानते हैं कि इसका मकसद राज्य की क्षेत्रीय विभिन्नता को कम करना है।
पाकिस्तान अनुच्छेद 370 पर दुनिया से समर्थन मांग रहा
दूसरी तरफ पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले पर दुनियाभर में भारत के खिलाफ माहौल बनाने में जुटा हुआ है। हालांकि अभी तक इस मामले में उसे चीन को छोड़कर किसी का साथ नहीं मिला है। ऐसे में एक इस्लामिक राष्ट्र का मोदी को सम्मानित करना इस पक्ष को और कमजोर करेगा।
दुबई सबसे बड़ा बिजनेस हब
बीते चार सालों में यह तीसरा मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी यूएई के दौरे पर हैं। खाड़ी देशों में दुबई को सबसे बड़ा बिजनेस हब माना जाता है। यहां बड़ी तादात में भारतीय पर्यटक भी पहुंचते हैं। यही कारण है कि बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों ने बिजनेस बढ़ाने को लेकर लगातार बातचीत की है।

राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेता श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके गए, प्रशासन ने दिल्ली लौटाया
24 August 2019
नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी 10 विपक्षी नेताओं के साथ शनिवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें एयरपोर्ट से आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई और सभी नेताओं को दिल्ली वापस भेज दिया गया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्य के दौरे पर गए थे। राहुल स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर कश्मीर के हालात का जायजा लेना चाहते थे।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नेता राज्य का दौरा करने न आएं। उनके आने से शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिशों में खलल पड़ सकता है। नेताओं को यहां आने से बचना चाहिए। अब तक किसी भी नेता को राज्य के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया है।
कई दलों के नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल
राहुल के अलावा विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, केसी वेणुगोपाल, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, जदयू नेता शरद यादव, द्रमुक नेता तिरुची शिवा, राकांपा नेता माजिद मेमन, सीपीआई नेता डी राजा, तृणमूल नेता दिनेश त्रिवेदी और राजद के मनोज झा हैं।
अनुमति मिलने पर अन्य हिस्सों में जा सकते हैं
अगर प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी जाएगी, तो ये राज्य के अन्य हिस्सों में भी जा सकते हैं। अभी तक, अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से राज्य में किसी भी राजनीतिक दल के नेता को जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। स्थानीय नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद रखा गया है।
राहुल-मलिक के बीच बहस हो चुकी है
इससे पहले, कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद को राज्य में प्रवेश नहीं दिया गया था और उन्हें दो बार जाने से रोका गया था। डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था। राहुल गांधी और राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बीच राज्य का दौरा करने को लेकर ट्विटर पर बहस भी हो गई थी।
प्रशासन ने नेताओं को दौरा न करने को कहा है
इस बीच, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने नेताओं से अनुरोध किया है कि वे श्रीनगर का दौरा न करें क्योंकि ऐसा करने से वहां आम जनता को असुविधा हो सकती है। घाटी के कई क्षेत्रों में अभी भी पाबंदियां लागू हैं, जिनका नेताओं के दौरे से उल्लंघन हो सकता है।

चिदंबरम की सोमवार तक ईडी मामले में गिरफ्तारी नहीं होगी, सीबीआई केस में राहत नहीं
23 August 2019
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को आईएनएक्स मीडिया केस में पी चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) मामले में सोमवार तक चिदंबरम को गिरफ्तार न करने के लिए कहा, लेकिन सीबीआई मामले में कोई राहत नहीं दी। पूर्व वित्त मंत्री सोमवार (26 जुलाई) तक सीबीआई की रिमांड पर हैं। आईएनएक्स मामले में ईडी और सीबीआई द्वारा दायर मामलों पर अब सोमवार को ही सुनवाई होगी। आईएनएक्स मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई ने भ्रष्टाचार का केस दायर किया है।
सिब्बल ने कहा- न्याय पाना चिदंबरम का बुनियादी हक चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘इंसाफ पाना चिदंबरम का मूल अधिकार है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन जिस तरह से मामले को डील किया जा रहा है, वह बेचैन करने वाला है। हाईकोर्ट में जिरह खत्म होने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस गौर को नोटिस दे दिया। हमें जवाब देने का भी मौका नहीं दिया गया।’’
इस पर मेहता ने कहा, ‘‘गलत बयानी मत कीजिए। बहस खत्म होने के बाद मैंने कोई नोटिस नहीं दिया।’’ सिब्बल बोले कि क्या कसम खाकर ऐसा कह सकते हैं? सिब्बल के मुताबिक, ‘‘हाईकोर्ट का फैसला शब्दश: यहां है। कॉमा की जगह कॉमा और पूर्णविराम की जगह पूर्णविराम लगा है। कॉपी में सबकुछ है, लिहाजा यही चिदंबरम को जमानत न देने का आधार बन गया।’’
चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे: सीबीआई के वकील
सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को कहा था कि चिदंबरम ने जांच में सहयोग नहीं किया। पूछताछ के लिए उन्हें 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा जाए। इसका विरोध करते हुए चिदंबरम के वकील ने कहा कि सीबीआई के हिसाब से जवाब न देने को असहयोग नहीं कहा जाएगा। कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि जब सीबीआई के पास सवाल तक तैयार नहीं हैं तो फिर रिमांड क्यों चाहिए?
चिदंबरम से मिलने के लिए 30 मिनट का समय मिलेगा
जस्टिस कुहार ने कहा- तथ्यों और हालात के मद्देनजर चिदंबरम को कस्टडी में भेजा जाना न्यायपूर्ण है। रिमांड के दौरान चिदंबरम के वकील और परिजनों को रोजाना 30 मिनट मिलने का समय दिया जाएगा। चिदंबरम को बुधवार रात 10.25 बजे सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
वित्त मंत्री रहते हुए विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी
आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों को फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

एके 47 रखने के मामले में 6 दिन से फरार विधायक अनंत सिंह का दिल्ली के कोर्ट में सरेंडर
23 August 2019
पटना. बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पिछले दिनों पुलिस की छापेमारी के दौरान उनके घर से एक एके 47, दो ग्रेनेड और गोलियां मिली थीं। इसके बाद 17 अगस्त को पुलिस अनंत सिंह को गिरफ्तार करने उनके घर गई, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे।
अनंत सिंह 6 दिन फरार रहे। इस दौरान उन्होंने तीन वीडियो जारी किए। इनमें कहा था कि मैं कोर्ट में सरेंडर करूंगा। गुरुवार उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मेरे घर पर हथियार रखवाए थे। बिहार पुलिस ने अनंत और उनके केयरटेकर सुनील राम के खिलाफ यूएपी एक्ट, आर्म्स एक्ट और आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के केस दर्ज किया था।
अनंत सिंह यूएपी एक्ट के पहले आरोपी
केंद्र सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने वाले यूएपी एक्ट में संशोधन किया है। पिछले महीने इसे संसद से मंजूरी मिल चुकी है। अनंत सिंह संशोधन के बाद इस कानून के तहत पहले आरोपी बने हैं। उनके खिलाफ यूएपीए की धारा-13, विस्फोटक अधिनियम और आईपीसी की धारा 414, 120 बी के तहत बाढ़ थाने में केस दर्ज किया गया।
हत्या के मामले में 2015 में हुए थे गिरफ्तार
अनंत सिंह जून 2015 को बाढ़ के पुट्टुस यादव मर्डर केस में गिरफ्तार हुए थे। तब पुलिस को उनके घर से खून से सना कपड़ा और प्रतिबंधित हथियार मिले थे। पुलिस ने इंसास राइफल की 6 खाली मैगजीन और बुलेटप्रूफ जैकेट भी बरामद की थी।
नीतीश के करीबी थे अनंत सिंह
निर्दलीय विधायक अनंत सिंह की गिनती बिहार के बाहुबली नेताओं में होती है। अनंत कभी नीतीश के करीबी थे। वह 2005 में पहली बार जदयू के टिकट से चुनाव जीते। 2010 में भी वह जदयू के विधायक बने। 2015 के चुनाव से पहले हत्या के एक मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा। इस दौरान जदयू ने अनंत सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया। जेल से ही अनंत सिंह ने चुनाव लड़ा और निर्दलीय विधायक बने।

टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला
23 August 2019
नई दिल्ली. टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से पाकिस्तान को झटका मिला। शुक्रवार को एफएटीएफ ने पाकिस्तान को इनहेन्स्ड एक्सपीडिएट फॉलोअप लिस्ट (ब्लैक लिस्ट) में डाल दिया। पिछले साल संस्था ने उसे अपनी ‘ग्रे लिस्ट’ में स्थान दिया था। संस्था के मुताबिक, पाकिस्तान उनके मानकों पर खरा नहीं उतरा इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
संस्था के एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने पाया है कि पाकिस्तान आतंकियों की वित्तीय मदद और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 में से 32 मानकों का पालन नहीं कर रहा था। पाकिस्तान पर कार्रवाई का यह फैसला कैनबरा (ऑस्ट्रेलिया) की बैठक में लिया गया। इस दौरान 7 घंटे तक चर्चा हुई। एक भारतीय आधिकारिक ने कहा कि अब पाकिस्तान को अक्टूबर में ब्लैकलिस्ट से बचने पर ध्यान देना होगा। जब एफएटीएफ की 15 महीने की समय-सीमा खत्म हो जाएगी।
ब्लैक लिस्ट होने के बाद कर्ज लेने में पाक को परेशानी
ब्लैक लिस्ट होने के चलते अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान की वित्तीय साख को और नीचे रख गिरा सकते हैं। ऐसे में वित्तीय संकट में जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो सकती है। एफएटीएफ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखती है। एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा। ग्रे लिस्ट में जिस भी देश को रखा जाता है, उसे कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इस कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई।

चिदंबरम 30 घंटे बाद गिरफ्तार, सीबीआई की टीम दीवार फांदकर घर में दाखिल हुई
22 August 2019
नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया केस में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के करीब 30 घंटे बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को बुधवार रात 10.25 बजे सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले याचिका खारिज होने के बाद चिदंबरम पहले कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि आईएनएक्स मामले में उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, सीबीआई और ईडी ने उनके खिलाफ कोई चार्जशीट भी दाखिल नहीं की। इसके बाद चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय से रवाना हो गए। सीबीआई, ईडी और दिल्ली पुलिस की टीम जोरबाग स्थित घर पर पहुंची। सीबीआई की टीम दीवार फांदकर घर में दाखिल हुई और चिदंबरम को हिरासत में लिया। यह हाई वोल्टेज ड्रामा करीब 95 मिनट तक चला।
मेरे खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल नहीं की गई: चिदंबरम
चिदंबरम ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- आईएनएक्स मीडिया केस में मुझ पर या परिवार के किसी सदस्य पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। चार्जशीट भी दाखिल नहीं की गई है। एफआईआर में ऐसा कुछ नहीं कहा गया है जो यह कहता हो कि मैंने गलत किया है। पहले मुझे हाईकोर्ट ने मुझे गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। फिर मेरी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
उन्होंने कहा- मेरे वकीलों ने मुझे सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी। मुझ पर कानून से बचने का आरोप लगाया गया, इंसाफ से भागने का आरोप लगाया गया। मेरे वकीलों ने मुझे बताया कि मेरी याचिका की सुनवाई शुक्रवार को होनी है। तब तक मैं अपना सिर उठाकर चलूंगा। मैं कानून का सम्मान करता हूं। आजादी के नाम पर मैं केवल प्रार्थना करता हूं कि जांच एजेंसियां भी कानून का पालन करेंगी।
ये भाजपा ने किया, डोनाल्ड ट्रम्प ने नहीं- कार्ति
कार्ति चिदंबरम ने कहा- एजेंसियों ने इस पूरे मामले में ड्रामेबाजी और सनसनी मचाने की कोशिश केवल कुछ लोगों को खुशी देने के लिए की। ईडी ने कई बार उन्हें (पी चिदंबरम) को समन भेजा और हर बार वे उसके सामने पेश हुए। हम इस मामले को लेकर अदालत में जाएंगे और आखिरकार हम दोषमुक्त होंगे। आपको क्या लगता है कि ये कौन कर रहा है? निश्चित रूप से यह सब भाजपा ने किया है। आपको क्या लगता है डोनाल्ड ट्रम्प ने? नहीं।
सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगी जमानत अर्जी पर सुनवाई
इससे पहले चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने दो बार तुरंत सुनवाई की मांग खारिज कर दी और इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को किए जाने के निर्देश दिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया घोटाले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले सीबीआई और ईडी देर रात उनकी तलाश में उनके घर गई थीं। ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया था।
एजेंसियों ने लुकआउट नोटिस जारी किया, जैसे वो भागने वाले हों- सिब्बल
* चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने पहली याचिका जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस एम शांतानागौर और जस्टिस अजय रस्तोगी की की बेंच के सामने पेश की।
बेंच ने इस याचिका को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पास विचार के लिए भेज दिया। जब इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली तो लंच के बाद जस्टिस रमना की बेंच के सामने ही सिब्बल ने दोबारा याचिका पेश की।
* सिब्बल ने बेंच से कहा- जांच एजेंसियों ने चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है, जैसे कि वो भागने वाले हों।
* सिब्बल ने कहा कि याचिका में जो खामियां थीं उन्हें दूर कर लिया गया है। इसके बाद बेंच ने रजिस्ट्रार को बुलाकर इस बारे में जानकारी ली। रजिस्ट्रार ने बताया कि खामियां अभी ही दूर की गई हैं और याचिका को सीजेआई गोगोई के सामने रखा जाएगा ताकि वे इसे उचित बेंच के पास सुनवाई के लिए भेज सकें।
* इस पर सिब्बल ने कहा कि ऐसे में तो यह मामला आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो पाएगा, क्योंकि संवैधानिक बेंच 4 बजे से पहले उठेगी ही नहीं।
* लगातार तुरंत सुनवाई की मांग पर जस्टिस रमना की बेंच ने कहा- हमने पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि यह मामला सीजेआई के सामने रखा जाए। आमतौर पर सुनवाई के लिए मामले सीजेआई के पास शाम को भेजे जाते हैं। लेकिन, हमने सुबह ही तुरंत इसे सीजेआई के पास भेज दिया। यह हमारा काम नहीं है, रजिस्ट्री को कदम उठाना होगा। रजिस्ट्री को भी हमने निर्देश दिए और उसने पाया कि याचिका में खामियां थीं।
* सुनवाई के अंत में सिब्बल ने कहा- चिदंबरम बेंच को यह शपथपत्र देने के लिए तैयार थे कि वह भागेंगे नहीं। लेकिन, बेंच ने इस बात पर विचार ही नहीं किया और सुनवाई पूरी कर दी।
सीबीआई ने नोटिस चस्पा कर दो घंटे में पेश होने के लिए कहा था
हाईकोर्ट में चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सीबीआई ने रात 11.30 बजे चिदंबरम के घर पर नोटिस चस्पा कर दो घंटे में पेश होने के लिए कहा। इसके बावजूद चिदंबरम पेश नहीं हुए। चिदंबरम के वकील अर्शदीप सिंह खुराना ने सीबीआई को पत्र लिखकर पूछा है कि किस कानून के तहत यह नोटिस दिया गया।
हाईकोर्ट ने चिदंबरम को प्रमुख साजिशकर्ता माना
चिदंबरम के वकील ने मंगलवार को अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करने के आदेश पर तीन दिन का स्टे देने की मांग भी की थी, लेकिन अदालत ने इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि तथ्यों से पता चलता है कि आईएनएक्स मीडिया घोटाले में चिदंबरम प्रमुख साजिशकर्ता थे। हाईकोर्ट का प्रथम दृष्टया मानना है कि प्रभावी जांच के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। अदालत ने इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग का क्लासिक केस बताया। जस्टिस सुनील गौर ने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।
वित्त मंत्री रहते हुए विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी
आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों काे फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 काे केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लाॅन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

संत रविदास मंदिर को ध्वस्त करने के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर हिरासत में
22 August 2019
नई दिल्ली. संत रविदास मंदिर को धवस्त किए जाने के खिलाफ दलितों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इसके लिए पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के साथ 50 लोगों को हिरासत में ले लिया। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 10 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के तुगलकाबाद में सदियों पुराने गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि मंदिर गिराए जाने पर प्रदर्शन कर रहे लोग बुधवार शाम पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। घटना में कुछ जवानों को चोटें लगीं। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। हिरासत में लिए गए लोगों में से एक के पास पिस्तौल मिली है। हथियार लाइसेंसी लग रहा है, लेकिन हम इसकी जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, हिंसक प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और दो मोटरसाइकिलों को आग भी लगा दी।
प्रदर्शन में शामिल होने देश भर से दलित पहुंचे
मंदिर तोड़ने के खिलाफ प्रदर्शन में भीम आर्मी समेत आप और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शन में तकरीबन 15 हजार लोग जुटे। प्रदर्शन ने तब हिंसक रूप ले लिया, जब भीड़ ने तुगलकाबाद में उस जगह जाने की कोशिश की, जहां से मंदिर को हटाया गया था। इससे पहले देश के विभिन्न राज्यों से हजारों दलित बसों और ट्रेनों से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में अंबेडकर भवन से लेकर रामलीला मैदान तक मार्च किया।
मायावती ने विरोध जताया
कुछ दिनों पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा था कि दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में बना संत रविदास मंदिर केंद्र व दिल्ली सरकार की मिली-भगत से गिरवाए जाने का बसपा ने सख्त विरोध किया। इससे इनकी आज भी हमारे संतों के प्रति हीन व जातिवादी मानसिकता साफ झलकती है।

बाढ़ से 3 राज्यों में 2500 करोड़ रुपए का नुकसान, हिमाचल में 4 दिन में 63 की मौत
22 August 2019
जोशीमठ, शिमला. उत्तरखंड, हिमाचल और पंजाब में बारिश और बाढ़ से 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उत्तराखंड में अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है। 55 लोग घायल हैं, वहीं मोरी के सनेल गांव में 20 लोग लापता हैं।
250 से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। अब तक करीब 170 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अगले 24 घंटे के लिए उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय के अलावा कर्नाटक व तेलंगाना में भी बारिश होगी।
हिमाचल में बारिश और बाढ़ से अब तक 63 मौते हुई हैं। बुधवार को भूस्खलन के कारण लेह-मनाली हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। मनाली और रोहतांग के बीच ये भूस्खलन हुआ है। अलग-अलग जगहों पर फंसे 1600 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। राज्य में भारी बरसात से 626 करोड़ के नुकसान हुआ है।
पंजाब में 1700 करोड़ का नुकसान, 20 लोग डूबे
पंजाब में भारी बारिश से करीब 1700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जालंधर में लोहियां खास गांव के करीब 20 लोग बाढ़ के पानी में डूब गए। यहां पर एक बांध में बारिश के चलते दरार आ गई थी।
राहत: उत्तरकाशी में 6 क्विंटल राहत सामग्री पहुंचाई गई
उत्तरकाशी में एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से करीब 6 क्विंटल राहत सामग्री मोरी तहसील पहुंचाई गई। वहीं, जालंधर जिले के गांवों में 36000 पराठे के पैकेट, सूखे राशन के 18000 पैकेट और पानी की बोतलें हेलीकॉप्टर से प्रभावितों तक पहुंचाई गईं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का 89 की उम्र में निधन, उमा के पद छोड़ने पर सीएम बने थे
21 August 2019
भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर (89) का बुधवार सुबह निधन हो गया। गौर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गौर लंबे समय से बीमार थे। कुछ दिन पहले उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौर को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके अलावा उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। गौर ने 2004 में उमा भारती के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद प्रदेश की कमान संभाली थी। वे 1974 से 2013 तक दक्षिण भोपाल और गोविंदपुरा सीट से लगातार 10 बार विधायक रहे थे।
बाबूलाल गौर का राजकीय सम्मान के साथ सुभाष नगर स्थित विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पोते आकाश गौर ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी पार्थिव देह भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई थी। यहां पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उन्हें कंधा दिया। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी श्रद्धांजलि देने के लिए गौर के आवास पर पहुंचे। मध्य प्रदेश सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया।
** गौर का जन्म 2 जून 1930 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। वे भाजपा के अकेले नेता रहे जिन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा के लगातार 10 चुनाव जीते। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक वे मप्र के मुख्यमंत्री रहे थे। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा फिर सत्ता में आई और उन्हें मंत्री बनाया गया।
** राजनीति में आने से पहले गौर ने भोपाल की कपड़ा मिल में मजदूरी की थी। श्रमिकों के हित में कई आंदोलनों में भाग लिया था। वे भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्य थे। 1974 में मध्य प्रदेश शासन द्वारा उन्हें 'गोआ मुक्ति आंदोलन' में शामिल होने के कारण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान प्रदान किया गया था।
जब उमा ने इस्तीफा मांगा तो गौर ने इनकार कर दिया था
2003 में मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उमा भारती के नेतृत्व में भाजपा भारी बहुमत से 10 साल बाद सत्ता में लौटी। उमा भारती मुख्यमंत्री बनीं। एक साल के अंदर ही उनके नाम कर्नाटक के हुबली शहर की अदालत से वॉरंट जारी हो गया। 10 साल पुराने मामले में उमा भारती को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के कहने पर इस्तीफा देना पड़ा था। उमा ने गौर को ये सोचते हुए मुख्यमंत्री बनवाया कि वे जब कहेंगी गौर त्यागपत्र दे देंगे। उमा ने उन्हें गंगाजल हाथ में रखकर कसम दिलाई थी कि जब कहूं तब सीएम की कुर्सी छोड़ देना। लेकिन, क्लीन चिट मिलने पर जब उमा ने उनसे इस्तीफा मांगा तो गौर ने साफ मना कर दिया था।
भाजपा ने उम्र का हवाला देकर साइड लाइन कर दिया था
बाबूलाल गौर ने 23 अगस्त 2004 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने दक्षिण भोपाल और गोविंदपुरा सीट से 10 बार चुनाव जीता। जून 2016 में भाजपा आलाकमान ने उम्र का हवाला देकर गौर को मंत्री पद छोड़ने के लिए कहा था। पार्टी के इस निर्णय से वे स्तब्ध और दुखी थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा न तो उन्हें टिकट देना चाहती थी न उनकी पुत्रबधू कृष्णा को। गौर ने बगावती तेवर अपना लिए और पार्टी के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। आखिरकार भाजपा ने कृष्णा गौर को टिकट दिया और कृष्णा को इस सीट पर जीत मिली।
वामपंथी पार्टी से शुरू किया था राजनीतिक सफर
बाबूलाल गौर ने अपना राजनीतिक जीवन वामपंथी पार्टी से शुरू किया था। पार्टी का मजदूर संगठन अक्सर मिल में हड़ताल कर देता था, जिससे रोजाना के हिसाब से तनख्वाह कट जाती थी। कुछ समय तक ऐसा चला। देखा तो हर महीने 10 से 15 रुपए तनख्वाह हड़ताल के कारण ही कट जाती थी, इससे मजदूरों को काफी नुकसान होता था। इस पर गौर ने लाल झंडा छोड़कर कांग्रेस का संगठन इंटक ज्वाइन कर लिया, लेकिन वहां भी मजदूर हित में काम नहीं होते देखा तो संघ का भारतीय मजदूर संघ ज्वाइन किया।
जेपी ने जीवनभर जनप्रतिनिधि बने रहने का आशीर्वाद दिया था
गौर को 1971 में जनसंघ ने पहली बार भोपाल से विधानसभा का टिकट दिया। वे करीब 16 हजार वोटों से चुनाव हार गए। इसके बाद जेपी का आंदोलन देशभर में शुरू हुआ। भोपाल में हुए आंदोलन में गौर शामिल हुए। फिर विधानसभा चुनाव आए तो जेपी ने जनसंघ के नेताओं से कहा कि यदि गौर को निर्दलीय खड़ा किया जाएगा तो वे उनका सपोर्ट करेंगे। उस समय जनसंघ के संगठन महामंत्री कुशाभाऊ ठाकरे थे। उन्होंने इसकी अनुमति दी। गौर ने 1974 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और पहली बार जीत हासिल की थी। कुछ समय बाद जेपी भोपाल आए तो गौर ने उनके सर्वोदय संगठन को 1500 रुपए का चंदा दिया। जेपी ने उन्हें जीवन भर जनप्रतिनिधि बने रहने का आशीर्वाद दिया था।

लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का काम फिलहाल गेस्ट हाउस से, अगले साल सचिवालय बनाने का काम शुरू होगा
21 August 2019
लेह. (शरद पांडेय). लेह स्थित लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल ने सोमवार को चेयरमैन ग्याल पी वांग्याल की अध्यक्षता में केंद्र शासित प्रदेश के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी जनता और सरकार के बीच माध्यम का काम करेगी। कमेटी यह तय करेगी कि लेह के विकास के लिए क्या जरूरतें हैं, साथ ही किस तरह से यहां पर्यटन बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक यहां पर पर्यटन को इकोनॉमी के मुख्य स्रोत के तौर पर विकसित किया जाएगा। काउंसिल के अधिकारियों के अनुसार अभी यहां पर मार्च से अक्टूबर तक (6 माह) ही पर्यटक आते हैं। नवंबर से यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग बर्फबारी की वजह से बंद हो जाता है। केवल हवाई रास्ते का ही विकल्प बचता है। वह भी कई बार मौसम खराब होने की वजह से प्रभावित रहता है।
लेह-मनाली हाईवे पर बन सकता है एलजी हाउस
केंद्र शासित राज्य का सचिवालय लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलमेंट काउंसिल लेह ऑफिस में नहीं होगा। यह जगह सचिवालय के लिए बहुत छोटी है। अधिकारियों के अनुसार लेह-मनाली हाईवे पर सचिवालय और एलजी हाउस बना सकते हैं। काउंसिल ऑफिस के सामने खाली पड़ी जमीन पर इसका निर्माण किया जा सकता है। फिलहाल इस जमीन पर क्लस्टर यूनिवर्सिटी बनाने की योजना है। सचिवालय और एलजी हाउस अगले साल गर्मी में बनना शुरू हो पाएगा। संभावना जताई जा रही है कि फिलहाल काम गेस्ट हाउस से चलाया जा सकता है। एलजी के साथ अधिकारी भी गेस्ट हाउस में ही बैठेंगे। लेह के डिप्टी कमिश्नर सचिन वैश्य के मुताबिक उन्हें रोडमैप नहीं मिला है, पर केंद्र शासित प्रदेश के लिए स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कश्मीर यूनिवर्सिटी कैंपस खत्म कर दिया जाएगा
खारू स्थित कश्मीर यूनिवर्सिटी के कैंपस को क्लस्टर यूनिवर्सिटी में मर्ज किया जाएगा। इसके लिए वाइस चांसलर की नियुक्ति भी हो चुकी है। केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े कामों की रूपरेखा बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को 3 कमेटियां बनाईं।

अनुच्छेद 370 हटाने के 15 दिन बाद आतंकियों से पहली मुठभेड़; एसपीओ शहीद, एक आतंकी मारा गया
21 August 2019
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मंगलवार रात सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) बिलाल शहीद हो गए, जबकि उप-निरीक्षक अमरदीप परिहार जख्मी हैं। मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को खत्म करने के 15 दिन बाद राज्य में आतंकियों से यह पहली मुठभेड़ है।
बुधवार तड़के जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर मुठभेड़ खत्म होने की जानकारी दी। पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘मुठभेड़ खत्म हो गई। एक आतंकवादी मारा गया, जिसकी पहचान की जा रही है। हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ।’’
जम्मू-कश्मीर में दिन के समय पाबंदियां हटाईं
प्रशासन ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में दिन के समय में कोई पाबंदी नहीं रहेगी। साथ ही राज्य में माध्यमिक शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहेंगे। प्रशासन ने कश्मीर के ज्यादातर शहरी क्षेत्र से पाबंदी हटा ली हैं। जम्मू में मदरसों को भी फिर से चालू कर दिया गया। पाकिस्तान सीजफायर उल्लंघन कर रहा
पाकिस्तान ने मंगलवार को पुंछ में एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया था। इसमें भारतीय सेना के नायक रवि रंजन कुमार सिंह शहीद हो गए। जबकि चार अन्य जवान घायल हुए थे। पाक ने पिछले शनिवार को भी राजौरी के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। इस फायरिंग में सेना के लांस नायक संदीप थापा (35) शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय सेना ने माकूल जवाब देते हुए पाक की एक चौकी उड़ा दी थी। पाकिस्तान ने पहले ही एलओसी पर अपने पांच सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली थी। जुलाई में दो भारतीय सैनिक शहीद हुए थे
गत 29 जुलाई के बाद से पाकिस्तान छह बार संघर्ष विराम उल्लंघन कर चुका है। पाकिस्तानी सेना ने 1, 5 और 7 अगस्त को राजौरी के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टर में गोलाबारी की थी। जुलाई में पाकिस्तान ने पुंछ और राजौरी में फायरिंग की थी। इसमें 10 दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। सेना के दो जवान शहीद हुए थे।

चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा, 7 सितंबर को सतह पर लैंडिंग; इसरो प्रमुख बोले- सबसे जटिल दौर पूरा
20 August 2019
नई दिल्ली. चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह 9.02 बजे चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया। कक्षा में पूरी तरह स्थापित होने में इसे करीब आधे घंटे लगे। इसरो ने यह जानकारी दी। 23 दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने के बाद चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने में इसे 6 दिन लगे। अब यान 13 दिन तक चंद्रमा का चक्कर लगाएगा। 7 सितंबर को चांद की सतह पर पहले से निर्धारित जगह (दक्षिणी ध्रुव) पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि मिशन का सबसे जटिल दौर पूरा हुआ। चंद्रयान-2 ने तय कक्षा में प्रवेश किया।
सिवन के मुताबिक, ‘‘ हम यान के इंजन को और चार बार चालू करेंगे। पहली बार कल (21 अगस्त) चालू किया जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त, 30 अगस्त और 1 सितंबर को ऐसा किया जाएगा। 2 सितंबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग होगा। 3 सितंबर को चंद्रयान 3 सेकंड के लिए स्थान बदला जाएगा। इससे तय हो जाएगा कि लैंडर का सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है। 7 सितंबर को रात 1.55 बजे चंद्रयान-2 चांद की सतह पर लैंड करेगा।’’
सिवन ने कहा कि यान की गति सामान्य थी। इसमें थोड़ी सी भी गलती होती तो पूरा मिशन फेल हो जाता।
लैंडिंग ऐसी जगह, जहां रोशनी ज्यादा
चंद्रयान-2 मिशन की लॉन्चिंग की तारीख पहले 15 जुलाई थी। बाद में इसे 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था। मिशन की लॉन्चिंग की तारीख पहले आगे बढ़ाने के बावजूद चंद्रयान-2 चांद पर तय तारीख (7 सितंबर) को ही पहुंचेगा। इसे समय पर पहुंचाने का मकसद यही है कि लैंडर और रोवर तय शेड्यूल के हिसाब से काम कर सकें। समय बचाने के लिए चंद्रयान ने पृथ्वी का एक चक्कर कम लगाया। पहले 5 चक्कर लगाने थे, पर बाद में इसे चार किया गया। लैंडिंग ऐसी जगह तय है, जहां सूरज की रोशनी ज्यादा है। रोशनी 21 सितंबर के बाद कम होनी शुरू होगी। लैंडर-रोवर को 15 दिन काम करना है, इसलिए समय पर पहुंचना जरूरी है।
चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो
चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया गया। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारने की योजना है। इस बार चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो है। यह चंद्रयान-1 मिशन (1380 किलो) से करीब तीन गुना ज्यादा है। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड है।
चंद्रयान-2 मिशन क्या है?
चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चंद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।
ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर क्या काम करेंगे?
चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना है। ऑर्बिटर चांद की सतह का नक्शा तैयार करेगा, ताकि चांद के अस्तित्व और विकास का पता लगाया जा सके। वहीं, लैंडर और रोवर चांद पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।

येदियुरप्पा सरकार बनने के 25 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन, 17 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली
20 August 2019
बेंगलुरु. कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने के 25 दिन बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल का गठन हुआ। राज्यपाल वजुभाई वाला ने मंगलवार को 17 विधायकों को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्य में जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिरने के बाद येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।29 जुलाई को बहुमत साबित किया था।
येदियुरप्पा की कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार और दो पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा और आर अशोका शामिल हैं। इनके अलावा निर्दलीय विधायक एच नागेश और लक्ष्मण संगप्पा को भी कैबिनेट में जगह मिली है। कैबिनेट में शशिकला जोली एकमात्र महिला मंत्री हैं।
शाह से चर्चा के बाद 17 विधायक चुने
सूत्रों की मानें को भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा के बाद 17 विध