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चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा, 7 सितंबर को सतह पर लैंडिंग; इसरो प्रमुख बोले- सबसे जटिल दौर पूरा
20 August 2019
नई दिल्ली. चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह 9.02 बजे चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया। कक्षा में पूरी तरह स्थापित होने में इसे करीब आधे घंटे लगे। इसरो ने यह जानकारी दी। 23 दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने के बाद चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने में इसे 6 दिन लगे। अब यान 13 दिन तक चंद्रमा का चक्कर लगाएगा। 7 सितंबर को चांद की सतह पर पहले से निर्धारित जगह (दक्षिणी ध्रुव) पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि मिशन का सबसे जटिल दौर पूरा हुआ। चंद्रयान-2 ने तय कक्षा में प्रवेश किया।
सिवन के मुताबिक, ‘‘ हम यान के इंजन को और चार बार चालू करेंगे। पहली बार कल (21 अगस्त) चालू किया जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त, 30 अगस्त और 1 सितंबर को ऐसा किया जाएगा। 2 सितंबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग होगा। 3 सितंबर को चंद्रयान 3 सेकंड के लिए स्थान बदला जाएगा। इससे तय हो जाएगा कि लैंडर का सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है। 7 सितंबर को रात 1.55 बजे चंद्रयान-2 चांद की सतह पर लैंड करेगा।’’
सिवन ने कहा कि यान की गति सामान्य थी। इसमें थोड़ी सी भी गलती होती तो पूरा मिशन फेल हो जाता।
लैंडिंग ऐसी जगह, जहां रोशनी ज्यादा
चंद्रयान-2 मिशन की लॉन्चिंग की तारीख पहले 15 जुलाई थी। बाद में इसे 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था। मिशन की लॉन्चिंग की तारीख पहले आगे बढ़ाने के बावजूद चंद्रयान-2 चांद पर तय तारीख (7 सितंबर) को ही पहुंचेगा। इसे समय पर पहुंचाने का मकसद यही है कि लैंडर और रोवर तय शेड्यूल के हिसाब से काम कर सकें। समय बचाने के लिए चंद्रयान ने पृथ्वी का एक चक्कर कम लगाया। पहले 5 चक्कर लगाने थे, पर बाद में इसे चार किया गया। लैंडिंग ऐसी जगह तय है, जहां सूरज की रोशनी ज्यादा है। रोशनी 21 सितंबर के बाद कम होनी शुरू होगी। लैंडर-रोवर को 15 दिन काम करना है, इसलिए समय पर पहुंचना जरूरी है।
चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो
चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया गया। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारने की योजना है। इस बार चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो है। यह चंद्रयान-1 मिशन (1380 किलो) से करीब तीन गुना ज्यादा है। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड है।
चंद्रयान-2 मिशन क्या है?
चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चंद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।
ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर क्या काम करेंगे?
चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना है। ऑर्बिटर चांद की सतह का नक्शा तैयार करेगा, ताकि चांद के अस्तित्व और विकास का पता लगाया जा सके। वहीं, लैंडर और रोवर चांद पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।

येदियुरप्पा सरकार बनने के 25 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन, 17 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली
20 August 2019
बेंगलुरु. कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने के 25 दिन बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल का गठन हुआ। राज्यपाल वजुभाई वाला ने मंगलवार को 17 विधायकों को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्य में जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिरने के बाद येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को अकेले मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।29 जुलाई को बहुमत साबित किया था।
येदियुरप्पा की कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार और दो पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा और आर अशोका शामिल हैं। इनके अलावा निर्दलीय विधायक एच नागेश और लक्ष्मण संगप्पा को भी कैबिनेट में जगह मिली है। कैबिनेट में शशिकला जोली एकमात्र महिला मंत्री हैं।
शाह से चर्चा के बाद 17 विधायक चुने
सूत्रों की मानें को भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा के बाद 17 विधायकों को चुना गया है। सोमवार को येदियुरप्पा ने अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात भी की थी। किसको क्या प्रभार मिलेगा, ये अभी साफ नहीं है।
येदियुरप्पा मंत्रिमंडल की लिस्ट में शामिल नाम
गोविंद करजोल
अश्वत नारायण
लक्ष्मण संगप्पा सावदी
केएस ईश्वरप्पा
आर अशोका
जगदीश शेट्टार
बी श्रीरामुलु
एस सुरेश कुमार
वी सोमन्ना
सीटी रवि
बासवराज बोम्मई
कोटा श्रीनिवास पुजारी
जेसी मधु स्वामी
चंद्रकांतगौड़ा चन्नप्पागौड़ा पाटिल
एच नागेश
प्रभु चौहान
जोले शशिकला अन्नासाहेब

कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को ईडी ने गिरफ्तार किया, 354 करोड़ के बैंक घोटाले का आरोप
20 August 2019
नई दिल्ली. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और मोजर बेयर कंपनी के पूर्व निदेशक रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। मोयर बेयर कंपनी के 354 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में पुरी पर कार्रवाई हुई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने रतुल पुरी और 4 अन्य लोगों के खिलाफ रविवार को केस दर्ज किया था। इस मामले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुरी को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रतुल पुरी ने 2012 में मोजर बेयर के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनके पिता दीपक पुरी और मां नीता पुरी अभी भी कंपनी के बोर्ड में बने हुए हैं। सीबीआई ने दीपक, नीता के अलावा मोजर बेयर से संबंधित संजय जैन और विनीत शर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। सभी के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई भी की गई थी।
‘भांजे के कारोबार से संबंध नहीं’
कमलनाथ का कहना है कि भांजे के कारोबार से मेरा कोई संबंध नहीं है। यह कार्रवाई पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण लग रही है। पूरा भरोसा है कि अदालत उचित कदम फैसला करेगी। उधर, मोजर बेयर ने ईडी की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कंपनी का कहना है कि उसने कानून के मुताबिक काम किया। उसका केस अभी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में है। ऐसे में गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रायोजित है।
खातों की गलत जानकारी देने के भी आरोप
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने फोरेंसिक ऑडिट के बाद अप्रैल में मोजर बेयर के खाते को फ्रॉड घोषित किया था। बैंक का कहना था कि मोजर बेयर 2009 से लोन ले रही थी। कई बार कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग करवाई। आरोप हैं कि कंपनी के निदेशकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से फंड जारी करवाया। मोजर बेयर, इसके निदेशकों और प्रमोटरों ने कारोबारी लोन का निजी इस्तेमाल किया। कंपनी की बैलेंस शीट की भी गलत जानकारी दी।
अगस्तावेस्टलैंड मामले में भी रतुल पुरी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
रतुल अगस्तावेस्टलैंड मामले में भी जांच के घेरे में हैं। रतुल पर उनकी कंपनी के जरिए कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है। ईडी का आरोप है कि रतुल के स्वामित्व वाली कंपनी से जुड़े खातों का उपयोग रिश्वत लेने के लिए किया गया। 3600 करोड़ रुपए की अगस्तावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील से जुड़े घोटाले में भी पुरी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। अगस्ता मामले में रतुल की अग्रिम जमानत अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।

फरार निर्दलीय विधायक अनंत सिंह का सामने आया वीडियो, 3-4 दिन में सरेंडर करने का कहा
19 August 2019
पटना। मोकामा के निर्दलीय विधायक बाहुबली अनंत सिंह फरार हो गया है। उनके घर से एके-47 और हैंड ग्रेनेड समेत कई हथियार मिले थे। फरार विधायक की तलाशी के लिए 6 थानों की पुलिस जुटी हुई है। इसी बीच अनंत कुमार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने कहा है कि वह अगले 3-4 दिन में कोर्ट में सरेंडर कर देगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अनंत कुमार के जारी वीडियो में वह कह रहा है कि 'मैं गिरफ्तारी से नहीं डरा हूं। मैं अगले तीन से चार दिनों में सरेंडर कर दूंगा। मैं उस घर में पिछले 14 सालों से नहीं गया हूं ऐसे में मेरे द्वारा वहा AK-47 रखने का सवाल पैदा नहीं होता।'
बता दें कि पिछले दो दिनों से पुलिस अनंत कुमार की गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापे मार चुकी है। बीते शनिवार पुलिस एक मॉल रोड स्थित सरकारी आवास पहुंची, तो अनंत सिंह गायब हो गया था। पुलिस ने घर से तलवार तथा सरकारी मोबाइल फोन जब्त कर लिया। उनकी पत्नी से भी पूछताछ की गई।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान बदमाश छोटन सिंह को पकड़ लिया। उसे घर में पनाह देने को लेकर सचिवालय थाने में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी के खिलाफ IPC की धारा 212 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छोटन सिंह पर बाढ़ थाने में 26 जून 19 को लदमा गांव के ही विवेका पहलवान के घर पर फायरिंग करने का मामला दर्ज है।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी ने फिर दोहराया, 'सरकार निर्णय वापस ले'
19 August 2019
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के मुख्य प्रावधानों को हटाए जाने के बाद विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया है। केंद्र सरकार के इस बड़े कदम के बाद घाटी के नेताओं में खलबली मची है। देशभर में इस मुद्दे पर जारी सियासत के बीच एक बार फिर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने अपना पुराना राग अलापा है।
गुलाम नबी ने कहा कि 'मैं सरकार से मांग करता हूं कि उनके द्वारा लिया गया गलत निर्णय वापस लिया जाए। ये एक बार फिर सिद्ध हो गया है क्योंकि इससे राज्य में कोई भी खुश नहीं है। ऐसा निर्णय वापस लिया जाना चाहिए। राजनेताओं को छोड़ा जाना चाहिए और सामान्य हालात बनाए जाना चाहिए।'
बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त को राज्यसभा में संकल्प पत्र पेश करने के साथ ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने का विधेयक पेश किया था। इसके पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये कानून बन चुका है। इसी के बाद से देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सियासत गरमाई हुई है।
घाटी में स्थिति का सामान्य बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर रखा है। वहीं घाटी के माहौल को खराब करने की आशंका के चलते कई नेताओं को नजरबंद किया गया था। हालांकि अब धीरे धीरे हालात सामान्य होने के बाद सरकार द्वारा सिलसिलेवार ढील देने की शुरुआत कर दी गई है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र का निधन, लंबे समय से थे बीमार
19 August 2019
नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र का निधन हो गया है। 82 साल के मिश्र लंबे समय से बीमार थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। जगन्नाथ मिश्र तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे।
एक प्रोफेसर से राजनेता बने मिश्र का जन्म सुपौल के बलुआ बाजार में 1937 में हुआ था। बडे भाई ललित नारायण मिश्र के राजनीति में होने के कारण जगन्नाथ मिश्र की भी इसमें शुरू से ही रुचि थी। हालांकि, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक प्रोफेसर के रूप में की थी और बाद में राजनीति में आ गए।
डॉ. मिश्र 1975 में पहली बार मुख्यमंत्री बने। दूसरी बार उन्हें 1980 में कमान सौंपी गई और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वह 90 के दशक के बीच केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी रहे।
उनका मशहूर चारा घोटाले में भी नाम था और 30 सितंबर 2013 को रांची में एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो ने चारा घोटाले में 44 अन्य लोगों के साथ उन्हें दोषी ठहराया। उन्हें चार साल की कारावास और 200,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

पाकिस्तान ने राजौरी में संघर्ष विराम तोड़ा, गोलीबारी में सेना के लांस नायक शहीद
17 August 2019
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। शनिवार सुबह 6.30 बजे से नौशेरा सेक्टर में सीमा पर गोलाबारी शुरू हुई। पाकिस्तान की फायरिंग में सेना के लांस नायक संदीप थापा शहीद हो गए। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाक को भारी नुकसान हो रहा है। दो दिन पहले ही उसने एलओसी पर अपने पांच सैनिक के मारे जाने की बात कबूली थी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से छोटे हथियारों से फायरिंग हो रही है। नौशेरा सेक्टर में अग्रिम चौकी को निशाना बनाकर मोर्टार दागे गए। भारतीय सेना ने भी इसका माकूल जवाब दिया।
जुलाई में दो भारतीय सैनिक शहीद हुए थे
पाकिस्तानी सेना ने 1, 5 और 7 अगस्त को राजौरी के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। जुलाई में पाकिस्तान ने पुंछ और राजौरी में फायरिंग की थी। इसमें 10 दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। सेना के दो जवान शहीद हुए थे।

अनुच्छेद 370 हटने के 12 दिन बाद पांच जिलों में 2जी इंटरनेट सेवा बहाल, लोगों को आवाजाही में छूट
17 August 2019
श्रीनगर. जम्मू कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के 12 दिन बाद शनिवार को राज्य के कुछ हिस्सों में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दीं। जम्मू, रियासी, सांबा, कठुआ और उधमपुर में इंटरनेट सेवाएं शुरू हो गईं। इसके अलावा घाटी के 17 टेलिफोन एक्सचेंज पर लैंडलाइन सेवा शुरू कर दी गई। शुक्रवार को ही जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि राज्य में चरणबद्ध तरीके से टेलीकॉम सेवाएं बहाल की जाएंगी।
सड़कों पर आवाजाही से रोक में ढील दी गई
कश्मीर घाटी में लोगों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों मे ढील दी गई, ताकि कर्मचारी अपने दफ्तर जा सकें। हालांकि, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों को अलर्ट में रखा गया। सिविल लाइन्स और डल गेट एरिया में निजी वाहनों को चेकिंग के बाद आने-जाने की छूट दे दी गई। कुछ जगहों पर कैब सर्विस भी दोबारा शुरू हुई। वहीं कुछ दुकानों को भी खोला गया है।
अनुच्छेद 370 हटाने के ऐलान से पहले ही ऐहितायाती कदम उठाए गए थे
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सरकार के ऐलान से ठीक पहले ही जम्मू कश्मीर में ऐहतियात के तौर पर टेलीकॉम और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। राज्य में धारा-144 लागू कर दी गई थी। इसके अलावा सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए थे। श्रीनगर में तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया।
राज्य में सोमवार से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज
मुख्य सचिव ने शुक्रवार को बताया था कि घाटी में भी सोमवार से स्कूल खोल दिए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी चालू कर दिया जाएगा। राज्य में सरकारी दफ्तर शुक्रवार से ही खुल गए। सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रतिबंध लगने के बाद से ही किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। कहीं भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी को गंभीर चोट आई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के 12 जिलों में सामान्य कामकाज जारी है। सिर्फ 5 जिलों में ही सीमित प्रतिबंध लागू हैं।
जम्मू में सबसे पहले दी गई छूट
प्रतिबंध लागू होने के करीब एक हफ्ते बाद ही जम्मू में सामान्य हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दे दी। पूरे जम्मू से धारा-144 भी हटा ली गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच वहां स्कूल और कॉलेज भी खुलने लगे थे। हालांकि, कश्मीर घाटी के कई इलाकों में छिटपुट झड़प की खबरें सामने आई थीं। प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि घाटी में स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी गंभीर हिंसा की खबर नहीं थी।
जम्मू कश्मीर के प्रमुख सचिव रोहित कंसल के मुताबिक, अफसर सभी प्रतिबंधित इलाकों में स्थिति पर नजर रखे हैं। जहां कहीं भी जरूरत पड़ रही है, वहां प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है। कंसल के मुताबिक, अस्पताल, मेडिकल फैसिलिटीज, नेशनल हाईवे और एयरपोर्ट अभी भी सामान्य स्थिति में काम कर रहे हैं।

जेटली की हालत गंभीर, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बाद मायावती भी हाल जानने एम्स पहुंचीं
17 August 2019
नई दिल्ली. बसपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शनिवार को पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने एम्स पहुंचीं। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाल जानने एम्स पहुंचे थे। सांस लेने में तकलीफ होने के बाद जेटली 9 अगस्त से एम्स के आईसीयू में भर्ती हैं। अस्पलात के सूत्रों के मुताबिक, उनकी हालत नाजुक है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।
जेटली को ईसीएमओ (एक्स्ट्रा-कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) पर रखा गया है, जिसे एक्स्ट्रा-कॉर्पोरल लाइफ सपोर्ट के रूप में भी जाना जाता है। यह उन व्यक्तियों को लंबे समय तक हृदय और सांस लेने में मदद करता है, जिनके हृदय और फेफड़े सही ढंग से काम नहीं करते हैं।
जेटली से मिलने ये नेता भी पहुंचे
मायावती के साथ बसपा नेता सतीश मिश्रा भी पहुंचे। केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह भी आज सुबह एम्स गए। जानकारी के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जेटली से मिलने जाने वाले हैं। वहीं, अमित शाह आज भी पूर्व वित्त मंत्री से मिलने जा सकते हैं।
एम्स ने 9 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य को लेकर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया है। हालांकि, अस्पताल ने शुक्रवार को बताया था कि डॉक्टरों की टीम जेटली की सेहत पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क चले गए थे और फरवरी में वापस लौटे थे।
2019 में नई सरकार में शामिल होने से इनकार किया था
जेटली ने अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद ट्वीट किया था- घर आकर खुश हूं। इससे पहले जेटली ने अप्रैल 2018 में भी दफ्तर जाना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। यहां उनका गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था। इसके बाद वे अगस्त से वापस दफ्तर जाने लगे थे। हालांकि, मई 2019 में उन्होंने मोदी से कह दिया था कि नई सरकार में वे शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके बाद मोदी उनसे मिलने घर पहुंचे थे।
जेटली को दो बार रक्षा मंत्रालय का प्रभार मिला था
मई 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद जेटली को वित्त और रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया था। वे 2014 में छह महीने रक्षा मंत्री रहे। बाद में मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्री बनाए गए। उनके गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद जेटली को 2017 में छह महीने के लिए दोबारा यह प्रभार दिया गया। बाद में उनकी जगह निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्री बनीं। जेटली की बीमारी के चलते पीयूष गोयल ने दो बार वित्त मंत्रालय संभाला था।

देश की परमाणु नीति पर बोले राजनाथ सिंह - 'आगे क्या होगा ये हालातों पर निर्भर करेगा'
16 August 2019
पोखरण। 'कश्मीर मसले' पर पड़ोसी देश पाकिस्तान की बौखलाहट के बीच देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। शुक्रवार को पोखरण पहुंचे रक्षामंत्री ने देश की न्यूक्लियर पॉलिसी को लेकर अपना पक्ष रखा। बता दें कि हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनी स्थितियों के मद्देनजर रक्षामंत्री का ये बयान काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "आज तक हमारी परमाणु नीति 'No First Use' की रही है। भविष्य में क्या होगा यह सब हालातों पर निर्भर करेगा"
इसके पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसलमेर में हो रही इंटरनेशनल आर्मी स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता में शामिल होने पोखरण पहुंचे थे।
बता दें कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसने भारत से ट्रेड के साथ ही राजनयिक संबंध भी खत्म कर लिए हैं। इसके अलावा वह भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समर्थन हासिल करने की भी कोशिश में है। इसमें चीन भी उसकी मदद कर रहा है।
गुरुवार को चीन द्वारा UNSC से इस मसले पर दखल देने के लिए कहा गया था। यही वजह है कि आज UNSC ने भारत द्वारा बदले गए कानून को लेकर बंद कमरे में आपात बैठक बुलाई है।

कार एक्सीडेंट के बाद भाजपा सांसद रूपा गांगुली का बेटा गिरफ्तार, MP ने दी ये प्रतिक्रिया
16 August 2019
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता और सांसद रूपा गांगुली के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कार एक्सीडेंट के बाद गांगुली के बेटे आकाश मुखर्जी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। आकाश पर नशे में गाड़ी चलाने का आरोप लगा है। पुलिस ने उस पर IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात आकाश की कार कोलकाता में रॉयल गोल्फ क्लब की दीवार से टकरा गई थी। इस हादसे में वह बाल-बाल बचा था। ये एक्सीडेंट रूपा गांगुली के घर के नजदीक ही हुआ था।
पुलिस को जब सूचना मिली तो मौके पर पहुंचकर आकाश को हिरासत में लिया गया। आज उसे इस मामले में कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक 'कार भाजपा सांसद रूपा गांगुली का बेटा आकाश मुखर्जी चला रहा था। अचानक उसने गाड़ी से संतुलन खोया और रॉयल कोलकाता गोल्फ क्लब की दीवार से गाड़ी टकरा गई। उसे हल्की चोटें आई हैं।'
इस हादसे के बाद सांसद रूपा गांगुली ने घटना से जुड़ा ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने ही पुलिस को फोन किया और इसके कानून पहलुओं को देखने का कहा।
रूपा गांगुली ने PM मोदी को ट्वीट कर दी सफाई
इस घटना के बाद भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। ट्वीट में गांगुली ने लिखा है ' मैं अपने बेटे से प्यार करती हूं और उसकी केयर करूंगी। लेकिन कानून को अपना काम करना चाहिए। न मैं गलत करती हूं, न मैं सहती हूं। मैं बिकाऊ नहीं हूं।'

कईं देशों में है चीफ ऑफ डिफेंस जैसा पद, भारत में दो दशक से जारी थी चर्चा, जानें क्या होंगे फायदे
16 August 2019
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को 15 अगस्त के अपने संबोधन में लाल किले से देश में चीफ ऑफ डिफेंस की नियुक्ति का ऐलान किया। प्रधानमंत्री के इस कदम के देश में नई चर्चा शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री द्वारा जिस व्यवस्था की बात की गई है उसके तहत चार स्टार वाले जनरल को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया जाएगा। तीनों सेनाओं के प्रमुख इनके अधीन होंगे। सीडीएस तीनों सेनाओं का एकीकृत नेतृत्व करेगा। अमेरिका समेत दुनिया के कईं देशों में इस तरह का पद पहले से ही है और हर देश में इसे अलग नाम से जाना जाता है साथ ही इसका महत्व भी थोड़ा अलग है। भारत में इस व्यवस्था की चर्चा आज से नहीं बल्कि पिछले दो दशक हो रही थी। लेकिन अब जाकर किसी सरकार ने इस पर कदम आगे बढ़ाया है। सीडीएस की नियुक्ति से फायदे
सीडीएस तीनों सेनाओं के प्रमुख की तरह काम करेगा और सरकार के लिए एकल सैन्य सलाहकार होगा। तीनों सेनाओं के लिए लंबी अवधि की योजनाओं, खरीदारी और प्रशिक्षण जैसे कार्यों में समन्वय की भूमिका सीडीएस की रहेगी।
सीडीएस की नियुुक्ति से सैन्य खरीद को गति मिलेगी। इससे किसी तरह की व्यवस्था या खरीद में दोहराव की गुंजाइश भी नहीं रहेगी। भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश है और यहां सीडीएस परमाणु हथियारों के मामले में प्रधानमंत्री के सलाहकार की भूमिका भी निभाएगा।
दो दशक से चल रही चर्चा
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद के गठन की जरूरत कारगिल युद्ध के बाद से ही महसूस की जा रही है। इस युद्ध के बाद बनी कारगिल समीक्षा समिति ने अपनी रिपोर्ट में पहली बार सीडीएस की सिफारिश की थी। इसी तरह 2012 में रक्षा क्षेत्र के सुधारों पर बनी नरेश चंद्रा कमिटी ने भी चार स्टार जनरल को सीडीएस बनाने की सिफारिश करते हुए तीनों सेनाओं के बीच समन्वय के लिए इसे जरूरी बताया था।
यूपीए सरकार के समय इसके गठन की पहल भी शुरू हुई पर सिरे नहीं चढ़ पाई। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी दो-तीन मौकों पर इसकी गंभीर पहल हुई मगर तब भी यह फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई।
अभी क्या है व्यवस्था?
वर्तमान समय में तीनों सेना प्रमुखों में से सबसे वरिष्ठ को चेयरमैन ऑफ चीफ्स ऑफ स्टाफ (सीओएससी) नियुक्त किया जाता है। हालांकि यह पद केवल एक अतिरिक्त भूमिका की तरह होता है और इसका कार्यकाल भी आमतौर पर बहुत कम रहता है।
31 मई को वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से यह जिम्मेदारी ली थी। 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होते ही धनोआ इस पद से भी मुक्त हो जाएंगे। उनके बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सीओएससी बनेंगे। वह भी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
कई देशों में है इस तरह का पद
सभी बड़े देशों, विशेषतौर पर परमाणु शक्ति संपन्न देशों में सीडीएस जैसा पद है। अमेरिका में चेयरमैन ऑफ द जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ की नियुक्ति होती है। वहीं कनाडा, फ्रांस, स्पेन और इटली जैसे देशों में सीडीएस का पद है। ब्रिटेन में सीडीएस के साथ-साथ परमानेंट सेक्रेटरी का भी पद है। परमानेंट सेक्रेटरी की भूमिका रक्षा मामलों में प्रधान नागरिक सलाहकार की होती है। रक्षा क्षेत्र में नीति निर्धारण, वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं में इसकी भूमिका रहती है।

वीर चक्र से सम्मानित होंगे विंग कमांडर अभिनंदन, बालाकोट एयरस्ट्राइक में शामिल पायलटों को भी सम्मान
14 August 2019
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा स्क्वाड्रन लीडर मिन्टी अग्रवाल को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अभिनंदन को सम्मान
अभिनंदन ने 27 फरवरी, 2019 को मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 विमानों का पीछा करते हुए एक विमान मार गिराया था। बाद में उनका विमान एक मिसाइल का निशाना बन गया जिसके नष्ट होने से पहले ही वे विमान से निकल गए थे और उसके बाद वो पीओके में फंस गए थे। इस साहसी काम के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया जा रहा है।
भारत के दबाव के बाद पाकिस्तान को अभिनंदन वर्धमान को छोड़ना पड़ा था। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन लगभग 60 घंटों के बाद ही उन्हें वाघा बॉर्डर पर भारत को वापस कर दिया था। वरीयता में यह सम्मान महावीर चक्र के बाद आता है।
इनके अलावा बालाकोट एयरस्ट्राइक में शामिल पांचों पायलटों को भी सम्मान किया जाएगा। मिराज-2000 के पायलट विंग कमांडर अमित रंजन, स्क्वॉर्डन लीडर राहुल बसोया, पंकज भुजडे, बीकेएन रेड्डी, शशांक सिंह को वायु सेना पदक (वीरता) दिया जाएगा।
विंग कमांडर ने किया मेडिकल टेस्ट पास
यहां आपको बता दें कि विंग कमांडर अभिनंदन ने हाल ही में मेडिकल टेस्ट पास कर लिया है। चर्चा यह है कि अभिनंदन जल्द ही एक बार फिर उड़ान भर सकेंगे। पायलट की फिटनेस की जांचने वाली संस्था बेंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन ने विंग कमांडर अभिनंदन को उड़ान भरने के लिए फिट घोषित किया है। फिलहाल, सुरक्षा खतरे के कारण उन्हें घाटी से दूर ले जाया गया था और राजस्थान में फ्रंटलाइन एयरबेस में उनकी तैनाती की गई है। अब देखना यह है कि अभिनंदन कब से उड़ान भरते हैं।

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को फिर झटका, TMC के एक और विधायक बीजेपी में होंगे शामिल
14 August 2019
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से शुरू हुई बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक जंग अब तक जारी है। आलम ये है कि ममता के गढ़ में बीजेपी लगातार सेंध लगाने में जुटी हुई है। त्रिणमूल कांग्रेस के कई नेता, विधायक और सांसद अब तक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। वहीं, अब खबर यह आ रही है कि टीएमसी के एक और विधायक बीजेपी में शामिल होंगे।
जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के पूर्व महापौर एवं तृणमूल कांग्रेस विधायक सोवन चटर्जी बीजेपी का दामन थामेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोवन आज या फिर इस हफ्ते के अंत तक भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
हालांकि, अभी तक बीजेपी या फिर टीएमसी की ओर से इस मामले को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। लेकिन, लोकसभा चुनाव से बंगाल में टीएमसी का किला दरकता जा रहा है।
यहां आपको बता दें कि सोवन चटर्जी कोलकाता महापौर के साथ-साथ टीएमसी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन, निजी जीवन में समस्याओं के कारण ममता बनर्जी ने पिछले साल नवंबर में उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था।
बताया जा रहा है कि चटर्जी पिछले कुछ महीनों से भाजपा के संपर्क में थे। वह पिछले महीने दिल्ली में कई बीजेपी नेताओं से भी मिले थे। तब से ही उनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। कहा यह भी जा रहा है कि टीएमसी हाईकमान ने चटर्जी को मनाने की काफी कोशिशें की लेकिन वो नहीं मानें।
गौरतलब है कि टीएमसी के अब तक छह विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बंगाल में 42 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल सत्यपाल मलिक का बयान, 15 अगस्त के बाद प्रतिबंधों में मिलेगी ढील
14 August 2019
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद माहौल अब तक तनावपूर्ण है। घाटी में कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। हालांकि, जम्मू में राहत मिली है लेकिन कश्मीर में अब भी सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद पाबंदियों में ढील ती जाएगी। लेकिन, इंटरनेट और फोन सेवा बहाल में होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद आवागमन पर लगाई गई पाबंदी में ढील दी जाएगी।
लेकिन, सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी सेवाएं बहाल होने में अभी वक्त लगेगा। राज्यपाल ने फोन और इंटरनेट को युवाओं को गुमराह करने और भड़काने का हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि हम दुश्मन को वह हथियार तब तक नहीं देना चाहते जब तक की सारी चीजें सामान्य न हो जाएं।
गवर्नर मलिक ने आश्वासन दिया है कि सात से दस दिनों में घाटी में स्थिति सामान्य हो जाएगी और फिर धीरे-धीरे संपर्क के साधन बहाल होने लगेंगे। राज्यपाल के इस बयान से प्रतीत हो रहा है कि अब स्थिति सामान्य होने लगी है और जल्द ही घाटी के लोग सभी सुविधाओं के लुत्फ उठाने लगेंगे।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर तंज कसते हुए मलिक ने कहा कि उन्हें अब तक जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सीमा पर प्रोपोगैंडा के आधार पर बातें कर रहे हैं। इतना ही नहीं राज्यपाल ने राहुल गांधी को भेज निमंत्रण को भी वापस ले लिया है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि हम राहुल गांधी के लिए विमान भेजेंगे ताकि वो जम्मू-कश्मीर आकर स्थिति का जायजा लें। इस पर राहुल ने कहा था कि हमें विशेष विमान की नहीं बल्कि वहां घूमने-फिरने की आजादी चाहिए। साथ ही विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को भी जम्मू-कश्मीर आने की इजाजात राहुल ने मांगी थी।

Article 370 पर प्रियंका गांधी वाड्रा का बयान - मोदी सरकार का तरीका असंवैधानिक
13 August 2019
नई दिल्ली। आर्टिकल 370 को लेकर अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का बयान आया है। प्रियंका ने कहा है कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाई गई है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। जब ऐसा कोई काम किया जाता है तो जिन नियमों का पालन होना चाहिए, वह नहीं हुआ।
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस की तरफ से आर्टिकल 370 के खिलाफ बयान आया हो। इससे पहले जब लोकसभा में बहस चल रही थी, तब नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने संयुक्त राष्ट्र का जिक्र किया था। इस पर भी कांग्रेस की बहुत खिंचाई हुई थी।
इन नेताओं के बचान पर मचा बवाल
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आशंका जताई कि कश्मीर देश के हाथों से फिसल सकता है। बकौल दिग्विजय सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोवाल ने अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर बचाना हमारी प्राथमिकता है। मैं अनुरोध करता हूं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोवाल से कि सोच समझकर काम करें अन्यथा कश्मीर अपने हाथ से निकल जाएगा।
वहीं, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने हाल ही में कहा था, मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करके हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती। ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक आलेख में लिखा, "नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है। मोदी-शाह ने ये पढ़ाई अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू और यहूदियों से ली है। मोदी और शाह ने इनसे सीखा है कि कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्मसम्मान को कैसे रौंदना है?" अय्यर ने आगे लिखा है कि अच्छे दिन की बजाय, संसद ने जो तय किया है वह घाटी में एक लंबी और अंधेरी रात है, और शायद देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा होगा।"

सिक्किम में पवन कुमार चामलिंग को झटका, उन्हें छोड़ डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 MLA भाजपा में शामिल
13 August 2019
गंगटोक। सिक्किम में सबसे लंबे समय तक राज करने वाले पवन कुमार चामलिंग को बड़ा झटका लगा है। राज्य में उनकी पार्टी के 10 विधायक उन्हें छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। इन विधायकों ने मंगलवार को पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और फिर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
जानकारी के अनुसार राज्य में डेमोक्रेटिक फ्रंट की स्थापना करने वाले पवन कुमार चामलिंग की पार्टी में अब 5 ही विधायक बचे हैं और इसके साथ ही वो राज्य में तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है। हालांकि, इससे पहले खबर आई थी कि भाजपा में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के सभी 15 विधायक भाजपा में शामिल होंगे।
बता दें कि हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में चामलिंग अपनी 25 साल की सत्ता नहीं बचा पाए और राज्य की 6 साल पुरानी सिक्किम क्रांतिकारी पार्टी ने उन्हें मात दे दी थी।
अब चामलिंग के सभी 15 विधायकों ने उन्हें छोड़कर भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर ली है। अगर यह संभव होता है तो भाजपा विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी क्योंकि चुनाव में कुल 32 सीटों में से 17 सिक्किम क्रांतिकारी पार्टी ने 17 और चामलिंग की डेमोक्रेटिक पार्टी ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

मूक-बधिर नाबालिग से पड़ोसी महीनों तक करता रहा दुष्कर्म, गर्भवती हुई तो हुआ खुलासा
13 August 2019
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में एक 50 साल के शख्स ने सारी हदें लांघते हुए मूक बधिर नाबालिग को महीनों तक हवस का शिकार बनाया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता गर्भवती हो गई। इसके बाद 15 साल की पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना सनसाथ तहसील के वाजीपुर गांव में घटी।
आरोपी राजपाल सैनी पीड़िता का पड़ोसी था। वह कई महीनों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। एसएचओ योगेश शर्मा ने बताया कि मामला सामने आने के बाद केस दर्ज करने के साथ ही पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।
शर्मा ने बताया कि परिवार को इस बात का तब पता चला जब पीड़िता 7 महीने की गर्भवती हो गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने नाबालिग के मूक बधिर होने का ही फायदा उठाया। पीड़िता अपने साथ हो रही ज्यादती की जानकारी मूक बधिर होने की वजह से किसी को भी नहीं दे पाती थी। इसी के चलते उसके साथ आरोपी लगातार गलत हरकत करता रहा।
पीड़िता के परिवार को जब इस बात की जानकारी लगी तो सभी सकते में आ गए। इसके बाद पीड़िता से लगातार पूछताछ के बाद इशारों में अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी।

HD देवेगौड़ा ने लिखा PM मोदी को पत्र, कर्नाटक में बाढ़ से बिगड़े हालातों पर मांगी 5 हजार करोड़ की मदद
12 August 2019
बेंगलुरु। कर्नाटक में दिन पर दिन भारी बारिश के चलते हालत खराब हो रही है। राज्य के कई इलाके आफत की बारिश से जूझ रहे हैं। इस वजह से पूरे राज्य की हालत खराब कर हो रही है। प्रदेश में बिगड़ रहे हालातों के मद्देनजर पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के नेता एचडी देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने 5 हजार करोड़ की अंतरिम राहत की मांग की है।
देवेगौड़ा ने पत्र में प्रदेश में बिगड़ रहे हालातों को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम राहत के तौर पर 5 हजार करोड़ रुपए दिए जाने मांग की है।
उन्होंने इसे बीते 45 सालों में राज्य पर आई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा भी बताया है। येदियुरप्पा के मुताबिक 'एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हैं।






रेसलर बबीता फोगाट, पिता महावीर संग भाजपा में हुई शामिल
12 August 2019
नई दिल्ली। हरियाणा में दुष्यंत सिंह चौटाला को बड़ा झटका लगा है। महिला रेसलरल बबीता फोगाट ने अपने पिता महावीर फोगाट के साथ सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद दोनों ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
कहा जा रहा है कि पार्टी इनमें से एक को आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट भी दे सकती है। बता दें कि बबीता ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर से अनच्छेद 370 हटने के बाद ट्वीट कर सरकार का समर्थन भी जताया था। वहीं महावीर फोगाट दुष्यंत चौटाला की जननायक पार्टी को झटका देकर भाजपा में आए हैं।
महावीर फोगाट को चौटाला की पार्टी ने खेल विंग का प्रधान भी बनाया था। हालांकि, बबीता के भाजपा में शामिल होने के पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मेरे मन में जरा भी कन्फ्यूजन नहीं था कि अनुच्छेद 370 हटना चाहिए या नहीं।






कश्मीर में नजर आ रही शांति, स्कूल खुले, लोगों ने पढ़ी मस्जिद में नमाज
10 August 2019
श्रीनगर/नई दिल्ली। राज्य में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब यहां शांति से साथ जिंदगी पटरी पर लौटती नजर आ रही है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद शनिवार को भी पिछले कईं दिनों से घरों में बंद लोग बाहर निकले और सड़कों पर हलचल बढ़ी। सुबह स्कूल खुले और बच्चे बसों में सवार होकर स्कूल गए। वहीं राजधानी की सड़कों पर चहल-पहल नजर आई। इससे पहले आम लोगों को शुक्रवार को कुछ राहत दी गई। इस दौरान अनेक लोगों ने स्थानीय मस्जिदों में जाकर नमाज अदा की। श्रीनगर के कुछ हिस्सों व दक्षिण कश्मीर में धारा 144 में ढील दी गई, जबकि जम्मू से यह प्रतिबंधात्मक धारा हटा ली गई। इस तरह अनुच्छेद 370 हटने व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद पहला जुमा शांति से बीता।
बेरोकटोक मस्जिद जाने दिया
सोमवार को अनुच्छेद 370 की समाप्ति और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के एलान के कुछ घंटे पहले ही जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लगाई गई थी। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में तैनात सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
सोमवार से घरों में कैद लोगों को शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए आंशिक राहत दी गई। इस दौरान उन्हें अपने क्षेत्र की मस्जिदों में बेरोकटोक आने-जाने दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर शहर व दक्षिण कश्मीर से इस दौरान हालात शांतिपूर्ण रहे। घाटी में केंद्र के फैसले के विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों को निरंतर हाई अलर्ट पर रखा गया है।


जीरो पॉइंट पर रुकी 165 यात्रियों को ला रही थार एक्सप्रेस, जांच के बाद पहुंचेगी भारत
10 August 2019
नई दिल्ली/बाढ़मेर। पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्ते खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समझौता एक्सप्रेस, थार एक्सप्रेस और लाहौर बस सेवा पाकिस्तान द्वारा बंद कर दी गई है। थार एक्सप्रेस को बंद करने की घोषणा किए जाने के बाद अब यह ट्रेन बाढमेर के जिरो पॉइंट स्टेशन मुनाबाओ पर खड़ी है।
जानकारी के अनुसार कराची से चलने वाली यह ट्रेन भारत और पाक सीमा पर स्थित पाकिस्तानी तरफ खड़ी थी जहां कस्टम चैक के बाद इसे जीरो पॉइंट की तरफ रवाना किया गया। जीरो पॉइंट पर पहुंचने के बाद यहां भारतीय कस्टम डिपार्टमेंट द्वारा इसकी जांच की जा रही है।
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे से सीपीआरओ द्वारा जारी बयान के अनुसार ट्रेन ममें 165 यात्री सवार हैं। इनमें 81 भारतीय और 84 पाकिस्तानी हैं। ट्रेन का मुनाबाओ स्टेशन पर कस्टम डिपार्टमेंट द्वारा चेक किया जा रहा है और इसके बाद इसे भारत में प्रवेश मिलेगा।
बता दे कि पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने जोधपुर से कराची के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस पर भी रोक लगा दी है। इसके बाद रात में लाहौर से दिल्ली बस सेवा भी पाकिस्तान की तरफ से बंद कर दी गई है।


CWC Meeting: बैठक हुई खत्म, अधीर रंजन बोले- रात 9 बजे तक तय हो सकता है अध्यक्ष का नाम
10 August 2019
नई दिल्ली। करीब दो दशक बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की कमान गांधी परिवार के हाथ से छूटेगी। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक पार्टी मुख्यालय में खत्म हो गई है और इसके बाद सभी नेता बाहर आ गए हैं। हालांकि, फिलहाल नाम तय नहीं हुआ है और वर्किंग कमेटी एक बार फिर से रात 8 बजे बैठक करेगी। बैठक से निकले कांग्रेस नेता आधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि हम रात को फिर बैठक करेंगे और संभवतः पार्टी के नए अध्यक्ष का नाम रात 9 बजे तक तय हो जाएगा। इससे पहले बैठक में इसमें फैसला हुआ कि पार्टी अध्यक्ष चुनने के लिए पांच समूह बनेंगे। जहां इसे लेकर बैठक हो रही थी वहीं वहीं सोनिया गांधी और राहुल गांधी बैठक से बाहर आ गए।
इस पर जब मीडिया ने सोनिया गांधी से बात की तो उन्होंने कहा कि वो बैठक से बाहर क्यों आए तो उन्होंने कहा कि बैठक में नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा हो रही है और हम इसमें शामिल नहीं होगी। संभवतः पार्टी आज अपना अंतरिम अध्यक्ष चुन ले। अंतरिम अध्यक्ष की बात करें तो इस रेस में फिलहाल पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
हालांकि, वरिष्ठ नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के नाम भी संभावितों में हैं। ये सभी नेता अनुसूचित जाति से हैं।
युवा दावेदारों की बात करें तो इनमें राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का नाम है वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अनुच्छेद 370 पर पार्टी लाइन की मुखालफत कर खुद को दौड़ से बाहर कर लिया है।
सीताराम केसरी को हटाए जाने के बाद मार्च 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली थी और दिसंबर 2017 तक करीब 20 वर्षों तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही। जबकि राहुल गांधी का कार्यकाल महज 20 महीने का ही रहा है। अगर गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति अध्यक्ष चुना गया तो दो दशक बाद किसी गैर गांधी के हाथ में फिर कांग्रेस की कमान होगी।
दरअसल, पार्टी के हाशिए पर चले जाने के बाद भी गांधी परिवार से बाहर के नेतृत्व को स्वीकार करने को लेकर नेताओं में सहजता नहीं दिख रही। इसीलिए पहले राहुल गांधी पर इस्तीफा वापस लेने का दबाव डाला गया। मगर जब वह नहीं माने और इस्तीफे की चिठ्ठी डेढ़ महीने पहले सार्वजिनक कर दी तो फिर कांग्रेस के कई नेताओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा को अध्यक्ष बनाने की वकालत शुरू कर दी। हालांकि गांधी परिवार से बाहर के चेहरे को ही कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने के राहुल गांधी के अडिग रुख को देखते हुए प्रियंका फिलहाल दौड़ में नहीं हैं। ऐसे में यह तय है कि गांधी परिवार से बाहर का कोई नेता ही कांग्रेस का अध्यक्ष होगा।


समझौता एक्सप्रेस 5 घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर पर रोक दी थी
9 August 2019
नई दिल्ली.समझौता एक्सप्रेस पांच घंटे की देरी से शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंची। इस दौरान यात्रियों और उनके रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली। दिल्ली स्टेशन पर 117 यात्री उतरे, जिनमें 41 पाकिस्तानी थे। ट्रेन अटारी स्टेशन से रात डेढ़ बजे रवाना हुई थी।
इससे पहले गुरुवार को भारत-पाक के मध्य चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को रद्द किए जाने के ऐलान के बाद दिन भर कन्फ्यूजन का माहौल बना रहा। हालांकि, बाद में ट्रेन आई लेकिन उसे लेने के लिए भारत की तरफ से गार्ड और ड्राइवर भेजने पड़े। इस सारी प्रक्रिया में पूरे पांच घंटे का समय लगा। बुधवार की शाम से ही कयास लगाया जाता रहा है कि पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस रद्द कर सकता है। इस बीच पाकिस्तान के रेलमंत्री के ऐलान ने स्थिति को और भ्रामक बना दिया।
वाघा रेलवे स्टेशन से फोन आया
अटारी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर अरविंद गुप्ता की मानें तो ट्रेन अपने तयशुदा समय पर नहीं आई। इसके बाद वाघा रेलवे स्टेशन से बाद दोपहर 2.30 बजे के करीब फोन आया कि अपना क्रू भेज कर गाड़ी ले जाएं, सिक्युरिटी कारणों से उनका क्रू नहीं जाएगा। चूंकि भारतीय रेलवे इस आपात स्थिति से निपटने को तैयार नहीं थी, इसलिए आनन-फानन में क्रू जिसमें दो ड्राइ‌वर उमाशंकर यादव, कमलेश कुमार तथा गार्ड सुरिंदर कुमार को अमृतसर रेलवे स्टेशन से बुलाया गया। इनके पास पहले से वीजा-पासपोर्ट तैयार था।
ऐसे होती है आवाजाही
आम तौर पर पाकिस्तान के वाघा रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस भारत के अटारी रेलवे स्टेशन पर दोपहर 12 बजे आती है। इसके साथ आने वाले मुसाफिरों को स्टेशन पर उतार दिया जाता है। इसके बाद दिल्ली से आने वाली दिल्ली-अटारी स्पेशल ट्रेन जो सुबह 7.00 बजे आ चुकी होती है के मुसाफिरों को समझौता के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता है। समझौता से आए यात्रियों को दिल्ली-अटारी स्पेशल के जरिए दिल्ली रवाना किया जाता है।


66वें फिल्म पुरस्कारों की हुई घोषणा, अंधाधुन बनी बेस्ट फिल्म, आयुष्मान और विक्की कौशल बेस्ट एक्टर
9 August 2019
नई दिल्ली.देश में 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा हो गई है। अब तक हुई घोषणाओं के अनुसार बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड 'अंधाधुन' को दिया गया है वहीं बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक का अवॉर्ड 'उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक' को मिला है।
आयुष्मान खुराना की ही दूसरी फिल्म बधाई हो को बेस्ट पॉप्युलर फिल्म का पुरस्कार मिला है और उसी फिल्म में सुरेखा पारिक को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिया गया है।
पद्मावत फिल्म के गाने घूमर को बेस्ट कोरियोग्राफी का अवॉर्ड दिया गया है वहीं इस फिल्म के लिए संजय लीला भंसाली को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का पुरस्कार दिया गया है। इसी फिल्म में गाने के लिए अरिजीत सिंह को बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड दियागया है।
बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड आयुष्मान खुराना और विक्की कौशल को दिया गया है वहीं कीर्ति सुरेश को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिया गया है। फिल्म उरी-द सर्जिकल स्ट्राइक के लिए आदित्य धर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड दिया गया है।
अक्षय कुमार की पैडमेन को सामाजिक मुद्दों पर बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिला है। बेस्ट एक्शन फिल्म का अवॉर्ड केजीएफ को दिया गया है।
फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड दो लेखकों को दिया गया है जिनमें हिंदी के लिए अनंत विजय को पुरस्कार मिला है वहीं मलयालम लेखक ब्ले जानी को भी यह पुरस्कार दिया गया है। इसके अलावा उत्तराखंड को फिल्म फ्रेंडली राज्य का अवॉर्ड दिया गया है।
नॉन फीचर फिल्म कैटेगरी की बात करें तो बेस्ट शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड 'कसाब' को दिया गया है वहीं चार एक्टर्स को स्पेशल मेंशन मिला है जिनमें श्रुति हरिहरन, चंद्रचूड़ राय, जोजी जोसेफ और सावित्री शामिल हैं।


IRCTC बड़ा कदम उठाने की तैयारी में, महंगा हो सकता है ऑनलाइन टिकट बुक करना
9 August 2019
नई दिल्ली. भारतीय रेल मंत्रालय जहां एक तरफ ट्रेनों का सफर बेहतर और सुरक्षित बनाने में लगी है वहीं इन सुविधाओं के साथ खर्च भी बढ़ सकता है। खबर है कि आने वाले दिनों में IRCTC के जरिए खरीदे गए ई-टिकट अब और महंगे हो सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर भारतीय रेलवे ने एक बार फिर सर्विस चार्ज शुरू करने का फैसला किया है। अगर ऐसा होता है तो ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए जेब ज्यादा खाली करनी पड़ सकती है।
मालूम हो कि रेलवे ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 3 साल पहले ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर लगने वाले चार्ज को खत्म किया था। जिसे करीब तीन साल पहले डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बंद कर दिया गया था। रेलवे बोर्ड ने IRCTC को ऑनलाइट टिकट बुक करने वाले यात्रियों से सर्विस फी चार्ज वसूलने की सिस्टम बहाल करने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसे लेकर फिलहाल कोईं आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बोर्ड ने तीन अगस्त को एक पत्र में कहा कि IRCTC ने ई-टिकटों की बुकिंग पर सेवा शुल्क बहाल करने के लिए विस्तृत पक्ष रखा था और सक्षम प्राधिकार ने मामले की जांच की है। बोर्ड ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने माना है कि सेवा शुल्क में छूट की योजना अस्थाई थी और रेल मंत्रालय ई-टिकट पर शुल्क वसूली शुरू कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स में जिस पत्र के हवाले से यह चार्ज बढ़ाए जाने का दावा किया जा रहा है उसके अनुसार IRCTC, वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई सलाह के अनुसार सुविधा/सेवा शुल्क फिर से लागू करने और उसकी दरों पर फैसला ले सकता है।
शुल्क वसूली बंद करने के बाद वित्त वर्ष 2016-17 में IRCTC की इंटरनेट से बुक होने वाली टिकटों से होने वाली आय में 26 फीसद गिरावट दर्ज की गई। IRCTC प्रत्येक नॉन-एसी आई ई-टिकट पर 20 रुपये और प्रत्येक वातानुकूलित (एसी) टिकट के लिए 40 रुपये वसूलता था। IRCTC को अब फैसला करना होगा कि वह पुरानी दर से ही सेवा शुल्क लेगा या इसे बढ़ाएगा।


PM मोदी आज रात 8 बजे देश को करेंगे संबोधित, अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहला संबोधन
8 August 2019
नई दिल्ली.जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 8 बजे देश के नाम अपना संबोधन देंगे। ऐसी संभावना है कि वह अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और इसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में तब्दील करने के फैसले पर बात करेंगे।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आज शाम 4 बजे रेडियो के माध्यम से देश को संबोधित करने वाले थे लेकिन एयर इंडिया ने इससे जुड़ा अपना ट्वीट हटा दिया। हालांकि, इसके बाद अब खबर आई है कि प्रधानमंत्री रात 8 बजे अपना संबोधन देंगे।
इससे पहले खबर थी कि प्रधानमंत्री बुधवार के दिन देश को संबोधित कर सकते हैं लेकिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के असामयिक निधन की वजह से यह संबोधन नहीं हो सका था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतिम बार देश को लोकसभा चुनाव से पहले 27 मार्च को सैंटेलाइट रोधी मिसाइल द्वारा एक सैंटेलाइट को मार गिराने की क्षमता की घोषणा करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया था।
मंगलवार को संसद ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित क्षेत्र बनाने वाला विधेयक भी पारित हो गया है।
प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के उनके औपचारिक संबोधन में कुछ ही दिन बचे हैं।


कश्मीर पर सरकार के फैसले के समर्थन में आए कांग्रेस नेता कर्ण सिंह, कही ये बड़ी बात
8 August 2019
नई दिल्ली.मोदी सरकार द्वारा कश्मीर मामले को लेकर लिए गए निर्णय पर कांग्रेस का रुख भले ही विरोध का हो लेकिन कांग्रेस की सोच से पार्टी के ही कई आला नेता इत्तेफाक नहीं रखते हैं। इस सूची में अब वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह का नाम भी जुड़ गया है। कर्ण सिंह ने कहा कि सरकार के हर फैसले का अंधा विरोध नहीं करना चाहिए। जम्मू कश्मीर पर सरकार के इस निर्णय के कई सकारात्मक पहलू भी हैं।
कश्मीर के राजघराने से ताल्लुक रखने वाले कर्ण सिंह ने सरकार के लद्दाख को अलग कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की भी तारीफ की है। उन्होंने आर्टिकल 35ए, भविष्य के परिसीमन को ध्यान में रखते हुए राज्य पुनर्गठन को सही बताया है।
हालांकि कर्ण सिंह ने आर्टिकल 370 को लेकर सीधे कुछ नहीं बोला लेकिन उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को छोड़ने और उनके साथ राजनीतिक वार्तालाप किए जाने की वकालात भी की।
जम्मू कश्मीर से धारा 35 ए खत्म होने के दो दिन कर्ण सिंह का ये बयान सामने आया है। उन्होंने लद्दाख और 35ए के निर्णय को लेकर सरकार का समर्थन किया है।
बता दें कि मोदी सरकार का विरोध करने वाले कई राजनीतिक दल भी इस बिल पर सरकार के समर्थन में आए हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सरकार की लाइन से अलग हटकर मोदी सरकार के निर्णय का समर्थन कर चुके हैं।
बता दें कि मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कश्मीर के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति भी गरमा गई है।


बौखलाया पाक उठा रहा ऐसे कदम, विदेश मंत्रालय बोला- अनुच्छेद 370 हटाना हमारा आतंरिक मामला
8 August 2019
नई दिल्ली.भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और एक के बाद एक अजीब हरकते हैं कर रहा है। जहां बुधवार को पाकिस्तान ने भारत से राजनयिक संबंध खत्म किए वहीं गुरुवार को समझौता एक्सप्रेस पर रोक लगाने के साथ ही पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी। पाकिस्तान के इन कदमों को लेकर अब भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान आया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को लेकर फैसला लेना भारत का आंतरिक मामला है। भारत ने पाकिस्तान के कदमों पर खेद जताते हुए कहा कि पाकिस्तान से कहेंगे कि ऐसा न करे, जिससे बातचीत का सामान्य राजनयिक चैनल खत्‍म हो जाए।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है, ' यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि ऐसी विकासात्मक पहल जो जम्मू-कश्मीर में असहमति ला सकता है, उसे पाकिस्तान भी नकारात्मक रूप से लेगा और अपने सीमापार आतंक को सही ठहराने के लिए इसका इस्तेमाल करेगा।'
भारत ने आगे कहा, 'अनुच्छेद 370 से संबंधित फैसला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। भारत के संविधान के अनुसार, यह हमेशा एक संप्रभु मामला होगा। क्षेत्र की स्थिति को भड़काकर उस अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की उनकी कोशिश कभी सफल नहीं होगी।'
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत, पाकिस्तान द्वारा घोषित कदमों के लिए खेद व्यक्त करता है। हम पाकिस्‍तान से आग्रह करते हैं कि अपने निर्णय की समीक्षा करें, ताकि राजनयिक संचार के लिए सामान्य चैनल संरक्षित रहें। बता दें कि अगर राजनयिक संबंध खत्‍म हो जाते हैं, दोनों देशों के बीच बातचीत का जरिया बाधित हो जाएगा।


सुषमा स्वराज नहीं रहीं, निधन से तीन घंटे पहले कश्मीर मुद्दे पर ट्वीट में कहा था- जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा थी
7 August 2019
नई दिल्ली. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (67) का मंगलवार रात निधन हो गया। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। निधन से 3 घंटे पहले सुषमा ने एक ट्वीट में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी। इसमें उन्होंने लिखा था- जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा कर रही थी। मोदी ने कहा कि सुषमा जी का निधन मेरे लिए निजी क्षति है। सुषमा का पार्थिव शरीर एम्स से उनके घर ले जाया गया। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बुधवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सुषमा के पार्थिव शरीर को भाजपा मुख्यालय में रखा जाएगा।
करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा थीं सुषमा स्वराज- मोदी
मोदी ने सुषमा के निधन पर कहा- भारतीय राजनीति के एक गौरवपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। गरीबों और समाज के लिए जीवन देने वाली अद्वितीय नेता के निधन पर पूरा भारत दुखी है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की अकेली इंसान थीं। वे करोड़ों लोगों की प्रेरणा का स्रोत थीं।
पहला चुनाव 1977 में लड़ा था
सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।
1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
नब्बे के दशक में सुषमा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने अटलजी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई। पार्टी की हार के बाद सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में लौट आईं।
1999 में बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया से हारीं
1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा दक्षिण दिल्ली से सांसद बनी थीं। इसके बाद 13 दिन की अटलजी की सरकार में उन्हें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया। मार्च 1998 में दूसरी बार अटलजी की सरकार बनने पर वे एक फिर से आईबी मिनिस्टर बनीं। 1999 में उन्होंने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वे यहां हार गईं।
2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहीं
सुषमा 2009 और 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 से 2019 तक वे विदेश मंत्री रहीं और दुनियाभर में भारतीयों को उन्होंने एक ट्वीट पर मदद मुहैया कराई। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। भाजपा की जीत के बाद मन जा रहा था कि वे दोबारा विदेश मंत्री बनेंगी, लेकिन उन्होंने खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया।
सुप्रीम कोर्ट की वकील रह चुकी थीं सुषमा
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में हुआ था। उनका परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा था। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और 1973 में सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की। सुषमा का स्वराज कौशल से 1975 में विवाह हुआ। स्वराज कौशल वकील हैं। वे मिजोरम के गवर्नर भी रह चुके हैं। 1990 में देश के सबसे युवा गवर्नर बने, तब उनकी उम्र 37 साल थी। 1998 में वे हरियाणा विकास पार्टी के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा सदस्य चुने गए। सुषमा को एक बेटी बांसुरी हैं। बांसुरी भी वकील हैं।


लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने पर चीन की आपत्ति, भारत ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामला
7 August 2019
नई दिल्ली। चीन ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मंगलवार को कहा कि भारत का जम्मू-कश्मीर को बांटने और लद्दाख की सीमा निर्धारित करने का फैसला चीन की क्षेत्रीय स्वायत्ता का उल्लंघन करता है। हालांकि, भारत ने चीन के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि लद्दाख पर किसी भी तरह का ऐलान भारत का आंतरिक मामला है। भारत किसी देश के आंतरिक मसले पर बयानबाजी नहीं करता और उम्मीद करता है कि कोई हमारे आंतरिक मामले पर न बोले। चीन और भारत के बीच सीमाओं पर तब तक शांति बनाए रखने का प्रावधान है, जब तक दोनों देश बैठकर इस मुद्दे को सुलझा नहीं लेते। सीमा मुद्दा सुलझाने पर दोनों पक्षों में सहमति है कि वे साफ, वाजिब और परस्पर स्वीकार्य तरीके से इसे सुलझाएंगे।
लद्दाख को अपना हिस्सा बताता है चीन
चीन लंबे समय से लद्दाख को अपना हिस्सा बताता रहा है। हालांकि, भारत ने उसके इस दावे को हमेशा नकारा है। भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) 4 हजार किमी लंबी है। भारत इसी को दोनों देशों के बीच आधिकारिक सीमा मानता है, लेकिन चीन इससे इनकार करता है।
राज्य पुनर्गठन विधेयक संसद से पास
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए सरकार ने मंगलवार को राज्य पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में पास करा लिया। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दिल्ली और पुड्डुचेरी की तरह केंद्र शासित प्रदेश रहेगा यानी यहां विधानसभा रहेगी। वहीं लद्दाख की स्थिति चंडीगढ़ की तरह होगी, जहां विधानसभा नहीं होगी।
भारत से अपने हाई कमिश्नर को वापस बुलाएगा पाक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान दिल्ली में स्थित अपने हाई कमिश्नर सैयद हैदर शाह को वापस बुला सकता है। बताया जा रहा है कि अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद पाक इस मसले को समझना चाहता है। इससे पहले पाक में मौजूद भारतीय उच्चायुक्त ने इमरान सरकार से दूतावास की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।


चंद्रयान-2 ने पृथ्वी की कक्षा 5वीं बार बदली, अब यह चांद से सिर्फ 31 दिन दूर
7 August 2019
चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के मून मिशन चंद्रयान-2 ने मंगलवार को पृथ्वी की कक्षा पांचवीं बार सफलतापूर्वक बदली। अब यह चांद से सिर्फ 31 दिन दूर है। इसरो ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। इसरो ने फोटो ट्वीट करते हुए लिखा- 'चंद्रयान-2 ने दोपहर तीन बजकर चार मिनट पर पांचवीं बार सफलतापूर्वक कक्षा बदली। चंद्रयान सभी मापदंडों पर सही ढंग से काम कर रहा है।'
चंद्रयान 14 अगस्त से 20 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा। 20 अगस्त को ही यह चांद की कक्षा में पहुंचेगा। इसके बाद 11 दिन यानी 31 अगस्त तक वह चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। फिर 1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की तरफ यात्रा शुरू करेगा। 5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। करीब 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर विभिन्न प्रयोग करने के लिए उतरेगा।
चंद्रयान ने पिछले हफ्ते तस्वारें भेजी थीं
इसरो ने 4 अगस्त को चंद्रयान-2 से खींची गई पृथ्वी की कुछ फोटो रिलीज की थीं। अंतरिक्ष में पृथ्वी की बाहरी कक्षा से खींची गई इन फोटोज को चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर में लगे एलआई-4 कैमरे से 3 अगस्त को शाम 5:28 से 5:37 बजे के बीच खींचा गया। इसरो ने ट्वीट में इन्हें चंद्रयान-2 द्वारा खींची पहली तस्वीरों का सेट बताया। दरअसल, पिछले हफ्ते इंटरनेट पर कुछ और फोटोज को चंद्रयान-2 द्वारा खींची पहली फोटो बताया था। तब इसरो ने साफ किया था कि उसने चंद्रयान-2 की कोई तस्वीर नहीं शेयर की।
चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलोग्राम
चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया गया। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारने की योजना है। इस बार चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो है। यह चंद्रयान-1 मिशन (1380 किलो) से करीब तीन गुना ज्यादा है। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड है। इसरो प्रमुख के मुताबिक, आखिर के 15 मिनट में सुरक्षित लैंडिंग कराने के दौरान वैज्ञानिक सबसे ज्यादा भय अनुभव करेंगे।
चंद्रयान-2 मिशन क्या है? यह चंद्रयान-1 से कितना अलग है?
चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चंद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।


फारुख अब्दुल्ला को नहीं किया गिरफ्तार, वो नहीं आना चाहते तो गन कनपट्टी पर रखकर नहीं ला सकते: शाह
6 August 2019
नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 को लेकर केंद्र सरकार के कदम को लेकर राजनीतिक दलों से अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है। जहां कांग्रेस समेत कईं दल इसके विरोध में हैं वहीं बसपा और बीजद जैसे दलों ने इसका समर्थन किया है। इस बिल के विरोध में सबसे ज्यादा घाटी के नेता फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती हैं।
इस प्रस्ताव के पहले खबर आई थी कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांन्फ्रेंस के नेता अमर अब्दुल्ला और फारुख अब्दुल्ला को नजरबंद किया गया है। लेकिन सरकार ने अब इससे इनकार किया है।
मंगलवार को लोकसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शाह ने दो बार इस बात से इनकार किया कि फारुख अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया है। शाह ने साफ कहा कि 'फारुख अब्दुल्ला को ना तो नजरबंद किया गया है, ना हिरासत में लिया गया और ना ही गिरफ्तार किया गया है। वो स्वस्थ्य हैं, मौज मस्ती में हैं, उनको नहीं आना सदन में तो हम कनपट्टी पर गन रखकर नहीं ला सकते।'
इससे पहले जब एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने इस फारुख अब्दुल्ला का जिक्र करते हुए कहा कि आज उनकी आवाज इस मुद्दे पर सुनाई नहीं दे रही है। तब भी शाह ने यही कहा था कि अब्दुल्ला अपनी मर्जी से घर बैठे हैं।
सुप्रिया ने कहा कि मेरा सीट नंबर 462 है और एनसी नेता फारुख अब्दुल्ला 461 नंबर की सीट पर बैठते हैं। आज सदन में जब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है तब उनकी आवाज सुनने को नहीं मिल रही है। वो जम्मू-कश्मीर से चुने गए हैं और मेरी बात मानें तो उनके बोले बिना यह बहस अधूरी है।
इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि वो अपनी मर्जी से घर में हैं। शाह ने कहा कि फारुख अब्दुल्ला को ना तो नजरबंद किया गया है और ना ही हिरासत में लिया गया है। वो अपनी मर्जी से अपने घर में बैठे हैं।
इसपर जब सुले ने पूछा कि कहीं अब्दुल्ला बीमार तो नहीं हैं। इसके जवाब ने शाह ने कहा कि मुझे नहीं मालूम यह डॉक्टरों को जानकारी होगी। मैं किसी का ट्रीटमेंट नहीं कैरी करता।

संसद में बोले लद्दाख के सांसद- इस फैसले से केवल दो परिवार रोजी-रोटी खोएंगे
6 August 2019
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जब से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही राज्य के दो हिस्से करते हुए लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्रस्ताव रखा है पूरे देश में जश्न का माहौल है। हालांकि, राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन लद्दाख में केंद्र के इस फैसले से जश्न मन रहा है।
वहीं मंगलवार को लोकसभा में इस प्रस्ताव पर बहस के दौरान लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया। सेरिंग ने लोकसभा में अपनी बात रखते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और कहा कि इस कदम से जो नुकसान होगा वो सिर्फ इतना है कि दो परिवार रोजी-रोटी खो जाएंगे जबकि कश्मीर का भविष्य उज्जवल होने वाला है।
सेरिंग ने आगे कहा कि लद्दाख पिछले कितने सालों से केंद्र शासित प्रदेश के लिए वोट कर रहा है लेकिन आज उसकी मुराद पूरी हुई। यूपीए सरकार ने 2011 में कश्मीर को केंद्रीय विश्वविद्यालय दिया। जम्मू ने लड़ाई लड़ी और उसे भी यह मिला। मैं तब छात्र नेता था और हमने भी लद्दाख के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय मांगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। मोदी जी ने हाल ही में हमें केंद्रीय विश्वविद्यालय दिया है।
लद्दाख के इस युवा नेता की स्पीच ने सदन में माहौल बदलकर रख दिया। जहां सत्ता पक्ष के सांसद जमकर ठहाके और उनकी स्पीच पर टेबल बजाते नजर आए वहीं विपक्षी दलों में सन्नाटा पसरा हुआ था।

शाह ने कहा- नेहरूजी ने भी कहा था कि धारा 370 घिसते-घिसते घिस जाएगी
6 August 2019
नई दिल्ली. राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि धारा 370 के कारण ही जम्मू-कश्मीर का विकास नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पूरे सदन में अलग-अलग प्रकार से अपने विचार रखे। धारा 370 और 35ए पर बहुत सारी बातें कीं। ज्यादातर बातें उसकी उपयोगिता पर नहीं, तकनीकी पहलुओं पर हुई। धारा 370 से भारत और विशेषकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को क्या मिलने वाला है, वो किसी ने नहीं कहा। धारा 370 ने घाटी के लोगों का नुकसान किया। देश का विभाजन हुआ। पाकिस्तान की घटना हुई।
शाह ने कहा- नेहरूजी ने भी कहा था कि 370 घिसते-घिसते घिस जाएगी, लेकिन उन्होंने इतने जतन से रखा कि ये 70 साल में घिसी नहीं। टेम्परेरी शब्द 70 साल तक कैसे चला, इस प्रावधान को कैसे चलाना है। सरदार पटेल पर ये आरोप लगाए गए कि वे जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान को देना चाहते थे। उन्होंने देश की रियासतों को जोड़ा। मैं यहां 370 नहीं, भारतीय संघ के साथ संधि के बारे में कह रहा हूं और यहां पटेलजी थे ही नहीं।
आतंकवाद अब नीचे आ रहा है: शाह
शाह ने कहा- आतंकवाद बढ़ा, पनपा और चरमसीमा पर पहुंचा पर अब वो धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। समय-समय पर 370 के भूत ने वहां अलगाववाद को मानने वाले युवाओं को गुमराह किया। उनमें नाराजगी की भावना भरी।पाकिस्तान ने इसका इस्तेमाल कर आतंकवाद को बढ़ाया। आज तक 41400 से ज्यादा लोग मारे गए। क्यों मारे गए? आप कहते हैं कि हमारी पॉलिसी ठीक नहीं? लेकिन, किसकी पॉलिसी की वजह से ये लोग मारे गए।
जवाहरलालजी की पॉलिसी ही चल रही है: शाह
उन्होंने कहा- जवाहरलालजी जो पॉलिसी बनाकर गए थे, वह चल रही है। पाकिस्तान ने कहा था कि 370 जब तक है, कश्मीर का युवा भारत के साथ नहीं जुड़ सकता और इनका इस्तेमाल करने के लिए आप संगठन खड़ा करें।आतंकवादी पूरे देश में आतंकवाद फैलाना चाहते हैं, लेकिन गुजरात, बिहार, ओडिशा का युवा गुमराह नहीं होता, क्योंकि वहां 370 नहीं है। कश्मीर के युवाओं को गुमराह किया गया है।
शाह ने कहा- घाटी के गांवों को देख आंसू आ जाते हैं
शाह ने कहा, ‘‘देशभर में पाकिस्तान से निराश्रित आए। कुछ पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर गए। जम्मू-कश्मीर में जो पाकिस्तान के शरणार्थी गए उन्हें आज तक वहां की नागरिकता भी नहीं मिली। इस देश के दो प्रधानमंत्री पाकिस्तान से आने वाले शरणार्थी बने। मनमोहन सिंह और गुजराल जी। ये कहते हैं कि 35ए और 370 जाएगी तो कयामत आ जाएगी। 370 ने घाटी का क्या नुकसान किया, वो मैं बताता हूं। 370 की वजह से वहां लोकतंत्र नहीं पनपा, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया। गरीबी घर कर गई घाटी में, घाटी के गांवों को देखो तो आंखों में आंसू आ जाते हैं।’’ महिला, दलित और आदिवासी विरोधी है अनुच्छेद 370
‘‘जम्मू-कश्मीर के विकास और शिक्षा में भी 370 बाधक है। ये महिला, दलित और आदिवासी विरोधी है। आतंकवाद की जड़ भी यही 370 ही है। पंचायत और नगरपालिका के चुनाव नहीं होते थे। 40 हजार से ज्यादा पंच-सरपंच का अधिकार 70 साल तक ले लिया, इसका जिम्मेदार कौन था। इसका कारण 370 थी। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद जब यह चुनाव हुए तो पंच-सरपंच बने और उनके पास विकास के लिए 3500 करोड़ रुपए पहुंचे। वहां हर धर्म के लोग रहते हैं। धारा 370 अच्छी है तो सबके लिए अच्छी है और बुरी है तो सबके लिए बुरी है।’’
‘‘जम्मू-कश्मीर की गरीबी के लिए 370 जिम्मेदार है। 2004 से 2019 तक 2.77 हजार करोड़ रुपया केंद्र की तरफ से जम्मू-कश्मीर को भेजा गया। 2011 और 12 में प्रतिव्यक्ति 3600 रुपए भेजा, लेकिन जम्मू में 14 हजार के करीब रुपया भेजा। लेकिन, वहां करप्शन था और विकास नहीं हुआ। वहां धारा 370 की मोनोपॉली है। उन्हीं को व्यापार करना है और बाहर का आदमी काम नहीं कर सकता है। सीमेंट वहां पर 100 रुपया प्रति बोरी देश के मुकाबले महंगा है। ये रुपया कहां गया।’’
मैंने अच्छों-अच्छों के चेहरों पर सर्दियों में पसीना देखा
‘‘जम्मू-कश्मीर बैंक के भीतर ऑडिटर रखा गया तो मैंने अच्छों-अच्छों के चेहरों पर सर्दियों में पसीना देखा है। हो-हल्ला जांच शुरू होने के लिए हो रहा है। क्या मिला घाटी के लोगों को? एक एकड़ जमीन की कीमत 10 लाख रुपए से कम कीमत नहीं है। जम्मू-कश्मीर में यही कीमत 3 हजार रुपए एकड़ है। घाटी को लोगों को गरीब क्यों रखना चाहते हैं?’’
‘‘दुनिया मानती है कि कश्मीर धरती पर स्वर्ग है। लेकिन, वहां पर पर्यटन नहीं बना। कोई अच्छा होटल वहां कुछ खरीद ही नहीं सकता है। पर्यटन की संभावनाओं को सीमित करने का काम धारा 370 ने किया था। अगर ये खुलेंगे तो नागरिकों को रोजगार मिलेगा। लेकिन, 370 के कारण कोई बड़ी कंपनी जाती ही नहीं है। धार्मिक पर्यटन की संभावना भी बहुत अधिक है, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो पाता है।’’
धारा 370 से युवाओं का भला नहीं होने वाला
‘‘बड़ी इंडस्ट्री नहीं लगेगी तो बेरोजगारी कैसे मिटेगी? मैं घाटी के युवाओं से कहना चाहता हूं। जो आपको 370 का सपना दिखाते हैं, युवाओं का भला इससे नहीं होने वाला है। बिजली, शौचालय, रोजगार, वेतन मिलेगा तो 370 लागू रखो। आरोग्य की हालत भी खस्ताहाल है। आबादी बढ़ रही है देश की। कई जगहों पर पीपीपी मॉडल इस्तेमाल किए गए, प्राइवेट अस्पताल लाए गए। यहां लेकिन, यह सब कुछ नहीं हो सकता है। क्या तर्क है इसके पीछे? प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना आ गई, लेकिन इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकेगा वहां पर? विश्व का कौन सा बड़ा डॉक्टर वहां जाकर रहेगा?’’

अनुच्छेद 370 खत्म, J-K और लद्दाख बने केंद्र शासित प्रदेश, डोवाल कर सकते हैं दौरा
5 August 2019
नई दिल्ली। कश्मीर के मुद्दे को लेकर संसद में गहमा-गहमी का माहौल के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला कर दिया है। जम्मू-कश्मीर अब पूर्ण राज्य नहीं रह गया है। इसे दो टुकड़ों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तोड़ दिया गया है और दोनों को ही केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। यानी अब जम्मू-कश्मीर राज्य नहीं रहेगा और वह केंद्र शासित प्रदेश होगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर में धारा 370 को हटाने का संकल्प पेश किया। इसके बाद संसद में हो-हल्ला शुरू हो गया। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सात अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आज यानी सोमवार को ही एनएसए अजीत डोवाल जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। सुरक्षा बलों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है।
अमित शाह ने राज्यसभा में सोमवार को कहा कि हम जो चारों संकल्प और बिल लेकर आए हैं, वह कश्मीर मुद्दे पर ही हैं। शाह ने कहा कि मैं अब अपना संकल्प प्रस्तुत करता हूं। अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद खत्म होंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने जैसे ही यह संकल्प पेश किया, राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। अमित शाह के इस संकल्प का सीधा सा अर्थ है कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को हटा दिया गया है। यह अब विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा।
इसके साथ ही दूसरी बड़ी घोषणा है कि लद्दाख को भी जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया है। लद्दाख अब बिना विधानसभा वाला एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) आदेश 2019 को राष्ट्रपति ने लागू कर दिया। इस घोषणा के होते ही राज्यसभा में पीडीपी सांसद ने अपने कपड़े फाड़ लिए। विपक्षी दल के सांसद राज्यसभा में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि संविधान में अनुच्छेद 370 अस्थाई थी। इसका मतलब ही यह था कि इसे किसी न किसी दिन हटाया जाना था, लेकिन अभी तक किसी में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी, लोग वोट बैंक की राजनीति करते थे, लेकिन हमें वोट बैंक की परवाह नहीं है। इतने सालों से देश में जम्मू कश्मीर के अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, अब समय आ गया है कि इस अनुच्छेद को हटाया जाए और इसमें एक सेकेंड की भी देरी न की जाए। राज्य सभा के सभापति वैंकेया नायडू ने कहा कि इस बिल के लिए 12:30 बजे तक चर्चा का समय रहेगा। वोटिंग अलग से होगी।
समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के सवाल का जवाब देते हुए राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे बड़ा अच्छा लगता कि सारे सदस्य सरकार से जान लेते कि हम किस पद्धति से ऐसा करने जा रहे हैं। अनुच्छेद 370 में ही इसका प्रावधान है। इसमें राष्ट्रपति के पास ऐसा प्रावधान है जिसके जरिए इसमें कुछ धाराओं को हटाया जा सकता है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ, इस सदन में इससे पहले कांग्रेस खुद भी ऐसा कर चुकी है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1952 और 1962 में इसी तरह से अनुच्छेद 370 को संशोधित किया था। इसलिए विरोध करने के बजाए चर्चा कीजिए और आपकी जो भी गलतफहमियां हैं उन्हें दूर करें। मैं आपके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं।
सुबह से चल रही थी तैयारी, पीएम आवास पर हुई थी बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह 9.30 बजे अपने आवास पर कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई थी। करीब 40 मिनट चली इस बैठक के बाद गृहमंत्री अमित शाह सुबह 10.15 बजे पीएम आवास से निकल गए थे। इसके साथ ही कैबिनेट के अन्य सदस्य भी वहां से निकलने लगे थे।
सुबह से ही पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर गृहमंत्री अमित शाह पहुंच चुके थे। इसके पहले उन्होंने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की थी। पीएम आवास पर एनएसए अजीत डोवाल भी मौजूद थे। इस बारे में मीडिया में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इससे पहले रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर घाटी में आतंकी खतरे, सुरक्षा तैयारियों और आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की थी। संसद भवन स्थित अमित शाह के दफ्तर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह सचिव राजीव गौबा के साथ लगभग 2 घंटे तक बैठक चली।
कश्मीर की बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
बताते चलें कि हाल ही कश्मीर में सरकार ने 10 हजार अतिरिक्त जवानों को भेजा है। कश्मीर के साथ जम्मू संभाग के राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में भी सीमा सशस्त्र बल, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर फोर्स और सीआइएसएफ की अतिरिक्त कंपनियां भेजी गई हैं।
बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर राज्य की सभी पंचायतों में तिरंगे को फहराया जाएगा। इसमें कोई अलगाववादी तत्व बाधा न डालें, इसलिए जवानों को वहां भेजा गया है। साथ ही पाकिस्तान की तरफ से होने वाली किसी भी अवांछित हरकत या आतंकियों की घुसपैठ को विफल करने के लिए भी जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

लद्दाख बना केंद्र शासित प्रदेश, सांसद जम्यांग टसरिंग ने इस तरह किया खुशी का इजहार
5 August 2019
श्रीनगर।वैसे तो मौका ही खुशी के इजहार का है, जश्न मनाने का है और मुल्क के तमाम बाशिंदो को मुबारकबाद देने का है, लेकिन जम्मू और कश्मीर के लोगों को इस दिन का एक अरसे से इंतजार था, लिहाजा जैसे ही यह खुशखबरी मिली जम्मू और कश्मीरवासियों के चेहरे खिल उठे। संसद में भी जम्मू कश्मीर के जनप्रतिनिधियों ने खुलकर इस फैसले का स्वागत किया।
जम्मू-कश्मीर की लद्दाख लोकसभा सीट से चुनकर संसद पहुंचे जम्यांग टसरिंग नामग्याल ने संसद के बाहर विक्ट्री साइन दिखाकर अपनी खुशी का इजहार किया। उनकी खुशी इस बात से भी दोगुनी हो गई, क्योंकी लद्दाख को भी इस मौके पर केद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है।
सांसद जम्यांग टसरिंग नामग्याल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सज्जाद हुसैन को 10930 वोटों से हराया था। इससे पहले 2014 में भी इस सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था और उसके उम्मीदवार थुपस्तान छेवांग ने जीत दर्ज की थी। 2009 में लद्दाख सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गई थी। लद्दाख जम्मू कश्मीर के 6 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में से एक है। क्षेत्रफल के लिहाज से लद्दाख भारत का सबसे बड़ा लोकसभा क्षेत्र है।

अनुच्छेद 370 हटाने पर बोले पी. चिदंबरम 'भविष्य बताएगा आज सदन में कितनी बड़ी गलती हुई'
5 August 2019
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्यसभा में अनुच्छेद 370 संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक में जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा लेते हुए उसे केंद्र शासित राज्य का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करते हुए नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। गृहमंत्री के इस विधेयक को पेश करने के बाद विपक्ष द्वारा राज्य सभा में जमकर हंगामा किया गया। इसके साथ ही विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगी है।
देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भी राज्यसभा में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा 'क्षणिक तौर पर आप ये सोच सकते हैं कि आपने जीत हासिल कर ली। लेकिन आप गलत हैं और इतिहास आपको गलत साबित कर देगा। भविष्य की नस्लें ये महसूस करेंगी की आज सदन कितनी बड़ी गलती कर रहा है।'
नेशनल कांफ्रेंस के वाइस प्रेसिडेंट और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि 'भारत सरकार द्वारा झकझोरने वाला निर्णय लिया गया है। इससे जम्मू कश्मीर के लोगों के भरोसे को आघात लगा है। इस निर्णय के दूरगामी दुष्परिणाम होंगे। सरकार ने धारा 370 हटाने में धोखेबाजी की है। '
जम्मू कश्मीर में पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर लिखा है 'भारत सरकार की मंशा पूरी तरह से साफ और द्वेषपूर्ण है। वे भारत में एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य की भौगोलिक स्थिति बदलना चाहते हैं। मुस्लिमों को दोयम दर्जा देना चाहते हैं। जिससे वे अपने ही राज्य में दूसरे दर्जे के नागरिक बनकर रहें।'
वहीं लद्दाख में भाजपा नेता एवं सांसद जमयांग तेसरिंग नामग्याल ने कहा 'हम लद्दाख के हर व्यक्ति की तरफ से इस बिल का स्वागत करते हैं। यहां के लोग इस क्षेत्र को केंद्र शासित बनाने की मांग कर रहे थे।'
कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर पेश विधेयक को लेकर बीएसपी नेता सतीशचंद्र ने भी अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि बीएसपी इस बिल का समर्थन करती है।
राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संकल्प देश किए जाने का बाद सीपीएम की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। सीपीएम सांसद टीके रंगराजन ने राज्यसभा में कहा 'ये काला दिन है। भारतीय संविधान के साथ भाजपा ने दुष्कर्म किया है। आप लोगों ने जम्मू कश्मीर, लद्दाख की जनता से सलाह नहीं ली। आपने एसेंबली को डिजॉल्व कर दिया। आपने को चुनाव नहीं होने दिया। आपने दूसरा फिलिस्तीन बना दिया।'
वहीं डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने भी इसका विरोध करते हुए कहा 'जम्मू कश्मीर की जनता से चर्चा किए बिना आर्टिकल 370 को हटा लिया गया। लोकतंत्र की हत्या हुई है।'
वहीं शिवसेना के एमपी संजय राऊत ने बिल पेश होने के बाद राज्यसभा में कहा 'आज जम्मू और कश्मीर लिया है। कल बलुचिस्तान, पाक लेंगे। मुझे विश्वास है देश के पीएम अखंड हिंदुस्तान का सपना पूरा करेंगे।'

शोपियां मुठभेड़ में दूसरा आतंकी भी ढेर, जवान शहीद
3 August 2019
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शुक्रव रात से जारी आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ खत्म हो गई है। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों दो आतंकियों को मार गिराया है। गुरुवार रात से शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकी को शुक्रवार को ढेर कर दिया गया था लेकिन इस दौरान एक सैन्यकर्मी भी शहीद हो गया था। वहीं, एक अन्य जवान जख्मी हो गया।
मुठभेड़ के दौरान आतंकी समर्थक तत्व, पत्थरबाज और पुलिस के बीच हुई हिसक झड़प में भी पांच लोगों के जख्मी होने हो गए थे। इसके बावजूद यह मुठभेड़ जारी रही और आखिरकार आज सुबह दूसरे आतंकी को भी मार गिराया गया। मारे गए दूसरे आतंकी की पहचान मंजूर भट के रूप में हुई है। वो हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकी था। मारा गया आतंकी सुरक्षाबलों और अन्य स्थानों पर आतंकी हमलों में शामिल था।
गुरुवार आधी रात के बाद करीब एक बजे सुरक्षाबलों ने शोपियां के पंडुशान गांव में घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों ने जवानों को देखकर घेराबंदी तोड़ भागने के लिए फायरिंग की। जवानों ने भी जवाबी फायर किया।
बताया जाता है कि वहां दो से तीन आतंकी छिपे थे। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों को उनके ठिकाने के भीतर मार गिराने के प्रयास कर रहे जवानों पर आतंकियों ने राइफल ग्रेनेड दागा। इसमें दो जवान जख्मी हो गए। घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का बंदोबस्त करते हुए अन्य जवानों ने जवाबी फायर किया। इसमें एक आतंकी मारा गया। इस बीच, अस्पताल में दाखिल घायल सैन्यकर्मियों में से एक रामवीर ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे जवान की हालत भी गंभीर बनी हुई है।

आंध्रप्रदेश में बिस्कुट फैक्ट्री में लगी आग, 10 करोड़ का नुकसान होने की आशंका
3 August 2019
विजयवाड़ा। आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले के कांकीपाडु इलाके के कोनाथानापाडु गांव में एक बिस्कुट फैक्ट्री में आग लग गई। ब्रिटेनिया बिस्कुट की इस फैक्ट्री में लगी आग से 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग आज सुबह लगी थी। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां पहुंची थी, जिन्होंने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी फिलहाल ये स्पष्ट नहीं हुआ है, हालांकि शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट की वजह से होना बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच भी शुरू कर दी है।

जम्मू-कश्मीर के बदलते हालात से पाकिस्तान में दहशत का माहौल
3 August 2019
गगन कोहली, राजौर। कश्मीर में मजबूत होते सुरक्षा इंतजाम और अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती से पाकिस्तान दहशत में आ गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा तक पाक सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की जा रही हैं। लड़ाकू विमानों के बेड़े को सीमा के नजदीक तैनात कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों से जम्मू कश्मीर में सुरक्षा पर लिए जा रहे फैसलों की जानकारियां सीमा पार भी पहुंच रही हैं।
पाक को आशंका है कि भारत सरकार कोई ऐसा बड़ा कदम उठाने जा रही है, जिससे कश्मीर मुद्दा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी और कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के आका लगातार बैठकें करके आगे की रणनीति को तय कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर भारत सरकार कोई ठोस कदम उठाती है तो उसी समय पाक सेना कई मोर्चों से सीमा पर गोलाबारी या फिर कुछ क्षेत्र में हवाई हमले कर सकती है।
जबावी कार्रवाई की योजना पाक सेना ने तैयार कर ली है। पाक सेना के जनरल रैंक के कुछ अधिकारी दो दिन से सीमा पर मौजूद हैं। कुछ दिनों से जम्मू के पुंछ से लेकर उड़ी, गुरेज आदि क्षेत्रों में सीमा पर हो रही गोलाबारी पाक सेना की इसी रणनीति का ही हिस्सा है।
जम्मू-कश्मीर के जिस तरह के हालात बन रहे हैं उससे पाक सेना और पाक की खुफिया एजेंसी को यही लग रहा है कि हम नाजुक समय में किसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर लाभ उठा सकते है। सूत्रों का कहना है कि इसी सोच को लेकर पाक सेना ने तोपखाना भी सीमा के करीब लाकर खड़ा कर दिया है जिसकी रेंज में राज्य के कई शहर और गांव हैं।

शोपियां में आतंकियों के बीच मुठभेड़ में एक जवान शहीद
2 August 2019
शोपियां. दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में शुक्रवार तड़के सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया। सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। एक जख्मी जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खुफिया एजेंसियों ने पंडुशन इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर रिपोर्ट दी थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। गुरुवार को भी गुरेज सेक्टर के कांजालवां में दो आतंकी मारे गए थे।
इससे पहले 27 जुलाई को शोपियां में मुठभेड़ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मुन्ना लाहौरी समेत 2 आतंकी मारे गए थे। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया था कि लाहौरी ने घाटी में कई नागरिकों की हत्या की थी। वह पुलवामा में हुए कार ब्लास्ट और 30 मार्च को बनिहाल में हुए धमाके में भी शामिल था।
कश्मीर में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात
जम्मू-कश्मीर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है। रिपोर्ट के मुताबिक- केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कश्मीर दौरे के बाद राज्य में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की 100 कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो 15 अगस्त से पहले श्रीनगर में 15, पुलवामा और सोपोर में 10-10, बाकी 10 जिलों में 5-5 कंपनियां तैनात होंगी। जवानों को भेजने के लिए वायुसेना के ग्लोबमास्टर विमान की मदद ली जा रही है।
पांच साल में 963 आतंकी मारे गए: सरकार
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्‌डी ने जुलाई में संसद में बताया था कि कश्मीर में 5 साल में 963 आतंकवादी मारे गए, जबकि 413 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। तीन साल में 400 से अधिक घुसपैठ की घटनाएं हुईं। इनमें 2016 में 119, 2017 में 136 और 2018 में 143 बार कोशिश की गई।

ट्रम्प ने कहा- कश्मीर पर मध्यस्थता का फैसला मोदी के हाथ, जयशंकर बोले- इस पर सिर्फ पाक से बात होगी
2 August 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 दिन बाद फिर कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता को लेकर बयान दिया। ट्रम्प ने कहा कि मध्यस्थता का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है। अगर भारत-पाक चाहेंगे तो मैं इस मुद्दे पर जरूर हस्तक्षेप करूंगा। इसी बीच बैंकॉक में आसियान समिट के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो से मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने पोम्पियो से साफ कहा है कि कश्मीर पर कोई भी चर्चा सिर्फ पाकिस्तान के साथ होगी और वह भी द्विपक्षीय तरीके से।
इससे पहले ट्रम्प ने 22 जुलाई को इमरान के साथ वॉशिंगटन में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मोदी ने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता के लिए मुझसे कहा था। उस वक्त भारत ने ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। तब भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा था कि कश्मीर मुद्दे को सिर्फ पाक के साथ चर्चा के जरिए ही सुलझाया जाएगा।
साथ में बेहतरीन काम कर सकते हैं मोदी और इमरान
ट्रम्प से गुरुवार को जब कश्मीर मध्यस्थता पर भारत के इनकार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं हाल ही में पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान से मिला। हमारी अच्छी बातचीत हुई। मुझे लगता है कि वे (मोदी और इमरान) बेहतरीन लोग हैं। मुझे लगता है साथ में भी दोनों बेहतरीन काम करेंगे। ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या वे कश्मीर मुद्दा सुलझाना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, “अगर भारत-पाक चाहेंगे तो मैं जरूर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करूंगा।”
इमरान के सामने ट्रम्प ने किया था दावा
ट्रम्प ने 22 जुलाई को ही इमरान खान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी। इस पर इमरान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर आप ऐसा करा सके, तो अरबों लोग आपको दुआ देंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक घंटे बाद ही नकारी थी मध्यस्थता की बात
भारतीय विदेश मंत्रालय ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के करीब एक घंटे बाद ही ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि मोदी और ट्रम्प ऐसी कोई बात नहीं हुई। भारत अपने निर्णय पर कायम है। पाकिस्तान के साथ सारे मसले द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही हल किए जाएंगे।
ट्रम्प के बयान को शर्मनाक बता चुके हैं डेमोक्रेट सांसद
अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी के सांसद ब्रैड शरमैन ने ट्रम्प के इस बयान को शर्मनाक बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैंने अभी भारतीय राजदूत हर्ष श्रृंगला से ट्रम्प के अनुभवहीन बयान के लिए माफी मांगी। जो भी थोड़ा बहुत दक्षिण एशिया की विदेश नीति के बारे में जानता है उसे पता है कि भारत कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं चाहता।” वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की पूर्व राजनायिक एलिसा आयर्स ने कहा था कि इमरान के साथ मुलाकात के लिए ट्रम्प बिना तैयारी के गए। उनके बिना सोचे-समझे दिए बयान यही दिखाते हैं।

भारत दुनिया में 5वें से 7वें स्थान पर फिसला, अर्थशास्त्रियों ने कहा- रुपया कमजोर होने का असर
2 August 2019
नई दिल्ली. भारत अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में 5वें से 7वें नंबर पर फिसल गया है। वर्ल्ड बैंक ने जीडीपी के आधार पर देशों की 2018 की रैंकिंग गुरुवार को जारी की। 2017 में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ 5वां स्थान हासिल किया था। लेकिन, 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस से पीछे हो गया। 20.5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ अमेरिका टॉप पर है।
भारत की रैंकिंग घटने की वजह क्या?
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक मुद्रा में उतार-चढ़ाव और ग्रोथ में सुस्ती की वजह से रैंकिंग प्रभावित हुई। 2017 में डॉलर के मुकाबले रुपया 3% मजबूत हुआ था लेकिन 2018 में 5% गिरावट आई।
5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लिए सालाना 8% ग्रोथ जरूरी: आर्थिक सर्वे
2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% रही। यह 5 साल में सबसे कम है। आर्थिक सर्वे के मुताबिक बीते 5 साल में विकास दर औसत 7.5% रही। सर्वे के मुताबिक 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए हर साल 8% ग्रोथ की जरूरत है। इसमें खपत और निवेश की अहम भूमिका होगी।

SC का आदेश - 45 दिन में पूरी हो केस की सुनवाई, सभी केस दिल्ली किए ट्रांसफर
1 August 2019
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे के बाद जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मामले से जुड़े सभी केस यूपी से बाहर करते हुए दिल्ली ट्रांसफर करने के आदेश दिए। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली की कोर्ट भी रोजाना सुनवाई करते हुए इन मामलों को 45 दिन में सुनवाई कर खत्म करे।
कोर्ट ने इसके साथ पीड़िता को अंतरिम राहत भी दी। चीफ जस्टिस ने कहा कि पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के सवाल पर हम यूपी सरकार को आदेश देते हैं कि पीड़िता को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही उसे, उसकी मां और वकील के अलावा अन्य परिजनों को भी राज्य सरकार सुरक्षा प्रदान करे।
इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा है कि केस में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर चाहे तो वो भी हमारे पास आ सकता है और अपनी बात कह सकता है।
इससे पहले सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही उसकी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
चीफ जस्टिस ने पूछा कि पीड़िता की हालत कैसी है? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वो वेंटिलेटर पर है। इस पर चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या वो कहीं और ले जाने की स्थिति में है? हम उसे हटाना नहीं चाहते, उनसे एयरलिफ्ट करेंगे। हम एम्स से पूछ सकते हैं।
इससे पहले कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल में मामले की जांच को लेकर सवाल करते हुए पूछा कि दुर्घटना वाले केस की जांच के लिए आपको कितना वक्त चाहिए? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक महीने का वक्त चाहिए।
चीफ जस्टिस से इससे इनकार करते हुए सिर्फ 7 दिनों का वक्त देते हुए कहा कि एक महीना नहीं बल्कि सिर्फ 7 दिनों में इस मामले की जांच पूरी करें।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को पीड़िता के पत्र पर संज्ञान लिया गया था और उन्होंने सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया था कि वे बताएं कि यह पत्र अब तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया?
इसके बाद आज इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के उन जिम्मेदार अधिकारियों को 12 बजे तक कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था जो इस मामले की जांच कर रहे हैं और जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था।
साथ ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिए हैं कि वो सीबीआई के डायरेक्टर से दुष्कर्म और दुर्घटना के मामले में चर्चा करें। लेकिन, सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई डायरेक्टर लखनऊ में हैं और आज नहीं आ सकेंगे। इसके बाद कोर्ट ने मामले को कल तक टालने से इनकार कर दिया।

दुष्कर्म के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को भाजपा ने पार्टी से निकाला
1 August 2019
लखनऊ। उन्नाव दुष्कर्म केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर भाजपा ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी से निकाल दिया है। कुलदीप के खिलाफ कईं मामलों में केस दर्ज हैं और उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के कार दुर्घटना में घायल होने के बाद सीबीआई ने भी सेंगर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हालांकि, भाजपा ने इस मामले में बुधवार को ही साफ किया था कि सेंगर को काफी समय पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा था कि सेंगर को काफी पहले सस्पेंड किया जा चुका है और वो अब भी सस्पेंड हैं। इसके बाद अब खबर है कि सेंगर को पार्टी ने निकाल दिया है।
सेंगर 2017 में सपा से भाजपा में आए थे और उसके बाद विधानसभा चुनाव में बांगरमऊ से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
बता दें कि 4 जून 2017 को उन्नाव में दुष्कर्म की घटना के बाद कुलदीप सिंह सेंगर निशाने पर आए थे। इसके बाद जब इस मामले की जांच जारी थी तब अप्रैल 2018 में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इसके बाद मामला 12 अप्रैल 2018 को सीबीआई को सौंप दिया गया था।
मामले में जांच के बीच 28 जुलाई को जब पीड़िता अपनी मौसी, चाची और वकील के साथ लखनऊ जा रही थी तब रास्ते में एक ट्रक ने उसकी कार को टक्कर मार दी जिसमें पीड़िता की चारी और मौसी की मौत हो गई जबकि पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।

मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में सौंपी रिपोर्ट
1 August 2019
नई दिल्ली। अयोध्या मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रही पैनल ने आज अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। तीन सदस्यों की पैनल द्वारा सीलबंद लिफाफे में यह रिपोर्ट गुरुवार को कोर्ट के सामने पेश की है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होनी है। इसी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मामले में रोजाना सुनवाई हो या फिर मध्यस्थता प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
बता दें कि, इससे पहले 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल को 31 जुलाई तक फाइनल रिपोर्ट देने का कहा था। कोर्ट ने इस दौरान कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट में कुछ ठोस नहीं निकलता है तो मामले में 2 अगस्त को तय होगा कि आगे सुनवाई रोजाना होगी या नहीं।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता और जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण व जस्टिस एस. ए. नजीर की सदस्यता वाली संवैधानिक बेंच कर रही है।

पश्चिमी उप्र में छिपे हैं सैकड़ों रोहिग्या व म्यांमार के युवक, शामली पुलिस ने शासन को भेजा इनपुट
31 July 2019
उप्र के शामली स्थित जलालाबाद व थाना भवन से म्यांमार के चार युवकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस-खुफिया विभाग में खलबली मची है।
सूत्रों की माने तो पश्चिमी उप्र में सैकड़ों की संख्या में म्यांमार के लोग व रोहिग्या मुसलमान छिपे हैं। इनमें अधिकांश वह हैं जो अवैध रूप से सीमा पार कर बांग्लादेश के रास्ते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहुंचे हैं। एटीएस म्यांमार नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ATS ने जलालाबाद, थाना भवन व झिझाना के कई मदरसों में जाकर भी जांच-पड़ताल की है। जेल में जाकर आरोपितों से भी पूछताछ की। शामली पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तारी की थी। पकड़े गए आरोपितों में अब्दुल मजीद रोहिग्या मुसलमान है। वह 2004 में अवैध रूप से सीमा पार कर आया। वह यहां मदरसे में पढ़ने के बाद शिक्षक बन गया।
उसी ने म्यांमार के तीन भाइयों नौमान, रिजवान व फुरकान को जलालाबाद में पढ़ने के लिए बुलाया। तीनों टूरिस्ट वीजा पर जलालाबाद आए। वीजा समाप्त होने पर भी यहां अवैध रूप से रह रहे थे। तीनों भाइयों ने तथ्य छुपाकर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय दिल्ली से शरण प्राप्त करने का प्रमाण पत्र भी ले लिया था।
जिले में 48 पंजीकृत सरकारी मदरसे हैं। इसके अलावा काफी संख्या में निजी मदरसे भी हैं। यहां देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशी छात्र भी पढ़ते हैं। एसपी अजय कुमार पांडेय ने डीएम अखिलेश सिह से सभी मदरसों की जांच व यहां पढ़ने वाले छात्रों व उनके पते का सत्यापन करने का आग्रह किया है।

धारा 35-A पर अब महबूबा के बिगड़े बोल- 'इसकी हिफाजत के लिए जान-माल कुर्बान करने को तैयार'
31 July 2019
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्ज देने वाले अनुच्छेद 35 ए और अनुच्छेद 370 पर फिर सियासत गरमा गई है। हाल ही में फारुख अब्दुल्ला का इसे लेकर विवादित बयान सामने आया था। वहीं अब पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के भी धारा 35ए पर बिगड़े बोल सामने आए हैं। उन्होंने धारा 35 ए को लेकर यहां तक कह दिया कि अगर उसकी हिफाजत के लिए जान और माल कुर्बान करना पड़े तो भी सब तैयार हो जाएंगे। महबूबा से कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धाराओं को लेकर जब पूछा गया तो उन्होंने कहा 'इस वक्त अफवाहें हो रही हैं कि 35 ए के ऊपर हमला हो सकता है। उसके हवाले से हम सब को इकठ्ठा होना चाहिए, ना सिर्फ लीडर्स बल्कि जो पॉलिटिकल वर्कर्स हैं, चाहे नेशनल कांफ्रेंस है, कांग्रेस है, बीजेपी है, पीडीपी है। हमारे वर्कर्स को सब के घर-घर जाना चाहिए और सबको इस्तिदा(सूचना) करना चाहिए कि इस वक्त हम, जो इलेक्शन की लड़ाई है उसको अलग रख के, मिल के काम करेंगे और जम्मू कश्मीर का जो 35 ए है उसकी हिफाजत के लिए हम जान और माल कुर्बान केलिए तैयार हो जाएंगे।' हाल ही में नेशनल कांफ्रेस के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुल्ला ने भी कहा था कि अब्दुल्ला ने कहा है कि इन धाराओं को हटाए जाने की कोई जरुरत नहीं है। 'आर्टिकल 35ए और आर्टिकल 370 को नहीं हटाया जाना चाहिए। इसकी वजह से ही हमारी नींव स्थापित हुई है। इसे हटाए जाने की कोई जरुरत नहीं है। हम हिंदुस्तानी हैं, लेकिन हमारे लिए ये धाराएं काफी महत्वपूर्ण हैं।'
बता दें कि भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटाने का वादा किया गया था। इस धारा के लागू होने के चलते देश को कोई भी नागरिक यहां ना ही मकान और ना ही जमीन खरीद सकता है। इसके अलावा विशेष राज्य का दर्जा मिलने से यहां की सिर्फ कानून व्यवस्था ही केंद्र सरकार के हाथ में होती है। किसी भी नीतिगत निर्णय के लिए राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य होती है।

घटनास्थल पहुंची CBI की टीम, सेंगर समेत इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज
31 July 2019
लखनऊ। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार की दुर्घटना के मामले में सीबीआई जांच को मंजूरी मिलने के बाद टीम ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद और 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस सीबीआई लखनऊ की ऐंटी करप्शन ब्रांच ने दर्ज किया है।
केस दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने मामले की जांच शुरू करते हुए दर्घटनास्थल का दौरा भी किया है। उनके साथ एसआईटी टीम और एडिशनल पुलिस अधीक्षक शशी शेखर सहित भी मौजूद थे।
इससे पहले भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ रायबरेली में हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने वाली यूपी पुलिस ने मंगलवार को ट्रक चालक आशीष व क्लीनर मोहन को गिरफ्तार कर लिया। उधर, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता की स्थिति नाजुक बनी हुई है। हालांकि घायल वकील की हालत में सुधार है।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि वकील की हालत में सुधार है। रिपोर्ट में सिर में ब्लड क्लॉटिंग जैसी कोई समस्या नहीं निकली। सीने में गंभीर चोटें हैं। लगता है, सिर में भी चोटें हैं, पर कई बार सीटी स्कैन में भी सभी चोटें पकड़ में नहीं आतीं। इलाज में पूरी सावधानी बरती जा रही है। पीड़िता से मिलने दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाती मालीवाल भी पहुंची।
वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यपाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए इसे शिष्टाचार मुलाकात करार दिया लेकिन एक बार फिर उन्नाव केस पर बोले कि न्याय नहीं मिल रहा। उन्नाव की घटना पीड़िता का परिवार बहुत दुखी है। पीड़िता का परिवार प्रशासन पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। पहले दिन से एफ आई आर लिखाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ा
आत्मदाह के प्रयास के बाद एफ आई आर दर्ज की गई।
पीड़िता का परिवार न्याय चाहता है, उम्मीद है कि सरकार न्याय देगी।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को हटाया गया
उप्र सरकार ने मंगलवार देर रात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के 26 अफसरों का तबादला कर शासन स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों के हमलों के बीच सरकार ने एक और अहम निर्णय लेते हुए अरविंद कुमार को प्रमुख सचिव गृह के पद से हटाकर अपर मुख्य सचिव सूचना और सीईओ यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। अरविंद कुमार दो साल से प्रमुख सचिव गृह पद पर तैनात थे और डीजीपी ओपी सिंह से उनके तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे थे।

35 A पर महबूबा ने किया सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध
30 July 2019
जम्मू। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 35-ए के मुद्दे पर पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और मुखर हो गई हैं। सोमवार को महबूबा ने कहा कि कश्मीर में हाल ही में जो घटनाक्रम हुए हैं, उससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। मैंने फारूक अब्दुल्ला साहब से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। समय की जरूरत है कि सभी एक साथ आएं और एकजुट होकर सरकार को जवाब दें।
सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह कश्मीर में सर्वदलीय बैठक हो सकती है। महबूबा मुफ्ती ने गत रविवार को पार्टी के स्थापना दिवस पर अनुच्छेद 35ए के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर केंद्र सरकार को चेताया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान पर भी तंज कसा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में है और केंद्र को उस पर विश्वास करना चाहिए।
उमर बोले, पहले केंद्र की मंशा का पता चले
नेशनल कांफ्रेंस के उपप्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य के हालात पर चर्चा करने के लिए दूसरे दलों के वरिष्ठ नेताओं को बुलाने से पहले यह समझने का प्रयास करना होगा कि केंद्र सरकार की कश्मीर को लेकर क्या मंशा है। इस समय कश्मीर के हालात को केंद्र सरकार किस तरह से देख रही है। नेशनल काफ्रेंस का ध्यान फिलहाल इसी पर है। यह बात उमर ने एक ट्वीट कर कही।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से मांगा समय
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ पार्टी नेता हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू कश्मीर के हालात पर चर्चा करने के लिए समय मांगा है। बताया जा रहा है कि नेकां नेता कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां भेजने के बाद उत्पन्न हुए हालात पर प्रधानमंत्री से चर्चा करेंगे। डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर के हालात पर समूचे विपक्ष की बैठक बुलाने और राष्ट्रीय स्तर पर एक राय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा ने बुलाई कोर ग्रुप की बैठक, जम्मू-कश्मीर के सियासी हालात पर चर्चा
30 July 2019
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के 10 हजार अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती के फैसले और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की यात्रा के बाद घाटी में सियासी सरगर्मी तेज हो चली है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने आज यानी मंगलवार को कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार बैठक में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सियासी स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
भाजपा कोर ग्रुप की इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा चुनाव की तैयारियों के अलावा सदस्यता अभियान पर भी पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।
वहीं बैठक में पीएम मोदी और अमित शाह की संभावित उपस्थिति काफी अहम मानी जा रही है। सूत्रों की भाजपा कोर ग्रुप की बैठक से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। ये नेता होंगे शामिल
बैठक में भाजपा महासचिव राममाधव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता इस शामिल होंगे।
आपको बता दें कि एनएसए अजीत डोभाल ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान राज्य प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, सेना, राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की थी।
सूत्रों के अनुसार इस बड़ी आकस्मिक योजना में हर प्रकार की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान रखा जा रहा है। कानून और व्यवस्था की स्थिति कैसे काम करेगी, खुलकर सामने रहने वालों से लेकर भूमिगत रहने वाले अलगाववादी कैडर की प्रतिक्रिया और मुख्यधारा के राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिक्रिया भी इसमें शामिल है।

देश के 18 राज्यों में आज झमाझम बारिश की संभावना, अब तक 368.9 मिमी बारिश दर्ज
30 July 2019
नई दिल्ली। मानसून का असर ( Weather forecast ) देश के तकरीबन हर इलाके में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ( IMD ) की मानें तो पूरे सप्ताह मानसून ऐसे ही सक्रिय रहेगा। खास तौर पर मध्य भारत में इस सप्ताह अच्छी बारिश के आसार हैं। वहीं 30 जुलाई को देश के 18 राज्यों में अच्छी बारिश ( Heavy Rainfall ) का अनुमान है। इनमें मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों हर जगह बदरा बरसेंगे।
आपको बता दें दि अब तक देशभर में भारी बारिश और बाढ़ के चलते कई राज्यों में बुरा हाल है। खास तौर पर बिहार और असम में लोगों की जीना मुहाल हो गया है। बिहार जहां 127 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं असम में अब तक 90 लोगों जान जा चुकी है।
आज इन राज्यों में अच्छी बारिश के आसार
मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काइमेट के मुताबिक 30 जुलाई के देश के जिन राज्यों में अच्छी बारिश के आसार हैं उनमें गोवा, उत्तरी तटीय कर्नाटक, विदर्भ के कुछ हिस्से, मराठवाड़ा, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण ओडिशा, तेलंगाना में एक या दो जगहों पर भारी बारिश और ज्यादातर स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद है।
वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के उत्तरी जिलों, असम, मेघालय और नागालैंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
गुजरात में अलर्ट जारी
मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात के कई जिलों में अच्छी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां सोमवार शाम से लेकर मंगलवार तक मानसून मेहरबान रहेगा।
गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, भरूच, भावनगर, बोटाड, छोटा उदयपुर, गांधीनगर,जामनगर, कच्छ, खेड़ा, महेसाणा, मारवी, नर्मदा जिले में कुछ स्थानों पर गरज, तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं नवसारी, पाटन, राजकोट, प्तसूरत, सुरेंद्रनगर, तापी, वड़ोदरा और वलसाड में कुछ स्थानों पर गरज के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
स्काइमेट ने जैसा अनुमान लगाया था, पिछले हफ्ते देश के कई इलाकों में मानसून का अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। केरल और तटीय कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। मुंबई को प्रचलित भारी मानसून वर्षा ने जमकर भिगोया और कई इलाके जलमग्न हो गए।
1 जून से 29 जुलाई तक बारिश का आंकड़ा
देश में 1 जून से 29 जुलाई के बीच बारिश का आंकड़ा 18 फीसदी से घटकर 13 फीसदी पर आ गया। एक सप्ताह में 5 फीसदी की गिरावट अच्छी बारिश का प्रमाण है। इस अवधि में भारत में कुल 368.9 मिमी बारिश हुई है जबकि इस दौरान औसत बारिश का आंकड़ा है 424.1 मिमी।

कर्नाटक: बीएस येदियुरप्पा ने विधानसभा में बहुमत साबित किया, स्पीकर के आर रमेश का इस्तीफा
29 July 2019
बेंगलुरु कर्नाटक की बीएस येदियुरप्पा सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही अब सूबे की सत्ता पूरी तरह से बीजेपी के हाथ में आ गई है। कांग्रेस-जेडी(एस) की गठबंधन सरकार गिरने के बाद सत्ता में आई येदियुरप्पा सरकार को सोमवार को विश्वास मत हासिल करना था। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने पहले ही दावा किया था कि वह इस परीक्षा में भी जरूर सफल होंगे। सोमवार को ध्वनिमत से उन्होंने इस विश्वास मत को जीत लिया। उधर, येदियुरप्पा के विश्वासमत जीतने के तुरंत बाद स्पीकर के आर रमेश ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इससे पहले सदन में बहुमत प्रस्ताव पेश करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, 'प्रशासन विफल हो गया है और हम उसे सही करेंगे। मैं सदन को भरोसा दिलाता हूं कि हम बदले की राजनीति नहीं करेंगे।' किसानों के मुद्दे को उठाते हुए सीएम ने कहा, 'सूखा पड़ा है। मैं किसानों के मुद्दे पर बात करना चाहता हूं। मैंने फैसला किया है कि 2000 रुपये की दो किश्तें पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थियों को राज्य की तरफ से दी जाएंगी। मैं विपक्ष से अपील करता हूं कि मिलकर काम करें। मैं सदन से अपील करता हूं कि एकमत से मेरे लिए भरोसा दिखाएं।'
सिद्धारमैया का सवाल, कैसे देंगे स्थिर सरकार?
उधर, येदियुरप्पा के प्रस्वाव के विरोध में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा, 'हम आशा करते हैं कि आप (येदियुरप्पा) सीएम बनें लेकिन उसकी कोई गारंटी नहीं है। आप बागियों के साथ हैं। आप कैसे स्थिर सरकार देंगे? यह असंभव है। मैं इस विश्वास मत का विरोध करता हूं क्योंकि यह सरकार असंवैधानिक और अनैतिक है।' हालांकि इस दौरान सिद्धारमैया ने येदियुरप्पा को शुभकामनाएं भी दीं।
सिद्धारमैया ने दी शुभकामना
उन्होंने कहा, 'हमने चार दिन पहले एचडी कुमारस्वामी के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की थी। मैंने भी उसमें हिस्सा लिया था और मैं उस बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं उन स्थितियों के बारे में बात कर सकता था जिनमें येदियुरप्पा सीएम बने हैं। मैं उन्हें शुभकामना देता हूं और उनके भरोसे का स्वागत करता हूं कि वह लोगों के लिए काम करेंगे।' आंकड़ों की बात करें तो येदियुरप्पा सरकार को बहुमत के लिए 105 का आंकड़ा छूने की जरूरत थी। इतने विधायक अकेले बीजेपी के पास हैं। ऐसे में बीजेपी की जीत लगभग पहले से ही तय थी।

आजम खान ने रमा देवी पर अभद्र टिप्पणी के मामले में लोकसभा में मांगी माफी
29 July 2019
नई दिल्ली समाजवादी पार्टी (एसपी) सांसद आजम खान महिला सांसद रमा देवी पर अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आज लोकसभा में मांफी मांग ली। आजम ने एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार माफी मांगी। कहा,'अध्यक्षजी, जो बात आपके समक्ष मेरे संबंध में आई है, मेरी कोई ऐसी भावना चेयर के प्रति न थी, न हो सकती है। मैं दो बार संसदीय कार्य मंत्री रहा हूं, चार बार मंत्री रहा हूं, नौ बार विधायक रहा हूं, राज्यसभा सदस्य रहा हूं। मेरे भाषण, मेरे आचरण को पूरा सदन जानता है। इसके बावजूद भी अगर चेयर को मेरे प्रति ऐसा लगता है कि मुझसे भावना में कोई गलती हुई है तो मैं क्षमा चाहता हूं।'
बहुत बिगड़ी हुई है आजम की आदत: रमा देवी
हालांकि, रमा देवी इससे संतुष्ट नहीं हुईं और कहा कि आजम खान ने पहली बार ऐसा नहीं बोला, बल्कि उनकी यह आदत है। उन्होंने कहा, 'सदन में आजम खान ने जो बोला उससे पूरे हिंदुस्तान को तकलीफ पहुंची है। यह बाहर भी ऐसा ही बोलते रहे हैं क्योंकि इनकी आदत जो बिगड़ी हुई है।' उन्होंने कहा कि आजम को अपनी आदत सुधारनी होगी। रमा ने कहा, 'इनकी आदत जरूरत से ज्यादा बिगड़ी हुई है। आजम की आदत सुधरनी चाहिए। मैं संघर्ष करके लोगों की आवाज बनी हूं। आजम के मन में जो आए, वह नहीं बोल सकते हैं।
अखिलेश पर भी बरसीं रमा
बिहार के शिवहर से बीजेपी सांसद रमा देवी ने आजम खान का बचाव करने को लेकर एसपी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी बरस पड़ीं। दरअसल, आजम ने पहली बार में सीधे-सीधे शब्दों में माफी नहीं मांगी तो हंगामा होने लगा। तब आजम के बगल में बैठे अखिलेश अपने सांसद के बचाव में उतर पड़े। इस पर रमा देवी ने कहा कि आजम खान अपनी बात रख सकते हैं, आप उनकी पैरवी नहीं करें।
आजम के बचाव करते दिखे अखिलेश
दरअसल, आजम खान के माफी वाले बयान पर अध्यक्ष ओम बिरला ने रमा देवी का नाम पुकारा तो अखिलेश यादव खड़े हो गए और कहा, 'मैं ठीक बगल में बैठा हूं। उन्होंने जो कहा, वह मैंने भी सुना।' इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आजम के बयान से सब लोग आहत हुए हैं, इसलिए उन्हें सीधे शब्दों में माफी मांगकर इस मामले को यहीं रफा-दफा कर देना चाहिए। इस पर अखिलेश ने कहा कि आजम माफी मांग चुके हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने माफी नहीं मांगी। उन्होंने अखिलेश से पूछा, 'क्या आप उनका बचाव करना चाहते हैं?'
आजम ने दोबारा मांगी माफी
बाद में अध्यक्ष के कहने पर आजम ने दोबारा माफी मांगी और कहा, 'मान्यवर, मैंने पहले भी कहा था, वह मेरी बहन समान हैं। बात को एक बार कहें या एक हजार बार कहें, बात वही रहेगी। मैंने कहा, किसी सदस्य के प्रति मेरी भावना गलत हो, यह मेरे लिए संभव नहीं है। मैंने कहा था कि फिर भी कोई अहसास है तो मैं क्षमा चाहता हूं।'
आजम ने की थी अभद्र टिप्पणी
गौरतलब है कि आजम ने गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहीं रमा देवी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। इस पर पूरा सदन और खासकर सत्ता पक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एसपी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगा। मामले में खुद रमा देवी ने भी लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, आजम खान के सदन में आजम खान के खिलाफ आक्रोश इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्होंने अपनी गलत टिप्पणी पर लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश को भी नजरअंदाज कर दिया। उस दिन लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में हो-हंगामा बढ़ते देख आजम से स्पष्ट करने को कहा था कि उनके कहने का तात्पर्य गलत नहीं था और उनके इरादे में कोई खोंट नहीं थी। हालांकि, आजम ने लोकसभा अध्यक्ष की यह नसीहत नहीं मानी और सदन से वॉक आउट कर गए।

डिस्कवरी के मशहूर शो मैन वर्सेज वाइल्ड में नजर आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
29 July 2019
नई दिल्ली डिस्कवरी चैनल के मशहूर शो मैन वर्सेज वाइल्ड में जल्द ही देश के प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी भी नजर आएंगे। इंटरनैशनल टाइगर्स डे के मौके पर शो के स्टार बेयर ग्रिल्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत में वन्य जीव संरक्षण के लिए किए उपायों को लेकर उन्होंने खास कार्यक्रम शूट किया है। पीएम मोदी मशहूर शो प्रजेंटर से भारत की विशाल प्राकृतिक विविधता और प्रकृति संरक्षण उपायों पर भी चर्चा करते नजर आएंगे।
बेयर ग्रिल्स ने ट्वीट किया, '180 देशों के लोग जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनदेखे पहलू से परिचित होंगे। पीएम मोदी बताएंगे कि कैसे भारत में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जागरुकता अभियान और भौगोलिक परिवर्तनों के लिए काम हो रहा है। मैन vs वाइल्ड में मेरे साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिस्करी पर 12 अगस्त को देखें।' इस ट्वीट के साथ मशहूर शो प्रजेंटर ने #PMModionDiscovery भी ट्वीट किया है।
पीएम मोदी का अलग अंदाज नजर आ रहा विडियो में
विडियो में प्रधानमंत्री का बिल्कुल अंलग अंदाज नजर आ रहा है। वह बेतकल्लुफ अंदाज में हंसते और चर्चा करते नजर आ रहे हैं। पीएम शो के मिजाज के अनुसार स्पोर्ट्स ड्रेसअप में हैं और ग्रिल्स के साथ छोटी सी नाव में नदी पार करते, जंगल की चढ़ाई करते दिख रहे हैं। शिकार और दूसरे कामों के लिए ग्रिल्स अपने शो में जंगल में मौजूद चीजों से ही उपकरण बनाते हैं और इसकी भी छोटी सी झलक प्रमोशनल विडियो में है।
ओबामा के साथ ही ग्रिल्स कर चुके हैं शो
बता दें कि डिस्कवरी पर प्रसारित होनेवाला शो मैन वर्सेज वाइल्ड दुनिया के सबसे लोकप्रिय शो में से है। इस शो में दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं। इस शो को कई देशों की भाषा में डब भी किया जाता है। ग्रिल्स के इस लोकप्रिय शो में राष्ट्रपति रहने के दौरान बराक ओबामा ने भी हिस्सा लिया था। ओबामा और ग्रिल्स ने अलास्कन फ्रंटियर पर चढ़ाई करते हुए शो किया था। इस शो में पूर्व राष्ट्रपति ने क्लाइमेट चेंज और प्राकृतिक संसाधनों, वन्य जीवों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।

राज्यपाल से मिले येदियुरप्पा, आज शाम 6 बजें लेंगे CM के रूप में शपथ
26 July 2019
बेंगलुरु। कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद अब आज अचानक से घटनाक्रम तेज हुआ है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा सुबह 10 बजे राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलने राजभवन पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए दोपहर बाद ही शपथ ग्रहण की अनुमति मांगी।
हालांकि, रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राज्यपाल ने कहा कि यह संभव नहीं हो सकेगा इसके बाद उन्होंने येदियुरप्पा को शाम का वक्त दिया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद बाहर आए येद्दियुरप्पा ने घोषणा कर दी कि वो आज शाम 6 बजे राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
इस बीच अमित शाह का बयान आया है कि कर्नाटक में भाजपा सरकार बनाती है तो येदियुरप्पा ही मुख्यमंत्री होंगे। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा आज 3.30 बजे इसे लेकर आधिकारिक घोषणा करेंगे।
हलांकि, इससे पहले माना जा रहा था कि राज्यपाल राज्य में कुछ समय के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। जदएस-कांग्रेस गठबंधन के सभी बागी विधायकों के इस्तीफों पर स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
बहुमत को लेकर असमंजस
भले ही येदियुरप्पा राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं लेकिन स्पीकर द्वारा बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार ना किए जाने के कारण बहुमत को लेकर स्थिति बिगड़ सकती है। जब तक इस्तीफे स्वीकार नहीं हो जाते, विधानसभा की सदस्य संख्या 225 (मनोनीत समेत) बनी रहेगी और साधारण बहुमत का आंकड़ा 113 होगा।
ऐसी स्थिति में दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के बावजूद हमारे पास बहुमत से छह विधायक कम रहेंगे। अगर स्पीकर बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लेते हैं या उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं तो विधानसभा की सदस्य संख्या घटकर 210 रह जाएगी और बहुमत का आंकड़ा 106 होगा।
अमित शाह से मिले कर्नाटक भाजपा के नेता
कर्नाटक के भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य में आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश शेट्टार, बसावराज बोम्मई, अरविंद लिंबावली और जेसी मधुस्वामी शामिल थे।
इन हालात में कोई नहीं दे सकता स्थिर सरकार : कुमारस्वामी
राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि वर्तमान राजनीतिक हालात में कोई भी स्थिर सरकार नहीं दे सकता। उन्होंने कहा, "भाजपा के बनाए माहौल में आप विकास कार्यों पर फोकस करोगे या 20-25 स्थानों के उपचुनावों पर? हम सोच भी नहीं सकते कि चुनावों के बाद भी सरकार स्थिर रहेगी।"
सरकार गिरने में भूमिका से सिद्दरमैया का इन्कार
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्दरमैया ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया है कि कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को अस्थिर करने के लिए उन्होंने ही बागी विधायकों को इस्तीफा देने के लिए उकसाया था।

शहीदों को देश कर रहा नमन, राष्ट्रपति ने द्रास की बजाय श्रीनगर में दी शहीदों को श्रद्धांजलि
26 July 2019
जम्मू। कारगिल में पाकिस्तान की गलती को 20 साल पूरे हो चुके हैं और पूरा देश आज अपने शहीदों को नमन कर रहा है। जहां प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी है और कारगिल में जवानों के साथ बिताए वक्त को याद किया है। वहीं शहीदों की कर्मभूमि कारगिल में शुक्रवार को राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख रामनाथ कोविंद कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने श्रीनगर पहुंचे।
कारगिल विजय दिवस पर द्रास वार मेमोरियल में होने वाले कार्यक्रम शामिल होने का राष्ट्रपति का कार्यक्रम खराब मौसम की वजह से रद्द हो गया था और इसके बाद राष्ट्रपति श्रीनगर के बादामीबाग कंटोनमेंट में हो रहे कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल बीएस धनोआ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मवीर सिंह ने भी द्रास में शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं कारगिल दिवस के मौके पर कारगिल में शहीद हुए परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर विक्रम बत्रा के पिता ने कहा कि सरकार कठोर कदम उठा रही है क्योंकि पाक अब भी घुसपैठ का समर्थन कर रहा है। मैने सरकार का खत लिखा है कि दिल्ली में सड़कों के नाम शहीदों के नाम पर होने चाहिए।
हीं शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता एनके कालिया ने कहा कि जिस तरह भारत ने उरी और पुलवामा हमले के अलावा कैप्टन अभिनंदन को पकड़े जाने के बाद जो कठोर कदम उठाए इस तरह की कार्रवाई अगर 1999 में की गई होती तो हमारे जवानों के साथ पाक बुरा बर्ताव नहीं कर पाता।
सोशल मीडिया में शहीदों को लोग कर रहे नमन
कारगिल विजय दिवस पर आज जहां पूरे देश में आयोजन हो रहे हैं वहीं सोशल मीडिया में भी शहीदों को नमन किया जा रहा है। लोग एक के बाद एक ट्वीट करते हुए भारतीय सेना के शौर्य को याद करते हुए युद्ध में शहीद हुआ जवानों को सलाम कर रहे हैं।
पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने ट्वीट कर शहीदों को याद किया है।

आजम खान की टिप्पणी पर संसद में जमकर हंगामा, महिला सांसदों ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की उठी मांग
26 July 2019
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान द्वारा गुरुवार को लोकसभा में की गई टिप्पणी पर आज सदन में जमकर हंगामा हो गया है। एक तरफ जहां भाजपा सांसदों कार्रवाई की मांग की है, वहीं कांग्रेस सांसद ने मामला संसदीय कमेटी को भेजने का कहा है। इस बीच सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ते हंगामें के बीच लोकसभा स्पीकर ने सभी दलों से बात कर इस मामले पर फैसला लेने का कहा है। फिलहाल सदन की की कार्रवाई 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गया था।
इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी सदन को शर्मसार करने वाली है। स्मृति यहीं नहीं रुकी उन्होंने कहा कि ये आजम खान सभी पुरुष सांसदों के नाम पर धब्बा हैं।
सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्रियों ने आजम खान को घेरने में कसर नहीं छोड़ी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आजम खान की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है। वहीं अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि आजम सदन के बाहर भी महिलाओं के अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने उनकी टिप्पणी को निंदनीय बताया है।
वहीं सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस मामले को संसदीय कमेटी के पास भेजने की बात कही। उन्होंने कहा संसदीय कमेटी का निर्णय मंजूर होगा।
आजम खान ने क्या कहा था
लोकसभा में गुरुवार को जब तीन तलाक बिल पर चर्चा चल रही थी। उस दौरान उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से सांसद आजम खान की एक टिप्पणी पर बवाल मच गया था। आजम खान ने अपनी बात की शुरुआत एक शेर की थी।
लेकिन इसके बाद जो आजम खान ने कहा, उस पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से हंगामा शुरू हो गया था। जिस वक्त आजम खान बोल रहे थे तब स्पीकर की कुर्सी पर बीजेपी सांसद रमा देवी बैठी हुई थीं।

लोकसभा में पेश हुआ तत्काल तीन तलाक बिल, आजम की टिप्पणी पर हंगामा
25 July 2019
नई दिल्ली। संसद में इन दिनों कईं महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के बाद लोकसभा में उन्हें पास किया गया है। इसी कड़ी में आज सदन में तत्काल तीन तलाक विधेयक चर्चा के लिए पेश किया गया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह बिल सदन के समक्ष पेश किया है।
हालांकि, कांग्रेस समेत कईं विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बहाने सरकार ट्रंप के बयान से जनता का ध्यान हटाना चाहती है।
बिल सदन में रखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद 24 जुलाई 2019 तक तीन तलाक के 345 केस सामने आए हैं। मैं अपील करता हूं कि यह मुद्दा धर्म, सियासत, पूजा का नहीं बल्कि नारी सम्मान का है। हमने उन तीन आपत्तियों को इस बिल में एड्रेस किया है जिन्हें लेकर सदन में विपक्ष ने मांग उठाई थी।
इसके बाद अब केस तब होगा जब पीड़िता का परिजन, खुद पीड़िता या कोई करीबी रिश्तेदार केस दायर करेगा। साथ ही मजिस्ट्रेट के माध्यम से बेल मिल सकेगी लेकिन पीड़िता का पक्ष सुनने के बाद बिल पर चर्चा के दौरान बीजद ने इसका समर्थन किया। बीजद सांसद अनुभव मोहंती ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं लेकिन इसमें मेंटनेंस को लेकर जो मुद्द है उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
जनता दल ने इस बिल का विरोध किया और इसके सांसद राजीव रंजन ने कहा कि इस बिल की वजह से एक समुदाय विशेष में अविश्वास पैदा होगा। हमारी पार्टी इसका समर्थन नहीं करेगी।
सदन में चर्चा के दौरान एक स्थिति ऐसी भी आई जब सपा सांसद आजम खान ने आसंदी पर बैठीं सभापति को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी जिस पर हंगामा मच गया और सत्ता पक्ष ने माफी की मांग कर दी।
आजम खान ने आसंद पर बैठी भाजपा सांसद रमा देवी को लेकर कह दिया कि, 'आप मुझे इतनी अच्छी लगती है कि मेरा मन करता है आपकी आंखों में मैं आंखें डाले रहूं।'
हालांकि, इसके बाद उन्होंने साफ किया कि वो रमा देवी को अपनी बहन की तरह मानते हैं लेकिन आजम के बयान पर सदन में जमकर हंगामा हुआ और इसके बाद आजम सदन से बाहर चले गए।
बता दें कि मोदी सरकार लगातार इस बिल को पास करवाने की कोशिश में है लेकिन विपक्ष इसका विरोध करता आ रहा है। मई में अपना दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद के इस सत्र में सबसे पहले इस विधेयक का मसौदा पेश किया था।
कई विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया है लेकिन सरकार का यह कहना है कि यह विधेयक लैंगिक समानता और न्याय की दिशा में एक कदम है। विपक्ष ने तत्काल तीन तलाक समेत सात विधेयकों पर सरकार को रोकने की रणनीति बनाई है। विधेयक में तत्काल तीन तलाक को अपराध करार दिया गया है और साथ ही दोषी को जेल की सजा सुनाए जाने का भी प्रावधान किया गया है।
विपक्ष ने अहम विधेयकों को विधायी कसौटी पर परखे बिना धुंआधार गति से पारित कराने को लेकर सरकार को आगाह किया है। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की घेरेबंदी के लिए हुई विपक्षी दलों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि मनमाने तरीके से विधेयकों को पारित कराने के सरकार के प्रयासों का जोरदार विरोध किया जाएगा।
विपक्ष ने इसी रणनीति के तहत सूचना का अधिकार कानून संशोधन विधेयक समेत सात विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने के अपने इरादों की सूची बुधवार को सरकार को थमा दी। सरकार को विपक्ष ने मुस्लिम महिलाओं से जुड़े तीन तलाक विधेयक पारित कराने में भी जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी है।

अज्ञात हमलावरों ने भाजपा सांसद के घर बम फेंका, गोलियां भी चलाईं
25 July 2019
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद के घर बम फेंकने और गोलियां बरसाए जाने का मामला सामने आया है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के घर अज्ञात बदमाशों द्वारा बम फेंकने के बाद गोलियां बरसाई गई हैं। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।
घटना की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद मौके पर पहुंची टीम द्वारा घटना की जांच करते हुए अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं इस मामले में सांसद की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
बता दें लोकसभा चुनाव के पहले से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों और नेताओं के विवाद सामने आ रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में अज्ञात बदमाशों द्वारा लोगों पर हमला किए जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।’’
अब भाजपा सांसद के घर पर हमला होने के बाद पश्चिम बंगाल में अपराधियों के बढ़ते हौसले की एक बानगी फिर नजर आ रही है।

जॉनसन कैबिनेट में 3 भारतवंशी: प्रीति पटेल गृह मंत्री, नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि को भी जगह
25 July 2019
लंदन. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में तीन भारतवंशियों को भी जगह मिली है। प्रीति पटेल को गृह मंत्री बनाया गया है। वहीं इन्फोसिस के सहसंस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक को ट्रेजरी मिनिस्टर और आलोक शर्मा को अंतरराष्ट्रीय विकास मामलों का विदेश मंत्री बनाया गया है। जॉनसन ने उन सभी लोगों को पदोन्नत किया है, जिन्होंने ब्रेग्जिट मुद्दे पर उनका साथ दिया था।
प्रीति (47) इस पद पर पहुंचने वालीं भारतीय मूल की पहली महिला हैं। वे गुजराती मूल की हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी समर्थक मानी जाती हैं। वे ब्रेग्जिट को लेकर थेरेसा मे की नीतियों की मुखर आलोचक थीं। इससे पहले ब्रिटेन के गृह मंत्री पाकिस्तानी मूल के साजिद जाविद थे। उन्हें अब वित्त मंत्री बनाया गया है।
कैबिनेट में 60 साल में सबसे बड़ा बदलाव
जॉनसन बीते 60 साल में कैबिनेट में बदलाव करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने ब्रेग्जिट मामले पर साथ देने वालों को जमकर प्रमोशन दिया। 11 मंत्रियों को उन्होंने बर्खास्त कर दिया। 4 मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा, वहीं 2 को जबरन रिटायर किया गया।
इस बार कैबिनेट में 31 मंत्री बनाए गए हैं। थेरेसा मे के समय यह संख्या 29 थी। मंत्रियों की औसत उम्र 48 साल है। पहले यह 51 साल थी। कैबिनेट में महिलाओं की संख्या में कमी आई है। पिछली बार के 31% के मुकाबले कैबिनेट में महिलाओं की संख्या अब 26% रह गई।
‘देश की सुरक्षा के लिए काम करूंगी’
कार्यभार संभालने के बाद प्रीति ने कहा, ‘‘अपने कार्यकाल के दौरान मेरी पहली कोशिश यही होगी कि हमारा देश और यहां के लोग सुरक्षित रहें। बीते कुछ समय से सड़कों पर भी काफी हिंसा देखी गई है, हम इस पर भी रोक लगाएंगे। हमारे सामने कुछ चुनौतियां जरूर हैं लेकिन हम सबसे निपटेंगे।’’ पद संभालने के कुछ घंटे पहले प्रीति ने कहा था कि यह जरूरी है कि कैबिनेट केवल नए ब्रिटेन ही नहीं बल्कि नई कंजरवेटिव पार्टी की भी अगुआई करे।
कंजरवेटिव पार्टी में मे को हटाकर बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री बनाने के लिए ‘बैक बोरिस’ कैम्पेन चला था, प्रीति इसका अहम हिस्सा थीं। जॉनसन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनको अहम जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा था। प्रीति लंबे समय से ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन (ईयू) से बाहर निकलने की पक्षधर रही हैं। इसके लिए उन्होंने जून 2016 से ‘वोट लीव’ कैम्पेन भी चलाया था।
थेरेसा मे ने प्रीति को कैबिनेट से हटा दिया था
नवंबर 2017 में थेरेसा ने प्रीति को अंतरराष्ट्रीय विकास मामलों की मंत्री पद से हटा दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने ब्रिटेन के विदेश विभाग को बगैर सूचना दिए इजराइल के अफसरों से चर्चा की थी। प्रीति ने सफाई में कहा था कि वे निजी दौरे पर इजराइल गई थीं। तब विदेश मंत्री रहे जॉनसन ने उन्हें कैबिनेट में वापस लाने की अपील भी की थी।
9 साल पहले सांसद बनी थीं
प्रीति 2010 में पहली बार एसेक्स के विथेम से कंजरवेटिव सांसद बनी थीं। डेविड कैमरन की अगुआई वाली सरकार में उन्हें भारतीय समुदाय से जुड़ी जिम्मेदारी मिली। 2014 में ट्रेजरी मिनिस्टर (जूनियर मिनिस्टीरियल पोस्ट) और 2015 में एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर बनाया गया। 2016 में थेरेसा मे ने उनका प्रमोशन कर डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल डेवलपमेंट में विदेश मंत्री बना दिया। 2017 में उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
कौन हैं ऋषि सुनाक
ऋषि सुनाक (38) का जन्म ब्रिटेन में ही हुआ। उनकी मां फार्मासिस्ट हैं, जबकि पिता ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) में जनरल प्रैक्टिसनर हैं। सुनाक ने ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। सुनाक रिचमंड (यॉर्कशायर) से कंजरवेटिव पार्टी के टिकट पर 2015 में चुनाव जीते। ब्रेग्जिट समर्थक होने की वजह से सुनाक को पिछले साल ही थेरेसा ने कैबिनेट में शामिल किया था। उन्हें हाउसिंग कम्युनिटीज विभाग में जूनियर मिनिस्ट्री दी गई थी। वे ब्रिटेन के कॉमनवेल्थ देशों के साथ रिश्तों के भी बड़े समर्थक रहे हैं।
कौन हैं आलोक शर्मा
आलोक शर्मा को जॉनसन कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय विकास मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया हैं। वे पिछले पांच सालों में इस मंत्रालय को संभालने वाले चौथे नेता होंगे। आलोक पहले निर्माण-पेंशन विभाग में रोजगार मंत्री और हाउसिंग कम्युनिटीज मिनिस्ट्री संभाल चुके हैं। 2016 में आलोक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटिश डेलिगेशन के साथ भारतीय उद्योगपतियों, निवेशकों और नेताओं से मिलने भारत भी आए थे। 2017 में आलोक के हाउजिंग मिनिस्टर रहने के दौरान ही ग्रेनफेल टॉवर अग्निकांड हुआ था। इस मामले में धीमी प्रतिक्रिया के लिए उनकी काफी आलोचना हुई थी। आलोक 2010 में पहली बार संसद पहुंचे। इसके लिए उन्होंने अपना अकाउंटिंग और बैंकिंग का करियर छोड़ा था।

कुमारस्वामी सरकार गिरी; फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 और विरोध में 105 वोट पड़े
24 July 2019
बेंगलुरु. कर्नाटक की कुमारस्वामी सरकार गिरते-गिरते आखिर गिर ही गई। चार दिन चली चर्चा के बाद मंगलवार शाम को आखिरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ। इस दौरान स्पीकर को हटाकर सदन में विधायकों की संख्या 204 थी और बहुमत के लिए 103 का आंकड़ा जरूरी था। कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े। कुमारस्वामी 14 महीने से 116 विधायकों के साथ सरकार चला रहे थे, लेकिन इसी महीने 15 विधायक बागी हो गए। एचडी कुमारस्वामी ने राज्यपाल वजुभाई वाला को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। अब भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। येदियुरप्पा चौथी बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
येदियुरप्पा मोदी-शाह से चर्चा करेंगे
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा- मैं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह जी से चर्चा करूंगा। इसके बाद मैं राज्यपाल से मिलने जाऊंगा। यह लोकतंत्र की जीत है। जनता कुमारस्वामी सरकार से त्रस्त थी। मैं कर्नाटक के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अब विकास का नया युग शुरू होगा। हम किसानों को भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। हम जल्द ही वाजिब कदम उठाएंगे।
भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा- अभी बागी विधायकों के इस्तीफे स्पीकर ने स्वीकार नहीं किए हैं। उन्हें तय करना है कि वे भाजपा में शामिल होंगे, या नहीं। मौजूदा परिस्थिति में हमारे पास 105 विधायक हैं, बहुमत हमारा है। हम स्थिर सरकार बनाएंगे।
इस्तीफा जेब में रखकर आया था- कुमारस्वामी
वोटिंग से पहले चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद मैं राजनीति छोड़ने को तैयार था। मेरा राजनीति मेें आना भी अपेक्षित नहीं था। लोग चर्चा कर रहे हैं कि मैं कुर्सी से क्यों चिपका हुआ हूं। मैं खुशी से यह पद छोड़ने को तैयार हूं। मेरी सरकार बेशर्म नहीं है। मैं भाषण के बाद भागूंगा नहीं। इसके बाद वोट डाले जाएंगे और उनकी गिनती होगी।
बागियों की राजनीतिक समाधि बनेगी- सिद्धारमैया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने मंगलवार को भाजपा पर विधायकों का होलसेल व्यापार करने और रिश्वत देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- भाजपा सत्तारूढ़ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को अस्थिर करना चाहती है। होलसेल व्यापार एक समस्या है। अगर वहां पर रिटेल ट्रेड से एक या दो विधायकों को खरीदा जाता तो समस्या नहीं थी। 25 करोड़, 30 करोड़, 50 करोड़.. पैसे कहां से आ रहे हैं। बागियों को अयोग्य कर दिया जाएगा। उनकी राजनीतिक समाधि बनेगी।
सत्ता पक्ष के विधायकों की गैर-मौजूदगी पर स्पीकर नाराज
सदन में जब बहस शुरू हुई तो सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) में ज्यादातर विधायक गैर-हाजिर थे। इस पर स्पीकर रमेश कुमार ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पूछा कि गठबंधन सरकार के विधायक कहां हैं? इससे पहले इस्तीफा देने वाले बागी विधायकों ने स्पीकर को एक खत लिखा, इसमें उन्होंने मांग की कि उन्हें मुलाकात के लिए 4 हफ्तों का वक्त दिया जाए। इन बागियों को स्पीकर ने सोमवार को मिलने के लिए नोटिस भेजा था। सुप्रीम कोर्ट में बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।
1 जुलाई से शुरू हुआ कर्नाटक में राजनीतिक संकट
2 सांसदों के इस्तीफे से संकट शुरू हुआ: कुमारस्वामी ने 116 विधायकों के समर्थन से 14 महीने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार चलाई। एक जुलाई को दो विधायकों ने इस्तीफा दिया। इसके बाद इस्तीफों की संख्या 15 हो गई। दो अन्य निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया।
इस्तीफों के बाद फ्लोर टेस्ट की तारीख तय हुई: विधायकों के इस्तीफे के बाद कर्नाटक में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हुआ। कांग्रेस-जेडीएस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने का काम ऑपरेशन लोटस के तहत किया जा रहा है। इस्तीफों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अदालत ने स्पीकर को इन पर जल्द फैसला लेने के निर्देश दिए। हालांकि, स्पीकर ने विश्वास मत साबित करने के लिए 18 जुलाई की तारीख तय की।
4 दिन चर्चा, तीन डेडलाइन बीतने के बाद फ्लोर टेस्ट: गुरुवार, शुक्रवार, सोमवार और मंगलवार को विश्वास मत पर चर्चा हुई। भाजपा ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि वे लंबे-लंबे भाषण देकर फ्लोर टेस्ट को टालना चाहते हैं। राज्यपाल ने दो बार डेडलाइन दी लेकिन फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका। इसके बाद स्पीकर ने भी मंगलवार शाम 6 बजे की डेडलाइन दी, तय समयसीमा के भीतर फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ। हालांकि, इसके करीब 2 घंटे बाद कुमारस्वामी फ्लोर टेस्ट में फेल हो गए।
कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था। दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया।
बसपा विधायक पार्टी से निलंबित
बीएसपी प्रमुख मायावती ने विधायक एन.महेश को फ्लोर टेस्ट में हिस्सा न लेने की वजह से पार्टी से निलंबित कर दिया। दरअसल विधायक को पार्टी ने कुमारास्वामी के पक्ष में वोट करने के निर्देश दिए थे।

द्रमुक की पूर्व मेयर, उनके पति समेत 3 की घर में घुसकर हत्या, पुलिस को संपत्ति विवाद का शक
24 July 2019
चेन्नई. तमिलनाडु में अज्ञात हमलावरों ने द्रमुक की पूर्व मेयर, उनके पति समेत तीन की हत्या कर दी। घटना मंगलवार शाम को तिरुनलवेली शहर में हुई। पुलिस के मुताबिक, उमा माहेश्वरी (61), पति मुरुग शंकरन (65) और नौकरानी मारी (30) के शव उनके घर के अंदर मिले। बॉडी पर चाकू के वार करने और लाठी-डंडों से पिटाई के निशान मिले हैं। उमा ने 1996 में द्रमुक के टिकट पर तिरुनलवेली निगम का चुनाव जीतकर शहर की पहली महिला मेयर बनी थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर शाम करीब 4 बजे घर में घुसे और दंपती पर हमला कर दिया। मारी उन्हें बचाने के लिए आगे आई, लेकिन हमलावरों ने उसे भी मार दिया। उमा की बेटी ने पुलिस को घटना की सूचना दी, जो माता-पिता से मिलने आई थी।
संपत्ति विवाद में हत्या का शक: पुलिस
पुलिस को संपत्ति विवाद में हत्या का शक है। उनके घर की सेफ भी टूटी मिली। पुलिस कमिश्नर एन भास्करन ने बताया कि हमलावरों ने हत्या के लिए चाकू और लाठियों का इस्तेमाल किया। जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ अहम सबूत जुटाए हैं।

मुंबई में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, बिहार- असम में बाढ़ से अब तक 174 की मौत
24 July 2019
मुंबई. महाराष्ट्र के कई शहरों में बारिश का दौर फिर शुरू हो गया है। मंगलवार रात मुंबई में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। ट्रैक पर डूबने से लोकल ट्रेन सेवा पर असर पड़ा। मुख्य मार्गों पर जाम के चलते लोगों को ऑफिस जाने में दिक्कत हो रही है। बुधवार सुबह अंधेरी फ्लाईओवर पर बारिश के कारण तीन कार टकरा गईं, जिसमें 8 लोग जख्मी हो गए। दूसरी ओर, बिहार और असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बिहार में बाढ़-बारिश से अब तक 106 और असम में 68 मौतें हो चुकी हैं। दोनों राज्यों में 1.09 करोड़ लोग प्रभावित हैं।
मुंबई में भारी बारिश के बाद हिंदमाता, दादर, अंधेरी, सायन में सड़कों और रेलवे ट्रेक पर घुटनों से ऊपर पानी भर गया। बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे तक कोलाबा में 171 मिमी बारिश हुई, जबकि सांताक्रुज में 58 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात की स्थिति के कारण शहर में अगले दो दिन भारी बारिश होगी। रायगढ़ और रत्नागिरी जिले में गुरुवार को भारी बारिश हो सकती है। यहां जुलाई में औसतन 840 मिमी बारिश होती है, जबकि 8 जुलाई तक 708.7 मिमी बारिश हो चुकी है।
बिहार में बिजली गिरने से 28 की मौत
पटना, औरंगाबाद, जमुई और भागलपुर समेत 8 जिलों में बिजली गिरने से मंगलवार को 28 लोगों की मौत हो गई। वहीं, बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से अब तक 8.85 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। बाढ़ के कारण सीतामढ़ी में 27, मधुबनी में 25, अररिया में 12, शिवहर और दरभंगा में 10-10, पूर्णिया में 9, किशनगंज में 5, सुपौल में 3, पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर में 2-2 लोगों की जान गई। राज्य की कोसी, महानंदा, बूढ़ी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान और परमान नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
हिमाचल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मंगलवार सुबह से शाम तक बांदा में 51 मिमी, बहराइच में 49.4, गोरखपुर में 12.6, उरई में 17, बलिया में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। हिमाचल में मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 39% कम बारिश हुई है। चंबा में 69%, हमीरपुर में 10%, कांगड़ा में 39%, किन्नौर में 69%, कुल्लू में 34%, लाहौल और स्पीति में 94%, मंडी में 48%, शिमला में 18%, सिरमौर में 33%, सोलन में 20% और ऊना में 25% कम बारिश रिकॉर्ड हुई।

कश्मीर पर ट्रंप के बयान पर संसद में विपक्ष का हंगामा, विदेश मंत्री बोले- पीएम ने नहीं की अपील
23 July 2019
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर पर मध्यस्थता को लोकर किए गए दावे को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने भी अपने बयान में इस बात का जिक्र नहीं किया है लेकिन ट्रंप का यह बयान विपक्ष के लिए मुद्दा बन गया है। विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया।
विपक्ष के हंगामे के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में सरकार की तरफ से दिए बयान में साफ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर कभी भी मध्यस्थता के लिए नहीं कहा। उन्होंने कहा, 'मैं स्पष्ट तौर पर सदन को साफ कर देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस तरह की कोई भी अपील राष्ट्रपति ट्रंप से नहीं की है।'
विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'यह भारत का निरंतर स्टैंड रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी। पाकिस्तान से किसी भी तरह का एग्रीमेंट तभी होगा जब वो सीमापार आतंकवाद को खत्म करेगा।'
जयशंकर ने आगे कहा कि शिमला समझौता और लाहौर डिक्लेरेशन भारत और पाकिस्तान के बीच सभी लंबित मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत से हल करने का आधार देता है।
हालांकि, विदेश मंत्री के बयान के बाद राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा बढ़ गया और इसके बाद स्पीकर ने सदन की कर्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

लेफ्टिनेंट जनरल नरावने होंगे भारतीय सेना के अगले उप प्रमुख, ले सकते हैं विपिन रावत की जगह
23 July 2019
नई दिल्ली। सेना में शीर्ष पदों पर कई बड़े फेरबदल किए गए हैं। इसके तहत पूर्वी कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नारावने को 13 लाख जवानों की मजबूत सेना का अगला उप प्रमुख नियुक्त किया गया है। सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को पूर्वी कमान का नया चीफ बनाया है।
लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह को पश्चिमी कमान, लेफ्टिनेंट जनरल एएस क्लेर को दक्षिणी पश्चिची और लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुम्मन को मध्य कमान का प्रमुख बनाया गया है। बताते चलें कि एमएम नारावने 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू की जगह लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इसके साथ ही नारवाने का नाम सेना प्रमुख की दौड़ में भी शामिल हो गया है और वह दिसंबर में जनरल बिपिन रावत की जगह ले सकते हैं।
उनके साथ ही सेना प्रमुख की दौड़ में उत्तरी कमान के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह का नाम भी चल रहा है। जून 2015 में म्यानमार में आतंकी शिविरों और सितंबर 2016 में पाकिस्तान आधिकृत कश्मीर में टेरर लॉन्च पैड्स के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वह डायरेक्टर जरनल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स थे।
दरअसल, वर्तमान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत तीन साल का कार्यकाल पूरा कर इस साल 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में नारावने सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। अपने 37 साल के सेवाकाल में लेफ्टिनेंट जनरल नारावने ने विभिन्न पदों और क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने पूर्वी मोर्चे पर एक इन्फैंट्री ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय रायफल बटालियन का नेतृत्व भी किया है।

ट्रंप के बयान पर PM मोदी के समर्थन में आए कांग्रेस नेता शशि थरूर, कही ये बड़ी बात
23 July 2019
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मसले को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद राजनीति शुरू हो गई है। एक तरफ विपक्ष इस मामले पर PM मोदी को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं पीएम मोदी के समर्थन में कांग्रेस नेता शशि थरूर खड़े हो गए हैं। थरूर ने कहा है कि पीएम मोदी ट्रंप को ऐसा कह ही नहीं सकते हैं।
शशि थरूर ने कहा कि 'ट्रंप को पता नहीं है कि वह क्या कह रहे हैं। हो सकता है उन्हें मसले की जानकारी हो या फिर किसी से उन्हें इसके बारे में ब्रीफ नहीं किया हो। ये असंभव है कि मोदी किसी दूसरे से कश्मीर मसले पर मध्यस्थता को लेकर कहेंगे। ये हमारी क्लीयर पॉलिसी है कि हम मध्यस्थता के लिए किसी तीसरे को शामिल नहीं करेंगे। अगर हमें पाकिस्तान से बातचीत करनी होगी तो सीधे करेंगे।'
पाक पीएम इमरान खान से ट्रंप की मुलाकात के बाद बयान सामने आया था, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि मुझे पीएम मोदी ने मध्यस्थता के लिए कहा था। इतना ही नहीं, ट्रम्प ने यह भी कहा कि दो हफ्ते पहले जी-20 समिट के दौरान जापान में जब उनकी पीएम मोदी से बात हुई थी, तब भी मोदी ने उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता करने को कहा था।
ट्रंप के इस बयान पर राजनीति तेज हो गई थी। इसके बाद भारत ने भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कह दिया था कि पीएम मोदी की ओर से ऐसी किसी भी तरह की बात नहीं कही गई थी। इसके बाद व्हाइट हाउस बैकफुट पर आ गया था।

चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च, PM मोदी समेत इन लोगों ने दी बधाई
22 July 2019
चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इतिहास रचते हुए अंतरिक्ष में एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इसरो का "बाहुबली" रॉकेट GSLV Mk-III अपने साथ चंद्रयान-2 को लेकर उड़ान भर चुका है।
पढ़ें इस लॉन्च से जुड़ी हर अपडेट :
- चंद्रयान 2 की सफल लॉन्चिंग के बाद देश दुनिया से इसरो को बधाई मिल रही है।
- लोकसभा में भी स्पीकर ओम बिरला ने भी सदन में इस सफल लॉन्च की घोषणा करते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी।
- इसरो के इस सफल मिशन के लिए प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति समेत कईं बड़े नेताओं ने इसरो और देश को इस सफल लॉन्च पर बधाई दी है।
- इसरो प्रमुख के सीवान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि यह चांद और इसके दक्षिणी ध्रूव की तरफ यह भारत की ऐतिहासिर यात्रा है।
- भारत ने पहले प्रयास में ही चंद्रयान-2 अपने मिशन पर निकल गया है।
- चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है और इसरो के वैज्ञानिक ऑब्जर्वेशन रूम में एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं।
- इसरो के अनुसार रॉकेट की गति और स्थिति सामान्य है।
- अगले 16 मिनट चंद्रयान-2 के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि इस दौरान चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा में पहुंचेगा।
- लॉन्च के 10 सेकंड बाद तक बाहुबली चंद्रयान-2 को लेकर तय दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- चंद्रयान-2 को लेकर बाहुबली ने उड़ान भर दी है और अब तक सबकुछ ठीक चल रहा है।
- बढ़ती जा रही धड़कनें और हर किसी की नजर इस लॉन्च पर टिकी हुई हैं।
- महज 1.30 मिनट बाकी है और लॉन्च होगा चंद्रयान-2
- बस कुछ ही पलों में उड़ान शुरू होगी और उसके लिए हलचल बढ़ गई है।
- लॉन्च के लिए महज 18 मिनट बाकी हैं और लॉन्च सेंटर के भीतर सभी लोग एक दुसरे को बेस्ट ऑफ लक विश कर रहे हैं।
- इस लॉन्च के लिए रॉकेट में ईंधन भरने का काम जारी है और खबरों के अनुसार जीएसएलवी एमके-III में ईंधन भरने का पहला चरण पूरा हो चुका है वहीं अगला चरण जारी है।
- इस लॉचिंग के लिए रविवार शाम छह बजकर 43 मिनट पर काउंटडाउन शुरू किया गया जो फिलहाल जारी है।
सात सितंबर को पहुंचेगा चांद पर
अलग-अलग चरणों में सफर पूरा करते हुए चंद्रयान-2 सात सितंबर को चांद के दक्षिणी धु्रव की निर्धारित जगह पर उतरेगा।अब तक विश्व के केवल तीन देशों अमेरिका, रूस व चीन ने चांद पर अपना यान उतारा है। चंद्रयान-1 ने खोजा था पानी
2008 में भारत ने चंद्रयान-1 लांच किया था यह एक ऑर्बिटर अभियान था। ऑर्बिटर ने 10 महीने तक चांद का चक्कर लगाया था। चांद पर पानी का पता लगाने का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है। सबसे मुश्किल मिशन
इसे इसरो का सबसे मुश्किल अभियान माना जा रहा है। सफर के आखिरी दिन जिस वक्त रोवर समेत यान का लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा, वह वक्त भारतीय वैज्ञानिकों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा। तीन हिस्सों में बंटा है चंद्रयान-2
चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं-ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के सम्मान में लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है। वहीं रोवर का नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान। चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद लैंडर-रोवर अपने ऑर्बिटर से अलग हो जाएंगे। 1 ऑर्बिटर : ये सालभर चांद की परिक्रमा करते हुए विभिन्न प्रयोगों को अंजाम देगा। चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद लैंडर-रोवर ऑर्बिटर से अलग हो जाएंगे। 2 लैंडरः अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के सम्मान में लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है। यह सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक उतरेगा। 3 रोवरः इसका नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान। लैंडर उतरने के बाद रोवर उससे अलग होकर अन्य प्रयोगों को अंजाम देगा।

PM मोदी ने दफ्तर में देखा लॉन्च, कहा- गौरवशाली इतिहास में दर्ज होगा पल
22 July 2019
नई दिल्ली। ISRO की सालों की मेहनत और वैज्ञानिकों के अथक प्रयास के चलते भारत ने अंतरिक्ष में एक नई उड़ान भरी है। इसरो ने सोमवार को चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कर चांद की तरफ कदम बढ़ाया है। आज के बाद 48वें दिन चंद्रयान-2 चांद की सतह पर उतरेगा।
इसरो की इस सफलता के गवाह प्रधानमंत्री खुद भी बने और लॉन्चिंग की प्रक्रिया का लाइव वीडियो वो अपने दफ्तर में देखते रहे। चंद्रयान-2 के पृथ्वि की कक्षा में स्थापित होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर वैज्ञानिकों और देश की जनता को बधाई दी है।
उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, 'यह एक एतिहासिक क्षण है जो हमारे गौरवशाली इतिहास में अंकित किया जाएगा। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग हमारे वैज्ञानिकों के कौशल और देश की 130 करोड़ जनता के डिटर्मिनेशन को दिखाता है। आज हर भारतीय बेहद गर्व से भरा हुआ है।'
उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, 'चंद्रयान-2 जैसी कोशिशें हमारे युवाओं को विज्ञान की तरफ प्रेरित करेगा, साथ ही उच्च स्तर की खोज और इनोवेशन के लिए भी प्रेरित करेगा। चंद्रयान को धन्यवाद जिसकी वजह से भारत के मून मिशन कोऔर बूस्ट मिलेगा। साथ ही चांद को लेकर हमारे ज्ञान में और बढ़ोतरी होगी।'
प्रधानमंत्री के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसरो को इस सफलता पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि टीम इसरो ने भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पूरा देश अपने वैज्ञानिकों और इसरो की इस सफलता पर बेहद गर्व और खुशी महसूस कर रहा है।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा में चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग की घोषणा करते हुए कहा कि मैं अपने दिल से वैज्ञानिकों को देश की जनता को इस सफलता पर बधाई देता हूं। हमारे वैज्ञानिक इस मामले में विशेष बधाई के पात्र हैं।

डेमोग्राफिक डिविडेंड में होगा बड़ा बदलाव, भारत की इकॉनमी को मिलेगा फायदा
22 July 2019
नई दिल्ली। दुनिया में भारत को सबसे युवा देश कहा जाता है। हमारे देश मे 35 साल के युवाओं की जनसंख्या विश्व के अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा है। यूनाइटेड नेशन्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 से भारत में डेमोग्राफिक डिविडेंड में बड़ा बदलाव हुआ है। पिछले साल से भारत में वर्किंग एज पॉपुलेशन (15 से 64 वर्ष आयु वर्ग) में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। ये आश्रित वर्ग (14 साल के नीचे और 65 से ऊपर) की जनसंख्या की तुलना में तेजी से आगे बढ़ रही है। संभावना है कि यह अस्थाई वृद्धि अगले 37 सालों तक यानी 2055 तक बनी रहेगी। ऐसे में भारत की इकॉनमी को फायदा होगा।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया के प्रमुख आर्थिक देश जापान, चीन और दक्षिण कोरिया इस डेमोग्राफिक डिविडेंड को उपयोग में लाने में सक्षम थे। इस वजह से इन देशों ने आर्थिक प्रगति तेजी से की। जापान इनमें एक ऐसा देश है जिसने पापुलेशन स्ट्रक्चर में बदलाव करके आर्थिक वृद्धि में तेजी और सुधार दर्ज करवाया है।
बता दें कि, जापान में डेमोग्राफिक डिविडेंट 1964 से 2004 तक रही। इस दौरान जापान की इकोनॉमी डबल डिजिट को छूने में कामयाब रही। वहीं चीन 1978 में किए बदलाव के बूते 16 साल बाद 1994 में इस स्टेज को छूने में कामयाब हुआ। इसी का नतीजा है कि चीन की गिनती आज विश्व के प्रमुख आर्थिक देशों में होती है।
वहीं, सिंगापुर में भी डेमोग्राफिक डिविडेंड 1979 में शुरू हुई और अगले 10 साल में ही इसका काफी फायदा दिखा। पिछले 10 साल की बात करें तो सिंगापुर की इकोनॉमी डबल डिजिट के आंकड़े को छू गई है। साउथ कोरिया और हांगकांग जैसे देश ने भी क्रमशः 1987 और 1979 में डेमोग्राफिक डिविडेंड को अपनाया जिसके कारण इन देशों ने भी अपनी इकोनॉमी को बेहतर स्थिति में पाया है।

3 बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का 81 की उम्र में निधन
20 July 2019
नई दिल्ली. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। वे 81 साल की थीं। सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राजधानी के एस्कॉर्ट्स फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि इलाज के दौरान दोपहर 3.15 बजे शीला दीक्षित को कॉर्डियक अरेस्ट हुआ। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका। शीला दीक्षित 15 साल (1998 से 2013) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। फिलहाल, दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष थीं।
शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। 2014 में उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया गया था। हालांकि, उन्होंने 25 अगस्त 2014 को इस्तीफा दे दिया था। वे इस साल उत्‍तर-पूर्व दिल्‍ली से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के मनोज तिवारी के सामने हार मिली। शीला 1984 से 1989 तक कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद रही थीं। 1986 से 1989 तक केंद्रीय मंत्री पद भी संभाला।
1984 में पहली बार सांसद बनी थीं
शीला दीक्षित ने पहली बार 1984 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ा था। यहां उन्होंने सपा के छोटे सिंह यादव को हराया था। 1984 से 1989 तक सांसद रहने के दौरान वे यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन में भारत की प्रतिनिधि रह चुकी हैं।

यूपी, मध्यप्रदेश समेत 6 राज्यों के राज्यपाल बदले, आनंदी बेन पटेल लेंगी राम नाईक की जगह
20 July 2019
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 6 राज्यों के राज्यपाल बदले हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की जगह आनंद बेन पटेल को राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके अलावा राष्ट्रपति ने बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी बदले हैं।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति कोविंद ने यूपी, मध्यप्रदेश समेत 6 राज्यों के राज्यपाल बदले हैं। इनमें मध्यप्रदेश की वर्तमान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का तबादला करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल नियुक्त किया गया है। फिलहाल यूपी में राम नाईक राज्यपाल हैं और आनंदी बेन अब उनकी जगह लेंगी।
वहीं आनंदी बेन की जगह लालजी टंडन को मध्यप्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इनके अलावा जगदीप धनखर को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है जबकि रमेश बैस अब त्रिपुरा के राज्यपाल होंगे।
राष्ट्रपति ने फगु चौहान को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया है वहीं आरएन रवि नगालैंड के राज्यपाल बनाए गए हैं। इन सभी की नियुक्ति की तारीख उस दिन से लागू होगी जिस दिन यह अपना कार्यभार संभालेंगे।

अमरनाथ यात्रा के दौरान चार दिनों में 6 श्रध्दालुओं की मौत, अब तक 22 ने गंवाई जान
20 July 2019
श्रीनगर। 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई है। अब तक 2.5 लाख से ज्यादा श्रध्दालु बाबा अमरनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा की शुरुआत के 20 दिनों में ही अब तक 22 श्रध्दालुओं की मौत हो चुकी है। पिछले चार दिनों में ही 6 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों द्वारा शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी गई है। मौत की वजह अलग अलग कारणों से होना बताया जा रहा है।
इसमें तीर्थयात्रियों के साथ ही तीर्थयात्रा की ड्यूटी में तैनात 2 सुरक्षा जवानों और 2 सेवादारों की भी इस दौरान मौत हो चुकी है। इसके अलावा 1 जुलाई को हुए पथराव सहित अन्य कारणों के चलते 30 से ज्यादा तीर्थयात्री घायल हुए हैं।
बता दें कि पिछले कुछ सालों में अमरनाथ यात्रा के दौरान कार्डियक अरेस्ट होने की वजह से मौत होने के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा भी हेल्थ एडवाइजरी कई बार जारी की जा चुकी है।
इतना ही नहीं यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को फिटनेस सर्टिफिकेट देना भी अनिवार्य है। क्योंकि बाबा अमरनाथ की गुफा 3,888 मीटर ऊंचाई पर है।
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जगह जगह पर मेडिकल कैंप लगाने के साथ ही लंगर की व्यवस्था भी की जाती है। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर हर वक्त बड़ी संख्या में सुरक्षा बल पूरे यात्रा मार्ग पर मौजूद रहता है।

असम, बिहार और मेघालय में बाढ़ से 123 की मौत, केरल में 3 दिन भारी बारिश का रेड अलर्ट
19 July 2019
नई दिल्ली. बिहार, असम और मेघालय में बाढ़ का कहर जारी है। तीनों राज्यों में गुरुवार तक मरने वालों की संख्या 123 पहुंच गई। बिहार में 12 जिलों के 47 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि 78 लोगों की मौत हुई। अकेले सीतामढ़ी में 18 और मधुबनी में 14 लोग मारे गए। असम के 33 में से 29 जिले बाढ़ में डूबे हैं। इसके चलते करीब 54 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। यहां 36 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने केरल के तीन जिलों में अगले तीन दिन के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
बिहार: सीतामढ़ी की सबसे गंभीर स्थिति
बाढ़ के चलते सबसे गंभीर स्थिति बिहार की है। सीतामढ़ी में सबसे ज्यादा 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद मधुबनी में 14, अररिया में 12, शिवहर में 9, दरभंगा में 9, पूर्णिया में 7, किशनगंज में 4, सुपौल में 3 और पूर्वी चंपारण में 2 लोगों की मौत हुई।
असम: बरपेटा के 13.48 लाख लोग बेघर
असम में भी मृतकों का आंकड़ा 36 पहुंच गया। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां गुवाहाटी समेत राज्य के ज्यादातर जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। असम आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, गुरुवार को बाढ़ की चपेट में आने से 9 लोगों की मौत हुई। बाढ़ की वजह से बरपेटा की स्थिति सबसे खराब है। जिले के 13.48 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। मानस नेशनल पार्क और पोबितोरा वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा है। इससे 25 लाख बड़े और छोटे वन्यजीवों पर असर पड़ा है। काजीरंगा नेशनल पार्क के 50 से ज्यादा जानवरों की मौत हो गई। इनमें से कई की जान पार्क के बाहर व्यस्त हाईवे पार करते वक्त हुई। प्रशासन ने लोगों के लिए 1080 राहत कैम्प और 689 राहत सामग्री वितरण केंद्र लगाए।
मेघालय: 1.55 लाख लोग प्रभावित मेघालय में गुरुवार को बाढ़ से दो और लोगों की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में आपदा से अब तक आठ लोग मारे जा चुके हैं। बाढ़ से 1.55 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
केरल: अगले दो दिन में 20 सेमी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने केरल के तीन जिलों इडुक्की, कोट्टयम और पथनमथिट्टा में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की आशंका जताई है। अगले दो से तीन दिनों में इन शहरों में 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। इसे देखते हुए इन इलाकों में रेड अलर्ट का ऐलान किया गया है। केरल और लक्षद्वीप के मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने के लिए कहा गया है।
पंजाब: संगरूर में बुलानी पड़ी सेना
पूर्वी और उत्तरी भारत में गुरुवार को भारी बारिश हुई। पंजाब के संगरूर में घग्गर नदी 50 फुट के खतरे के निशान को पार कर गई, जिससे 2 हजार एकड़ का खेती का इलाका पानी में डूब गया। इसके चलते आसपास के गांवों से लोगों को निकालने के लिए सेना बुलानी पड़ी। दिल्ली में प्रदूषण में कमी
राजधानी दिल्ली में गुरुवार को बारिश से तापमान में कमी आई। साथी ही प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ। सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक 12.1 मिमी बारिश हुई। इसके बाद सुबह 8:30 से शाम 5:30 तक 3.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

लॉन्च व्यू गैलरी से देख सकेंगे लॉन्चिंग, 19 जुलाई से ऑनलाइन पंजीकरण
19 July 2019
नई दिल्ली. इसरो 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग करेगा। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लॉन्च व्यू गैलरी से लॉन्चिंग देखने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 19 जुलाई, 2019 को शाम 6 बजे से शुरू होगा। इसके लिए https://www.shar.gov.in/VSCREGISTRATION/index.jsp लिंक पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। 15 जुलाई की रात मिशन की शुरुआत से करीब 56 मिनट पहले इसरो ने ट्वीट कर लॉन्चिंग आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया था। इसरो के एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन) बीआर गुरुप्रसाद ने बताया था कि लॉन्चिंग से ठीक पहले लॉन्चिंग व्हीकल सिस्टम में खराबी आ गई थी।
5000 लोगों की लॉन्च व्यूइंग गैलरी की क्षमता
पहले चरण में 5,000 क्षमता वाली लॉन्च व्यूइंग गैलरी का निर्माण एक स्टेडियम के रूप में किया गया है। इसका उद्घाटन 31 मार्च 2019 को किया गया। आगंतुक इस गैलरी से वास्तविक समय में नग्न आंखों से लॉन्च देख सकते हैं। लांचर और उपग्रहों को समझाने के लिए बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। इसके अलावा प्री और पोस्ट लॉन्च गतिविधियों को टेलीकास्ट करने की भी तैयारी चल रही है। इसे स्क्रीन के माध्यम से दर्शकों को समझाया जाएगा।
चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो
चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) होंगे। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारेगा। इस बार चंद्रयान-2 का वजन 3,877 किलो होगा। यह चंद्रयान-1 मिशन (1380 किलो) से करीब तीन गुना ज्यादा है। लैंडर के अंदर मौजूद रोवर की रफ्तार 1 सेमी प्रति सेकंड रहेगी।
चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पहली बार अक्टूबर 2018 में टली
इसरो चंद्रयान-2 को पहले अक्टूबर 2018 में लॉन्च करने वाला था। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 3 जनवरी और फिर 31 जनवरी कर दी गई। बाद में अन्य कारणों से इसे 15 जुलाई तक टाल दिया गया। इस दौरान बदलावों की वजह से चंद्रयान-2 का भार भी पहले से बढ़ गया। ऐसे में जीएसएलवी मार्क-3 में भी कुछ बदलाव किए गए थे।
चंद्रयान-2 मिशन क्या है? यह चंद्रयान-1 से कितना अलग है?
नई तारीख तय होने पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चंद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।
ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर क्या काम करेंगे?
चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच कम्युनिकेशन करना है। ऑर्बिटर चांद की सतह का नक्शा तैयार करेगा, ताकि चांद के अस्तित्व और विकास का पता लगाया जा सके। वहीं, लैंडर और रोवर चांद पर एक दिन (पृथ्वी के 14 दिन के बराबर) काम करेंगे। लैंडर यह जांचेगा कि चांद पर भूकंप आते हैं या नहीं। जबकि, रोवर चांद की सतह पर खनिज तत्वों की मौजूदगी का पता लगाएगा।

दाऊद का भतीजा रिजवान एयरपोर्ट से गिरफ्तार, 2 अन्य आरोपियों से भी वसूली के मामले में पूछताछ
19 July 2019
मुंबई. दाऊद इब्राहिम के भतीजे रिजवान कासकर को मुंबई पुलिस ने बुधवार रात एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। वसूली के मामले में लंबे वक्त से पुलिस को उसकी तलाश थी। बताया जा रहा है कि रिजवान देश छोड़कर भागने की फिराक में था। वह दाऊद के छोटे भाई इकबाल कासकर का बेटा है। गुरुवार को कोर्ट में पेशी से पहले रिजवान और दो अन्य आरोपियों से पूछताछ की गई।
इससे पहले 16 जुलाई को मुंबई पुलिस ने दाऊद और छोटा शकील के खिलाफ जांच करते हुए अफरोज वडारिया उर्फ अहमद रजा और एक अन्य को गिरफ्तार किया था। वडारिया दाऊद के गिरोह के सदस्य फहिम मचमच का गुर्गा है।
वाडरिया से पूछताछ में रिजवान का नाम सामने आया
पुलिस ने वडारिया के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान वडारिया ने वसूली के मामले में रिजवान के शामिल होने का खुलासा किया था। जिसके बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कसा।

मोदी 22 सितंबर को ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे
18 July 2019
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने अमेरिका जाएंगे। यहां वे 22 सितंबर को ह्यूस्टन में हाउडी मोदी! कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। समिट की मेजबानी ह्यूस्टन स्थित टेक्सास इंडिया फोरम करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 सितंबर को वे यूएन में जलवायु परिवर्तन परिवर्तन पर होने वाली विशेष बैठक में भी भाषण देंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर भी 25-26 जुलाई को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। ब्रिक्स देशों के किसी कार्यक्रम में यह जयशंकर का पहला दौरा होगा। इससे पहले सुषमा स्वराज ने पिछले साल सितंबर में विदेश मंत्री रहते हुए ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था।
न्यूयॉर्क और सिलिकॉन वैली में कार्यक्रम कर चुके हैं मोदी
ह्यूस्टन को दुनिया की ऊर्जा राजधानी भी कहा जाता है। मोदी के लिए भी ऊर्जा सुरक्षा ही प्राथमिकता रही है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह तीसरा मौका होगा, जब मोदी अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सामने भाषण देंगे। इससे पहले 2014 में न्यूयॉर्क मेडिसन स्क्वॉयर गार्डन और 2016 में सिलिकॉन वैली में भी मोदी के कार्यक्रम रखे गए थे। दोनों ही मौकों पर भारतीयों की भारी भीड़ जुटी थी। एक अनुमान के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में पूरे यूएस से 20 हजार से ज्यादा लोग मोदी को सुनने पहुंचे थे।
70 हजार की क्षमता वाले एनआरजी स्टेडियम में हो सकता है कार्यक्रम
ह्यूस्टन में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियां अभी शुरू नहीं हुई हैं। हालांकि, इवेंट कराने वालों का कहना है कि वे कार्यक्रम का आयोजन एनआरजी स्टेडियम में करा सकते हैं। इसकी दर्शक क्षमता 70 हजार है। कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन को चुनने की एक वजह यह भी है कि यहां भारी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है। पिछले साल टेक्सास के गवर्नर और ह्यूस्टन के मेयर ने भारत का दौरा भी किया था। इसके अलावा टेक्सास के पूर्व गवर्नर रिक पेरी (अब ऊर्जा मंत्री) के भारतीय-अमेरिकियों के साथ काफी करीबी रिश्ते हैं।

असम और बिहार में बाढ़ से 94 की मौत, 41 जिलों के एक करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित
18 July 2019
नई दिल्ली. बिहार और असम राज्य भारी बारिश के बाद बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। दोनों राज्यों में बुधवार तक मरने वालों की संख्या 94 पहुंच गई। बिहार में 12 जिलों के 46.83 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि 67 लोगों की मौत हुई। अकेले सीतामढ़ी में 17 और मधुबनी में 11 लोग मारे गए। वहीं, असम में 29 जिलों के 57 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 27 लोग जान गंवा चुके हैं।
असम मौसम विभाग के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां गुवाहाटी समेत राज्य के ज्यादातर जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य में रेड अलर्ट जारी किया गया है। केंद्र सरकार ने राहत और बचाव के लिए 251.55 करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
असम में 1.50 लाख बेघर
असम में ढुबरी के असिस्टेंट जेलर सीके हलोई ने कहा कि जिला जेल में पानी भर गया है। डीएसपी अनंत लाल ज्ञानी के आदेश पर 409 कैदियों को अस्थायी तौर पर गर्ल्स कॉलेज में शिफ्ट किया गया। 1.50 लाख बेघर हो गए। प्रशासन ने सभी के लिए 427 राहत कैम्प और 392 राहत सामग्री वितरण केंद्र लगाए।
बिहार के सीतामढ़ी की सबसे गंभीर स्थिति
बिहार के सीतामढ़ी में 17, अररिया में 12, मधुबनी में 11, शिवहर में 9, पूर्णिया में 7, दरभंगा में 5, किशनगंज में 4 और सुपौल में 2 लोग जान गंवा चुके हैं। सबसे गंभीर स्थिति सीतामढ़ी की है, जहां की 176 पंचायतों की 17 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। अररिया के नौ प्रखंडों की 124 पंचायतें जलमग्न हैं। यहां 9.24 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
फिलहाल, 1.14 लाख लोगों ने 137 राहत शिविरों में शरण ले रखी है। प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।

ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पर कैमरे लगाए गए, नियम तोड़ने वालों को फुटेज के जरिए पकड़ा जाएगा
18 July 2019
चेन्नई. तमिलनाडु के कोयंबटूर में बुधवार को ट्रैफिक पुलिस को वर्दी पर लगाए जा सकने वाले कैमरे बांटे गए। इनके जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों के वीडियो फुटेज मौके पर रिकॉर्ड कर जारी किए जा सकेंगे और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। पुलिस को ये कैमरे सड़क हादसों की रोकथाम के लिए काम करने वाले एनजीओ उइर ने बांटे हैं।
डिवाइस में इंटरनेट कनेक्शन भी दिया गया
शहर के पुलिस कमिश्नर सुमित शरण ने यह कैमरे एनजीओ उइर से अपने ऑफिस में लिए। फिलहाल करीब 70 कैमरे पुलिसकर्मियों को दिए गए हैं। इनमें से 20 डिवाइस में इंटरनेट कनेक्शन के लिए सिम कार्ड लगाए गए हैं, जिससे कुछ पुलिसकर्मियों के कैमरे लगातार कंट्रोल रूम में फुटेज भेजते रहेंगे। एक कैमरा करीब आठ घंटे तक वीडियो सीधा टेलिकास्ट कर सकेगा। इन्हें सड़क पर होेने वाले प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इस्तेमाल किया जाएगा। इनके फुटेज ऑनलाइन भी मौजूद होंगे।
भ्रष्टाचार रोकने में कारगर होगी यह तरकीब
कमिश्नर शरण के मुताबिक, इन कैमरों के जरिए ट्रैफिक पुलिस के कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे भ्रष्टाचार पर भी रोकथाम लगेगी। पुलिसकर्मी जो कुछ भी करेंगे, वह सीधा कैमरे में रिकॉर्ड होगा। इससे पुलिस ज्यादातर बेकार की बहसों में पड़ने से बचेगी और नियम तोड़ने वालों पर सही जुर्माने की भी जानकारी मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस पहले ही सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए 14,100 मामले दर्ज कर चुकी है।

नैन सरोवर में ग्लेशियर गिरने से 4 श्रद्धालु घायल, रोकी गई श्रीखंड महादेव यात्रा
17 July 2019
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में श्रीखंड यात्रा के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पार्वती बैग के पास नैन सरोवर में अचानक एक ग्लेशियर आ गिरा। ग्लेशियर गिरते ही यात्रा पर श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि हादसे में किसी की जान जाने खबर नहीं है। लेकिन चार श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं। इस वजह से कई श्रद्धालु बीच में ही फंस गए हैं।
भीम द्वार पर यात्रा को रोक दिया
हादसे की जानकारी मिलते ही तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार यह घटना 6.30 बजे के आसपास की बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए ले जाया गया है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर भीम द्वार पर यात्रा को रोक दिया गया है।
60 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्लेशियर गिरने से बीच में फंसे लगभग 50 से 60 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं, घायल श्रद्धालुओं की पहचान लुधियाना निवासी राजीव, पुणे के विवेक, महाराष्ट्र के रहने वाले एक बाबा और पुणे निवासी नमलेश पटेल के रूप में हुई है।
ऑक्सीजन की कमी के कारण घुटन
यही नहीं अहमदाबाद निवासी एक 35 वर्षीय महिला श्रद्धालु दिव्यांगनी व्यास पार्वती बाग से लगभग एक किमी की चढ़ाई से बाहर निकाला गया। महिला को ऑक्सीजन की कमी के कारण घुटन की शिकायत थी। महिला को प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद पार्वती बैग शिविर में पहुंचाया गया है।

UP के सोनभद्र में जमीन विवाद में गोली मारकर 9 की हत्या, 18 घायल
17 July 2019
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद ने नरसंहार का रूप ले लिया और यह झगड़ा 9 लोगों की जान ले गया। इस पूरी घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि मारे गए लोगों में 6 पुरुषऔर तीन महिलाएं शामिल हैं और सभी एक ही पक्ष के थे।
जानकारी के अनुसार सोनभद्र के घोरावल कोतवाली क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत मूर्तिया के ग्राम उभ्भा में बुधवार को भूमि विवाद को लेकर हुए दो पक्षों में संघर्ष में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 18 घायल हो गए हैं। विवाद के बाद दोनों पक्षों में गोली के साथ ही लाठी, गड़ासा भी जमकर चला।
सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों में 18 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल में भर्ती कराया गया है जबकि गंभीर रूप से घायल आधा दर्जन लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया है। भूमि विवाद गूजर व गोड़ जाति के बीच बताया गया है।

असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आईं हिमा दास, राहत कोष में दी अपनी आधी सैलरी
17 July 2019
नई दिल्ली। भारत की स्टार महिला एथलीट हिमा दास ने असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। हिमा दास ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की इच्छा जताई है। उन्होंने इंडियन ऑयल फाउंडेशन से मिलने वाली अपनी सैलरी का आधा हिस्सा राहत कोष में देने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि हिमा दास असम राज्य से ही हैं और इन दिनों वह क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स मीट में पिछले 11 दिन के अंदर 3 गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियों में बनी हुई हैं।
हिमा ने बड़ी शख्सियतों से भी मदद मांगी
हिमा दास ने ट्वीट कर बड़ी कंपनियों और बड़ी शख्सियतों से असम बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की है। हिमा ने अपनी ट्वीट में कहा है, ''हमारे प्रदेश असम में बाढ़ से स्थिति काफी खराब है, 33 में से 30 जिले इससे प्रभावित हैं, इसलिए मैं बड़े कॉरपोरेट घरानों और लोगों से यह अपील करना चाहती हूं कि वो हमारे राज्य की इस मुश्किल स्थिति में मदद करें।’ हिमा ने अपने इस ट्वीट के साथ असम की चार फोटो भी ट्वीट की हैं, जिसमें बाढ़ की गंभीरता को साफ देखा जा सकता है।
असम में बाढ़ की वजह से हो चुकी हैं 15 मौतें
आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से हालात काफी बद्तर हो चुके हैं। राज्य में बाढ़ और लैंडस्लाइड ( भूस्खलन ) की वजह से 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 46 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी के मुताबिक 4,175 गांवों के 46,28 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एनडीआरएफ की कई टीमें जुटी हुई हैं।
हिमा दास ने असम बाढ़ पीड़ितों की मदद कर एक मिसाल पेश की है। वो इन दिनों में क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स मीट में धमाल मचा रही हैं। हिमा ने पिछले 11 दिनों के अंदर तीन गोल्ड मेडल जीत सभी को चौंका दिया है।

पाकिस्तान ने 139 दिन बाद भारत से उड़ान भरने वाले विमानों के लिए एयरस्पेस खोला
16 July 2019
नई दिल्ली. पाकिस्तान ने 139 दिन बाद भारतीय समेत अन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस सोमवार रात 12.41 बजे खोल दिया। भारतीय उड्यन विभाग ने मामले की समीक्षा की और अब दोनों देशों के बीच विमानों की आवाजाही शुरू हुई। भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले के बाद 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक की थी। उसके अगले दिन पाक विमानों ने कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश की। तभी से पाक ने एयर स्पेस बंद कर रखा था।
एयर स्पेस बंद होने के दौरान यूरोप और खाड़ी देशों की ओर जाने वाली सभी फ्लाइट गुजरात के ऊपर से अरबसागर पार करते हुए जा रही थीं। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एससीओ समिट में हिस्सा लेने किर्गिस्तान जाना था। तब पाक ने मोदी के लिए 48 घंटे तक अपना एयरस्पेस खोला था, लेकिन मोदी ने पाक एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं किया।
एयर इंडिया को 491 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ
पाकिस्तान सिविल एवियएशन अथॉरिटी ने एयर स्पेस पर लगे प्रतिबंध को सभी नागरिक विमानों के लिए तत्काल प्रभाव से हटाया है। पाक एयरस्पेस बंद होने से एयर इंडिया को लगभग 491 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन के डाटा के अनुसार इससे रोजाना करीब 233 विमानों के करीब 70 हजार यात्री परेशान हो रहे थे। इन्हें गंतव्य तक पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे ज्यादा समय लग रहा था। एयर इंडिया के मुताबिक, एयरस्पेस खोले जाने से यूएस जाने वाली फ्लाइटों के खर्च में 20 रु. प्रति ली. की कमी आएगी।
भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को एयर स्ट्राइक की थी
14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाक के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 250 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। पाक को डर था कि भारत दूसरा हमला न कर दे, इसलिए उसने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाया था।

रिटायरमेंट के 40 साल बाद वायुसेना के जवान ने रक्षा मंत्रालय को 1 करोड़ रुपए दान दिए
16 July 2019
नई दिल्ली. वायुसेना से 40 साल पहले रिटायरमेंट लेने वाले 74 साल के सीबीआर प्रसाद ने रक्षा मंत्रालय को 1.08 करोड़ रुपए दान दिए। उन्होंने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को चेक सौंपा। प्रसाद ने कहा, ‘‘मैंने अपनी पूरी जिम्मेदारियां निभा ली हैं। मुझे लगा कि देश की रक्षा के लिए कुछ करना चाहिए, इसलिए मैंने यह फैसला लिया। मैंने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई से बेटी को 2% और पत्नी को 1% दिया। इसके बाद बचा हुआ 97% देश और समाज सेवा में लगाया है।’’
बिजनेस के साथ मैं समाज सेवा भी करता हूं
  1. 1. प्रसाद ने कहा, ‘‘मैंने नौ साल की सर्विस के बाद वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया था। इसके बाद मुझे रेलवे से नौकरी का ऑफर मिला, जो मैंने नहीं लिया। फिर मैंने एक पोल्ट्री फॉर्म खोला। पिछले 30 साल से मैं बिजनेस के साथ समाज सेवा भी कर रहा हूं। एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी खोली है।’’

  2. 2. राजनाथ सिंह ने प्रसाद से पूछा कि दान करने का फैसला क्यों किया? इस पर प्रसाद ने बताया कि मैं जब वायुसेना में नौकरी कर रहा था, तब कोयंबटूर में महान इंजीनियर जीडी नायडू चीफ गेस्ट बनकर आए थे। उन्होंने कहा था कि भारत महान देश है। हमारी सोच दूसरे देशों से के लोग से अलग है। हमें पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने के बाद देश और समाज की सेवा करना चाहिए। इसके बाद से ही मैंने यह फैसला लिया।’’

  3. 3. प्रसाद ने कहा, ‘‘मेरा सपना था कि मैं ओलिंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करूं, लेकिन यह मुमकिन नहीं हो सका। यही कारण है कि मैंने एक 100 एकड़ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोली, जहां बच्चों को ट्रेनिंग दी जाती है। अब मेरा सपना लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग 2 स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलना है।’’


असम में बाढ़ से 43 लाख लोग प्रभावित, काजीरंगा नेशनल पार्क का 90 फीसदी डूबा
16 July 2019
गुवाहटी। भारी बारिश से असम में जन-जीवन पटरी से उतर गया है। Assam Floods में 33 जिलों में से 30 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, जिसकी वजह से करीब 43 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम सरकार ने सोमवार को राज्य की खराब स्थिति देखते हुए रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। पानी की वजह से राज्य का बड़ा हिस्सा देश से अलग हो गया है। सोमवार को चार लोगों की मौत के साथ ही बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, सोनितपुर, दर्रांग, उदालगुरी, बक्सा, बारपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, बोंगाईगांव और कोकराझार जैसे गांवों में बारिश लगातार जारी रही और राज्य के 4,157 गांव डूब चुके हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का बढ़ता जल स्तर राज्य के डूबे हुए हिस्सों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। बारिश की वजह से राज्य में बहने वाली 10 अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
एक सींग वाले गैंडे के लिए दुनिया में मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क का 90 फीसदी हिस्सा डूब चुका है। जानवर भी बाढ़ से अप्रभावित नहीं हैं। पिछले दो दिनों में 17 जंगली जानवरों की मौत हो चुकी है। काजीरंगा नेशनल पार्क में करीब एक हजार हाथी और सैकड़ों हिरणों के लिए जिंदगी बचाना मुश्किल साबित हो रहा है। बाढ़ में फंसे जानवरों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। ऊपरी असम से सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। मदद की आस में लोग सड़कों पर निकल आए हैं।
राज्य भर में 183 राहत शिविरों में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकाले गए 83,000 लोगों को ठहराया गया है। पानी की तेज धाराओं की वजह से फेरी सेवाओं को बंद कर दिया गया था। जानवरों को डूबने से बचने के लिए पार्क से बाहर निकलते देखा जा सकता है। राज्य में कृषि कार्य भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लगभग 90,000 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। ऐसे कई खेतों हैं, जहां पर खड़ी फसलें अब पानी की वजह से बर्बाद हो गई हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए 380 कर्मियों वाली 15 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग को भी चिकित्सा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह की ओवैसी को नसीहत - 'सुनने की भी आदत डालिए'
15 July 2019
नई दिल्ली। लोकसभा में आज गृह मंत्री अमित शाह और AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी आमने-सामने होते नजर आए। ये घटना उस वक्त हुई जब भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह NIA संशोधन बिल को लेकर बोल रहे थे। इस दौरान ओवैसी द्वारा बीच में बोलने पर अमित शाह ने उन्हें नसीहत दे डाली।
दरअसल, NIA संशोधित बिल पर जब लोकसभा में जब चर्चा शुरू हुई तो इस दौरान सत्यपाल सिंह ने कहा कि आतंकवाद इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम उसे राजनीतिक चश्मे से देखते हैं जबकि हमें उससे मिलकर लड़ना चाहिए।
भाषण के दौरान ही अचानक औवेसी खड़े हो गए और उनका विरोध करने लगे। इस पर अमित शाह ने उन्हें टोकते हुए कहा कि 'सुनने की भी आदत डालिए ओवैसी साहब, इस तरह से नहीं चलेगा'

स्पीकर ने विधान सौधा 19 जुलाई तक की स्थगित, मानी मुख्यमंत्री की बात
15 July 2019
बेंगलुरु/ मुंबई। मुश्किल में फंसी कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार का संकट जस का तस बना हुआ है। हालांकि, उसे आज भाजपा द्वारा की गई बहुमत पेश करने की मांग से बचने का मौका मिल गया है। आज विधानसभा स्पीकर ने सत्ता और विपक्ष को सुनने के बाद सदन की कार्रवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है।
आज सदन में कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने मांग की कि बहुमत परीक्षण को गुरुवार तक के लिए टाल दिया जाए और स्पीकर ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सदन गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही राज्य की वर्तमान सरकार को थोड़ा और वक्त मिल गया है ताकि वो अपने बागी विधायकों को मना ले।
इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येद्दियुरप्पा का रविवार को बयान आया कि कुमारस्वामी अब और ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और भाजपा राज्य में सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी के पास अब सदन में बहुमत नहीं है और वो पद से इस्तीफा दें।
इससे पहले कांग्रेस की बागियों को साधने की कोशिशों को रविवार को तब झटका लगा जब बागी विधायक एमटीबी नागराज शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से हुई चर्चाओं को ठेंगा दिखाकर अन्य बागियों के साथ रहने के लिए मुंबई लौट गए। वहां उन्होंने साफ कहा कि इस्तीफे वापस लेने का सवाल ही नहीं है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट 10 बागियों के इस्तीफे मंजूर नहीं करने के मामले में आगे सुनवाई करेगा।
नागराज को मनाने की कोशिश की थी
कांग्रेस नेता नागराज पहले तो मान गए थे लेकिन बाद में पलटी मारते हुए मुंबई चले गए। कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम सिद्धरमैया, शिवकुमार समेत कर्नाटक के कई नेताओं ने शनिवार को बेंगलुरु में नागराज से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की थी। नागराज ने भी संकेत दिए थे कि वह इस्तीफे पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
हालांकि, मुंबई पहुंचने पर उनके सुर यथावत रहे। इसके साथ ही 13 माह पुरानी कुमारस्वामी सरकार को बचाने की कोशिशें विफल होती दिख रही हैं। मुंबई में पत्रकारों से चर्चा में नागराज ने कहा कि हम फैसले पर अडिग हैं। इस्तीफे वापस लेने का सवाल नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने साथ इस्तीफा देने वाले विधायक के. सुधाकर द्वारा इस्तीफा वापस लेने पर यह कदम उठा सकते हैं।
इस्तीफा दें कुमारस्वामी : भाजपा
उधर भाजपा ने रविवार को फिर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि स्वामी यदि ईमानदार हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करते हैं तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए या सोमवार को ही विश्वास मत पेश करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कांग्रेस-जेडीएस के 16 विधायक इस्तीफे दे चुके हैं और भाजपा को समर्थन की घोषणा कर चुके हैं। कुमारस्वामी के पास बहुमत नहीं है। इसलिए उन्हें तत्काल पद छोड़ना चाहिए या विश्वास मत अर्जित करना चाहिए।

मोदी संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने सितंबर में अमेरिका जाएंगे, भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे
13 July 2019
वॉशिंगटन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका जाएंगे। न्यूज एजेंसीा ने इस बात की जानकारी दी। वे यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे ह्यूस्टन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित भी करेंगे।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारतीय प्रवासियों की जनसंख्या को देखते हुए फिलहाल ह्यूस्टन और शिकागो में से किसी एक को ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए चुना जाएगा। हालांकि, मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि मोदी 22 सितंबर को ह्यूस्टन में ही भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसके बाद 23 सितंबर को वे यूएन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाली विशेष बैठक में भाषण देंगे।
न्यूयॉर्क और सिलिकॉन वैली में कार्यक्रम कर चुके हैं मोदी
ह्यूस्टन को दुनिया की ऊर्जा राजधानी भी कहा जाता है। मोदी के लिए भी ऊर्जा सुरक्षा ही प्राथमिकता रही है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह तीसरा मौका होगा, जब मोदी अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सामने भाषण देंगे। इससे पहले 2014 में न्यूयॉर्क मेडिसन स्क्वॉयर गार्डन और 2016 में सिलिकॉन वैली में भी मोदी के कार्यक्रम रखे गए थे। दोनों ही मौकों पर भारतीयों की भारी भीड़ जुटी थी। एक अनुमान के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में पूरे यूएस से 20 हजार से ज्यादा लोग मोदी को सुनने पहुंचे थे।
70 हजार की क्षमता वाले एनआरजी स्टेडियम में हो सकता है कार्यक्रम
ह्यूस्टन में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियां अभी शुरू नहीं हुई हैं। हालांकि, इवेंट कराने वालों का कहना है कि वे कार्यक्रम का आयोजन एनआरजी स्टेडियम में करा सकते हैं। इसकी दर्शक क्षमता 70 हजार है। कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन को चुनने की एक वजह यह भी है कि यहां भारी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है। पिछले साल टेक्सास के गवर्नर और ह्यूस्टन के मेयर ने भारत का दौरा भी किया था। इसके अलावा टेक्सास के पूर्व गवर्नर रिक पेरी (अब ऊर्जा मंत्री) के भारतीय-अमेरिकियों के साथ काफी करीबी रिश्ते हैं।

राम माधव ने कहा- भाजपा कश्मीर के मुस्लिम बहुल इलाकों में विस्थापित हिंदुओं का पुनर्वास करेगी
13 July 2019
नई दिल्ली. भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि पार्टी कश्मीर घाटी में विस्थापित हिंदुओं के पुनर्वास की तैयारी कर रही है। कश्मीर घाटी के मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंदुओं को दोबारा से बसाया जाएगा। इस प्रस्ताव को करीब-करीब आलाकमान की मंजूरी मिल चुकी है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में राम माधव ने कहा, कश्मीरी हिंदुओं को पंडित भी कहा जाता है। 1989 में कश्मीर घाटी में हिंदुओं के खिलाफ हथियारबंद विद्रोह शुरू हुआ था। इसके चलते करीब 2 से 3 लाख पंडित घाटी छोड़कर चले गए थे। हिंदुओं का अपने घर लौटना उनका मौलिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाएगा। उन्हें दोबारा से राज्य में स्थापित करने के बाद पूरी सुरक्षा भी दी जाएगी।
कश्मीर घाटी में 70 लाख लोग रह रहे
इस वक्त कश्मीर घाटी में 70 लाख लोग रह रहे हैं, जिसमें 97% मुस्लिम हैं। घाटी में आतंकी घटनाओं और तनाव के चलते वहां सेना समेत अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती है। बीते 3 दशकों में कश्मीर में 50 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
माधव के मुताबिक, पूर्व में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं के लिए अलग से या मौजूदा निवासियों के साथ टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ। अलग-अलग एन्क्लेव के निर्माण में क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिक दलों, मुस्लिम नेतृत्व और हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों से कोई समर्थन नहीं मिला। कश्मीर में हिंदुओं को पुनर्स्थापित करने के लिए बिल्डिंगों के बनाए जाने पर गृह मंत्रालय ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद कांग्रेस के बागी विधायक नागराज ने इस्तीफा वापस लेने के संकेत दिए
13 July 2019
बेंगलुरु. कांग्रेस के बागी विधायक एमटीवी नागराज ने पार्टी नेता डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद शनिवार को इस्तीफा वापस लेने के संकेत दिए। उधर, गठबंधन के पांच और विधायक स्पीकर रमेश कुमार द्वारा इस्तीफा स्वीकार ना करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। इससे पहले इसी मामले में 10 और बागी विधायकों ने याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को 16 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस पर मंगलवार को अगली सुनवाई होगी।
कांग्रेस और जेडीएस के 10 बागी विधायक इस्तीफा देने के बाद से मुंबई ठहरे हुए हैं। ये सभी विधायक शनिवार को विशेष विमान से शिरडी पहुंचे। यहां विधायकों ने साईं मंदिर के दर्शन किए।
मैंने कई दशक कांग्रेस में बिताए- नागराज
नागराज ने शिवकुमार से मुलाकात के बाद कहा कि उस वक्त स्थिति ऐसी थी कि हमने इस्तीफा सौंपा। लेकिन अब शिवकुमार और अन्य नेताओं ने मुझसे इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा है। मैं इस मामले में के सुधाकर राव से बात करूंगा। इसके बाद देखूंगा कि क्या करना है। मैंने कई दशक कांग्रेस में बिताए हैं।
नागराज और सुधाकर ने 10 जुलाई को इस्तीफा दिया था। इन दोनों विधायकों के अलावा 14 और विधायक अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। हालांकि, किसी भी विधायक का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ। नागराज ने इस्तीफा वापस लेने को लेकर सीधे तौर पर कोई ऐलान नहीं किया। शिवकुमार ने कहा कि हमें साथ रहना चाहिए, साथ मरना चाहिए। हमने 40 साल तक एक साथ पार्टी में काम किया। हर परिवार में ऊंच-नीच होती रहती है। हम इन सब से आगे निकलेंगे। खुशी है कि नागराज ने भरोसा दिलाया है कि वे हमारे साथ रहेंगे।
कुमारस्वामी के विश्वास मत साबित करने की मांग के फैसले का स्वागत- भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के विश्वास साबित करने के लिए वक्त मांगने के फैसले का स्वागत करती है। येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक की जनता को मौजूदा गठबंधन सरकार के भ्रष्टाचार से घृणा थी। यही वजह थी कि दोनों पार्टियों के विधायक इस्तीफा दे रहे हैं। कई और असंतुष्ठ विधायक पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं। यही वजह है कि कुमारस्वामी ने विश्वास साबित करने के लिए वक्त मांगा और हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। अगले कुछ दिनों में यह सरकार गिर जाएगी।
कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। बुधवार को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दिया।

SBI ने दिया ग्राहकों को बड़ा तोहफा, IMPS के साथ RTGS, NEFT से लेनदन पर नहीं लगेगा चार्ज
12 July 2019
नई दिल्ली। देश का अग्रणी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अक्सर अपने ग्राहकों के लिए बड़े ऐलान करता रहता है। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में बैंक पहले भी कईं ऑफर्स दे चुका है और अब खबर है कि स्टेट बैंक आने वाले दिनों में IMPS पर लगने वाला चार्ज पूरी तरह से खत्म कर देगा। बैंक ने RBI के फैसले का बद ऑनलाइन लेनदेन के लिए उपयोग होने वाले NEFT और RTGS के अलावा IMPS पर लगने वाला चार्ज खत्म कर दिया है।
अब खबर है कि बैंक ने RTGS और NEFT पर लगने वाला चार्ज 1 जुलाई से खत्म किया है वहीं 1 अगस्त से इमीडिएट पेमेंट सर्विसेज (IMPS) पर लगने वाला चार्ज भी खत्म करने वाली है। बता दें कि IMPS की मदद से यूजर तत्काल बड़ा अमाउंट ट्रांसफर कर सकता है।
फिलहाल 1000 रुपए तक IMPS के माध्यम से किए जाने वाले लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगता है। वहीं 1 हजार से 10 हजार के बीच के लेनदेन पर 2 रुपए प्लस जीएसटी देना होता है।
इस सेवा को सार्वजनिक रूप से 22 नवंबर 2010 को शुरू किया गया था। इस सेवा के माध्यम से एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में रुपया कभी भी किसी भी समय भेजा जा सकता है। इस सेवा का उपयोग बैंक की छुट्टियों के समय भी पूरे साल 24x7 किया जा सकता है।

18 सालों में पहली बार हुआ ऐसा, आधी रात तक चली संसद और हुई बहस, स्पीकर ने किया खाने का इंतजाम
12 July 2019
नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों में तो आपने शायद ही सुना हो की संसद में हंगामा ना हुआ हो और उसकी कार्यवाही तय समय तक बिना रुके चली हो। लेकिन गुरुवार को कुछ ऐसा हुआ है जो वाकई में जानने लायक है। दरअसल, गुरुवार को लोकसभा में सांसदों ने आधी रात तक काम किया और एक विशेष मुद्दे पर चर्चा की। यह चर्चा रेलवे की अनुदान मांगों को लेकर थी और सत्ता के अलावा विपक्षी दलों के सांसद भी इस दौरान सदन में मौजूद रहे। इस दौरान विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर रेल की परिसंपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। इनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग जमीन पर ज्यादा कुछ करने के बजाय लोगों को सपने बेच रहा है। वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को दरकिनार करते हुए रेल दुघर्टनाओं में बीते पांच साल में 73 प्रतिशत की कमी आने का दावा किया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को मालूम था कि यह बहस देर तक चल सकती है। इसे देखते हुए उन्होंने सभी के लिए भोजन और सांसदों को घर छोड़ने की व्यवस्था करने के लिए कहा था।
अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अपने सेक्रेटेरियट से सदस्यों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के साथ-साथ परिवहन की सुविधा की व्यवस्था करने के लिए पहले ही कह दिया था।
लोकसभा में देर रात तक हुई चर्चा पर केंद्रीय रेल राज्यमंत्री एस अंगदी ने कहा कि रेलवे एक परिवार की तरह है जो सबको जोड़े रखता है। सभी सांसदों ने अच्छी सालह दी। पीएम मोदी के आने के बाद से रेलवे बदला है। वाजपेयी जी ने जो सड़कों को लेकर किया वो मोदी जी ट्रेनों को लेकर कर रहे हैं।
रेल मंत्रालय की अनुदान की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नागर विमानन मंत्री एयर इंडिया को बेचना चाहते हैं जबकि रेल मंत्री रेल की परिसंपत्तियों को बेचना चाहते हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार 2014 में सत्ता में आने के बाद लगातार अपने लक्ष्य हासिल करने में असफल रही है। सरकार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि बजट में रेल पर 50 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है जबकि रेल मंत्री पीयूष गोयल के पूर्ववर्ती सुरेश प्रभु ने 8.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया था, उसका क्या हुआ।
चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं में 2014 से 2019 के दौरान 73 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पार्टी और उनके नेताओं के हित प्राथमिकता में ऊपर थे जबकि राजग सरकार के लिए देश हित सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि रेल की स्थिति और प्रदर्शन अब पहले से काफी बेहतर हुई है। भाजपा के ही गोपाल चिनय्या शेट्टी ने पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि इससे देश की प्रगति को प्रोत्साहन मिलेगा।
भारत के लिए बुलेट ट्रेन नहीं
तृणमूल कांग्र्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि भारत में बुलेट ट्रेन की अवधारणा संभव नहीं है। उन्होंने सरकार पर छल करने और झूटे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन दरअसल तेज रफ्तार ट्रेन है बुलेट ट्रेन नहीं। उन्होंने सरकार से 100 साल से पुराने हो चुके रेलवे के पुलों पर ध्यान देने की मांग भी की।
स्टेशन पर शौचालय निःशुल्क हो
चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना के सदस्य राहुल रमेश शेवाले ने केंद्र सरकार से रेलवे स्टेशनों पर निःशुल्क शौचालय की सुविधा मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा मुफ्त दी जा रही है, लेकिन शौचालय के लिए पैसे लिए जा रहे हैं।
हाथ से मैला की सफाई शर्मनाक
द्रमुक की कनीमोरी ने कहा कि रेलवे में हाथ से मैला साफ करने की व्यवस्था देश के लिए शर्म की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवले इसे छिपाने के लिए यह काम ठेकेदारों के जरिए करा रहा है। खबर लिखे जाने तक रेल मंत्रालय की अनुदान की मांगों पर लोक सभा में चर्चा जारी थी।

मुंबई में गरमाई कर्नाटक की 'सियासत', मंत्री डीके शिवकुमार को पुलिस ने किया गिरफ्तार
10 July 2019
मुंबई। कर्नाटक की गठबंधन सरकार का भविष्य संकट में है। कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों के बागी होने के बाद अब उन्हें मनाने का दौर शुरू हो चुका है। एक तरफ जहां सीएम कुमार स्वामी नए सिरे से कैबिनेट के गठन की बात कह चुके हैं। वहीं दूसरी ओर आज मंत्री डीके शिवकुमार के बागी विधायकों से मिलने के लिए मुंबई पहुंचने के बाद सियासत गरमा गई है। बागी विधायकों ने जहां मंत्री शिवकुमार से मिलने से इंकार कर दिया है। पुलिस द्वारा शिवकुमार को होटल में जाने से रोका गया था, इसके बाद वे होटल के बाहर ही बैठ गए थे। मुंबई पुलिस द्वारा धारा 144 लागू होने के बाद शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसके पूर्व बागी विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफे को गवर्नर द्वारा स्वीकार करने में देरी किए जाने के बाद बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब इस मामले में लगी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी।
इसके पूर्व बागी विधायक जहां ठहरे हैं उस होटल के बाहर पहुंचे शिवकुमार ने कहा था कि मैंने इस होटल में कमरा बुक कराया है। मेरे दोस्त यहां ठहरे है। हमारे बीच छोटी सी समस्या है जो बातचीत से सुलझ जाएगी। इसमें डराने जैसी कोई बात नहीं है। हम एक दूसरे से प्यार और सम्मान करते हैं।
हालांकि पुलिस ने शिवकुमार को होटल के अंदर जाने से रोक दिया था। उन्हें होटल के गेट के बाहर पहुंचने के बाद पुलिस ने अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
कर्नाटक के कांग्रेस और जेडीएस के 10 बागी विधायक मुंबई के रिनासेंस होटल में ठहरे हुए हैं। वहीं मंत्री शिवकुमार के मुंबई पहुंचने की जानकारी लगने के बाद मुंबई पुलिस द्वारा होटल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि मंत्री शिवकुमार को होटल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जहां बागी विधायक ठहरे हुए हैं। हालांकि उन्हें होटल के गेट तक जाने से नहीं रोका जाएगा।
वहीं दूसरी ओर पुलिस के सुरक्षा इंतजाम को लेकर मंत्री शिवकुमार का कहना है कि 'मुंबई पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों को तैनात रहने दें। उन्हें उनकी ड्यूटी निभाने दें। हम अपने दोस्तों से मिलने जा रहे हैं। हम राजनीति में साथ पैदा हुए थे और साथ ही मरेंगे। वे हमारी पार्टी के लोग हैं। हम उनसे मिलने आए हैं।'
इस बीच डीके शिवकुमार के विधायकों से मिलने के लिए पहुंचने की जानकारी लगने के बाद जेडीएस नेता नारायण गौड़ा के समर्थकों ने होटल के बाहर जमा होकर 'वापस जाओ' के नारे लगाए।
इसके पूर्व कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठापठक के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को कर्नाटक के गवर्नर पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि 'एक के बाद एक उन सभी राज्यों में जहां विपक्ष की सरकार है। वहां सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है। केंद्र सरकार इसके लिए गवर्नर का इस्तेमाल कर रही है।'
बता दें कि कर्नाटक की गठबंधन सरकार के विधायकों और मंत्रियों के इस्तीफे के बाद सरकार अल्पमत में आ जाएगी। ऐसे में अब उन्हें मनाने का दौर चल रहा है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस ने सरकार गिराने के लिए भाजपा पर षड़यंत्र करने का आरोप लगाया है। हालांकि भाजपा के नेता इस आरोप को पहले ही पूरी तरह से खारिज कर चुके हैं।

अलकायदा चीफ ने कश्मीर पर दी धमकी, कहा - सेना, सरकार पर लगातार हों हमले
10 July 2019
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठनों पर लगातार कसते शिकंजे से अब अलकायदा बौखला गया है। अलकायदा चीफ ने एक वीडियो जारी कर कश्मीर को लेकर भारत को धमकी दी है। अल कायदा प्रमुख आयमान अल जवाहिरी ने वीडियो में कहा है कि भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर की सरकार पर बिना रुके लगातार हमले जारी रहना चाहिए। वीडियो मैसेज को 'डोन्ट फॉर्गेट कश्मीर' टाइटल से जारी किया गया है। वीडियो में अलकायदा प्रमुख ने कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद को भड़काने की भूमिका को लेकर भी बात की है।
जवाहिरी ने कश्मीर में आतंकवादियों को 'कश्मीर में मुजाहिदीन' से संबोधित करते हुए कहा है। इस स्थिति में फोकस होकर भारतीय सेना और सरकार पर लगातार हमले किए जाने चाहिए। इससे भारत की अर्थव्यवस्था बर्बाद होगी और वह लोगों और उपकरणों का नुकसान उठाएगा।
वीडियो में बोलते वक्त जवाहिरी के दाएं हाथ में रायफल और बाएं हाथ में कुरान थी। हालांकि जवाहिरी ने अपने इस पूरे वीडियो में कहीं मई में मारे गए आतंकी जाकिर मूसा का जिक्र नहीं किया, लेकिन कश्मीर पर बोलते हुए बार बार उसकी तस्वीर दिखाई दे रही थी। बता दें कि जाकिर मूसा अलकायदा की भारतीय सेल का फाउंडर था।
जवाहिरी ने कहा कि कश्मीर में लड़ाई अलग मामला नहीं है, बल्कि ये दुनियाभर के मुस्लिमों का जिहाद है। इतना ही नहीं वीडियो में जवाहिरी आतंकवादियों को कश्मीर में मस्जिदों, बाजारों और जहां मुस्लिम जमा हो वहां हमले ना करने की हिदायत दे रहा है।
पुलवामा हमले के बाद से ही भारतीय सेना ने कश्मीर में आतंकी ठिकानों और टेटर मॉड्यूल को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रखा है। इससे आतंकियों की कमर टूटने लगी है।

प्रमोटर राकेश गंगवाल ने कहा- पान की दुकान भी इससे बेहतर तरीके से चलती है
10 July 2019
नई दिल्ली. इंडिगो एयरलाइन के प्रमोटरों का विवाद मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। प्रमोटर राकेश गंगवाल (66) ने को-फाउंडर राहुल भाटिया (58) पर गंभीर गड़बड़ियों (गवर्नेंस लेप्सेज) के आरोप लगाए हैं। गंगवाल ने कहा है कि कंपनी अपने सिद्धांतों और संचालन के मूल्यों से भटक चुकी है। एक पान की दुकान इससे ज्यादा बेहतर तरीके से मामलों को सुलझा सकती है।
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। 2004 में राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने इसकी स्थापना की थी। उड़ान 4 अगस्त 2006 को शुरू हुई थी।
तुरंत कदम उठाने की जरूरत: गंगवाल

  1. गंगवाल ने मार्केट रेग्युलेटर सेबी से शिकायत की है। सेबी ने एयरलाइन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से 19 जुलाई तक जवाब मांगा है। इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने मंगलवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मई में इंडिगो के प्रमोटर्स के बीच मतभेद की खबर आने के बाद से ही सेबी की जांच जारी है।

  2. गंगवाल ने कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस (आरपीटी) पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शेयरहोल्डर्स के एग्रीमेंट से भाटिया को इंडिगो पर असामान्य नियंत्रण का अधिकार मिल गया है। संचालन से जुड़े मलूभूत नियम और कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा। तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नतीजे दुर्भाग्यपूर्ण होंगे।

  3. गंगवाल ने इंडिगो के बोर्ड को पत्र लिखकर 12 जून को ईजीएम रखने की मांग की थी लेकिन, भाटिया ने प्रस्ताव का विरोध किया था। भाटिया ने कंपनी के बोर्ड से कहा था कि गंगवाल ईगो हर्ट होने की वजह से ऐसी बातें कर रहे हैं। उनकी गैर-वाजिब मांगों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

  4. भाटिया ने 12 जून को लिखे पत्र में आरोप लगाए कि गंगवाल हिडन एजेंडे के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने एक पैकेज का प्रस्ताव दिया था। वे रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस के मुद्दे पर अलग से बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। बता दें राकेश गंगवाल की इंडिगो में 37% और राहुल भाटिया की 38% हिस्सेदारी है।


दूसरी बार चांद पर जाने को तैयार है हमारा चंद्रयान, इसरो ने जारी की
9 July 2019
देश में बना चंद्रयान-2 चांद पर दूसरी बार जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है। इसे 15 जुलाई को अलसुबह 2:15 बजे लांच किया जाएगा। लांचिंग से एक हफ्ते पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने अपनी वेबसाइट पर चंद्रयान-2 की तस्वीरें जारी की हैं। इसरो प्रमुख डॉ. के सिवान ने बताया कि, चंद्रयान-2 के जरिए इसरो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जा रहा है जहां आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। अगर हम उस जोखिम को लेते हैं तो वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को लाभ होगा।'
11 से 13 जुलाई तक इन राज्‍यों में भारी बारिश की संभावना
9 July 2019
इन दिनों मुंबई में मानसून की बारिश हो रही है। इसके साथ ही मानसून कई राज्‍यों में सक्रिय हो गया है। मुंबई में बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी यूपी, कर्नाटक के तटीय इलाकों और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
पूर्वोत्‍तर राज्‍यों असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मध्‍यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड और ओडिशा में आंधी-पानी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने उत्‍तराखंड के नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, चमोली, टेहरी गढवाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून और हरिद्वार में 11, 12, और 13 जुलाई को भारी से ज्‍यादा भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मंगलवार और बुधवार को दिल्ली के साथ एनसीआर के इलाकों में बारिश होगी।
आगामी 11 से 20 जुलाई के बीच बारिश के आसार नहीं हैं। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को तेज रिश के लिए और 15 दिन तक इंतजार करना होगा। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया निम्न दबाव की रेखा फिलहाल पंजाब से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए असम की ओर बढ़ रही है।
ऑल इंडिया वेदर वॉर्निग बुलेटिन के अनुसार मध्‍य अरब सागर और पूर्व एवं मध्‍य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं की गति रहेगी। बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में मुंबई और आसपास के जनपदों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि इस दौरान 200 मीमी तक बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के डिप्टी डारेक्टर केएस होसालिकर के अनुसार, एक्टिव मानसून के कारण पूरे कोंकण के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मुंबई में भी ऐसी ही बरसात नजर आ सकती है। 10 जुलाई तक मुबंई में भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर ने ट्वीट कर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है साथ ही किसी भी विपरित परिस्थिति में मुंबई पुलिस को कॉल करने की अपील की है।

पुरी के नजदीक हादसा, गहरी खाई में बस गिरने से 2 की मौत, 16 घायल
9 July 2019
पुरी। उड़ीसा के पुरी जिले के नजदीक गहरी खाई में बस गिरने की घटना सामने आई है। पुरी जिले के काबरा गांव के नजदीक गहरी खाई में बस गिरने की वजह से 2 लोगों की मौत होने और 16 लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर पहुंची SDRF की टीम द्वारा बचाव कार्य जारी है।
हाल ही में यमुना एक्सप्रेस वे पर भी एक यात्री बस गहरे नाले में गिर गई थी। इस हादसे में 20 से ज्यादा यात्रियों को जान गंवाना पड़ी थी। इस हादसे के बाद पीएम मोदी ने भी शोक व्यक्त किया था।

आगरा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ से दिल्ली आ रही बस नाले में गिरी, 29 की मौत
8 July 2019
नई दिल्ली/आगरा उत्तर प्रदेश में आगरा के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई। अब तक 27 लोगों को शव निकाले जा चुके हैं और ऐक्सिडेंट में जख्मी 15-16 लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, यह बस आगरा में एक्सप्रेस-वे पर 'झरना नाला' में जा गिरी।
बताया जा रहा है कि इस बस में 50 लोग सवार थे। उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएम ने अस्पताल में भर्ती घायलों को इलाज में कोई दिक्कत ना हो, इसे भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख प्रकट किया है। पीएम ने कहा, 'जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति संवेदना। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।'
'शायद ड्राइवर को आ गई थी झपकी'
उधर, घटना की जानकारी देते हुए आगरा के डीएम एनजी रवि कुमार ने कहा, 'सुबह 4.30 बजे के करीब हादसा हुआ। शायद ड्राइवर को झपकी आ गई थी। इस कारण तेज रफ्तार बस बैरियर तोड़ते हुए नाले में जा गिरी। मौके पर सर्च ऑपरेशन जारी है।'

हार के बाद पहली बार 10 जुलाई को अमेठी जा रहे राहुल गांधी
8 July 2019
नई दिल्ली लोकसभा चुनाव में अमेठी की अपनी परंपरागत सीट गंवाने के बाद राहुल गांधी पहली बार वहां जा रहे हैं। 10 जुलाई को वह अमेठी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान वह चुनाव में मिली हार के कारणों की समीक्षा भी करेंगे। दरअसल, अमेठी लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है और यहां मिली करारी शिकस्त केवल राहुल के लिए नहीं बल्कि पूरी पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
सूत्रों के अनुसार एकदिवसीय दौरे में वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा आम लोगों से भी मुलाकात करेंगे। आपको बता दें कि अमेठी सीट से बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति इरानी चुनाव जीत गई थीं। राहुल गांधी अमेठी से हार गए पर केरल की वायनाड सीट से जीतकर वह लोकसभा पहुंचने में जरूर कामयाब रहे। नतीजे आने के बाद भी स्मृति इरानी राहुल गांधी पर हमलावर रही हैं। ऐसे में राहुल जब अमेठी पहुंचेंगे तो हार पर क्या कहेंगे, इस पर सबकी नजरें होंगी।
गौरतलब है कि चुनावों में कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने हाल में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए कई कड़े फैसले लेने होंगे। उनके बाद टीम राहुल के कई युवा नेताओं ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। कांग्रेस पार्टी को अब अपना नया अध्यक्ष चुनना है।
उन्होंने औपचारिक तौर पर अपने इस्तीफे की घोषणा तो कर दी है लेकिन पार्टी ने औपचारिक तौर पर अभी राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। दिलचस्प बात है कि 10 जुलाई को ही कांग्रेस की कार्यसमिति की भी मीटिंग हो सकती है, जिसमें राहुल गांधी का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार हो सकता है। राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि वह नए अध्यक्ष को चुने जाने की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

देशभर में खाली हैं 5.4 लाख पुलिसकर्मियों के पद, सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 1.29 लाख पद खाली
8 July 2019
देशभर में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है। आकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2018 तक देश में 5.43 लाख पुलिसकर्मियों के पद खाली थे। इसमें से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 1.29 लाख पद खाली थे। वहीं, नगालैंड इकलौता ऐसा राज्य है, जहां पुलिसकर्मियों की संख्या मानक से ज्यादा है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट (बीपीआरडी) के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 24,84,170 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है, जिसमें से 1 जनवरी 2018 को 19,41,473 ही पद भरे हुए थे।
45 लाख तक का घर खरीदने पर लोन पर 1.50 लाख का अतिरिक्त ब्याज कर मुक्त, 3.50 लाख तक ब्याज पर टैक्स नहीं
5 July 2019
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक है। 45 लाख तक का घर खरीदने पर होम लोन पर 1.50 लाख का अतिरिक्त ब्याज कर मुक्त रखा गया है, यानी 3.50 लाख तक ब्याज के भुगतान पर टैक्स में छूट मिलेगी।
‘5 साल में अर्थव्यवस्था में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़े’

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘‘पिछले पांच साल में हमने जो मेगा प्रोजेक्ट्स शुरू किए थे, उन्हें अब आगे बढ़ाने का वक्त है। चाणक्य नीति में कहा गया है कि दृढ़ संकल्प हो तो उद्देश्य पूरा होता है। उर्दू में एक शेर है- ‘‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चराग जलता है।’’
‘‘हमारी अर्थव्यवस्था पांच वर्ष में 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची है। हमारा मकसद है- मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस। 5 ट्रिलियन इकोनॉमी हासिल करने के लिए हमारे कुछ उद्देश्य हैं। इस वित्त वर्ष में हमने 3 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है। हम दुनिया की 6ठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हमने कई ढांचागत सुधार किए हैं और अभी कई और सुधार करने हैं।’’
‘‘हमने पांच साल में अर्थव्यवस्था में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़े हैं। हमने 10 लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पहला लक्ष्य भौतिक संरचना का विकास। दूसरा- डिजिटल इंडिया को अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र तक पहुंचाना। तीसरा- हरित मातृभूमि और प्रदूषण मुक्त भारत। चौथा- एमएसएमई, स्टार्टअप, डिफेंस, ऑटो और हेल्थ सेक्टर पर जोर। पांचवां- जल प्रबंधन और स्वच्छ नदियां। छठा- ब्लू इकोनॉमी। सातवां- गगनयान और चंद्रयान मिशन। आठवां- खाद्यान्न। नौवां- स्वस्थ समाज, आयुष्मान भारत और सुपोषित महिलाएं-बच्चे। 10वां- जनभागीदारी, न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन।’’
निवेश

- सीतारमण के मुताबिक, ‘‘भारत को हर साल 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत है। एविएशन, मीडिया एनिमेशन और इंश्योरेन्स में एफडीआई आना चाहिए। इंश्योरेन्स इंटरमीडिएटरीज के क्षेत्र में 100% एफडीआई को अनुमति मिलेगी।’’
- ‘‘2018 से 2030 के बीच रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर में 50 लाख करोड़ निवेश की जरूरत है। पीपीपी मॉडल का इस्तेमाल त्वरित विकास और यात्री भाड़े से जुड़ी सेवाओं के विकास में किया जाएगा।’’
- ‘‘मार्च 2019 में देश में ट्रांसपोर्ट के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड लॉन्च किया गया। यह देश का पहला स्वदेशी पेमेंट सिस्टम है। इसके जरिए लोग कई तरह के ट्रांसपोर्ट चार्ज का पेमेंट कर सकते हैं।’’
- ‘‘फ्रेश या इन्क्रिमेंटल लोन पर सभी जीएसटी रजिस्टर्ड एमएसएमई को 2% अनुदान के लिए 350 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है। 1.5 करोड़ के टर्नओवर वाले खुदरा दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन दी जाएगी। इसके तहत 3 करोड़ अतिरिक्त दुकानदारों को पेंशन का लाभ मिलेगा।’’
- ‘‘मैं सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाने का प्रस्ताव रखती हूं ताकि सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम कर रहे उद्यम और संगठन पूंजी इकट्ठा कर सकें। यह स्टॉक एक्सचेंज सेबी के तहत काम करेगा।’’
गांव-गरीब

- वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में रहती है। हमारे सभी प्रयासों के मूल में अंत्योदय का भाव है। हमने गांव-गरीब-किसान को हमारी योजनाओं के केंद्र में रखा है। जो इच्छुक नहीं हैं, उन्हें छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र के हर एक परिवार को बिजली मिलेगी।’’
- ‘‘2022 तक हमने सभी के लिए आवास का लक्ष्य रखा है। 2019-20 से 2022 तक 1.95 करोड़ मकानों का निर्माण किया जाएगा। इनमें टॉयलेट, बिजली और रसोई गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।’’
- ‘‘प्रति मकान निर्माण का लक्ष्य 314 की जगह 114 दिन किया गया है। 97% लोगों को हर मौसम में सड़क मिलेगी।’’
- ‘‘अगले 5 साल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किमी सड़कों निर्माण होगा। इस पर 80250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।’’
- ‘‘2022 तक हर घर में बिजली और घरेलू गैस पहुंच जाएगी।’’
- ‘‘जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा।’’
- ‘‘35 करोड़ एलईडी बल्ब उजाला योजना के तहत बांटे गए। इससे करीब 18 हजार 341 करोड़ रु. की बचत हुई। ये बचत सालाना है।’’
- ‘‘जलशक्ति मंत्रालय सरकार के साथ मिलकर जल-जीवन मिशन पर काम करेगा। इसके तहत 2024 तक हर ग्रामीण घर में पानी पहुंचाया जाएगा।’’
स्टार्टअप्स-महिलाएं-प्रवासी

सीतारमण के मुताबिक, सरकार स्टडी इन इंडिया योजना लॉन्च करेगी। इसके तहत विदेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा दी जाएगी। 5 साल पहले विश्व के टॉप 200 विश्वविद्यालय में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं थी और अब इस लिस्ट में भारत के 3 विश्वविद्यालय शामिल हैं।..
- ‘‘स्टार्टअप्स के लिए एक्सक्लूसिव टीवी चैनल शुरू होगा। स्फूर्ति और एस्पायर योजनाओं का विस्तार होगा।’’
- "नारी तू नारायणी योजना लॉन्च होगी। विवेकानंद ने कहा था कि दुनिया तब तक खुशहाल नहीं हो सकती, तब तक महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं होता। एक चिड़िया एक पंख से उड़ान नहीं भर सकती। भारत की विकास गाथा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक सुनहरी गाथा है। मैं एक कमेटी का प्रस्ताव रखती हूं, जो इस भागीदारी को बढ़ाने पर अपने सुझाव रखे।’’
- ‘‘भारतीय पासपोर्ट रखने वाले प्रवासी भारतीयों को भारत में आते ही आधार मिल सकेगा। उन्हें 180 दिन इंतजार नहीं करना होगा।’’
- ‘‘भारत के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए कुछ और देशों में भारतीय दूतावास और उच्चायोग खोले जाएंगे। 2019-20 में चार नए दूतावास खोले जाएंगे।’’
बैंकिंग

सीतारमण ने कहा, ‘‘जनधन बैंक खाता रखने वाली महिलाओं को 5000 रु. के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी। आईबीसी और दूसरे प्रयासों से 4 लाख करोड़ रुपए की रिकॉर्ड रिकवरी हुई।’’
- ‘‘कमर्शियल बैंकों में एनपीए एक लाख करोड़ से ज्यादा घटा है। पिछले 4 साल के दौरान 4 लाख करोड़ की रिकवरी हुई। डोमेस्टिक क्रेडिट ग्रोथ 13.8% तक बढ़ी है। 70 हजार करोड़ रु दिए जाएंगे, ताकि पब्लिक सेक्टर बैंकों की कैपिटल बढ़ सके।’’
- ‘‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।’’
- ‘‘सेल्फ हेल्प ग्रुप में काम करने वाली किसी एक महिला को मुद्रा स्कीम के तहत 1 लाख रुपए का कर्ज मिल सकेगा।’’
- ‘‘कमर्शियल बैंकों में एनपीए एक लाख करोड़ से ज्यादा घटा है। डोमेस्टिक क्रेडिट ग्रोथ 13.8% तक बढ़ी है। 70 हजार करोड़ रु दिए जाएंगे ताकि पब्लिक सेक्टर बैंकों की कैपिटल बढ़ सके।’’
- ‘‘100 लाख करोड़ का निवेश बुनियादी सुविधाओं के लिए अगले 5 साल में किया जाएगा।’’
- ‘‘एक दो, पांच, दस, और बीस रुपए के नए सिक्के जारी किए गए। बहुत जल्द ये लोगों के लिए उपलब्ध होंगे।’’
- ‘‘देश के हर करदाता जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए धन्यवाद। जीडीपी के मुकाबले विदेशी कर्ज 5% से नीचे है, यह दुनिया में सबसे कम है।’’
टैक्सेशन

- वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष कर संग्रह 2013-14 में 6.38 लाख करोड़ से बढ़कर 2018-19 में 11.37 लाख करोड़ रुपए हो गया। बढ़ोतरी 78% की हुई है।’’
- ‘‘सालाना 250 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स अभी 25% है। अब 400 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली कंपनियां भी 25% कॉर्पोरेट टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। यानी 99.3% कंपनियां 25% कॉर्पोरेट टैक्स के दायरे में होंगी। सिर्फ 0.7% कंपनियां इस स्लैब से बाहर होंगी।’’
- ‘‘इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए अगर कर्ज लिया गया है तो उसका ब्याज चुकाने पर आयकर में 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी।’’
- ‘‘स्टार्टअप और उनके द्वारा जुटाए गए फंड के मामले में आयकर किसी तरह की जांच नहीं करेगा।’’
- ‘‘45 लाख तक का घर खरीदने पर होम लोन पर 1.50 लाख का अतिरिक्त ब्याज कर मुक्त रखा गया है, यानी 3.50 लाख तक ब्याज के भुगतान पर टैक्स में छूट मिलेगी। पहले छूट की सीमा 2 लाख रुपए थी।’’ यह छूट 31 मार्च 2020 तक खरीदे जाने वाले घर के लिए है।
- ‘‘120 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड है। जिनके पास पैन नहीं है, वे आधार कार्ड से इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं।’’
- ‘‘कैश में बिजनेस पेमेंट्स करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक बैंक खाते से साल में 1 करोड़ से ज्यादा निकालने पर 2% का टीडीएस लगेगा।’’
- ‘‘2 करोड़ से 5 करोड़ रुपए की सालाना आय वालों के लिए सरचार्ज बढ़ाकर 3% और 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की सालाना आय वालों के लिए सरचार्ज बढ़ाकर 7% किया जाएगा।’’
- "50 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनियां डिजिटल पेमेंट के लो-कॉस्ट मोड को ऑफर कर सकती हैं। ऐसे में उन्हें या उनके ग्राहकों को कोई अतिरिक्त शुल्क (एमडीआर) नहीं देना होगा।"
- ‘‘पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और रोड-इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस 1-1 रुपए प्रति लीटर लगाया जाएगा। गोल्ड और बेशकीमती रत्नों पर कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 12.5% की जाएगी।’’
छात्र

- ‘‘शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई जाएगी। 400 करोड़ रुपए से विश्व स्तरीय संस्थान बनाए जाएंगे।’’ - ‘‘नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाने का प्रस्ताव, इसके जरिए विभागों के झगड़े सुलझाए जाएंगे। राष्ट्रीय हित की रिसर्च को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही तय किया जाएगा कि रिसर्च का डुप्लिकेशन न हो सके।’’
परंपरा तोड़कर फोल्डर में बजट लेकर निकलीं सीतारमण

सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इससे पहले सीतारमण परंपरा तोड़ते हुए ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकलीं। अब तक वित्त मंत्री एक ब्रीफकेस में ही बजट लेकर संसद पहुंचते थे। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने फोल्डर में बजट ले जाने पर कहा कि यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी मानसिकता की गुलामी से बाहर आने का प्रतीक है। इसे आप बजट नहीं बल्कि बही खाता कह सकते हैं।
निर्मला सीतारमण का यह पहला बजट है। 49 साल बाद किसी महिला वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। निर्मला से पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था।
बूगेट से बजट तक

बजट शब्द फ्रेंच शब्द बूगेट से निकला है। इसका मतलब है- चमड़े का थैला। बजट ब्रीफकेस का प्रचलन ब्रिटेन में शुरू हुआ। ब्रिटेन में एक ही बजट ब्रीफकेस को एक मंत्री दूसरे को सौंपता है। जबकि भारत में वित्त मंत्रियों अलग-अलग ब्रीफकेसों का इस्तेमाल किया।
1860 में ब्रिटेन के बजट चीफ विलियम ग्लेडस्टोन ने बजट रखने के लिए लाल ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया। इस पर क्वीन का मोनोग्राम लगा हुआ था। इसे ग्लेडस्टोन बॉक्स नाम दिया गया। भारत का पहला बजट ब्रिटिश संसद में जेम्स विल्सन ने 18 फरवरी 1869 को पेश किया था। विल्सन इंडिया काउंसिल में फाइनेंस मेंबर थे। परंपरानुसार विल्सन भी बजट दस्तावेजों को एक चमड़े के थैले (बूगेट) में ही लेकर गए थे।

2022 तक हर गरीब को घर, बिजली-गैस कनेक्शन; 2024 तक सबको स्वच्छ जल
5 July 2019
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एनडीए-2 सरकार का पहला बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के केंद्र बिंदु में गांव, गरीब और किसान हैं। इन्हीं को देखते हुए सरकार योजना तैयार करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक सभी ग्रामीण परिवारों के पास अपना घर होगा। इसके अलावा 2024 तक सबको स्वच्छ जल का लक्ष्य रखा गया है।
सीतारमण ने कहा, अगले पांच साल में 1.95 करोड़ घर बनाए जाएंगे। सभी गरीबों के पास 2022 तक अपना घर होगा। गैस-बिजली कनेक्शन और टॉयलेट होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल ग्रामीण परिवार के जीवन में बदलाव लाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति मकान निर्माण में औसत 314 दिन का वक्त लगता था, अब सरकार इसे 114 दिन तक ले आई है।
हरित तकनीकी के तहत 30 हजार किमी सड़क का निर्माण होगा- सीतारमण

उन्होंने कहा, भारतमाला, सागरमाला और उड़ान जैसी योजनाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को कम कर रहीं हैं और ट्रांसपोर्ट सेवाएं बेहतर कर रही हैं। हरित तकनीकी के तहत 30 हजार किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, 80 हजार करोड़ की लागत से 1.25 लाख किमी रोड बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने पेट्रोल डीजल पर रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस लगाया है।
'हर घर जल' के मंत्र के साथ करेंगे काम- वित्तमंत्री

सीतारमण ने कहा है कि जल संकट से निपटने के लिए गठित जल शक्ति मंत्रालय के तहत, प्रत्येक घर को 2024 तक स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मकसद से सरकार ने जल से जुड़े सभी मंत्रालयों को जोड़कर जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। यह मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर हर घर को जल उपलब्ध कराने के मिशन के साथ काम करेगा।
'किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा'

सीतारमण ने कहा, "10 हजार नए किसान उत्पादक संगठनों का अगले 5 साल में निर्माण किया जाएगा। जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा। खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्व-पर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया गया है।''

सरकार 5 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ खर्च करेगी, गांव-शहर के बीच अंतर कम होगा
5 July 2019
मोदी सरकार ने इस बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार अगले पांच साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने पर 100 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट देश में गांव और शहर के बीच खाई को कम करने का काम करेंगे। बजट में सड़क, वॉटरवे, मेट्रो और रेल के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।
सीतारमण ने कहा कि हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी और छोटे उद्योगों से रोजगार पैदा करने की जरूरत है। भारतमाला, सागरमाला और उड़ान जैसे प्रोजेक्ट से ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार आया और गांव-शहर के बीच खाई कम हुई। भारतमाला प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में राज्य सरकारें सड़के बनाने में मदद करेंगी। कई तरह की विकास परियोजनाओं में विदेशी निवेश कराया जाएगा।
इन क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी

- आवास: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 2022 तक सभी के लिए आवास का लक्ष्य रखा है। 2019-20 से 2022 तक 1.95 करोड़ मकानों का निर्माण किया जाएगा। इनमें टॉयलेट, बिजली और रसोई गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। घर तैयार करने का लक्ष्य 314 से घटाकर 114 दिन किया गया है।’’
- सड़क: गांव-गांव तक रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए अगले पांच साल में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। इस पर 80 हजार 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 97% लोगों को हर मौसम में सड़क मिलेगी।
- रेलवे: इस साल स्टेशनों का आधुनिकीकरण शुरू होगा। 2018 से 2030 के बीच रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर में 50 लाख करोड़ निवेश की जरूरत होगी। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पीपीपी मॉडल से विकास और यात्री भाड़े से जुड़ी सेवाओं को विकसित किया जाएगा। 2018-19 में 300 किमी मेट्रो लाइन को मंजूरी दी गई। अब छोटे शहरों में पीपीपी मॉडल के जरिए मेट्रो लाइन बिछाई जाएंगी। सरकार नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड शुरू करेगी। रेलवे और अन्य ट्रांसपोर्ट संसाधनों के टिकट बुक करना आसान होगा।
- वॉटरवे: सरकार आने वाले चार सालों में गंगा नदी में कार्गो शिप का आवागमन बढ़ाएगी। देश में वॉटरवे की संख्या में वृद्धि करने पर जोर दिया जाएगा।

पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा- कर्ज को लेकर रिजर्व बैंक ने सही समय पर कदम नहीं उठाए
4 July 2019
पूर्व आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का कहना है कि पिछले कुछ समय में बैंकों ने बहुत ज्यादा कर्जा दिया। इस दौरान सरकार ने अपना काम ठीक से नहीं निभाया। सरकार के मुताबिक बैंकिंग रेगुलेटर को कुछ कदम बहुत पहले उठाना चाहिए थे। बुधवार को पटेल ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक कार्यक्रम में भारतीय बैंकिंग सेक्टर को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने प्रेजेंटेशन में कहा- हम यहां कैसे आए? हर तरफ इल्जाम लगाने का खेल चल रहा है। 2014 के पहले भी सभी हिस्सेदार अपनी भूमिका निभाने में असमर्थ रहे। बैंक, रेगुलेटर और सरकार।
2019-20 में जीडीपी ग्रोथ 7% रहने की उम्मीद; रोजगार को निवेश से जोड़ा, रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव
4 July 2019
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में 2018-19 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसमें कहा गया है कि आबादी की बढ़ती उम्र को देखते हुए तैयारी करनी होगी। इसके लिए हेल्थकेयर में निवेश बढ़ाने और चरणबद्ध तरीके से रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की जरूरत है। 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ 7% रहने की उम्मीद आर्थिक सर्वे के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ रेट 7% रहने की उम्मीद है। यह दर्शाता है कि 2018-19 में धीमापन रहने के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। 2018-19 में विकास दर 6.8% रही थी। यह 5 साल में सबसे कम है। आर्थिक सर्वे के मुताबिक बीते 5 साल में विकास दर औसत 7.5% रही। बीते वित्त वर्ष (2018-19) में वित्तीय घाटा जीडीपी का 3.4% रहने का अनुमान बरकरार रखा है। अंतरिम बजट में भी यही अनुमान था। अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पाने के लिए हर साल 8% ग्रोथ जरूरी मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमनियन द्वारा तैयार आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट लागू करने और विवादों के निपटारे में पिछड़ना 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य पाने में एक बड़ी चुनौती है। 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए हर साल 8% ग्रोथ की जरूरत है। इसमें खपत और निवेश की अहम भूमिका होगी। मांग, नौकरी, निर्यात और उत्पादकता में एक साथ ग्रोथ के लिए भी निवेश अहम है। निवेश बढ़ेगा तो बेरोजगारी घटेगी। चुनावी अनिश्चितताओं का ग्रोथ पर असर पड़ा सर्वे के मुताबिक चुनावों से जुड़ी अनिश्चितताएं भी जनवरी-मार्च में जीडीपी ग्रोथ घटने की वजह रही। बता दें जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.8% रह गई। यह 17 तिमाही में सबसे कम है। दिसंबर 2018 तक चालू खाते का घाटा बढ़कर 2.6% हुआ वित्त वर्ष 2017-18 में यह जीडीपी का 2.6% था। अप्रैल से दिसंबर 2018 में बढ़कर 2.6% हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से व्यापार घाटा बढ़ा। इसका असर चालू खाते के घाटे पर हुआ। 2017-18 में व्यापार घाटा 162.1 अरब डॉलर था। यह 2018-19 में 184 अरब डॉलर पहुंच गया। आने वाले महीनों में निवेश बढ़ने की उम्मीद सर्वे में बताया गया है कि आरबीआई की उदार मौद्रिक नीति की वजह से ब्याज दरें घटने की उम्मीद है। इससे आने वाले महीनों में निवेश और क्रेडिट ग्रोथ बढ़ेगी। 2011-12 से निवेश की दर घट रही थी लेकिन इस साल तेजी आने की उम्मीद है। तेल की कीमतें घटना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत सर्वे में कहा गया है कि 2018 के मुकाबले तेल की कीमतें काफी नीचे हैं। आगे भी कमी की उम्मीद है। यह खपत के लिए सकारात्मक है। खपत में बढ़ोतरी का संबंध कृषि क्षेत्र की ग्रोथ से है जो कि बारिश पर निर्भर है। ग्रामीण इलाकों में भत्तों की दर में पिछले साल के मध्य से तेजी आना शुरू हो गया था। इसमें और बढ़ोतरी से ग्रामीण इलाकों में खपत बढ़ने में मदद मिलेगी। निवेश बढ़ाने के लिए आर्थिक नीतियों में अनिश्चितता कम करने की जरूरत इसके लिए नीतियों का पूर्वानुमान, अनिश्चतता का अनुमान बताने वाला तिमाही इंडेक्स और गुणवत्ता प्रमाणन की सिफारिश की गई है। ताकि, निवेश का माहौल बढ़ सके। हालांकि, मौजूदा समय में भारत में आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता कम हुई है। जबकि, अमेरिका, ब्रिटेन और चीन जैसे प्रमुख देशों में बढ़ रही है। आर्थिक सर्वे गांधी जी के जंतर से प्रेरित: सुब्रमणियन मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन का यह पहला आर्थिक सर्वेक्षण है। उन्होंने इसे गांधी जी के जंतर से प्रेरित बताया है। गांधी जी ने एक बार अपने साथियों से कहा था कि जो सबसे गरीब आदमी तुमने देखा हो, उसकी शक्ल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार कर रहे हो वह उस आदमी के लिए कितना उपयोगी होगा।
भारत-पाक में सेमीफाइनल मुकाबला हो सकता है, पर इंग्लैंड की हार पर टिका समीकरण
3 July 2019
वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर मुकाबला हो सकता है। प्वाइंट टेबल में भारत 13 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है और पाकिस्तान 9 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है। अगर भारत प्वाइंट टेबल में टॉप पर और पाक चौथे नंबर पर पहुंचती है तो एक सेमीफाइनल इन दोनों टीमों के बीच ही खेला जाएगा। लेकिन, यह समीकरण न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड की हार पर टिका है। इससे पहले 16 जून को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हुआ था। यह मुकाबला भारत ने 89 रनों से जीता था। इन टीमों के बीच सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला होगा पहला सेमीफाइनल: मैनचेस्टर में 9 जुलाई को ग्रुप स्टेज में टॉप पर रहने वाली टीम और नंबर 4 पर रहने वाली टीम के बीच होगा। दूसरा सेमीफाइनल: बर्मिंघम में 11 जुलाई को ग्रुप स्टेज में दूसरे नंबर पर रहने वाली और तीसरे नंबर पर रहने वाली टीम के बीच होगा। फाइनल: लॉर्ड्स में 14 जुलाई को होगा। भारत-पाक मुकाबले के समीकरण भारत टॉप पोजिशन पर रहे: भारत के अभी 13 अंक हैं। उसका आखिरी मुकाबला 6 जुलाई को श्रीलंका से है। अगर भारत ये मैच जीतता है तो उसके 15 अंक हो जाएंगे। लेकिन, उसे टॉप पोजिशन तभी हासिल होगी, जब ऑस्ट्रेलिया अपने अंतिम मुकाबले में द. अफ्रीका से हार जाए। अगर ऑस्ट्रेलिया मैच जीतता है तो वह 16 अंकों के साथ टॉप पोजिशन पर रहेगा। अभी उसके 14 अंक हैं। पाकिस्तान क्वॉलिफाई करे: पाक टीम के 9 अंक हैं। सेमीफाइनल के लिए क्वॉलिफाई करने के लिए टीम को अंतिम मुकाबले में बांग्लादेश को हराना होगा। लेकिन, इसके अलावा उसे उम्मीद करनी होगी कि इंग्लैंड अपना आखिरी मुकाबला न्यूजीलैंड से हार जाए। इस स्थिति में पाकिस्तान सेमी के लिए क्वॉलिफाई करने वाली चौथी टीम बन जाएगी। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल की उम्मीद नहीं ऑस्ट्रेलिया और भारत अभी प्वाइंट टेबल में क्रमश: नंबर वन और नंबर टू पोजिशन पर हैं। दोनों अपने आखिरी मुकाबले हार भी जाते हैं तो तब भी ऑस्ट्रेलिया की पोजिशन टॉप पर रहेगी। किसी भी सूरत में भारत नंबर 3 पोजिशन से नीचे नहीं जाएगा। ऐसे में उसका ऑस्ट्रेलिया से सेमीफाइनल मैच होना संभव नहीं है।
कुमारस्वामी ने ऑडियो क्लिप जारी कर, भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का लगाया आरोप
8 February 2019
नई दिल्‍ली। कर्नाटक के सियासी नाटक में रोजाना किसी नई बात से बवाल हो रहा है। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक ऑडियो क्लिप जारी कर भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। ऑडियो क्लिप में बीएस येदियुरप्पा और जेडीएस विधायक नगनागौड़ा कांडकुर के बेटे शरना की बातचीत कर रहे हैं। इसमें येदियुरप्पा उनके पिता को 25 लाख और मंत्री पद देने का प्रस्ताव दे रहे हैं। कुमारस्‍वामी ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि वह (प्रधानमंत्री) व्‍यवस्थित तरीके से इस देश के लोकतंत्र को खत्‍म करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं सभी विपक्षी पार्टियों से अपील करता हूं कि सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झूठ को सामने लाएं। भाजपा हमारे विधायकों को चुराने की कोशिश कर रही है। इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ दिया है। उन्होंने दावा किया कि अभी तक 1900 करोड़ रुपये करीब 4 लाख किसानों को दिए जा चुके हैं। लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा था। कर्नाटक की कांग्रेस और जेडीएस सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सभी किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया है। प्रधानमंत्री के दावों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने झूठ का पिटारा बताया है। पीएम मोदी ने कहा था कि कर्नाटक में अब तक सिर्फ 60 हजार किसानों का कर्ज माफ हुआ है, जबकि कुमारस्वामी ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने चार लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने ट्वीट कर दावा किया कि अभी तक 1900 करोड़ रुपये करीब 4 लाख किसानों को दिए जा चुके हैं। फरवरी तक सभी किसानों को कर्ज माफी की पहली किस्त मिल जाएगी। उन्होंने इसकी पूरी जानकारी जानने के लिए एक लिंक भी साझा किया है। कुमारस्वामी ने लिखा कि नरेंद्र मोदी लोकतंत्र के मंदिर से देश को गुमराह कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि कर्नाटक सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, जो जारी है। लेकिन भाजपा ने राम मंदिर, स्वच्छ गंगा, 15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन उस पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। गौरतलब है कि लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की सरकार पर कर्जमाफी का ढोंग रचने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कर्नाटक सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया था, 43 लाख लोगों को इसका फायदा मिलना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 60 हजार किसानों का कर्ज माफ हुआ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 10 दिन में कर्जमाफी का दावा किया गया था, लेकिन वहां अभी कागज ही तैयार नहीं है।
राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर भाजपा का हमला, बताया अपराधी
6 February 2019
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव करीब हैं और इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के पोस्टर नजर आए हैं। इन पोस्टरों को हालांकि, नगर निगम ने हटा दिया है लेकिन इन पर सियासत शुरू हो चुकी है। रॉबर्ट वाड्रा की आज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के सामने पेशी भी होने वाली है। इसी को लेकर भाजपा ने भी रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 'दिल्ली में अपराधियों के पोस्टर लगे हैं और दोनों अपराधी जेल के बाहर हैं। रॉबर्ट वाड्रा के पास लंदन में 8-9 प्रॉपर्टी है जो उन्होंने डिफेंस डील में मिलने वाली दलाली से खरीदा है।' संबित पात्रा ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि, 'कांग्रेस मुख्यालय के बाहर दो अपराधियों के पोस्टर लगे हैं। दोनों जमानत पर बाहर हैं। इनमें से एक पर नेशनल हेराल्ड मामले में आरोप हैं वहीं दूसरे रॉबर्ट वाड्रा है जिनसे आज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा।'
अन्ना ने दी पद्म भूषण लौटाने की धमकी, जारी है धरना
4 February 2019
मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग नहीं मानने पर पद्म भूषण लौटाने की धमकी दी है। वहीं दूसरी तरफ अनशन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अन्ना से मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की। महाजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का पत्र लेकर हजारे से मिलने आए थे। वह सोमवार को फिर उनसे मिलेंगे। समाजसेवी अन्ना हजारे का रालेगण सिद्धि में बेमियादी आमरण अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इसी दौरान उन्होंने कहा, "अगर यह सरकार देश से किए गए वादों को अगले कुछ दिनों में पूरा नहीं करती है तो वह अपना पद्म भूषण सम्मान लौटा देंगे। मोदी सरकार लोगों का विश्वास तोड़ रही है।" उधर, अन्ना के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉ. धनंजय पोटे ने बताया कि पांच दिन में उनका करीब 3.8 किलो वजन घटा है। ब्लड प्रेशर और शुगर के स्तर में वृद्धि के साथ ही यूरिन में संक्रमण भी बढ़ गया है। अन्ना समर्थकों ने हाईवे किया जाम अन्ना समर्थकों ने पारनेर तहसील के सूपा गांव में अहमदनगर-पुणे स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। यह स्थान रालेगण सिद्धि से 38 किमी दूर है। कई घंटे बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। इस दौरान करीब 110 लोगों को हिरासत में भी लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। अन्ना की जान से ना खेलें: उद्धव शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह अन्ना का अनशन खत्म कराने के लिए तुरंत दखल दे और उनकी जान से नहीं खेले। ठाकरे ने पीएमओ के उस कथित पत्र को निंदनीय और हास्यास्पद बताया, जिसमें अन्ना द्वारा भेजे गए पत्र पर ठंडी प्रतिक्रिया जताई गई थी। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि अन्ना की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है, जिससे सारा देश जूझ रहा है।
Budget 2019: जेटली ने की 'किसान व गरीब हितैषी बजट' के लिए गोयल की तारीफ
2 February 2019
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को 'किसान व गरीब हितैषी बजट' के लिए कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट मध्यमवर्गीय लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा। जेटली इन दिनों इलाज के लिए अमेरिका में हैं। इसके कारण पीयूष गोयल को हाल में ही वित्त मंत्री का कार्यभार सौंपा गया था, जिन्होंने वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट प्रस्तुत किया। जेटली ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा, बजट निर्विवाद रूप से विकासोन्मुख, आर्थिक सूझबूझ वाला, किसान व गरीब हितैषी तथा भारतीय मध्यमवर्ग की क्रयशक्ति को सशक्त करने वाला है।' उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-19 तक प्रस्तुत बजटों में मध्यमवर्ग को काफी राहत दी गई है। बजट में राजकोषीय दृष्टि भी निखरकर आई है। जेटली ने यह भी कहा कि अंतरिम बजट सरकार द्वारा पांच साल तक किए गए कार्यों को जनता के समक्ष रखने का अवसर भी प्रदान करता है।
बजट 2019-20 पर प्रधानमंत्री का वक्तव्य
1 February 2019
देश को सटीक योजनाओं के माध्यम से शक्तिशाली राष्‍ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है इस बजट में मीडिल क्‍लास से लेकरके श्रमिकों तक किसान उन्‍नती से लेकर कारोबारियों की प्रगति तक इनकमटैक्‍स रीलिफ से लेकर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तक मेन्‍यूफैक्‍चरिंग से लेकर एमएसएमई सेक्‍टर तक हाऊसिंग से लेकर हेल्‍थ केयर तक, इकोनॅमी को नयी गति से लेकर न्‍यूइंडिया के निर्माण तक सबका ध्‍यान इस बजट में रखा गया है। साथियों हमारी सरकार की योजनाओं ने देश के हर व्‍यक्ति के जीवन पर सकारात्‍मक प्रभाव डाला है। आयुष्‍मान भारत योजना का लाभ 50 करोड़ गरीबों को मिलना सुनिश्चित हुआ है। प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना और सुरक्षा बीमा योजना का लाभ 21 करोड़ गरीबों को मिल रहा है। स्‍वच्‍छ भारत मिशन का लाभ 9 करोड़ से ज्‍यादा परिवारों को हुआ है। उज्‍ज्‍वला योजना के तहत छह करोड़ से ज्‍यादा परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्‍शन मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना की वजह से 1.5 करोड़ परिवारो को उनके अपने पक्‍के घर मिले हैं। अब इस बजट में 12 करोड़ से ज्‍यादा किसानों को 3 करोड़ से ज्‍यादा मध्‍यम वर्ग के टैक्‍स पेयर परिवारों को और 30, 40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है। साथियों सरकार के प्रयासों से आज देश में गरीबी रिकार्ड गति से कम हो रही है लाखों करोड़ों लोग गरीबी को परास्‍त करके न्‍यू मीडिल क्‍लास, मीडिल क्‍लास में प्रवेश कर रहे हैं। देश का यह बहुत बड़ा वर्ग आज अपने सपने साकार करने में और साथ साथ देश के विकास को गति देने में जुटा हुआ है। ऐसे समय में इस बढ़ते मीडिल क्‍लास की आशा, आकांक्षाओं को कुछ कर दिखाने के जज्‍बे को हौसला मिले उसको सपोर्ट मिले इसके लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। मैं देश के मीडिल क्‍लास, सैलरिड मीडिल क्‍लास को Income Tax की दरो में मिली छूट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हॅू। ये मध्‍यम वर्ग और उच्‍चतम मध्‍यम वर्ग की उदारता ही उनकी ईमानदारी ही है कानून को मानकर चलने की उनकी प्रतिबद्धता ही है जिसकी वजह से देश को टैक्‍स मिलता है देश की योजनाएं बनती हैं, गरीब का कल्‍याण होता है। वर्षों से यह मांग रही है कि पांच लाख रूपए तक की आय को Income Tax से मुक्‍त घोषित किया जाए। इतने वर्षेां से की जा रही इस मांग को पूरा करने का काम हमारी सरकार ने किया है। साथियों किसानों के लिए समय-समय पर अलग-अलग योजनाएं अलग-अलग सरकारों ने बनाई हैं लेकिन ऊपरी सतह के दो, तीन करोड़ किसानों से ज्‍यादा किसान इन योजनाओं के दायरे में आए ही नहीं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि यानि जिसे पीएम-किसान योजना कहा जा रहा है उसका लाभ 12 करोड़ से ज्‍यादा उन किसानों को मिलेगा जिनके पास पांच एकड़ या पांच एकड़ से कम भूमि है। एक प्रकार से आजादी के बाद देश के इतिहास में किसानों के लिए बनी ये सबसे बड़ी योजना है। हमारी सरकार किसानों के लिए एक के बाद एक ठोस कदम उठा रही है। पशुपालन, गौसंवर्द्धन,मछली पालन जैसे ग्रामीण जीवन और कृषि जीवन से जुड़े अहम क्षेत्रों का भी इस बजट में विशेष ध्‍यान रखा गया है। राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग, और मछली पालन का अलग डिपार्टमेंट करोड़ों किसानों को अपनी आजीविका बढ़ाने में मदद करेगा। मछवारों की मदद करेगा। हमारा यह पूरा प्रयास है कि किसान को सशक्‍त करके उसे वो साधन दें, संसाधन देंजिससे वो अपनी आय दोगुनी कर सके। आज के निर्णयों से इस मिशन को और तेजी मिलेगी। साथियों आज भारत में अनेक क्षेत्रों में विकास हो रहा है नये नये प्रकार के क्षेत्रों में नये-नये विस्‍तारों में नये नये प्रकार की योजनाओं में प्रगति हो रही है और इन क्षेत्रों काम करने वाले लोगों की संख्‍या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। लेकिन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, मजदूरों अनऑर्गेनाइज्‍ड लेबर जिसमें घर पर काम करने वाले लोगा होंया खेतिहर मजदूर हो या ढेले चलाने वाले लोग हों ऐसे समाज तक बहुत बड़ा तबका है मेरे भाइयो-बहनो इन मेरे बंधुओं की चिंता कभी नहीं की गयी है। उन्‍हें उनके नसीब पर छोड़ दिया गया। हमारे देश में इनकी संख्‍या अनऑर्गेनाइज्‍ड लेबर की संख्‍या करीब करीब 40, 42 करोड़ है उनके लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना उनके जीवन के उत्‍तरार्द्ध 60 वर्ष की आयु के बाद की जिंदगी के लिए बहुत बड़ा संबल होगी उन्‍हें आयुष्‍मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ तो मिलेगा ही। बुढापे में रोजमर्रा की जिंदगी गुजारने के लिए पेंशन भी मिला करेगा। भाइयों और बहनों हमारी सरकार देश के हर उस नागरिक को विकास की मुख्‍य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है जो अब भी कुछ कारणों से विकास का पूरा लाभ नहीं ले पाए हैं। समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्‍यक्ति तक पहुंचने के इस प्रयास में सरकार ने घुमंतु समुदायों जैसे मदारीहै, सपेरा हैं, बंजारा है गाडिया लोहार है आदि के लिए एक वेलफेयर बोर्ड बनाने का भी फैसला किया है। मुझे उम्‍मीद है कि सही पहचान होने के बाद सरकार के विकास कार्यों का लाभ इन समुदायों को और तेजी से मिलेगा। साथियों व्‍यापारी वर्ग के लिए ट्रेडर्स के लिए कोई मंत्रालय हो उस विचार से एक नयी व्‍यवस्‍था को विकसित करने की दिशा में हम आगे बढ़े हैं। देश के व्‍यापारी वर्ग, ट्रेडर्स और अनेक कर्मचारी की आवश्‍यकताओं को समझते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए डीआईपीपी को रिस्‍ट्रक्‍चर करके उसे विशेष जिम्‍मेदारी दी गयी है। अब ये विभाग डिपार्टमेंट फार प्रमोशन ऑफ इंडस्‍ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड के नाम से जाना जाएगा। मुझे प्रसन्‍नता है कि अगले दशक के अंत तक की आवश्‍यकताओं को और लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए भी इस बजट में योजनाओं को समाहित किया गया है। ये बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्‍मान देगा, मीडिल क्‍लास के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार टैक्‍स पेयर के गौरव का गान करेगा, ट्रेडर्स को सशक्‍त करेगा, इंस्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर निर्माण को गति देगा अर्थ व्‍यवस्‍था को नया बल देगा। देश का विश्‍वास मजबूत करेगा। ये बजट न्‍यू इंडिया के लक्ष्‍यों की प्राति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। ये बजट सर्वव्‍यापी, सर्वस्‍पर्शी, सर्वसमावेशी है। सर्वोत्‍कर्ष को समर्पित है। मैं एक बार फिर हमारे मित्र अरूण जी को और पीयुष जी को और उनकी टीम को इस उत्‍तम बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। धन्‍यवाद!
Budget 2019: अरुण जेटली के बजट पेश ना करने पर ये बोले पीयूष गोयल
1 February 2019
नई दिल्ली। लोकसभी चुनाव के पहले शुक्रवार को अंतरिम बजट भाषण पेश किया गया। मोदी सरकार बनने के बाद ये पहला मौका था जब किसी कार्यवाहक वित्तमंत्री द्वारा आम बजट पेश किया गया हो। वित्तमंत्री अरूण जेटली की सेहत खराब होने के चलते बजट पेश करने की जिम्मेदारी कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी। बजट भाषण शुरू करने के पहले गोयल ने अरूण जेटली के बजट पेश ना करने पर दुख जताया।बता दें कि अरूण जेटली गंभीर रूप से बीमार है यही वजह है कि इलाज के लिए वे विदेश में है। रुण जेटली इस समय इलाज के लिए में अमेरिका में हैं। इसके चलते वे बजट पेश नहीं कर पाएंगे। हालांकि, सरकार में वे बिना विभाग के मंत्री बने रहेंगे। जेटली का हुआ है ऑपरेशन केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का न्यूयॉर्क के एक अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। 66 वर्षीय जेटली 13 जनवरी को अमेरिका गए थे। इसी सप्ताह उनकी सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के लिए जांच की गई थी। इससे पहले 2018 में उनका एम्स में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। उल्लेखनीय है कि जेटली की गैरहाजिरी में गोयल को दूसरी बार वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। पिछले साल मई में जब जेटली इलाज के लिए अमेरिका गए थे, उस समय भी सौ दिनों तक वित्त मंत्रालय का कामकाज गोयल ने देखा था।
2008 Assam Blast case: एनडीएफबी प्रमुख रंजन दैमारी समेत 9 को उम्रकैद
30 January 2019
गुवाहाटी। 2008 Assam Serial Bomb Blast case केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) प्रमुख रंजन दैमारी समेत 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने दैमारी समेत 14 लोगों को दोषी करार दिया था। 2008 में एक के बाद एक हुए 18 धमाकों में 88 लोगों की जान गई थी। विशेष सीबीआई जज अपरेश चक्रवर्ती ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत इन सभी को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया है। दैमारी के अलावा दोषी ठहराए गए लोगों में जॉर्ज बोडो, बी थराई, राजू सरकार, निलिम दैमारी, अंचई बोडो, इंद्रा ब्रह्मा, लोको बासुमतारी, खड़गेश्वर बासुमतारी, प्रभात बोडो, जयंत बोडो, अजय बासुमतारी, मृदुल गोयारी, माथुराम ब्रह्मा और राजेन गोयारी शामिल हैं। एनडीएफबी ने 30 अक्टूबर, 2008 को गुवाहाटी, कोकराझार, बोंगाईगांव और बारपेटा रोड में जगह-जगह धमाके कराए थे, जिसमें 88 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। गुवाहाटी के पान बाजार, गणेशगढ़ी और कचारी में तीन ब्लास्ट हुए थे, जिसमें सबसे ज्यादा 53 लोगों की मौत हुई थी। कोकराझार में हुए तीन धमाकों में 20 लोगों की जान गई थी, जबकि, बारपेटा रोड में हुए ब्लास्ट में 15 लोग मारे गए थे। बोंगाईगांव में धमाके में किसी की जान नहीं गई थी। पहले असम पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। बाद में सीबीआइ को जांच सौंपी गई थी। सीबीआइ ने 22 लोगों को आरोपित करते हुए 2009 और 2010 में दो चार्जशीट दाखिल की। सात आरोपित अभी भी फरार हैं। 2011 में मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। 2017 में यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा गया था। सुनवाई के दौरान 650 लोगों की गवाही हुई और 600 से ज्यादा दस्तावेज पेश किए। दैमारी को 2010 में बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे गुवाहाटी सेंट्रल जेल में रखा गया था। 2013 में कामरूप जिला एवं सत्र अदालत से दैमारी को सशर्त जमानत मिल गई थी। केंद्र और एनडीएफबी के साथ चल रही शांति वार्ता को देखते हुए राज्य सरकार और सीबीआइ ने उसकी जमानत का विरोध नहीं किया था। जमानत की शर्तो में अदालत ने दैमारी पर आठ प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें सार्वजनिक सभा करने और मीडिया से बातचीत करने पर रोक शामिल थी। इस समय दैमारी को छोड़कर सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। दैमारी, जिसे डी आर नाबला के नाम से भी जाना जाता है, ने 3 अक्टूबर, 1986 को बोरो सिक्यूरिटी फोर्स के नाम से संगठन का गठन किया था, बाद में इसका नाम एनडीएफबी कर दिया था। 2005 में केंद्र सरकार के साथ उसका शांति समझौता हुआ था, लेकिन वह बीच-बीच में समझौते का उल्लंघन करता रहता था। 2008 के सीरियल ब्लास्ट में दैमारी को मुख्य आरोपित बनाए जाने के बाद एनडीएफबी दो फाड़ हो गया था। इस मामले में दैमारी के खिलाफ 14 मामले दर्ज किए गए थे।
जॉर्ज फर्नांडिस का निधन, जया जेटली बोलीं- ऐसे होगा अंतिम संस्कार
29 January 2019
नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। वो अल्जाइमर नाम की बीमारी से पीड़ित थे और दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। दिग्गज नेता के निधन के बाद उनके करीब रहीं समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने बताया, जॉर्ज फर्नांडिस की इच्छा थी कि हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया जाए, लेकिन जीवन के आखिरी पलों में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दफनाया जाए। इसलिए हम पहले उनका अंतिम संस्कार करेंगे और फिर अस्थियों तथा राख को दफनाएंगे, ताकि उनकी दोनों इच्छाएं पूरी हो सकें। जॉर्ज फर्नांडिस श्रमिक संगठन के भूतपूर्व नेता, तथा पत्रकार थे। वे राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य रह चुके थे और उन्होंने समता पार्टी बनाई थी। फर्नाडीस बिहार के मुजफ्फरपुर से सांसद रहे और केंद्र में मंत्री भी रहे। वे आखिरी बार 2009 से 2010 के बीच सांसद रहे थे। वे 1998 से 2004 तक की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केन्द्रीय सरकार में रक्षा मंत्री थे। जॉर्ज फर्नांडिस के ही कार्यकाल में पोखरण परीक्षण और कारगिल युद्ध हुआ था। 3 जून 1930 को जन्में जॉर्ज फर्नांडिस को 1946 में बैंगलोर में संत बनने के लिए भेजा गया था लेकिन वे वहां से 1949 में मुंबई आ गए और ट्रेड यूनियन के नेता बन गए। उन्होंने 1967 में उन्होंने दक्षिण मुंबई से कांग्रेस नेता एसके पाटिल को संसदीय चुनाव में हराया था। इमरजेंसी के बाद 1977 में एक बार फिर वे संसदीय चुनाव जीते लेकिन इस बार वे मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़े थे। केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने निवेश के उल्लंघन के कारण, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों आईबीएम और कोका-कोला को देश छोड़ने का आदेश दिया था। वह 1989 से 1990 तक रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कोंकण रेलवे परियोजना के पीछे प्रेरणा शक्ति थे।
कांग्रेस से नाराज कुमारस्वामी ने दी कुर्सी छोड़ने की धमकी, खड़गे ने दी नसीहत
28 January 2019
नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार की मुश्किलें पहले दिन से ही जारी हैं। पिछले दिनों तेजी से बदले घटनाक्रम से वर्तमान सरकार अभी उबरी नहीं है और फिर नया ड्रामा शुरू होता नजर आ रहा है। खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस से आहत होते हुए पद छोड़ने की धमकी दी है। इसके बाद एक बार फिर से राज्य की राजनीति में उबाल आता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार कुमारस्‍वामी ने यह धमकी सिद्धारमैया कैंप की ओर से हो रहे हमलों से आहत होकर दी है। कांग्रेस विधायकों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपना नेता बताए जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। मैं उसके लिए सही शख्स नहीं हूं...। अगर वे ऐसा ही करते रहना चाहते हैं, तो मैं पद छोड़ देने के लिए तैयार हूं। वे हद पार कर रहे हैं... कांग्रेस नेताओं को अपने विधायकों को नियंत्रित करना चाहिए। बता दें कि कुमारस्‍वामी का बयान ऐसे समय पर आया है जब सिद्धारमैया के समर्थक विधायकों ने उन्‍हें अपना सीएम बताया था। कर्नाटक के सीएम कुमारस्‍वामी ने सोमवार को सिद्धारमैया समर्थकों के बयान पर मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नेतृत्‍व को इन सब मुद्दों को देखना होगा। मैं इसको लेकर बहुत चिंतित नहीं हूं। यदि वे इन सबके साथ जारी रखना चाहते हैं तो मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। वे सीमा रेखा लांघ रहे हैं...कांग्रेस नेताओं को अपने विधायकों को नियंत्रण में रखना होगा।' कुमारस्वामी के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी पार्टी के विधायकों को नसीहत देते हुए कहा है कि वे मीडिया के सामने इस तरह बयानबाजी ना करें। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस और संघ से लड़ने के लिए साथ आए हैं। यह किसी को भी नहीं कहा जाएगा कि वो पार्टी हाई कमान के खिलाफ बोले। इस तरह की घटनाए गठबंधन में आशंका पैदा करेंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा- इसमें गलत क्या है इस बीच सीएम कुमारस्‍वामी के पद छोड़ने की धमकी पर कांग्रेस की ओर से भी बयान आया है। राज्‍य के डिप्टी सीएम और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जी परमेश्‍वरा ने कहा कि सिद्धारमैया सर्वश्रेष्‍ठ मुख्‍यमंत्री रहे हैं। वह हमारे कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं। विधायकों के लिए वह (सिद्धारमैया) सीएम हैं। उन्‍होंने अपनी राय रखी है। इसमें गलत क्‍या है? हम (कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्‍वामी) से खुश हैं। कैबिनेट की बैठक को रद्द किया गया गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्‍तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के बीच पिछले कई दिनों से सत्‍ता को लेकर टकराव जारी है। इसी टकराव का नतीजा है कि सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को रद्द कर दिया गया है।' ताजा विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सिद्धारमैया के समर्थकों ने रविवार को एक इवेंट में उनका स्वागत किया। इस दौरान वह कांग्रेस के मंत्री सी पुत्तरंगा शेट्टी के साथ मौजूद थे। उनके समर्थकों ने यहां कहा कि अपने नेता (सिद्धारमैया) को अभी भी सीएम मानते हैं। कर्नाटक की सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा कि गठबंधन की सरकार को 7 महीने हो चुके हैं लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। अगर सिद्धारमैया को सीएम के रूप पांच साल और मिले होते तो हमें सही मायनों में विकास देखने को मिलता। जानिए- क्या कहा था कांग्रेस विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए सामाजिक कल्याण मंत्री सी पुत्तरंगा शेट्टी ने कहा कि आप जो भी कहें, सिर्फ सिद्धारमैया ही मेरे मुख्यमंत्री हैं... मैं किसी और को उस पद पर कल्पना नहीं कर सकता।' इस पर जेडी (एस) अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा ने कहा कि गठबंधन की सरकार में विचारों में मतभेद स्वभाविक हैं वह इन पर इतना ध्यान नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना पसंद करूंगा। जब आप गठबंधन की सरकार में हों तो ऐसी चीजें होती हैं।'
बाबूलाल गौर को कांग्रेस से लोकसभा टिकट का ऑफर, दी ऐसी प्रतिक्रिया
24 January 2019
भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को कांग्रेस की ओर से लोकसभा टिकट का ऑफर मिला है। गौर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले दिनों दिग्विजय सिंह जब उनसे मिलने आए थे, तब उन्होंने भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था। गौर ने ये भी कहा कि वे इस ऑफर पर विचार कर रहे हैं। गौर के इस बयान के बाद एक बार फिर भाजपा में अंदरुनी खींचतान सामने आ गई है। विधानसभा चुनावों के दौरान गौर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की थी। काफी विवाद के बाद गौर की बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया गया। इसके बाद से ही गौर काफी मुखर होकर भाजपा की आलोचना करने से भी नहीं चूक रहे। 18 जनवरी को दिग्विजय सिंह ने गौर से मुलाकात की थी। गौर के मुताबिक इसी मुलाकात के दौरान उन्हें भोपाल से कांग्रेस का लोकसभा टिकट ऑफर किया गया। गौर की ओर से किया गया ये खुलासा भाजपा के लिए फिर परेशानी माना जा रहा है। गौर ने ये भी कहा कि उनकी राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है और वे लोकसभा का चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनके दिग्विजय सिंह के साथ पुराने रिश्‍ते हैं और इसी कारण उनकी ओर से उन्हें ऑफर दिया गया। गौर ने कहा कि वे इस ऑफर पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाबूलाल गौर भाजपा से नाराज चल रहे हैं। पार्टी के कुछ नेता उनके इस बयान को प्रेशर पॉलिटिक्स भी करार दे रहे हैं। गौर ने कहा कि भाजपा से नाराजगी का सवाल नहीं है, लेकिन जिस तरह विधानसभा चुनावों से पहले और चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं ने उनसे व्यवहार किया, उससे उन्हें काफी ठेस लगी। बहू कृष्णा को टिकट जरुर दिया, लेकिन खुशी-खुशी नहीं दिया। गौर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि अभी तो लड़की देख रहे हैं, जो जमेगी उससे शादी कर लेंगे।
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को बनाया महासचिव, बनाया पूर्वी यूपी का प्रभारी
23 January 2019
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांगी बुधवार को पूरी हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के बड़ा फैसला लेते हुए प्रियंका गांधी का पार्टी का महासचिव बनाया है। इसके साथ ही प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में एंट्री हो गई है। खबरों के अनुसार प्रियंका गांधी को इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी यूपी का प्रभारी बनाया है जबकि केसी वेणुगोपाल को भी महासचिव बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस कदम को लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। लंबे समय से प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग चल रही थी और हाल ही में रायबरेली में उन्हें चुनाव लड़ाने की मांग करने वाले पोस्टर भी नजर आए थे।
वाराणसी में PM मोदी ने पासपोर्ट को लेकर यह घोषणा, जानिए क्या है e-Passport की खासियतें
22 January 2019
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सरकार जल्द चिप वाला पासपोर्ट लेकर आने वाली है। प्रधानमंत्री ने यहां अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि ई पासपोर्ट की दिशा में काम चल रहा है। साथ ही हमारी सरकार ने PIO Cards को OCI Cards में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। पीएम बोले कि प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ महीने पहले ही एक नया कदम भी उठाया गया है। दुनियाभर में हमारी Embassies और Consulates को पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है। इससे आप सभी के लिए पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक Centralized System तैयार हो जाएगा। हमारी सरकार ने PIO Cards को OCI Cards में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। क्या है ई पासपोर्ट प्रधानमंत्री ने जिस ई पासपोर्ट का जिक्र किया है वो चिप वाला पासपोर्ट होगा। जल्द विदेश मंत्रालय चिप वाले ई-पासपोर्ट जारी करने जा रहा है। इस पासपोर्ट में एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स होंगे और साथ इस पासपोर्ट की प्रिंटिंग व पेपर क्वालिटी भी अच्छी होगी। इलेक्ट्रॉनिक चिप लगा यह ई-पासपोर्ट आपके पुराने पासपोर्ट की जगह लेने वाला है। यदि इस चिप के साथ छेड़छाड़ करेगा तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को इस बात का पता चल जाएगा और पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। चिप में होगी पूरी डिटेल्स ई-पासपोर्ट में लगी इस चिप में आपकी सारी डिटेल्स शामिल होगी। इसमें बायोमीट्रिक डाटा और डिजिटल साइन स्टोर किए जाएंगे। खास बात यह है कि इससे यात्रा करते वक्त व्यक्ति की पूरी जानकारी एयरपोर्ट सिस्टम में दिखाई देगी। दूसरी खास बात यह होगी कि अगर कोई पासपोर्ट में लगी चिप के साथ छेड़छाड़ करता है तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को एक अलर्ट मिलेगा। इसके बाद पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। विदेश में मौजूद देश की सभी एम्बेसी को ई-पासपोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय दूतावासों को इस प्रोजेक्ट्स से पहले ही जोड़ा जा चुका है। इन देशों में लागू है चिप वाले पासपोर्ट विदेश में भारतीय एम्बैसीज और कॉन्सुलेट्स में पासपोर्ट जारी करने के जिन मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं है उन्हें सात दिनों के अंदर तत्काल आधार पर नए पासपोर्ट जारी किए जाएंगे। इसी तरह पुराने पासपोर्ट को रिइश्यू किया जाएगा। अमेरिका, इटली, जर्मनी, जापान, यूरोपीय देश, हांगकांग, इंडोनेशिया और पाकिस्तान समेत दुनिया के तकरीबन 86 देशों में ई-पासपोर्ट चलन में हैं। यहां बनेगा ई-पासपोर्ट जानकारी के अनुसार सरकार ने ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग को ग्रीन सिग्नल दे दिया है। ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग नासिक की इंडियन सिक्योरिटी प्रेस (ISP)में कराई जाएगी। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने ISP को ई-पासपोर्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम लेने के लिए टेंडर डालने की अनुमति दे दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही ई-पासपोर्ट बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
PNB घोटालाः मेहुल चौकसी ने छोड़ी भारतीय नागरिकता, गृहमंत्री बोले- भगोड़ों को लाएंगे वापस
21 January 2019
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी बनाए गए मेहुल चौकसी को भारत लाना अब और मुश्किल होगा। चौकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है और अपना पासपोर्ट एंटीगुआ में सरेंडर कर दिया है। उसने अपना पासपोर्ट हाई कमिशन को दिया है। उसके इस कदम के बाद उसे वापस लाने की भारत सरकार की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इस खबर के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधी बिल को पास किया है और जो लोग देश छोड़कर भाग गए हैं उन्हें वापस लाया जाएगा। इसमें थोड़ा समय लग सकता है लेकिन ऐसा होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चौकसी ने Z3396732 नंबर वाला पासपोर्ट एंटीगुआ उच्चायोग में जमा करवाया है। इसके बाद अब भारत का नहीं बल्कि एंटीगुआ का नागरिक हो गया है। उसने इस दौरान 177 डॉलर फीस भी चुकाई है। विदेश मंत्रालय ने इसकी सूचना गृह मंत्रालय को दे दी है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पासपोर्ट सरेंडर करने के फार्म में चौकसी ने अपना पता जौली हार्बर सेंट मार्स एंटीगुआ लिखा है। बता दें कि उसके प्रत्यर्पण को लेकर मंगलवार को ही सुनवाई होनी है और उसके ठीक पहले उसने भारत की नागरिकता छोड़ दी है।
बॉर्डर पर शहीद हो रहे सैनिक क्योंकि हम ठीक से काम नहीं कर रहे : मोहन भागवत
18 January 2019
नागपुर। लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं की बयानबाजी काफी मायने रखती है। ऐसे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुरुवार को दिए गए बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि सीमा पर लगातार सैनिक शहीद हो रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख ने नागपुर में प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि देश इस समय कोई युद्ध नहीं लड़ रहा है। किसी देश ने भारत पर हमला नहीं किया है। इसके बावजूद देश की सीमाओं पर सैनिक शहीद हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में आरएसएस प्रमुख ने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिसे केंद्र सरकार पर तंज कहा जा सकता है। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि देश की सीमाओं पर हमारे सैनिक इसलिए शहीद हो रहे हैं, क्योंकि हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भारत को आजादी मिलने से पहले देश के लिए जान कुर्बान करने का वक्त था। आजादी के बाद युद्ध के दौरान किसी को सीमा पर जान कुर्बान करनी होती है। लेकिन, हमारे देश में (इस वक्त) कोई युद्ध नहीं है फिर भी लोग (सैनिक) शहीद हो रहे हैं..., क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं।' मोहन भागवत ने इस दौरान किसी पार्टी या राजनेता का नाम नहीं लिया। मगर, बयान से साफ पता चल रहा है कि वह किसकी ओर अंगुली उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई युद्ध नहीं है तो कोई कारण नहीं है कि कोई सैनिक सीमा पर अपनी जान गंवाए, लेकिन ऐसा हो रहा है।' उन्होंने कहा कि इसे रोकने और देश को महान बनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि लड़ाई हुई, तो सारे समाज को लड़ना पड़ता है। सीमा पर सैनिक जाते हैं, सबसे ज्यादा खतरा वे मोल लेते हैं। खतरा मोल लेकर भी उनकी हिम्मत कायम रहे, सामग्री कम न पड़े, अगर किसी का बलिदान हो गया, तो उसके परिवार को कमी न हो, ये चिंता समाज को करनी पड़ती है। उन्‍होंने कहा, 'देश में नीतियां सभी को प्रभावित करती हैं। मैं न तो नीति बनाता हूं और न ही आप, लेकिन हम सभी को इसका प्रभाव झेलना पड़ता है। मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है, मैंने इसे नहीं बढ़ाया और न ही आपने, लेकिन हम सभी को भुगतना होगा। बेरोजगारी बढ़ गई, मैंने ये नहीं किया, न तो इसे बढ़ाएं और न ही आपने, लेकिन हम सभी को भुगतना होगा, इसीलिए हमें अपने देश के लिए जीना सीखना होगा।' गौरतलब है कि नए साल की शुरुआत से ही राजौरी व पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी कर रहे पाकिस्तान ने मंगलवार को कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में भी अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से हीरानगर में दागे गए स्नाइपर फायर से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी शहीद हो गए। शहीद की पहचान बीएसएफ की 19वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट विनय प्रसाद निवासी गांव नथुआ, पुलिस स्टेशन मारवा, जिला छपरा, बिहार के रूप में हुई है, जो मौजूदा समय में कोलकत्ता के हावड़ा में रह रहे थे।
NIA व ATS ने यूपी, पंजाब में फिर मारा छापा, संदिग्ध गुफरान व परिजनों से पूछताछ जारी
17 January 2019
अमरोहा। आईएस आतंकी मॉड्यूल के सामने आने के बाद गुरुवार सुबह एनआईए व एटीएस की टीम ने पंजाब और उत्तर प्रदेश के 7 ठिकानों पर फिर से छापेमारी की है। एनआईए के आईजी ने इसकी पुष्टि कर दी है। एनआईए और एटीएस की टीम अमरोहा के गांव खेड़ी में संदिग्ध गुफरान के घर छापा मारने पहुंची। बीते आधे घंटे से परिजनों व गुफरान से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार रात जिले में पहुची एनआईए व एटीएस की टीमों ने गुरुवार को दिन निकलते ही कार्रवाई शुरु कर दी। लगभग पौने आठ बजे टीम नोगावा सादात के गांव खेड़ी में पहुच गई तथा यहां संदिग्ध गुफरान के घर छापा मार दिया। इस दौरान नोगावा सादात पुलिस भी टीम के साथ रही। खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध गुफरान व उसके परिजनों को घर मे कैद कर लिया तथा पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने गुफरान के घर को घेर लिया था। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया। दिन निकले जब गांव में गाड़ियों का काफिला पहुचा तो लोग सकते में आ गए। परंतु जैसे ही टीम ने गुफरान के घर को घेरा तो सारा माजरा समझ मे आ गया। क्योंकि गुफरान को एनआईए पहले पूछताछ के लिए दिल्ली बुला चुकी है। बता दें कि संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल के मोबाइल में गुफरान का नम्बर मिला था तथा दोनों की फोन पर भी बात होती थी। गुफरान भी मौलवी है तथा अमरोहा व मुरादाबाद के मदरसों में पढ़ा था। फिलहाल वह घर पर ही है तथा अपने पिता के साथ आटा चक्की चलाता है। फिलहाल टीम गांव में मौजूद है।
बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं से मांगा यह तोहफा, भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
15 January 2019
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती का मंगलवार को 63 साल की हो गईं। इस मौके पर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जश्न का माहौल है। मायावती ने लखनऊ में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि उनका यह जन्मदिन इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ ही समय बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा गठबंधन को जीत दिलाने का गिफ्ट मांगा। साथ ही विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र की नीतियों के लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा। मौका जन्मदिन का, नजरें चुनाव पर - मायावती ने कहा, केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। मोदी अपनी रैलियों में वादे कर रहे हैं, क्योंकि चुनाव करीब आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा को अहंकारी और वादाखिलाफी करने वाली पार्टी बताया। - मायावती ने कहा कि कांग्रेस के खराब शासन बानगी एक महीने में ही सामने आने लगी। मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जनता काफी परेशान है। भाजपा को भी समझ लेना चाहिए कि झूठे वादे और जुमलेबाजी से किसान व दलित विरोधी सरकार की दाल ज्यादा दिन तक गलने वाली नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस की तीन राज्यों में बनी सरकार पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। चाहे बात किसान के कर्ज माफी की हो या फिर दलितों को फायदा देने की सरकार पर सवाल पूछे जाने लगे हैं। - मायावती ने कहा कि थोड़ा सा कर्जा माफ करने से किसानों को कोई राहत नहीं मिलेगी। किसानों के पूरे कर्ज को माफ किया जाना चाहिए। ऐसा करके ही हम किसानों की मदद कर पाएंगे। किसानों के हितों को लेकर हमारी पार्टी का यह भी कहना है कि हम देश में किसान, दलित व पिछड़ों की समस्या का संतोषजनक समाधान निकालने की स्थिति में हैं। फेक लिस्ट ने किया हलकान इससे पहले सोमवार को बसपा प्रत्याशियों की एक फेक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसे लेकर बसपा नेता हलकान दिखे। इस सूची में तमाम बाहुबलियों और उनकी सीटों का जिक्र था। साथ ही मायावती को सहारनपुर से चुनाव लड़ने की बात कही गई है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने इसका पुरजोर खंडन करते हुए इसे विरोधी दलों की साजिश करार दिया है। दरअसल सपा-बसपा गठबंधन में दोनों दलों के बीच 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। मायावती ने जल्द ही सीट और प्रत्याशी के नामों का ऐलान करने की घोषणा भी की है। इसी वजह से दोनों दलों से किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर कौतूहल बढ़ता जा रहा है।
कर्नाटक में फिर सरकार अस्थिर करने के आरोप, CM बोले विधायक मेरे संपर्क में
14 January 2019
बेंगलुरु। कर्नाटक में एक बार फिर से कुमारस्वामी सरकार के अस्थिर होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, खुद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि विधायक उनके संपंर्क में हैं। खबरों के अनुसार राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को आरोप लगाया था कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा आपरेशन लोटस चला रही है। कांग्रेस के तीन विधायक मुंबई के एक होटल में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ ठहरे हुए हैं। शिवकुमार ने कहा, "राज्य में हार्स ट्रेडिंग जारी है। हमारे तीन विधायक मुंबई में एक होटल में भाजपा के कुछ विधायकों और नेताओं के साथ ठहरे हुए हैं। हमें पता है कि उनके बीच क्या बातचीत हुई है और उन्हें कितने की पेशकश की गई है।" आपरेशन लोटस 2008 में कर्नाटक की तत्कालीन बीएस येद्दयुरप्पा सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष के कुछ विधायकों को दलबदल के लिए लालच देने को कहा जाता है। पूर्व में कांग्रेस को कई मौकों पर संकट से उबार कर प्रतिष्ठा अर्जित करने वाले शिवकुमार ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर भाजपा की तरफ झुकाव रखने का आरोप लगाया। उनके इन आरोपों के बाद एक बार फिर से राज्य में सियासी उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने दावा किया है कि तीनों विधायक लगातार उनके संपंर्क में हैं। वो मुझे सूचना देने के बाद ही मुंबई गए थे और सरकार को कोई खतरा नहीं है। मुझे पता है भाजपा उनसे क्या बात कर रही है क्या ऑफर दे रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा ने कहा कि भाजपा कह रही है कि हमारी सरकार गिर जाएगी लेकिन ऐसा होगा नहीं। कुछ विधायक मुंबई गए हैं लेकिन वो परिवार के साथ घूमने, मंदिरों में दर्शन करने के लिए गए हैं। इन दावों के बीच भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा है कि वो अपने हाउसेस को ऑर्डर में रखे। वो अपने विधायक नहीं संभाल पा रहे हैं और भाजपा पर उंगली उठा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलीं मायावती- यह मोदी और शाह की नींद उड़ाने वाला मौका
12 January 2019
लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा अब से कुछ ही देर बाद अपने चुनावी गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। मायावती और अखिलेश यादव की होटल ताज में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो चुकी है और इसकी शुरुआत करते हुए बसपा चीफ मायावती ने पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दोनों की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस है। इस बड़े मौके को लेकर लखनऊ की मुख्य सड़कें अखिलेश और मायावती के पोस्टरों के अलावा दोनों दलों के झंडों से सज गईं हैं। हालांकि, खबर यह है कि अब तक गठबंधन में पेंच फंसा हुआ है क्योंकि अजीत सिंह 5 सीटें मांग रहे हैं लेकिन मायावती इस पक्ष में नहीं हैं। भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए एक बार फिर दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां गठबंधन करने जा रही हैं। दो वर्ष पूर्व विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी लखनऊ के पांच सितारा ताज होटल में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने "यूपी के लड़के" और "यूपी को यह साथ पसंद है" नारे के साथ चुनावी गठजोड़ किया था। अब लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को उसी होटल में अखिलेश यादव, मायावती से चुनावी गठबंधन करने जा रहे हैं। इस बीच कन्नौज में अखिलेश ने बसपा से गठबंधन होने की पुष्टि भी की है। सपा का तकरीबन ढाई दशक पहले बसपा से गठबंधन करने का फार्मूले हिट रहा था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती शनिवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान करेंगे। प्रदेश की राजनीति में धुर विरोधी माने जाने वाले सपा-बसपा का ढाई दशक बाद एक मंच पर आना सूबे की सियासत का बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को पहली बार आयोजित साझा पत्रकार वार्ता में मायावती और अखिलेश मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने और गठबंधन में अन्य समान विचारधारा वाले छोटे दलों को भी शामिल करने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, सीटों के बंटवारे का विस्तृत ब्योरा बाद में ही सामने आने की उम्मीद है। कांग्रेस को अलग रखकर बनाए जा रहे गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल, निषाद पार्टी, पीस पार्टी, सुभासपा व अपना दल जैसे स्थानीय दलों को भी जगह मिल सकती है। बशर्ते, इनके बीच सीट बंटवारे का गणित फिट बैठ जाए। सपा व बसपा में गठबंधन को लेकर चार जनवरी को दिल्ली में मायावती के आवास पर अखिलेश से हुई लंबी वार्ता में सहमति बन चुकी है। कांग्रेस को गठबंधन में साथ लेने के बजाए अमेठी व रायबरेली संसदीय क्षेत्रों में वाक ओवर देने का निर्णय भी हो चुका है। रालोद को साथ में लेने पर बनी सहमति में सीटों का पेंच फंसा है। मंगलवार को अखिलेश से मिले रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने पांच सीटों पर दावेदारी जताई थी लेकिन दो-तीन सीटें ही मिलने की उम्मीद से बात आगे नहीं बढ़ी। 1993 जैसे करिश्मे की आस नब्बे के दशक में राम लहर पर बेक्र लगाने का काम भी सपा-बसपा गठबंधन ने किया था। तब बसपा के संस्थापक कांशीराम और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने मिलकर 1993 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। बाबरी ढांचा गिरने के बाद भाजपा का सत्ता में वापसी का ख्वाब भी टूट गया था। अब 25 वर्ष बाद मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव और कांशीराम की उत्तराधिकारी मायावती एक बार फिर से भाजपा को रोकने के लिए एका कर रहे हैं।
शिवराज, रमन और वसुंधरा को नई जिम्मेदारी, बनाए गए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
11 January 2019
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह व वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा गया है। हाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए चुनावों में भाजपा की हार के बाद यह फैसला किया गया है। चुनाव नतीजों के बाद ही यह तय हो गया था कि इन नेताओं को प्रदेश से राष्ट्रीय राजनीति में लाया जाएगा, ताकि राज्यों में नया नेतृत्व उभारा जा सके। शाह ने यह नियुक्तियां राष्ट्रीय परिषद की बैठक के ठीक पहले की है। बैठक में तीनों नेता नई भूमिका में मंच पर रहेंगे। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा पहले से ही नए नेताओं को विधायक दल का नेता चुन चुकी है। अब राजस्थान में भी नया नेता चुना जाएगा। तीनों नेताओं को लोकसभा चुनावों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भी जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री 29 को फिर से परीक्षा पर चर्चा करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाली 29 जनवरी को एक बार फिर छात्रों के साथ परीक्षा और उससे संबंधित तनाव पर चर्चा करेंगे। सरकार ने छात्रों से खुद को रजिस्टर कर ‘परीक्षा पे चर्चा’ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया जाएगा। इसमें छात्र प्रधानमंत्री से बातचीत कर पाएंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रतियोगिता केवल कक्षा 9-12वीं और स्नातक व परास्नातक के छात्रों, उनके माता-पिता एवं शिक्षकों के लिए है। परीक्षा पे चर्चा के प्रथम संस्करण में पिछले साल प्रधानमंत्री ने देशभर के अनेक छात्रों से बातचीत की थी। देश के साथ-साथ विदेश के प्रतिभागी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम में हिस्सा ले पाएंगे।
सपा-बसपा गठबंधन का कल हो सकता है ऐलान, माया-अखिलेश ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस
11 January 2019
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी गठजोड़ की कवायदें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सपा और बसपा गठबंधन भी होने जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती गुरुवार शाम लखनऊ पहुंची हैं और अब खबर आ रही है कि वो अखिलेश यादव से मुलाकात कर सकती हैं। इसके बाद शनिवार को दोनों नेता एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सपा की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें शनिवार को दोपहर 12 बजे गोमती नगर स्थित होटल ताज में मायावती और अखिलेश यादव एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों दलों के बीच गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो सकता है। बता दें कि इससे पहले आई खबरों में यह बात सामने आई थी कि राज्य में केवल सपा और बसपा ही गठबंधन करने वाली है और कांग्रेस को इससे अलग रखा गया है। खबर है कि पिछले दिनों लंबे विचार-विमर्श के बाद उत्तर प्रदेश के दोनों क्षेत्रीय दलों के बीच जो चुनावी समझौता हुआ है, उसके मुताबिक दोनों पार्टियां राज्य में बराबर-बराबर सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारेंगी। जबकि कांग्रेस को इस क्षेत्रीय गठजोड़ से बाहर कर दिया गया है। सपा-बसपा गठबंधन से संयुक्त विपक्ष के महागठबंधन को धक्का लगा है। 5 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच राजधानी दिल्ली में देर शाम तक बैठक चली, जिसमें मोटे तौर पर फैसला हो गया था। प्रदेश की 80 में से 37 सीटों पर बसपा और 37 सीटों पर दोनों सपा चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी छह सीटें दूसरे दलों के लिए चुनाव की रणनीति के हिसाब से छोड़ी जाएंगी।
रक्षा मंत्री पर बयान देकर फंसे राहुल गांधी, महिला आयोग ने भेज दिया नोटिस
10 January 2019
नई दिल्ली। राजनीतिक बयानबाजी कईं बार परेशानी का सबब बन जाती है और ऐसा ही कुछ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुआ है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर दिए अपने बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं। उनके बयान पर संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। मालूम हो कि राहुल गांधी के बयान को लेकर पीएम मोदी और भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधते हुए आलोचना की थी। बता दें कि राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार का घेराव करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री एक महिला (रक्षामंत्री) के पीछे छुप रहे हैं। इस बयान की राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'राहुल गांधी का बयान- 'एक महिला से कहा मेरी रक्षा कीजिए?' महिला विरोधी है। क्या वह सोचते हैं कि एक महिला कमजोर है? राहुल इतने बड़े लोकतांत्रिक देश की रक्षामंत्री को कमजोर कह रहे हैं।' इसको लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। राहुल गांधी को नोटिस जारी करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है, 'उनकी टिप्पणी महिला-विरोधी, आक्रामक, अनैतिक तथा सामान्य रूप से महिलाओं के मान एवं प्रतिष्ठा के विरुद्ध असम्मान जाहिर करती है।' जानिए राहुल गांधी ने क्या कहा था राहुल गांधी ने अपनी एक रैली के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री ने संसद में अपने बचाव में एक महिला का सहारा लिया ,क्योंकि वह खुद की रक्षा नहीं कर सकते थे। राहुल ने कहा, '56 इंच का सीना वाले चौकीदार भाग खड़े हुए और एक महिला सीतारमण जी से कहा मेरी रक्षा करें। मैं खुद की रक्षा करने में समर्थ नहीं हूं। ढाई घंटे तक महिला उनकी रक्षा नहीं कर सकी। मैंने तो सीधा सा सवाल किया था, जिसका हां या ना में उत्तर था, लेकिन वह उत्तर नहीं दें सकीं।' इसके बाद पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने गुरुवार देर शाम ट्वीट किया, 'बातें न घुमाइए, मर्द बनिए और मेरे सवालों का जवाब दीजिए।' इन्हीं दो टिप्पणियों पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस भेजा। मोदी ने किया पलटवार राहुल गांधी के इस आरोप के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेताओं पर देश की महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राफेल सौदे पर तथ्यों के साथ पहुंचीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष की तथ्यात्मक ढंग से धज्जियां उड़ा दीं। राहुल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा वह महिला रक्षा मंत्री का अपमान करने पर तुले हैं। यह एक महिला का नहीं पूरे भारत की नारी शक्ति का अपमान है। इसके लिए इन गैर-जिम्मेदार नेताओं को कीमत चुकानी होगी। यह गर्व का विषय है कि पहली बार एक महिला देश की रक्षा मंत्री बनी है।
CBI निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का सरकार का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
8 January 2019
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए अपने बड़े फैसले में सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा को उनके अधिकारों से वंचित कर छुट्टी पर भेजने के केंद्र सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। हालांकि वर्मा कोई नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने पिछले साल 23 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेज दिया था। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही केंद्र ने ब्यूरो के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी के निदेशक का अस्थायी कार्यभार सौंप दिया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई, संजय किशन कौल और केएम जोसेफ की पीठ ने पिछले साल छह दिसंबर को याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी। पीठ ने वर्मा, केंद्र सरकार, केंद्रीय सतर्कता आयोग और अन्य की दलील सुनने के बाद कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा। कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की याचिका पर भी सुनवाई की थी। इस संगठन ने न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से राकेश अस्थाना सहित जांच ब्यूरो के तमाम अधिकारियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने जांच ब्यूरो की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्रीय सतर्कता आयोग को कैबिनेट सचिव से मिले पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच दो सप्ताह के भीतर पूरी करके अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपने का निर्देश दिया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश एके पटनायक को सीवीसी जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था।
खनन घोटाले को लेकर अखिलेश पर भाजपा आक्रामक, कहा- गठबंधन रोकने वालों के पास है CBI
7 January 2019
लखनऊ। अवैध खनन मामले की जांच की आंच खुद तक पहुंचने के सवाल पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं और हर सवाल का जवाब देंगे। पहले कांग्रेस ने सीबीआई से मिलने का मौका दिया था, अब भाजपा यह मौका दे रही है। उन्होंने कहा कि हम गणित सुधारने के लिए गठबंधन कर रहे हैं। जिन्हें हमें गठबंधन से रोकना है, उनके पास सीबीआई है। रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में मीडिया से रूबरू अखिलेश ने चेताया कि "भाजपा जो संस्कृति छोड़कर जा रही है, उसे भी आने वाले समय में उसका सामना करना पड़ेगा। भाजपा ने अपना रंग दिखाया है। उसके पास जो है, वह चुनाव में उसका प्रयोग करेगी। चाहे सीबीआई हो या पैसा। लेकिन, वह यह भी समझ लें कि वोट जनता डालती है, सीबीआई नहीं।" अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी वही गणित अपना रही है जो भाजपा ने सिखाया। भाजपा ने कितने गठबंधन किए हैं, गिनती करें तो हर प्रदेश में न जाने कितने गठबंधन मिलेंगे? सीट बंटवारे पर सीबीआई से ही पूछें गठबंधन में सीट बंटवारे पर गोलमोल जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा- "37-37 सीटें मत करिए। यह हम नहीं तय करेंगे, यह तो सीबीआई को तय करना है कि 36-36 सीटें बंटेंगी या 35-35। इसका जवाब तो सीबीआई से पूछिए।" गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों दलों के नेता करेंगे कि किसे शामिल करना है? इसकी जानकारी मीडिया को भी दी जाएगी। भाजपा के पास मात्र सौ दिन सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार है। देश के युवा, किसान व व्यापारी सभी परिवर्तन चाहते हैं। भाजपा के पास मात्र सौ दिन हैं। लोग लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं कि कब उन्हें मौका मिले और वो बटन दबाकर भाजपा को जवाब दें। भाजपा राजनीतिक शिष्टाचार भी भूल चुकी है। वह चाहती है सब उसी की तरह बर्ताव करें। जिस तरह से कांग्रेस उसे चोर बोल रही है, हम लोग भी चोर-चोर बोलें। लेकिन समाजवादी अपना शिष्टाचार कभी नहीं छोड़ते। भाजपा के पास सीबीआई है तो उसका इस्तेमाल करेगी सपा प्रमुख ने ट्विटर के जरिए भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया कि हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहते हैं। हम गठबंधन करना चाह रहे हैं। भाजपा के पास क्या है? उनके पास सीबीआई है। उनका स्वागत है। सीबीआई से मिलने का मौका मिलेगा, पूछताछ होगी, उसका जवाब देंगे। भाजपा के पास सीबीआई है तो उसका इस्तेमाल करेगी।
Sabarimala Temple Row: 1700 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, बोर्ड सदस्य के घर फेंका देसी बम
5 January 2019
तिरुवनंतपुरम। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के बाद शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक बने हुए हैं और पूरा राज्य हिंसा की आग में जलता नजर आ रहा है। विरोध करने वालों ने कई जगहों पर तोड़ फोड़ की है वहीं हिंसक विरोध प्रदर्शनों की कुछ घटनाएं हुईं। कोझिकोड के पेरम्ब्रा में तड़के मालाबार देवस्वम्‌ बोर्ड के सदस्य के. शशिकुमार के घर पर देसी बम फेंका गया। पथानमथित्ता के अदूर में एक मोबाइल शॉप पर भी इसी तरह का बम फेंका गया। पुलिस ने बताया कि कन्नूर में भी देसी बम फेंके जाने की चार घटनाएं हुईं। यहां स्थानीय भाजपा कार्यालय में भी आग लगा दी गई। पथानमथित्ता, कन्नूर, कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम में भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के कई घरों पर हमले किए गए। 1,718 लोग गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, पिछले दो दिनों में हुई हिंसा के संबंध में अब तक 1,718 लोगों को गिरफ्तार किया है और इस सिलसिले में 1,108 मामले दर्ज किए हैं। 1,009 लोगों को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने बताया कि हिंसा में 132 पुलिसकर्मियों और 10 मीडियाकर्मियों समेत 174 लोग घायल हुए हैं। पुजारी से स्पष्टीकरण तलब सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावनकोर देवस्वम्‌ बोर्ड (टीडीबी) ने दो महिलाओं के प्रवेश के बाद शुद्धीकरण के लिए मंदिर बंद करने पर पुजारी कंडारारू राजीवारू से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। 10 जिलों में रथ यात्राएं विभिन्न हिंदूवादी समूहों के संगठन सबरीमाला कर्म समिति और भाजपा ने शुक्रवार को केरल सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज करने का फैसला किया। इस क्रम में 11 से 13 जनवरी तक राज्य के 10 जिलों में रथ यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 14 जनवरी को राज्यभर में 18 करोड़ "मक्र ज्योति" प्रज्ज्वलित की जाएंगी। कांग्रेस ने लोकसभा में जताई चिंता कांग्रेस सदस्य केके वेणुगोपाल ने शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सबरीमाला का मामला उठाते हुए केरल में तनावग्रस्त स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वेणुगोपाल बांह में काली पट्टी बांधे हुए थे। इस बीच, माकपा सदस्य पी. करुणाकरन ने हालात से निपटने में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के संविधान के अनुसार हर नागरिक को अपनी आस्था के मुताबिक संबंधित धार्मिक स्थान में प्रवेश करने का अधिकार है। वहीं, भाजपा सदस्य मीनाक्षी लेखी ने दावा किया कि हिदुत्व को नहीं समझने वाले लोग गलत परंपरा स्थापित कर रहे हैं। रात के अंधेरे में प्रवेश "कायरतापूर्ण" : माधवन नायर हाल में भाजपा में शामिल हुए प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक और पूर्व इसरो चेयरमैन जी. माधवन नायर ने शुक्रवार को कहा कि सबरीमाला मंदिर में रात के अंधेरे में 10 से 50 आयुवर्ग की दो महिलाओं द्वारा प्रवेश "कायरतापूर्ण" कृत्य है। उन्होंने केरल सरकार को सलाह दी कि वह पिछली साल आई बाढ़ के कारण तबाह हुए केरल के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करे। भाजपा से जुड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी तंत्र में मैं कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहा हूं, लेकिन मैं बौद्धिक सहयोग कर रहा हूं।" उन्होंने बताया कि वह केरल के लिए विकास का एक एजेंडा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जल्द ही तैयार हो जाएगा।
लोकसभा में राफेल पर चर्चा, रक्षा मंत्री दे रही हैं जवाब
4 January 2019
नई दिल्‍ली। राफेल मुद्दे पर शुक्रवार को भी लोकसभा में चर्चा जारी है। बारी-बारी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी बात रख रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतरमन अभी विपक्ष के सवालों का जवाब दे रही हैं। संसद में सत्‍ता पक्ष-विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर घमासान जारी है। संसद के शीतकालीन सत्र का आज 15वां दिन हैं। अब तक दोनों सदनों में ज्‍यादातर हंगामा ही देखने को मिला है। आज दोनों सदनों में शुक्रवार की वजह से गैर सरकारी कामकाज होगा और कई प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किए जाएंगे। लोकसभा में आज भी नियम 193 के तहत राफेल मुद्दे पर आगे की चर्चा हो रही है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में इस मामले पर जवाब दे सकती हैं। हालांकि राफेल डील पर मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से क्‍लीन चिट मिल चुकी है। - भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कहा, 'अपने 95 मिनट के इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर मुद्दे पर जवाब दिया। महिला पत्रकार से राहुल गांधी ने क्या अपेक्षा की थी? आपको क्या खाना पसंद है, आपका dog आदि कैसा है? ऐसे सवालों की। राहुल गांधी ने इस इंटरव्यू को लेकर महिला पत्रकार पर सवाल उठाए, जो कि बेहद निंदनीय है।' - भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राफेल पर कांग्रेस का घेराव करते हुए कहा, 'बहस की तैयारी के लिए कांग्रेस को 20 से भी ज्यादा दिन का समय लग गया। जब विपक्ष अपने एक नेता को चर्चा का नेतृत्व करने के लिए आगे लेकर आए, वे एक कंफ्यूज और भ्रष्ट नेता थे, जो कि जमानत पर बाहर हैं। वो 20 मिनट में 20 झूठ बोलकर चले गए।' खड़गे ने लोकसभा में कहा कि सरकार कोर्ट के फैसले के आधार पर क्लीन चिट लेना चाहती है, लेकिन हमने पहले ही इसे खारिज कर दिया था कि इसपर फैसला जनता की अदालत संसद में होना है। उन्होंने कहा कि हमने जब झूठ पकड़ा तब सरकार ने इस मामले में गलती सुधारने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। केंद्र सरकार तो कोर्ट को भी अंग्रेजी पढ़ाना सिखा रही है। खड़गे ने कहा कि विमान की कीमत पर शक के दायरे में हैं। सरकार शुरू से ही कीमत छुपा रही है और इसके लिए करार का हवाला दे रही है। - लोकसभा में कांग्रेस सांसद खड़गे ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने राफेल मामले में झूठ बोला है। सरकार ने इस बारे में सीएजी रिपोर्ट संसद में आने की बात की थी, जो सरासर झूठ है। मैं पीएसी का अध्यक्ष में हूं, लेकिन मेरे सामने कोई रिपोर्ट आजतक आई ही नहीं। खड़गे ने कहा कि हम सरकार के झूठ पकड़वाने के लिए मामले की जांच के लिए जेपीसी का गठन चाहते हैं। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राफेल पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आकर चर्चा को सुनें और जवाब दें। उन्‍होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री जवाब नहीं देंगे, तब तक यह मसला हल होने वाला नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ऐसे मुद्दों की जांच नहीं करेगी, इसका हल संसद के भीतर जेपीसी ही निकाल सकती है, ये बात हम कोर्ट के फैसले से पहले भी कह चुके हैं। - राष्ट्रीय जनता दल के सांसद जय प्रकाश यादव ने कहा कि देश के सामने सत्ताधारी पार्टी का पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जो सवाल उठाए हैं, उनका जवाब देश जानना चाहिए। यादव ने कहा कि राफेल डील की जांच के लिए जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए। - लोकसभा में स्पीकर ने राफेल पर नियम 193 के तहत चर्चा को मंजूरी दी। इसके बाद सपा के धर्मेंद्र यादव इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। यादव ने कहा कि यूपीए को पहले ही राफेल विमान वायुसेना को उपलब्ध करा देने थे। लेकिन साल 2014 में जो सरकार आई उसपर इस डील में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने प्राइवेट कंपनी के साथ करार किया, जिसके बाद से शंकाएं और बढ़ गई हैं। सरकार बताए कि यूपीए के जहाज से आपका जहाज तीन गुना महंगा क्यों है? यादव ने कहा कि तकनीक सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन कीमत सार्वजनिक करने का कोई करार नहीं होता है। - लोकसभा में कांग्रेस के सांसद के सी वेणुगोपाल ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे केरल के लोगों और श्रद्धालुओं में काफी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ बीजेपी ने प्रदर्शन किया, जहां पर हिंसा की गई और मीडिया पर भी हमला किया गया। - लोकसभा में एआइएडीएमके सांसद थंबीदुरई ने सदन की कार्यवाही से सस्पेंड किए गए एआइएडीएमके और टीडीपी सांसदों के निलंबन को वापस लेने की अपील की है। - लोकसभा में प्रश्न काल समाप्‍त हुआ। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीन बैंकों के विलय से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विलय से बैंक मजबूत होंगे और एनपीए वापस आएगा। बैंकों के विलय से किसी भी कर्मचारी की नौकरी जाएगी नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बैंकों की लूट हुई है। - कांग्रेस की सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि जब तक महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक महिलाएं आगे नहीं आएंगीं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने स्थानीय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया था और कई राज्यों में उसे 50 फीसदी तक किया गया। - डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह दुख की बात है कि महिला आरक्षण बिल अबतक पारित नहीं हो चुका है और घर-परिवार की तरह संसद में भी फैसले पुरुष ही ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से महिला आरक्षण बिल को बीजेपी के घोषणापत्र में शामिल करने की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी इसका पूरी तरह से समर्थन करती है। - महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए एआइएडीएमके की सांसद विजिला सत्यानंत ने केंद्र सरकार से दिवंगत पार्टी प्रमुख और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह सदी से सबसे महान नेता थीं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए और संसद से इस बिल को पारित किया जाना चाहिए। - महिला आरक्षण के बिल पर चर्चा करते हुए सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि हमारी पार्टी आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है, लेकिन हमारी कुछ सिफारिशें हैं। उन्होंने कहा कि मौजूद बिल सिर्फ शहरी महिलाओं के लिए लाभकारी होगा, जबकि आरक्षण गरीब, ग्रामीण, दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी दिया जाना चाहिए। -कांग्रेस सांसदों सुनील जाखड़ तथा गुरजीत सिंह औलजा ने संसद परिसर में पंजाब के किसानों की समस्याएं उठाने के लिए आलू बेचकर विरोध प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे तेलुगूदेशम पार्टी के सांसद भी कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए। - राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन की महिला सदस्यों ने मुझे संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संबंधित मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है और साथ में नोटिस भी दिया है। सभापति ने कहा कि महिला आरक्षण संबंधी कानून इस सदन से पहले ही पारित हो चुका है और दूसरे सदन में लंबित है। अगर सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे तो यह राजनीतिक हो जाता है और यह अपने मकसद से भटक जाता है। उन्होंने कहा कि फिर भी जया बच्चन से इस चर्चा की शुरुआत करना चाहता हूं। - लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। राज्यसभा में पूरे सदन ने संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल को जन्मदिन की बधाई दी। लोकसभा में प्रश्न काल शुरू हो चुका है और कांग्रेस सांसद शशि थरूर वित्त मंत्री अरुण जेटली से राज्यों में संसाधनों के वितरण संबंधी सवाल पूछ रहे हैं। -संसद परिसर में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्ज की मांग पर टीडीपी के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को दोनों सदनों में खूब हुआ हंगामा लोकसभा में गुरुवार को राफेल डील पर चर्चा होनी थी, लेकिन सांसदों के हंगामे की वजह से चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। दूसरी ओर राज्यसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान पहली बार कामकाज सुचारू ढंग से चला। बीते दिन उच्च सदन में कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित संकल्प पर चर्चा हुई। साथ ही शिक्षा से जुड़े दो अहम विधेयकों पर भी राज्यसभा में ध्वनिमत से मुहर लगाई गई।
सबरीमाला मामला: मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का हो रहा विरोध, CM ने RSS पर लगाए आरोप
3 January 2019
तिरूवनंतपुरम। सबरीमाला मंदिर में बुधवार को दो महिलाओं के प्रवेश कर जाने के बाद यह मामला और गरमा गया है। इसके विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने आज राज्य में बंद बुलाया है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस व्यक्ति की पहचान 55 वर्षीय चंदन उन्नीथन के रूप में हुई है। प्रदर्शन के दौरान राज्य सचिवालय करीब पांच घंटे तक संघर्ष स्थल में तब्दील हो गया और सत्तारूढ़ माकपा तथा भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई और उन्होंने एक दूसरे पर पत्थर फेंके। मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस मुद्दे पर मीडिया से कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरा किया है। संघ परिवार सबरीमाला को युद्धक्षेत्र बनाने की कोशिश कर रहा है। हिंसक प्रदर्शनों में 7 पुलिस वाहन, 79 राज्य परिवहन की बसों को नुकसान पहुंचाया गया है वहीं 7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। मीडया वाले भी भीड़ के शिकार बने हैं। वहीं गुरुवार को राज्य के कई हिंदूवादी संगठनों द्वारा बुलाए गए एक दिन के बंद को लेकर भाजपा ने समर्थन में मार्च भी निकाला है साथी ही बयान जारी किया है और कहा है यह बंद शांतिपूर्ण हो। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को लेकर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य में 'काला दिवस' मनाने का एलान किया है। कई संगठनों के बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। बुधवार को महिलाओं के मंदिर में प्रवेश की खबर फैलने के बाद, दक्षिणपंथी समूहों के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए हाइवे ब्लॉक कर दिया। दुकानें और बाजार जबरन बंद करा दिए। बंद के कारण यातायात पर बुरा असर पड़ा है और राज्य परिवहन की बसों के अलावा हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रवेश पर भाजपा नेता बोले यह षडयंत्र मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर भाजपा नेता वी मुरलीधरन ने कहा है कि जो महिलाएं मंदिर में गईं वो श्रद्धालु नहीं थीं। वो नक्सली थीं, सीपीएम ने चुनिंदा पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्लान बनाया और महिलाओं को मंदिर प्रवेश करवाया यह नक्सली, केरल सरकार और सीपीएम द्वारा प्लान किया गया षडयंत्र है। झड़प में एक कार्यकर्ता की मौत पंडालम में सीपीआइएम और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में घायल हुए सबरीमाला कर्म समिति के एक 55 वर्षीय कार्यकर्ता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मरने वाले शख्स का नाम चंदन उन्नीथन था। यह महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने का विरोध कर रहा था। महिलाओं ने किया सबरीमाला मंदिर में प्रवेश गौरतलब है कि बुधवार को लंबी जद्दोजहद के बाद दो महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पाने में कामयाब हो गईं। इसके साथ ही वर्षों से चली आ रही परंपरा भी टूट गई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाने में केरल सरकार कामयाब हो गई। वहीं, महिलाओं के प्रवेश के बाद मंदिर को शुद्धिकरण की प्रक्रिया के लिए बंद कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक करीब 40 वर्षीय दो महिलाएं बिंदू और कनकदुर्गा ने सुबह पौने चार बजे के करीब मंदिर में प्रवेश कर गईं और वहां पूजा अर्चना की। उन दोनों के साथ पुलिस भी थी। सबरीमाला में नहीं थी प्रवेश के इजाजत केरल राज्‍य में स्थित सबरीमाला मंदिर में दस से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके पीछे यह मान्यता है कि इस मंदिर के मुख्य देवता अयप्पा ब्रह्मचारी थे। ऐसे में इस तरह की महिलाओं के मंदिर में जाने से उनका ध्यान भंग होगा। यहां सिर्फ छोटी बच्चियां और बूढ़ी महिलाएं ही प्रवेश कर सकती हैं। सबरीमाला मंदिर में हर साल नवम्बर से जनवरी तक, श्रद्धालु अयप्पा भगवान के दर्शन के लिए जाते हैं, बाकि पूरे साल यह मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहता है। सर्वोच्‍च अदालत का सुप्रीम फैसला गौरतलब है कि 800 साल पुरानी इस प्रथा पर देश की शीर्ष अदालत ने अपना सुप्रीम फैसला सुनाते हुए नारियों को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दे दी। अब सबरीमाला मंदिर में महिलाएं भी भगवान अयप्‍पा के दर्शन कर सकती हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने को लेकर विरोध हो रहा था। केरल की पिनरई विजयन सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाने को बाध्य थी तो दूसरी ओर उसे विरोध का भी सामना करना पड़ रहा था। आखिरकार आज महिलाएं मंदिर में प्रवेश पाने में कामयाब हो गईं।
राज्यसभा में सरकार ने फिर पेश किया तीन तलाक बिल, पांच दिन में कराना होगा पारित
2 January 2019
नई दिल्ली। पिछले साल कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी और व्यापार युद्ध जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज विकास वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनी रही। देश की विकास दर में हालांकि इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव भी देखा गया, लेकिन यह सात फीसद से ऊपर बनी रही। जनवरी-मार्च तिमाही में देश की विकास दर 7.7 फीसद रही, उसके बाद अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 8.2 फीसद और जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 7.1 फीसद रही। इस बीच ब्याज बढ़ने और नकदी की उपलब्धता घटने के कारण फिच रेटिंग ने चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के अपने अनुमान को 7.8 फीसद से घटाकर 7.2 फीसद कर दिया। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार के मुताबिक नए साल में सरकार का ध्यान विकास दर में तेजी लाने के लिए सुधार की गति को तेज करने पर रहेगा। नए साल में भारत की विकास दर 7.8 फीसद रहेगी। इस दौरान निवेश में और तेजी आएगी और निजी निवेश बढ़ेगा। विशेषज्ञों का हालांकि मानना है कि विकास दर में गिरावट को देखते हुए सरकार अगले आम चुनाव से पहले खर्च बढ़ाने को बाध्य हो सकती है और इसके कारण वित्तीय स्थिति दबाव में आ सकती है। तेल कीमत में अचानक बढ़ोतरी (जिसमें अब काफी गिरावट आई है), डॉलर में मजबूती, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की विकास दर में गिरावट और सालभर में ही फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) द्वारा चार बार ब्याज दर बढ़ाने का नकारात्मक असर 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था पर रहा। गत वर्ष बैंकिंग सेक्टर सुर्खियों में रहा। साल के शुरू में सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया। 14 फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक ने कहा कि उसे 11,400 करोड़ रुपए के एक घोटाले का पता चला है। इस घोटाले में अरबपति ज्वेलर नीरव मोदी की संलिप्तता थी। गत साल 77,417 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड विनिवेश सरकार ने गत साल सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी का विनिवेश कर रिकॉर्ड 77,417 करोड़ रुपए कमाए। इस दौरान सरकार ने विनिवेश लक्ष्य हासिल करने के लिए कंपनियों के विलय का एक नया तरीका भी अपनाया। सरकार के विनिवेश कार्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल रहे एचपीसीएल का ओएनजीसी द्वारा अधिग्रहण, सीपीएसई ईटीएफ, भारत-22 ईटीएफ और कोल इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री। इसके अलावा छह प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (आइपीओ) भी लाए गए। इस बीच एयर इंडिया की 74 फीसद हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ पाई।
स्मार्ट सिटी मिशन-2018
चार चरण में 100 स्मार्ट सिटी का चुनाव- सभी स्मार्ट सिटी में एसपीवीएस सम्मिलित

1 January 2019
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने नागरिकों के अनुकूल शहरी क्षेत्र विकसित करने के लिए 6,85,758 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश सहित कई अन्य पहल की गई है। इसके जरिए भारतीय शहरों के कायाकल्प और रुपांतर का लक्ष्य हासिल करने के लिए दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है. स्वच्छ भारत मिशन के जरिए मूलभूत शहरी सुधार, शहरों के कायाकल्प की योजनाएं, निजी और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जरिए बदलाव की शुरुआत की जा चुकी है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 2,05,018 करोड़ रुपए के 5000 से ज्यादा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शुरुआत और कार्यान्वयन किया जा चुका है। प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में 65 लाख से ज्यादा आवास के निर्माण को स्वीकृति दी जा चुकी है। मिशन अमृत योजना के तहत पानी, सीवरेज और सफाई के लिए 77,640 करोड़ रुपए की योजना का प्रावधान. नई मेट्रो लाइन के जरिए शहरी यातायात का विस्तार करने, शहरी युवाओं का कौशल विकास कर दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत रोजगार योग्य बनाने के लक्ष्य पर आगे चलने के साथ ही 12 शहरों के लिए सिटी हृदय योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी भी दी जा चुकी है। मंत्रालय घर खरीदारों के हित के लिए पूरे देश में रेरा (RERA) के तहत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही पूरी ताकत से रियल स्टेट के क्षेत्र में भी सुधार के लिए लगा हुआ है।
स्मार्ट सिटी मिशन
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अखिल भारतीय प्रतियोगिता के चार राउंड के जरिए 100 स्मार्ट शहरों का चयन किया गया है। सभी 100 शहरों को स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) में सम्मिलित किया गया है। मिशन की शुरुआत के साथ ही 100 शहरों में 5,151 प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनके विकास पर 2 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जानी है. इन सारे प्रोजेक्ट में अलग अलग चरणों पर कार्य चल रहा है। 10,116 करोड़ रुपए के 534 प्रोजेक्ट पर कार्य पूरा किया जा चुका है। 43,493 करोड़ रुपए की 1,177 योजनाओं का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। जबकि 38,207 करोड़ रुपए के 677 प्रोजेक्ट पर निविदा की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. स्मार्ट सोल्यूशन, स्मार्ट सड़कें, स्मार्ट पेयजल, छत पर सौर ऊर्जा, दर्शनीय और प्रभावपूर्ण प्रोजेक्ट जैसी योजनाओं की प्रगति नीचे दर्शाई गई है:  स्मार्ट कमांड और कंट्रोल सेंटर योजना के लिए 11 शहरों में 1,558 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं. 3,049 करोड़ के प्रोजेक्ट 29 शहरों में प्रगति पर हैं। 21 शहरों के लिए 2,730 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। स्मार्ट सड़क प्रोजेक्ट के तहत 4 शहरों में 228 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पूरा कराए जा चुके हैं। 34 शहरों में 3,819 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। 10 शहरों में 2,069 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट के तहत 18 शहरों में 902 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 35 शहरों में 5,961 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति में हैं। जबकि 17 शहरों में 921 करोड़ रुपए के कार्यों की निविदा जारी की जा चुकी है। सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के तहत 8 शहरों 58 करोड़ रुपए के कार्य किए जा चुके हैं। 42 शहरों में 828 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि 9 शहरों में 300 करोड़ रुपए के कार्यों के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। दर्शनीय और प्रभावपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत 16 शहरों में 179 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 32 शहरों में 3,701 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि 20 शहरों में 2,828 करोड़ रुपए के कार्य के लिए निविदा जारी की जा चुकी है।  वैल्यू कैप्चर फाइनांस (वीसीएफ) का नीतिगत ढांचा मंत्रालय ने 28 फरवरी 2017 को जारी कर दिया है। राज्यों/ शहरों में आधारभूत संरचना के विकास से संबंधित जरूरी कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने का ये बेहद कारगर तरीका है। अब तक 17 राज्य वीसीएफ का ढांचा विकसित करने के लिए पेशेवर कंपनियों को इस कार्य में लगा चुके हैं. उम्मीद है कि इसके विकसित होने पर राज्यों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए दूसरे महत्वपूर्ण पहल आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ सूचकांक की शुरुआत की है। शहरों में रहन-सहन को लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से देश के शहरों की स्थिति की पड़ताल और मूल्यांकन के आधार पर शहरी विकास और प्रबंधन के स्तर में सुधार के लिए किया है। जून 2017 में ये तय किया गया कि रहन-सहन के सूचकांक के आधार पर 116 शहरों की रैंकिंग की जाएगी। 19 जनवरी 2018 को मूल्यांकन के आधार पर कार्यान्वयन की शुरुआत की गई। 13 अगस्त 2018 को मंत्रालय ने 111 शहरों को रहन-सहन के सूचकांक के हिसाब से रैंकिंग जारी की. इसके तहत शहरी विकास (प्राकृतिक, संस्थागत, सामाजिक और आर्थिक) के सभी महत्वपूर्ण स्तंभों के मानकों पर गौर किया गया और 15 वर्गों (संचालन, पहचान और संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बचाव और सुरक्षा, वित्त, किफायती आवास, भूमि उपयोग योजना, सार्वजनिक खुला जगह, परिवहन, सुनिश्चित पेजयल आपूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा और पर्यावरण की गुणवत्ता) में 78 सूचकांकों के आधार पर शहरों का वर्गीकरण किया गया।  भारतीय स्मार्ट सिटी फेलोशिप और भारतीय स्मार्ट सिटी इंटर्नशिप प्रोग्राम की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को की गई। फेलोशिप के लिए 3000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त किए गए. नवंबर 2018 में शहरी प्रबंधन, शहरी डिजाइन, इंजीनियरिंग, सूचना तकनीक, शहरी गतिशीलता, वित्तिय, सामाजिक क्षेत्र और पर्यावरण के मुद्दों से जुड़े 30 युवा ग्रेजुएट/ पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों का चयन मंत्रालय ने किया गया।  अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा सीआईटीआईआईएस (सिटीज इनवेस्टमेंट टू इनोवेट इंटीग्रेट एंड सस्टेन) की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को एजेंस फ्रैंकेस डी डेवेलॉपमेंट (एएफडी) और यूरोपिय यूनियन के सहयोग से की गई। अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा के तहत चुने गए स्मार्ट शहर को 15 नवीन परियोजनाओं के लिए एजेंस फ्रैंकेस डी डेवेलॉपमेंट (एएफडी) 100 मिलियन यूरो का ऋण देगा। सभी परियोजनाएं चार सेक्टर- सस्टेनेबल मोबिलिटी, सार्वजनिक खुली जगह, शहरी संचालन और सूचना और संचार तकनीक के साथ ही कम आय वाले इलाकों में सामाजिक और संस्थागत नवीकरण के क्षेत्र में चलाई जाएंगी। चुने गए प्रदर्शनीय परियोजनाओं की तैयारी और निर्माण के लिए तकनीकी सहयोग और वैश्विक विशेषज्ञता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सितंबर 2018 में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सीआईटीआईआईएस से संबंधित तैयारी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था। शहरों ने जो प्रस्ताव जमा किए हैं उसका मूल्यांकन किया जा रहा है।  स्मार्ट सिटी डिजिटल पेमेंट अवॉर्ड 2018 की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को की गई थी। इस अवॉर्ड का मकसद डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने और भुगतान के अभिनव पहल के लिए स्मार्ट शहरों को मार्गदर्शन, प्रेरणा, पहचान देना और पुरस्कृत करना है। 65 शहरों ने प्रश्नावली के दूसरे चरण में हिस्सा लिया. प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही नतीजे भी घोषित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री आज पूर्वांचल के दौरे पर, देंगे कईं बड़ी सौगातें, वाराणसी में बिताएंगे तीन घंटे
29 December 2018
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गाजीपुर और वाराणसी में होंगे। प्रधानमंत्री दोपहर में गाजीपुर के आरटीआई मैदान में आयोजित समारोह में महाराजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने के बाद राजभर समाज की सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान गाजीपुर मेडिकल कालेज का शिलान्यास भी वह करेंगे। गाजीपुर की जनसभा में एक लाख से अधिक की भीड़ जुटने का अनुमान है। गाजीपुर जिले में उनका हेलीकाप्टर आरटीआई मैदान में दोपहर 12.20 बजे लैंड करेगा। वे गाजीपुर में करीब सवा घंटे तक रहेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद गाजीपुर में उनका यह दूसरा आगमन है। इससे पहले वह 14 नवंबर 2016 को इसी मैदान में आ चुके हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्हा सहित केंद्र व प्रदेश सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे। गाजीपुर में सभा के उपरांत उनका हेलीकाप्टर वाराणसी के भुल्लनपुर स्थित पीएसी हेलीपैड पर लैंड करेगा। यहां से वे चांदपुर स्थित नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र जाएंगे जहां उन्हें अंतरराष्‍ट्रीय केंद्र का उद्घाटन करना है। इसके बाद पीएम बड़ा लालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर प्रस्थान करेंगे, जहां वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। 2100 करोड़ का ऋण करेंगे वितरित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी समेत पूर्वांचल के 11 जिलों के हस्तशिल्पियों को 21 सौ करोड़ से अधिक का ऋण वितरित करने के साथ ही किट प्रदान करेंगे। प्रयागराज में होने वाले कुंभ पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन करने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर के फाइनल डिजाइन का ब्लू प्रिंट देखने के साथ ही काशी में भविष्य में होने वाले विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन भी देखेंगे। भविष्य का रोडमैप देखेंगे प्रधानमंत्री वर्ष 2018 में अपने अंतिम दौरे पर शनिवार को आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर काशी की सौगातों से झोली भरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यह सोलहवां दौरा होगा। अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करने आ रहे पीएम मोदी इस बार 278 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। 98 करोड़ 73 लाख की विभिन्न चौदह योजनाओं का शिलान्यास करेंगे तो 180 की लागत से तैयार 15 प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। जिलाधिकारी और कमिश्नर प्रधानमंत्री को टीएफसी में ही काशी के भविष्य का रोडमैप दिखाने के साथ ही बीते दिनों अहमदाबाद में फाइनल हुए काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर की डिजाइन का ब्लू प्रिंट भी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाएंगे। साढ़े तीन घंटे काशी में रहेंगे पीएम प्रधानमंत्री 29 दिसंबर को वाराणसी में लगभग साढ़े तीन घंटे रहेंगे। बाबतपुर एयरपोर्ट से 29 को पीएम मोदी सेना के हेलीकाप्टर से पहले गाजीपुर जाएंगे। वहां महाराजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने के साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के बाद पीएम वापस वाराणसी आएंगे। हेलीकाप्टर से पीएम मोदी सीधे भुल्लनपुर स्थित पीएसी के हेलीपैड उतरेगा। वहां से वह कलेक्ट्री फार्म स्थित अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करेंगे। चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करने के बाद पीएम मोदी टीएफसी में आयोजित ओडीओपी कार्यक्रम में बुनकरों को ऋण वितरण, किट वितरण के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे। वहीं पर शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विश्वनाथ मंदिर कारिडोर व भविष्य की काशी से संबंधित प्रेजेंटेशन देंगे। टीएफसी में कार्यक्रम के बाद पीएम रिंग रोड होते हुए बाबपुर फोरलेन के रास्ते एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से अंडमान के लिए प्रस्थान करेंगे।
Anti Narcotics : 1000 करोड़ रुपए की ड्रग्स के साथ 4 लोग हुए गिरफ्तार
28 December 2018
मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बुधवार को वकोला इलाके से फेंटानिल नाम की प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इसका इस्तेमाल एनेस्थीसिया के तौर पर दर्द से राहत दिलाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग नशे के लिए भी होता है। यह ड्रग नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1,000 करोड़ रुपए बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस ड्रग्स को अमेरिका भेजने की तैयारी थी। नारकोटिक्स विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान सलीम डोला, घनश्याम सरोज, भाई चंद्रमणि और संदीप तिवारी के रूप में हुई है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 1 जनवरी तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वे अमेरिका के अलावा अन्य देशों में भी इस ड्रग्स को भेजने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए वे दलालों के संपर्क में भी थे। उनके पास से ड्रग्स से भरे चार ड्रम जब्त हुए हैं। कोर्ट ने आरोपियों को 1 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। डोला को एक बार पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने कोर्ट में दावा किया कि उनके पास से जब्त किया गया पदार्थ फेंटानिल नहीं है। साथ ही उनके पास इसकी खरीदी के दस्तावेज भी हैं। फेंटानिल का इस्तेमाल एनेस्थीसिया और कैंसर के इलाज में किया जाता है। नशे के लिए इसे कोकीन और हेरोइन में मिलाया जाता है। सलीम डोला को पहले भी दिल्ली में एनसीबी ने ड्रग्स सप्लाई के केस में गिरफ्तार किया था। साल 2016 में 79 किलो चरस के केस में उसे मुंबई की एक अदालत ने बरी कर दिया था।
PM Modi Rally : हिमाचल में भाजपा का एक साल पूरा, PM मोदी बोले घर जैसा लगता है यहां
27 December 2018
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मशाला में पहुंचे, तो सीएम जयराम ठाकुर ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी धर्मशाला केंद्र और राज्य सरकार की योजना के लाभार्थियों से भी रू-ब-रू हुए। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को आज एक साल पूरा होने के मौके पर उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज जारी किया। इस अवसर पर कांगड़ा के धर्मशाला शहर में प्रधानमंत्री की बड़ी रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें मोदी ने जन आभार रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। हिमाचल सरकार आज के दिन को ‘गुड गवर्नेंस दिवस’ के तौर पर मना रही है। हिमाचल आकर लगता है, घर आ गया हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि जब भी ह‍िमाचल आने का मौका म‍िलता है, तो लगता है अपने घर आ गया हूं अपनों के बीच आ गया हूं। बहुत लंबे अरसे तक यहां के कोने-कोने में जाकर संगठन का काम करने का सौभाग्‍य म‍िला, काफी कुछ सीखने को म‍िला। ज‍िनके साथ उस समय काम करने का मौका म‍िला, आज खुशी है क‍ि वे सभी हिमाचल की पहली पंक्ति के नेता बन गए हैं। यह बेहद खुशी का पल है। उन्‍होंने इस दौरान ह‍िमाचल के शक्तिपीठों को याद करते हुए कहा क‍ि यहां का हर गांव देवी-देवताओं का गांव है। ह‍िमाचल आकर शांत‍ि व भाईचारा अनुभव होता है। यह ह‍िमाचल की एक बड़ी पहचान है। धर्मशाला ने आज खेल के क्षेत्र में दुन‍िया भर में अपना नाम बनाया है। बेहद कम समय में यहां का व‍िकास हुआ है। पीएम ने याद की कांगड़ी धाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि कांगड़ा की कांगड़ी धाम को कभी नहीं भूला हूं। चने और माह की दाल, जीमीकंद की सब्‍जी, रंगीन चावल और जब मदरा परोसा जाता है, तो उस स्‍वाद को मैं आज तक नहीं भूला हूं। इस दौरान उन्‍होंने पूर्व पीएम अटल ब‍िहारी वाजपेयी को भी याद क‍िया। पीएम ने कहा क‍ि अटल जी के कारण ही आज ह‍िमाचल में औद्योगिक क्रांति आई है। उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा क‍ि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती है। आज ह‍िमाचल की सरकार ने यह साब‍ित कर द‍िया है क‍ि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी भी पहाड़ के काम आएगी। उन्‍होंने कहा क‍ि ह‍िमाचल में रेल नेटवर्क के ल‍िए करोड़ों रुपए खर्च क‍िए जा रहे हैं। ह‍िमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के ल‍िए सरकार कार्य कर रही है। इस रैली के ल‍िए प्रदेश भर से हजारों की संख्‍या में लोग धर्मशाला के पुल‍िस ग्राउंड पहुंचे हैं। नरेंद्र मोदी का यहां पहुंचने पर राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत व मुख्‍यमंत्री जय राम ठाकुर सह‍ित मंत्र‍िमंडल के अन्‍य सदस्‍यों ने स्‍वागत क‍िया। नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचने के बाद प्रदेश सरकार की एक साल की उपलब्धियों को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन क‍िया। एक साल बेमिसाल गौरतलब है कि 27 दिसंबर, 2017 को ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने 11 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण की थी। उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। 68 विधानसभा सीटों के हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने 44 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। प्रधानमंत्री के दौरे से पूर्व राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में राज्य को 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मदद की है। इसके अलावा जल्द ही राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से निवेश मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राज्य में 80 हजार करोड़ रुपए के निवेश कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के एक साल का काम बेमिसाल है। सीएम ने गिनाई उपलब्धियां इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में सरकार के एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 1300 रुपए कर दिया गया है। विकास को और ज्यादा गति देने के लिए हिमाचल सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि जनमंच कार्यक्रम से सरकार सीधे लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। अभी तक 20 हजार से ज्यादा समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। सीएम ने कहा कि साल 2019 के लोक सभा चुनावों में भी भाजपा चारों सीटें पर जीतेगी। रैली के लिए बच्चों को ले जा रही बस पलटी मोदी की रैली के ल‍िए धर्मशाला आ रही एक स्‍कूल बस हादसे का श‍िकार हो गई। इस कारण 45 छात्र घायल हो गए हैं। इनमें चार छात्रों को टांडा अस्‍पताल लाया गया है। जबक‍ि अन्‍य का लंज प्राथम‍िक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में उपचार क‍िया जा रहा है। इन छात्रों में 10 छात्राओं को मामूली चोटें आई हैं। ज‍िला कांगड़ा के तहत आने वाले सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल कथोली नगरोटा सूरियां की बस कंप्यूटर सेंटर के स्किल डवेल्पमेंट विद्यार्थियों को लेकर ज‍िला मुख्‍यालय धर्मशाला में आयोज‍ित होने वाली पीएम की रैली को जा रही थी कि लंज के पास बस पलट गई है। पलटने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। घायलों को उपचार के लिए पीएचसी लंज में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, जबकि चार विद्यार्थियों को टांडा अस्पताल में रैफर किया गया है। हादसे के बाद सभी छात्र छात्राओं को लंज के प्राथम‍िक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र ले जाया गया। मगर, वहां सुव‍िधाएं व अध‍िक बेड न होने से घायलों को जमीन में लेटाकर उपचार शुरू क‍िया गया है।
Kamal nath Cabinet: मंत्रियों के नामों पर लगी मुहर, सीएम भोपाल के लिए रवाना
25 December 2018
भोपाल। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल गठन के लिए पिछले 5 दिनों से जारी मंथन मंगलवार सुबह समाप्त हो गया। कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रियों के नामों पर मुंहर लगा दी इसके बाद सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विवेक तन्खा राजकीय विमान से भोपाल के लिए रवाना हुए। करीब 1 बजे तक वे भोपाल पहुंच जाएंगे। शपथ ग्रहण समारेाह में आने वाली भीड़ को देखते हुए राजभवन में आने-जाने वाहनों पर रोक लगाई गई है। वाहन अंदर जाएंगे और आमंत्रितगणों को छोड़कर बाहर आ जाएंगे। पहली बार राजभवन के बाहर मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के ग्राउंड में शपथ ग्रहण के लाइव प्रसारण के लिए एलसीडी स्क्रीन लगाई गई है। मंत्री बनने वालों के समर्थक यहां बैठकर कार्यक्रम देख सकेंगे। स्टेट गैरेज ने 30 मंत्रियों के लिए कार तैयार करके रखी हैं, यह सभी गाड़ियां राजभवन परिसर में ही खड़ी रहेंगी, मौके पर ही मंत्रियों को वाहनों का आवंटन किया जाएगा। वहीं मंत्रियों को इस बार एक-एक करके शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार में जिन मंत्रियों को लिया जा रहा है, उनमें डॉ. गोविंद सिंह, आरिफ अकील, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, राजवर्द्धन सिंह, लाखन सिंह यादव, कमलेश्वर पटेल, हिना कांवरे, झूमा सोलंकी, लखन घनघोरिया, तरुण भनोत, दीपक सक्सेना, हुकुमसिंह कराड़ा, सज्जन सिंह वर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के लिए चर्चा में चल रहे नामों में डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ और एनपी प्रजापति में से जिसे भी स्पीकर चुना जाता है तो अन्य को मंत्रिमंडल में लिए जाने की संभावना है। दो निर्दलीय प्रत्याशियों प्रदीप जायसवाल और ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा भैया को मंत्रिमंडल में लिए जाने का नाथ पहले ही संकेत दे चुके हैं।
राहुल गांधी ने विदिशा में नरेंद्र मोदी सरकार पर साधा निशाना
23 November 2018
मध्य प्रदेश में चुनाव के लिए अब सिर्फ 5 दिन बाकी हैं। आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा विदिशा जिले के बासौदा, रायसेन के मंडीदीप और सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सभा छिंदवाड़ा के पांर्ढुना, सिवनी के लखनादौन, बालाघाट और जबलपुर के सिहोरा में है। शाम को वे कटनी शहर में रोड शो करेंगे। केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीमारमण की ग्वालियर में सभा। शाहनवाज हुसैन की सभा उज्जैन जिले के घट्टिया के ताजपुर और बुरहानपुर में। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की जनसभा छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव, बैतूल जिले के आमला, बालाघाट के कटंगी और रायसेन के भोजपुर में। सिंगरौली में बसपा सुप्रीमा मोयावती ने चुनावी सभा में कहा कि हमारी सरकार में हर वर्ग के लोगों ने राहत महसूस की है। हमारे विधायक जीते और सरकार बनी तो हम साबित कर देंगे कि भाजपा कांग्रेस से बेहतर हम सरकार चला सकते हैं। इस मौके पर बसपा के वरिष्ठ नेताओं एवं जिलाध्यक्ष व पार्टी प्रत्याशी सुरेश शाहवाल शिव शंकर वर्मा अशोक सिंह पैगाम ने भी अपने विचार रखते हुए समर्थन मांगा। राहुल गांधी बोले- मप्र को कांग्रेस पांच साल के अंदर हिंदुस्तान का कृषि का सेंटर बना देगी। किसान मंडी में जाता है तो उसे कहा जाता है कि अभी ठहरो, किसान थक जाता है उसे सही दाम नहीं मिलता। कांग्रेस की सरकार हर जिले में आपके खेत के पास फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगा देगी। अगर कोई किसान टमाटर उगाता है तो उसके खेत के पास कैचअप की फैक्ट्री लगाएंगे। फैक्ट्री से उसे सही दाम मिलेगा। उसी फैक्ट्री में किसान के बेटे और बेटी को रोजगार भी मिलेगा। राहुल गांधी ने कहा कि जिस दिन राफेल मामले में जांच शुरू हो गई, सिर्फ दो नाम सामने आएंगे। नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी। केंद्र में मोदी जी और प्रदेश में शिवराज जी यही कर रहे हैं एमपी में नकल करके परीक्षा पास की जाती है। एमपी में ई-टेंडरिंग घोटाला हुआ है। इसमें मप्र का युवा पिसता है। मप्र में कांग्रेस की सरकार बनना तय है। मैं जो वादा करुंगा वह पूरा होगा। मैं झूठे वादे नहीं करता। आप जो टैक्स का पैसा देते हो उसका पैसा माल्या और नीरव मोदी जैसे लोगों के जेब में जा रहा है। गंजबासौदा में राहुल गांधी बोले- राफेल खरीदी में मोदी सरकार ने गड़बड़ी की है। उन्होंने अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए कांट्रेक्ट दिलवाया। 45 हजार करोड़ रुपए का अनिल अंबानी का कर्जा है। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स को इसका कांट्रेक्ट नहीं दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी इस मामले में अपना बयान दिया। 30 हजार करोड़ रुपए का फायदा नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी को पहुंचाया। हिंदुस्तान की रक्षा मंत्री का कहना है कि मैंने यह कांट्रेक्ट नहीं करवाया। मोदी ने सभी को नरजअंदाज कर यह फायदा पहुंचाया गया। उनके नेता अरुण शौरी राफेल मामले में सवाल उठाते हैं। राहुल बोले कि जब मैंने पीएम से पूछा कि आप किसानों का कर्जा कब माफ करेंगे। इस पर वे कुछ नहीं बोले। मप्र और हिंदुस्तान में पैसे की कोई कमी नहीं है। विजय माल्या, चौकसी और नीरव मोदी पैसे लेकर भाग गए। स्कैमों की लाइन लगी है। चुनाव के बाद हमारी सरकार बनी तो 10 दिन के अंदर कांग्रेस किसानों का कर्जा माफ कर देगी। राहुल गांधी बोले- 15 लाख लोगों को आपने 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए पकड़ा दिए। आपने यह क्यों कि मुझे यह नहीं पता। पर आप मुझे यह समझाइये कि आप हिंदुस्तान में किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं करते। आप उन उद्योगपतियों का कर्ज माफ करते हो तो किसानों का भी करो। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने कहा था कि दो करोड़ युवाओं को रोजगार दूंगा, किसानों को भी कहा था कि उन्हें सही दाम मिलेंगी। जब उनसे सवाल किया गया कि आपकी सरकार ने कितने लोगों को रोजगार दिया। तो उनके मंत्री ने कहा कि 24 घंटे में सरकार 450 युवाओं को रोजगार दे पाती है।
राजनाथ ने आगर-मालवा, तो मायावती ने शिवपुरी में की सभा
22 November 2018
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अब केलव 6 दिन बाकी हैं। राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक लगातार पूरे प्रदेश में घूमकर अपनी पार्टी के पक्ष में मतदाताओं मनाने में लगे हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की आगर-मालवा और रतलाम में सभा है। बसपा सुप्रीम मायावती की शिवपुरी में सभा। स्मृति ईरानी की इंदौर, बुरहानपुर, नेपानगर, बड़वाह और देवास में जनसभा। नवजोत सिंह सिद्धू की छिंदवाड़ा, पांर्ढुना, बैतूल और भोपाल सभा। इनके साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सभा करेंगे। राजनाथ सिंह ने अशफाक उल्ला खान की फांसी की सजा को हंसते-हंसते गले लगाने वाले वाकये को विस्तार से बताते हुए राजनीति को परिभाषित किया। करीब चार मिनट तक अशफाक उल्ला खान का वाकया सुनाते रहे राजनाथ। राजनाथ ने कहा राजनीति सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी के हाथों में आ जाती है तो शक्ति बन जाती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके हाथों में राजनीति आ जाएं तो सांप्रदायिकता विपत्ति बन जाती है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नाम लिए बगैर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति राम जैसे लोगों के हाथ में आ जाती है तो भक्ति बन जाती है। आगर-मालवा में राजनाथ सिंह ने कहा सफेद झंडा लहराने के बाद भी अगर कोई बात नहीं होती तो हमने सेना से कहा दिया कि अगर सीमा पार से गोलियां चलेगी तो हमारी तरफ से इतनी गोलियां चलेंगी कि गिनी नहीं जाएगी। राजनाथ सिंह ने कहा 2014 में सितंबर महीने में सेना से बातचीत की, हमनें सोलह बार सफेद झंडा लहराया। जिसका मतलब होता है हम समाधान चाहते हैं। मायावती ने कहा कि दूसरी पार्टियों की सरकारें बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही नीतियां बनाती हैं। बाद में इन्हीं पूंजीपतियों की मदद से ये पार्टियां सत्ता में आती हैं। ऐसे में आम जनता की तकलीफों और परेशानियों की तरफ इन पार्टी की सरकारों का ध्यान नहीं जाता। वे आम जनता के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं बना रही। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थिति में बहुजन समाज पार्टी को समर्थन दें और उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को जीत दिलाएं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण देश की अर्थ व्यवस्था गड़बड़ा गई है और विपरित असर पड़ा है। केंद्र और राज्यों में विभिन्न पार्टियों की सरकारें कई सालों से गरीबों और पिछड़ा वर्ग के लिए कई योजनाएं चला रही हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा। मायावती ने कहा कि आज गरीब, मजदूर, किसान, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य सभी वर्ग दुखी हैं। मध्यप्रदेश में किसान तो सबसे ज्यादा दुखी और परेशान हैं। केंद्र और राज्यों में विभिन्न पार्टियों की सरकारों की गलत आर्थिक नीति के चलते गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है। मायावती ने ये भी कहा कि दलितों, मुस्लिम, पिछड़ा वर्ग, गरीब, मजदूर वर्ग के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही कोई काम नहीं किया और आज इन वर्गों की हालत चिंताजनक हो गई है। मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों को पूरे देश में आरक्षण का बहुत कम लाभ मिल पा रहा है। केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तभी मंडल कमीशन की रिपोर्ट आ गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसे लागू नहीं किया। इसे लागू कराने के लिए हमारी पार्टी को पूरे देश में काफी संघर्ष करना पड़ा। भाजपा भी नहीं चाहती कि ये रिपोर्ट लागू हो।
MP Election 2018: राजनाथ सिंह बोले- शांति, सद्भाव से राम मंदिर बने तो सब होंगे खुश
21 November 2018
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भोपाल में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया। सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राम मंदिर बनेगा तो सभी को खुशी होगी। हमारा यह मानना है कि एक अच्छे वातावरण में शांति और सद्भाव के साथ यह बने तो सब खुश होंगे। राजनाथ सिंह यहां हरदा, सिवनी मालवा और सोहागपुर में चुनावी सभा करने के लिए पहुंचे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने वादे पूरे किए हैं। कांग्रेस ने पुराने घोषणापत्रों के वादे पूरे नहीं किए हैं। मध्य प्रदेश में क्लियर मेजोरिटी के साथ भाजपा सरकार बनाने जा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने 13 साल में जनता का विश्वास जीता है। कांग्रेस ने जनता का विश्वास खोया है।
कश्मीर में पंचायत चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान जारी
20 November 2018
जम्मू। राज्य में लोकतंत्र को नीचले स्तर तक मजबूत बनाने के लिए शुरू हुई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया के तहत मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण में 15 जिलो के 40 ब्लाकों में मतदान शुरु हो गया है। आज सरपंच और पंच के 1567 हल्कों में अपना भाग्य आजमारहे 4014 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। दोपहर 12 बजे तक 30 प्रतिशत तक मतदान होने की सूचना है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में पंचायतों के गठन के लिए नौ चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण का चुनाव गत शनिवार 17 नवंबर को हुआ जिसमें तमाम मुश्किलों के बावजूद 74.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। अंतिम और नौवें चरण का मतदान अगले माह 11 दिसंबर 2018 को होना है। आज दूसरे चरण के तहत कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के कलारूस, मच्छल और राजवार, बांडीपोरा के गनिस्तान व नौगाम, बारामुला के संग्रामा और वागूरा, गांदरबल के कंगन, बडग़ाम जिले के बडग़ाम व रठसुना, अनंतनाग जिले में अनंतनाग और बिजबिहाड़ा, करगिल में बांबट, करशा, सांकू, शाकर चकटान, शारगोल और लोच्छम व लेह के खलस्ती, सकूरबुचन, दिस्कित, तुर्तुक और पनमिक में मतदान हो रहा है। वहीं जम्मू संभाग जिला किश्तवाड़ के त्रिगाम, पलमार और ठकराई, डोडा के भागवा व कासतीगढ़, रामबन में बनिहाल, ऊधमपुर में जगानू, सवाना, नरसू और टिकरी, कठुआ में लोहाई मल्हार, बगान और डुगन, राजौरी में लंबेड़ी व सयोट और पुंछ के मंडी व लोरन ब्लॉक में लोग मतदान अपने पंच-सरपंच चुन रहे हैं। मतदान के दाैरान आतंकी कोई गड़बड़ी नहीं कर सकें,इसके लिए सभी इलाकों में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया है।
PM ने किया KMP एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, कहा- कॉमनवेल्थ में होना था उपयोग, अब बना
19 November 2018
नई दिल्ली। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (केजीपी) के उद्घाटन के महज छह माह बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) जनता को समर्पित कर दिया। 6,434 करोड़ रुपए की लागत से बने 135.65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का 53 किलोमीटर लंबा पलवल से मानेसर तक का हिस्सा हरियाणा सरकार ने अप्रैल 2016 को पूरा कर जनता के लिए खोल दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शेष बचे कुंडली से मानेसर मार्ग का उद्घाटन किया। इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को यातायात जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपीए और कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल कामनवेल्थ गेम्स में होना था। लेकिन कामनवेल्थ खेल जो गति की गई, वही कहानी इस एक्सप्रेस वे की भी है। मुझे ध्यान है कि जब प्रगति की बैठकों में मैंने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करनी शुरु की थी, तो कितने सारे पेंच पता चले थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार में जिस तरह काम हुआ, वो एक केस स्टडी है कि कैसे जनता के पैसे को बर्बाद किया जाता है। जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तो अनुमान लगाया गया था कि इस पर 1200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आज इतने वर्षों की देरी की वजह से इसकी लागत बढ़कर 3 गुना से ज्यादा हो गई। प्रधानमंत्री ने इस दौरान केएमपी के साथ ही फरीदाबाद के मुजेसर से बल्लभगढ़ तक 3.02 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल लिंक का भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।इस मार्ग पर 580 करोड़ रुपए की लागत आई है। पीएम बोले कि लोग वहीं हैं, काम करने वाले वही हैं, लेकिन जब इच्छाशक्ति हो, संकल्पशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यही वजह है कि जहां साल 2014 से पहले देश में एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे का प्रतिदिन निर्माण हो रहा है। 2006 में बनाई थी योजना साल 2006 में कांग्रेस सरकार ने दिल्ली को जाम व प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली के पूर्व में कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) और पश्चिम में केएमपी एक्सप्रेस वे की योजना बनाई थी। तब जुलाई 2009 तक इन दोनों मार्गों का दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 से पहले निर्माण पूरा होना था। मगर, तत्कालीन सरकार केएमपी पर ही निर्माण शुरू करा पाई और नवंबर 2014 तक आधा हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ था। प्रदेश में सतारूढ़ होने पर भाजपा सरकार ने नवंबर 2014 में इसे अपने हाथ में लिया। उद्योग विभाग ने इस साल 27 मई को जनता के लिए खोले गए केजीपी एक्सप्रेस मार्ग की लागत 9,428 करोड़ रुपए की तुलना में 2,994 करोड़ रुपए कम लागत में तैयार कराया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्व और पश्चिम में बने केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस मार्ग से एनसीआर के शहरों फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा के साथ हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों को भी सीधा फायदा होगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ के बाद बल्लभगढ़ मेट्रो रेल लाइन से जुड़ने वाला हरियाणा का चौथा शहर हो जाएगा। प्रधानमंत्री इस रैली स्थल से ही पलवल के दूधौला गांव में श्री विश्र्वकर्मा कौशल विश्र्वविद्यालय की भी आधारशिला रखी। देश के इस पहले कौशल विश्वविद्यालय के निर्माण पर 989 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह विश्वविद्यालय 82.5 एकड़ में बनाया जा रहा है।
MP Chunav 2018: PM मोदी, शाह और राहुल की आज MP में चुनावी सभाएं
16 November 2018
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को ग्वालियर एवं शहडोल में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खजुराहो, सागर, दमोह और टीकमगढ़ में रहेंगे। इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को देवरी, बरघाट और मंडला में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे। मोदी 16, 18, 20, 23 और 25 नवंबर को मप्र में कुल 10 सभाएं करेंगे। अमित शाह 16, 18, 19, 23, 24 और 26 नवंबर को मध्य प्रदेश में रहेंगे। राहुल गांधी 16 एवं 17 नवंबर को प्रदेश के चुनावी दौरे पर रहेंगे। 17 नवंबर को वह कटनी, जबलपुर और सिवनी जिले में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी रहेंगे। अखिलेश यादव की 18 को बुंदेलखंड में चुनावी सभाएं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 18 नवंबर को बुंदेलखंड क्षेत्र में चुनावी सभाएं संबोधित करने आ रहे हैं। वह यहां दमोह जिले के बटियागढ़ और पवई (पन्ना) में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे। सपा के प्रवक्ता यश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष 17 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे।
MP Chunav 2018 : महाराष्ट्र से आ रही कार से मिले डेढ़ करोड़, पुलिस कर रही जांच
15 November 2018
बड़वानी। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह के कालेधन का इस्तेमाल न हो। इसे लेकर चुनाव आयोग पुूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस के साथ उड़न दस्ता अलग-अलग राज्यों से लगी सीमाओं पर चौकसी बरत रहा है। इसी कड़ी में बड़वानी जिले के खेतिया में आज उड़न दस्ते ने महाराष्ट्र से आई एक गाड़ी से डेढ़ करोड़ रुपए जब्त किए हैं। जिस इनोवा कार से ये राशि जब्त की गई है, उसका नंबर MH-19, BU-8969 है। उसमें महाराष्ट्र के मालेगांव के दो लोग सवार थे। जिनके नाम शरीफ पिता खालिद मेमन और शरीफ पिता अब्दुल गनी मेमन हैं। शुरुआती जांच में इन लोगों ने पुलिस को बताया कि ये राशि खेतिया के शांति ट्रेडर्स की है। जिसे वो खेतिया के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में जमा कराने के लिए महाराष्ट्र के शाहदा से ला आ रहे थे। दरअसल ये राशि पिछले बीस दिनों में शाहदा, नंदूरबार और खेतिया शहर में पान मसाला बेचकर जमा की गई थी। इसी राशि को शांति ट्रेडर्स के खाते में जमा कराने के लिए ये दोनों लोग शाहदा से खेतिया आ रहे थे। आज सुबह जब ये गाड़ी खेतिया पहुंचीं तो शहर की सीमा के बाहर निगरानी दल ने जांच के लिए इसे रोका। जांच के दौरान दल को कार से डेढ़ करोड़ नकद राशि मिली। इसके बाद ड्राइवर और कार में सवार एक और शख्स को पूछताछ के लिए खेतिया थाने ले जाया गया। जहां उन्होंने पूछताछ में ये जानकारी दी है। पुलिस शांति ट्रेडर्स के बारे में भी पता लगा रही, जिसकी राशि होने का दावा किया जा रहा है। दरअसल खेतिया बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा के तहत आता है। ये महाराष्ट्र से बिल्कुल सटा हुआ है। ऐसे में निगरानी दल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
पंडित नेहरू की जयंती पर सोनिया गांधी और मनमोहन समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
14 November 2018
नई दिल्ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज जयंती है और इस दिन को बाल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बच्चों के प्यारे चाचा के रूप में मशहूर पंडित नेहरू की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी वहीं सोनिया गांधी ने उनकी समाधि पर जाकर पुष्प अर्पित किए। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, देश के प्रथम प्रधानमंत्री को स्मरण। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम और प्रधानमंत्री रहने के दौरान उनके योगदान को याद कर रहा हूं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारे पहले प्रधानमंत्री की जयंती पर हम उन्हें याद कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में सरकार में बैठे लोगों द्वारा पंडित जवाहर लाल नेहरू की लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान वाली विरासत को कमतर करने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक भारत के निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री के योगदान को याद करते हुए सोनिया ने कहा कि नेहरू ने जिन लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाया, आज उनको चुनौती दी जा रही है। वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पुस्तक 'नेहरू: द इन्वेंशन ऑफ इंडिया' के पुनर्विमोचन के अवसर पर बोल रही थीं।सोनिया ने कहा कि नेहरू ने देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओ के प्रति सम्मान और उनको मजबूत बनाने की संस्कृति पैदा की जिससे लोकतंत्र मजबूत हुआ। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने नेहरू के आर्थिक मॉडल और गुटनिरपेक्षता केंद्रित विदेश नीति को भी याद किया और कहा कि उन्होंने जिन लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाया था आज उससे जुड़ी विरासत को कमतर करने का प्रयास हो रहा है। वहीं, थरूर ने कहा कि नेहरू ने हमेशा इस विचार को आगे रखा कि देश किसी व्यक्ति से महत्वपूर्ण है और संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। आधुनिक भारत के जनक पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 1889 में आज ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उनके पिता मोती लाल नेहरू बैरिस्टर थे। नेहरू ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय लंदन से कानून की शिक्षा हासिल की थी। 1947-1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। भारत को गुट निरपेक्ष रख कर दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय नायक के रूप में उभारा। उनके नेतृत्व में कांग्रेस 1951, 57 और 62 में चुनाव जीतकर देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी। 1916 में कमला नेहरू से शादी की। 27 मई 1964 के दिन वो चिरनिद्रा में लीन हो गए। इनके जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
ट्विटर को सरकार का अल्टीमेटम, बात मानो या कार्रवाई के लिए रहो तैयार
13 November 2018
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर पोस्ट किए जाने वाले आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर सरकार का रुख सख्त हो गया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वह अपने प्लेटफार्म से आपत्तिजनक ट्वीट समय पर हटा ले या कार्रवाई के लिए तैयार हो जाए। गृह सचिव राजीव गौबा ने ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसियों के अनुरोध पर भी आपत्तिजनक ट्वीट को तत्काल प्रभाव से नहीं हटाया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ट्विटर के साथ-साथ यूट्यूब, वाट्सएप, इंस्टाग्राम समेत सभी सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों से उन्होंने बात की है। इसके बाद से वाट्सएप ने फर्जी मैसेज रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी कई उपायों का एलान किया है। वहीं, ट्विटर इसे गंभीरता से नहीं ले रहा था। यही कारण है कि सोमवार को उसके वरिष्ठ अधिकारियों को अलग से बुलाना पड़ा। राजीव गौबा ने ट्विटर के अधिकारियों को साफ कर दिया कि भारतीय कानून में आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटाने की दिशा में पर्याप्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है और जरूरत पड़ने पर इसे लागू किया जा सकता है। पुख्ता प्रणाली तैयार करने को कहा इसके साथ ही गृह सचिव ने ट्विटर को आपत्तिजनक ट्वीट तत्काल हटाने के लिए पुख्ता प्रणाली तैयार करने को कहा है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटाने को लेकर जांच और सुरक्षा एजेंसियों की शिकायत को देखते हुए गृह सचिव राजीव गौबा ने ट्विटर के सुरक्षा मुद्दों के ग्लोबल हेड विजया गड्डे और भारतीय प्रतिनिधि महिमा कौल को तलब किया था। दोनों के सामने तथ्यों को रखते हुए राजीव गौबा ने कहा कि जांच एजेंसियों की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत किए गए अनुरोध के बावजूद ट्विटर आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे कुल अनुरोध में से केवल 60 फीसद पर ही कार्रवाई की गई है। वह भी समय पर नहीं हुई। दिल्ली पुलिस के अनुरोध का उदाहरण दिया उदाहरण के तौर पर उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया एक अनुरोध भी दिखाया, जिसमें एक ट्वीट में हिंसा भड़काने की बात कही गई थी। दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्विटर से इसे हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस ट्वीट को पूरी तरह से नहीं हटाया गया। जिन थोड़े से भाग को हटाया भी गया, उसमें भी काफी वक्त लगा। राजीव गौबा ने ट्विटर को भारत में चौबीस घंटे काम करने वाला तंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि आपत्तिजनक ट्वीट को तत्काल प्रभाव से हटाया जा सके। इसके साथ ही भारत में एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा गया है, जो जांच व सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा आसानी से उपलब्ध रहे। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गृह सचिव इस साल जून से ही लगातार सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ बातचीत कर आपत्तिजनक व फर्जी सामग्री पर तत्काल कार्रवाई का तंत्र खड़ा करने का अनुरोध कर रहे हैं।
राम मंदिर पर संघ का बयान, कहा- जनभावना को समझ कोर्ट जल्द दे फैसला
2 November 2018
मुंबई। राम मंदिर को लेकर गुरुवार को भाजपा सांसद राकेश सिन्हा के ट्वीट के बाद अब इस मामले में संघ का बयान आया है। संघ ने कहा है कि न्यायालय जनभावन को समझते हुए जल्द फैसला दे। यह बात संघ के सर कार्यवाह भैय्याजी जोशी ने शुक्रवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। यहां पिछले तीन दिनों से जारी संघ की बैठक के अंतिम दिन मीडिया को संबोधित करते हुए भैय्याजी जोशी ने संघ के विस्तार को लेकर जानकारी दी। इस दौरान जब उनसे राम मंदिर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 30 साल से चल रहे है और अब न्यायालय की प्रतिक्षा भी लंबी हो गई है। उन्होंने कहा कि 'राम मंदिर को लेकर 2010 में लखनऊ बेंच का निर्णय आया था और 2011 में सुप्रीम कोर्ट मामला पहुंचा। तीन जजों की बेंच बनी तो हमें आशा थी कि कुछ निर्णय आएगा लेकिन दुर्भाग्य से फैसला नहीं आ पाया और बेंच का कार्यकाल समाप्त हुआ। नई बेंच बनी और 29 अक्टूबर सुनवाई के लिए तय की गई। हमें उम्मीद थी कि दिवाली से पहले कुछ शुभ समाचार सुनने को मिलेगा लेकिन मामला अनिश्चित समय के लिए टल गया।' भैय्याजी जोशी ने आगे कहा कि 'सुनवाई टालने को लेकर जब कोर्ट से पूछा गया तो कोर्ट ने कहा कि हमारी प्राथमिकताएं अलग हैं, इससे हमें आहत हुआ। यह करोड़ों की आस्था से जुड़ा विषय है और अगर न्यायलय की प्रायोरिटी में नहीं आता है तो यह आश्चर्यजनक है। इससे हिंदू समाज अपमानित महसूस करता है। हम न्यायालय से अपील करते हैं कि वो इस पर पुन: सुनवाई करे। हमने कभी न्यायालय के निर्णयों की उपेक्षा नहीं कि, हम संविधान का सम्मान करते हैं। लेकिन न्यायालय की भी जिम्मेदारी है कि वो जनभावना को समझे और इस मुद्दे पर फिर से पुनर्विचार करे।' जब उनसे राम मंदिर पर अध्यादेश को लेकर सवाल पूछा गया तो भैय्याजी जोशी ने कहा कि 'कानून बनाने और अध्यादेश बनाने की मांग जिन्होंने की यह उनका अधिकार है। जब अध्यादेश आएगा तब देखेंगे, फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।' संघ प्रमुख से मिले भाजपा अध्यक्ष इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब घंटाभर तक चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस दौरान राम मंदिर के मुद्दे को लेकर बात हुई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर की सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है। तभी से संघ और भाजपा के कई नेताओं समेत हिंदू संगठन और संत समाज सरकार पर राम मंदिर बनवाने के लिए दबाव बनाने में जुटा है। संघ प्रमुख भागवत तो राम मंदिर के लिए अध्यादेश तक लाने की सलाह दे चुके हैं। हालांकि, अभी सरकार की ओर से मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Statue of Unity: सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा की 8 साल पहले हो गई थी प्लानिंग, पीएम मोदी के भाषण की 10 बातें
1 November 2018
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी((Prime Minister Narendra Modi) ने सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती पर बुधवार को उनकी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) का अनावरण किया. 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इससे पहले चीन के स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की 153 मीटर ऊंची मूर्ति के नाम पर यह रिकॉर्ड था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया का एक अजूबा है. उन्होंने कहा, सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था, जब 'मां भारती' साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी पड़ी थी. मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में भी निराशावादी थे, जो समझते थे कि भारत अपनी विविधताओं से ही बिखर जाएगा, मगर सरदार पटेल ने कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी महाराज के शौर्य का समावेश थे. पांच जुलाई 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए सरदार साहब ने कहा था-विदेशी आक्राताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी और बैर का भाव ही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है. इस गलती को नहीं दोहराना है. सरदार साहब के आह्वान पर देश के सैकड़ों राजे-रजवाड़े ने त्याग की मिसाल कायम की थी. इस त्याग को भी नहीं भूलना चाहिए था.
10 बातें
1-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज जो ये सफर एक पड़ाव तक पहुंचा है, उसकी यात्रा 8 वर्ष पहले आज के ही दिन शुरु हुई थी. 31 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में मैंने इसका विचार सबके सामने रखा था.
2-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया की ये सबसे उंची प्रतिमा पूरी दुनिया और हमारी भावी पीढ़ियों को सरदार साहब के साहस, सामर्थ्य और संकल्प की याद दिलाती रहेगी. आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तब भारत ने न सिर्फ अपने लिए एक नया इतिहास रचा है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का गगनचुम्बी आधार भी रखा है. आज भारत के वर्तमान ने अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पृष्ठ को उजागर करने का काम किया है.
3-उन्होंने कहा कि कच्छ से कोहिमा तक, कारगिल से कन्याकुमारी तक आज अगर बेरोकटोक हम जा पा रहे हैं तो ये सरदार साहब की वजह से, उनके संकल्प से ही संभव हो पाया है. सरदार साहब ने संकल्प न लिया होता, तो आज गिर के शेर को देखने के लिए, सोमनाथ में पूजा करने के लिए और हैदराबाद में चारमीनार को देखने के लिए हमें वीज़ा लेना पड़ता. सरदार साहब का संकल्प न होता, तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सीधी ट्रेन की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.
4-पीएम मोदी बोले-जिस कमज़ोरी पर दुनिया हमें उस समय ताने दे रही थी, उसी को ताकत बनाते हुए सरदार पटेल ने देश को रास्ता दिखाया। उसी रास्ते पर चलते हुए संशय में घिरा वो भारत आज दुनिया से अपनी शर्तों पर संवाद कर रहा है, दुनिया की बड़ी आर्थिक और सामरिक शक्ति बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है.
5-आज मौलिक अधिकार हमारे लोकतंत्र का प्रभावी हिस्सा है. आज यह प्रतिमा सरदार वल्लभ भाई पटेल उसी प्रण, प्रतिभा और परमार्थ का जीता-जागता प्रमाण है. सरदार पटेल की यह प्रतिमा न्यू इंडिया, नए भारत के बढ़ते आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है. यह प्रतिमा राष्ट्र और किसानों के स्वाभिमान का प्रतीक है.
6-विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, वैर का भाव, हमारी हार की बड़ी वजह थी. अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है. पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था जब मां भारती साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी थी...
7-'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का अनावरण कर बोले पीएम मोदी- कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी के शौर्य के समावेश थे सरदार पटेल. उन्होंने कहा कि जब सबको लगता था कि देश ऐसे ही बिखरा रहेगा, ऐसे निराशा के दौर में सरदार पटेल ही आशा की किरण थे.
8- पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सरदार साहब की इस विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है. जब मैंने गुजरात के सीएम के तौर पर इसकी कल्पना की थी तो एहसास नहीं था कि एक दिन प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे इसके अनावरण का सौभाग्य मिलेगा.
9- पीएम मोदी ने कहा कि आज का यह दिन भारत के इतिहास के ऐसे ही कुछ क्षणों में से एक अहम पल है. आज भारत के वर्तमान में अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पूत्र को उजागर करने का काम किया है. आज धरती से लेकर आसामन तक सरदार का अभिषेक हो रहा है.
10-पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास में ऐसे अवसर आते हैं, जब वो पूर्णता का एहसास कराते हैं. आज यह वह पल होता है जो किसी राष्ट्र के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है और उसे मिटा पाना बहुत मुश्किल होता है.

जम्मू-कश्मीरः मतदान के पहले भाजपा उम्मीदवार का दिल का दौरा पड़ने से निधन
10 October 2018
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। 13 जिलों में हो रहे मतदान को देखते हुए पूरे दक्षिण कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में इसे घटाकर 2जी कर दिया गया है। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच होने जा रहे मतदान में 1029 उम्मीदवारों का राजनीतिक भाग्य वोटिग मशीनों में बंद हो जाएगा। दूसरे चरण में मतदान करने से ठीक पहले बीजेपी के एक उम्मीदवार की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पूर्व कर्मचारी 62 वर्षीय आजाद सिंह राजू मतदान करने ही वाले थे लेकिन स्थानीय मतदान केंद्र में ही उनकी मौत हो गई। सुबह 10 बजे तक अनंतनाग में 6 प्रतिशत, बांदीपुरा में 14.2 प्रतिशत, बारामुला में 1.1, कुपवाड़ा में 3 प्रतिशत, श्रीनगर में 0.8 प्रतिशत, किश्तवाड़ में 34, डोडा में 36, रामबन में 35, रीसी में भी 35, उधमपुर में 30 और कठुआ में सर्वाधिक 39.4 प्रतिशत मतदान हो चुका था। दूसरे चरण में राज्य में 30 नगर निकायों के 384 वार्ड हैं। इनमें श्रीनगर नगर निगम के 20 वार्ड भी शामिल हैं, लेकिन मतदान सिर्फ 263 वार्ड में ही होगा, क्योंकि 65 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं और 56 में एक भी उम्मीदवार नहीं है। राज्य में करीब 13 साल बाद नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं। यह चुनाव आठ से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में होंगे। दूसरे चरण के लिए कुल 1198 नामांकन आए थे, जिनमें से 1095 ही उम्मीदवार चुनावी दौड़ में शामिल रहे और इनमें से 65 निर्विरोध निर्वाचित हुए। इनमें 61 कश्मीर घाटी से संबंध रखते हैं। कश्मीर घाटी में दूसरे चरण में शामिल विभिन्न निकायों में 56 वार्ड ऐसे हैं,जहां किसी उम्मीदवार के न होने के कारण मतदान नहीं होगा। सुरक्षाकर्मी मुस्तैदः अलगावादियों की धमकियों और अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार को देखते हुए प्रशासन ने न सिर्फ मतदान वाले इलाकों में बल्कि वादी के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस व अर्द्धसैनिकबलों की गश्त बढ़ा दी गई है। इसके अलावा कई जगह आने जाने के रास्तों को भी कंटीली तारों से बंद कर दिया गया है। सभी मतदान केंद्रों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सुरक्षा शिविरों और सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है। मुख्यधारा की राजनीति से संबंधित नेताओं व उम्मीदवारों की सुरक्षा की समीक्षा कर उसे और ज्यादा चाक चौबंद बनाया गया है।
जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव : 11 बजे तक बांदीपुरा में महज 2 प्रतिशत डले वोट
8 October 2018
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हुआ। सुबह 11 बजे तक जहां कुछ जगहों पर अच्छा मतदान हुआ वहीं बांदीपुरा में महज 2 प्रतिशत वोट डले थे। जानकारी के अनुसार अनंतनाग में 5 प्रतिशत, बडगाम में 3 प्रतिशत, बंदीपुरा में 2 प्रतिशत, बारामुला में 3 प्रतिशत, श्रीनगर में 3.4 प्रतिशत, जम्मू में 34 प्रतिशत, करगील में 33 प्रतिशत, कुपवाड़ा में 18 प्रतिशत, लेह में 26, पुंछ में 47 प्रितशत और राजौरी में सर्वाधिक 55 प्रतिशत मतदान हुआ है। चुनाव को लेकर राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं वहीं इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। राज्य के सात जिलों के 422 वार्डों में 1283 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में चार चरणों में होने वाले निकाय चुनाव में 2990 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि 244 उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। रविवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शालीन काबरा ने श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में चुनावी तैयारियां का जायजा लिया। चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए किए प्रबंधों व सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की। राज्य में चुनाव पर कड़ी नजर रखने के लिए 22 जिलों में 23 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। रविवार शाम को सभी मतदान केंद्रों में सुरक्षाकर्मियों और पोलिग स्टाफ के सदस्यों ने डेरा डाल दिया। जम्मू शहर के 75 वार्डों में 447 उम्मीदवारों का फैसला करीब चार लाख मतदाता करेंगे। श्रीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर 16, 17 और 74 में आठ उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इसके अलावा जिन म्युनिसिपल कमेटियों के लिए सोमवार को मतदान होना है, उनमें जम्मू संभाग की बिश्नाह, अरनिया, आरएसपुरा, घो मन्हासां, अखनूर, ज्यौड़ियां, खौड़, राजौरी, थन्नामंडी, सुंदरबनी, पुंछ व कालाकोट शामिल हैं। इसके अलावा कश्मीर संभाग की कुपवाड़ा, हंदबाड़ा, बांडीपोरा, बड़गाम, चाडूरा, देवसर, अच्छाबल, कोकरनाग, कांजीगुंड, कारगिल, लेह व बारामूला शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में चार चरणों में 16 लाख 97 हजार 291 मतदाता वोट डालने के योग्य हैं। पहले चरण में आठ अक्टूबर, दूसरे चरण में 10, तीसरे चरण में 13 व चौथे व अंतिम चरण में मतदान 16 अक्टूबर को होगा। वोटों की गिनती 20 अक्टूबर को होगी। कुल मिलाकर राज्य में चार चरणों में दो नगर निगमों के साथ म्युनिसिपल कमेटियों व म्युनिसिपल काउंसिलों के 1145 वार्डों में वोट पड़ेंगे। इन वार्डों में 90 वार्ड अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं तो 38 वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 31 व अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए 13 वार्ड आरक्षित हैं। ओपन वर्ग में महिलाओं के लिए राज्य में 322 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। पहले चरण में 190 मतदान केंद्र अति संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की धमकियों के चलते पहले चरण में 190 मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। पहले चरण में 820 मतदान केंद्रों में वोट डाले जाएंगे। इसमें राज्य के पांच लाख 86 हजार 64 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध आतंकवादियों की धमकियों के चलते कश्मीर में मतदान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। राज्य में करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों को चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। पीडीपी व नेशनल कांफ्रेंस ने चुनाव का बहिष्कार किया है।
बिलासपुर के इनोवेशन मोक्षा को PM मोदी व राष्ट्रपति पुतिन ने सराहा
5 October 2018
बिलासपुर । गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने दो महत्वपूर्ण आविष्कारों को प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सराहा है। गौरतलब है कि बिलासपुर के छात्रों ने मोक्षा नाम के एक यंत्र का आविष्कार किया है, जो चिता की राख को परिष्कृत कर जैविक खाद में तब्दील कर देता है, वहीं दूसरा आविष्कार जिम के जरिए बिजली का उत्पादन है। इन दोनों ही आविष्कारों को राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के सामने शुक्रवार को प्रदर्शित किया गया था। दोनों छात्रों ने अपने अपने आविष्कारों का प्रभावी तरीके से प्रदर्शन इन नेताओं के सामने प्रदर्शित किया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने जिम के जरिए बिजली उत्पादन को गौर से देखा और छात्र योगेश मानिकपुरी से इनोवेशन के संबंध में जानकारी भी मांगी। योगेश ने जिम के जरिए बिजली बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
सरकार ने शुरू की डिजी यात्रा, चेहरा दिखाकर घुस सकेंगे एयरपोर्ट में
4 October 2018
नई दिल्ली। जल्द ही देशभर में हवाई यात्रा करने वाले लोगों को एयरपोर्ट में फेशियल रिकग्निशन बायोमीट्रिक की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह डिजी यात्रा इनीशिएटिव के तहत किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभू ने कहा कि यह पहल भविष्य की जरूरत को देखते हुए शुरू की गई है। इस सुविधा को जल्द ही देश में लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों के एयरपोर्ट में लगने वाले समय में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए यह सुविधा वैकल्पिक होगी। वे चाहें, तो हवाई यात्रा के लिए फेशियल रिकग्निशन बायोमीट्रिक का विकल्प चुन सकते हैं। डिजी यात्रा पहल का मकसद पेपरलेस और बिना हड़बड़ाहट के यात्रा को प्रमोट करना है। यह बायोमीट्रिक आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग सिस्टम है। इससे यात्री एयरपोर्ट में बिना किसी असुविधा के प्रवेश कर सकते हैं। डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म को फरवरी 2019 में लागू कर दिया जाएगा।
एस400 और राफेल डील हमारे लिए बूस्टर डोज : वायुसेना चीफ
3 October 2018
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर कांग्रेस के विरोध और आरोपों के बीच एक बार फिर से वायुसेना ने इस डील का समर्थन किया है। जहां एक तरफ विपक्ष इस डील को लेकर हंगामा कर रहा है वहीं इस बार खुद वायुसेना प्रमुख ने बुधवार को इस डील का समर्थन किया है। उन्होंने दिल्ली में एक बयान में इसे बूस्टर डोज करार दिया है। खबरों के अनुसार वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एक बयान में कहा कि राफेल एक अच्छा एयरक्राफ्ट है और जहां तक उपमहाद्वीप की बात है तो यह गेम चेंबर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डील में हमें कई फायदे हैं। राफेल और एस400 एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील हमारे लिए एक बूस्टर डोज होगा। राफेल विमानों की संख्या 126 से 36 किए जाने को लेकर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उचित जगह पर वायुसेना से बातचीत की गई थी। हमने कुछ विकल्प भी दिए थे। इसके बाद यह सरकार का फैसला था कि वो क्या चुनाव करे। एएचएल को लेकर उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जरूरतों के लिए सरकार से सरकार के बीच दो स्काड्रन खरीदने का फैसला हुआ था। तकनीक के ट्रांसफर और लाइसेंस प्रोडक्शन में में एचएएल शामिल था, उसे डील से बाहर करने का सवाल ही नहीं है।
कम्‍प्‍यूटर बाबा ने राज्‍यमंत्री का दर्जा लौटाया, सरकार पर उपेक्षा का आरोप
1 October 2018
भोपाल। मध्‍यप्रदेश सरकार में राज्‍यमंत्री का दर्जा प्राप्‍त कम्‍प्‍यूटर बाबा ने आज अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। उन्‍होंने एक प्रेस कांफ्रेंस कर राज्‍यमंत्री का दर्जा लौटाने की घोषणा की है। सोमवार शाम राजधानी में मीडिया से बातचीत में कम्‍प्‍यूटर बाबा ने राज्‍य सरकार पर उपेक्षा के आरोप लगाए। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने धर्म की उपेक्षा की है। सरकार द्वारा गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा पर भी उन्‍होंने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार संत समाज की उपेक्षा कर रही है। कम्‍प्‍यूटर बाबा का कहना था कि सरकार ने उनकी कही कई बातों पर ध्‍यान नहीं दिया। सरकार धर्म के प्रति अच्‍छा रवैया नहीं रखती। उल्‍लेखनीय है कि कम्‍प्‍यूटर बाबा ने नर्मदा के संरक्षण के लिए पिछले दिनों एक यात्रा का ऐलान किया था। इससे पहले उन्‍होंने सरकार से अपील की थी कि वह नर्मदा नदी को संरक्षित करने के लिए अलग से एक मंत्रालय का गठन करें। उनके अनुसार नर्मदा नदी की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिए एक मंत्रालय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार से गोरक्षा के लिए जितनी सुविधाओं की जरूरत है, उतनी ही सुविधाओं की आवश्यकता नर्मदा नदी के लिए भी है।
Apple कंपनी के मैनेजर की हत्या पर पत्नी ने सीएम योगी को लिखी चिठ्ठी, रखी ये मांग
29 September 2018
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की लखनऊ पुलिस की एक कार्रवाई पर बड़ा सवाल उठा है। जानकारी के मुताबिक, चेकिंग के दौरान कार न रोकने पर सिपाही ने गोली चला दी। इसके बाद कार एक खंभे से टकरा गई और उसमें सवार एपल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विवेक तिवारी की ठुड्ढी में गोली लगने की पुष्टि हो गई है। गोली गर्दन व सिर के बीच में फंसी। जिसके कारण अधिक रक्तस्राव से मौत हो गई। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने भी इस घटना पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि, कॉन्स्टेबल ने बताया कि उसने आत्मरक्षा में ऐसा किया है। इस मामले में अपने केस दर्ज किया है। ये पूरी तरह अपराध है। इस मामले में मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं मृतक की पत्नी ने एक करोड़ का मुआवजे के साथ ही पुलिस डिपार्टमेंट में नौकरी भी मांगी है। इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री का बयान सामने आया है। उन्होंने इसे एनकाउंटर मानने से इंकार कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि दोनों सिपाहियों ने तैश में आकर गोली मारी। घटना शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे की है। कार में विवेक तिवारी के साथ सना नामक युवती भी थी। सना भी विवेक के साथ एपल में काम करती है। पुलिस का कहना है कि चेकिंग दौरान काले रंग की महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार को रोकने का इशारा किया गया। कार सवार ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी, जिससे पुलिस की बाइक पर सवार दो कॉन्टेबल को चोट लग गई। इनमें से एक ने कार पर गोली चला दी। विवेक एपल में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में दो बहने हैं। विवेक आईफोन की लॉन्चिंग करके लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें गाड़ी रोकने का इशारा किया तो बात बढ़ गई और कॉन्स्टेबल ने विवेक पर गोली चला दी। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि गोमतीनगर थाने कॉन्टेबल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता सना खान ने बताया है कि कल देर रात अपने कलीग विवेक तिवारी के साथ घर जा रही थीं। सीएमएस गोमतीनगर विस्तार के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी सामने से दो पुलिसवाले आए और इन्होंने बचकर निकलने की कोशिश की। इसके बाद कॉन्स्टेबल ने बाइक दौड़ाकर विवेक के गले में गोली मारी। सना की शिकायत पर ही हत्या का मामला दर्ज किया गया है। शुरू में पुलिस की ओर से बताया गया था कि चेकिंग के डर से भाग रहे विवेक को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके, तो कॉन्स्टेबल ने गोली चला दी। इसके बाद घबराकर उनकी कार अंडरपास के पिलर से टकरा गई और विवेक को गहरी चोट आई। पुलिस उसे अस्पताल ले गई जहां देर रात उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से एसएसपी ने बताया कि बच निकलने के चक्कर में विवेक की गाड़ी ने एक पुलिसवाले की मोटरसाइकल को भी टक्कर मारी। इस घटना के बाद कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने एक फायर किया, जिसके बाद बुलेट कार के विंड शील्ड को पार कर गया। विवेक की मौत कार के टकराने से आई ऐक्सिडेंटल चोट की वजह से या गोली लगने से हुई है यह सब तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो पाएगा। आरोपी कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जस्टिस चंद्रचूड़ ने दो साल में पलटे पिता के दो फैसले
28 September 2018
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ उस पीठ में शामिल थे, जिसने व्यभिचार को अपराध साबित करने वाली भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-497 को गुरुवार को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इस तरह यह दो साल में दूसरा फैसला है, जिसमें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने पिता और पूर्व प्रधान न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ द्वारा सुनाए गए फैसले को पलटा है। 1985 में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने जस्टिस आरएस पाठक और जस्टिस एएन सेन के साथ आईपीसी की धारा-497 की वैधता को बरकरार रखा था। सोमित्रि विष्णु मामले में जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में लिखा था- "सामान्य तौर पर यह स्वीकार किया गया है कि संबंध बनाने के लिए फुसलाने वाला आदमी ही है न कि महिला। समय के साथ यह स्थिति भले ही कुछ बदल गई हो लेकिन इस पर विचार विधायिका को ही करना है कि समाज में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए धारा-497 में बदलाव करना है अथवा नहीं। 33 साल बाद जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ के बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस साल अगस्त में ऐसे ही मामले की सुनवाई करते हुए कहा- "हमें ऐसे फैसले सुनाने चाहिए जो वर्तमान में प्रासंगिक हों। काम करने वाली ऐसी महिलाओं के मामले सामान्य हैं, जो घर की देखभाल करती हैं और अपने ऐसे पतियों से पिटती भी हैं जो कुछ कमाते भी नहीं हैं। वह तलाक लेना चाहती है लेकिन मामला वर्षों तक अदालत में लटका रहता है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सवाल किया, अगर वह किसी और आदमी में अपने लिए प्यार, दुलार और सहानुभूति तलाशती है तो क्या उसे इससे वंचित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कई बार व्यभिचार तब देखने को मिलता है जब शादी पहले ही टूट चुकी होती है और पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे होते हैं। ऐसे में अगर दोनों में से कोई भी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो क्या उसे धारा-497 के तहत दंडित किया जाना चाहिए? डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में साफ लिखा है कि व्यभिचार कानून पितृसत्ता का संहिताबद्ध नियम है। उन्होंने कहा कि यौन स्वायत्तता को महत्व दिया जाना चाहिए। निजता का मामला इसी तरह, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार करार दिया था। लेकिन पिछले कई मौकों पर सुप्रीम कोर्ट ने इस रुख का समर्थन नहीं किया था। एडीएम जबलपुर के इस मामले में 1976 में एक अभूतपूर्व फैसले में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने इस दलील को खारिज कर दिया था कि निजता जीवन के अधिकार के तहत मौलिक अधिकार है। इस पीठ में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एएन राय, जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़, जस्टिस पीएन भगवती, जस्टिस एमएच बेग और जस्टिस एचआर खन्ना शामिल थे। जस्टिस एचआर खन्ना ने बहुमत के फैसले से अलग फैसला लिखते हुए निजता को मौलिक अधिकार करार दिया था। 41 साल बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लिखा कि एडीएम जबलपुर मामले में बहुमत के फैसले में गंभीर खामियां थीं। इस मामले में जस्टिस आरआर खन्ना द्वारा लिखे गए फैसले की प्रशंसा करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लिखा कि जस्टिस खन्ना पूरी तरह सही थे। उन्होंने लिखा कि संविधान को स्वीकार करके भारत के लोगों ने अपना जीवन और निजी आजादी सरकार के समक्ष आत्मसमर्पित नहीं कर दी है।
भाजपा महाकुंभ में बोले मोदी, अब देश के बाहर गठबंधन खोज रही कांग्रेस
25 September 2018
भोपाल, मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है। भाजपा महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया और भाजपा के दृष्टिकोण की बात की। पीएम मोदी ने वोट बैंक की राजनीतिक को दीमक जैसा बताया, तो वहीं शाह और शिवराज ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
पीएम मोदी का संबोधन कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ' हम कितने भाग्यवान है, पता नहीं किस जन्म में हमने कितने पुण्य किए होंगे कि हमें भी इस महान पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता के रूप में मां भारती की सेवा करने का मौका मिला।' उन्होंने कहा कि 19 राज्यों में भाजपा की सरकार होना गौरव की बात है। लेकिन उससे भी बड़ा गौरव इस बात से है कि ये विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है।
कांग्रेस बन गई बोझ पीएम मोदी ने कहा कि सवा सौ साल पुरानी पार्टी में कुछ नहीं बचा है, कांग्रेस बोझ बन गई है। ये पार्टी हिंदुस्‍तान में गठबंधन करने में सफल नहीं हो रही है इसलिए भारत के बाहर गठबंधन खोजा जा रहा है। दुनिया के देश अब तय करेंगे कि भारत में प्रधानमंत्री कौन होगा? कांग्रेस पार्टी क्‍या हाल हो गया है आपका? क्‍या सत्‍ता खोने के बाद अपना संतुलन भी खो दिया? डिक्शनरी में कोई ऐसी गाली नहीं जो कांग्रेस ने मुझपर इस्तेमाल नहीं किया हो, ऐसा कोई मौका नहीं मिला जब हम पर कीचड़ नहीं उछाला गया है। लेकिन जितना कीचड़ उछालोगे, उतना ही कमल खिलेगा। वोटबैंक की राजनीति की वजह से कांग्रेस तीन तलाक को खत्म नहीं होने देना चाहती है।
महात्मा गांधी, दीन दयाल, लोहिया को किया याद पंडित दीन दयाल उपाध्याय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचार ही हमारी प्रेरणा है। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी, लोहिया और अटल जी को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'हमारे प्रिय अटल जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, राजमाता सिंधिया जी और हमारे लाखों मेहनती कार्यकर्ताओं ने इस भूमि की सेवा करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। उनसे प्रेरणा लेते हुए, हम अपने देश के कल्याण की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।' उन्होंने कहा कि हम वो लोग है जिन्हें गांधी भी मंजूर है, राम मनोहर लोहिया भी मंजूर है और दीनदयाल उपाध्याय भी मंजूर है क्योंकि हम समन्वय, सामाजिक न्याय और सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करते हैं।
वोट बैंक की राजनीति दीमक जैसी प्रधानमंत्री ने 2014 में दिए अपने नारे का जिक्र करते हुए कहा, 'सबका साथ सबका विकास ये सिर्फ चुनावी नारा नहीं है। उज्जवल भारत के लिए, कोटि-कोटि भारतीय आशा और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सोच समझ के चुना हुआ ये हमारा मार्ग है।' उन्होंने कहा, 'हमारे देश में वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है और इसीलिए आज़ादी के 70 साल में जो बर्बादी आयी, उससे हमें देश को बचाना होगा। वोट बैंक की राजनीति के दीमक से देश को मुक्त कराना, ये भाजपा की विशेष जिम्मेवारी है।
अमित शाह का संबोधन इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जीत का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'आज हम सब संकल्प लेकर जाए कि आने वाले पांच विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ध्वज फिर से ऊंचा करने का काम करें।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को देश के हर बूथ और हर गांव तक पहुंचाने का काम हम सभी कार्यकर्ताओं को करना है। भाजपा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'जो पार्टी 10 सदस्यों से शुरू हुई थी, आज वो 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है या एक दृष्टि से देखें तो भारत के मानचित्र के 70 फीसद भू-भाग पर मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है।' शाह ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा,' पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने का काम देश के प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।' उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कोई भी ऐसा काम नहीं किया है जिससे हमारे कार्यकर्ता का सर नीचा हो सके, पीएम मोदी और शिवराज जी ने इस प्रकार कार्य किया है कि हमारा कार्यकर्ता जनता के बीच सिर उठा के जा सके। इस दौरान शाह ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ' मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य बना देनी वाली कांग्रेस पार्टी क्या राजा, महाराजा या फिर उद्योगपतियों के नाम पर जनता से वोट मांगेगी।'
मुख्यमंत्री का संबोधन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी और अमित शाह की तारीफ के साथ संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों एक साथ यहां मौजूद हैं, ये दुर्लभ संयोग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए के समय प्रदेश को उसका हिस्सा 30 हजार करोड़ रुपए मिलता था लेकिन मोदी सरकार आने के बाद अब प्रदेश को 61 हजार करोड़ रुपए मिल रहे हैं। पहले रेलवे और सड़क के मामले में मप्र उपेक्षित था लेकिन आज हजारों करोड़ की परियोजनाएं मप्र में शुरू हुई। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की जिससे अब गरीब लोगों को इलाज मिल रहा है। पीएम मोदी किसानों के लिए फसल बीमा योजना लेकर आए हैं जिसका फायदा किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भगवान के वरदान के रुप में मिले हैं।
भाजपा ही बनाएगा देश विश्व गुरु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये नियति ने तय किया है कि भाजपा के नेतृत्व में ही देश विश्व गुरू बने।श्यामाप्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की जोड़ी मिली। उसके बाद कुशाभाऊ ठाकरे, सुंदरलाल पटवा जैसा कुशल नेतृत्व प्रदेश को मिला। इसके बाद अटलजी, आडवाणीजी की जोड़ी आई। इस जोड़ी के नेतृत्व में पहली बार हमारी सरकार बनी। अब आई है मोदीजी और अमित शाह की जोड़ी जिन्होंने भाजपा को नई ऊंचाईयां दी। आज देश विश्व गुरू बनने की राह पर है।
राहुल को दिया करारा जवाब मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कुछ दिन पहले 'बाबा'' भी यहां आए थे, लेकिन उस समय भीड़ केवल सड़कों तक सीमित रह गई। कांग्रेस ने सभा के लिए हिम्मत भी की तो दशहरा मैदान की। उन्होंने कहा- हमें लगा कि बाबा परिपक्व हो गए होंगे, लेकिन वो देश को मजाक और राजनीति को तमाशा समझते हैं। मोदीजी को गले लगाने के बाद उन्होंने आंखों से जैसी हरकत की उससे पूरा देश शर्मसार हुआ। मध्यप्रदेश में वो शिवभक्त बनकर आए। कैलाश गए तो वहां के फोटो, वीडियो वायरल करते हो, जब विदेश जाते हो तो वहां के फोटो क्यों नहीं वायरल करते।
राहुल तो फन मशीन हैं सीएम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि जिन्हें ये नहीं पता कि मूली जमीन के ऊपर उगती है या नीचे.. वो किसानों की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुझे घोषणा मशीन कहा, लेकिन बाबा तो फन मशीन हैं। उन्होंने कहा - मैं घोषणा मशीन हूं लेकिन हम घोषणा के साथ पोषणा भी करते हैं। हमने सड़क, बिजली, किसान सबके लिए घोषणा की और उन्हें पूरा किया। घोषणा कौन करता है, जिसके दिल और दिमाग में जुनून हो वह घोषणा करता है। हमने नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ने की घोषणा की थी, जिसे हमने पूरा किया। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने तो इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया था। हमने समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया है जिसे हम पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। हमे बीमारू मध्यप्रदेश मिला था, लेकिन आज हमने इसे विकसित राज्य बनाया था। अगले 5 सालों में हम प्रदेश को समृद्ध मध्यप्रदेश बनाएंगे और देश के शीर्षस्थ राज्यों में पहुंचेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि 2018 के चुनावों में पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिताएंगे और चौथी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएंगे। फिर उसके बाद 2019 में प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतकर पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष की झोली में डालेंगे।
स्टेट हैंगर पर स्वागत इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विमान से और अमित शाह विशेष विमान से भोपाल पहुंचे। पीएम मोदी, अमित शाह और अन्य सभी नेता स्टेट हैंगर से ही हेलीकॉप्टर से जंबूरी मैदान पर बने हेलीपैड पहुंचे। बता दें कि इस आयोजन को 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का नाम दिया गया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भोपाल के जंबूरी मैदान पर 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का आयोजन किया गया है । इस मौके पर जंबूरी मैदान पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के एकत्रित हुए हैं। इस सभा स्थल को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में 'अटल महाकुंभ परिसर' का नाम दिया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी का इसी अगस्त महीने में दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। सभा स्थल पर भाजपा के नेता स्वर्गीय अनिल माधव दवे के नाम पर एक प्रदर्शनी हॉल बनाया गया है। इस प्रदर्शनी में भाजपा के बड़े नेताओं की जीवन और उनकी उपलब्धियों को दिखाया गया है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी, पीएम मोदी और शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं।
भाजपा के पांच स्तम्भों को दिखाया जाएगा इस प्रदर्शनी में दीन दयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुख़र्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया और कुशाभाऊ ठाकरे को भाजपा के पांच स्तम्भों के रूप में दर्शाया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। लगभग 6000 सुरक्षाकर्मियों को पूरे आयोजन के लिए लगाया गया है। 6000 सुरक्षाकर्मियों में से 4000 सेंट्रल रिजर्व फोर्स के जवान हैं। कुल 22 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। मध्यप्रदेश में इस साल के आखिरी में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनावो को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों चुनावी तैयारी में जुट गए हैं।

शिवराज कैबिनेट बैठक : अविवाहित महिलाओं को पेंशन, मेट्रो रेल के लिए नए पदों को मंजूरी
24 September 2018
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने 50 साल से ऊपर की अविवाहित महिलाओं को भी पेंशन देने का फैसला किया है। इसके अलावा सरकार ने मंदिर प्रबंधन संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही पुजारियों के वेतन के लिए सरकार ने कोष बनाया। इधर मेट्रो रेल परियोजना को देखते हुए सरकार ने नए पदों को मंजूरी दे दी है। शिवराज कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में करीब 3 दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकार 50 साल ऊपर की अविवाहित महिलाओं को पेंशन देगी। इसमें 50 से 79 आयु वर्ग की महिलाओं को 300 रुपए महीना और 80 साल से अधिक आयु की महिला को 500 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इसके लिए महिलाओं का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य होगा। आयकर दाता या सेवारत महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा 100 छात्रों को कोचिंग, डॉक्टरों के लिए डिप्लोमा कोर्स बैठक में ये भी तय किया गया कि प्रदेश सरकार प्रतिभावान 100 युवाओं को अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली में कोचिंग दिलाएगी। इसके अलावा कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन मुंबई के माध्यम से सेवारत डॉक्टरों को विशेषज्ञता दिलाने के लिए डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद कुछ नियमों में संशोधन भी करेगी। प्रशिक्षण लेने के बाद डॉक्टरों को 20 लाख रुपए का बांड भरना होगा कि उन्हें आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएं देने भेजा जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के अस्पतालों में स्त्री व शिशु रोग के अलावा निश्चेतना, जनरल मेडिसिन, साइकोलॉजिकल मेडिसिन, पैथालॉजी एवं बैक्टीरियोलॉजी, मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इलेक्ट्रॉलॉजी, जनरल सर्जरी एवं इमरजेंसी मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। मेट्रो के लिए नए पद भोपाल और इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना को निरंतर रखने की स्वीकृति कैबिनेट में दी गई। साथ ही भोपाल और इंदौर में अतिरिक्त प्रबंध संचालक के दो पद निर्मित किए गए। परियोजना लागत की 50 फीसदी राशि का इंतजाम विदेशी वित्तीय संस्थानों से होगा। 10% की राशि मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड आंतरिक कर्ज बांड या पीपीटी के माध्यम से जुटाई जाएगी। इसके लिए सरकार गारंटी देगी। बैठक में ये भी तय किया गया कि जबलपुर और ग्वालियर में मेट्रो रेल के लिए फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट के बाद आगे की रणनीति तय होगी। मंदिर प्रबंध संस्थान व पुजारी कल्याण कोष सरकार ने प्रदेश में मठ और मंदिरों के प्रबंधन के लिए मंदिर प्रबंध संस्थान बनाने का फैसला किया है। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके अलावा सनातन धर्म के चार प्रतिष्ठित आचार्य, हिंदुविधि में दक्ष दो वरिष्ठ अधिवक्ता या न्यायाधीश को सदस्य बनाया जाएगा। पुजारियों की आर्थिक मदद और वेतन के लिए दो करोड़ रुपए का पुजारी कल्याण कोष बनाने को भी मंजूरी दी गई। अन्य फैसले - उज्जैन में माकड़ौन बनेगी नई तहसील - घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, सुरखी, निवाली, सिराली, मालनपुर बनेंगे नगर परिषद - जेल विभाग में मुख्य प्रहरी के 180 नए पद - 676 थानों में महिला कर्मी फरियादी के लिए अलग से कक्ष व प्रसाधन कक्ष
शोपियां में पुलिसकर्मियों की हत्या पर बोले डीजीपी- हताशा में आतंकियों ने किया ये काम
21 September 2018
श्रीनगर। सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों में लोगों के बढ़ते उत्साह से हताश आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है। इन पुलिसवालों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना से राज्य के पुलिसकर्मियों में दहशत है और इसके कारण एक कॉन्स्टेबल ने इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें दो एसपीओ और एक पुलिस कॉन्स्टेबल को आतंकियों ने मारा है। ये आतंकियों की हताशा दिखाता है। पुलिसकर्मी उनके लिए आसान टारगेट थे। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है। आतंकियों ने इन पुलिसवालों में से एक के भाई को उनके घरों से अगवा कर लिया था लेकिन उसे कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। अगवा पुलिसकर्मियों आतंकियों की चंगुल से मुक्त कराने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया था लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। हालांकि, उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने पूरे सम्मान के साथ अपने साथियों को अंतिम विदाई दी। हालांकि, अधिकारिक तौर पर कोई भी पुलिस अधिकारी आतंकियों द्वारा तीन पुलिसकर्मियों व एक अन्य के अगवा की घटना की पुष्टि को तैयार नहीं था। अलबत्ता, एक पुलिस अधिकारी ने अपहरण से इंकार करते हुए कहा कि है चार पुलिसकर्मी गत रोज से लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है। संबधित सूत्रों ने बताया कि अगवा किए गए चारों पुलिसकर्मी दक्षिण कश्मीर में दो गांवों कापरिन और बटगुंड के रहने वाले हैं। इनमें तीन एसपीओ हैं और एक पुलिस कांस्टेबल है। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि दो दिन पहले हिज्ब आतंकी रियाज नायकू ने एक वीडियो जारी कर पुलिसकर्मियों व एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी दोहराई थी। इससे पूर्व गत 31 अगस्त को दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के 11 रिश्तेदारों को अगवा किया था।अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान फिरदौस अहमद कूचे, कुलदीप सिंह, निसार अहमद धोबी और फैयाज अहमद बट के रुप में हुई है।
राम माधव का बड़ा बयान, जिनका नाम NRC में नहीं, वो देश से निकाले जाएंगे
11 September 2018
नई दिल्ली। असम में लागू हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन( NRC) के मुद्दे पर सियासी बवाल मचा था। अब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देकर मुद्दे को और गरमा दिया है। सोमवार को राम माधव ने कहा कि, असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का वोटिंग अधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, सेमिनार में माधव ने कहा कि, "1985 में हुए असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार ने राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। उन्होंने कहा, "एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। अगला कदम इन अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अगले चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।" अंतरराष्ट्रीय स्तर इसकी आलोचना के सवाल पर माधव ने कहा कि, "बांग्लादेश भी लाखों रोहिंग्याओं को वापस म्यांमार भेजने पर विचार कर रहा है, जो वहां सालों से शरण ले के बैठे हैं। उन्होंने कहा कि, कोई भी देश अवैध अप्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करेगा, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए भारत इनके लिए धर्मशाला बन गया है।" राम माधव ने आगे कहा कि, "देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1950 में जब अवैध अप्रवासियों की समस्या को महसूस किया था तब वे 1951 में विदेशियों को बाहर करने के लिए राज्य-विशेष कानून लेकर आए थे। उस दौरान वहां 80 लाख नागरिक थे।" राहुल गांधी पर वार करते हुए माधव ने कहा कि," नेहरू के महान परपोते को सबसे पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए और इसके बाद उन्हें इस काम में मदद करनी चाहिए। माधव ने कहा कि, यह समस्या भविष्य में किसी भी दूसरे राज्य के साथ आ सकती है।"
भारत बंद : बिहार में एंबुलेस रोकने से बच्ची की मौत, कई राज्यों में बंद के दौरान हिंसा
10 September 2018
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद का देशभर में व्यापक असर नजर आया है। सोमवार सुबह से ही कई राज्यों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करने लगे। बिहार में बंद के कारण एक मासूम बच्ची की जान चली गई है। बिहार के जहानाबाद में बंद के चलते प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया जिसके चलते बच्ची की मौत हो गई। जगह-जगह बंद समर्थकों के रोड जाम करने के कारण पिता बेटी को लेकर पैदल ही अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ा मगर गौरी की सांसें तब तक उखड़ चुकी थीं। हालांकि, एसडीओ का कहना है कि मौत जाम की वजह से नहीं हुई बल्कि उसके परिवार वाले घर से ही देर से निकले थे। बंद के दौरान कुछ राज्यों में हिंसा की खबरें भी हैं और इनमें बिहार के अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश शामिल है जहां प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। बिहार में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी वहीं मुंबई में मनसे कार्यकर्ताओं ने जबनर दुकानें बंद करवाईं। मध्यप्रेदेश के उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की है। बंद के दौरान कांग्रेस सड़क पर उतरी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के कई बड़े नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि से मार्च करते हुए रामलीला पहुंचकर धरना दिया। इस धरने में सोनिया गांधी के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और इसके बाद 9 बजे से मार्च होगा। राहुल ने इस दौरान महात्मा गांधी की समाधि पर कैलाश मानसरोवर से लाया जल भी चढ़ाया। इस मार्च में पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी व अन्य नेता शामिल हैं। सोमवार सुबह से ही कई राज्यों में विभिन्न दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर तेल की कीमतों का विरोध करने उतरे। भुवनेश्वर में जहां पूरी तरह से बंद नजर आया वहीं आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सीपीएम कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया। महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारियों ने अंधेरी स्टेशन पहुंचकर रेल रोको अभियान चलाया। ओडिशा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संभलपुर में ट्रेन रोक दी और नारेबाजी की। कर्नाटक के करलबुर्गी में नॉर्थ ईस्ट कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट ने भी इस बंद के चलते एक भी बस सड़क पर नहीं उतारी। गुजरात में प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगा कर हाईवे जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे। जयपुर में भी बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अनुसार एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि अगर कोई हिंसा करता है तो कड़ी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने लोगों से शांतिपूर्ण बंद की अपील की है। बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रखा गया है। उधर, राजस्थान सरकार ने कांग्रेस के बंद से एक दिन पहले तेल के दाम ढाई रुपए प्रति लीटर घटा दिए। बंद को द्रमुक, राकांपा, राजद, सपा और एमएनएस सहित देश की करीब 20 छोटी-बड़ी विपक्षी पार्टियों के समर्थन का दावा भी किया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस, आप व बीजद ने बंद से अपने को अलग रखा है। 20 दलों का समर्थन वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि बंद को 20 दलों का समर्थन है। राकांपा प्रमुख शरद पवार, द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन व वाम नेताओं ने बंद का खुला समर्थन किया है। केंद्र ने 11 लाख करोड़ कमाएकांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि केंद्र ने पिछले चार साल में 11 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं। चार साल में पेट्रोल पर 211.7 फीसदी और डीजल पर 443 फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ी है। मई 2014 में पेट्रोल पर 9.2 रुपए एक्साइज लगता था और अब 19.48 रुपए लगता है। वहीं मई 2014 में डीजल पर 3.46 रुपए एक्साइज था, जबकि अब 15.33 रुपए लगता है। बंद का रास्ता ठीक नहीं : तृणमूल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बढ़ी कीमतों को लेकर उनका विरोध तो है, लेकिन बंद का रास्ता ठीक नहीं है, इससे लोगों को परेशानी होती है। वहीं ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद ने भी तेल मूल्यवृद्धि का विरोध किया, लेकिन बंद का समर्थन नहीं किया।
रिपोर्ट में खुलासा, 20 सेकंड और देर होती तो क्रैश हो जाता राहुल का प्लेन
31 August 2018
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव के दौरान हुबली में राहुल गांधी के चार्टर विमान में जो खराबी आई थी वो खतरनाक साबित हो सकती थी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर 20 सेकंड और देर हो जाती तो राहुल गांधी का विमान तकनीकी खामी की वजह से क्रैश हो जाता। बीते 26 अप्रैल को नई दिल्ली से हुबली जाते समय राहुल गांधी के चार्टर्ड विमान में जो तकनीकी खराबी आई थी। घटना की आंतरिक जांच करने वाली नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तकनीकी खराबी पर पायलट काबू नहीं पाते तो अगले 20 सेकंड में गंभीर परिणाम सामने आ सकते थे, यहां तक की राहुल का विमान क्रैश भी हो सकता था। रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन राहुल गांधी का चार्टर्ड विमान अचानक एक तरफ झुकने लगा था और उसके इंजन से आवाज आ रही थी। विमान ऑटो पायलट मोड पर चल रहा था। रिपोर्ट ये इशारा करती है कि इस तरह की खराबी के पीछे मानवीय भूल हो सकती थी। बता दें कि इस घटना के बाद राहुल गांधी के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। वहीं कांग्रेस की तरफ से साजिश की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की थी। कांग्रेस की मांग के बाद डीजीसीए ने आंतरिक जांच बैठाई थी। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान हुई घटना यह घटना उस वक्त की है जब राहुल गांधी इसी वर्ष कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार में 26 अप्रैल को दिल्ली से हुबली जा रहे थे। इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह अंदर से हिल गए थे।
भीमा कोरेगांव केस : SC पहुंचा गिरफ्तारी का मामला, NHRC ने लिया संज्ञान
29 August 2018
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्‍या की साजिश रचने और नक्सलियों से साठगांठ रखने के आरोप में गिरफ्तार 5 माओवादी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तार का मामला गर्माता जा रहा है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ बुधवार को जहां सुप्रीम का दरवाजा खटखटाया गया, वहीं राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने ऑब्जर्व किया है कि मामले में इन पांच लोगों की गिरफ्तारी के लिए स्टैंडर्ड प्रोसीजर का पालन नहीं किया गया। यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला हो सकता है। गिरफ्तारी के खिलाफ रोमिला थापर, प्रभात पटनाइक, सतीश देशपांडे, माया दरनाल और एक अन्य व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्‍वीकार कर ली है और मामले की सुनवाई दोपहर 3:45 बजे करेगा। पीएम मोदी की हत्या की साजिश के सिलसिले में पुणे पुलिस ने मंगलवार को देश के छह राज्यों में छापे मारकर पांच माओवादी कार्यकर्ताओं को पकड़ा है। इन सभी को इसी साल जून में गिरफ्तार किए जा चुके पांच माओवादियों से पूछताछ के आधार पर पकड़ा गया है। सभी पर प्रतिबंधित माओवादी संगठन और नक्सलियों से रिश्ते का आरोप है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने केरल पहुंचे राहुल, पीड़ितों से की मुलाकात
28 August 2018
नई दिल्ली। केरल में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ का असर अब तक है और जिंदगी पटरी पर लौटने की कोशिश में लगी है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे। अपने विदेश दौरे से लौटने के बाद राहुल मंगलवार को केरल पहुंचे। राहुल आज चेंगन्नुर, आलप्पुषा और अंगमाली समेत राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहीं, बुधवार को वे वयनाड जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की भी यात्रा करेंगे। इस बीच राहुल ने राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। केरल में बाढ़ ने खासी तबाही मचाई है। बाढ़ की वजह से जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। राहुल गांधी ने इसके पहले भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद करने को कहा था। कांग्रेस के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने की सैलरी देने की घोषणा की थी। इसके पहले सोमवार सुबह केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने दुनिया भर में रह रहे मलयाली समुदाय के लोगों से मदद मांगी है। केरल के पुर्निर्माण के लिए केरल के चीफ मिनिस्टर के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर विजयन ने दुनिया भर में रह रहे मलयाली लोगों से एक दिन की सैलरी दान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग एक महीने की सैलरी दान नहीं कर सकते हैं। वो टुकड़ो में राहत राशि दान कर सकते हैं । केंद्र सरकार केरल में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए 600 करोड़ रुपये की अग्रिम धनराशि दे चुकी है। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने केंद्र से 2600 करोड़ की सहायता राशि की मांग की है। केंद्र के आलावा देश से सभी राज्यों ने केरल को सहायता राशि दी है।
केरल में बाढ़ से तबाही : 417 की मौत, 8.69 लाख शिविरों में और 7000 घर नष्ट, 10 बड़ी बातें
25 August 2018
नई दिल्ली: केरल में बारिश व बाढ़ की विभीषिका में अब तक 417 लोग जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों लोग राहत शिविरों से घरों को लौट रहे हैं, फिर भी अभी 8.69 लाख लोग 2,787 राहत शिविरों में हैं. विजयन ने मीडिया से कहा कि 29 मई से मानसून की बारिश शुरू होने से मौतें होनी शुरू हो गईं थीं लेकिन आठ अगस्त से 265 लोगों के मौत होने की सूचना है, जब मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य में भयावह बाढ़ आ गई. केरल में यह सदी की सबसे भयावह बाढ़ है.
10 बड़ी बातें
1-विजयन ने कहा कि 36 लोग लापता हैं. मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों से केरल सरकार की वेबसाइट पर अपने नुकसान की जानकारी देने का आग्रह किया है.
2-बाढ़ की वजह से 7,000 घर पूरी तरह से नष्ट हुए हैं और करीब 50,000 घरों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है.
3-विजयन की यह टिप्पणी अधिक संख्या में लोगों के राहत शिविरों से वापस जाने व अपना जीवन फिर शुरू करने पर आई है. राज्य में एक समय में कुल 3,000 से ज्यादा राहत शिविर थे.
4-राज्य में शुक्रवार को धूप निकली रही और ज्यादातर इलाकों में पानी तेजी से घटा. राहत शिविरों में ज्यादा संख्या में लोग अलप्पुझा, चेंगान्नूर, पारावूर, चांगनाचेरी, चालाकुडी व पथनमथिट्टा जिले के बताए जा रहे हैं.
5-कोयट्टम में कई शिविरों को बंद कर दिया गया. सीएमएस कॉलेज के एक केंद्र पर लोगों ने ओणम सदया परोसा गया. यह केरल के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार ओणम पर परोसा जाने वाला पारंपरिक भोज है.
6-ओणम त्योहार आज है लेकिन किसी जश्न के आसार कम ही हैं. सरकार ने आधिकारिक उत्सव को रद्द कर दिया है और 39 करोड़ रुपये की राशि राहत कार्य के लिए दे दी है.
7-शिविर से जाने के लिए तैयार एक बुजुर्ग महिला थानकामा ने कहा, "शिविर के प्रबंधकों ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया. हम नहीं जानते कि हमारे लौटने पर हमारी नियति क्या होगी है क्योंकि हमारे पास कपड़ों के अलावा कुछ नहीं है."
8-वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा कि करीब 5000 स्वंयसेवक कुट्टानडु के पास पानी वाले क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए पहुंच रहे हैं.
9-उन्होंने कहा, "28 अगस्त से अलप्पुझा जिले के 13 पंचायतों में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और सांप पकड़ने वालों का एक समूह जा रहा है. वे अगले महीने के पहले सप्ताह तक सभी घरों को साफ करेंगे और जो राहत शिविरों में हैं उन्हें घर लाया जाएगा."
10-अलप्पुझा-चांगनाचेरी की सड़कों को वाहनों के योग्य बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है. केरल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में अतिरिक्त निधि जुटाने के लिए वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने शुक्रवार को विशेष लॉटरी की घोषणा की. इसके हर टिकट की कीमत 250 रुपये होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे 100 करोड़ रुपये जुटेंगे.

आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे उद्योगपति रतन टाटा, संघ प्रमुख रहेंगे मौजूद
24 August 2018
मुंबई। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के रतन टाटा भी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वो इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ भी मंच साझा करते दिखेंगे। आज शाम को मुंबई की एक संस्था (एनजीओ) नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रतन टाटा हिस्सा लेंगे। जहां संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद होंगे। बता दें कि इस एनजीओ का नाम संघ प्रचारक नाना पालकर के नाम पर रखा गया है। नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन मुंबई में कैंसर के इलाज के लिए मशहूर टाटा मेमोरियल अस्पताल के बिल्कुल नजदीक स्थित एक आवासीय व्यवस्था है। यहां एक समय में 76 मरीज और उनके दो सहायक रह सकते हैं। देश के कोने-कोने से कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अक्सर लंबी अवधि के लिए मुंबई में रुकना पड़ता है। ऐसे मरीजों को आसरा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे नारायण हरि पालकर उर्फ नाना पालकर की स्मृति में इस सेवा सदन की स्थापना 1968 में की गई थी। मुंबई के परेल इलाके में स्थित 10 मंजिला इमारत में चल रहे नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन में प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से आकर करीब 1500 रोगी रुकते हैं। 2011-12 में तो यह संख्या 1,762 तक पहुंच गई थी। चूंकि यह संस्थान टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है, इसलिए यहां से रोगियों का अस्पताल आना-जाना आसान हो जाता है। 24 अगस्त की शाम को नारायण हरि पालकर के जन्म शताब्दी का समापन समारोह है। इसी अवसर पर समिति ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा को भी आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि इससे पहले इस साल जून महीने में नागपुर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ में कार्यक्रम में पहुंचे थे। हालांकि इसको लेकर उन्हें अपनी ही पार्टी की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। उनकी खुद की बेटी व कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी संघ के कार्यक्रम में उनकी शिरकत को लेकर सवाल उठाए थे।
वलसाड में बोले PM- बहनों को मिला घर, रक्षाबंधन का इससे अच्छा तोहफा नहीं हो सकता
23 August 2018
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एक दिन के दौरे पर गुजरात पहुंचे। मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत वलसाड़ कस्बे के जुजवा गांव से की। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व सामने हो और गुजरात में एक लाख से भी अधिक परिवारों और बहनों को उनके नाम से अपना घर मिले मैं समझता हूँ रक्षा बंधन का इसे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता। पीएम आगे बोले कि देश में एक समय था जब देश में बैंक तो थे लेकिन देश का गरीब बैंकों में प्रवेश नहीं कर पाता था और एक आज का समय है, हमनें बैंकों को ही गरीब के घर के सामने लाके खड़ा कर दिया है। देश के सामान्य लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहें हैं। इससे पहले पीएम ने यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वितों के ई-गृह प्रवेश (सामूहिक ऑन लाइन गृह प्रवेश कार्यक्रम) करवाने के साथ ही सर्टिफिकेट भी बांटे। इसके अलावा उन्होंने योजना के लाभार्थियों से बात भी की। केंद्र की इस योजना के तहत गुजरात में एक लाख से ज्यादा आवास बनाए गए हैं। इसी कार्यक्रम स्थल से मोदी धर्मपुर व कापरडा तालुका की आदिवासी आबादी के लिए पेयजल सप्लाय प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। वलसाड के कार्यक्रम के बाद वे सौराष्ट्र के जूनागढ़ जाएंगे और वहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे जूनागढ़ के पुलिस मैदान में सभा को भी संबोधित करेंगे। बाद में वे गांधीनगर में गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह व सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक में भाग लेकर दिल्ली लौट जाएंगे। अपने इस दौरे पर पीएम गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक समेत चार कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। ट्रस्ट के सचिव पीके लाहेरी ने बताया कि पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के सात ट्रस्टियों में से एक हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी ट्रस्टी हैं, संभवतः वे भी इसमें शरीक होंगे। बैठक गांधीनगर स्थित राजभवन में होगी।
केरल बाढ़: 700 करोड़ की मदद देगा UAE, 30 अगस्त को बुलाया जा सकता है विशेष सत्र
21 August 2018
तिरुवनंतपुरम। भारी बारिश और बाढ़ से केरल बेहाल है। पिछले कुछ दिनों के भीतर ही केरल में तीन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आफत की इस घड़ी में केवल देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी केरल को मदद भेजी जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात( यूएई) केरल को 700 करोड़ की मदद देगा। मंगलवार को सीएंम पी विजयन ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूएई सरकार केरल बाढ़ राहत कोष में 700 करोड़ देगी इस बीच राहत और बचाव कार्य के लिए केरल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की जानकारी सामने आ रही है। ये सत्र तीस अगस्त को बुलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने बताया कि, केरल कैबिनेट राज्यपाल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की अनुशंसा करेगा। इस सत्र में बचाव कार्य, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की रुपरेखा बनाई जाएगी। वहीं सीएम विजयन ने बाढ़ और बारिश से उपजे मौजूद हालात की समीक्षा के लिए आज शाम को ऑल पार्टी मीटिंग भी बुलाई है। एमपी पुलिस ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 1.31 करोड़ रुपए दान दिए हैं। वहीं मध्यप्रदेश पुलिस का हर कर्मचारी अपनी एक दिन की तनख्वाह भी दान देगा। शनिवार को यूएई के उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा दुबई के राजा शेख मोहम्मद बिन राशिद ने केरल की बाढ़ को लेकर अपने देश में राष्ट्रीय आपदा कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। ताकि लोगों तक इमदाद पहुंचाई जा सके। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर मुश्किल की इस घड़ी में केरल के लोगों की खुले दिल से मदद की अपील भी की थी। उन्होंने लिखा कि, केरल के लोग यूएई की कामयाबी में हिस्सेदार रहे हैं। ऐसे में ये हमारी जिम्मेदारी है कि मुश्किल वक्त में हम उनकी मदद करें। इसके जवाब में पीएम मोदी ने शेख मोहम्मद बिन राशिद का शुक्रिया अदा किया था। खुद पीएम मोदी भी पिछले हफ्ते केरल गए थे और बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने केरल को फौरी तौर पर 500 करोड़ का राहत पैकेज देने का ऐलान किया था। इससे पहले गृह मंत्री ने भी अपने दौरे के बाद सौ करोड़ के राहत पैकेज देने की बात कही थी। सीएम विजयन ने बताया कि बाढ़ और बारिश से अब तक राज्य में 19,512 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने ये जानकारी दी है कि केरल को राज्य की 83 हजार किमी लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त 13 हजार करोड़ की राशि लगेगी।
नीरव मोदी के लंदन में होने की खबर, CBI ने दी प्रत्यर्पण के लिए अर्जी : रिपोर्ट
20 August 2018
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी नीरव मोदी लंदन में छिपा हुआ है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार लंदन प्रशासन ने नीरव के लंदन में होने की पुष्टि कर दी है। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि सीबीआई ने नीरव के प्रत्यर्पण के लिए अर्जी दे दी है। रिपोर्ट में सीबीआई के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अगर अर्जी मंजूर होती है तो नीरव को प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत लाया जाएगा। बता दें कि नीरव के लंदन में होने की बात काफी पहले सामने आ गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि ईडी ब्रिटेन को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी भेज चुका है। लेकिन पिछले दिनों खबर आई थी कि नीरव दुबई में है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने नीरव मोदी के दुबई में देखे जाने की जानकारी मिली थी। ईडी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यूएई सरकार को प्रत्यर्पण का अनुरोध भेज दिया।
केरल में 'मौत' की बाढ़ : बाढ़ से तबाह केरल के लिए पीएम मोदी ने 500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की
18 August 2018
केरल: केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ से केरल के कई इलाकों में हाहाकार है. कई दशकों बाद आई इस बाढ़ की विभीषिका ने अपना विकराल रूप दिखाया है, जिसमें अब तक 324 लोगों की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ की विभीषिका की समीक्षा करने के बाद केरल को तत्काल 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि मोदी ने सभी मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से भी देने की घोषणा की है. बयान में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री ने राज्य को 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. यह राशि 12 अगस्त को गृह मंत्रालय द्वारा 100 करोड़ रुपये की देने की घोषणा से अलग है.' कोच्चि में एक उच्च स्तरीय बैठक की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित कुछ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. बाढ़ की तबाही से जूझ रहे अलुवा-त्रिशुर क्षेत्र के हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल पी सदाशिवम, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस और अन्य अधिकारी मौजूद थे. बाढ़ की वजह से हुई जान-माल की क्षति पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. इसके बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ट्वीट किया है कि प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा, '' प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक राज्य को इस बाढ़ की वजह से 19,512 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है. प्रभावित इलाकों से बाढ़ का पानी घटने के बाद ही वास्तविक क्षति का अनुमान लगाया जा सकता है। राज्य सरकार ने तत्काल सहायता के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मांग की है.' पीएम मोदी शनिवार रात राज्य में पहुंचे थे. वह आज सुबह कोच्चि गए और मुख्यमंत्री विजयन और अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ के स्थिति की समीक्षा की. प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को आग्रह के अनुसार अनाज, दवाई सहित राहत सामग्री पहुंचाने का आश्वासन दिया है. बीमा कंपनियों से कहा गया है कि वह समय से क्षति का मूल्यांकन करके प्रभावित परिवारों और लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा जारी करें. इसके अलावा कृषि फसल बीमा योजना के दावों का त्वरित निपटारा करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. प्रधानमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बाढ़ से क्षति ग्रस्त हुए मुख्य राजमार्ग को प्राथमिकता देकर ठीक करने का निर्देश दिया है. वहीं एनटीपीसी और पीजीसीआईएल जैसे केंद्रीय सार्वजनिक सेक्टर उपक्रमों को राज्य सरकार को बिजली की आपूर्ति बहाल करने में हर संभव सहायता करने को कहा है. प्रधानमंत्री ने इस भयानक बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की. मौजूदा मौसम की रिपोर्ट के मुताबिक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पथनमथिट्टा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही भारी बारिश की आशंका जताई गई है. राज्य आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के मुताबिक आठ अगस्त से अब तक 194 लोगों की जानें जा चुकी है और 36 लोग लापता हैं. राज्य इस समय पिछले 100 साल में आए सबसे ज्यादा भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है. यहां 80 बांधों को खोला गया है और सभी नदियों में बाढ़ जैसी है. बताया जा रहा है कि करीब तीन लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हैं. राज्य के 14 में से 12 ज़िलों में रेड अलर्ट है. बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए पीएम मोदी भी पहुंच चुके हैं. शुक्रवार की देर शाम अटल बिहारी वाजपेयी जी की अंत्येष्टि के बाद पीएम मोदी केरल के लिए रवाना हुए. आज वह सुबह करीब पौने आठ बजे तिरुवनंतपुरम से कोच्चि के लिए रवाना हुए. मौसम विभाग ने आज भी बारिश के आसार जताए हैं, जिससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं. इडुक्की और एर्नाकुलम राज्य के बाक़ी हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं. पानी भरने की वजह से कोच्चि एयरपोर्ट को 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है. हज़ारों किलोमीटर सड़कें बह गई हैं. 80 बांधों को खोल दिया गया है. हालंकि, सेना, एयरफ़ोर्स, नेवी, एनडीआरएफ़ की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव का अभियान चला रही हैं.. एयरफ़ोर्स के 22 एयरक्राफ़्ट रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हैं. वहीं, सेना बोट के ज़रिए लोगों को निकाल रही है. NDRF की 39 टीमें पहले से ही राहत-बचाव में जुटी हैं. 14 और टीमों को भेजा जा रहा है. कोस्टगार्ड के तीन जहाज़ भी ऑपरेशन में जुटे हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीती रात केरल पहुंचे. आज वो प्रभावित इलाक़ों का हवाई दौरा करेंगे. इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने भी ट्वीट कर लोगों से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मदद की अपील की है. बताया जा रहा है कि करीब सौ वर्षों में केरल सबसे भयावह बाढ़ को झेल रहा है. मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए डोनेशन की भी अपील की है. मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में कोई भी मदद कर सकता है, इसके लिए अकाउंट नंबर भी जारी किये गये हैं. सीएम विजयन ने रक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण से भी बात की और बताया कि हालात लगातार 'गंभीर' होते जा रहे हैं. 50,000 से अधिक परिवारों से 2.23 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं. कुछ जगहों पर बारिश थोड़ी थमी है, लेकिन पथनमथिट्टा, अलपुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिले अब भी मानसूनी संकट से जूझ रहे हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन
16 August 2018
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले बीजेपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को निधन हो गया. वह बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे. वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली. बुधवार को उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. वाजपेयी को गुर्दा (किडनी) की नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. मधुमेह पीड़ित 93 वर्षीय भाजपा नेता का एक ही गुर्दा काम करता था. वाजपेयी की हालत बिगड़ने पर बुधवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे थे. साथ ही उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी गुरुवार को एम्स पहुंचे. उनके अलावा केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे, स्मृति ईरानी, शाहनवाज हुसैन, हर्षवर्धन सहित कई बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए एम्स गए थे. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है. वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे. भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे. वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था. सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया. वाजपेयी देश के उन चंद प्रधानमंत्रियों में से एक थे जिन्हें हमेशा उनके बेबाक फैसलों के लिए जाना जाता था. चाहे बात पाकिस्तान से दोस्ती के लिए बस से लाहौर जाने की हो या फिर कारगिल में लड़ाई के फैसले की. वह हमेशा से ही अपने फैसलों पर अडिग रहने वाले नेता थे. यही वजह थी कि वह देश में सबसे लंबे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी रहे. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी कवि होने के साथ-साथ स्कूल मास्टर भी थे. वाजपेयी जी ने स्कूल तक की शिक्षा ग्वालियर में ही ली थी. इसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में की. इसके बाद उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र से एमए किया. इस दौरान उन्होंने संघ के कई ट्रेनिंग कैंपों में हिस्सा भी लिया. राजनीति में उनका प्रवेश 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने के साथ हुआ. इस आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से उन्हें और उनके बड़े भाई प्रेम को 23 दिनों तक जेल में रहना पड़ा. आजादी के बाद वे जनसंघ के नेता बने. देश में आपातकाल का विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ जयप्रकाश नारायण ने सभी विपक्षी दलों के एक साथ आने और एक दल बनाने की अपील की थी. जनसंघ और आरएसएस ने जेपी आंदोलन को पूरा समर्थन दिया. सन 1977 में देश की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनता पार्टी को बड़े अंतर से चुनाव में जीत दिलाई. इसके बाद अटल जी को प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्री बनाया गया. वाजपेयी बतौर विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देने वाले पहले नेता बने थे. पहली बार 1996 में बने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार देश के प्रधानमंत्री मई 1996 में बने. हालांकि इस दौरान उनकी सरकार महज 13 दिन में ही अल्पमत मे आ गई और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दूसरी बार बने पीएम एनडीए के नेता के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1998-99 में दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने. लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए ने सदन में अपना बहुमत साबित किया और इस तरह से बीजेपी ने एक बार फिर देश में सरकार बनाई. तीसरी बार का कार्यकाल अटल बिहारी वाजपेयी 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री रहे. उनके इस कार्यकाल में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं. साल 2004 में आम चुनाव में बीजेपी की हार के बाद उन्होंने गिरती सेहत के चलते राजनीति से संन्यास ले लिया था. 2015 में मिला भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को वर्ष 2015 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न ने नवाजा. इस सम्मान से पहले भी वाजपेयी जी को पदम विभूषण से लेकर कई अन्य सम्मान प्राप्त हुए. अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे. भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वाजपेयी लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे. वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था. सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया.
अटल जी की हालत अब भी नाजुक, पीएम मोदी संग अमित शाह फिर पहुंचे एम्स
16 August 2018
नई दिल्ली। देश के पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार से लगातार नाजुक बनी हुई है। इस बीच गुरुवार सुबह से ही एम्स में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मूवमेंट बढ़ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फिर से एम्स पहुंचे हैं। 2.00 - पीएम मोदी और अमित शाह के एम्स पहुंचने के बाद एसपीजी की गाड़ी भी पहुंची है। 1.45 - एम्स में अमित शाह, लोकसभा स्पीकर व अन्य नेता पहले से ही मौजूद हैं। 1.30 बजे - भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फिर से एम्स पहुंचे हैं। 1.00 बजे - हालचल तेज होती नजर आ रही है और एसपीजी की टीम अटल जी के तुगलक रोड़ स्थित घर पहुंच चुकी है। 12.30 बजे- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एम्स पहुंचे 12. 10 बजे- फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हम उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं। वो केवल भारत नहीं पूरी दुनिया में शांति चाहते थे। 11.45 बजे - अटल जी के हालचाल जानने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला एम्स पहुंचे। - एम्स के बाहर और उस तरफ के रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट कर दिया गया है। - एम्स से निकलकर अमित शाह सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंचे हैं। - अस्पताल के बाहर हलचल तेज हो गई है, रास्ते बंद कर दिए गए हैं और एम्स के बाहर खड़े वाहनों को हटाया जा रहा है। पुलिस ने भी बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इसके बाद अब तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। उपराष्ट्रपति, पीएम पहुंचे एम्स सुबह उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्तार अब्बास नकवी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा कई वरिष्ठ नेता अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एम्स पहुंचे और अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी एम्स जाएंगे। पिछले 66 दिनों से एम्स में भर्ती अटल जी की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ी और उसके बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार उनकी देखरेख में लगी डॉक्टर्स की टीम वाजपेयी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अटल जी के स्वास्थ्य की सूचना के बाद देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक एम्स के डॉक्टरों से वाजपेयी के स्वास्थ्य पर चर्चा की। रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि अटल की तबीयत पिछले 24 घंटे से बेहद गंभीर है। जानकारी के अनुसार आज सुबह एम्स की तरफ से अटल जी के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट आ सकता है। बुधवार दोपहर भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत खराब होने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एम्स पहुंचीं। उन्होंने अटल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इस बीच शाम तक एम्स के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। शाम करीब सात बजे वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए पीएम मोदी बिना ट्रैफिक रूट के ही अचानक एम्स पहुंचे और करीब आठ बजे तक रुके। इसके बाद रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया गया कि वाजपेयी पिछले 24 घंटे के दौरान उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई है। उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों की सहायता दी जा रही है। पीएम मोदी के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार चौबे और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन भी एम्‍स पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले दो माह से एम्स में भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। उन्हें सांस लेने में परेशानी, यूरीन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।
राफेल पर वीडियो वॉर: BJP ने कहा- सरकार ने 12 हजार करोड़ बचाए, कांग्रेस ने कहा- सोचा समझा घोटाला
14 August 2018
नई दिल्ली: राफेल डील को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच वीडियो वॉर शुरू हो गई है. राफेल पर लगातार कांग्रेस के हमले झेल रही बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने आसान भाषा में राफेल डील को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने बताया है कि कैसे यह डील हमारे लिए फायदे का सौदा है औऱ सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए की बचत की है? वहीं कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है जिससे उन्‍होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. ये वीडियो सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है. वीडियो जारी करने से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पहले इसका टीज़र भी जारी किया था. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया है. कांग्रेस ने इस वीडियो के जरिए बताया है कि राफेल डील क्‍या है. इतना ही नहीं इस वीडियो के जरिए कांग्रेस ने चौकीदार, पकौड़े और चाय वाले के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा है कि जिस डील का सीक्रेट बताया जा रहा है असल में वह 18 हजार करोड़ में डील हुई है जो उनकी सरकार के वक्‍त की मौजूदा डील से तीन गुना ज्‍यादा है. यह एक सोचा समझा घोटाला है और यह सब कुछ सरकार की नीतियों के चलते हुआ है
पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का निधन, लोग दे रहे अंतिम विदाई
13 August 2018
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल से 10 बार सांसद व 14वीं लोकसभा के अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का सोमवार सुबह सवा आठ बजे के करीब कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 89 साल के थे। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका डायलिसिस भी हुआ था। निधन के बाद राजनीतिक हल्के और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। निधन के बाद चटर्जी का शव कोलकाता हाईकोर्ट लाया गया जहां कोर्ट से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। चटर्जी ने यहां वकील के रूप में काम किया था। इसके बाद उनकी देह को विधानसभा ले जाया जाएगा। यहां श्रद्धांजलि सभा के बाद उनकी देह परिजन घर ले जाएंगे जहां से उसे एसएसकेएम अस्पताल को दान कर दिया जाएगा। बता दें कि सोमनाथ चटर्जी ने अपनी देह दान की थी। लंबे समय से थे बीमार रविवार को दिल का हल्का दौरा पड़ा था जिसके बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी। उनका उपचार करने वाली मेडिकल टीम के चिकित्सक ने रविवार को ही बताया था कि गुर्दे संबंधी समस्या से जूझ रहे चटर्जी को मंगलवार को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले महीने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को मस्तिष्काघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। पिछले 40 दिनों से चटर्जी का उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिलने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी लेकिन मंगलवार को हालत बिगड़ने के बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था और सोमवार को सुबह उन्होंने दुनिया छोड़ दी। अस्पताल से उनका शव दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर ले जाया जाएगा। सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को असम के तेजपुर में हुआ था। उनके पिता का निर्मल चंद्र चटर्जी विख्याक अधिवक्ता थे और मां का नाम वीणापाणि देवी था। सोमनाथ चटर्जी के पिता अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थाकों में से थे एक थे। सोमनाथ चटर्जी ने कोलकाता और ब्रिटेन में पढ़ाई की। ब्रिटेन के मिडिल टैंपल से लॉ की पढ़ाई करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट वकील हो गये। लेकिन इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया। वह एक प्रखर वक्ता के तौर पर लोगों की नजरों में आ चुके थे। सोमनाथ चटर्जी का राजनीतिक जीवन विरोधाभाषों के साथ शुरू हुआ। उनके पिता जहां दक्षिणपंथी राजनीति से थे तो सोमनाथ ने करियर की शुरुआत वामपंथी माकपा के साथ 1968 में की। 1971 में पहली बार वह सांसद चुने गये और फिर 10 बार लोकसभा के सांसद निर्वाचित होते रहे। राजनीति में सोमनाथ चटर्जी एक बहुत ही सम्मानित नेता के तौर पर देखा जाता है। सोमनाथ चटर्जी की पत्नी रेणु चटर्जी का कुछ दिन पहले ही निधन हो गया था। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। 1971 से सांसद चुने जाने के बाद वह हर लोकसभा के लिये चुने गये। साल 2004 में वह 10वीं बार लोकसभा के लिये चुने गये। उन्होंने 35 सालों तक सांसद के तौर पर देश की सेवा की और 1996 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 2004 में 14वीं लोकसभा के लिये उन्हें सभी दलों की सहमति से लोकसभा का अध्यक्ष बने थे। माकपा ने पार्टी से निकाल दिया था वर्ष 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौता विधेयक के विरोध में माकपा ने तत्कालीन मनमोहन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। तब सोमनाथ चटर्जी लोकसभा अध्यक्ष थे। पार्टी ने उन्हें स्पीकर पद छोड़ देने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद मार्टी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था। ममता बनर्जी से हार गए थे लोकसभा चुनाव राजनीतिक करियर में एक के बाद एक जीत हासिल करनेवाले सोमनाथ चटर्जी जीवन का एक चुनाव पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने हार गए थे। 1984 में जादवपुर सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने तब सीपीएम के इस कद्दावर नेता को हराया था। इसके बाद ही उन्होंने अपना लोकसभा क्षेत्र बदल कर बोलवुर चले गए जहां से वह 2009 लोकसभा चुनाव के पहले तक सांसद रहे।
मुजफ्फरपुर कांड के खिलाफ RJD का दिल्ली में प्रदर्शन, तेजस्वी बोले- 'भारत माता की बेटियों की रक्षा' के लिए साथ आएं
4 August 2018
नई दिल्ली: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेपकांड मामले (Muzaffarpur shelter home rape case) को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ आज राष्ट्रीय जनता दल का हल्लाबोल होगा. दिल्ली के जंतर मंतर पर राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे और विरोध-प्रदर्शऩ करेंगे. यानी आज एक बार फिर से मुजफ्फरपुर कांड की गूंज दिल्ली की सड़क पर सुनाई देगी. बताया जा रहा है कि राजद के विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं. इसेस पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह राजद के देशव्यापी धरना को अपना समर्थन देगी. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी 4 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन के लिए लगातार ट्वीट कर लोगों से समर्थन की अपील कर रहे हैं और नीतीश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. शनिवार यानी आज तेजस्वी ने ताजा ट्वीट कर लोगों से जंतर मंतर आने की अपील की और कहा कि भारत माता की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए साथ आएं. इसके अलावा एक और अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने कहा कि '' जंतर-मंतर पर धरना विशुद्ध रूप से ग़ैर-राजनीतिक है क्योंकि एक सामाजिक कार्यकर्ता होने से पहले मैं 7 बहनों का भाई, एक मां का बेटा और कई बेटियों व भगिनी का चाचा और मामा हूं. बच्चियों के साथ हुई इस अमानवीय घटना से मैं सो नहीं पाया हूं. नीतीश जी क्यों चुप हैं, यह उनसे बेहतर कौन जानता होगा?' हालांकि, जदयू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुजफ्फरपुर आश्रय गृह बलात्कार मामलों के विरोध में राजद के प्रस्तावित प्रदर्शन से दूरी बनाने को कहा है. जदयू ने कहा कि वे ‘‘मूल्य आधारित राजनीति’’ के लिए जाने जाते हैं जबकि लालू प्रसाद नीत पार्टी ‘‘जंगलराज और अपराधों’’ के लिए प्रसिद्ध है. जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने राहुल गांधी और केजरीवाल से इस प्रदर्शन से दूर रहने को कहा. गौरतलब है कि राजद के प्रस्तावित देशव्यापी धरना से एक दिन पहले मुज्जफरपुर शेल्टर होम में बच्चियों से रेप और यातना के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने पहली बार चुप्पी तोड़ी. मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना से हम शर्मसार हो गये. उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा, जो भी इसमें दोषी होगा उसे कड़ी सजा मिलेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट सीबीआई की जांच की मानिटरिंग करे. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में 44 बच्चियों में से 34 बच्चियों के साथ यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है. केंद्र सरकार और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद यह मामला अब सीबीआई के पास है और सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया है. गुरुवार को मुजफ्फरपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस भेज जवाब मांगा. साथ ही इस मामले की रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया को भी कड़ी फटकार लगाई.
मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड पर नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस घटना से हम शर्मसार हो गये, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी
3 August 2018
पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना को शर्मसार कर देने वाली घटना करार दिया है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गये हैं. सीबीआई जांच कर रही है, हाईकोर्ट इसकी मॉनिटिरिंग करें. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड का मामला बिहार विधानसभा से लेकर देश की संसद तक में गूंज उठा है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर पहली बार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि 'मैं सबको आश्वस्त करना चाहूंगा कि इस मामले में किसी के प्रति उदार रवैया नहीं अपनाई जाएगी. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी सजा मिलेगा.' बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका कांड में 44 बच्चियों में से 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हो गई है. इस मामले पर अभी तक विपक्ष का रवैया काफी हमलावर रहा है. नीतीश कुमार जिस कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर की घटना पर दुख जता रहे थे, उस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू वर्मा भी मौजूद थीं. आगे नीतीश ने कहा कि फ़िलहाल सीबीआई जांच चल रही है, लेकिन ऐसे लोगों से जिन्होंने ऐसा पाप किया हैं, उनसे सचेत रहने की अवसायकता हैं. सीएम नीतीश ने कहा कि राज्य में क़ानून का राज्य है और वो किसी तरह का कोई समझौत्ता नहीं करेंगे. राष्ट्रीय जनता दल पार्टी ने चार अगस्त को इसी मामले पर देशव्यापी धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है. तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला और उनसे इस मामले पर चुप्पी तोड़ने को लेकर प्रदर्शन करने की बात कही. बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार की फोटो