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विश्व डाइजेस्ट
वॉशिंगटन : भारत को अमेरिका से मिला नाटो देशों के समान दर्जा, रक्षा संबंधों में फायदा होगा :
-वॉशिंगटन. अमेरिकी संसद ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया। इसके मुताबिक भारत को भी नाटो देशों जैसा दर्जा मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। अब तक साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान को यह दर्जा प्राप्त था।


द. कोरिया : ट्रम्प ने इवांका और पोम्पियो को मंच पर बुलाया, कहा- ब्यूटी एंड बीस्ट से मिलिए :
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को दो दिन के दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे। इस दौरान भी वे अपने मजाकिया अंदाज में नजर आए। प्योंगटेक में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी बेटी इवांका ट्रम्प और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को मंच पर बुलाया और दोनों को ब्यूटीफुल कपल बताया। हालांकि, उन्होंने इवांका को ब्यूटी और माइक को बीस्ट बताया।


यूएई : दुबई की राजकुमारी हया बच्चों और 271 करोड़ रु. के साथ देश से फरार, जर्मनी से शरण मांगी : रिपोर्ट :
- दुबई. अरबपति शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की छठी पत्नी राजकुमारी हया बिन्त अल हुसैन ने देश छोड़ दिया है। हया करीब 271 करोड़ रुपए और अपने दो बच्चों के साथ फरार हो गईं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हया फिलहाल लंदन में छिपी हैं। रानी हया जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला की सौतेली बहन हैं।


दक्षिण अफ्रीका- सूडान के राष्ट्रपति बशीर पर गिरफ्तारी का संकट :
- सूडान के राष्ट्रपति उमर अल-बशीर पर गिरफ्तारी का संकट आ गया है। बशीर अफ्रीकी संघ के दो दिवसीय सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका में हैं। बशीर को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने 2009 में दारफुर नरसंहार मामले में युद्ध अपराध का दोषी ठहराया था। आईसीसी के प्रमुख ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका को चाहिए कि वह सूडान के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करे।


पाकिस्तान - अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ' सेव द चिल्ड्रन' पर लगे प्रतिबंध को हटाया :
- पाकिस्तान ने रविवार को अपने उस आदेश को निलंबित कर दिया जिसमें उसने अंतरराष्ट्रीय एनजीओ 'सेव द चिल्ड्रन' पर प्रतिबंध लगा दिया था। माना जा रहा है अमेरिका के दबाव की वजह से उसे ऐसा करना पड़ा। संस्था पर आरोप
था कि वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद 11 जून को संस्था का कामकाज प्रतिबंधित कर ऑफिस सील कर दिया गया था।

जर्मनी - आर्मी बेस कैंप में दबा हुआ है हिटलर का खजाना, कीमत 5 अरब रु. :
-हिटलर का खजाना जर्मनी के एक आर्मी बेस कैंप के नीचे दबा हुआ है। यह दावा है हॉलैंड के एक पत्रकार सिरिल विस्लर का। हालांकि, इस खजाने को लेकर सभी अनुमान और अटकलें गलत निकली हैं। नाजी शासन के दौरान लूटी गई सोने की छड़ें,जेवरात और विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा खजाना द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद गायब हो गया था। इसकी कीमत 5 अरब रुपए आंकी गई है।



पूर्व PM खालिदा जिया को झटका, जमानत याचिका पर सुनवाई टली
5 December 2019
ढाका: बांग्लादेश (Bangladesh) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (Khaleda Zia) की भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर सुनवाई टाल दी. इससे पहले अधिकारियों ने उनके स्वास्थ्य पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और अधिक समय की मांग की थी. बीडी न्यूज 24 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश सैयद महमूद हुसैन की अध्यक्षता वाली अपीली डिवीजन की छह सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को मेडिकल रिपोर्ट सौंपने के लिए 11 दिसंबर तक का समय दिया.
इसके साथ ही अदालत ने मामले से संबंधित अगला आदेश जारी करने के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की. शीर्ष अदालत ने 28 नवंबर को बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल (बीएसएमएमयू) में खालिदा के डॉक्टरों को जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उनकी जमानत के संबंध में उनके स्वास्थ्य पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था.
शीर्ष अदालत ने तब याचिका पर सुनवाई पांच दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी थी. 29 अक्टूबर, 2018 को ढाका की एक विशेष अदालत ने खालिदा को सात साल जेल की सजा सुनाई थी. पूर्व प्रधानमंत्री को इस साल एक अप्रैल को इलाज के लिए बीएसएमएमयू में स्थानांतरित किया गया था. खालिदा फरवरी 2018 से जिया अनाथालय और जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामलों में कुल 17 साल जेल की सजा काट रही हैं.

फिलीपींस में चक्रवात कम्मुरी से 11 की मौत, 1 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
5 December 2019
मनीला: फिलीपींस (Philippines) में चक्रवात कम्मुरी से अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है. अधिकारियों ने बताया कि मूसलाधार बारिश और तीव्र गति से चलने वाली हवाओं ने संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल (एनडीआरआरएमसी) ने कहा कि लगभग 1,14,52 घरों में पानी भरने के बाद बाढ़ और भूस्खलन की आशंका से 4,58,020 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.
एनडीआरआरएमसी ने कहा कि लगभग 9,360 परिवारों या 37,388 लोगों की सहायता की जा रही है. काउंसिल ने कहा कि कुल मिलाकर कम से कम पांच क्षेत्रों में चक्रवात से प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़कर लगभग 1,24,000 हो गई है. एनडीआरआरएमसी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बुधवार को बंद रहे.
काउंसिल के सूत्रों ने कहा कि बिकॉल क्षेत्र (पूर्व) में पांच, मिमारोपा क्षेत्र (पश्चिमी) में पांच और ओरमॉक (मध्य) में एक और व्यक्ति की मौत होने की खबर है. फिलीपींस में टिसॉय के नाम से प्रसिद्ध इस चक्रवात के कारण 38 इमारतें, दर्जनभर बिजली के तार, 12 सड़कें और आठ पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं.

नवाज शरीफ को झटका, पाकिस्‍तान ने ब्रिटेन को लिखा- इलाज पूरा होने पर उन्हें पाकिस्तान वापस भेजें
5 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने ब्रिटेन सरकार को देश के बीमार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज पूरा होने के बाद उन्हें वापस स्वदेश भेजने के लिए पत्र लिखा है. इस बात का खुलासा एआरवाई न्यूज टॉक शो 'पॉवर प्ले' में मंगलवार को हुआ. ब्रिटेन (Britain) के अधिकारियों को लिखे पत्र में पाकिस्तानी सरकार ने कहा है कि शरीफ पाकिस्तान में विभिन्न मामलों में बहुत सारे आरोपों का सामना कर रहे हैं और उन्हें एक मामले में दोषी भी ठहराया गया है.
पत्र में नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के बारे में विभिन्न मामलों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है. शरीफ अपने छोटे भाई शहबाज शरीफ, निजी चिकित्सक के साथ दोहा के रास्ते एयर ऐंबुलेंस से 19 नवंबर को लंदन (London) पहुंचे थे. इससे पहले, लाहौर (Lahore) हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बांड को दाखिल किए बगैर ही पूर्व प्रधानमंत्री को ब्रिटेन जाने की इजाजत दी थी.
न्यायमूर्ति अली बकर नजफी ने केंद्र सरकार को पाकिस्तान (Pakistan) मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) के प्रमुख के नाम को बिना किसी शर्त के एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से हटाने के लिए कहा था, जिसके बाद वह इलाज कराने के लिए लंदन जा पाए.

महाभियोग जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार, राष्ट्रहित से किया समझौता
4 December 2019
न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ चल रही महाभियोग (Impechment) जांच की प्राथामिक रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप को दोषी पाया गया है. ऐसा बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने राष्ट्रहित से समझौता किया है. बता दें कि आज ट्रंप के खिलाफ हाउस ज्यूडिशरी कमेटी की पहली महाभियोग जांच रिपोर्ट आई है. इससे पहले व्हाइट हाउस ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी को सूचित कर दिया था कि वह बुधवार (4 दिसंबर) को प्रस्तावित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ समिति के पहली महाभियोग जांच में शामिल नहीं होगा.
व्हाइट हाउस के वकील पैट किपोलोने ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी के अध्यक्ष जैरी नाडलर को लिखे अपने पांच पन्नों के पत्र में रविवार को कहा, 'हम उस सुनवाई में भाग लेना उचित नहीं समझते हैं, जिसके गवाहों के नाम अभी भी जाहिर किए जाने हैं और यह अभी तक अस्पष्ट बना हुआ है कि क्या न्यायिक समिति अतिरिक्त सुनवाई के जरिए राष्ट्रपति के मामले की निष्पक्ष सुनवाई कर पाएगी.'
व्हाइट हाउस ने कहा था, 'सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि कानून के प्रोफेसरों के साथ एक अकादमिक वार्ता के लिए निमंत्रण देने मात्र से राष्ट्रपति के खिलाफ सही जांच की कोई झलक नहीं दिखती है.' किपोलेने ने कहा, 'इसी तरह मौजूदा परिस्थितियों के तहत, हम आपके बुधवार की सुनवाई में भाग नहीं लेना चाहते हैं.' नाडलर्स समिति बुधवार को सुनवाई आयोजित करेगी, जिसका शीर्षक 'राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप को लेकर महाभियोग जांच : राष्ट्रपति के महाभियोग के लिए संवैधानिक आधार' है.
अपने पत्र में किपोलोने ने न्यूयॉर्क डेमोक्रेट नाडलर पर जानबूझकर सुनवाई की तारीख ऐसे समय तय करने का आरोप लगाया, जब नाटो सम्मेलन के लिए ट्रंप लंदन के दौरे पर होंगे. ट्रंप ने भी एक ट्वीट में इस सुनवाई को लेकर सवाल उठाए थे और डेमोक्रेट्स पर देश हित के साथ समझौता करने का आरोप लगाया था.
ट्रंप पर लगाया है यह आरोप
अप्रैल 2019 में डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वारेन ने अमेरिका की प्रतिनिधि सभा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की अपील की थी. उन्होंने चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच के नतीजों का हवाला देते हुए यह अपील की थी.
विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर की 22 महीने की जांच के नतीजों की संशोधित रिपोर्ट जारी होने के एक दिन बाद उन्होंने यह अपील की है. 400 पृष्ठों से अधिक के दस्तावेज में कहा गया है कि ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान की रूस की हस्तक्षेप की कोशिशों के साथ मिलीभगत नहीं थी लेकिन उसने पाया कि राष्ट्रपति रूस के हथकंडों से फायदा पाकर खुश थे और उन्होंने लगातार मूलर की जांच को बाधित करने की कोशिश की. वारेन ने कहा था, ‘‘इसका मतलब है कि संसद को अमेरिका के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए.’’
डोनाल्ड ट्रंप ने महाभियोग जांच को जबरन निशाना बनाया जाने वाला बताया
27 नवंबर की खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डोमोक्रेट नेताओं की आलोचना की थी और फ्लोरिडा के सनराइज में एक चुनाव अभियान रैली के दौरान अपने खिलाफ महाभियोग जांच को उन्हें जबरन निशाना बनाया जाना कहकर इसकी निंदा की थी. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ट्रंप ने सनराइज के खचाखच भरे बीबीएंडटी सेंटर में समर्थकों से मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की, जो लगभग 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला है.
ट्रंप ने मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए कहा, 'अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, वेतन बढ़ रहा है, अपराधों में कमी आ रही है, गरीबी कम हो रही है, आत्मविश्वास बढ़ रहा है और अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है.'
पिछली रैलियों की तरह, उन्होंने कुछ आर्थिक सूचक, सैन्य खर्च और मेक्सिको की दीवार सहित अपने प्रशासन की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'दीवार पर काम हो रहा है. यह तेजी से बन रही है और यह एक असली दीवार है.' इस मौके पर उन्होंने अपने प्रशासन की तारीफ करते हुए आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के मारे जाने का भी जिक्र किया.
ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी फोन कॉल 'एक बेहतरीन फोन कॉल थी.' उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने कहा है कि उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया. ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट नेता देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा था, 'वे (डेमोक्रेट्स) महाभियोग के जरिए जबरन निशाना बना रहे हैं और काफी बुरी चीजें उनके साथ हो रही हैं. आप देख रहे है कि चुनाव में क्या हो रहा है? हर कोई कह रहा है कि 'यह सच में बकवास है'.'

हिट-एंड-रन केस में दो भारतीय छात्रों की मौत, आरोपी ने किया समर्पण
4 December 2019
वाशिंगटन: अमेरिकी (America) राज्य टेनेसी में एक हिट-एंड-रन (Hit and Run) की घटना में दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई. आरोपी ने खुद को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. नॉक्सविले स्थित डब्ल्यूवीएलटी-टीवी ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह दुर्घटना 28 नवंबर को थैंक्सगिविंग डे पर हुई थी और पीड़ितों की पहचान 26 वर्षीय वैभव गोपीसेट्टी और 23 वर्षीय जूडी स्टेनली पिनहिरो के रूप में की गई, जो टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्र थे.
आरोपी डेविड टॉरेस के जीएमसी ट्रक की कथित तौर पर 2015 निसान सेंट्रा से टक्कर हो गई, जिसे आगे की सीट पर पिनहिरो के साथ बैठे गोपीसेट्टी चला रहे थे. पुलिस ने कहा कि ट्रक ने कार के पैसेंजर साइड को टक्कर मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि जीएमसी की रफ्तार काफी तेज थी और चौराहे पर वह रेड लाइट की ओर तेजी से मुड़ी. टॉरेस ने एक दिसंबर को मेट्रो नैशविले पुलिस के सामने समर्पण कर दिया.
यूनिवर्सिटी ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, "टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी परिवार थैंक्सगिविंग की रात एक ऑटो दुर्घटना में मारे गए दो छात्रों की मौत से दुखी है. 23 वर्षीय जूडी स्टेनली और 26 वर्षीय वैभव गोपीसेट्टी भारत के रहने वाले स्नातक छात्र थे, जो कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर से खाद्य विज्ञान में पढ़ाई कर रहे थे. स्टेनली मास्टर डिग्री के लिए और गोपीसेट्टी डॉक्टरेट के लिए पढ़ाई कर रहे थे."

राजपक्षे ने ईस्टर संडे आतंकी हमलों की जांच तेज करने के दिए निर्देश
4 December 2019
कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने 21 अप्रैल को हुए ईस्टर (Easter) संडे के आतंकी हमलों की जांच करने वाली एक समिति को निर्देश दिया है कि वे अपनी जांच को तेज कर सभी अपराधियों की पहचान करें और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करें. उनके कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में यह बात कही गई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति राजपक्षे ने हमलों की जांच और पूछताछ के लिए राष्ट्रपति जांच आयोग (पीसीओआई) के सदस्यों के साथ चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उक्त घटना की जड़ों और इसके तौर-तरीकों की पहचान करने के साथ ही हत्याकांड से संबंधित सभी सूचनाओं को उजागर करने की तत्काल आवश्यकता है.
राष्ट्रपति ने कहा कि खुफिया अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की लगातार समीक्षा की गई है. राजपक्षे ने पीसीओआई से आगे ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सिफारिशें करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने विशेष आयोग द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की भी पेशकश की. 21 अप्रैल के आत्मघाती हमलों में 250 से अधिक लोग मारे गए थे. इन हमलों में इस द्वीपीय देश श्रीलंका (Srilanka) में तीन चचरें और तीन लक्जरी होटलों को निशाना बनाया था. एक स्थानीय चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात को इस हमले के लिए जिम्मेदार माना गया है.

पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की तबीयत बिगड़ी, दुबई के अस्पताल में भर्ती
3 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) को दिल और रक्तचाप संबंधी समस्या के बाद दुबई ( Dubai,) के एक अस्पताल (Hospital) में भर्ती कराया गया है. उनके पार्टी के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है.
डॉन न्यूज के मुताबिक, सोमवार को टेलीविजन चैनलों ने 'आपातकालीन उपचार की आवश्यकता' का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति को दुबई के अमेरिकी अस्पताल में एक स्ट्रेचर पर ले जाने के फुटेज दिखाए थे, जिसकी पुष्टि बाद में उनकी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के सूत्रों ने की.
पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, "वह स्वास्थ्य संबंधी कुछ गभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और हाल ही में उन्हें सीने में दर्द और बैचेनी की शिकायत भी रही है."
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने उनके ठहरने के स्थान पर जाकर उन्हें आगे की जटिलताओं से बचने के लिए फौरन अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी. पूर्व राष्ट्रपति के कुछ परीक्षण हुए हैं, जो उनके स्वास्थ्य की स्थिति बताने में मदद करेंगे."

वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को लेकर फिलिस्तीन ने की अमेरिका की निंदा
2 December 2019
रामल्ला: फिलिस्तीन ने वेस्ट बैंक के दक्षिण में स्थित हेब्रोन शहर में एक नई बस्ती बसाने के इजरायल के निर्णय का समर्थन करने पर अमेरिका की आलोचना की है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के महासचिव सएब एरेकात के हवाले से कहा, 'कब्जे वाले हेब्रोन में अवैध बस्ती बसाने का इजरायल का निर्णय उपनिवेशवाद को वैधता देने के अमेरिका (US) के निर्णय का पहला ठोस परिणाम है.' उन्होंने ट्वीट किया, 'बस्तियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने समेत ठोस कदम उठाना अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी है.'
उनका यह ट्वीट इजरायल के रक्षामंत्री नाफ्ताली बेनेट द्वारा हेब्रोन में नई बस्ती के निर्माण को मंजूरी देने के बाद आया है. इजरायल की बस्ती बसाने की गतिविधियां फिलिस्तीन से उसके बीच शांति वार्ता में बाधा अटकाने वाले सबसे प्रमुख मुद्दों में से है.
फिलिस्तीन के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वेस्ट बैंक में 135 बस्तियों और 100 अवैध आउटपोस्ट्स में लगभग चार लाख अवैध इजरायली रह रहे हैं. यहां फिलिस्तीन की जनसंख्या बढ़कर 26 लाख हो चुकी है.

मोरक्को में सड़क दुर्घटना में 8 की मौत, कई घायल
2 December 2019
रबात: मोरक्को के बाब मारजौका नगर के निकट एक बस पलटने से आठ लोगों की मौत हो गई और 42 लोग घायल हो गए. यह नगर राजधानी रबात से 300 किलोमीटर पूर्व में है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रविवार हुई दुर्घटना में घायल हुए लोगों को ताजा शहर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. मोरक्को में तेज रफ्तार, खराब सड़कों और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण खतरनाक दुर्घटनाएं आम हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मोरक्को में 2019 की पहले चार महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 1,357 लोगों की मौत हो चुकी है.

भाग रहे अपराधियों ने डांस पार्टी में घुसकर पुलिस पर की फायरिंग, भगदड़ में 9 की मौत
2 December 2019
ब्राजीलिया: ब्राजील के साओ पाउलो शहर में एक कार्यक्रम में भगदड़ मचने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए. प्रशासन ने यह जानकारी दी. यह दुर्घटना रविवार को पराइसोपोलिस में एक फंक डांस पार्टी में घटी. पार्टी में लगभग 5,000 लोग थे, तभी पुलिस दो संदिग्धों का पीछा करते हुए वहां पहुंच गई. पुलिस पर गोलीबारी करने के बाद ये लोग कार्यक्रम की भीड़ में शामिल हो गए थे.
भीड़ ने पुलिस पर टूटी बोतलें और पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने प्रतिक्रिया में आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलानी शुरू कर दीं. जिससे वहां भगदड़ मच गई और इसमें नौ लोगों की मौत हो गई. साओ पाउलो मिलिट्री पुलिस के प्रवक्ता एमर्सन मासेरा ने मीडिया से कहा कि 'अपराधियों के भीड़ में शामिल होने के बाद भी पुलिस पर गोलीबारी करने से भगदड़ शुरू हुई.'
उन्होंने कहा, "पुलिस से बचने के लिए अपराधियों ने भीड़ का उपयोग मानवीय ढाल के रूप में की. जब पुलिस पहुंची तो लोग अधिकारियों की तरफ बढ़ गए और अधिकारियों ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की." मृतकों में सात पुरुष, एक महिला और एक 14 वर्षीय किशोर है.
साओ पाउलो राज्य के गवर्नर जोआओ डोरिया ने इस घटना पर दुख जताया है और परिस्थितियां जांचने के तथ्यों और घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए सख्त जांच के आदेश दिए हैं.

तुर्की में अंतर्राष्ट्रीय रेशम मार्ग उद्यमी शिखर सम्मेलन आयोजित, 23 देशों के 700 मेहमानों ने लिया हिस्सा
30 November 2019
बीजिंग: चौथा अंतर्राष्ट्रीय रेशम मार्ग उद्यमी शिखर सम्मेलन तुर्की (Turkey) के ट्राबजोन में आयोजित हुआ. 23 देशों से आए 700 से अधिक मेहमानों ने इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया. तुर्की कोष व वित्त मंत्री बरत अलबारक ने कहा कि चीन द्वारा पेश बेल्ट एंड रोड (Belt And Road) पहल तुर्की की मध्य कॉरिडोर योजना से मिलती जुलती है. इस बार के उद्यमी शिखर सम्मेलन में दोनों को और अच्छी तरह से जोड़ा जा सकेगा और रेशम मार्ग से संबंधित देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग का और विस्तार किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस बार के शिखर सम्मेलन में रेशम मार्ग से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग और घनिष्ठ होंगे और बाजार का विस्तार किया जाएगा. खास तौर पर काला सागर और कैस्पियन सागर के देशों के बीच व्यापार व पूंजी-निवेश का विकास करने और क्षेत्रीय उद्योग व वाणिज्य व्यवसाय में सहयोग के नए मौके को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जाएगी. गौरतलब है कि तुर्की स्थित चीनी राजदूत डेन ली और चीनी पूंजी वाले उद्यमों के प्रतिनिधि मंडल ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया.

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को 5 साल की जेल
30 November 2019
माले: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को धनशोधन मामले में दोषी पाया गया और उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही उनपर 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मालदीव के अपराध न्यायालय के न्यायाधीश अली रशीद ने गुरुवार को कहा कि निसंदेह साबित हो चुका है कि यामीन ने धन लिया था और उन्हें पता था कि यह गबन है.
यामीन पर एक निजी कंपनी के जरिए 10 लाख डॉलर सरकारी धन प्राप्त करने का आरोप है. यह धन होटल के विकास के लिए द्वीपों को पट्टों पर देने के सौदे के तहत प्राप्त किया गया. हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने सभी आरोपों से इनकार किया.
स्थानीय मीडिया रिपटों में कहा गया है कि महाअभियोजक कार्यालय ने मालदीव पुलिस सर्विस के एक बयान के बाद पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ धनशोधन और गबन व जांच को गुमराह करने के लिए झूठे बयान देने का आरोप लगाया. यामीन के समर्थक गुरुवार शाम सुनवाई के विरोध में कोर्ट क्षेत्र के चारों तरफ जमा हो गए और उनकी रिहाई के लिए नारेबाजी करने लगे.

अफगानिस्तान में बोले डोनाल्ड ट्रंप, 'तालिबान समझौता चाहता है'
30 November 2019
काबुल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में पहली बार अमेरिकी सैनिकों के साथ 'थैंक्सगिविंग' मनाने ेके लिए देश का औचक दौरा किया और वहां तैनात सैनिकों को आश्वासन दिया कि तालिबान बातचीत में लगा है. ट्रंप ने बाग्राम एयर बेस पर सैनिकों से कहा, 'तालिबान एक समझौता करना चाहता है.' वहां उन्होंने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी मुलाकात की. शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के उद्देश्य से तालिबान के कैदयों की अदला-बदली के बाद यह यात्रा हुई. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने काफी हद तक अफगानिस्तान में सैनिकों की तैनाती में कमी कर रहा है. 2001 के 9/11 के हमलों के बाद तालिबान को हटाने के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप के 18 साल बाद भी 13,000 अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में बनी हुई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सैन्य एयर बेस में बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात को रेखांकित किया कि 'अगर तालिबान शांति समझौते पर पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता में ईमानदार हैं, तो उन्हें युद्धविराम स्वीकार करना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी और अफगान सैनिक शांति समझौते तक पहुंचने के लिए तालिबान को अधिक इच्छुक बना रहे थे. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ट्रंप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें एक दर्जन अमेरिकी सैनिकों के साथ बातें करते देखा जा सकता है और गनी उनके पीछे खड़े हैं. ट्वीट किया, 'हमारी द्विपक्षीय बैठक में, हमने पूर्वी अफगानिस्तान में दाएश (इस्लामिक स्टेट या आईएस समूह) को कुचलने सहित युद्ध के मैदान में अपने सैन्य प्रयासों में संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण प्रगति पर चर्चा की. राष्ट्रपति ट्रंप ने अफगान सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों की सराहना की.' बैठक के बाद दोनों राष्ट्रपतियों ने अमेरिकी सैनिकों के साथ जश्न-ए-शुक्रिया (थैंक्सगिविंग) मनाया.
श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आएंगे, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
26 November 2019
नई दिल्ली/कोलंबो: श्रीलंका (Sri Lanka) के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) गुरुवार को अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं. इस दौरान राजपक्षे दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों को मजबूत करने का प्रयास करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और आर्थिक विकास पर चर्चा करेंगे.
राष्ट्रपति गोटाबाया इस यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी से मिलने वाले हैं.
श्रीलंका के राष्ट्रपति के सचिव पी. बी. जयसुंदरा, विदेश सचिव रविनाथ आर्यसिन्हा, ट्रेजरी सचिव एस. आर. एट्टीगेल, राष्ट्रपति के सलाहकार ललित वीरथुंज और राष्ट्रपति के निजी सचिव सुदेश्वर बांदरा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ होंगे.
राष्ट्रपति के रूप में राजपक्षे के चुनाव के तुरंत बाद भारत ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को कोलंबो भेजा था. इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
मोदी ने अपने बधाई संदेश में संबंधों को मजबूत करने के लिए श्रीलंका की सरकार के साथ काम करना जारी रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई.
गुरुवार शाम पहुंच भारत पहुंच रहे श्रीलंकाई राष्ट्रपति से विदेश मंत्री जयशंकर शुक्रवार सुबह आईटीसी मौर्य में मुलाकात करेंगे.
राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह के बाद, राजपक्षे और मोदी दोपहर को बातचीत करेंगे. शाम को वह राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात करेंगे. शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे और शाम को स्वदेश रवाना हो जाएंगे.

सेना प्रमुख बाजवा को झटका, PAK सुप्रीम कोर्ट ने सेवा विस्तार की अधिसूचना को निलंबित किया
25 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार वाली अधिसूचना को निलंबित कर दिया. पाकिस्तान (Pakistan) में राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी गर्म है. मुसीबतों ने इमरान खान (Imran Khan) सरकार को कई मोर्चो पर पहले से ही घेर रखा है. सेना और सरकार के बीच तनातनी की खबरें भी लगातार आती रहती हैं.
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाने की अधिसूचना को बुधवार तक के लिए निलंबित कर दिया है. जुरिस्ट फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मजहर आलम और मंसूर अली शाह के साथ प्रधान न्यायाधीश की तीन सदस्यीय पीठ ने इस निलंबन का निर्णय दिया.
जुरिस्ट फाउंडेशन ने सेना प्रमुख को दिए गए सेवाविस्तार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे गैरकानूनी करार देकर रद्द करने की मांग की है. बाजवा 29 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने अगस्त में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) के सेवाविस्तार वाली अधिसूचना को जारी किया था. इस पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने कहा, "सिर्फ पाकिस्तान के राष्ट्रपति ही सेना प्रमुख के सेवाविस्तार का आदेश दे सकते हैं."
अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि बाजवा का कार्यकाल राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (Arif Alvi) की मंजूरी के बिना नहीं बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा, "संघीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी है." सुप्रीम कोर्ट ने इसमें शामिल सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. बुधावार को मामले की फिर सुनवाई होगी.

अफगानिस्तान की वायुसेना का आतंकी ठिकानों पर हमला, 9 तालिबान आतंकी मारे गए
25 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के पूर्वी लघमान प्रांत में अफगानिस्तान वायुसेना द्वारा किए गए दो अलग-अलग हवाई हमलों में करीब नौ तालिबानी आतंकवादियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. देश की राजधानी काबुल (Kabul) से 90 किलोमीटर पूर्व में स्थित लघमान में तालिबान (Taliban) आतंकवादी सक्रिय हैं.
एएनएएसओसी के बयान के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जानकारी दी कि अफगान नेशनल आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कॉर्प्स (एएनएएसओसी) के ऑपरेशंस कमांड द्वारा अलिशिंग और पड़ोसी जिला अलिंगार में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले की मंजूरी के बाद देर सोमवार को हमले शुरू कर दिए गए. बयान के अनुसार, "सेना का विशेष बल आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा."

ग्रीस में आंधी-बारिश का कहर, 3 की मौत, 300 से ज्यादा घर तबाह
25 November 2019
एथेंस: ग्रीस (Greece) में रविवार से चल रहे बेहद खराब मौसम के चलते मरने वालों की संख्या तीन हो गई है. यहां रोड्स द्वीप पर सोमवार को एक बुजुर्ग महिला की उसके घर में मौत हो गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विकलांग महिला का बेसमेंट अपार्टमेंट बाढ़ (Flood) के पानी से भर गया जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
इससे पहले सोमवार को ग्रीक अधिकारियों ने दो आदमियों के शव बरामद किए, जिनकी नौका तेज हवाओं के बीच पश्चिमी ग्रीस में रविवार को डूब गई थी और वे तब से लापता थे. सोमवार को ही अग्निशमन विभाग ने एथेंस के दक्षिण-पश्चिम में किनेटा में घरों और कारों से 40 लोगों को निकालने में मदद की. इंफ्रास्ट्रक्चर एवं परिवहन मंत्रालय के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इलाके में लगभग 300 घरों को नुकसान पहुंचा है.

लोकतंत्र समर्थक समूहों को बड़ी बढ़त, 278 सीटों पर जीत दर्ज
25 November 2019
हांगकांग: हांगकांग (Hongkong) में जिला परिषद चुनाव के शुरुआती परिणामों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन ने अभूतपूर्व बढ़त बना ली है. अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीजिंग (Beijing) समर्थक उम्मीदवारों के 42 सीटों पर जीत की तुलना में लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों ने अबतक 278 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. हांगकांग जिला पार्षदों के पास अल्प राजनीतिक शक्ति है और ये मुख्य रूप से बस मार्गो, कबाड़ एकत्रीकरण जैसे स्थानीय मुद्दे देखते हैं. और इस तरह आम लोगों में इन चुनावों के प्रति कुछ खास लगाव नहीं है, लेकिन यह चुनाव पहला ऐसा मौका है, जब लोगों को मतपत्र के माध्यम से मुख्य कार्यकारी कैरी लैम के इस संकट से निपटने पर अपने विचार से अवगत कराने का मौका मिला है. यह संकट प्रत्यर्पण कानून के कारण उत्पन्न हुआ है. हालांकि कानून को वापस ले लिया गया है.
बीबीसी के अनुसार, मतगणना प्रक्रिया देखने के लिए भी भारी भीड़ उमड़ रही है. याऊ मा तेई उत्तरी मतदान केंद्र के दरवाजे खुलते हुए स्थानीय निवासी वहां इकट्ठे हो गए और वे जनता के लिए रिक्त स्थान पर इकट्ठे हो गए. इससे लगता है कि वे सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो. बीबीसी के अनुसार, एक के बाद एक चौंकाने वाले परिणाम आने पर भीड़ चिल्लाकर खुशी जाहिर कर रही है.
अस्थिरता के बीच वोटों के साथ छेड़खानी होने या उनके रद्द होने के डर के बावजूद पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही. रिकॉर्ड 41 लाख लोगों को मतदान के लिए पंजीकृत किया गया था, जो कुल जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. और 452 सीटों पर 29 लाख से ज्यादा लोगों (71 प्रतिशत से ज्यादा) ने मतदान किया. यह आंकड़ा 2015 में 47 प्रतिशत था.

अफगान का तालिबान पर हवाई हमला, एक नेता समेत 3 आतंकवादी मारे गए
25 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के हेरात व फराह प्रांतों में अफगान नेशनल आर्मी के एयर फोर्स द्वारा किए गए हवाई हमलों में तीन तालिबान (Taliban) आतंकवादी मारे गए. कमांड ऑफ स्पेशल फोर्सेज ने रविवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अफगान नेशनल आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कॉर्प के बयान के हवाले से कहा कि रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9.48 बजे हेरात प्रांत के शिंदनाद जिले में एक हवाई हमले में मरवान बजबोरी मारा गया. बजबोरी, तालिबान का एक स्थानीय नेता था और आतंकवादियों को हथियार व गोला-बारूद उपलब्ध कराता था.
बयान में कहा गया कि पड़ोसी फराह प्रांत में स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह 9.26 बजे असद जमकई गांव में हवाई हमले के दौरान दो आतंकवादी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया. बयान में कहा गया है कि निशाना बनाए गए आतंकवादी मुख्य सड़क के किनारे एक बारूदी सुरंग बिछा रहे थे और हमले में विस्फोटक लदा वाहन भी नष्ट हो गया. अफगान सुरक्षा बलों ने हाल में तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन बढ़ा दिया है.

खाई में बस गिरने से 10 लोगों की मौत, 20 घायल
25 November 2019
लीमा: पेरू (Peru) के मध्य में हुआनुको डिपार्टमेंट में एक यात्री बस के खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य लोग घायल हो गए. स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जुनिन में हुआंकेयो से पूर्वोत्तर के उकायली में पुकाल्पा जा रही बस कार्पिश सुरंग से लगभग 500 मीटर दूर सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. टीवी चैनल कैनाल एन के अनुसार, स्थानीय समय अनुसार रात लगभग एक बजे (जीएमटी के अनुसार सुबह छह बजे) बस जब 200 मीटर गहरी खाई में गिरी तब उसमें लगभग 50 यात्री सवार थे.
सरकारी समाचार एजेंसी एंडीना ने कहा कि शुरुआती जांच से प्रतीत हो रहा है कि बारिश, रपटीले रास्ते, घने कोहरे और तेज गति के कारण बस चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया. परिवहन एवं संचार मंत्रालय के कार्गो एंड मर्चेडाइज (सुट्रन) के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन फॉर पीपुल प्रमुख पैट्रिसिया कामा ने कहा कि वाहन के जीपीएस में वाहन की अंतिम रिकॉर्ड गति 47 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई. घायलों को क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

अमेरिका ने पाकिस्तान को चीन के चंगुल में फंसने से आगाह किया
23 November 2019
वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान को चीन की आर्थिक नीतियों के प्रति चेताते हुए कहा है कि चीन के साथ बड़े पैमाने के आर्थिक संबंध में लंबे समय में उसे बहुत कम फायदा होगा जबकि नुकसान बहुत अधिक होगा. अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह पाकिस्तान के लिए चीन की तुलना में एक बेहतर मॉडल दे सकता है. अमेरिका की दक्षिण व मध्य एशिया मामलों की मंत्री एलिस वेल्स ने गुरुवार को वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फार स्कॉलर्स में कहा कि जिस चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को दोनों एशियाई देश 'गेम चेंजर' के रूप में प्रचारित कर रहे हैं, वह केवल चीन के लिए ही फायदेमंद होगा. वेल्स ने कहा, 'यह स्पष्ट है, या फिर इसे स्पष्ट किए जाने की जरूरत है कि सीपीईसी किसी तरह की मदद के लिए नहीं है.'
उन्होंने कहा कि अरबों डॉलर की यह परियोजना चीन के गैर रियायती कर्जो से संचालित हो रही है जिसके लिए चीनी कंपनियां अपने कर्मचारी व सामान भेज रही हैं. और, यह सब पाकिस्तान में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के बीच हो रहा है. यह गलियारा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए कड़ी परीक्षा साबित होने जा रहा है, विशेषकर आने वाले चार से छह साल में जब कर्जे के भुगतान का समय आएगा. अगर इस समय को आगे के लिए भी खिसका दिया गया तो भी यह प्रधानमंत्री इमरान खान के सुधार एजेंडे और पाकिस्तान के सिर पर तलवार की तरह लटकता रहेगा.
हाल के वर्षो में पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं और पाकिस्तान को कई तरह की अमेरिकी मदद रोक दी गई है. इसके बावजूद, वेल्स ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के लिए विकास का बेहतर मॉडल दे सकता है. उन्होंने माना कि अमेरिका, पाकिस्तान के लिए सरकारी कंपनियों के प्रस्तावों के जरिए सामने नहीं आ सकता लेकिन अमेरिका से निजी स्तर पर होने वाला निवेश और यहां से मिलने वाली मदद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सुधार सकती है.
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में देखा गया है कि अमेरिकी कंपनियां अपने साथ केवल पूंजी नहीं लातीं, वे अपने साथ मूल्य व विशेषज्ञता लेकर आती हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए क्षमता निर्माण में सहायक होती हैं.

बेनी गेंट्ज नहीं बना पाए सरकार
22 November 2019
जेरूशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी बेनी गेंट्ज ने घोषणा कर दी है कि मध्यरात्रि की समयसीमा से पहले वह सरकार नहीं बना पाए हैं. इसके साथ ही इजरायल में एक साल के अंदर तीसरी बार चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गेंट्ज ने बुधवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन को अपना निर्णय बता दिया और राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पिछले महीने दिया गया सरकार बनाने का शासनादेश वापस कर दिया.
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के कई मामलों में संसदीय प्रतिरक्षा की मांग खत्म करने से इंकार कर दिया है, जिसमें वह मुख्य संदिग्ध हैं.
गेंट्ज ने 17 सितंबर को हुए चुनाव का हवाला देते हुए कहा, 'इजरायल के इतिहास में यह खतरनाक और पहला प्रयास है, जिसमें इजरायल के लोगों को वह सरकार नहीं बनाने दी गई हो, जिसके लिए उन्होंने वोट दिया है.'
चुनाव में गेंट्ज की पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे. उन्होंने नेतन्याहू पर अभियोग से बचने के लिए एक साल तक अंतरिम सरकार चलाने का आरोप लगाया. इससे पहले राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन वह इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में 61 सदस्यों का समर्थन नहीं हासिल कर सके. किसी दल को अब सिर्फ 21 दिनों के अंदर 61 सदस्यों के समर्थन से संसद में सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा, नहीं तो इसके बाद एक बार फिर चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी.

महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
22 November 2019
कोलंबो: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने गुरुवार को राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की मौजूदगी में राष्ट्रपति सचिवालय में देश के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. संडे टाइम्स की
रिपोर्ट के मुताबिक, राजपक्षे 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे हैं. राजपक्षे, आम चुनाव के होने तक सरकार के कार्यवाहक मंत्रिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
यह घटनाक्रम उनके पूर्ववर्ती व पूर्व सत्तारूढ़ यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद सामने आया है.
विक्रमसिंघे ने अपनी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार साजिथ प्रेमदासा के शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद अपना इस्तीफा दिया है.

अमेरिकी का सैन्य विमान पाकिस्‍तान के हवाई क्षेत्र में घुसा, PAK ने दिया यह बयानबाजी
22 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इस बात की चर्चा है कि अमेरिका के एक सैन्य विमान ने अनाधिकृत रूप से देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था. हालांकि, देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. पाकिस्तानी मीडिया में इस आशय की रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं कि अमेरिकी सैन्य विमान बिना इजाजत पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ.
एआरवाई न्यूज ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि मस्कट से आने वाला यह विमान कराची (Karachi) के क्षेत्र में दाखिल हुआ. विमान के पाइलट से इजाजतनामे और कोड के बारे में पूछा गया जिस पर उसने जवाब नहीं दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने इसके बाद अमेरिकी विमान को चेतावनी दी जिस पर विमान पाकिस्तानी क्षेत्र से बाहर चला गया. इस बीच, 'डेली टाइम्स' की रिपोर्ट में कहा गया है कि उड्डयन विभाग के वरिष्ठ संयुक्त सचिव व प्रवक्ता अब्दुल सत्तार खोखर ने बताया कि मस्कट के अधिकारियों ने 18 नवंबर को सुबह सवा नौ बजे बताया कि एक विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस की तरफ जा रहा है.
खोखर ने कहा, "लेकिन, विमान हमारे हवाई क्षेत्र में दाखिल नहीं हुआ और अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में बना रहा. अधिकारियों ने विमान से उसकी पहचान के लिए संपर्क किया लेकिन पाइलट ने जवाब नहीं दिया. विमान अमेरिकी (America) था लेकिन मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि यह सैन्य विमान था या फिर लड़ाकू या बमवर्षक था या फिर परिवहन विमान था
पाकिस्तान (Pakistan) के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता इस्माइल खोसा ने गुरुवार को कहा कि कोई विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से नहीं दाखिल हुआ. उन्होंने कहा, "संबद्ध विभाग ने मुझे बताया है कि कोई भी विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में नहीं दाखिल हुआ. हमारे रिकार्ड के मुताबिक, किसी विमान ने हमारे एयरस्पेस का उल्लंघन नहीं किया है." खोसा ने कहा कि इलाके में पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों के भी हवाई क्षेत्र हैं जिनके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते.

बहुमत मिलने के बावजूद बेनी गेंट्ज नहीं बना पाए सरकार, जानिए क्या है वजह...
21 November 2019
जेरूशलम: इजरायल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी बेनी गेंट्ज ने घोषणा कर दी है कि मध्यरात्रि की समयसीमा से पहले वह सरकार नहीं बना पाए हैं. इसके साथ ही इजरायल में एक साल के अंदर तीसरी बार चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गेंट्ज ने बुधवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन (Reuven Rivlin) को अपना निर्णय बता दिया और राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पिछले महीने दिया गया सरकार बनाने का शासनादेश वापस कर दिया.
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के कई मामलों में संसदीय प्रतिरक्षा की मांग खत्म करने से इंकार कर दिया है, जिसमें वह मुख्य संदिग्ध हैं. बेनी गेंट्ज (Benny Gantz) ने 17 सितंबर को हुए चुनाव का हवाला देते हुए कहा, "इजरायल के इतिहास में यह खतरनाक और पहला प्रयास है, जिसमें इजरायल के लोगों को वह सरकार नहीं बनाने दी गई हो, जिसके लिए उन्होंने वोट दिया है." चुनाव में गेंट्ज की पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे.
उन्होंने नेतन्याहू पर अभियोग से बचने के लिए एक साल तक अंतरिम सरकार चलाने का आरोप लगाया. इससे पहले राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन वह इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में 61 सदस्यों का समर्थन नहीं हासिल कर सके. किसी दल को अब सिर्फ 21 दिनों के अंदर 61 सदस्यों के समर्थन से संसद में सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा, नहीं तो इसके बाद एक बार फिर चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी.

यूक्रेन से ट्रंप के जांच के अनुरोध पर गवाहों को संदेह
21 November 2019
न्यूयॉर्क: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच में चार मुख्य गवाहों ने इस पर संदेह व्यक्त किया है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कहा है कि वह पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन और उनके बेटे की वहां कारोबारी सौदे में संलिप्तता की जांच कराएं. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) में यूक्रेनी विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट कर्नल अलेक्जेंडर विंडमैन और उपराष्ट्रपति माइक पेंस की विदेश नीति सलाहकार जेनिफर विलियम्स ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रंप का अनुरोध अनुचित है. डेमोक्रेट ने इन दोनों को गवाही देने के लिए कहा था. रिपब्लिकन के अनुरोध पर जिन दो अन्य लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिनमें यूक्रेन के पूर्व विशेष प्रतिनिधि कर्ट वोकर और ट्रंप के पूर्व सलाहकार व एनएससी के वरिष्ठ अधिकारी टिम मॉरिसन शामिल हैं, इन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जांच का अनुरोध करने के बारे में संदेह जाहिर किया है. पहली बार खुली सुनवाई हुई, जिसे लोगों ने सुना. जिन्होंने सीधे फोन कॉल को सुना, जिसमें ट्रंप ने अपने लाभ के लिए जेलेन्स्की से बिडेन और उनके बेटे के बारे में जांच कराने के लिए कहा था. 25 जुलाई का फोन कॉल महाभियोग के मूल में है, क्योंकि डेमोक्रेट नेताओं ने इसे अमेरिकी राजनीति में किसी बाहरी देश को खुद को शामिल करने की कोशिश करार दिया है, क्योंकि अगले साल के चुनाव में ट्रंप का सामना करने के लिए इस दौड़ में बिडेन सबसे आगे हैं. वाशिंगटन में मंगलवार को डेमोक्रेट-नियंत्रित प्रतिनिधि सभा की खुफिया समिति द्वारा सुनवाई की गई. यह 10 घंटे से ज्यादा समय तक चली. विंडमैन ने कहा कि ट्रंप को अनुरोध करते सुनना 'मेरे लिए भयानक था कि हमारी यूक्रेन नीति कैसे चल रही है और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके कितना महत्वपूर्ण निहितार्थ होने की संभावान है.' विलियम्स ने कहा कि यह 'असामान्य और अनुचित' और राजनीतिक था. लेकिन मॉरिसन ने कहा कि ट्रंप का अनुरोध करना गलत नहीं था, फिर भी यह ऐसा कुछ नहीं था, जिसके लिए उन्हें सिफारिश करने की जरूरत थी. वोकर ने कहा कि 2016 के चुनाव में यूक्रेन की भागीदारी के बारे में यूक्रेन के नेता से बिडेन पिता-पुत्र के बारे और सिद्धांतों की जांच करने के लिए कहना अमेरिका के लिए यूक्रेन के साथ हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के हिस्से के रूप में आगे बढ़ने के लिए मायने नहीं रखते. राष्ट्रीय टेलीविजन पर सुनवाई अक्सर पार्टी के प्रचार अभियानों की तरह थी, जिसमें दोनों पक्ष के नेताओं नागरिकों के सामने प्रत्यक्ष रूप से अपनी बात रखी. उन्होंने एक-दूसरे पर हमला करने के साथ ही ट्रंप और स्पीकर नैंसी पेलोसी पर भी निशाना साधा.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दिया
21 November 2019
कोलंबो: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफे दे दिया. इसके बाद अपनी पसंद के प्रतिनिधियों व नई सरकार की नियुक्त को लेकर नए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे का अब रास्ता साफ हो गया है. हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में राष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार गोटाबाया राजपक्षे को जीत मिली और उनके राष्ट्रपति चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे का इस्तीफा सामने आया है.
राजपक्षे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह नए संसदीय चुनाव तक 15 सदस्यीय कार्यवाहक मंत्रिमंडल की नियुक्ति करेंगे. नए राष्ट्रपति संसदीय चुनाव होने तक कार्यवाहक मंत्रिमंडल नियुक्त कर सकें, इसके लिए पहले ही मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है.
श्रीलंका के संविधान के अनुसार, प्रधानमंत्री अगले संसदीय चुनाव होने तक अपने पद पर कार्य कर सकता है. हालांकि, अपनी ही पार्टी के दबाव के चलते विक्रमसिंघे ने पद छोड़ने का फैसला किया. श्रीलंका में संसदीय चुनाव अगले साल अप्रैल में होने हैं. कोलंबो गजट के अनुसार, विक्रमसिंघे को जनवरी 2015 में प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. इसके बाद मैत्रीपाला सिरिसेना ने 2015 का राष्ट्रपति चुनाव जीता था.

2016 में ढाका कैफे हुए हमले का फैसला 27 नवंबर को
18 November 2019
ढाका: बांग्लादेश में आतंकवाद-रोधी न्यायाधिकरण 2016 में हुए हॉले आर्टिसान कैफे पर हुए हमले के मामले में 27 नवंबर को अपना फैसला सुनाने वाला है. हमले में विदेशी समेत 22 लोग मारे गए थे. बीडी न्यूज24 ने सोमवार को लोक अभियोजक गुलाम सरवर खान जाकिर के हवाले से कहा, "ढाका के आतंकवाद-रोधी विशेष न्यायाधिकरण के न्यायाधीश मोहम्मद मुजीबुर रहमान ने मामले में सरकार और बचाव पक्ष की बहस और सुनवाई के बाद फैसले के लिए तिथि मुकर्रर कर दी."
इससे पहले मामले में आठ प्रतिवादियों ने एक जुलाई, 2016 को हुए वीभत्स हमले में खुद को दोषी नहीं ठहराने का अनुरोध किया था. हमले के दौरान पांच सशस्त्र आतंकवादियों ने ढाका स्थित हॉले आर्टिसान कैफे को 12 घंटे तक अपने कब्जे में ले लिया था और वहां स्थित दर्जनों लोगों को बंधक बनाने के साथ नौ इतालवी और सात जापानियों समेत 22 लोगों की हत्या कर दी थी.
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट(आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी, हालांकि बांग्लादेश सरकार ने कहा था कि हमले के पीछे जिहादी समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश(जेएमबी) का हाथ है.
अदालत ने 27 अक्टूबर को मामले में 113 गवाहों के बयान को दर्ज करने का काम पूरा कर लिया था.

जांच अधिकारी हुमायूं कबीर ने कहा, "मामले में 21 संदिग्धों में से 13 को विभिन्न समय, विभिन्न छापों में मार गिराया गया है और बचे आठ आरोपी जेल में बंद हैं."
मामले में शामिल मारे गए 13 आतंकवादियों में वे आतंकवादी भी शामिल हैं, जिन्हें घटना के दौरान बंधकों को छुड़ाने के प्रयास में मार गिराया गया था.

काबुल में सैनिक ट्रेनिंग सेंटर के बाहर आत्मघाती हमला, 4 जवान घायल
18 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान का पीडी9 काबुल शहर आज एक के बाद एक दो धमाकों से दहल उठा. न्यूज एजेंसी पजवोक अफगान न्यूज के मुताबिक, काबुल-जलालाबाद रोड पर काबुल सैन्य प्रशिक्षण केंद्र (KTMC) के पास हुए धमाकों में चार जवान घायल हो गए. इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है. घटना के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए हैं. इसको लेकर अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.


हांगकांग में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लड़ाई जारी, सभी स्कूल फिर बंद
18 November 2019
हांगकांग: हांगकांग के एजुकेशन ब्यूरो ने रविवार को पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को सभी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की है. साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में परिवहन अव्यवस्था के कारण 14 और 15 नवंबर को स्कूलों को आधिकारिक तौर पर बंद रखा गया था. हालांकि कई लोगों ने बीते सप्ताह की शुरुआत में ही बंद करने का विकल्प चुना था.वहीं, लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ब्यूरो ने किंडरगार्डेन, प्राईमरी स्कूलों और सेकेंडरी स्कूलों और विशेष स्कूलों को एक और दिन बंद रखने का निर्णय लिया. ब्यूरो ने रविवार को एक बयान में हालांकि कहा कि स्कूलों को फिर से कक्षा शुरू करने की तैयारी करनी चाहिए, लेकिन छात्र घर पर ही रहें और किसी भी अवैध गतिविधियों में भाग न लें.ब्यूरो ने कहा, "सड़कों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार के बावजूद अभी भी अनियमितताएं हैं." यह घोषणा रविवार की सुबह हांगकांग के प्रदर्शनकारियों द्वारा लोगों और चीन के पीपुल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर पत्थर फेंके जाने पर आंसूगैस के गोले दागे जाने के बाद की गई.
नवाज शरीफ को इलाज के लिए विदेश जाने की मिली इजाजत, सरकार कोर्ट में ऑर्डर के ख़िलाफ ड्राफ्ट सौंपेगी
16 November 2019
लाहौर: लाहौर हाईकोर्ट (Lahore High Court) ने आज (शनिवार) पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) को पाकिस्तान से बाहर विदेश में जाकर इलाज करवाने की इजाज़त दे दी. आपको बता दें कि नवाज शरीफ को 26 अक्टूबर के दिन दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था, जिसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. नवाज शरीफ विदेश जाकर अपना इलाज करवाना चाहते हैं लेकिन नवाज का नाम 'मनी लॉन्ड्रिंग केस' में फंसे होने की वजह से 'नो फ्लाई लिस्ट' (No Fly List) में है और इसी वजह से वो पाकिस्तान के बाहर नहीं जा सकते थे.
नवाज पिछले एक साल से लाहौर जेल में बंद हैं, वो एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में 7 साल की सजा काट रहे हैं.
लाहौर हाईकोर्ट ने नवाज शरीफ और उनके भाई शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) का विदेश जाने का प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया और पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) को ऑर्डर दिया कि वो नवाज शरीफ को इलाज के लिए विदेश जाने से ना रोकें. लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान सरकार ने नवाज को इलाज के लिए विदेश जाने देने के ऑर्डर का विरोध करने का फ़ैसला किया है और वो कोर्ट में ऑर्डर के ख़िलाफ ड्राफ्ट सौंपेगी.
आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान सरकार की कैबिनेट ने नवाज शरीफ को ऑफर दिया था कि अगर वो अपने इलाज के लिए युनाइटेड किंगडम (United Kingdom) जाना चाहते हैं तो उन्हें अपनी जमानत के तौर पर 700 करोड़ रूपए जमा करवाने होंगे. नवाज शरीफ ने पाकिस्तान सरकार के इस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था.

मतदाताओं को ले जा रही 2 बसों पर बंदूकधारियों ने की गोलीबारी
16 November 2019
कोलंबो:अज्ञात बंदूकधारियों के एक समूह ने शनिवार को श्रीलंका के मन्नार जिले में मतदाताओं (voters) को ले जा रही दो बसों पर अंधाधुध गोलीबारी की. बता दें देशभर में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं. पुलिस के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, "समूह ने पहली बस पर पत्थर फेंके, जिससे बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और फिर उन लोगों ने पीछे से दूसरी बस पर अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी." उन्होंने कहा कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है लेकिन बसों को नुकसान पहुंचा है.
प्रवक्ता ने कहा कि पुलिसकर्मियों के घटना स्थल पर पहुंचने से पहले बंधूकधारियों का समूह भागने में सफल रहा और बताया कि मतदाताओं को सुरक्षित रूप से उनके मतदान केंद्रों तक पहुंचा दिया गया. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस फिलहाल घटना की जांच कर रही है.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी
श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए शनिवार को देशभर में मतदान हो रहा है, जिसमें मुख्य रूप से सत्तारूढ़ न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा और श्रीलंका पोडुजना पेरमुना (एसएलपीपी)के गोतबाया राजपक्षे के बीच मुकाबला है। 12,845 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे समाप्त होगा।
लगभग 1.6 करोड़ श्रीलंकाई अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इस बार रिकॉर्ड 35 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
राजपक्षे और प्रेमदासा के अलावा, अन्य महत्वपूर्ण उम्मीदवार मार्क्‍सवादी जनत विमुक्ति पेरमुना (जेवीपी) या पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के अनुरा कुमारा डिसेनायका और नेशनल पीपल्स मूवमेंट (एनपीएम) के महेश सेनानायके हैं, जो सेना में 36 साल सेवा देने के बाद अगस्त 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे।

कुवैत की सरकार का इस्तीफा स्वीकार, अगले साल हो सकते हैं संसदीय चुनाव
15 November 2019
कुवैत सिटी: कुवैती अमीर शेख सबा अल-अहमद अल-जबर अल-सबा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री द्वारा सौंपी गई सरकार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. कुवैत न्यूज एजेंसी (केयूएनए) ने यह जानकारी दी.
केयूएनए ने बताया कि अमीर ने कैबिनेट को आदेश दिया कि जब तक नई सरकार नहीं बनेगी, तब तक वह कार्यवाहक के रूप में काम करे.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कुवैत के प्रधानमंत्री शेख जबर अल-मुबारक अल-हमाद अल-सबाह ने गुरुवार को अपनी सरकार का इस्तीफा अमीर को सौंप दिया.
सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता, तारेक अल-मिजरेम ने विस्तृत ब्यौरा दिए बिना एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस्तीफा सरकारी कार्यों को पुनर्व्यवस्थित करने के लिए सौंपा गया.
कुवैत में लगातार कैबिनेट फेरबदल होता रहा है. नवीनतम कैबिनेट को गठित हुए दो साल से भी कम समय हुआ था.

मात्र 24 घंटे बचे नवाज के लिए! डॉक्टर बोले- जल्द भेजो विदेश; सरकार बोली- पहले 7 अरब रुपए दो
15 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि शरीफ की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें इलाज के लिए अगले 24 घंटे के अंदर ही विदेश ले जाना जरूरी है. उनका कहना है कि अगर इसमें देरी की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री की जान को खतरा हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट में एक तरफ नवाज शरीफ की सेहत को लेकर इस तरह की रिपोर्ट हैं, दूसरी तरफ उनका नाम विदेश जाने के लिए प्रतिबंधित लोगों की सूची एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से निकालने को लेकर पाकिस्तान में जमकर राजनीति हो रही है.
सरकार ने नवाज शरीफ को चार हफ्ते के लिए सशर्त विदेश जाने की अनुमति दी है जिसके खिलाफ नवाज शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग-नवाज ने गुरुवार शाम को लाहौर हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की और इसे कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दिया.
लाहौर हाईकोर्ट ने मुस्लिम लीग-नवाज द्वारा नवाज शरीफ का नाम बिना शर्त ईसीएल से निकालने की याचिका पर सुनवाई की. सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नवाज शरीफ अभी रिहा हैं. अदालत ने उनसे पूछा कि क्या सरकार के पास इसका अधिकार है कि वह ईसीएल से नाम निकालने के लिए शर्त लगाए. अदालत ने पूछा कि क्या नवाज शरीफ इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं. इस पर नवाज के वकील ने कहा कि हां, जाना चाहते हैं, अगर उन्हें इसकी इजाजत दी जाए तो.
अदालत ने संघीय सरकार के वकील को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दी. भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ को अदालतों ने सेहत के आधार पर जमानत दी है.
पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि वह करीब सात अरब रुपये (पाकिस्तानी) बॉन्ड के रूप में जमाकर विदेश जा सकते हैं. इस पर मुस्लिम लीग-नवाज ने कहा कि यह रकम एक तरह से अवैध वसूली है और नवाज इस शर्त को कबूल नहीं करेंगे. उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की बिना शर्त इजाजत मिले.


15 November 2019

भारत से तल्‍ख रिश्‍ते रखना पाकिस्‍तान को पड़ रहा भारी, इस वजह से अब कपड़ा इंडस्‍ट्री पड़ी ठप
13 November 2019
नई दिल्‍ली : जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद भारत (India) से तल्‍ख रिश्‍ते बनाए पाकिस्‍तान (Pakistan) को काफी नुकसान झेलना पड़ा रहा है. खास तौर से कारोबारी लिहाज से, जिसका असर न केवल उसकी इंडस्‍ट्रीज पर पड़ रहा है, बल्कि आम जनता भी इससे बेहद जूझ रही है. दरअसल, भारत से कारोबारी रिश्‍ते खत्‍म कर देने की वजह से पाकिस्‍तान में कपास की भारी कमी हो गई है. नतीजतन उसका कपड़ा इंडस्‍ट्री ठप पड़ गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में कपास (Cotton) उत्पादन में करीब 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. इसकी बड़ी वजह है भारत से व्यापार बंद होने के कारण पाकिस्‍तान के कपड़ा उद्योगों के पास कपास का न पहुंचना.
व्‍यापारिक संबंध खत्‍म होने से पहले पाकिस्‍तान बड़ी तादात में भारत से कपास मंगाता था. सीमावर्ती देश होने के कारण पाकिस्तान को भारत से कपास आयात करने में ट्रांसपोर्टेशन की लागत भी बेहद कम आती थी, लेकिन अब यह बंद है, जिसके चलते वह कपास की कमी से निपटने के लिए दूसरे मुल्‍कों पर निर्भर हो चला है और उसने अमेरिका, स्पेन और ब्राज़ील से कपास का आयात शुरू कर दिया है. यह उसे भारत से कपास आयात करने की तुलना में बहुत महंगा पड़ रहा है.
पाकिस्तान कॉटन जिनर्स एसोसिएशन (पीसीजीए) ने भी हाल ही में कपास के उत्पादन में 26.54 फीसदी की गिरावट की आशंका जताई थी. भारत पाकिस्तान के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद कपास उद्योग को बड़ा झटका लग गया.
इस समय भारतीय कपास का भाव करीब 69 सेंट प्रति पौंड है... जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कपास का भाव 74 सेंट प्रति पौंड है. इस लिहाज से भी पाकिस्तान के लिए भारत से कपास का आयात करना सस्ता पड़ता है.

ब्रिक्स सम्मेलन : ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी, व्यापार-आतंकवाद मुद्दों पर रहेगा फोकस
13 November 2019
नई दिल्ली: ब्राजील में आज (13 नवंबर) से शुरू हो रहे ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे ब्राजील पहुंचे. यहां राजधानी ब्रासीलिया में एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया गया. ब्राजील रवाना होने से पहले मंगलवार को उन्होंने कहा कि वह व्यापक सहयोग के विभिन्न मुद्दे पर चारों देशों के नेताओं के साथ चर्चा करने को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने कहा कि वह ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर.एम. बोल्सनारो के साथ भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के तरीकों पर उनसे चर्चा करेंगे. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं इस वर्ष 13 और 14 नवंबर को ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लूंगा. सम्मेलन का थीम 'नवाचार भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि' है. मैं ब्रिक्स नेताओं के साथ विविध विषयों पर व्यापक सहयोग के संबंध में चर्चा को लेकर आशान्वित हूं." ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का फोकस आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर भी रहेगा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन से इतर, वह ब्रिक्स व्यापार फॉरम को संबोधित करेंगे और इसके साथ ब्रिक्स व्यापार परिषद और न्यू डवलपमेंट बैंक के अधिकारियों से संवाद करेंगे. ब्रिक्स विश्व की पांच उभरती अर्थव्यवस्था के संघ का एक शीर्षक है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.
जिंदगी-मौत से जूझ रहे नवाज; लंदन जाने में इमरान सरकार ने लगाया अड़ंगा, चली नई चाल
13 November 2019
इस्लामाबाद: गंभीर रूप से अस्वस्थ पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मंगलवार को भी इलाज के लिए लंदन रवाना नहीं हो सके. सरकार उनका नाम 'एग्जिट कंट्रोल लिस्ट' (ईसीएल) से निकालने पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. इस मुद्दे पर कैबिनेट की उपसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं किया जा सका है. ईसीएल में उन लोगों का नाम शामिल है जिन पर आपराधिक मामलों के कारण पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ का नाम इस लिस्ट में है.
उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अदालत ने इलाज के लिए उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी हुई है. उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाना चाहते हैं लेकिन ईसीएल संबंधी कानूनी बाध्यता के कारण वे मंगलवार को भी ऐसा नहीं कर सके.इससे पहले शरीफ की रविवार (10 नवंबर) और सोमवार (11 नवंबर) की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और आज (मंगलवार को) भी वह लंदन नहीं रवाना हो सके.
इस्लामाबाद: गंभीर रूप से अस्वस्थ पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मंगलवार को भी इलाज के लिए लंदन रवाना नहीं हो सके. सरकार उनका नाम 'एग्जिट कंट्रोल लिस्ट' (ईसीएल) से निकालने पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. इस मुद्दे पर कैबिनेट की उपसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं किया जा सका है. ईसीएल में उन लोगों का नाम शामिल है जिन पर आपराधिक मामलों के कारण पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ का नाम इस लिस्ट में है.
उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अदालत ने इलाज के लिए उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी हुई है. उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाना चाहते हैं लेकिन ईसीएल संबंधी कानूनी बाध्यता के कारण वे मंगलवार को भी ऐसा नहीं कर सके.इससे पहले शरीफ की रविवार (10 नवंबर) और सोमवार (11 नवंबर) की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और आज (मंगलवार को) भी वह लंदन नहीं रवाना हो सके.

बांग्लादेश में 2 यात्री ट्रेनों के बीच भीषण टक्कर, 15 लोगों की मौत
12 November 2019
ढाका : बांग्लादेश (Bangladesh) के ब्राह्मणबाड़िया जिले में मंगलवार को दो यात्री ट्रेनों के बीच आमने-सामने की टक्कर के बाद कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. अखौरा रेलवे पुलिस के प्रमुख श्यामल कांति दास के हवाले से बीडीन्यूज 24 ने बताया कि सिलहट से चटगांव जाने वाली उदयन एक्सप्रेस की मंगलवार तड़के 2.15 बजे चटगांव से ढाका जाने वाली टुर्ना निशिता से मोंडोभाग रेलवे स्टेशन पर टक्कर हो गई.
उपायुक्त हयात-उद-दौला खान के अनुसार, नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य की विभिन्न अस्पतालों में मौत हुई. इस दुर्घटना के बाद चटगांव और सिलहट के साथ ढाका का रेल लिंक प्रभावित हुआ.
जिले के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अनीसुर रहमान ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि 28 घायलों में से कई की हालत गंभीर है. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जारी है. हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.

अफगानिस्तान: विपक्षी विरोध के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती फिर शुरू
11 November 2019
काबुल : अफगानिस्तान (Afghanistan) के स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) ने 28 सितंबर हुए राष्ट्रपति चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती करनी फिर से शुरू कर दी है. प्रमुख चुनाव प्रचार टीमों के विरोध के बावजूद वोटों की गिनती शुरू की गई है, जिन्होंने धोखाधड़ी वाले वोटों को छांटने की मांग की है. सोमवार को यह जानकारी दी गई. टोलो न्यूज ने आईईसी सचिवालय के प्रमुख हबीब-उर-रहमान नांग के हवाले से बताया कि कुल 26,000 में से 8,494 मतदान केंद्रों के मतों की गणना फिर की जाएगी.
धोखाधड़ी और तकनीकी समस्या संबंधी मुद्दों की रिपोर्ट के साथ पिछले कुछ हफ्तों में आयोग पर दबाव बढ़ गया है. 15 उम्मीदवारों के साथ, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान, राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला सहित प्रमुख उम्मीदवारों की टीम द्वारा आरोपों और बाधाओं के कारण मतगणना बाधित हुई है.
इस बीच, अब्दुल्ला ने रविवार को काबुल (Kabul) में अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए वोटिंग की प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया. अब्दुल्ला ने कहा, "पिछले पैंतालीस दिनों में, 2,400 बैलेट बॉक्स उन लोगों के नियंत्रण में थे, जिन्होंने चुपके से धोखाधड़ी की साजिश रची है और बॉक्स में कुछ भी मिल सकता है." टोलो न्यूज के अनुसार, चुनावी कानून के अनुच्छेद 19 के अनुसार, मतभेद की स्थिति में केवल बायोमेट्रिक पंजीकृत वोटों की ही फिर से गणना की जानी चाहिए.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फरमर्ज तमन्ना ने कहा, "नॉन-बायोमेट्रिक वोट, साथ ही चुनाव तिथि पर उपयोग किए गए वोटों की फिर से गिनती होगी. इन वोटों को किसी भी परिस्थिति में नहीं गिना जाना चाहिए." अब्दुल्ला के अलावा, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की परिषद - जिसमें राष्ट्रपति पद के 18 में से 10 उम्मीदवार शामिल हैं- ने भी रविवार को फिर से वोटों की गिनती कराने की प्रक्रिया का बहिष्कार किया.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और परिषद के सदस्य शहाब हकीमी ने कहा, "हमारा रुख पहले की तरह ही है. हम चुनावों का बहिष्कार करना चाहते थे, इसलिए हम नतीजों का भी बहिष्कार करते हैं." राष्ट्रपति चुनाव 28 सितंबर को हुए थे. आईईसी के अनुसार, प्रारंभिक परिणाम गुरुवार को घोषित किए जाएंगे.

पाकिस्तान: नवाज शरीफ को इलाज के लिए भेजा जाएगा लंदन, डॉक्टरों ने पूरी की तैयारी
11 November 2019
लाहौर: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) इलाज के लिए लंदन जाने के लिए एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से नाम हटाए जाने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं डॉक्टर उनके शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम से कम यात्रा के लिए जरूरी स्तर तक लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने रविवार को कहा कि सोमवार को शरीफ की लंदन रवानगी की संभावनाओं को देखते हुए उन्हें बड़ी मात्रा में स्टेरॉएड दिया गया है.
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने उन्हें बार-बार इतनी ज्यादा मात्रा में स्टेरॉएड्स देने के खिलाफ चेतावनी दी है." उन्होंने कहा, "शरीफ की प्लेटलेट्स बढ़ाने के चक्कर में वे और जोखिम नहीं ले सकते." औरंगजेब ने कहा कि शरीफ की प्लेटलेट्स में लगातार होती गिरावट से डॉक्टर चिंतित हैं. उन्होंने कहा, "वे इस बात को लेकर आशंकित हैं कि उनका इलाज कैसे किया जाए. उन्हें उनके स्वास्थ्य में और गिरावट होने की चिंता है."
मरियम ने कहा कि शरीफ की तबियत आगे भी बिगड़ती है, तो उन्हें विदेश ले जाना लगभग असंभव हो जाएगा. इस्लामाबाद (Islamabad) हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह शरीफ को अल-अजीजिया मिल घोटाले में मिली सात साल की सजा उनके स्वास्थ्य के आधार पर निलंबित कर उन्हें आठ सप्ताह की जमानत दी थी. इससे पहले उन्हें इसी आधार पर लाहौर हाईकोर्ट से भी चौधरी चीनी मिल मामले में जमानत मिल गई थी.
इस बीच विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को कहा कि डॉक्टरों द्वारा शरीफ का जीवन बचाने के लिए विदेश में इलाज कराने पर जोर देने के बाद उन्हें विदेश भेजने के बीच आने वाली सारी कानूनी अड़चनें हटाई जा रही हैं. डॉन न्यूज के अनुसार, सरकार ने शनिवार को शरीफ का नाम नो-फ्लाई सूची से हटाने में देरी की, जिसके बाद उन्हें रविवार को इलाज के लिए लंदन जाने की योजना रद्द करनी पड़ी.

रूसी प्रोफेसर के बैकपैक में मिला प्रेमिका का हाथ
11 November 2019
मॉस्को: रूस में इतिहास के एक प्रख्यात प्रोफेसर के बैकपैक से उनकी प्रेमिका पूर्व छात्रा का हाथ मिला है. प्रोफेसर ने उसकी हत्या की बात कबूल कर ली है. रूस के बंदरगाह शहर सेंट पीटर्सबर्ग नदी में उन्हें एक बैकपैक के साथ पाया गया, जिसमें उनकी पूर्व छात्रा का हाथ मिला है. सेंट पीटर्सबर्ग पुलिस ने प्रोफेसर ओलेग सोकोलोव (63) को अपनी पूर्व छात्रा अनसतासिया येसचेंको (24) की हत्या मामले में हिरासत में ले लिया है.
मास्कोटाइम्स डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने उसके बाद प्रोफेसर के घर की तलाशी ली, जहां छात्रा का सिर कटा शव मिला. सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी में अनसतासिया प्रोफेसर की छात्रा थी और बाद में दोनों ने मिलकर कई किताबें भी लिखी.
लोकल मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि प्रोफेसर जब छात्रा के अंग नदी में फेंकने गया था, उस समय वह शराब के नशे में था और नदी में जा गिरा था. बताया जाता है कि छात्रा के अंगों को ठिकाने लगाने के बाद प्रोफेसर की आत्महत्या करने की योजना थी.
अनसतासिया प्रोफेसर के साथ रिश्ते में थी, और कथित तौर पर दोनों के बीच हुई एक बहस के दौरान दुर्घटनावश प्रोफेसर ने उसकी हत्या कर दी.
प्रोफेसर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और तनाव में है.
प्रोफेसर और अनसतासिया दोनों ने फ्रेंच इतिहास का अध्ययन किया था और वे पारंपरिक परिधान पहनने के शौकीन थे. प्रोफेसर अक्सर नेपोलियन बोनापार्ट जैसी ड्रेस पहनते थे.

ईरान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 5 की मौत; 120 से ज्यादा घायल
8 November 2019
तेहरान: ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में रिक्टर पैमाने पर 5.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने के बाद शुक्रवार को कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 120 से अधिक घायल हो गए.
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रांतीय राजधानी तबरेज से लगभग 120 किलोमीटर दूर भूकंप की गहराई 8 किलोमीटर रही और इसने पास के टार्क शहर को प्रभावित किया.
दहशत के कारण कई लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (ईएमएससी) के अनुसार, लगभग 2 करोड़ लोगों ने ईरान और संभवत: पड़ोसी तुर्की में भूकंप के झटके को महसूस किया.
प्रेस टीवी ने पूर्वी अजरबैजान के संकट प्रबंधन केंद्र के प्रमुख मोहम्मद बाकर होनर के हवाले से कहा कि कम से कम आठ बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए.
प्रारंभिक रिपोटरें में मियानेह शहर के कम से कम तीन गांवों में घरों और इमारतों को बड़ा नुकसान होने की पुष्टि हुई है.

चीन : 10 देश खोलेंगे राष्ट्रीय फ्लैगशिप स्टोर, ई-कॉमर्स अंतरराष्ट्रीय सहयोग को देंगे बढ़ावा
8 November 2019
बीजिंग : चीन (China) अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो में चीन सरकार ई-कॉमर्स (E-Commerce) अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगी. एक्सपो के दूसरे दिन कई विदेशी वित्त पोषित उद्यमों ने अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए. अमेरिकी (America) कंपनी जॉनसन समूह उनमें से एक है. जॉनसन चीनी शाखा के अध्यक्ष डेंग शू ने कहा, "हम अलीबाबा ग्रुप के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लाजादा के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया के साथ अधिक आयात-निर्यात करने को तैयार हैं, ताकि एक स्थायी और स्थायी रणनीतिक साझेदारी बन सके."
इसके साथ ही न्यूजीलैंड (Newzealand), चिली, सिंगापुर (Singapore), मलेशिया (Malaysia), फिलीपींस, रूस, पेरू, और अर्जेटीना सहित 10 देशों ने भी घोषणा की कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप स्टोर खोलने के लिए अलीबाबा (Alibaba) के टीमॉल के साथ सहयोग करेंगे. चीनी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की पहली तीन तिमाहियों में, चीन के ऑनलाइन खुदरा बाजार में स्थिर और तेजी से विकास हुआ. राष्ट्रीय ऑनलाइन खुदरा बिक्री मात्रा 73.2 खरब युआन तक पहुंची, जो पिछले साल की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक है.

बिना पासपोर्ट के एक साल तक करतारपुर साहिब आ सकेंगे श्रद्धालु: पाकिस्तान
8 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को साफ किया कि करतारपुर गुरुद्धारे आने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लाने से छूट दी गई है और वे अगले एक साल तक बिना पासपोर्ट करतारपुर यात्रा कर सकेंगे. मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान ने बाबा गुरु नानक के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए सद्भावना के तहत यह फैसला किया है.
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि इस साल 12 नवंबर को मनाए जाने वाले बाबा गुरु नानक के प्रकाशोत्सव के अवसर पर करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की बाध्यता नहीं होगी. लेकिन, इसके बाद सेना के प्रवक्ता ने यह बयान दिया कि करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ पासपोर्ट लाना होगा.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इस साल करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के अवसर पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट साथ लाने की बाध्यता नहीं होगी, साथ ही यात्रियों को पूरे एक साल तक इससे छूट दी जाएगी.
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा के प्रमुख मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित करतारपुर गुरुद्वारे आने वाले भारतीय यात्रियों के पास पासपोर्ट होना अनिवार्य होगा. उन्होंने कहा था कि सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है. सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता.
गफूर के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर फैसल ने कहा, "यह (करतारपुर यात्रियों के लिए पासपोर्ट एक साल तक अनिवार्य नहीं होना) विदेश मंत्रालय की आधिकारिक अवस्थिति है. आईएसपीआर का बयान भी इससे अलग नहीं है."
प्रवक्ता ने कहा कि करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के बाद नौ और दस नवंबर को श्रद्धालुओं से बीस डॉलर का सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सद्भावना के कदमों के तहत दस दिन पहले यात्रा के लिए सूचित किए जाने की जरूरत को भी समाप्त किया गया है.
उन्होंने कहा कि भारतीय राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर की यात्रा के लिए पाकिस्तान ने वीजा जारी कर दिया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की इच्छुक है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सदियों से प्राचीन सभ्यताओं का केंद्र रहा है. देश में मौजूद हिंदू और बौद्ध स्थलों को विकसित करने पर अब जोर दिया जाएगा.
उन्होंने इस बात को गलत बताया कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के जरिए खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा, "हमारी नीति में ऐसी कोई नकारात्मकता नहीं है."
उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारा परियोजना पूरी तरह से प्रधानमंत्री इमरान खान की पहल है जिसे 'काफी हिचकिचाहट के बाद भारत ने मंजूर किया.'
यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान कारगिल और लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में भी परिवारों को मिलने-जुलने देने के लिए ऐसे ही गलियारे खोलेगा, फैसल ने कहा कि 'पाकिस्तान को इसमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन विचार विमर्श के प्रति भारत की हिचकिचाहट एक बड़ी बाधा है.'

आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी को फिर झटका, लंदन में 5वीं बार जमानत याचिका खारिज
6 November 2019
नई दिल्ली. लंदन की अदालत ने आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी (Nirav Modi) की जमानत याचिका खारिज कर दी है. लंदन की कोर्ट (London's Court) ने पांचवी बार नीरव मोदी की याचिका खारिज की है. नीरव मोदी 14,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले (PNB Scam) का मुख्य आरोपी है. नीरव मोदी लगभग दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है.
अनुमान है कि नीरव मोदी को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट (Westminster Magistrates) की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. उसके खिलाफ अगले साल मई में मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी और वह तब तक जमानत पाने की कोशिश कर रहा है.
इस जेल में बंद है आरोपी
वह इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में मार्च से बंद है. ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जमानत याचिका पर बुधवार छह नवंबर को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई होगी. सुनवाई से पहले याचिका के आधार को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है.’’ सीपीएस प्रत्यर्पण मामले में भारत सरकार का पक्ष अदालत में रख रही है.

हांगकांग में बीजिंग समर्थक सांसद पर चाकू से हमला, फूल लेकर पहुंचा था हमलावर
6 November 2019
हांगकांग. हांगकांग (Hong Kong) में बीजिंग समर्थक एक नेता पर बुधवार को चाकू (Knife) से हमला हुआ. हमला तब हुआ जब सांसद जूनिस हो हांगकांग के बाहरी क्षेत्र में चीन की सीमा से लगते अपने निर्वाचन क्षेत्र तेन मून में चुनाव प्रचार कर रहे थे. हमलावर उनके पास बुके (Bouquet) लेकर आया था.
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में हमलावर व्यक्ति नेता से एक तस्वीर (Photo) खिंचवाने का अनुरोध करता दिख रहा है और तुरंत ही वह अपने बैग से चाकू (Knife) निकाल कर नेता पर हमला कर देता है. लोकतंत्र समर्थकों के बीच जूनिस बेहद अलोकप्रिय हैं.
पुलिस ने कहा कि हमले में तीन लोग घायल हुए हैं. हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
राष्ट्रपति शी चिनफिंग को दिया समर्थन
इस बीच हांगकांग की नेता कैरी लैम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक मुलाकात के दौरान समर्थन दिया है. इससे पहले रविवार को एक व्यक्ति ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर चाकू से हमला किया था.
लोकतंत्र के नेता का चबा लिया था कान
हमलावर ने लोकतंत्र के नेता एंड्रयू चियू का कान चबा लिया था. दरअसल हमलावर लोगों पर हमला करने के बाद भागने की फिराक में था और चियू ने उसे पकड़ने की कोशिश की थी. घटना के बाद लोगों ने उसके साथ मारपीट की और पुलिस के हवाले कर दिया. हमले में पांच लोग घायल हो गए थे, जिनमें

कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाने पर मैकडॉनल्ड्स ने सीईओ ईस्टरब्रुक को निकाला
5 November 2019
न्यूयॉर्क। मैकडॉनल्ड्स ने रविवार को कहा कि कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ स्टीव ईस्टरब्रुक को एक कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाने के मामले में निकाला जा रहा है। उनकी जगह मैकडॉनल्ड्स यूएसए के अध्यक्ष क्रिस केम्पजिंस्की को सीईओ नियुक्त किया गया है। उन्हें निदेशक मंडल के लिए भी चुना गया था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ईस्टरब्रुक को कंपनी से अलग कर दिया गया है। कंपनी की नीति का उल्लंघन करने और एक कर्मचारी के साथ हाल में सहमति से संबंध बनाने के खराब फैसले की वजह से बोर्ड के दृढ़ संकल्प के बाद उन्हें कंपनी से अलग कर दिया गया है।
कंपनी पुष्टि करती है कि यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के परिचालन या वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित नहीं है। मैकडॉनल्ड्स के कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में ईस्टरब्रुक ने कहा कि उनका कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से बना संबंध 'एक गलती' था, जिसने कंपनी की नीति का उल्लंघन किया था। कंपनी के मूल्यों को देखते हुए, मैं बोर्ड से सहमत हूं कि यह मेरे लिए पद छोड़ने का समय है।
कंपनी ने कहा कि प्रेसिडेंट ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेटेड मार्केट्स जो एर्लिंगर मैकडॉनल्ड्स यूएसए के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। अपनी सबसे हालिया कमाई की रिपोर्ट में 22 अक्टूबर को मैकडॉनल्ड्स ने कहा कि तीसरी तिमाही में मुनाफे में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी के राजस्व 1.1 प्रतिशत पर पहुंचकर 5.4 अरब डॉलर हो गया है। बताते चलें कि मैकजॉनल्ड्स के 100 से अधिक देशों में 38,000 रेस्तरां हैं।
फास्ट फूड की दिग्गज कंपनी ने वैश्विक तुलनीय बिक्री में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में जबरदस्त वृद्धि शामिल है। मगर, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च बढ़ने से कंपनी का मुनाफा कम हो रहा है। हाल के वर्षों में मैकडॉनल्ड्स ने होम डिलीवरी और मोबाइल पे में पहल करने के लिए भारी निवेश किया है।

चीन ने लॉन्च किया निगरानी सैटेलाइट गाओफेन-7, कहा असैन्य क्षेत्र में होगा इस्तेमाल
5 November 2019
ताइयुआन। अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाते हुए चीन ने हाई रेजोल्यूशन वाला एक सैटेलाइट लांच किया है। चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से रविवार को निगरानी सैटेलाइट गाओफेन-7 को लांच किया है। बताया जा रहा है कि यह धरती के किसी भी हिस्से की निगरानी करने में सक्षम है। हालांकि, चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) का कहना है कि गाओफेन-7 का इस्तेमाल असैन्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, लॉन्ग मार्च -4 बी रॉकेट से भेजे गए गाओफेन-7 को अपने श्रेणी में सबसे उन्नत किस्म का सैटेलाइट है। ऑप्टिकल फाइबर से लैस यह उपग्रह दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद चीजों की सटीक तस्वीर लेने में सक्षम है।
चीन का कहना है कि इस सैटेलाइट का इस्तेमाल भूमि सर्वेक्षण व मैपिंग और सांख्यिकीय जांच जैसे कार्यों में किया जाएगा। उपग्रह गाओफेन-7 के साथ तीन अन्य सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में भेजे गए। इन उपग्रहों को भी वैज्ञानिक प्रयोग के उद्देश्य से भेजा गया है। सैटेलाइट और कैरियर रॉकेट को चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन के तहत चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (CAST) और शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने विकसित किया था।
बताया जा रहा है कि उपग्रह के उपयोगकर्ता मुख्य रूप से प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, आवास मंत्रालय और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय व राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो होंगे। सीएनएसए के अनुसार, हाई-रेजोल्यूशन के ऑप्टिकल 3डी अवलोकन डेटा और हाई परसेशन लेजर अल्टीमेट्री डेटा प्राप्त कर सकता है और चीन में नागरिक उपयोग के लिए 1:10,000 पैमाने के उपग्रह 3डी मैपिंग कर सकता है।

हांग कांग में मॉल में घुसे प्रदर्शनकारी, नेता का कान चाकू से काटा और कई लोग हुए घायल
5 November 2019
हांग कांग। सरकार के विरोध में हांग कांग में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते 22 हफ्तों से प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। मगर, शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब दिनों-दिन ज्यादा हिंसक होता जा रहा है। रविवार को एक मॉल में घुसे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें चाकू लिए एक एक शख्स ने कई लोगों को घायल कर दिया और एक स्थानीय नेता का कान चाकू से काट दिया।
ताइकु शिंग के पूर्वी उपनगर सिटीप्लाजा में एक मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस के साथ आमने-सामने आ गए और उनके बीच संघर्ष हो गया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने मॉल में शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी करने के बाद एक रेस्तरां में तोड़फोड़ की थी। सफेद टी-शर्ट में पहने एक व्यक्ति के बारे में माना जा रहा है कि उसने मॉल में चाकू बाजी की थी।
उसके साथ ही मॉल में मौजूद कई लोग घायल हो गए, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने लाठी से पीटा था। एक अन्य व्यक्ति मॉल के बाहर फुटपाथ पर खून से लथपथ पड़ा था। डेमोक्रेटिक डिस्ट्रिक्ट काउंसलर एंड्रयू चिउ भी इस हमले में घायल हो गए थे और उनके कान से खून टपक रहा था। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जेम्स ने संवाददाताओं को बताया कि चाकू बाज ने चिउ के कान का हिस्सा काट दिया और अन्य लोगों पर भी चाकू से वार किए थे।
उन्होंने कहा कि अन्य घायल चिउ की तुलना में अधिक गंभीर रूप से घायल हुए थे। मॉल के बाहर जमीन पर एक चाकू पड़ा हुआ था। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो नारेबाजी कर रहे थे और पुलिस की क्रूरता का जिक्र करने के लिए 'ब्लैक पुलिस' चिल्ला रहे थे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ताइकू शिंग में ईस्ट होटल के बाहर आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने पत्रकारों पर मिर्ची स्प्रे का भी इस्तेमाल उस वक्त किया, जब वे पुलिस के काफी करीब थे। इसके साथ ही एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया।

फ्रांस में अवैध तरीके से घुसने की फिराक में थे 31 पाकिस्तानी, हुई गिरफ्तारी
4 November 2019
नाइस (फ्रांस) : दक्षिणी फ्रांस (France) में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 31 पाकिस्तानी प्रवासियों को एक लॉरी में छिपे हुए पाया गया. अभियोजन पक्ष ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. डॉन न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी (Pakistan) वाहन चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है.
ब्रिटेन (Britain) में पिछले महीने 39 लोगों के एक रेफ्रीजरेटर ट्रक में मृत पाए जाने के बाद से खोजी अभियान चलाया जा रहा है. प्रवासी अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश करने के लिए जोखिम उठाते रहते हैं. फ्रेंच वकील ने कहा कि 31 पाकिस्तानी प्रवासियों का यह समूह पुलिस के हाथ उस वक्त लगा, जब शुक्रवार को इटली (Italy) की सीमा के पास मोटरवे में रूटीन तलाशी चल रही थी.
आव्रजन प्रक्रियाओं के अनुसार, तीन किशोरों सहित सभी प्रवासियों को इटली के अधिकारियों को सौंप दिया गया है. दक्षिण पूर्वी शहर नाइस में स्थित वकीलों के कार्यालय की ओर से कहा गया, "जैसा कि हम हमेशा इस प्रकार के मामले में करते आ रहे हैं, हम इस गिरोह का पता लगाने और इसे पकड़वाने की कोशिश करेंगे."

भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य चिकित्सा, शिक्षा संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर
4 November 2019
ताशकंद : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिन की ताशकंद की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य चिकित्सा और सैन्य शिक्षा से संबंधित तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. अधिकारियों ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. उज्बेकिस्तान में अपने समकक्ष मेजर जनरल बखोदिर निजामोविच कुर्बानोव के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक द्विपक्षीय बैठक की. जिसके बाद दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए.
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य चिकित्सा को लेकर सहयोग करने के बारे में सहमति बनी. दोनों देशों के उच्च सैन्य शिक्षण संस्थानों के बीच प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को लेकर भी हस्ताक्षर हुए."
किसी भारतीय रक्षामंत्री की 15 साल बाद इस मध्य एशियाई देश की पहली यात्रा है. भारत के सिकंदराबाद स्थित कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और ताशकंद के आर्म फोर्स अकादमी के बीच एक वीडियो-लिंक पर पहली बार आदान-प्रदान करने को लेकर सहमति बनी हैं, जिसके गवाह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उनके उज्बेकिस्तान समकक्ष बखोदिर बने हैं.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुआ भारत
4 November 2019
बैंकाक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) व इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो (Joko Widodo) ने रविवार को साथ मिलकर शांति, सुरक्षा व समृद्धि के लिए काम करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग के अपने साझा विजन को हासिल करने की प्रतिबद्धता जाहिर की. भारत (India) के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद व चरमपंथ के खतरे पर चर्चा की और द्विपक्षीय तौर पर काम करने और इस संकट से वैश्विक रूप से निपटने पर सहमति जताई.
मोदी ने विडोडो को इंडोनेशिया (Indonesia) के राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी और भारत की इंडोनेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, संपर्क, व्यापार व निवेश के क्षेत्र में काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने पर चर्चा की और मोदी ने फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोटिव व कृषि उत्पादों सहित भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार की जरूरत पर बल दिया.

KGB के सार्वजनिक किए दस्तावेजों से हुआ खुलासा- कर्तव्य निष्ठ और अनुशासित जासूस थे पुतिन
1 November 2019
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति बनने से पहले पुतिन देश की खुफिया एजेंसी केजीबी के लिए काम करते थे। अब सार्वजनिक किए गए केजीबी के दस्तावेजों के अनुसार, अब 67 साल के हो चके पुतिन अपने करियर की शुरूआत में कर्तव्य निष्ठ और अनुशासित जासूस थे। हालांकि, सोवियत संघ के जासूस के रूप में उन्होंने क्या काम किए थे, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं पता है। मगर, दस्तावेजों में कहा गया है कि कॉमरेड पुतिन ने लगातार अपने वैचारिक, राजनीतिक और पेशेवर स्तर को बढ़ाया है।
सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों के अनुसार, युवा पुतिन को अपने अच्छी तरह से व्यवस्थित कार्य और नतीजों के लिए केजीबी के अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बधाई भी मिली थी। साल 2016 में पुतिन ने खुलासा किया था कि वह भावनात्मक कारणों की वजह से अपना यूएसएसआर कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यता कार्ड को अपने पास रखते हैं। वह करीब दो दशकों से राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में बने हुए हैं।
पुतिन की तारीफ में ये बातें केजीबी में उनके सीनियर अधिकारियों ने लिखी थीं। उस वक्त पुतिन की उम्र महज 20 साल थी। यह जानकारी रूसी मीडिया को जारी एक दस्तावेज में दी गई है। बताते चलें कि पुतिन ने 1970 के दशक के मध्य से गुप्त सेवा के लिए काम करना शुरू किया था और 1985 में 1990 तक पूर्वी जर्मनी के ड्रेसडेन में वह तैनात थे। उस समय सोवियत सत्ता चरमरा रही थी। उनके कई पूर्व सहयोगी वर्तमान में रूसी सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं।
क्रेमलिन में पुतिन ने अपने चारों तरफ गुप्तचर सेवा केजीबी के पूर्व कर्मचारियों के अलावा अपने उत्तराधिकारी एफएसबी के अधिकारियों को भी तैनात कर रखा है, जो वर्तमान में एक शक्तिशाली एजेंसी बनी हुई है।

20 मिनट तक ट्रैक पर दौड़ती रही पाकिस्तान की बर्निंग ट्रेन
1 November 2019
मुल्तान। पाकिस्तान में कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में लगी आग के बारे में दिल दहला देने वाली जानकारी सामने आई है। हादसे में जिंदा बचे एक पीड़ित ने बताया कि आग लगने के 20 मिनट बाद तक ट्रेन टैक पर दौड़ती रही, जिससे आग तेजी से फैल गई। जान बचाने के लिए दर्जनों लोग चलती ट्रेन से नीचे कूद गए थे, जिससे वे जलने से तो बच गए, लेकिन गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई थी। हादसे में कुल मिलाकर 74 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 35 यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
ट्रेन के ब्रेक की स्थिति के बारे में यह चौंकाने वाली बात उस वक्त सामने आई है, जब ट्रेन के कंडक्टर ने कहा कि आग को देखते ही ब्रेक लगा दिए गए थे और महज तीन मिनट में ट्रेन रुक गई थी। कंडक्टर सादिउ अहमद खान ने कहा कि ट्रेन के आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम सही तरह से काम कर रहे थे। आग लगने के पहले संकेत मिलते ही ब्रेक लगा दिए गए थे और महज तीन मिनट में ही ट्रेन रुक गई थी। एक चालक के रूप में यह मेरे जीवन की सबसे बुरी त्रासदी है।
जांचकर्ताओं ने कहा कि वे आग लगने के समय ब्रेक की स्थिति का पता करने के लिए ट्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली को जांचेंगे। हादसे में जिंदा बचे लोगों ने कंडक्टर को सूचित करने के लिए ट्रेन की चेन को भी खींचा था, लेकिन उसके बावजूद भी ट्रेन की रफ्तार कम नहीं हुई। पड़ोसी सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर से पत्नी और दो बच्चों के साथ ट्रेन में सवार हुए गुलाम अब्बास ने भी अन्य यात्रियों की इस बात की पुष्टि की थी कि ट्रेन के रुकने में लगभग 20 मिनट लग गए। अब्बास ने बताया कि वह घबराए हुए यात्रियों को तेज रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन से कूदते हुए देख रहा था।
हमें बाद में पता चला कि ट्रेन से कूदने वाले अधिकांश लोगों की मौत हो गई थी। अब्बास की पत्नी सुलाई खान बीबी ने कहा कि वह डर रही थीं कि उनके बच्चों का क्या होगा। हम मौत के बेहद करीब थे, लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया। बताते चलें कि कराची से रावलपिंडी जा रही ट्रेन में राजधानी से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर गुरुवार को भीषण आग लग गई थी। हादसे के समय ट्रेन में करीब 857 यात्री सवार थे। मृतकों में अधिकांश इस्लामिक संगठन तबलीकी-ए-जमात के लोग शामिल थे। माना जा रहा है कि आग उनके ही डिब्बे में लगी थी।
बताया जा रहा है कि जमात के लोग गैस सिलेंडर से उसमें अंडे उबाल रहे थे और इस दौरान धमाका होने के बाद ट्रेन में आग लग गई थी। देखते ही देखते इस आग ने इकोनॉमी क्लास के दो और बिजनेस क्लास के एक डिब्बे को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसा पंजाब प्रांत के रहीम यार खान कस्बे के पास हुआ था।

ट्रंप बोले- न्यूयॉर्क में मेरे साथ हुआ बुरा व्यवहार, अब फ्लोरिडा में रहूंगा
1 November 2019
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वह अपने स्थायी निवास को न्यूयॉर्क से फ्लोरिडा के पाम बीच में स्थानांतरित कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया हा कि उनके पैतृक शहर में उनके साथ "बहुत बुरा व्यवहार" किया गया है। ट्रंप ने ट्वीट किया- मेरा परिवार और मैं फ्लोरिडा के पाम बीच को अपना स्थायी निवास बना रहे हैं। मैं न्यूयॉर्क और न्यूयॉर्क के लोगों से प्यार करता हूं और हमेशा करता रहूंगा।
मगर, दुर्भाग्य यह है कि हर साल शहर, राज्य और स्थानीय करों में लाखों डॉलर का भुगतान करने के बावजूद शहर और राज्य दोनों के राजनीतिक नेताओं ने मेरे साथ बुरी तरह से व्यवहार किया और कुछ लोगों ने तो बहुत बुरा व्यवहार किया है। द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप न्यूयॉर्कर (मूल रूप से न्यूयॉर्क के रहने वाले) हैं। उनकी पत्नी मेलानिया ने सितंबर में अपने अधिवास (डोमिसाइल) की व्यक्तिगत घोषणा दायर करते हुए मैनहट्टन की जगह पाम बीच को प्राथमिक निवास बताया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि ट्रंप ने अपना प्राथमिक निवास क्यों बदला। मगर, राष्ट्रपति के करीबी एक सूत्र ने बताया कि यह मुख्य रूप से कर बचाने के मकसद से किया जा रहा है। व्हाइट हाउस के अलावा ट्रंप का मुख्य निवास अब उनका मार-ए-लागो रिसॉर्ट होगा। राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप ने यहां सिर्फ 99 दिन ही बिताए हैं, जबकि पूर्व प्राथमिक निवास ट्रंप टॉवर में महज 20 दिन ही बिताए हैं।
ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क की हमेशा मेरे दिल में एक खास जगह होगी। मगर, न्यूयॉर्क ने हमेशा ट्रंप बदले में प्यार नहीं किया है। ट्रंप टॉवर के बाहर प्रदर्शन आम हैं। सबसे हालिया उदाहरण इस महीने की शुरुआत में तब सामने आया था, जब न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के एक संघीय न्यायाधीश ने व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट टैक्स रिटर्न तक पहुंच को रोकने के ट्रंप के आग्रह को खारिज कर दिया था।

अमेरिकी वायुसेना का मानवरहित अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा में 780 दिन चक्कर लगाकर लौटा
30 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी वायुसेना का मानवरहित अंतरिक्ष यान एक्स-37बी पृथ्वी की कक्षा में 780 दिन चक्कर लगाने के बाद रविवार को लौट आया। अमेरिका करीब 10 साल से एक रहस्यमयी अभियान पर काम कर रहा है। इसके तहत भेजा गया यह सबसे लंबा मिशन था। वायुसेना के अनुसार, यह विमान छोटे से अंतरिक्ष यान की तरह दिखता है। इसे कक्षा में प्रयोगों के लिए उपयोग किया जाता है, जिसे परीक्षणों के लिए धरती पर वापस लाया जा सकता है।
स्पेस में चुनौतियां कम करने का इरादा
1. वायुसेना ने इन प्रयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। सिर्फ यह बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरिक्ष में चुनौतियों को कम करना और अंतरिक्ष यान तकनीक को दोबारा इस्तेमाल होने लायक बनाना है।
2. वायुसेना ने कहा- एक्स-37बी मिशन ने वायुसेना अनुसंधान प्रयोगशाला (एएफआरएल) के लिए कई प्रयोग किए। एएफआरएल अंतरिक्ष, वायु और साइबरस्पेस सेक्टरों के लिए वॉरफाइटिंग टेक्नोलॉजी विकसित करता है। इसकी वेबसाइट के अनुसार- यह लेजर हथियार विकसित कर रहा है, जिसे विमान पर लगाया जा सकता है।
3. विमान एक्स-37बी को नए नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही वायुमंडल में विमान के प्रवेश और सुरक्षित लैंडिंग के लिए बनाया गया है। वायुसेना के अनुसार, पिछले मिशनों ने नेविगेशन, थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम, ऑटोनोमस ऑर्बिटल फ्लाइट जैसी तकनीक का परीक्षण किया है।
2020 में छठे एक्स-37बी मिशन की तैयारी शुरू
4. एक्स-37बी स्पेसक्राफ्ट करीब 29 फीट लंबा और 9.5 फीट चौड़ा है। इसके पंख करीब 15 फीट लंबे हैं। इसे स्पेसएक्स फॉल्कन-9 रॉकेट से सितंबर 2017 में लॉन्च किया गया था। वायुसेना ने कहा है कि वह 2020 में छठा एक्स-37बी मिशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

किंग सलमान ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, मोदी के सम्मान में लंच की मेजबानी की
30 October 2019
रियाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रियाद में सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-सऊदी के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। सऊदी किंग ने दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय में वित्तीय मामलों के सचिव टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच तेल और गैस, मैरीटाइम सिक्योरिटी और तकनीक पर बात की। किंग ने मोदी के सम्मान में बैंक्वेट लंच की भी मेजाबनी की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती दर्शाती है।
मोदी ने जॉर्डन के किंग से भी मुलाकात की
इससे पहले मोदी ने रियाद में जॉर्डन के किंग शाह अब्दुल II से व्यापार और निवेश के मुद्दे पर चर्चा की। मोदी ने यूएन के मंच से आतंकवाद के खिलाफ बोलने के लिए किंग शाह अब्दुल की तारीफ की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी इसके बाद सऊदी के 3 मंत्रियों के साथ वार्ता में शामिल हुए। यहां उनकी व्यापार और निवेश के साथ, ऊर्जा, पेट्रोल भंडारण, कौशल विकास और जल मामलों में सहयोग जैसे मामलों पर बात हुई। सऊदी किंग के न्यौते पर मोदी सोमवार रात ही रियाद पहुंचे। मोदी ने यहां फ्यूचर इंवेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम (एफआईआई) के तीसरे सत्र में हिस्सा लिया।
'भारत के लिए सऊदी अरब कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत'
मोदी ने अरब न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “भारत सऊदी अरब से अपनी जरूरत का 18% कच्चा तेल आयात करता है। इस प्रकार, सऊदी भारत के लिए कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। दोनों देश एक करीबी रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं जिसमें तेल और गैस परियोजनाओं में निवेश शामिल है। हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्रोत के रूप में सऊदी अरब की भूमिका को अधिक महत्व देते हैं। हमारा मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए तेल की कीमतों का स्थिर रहना महत्वपूर्ण हैं।”
'भारत पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी पाने को लेकर उत्सुक'
मोदी ने कहा, “सऊदी अरब की अरामको कंपनी भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना में भाग ले रही है। हम भारत के पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी पाने को लेकर उत्सुक हैं। जी-20 देशों में भारत और सऊदी अरब असमानता को कम करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि सऊदी अरब अगले साल जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और भारत 2022 में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर इसकी मेजबानी करेगा। मेरा मानना है कि एशियाई ताकत जैसे भारत और सऊदी अरब अपने पड़ोसी से एक समान सुरक्षा चिंता से पीड़ित है। इस संदर्भ में, मुझे खुशी है कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग विशेषकर आतंकवाद रोधी, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों के क्षेत्र में प्रगतिशील है।”
कई दशक पुराने संबंध और भी मजबूत होंगे: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, “भारत-सऊदी अरब मजबूत द्विपक्षीय प्रतिस्पर्धी हैं। इस दौरे से कई दशक पुराने संबंध और भी मजबूत होंगे।” विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मंगलवार को रियाद में सऊदी के कुछ मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप काउंसिल के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर होंगे। इस साल दिसंबर में दोनों देशों के नौसेना के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास भी होने की उम्मीद है।

ट्रम्प का दावा- बगदादी का उत्तराधिकारी सेना के हमले में मारा गया
30 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अबु बकर अल-बगदादी के उत्तराधिकारी को मार गिराया है। ट्रम्प ने यह दावा बगदादी के मारे जाने के ऐलान के लगभग 48 घंटों बाद किया है। ट्रम्प ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी सेना से घिरने के बाद बगदादी ने खुद को ही उड़ा लिया था। उन्होंने कहा था कि बगदादी कुत्तों और कायरों की तरह मारा गया। बगदादी की मौत के तुरंत बाद ही मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आईएस ने कर्दाश को अपना सरगना घोषित किया।
ट्रम्प ने ट्वीट में लिखा, “अभी पुष्टि हुई की अबु बकर अल-बगदादी का उत्तराधिकारी अमेरिकी सेना के हमले में मारा गया। माना जा रहा था कि वही आईएस का सरगना बनता, लेकिन अब वह मर चुका है।” ट्रम्प ने ट्वीट में आतंकी का नाम नहीं बताया, हालांकि माना जा रहा है कि यह कर्दाश ही है। कर्दाश इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की सेना में अफसर रह चुका था।
बगदादी ने 2014 में खुद को खलीफा घोषित किया था
कर्दाश को बगदादी का बेहद करीबी माना जाता है और दोनों 2003 में अलकायदा से संबंध होने के आरोप में इराक में बसरा स्थित जेल में एक साथ रहे थे। बगदादी को 2014 में एक मस्जिद में देखा गया था। तब भाषण देते हुए उसने खुद को इराक और सीरिया का खलीफा घोषित किया था।

इराक में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 24 की मौत, 2000 घायल
26 October 2019
बगदाद : इराक (Iraq) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जन सेवाओं की कमी के विरोध में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई और 2,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इराकी इंडिपेंडेंट हाई कमीशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (आईएचसीएचआर) द्वारा जारी बयान के अनुसार, आंसू गैस के गोलों से दम घुटने या प्रांतीय सरकारों और राजनीतिक दलों के कार्यालयों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से 24 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.
संसद द्वारा मान्यता प्राप्त आयोग ने कहा कि राजधानी बगदाद में आठ, मायसन प्रांत में छह, धी कार प्रांत में छह और बसरा तथा मुथन्ना प्रांतों में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों को मिलाकर घायलों की संख्या बढ़कर 2,047 हो गई है और राजधानी बगदाद में सबसे ज्यादा घायल हुए हैं.
बयान के अनुसार, "सबसे ज्यादा मौतें गोली लगने, आंसू गैस या रबर की गोली लगने से हुईं." शुक्रवार को शुरुआत में टिगरिस नदी के पूर्व की तरफ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और इराकी सरकार का प्रशासनिक केंद्र ग्रीन जोन जाने के लिए अल-जुम्हौरिया पुल पार करने की कोशिश की.
प्रदर्शनकारियों द्वारा बार-बार पुल पार करने की कोशिश करने के बाद सुरक्षा बलों को पुल को तीन मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार से ब्लॉक कर दिया. इसी महीने बगदाद और अन्य मध्य तथा दक्षिणी प्रांतों में इन्हीं कारणों के कारण हुए प्रदर्शनों में सुरक्षाकर्मियों समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी.

सऊदी अरब ने दोबारा उमरा करने पर लिए जाने वाले शुल्क को किया खत्म
26 October 2019
नई दिल्ली : सऊदी अरब(Saudi Arab) की राजशाही ने इस आशय की रिपोर्ट को गलत बताया है कि उसने वीजा के लिए शुल्क को बढ़ा दिया है. सऊदी अरब ने कहा है कि उसने वीजा प्रणाली को नया रूप दिया है और हज, उमरा के लिए आने वालों व अन्य लोगों में प्रत्येक के लिए तीन सौ सऊदी रियाल (करीब 5600 रुपये) का शुल्क तय किया है.
सऊदी अरब के दूतावास ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया है कि एक अन्य बड़े फैसले में सऊदी कैबिनेट ने दोबारा उमरा करने पर श्रद्धालुओं से लिए जाने वाले शुल्क को खत्म कर दिया है.
बयान में कहा गया है कि अभी तक नियम यह था कि अगर कोई तीन साल के अंदर दोबारा उमरा करने के लिए मक्का व मदीना की धार्मिक यात्रा करता है तो उसे दो हजार सऊदी रियाल (करीब 37700 रुपये) का अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता था. अब इस नियम को रद्द कर दिया गया है.
यह स्पष्टीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की 28-29 अक्टूबर को सऊदी अरब की होने वाली यात्रा से पहले सऊदी अरब द्वारा जारी किया गया है. मोदी की यात्रा के दौरान भारत व सऊदी अरब के बीच कई बड़े ऊर्जा समझौतों को अंतिम रूप दिया जाने वाला है.

बोलीविया की जनता हुई राष्ट्रपति के खिलाफ, पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल
26 October 2019
ला पाज : विवादित परिणामों के बावजूद बोलीविया(Bolivia) के राष्ट्रपति इवो मोरालेस(Evo Morales) को राष्ट्रपति चुनावों में विजेता घोषित किए जाने के बाद पूरे बोलीविया में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. मोरालेस का ये चौथा कार्यकाल होगा, वो बोलीविया के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो इतने लम्बे समय तक लगातार राष्ट्रपति बने रहेंगे. दरअसल बोलीविया के संविदान मुताबिक कोई भी उम्मीदवार सिर्फ 2 ही बार राष्ट्रपति बन सकता है, पर इसके बावजूद भी मोरालेस ने लगातार चौथी बार चुनाव लड़ा. जिसकी वजह से वहां की आधी से ज्यादा जनता खफा है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि मोरालेस ने 47.1 फीसदी वोट हासिल किया और अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कार्लोस मेसा को हराया. मेसा को 36.51 फीसदी वोट मिले. मेसा ने पदासीन राष्ट्रपति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. इलेक्टोरल ट्रिब्यूनल के एक प्रवक्ता ने कहा कि बाकी का 0.01 फीसदी वोट बेनी के क्षेत्र में अमान्य कर दिया गया. ये वोट चुनाव के नतीजे को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे.
मोरालेस, लातिन अमेरिका के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेता हैं, जो 2025 तक सत्ता में रहेंगे. इस बीच मोरालेस के विजेता घोषित किए जाने के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. बुधवार को शुरू हुआ प्रदर्शन जारी है और मेसा ने समर्थकों से अपील की है कि वे अपना प्रदर्शन जारी रखें.

राष्ट्रपति का ऐलान- भारतीयों को हमारे यहां आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं
25 October 2019
साओ पाउलो. भारतीय और चीनी नागरिक अब बिना वीजा के ब्राजील जा सकेंगे। राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार दोनों देशों के पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वीजा खत्म करेगी। हाल ही में ब्राजील ने अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए वीजा खत्म किया था।
ब्राजील में इसी साल चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने बोल्सोनारो ने अपनी नीतियों से स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार विकासशील देशों के लिए वीजा जरूरतों को खत्म करेगी। हालांकि, भारत-चीन के लिए बोल्सोनारो का यह ऐलान उनके बीजिंग दौरे से ठीक पहले आया है।
ब्रिक्स समिट में मोदी से मिलेंगे बोल्सोनारो
इस साल ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) समिट ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में 13-14 नवंबर को आयोजित होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि मोदी और बोल्सोनारो यहां बैठक के दौरान कई मुद्दों पर समझौते करेंगे। इससे पहले दोनों नेता जून में जी-20 समिट के दौरान मिले थे। यहां दोनों के बीच व्यापार और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

नवाज शरीफ की हालत बेहद गंभीर; बेटी को साथ रहने की मंजूरी, विदेश में इलाज पर संशय
25 October 2019
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत बेहद गंभीर है। उनकी सजा के निलंबन के लिए पार्टी पीएमएल-एन ने शुक्रवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। इस पर सुनवाई के दौरान सरकारी अस्पताल के निदेशक ने नवाज का हेल्थ अपडेट दिया। दूसरी तरफ, पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी मरियम को अस्पताल में उनके साथ रहने की मंजूरी मिल गई। गुरुवार को सरकार ने इससे इनकार कर दिया था।
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि शरीफ को इलाज के लिए विदेश ले जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा- हम सभी बातों पर विचार कर रहे हैं। हर तथ्य और पक्ष पर विचार करेंगे। चौधरी शक्कर मिल घोटाले में नवाज को 7 साल की सजा सुनाई गई है।
तत्काल सुनवाई की मांग मंजूर
शुक्रवार को पाकिस्तान में छुट्टी थी, लेकिन नवाज की पार्टी की याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट की बेंच बैठी। पीएमएल-एन ने दो मांगें रखीं। पहली- गंभीर बीमारी के मद्देनजर पूर्व प्रधानमंत्री की सजा निलंबित की जाए। दूसरी- नवाज को इलाज के लिए विदेश ले जाने की मंजूरी मिले। एक अन्य मांग सरकार और स्थानीय अदालत से थी। इसमें कहा गया था कि बेटी मरियम को अस्पताल में नवाज के साथ रहने दिया जाए। मरियम खुद भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। सरकार ने गुरुवार को ये मंजूरी नहीं दी थी लेकिन शुक्रवार को इसकी इजाजत दे दी।
डॉक्टर से सवाल-जवाब
सर्विस अस्पताल में नवाज का इलाज चल रहा है। इसके निदेशक डॉक्टर सलीम चीमा खुद हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए बेंच से कहा कि नवाज की हालत बेहद गंभीर है। चीमा ने कहा, “नवाज को जितने प्लेटलेट्स चढ़ाए गए वो सभी बेकार हो रहे हैं। फिलहाल, इसकी वजह नहीं जानते। 9 डॉक्टरों की टीम उन पर नजर रख रही है। पूर्व प्रधानमंत्री के कई जरूरी टेस्ट इसलिए नहीं किए जा सके हैं क्योंकि उनकी हालत बिगड़ती जा रही है।” हाईकोर्ट ने पूछा- क्या नवाज के जीवन पर खतरा है? इस पर डॉक्टर ने कहा- अगर उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया तो जान का जोखिम तय है।

कैलिफोर्निया के जंगलों में आग, 50 हजार लोगों को घर छोड़ने का आदेश
25 October 2019
लॉस एंजेलिस. कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग 5,000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैल गई है। दरअसल, लॉस एंजेलिस से लगभग 65 किमी. दूर सैंटा क्लेरिटा में सोमवार को आग लगी थी। न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक 500 घर जल चुके है। कई क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया था कि सैंटा पाऊला की निवासी महिला वर्जिनिया पेसोला (70) की मौत हो गई। आग से होने वाली यह पहली मौत है। सावधानी के तौर पर दमकल विभाग ने 50,000 लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया है।
अस्तबल में गई घोड़ों की दम घुटने से मौत
इससे पहले गुरुवार देर रात सैन डियागो के अस्तबल में आग फैलने से कई घोड़ों की दम घुटने से मौत हो गई जबकि कुछ घोड़ों को समय रहते बचा लिया गया था। आग बुझाने के लिए 1000 कर्मचारी, 500 दमकल वाहन, एयर टैंकरों और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
रविवार को बढ़ सकती है हवा की रफ्तार
नेशनल वेदर सर्विस के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार देर शाम तक तेज हवाओं के कम होने की संभावना है। हालांकि, रविवार तक इसकी रफ्तार तेज हो सकती है। उत्तरी कैलिफोर्निया के वाइन कंट्री में भी बुधवार को जंगली झाड़ियों में आग भड़की थी। बाद में यह आग 16,000 एकड़ में फैल गई थी, जिसके बाद 2000 लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए गए थे।
लाखों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित
कैलिफोर्निया के उत्तरी हिस्से में बिजली कंपनियों ने लगभग 1,80,000 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि दुर्घटनावश और आग के फैलने का खतरा कम करने के लिए बिजली कटौती बढ़ाई जा सकती है।
काउंटी शेरिफ मार्क एस्सिक ने ढ़ांढ़स बंधाया
सोनोमा काउंटी शेरिफ मार्क एस्सिक ने कहा, ‘‘दो साल पहले ही आग ने हमारे समुदाय को तहस-नहस कर दिया था। आग लगने के बाद बहुत सारे लोगों के लिए ये तनावपूर्ण और चिंताजनक समय है।’’ 2017-18 में भी इस क्षेत्र में आग लगी थी, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

हांगकांग ने आखिरकार आधिकारिक रूप से वापस लिया विवादित प्रत्यर्पण विधेयक
23 October 2019
हांगकांग: हांगकांग (Hong Kong) ने बुधवार को विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया. इसके कारण यहां 20 सप्ताहों से प्रदर्शन चल रहे थे और राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई थी. हांगकांग फ्री प्रैस की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम विधान परिषद में मुख्य कार्यकारी के संबोधन के दौरान विरोध प्रदर्शन के कारण एक सप्ताह देरी से उठाया जा सका. विधेयक की दूसरी रीडिंग बुधवार को फिर से शुरू की गई. सुरक्षा सचिव जॉन ली ने इसके बाद सदन से विधेयक वापस लेने का आग्रह किया.
दरअसल, कुछ महीने पहले हांगकांग में यह बिल लाया गया जिसमें कहा गया था कि हांगकांग में विरोध प्रदर्शन या फिर जुर्म करने वालों के खिलाफ हांगकांग में नहीं बल्कि चीन में मुकदमा चलाया जाएगा जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरने लगे और चीन की नाक में दम कर दिया है. प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता से कम किसी भी बात पर मानने को तैयार नहीं थे.

इराक में आतंकी हमला, 2 बड़े पुलिस अफसरों समेत 7 की मौत
23 October 2019
बगदाद : इराक (Iraq) के सलादीन प्रांत में आतंकवादी संगठन काफी सक्रिय है. हाल ही इस्लामिक स्टेट पर हुए हमले में पुलिस विभाग का एक जनरल कमांडर और एक ब्रिगेडियर जनरल के अलावा पांच और पुलिसकर्मी मारे गए. सलादीन के ऑपरेशनल कमांड के प्रवक्ता मोहम्मद कमल ने बताया कि स्वचालित हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक दल ने मंगलवार को गश्ती पुलिस के संयुक्त दल और पॉपूलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस पर हमला कर दिया.
हमले में चौथी पुलिस डिवीजन के ऑपरेशनल डायरेक्टर जनरल अली अल-लेमी, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अलवी और पांच अन्य पुलिसकर्मी मारे गए. सूत्रों के अनुसार, एक अधिकारी समेत चार लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. कमल के अनुसार, गश्ती दल क्षेत्र में एक सुरक्षा ऑपरेशन शुरू करने के लिए निरीक्षण करने आया था. इस क्षेत्र में आईएस सदस्य मौजूद हैं.
आंतरिक मंत्री यासीन अल-यसीरी ने सरकारी अल-इराकिना टीवी पर अल-लेमी की मौत की पुष्टि की है. बगदाद ने हालांकि दिसंबर 2017 में ही पूरे देश से आईएस (IS) के खात्मे की घोषणा कर दी थी, लेकिन आतंकवादी संगठन देश में अभी भी मौजूद है और इराक में प्रतिदिन होने वाले हमलों की जिम्मेदारी लेता रहता है.

सऊदी अरब का 2100 पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई से इनकार; 6 महीने पहले हुआ था समझौता
23 October 2019
इस्लामाबाद. समझौते के बावजूद सऊदी अरब ने पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई से इनकार कर दिया। सऊदी की जेलों में करीब 2100 पाकिस्तानी कैदी हैं। फरवरी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सऊदी किंग सलमान के बीच कैदियों की रिहाई पर अहम समझौता हुआ था। 563 की रिहाई भी हुई थी। लेकिन, अब सऊदी सरकार ने समझौते को दरकिनार करते हुए बाकी बंदियों को छोड़ने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि इन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। इन पर केस चलेगा और सजा भी सुनाई जाएगी।
कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी
पाकिस्तान के अखबार ‘द ट्रिब्यून’ ने सऊदी सरकार के फैसले की जानकारी दी है। इस न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन हजार पाकिस्तानी सऊदी की विभिन्न जेलों में हैं। फरवरी में जब इमरान रियाद आए तो किंग सलमान के साथ उन्होंने कैदियों की रिहाई पर लिखित समझौता किया। स्वदेश वापसी पर इमरान ने इसे खूब प्रचारित भी किया। लेकिन, अब सऊदी सरकार ने समझौता के पालन से इनकार कर दिया है। सऊदी प्रशासन के मुताबिक, बाकी 2100 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा। इन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। इन पर सऊदी कानून के मुताबिक केस चलाया जाएगा और सजा भी सुनाई जाएगी।
पाकिस्तान की फजीहत
2 राष्ट्र प्रमुखों के बीच समझौते के बाद सऊदी अरब का इससे पलट जाना इमरान सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका है। ओवरसीज पाकिस्तानी फाउंडेशन यानी ओपीएफ के अनुसार, यह राष्ट्र के सम्मान से जुड़ा मामला है। सऊदी में ज्यादातर पाकिस्तानी मजदूरी करते हैं। ये शिक्षित भी नहीं हैं। पाकिस्तान में यह मामला जनभावना से जुड़ा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इमरान मुस्लिम देशों से बेहतर संबंधों और एटमी ताकत होने का दम भरते हैं लेकिन सऊदी और यूएई जैसे मुल्क इसे कतई तवज्जो नहीं देते। सऊदी अरब सरकार के बदले रुख पर पाकिस्तान सरकार ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, कैदियों की रिहाई पर उसके इनकार की जानकारी एक संसदीय समिति को जरूर दी गई है।

अफगानिस्तान: मस्जिद हमले में गई 62 लोगों की जान, UN प्रमुख ने की कड़ी निंदा
19 October 2019
संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अफगानिस्तान में एक मस्जिद के अंदर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी. उनके प्रवक्ता ने स्टीफन डुजारिक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, महासचिव ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. बयान के अनुसार, गुटेरस ने अफगानिस्तान के लोगों और सरकार के प्रति संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता प्रदर्शित की.
अफगानिस्तान के पूर्व में नांगरहार प्रांत की सरकार ने बताया कि एक मस्जिद में जुमे (शुक्रवार) की नमाज के दौरान हुए हमले में 62 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे.
विस्फोट की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल से 120 किलोमीटर पूर्व में स्थित प्रांत के कई हिस्सों पर तालिबान और इस्लामिक स्टेट का कब्जा है.
यूएन अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस ने भी हमले की कड़ी निंदा की. उनके प्रवक्ता निहाल साद ने उनके हवाले से एक बयान में कहा कि धार्मिक स्थानों और श्रद्धालुओं पर निशाना बनाने वाले हिंसा और आतंकवाद का हर रूप निंदनीय है, चाहे वह किसी भी धर्म या मत में विश्वास रखता हो.
मोरेटिनोस ने यूएन प्लान ऑफ एक्शन टू सेफगॉर्ड रिलीजियस साइट्स का उल्लेख किया. इसे उनकी टीम ने विकसित किया है और पिछले महीने गुटेरस ने लॉन्च किया था.

मैक्सिको ने अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 भारतीयों को वापस भेजा
19 October 2019
नई दिल्ली: अमेरिका के एच1बी वीजा में सख्ती बरतने के बाद मैक्सिको के आव्रजन अधिकारियों ने देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 से अधिक भारतीयों को वापस भारत भेज दिया है. इसमें कुछ साफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं. जानकारी के मुताबिक, अवैध रूप से अमेरिका जाने के लिए इन दिनों लोग मैक्सिको और हंगरी को चुन रहे हैं.
शुक्रवार को मैक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 311 भारतीयों को वापस भारत भेजा, जिनमें 310 पुरुष और महिला शामिल थी. मैक्सिको के रास्ते अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे यह भारतीय शुक्रवार को एक विशेष विमान से दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे. भारत ने इंजीनियरों, आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका से एच1बी वीजा में नरमी बरतने की अपील की है, हालांकि अभी तक इसमें कोई ढील नहीं दी गई है. इसकी वजह से अमेरिका में साफ्टवेयर कंपनियों को प्रतिभावान सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमी से जूझना पड़ रहा है.
मैक्सिको पहुंचे भारतीयों को मैक्सिकन राज्यों ओक्साका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मैक्सिको सिटी, डुरंगो और तबस्स्को में कई महीनों के दौरान पकड़ा गया था. मैक्सिकन अधिकारियों का आरोप है कि ये भारतीय अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने के लिए पिछले कुछ महीनों में मैक्सिको पहुंचे थे.
अधिकारियों के अनुसार, सभी भारतीयों को आपातकालीन प्रमाण पत्र जारी किया गया. यह प्रमाण पत्र एक तरह से वह यात्रा दस्तावेज है, जो एक आपातकालीन स्थिति में भारतीय नागरिकों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देता है. यह कागजात उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनके यात्रा दस्तावेज गुम हो गए हों, उन्हें नुकसान पहुंचा हो या फिर उनके पास कोई वैध पासपोर्ट न हो.
यह मैक्सिको द्वारा की गई पहली ऐसी कार्रवाई है. मैक्सिको ने अमेरिका में घुसने के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने वाले लोगों पर नकेल कसने के प्रयासों को काफी बढ़ाया हुआ है. मैक्सिकोने सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति का विस्तार किया है. दरअसल, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को उसकी सीमाओं के माध्यम से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों पर रोक लगाने की चेतावनी जारी की थी. इसके बाद अब मैक्सिको ने यह कदम उठाया है. सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत किसी भी देश में अवैध प्रवास को सही नहीं मानता है.

उत्तर सीरिया में तुर्की के हमले के बाद 3 लाख लोग विस्थापित
19 October 2019
दमिश्क: तुर्की द्वारा 9 अक्टूबर को उत्तर सीरिया में कुर्द बलों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद से अब तक 300,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं. एक युद्ध निगरानी कार्यालय ने यह जानकारी दी. सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, तुर्की समर्थित स्थानीय सीरियाई विद्रोहियों की मदद से तुर्की ने हमला शुरू किया गया था, जिसमें 72 नागरिकों के साथ-साथ 416 कुर्द लड़ाके और तुर्की समर्थित विद्रोही भी मारे गए.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ब्रिटेन स्थित निगरानी कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि तुर्की की सेना और संबद्ध सीरियाई विद्रोहियों ने लगभग 70 क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और हसाका के उत्तरपूर्वी प्रांत में रास अल-ऐन शहर को घेर लिया.
तुर्की और स्थानीय विद्रोही समूहों ने 9 अक्टूबर को उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों को खत्म करने के लिए हमला शुरू कर दिया, जिन्हें तुर्की अपनी दक्षिणी सीमा पर 'आतंकवादी और अलगाववादी' समूहों के खतरे के रूप में मानता है.
सीरिया सरकार और कुर्द लड़ाकों के बीच रूसी-मध्यस्थता डील के तहत कुर्द नेतृत्व वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक बलों (एसडीएफ) के नियंत्रण वाले क्षेत्रों का नियंत्रण लेने के जरिए सीरियाई सेना तुर्की के हमले का मुकाबला करने के लिए आगे बढ़ी.
सीरियाई सेना ने अब तक तुर्की के पास उत्तरपूर्वी अलेप्पो में मानबीज शहर में तैनात की गई है, साथ ही उत्तरपूर्व सीरिया के हसाका प्रांत में ताल ताम्र शहर और रक्का प्रांत के अयन इस्सा में तैनात की गई है.
तुर्की के सैन्य अभियान की सीरियाई सरकार ने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी निंदा की है. गुरुवार को सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने तुर्की के हमले को सीरिया को खिलाफ स्पष्ट आक्रमण बताया. असद ने कहा कि सीरिया पर तुर्की के हमले का सामना हर तरीके से किया जाएगा.

UN में इस साल इमरान का भाषण सबसे लंबा रहा, लेकिन इस नेता का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए
18 October 2019
नई दिल्‍ली: इस साल संयुक्‍त राष्‍ट्र आमसभा (UNGA) की बैठक में सबसे लंबा भाषण पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) का रहा. उन्‍होंने 50 मिनट लंबा भाषण दिया. सबसे छोटा भाषण अफ्रीकी देश रवांडा का रहा. रवांडा के प्रतिनिधि ने केवल 7 मिनट का भाषण दिया. यूएनजीए में कुल 190 देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. भाषण देने वाले 91.8 प्रतिशत पुरुष और 8.2 प्रतिशत महिलाएं थीं.
गौरतलब है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के नाम दर्ज है. उन्‍होंने 2009 में 9 घंटे से भी अधिक समय तक संयुक्‍त भाषण में अपना भाषण दिया. गौरतलब है कि 2011 की अरब क्रांति के दौर में लीबिया के तानाशाह की सत्‍ता का पतन हो गया और उनको मौत के घाट उतार दिया गया.
संरा प्रमुख ने बाल गरीबी खत्म करने का आह्वान किया
इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से गरीबी खत्म करने के लिए बच्चों को सशक्त बनाने का आग्रह किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि बच्चे वयस्कों की तुलना में गरीबी की दोगुना मार झेल रहे हैं और गरीबी कई बच्चों को आजीवन नुकसान पहुंचाती है.
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लड़कियां विशेष रूप से जोखिम में हैं, लेकिन वे भी बदलाव की एक बड़ी वाहक हैं. उन्होंने कहा, "हर अतिरिक्त वर्ष एक लड़की के स्कूल में रहने के साथ उसकी जीवन भर की औसत आय बढ़ जाती है, उसकी शादी जल्दी होने की संभावना कम हो जाती है, और उसके बच्चों के लिए स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य और शिक्षा लाभ होते हैं, जिससे यह गरीबी के चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण कारक बन जाता है."
गुटेरेस ने कहा कि बाल गरीबी को समाप्त करने की महत्वपूर्ण शुरुआत घर से होती है, जहां से यह उत्पन्न होता है. गुटेरेस ने कहा कि गुणवत्ता वाली सामाजिक सेवाओं तक पहुंच को प्राथमिकता देना चाहिए, लेकिन आज भी लगभग दो-तिहाई बच्चों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का अभाव है. उन्होंने कहा कि लचीली कामकाजी व्यवस्था, माता-पिता की छुट्टी और चाइल्डकेयर सपोर्ट सहित परिवार-उन्मुख नीतियां भी जरूरी हैं. 1993 से प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है.

भारत और चीन विकासशील देश नहीं, आगे WTO का फायदा नहीं दे सकते : ट्रंप
18 October 2019
वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन अब विकासशील देश नहीं रहे हैं. इसके बावजूद भी दोनों ही देश विश्व व्यापार संगठन (WTO) से विकासशील दर्जे के तहत मिलने वाले फायदे ले रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि उनके प्रशासन ने डब्ल्यूटीओ को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि भारत और चीन को इसके तहत फायदा नहीं दिया जाए.
WTO को चिट्ठी लिखी, दर्जे से अलग करने के लिए कहा
ट्रंप ने कहा डब्ल्यूटीओ अभी तक चीन को विकासशील देश मानता है, इस बारे में हमने WTO को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह चीन को इस दर्जे से अलग करें. हम भारत को अब विकासशील देश के दर्जे में नहीं रख सकते क्योंकि दोनों ही देश अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, आगे हम यह फायदा नहीं दे सकते.
यूएस और चीन के बीच ट्रेड वार चल रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएस और चीन के बीच ट्रेड वार चल रहा है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने चीन से आयात होने वाले सामान पर शुल्क बढ़ा दिया है. चीन ने भी जवाबी शुल्क लगाते हुए अमेरिका के सामान पर टैक्स बढ़ाया है. इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड वार चल रहा है.
इससे पहले, जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डब्ल्यूटीओ से यह साफ करने के लिए कहा था कि वह किस आधार पर किसी भी देश को विकासशील देश का दर्जा देता है. उस समय भी यह माना जा रहा था कि ट्रंप के यह पूछने का मतलब चीन, तुर्की ओर भारत जैसे देशों को इस दर्जे से अलग करना था.
आपको बता दें विकासशील देशों को डब्ल्यूटीओ से वैश्विक व्यापार नियमों के तहत रियायत मिलती है. ट्रंप ने उस समय अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) को अधिकार देते हुए यह भी कहा था कि यदि कोई विकसित अर्थव्यवस्था डब्ल्यूटीओ की खामियों का लाभ उठाती है तो वह उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू करे.

डोनाल्ड ट्रंप का अकांउट बंद करने की मांग का ट्विटर ने दिया जवाब
18 October 2019
वॉशिंगटन: ट्विटर (Twitter) ने कैलीफोर्निया की सीनेटर और डेमोक्रेट पार्टी में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस से कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का अकांउट बंद नहीं किया जाएगा. कमला हैरिस को भेजे गए एक पत्र में ट्विटर (Twitter) ने उनके अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया है. हैरिस की यह मांग इस वजह से थी क्योंकि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति संग उनकी संदेहात्मक बातचीत को उजागर करने के चलते मुखबिरों, सांसदों और सियासी विरोधियों पर हमला बोलने के लिए इसी सोशल मीडिया साइट यानी ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया था.
कमला हैरिस के अभियान ने बुधवार को सीएनएन को बताया, 'ट्विटर (Twitter) उनके मंच पर ट्रंप द्वारा लोगों को धमकाने और हिंसक व्यवहार करने के लिए उकसाने का उन्हें जिम्मेदार नहीं मान रहा है.' ट्विटर (Twitter) ने हैरिस को एक पत्र में लिखा, 'हम हां या ना में निर्णय लेने में सक्षम नहीं है, क्योंकि यह इतना आसान नहीं है. हमने उन ट्वीट्स की समीक्षा की जिसका जिक्र आपने पत्र में किया था, वे अपमानजनक व्यवहार, लक्षित उत्पीड़न या हिंसा से संबंधित हमारी नीतियों के खिलाफ नहीं है.'
ट्रम्प अक्सर ही अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलने के ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल करते रहते हैं. ऐसे में विवादास्पद ट्वीट्स पोस्ट करने के चलते ट्विटर (Twitter) पर ट्रम्प के खिलाफ कदम उठाने का दवाब है, लेकिन इस सोशल नेटवर्किं ग साइट ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है.
ट्विटर (Twitter) ने इससे पहले कहा था कि विश्व के नेता उनकी अपनी नीतियों से ऊपर नहीं है, ऐसे में ट्विटर (Twitter) ने मंगलवार को इन नेताओं के ट्वीट्स को रोकने की बात कही थी जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, हालांकि इसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह ट्रम्प जैसे नेता जो ऐसा करते हैं, उन्हें ब्लॉक करेंगे भी या नहीं. कंपनी ने कहा, 'आप ऐसे ट्वीट पर लाइक, रिप्लाई, शेयर या रीट्वीट नहीं कर पाएंगे. फिर भी आप अपने विचारों को कमेंट के साथ रीट्वीट कर व्यक्त कर पाएंगे.'

डेमोक्रेट नेताओं का आरोप- सीरिया पर चर्चा के दौरान ट्रम्प ने स्पीकर पेलोसी को तीसरे दर्जे का नेता बताया
17 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीरिया से सेना वापस बुलाने के फैसले पर अपनी ही पार्टी के सदस्यों भी विरोध झेलना पड़ रहा है। संसद में ट्रम्प के फैसले पर बुधवार को निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इसे 354 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि सिर्फ 60 सांसदों ने ही इसका विरोध किया। इसके बाद हाउज ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी डेमोक्रेट नेताओं के साथ ट्रम्प से मिलने व्हाइट हाउस पहुंची। हालांकि, चर्चा के बीच में ही वे बाहर आ गईं। नेताओं के मुताबिक, ट्रम्प ने पेलोसी की बेइज्जती की और उन्हें तीसरे दर्जे का नेता बताया।
माना जा रहा है कि रिपब्लिकन नेता जल्दी ही नाटो सेना के साझेदार तुर्की पर और कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इससे पहले ट्रम्प ने सीरिया पर अपनी नीति समझाने के लिए चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों को बुलाया। लेकिन बीच मीटिंग में ही दोनों पार्टियों के बीच गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई।
सीरिया विवाद पर क्यों हो रहा ट्रम्प का विरोध?
तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप अर्दोआन ने पिछले हफ्ते आदेश दिया था कि उनकी सेना सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करेगा। सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। इसलिए वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं। इसी के चलते कुर्दों के तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं। कुर्द लड़ाके आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए थे। डेमोक्रेट नेता गंभीर समय में कुर्दों का साथ छोड़ने के लिए ट्रम्प का विरोध कर रहे हैं।
ट्रम्प ने हाल ही में व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कहा था कि तुर्की का सीरिया में कुर्दों के खिलाफ कोई भी ऑपरेशन उनकी समस्या नहीं है। ट्रम्प ने कहा था कि कुर्द भी कोई भगवान के दूत नहीं हैं। उनके इस बयान पर भी संसद में हंगामा हुआ। डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि ट्रम्प ने अपने मददगारों को ही धोखा दिया है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।

भगोड़े जाकिर नाइक ने कहा- एनआईए के आरोप झूठे; उसके आईजी मुझसे मलेशिया आकर बात करें
17 October 2019
कुआलालम्पुर. भगोड़े इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) पर झूठे आरोप लगाने का दावा किया। एक बयान में उसने कहा- एनआईए ने मेरे हजारों वीडियो खंगाले लेकिन उसे मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। कुछ दिन पहले एनआईए के आईजी आलोक कुमार मित्तल ने कहा था कि भारत में इस्लामिक स्टेट के ज्यादातर समर्थक जाकिर नाइक के भाषणों से प्रभावित हैं। मित्तल के इस आरोप को गलत बताते हुए नाइक ने उन्हें मलेशिया आकर बातचीत करने को कहा। बता दें कि नाइक तीन साल से मलेशिया में है। वहां की सरकार उसे भारत को सौंपने में आनाकानी कर रही है।
भारत के पास सबूत नहीं
नाइक के मुताबिक, भारत की जांच एजेंसियों के पास उसके खिलाफ सबूत नहीं हैं। उसने कहा, “एनआईए, सीबीआई और पुलिस तीन साल से मेरे वीडियोज, भाषण और इनके प्रिंट्स खंगाल रही हैं। लेकिन, उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिससे वो ये साबित कर सकें कि मैं हिंसा को बढ़ावा देता हूं। अब वो कहती हैं कि आतंकी गतिविधियों में जो 127 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, वो मुझसे प्रभावित हैं। यह झूठ है। मैं एनआईए के आईजी आलोक मित्तल को मलेशिया आने का न्योता देता हूं। यहां उनके सामने अपना पक्ष रखना चाहूंगा। उनकी गलतफहमी दूर करना जरूरी है।”
अजीब तर्क
नाइक ने आगे कहा, “करीब 2 करोड़ लोग मुझे फॉलो करते हैं। अगर मैं भड़काऊ भाषण ही देता, तो मेरे लाखों समर्थक आतंकी बन जाते। सोशल मीडिया पर अगर कोई मुझे फॉलो कर रहा है, तो उसमें मेरा क्या कसूर है। एनआईए जानबूझकर झूठ फैला रही है।”
लेकिन, मलेशिया में ही विरोध बढ़ा
मलेशिया की न्यायिक व्यवस्था की नामचीन हस्ती अम्बिगा श्रीनिवासन ने नाइक पर गंभीर आरोप लगाया है। अम्बिका ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जाकिर मलेशिया में आईएस की विचारधारा का प्रसार कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से नाइक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्रीनिवासन ने कहा- नाइक की वजह से मलेशिया की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। जाकिर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोपी है। 2016 में वह भारत से भागकर मलेशिया चला गया था। जाकिर के प्रत्यर्पण के लिए भारत लगातार मलेशिया के संपर्क में है और उसे वापस लाने के लिए कई बार मलेशिया से मांग कर चुका है।

मदीना प्रांत में बस-ट्रक की टक्कर में 35 की मौत, मरने वालों में एशियाई नागरिक शामिल
17 October 2019
रियाद. सऊदी अरब के मदीना प्रांत में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई। हादसा अल-अखल इलाके में शाम करीब 7 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रवासियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर ट्रक से जा टकराई और उसमें तुरंत आग लग गई। बस में करीब 39 लोग सवार थे। मरने वालों में ज्यादातर एशियाई और अरब मूल के नागरिक हैं। घायलों को अल-हमना अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर दुख जताया
घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख जताया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “सऊदी अरब के मक्का के पास बस हादसे की घटना से दुख पहुंचा। ट्विटर पर मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।”


अमेरिकी संसद ने पास किया हांगकांग डेमोक्रेसी एक्ट, चीन की चेतावनी, 'दखल न दे यूएस'
16 October 2019
वाशिंगटन: अमेरिकी संसद द्वारा मंगलवार को हांगकांग में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक बिल पास किया गया है. इस अर्ध स्वायत्त क्षेत्र में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा इसकी मांगी की गई थी. हांगकांग मानव अधिकार और लोकतंत्र अधिनियम को मंगलवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पेश किया गया और यह पास भी हो गया अब इसे कानून बनने से पहले अमेरिकी संसद के निचले सदन सीनेट में पेश किया जाएगा.
चीन ने इस एक्ट को पास करने को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की हैं. चीन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को उन लोगों की पहचान करने और उनकी स्वीकृति देने की आवश्यकता है, जो हांगकांग में स्वायत्तता और मानव अधिकारों के गंभीर हनन के लिए जिम्मेदार हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गैंग शुआंग ने अपने बयान में कहा है, 'हांगकांग में जो कुछ भी हो रहा है वह कहीं से भी तथाकथित मानवाधिकार और लोकतंत्र का मुद्दा नहीं है, मुद्दा है वहां हो रही हिंसा पर विराम लगे और और कानून का राज कायम हो.'
गैंग ने कहा, 'अमेरिका को इस मामले में हस्तक्षेप बंद करना चाहिए.' उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हम इस प्रस्तावित बिल का मुकाबला करने के लिए मजबूत उपाय करेंगे. अधिनियम अब कानून बनने से पहले सीनेट में एक समान वोट के लिए आगे बढ़ेगा.

'हैजीबिस तूफान' का जापान में कहर, 50 नदियों ने तोड़ा बांध, मरने वालों की संख्या 66 हुई
16 October 2019
टोक्यो: जापान में भारी तबाही मचाने वाले विनाशकारी तूफान हगिबिस में मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है. वहीं, लापता लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी और बचाव अभियान मंगलवार को भी जारी है. सार्वजनिक प्रसारणकर्ता एनएचके के मुताबिक, तलाशी और बचाव कार्यो में मदद के लिए जापान के सेल्फ डिफेंस फोर्सेज को नागानो प्रांत में तैनात किया गया है.यह तूफान प्रचंड हवाएं और भारी वर्षा ले आया, जिससे लगभग 200 नदियों का जलस्तर बढ़ गया और उनमें से 50 बांध तोड़कर बहने लगी, जिसके कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बन गई.
एनएचके के अनुसार, 10,000 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है. फुकुशिमा प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, 66 में से 25 मृतक इस प्रांत के हैं. अधिकारियों ने कहा कि फुकुशिमा में कई इलाकों में दो दिनों की अवधि में 40 प्रतिशत तक वार्षिक वर्षा हुई. भारी बारिश की वजह से देशभर में लगभग 140 भूस्खलन भी हुए. गुनमा प्रांत में चार लोग मारे गए, इनके घर बाढ़ में बह गए. करीब 35,000 घरों से बिजली नदारद है.
इस बीच, प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार हगिबिस को 'गंभीर प्राकृतिक आपदा' की श्रेणी में डालने की योजना बना रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए राज्य सब्सिडी बढ़ा सके.
आबे ने कहा कि सरकार 315 नगरपालिकाओं को भी 'गंभीर आपदा' प्रावधानों के तहत डालने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, ताकि अधिकारियों को वित्तीय चिंता के बिना तत्काल मरम्मत कार्य करने में मदद मिल सके.

पाकिस्तान: मोटरसाइकिल में रखा था देसी बम, विस्फोट में पुलिसकर्मी की मौत, 10 घायल
16 October 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में मंगलवार को अज्ञात आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और 10 अन्य लोग घायल हो गए. क्वेटा पुलिस के उपमहानिरीक्षक अब्दुल रजाक चीमा ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ से कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आतंकवादियों ने उस समय विस्फोट किया, जब पुलिस वाहन शहर में नियमित गश्त के लिए वहां से गुजर रहा था.
उन्होंने कहा, "देसी बम सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल में लगाकर रखा गया था.
घायलों में राहगीर और वे पुलिकर्मी शामिल हैं, जो वाहन पर सवार थे." घायलों को क्वेटा के सिविल हास्पिटल पहुंचाया गया, जहां के चिकित्सा अधीक्षक वसीम बेग ने कहा कि सभी घायलों की हालत स्थिर है.

मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो को संयुक्‍त रूप से मिला बुकर पुरस्‍कार
15 October 2019
नई दिल्‍ली: साहित्‍य के जगत में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्‍कार (Booker Award) की घोषणा हो गई है. 2019 के लिए ये अंतरराष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रसिद्ध लेखिका मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो को सामूहिक रूप से मिला है. मार्गरेट एटवुड के उपन्‍यास 'द टेस्‍टामेंट्स' (The Testaments) और बर्नांडीन की पुस्‍तक 'गर्ल, वुमन, अदर' (Girl, Woman, Other) को ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से मिला है. ज्‍यूरी ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए इस बार ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से दिया है. इसके साथ ही इस बार सबसे वृद्ध और पहली अश्‍वेत महिला को पुरस्‍कार देने का रिकॉर्ड भी बना है.
मार्गरेट एटवुड (79) को इससे पहले वर्ष 2000 में 'द ब्‍लाइंड असैसिन' (The Blind Assassin) के लिए बुकर पुरस्‍कार मिल चुका है. उनकी नई किताब 'द टेस्‍टामेंट्स' पिछले महीने रिलीज हुई है. इसको इस कनाडाई लेखिका की 1985 में प्रकाशित उपन्‍यास 'द हैंडमेड्स टेल' का सीक्‍वल कहा जा रहा है. एवारिस्‍टो यह पुरस्‍कार जीतने वाली पहली अश्‍वेत महिला हैं. उन्‍होंने अपने नॉवेल 'गर्ल, वुमन और अदर' में 19 से लेकर 93 साल तक की ब्रिटेन में रहने वाली प्रमुखतया 12 अश्‍वेत महिला किरदारों की कहानियों को बुना है.
हालांकि पहले सामूहिक रूप से बुकर देने का चलन रहा है और इससे पहले पहले दो बार सामूहिक विजेताओं को चुना गया था लेकिन 1993 में ये नियम बनाया गया कि केवल एक लेखक को ही विजेता के रूप में घोषित किया जाएगा. इस नियम को तोड़ते हुए ज्‍यूरी ने कहा कि जिन छह किताबों में इन दोनों उपन्‍यासों को चुना गया, उनमें से किसी एक को विजेता घोषित करना संभव नहीं था. इसलिए दोनों ही लेखिकाओं को ये पुरस्‍कार दिया जाता है.
इसके तहत बुकर पुरस्‍कार की 50 हजार पौंड (करीब 63 हजार डॉलर) की धनराशि विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी. पुरस्‍कार को स्‍वीकार करते हुए मार्गरेट एटवुड ने अपने भाषण में कहा कि हम दोनों को ही ये पुरस्‍कार जीतने की उम्‍मीद नहीं थी.

तुर्की के हमले रोकने को कुर्दो ने सीरिया से किया समझौता
15 October 2019
दमिश्क: कुर्द अधिकारियों ने सीरियाई सरकार के साथ एक समझौता होने की घोषणा की है, जिसके तहत सीरियाई अरब सेना को तुर्की द्वारा शुरू किए गए हमले को रोकने के लिए देश की पूर्वोत्तर सीमा पर तैनात किया जाएगा. तुर्की के हमले में कई नागरिक हताहत हुए हैं और सैकड़ों इस्लामिक स्टेट (कर) के आतंकवादी भाग निकले. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी सीरिया के स्वयंभू स्वायत्त प्रशासन (अक्सर रोजावा के रूप में संदर्भित) ने रविवार को फेसबुक के माध्यम से जारी एक बयान में कहा कि सैनिक तुर्की के हमले को रोकने के लिए 'कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) का समर्थन करेंगे.' और उन क्षेत्रों को आजाद कराएंगे जो पहले से ही अंकारा की सेनाओं द्वारा जीते जा चुके हैं, जैसे सीमावर्ती शहर रास अल-ऐन और तल आब्यद.
इससे पहले रविवार को, सीरियाई सरकारी मीडिया ने तुर्की के हमले के खिलाफ देश के उत्तर में सैनिक गतिविधि की घोषणा की थी और एक सैन्य सूत्र ने एफे से इस बात की पुष्टि की कि सेना तुर्की सीमा के पास स्थित मानबिज और एयन इस्सा के शहरों को निशाना बना रही थी. कुर्द अधिकारियों ने कहा कि तुर्की के हमलों के बीच आईएस से जुड़े कम से कम 785 विदेशी रविवार को एयन इस्सा के एक बंदी शिविर से भाग निकले हैं. रोजावा के एक बयान के अनुसार, तुर्की के भाड़े के सैनिकों के एक समूह ने बंदी शिविर पर हमला किया.
रविवार को, तुर्की के ऑपरेशनों ने सीमावर्ती शहर तल अब्यद पर फोकस किया. आधिकारिक तुर्की समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, सेना ने तुर्की नगरपालिका अक्काले की सीमा के दूसरी तरफ शहर के मध्य हिस्से को अपने कब्जे में लेने की घोषणा की. दूसरी ओर, तुर्की की तरफ से लड़ रहे सीरियाई सशस्त्र समूहों ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के माध्यम से दावा किया कि उन्होंने एक दिन पहले रास-अल-एयन पर विजय प्राप्त करने के बाद तल आब्यद को अपने अधिकार में ले लिया.
तुर्की अपने सीमावर्ती 30 किलोमीटर चौड़े और 480 किसोमीटर लंबे इलाके में कुर्दो से सुरक्षा के लिए एक 'सेफ जोन' (सुरक्षित क्षेत्र) तैयार करना चाहता है. कुर्दिश लड़ाकों को वह आतंकवादी मानता है. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने जोर देकर कहा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की आलोचनाओं के बावजूद तब तक हमले नहीं रोकेंगे, जब तक कि वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो जाते.
एसओएचआर के अनुसार, तुर्की ने पहले से ही 220 किलोमीटर के इलाके को अपने नियंत्रण में ले रखा है जो तल अब्यद के पश्चिम से लेकर रास अल-एयन के पश्चिम तक है, साथ ही एम4 रोड भी है जो अल-हसाकाह प्रांत को अलेप्पो से जोड़ती है. कुर्दिश रेड क्रीसेंट (केसीआर) जो केवल कुर्दों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में संचालित होता है, के सह-निदेशक शेरवन बेरी ने समाचार एजेंसी एफे को बताया कि एक काफिले पर तुर्की के हमले में 11 लोग मारे गए और 74 घायल हुए. कुर्द समाचार एजेंसी हवार ने बताया कि इसके संवाददाता साद अहमद हमले में मारे गए और अन्य सात पत्रकार घायल हो गए.

अमेरिका तुर्की के साथ 7 लाख करोड़ रु. का व्यापार समझौता खत्म करेगा, ट्रम्प बोले- उनकी इकोनॉमी तबाह कर देंगे
15 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ट्रेजरी और विदेश विभाग से कहा है कि सीरिया में अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं या तुर्की सरकार के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। राष्ट्रपति ने इससे जुड़े एक आदेश पर दस्तखत भी किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका तुर्की के साथ 100 बिलियन डॉलर (करीब 7 लाख करोड़ रु.) के व्यापार सौदे की बातचीत को तुरंत रोक देगा। साथ ही स्टील टैरिफ को 50% तक बढ़ाया जाएगा। अमेरिका तुर्की के अर्थव्यवस्था को तेजी से नष्ट कर देगा।
ट्रम्प ने कहा कि हमारे प्रशासन ने कार्यकाल के पहले दिन से ही अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं। तुर्की को पूर्वोत्तर सीरिया में नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
तुर्की के हमले से मानवीय संकट बढ़ेगा
विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि तुर्की के तीन अधिकारियों को प्रतिबंधित किए जाने के लिए नामित किया गया है। इसमें ऊर्जा और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। अमेरिका ने यह कदम पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया है। यदि तुर्की ऐसे ही हमला करता रहा तो संभावित रूप से इसके विनाशकारी परिणाम होंगे, जो मानवीय संकट को बढ़ा देगा। तुर्की की सैन्य कार्रवाइयों के कारण आईएस को खत्म किए जाने वाले अभियान, नागरिकों और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने सीरिया में तुर्की के अभियान को आवेग में उठाया गया कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी समूहों को हराने के प्रयासों को धक्का लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा उत्तरी सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी जारी है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विरोध और बार-बार चेतावनी के बावजूद, तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तैयप अर्दोआन ने उत्तरी सीरिया पर एकतरफा हमले का आदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तुर्की के इस कदम से क्षेत्र में यह अमेरिकी सैनिकों काे बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने का खतरा है।
हमले के कारण 1,30,000 लोगों को घर छोड़ना पड़ा
तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में 9 अक्टूबर से हमले शुरू किए थे। तब से अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा था कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार आईएस आतंकी हैं। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।
सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं
* कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी आबादी करीब 3.5 करोड़ है।
* सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं।
* आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
* कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली सात जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।

नेपाल दौरे पर जिनपिंग ने कहा- चीन को विभाजित करने वालों का कचूमर निकाल दिया जाएगा
14 October 2019
काठमांडू. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल दौरे के दौरान सख्त लहजे में कहा कि चीन को विभाजित करने के किसी भी प्रयास को कुचल दिया जाएगा। अगर कोई इसकी कोशिश करेगा तो उसका कचूमर निकाल दिया जाएगा। देश में आजादी की वकालत करने वालों की हडि्डयां तोड़ दी जाएंगी। देश को बांटने का प्रयास करने वाले या उनके समर्थकों को नहीं छोड़ा जाएगा।
जिनपिंग का यह बयान हॉन्गकॉन्ग में प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ चार महीने से जारी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने संबोधन में किसी भी क्षेत्र का नाम नहीं लिया। वहीं, नेपाल में राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे का तिबब्त के लोग वहां विरोध कर रहे थे। हालांकि, नेपाल सरकार ने इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की।
हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शनकारियों ने पटरियां तोड़ीं
हॉन्गकॉन्ग के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सप्ताह के अंत में फिर से प्रदर्शन किया। रविवार को शहर के कई मोहल्लों में रैलियां हुईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जाम लगा दिया, ट्रेन की पटरियां तोड़ दीं। साथ ही चीनी समर्थक होने के संदेह में व्यवसायों पर भी हमला किया। चीन ने अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिए बाहरी ताकतों पर आरोप लगाया है।
जिनपिंग ने भारत-चीन के विकास के लिए 6 सूत्रीय फॉर्मूला दिया
तमिलनाडु के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक के दौरान जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों के निरंतर विकास के लिए छह सूत्रीय प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के संबंधों को विवादों के बावजूद कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। अगले कुछ साल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीन और भारत को अच्छे पड़ोसी बनकर रहना चाहिए। ड्रैगन और हाथी का एक साथ होना ही सही है।

अमेरिका ने कहा- पाकिस्तान हाफिज सईद पर कार्रवाई करे, आतंकवाद के पीड़ित भी यही चाहते हैं
14 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद उन पर मुकदमा चलाए और कार्रवाई करे। अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की मंत्री एलिस जी वेल्स ने रविवार को कहा, “हम लश्कर-ए-तैयबा के आंतकियों को गिरफ्तार करने का स्वागत करते हैं। जो आतंकवाद का शिकार हुए हैं, उन्हें हाफिज सईद और इन आतंकियों पर होने वाली कार्रवाई को देखने का हक है।” पाकिस्तान ने 10 अक्टूबर को हाफिज और उसके कुछ करीबियों को गिरफ्तार किया था।
हाफिज को कई बार गिरफ्तार कर छोड़ चुका है पाकिस्तान
1. पाकिस्तान का पहले आतंकियों को पकड़ने और फिर छोड़ने का पुराना इतिहास रहा है। इस लिहाज से एलिस वेल्स का यह बयान अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव में हाफिज को करीब 8 बार गिरफ्तार कर चुका है। हालांकि, हर बार उसे अलग-अलग बहानों से छोड़ दिया। 2008 में मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान ने हाफिज को गिरफ्तार करने का दावा किया था, लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में उस पर आगे कार्रवाई नहीं की।
पाकिस्तान पर एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट होने का खतरा
2.अमेरिका की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है, जब टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला सुनाने वाली है। रविवार को एफएटीएफ की बैठक पेरिस में शुरू हुई। ब्लैक लिस्ट से बचने के लिए उसे समिति के सामने साबित करना होगा कि उसने टेरर फंडिंग में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की है। एफएटीएफ की बैठक 18 अक्टूबर तक चलेगी।
2018 में ग्रे लिस्ट में डाला गया पाकिस्तान का नाम
3.एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। साथ ही ब्लैक लिस्ट से खुद को बचाने के लिए 27 सूत्रीय एक्शन प्लान सौंपा था। अगर संस्था को लगता है कि पाकिस्तान ने एक्शन प्लान को सही तरीके से लागू नहीं किया है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
अगस्त में पाकिस्तान को फॉलोअप सूची में डाला गया था
4.इससे पहले अगस्त में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में हुई बैठक में एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक जॉइंट ग्रुप (एपीजेजी) ने मानकों को पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान को इनहेन्स्ड एक्सपीडिएट फॉलोअप लिस्ट में डाल दिया था। ग्रुप के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकियों की वित्तीय मदद और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 में से 32 मानकों का पालन नहीं कर रहा है।

तुर्की के हमलों में 26 नागरिको की मौत; कुर्दों को बचाने के लिए अमेरिका फिर सेना भेज सकता है
14 October 2019
दमिश्क. तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, रविवार को तुर्की के हमलों में करीब 26 नागरिकों की मौत हो गई। इसी बीच, अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने अपील की है कि ट्रम्प सीरिया में सेना वापस न बुलाएं। इसे लेकर लेकर संसद में एक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि वे कुर्दों पर तुर्की के हमले रोकने के लिए उस पर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाएंगे।
तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में बुधवार को हमले शुरू किए थे। तब से अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। रविवार को तुर्की ने आम नागरिकों के वाहन काफिले पर हमला कर दिया। इसमें फ्रांस की एक टीवी पत्रकार स्टेफनी पेरेज बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बताया कि चैनल के कुछ अन्य सदस्य हमले में मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।
सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं
* कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी आबादी करीब 3.5 करोड़ है।
* सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं।
* आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
* कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली 7 जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।
अमेरिका: कुर्दों संग आईएस को हराया, अब साथ छोड़ा
कुर्द लड़ाके सीरिया में आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए। हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि कुर्दों के खिलाफ तुर्की की योजना ठीक है। पर आलोचना होने पर कहा कि तुर्की सीरिया में हद न पार करे।

फैसला सुनाते ही भरी अदालत में जज ने निकाली पिस्‍टल और खुद को मार ली गोली...
5 October 2019
बैंकॉक : थाईलैंड (Thailand) में एक जज एक केस में खुद सुनाए गए फैसले से इतना आहत हुए कि उन्‍होंने भरी अदालत में खुद को गोली मार ली. जज ने पिस्‍टल से अपनी छाती में गोली मारी. इस तरह उन्‍होंने स्पष्ट रूप से मुवक्किलों और वकीलों से भरी कोर्ट में आत्महत्या का प्रयास किया.दरअसल, यह जज एक मामले में वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा हस्तक्षेप के आरोपों का सामना कर रहे थे.
दक्षिणी थाईलैंड के याला शहर (Yala City) की एक प्रांतीय अदालत में जज ख़ानकॉर्न पियानाखाना ने पिस्‍तौल से खुद को गोली मारी. ऐसा उन्‍होंने एक केस में हत्या और हथियार रखने के आरोपों के पांच आरोपियों को बरी करने के बाद किया. इस घटना के तुरंत बाद जज को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई. बैंकाक पोस्ट के अनुसार, उनकी चोटें जानलेवा नहीं थीं.
इस घटना से पहले खानकोर्न से जुड़ा एक बयान सोशल मीडिया में व्यापक रूप से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वरिष्ठ न्यायाधीशों ने उन्हें दोषियों के मामले में अपने फैसले को बदलने के लिए कहा.
इस बयान में कहा गया कि "इस समय, देशभर में न्यायालयों के अन्य साथी न्यायाधीशों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है जैसा मेरा साथ किया गया. (अगर) मैं अपने पद की शपथ को पूरा नहीं कर सकता तो तो मैं सम्मान के बिना जीने की बजाय मैं मरना चाहूंगा".
खानकॉर्न के इस बयान से पूरे देश में एक चिंता व्यक्त की जा रही है, जिसमें थाईलैंड की न्याय प्रणाली में वरिष्ठ न्यायाधीशों के हस्‍तक्षेप पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

हांगकांग: आधी सदी बाद लागू किए गए आपात कानून के खिलाफ प्रदर्शन, मेट्रो, बैंक, शॉपिंग सेंटर बंद
5 October 2019
हांगकांग: व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ के बाद हांगकांग (Hong Kong) का पूरा मेट्रो (Metro) रेल नेटवर्क शनिवार को भी बंद रहा. इसके अलावा दर्जनों शॉपिंग सेंटर, दुकानें, बैंकों (Bank) को भी बंद रखा गया है.
कैरी लाम की नेतृत्व वाली हांगकांग सरकार ने शुक्रवार की सुबह को सार्वजनिक जगहों पर लोगों के चेहरे पर मास्क पहन कर आने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह एक ऐसा आपातकालीन कानून है, जिसे आधी सदी से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी प्रयोग में नहीं लाया गया था. इस प्रतिबंध के बाद से ही हिंसा फैल गई.
साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध का उद्देश्य करीब चार महीने से शहर में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर रोक लगाना था. ज्ञात हो कि शहर में अब हटाए जा चुके प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है.
शुक्रवार की देर रात को सभी मास ट्रांजिट रेलवे (एमटीआर) स्टेशनों के बंद को जारी रखते हुए एमटीआर निगम ने शनिवार को तड़के 3.45 बजे घोषणा की कि सुबह भी किसी लाइन का संचालन नहीं किया जाएगा.
रेल ऑपरेटर ने अपनी वेबसाइट पर कहा, 'कई जिलों में हिंसा प्रदर्शन के मद्देनजर, क्षतिग्रस्त स्टेशनों का जायजा लेने और स्टेशनों पर हुए नुकसान का आंकलने करने व मरम्मत कार्य के लिए जाने से पहले रखरखाव कर्मचारियों को भी अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना होता है.'
शहर के दो सबसे बड़े सुपरमार्केट चेन पार्कएनशॉप ने अपने फेसबुक पेज पर घोषणा की कि आज के लिए उनका स्टोर बंद रहेगा. वहीं वाट्संस, जो कि एक फार्मेसी चेन है, उसने भी कहा कि हांगकांग हवाई अड्डे पर स्थित उनके स्टोर को छोड़ कर शहर की बाकी सभी स्टोर बंद रहेंगी.
ज्ञात हो कि शुक्रवार की रात को नए कानूनी प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए चेहरे पर मास्क पहने प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिए थे और कई दुकानों और बैंकों में तोड़फोड़ की थी. पुलिस ने रात में हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए उन पर आंसू गैस से गोलीबारी की थी.

'बेबस' इमरान खान ने PoK के लोगों से कहा, 'अगर LoC पार की तो भारत...'
5 October 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) को लेकर एक बार फिर आग उगली है. उन्होंने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) को खत्म किए जाने के 60 दिन पूरे होने पर ट्वीट करते हुए कहा है कि कश्मीरियों के संघर्ष को इस्लामिक आंतकवाद करार दिया जा रहा है.
इमरान खान ने ट्विट कर कहा, 'जम्मू कश्मीर में कश्मीरियों को 2 महीनों से ज्यादा समय तक कर्फ्यू में देख रहे आजाद कश्मीर के लोगों का गुस्सा मैं समझ सकता हूं. लेकिन अगर कोई भी एलओसी पार करेगा और कश्मीरी संघर्ष में मानवीय मदद देगा तो वह भारत (India) के नैरेटिव में उलझ जाएगा.'
इमरान ने कहा, 'यह नैरेटिव कश्मीरियों के संघर्ष से ध्यान हटा रह है और कश्मीरियों के संघर्ष को पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित इस्लामिक आतंकवाद करार दे रहा है.'
बता दें हाल ही यूएनजीए में भी इमरान खान के भाषण का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत पर निशाना साधने से संबंधित रहा था जिसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई थी. अपने देश और इसकी समस्या को नजरअंदाज करते हुए, इमरान खान ने अपना ध्यान पूरी तरह से कश्मीर पर दिया था. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के जम्मू एवं कश्मीर में जब कर्फ्यू हटेगा, तब वहां खूनखराबा होगा. तब क्या होगा. क्या किसी ने इस बारे में सोचा है.
उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'नस्लीय श्रेष्ठता की भावना और घमंड की वजह से आदमी गलतियां करता है और गलत निर्णय लेता है.'

महाभियोग के बढ़ते तूफान पर बरसे ट्रंप, बोले यह तख्तापलट की कार्रवाई है
3 October 2019
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रेट्स द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई महाभियोग जांच पर बुधवार को जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स को हमारे देश के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उन्हें हर किसी का समय और ऊर्जा नहीं बर्बाद करनी चाहिए, जो वह साल 2016 से कर रहे हैं, जब मैं राष्ट्रपति बना था। प्रतिनिधि सभा में महाभियोग जांच के डेमोक्रेटिक पॉइंट मैन एडम शिफ ने संवाददाताओं से कहा कि आगे बढ़ने के लिए तात्कालिकता की वास्तविक जरूरत है। ट्रंप ने मंगलवार देर रात कहा था कि यह महाभियोग नहीं है, यह एक तख्तापलट है।
बुधवार को भी उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ व्हाइट हाउस में खड़े होकर अपने संदेश को दोहराते हुए कहा कि हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी द्वारा पिछले हफ्ते घोषित की गई महाभियोग प्रक्रिया की ब्रांडिंग एक अफवाह है। बताते चलें कि ट्रंप पर यह आरोप भी लगे हैं कि उन्होंने साल 2020 में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के खिलाफ कीचड़ उछालने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर दबाव डाला था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बातचीत का खुलासा करने वाले को जासूस करार देते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है, अमेरिका में लोकहित में जानकारी सार्वजनिक करने वालों की सुरक्षा के लिए कानून है। ट्रंप ने पहले भी ट्वीट करके कहा था कि मैं उस व्हिसिलब्लोअर से मिलना चाहता हूं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के डेमोक्रेट सदस्यों ने और सख्त रुख अपना लिया है। बताते चलें कि डेमोक्रेट्स आक्रमक तरीके से इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ रहे हैं और अगले हफ्ते बंद कमरे में इसकी सुनवाई शुरू करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उन्होंने यूक्रेन नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ फोन पर बात कर कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि महाभियोग जांच का नेतृत्व कर रहे जांचकर्ता और सदन की खुफिया मामलों की समिति के अध्यक्ष एडम शिफ को 'राजद्रोह' के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

8 से 14 अक्टूबर तक ब्रिटेन की संसद को स्थगित करने के लिए तैयार है पीएम बोरिस जॉनसन
3 October 2019
लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 8 से 14 अक्टूबर तक संसद को निलंबित करना चाहते हैं। यह जानकारी उनके डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय ने बुधवार को दी। इससे पहले संसद को निलंबित करने की उनकी कोशिश को उस वक्त झटका लग गया था, जब इसे गैरकानूनी घोषित किया गया था। एक बयान में कहा गया है कि इस समयसीमा का मतलब है कि सरकार के नए विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के लिए सभी आवश्यक तार्किक तैयारियों को सक्षम करने के लिए कम से कम समय के संसद स्थगित है। जॉनसन ने पहले 10 सितंबर से 14 अक्टूबर तक संसद को निलंबित करने की सलाह दी थी।
हालांकि, यूरोप की तरफ झुकाव रखने वाले सांसदों ने इस पर नाराजगी जताई थी और 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकल जाने के लंबित मामले में लोकतांत्रिक बहस को रोकने के प्रयास के रूप में इस कदम को देखा था। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में कानूनी चुनौतियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मोनार्क को दी गई जॉनसन की सलाह को गैरकानूनी माना था। ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने बोरिस जॉनसन के इस फैसले को रद्द कर दिया था और 25 सितंबर से संसद की कार्रवाई फिर से शुरू हुई थी।
इस कदम का मतलब होगा कि संसद मंगलवार को कामकाज बंद होने के बाद निलंबित हो जाएगी। फिर 9 और 10 अक्टूबर को सिर्फ दो दिनों मिस होंगे। जुलाई में पदभार ग्रहण करने वाले जॉनसन अगर संसद के अगले सत्र के लिए विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना चाहते हैं, तो उन्हें नए निलंबन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि मैं लोगों की प्राथमिकताओं को पूरा करना चाहता हूं।
रानी के एक भाषण के माध्यम से सरकार एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा), स्कूलों, अपराध से निपटने, बुनियादी ढांचे में निवेश करने और एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपनी योजनाओं को स्थापित करेगी। हम 31 अक्टूबर को ब्रेक्जिट कर लेंगे और इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करते रहेंगे।

अमेरिका में द्वितीय विश्व युद्ध के समय का लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, सात की मौत और नौ घायल
3 October 2019
न्यूयार्क। पूर्वोत्तर अमेरिकी राज्य कनेक्टिकट के एक हवाई अड्डे पर बुधवार को 13 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ उड़ान भर रहा द्वितीय विश्व के समय का लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। ब्रैडली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह करीब 10:00 बजे लैंडिंग की कोशिश करते वक्त यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय में बोइंग बी-17 विमान को अमेरिकी वायु सेना ने जर्मनी और जापान के खिलाफ तैनात किया था।
अधिकारियों ने बताया कि विमान में दस यात्री और चालक दल के तीन सदस्य सवार थे। इस विमान को कोलिंग्स फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जाता है, जो विंटेज विमानों में लोगों को उड़ान का अनुभव कराता है। कनेक्टिकट के राज्य आपदा आपातकालीन अधिकारी, जेम्स रोवेला ने बताया कि वहां कुछ लोगों की मौत हुई है, लेकिन मृतकों की सही संख्या के बारे में अभी बता पाना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि हादसे में जल गए पीड़ितों की पहचान करना बहुत मुश्किल है। हम गलती नहीं करना चाहते। रोवेला ने कहा कि जमीन पर विमान के रख-रखाव काम करने वाला एक अधिकारी भी हादसे में घायल हो गया है।
स्थानीय मीडिया ने बाद में अधिकारियों के हवाले से कहा कि दुर्घटना में कम से कम सात लोग मारे गए हैं और उस समय जमीन पर मौजूद तीन लोगों के साथ कुल नौ लोग घायल हो गए हैं। राज्य के हवाईअड्डा प्राधिकरण के निदेशक केविन डिलन ने कहा कि सुबह 9:45 बजे उड़ान भरने के दस मिनट बाद पायलटों ने कहा कि वे समस्या का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- हम देख सकते हैं कि विमान निश्चित रूप से ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया था। जमीन पर उतरते समय चालक दल ने विमान से नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। सोशल मीडिया पर और अमेरिकी मीडिया के आउटलेट्स द्वारा ली गई तस्वीरों में क्रैश साइट से निकलने वाले धुएं की मोटी काली परत दिखाई दी।

NSA अजित डोभाल ने की सऊदी प्रिंस से मुलाकात, कश्मीर को लेकर भी हुई चर्चा
2 October 2019
रियादः राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की. एनएसए डोभाल मंगलवार को सऊदी पहुंचे थे और आज क्राउस प्रिंस के साथ हुई उनकी बैठक करीब करीब 2 घंटे तक चली. इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के दृष्टिकोण और कार्यों के बारे में समझ व्यक्त की.
बता दें कि एनएसए डोभाल की सऊदी प्रिंस के साथ यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने सऊदी दौरे पर कश्मीर मुद्दे पर समर्थन मांगा था.
अजीत डोभाल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच के गहरे संबंधों को और मजबूत करेगी. यह ऐेसे समय में सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगी जब सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को एमबीएस की दृष्टि 2030 के अनुरूप विविधता लाने के लिए देख रहा है.

अक्टूबर में चीन की यात्रा पर जाएंगे इमरान खान, निवेशकों को लुभाना होगा एजेंडा
1 October 2019
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अक्टूबर में चीन की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह चीन के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और निवेशकों को लुभाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान खान 8 अक्टूबर को बीजिंग में चीन-पाकिस्तान व्यापार मंच में शिरकत करेंगे। हालांकि, इस यात्रा की तारीख की अभी तक पुष्टि नहीं की गई है। बताते चलें कि पीएम बनने के बाद इमरान खान की यह तीसरी चीन की यात्रा होगी। वह ऐसे समय में चीन की यात्रा करने जा रहे हैं, जब कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव चरम पर है। बीजिंग ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन किया है, लेकिन दुनिया के बाकी देशों ने पाकिस्तान का साथ देने से इंकार कर दिया है।
बताते चलें कि भारत सरकार ने पांच अगस्त को कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अस्थाई अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया था। इसके साथ ही लद्दाख को भी केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। पाकिस्तान इसके बाद से ही लगातार कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चीन के अलावा उसका साथ किसी भी देश ने नहीं दिया है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान का साथ देते हुए कहा था कि ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए, जो एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदले। भारत और पाकिस्तान दोनों के पड़ोसी के रूप में चीन उम्मीद करता है कि विवाद का प्रभावी रूप से हल निकाला जाएगा और दोनों पक्षों के बीच संबंध बहाल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था- कश्मीर मुद्दा अतीत से चला आ रहा एक विवाद है, जिसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौते के अनुसार शांतिपूर्वक और उचित तरीके से हल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इमरान खान पहली बार नवंबर 2018 में चीन की यात्रा पर गए थे। अप्रैल 2019 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए दूसरे बेल्ट एंड रोड फोरम में भाग लेने के लिए बीजिंग का दौरा किया था।

अमेरिकी सीनेटर कमला हैरिस चाहती हैं बंद कर दिया जाए ट्रंप का ट्विटर एकाउंट
1 October 2019
वॉशिंगटन। कैलिफोर्निया से सांसद कमला हैरिस ने ट्विटर से कहा है कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एकाउंट को बंद कर दें। सांसदों और व्हिसिलब्लोअर्स पर हमला करने के मामले में वह चाहती हैं कि कंपनी यह कदम उठाए। बताते चलें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर जो बिडेन और उनके बेटे की जांच कराने का दबाव बनाने के मामले की शिकायत एक व्हिसिलब्लोअर ने की है। इस मामले को लेकर अमेरिका की राजनीति गरमा गई है। हैरिस ने कहा कि ट्रंप के ट्विटर एकाउंट को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। इस बात के कई सबूत हैं, जो यह बताते हैं कि ट्रंप अपने शब्दों को लेकर कितने गैर-जिम्मेदार हैं, जिनका नतीजा नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कमला हैरिस ने कहा कि यदि आप उनके आज के ट्वीट को देख रहे हैं, तो आप पाएंगे कि यह उन्होंने सीधे व्हिसलब्लोअर को लेकर लिखा है। मुझे स्पष्ट रूप से लगता है कि इसके आधार पर और इससे पहले उन्होंने जो कांग्रेस के सदस्यों पर हमला किया था, उसे देखते हुए उनके ट्विटर अकाउंट को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। हालांकि, ट्विटर ने अभी तक कमला हैरिस की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मगर, ट्विटर नीति के अनुसार, किसी वैश्विक नेता को ट्विटर का इस्तेमाल करने से रोकना या उनके विवादित ट्वीट को हटाने से महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाएगा, जिसे लोगों को देखना चाहिए और बहस करनी चाहिए। ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करने के लिए ट्विटर का जबरदस्त इस्तेमाल किया है।
ट्रंप ने 25 जुलाई को अपने निजी वकील रूडी गिउलियानी और अटॉर्नी जनरल विलियम बर के साथ सहयोग करने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर एक यूक्रेनी गैस कंपनी की जांच करने का दबाव डाला था। यह कंपनी पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन के बेटे हंटर से संबंधित हो सकती है। यह जानकारी व्हाइट हाउस की तरफ से पिछले सप्ताह जारी किए गए कॉल की डिटेल से मिली है।
यूएस हाउस इंटेलिजेंस कमेटी ने गियुलियानी को समन भेजकर उनसे कहा है कि वह 24 सितंबर को हाउस डेमोक्रेट द्वारा शुरू किए गए ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच में सहयोग करें। इसके साथ ही यूक्रेन के साथ ट्रंप के सौदेबाजी से संबंधित दस्तावेज मुहैया कराएं। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ ट्रंप लगातार अपना बचाव करते रहे हैं। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा- हम एक व्हिसलब्लोअर के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास एक व्हिसलब्लोअर है, जो उन चीजों की रिपोर्ट करता है जो गलत थीं।

तमिलनाडु के 2000 से ज्यादा मछुआरों पर श्रीलंका की नौसेना हमला कर खदेड़ा
1 October 2019
रामेश्वरम। तमिलनाडु के 2,000 से अधिक मछुआरों पर श्रीलंका की नौसेना ने हमला कर खदेड़ दिया। बताया जा रहा है कि ये मछुआरे भारतीय समुद्री इलाके में मछली पकड़ रहे थे। यह जानकारी मछुआरा संघ के एक नेता ने दी। उन्होंने बताया कि श्रीलंका की नौसेना ने भारतीय समुद्री क्षेत्र में घुसकर मछली पकड़ रहे मछुआरों को खदेड़ दिया। रामेश्वरम मछुआरा संघ के अध्यक्ष पी. सेसुराजा ने बताया कि मछुआरे सोमवार को मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नाव लेकर गए थे। तभी श्रीलंकाई नौसेना कर्मियों ने भारतीय समुद्री क्षेत्र में घुसकर उन्हें खदेड़ दिया।
इसके साथ ही नौसैनिकों ने उनकी 10 नौकाओं में पड़े मछली पकड़ने के जालों को भी काट दिया। इसकी वजह से मछुआरों को बिना मछली पकड़े ही वापस लौटना पड़ा। यह पहली बार नहीं है जब श्रीलंका की नौसेना की तरफ से इस तरह की हरकत की गई हो। इससे पहले श्रीलंकाई नौसेनिकों ने 14 सितंबर को नेदुनतीवू तट के पास कथित तौर पर मछली पकड़ते हुए चार मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया था।
इससे पहले 28 जुलाई को भी श्रीलंका की नौसेना ने समुद्री सीमा में मछली पकड़ने के आरोप में सात भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था। भारत द्वारा श्रीलंका को सौंपे गए काछाथिबू द्वीप के पास जब रामेश्वरम और उसके आस-पास के इलाकों के मछुआरे मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने गश्त के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बताते चलें कि दोनों देशों के मछुआरों को अक्सर गलती से एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने के आरोप में गिरफ्तार कर लिए जाते हैं। मछुआरों की नाव में आधुनिक सिस्टम न होने के कारण अक्सर अंतर्राष्ट्रीय सीमा को पार कर जाते हैं।

14 साल की ईसाई लड़की अगवा, शादी के लिए मजबूर किया; 15 दिन से लापता
30 September 2019
फैसलाबाद. पाकिस्तान में 14 साल की ईसाई लड़की सामरा बीबी को अगवा कर उसके जबरिया निकाह का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उसका धर्म परिवर्तन भी करा दिया। घटना 16 सितंबर को फैसलाबाद में हुई। आरोपी को गिरफ्तारी के बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद से बच्ची लापता है। पुलिस ने घटना पर कोई बयान भी जारी नहीं किया। 27 अगस्त को अल्पसंख्यक सिख समुदाय की भी एक लड़की का अपहरण कर उसे निकाह के लिए मजबूर किया गया था। भारत के दबाव के बाद इस लड़की को छुड़ाकर परिवार को सौंप दिया गया था।
अल्पसंख्यक संगठन नाराज
सामरा को उस वक्त अगवा किया गया जब वो घर में अकेली थी। आरोपी मोहम्मद रमीज एक कट्टरपंथी संगठन का सदस्य है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगवा किए जाने के बाद सामरा का धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद रमीज ने उससे निकाह कर लिया। ईसाई संगठनों के विरोध के बाद रमीज को गिरफ्तार किया गया। लेकिन, कुछ ही देर बाद छोड़ दिया गया। 15 दिन से सामरा और आरोपी लापता हैं। घटना के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं।
कट्टरपंथियों के सामने कोई चुनौती नहीं
नेशनल माइनोरिटीज अलायंस ऑफ पाकिस्तान के प्रेसिडेंट रॉबिन डेनियल ने कहा, “समझ में नहीं आता कि इन बच्चियों से वस्तुओं की तरह व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्हें कोर्ट में पेश क्यों नहीं किया गया। नाबालिगों का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता। लेकिन कट्टरपंथियों को चुनौती देने का साहस किसी में नहीं है।”
पुलिस ने की परिवार से बदसलूकी
सामरा को अगवा किए जाते वक्त उसके भाई शहजाद ने दूर से देखा। उसने पुलिस को इस बारे में बताया तो उसके साथ बदसलूकी की गई। शहजाद के मुताबिक, चार लोग उसकी बहन को जबरन कार में डालकर ले गए। पीड़ित परिवार ने अब मानवाधिकार संगठनों से मदद मांगी है। इस संगठन के नवीद वॉल्टर ने कहा, “नाबालिग बच्चियां कट्टरपंथियों का आसान शिकार बन रही हैं। उनके साथ रेप किया जाता है। फिर ब्लैकमेलिंग के बाद हत्या कर दी जाती है। कुछ को खुदकुशी बताने की साजिश होती है। हाल ही में डॉक्टर नम्रता चंदानी के साथ भी यही हुआ।”
27 अगस्त को सिख लड़की अगवा की गई थी
27 अगस्त को ननकाना साहिब में 19 साल की सिख लड़की को अगवाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मर्जी के खिलाफ उसका निकाह भी करा दिया गया। पीड़िता के परिवार ने प्रधानमंत्री इमरान खान से मदद की गुहार लगाई। भारत में इस घटना का काफी विरोध हुआ। इसके बाद पुलिस ने लड़की को छुड़ाकर उसे परिवार को सौंप दिया।

कंज्यूमर गुड्स फैक्ट्री में आग लगने से 19 लोगों की मौत, 3 जख्मी
30 September 2019
बीजिंग. पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में रविवार को कंज्यूमर गुड्स फैक्ट्री में आग लगने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन जख्मी हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन बचाव दल को तत्काल मौके पर भेजा गया। इसके बावजूद कई लोग मारे गए। सुरक्षा नियमों को सही तरीके से लागू नहीं करने से चीन की फैक्ट्रियों में कई हादसे हो चुके हैं।
चीन की फैक्ट्रियों में हुए हादसे
मार्च में पूर्वी चीन के यांचेंग में केमिकल प्लांट में हुए धमाके में 44 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, पिछले साल नवंबर में उत्तरी चीन में केमिकल ले जा रहे ट्रक में धमाका होने से 23 लोगों की मौत हुई थी। इसी प्रकार, जुलाई 2018 में ही शिहुआन प्रांत में एक केमिकल प्लांट में धमाका होने से 19 लोगों की जान गई थी। हादसे की जांच में सामने आया था कि कंपनी को सुरक्षा सर्टिफिकेट नहीं मिला था और इसने अवैध तरीके से निर्माण भी कराया था। इससे पहले 2015 में टियानजिन शहर में हुए केमिकल धमाके में 165 लोगों की जान गई थी।

प्रिंस सलमान ने कहा- ईरान को रोकने के लिए दुनिया साथ नहीं आई, तो तेल के दाम अकल्पनीय स्तर पर होंगे
30 September 2019
रियाद. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि अगर दुनिया ईरान को रोकने के लिए साथ नहीं आई तो तेल के दाम अकल्पनीय रूप से बढ़ेंगे। सलमान ने कहा कि पूरी दुनिया को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होना होगा, वरना इससे सभी के हितों को नुकसान पहुंचेगा। इसी महीने की शुरुआत में सऊदी की तेल कंपनी अरामको की दो रिफाइनरियों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले हुए थे। इसकी जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी, लेकिन अमेरिका और सऊदी अरब दोनों ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। सलमान ने पहली बार इस मुद्दे पर कोई बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की वजह से तेल की सप्लाई बाधित होगी और तेल के दाम इतने ऊपर पहुंच जाएंगे, जितने हमने अपने पूरे जीवन में नहीं देखे होंगे।
ईरान करता रहा है हमलों से इनकार
सऊदी ने तेल संयंत्रों पर हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताने के लिए हथियारों की एक प्रदर्शनी भी रखी थी। इसमें दावा किया गया था कि इतने आधुनिक हथियार हूती विद्रोही चला ही नहीं सकते। हालांकि, ईरान लगातार हमले में हाथ होने से इनकार करता रहा है।
ईरान-सऊदी के युद्ध से पूरी दुनिया पर असर पड़ेगा
अमेरिकी चैनल सीबीएस को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा कि सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमला ईरान की तरफ से युद्ध की शुरुआत थी। इसके बावजूद वे ईरान के साथ विवाद का सैन्य नहीं बल्कि राजनीतिक हल चाहते हैं, क्योंकि युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। सलमान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मिलकर नई परमाणु संधि के बारे में बात करनी चाहिए। ताकि ईरान के प्रभाव को मध्यपूर्व में सीमित किया जा सके।
‘खशोगी को मारने का आदेश नहीं दिया’
इंटरव्यू के दौरान प्रिंस सलमान से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने तुर्की स्थित सऊदी दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी को मारने का आदेश दिया था, तो उन्होंने कहा- नहीं। हालांकि, प्रिंस ने कहा कि खशोगी की मौत की नैतिक जिम्मेदारी उनकी है, क्योंकि इसे सऊदी सरकार के कुछ लोगों ने अंजाम दिया। सलमान ने कहा कि यह एक गलती थी और मैं भविष्य में ऐसा कुछ भी रोकने के लिए कार्रवाई करने वाला हूं।
‘दोषियों पर कार्रवाई होगी, फिर चाहे वो कोई भी हो’
सलमान से यह भी पूछा गया कि आखिर उन्हें मालूम चले बिना ही विदेशी जमीन पर कैसे कोई ऑपरेशन हुआ? तो उन्होंने कहा कि सरकार में 30 लाख लोग काम करते हैं। यह असंभव है कि 30 लाख लोग मुझे अपने कामों की रिपोर्ट रोज भेजें। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्दी ही गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वो कोई भी हो, किसी भी पद पर हो।
वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखते थे जमाल खशोगी
पिछले साल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में खशोगी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से मोहम्मद बिन सलमान ने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई बयान नहीं दिया था। अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईए) और कुछ पश्चिमी देशों की सरकार ने कहा था कि उनकी हत्या के लिए सऊदी प्रिंस ने आदेश दिए थे। लेकिन सऊदी के अधिकारियों ने कहा था कि खशोगी की हत्या में प्रिंस की कोई भूमिका नहीं है।

यूएन / भारत का जवाब- जेंटलमैन गेम खेल चुके इमरान का भाषण बंदूकों के अवैध कारोबार की याद दिलाता है
28 September 2019
न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भड़काऊ भाषण का जवाब शनिवार को दिया। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय की फर्स्ट सेक्रेटरी विदिशा मैत्रा ने कहा कि जेंटलमैन गेम खेलने वाले इमरान का भाषण बंदूकों के अवैध कारोबार की याद दिलाता है। इमरान का भाषण दर्रा आदमखेल की बंदूकों जैसा असभ्य था। पेशावर (पश्चिमोत्तर पाकिस्तान) में स्थित यह इलाका हथियारों की कालाबाजारी के लिए बदनाम है। मुजाहिदीन यहां मिलने वाली डुप्लीकेट एके-47 राइफलों के बड़े ग्राहक हैं।
इससे पहले इमरान खान ने शुक्रवार को दिए भाषण में कहा था कि कश्मीर के हालात देखकर दुनिया में मौजूद 130 करोड़ मुस्लिम चरमपंथी हो जाएंगे। कश्मीर में होता तो मैं भी बंदूक उठा लेता, वहां कर्फ्यू हटते ही रक्तपात होगा। 9/11 से पहले श्रीलंका में हिंदू आत्मघाती हमले करते थे, मगर उन पर कोई इल्जाम नहीं लगाता।
मैत्रा ने कहा- पाक ओसामा बिन लादेन का बचाव करने वाला देश था
>>‘‘एक इंसान जो कभी जेंटलमैन गेम क्रिकेट खेलता था, उन्होंने दुनिया के सामने नफरत भरा भाषण दिया। इमरान खान का परमाणु युद्ध की बातें करना उन्हें कुशल राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं बल्कि अस्थिर नेता के तौर पर दिखाता है। क्या पाकिस्तान बता सकता है कि क्यों वह अलकायदा और अन्य आतंकियों के लिए पेंशन देता है। क्या प्रधानमंत्री खान यह कबूलेंगे कि पाकिस्तान ओसामा बिन लादेन का बचाव करने वाला देश था।’’
>>‘‘दुनिया में पाकिस्तान अकेला देश है, जो आतंकियों को पनाह देता है। क्या पाकिस्तान इस बात को मानता है कि उसकी जमीन 130 आतंकियों की पनाहगाह है, जिनमें से 25 यूएन द्वारा घोषित आतंकी है।’’
>>‘‘हम आपसे मांग करेंगे कि आप इतिहास को याद रखें। आप न भूले कि 1971 में पाकिस्तान ने किस तरह ईस्ट पाकिस्तान में अपने ही लोगों का नरसंहार किया था। लोगों को पाकिस्तान जाकर नागरिकों का हाल देखना चाहिए। जहां पाकिस्तान आतंकवाद पर जोर देता है, वहीं भारत विकास के मुद्दे पर। भारतीय नागरिकों को बिल्कुल जरूरत नहीं है कि कोई उनके लिए बोले।’’
>>‘‘पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने यूएन ऑब्जर्वरों को पाकिस्तान आने को कहा है ताकि यह जांच की जा सके कि वहां कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं है? क्या दुनिया उन्हें यह वादा याद दिलाएगी। हमने इमरान खान से जो कुछ भी सुना वह दुनिया के प्रति उनका एकतरफा नजरिया था। इसमें मैं बनाम बाकी सब, अमीर बनाम गरीब, उत्तर बनाम दक्षिण, विकसित देश बनाम विकासशील देश और मुस्लिम धर्म बनाम अन्य धर्म की बातें थीं।’’
>>‘‘क्या पाकिस्तान इस बात से इनकार कर सकता है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने उसे नोटिस दिया है कि 27 मापदंडों में से 20 का उल्लंघन उसने किया है? यह वो देश है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय का आकार लगातार कम हुआ है। 1947 में जिनकी संख्या 23% थी आज वो सिमटकर केवल 3% रह गई है। इनमें क्रिश्चियन, सिख, हिंदू, शिया, सिंधी समेत कई समुदाय शामिल हैं।’’

US: टेक्‍सास के पहले पगड़ीधारी सिख पुलिस अधिकारी की हत्‍या, भारत ने जताया गहरा शोक
28 September 2019
नई दिल्‍ली: अमेरिकी प्रांत टेक्‍सास (Texas) के पहले पगड़ीधारी सिख पुलिस अधिकारी संदीप धालीवाल (42) की गोली मारकर हत्‍या कर दी. भारतीय-अमेरिकी संदीप धालीवाल (Sandeep Dhaliwal) को उस वक्‍त कई गोलियां गोली मारी गईं जब उन्‍होंने एक गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका. पुलिस के मुताबिक उस गाड़ी में एक महिला और पुरुष थे. जब संदीप धालीवाल ने उनकी गाड़ी को रोका तो उनमें से एक ने निकलकर संदीप को दो गोलियां मारीं. संदीप धालीवाल हैरिस काउंटी में डिप्‍टी शैरिफ थे. वह पिछले 10 सालों से टेक्‍सास पुलिस विभाग में थे.
शैरिफ एड गोंजालेज ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि उसके बाद हमने तत्‍काल उनके डैशकैम से संदिग्‍ध की फोटो ली और मुखबिरों एवं खुफिया विभाग के माध्‍यम से खोजबीन की. पुलिस के मुताबिक इस आधार पर 47 साल के संदिग्‍ध रॉबर्ट सोलिस को पकड़ा गया है. उससे मर्डर चार्ज में पूछताछ की जा रही है. अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है कि क्‍या यह घृणा अपराध ( Hate Crime) था. शैरिफ एड ने कहा, ''एक हीरो को खोकर हमारा दिल टूट गया. हिंसक तरीके से एक लीडर की हत्‍या की गई. हमारे पास अपने दुख को व्‍यक्‍त करने के लिए शब्‍द नहीं हैं...हमारे अंदर आक्रोश है...हम इंसान हैं...''
टेक्‍सास के सीनेटर जॉन कॉर्निन ने पुलिस विभाग की पोस्‍ट को शेयर करते हुए याद किया कि 2015 में किस तरह संदीप धालीवाल ने यह सम्‍मान हासिल किया था कि वह ड्यूटी के दौरान सिख पगड़ी पहन सकते हैं और दाढ़ी रख सकते हैं. उन्‍होंने कहा, ''ऑफिसर धालीवाल टेक्‍सास के पहले सिख थे जो ड्यूटी पर पगड़ी पहनते थे. आज ड्यूटी के दौरान उनको गोली मार दी गई. मेरी संवेदनाएं परिवार, मित्रों और साथी अधिकारियों के प्रति हैं.''
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संदीप धालीवाल की मौत पर गहरा शोक व्‍यक्‍त किया है. एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, ''ह्यूस्‍टन के भारतीय-अमेरिकी अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल की हत्‍या की खबर सुनकर गहरा दुख पहुंचा. हाल ही में हम उस शहर गए थे. मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं.''

नेपाल / सेंट्रल बैंक ने गुरु नानक जयंती के उपलक्ष्य में सिख प्रतीक वाले 3 सिक्के जारी किए
28 September 2019
काठमांडू. सेंट्रल बैंक ऑफ नेपाल ने शुक्रवार को आगामी गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य में सिख प्रतीक वाले तीन सिक्के जारी किए। यह सिक्के 100, 1000 और 2500 नेपाली रुपए के हैं। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर चिरंजीबी नेपाल और भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी ने सिक्के लॉन्च किए। बाजार में ये सिक्के 30 सितंबर से उपलब्ध होंगे। गुरु नानक देव की 550वीं जयंती 12 नवंबर को मनाई जाएगी।
कार्यक्रम में मंजीव सिंह ने कहा, ‘‘सिखों और गुरु नानक देव को मानने वालों के लिए के लिए गर्व का दिन है। सिख समुदाय के लोग दुनिया के हर कोने में बड़ी संख्या में रहते हैं।’’
सिख धरोहरों पर आधारित किताब लॉन्च
कार्यक्रम में नेपाल की सिख धरोहरों पर आधारित किताब भी लॉन्च की गई। यह किताब नेपाल में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर बीपी कोईराला इंडिया-नेपाल फाउंडेशन ने प्रकाशित की। इस कार्यक्रम में पंजाब के सिख नेता और लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल भी मौजूद रहे।

प्रिंस सलमान ने कहा- पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए मैं जिम्मेदार, क्योंकि यह मेरी निगरानी में हुई
27 September 2019
रियाद.सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पहली बार पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या पर बयान दिया है। हाल ही में अमेरिका की पब्लिक ब्रॉडकास्टर सर्विस ने खशोगी की हत्या पर बनी डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज किया है। इसमें एक मौके पर प्रिंस सलमान कहते हैं कि खशोगी की हत्या के लिए वे जिम्मेदार हैं, क्योंकि यह उन्हीं की निगरानी में हुई।
खशोगी की हत्या के मामले में क्राउन प्रिंस का पहला बयान
1.पिछले साल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में खशोगी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से मोहम्मद बिन सलमान ने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई बयान नहीं दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईए) और कुछ पश्चिमी देशों की सरकार ने कहा था कि उनकी हत्या के लिए सऊदी प्रिंस ने आदेश दिए थे। लेकिन सऊदी के अधिकारियों ने कहा था कि खशोगी की हत्या में प्रिंस की कोई भूमिका नहीं है।
2.इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण अगले हफ्ते खाशोगी की हत्या के एक साल पूरे होने से ठीक पहले 1 अक्टूबर को किया जाएगा। डॉक्यूमेंट्री के कुछ पार्ट्स को सोशल मीडिया पर भी रिलीज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रिंस सलमान का यह बयान आपराधिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी छवि बनाए रखना चाहते हैं।
स्काइप पर दिया गया था खशोगी की हत्या का आदेश
3. वकील ने राॅयटर्स के हवाले से बताया कि प्रिंस के शीर्ष सलाहकार सउद अल-काहतानी ने हत्यारों को स्काइप पर हत्या करने के आदेश दिए थे। स्मिथ ने जब प्रिंस से पूछा कि क्या हत्यारों ने निजी सरकारी जेट लिया था? इस पर प्रिंस ने जवाब दिया, “मेरे पास अधिकारी, मंत्री हैं जो इन सब चीजों को फॉलो करते हैं और वे जिम्मेदार हैं। उनके पास ऐसा करने का अधिकार है।”
4. इससे पहले सऊदी अधिकारी खाशोगी की हत्या में हाथ होने से इनकार करते रहे हैं। हालांकि, तुर्की के अखबार इस मामले में खुलासा करते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की हत्याकांड से जुड़ी एक रिपोर्ट में एक्सपर्ट क्लामर्ड ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से कहा था कि खशोगी की हत्या से जुड़े सबूतों के आधार पर कहा जा सकता है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और उनके उच्चाधिकारी हत्या से जुड़े हुए थे।
5. अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जून में रायटर्स को बताया था कि ट्रम्प प्रशासन ने हत्या के पीछे के कारणों की पड़ताल करने के लिए सऊदी अरब पर दबाव बनाए हुए थे। इस हत्या के लिए 11 सऊदी नागरिकों पर गुप्त तरीके से कार्रवाई की जा रही है और इस पर केवल कुछ ही सुनवाई पूरी हुई है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में प्रिंस मोहम्मद और अन्य सऊदी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने की सिफारिश की गई थी।
6. खशोगी अमेरिकी समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट के कॉलमनिस्ट थे। उन्हें आखिरी बार 2 अक्टूबर को इस्तांबुल के सऊदी अरब के दूतावास के बाहर देखा गया था। वह वहां अपनी शादी के लिए जरूरी कागजात लेने गए थे। तुर्की के सबा अखबार ने दावा किया था कि सऊदी अरब से एक हिट टीम जमाल खशोगी को रियाद ले जाने का बहाना किया। लेकिन जब खशोगी नहीं माने तो दूतावास में ही खशोगी का चेहरा ढककर दम घोंट दिया गया।

सुरक्षा परिषद से पाक की मांग- हाफिज सईद को जरूरतें पूरी करने के लिए बैंक से पैसे निकालने दें
27 September 2019
लाहौर. पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थक चेहरा एक बार फिर नजर आया। इमरान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से मांग की थी कि वह 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को हर महीने बैंक से कुछ रकम निकालने की अनुमति दी जाए, ताकि वह अपनी मूलभूत जरूरतें पूरी कर सके। यूएन की कमेटी ने पाक सरकार की बात मानते हुए सईद को अपने और परिवार के भरण-पोषण के लिए निजी अकाउंट इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी।
पाक की मांगों पर किसी ने नहीं दर्ज कराई आपत्ति
यूएनएससी में हाफिज को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के बाद से ही उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगे हैं। इस साल जुलाई में पाकिस्तान सरकार ने हाफिज को गिरफ्तार कर उसके सभी बैंक अकाउंट बंद कर दिए थे। हालांकि, पिछले महीने इमरान सरकार ने यूएन से अपील की थी कि वह सईद को डेढ़ लाख पाकिस्तानी रुपए निकालने की अनुमति दे। इस पर यूएन कमेटी ने पत्र जारी कर कहा कि पाक की मांग पर किसी भी देश ने आपत्ति नहीं दर्ज कराई, लिहाजा सईद को रकम निकालने की अनुमति दी जाती है।
आतंकियों पर कार्रवाई न करने के लिए ब्लैक लिस्ट हो सकता है पाक
टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पिछले साल पाक को आतंकवादियों पर कार्रवाई न करने के लिए अपनी ग्रे लिस्ट में डाला था। इसके बाद से ही पाक की अर्थव्यवस्था लगातार नीचे गिरी है। अक्टूबर में एफएटीएफ एक बार फिर पाक को लेकर समीक्षा बैठक करेगा। हालांकि, माना जा रहा है कि इस बार उसे आतंक पर कार्रवाई में नाकाम रहने के लिए ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है।
26/11 हमले का मास्टरमाइंड है हाफिज सऊद
हाफिज सईद पाकिस्तान में जमात-उद-दावा का प्रमुख है। इस संगठन को लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य चेहरा माना जाता है। 2008 के मुंबई हमले का मास्टरमाइंड भी सईद ही है। अमेरिका ने सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया है। उस पर 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपए) का इनाम भी रखा गया है। इसी साल मार्च में पाक सरकार ने हाफिज के संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगाया था।

सऊदी अरब पर्यटकों के लिए वीजा जारी करेगा, तेल से आय पर निर्भरता खत्म करने के लिए फैसला
27 September 2019
रियाद. सऊदी अरब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब टूरिस्ट वीजा जारी करेगा। सऊदी शासन ने शुक्रवार को विश्व पर्यटन दिवस पर इसका ऐलान किया। दरअसल, सऊदी अरब अब अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए तेल पर निर्भरता कम करना चाहता है। क्राउन प्रिंस सलमान इसके लिए विजन 2030 कार्यक्रम सामने रख चुके हैं। ऐसे में उनका शासन पर्यटन को आय का नया जरिया बनाना चाहता है।
सऊदी में यूनेस्को की 5 वर्ल्ड हेरिटेज साइट
1. इससे पहले सऊदी में सिर्फ विदेश से नौकरी के लिए आने वाले कामगारों, उनके परिवारवालों और मक्का-मदीना जाने वाले मुस्लिम तीर्थयात्रियों के लिए ही वीजा जारी होता था। सऊदी के पर्यटन मंत्री अहमद अल-खतीब ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हमारे पास जो कुछ भी पर्यटकों को दिखाने के लिए है, उसे देखकर वे चौंक जाएंगे। हमारे पास यूनेस्को की पांच वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, शानदार स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा है।
विदेशी महिलाओं के लिए पहनावे के नियमों में छूट
2.ब्लूमबर्ग से हुई बातचीत में खतीब ने बताया कि सऊदी 49 देशों के नागरिकों के लिए ऑनलाइन टूरिस्ट वीजा आवेदन शुरू करेगा। इसमें विदेशी नागरिकों के लिए नियमों में छूट भी दी जाएगी। विदेशी महिलाओं के लिए कड़े ड्रेस कोड के नियम खत्म किए जाएंगे। इससे वे ‘अबाया’ (चेहरे को ढंकने का कपड़ा) पहने बिना भी सड़कों पर निकल सकेंगी। हालांकि, उन्हें शालीन कपड़े पहनने होंगे।
सऊदी में कड़े नियमों में छूट जारी
3.सऊदी अरब ने हाल ही में महिलाओं को बिना पुरुष अभिभावकों की मंजूरी के विदेश यात्रा पर जा सकने वाला कानून पास किया था। महिलाओं को अपनी पसंद से शादी करने में भी छूट दी गई है। सऊदी इससे पहले पारंपरिक गार्जियनशिप सिस्टम के तहत महिलाओं को कानूनी रूप से स्थाई तौर पर अवयस्क माना जाता था। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सत्ता में आने के बाद से यहां महिलाओं को कई हक मिले हैं। दो साल पहले महिलाओं को फुटबॉल स्टेडियम में बैठकर मैच देखने की इजाजत मिली थी। वहीं उन्हें ड्रा‌इविंग की छूट भी पिछले साल जून में दी गई थी। 2020 तक 30 लाख महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाने का लक्ष्य है।
विजन 2030 का असर
4.सऊदी अरब की गिनती दुनिया के सबसे कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए पाबंदियां बहुत ज्यादा और सख्त हैं। हालांकि, देश विजन 2030 के तहत तेल के निर्यात से होने वाले राजस्व पर निर्भरता कम करना चाहता है। प्रिंस सलमान इसके लिए देश में कई बदलाव कर रहे हैं। महिलाओं पर लगी पाबंदियों और नियम-कायदों को ढील देने के साथ सऊदी के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे फैसले लिए गए हैं।

PoK में 3 दिन के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके, रिक्‍टर पैमाने पर तीव्रता 4.8
26 September 2019
नई दिल्‍ली : बीते मंगलवार को पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (PoK) और कश्‍मीर (Kashmir) के कुछ हिस्‍सों में आए भूकंप के बाद गुरुवार को भी पीओके और जम्‍मू-कश्‍मीर के सीमावर्ती इलाकों में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप दोपहर 12.31 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्‍टर पैमाने 4.8 मापी गई. मौसम विभाग ने कहा है कि भूकंप का केंद्र पाकिस्‍तान-भारत (जम्‍मू-कश्‍मीर) बॉर्डर पर रहा. हालांकि इस भूकंप में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
उल्‍लेखनीय है कि बीते 24 सितंबर को पीओके में आए 5.8 की तीव्रता के भूकंप में मरने वालों की संख्या 37 हो गई है, वहीं घायलों की संख्या 500 पहुंच गई है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. मंगलवार को आया भूकंप इतना मजबूत था कि इसे भारत की राजधानी नई दिल्ली सहित भारत के उत्तरी हिस्सों में भी महसूस किया गया था.
ये झटके 8-10 सेकेंड तक महसूस किए गए थे, लेकिन इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी और लाहौर के प्रमुख शहरों सहित पूरे पाकिस्तान में इसके जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र पंजाब प्रांत के झेलम से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर में मीरपुर शहर के पास था.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, मीरपुर के जिला प्रशासन ने बुधवार को पुष्टि की कि 459 घायलों में से 160 की हालत गंभीर है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार, 24 पीड़ित सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मीरपुर जिले के थे.

13,500 करोड़ के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता हुआ साफ, जानें कैसे
26 September 2019
न्यूयॉर्क : एंटिगुआ और बारबूडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन (Gaston Browne) ने कहा है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को भारत (India) तब प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा, जब उसकी याचिकाओं का निपटारा हो जाएगा. ब्राउन ने भारत के सरकारी प्रसारणकर्ता डीडी न्यूज से कहा, "हम कानून को मानने वाले एक देश हैं, और मामला न्यायपालिका के समक्ष है."
एंटिगुआ (Antigua) के प्रधानमंत्री ने चोकसी को धूर्त करार देते हुए कहा, "उसने (चोकसी) कई याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं और जबतक उसकी याचिकाएं निपट नहीं जातीं, हम कुछ नहीं कर सकते." उन्होंने कहा, "एंटिगुआ बारबूडा को उससे कोई लाभ नहीं है." प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी उससे पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं.
उल्लेखनीय है कि चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी साल भर पहले देश छोड़कर भाग गए थे. दोनों 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं. चोकसी को एंटिगुआ और बारबूडा ने इस साल के प्रारंभ में नागरिकता दे दी थी.

अमेरिका-ईरान में तनाव के बीच आज हसन रूहानी और पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे मुलाकात...
26 September 2019
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से आज मुलाकात करेंगे. दोनों देशों की यह बैठक इसलिए अहम हैं क्योंकि मौजूदा दौर में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के अपने चरम पर बना हुआ है. इससे पहले मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी.
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ईरान और अमेरिका मामले में खुद को ठेकेदार बनाने पर तुले हैं. इमरान ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) ने उन्हें ईरान के साथ विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए कहा है. खान ने मंगलवार को कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने मुझसे कहा कि अगर ईरान के साथ तनाव कम होता है, तो हम संभवत: एक दूसरे करार के साथ सामने आ सकते हैं."
इमरान खान ने कहा, "मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक के बाद तुरंत सोमवार को राष्ट्रपति (हसन) रूहानी से बात की. लेकिन, अभी मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता. हम कोशिश कर रहे हैं और मध्यस्थता कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "क्राउन प्रिंस ने भी मुझे तनाव को कम करने के लिए ईरानी राष्ट्रपति से बात करने को कहा है." माना जाता है कि पाकिस्तान का तालिबान पर असर है और अफगानिस्तान में शांति तथा वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की कोशिशों में पाकिस्तान की खास भूमिका है.
इस समझौते के प्रयास में ट्रंप के लिए इमरान को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है. अब ईरान के साथ निभाई जाने वाली भूमिका ट्रंप के लिए खान के प्रभाव को और मजबूत कर सकती है. ईरान के साथ 2015 के बहुपक्षीय परमाणु सौदे से ट्रंप के बाहर निकलने के बाद से ही खाड़ी क्षेत्र में संकट पैदा हो गया है.
इसके बाद से ट्रंप ने तेहरान पर कई प्रतिबंध लगाए, जिनमें इसके तेल निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध प्रमुख हैं. तनाव बढ़ने पर ईरान ने जून में एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराया था. इसके बाद तनाव चरम पर पहुंच गया, मगर ट्रंप ने अंतिम क्षण में ईरान पर अमेरिकी मिसाइल हमले को रोक दिया. जून में ओमान की खाड़ी में भी दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया था और 14 सितंबर को ड्रोन हमलों से सऊदी तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ.
हालांकि यमन में ईरान समर्थित हैती विद्रोहियों ने सऊदी की रिफाइनरी पर हमलों की जिम्मेदारी का दावा किया है, मगर अमेरिका ने इसके लिए ईरान को ही दोषी ठहराया है. फ्रांस के राष्ट्रपति अमेरिका व ईरान के इस तनाव को कम करने के लिए ट्रंप और रूहानी को मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जोकि फिलहाल संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं.
रूहानी ने हालांकि अमेरिकी द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने तक फिलहाल इस तरह की बैठक पर विचार करने से इनकार कर दिया है. अफगानिस्तान के बारे में खान ने कहा, "हम अब कोशिश कर रहे हैं कि तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू हो."

स्पीकर पेलोसी ने ट्रम्प पर देश को धोखा देने का आरोप लगाया, महाभियोग लाने के लिए जांच बैठाई
25 September 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रम्प पर देश को धोखा देने का आरोप लगाया। पेलोसी ने कहा कि ट्रम्प ने अपने प्रतिद्वंद्वी को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी ताकतों की मदद ली, इसलिए उनके खिलाफ महाभियोग जांच बैठाई जाएगी।
ट्रम्प पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमर जेलेंस्की पर डेमोक्रेट नेता जो बिडेन और उनके बेटे हंटर के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की जांच कराने के लिए दबाव बनाया था। एक व्हिसलब्लोअर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, ट्रम्प कह चुके हैं कि वे जेलेंस्की के साथ फोन कॉल में हुई बातचीत का ब्योरा देने के लिए तैयार हैं। ट्रम्प ने हाल ही में कबूला था कि उनके और जेलेंस्की के बीच बिडेन पर चर्चा हुई थी।
ट्रम्प पर आरोप- यूक्रेन को दी आर्थिक मदद रोकने की धमकी
अब तक यह साफ नहीं है कि ट्रम्प ने फोन पर जेलेंस्की से क्या बात की। हालांकि, विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि ट्रम्प ने पूर्व उपराष्ट्रपति बिडेन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कराने के लिए यूक्रेन को आर्थिक मदद रोकने की धमकी दी। उन्होंने मदद रोकने की बात इसलिए की, ताकि यूरोपीय देश यूक्रेन की मदद के लिए आगे आएं।
पेलोसी ने ट्रम्प पर संवैधानिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “इसी हफ्ते राष्ट्रपति ने कबूला कि उन्होंने यूक्रेन से ऐसी कार्रवाई की मांग की, जिससे उन्हें राजनीतिक तौर पर मदद मिले। इसलिए राष्ट्रपति को उत्तरदायी बनाना जरूरी है।” बिडेन ने भी ट्रम्प पर महाभियोग चलाने का समर्थन किया।
क्या राष्ट्रपति पद से हट सकते हैं ट्रम्प?
पेलोसी के महाभियोग जांच के ऐलान के बाद अब आधिकारिक तौर पर ट्रम्प पर लगे आरोपों की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि ट्रम्प ने किसी संवैधानिक जिम्मेदारी का उल्लंघन किया है या नहीं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संसद ट्रम्प के खिलाफ कार्रवाई पर वोटिंग करेगी। चूंकि, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट बहुमत में हैं, इसलिए वहां से ट्रम्प पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन उच्च सदन सीनेट से ट्रम्प पर कार्रवाई की संभावनाएं कम हैं। सीनेट में रिपब्ल्किन पार्टी बहुमत में है।

गेट्स फाउंडेशन ने मोदी को अवॉर्ड दिया, प्रधानमंत्री बोले- यह करोड़ों भारतीयों का सम्मान
25 September 2019
न्यूयाॅर्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। मोदी को यह पुरस्कार लिंकन सेंटर ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स में हुए एक कार्यक्रम में दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार स्वच्छ भारत अभियान के जरिए स्वच्छता के क्षेत्र में नेतृत्व के लिए दिया गया। विकास कार्यक्रमों के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार को काफी प्रतिष्ठित माना जाता है।
इस मौके पर फाउंडेशन ने कहा कि इस अभियान से भारत में 50 करोड़ लोगों को स्वच्छता की सुरक्षा मिली। प्रधानमंत्री ने यह पुरस्कार मिलने पर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को धन्यवाद किया। मोदी ने कहा, ‘‘ये सम्मान मेरा नहीं बल्कि उन करोड़ों भारतीयों का है जिन्होंने स्वच्छ भारत के संकल्प को न केवल सिद्ध किया बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ढाला है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर मुझे ये अवार्ड दिया जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। ये इस बात का प्रमाण है कि अगर 130 करोड़ लोगों की जनशक्ति, किसी एक संकल्प को पूरा करने में जुट जाए, तो किसी भी चुनौती पर जीत हासिल की जा सकती है।’’
2014 के बाद ग्रामीण स्वच्छता का दायरा 100% हुआ- मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं ये सम्मान उन भारतीयों को समर्पित करता हूं जिन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को एक जनआंदोलन में बदला, जिन्होंने स्वच्छता को अपनी दैनिक जिंदगी में सर्वोच्च प्राथमिकता देनी शुरू की। हाल-फिलहाल में किसी देश में ऐसा अभियान सुनने और देखने को नहीं मिला। ये अभियान शुरू भले हमारी सरकार ने किया था, लेकिन इसकी कमान जनता ने खुद अपने हाथों में ले ली थी। इसी का नतीजा था कि बीते पांच साल में देश में रिकॉर्ड 11 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया जा सका। 2014 से पहले जहां ग्रामीण स्वच्छता का दायरा 40% से भी कम था, आज वो बढ़कर करीब-करीब 100% पहुंच रहा है।’’
‘स्वच्छता अभियान लाखों जिंदगियों के बचने का माध्यम बना’
मोदी ने कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता, किसी भी आंकड़े से ऊपर है। इस मिशन ने अगर सबसे ज्यादा लाभ किसी को पहुंचाया तो वो देश के गरीब को, देश की महिलाओं को। शौचालय न होने की वजह से अनेक बच्चियों को अपनी स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थीं। हमारी बेटियां पढ़ना चाहती हैं, लेकिन शौचालय की कमी, उन्हें स्कूल छोड़कर घर बैठने के लिए मजबूर कर रही थी। आज मेरे लिए ये बहुत संतोष की बात है कि स्वच्छ भारत मिशन, लाखों जिंदगियों के बचने का माध्यम बना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ही रिपोर्ट है कि स्वच्छ भारत की वजह से तीन लाख जिंदगियों को बचाने की संभावना बनी है।’’
‘गांधी ने स्वच्छता का जो सपना देखा, वो अब साकार हो रहा’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में भी आया है कि भारत में ग्रामीण स्वच्छता बढ़ने से बच्चों में दिल की समस्याएं कम हुई हैं और महिलाओं के बॉडी मास इंडेक्स में भी सुधार आया है। आज मुझे इस बात की भी खुशी है कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता का जो सपना देखा था, वो अब साकार होने जा रहा है। गांधी जी कहते थे कि एक आदर्श गांव तभी बन सकता है, जब वो पूरी तरह स्वच्छ हो। आज हम गांव ही नहीं, पूरे देश को स्वच्छता के मामले में आदर्श बनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन ने न सिर्फ भारत के करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है, उनकी गरिमा की रक्षा की है बल्कि संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों को भी प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाई है।’’
‘मोदी की वैश्विक नेता के रूप में छवि बेहतर होगी’
यह पुरस्कार सतत विकास के लक्ष्यों में उपलब्धि हासिल करने के लिए किसी वैश्विक नेता को दिया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार नार्वे के प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग और लाइबेरिया के राष्ट्रपति सरलीफ को दिया जा चुका है। जानकारों का कहना है कि गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवार्ड, सोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण पुरस्कारों से मोदी की शांति, विकास और गरीबों के उत्थान की दिशा में काम करने वाले वैश्विक नेता के रूप में छवि बेहतर होगी।

इमरान ने माना- कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में नाकाम रहे
25 September 2019
न्यूयॉर्क. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मान लिया है कि वे कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में असफल रहे। इमरान ने मंगलवार को कहा कि वे इस मुद्दे की गंभीरता को न समझ पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से खफा हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद बीते कुछ समय से ही पाक हर वैश्विक मंच पर इस मुद्दे को उठाता रहा है, लेकिन चीन के अलावा उसे अब तक किसी भी देश का साथ नहीं मिला।
इमरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निराश हूं। अगर 80 लाख यूरोपियन या ज्यूस (यहूदी) या सिर्फ 8 अमेरिकी ही कहीं फंसे होते तो क्या वैश्विक नेताओं का रवैया ऐसा होता? मोदी पर अब तक प्रतिबंध खत्म करने का कोई दबाव नहीं बनाया गया है, लेकिन हम उन पर दबाव बनाना जारी रखेंगे। 9 लाख से ज्यादा सेना वहां (कश्मीर में ) क्या कर रही है? एक बार कर्फ्यू खत्म हो गया तो न जाने वहां क्या होगा। आपको लगता है कश्मीरी चुपचाप बैठेंगे?
‘भारत के आर्थिक स्तर की वजह से दुनिया नहीं देखती हमारा नजरिया’
कार्यक्रम के दौरान जब इमरान से पूछा गया कि क्यों दुनिया कश्मीर पर उनके नजरिए को नहीं मान रही तो पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे भारत का आर्थिक स्तर और वैश्विक प्रमुखता है। उन्होंने कहा कि भारत 120 करोड़ लोगों का बाजार है। कुछ लोग इस बात को तरजीह देते हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी नाकाम हुआ था पाक
इससे पहले पाक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में कश्मीर पर प्रस्ताव लाने के लिए समर्थन जुटाने में नाकाम रहा। ज्यादातर देशों ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने से इनकार कर दिया था। यहां तक कि 57 देशों के इस्लामिक कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (आईओसी) ने भी पाक का साथ नहीं दिया। यह भारत की कूटनीतिक जीत थी।
भारत के साथ रूस, बांग्लादेश समेत कई देश
भारत पहले ही साफ कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति देश का आंतरिक मामला है। भारत के रुख को सार्क समेत दुनिया के कई देशों का समर्थन मिल चुका है। रूस, यूएई, बांग्लादेश समेत कई देश इसे भारत का अंदरूनी मामला बता चुके हैं।

न्यूयॉर्क में आज ट्रंप से मिलेंगे PM मोदी, दो दिन में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात
24 September 2019
न्यूयॉर्क. ह्यूस्टन में रविवार को हुए ‘हाउडी मोदी’ (Howdy Modi) कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से मिलेंगे. दो दिन में ये दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात होगी. पीएम मोदी और ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र से इतर द्विपक्षीय बैठक करेंगे.. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने बताया कि महासभा के सभागार में संयुक्त राष्ट्र की आम बहस को ट्रंप के संबोधित करने के बाद पीएम मोदी (PM Modi) और अमेरिका के राष्ट्रपति स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:15 बजे (भारतीय समयानुसार रात पौने 10 बजे) संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मुलाकात करेंगे. भारतीय अधिकारियों ने बैठक के एजेंडे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है. उन्होंने कहा कि जानकारी के लिए बैठक का इंतजार करना चाहिए. ह्यूस्टन में पीएम मोदी का जोरदार हुआ स्वागत 21 सितंबर को पीएम मोदी अमेरिका पहुंचे थे. अमेरिका के ह्यूस्टन (Houston) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के स्वागत में ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और पूरी दुनिया में उसकी चर्चा हुई. पीएम मोदी और ट्रंप ने इस प्रोग्राम के तहत 70 हजार भारतीय को सबोंधित किया. इससे पहले अमेरिकी ज़मीन पर किसी विदेशी राजनीतिक के लिए इतने बड़े स्तर पर पहले कभी ऐसा आयोजन नहीं हुआ था. सिर्फ यही नहीं, इस कार्यक्रम के बहाने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की एक नई इबारत लिखी गई. ट्रंप ने भारत-अमेरिका के रिश्तों को बताया बेहतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अपना बेहतरीन परिचय देने और अमेरिका के मेहमान बनने के लिए शुक्रिया किया. साथ ही ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध अब तक के दौर में सबसे अच्छे हैं. उन्होंने दोनों देशों के अच्छा दोस्त होने की बात कही. उन्होंने दोनों देशों की साझा विरासत पर भी बात की. उन्होंने कहा कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्य भी एक जैसे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों के ही संविधान तीन सुंदर शब्दों 'वी द पीपल' से शुरू होते हैं.
हांगकांग: सरकार पर गुस्सा निकालने के लिए 20,000 लोगों ने किया आवेदन
24 September 2019
हांगकांग. हांगकांग में सरकार (Hong Kong government) के खिलाफ मंगलवार को 20,000 लोगों ने एक वार्ता सत्र में शामिल होने और सरकार पर अपना गुस्सा निकालने के लिए आवेदन किया. हांगकांग में तीन महीनों तक लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शन हुआ. हजारों लोगों द्वारा सड़क पर उतर कर सरकार विरोधी प्रदर्शन करने के बाद यह पहला मौका है.
हांलाकि सरकार प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने की गंभीर कोशिश कर रही है. हांगकांग की मुख्य कार्यकारी कैरी लैम ने कहा कि गुरुवार को होने वाली यह बैठक लोगों के लिए एक अवसर होगी. जिसमें वे अपनी बात कह सकेंगे, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी इसमें कोई रुचि नहीं है, क्योंकि उनकी मांग पहले ही पूरी हो चुकी हैं.
लैम ने कहा, “हमने आने वालों से वादा किया है कि विभिन्न पृष्ठभूमि और विभिन्न राजनीतिक विचार वाले लोग खुलकर अपनी राय जाहिर कर सकते हैं, यहां तक कि अपना गुस्सा भी निकाल सकते हैं.”
सिर्फ 150 लोगों को चुना जाएगा
इस सत्र के लिए हजारों लोगों ने आवेदन किया है, लेकिन लैम के साथ दो घंटे के सत्र में शामिल होने के लिए सिर्फ 150 लोगों को ही चुना जाएगा.

इंडोनेशिया के पापुआ में हिंसक हुआ विरोध प्रदर्शन, 20 लोगों की मौत, 70 घायल
24 September 2019
जकार्ता. इंडोनेशिया (Indonesia) के पापुआ प्रांत (Papua Province) में सोमवार को सैकड़ों लोगों द्वारा किये गए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कम से कम 20 व्यक्ति मारे गए. मारे गये व्यक्तियों में तीन पुलिस की गोलीबारी में मारे गए हैं. अशांत पापुआ प्रांत में यह हिंसक प्रदर्शन इस अफवाह पर शुरू हुआ कि एक शिक्षक ने मूल निवासी एक छात्र का अपमान किया. यह जानकारी अधिकारियों ने दी.
पापुआ पुलिस प्रमुख रूडोल्फ अलबर्थ रोद्जा ने बताया कि नाराज भीड़ ने स्थानीय सरकारी इमारतों, दुकानों और घरों में आग लगा दी. भीड़ ने वामेना शहर में जिला प्रमुख कार्यालय की ओर जाने वाली कई सड़कों पर कार एवं मोटरसाइकिलों को आग लगा दी. पापुआ के सैन्य प्रवक्ता इको दार्यांतो ने कहा कि वामेना में कम से कम 16 नागरिक मारे गए जिसमें 13 इंडोनेशिया के अन्य प्रांतों के हैं. इनमें से अधिकतर की मृत्यु जलते मकानों या दुकानों में फंसने के चलते हुई. अब भी कई लोग आग में फंसे हुए हैं इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
उन्होंने बताया कि कम से कम एक सैनिक और तीन अन्य नागरिक पापुआ प्रांत की राजधानी जयापुरा में प्रदर्शन के दौरान मारे गए. वामेना में करीब 65 नागरिक घायल हो गए और जयापुरा में पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए.
रोद्जा बताया कि प्रदर्शन इस अफवाह से शुरू हुआ कि वामेना में एक हाईस्कूल शिक्षक की नस्ली टिप्पणी से छात्र भड़क गए थे. शिक्षक जो कि पापुआ से नहीं है, उसने पापुआ के एक मूल निवासी छात्र को बंदर कहा और आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया. हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है.
उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में छात्र के खिलाफ किसी नस्ली दुर्व्यवहार का सबूत नहीं मिला. यह अफवाह अन्य स्कूलों के छात्रों और मूल निवासी समुदायों में फैल रही थी. हिंसा को काबू में करने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सोमवार को वामेना का एयरपोर्ट भी बंद रहा और 20 उड़ानें रद्द कर दी गई.

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता भागकर पहुंची अमेरिका, ज्यादती बताकर मांगी राजनीतिक शरण
20 September 2019
वॉशिंगटन। पाकिस्तान की महिला कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल ने अमेरिका में राजनीतिक शरण दिए जाने की मांग की है। वह पिछले महीने पाकिस्तान के अधिकारियों की निगरानी से भाग निकली थीं। इससे पहले वह कई महीनों तक पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में अपने दोस्तों के घरों पर छिपकर अपनी जान बचा रही थीं। पाकिस्तानी डॉन न्यूज ने द न्यूयॉर्क टाइम्स का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा- 32 वर्षीय गुलालाई न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में अपनी बहन के घर पर रह रही हैं। महिलाओं, बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वाली वह एक महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।
इस्लामाबाद ने गुलालाई पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया था, जिसका बाद वह पाकिस्तान छोड़कर अमेरिका भाग आई है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह पाकिस्तान को छोड़कर अमेरिका कैसे पहुंचीं। मगर, अमेरिकी अखबार को उन्होंने यह जरूर बताया कि मैंने किसी भी एयरपोर्ट से उड़ान नहीं भरी। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा मैं आपको कुछ नहीं बता सकती हूं। पाकिस्तान से भागने की मेरी कहानी के सामने आने से कई लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी।
पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हनन के लिए सेना की आलोचना होती है। गुलालाई का दोष यह है कि उन्होंने महिलाओं के पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली ज्यादती के खिलाफ और महिलाओं के अधिकारों के लिए अभियान चलाया, जिसमें यौन शोषण, गुमशुदगी और अन्य घटनाओं के बारे में आवाज उठाई गई थी। यह बात पाकिस्तानी अधिकारियों और खुफिया एजेंसी के आकाओं को नागवार गुजरी और उन्हें देशद्रोही करार दे दिया गया।
बताते चलें कि नवंबर 2018 में इस्लामाबाद हाई कोर्ट को बताया गया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने गुलालाई का नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश की थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि वह किसी भी सूरत में पाकिस्तान छोड़कर किसी दूसरे देश में न भाग जाएं। डॉन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश में देश-विरोधी गतिविधियां चलाने के कथित आरोप में आईएसआई ने यह बात कही थी।
इसके बाद गुलालाई ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपने नाम को एक्जिट कंट्रोल लिस्ट में डाले जाने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उनका नाम लिस्ट से हटाने का आदेश जारी किया था। हालांकि, कोर्ट ने खुफिया एजेंसी की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय को गुलालाई का पासपोर्ट जब्त करने सहित वे सभी उपयुक्त कदम उठाने की इजाजत दी थी, जो जरूरी हों। लगातार पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी उन पर नजर रख रहे थे।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मई के अंत से गुलालाई को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसिया उनके दोस्तों और करीबी रिश्तेदारों के घर में दबिश देने के साथ ही देश के हर कोने में गुलालाई की तलाश कर रही थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुलालाई इस्लामाबाद में रहने वाले अपने माता-पिता को लेकर अभी भी परेशान हैं। उनके ऊपर सरकार ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं और वे भारी सुरक्षा निगरानी में रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में गुलालाई ने अमेरिका में कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कांग्रेशनल लीडर्स के स्टाफ से मुलाकात की है।


20 September 2019
आबू धाबी। सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमले के बाद बना तनाव गुरुवार को कुछ कम हुआ। पहले अमेरिका ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी, जिसके बाद ईरान ने भी कह दिया कि ऐसी कोई हरकत खुली जंग के रूप में सामने आ सकती है। बहरहाल, गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो के इस बयान से दुनिया ने राहत की सांस ली कि वे इस हमले का शांति पूर्ण हल चाहते हैं।
बता दें, विदेश मंत्री पोंपियो गुरुवार को सऊदी अरब पहुंचे। इस पूरे विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई थी,जब सऊदी अरब के अरामको कंपनी के दो संयंत्रों पर ड्रोन से हमला हुआ था। इससे दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी का उत्पादन आधा रह गया है। इसके बाद ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ गया था। अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी थी। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि ईरान के खिलाफ सभी विकल्प खुले हुए हैं। खबर आई थी कि अमेरिकी सेना ने सायबर हमले समेत तमाम विकल्पों पर विचार कर लिया है।
प्रिंस सलमान से मिले पोंपिया
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ऑर्टेगुस ने बताया कि पोंपियो ने जेद्दा में क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की थी। दोनों इसको लेकर सहमत थे कि ईरान को उसके आक्रामक रवैये के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
बकौल मोर्गन ऑर्टेगुस, यह अस्वीकार्य और अभूतपूर्व हमला है। न केवल सऊदी अरब की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सऊदी अरब में रहने और काम करने वाले सभी अमेरिकी नागरिकों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया है।

PNB Fraud Case के आरोपी Nirav Modi की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ी
20 September 2019
लंदन। ब्रिटेन की एक अदालत ने करोड़ों रुपये के PNB Fraud Case के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (48) की न्यायिक हिरासत की अवधि17 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
कोर्ट का कहना है कि कि वह नीरव के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई अगले साल मई में करने की दिशा में काम कर रही है। नीरव रुवार को वैंड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ।
जज डेविड रोबिनसन ने नीरव मोदी से कहा कि मामले में विचार के लिए कोई भी ठोस तथ्य नहीं है और अदालत उसके प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई अगले साल 11 मई से 15 मई तक करने की दिशा में काम कर रही है।
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान ED और CBI अधिकारियों की एक टीम अदालत में मौजूद थी। मालूम हो कि भारत सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर जारी प्रत्यर्पण वारंट पर स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने मार्च में नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था।
इस तरह की संक्षिप्त सुनवाई जरूरी
ब्रिटिश कानून के मुताबिक प्रत्यर्पण के लंबित मामले में हर 28 दिनों में इस तरह की संक्षिप्त सुनवाई जरूरी है। प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई से पहले अगले साल फरवरी में मामले के प्रबंधन से संबंधित सुनवाई होने की भी संभावना है।
नीरव के वकील अब तक चार जमानत याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं, लेकिन अदालत ने चारों को खारिज कर दिया। अदालत का कहना था कि जमानत देने पर नीरव मोदी के भाग जाने की पूरी संभावना है।

भगोड़े जाकिर नाईक की बढ़ी मुश्किलें, PMLA कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट
19 September 2019
नई दिल्ली: विशेष पीएमएलए अदालत ने बुधवार को विवादित इस्‍लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक (Zakir Naik) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और भड़काऊ भाषणों के माध्यम से लोगों को उकसाने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है. पिछले हफ्ते ईडी की तरफ से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद यह वारंट जारी हुआ. जाकिर 2016 से भारत के लिए वांटेड है. वह मलेशिया में शरण लिए हुए है.
मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने मंगलवार को कहा कि उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी ने उनसे विवादास्पद इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण के संबंध में अनुरोध नहीं किया है.
उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर कह चुके हैं कि हम जाकिर नाइक को वापस चाहते हैं और इसे लेकर मलेशिया की सरकार को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया है.
उल्‍लेखनीय है कि हिंदुओं के खिलाफ नस्‍लीय टिप्‍पणी के आरोप में घिरे विवादित धार्मिक उपदेशक जाकिर नाईक पर मलेशिया के राज्‍य मेलाका ने धार्मिक भाषण देने पर पिछले अगस्‍त में प्रतिबंध लगा दिया है. स्‍थानीय मीडिया के मुताबिक मेलाका के मुख्‍यमंत्री आदिली जाहरी ने कहा कि हम यहां सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं. इसलिए हमने जाकिर को यहां धार्मिक भाषण देने या लोगों को एकत्र करने पर पाबंदी लगा दी है.
मेलाका इस तरह जाकिर पर पाबंदी लगाने वाला मलेशिया का सातवां राज्‍य हो गया है. इससे पहले जोहोर, सेलांगोर, पेनांग, केदाह, परलिस और सरावाक राज्‍य अपने यहां जाकिर के धार्मिक भाषण देने पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.
साल 2016 में ढाका के होली आर्टिसान बेकरी में हुए बम विस्फोट के मामले में नाम आने के बाद से नाईक भारत में आतंकवाद जैसे गंभीर आरोपों में वांछित है. मुंबई में जन्मा और विवादित पीस टीवी का संस्थापक 2017 में भारत से भागने के बाद मलेशिया में रह रहा है.

'Howdy, Modi' में होगा कुछ बड़ा ऐलान, PM मोदी ने मुझे बुलाया है, मैं जरूर जाऊंगा: डोनाल्ड ट्रंप
19 September 2019
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के अमेरिका (US) के ह्यूस्टन (Houston) में होने वाले कार्यक्रम 'Howdy Modi' में शामिल होने को लेकर आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा है कि पीएम मोदी ने मुझे बुलाया है, मैं जरूर जाऊंगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'पीएम मोदी की रैली में बहुत से लोग आने वाले है. पीएम मोदी के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे है. 'Howdy Modi' में कुछ बड़ा ऐलान होगा '
बता दें कि 16 सितंबर को ही अमेरिकी राष्ट्रपति सचिव कार्यालय, व्हाइट हाउस (White House) ने डोनाल्ड ट्रंप के 'Howdy Modi' कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की थी.
राष्ट्रपति सचिव कार्यालय, व्हाइट हाउस ने कहा था कि भारत-आस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी को रेखांकित करने के लिए 22 सितंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ह्यूस्टन, टैक्सास, वापाकोनीटा (Wapakoneta) ,ओहियो जाएंगे. ह्यूस्टन में राष्ट्रपति ट्रंप पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में भाग लेंगे.
व्हाइट हाउस ने कहा है, 'ह्यूस्टन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इस कार्यक्रम 'Howdy, Modi' में हजारों लोगों के आने की संभावना है.
बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 सितंबर को अमेरिका के दौरे पर जाएंगे. पीएम मोदी 22 सितंबर को ह्यूस्टन में एक मेगा शो 'Howdy Modi' को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी के 'howdy modi' कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के हज़ारों लोगों के भाग लेने की संभावना है.
दरअसल दक्षिण पश्चिम अमेरिका में दोस्ताना अंदाज़ में एक-दूसरे को 'हाओडी (Howdy)' कहने का चलन है. हाओडी (Howdy) अंग्रेजी शब्द हाओ डू यू डू (How do you do) का संक्षिप्त रूप है. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण के अलावा भारतीय-अमेरिकी रिश्तों को दर्शाने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा जिसका सीधा प्रसारण किया जाएगा. Howdy Modi का आयोजन टेक्सस इंडिया फ़ोरम द्वारा किया जा रहा है.

बेल्जियम में गूंजेगी अब हरियाणा की अंजलि की किलकारी, गोद लेने आए विदेशी दंपति
19 September 2019
कैथल (विपिन शर्मा): जिले के बाल उपवन संस्था में पल रही एक असहाय बेटी अंजलि के लिए आज का दिन खुशनशीब साबित हुआ. असहाय और लावारिश हालत में मिली बिटिया को एक बेल्जियम दंपति ने आज गोद ले लिया है. उम्मीद है अब अंजलि को मां की ममता की छांव और एक पिता की ढाल जरूर नसीब होगी.
अंजलि को गोद लेने के लिए बेल्जियम से पहुंचे इस दंपति ने एक लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस बेटी को प्राप्त कर लिया है. आज बाल उपवन संस्था , सनातम धर्म मन्दिर के पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी और जिला विधिक सेवा के सिविल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कौर की उपस्थिति में अंजलि को बेल्जियम दंपति के हवाले कर दिया गया.
गौरतलब है कि बेल्जियम दंपति निजक्रस्ट और मार्टिन ने कैथल के सनातम धर्म संस्था द्वारा संचालित बाल उपवन संस्था में पल रही अंजलि को भारतीय संस्था कारा (सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्सेस एजेंसी ) की मदद से गोद लेने की इच्छा जताई थी. CARA से अनुमति मिलने के बाद दंपति एक लंबी प्रकिर्या बाद अंजलि को लेने कैथल पहुंचा और आखिरकार उन्होंने अंजलि को गोद ले लिया.
दरअसल, अंजलि को जन्म देने वाली मां के बारें में कुछ अता-पता नहीं है. बताया जाता है अंजलि को कुरुक्षेत्र में सुनसान इलाकों में झाड़ियों से बरामद किया गया था, जिसके बाद से अंजलि का पालन-पोषण बाल उपवन कैथल द्वारा किया जा रहा था. सनातम धर्म मंदिर द्वारा संचालित बाल उपवन में पली-बढ़ी अंजलि को गोद लेने वाली मां मार्टिन और पिता निजक्रस्टबल्जियम की एक संस्था में काम करते हैं. मार्टिन और निजक्रस्ट ने पहले से दो बच्चे होने के बावजूद अंजलि को गोद लेने की इच्छा जताई थी. दंपति ने गोद लेने की लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राहत की सांस लेते हुए आज के दिन को खुद के लिए बड़ा दिन बताया.
बेल्जियम से आए दंपति मॉर्टिन पत्रकार ने पूछा कि आप भारत से ही बेटी लेने क्यों क्यों सोचा और इसलिए आप देखभाल करेंगे इसकी क्या गारंटी है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनके देश के कानून के हिसाब से 2 बच्चों से ज्यादा वह पैदा नहीं कर सकते और उनका मानना है कि बेटी से ही परिवार होता है तो उन्होंने समाज सेवी संस्था के माध्यम से भारत से बेटी को गोद लेना उचित समझा.
संस्था के प्रधान रवि भूषण ने बताया कि बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है. इंटरनेशनल संस्था कारा देश-विदेश में बच्चों को गोद लेने का काम करवाती है जब यह बच्ची वहां चली जाएगी तो हर 3 महीने बाद संस्था इस चीज का ध्यान रखेगी कि बच्चे की देखभाल ठीक से हो रही है और हमने भी बेल्जियम दंपति के परिवार की फोटो और वीडियो देखिए से भी उनकी पुष्टि करवाई है. अच्छे लोग हैं. उसके बावजूद भी हम इस बात की जांच रखेंगे कि हमारी भारत की बेटी बेल्जियम में सुरक्षित है और अच्छे से है.

कश्मीर पर EU ने दिया भारत का साथ, कहा- यहां आतंकी चांद से नहीं पड़ोसी देश से आते हैं
18 September 2019
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म होने के बाद से पाकिस्तान (Pakistan) ने दुनियाभर में इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने की कोशिश की. लेकिन, पाकिस्तान को हर जगह से निराशा ही हाथ लगी. इन सबके बीच, यूरोपीय संघ (European Union) ने भी कश्मीर मामले पर भारत का समर्थन कर दिया है. यूरोपीय संसद द्वारा कहा गया है कि पाकिस्तान एक संदिग्ध देश है और कश्मीर द्विपक्षीय मामला है.
यूरोपीय संघ के नेता रिजार्ड जारनेकी (Ryszard Czarnecki) ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. हमें भारत और जम्मू कश्मीर में होने वाली आतंकवादी घटनाओं की ओर देखना चाहिए. रिजार्ड जारनेकी ने पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ये आतंकवादी चांद से धरती पर नहीं आते हैं. आतंकवादी पड़ोसी देश से भारत में आते हैं. उन्होंने कहा कि हमें इस मामले पर भारत का साथ देना चाहिए.
इसी के साथ यूरोपीय संघ के एक अन्य नेता फुल्‍वियो मार्तुसाइल्‍लो (Fulvio Martusciello) ने कहा कि पाकिस्‍तान ने भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्‍तेमाल की धमकी दी है. पाकिस्तान एक ऐसी जगह है, जहां आतंकवादी यूरोप में आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाते हैं.
गौरतलब है कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव जारी है. पाकिस्तान बौखलाहट में सीमा पर सीजफायर का भी लगातार उल्लंघन कर रहा है. साथ ही पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक संबंध भी तोड़ लिए हैं.

PM के प्‍लेन के लिए भारत ने पाकिस्‍तान से एयरस्‍पेस की इजाजत मांगी, लिखी चिट्ठी
18 September 2019
नई दिल्‍ली: पीएम नरेंद्र मोदी की 21-27 सितंबर के दौरान अमेरिका यात्रा के लिए भारत ने पाकिस्‍तान के एयरस्‍पेस के इस्‍तेमाल की इजाजत मांगी है. इस संबंध में पिछले दिनों भारत ने औपचारिक रूप से पाकिस्‍तान को चिट्ठी भी लिखी है. 20 सितंबर को पाकिस्‍तान को इसका जवाब देना है. उल्‍लेखनीय है कि पिछले दिनों पाकिस्‍तान ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदेशी दौरे के लिए अपने एयरस्‍पेस के इस्‍तेमा की इजाजत नहीं दी थी.
यदि इस बार भी भारत की पेशकश को पाकिस्‍तान ने ठुकरा दिया तो इसको इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन चार्टर (ICOA) का उल्‍लंघन माना जाएगा. इस चार्टर के मुताबिक युद्ध की स्थिति को छोड़कर किसी भी अन्‍य परिस्थिति में एयरस्‍पेस की इजाजत से इनकार नहीं किया जा सकता. इस सूरतेहाल में भारत पाकिस्‍तान के खिलाफ ICOA में जा सकता है जहां उसको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.


18 September 2019
नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) द्वारा चंद्रमा पर भेजे गए चंद्रयान-2 के 'लैंडर विक्रम' (Lander Vikram) से संपर्क होने का इंतजार केवल भारत में ही नहीं दुनियाभर के लोगों को है. इस फेहरिस्त में हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ब्रैड पिट का नाम भी शामिल हो गया है. ब्रैड पिट ने एक बार लोगों की दिलचस्पी भारत के मिशन मून की तरफ बढ़ा दी है. अपनी आने वाली फिल्म एड एस्ट्रा (AD ASTRA)में एस्ट्रोनॉट की भूमिका में नजर आने वाले हॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता ने चंद्रमा पर इसरो द्वारा भेजे गए चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के बारे में पूछा.
ब्रैड पिट ने नासा (NASA) के एस्ट्रोनॉट निक हॉज को इंटरनेश्नल स्पेस स्टेशन (ISS)में फोन किया और उनसे भारत के चंद्रयान-2 के बारे बातचीत की. ब्रैड पिट ने निक हॉज पूछा, 'क्या आपने भारत के चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर की लैंडिंग देखी थी? जिसे 7 सितंबर को चांद के साउथ पोल पर लैंड करना था.' निक हॉज ने जवाब दिया- दुर्भाग्यवश नहीं.
दरअसल ब्रैड पिट 20 सितंबर को रिलीज होने वाली अपनी फिल्म एड एस्ट्रा (AD ASTRA) के एक प्रमोश्नल इंवेंट के लिए नासा पहुंचे थे. ब्रैड पिट की यह फिल्म साइंस फिक्शन पर आधारित है. इस फिल्म में वह एक एस्ट्रोनॉट की भूमिका में है.
ब्रैड पिट द्वारा भारत के मिशन मून में रुचि दिखाए जाने की ट्विटर यूजर्स ने जमकर सराहना की. एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'यह जानकर आश्चर्य हुआ कि ब्रैड पिट भारत के मिशन मून'
7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना था लेकिन उससे चंद मिनट पहले संपर्क टूट गया. जब वह चंद्रमा की सतह से 2.1 दूर था तभी उसका ग्राउंड स्‍टेशन से संपर्क टूट गया. अगर ये अभियान सफल हो जाता तो यूएसएसआर, अमेरिका और चीन के बाद चांद पर कामयाबी हासिल करने वाला भारत चौथा मुल्‍क होता. सिर्फ इतना ही नहीं चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत पहला मुल्‍क होता. हालांकि उससे पहले दो सितंबर को विक्रम लैंडर, चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक पृथक हो गया था.

अफगानिस्तानः राष्ट्रपति अशरफ गनी की रैली में धमाका, 24 की मौत
17 September 2019
काबुलः अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की रैली में हुए भीषण बम धमाके में 24 लोगों के मारे जाने की खबर है. अफगानिस्तान के नॉर्दन परवान प्रांत में हुए इस धमाके में 31 लोग घायल हुए है. अफगानी अधिकारियों के मुताबिक यह धमाका एक पुलिस वाहन में राष्ट्रपति अशरफ गनी के रैली स्थल करीब हुआ.
राष्ट्रपति के अभियान के प्रवक्ता हामिद अज़ीज़ का कहना है कि राष्ट्रपति ग़नी धमाके के वक्त वहीं मौजूद थे, वह सुरक्षित है. अजीज ने कहा कि वह बाद में इस बारे में विस्तृत जानकारी देंगे. परवान में प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता वाहिदा शाहकर का कहना है कि विस्फोट हुआ था, जबकि मंगलवार को कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार पर रैली चल रही थी।
अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. बता दें कि अफगानिस्तान में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनावके लिए फिलहाल चुनाव प्रचार तेजी से चल रहा है.

पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैं भारत-पाक के साथ करूंगा बैठक
17 September 2019
वाशिंगटन: पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अमेरिकी (us) यात्रा से पहले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा बयान दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह जल्द ही भारत ( India) और पाकिस्तान (Pakistan) के साथ बैठ करेंगे. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है वहां बहुत कुछ प्रगति हो रही है. ' बता दें डोनाल्ड ट्रम्प 22 सितंबर को ह्यूस्टन में होने वाले पीएम मोदी के कार्यक्रम ‘हाउडी मोदी' कार्यक्रम में शामिल होंगे. व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा, 'ह्यूस्टन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इस कार्यक्रम 'Howdy, Modi' में हजारों लोगों के आने की संभावना है. पीएम मोदी के 'howdy modi' कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के हज़ारों लोगों के भाग लेने की संभावना है. दरअसल दक्षिण पश्चिम अमेरिका में दोस्ताना अंदाज़ में एक-दूसरे को 'हाओडी (Howdy)' कहने का चलन है. हाओडी (Howdy) अंग्रेजी शब्द हाओ डू यू डू (How do you do) का संक्षिप्त रूप है. पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा का कार्यक्रम
21 सितंबर 2019 (देर शाम): अमेरिका दौरे पर पीएम मोदी सबसे पहले ह्यूस्टन पहुंचेंगे. 22 सितंबर 2019 (शाम 8:30 बजे): ह्यूस्टन में 'Howdy Modi' कार्यक्रम में भारतीयों से सीधा संवाद. ह्यूस्टन में 'Howdy Modi' कार्यक्रम में भारतीयों से सीधा संवाद.
23 सितंबर 2019: UN महासचिव के '2019 क्लाइमेट एक्शन समिट' में संबोधन
24 सितंबर 2019: UN मुख्यालय में महात्मा गांधी पर विशेष कार्यक्रम की मेजबानी
24 सितंबर 2019: बिल-मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से पीएम मोदी का सम्मान
24 सितंबर 2019: 2019 ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड से सम्मानित किए जाएंगे मोदी
24 सितंबर 2019: स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में 'गांधी पीस गार्डन' की शुरुआत
25 सितंबर 2019: CEOs और राष्ट्राध्यक्षों के 'ग्लोबल बिजनेस फोरम' में संबोधन
25 सितंबर 2019: 'ग्लोबल बिजनेस फोरम' में माइकल ब्लूमबर्ग से बातचीत
25-26 सितंबर 2019: वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाकात
27 सितंबर 2019: संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी का संबोधन

पाक विदेश मंत्री ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा, UNSC से की यह अपील
17 September 2019
इस्लामाबादः जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाया पाकिस्तान अब दोबारा इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ले जाने की बात कह रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना है, 'हमने ये निर्णय लिया की इस मसले को फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है. क्योंकि ये मसला दब गया था. जब 9/11 हो गया था तो भारत ने बड़ी चालाकी से इसे दहश्तगर्दी से जोड़ दिया था. हमने फैसला किया है कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल इसे रिव्यू करे.'
कुरैशी ने कहा, '58 सालों के बाद इस मसले को बहस में लाया गया है. वहां के लोगों पर जो जुल्म वह होता रहा है लेकिन ये बात आगे नहीं गई. अब आज ये विश्व स्तर पर है और इससे कश्मीरियों का हौंसला बड़ा है. भारत इसमें जितनी रुकावट डाल सकता था उसने डाली. लेकिन चीन ने हमारे वकील की तरह काम किया. हमने एक नीति के तहत काम किया. अब ये मसला हल होगा. अब इस पर फिर मोहर लग गई है.'
पाक विदेश मंत्री ने कहा, 'सोमवार को भारत के चीफ जस्टिस कहते हैं कि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद को वह जाने दीजिये. मैं उनको कहता हूं कि सब अच्छा किया जो उनको जाने की इजाजत दें.सब इंटरनेश्नल और भारतीय मीडिया को भी वहां जाने की इजाजत दें.भारत का मीडिया और सुप्रीम कोर्ट भी बड़े दवाब में है. दूध का दूध -पानी का पानी हो जायेगा. इंटरनेशनल लेवल पर सब जगह इस पर बात और बहस हो रही है. बहुत सारे देश इस पर बात कर रहे है.'

ईरान के टॉप कमांडर ने कहा- हमारी मिसाइलों के जद में है अमेरिकी सैन्य शिविर
16 September 2019
तेहरान: ईरान (Iran) के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के एक शीर्ष कमांडर ने कहा कि क्षेत्र में स्थित अमेरिका (US) के सैन्य शिविर ईरानी मिसाइलों ( Missile) की जद में हैं. प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आईआरजीसी के एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर आमिर अली हजीजदेह ने रविवार को कहा, 'क्षेत्र में अमेरिकी शिविरों की बात करें तो 2,000 किलोमीटर की सीमा में अमेरिकी जहाज, विमान और युद्धक विमान तक हमारी मिसाइलों की जद में हैं.'
हजीजदेह के हवाले से कहा गया, 'उन्हें (अमेरिकी) लगा कि अगर वे हमसे (ईरानी सीमा) 400 किलोमीटर दूर होंगे तो वे हमारी मिसाइलों की जद से बाहर हो सकते हैं. हालांकि, वे कहीं भी हों, अगर युद्ध हुआ, तो सबसे पहले हमारी मिसाइलों के निशाने पर उनके युद्धक विमान होंगे.' उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका से बड़ा युद्ध करने के लिए हमेशा से तैयार है.
हजीजदेह ने देश की दक्षिणी समुद्र में जून में ईरानी एयर डिफेंस फोर्सेस द्वारा घुसपैठ कर रहे एक अमेरिकी ड्रोन को भी मार गिराने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह देश की वायुसीमा की रक्षा के उद्देश्य से किया गया था.

सऊदी में हमले के बाद कच्चे तेल के दाम बढ़े, ट्रंप ने रिजर्व तेल के इस्तेमाल को दी मंजूरी
16 September 2019
नई दिल्ली: सऊदी अरब के ऑइल प्लांट पर हाल के हमले के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से तेल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी ताकि तेल की कीमतों को नियंत्रण रखा सके. स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल का भंडार करने की जगह है.
ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा, “सऊदी अरब में हमले के बाद पेट्रोल के दाम में किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हो इसके लिए मैं एसपीआर से रिजर्व पेट्रोल इस्तेमाल करने के लिए कह सकता हूं. मैंने टेक्सास समेत दूसरे राज्यों में अनुमति प्रक्रिया में वर्तमान में तेल पाइपलाइनों की मंजूरी में तेजी लाने के लिए सभी उपयुक्त एजेंसियों को सूचित किया है.”
ट्रम्प ने आगे कहा कि अमेरिका को सऊदी अरब से इस बात की पुष्टि का इंतजार था कि उन्हें ऑइल प्लांट पर हमले के पीछे किस पर संदेह है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सऊदी अरब के तेल क्षेत्र में ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे देश की तेल क्षमता का लगभग आधा हिस्सा या दैनिक वैश्विक तेल आपूर्ति का 5 प्रतिशत बाधित हुआ है.
हमले के बाद पोम्पियो ने ट्वीट कर कहा, "सऊदी अरब पर करीब 100 हमलों के पीछे तेहरान का हाथ है जबकि (राष्ट्रपति हसन) रूहानी और (विदेश मंत्री मोहम्मद जावद) जरीफ कूटनीति में शामिल होने का दिखावा करते हैं. तनाव कम करने के आह्वान के बीच ईरान ने अब दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर जबरदस्त हमला किया है."
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, वैश्विक तेल आपूर्ति के 5% उत्पादन पर हमलों के बाद तेल की कीमतें छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मई के बाद से अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा कारोबार 15% तक उछल गया. पिछली बार यह 60.89 डॉलर प्रति बैरल था जबकि ब्रेंट क्रूड 13% बढ़कर 68.06 डॉलर पर था, जो इससे पहले 71.95 डॉलर था.
सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमले में शनिवार को सरकारी कंपनी अरामको की दो तेल रिफाइनरियों में आग लग गई. ड्रोन हमले के कारण रियाद से करीब 150 किलोमीटर दूर राज्य के तेल समृद्ध प्रांत में अबकैक शहर में रिफाइनरी में आग लग गई. अरामको कंपनी इसे दुनिया के सबसे बड़े ऑयल प्रोसेसिंग प्लांट के रूप में प्रस्तुत करती है. 10 मानवरहित विमानों द्वारा किए गए हमलों से सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक हिजरा खुरैस को निशाना बनाया गया. जो कि प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल का उत्पादन करता है और दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के भंडार वाले अबकैक जो 70 लाख बैरल तेल प्रोसेस करता है.

पाकिस्तान के सिंध में हिंदू शिक्षक पर हमला, मंदिर और स्कूल में तोड़फोड़
16 September 2019
कराची: पाकिस्तान (Pakistan) में एक बार फिर हिंदुओं (Hindu) पर अत्याचार का मामला सामने आया है. पाकिस्तान के सिंध (Sindh) प्रांत के एक स्कूल में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रिंसिपल के खिलाफ ईशनिंदा (Blasphemy) का मामला दर्ज होने के बाद रविवार को प्रांत के कई इलाकों में दंगे भड़क गए. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक भीड़ ने गोटकी शहर में एक हिंदू मंदिर और स्कूल में तोड़फोड़ की, साथ ही हिंदू प्रिंसिपल के साथ भी मारपीट की.
स्कूल में तोड़फोड़ का विडियो सोशल मीडिया पर जारी हो गया है. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने भीड़ द्वारा स्कूल में तोड़फोड़ किए जाने से संबंधित एक विडियो साझा करते हुए स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. आयोग ने कहा है कि पुलिस-प्रशासन जरूरी कदम उठाए और स्कूल प्रिंसिपल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
आयोग ने वीडियो को दहलाने वाला बताया है. आयोग का कहना है कि एक धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भीड़ की हिंसा बर्बरता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा, एक हिंदू स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप लगने के बाद घोटकी सिंध में हिंसा. प्रिंसिपल के स्कूल, हिंदू मंदिर, दुकानें, घरों में भीड़ ने की तोड़फोड़. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया को पाकिस्तान पर दबाव डालना चाहिए.
पाकिस्तान के पत्रकार ने भी इस घटना का विडियो शेयर करते हुए कहा कि इलाके में हिंदू समुदाय खतरे में है. उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
एक छात्र के पिता अब्दुल अजीज राजपूत की शिकायत पर सिंध पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल नोतन मल के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. राजपूत का आरोप है कि शिक्षक ने इस्लाम के पैगंबर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी कर ईशनिंदा की है. स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद घोटकी जिले में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की.

सऊदी अरब की 2 सबसे बड़ी ऑयल फैसिलिटी पर हुआ ड्रोन से हमला, लगी भीषण आग
14 September 2019
नई दिल्‍ली : सऊदी अरब में शनिवार को बड़ी घटना हुई है. यहां के अबकैक और खुरैस में स्थित दो सबसे बड़ी ऑयल फैसिलिटियों में आग लग गई है. बताया जा रहा है कि आग की यह घटना दोनों ऑयल फैसिलिटियों में ड्रोन द्वारा हमले के बाद हुई है. ये दोनों ही ऑयल फैसिलिटी का संचालन सऊदी अरब की सबसे बड़ी कंपनी सऊदी अरामको करती है.
सऊदी अरब के आतंरिक मंत्रालय ने मीडिया को जानकारी दी है कि अब दोनों ही फैसिलिटियों में आग लगी थी. यह घटना सुबह करीब 4 बजे हुई है. इस समय हालात सामान्‍य हैं.

ब्राजील : रियो डि जनेरियो के अस्पताल में आग, 11 की मौत, देखें वीडियो
14 September 2019
रियो डि जनेरियो : ब्राजील (Brazil) के रियो डि जनेरियो के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पुलिस इंस्पेक्टर रॉबटरे रामोस ने बताया, "अभी और मौतें हो सकती हैं. आशा करता हूं कि ऐसा नहीं हो लेकिन ऐसा होने की आशंका है. "
कुछ लोग अस्पताल के अंदर 103 रोगियों के बीच अपने प्रियजनों को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे थे. आग गुरुवार शाम को लगी. रियो कॉरनर ऑफिस ने कहा कि कुछ की मौत धुएं व दम घुटने के कारण हुई है जबकि कुछ की मौत लाइफ-सपोर्ट उपकरणों के खराब होने जाने के कारण हुई.
आग बुझाने के दौरान चार दमकलकर्मी भी घायल हो गए, जिसके लिए अस्पताल ने जेनरेटर में शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार ठहराया. 13 रोगियो को छोड़कर बाकी को आखिरकार रियो डि जनेरियो के आठ अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
मेयर मार्सेलो क्रिवेला ने शुक्रवार सुबह अस्पताल में मीडिया को बताया कि इमारत को कानूनी तौर पर आवश्यक अग्नि-सुरक्षा उपकरणों के साथ तैयार किया गया था. पुलिस और दमकल विभाग ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. रियो डि जनेरियो के नागरिक सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार सुबह ट्विटर पर कहा कि यह पिछली शाम से आठ तकनीशियनों के एक समूह के साथ घटनास्थल पर काम कर रहा है.
इसने कहा कि इसकी टीम ने बादिम अस्पताल और उसके आस-पास के इलाके की घेराबंदी कर दी और वर्तमान में इमारत के ढांचे का निरीक्षण करने के लिए पुलिस से मंजूरी का इंतजार कर रही है. विभाग ने कहा कि अस्पताल के पास स्थित लगभग छह घरों के निवासियों को एहतियात के तौर पर अपने घरों को खाली करने का निर्देश दिया गया है.

हॉलीवुड एक्‍ट्रेस ने रिश्‍वत देकर कराया बेटी का कॉलेज में एडमिशन, हो गई 14 दिन की जेल
14 September 2019
बोस्टन : हॉलीवुड अभिनेत्री फेलिसिटी हफमैन को एक शीर्ष यूनिवर्सिटी में अपनी बेटी का एडमिशन कराने के लिए रिश्वत देने के मामले में 14 दिन जेल की सजा सुनाई गई है. बोस्टन में शुक्रवार को एक कोर्ट में संघीय न्यायाधीश इंदिरा तलवानी ने अपने आदेश में कहा कि हफमैन (56) को 30,000 डॉलर का जुर्माना भरने, 250 घंटों की कम्यूनिटी सेवा और एक साल तक निगरानी में रहने की सजा दी जाती है.
तलवानी ने हफमैन से कहा, "मुझे लगता है कि आप इस सजा को स्वीकार करेंगी और आगे बढ़ेंगी. आप इसके बाद अपना जीवन दोबारा संवार सकती हैं."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 'डेस्परेट हाउसवाइव्स' की स्टार ने एक बयान में कहा कि वह बिना किसी विरोध के कोर्ट का आदेश स्वीकार करती हैं. उनकी सजा 25 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी.
उन्होंने कहा, "मैंने कानून तोड़ा है. मैंने यह स्वीकार किया है और मैं इसके लिए खुद को दोषी मानती हूं. मैंने जो किया उसके लिए कोई बहाना या सफाई नहीं है." हफमैन ने मई में अपनी बेटी को एक कॉलेज में एडमिशन दिलाने के एवज में एक फर्जी चैरिटी को 15,000 डॉलर देने का दोषी पाया गया था. हफमैन के पति अभिनेता विलियम एच. मेसी हालांकि इस मामले में आरोपी नहीं थे.

नीरव मोदी के भाई के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस
13 September 2019
नई दिल्‍ली: पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के भाई नेहल मोदी (Nehal Modi) के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. उस पर भी पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग का आरोप है. नेहल मोदी (40) के पास यूरोपीय देश बेल्जियम की नागरिकता है. वह अमेरिका में न्‍यूयॉर्क सिटी के उपनगरीय इलाके में रहता है. जांचकर्ताओं का कहना है कि वह अमेरिका की फाइरस्‍टार डायमंड्स (Firestar Diamonds) का निदेशक था. ये कंपनी अब अस्तित्‍व में नहीं रही.
वह इथाका ट्रस्‍ट ( Ithaca Trust) से भी जुड़ा था. इसका गठन नीरव मोदी के रीयल एस्‍टेट बिजनेस के लिए फंड और प्रॉपर्टी एकत्र करना था. इसके लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के तहत पैसा जुटाया गया, जिसको बाद में शेल कंपनियों में भेज दिया गया. नीरव मोदी के भारत से भागने के एक महीने के बाद फायरस्‍टार डायमंड्स ने अमेरिका में दिवालिया होने के लिए आवेदन किया.
इंटरपोल ने नेहल मोदी के संबंध में जो सूचना जारी की है, उसके मुताबिक 40 वर्षीय नेहल का जन्‍म बेल्जियम के एंटवर्प में हुआ. वह तीन भाषाएं-अंग्रेजी, गुजराती और हिंदी जानता है. पीएनबी घोटाले में ईडी ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें सबसे पहले नेहल मोदी का नाम सामने आया. ईडी की चार्जशीट में उस पर साक्ष्‍यों को मिटाने का आरोप है. एजेंसी के मुताबिक जब पीएनबी घोटाले का पर्दाफाश हुआ तो नेहल मोदी और नीरव मोदी की ज्‍वैलरी फर्म फाइरस्‍टार इंटरनेशनल के सीईओ मिहिर रश्मि भंसाली के साथ दुबई से 50 किलो सोना और बड़ी मात्रा में धन लिया और कंपनी के डमी निदेशकों से जांच एजेंसियों के समक्ष नाम नहीं जाहिर करने को कहा.
उल्‍लेखनीय है कि नीरव मोदी पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये पीएनबी से 13,500 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. उसको इस साल लंदन में गिरफ्तार किया गया और वहां की कुख्‍यात वैंड्सवर्थ जेल में बंद है. उसकी कई जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं. भारत की प्रत्‍यर्पण की गुजारिश के कारण नीरव मोदी को ब्रिटिश सरकार ने पकड़ा. उसके खिलाफ सीबीआई के आग्रह पर इंटरपोल ने पिछले साल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था.

संसद निलंबन को लेकर मैंने महारानी से झूठ नहीं बोला : जॉनसन
13 September 2019
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने गुरुवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने ब्रिटिश संसद को पांच हफ्ते निलंबित रखने की महारानी को दी अपनी सलाह में झूठे कारण बताए थे. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड की सर्वोच्च नागरिक अदालत द्वारा बुधवार को 'शटडाउन' को गैरकानूनी बताए जाने के बाद जॉनसन मीडिया से बात कर रहे थे.
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने महारानी से निलंबन के कारण बताते समय झूठ बोला था, उन्होंने कहा, "बिल्कुल नहीं..हाईकोर्ट स्पष्ट रूप से हमारी बात से सहमत था, लेकिन निर्णय सुप्रीम कोर्ट को लेना है."
जॉनसन ने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ने के लिए तैयार रहेगा.
उन्होंने कहा, "जो आप यहां होते हुए देख रहे हैं वह गंभीरता से की जा रही तैयारी है और सबसे बुरी हालत में भी, आप किसी भी सरकार से यही उम्मीद कर सकते हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा, "अगर हम ऐसा करते हैं तो वास्तव में हम निश्चित रूप से एक बिना सौदे के ब्रेक्सिट के लिए तैयार होंगे और मैं फिर से कहता हूं कि ऐसा करने की हमारी मंशा नहीं है."
पांच हफ्ते का संसद निलंबन मंगलवार को शुरू हुआ है.

आतंकवाद पर PAK PM इमरान का बड़ा कबूलनामा- '1980 में जेहादियों को तैयार किया'
13 September 2019
नई दिल्‍ली: आतंकवाद पर पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने बड़ा कबूलनामा करते हुए कहा है कि 1980 में अफगानिस्‍तान में रूस (तत्‍कालीन सोवियत संघ) के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्‍तान ने जेहादियों को तैयार किया. उन्‍हें ट्रेनिंग दी. रूस के अंग्रेजी न्‍यूज चैनल RT को दिए इंटरव्‍यू में एक तरफ से उन्‍होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि शीत युद्ध के उस दौर में रूस के खिलाफ पाकिस्‍तान ने अमेरिका की मदद की. जेहादियों को रूसियों के खिलाफ लड़ने के लिए ट्रेनिंग दी. लेकिन इसके बावजूद अब अमेरिका, पाकिस्‍तान पर आरोप लगा रहा है.
उन्‍होंने कहा कि 1980 के दशक में पाकिस्तान ऐसे मुजाहिद्दीन लोगों को प्रशिक्षण दे रहा था कि जब सोवियत यूनियन, अफगानिस्तान पर कब्जा करेगा तो वो उनके खिलाफ जेहाद का ऐलान करें. इन लोगों की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान को पैसा अमेरिका की एजेंसी CIA द्वारा दिया गया. लेकिन एक दशक बाद जब अमेरिका, अफगानिस्तान में आया तो उसने उन्हीं समूहों को जो पाकिस्तान में थे, जेहादी से आतंकवादी होने का नाम दे दिया.
इमरान खान ने कहा कि यह एक बड़ा विरोधाभास था...पाकिस्तान को तटस्थ होना चाहिए था क्योंकि अमेरिका का साथ देकर हमने इन समूहों को पाकिस्तान के खिलाफ कर लिया ... इसमें हमने 70 हजार लोगों की जिंदगी गंवाई है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान हुआ है.
हालांकि ये भी सही है कि एक तरफ जहां इमरान खान इस सच्‍चाई को परोक्ष रूप से स्‍वीकार कर रहे हैं कि उनकी सरजमीं का इस्‍तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए हुआ है, वहीं दूसरी तरफ वह कश्‍मीर पर अंतरराष्‍ट्रीय समर्थन की अपेक्षा कर रहे हैं. संभवतया इसी कारण उनके ही गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने एक इंटरव्‍यू में कह दिया कि कश्‍मीर के मुद्दे पर पाकिस्‍तान की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता और पाकिस्‍तान को जिम्‍मेदार देश नहीं माना जाता.
गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री इमरान खान को कठघरे में खड़ा किया है. उन्‍होंने कश्‍मीर मुद्दे पर पाकिस्‍तान सरकार की विफलता के लिए इमरान खान और उनके सिपहसालारों को जिम्‍मेदार ठहराया है. दरअसल उन्‍होंने स्‍वीकार किया है कि कश्‍मीर मुद्दे पर इस्‍लामाबाद अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय का समर्थन हासिल करने में नाकाम रहा. शाह ने इमरान खान समेत सत्‍ताधारी कुलीनतंत्र (Ruling Elite) पर पाकिस्‍तान की इमेज को बर्बाद करने का आरोप लगाया.
उन्‍होंने पाकिस्‍तानी न्‍यूज चैनल Hum News के एक टॉक शो में कहा, ''अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय में लोगों ने हम पर यकीन नहीं किया. हमने कहा कि भारत ने जम्‍मू और कश्‍मीर में कर्फ्यू लगा दिया है और लोगों को दवाएं तक नहीं मिल रही हैं. लोगों ने हम पर यकीन नहीं किया लेकिन उनकी (भारत) बात पर भरोसा किया. सत्‍ताधारी कुलीनतंत्र ने देश को बर्बाद कर दिया. इसकी छवि को खराब कर दिया गया. लोग सोचते हैं कि हम गंभीर मुल्‍क नहीं हैं.''
उनसे जब पूछा गया कि बेनजीर भुट्टो, परवेज मुशर्रफ और अन्‍य क्‍या उस सत्‍ताधारी कुलीनतंत्र का हिस्‍सा रहे हैं तो ISI के चीफ रहे एजाज अहमद शाह ने कहा, ''सभी जिम्‍मेदार हैं. पाकिस्‍तान को अब आत्‍ममंथन करने की दरकार है.''

अमेरिका ने 12 लोगों को घोषित किया वैश्विक आतंकवादी
12 September 2019
नई दिल्ली: अमेरिका ने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान (Tehrik-e-Taliban) पाकिस्तान (टीटीपी) के प्रमुख नूर वाली महसूद (Noor Wali Mehsud) समेत 12 लोगों को वैश्विक आतंकवादी (global terrorists) घोषित किया है और कई 'आतंकवादियों और उनके समर्थकों' पर प्रतिबंध लगाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 9/11 की बरसी से एक दिन पहले संदिग्ध आतंकवादियों और उन्हें वित्तीय सहायता पहुंचाने वाले लोगों और समर्थकों को पकड़ने के अपने प्रशासन की क्षमता में विस्तार करने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया.
अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने एक प्रेस विज्ञप्ति (Press release) में कहा, "महसूद के साथ विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) की सूची में हिजबुल्ला, हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, आईएसआईएस, आईएसआईएस-फिलीपींस, आईएसआईएस-पश्चिमी अफ्रीका, तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान जैसे पूर्व नामित आतंकवादी संगठनों के नेता शामिल हैं."
इन कार्रवाईयों के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी ने आईएसआईएस-फिलीपींस, आईएसआईएस-खोरासान, अलकायदा, हमास और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स-कुद्स फोर्स से जुड़े 15 आतंकवादियों को नामित किया है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकारी आदेश अमेरिका के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में और मजबूती लाएगा."
पोम्पियो ने कहा कि यह आदेश आतंकवादी प्रशिक्षण में शामिल लोगों और समूहों को प्रभावी रूप से निशाना बनाएगा और विदेशी वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए अधिकार मुहैया कराएगा जो जानबूझकर संदिग्ध आतंकवादियों के साथ व्यापार करते हैं.

अलकायदा सरगना ने मुस्लिमों से कहा- अमेरिका, यूरोप, रूस और इजराइल को तबाह कर दो
12 September 2019
वॉशिंगटन. आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर मुस्लिमों को पश्चिमी देशों पर हमला करने के लिए उकसाया है। वायरल वीडियो में जवाहिरी ने मुस्लिमों से कहा कि अमेरिका, यूरोप, इजराइल और रूस जैसे पश्चिमी देशों पर हमला करके उन्हें तबाह कर दो। जवाहिरी 9/11 आतंकी हमले की 18वींबरसी पर मुस्लिमों को संबोधित कर रहा था।
जवाहरी का 33 मिनट का भाषण रिकॉर्ड किया
1. अमेरिकी कंपनी सर्च फॉर इंटरनेशनल टेररिस्ट एंटिटीज (एसआईटीई) ने इसका खुलासा किया है। एसआईटीई आतंकी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करती है। इसके बाद जवाहिरी का यह वीडियो सामने आया।
2. अलकायदा सरगना ने कहा, ‘‘यदि आप जिहाद चाहते हो, तो पश्चिमी देशों की सेना को धीरे-धीरे खत्म करते रहें। अमेरिकन सैनिक आज पूर्व से पश्चिम तक पूरी दुनिया में हैं। आपके देश अमेरिकी ठिकानों से भरे हुए हैं, जिसमें सभी काफिर हैं।उनके द्वारा भ्रष्टाचार फैलाया जा रहा है।’’
3. जवाहिरी का 33 मिनट 28 सेकंड का भाषण रिकॉर्ड किया गया। वीडियो को अलकायदा के ही अस-सहाब मीडिया फाउंडेशन ने जारी किया। जवाहिरी ने अपने भाषण में जिहादी रास्ता छोड़ने वाले उन लोगों की भी आलोचना की, जो ये कहते हैं कि 9/11 जैसे हमले नहीं होना चाहिए, क्योंकि इनमें आम नागरिक मारे जाते हैं।
4. बुधवार तड़के ही अफगानिस्तान के काबुल में अमेरिकी दूतावास के पास धमाका हुआ था। अभी तक किसी संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि यह एक तरह का रॉकेट ब्लास्ट था।
9/11 हमले में 2900 लोग मारे गए थे
5. अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए हमले में 2983 लोग मारे गए थे। इसके पीछे अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था। मई 2011 में लादेन को अमेरिका ने पाक के एबटाबाद में घुसकर मार दिया था।
6. अल-जवाहिरी 2011 में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद संगठन प्रमुख बना था। जवाहिरी मिस्र का रहने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी पाकिस्तान या अफगानिस्तान में छिपा हो सकता है।

प्रधानमंत्री हसीना अगले महीने भारत आएंगी, 22 साल पुराना तीस्ता जल विवाद सुलझने की उम्मीद
12 September 2019
ढाका. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को तीस्ता जल विवाद पर भारत से सकारात्मक रवैये की उम्मीद है। हसीना अक्टूबर की शुरुआत में भारत दौरे पर आने वाली हैं। हसीना ने बुधवार को संसद में कहा कि भारत के साथ करीब 22 साल से चले आ रहे तीस्ता जल विवाद को सकारात्मक तरीके से जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
दिल्ली में 3-4 अक्टूबर को इंडिया इकोनॉमिक समिट होगी
शेख हसीना ने कहा, ‘‘हमें आशा है कि दो देशों के बीच चले आ रहे अनसुलझे विवादों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उम्मीद करते हैं कि मेरे दौरे से पहले भारत की ओर से सभी अनसुलझे विवादों पर अपना सकारात्मकता देखने को मिलेगी।’’
भारत में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा दिल्ली में 3-4 अक्टूबर को दो दिवसीय इंडिया इकोनॉमिक समिट होगी। इसमें शामिल होने के लिए शेख हसीना 3 से 6 अक्टूबर तक भारत दौरे पर आएंगी। इस कार्यक्रम का मूल विषय ‘भारत के लिए नई खोज, दक्षिण एशिया का विकास और विश्व को प्रभावित करना’ है।
बांग्लादेश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना और नरेंद्र मोदी के बीच 5 अक्टूबर को द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान हसीना मोदी के सामने तीस्ता जल विवाद को लेकर बात करेंगी। हसीना ने कहा कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, ताकत, ऊर्जा, संचार, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे समझौतों पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं।
कहां से गुजरती है तीस्ता?
तीस्ता नदी हिमालय के पाहुनरी ग्लेशियर से निकलती है। यह सिक्किम से पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश जाती है और बाद में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है। यह नदी कुल 393 किलोमीटर का रास्ता तय करती है। इस नदी से बांग्लादेश की 2 करोड़ और भारत की 1 करोड़ की आबादी का जीवनयापन जुड़ा है।
कब से चल रहा है विवाद?
1815 में नेपाल के राजा और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर समझौता हुआ। तब राजा ने नदी के बड़े हिस्से पर नियंत्रण अंग्रेजों को सौंप दिया। बांग्लादेश के आजाद होने के 12 साल बाद 1983 में दोनों (भारत-बांग्लादेश) देशों के बीच समझौता हुआ। पानी का 36% हिस्सा बांग्लादेश और बाकी भारत के खाते में आया। लेकिन पिछले 18 साल से बांग्लादेश इस पर दोबारा विचार करने पर अड़ा है।
क्या है समस्या?
दिसंबर से मार्च के बीच इस नदी में पानी का बहाव कम हो जाता है। इस वजह से बांग्लादेश में मछुआरों और किसानों को कुछ महीनों तक रोजगार के दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि वह अपने बैराज से तीस्ता का ज्यादा पानी बांग्लादेश को नहीं दे सकती।

अमेरिका ने पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान के नेता को घोषित किया आतंकी
11 September 2019
वाशिंगटनः अमेरिका ने मंगलवार को पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान के नेता को आतंकी घोषित कर दिया. तहरीक-ए-तालिबान (TTP) को पाकिस्तान तालिबान भी कहा जाता है, यह कई आत्मघाती हमलों और बम धमाकों में हुई बेकसूर लोगों की हत्या में शामिल रहा है. इससे पहले तहरीक-ए-तालिबान को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा एसडीजीटी यानि स्पेशली डेजीग्नेटिड ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया गया था. जून 2018 में तहरीक-ए-तालिबान की कमान नूर वली उर्फ नूर वली महसूद को सौंपी गई थी. टीटीपी के सरगना मुल्ला फजलुल्लाह के मारे जाने के बाद नूल वली को आतंकी संगठन का प्रमुख बनाया गया था. यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के मुताबिक, 'नूल वली के नेतृत्व में टीटीपी ने पाकिस्तान में कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली.' अमेरिका के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान अलकायदा से जुड़ा संगठन है. यह आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा इकट्ठा करना, आतंकी भर्ती करना, आतंकी हमलों को अंजाम देने का प्लान तैयार करना, हथियार और गोला बारूद उपलब्ध करवाना जैसा काम करता रहा है. 2018 में पाकिस्तानी तालिबान ने मुल्ला फजलुल्लाह के स्थान पर मुफ्ती नूर वाली महसूद को अपना नया प्रमुख बनाया था. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की हत्या करने का आदेश देने वाला फजलुल्लाह अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था. पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने बताया था कि उनका नेता मारा गया था और तालिबान परिषद ने महसूद को उसका उत्तराधिकारी बनाया है. टीटीपी से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि महसूद दक्षिणी वजीरिस्तान के तियारजा इलाके का रहने वाला है और उसने पाकिस्तान के विभिन्न मदरसों में पढ़ाई की है. ऐसा समझा जाता है कि उसने ‘इंकलाब-ए-महसूद दक्षिण वजीरिस्तान: फिरंगी राज से अमरीकी साम्राज्य तक’ नामक पुस्तक उर्दू में लिखी है. अपनी पुस्तक में उसने तालिबान की ओर से पहली बार दावा किया है कि रावलपिंडी में 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या में टीटीपी के आतंकियों की संलिप्तता थी. नया नेता दक्षिण वजीरिस्तान में 2014 में एक ड्रोन हमले में बच गया था. इस हमले में आठ तालिबानी आतंकी मारे गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेहसूद ने 1990 के दशक में उत्तरी गठबंधन के खिलाफ अफगान तालिबान के लिए लड़ाई लड़ी थी और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया था. नया नेता मुफ्ती नूर, मेहसूद जनजाति से आता है जो उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान के जनजातीय जिलों पर हावी है. यह भी माना जाता है कि मेहसूद के हक्कानी नेटवर्क के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जिसने 2001 में अमेरिका के नेतृत्व वाले आक्रमण के बाद अफगानिस्तान में घातक हमले करवाए थे.
IPL नहीं बल्कि सुरक्षा कारणों से आपके यहां नहीं जा रहे प्‍लेयर्स: श्रीलंका का PAK को जवाब
11 September 2019
नई दिल्‍ली: 10 श्रीलंकाई प्‍लेयर्स के पाकिस्‍तान (Pakistan) जाने से इनकार के बाद उठे विवाद पर श्रीलंका (Sri Lanka) ने अपना पक्ष रखकर स्थिति साफ कर दी है. दरअसल पाकिस्‍तान के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि भारत के दबाव की वजह से लसिथ मलिंगा समेत श्रीलंका के 10 बड़े प्‍लेयर्स पाकिस्‍तान में होने वाली सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है. श्रीलंका के खेल मंत्री हरीन फर्नांडो ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि ''इन बातों में कोई सच्‍चाई नहीं है, जिनमें कहा जा रहा है कि भारत की वजह से श्रीलंकाई प्‍लेयर्स पाकिस्‍तान नहीं जा रहे हैं.'' उन्‍होंने स्‍पष्‍ट करते हुए कहा, ''दरअसल कुछ लोगों ने 2009 की घटना के कारण वहां नहीं जाने का फैसला किया है. उनके निर्णय का सम्‍मान करते हुए उन प्‍लेयर्स को मौका दिया जा रहा है जो वहां जाने को इच्‍छुक हैं. दरअसल पाकिस्तान के साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री फवाद हुसैन चौधरी (Fawad Hussain Chaudhry) ने ट्वीट कर कहा, ‘एक स्पोर्ट्स कॉमेंटेटर ने मुझे बताया कि भारत ने श्रीलंका के खिलाड़ियों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने पाकिस्तान दौरे पर जाने से इनकार नहीं किया तो उन्हें आईपीएल से बाहर कर दिया जाएगा. यह हल्कापन है. खेल में अंधराष्ट्रवाद को जोड़े जाने की निंदा होनी चाहिए. भारतीय खेल अधिकारी जो कर रहे हैं वह निंदनीय है.’ इसी सिलसिले में श्रीलंका ने अपना पक्ष रखा है. उल्‍लेखनीय है कि सोमवार को श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों की बैठक हुई थी. यह बैठक पाकिस्तान दौरे को लेकर थी. माना जा रहा है कि श्रीलंका के 10 खिलाड़ियों ने इस दौरे पर जाने से मना कर दिया है. ऐसा करने वाले खिलाड़ियों में कप्तान दिमुथ करुणारत्ने, लसिथ मलिंगा, एंजेलो मैथ्यूज, निरोशन डिकवेला, कुसल परेरा, धनंजय डिसिल्वा, थिसारा परेरा, अकिला धनंजय, सुरंगा लकमल और दिनेश चांडीमल शामिल हैं. साल 2009 में पाकिस्तान दौरे पर गई श्रीलंका की टीम पर ही आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में​ खिलाड़ी बाल-बाल बच गए थे. तब से किसी भी देश की टीम ने पाकिस्तान में पूर्ण सीरीज नहीं खेली है. हालांकि, श्रीलंका की टीम 2017 में पाकिस्तान में जाकर टी20 मैच खेला था. लेकिन इस टीम में भी प्रमुख खिलाड़ी शामिल नहीं थे.
11वीं पीढ़ी के तीन आईफोन लॉन्च, प्रो और प्रो मैक्स में पहली बार तीन कैमरे, भारत में 27 सितंबर से मिलेंगे
11 September 2019
कैलिफाेर्निया. मंगलवार रात एपल ने क्यूपर्टिनो के स्टीव जॉब्स थिएटर में 11वीं पीढ़ी के तीन नए आईफोन लॉन्च किए। इनके नाम आईफोन 11, आईफोन प्रो और आईफोन प्रो मैक्स रखे गए हैं। सीईओ टिम कुक ने इनके अलावा नई गेमिंग सर्विस 'एपल आर्केड', 5वीं सीरीज की एपल वॉच और 7वीं जनरेशन के 10.2 इंच का नया आईपैड भी लॉन्च किया।
आईफोन 11 और आईफोन प्रो तीन वैरिएंट 64, 128 और 256 जीबी में मिलेगा जबकि आईफोन प्रो मैक्स 64, 256 और 512 जीबी में आएगा। तीनों आईफोन की बुकिंग 13 सितंबर से शुरू हो जाएगी और कम्पनी इन्हें चुनिंदा देशों में 20 सितंबर से शिपिंग करना भी शुरू कर देगी। एपल इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक भारत में नए आईफोन 27 सितंबर से मिलेंगे।
वैरिएंट वाइस कीमत
आईफोन 11
64 जीबी 64,900 रुपए
128 जीबी 69,900 रुपए
256 जीबी 79,900 रुपए
आईफोन 11 प्रो
64 जीबी 99,900 रुपए
256 जीबी 1,13,900 रुपए
512 जीबी 1,31,900 रुपए
आईफोन 11 प्रो मैक्स
64 जीबी 1,09,900 रुपए
256 जीबी 1,23,900 रुपए
512 जीबी 1,41,900 रुपए
आईफोन 11 प्रो और प्रो मैक्स
>> कैमरा पॉवर को ध्यान में रखकर लॉन्च किए अब तक के सबसे पॉवरफुल कहे जा रहे आईफोन प्रो में स्क्रीन 5.8 की स्क्रीन मिलेगा। इसमें 2436 x 1125 पिक्सेल का रिजोल्यूशन मिलेगा
>> आईफोन प्रो मैक्स की स्क्रीन का साइज 6.5 है और इसमें 2688 x 1242 पिक्सेल का रिजोल्यूशन मिलेगा। साइज और डिस्प्ले के अलावा बाकी प्रो सीरीज नए आईफोन के सभी फीचर्स एक जैसे हैं।
>> तीन कैमरे वाला आईफोन 11 प्रो पीवीडी कोटिंग से बना है। यह चार रंगो - ग्रीन, ग्रे, सिल्वर और गोल्ड में मिलेगा। ओएलईडी डिस्प्ले पैनल के साथ यह 15 फीसदी अधिक एनर्जी बचाता है।
>> इसमें सुपर रेटिना एक्सडीआर डिस्प्ले दिया गया है। इसके सीपीयू को 8.5 बिलियन ट्रांजिस्टर से बनाया गया है। इसमें भी ए13 बायोनिक चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है।
>> इसकी बैटरी आईफोन एक्सएस से 4 घंटे और एक्स एस मैक्स से 5 घंटे ज्यादा बैकअप देती है। यह स्पेशल ऑडियो साउंड से लैस है।
>> इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है जिसमें 12 मेगापिक्सल वाइड कैमरा 12 टेलीफोटो कैमरा और 12 मेगापिक्सल अल्ट्रावाइड कैमरा मिलेंगे।
>> इसमें डीप फ्यूजन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जो मशीन लर्निंग की मदद से फोटो लेता है। इसमे हाई रेजोल्यूशन वीडियोग्राफी की जा सकती है।
>> यह कलर टोन को ऑटो एडजस्ट करेगा साथ ही फोन में ही वीडियो एडिटिंग की जा सकेगी। इसके हाई पावर की मदद से कम रोशनी में भी एचडी रिकॉर्डिंग की जा सकेगी।
आईफोन 11
>> कंपनी ने पहली बार कैमरा पर फोकस किया है। इसमें 12+12 मेगापिक्सल का डुअल रियर कैमरा दिया है जो वाइड एंगल कवर करता है।
>> इसमें पोर्ट्रेट मोड, लो लाइट मोड जैस फीचर्स दिए हैं। कंपनी ने इवेंट में लो लाइट मोड का फोटो शेयर किया, जो बेहतर क्वालिटी की थी।
>> आईफोन 11 की खास बात है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान नोर्मल रिकॉर्डिंग को अल्ट्रा वाइड एंगल में बदल पाएंगे।
>> इसमें क्विक टेक फीचर दिया है। यानी फोटो बटन को दबाने पर क्विक वीडियो शूट हो जाएगा।
>> कंपनी का दावा है कि इससे दूसरे फोन की तुलना में हाईजेस्ट क्वालिटी वीडियो शूट कर पाएंगे।
>> सेल्फी के लिए इसमें 12 मेगापिक्सल लेंस दिया है। फ्रंट कैमरा से 4K वीडियो बना पाएंगे।
>> पहली बार किसी सेल्फी कैमरा से स्लो मोशन वीडियो रिकॉर्डिंग कर पाएंगे। इसमें लेटेस्ट A13 बायोनिक प्रोसेसर दिया है।
>> अब तक का सबसे तेज CPU भी मिलेगा। इवेंट के दौरान हाई डेफिनेशन और हाई ग्राफिक्स गेम का डेमो भी दिया गया।
>> फोन में अब तक की सबसे ज्यादा चलने वाली बैटरी दी। यह पिछले आईफोन Xr की तुलना में 1 घंटे ज्यादा चलेगी। ये वाटर रजिस्टेंस, वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।
एपल वॉच सीरीज- 5
>> नेक्स्ट जनरेशन एपल वॉच सीरीज 5 में हमेशा ऑन रहने वाला नया डिस्प्ले मिलेगा। यानी यूजर्स टाइम और नोटिफिकेशन को हमेशा देख पाएंगे।
>> इसे 100% रीसाइकिल एल्यूमीनियन से बनाया गया है। इससे ईसीजी भी लिया जा सकता है साथ ही यह हार्ट रेट भी मॉनिटर करेगी।
>> इससे टाइम तो बताएगी ही इससे फोन कॉल्स, सेटेलाइट कम्यूनिकेशन, वॉयर रेजिस्टेंस जैसे फीचर्स मिलेंगे।
>> इसमें कंपनी ने LTPO टेक्नोलॉजी और लो पावर डिस्प्ले ड्राइवर का इस्तेमाल किया है। कंपनी का दावा है कि एक दिन में ये 18 घंटे का बैकअप देगी।
>> इससे जिम करने वालों को मदद मिलेगी। वॉच में बिल्ड-इन कम्पास दिया है। जो कम्पास ऐप के साथ आएगा। ये डायरेक्शन दिखाने का काम करेगा।
>> सेफ्टी के लिए इसमें SOS फीचर दिया है। इमरजेंसी में घड़ी के साइड बटन को दबाकर कॉलिंग कर पाएंगे, जैसे आईफोन में करते हैं।
>> इसे 100% रिसाइकल एल्युमिनियम से बनाया है। पहली बार वॉच में टाइटेनियम का नया मॉडल मिलेगा।
>> इसमें सिरेमिक व्हाइट, ब्लैक बैंड, स्पोर्ट्स बैंड मिलेंगे। साथ ही, एपल पे, स्विम प्रूफ जैसे फीचर्स भी मिलेंगे।
7वीं पीढ़ी का 10.2 इंच आईपैड
>> 7वीं जनरेशन का आईपैड लॉन्च करने की घोषणा करते हुए कम्पनी ने कहा कि इसमें 10.2 इंच का रेटिना डिस्प्ले मिलेगा।
>> इसमें दो गुनी स्पीड के साथ स्मार्ट कनेक्टर और फ्लोटिंग कीपैड भी मिलेगा। इसमें एपल पेंसिल की मदद से यूजर्स मनचाहे एडिटिंग के काम कर सकेंगे।
>> नया आई पैड ए10 फ्यूजन प्रोसेसर से लैस इस आईपैड की कीमत 24 हजार रुपए तक होगी।
>> इस पर एपल टीवी प्लस की एक साल की सर्विस फ्री मिलेगी।
>> आर्केड गेम सर्विस और एपल टीवी प्लस
>> एपल ने दुनिया की पहली गेम्स सब्सक्रिप्शन सर्विस एपल आर्केड शुरू की है। जिसे यूजर्स मोबाइल और डेस्कटॉप पर इस्तेमाल कर पाएंगे।
>> ये एपल के ऐप स्टोर पर मौजूद 3 लाख गेम्स से अलग है। यहां पर यूजर्स को 100 से ज्यादा नए और एक्सक्लूसिव गेम्स मिलेंगे।
>> एपल का दावा है कि ये गेम्स किसी दूसरे फोन सर्विस पर नहीं मिलेंगे। इवेंट के दौरान कंपनी ने तीन आर्केड गेम्स का डेमो भी दिया।
>> इसमें एक अंडर वाटर गेम्स शामिल था। जिसमें रियल इफेक्ट्स देखने को मिले।। जैसे यूजर पर अटैक होने पर टैबलेट या फोन की स्क्रीन पर टूटने जैसा इफेक्ट दिखाई दिया।
>> एपल टीवी प्लससर्विसेज पर फोकस करते हुए टिम कुक ने कहा कि हम हॉलीवुड का बेस्ट कंटेट लेकर आ रहे हैं।

अमेजन आग का पड़ सकता है विनाशकारी प्रभाव : यूएन अधिकारी
10 September 2019
जेनेवा: यूएन हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स मिशेल बैचेलेट ने सोमवार को चेताया कि अमेजन के वर्षावनों को तहत-नहस कर रही आग का समग्र मानवता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, मानवाधिकार परिषद के शुरुआती सत्र में बैचेलेट ने कहा कि ब्राजील, बोलिविया व पराग्वे में हाल के सप्ताह में हुई कुल मौतों की संख्या व नुकसान का पता शायद कभी न लगे.
बैचेलेट के भाषण का ज्यादातर हिस्सा जलवायु संकट को समर्पित रहा. उनके भाषण के साथ तीन हफ्ते के सत्र की शुरुआत हुई.
वैज्ञानिक साक्ष्य पर ध्यान खींचते हुए उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मानवाधिकार को लेकर इस तरह का बड़ा खतरा दुनिया ने कभी नहीं देखा था.
उन्होंने कहा, "यह एक ऐसी स्थिति है जहां कोई देश, कोई संस्था या कोई नीति निर्माता अलग नहीं खड़ा हो सकता है."
बैचेलेट ने कहा, "सभी राष्ट्रों की अर्थव्यवस्था, हर राष्ट्र के संस्थागत, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने और आपके सभी लोगों के अधिकारों पर-आने वाली पीढ़ियों पर इसका असर पड़ेगा."

भारत ने चीन-पाक के संयुक्‍त बयान में जम्‍मू-कश्‍मीर पर टिप्‍पणी पर जताई नाराजगी, CPEC पर जताई चिंता
10 September 2019
नई दिल्ली: भारत (India) ने मंगलवार को चीन (China) विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के दौरान चीन और पाकिस्तान (Pakistan) के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के जिक्र को लेकर दोनों को लताड़ा साथ ही बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बारे में अपनी चिंताओं को भी उठाया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने चीन-पाक के बयान में जम्मू-कश्मीर के संदर्भ को खारिज करते हुए कहा, "जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है."
पिछले सप्ताह जारी संयुक्त बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. पाकिस्तानी पक्ष ने अपनी चिंताओं, स्थिति और तत्काल मानवीय मुद्दों सहित स्थिति पर चीनी पक्ष को जानकारी दी. वहीं, चीन ने किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध किया, जो स्थिति को जटिल करता है.”

ब्रिटेन की पूर्व पीएम ने जाते-जाते दी सौगात, 2 क्रिकेटरों को मिला यह ब्रिटिश सम्मान
10 September 2019
लंदन: इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटरों ज्योफ्री बायकाट और एंड्रयू स्ट्रास को इंग्लैंड का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान नाइटहुड की उपाधि दी गई है. ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने इस्तीफे के साथ अपनी सम्मान सूची में नाइटहुड के लिए इन दो पूर्व खिलाड़ियों को शामिल किया था. इन दोनों खिलाड़ियों को इंग्लैंड क्रिकेट टीम के साथ शानदार करियर के बाद खेल के प्रति सेवाओं के लिए यह सम्मान दिया गया है. इंग्लैंड क्रिकेट टीम के साथ शानदार करियर के बाद खेल के प्रति सेवाओं के लिए बायकाट और स्ट्रास को यह सम्मान मिला है,
बायकाट ने इंग्लैंड की ओर से 1964 से 1982 के बीच टेस्ट क्रिकेट में 108 टमैच खेलकर 47.72 की औसत से 8114 रन बनाए थे. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के लिए 36 वनडे भी खेले हैं. बॉयकॉट 1998 में फ्रैंस में अपनी पूर्व गर्लफ्रैंड पर प्रताड़ित करने का आरोप भी लगा था. इसके लिए उन्हें जुर्माना और निलंबन भी झेलना पड़ा था. वे आज तक खुद को उस मामले में निर्दोष बताते आए हैं. 78 साल के बॉयकॉट को हाल ही कैंसर की बीमारी से ग्रसित पाया गया था. इसके अलावा उनकी एक बार हार्ट सर्जरी भी हुई थी.
वहीं इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज स्ट्रास के नेतृत्व में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2009 और 2010-11 में एशेज सीरीज जीती हैं. स्ट्रास ने 2004 से 2012 के बीच 127 वनडे और 100 टेस्ट खेले हैं. बाद में वे पुरुष टीम के डायरेक्टर भी बने थे. उन्हें इंग्लैंड की टीम को विश्व कप के लिए तैयार करने में अहम भूमिका अदा करने के लिए भी जाना जाता है. इंग्लैंड टीम ने इसी साल इतिहास में पहली बार विश्व कप जीता है, स्ट्रॉस ने बाद में रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन की स्थापना भी की जो सभी तरह के कैंसर से लड़ने के लिए पैसा जमा करता है.
थेरेसा मे को क्रिकेट प्रेमी के तौर पर जाना जाता है. उन्हें पिछले साल एमसीसी की सदस्यता भी प्रदान की गई थी. ब्रिटेन का प्रधानमंत्री पद गंवाने के बाद वे अपना ज्यादातर समय क्रिकेट देखने में व्यतीत करती हैं.

PAK दूतावास पर लगे भारत विरोधी पोस्टरों से ईरान को ऐतराज, पाकिस्तान को लगाई फटकार
9 September 2019
नई दिल्ली/तेहरान: पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा अपने दूतावास को भारत ( India) विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने पर ईरान (Iran) ने कड़ा रुख अपनाया है. इरानी अधिकारियों ने 15 अगस्त को उत्तर पूर्व शहर मशहद स्थित पाकिस्तानी दूतावास की दीवारों पर लगे भारत विरोधी पोस्टर हटा दिए हैं.
15 अगस्त को तथाकथित 'कश्मीर सोलिडेरिटी डे' यह पोस्टर कंस्युलेट की दीवारों पर लगाए गए थे लेकिन आधी रात को स्थानीय पुलिस द्वारा यह पोस्टर हटा दिए गए.
ईरान ने कहा यह 'अनुशासनहीन रणनीति'
ईरान ने इन तरीकों को 'अनुशासनहीन रणनीति' करार दिया है. तेहरान ने इस्लामाबाद को साफ शब्दों में कह दिया है कि किसी तीसरे देश के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ हैं.
पाकिस्तान एक मौखिक नोट के जरिए जब इस मुद्दे को उठाया तो तेहरान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया.
तेहरान में अधिकारियों ने पाकिस्तानी राजनयिकों से सवाल किया, 'अगर इस्लामाबाद में इरानी मिशन की दीवारों पर सउदी अरब के खिलाफ पोस्टर लगाए जाएं तो क्या पाकिस्तान इसकी इजाजत देगा. '
'भारत कोई दुश्मन देश नहीं'
हालांकि पाकिस्तान अपनी दलील पर अड़ा रहा और उसने दावा कि उसके मिशन को यह अधिकार है कि वह कोई संदेश प्रदर्शित करने का अधिकार है. ईरान ने कहा कि पाकिस्तान से उसके दोस्ताना संबंध रहे हैं लेकिन भारत भी कोई दुश्मन देश नही हैं.
इस बीच भारत ने यह मुद्दा उठाया है और दिल्ली में ईरान के राजदूत को एक विरोध नोट सौंपा है. इस घटना से पहले भी इरान में पाकिस्तानी मिशन द्वारा बिना किसी अनुमित के भारत विरोधी दो प्रदर्शन आयोजित किए थे.
बता दें पाकिस्तानी दूतावास और विदेशों में रह रहे पाकिस्तानी लगातार भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. पिछले हफ्ते पाकिस्ती नागरिकों ने और खालिस्तान समर्थकों ने लंदन में भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन किया था. लंदन में पाकिस्तानियों द्वारा किया गया यह दूसरा बड़ा प्रदर्शन था.
इसके अलावा वाशिंगटन, दक्षिण कोरिया, जर्मनी में भी भारतीय दूतावास के सामने पाकिस्तानियों द्वारा प्रदर्शन किए गए हैं. इसके अलावा वाशिंगटन, दक्षिण कोरिया, जर्मनी में भी भारतीय दूतावास के सामने पाकिस्तानियों द्वारा प्रदर्शन किए गए हैं.

पुलवामा आतंकी हमले के बाद जेल में नहीं रहा मसूद अजहर, तबियत भी बताई जा रही ठीक
9 September 2019
नई दिल्‍ली: पुलवामा आतंकी हमले की जिम्‍मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद (JeM) के सरगना मौलाना मसूद अजहर (Masood Azhar) को पाकिस्‍तान ने इस घटना के बाद कभी जेल में नहीं रखा. पुलवामा हमला और बदले में भारत के बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद कहा जा रहा था कि पाकिस्‍तान ने अंतरराष्‍ट्रीय दबाव को देखते हुए मसूद अजहर को पकड़ कर जेल में डाल दिया है. उसके खराब स्‍वास्‍थ्‍य की खबरें भी सामने आई थीं. लेकिन अब खुफिया सूत्रों का कहना है कि पुलवामा हमले के बाद उसको कभी जेल में नहीं डाला गया.
सूत्रों के मुताबिक उसकी अंतिम लोकेशन बहावलपुर के मरकज सुभान अल्‍लाह में देखी गई थी. मसूद अजहर पाकिस्‍तान के बहावलपुर का ही रहने वाला है. वहीं से अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है. खुफिया सूत्रों का ये भी दावा है कि उसकी तबियत भी पहले से बेहतर है लेकिन सार्वजनिक स्‍थलों पर जाने से बच रहा है और धार्मिक भाषण भी नहीं दे रहा है.
उल्‍लेखनीय है कि पिछले दिनों भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी UAPA के तहत पाकिस्तान में छिपे हुए 4 साजिशकर्ताओं को आतंकवादी घोषित किया है. इस लिस्ट में हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर और जकी उर रहमान लखवी का नाम शामिल है. बता दें कि साल 2008 में 26/11 आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद पाकिस्तान में जमात उद दावा नाम का आतंकी संगठन चला रहा है और लगाता भारत के खिलाफ आग उगलता रहता है. वहीं इस लिस्ट में दूसरा नाम आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का सरगना जकी उर रहमान लखवी का है. लखवी कश्मीर में एलईटी का सुप्रीम कमांडर है और यह एनआईए की मोस्ट वान्टेड लिस्ट में भी शामिल है. इस लिस्ट में तीसरा नाम जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का है. इस लिस्ट में तीसरा नाम मुंबई बॉम्ब ब्लास्ट के आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का है.
मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ मामले
- 1 अक्टूबर, 2001 को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा कांप्लेक्स पर आतंकवादी हमला जिसमें अड़तीस व्यक्ति मारे गए थे.
- 13 दिसंबर, 2001 को भारत की संसद पर आतंकवादी हमला जिसमें 6 सुरक्षाबल कार्मिकों, दो संसद सुरक्षा सेवा कार्मिकों और एक आम नागरिक की जान गई थी.
- 2 जनवरी, 2016 को पाकिस्तान से आने वाले जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित आतंकवादियों द्वारा पंजाब के पठानकोट पर आतंकवादी हमला, जिसमें सात सुरक्षा बल कार्मिकों की जान गई थी और 37 जख्मी हुए थे.
- हमहमा, श्रीनगर स्थित बीएसएफ शिविर पर (अक्टूबर, 2017), लेथपोरा, पुलवामा में सीआरपीएफ शिविर पर (दिसंबर, 2017), संजवान, जम्मू में सेना शिविर पर (फरवरी, 2018) हमले.
- 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा आतंकवादी हमला, जिसमें 40 सुरक्षाबल कार्मिकों की जान गई थी.

कालेधन धन पर प्रहार! स्विस बैंकों से पहली लिस्ट में बंद हो चुके खातों की मिली जानकारी
9 September 2019
नई दिल्ली: स्विस बैंकों (Swiss banks) में पैसे रखने वाले भारतीयों के खातों से जुड़ी जानकारियां भारत को मिलनी शुरू हो गई हैं. स्विट्जरलैंड ने स्वचालित व्यवस्था के तहत इस महीने पहली बार कुछ सूचनाएं भारत को उपलब्ध कराई हैं. भारत को मिले पहले दौर की सूचनाओं के विश्लेषण की तैयारी चल रही है और इनमें खाताधारकों की पहचान तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध होने का अनुमान है। ये सूचनाएं मुख्यत: उन खातों से जुड़ी हैं, जिन्हें लोगों ने कार्रवाई के डर से पहले ही बंद करा दिया है.
बैंक अधिकारियों का कहना है कि स्विट्जरलैंड की सरकार के निर्देश पर वहां के बैंकों ने डेटा इकट्ठा करके भारत को सौंपा. इसमें 2018 में सक्रिय रहे हर खाते के लेन-देन का पूरा विवरण है. यह डेटा इन खातों में अघोषित संपत्ति रखने वालों के खिलाफ ठोस मुकदमा तैयार करने में बेहद सहायक साबित हो सकता है.
बैंकर्स और नियामक अधिकारियों ने कहा है कि खाताधारकों की लिस्ट में ज्यादतर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिकी देशों में रहने वाले भारतीय और बिजनेसमैन हैं. बैंकरों ने स्वीकार किया कि कभी पूरी तरह से गोपनीय रहे स्विस बैंकों के खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर शुरू हुई मुहिम के बाद इन खातों से काफी पैसे निकाले गए. इनमें से कई खाते बंद भी हो गए. 2018 में बंद कराए गए खातों की जानकारी भी मिली है.

जिम्बाब्वे के पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का निधन, सिंगापुर के अस्पताल में ली आखिरी सांस
6 September 2019
हरारे : जिम्बाब्वे (zimbabwe) के पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे (Robert Mugabe) का शुक्रवार को निधन हो गया है. वह 95 साल के थे. देश के मौजूदा राष्ट्रपति एमर्सन म्नान्गवा ने इसकी घोषणा की.
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, एमर्सन ने ट्विटर पर पोस्ट में लिखा, "बेहद दुख के साथ घोषणा कर रहा हूं कि जिम्बाब्वे के संस्थापक जनक व पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का निधन हो गया है."
उन्होंने आगे कहा, "मुगाबे आजादी के आदर्श थे, उन्होंने अपने जीवन को अपने लोगों की आजादी और सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया. हमारे राष्ट्र और महाद्वीप के इतिहास में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है. उनकी आत्मा को शांति मिले."
पूर्व राष्ट्रपति के परिवार ने बीबीसी से पुष्टि की कि मुगाबे का शुक्रवार सुबह सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया, जहां लंबी बीमारी के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था. मुगाबे का जन्म 21 फरवरी 1924 को तब के रोडेशिया में हुआ था.

बहामास में डोरियन तूफान का कहर, मरने वालों की संख्या 23 हुई
6 September 2019
सैन जुआन : ग्रैंड बहामा और अबाको द्वीप पर तीन और शव मिलने के बाद बहामास में डोरियन तूफान (Dorian Hurricane) से मरने वालों की संख्या 23 हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री डुआन सैंड्स ने इसकी घोषणा की. रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को तूफान पीड़ितों की नई आधिकारिक सूची जारी होने के बाद मंत्री ने बताया कि मरने वालों की संख्या 23 से भी ज्यादा होने की आशंका है. डोरियन ने 1 सितंबर को बहामास में 298 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दस्तक दी थी.
हालांकि सैंड्स यह जानकारी नहीं दी कि तीनों शव कहां मिले हैं. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ कर्मियों की टीम को घटनास्थल पर शवों को बाहर निकालने के लिए दोनों द्वीपों पर भेजा जाएगा. इसके साथ ही उन्हें शवों को संरक्षित करने के लिए रेफ्रिजरेटेड कंटेनर भी दिए जाएंगे, ताकि शवों को सड़ने से बचाया जा सके.

UAE की पाकिस्तान को दो टूक- कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम दुनिया को न घसीटें
6 September 2019
इस्लामाबाद: जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर दुनियाभर में अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान को अब UAE ने भी झटका दे दिया है. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह कश्मीर को मुसलमानों का मुद्दा न बनाए.
UAE ने कहा- कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम दुनिया को ना घसीटें. UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद बिन सुल्तान अल नहयान ने पाकिस्तान को साफ कर दिया कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसमें मुस्लिम दुनिया या मुस्लिमों को बीच में ना घसीटा जाए. यूएई के विदेश मंत्री ने कहा कि कश्मीर का विवाद भारत और पाकिस्तान को बातचीत द्वारा सुलझाया जाना चाहिए.
वहीं पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के 30 किलोमीटर अंदर एक जगह पर लगभग दो हजार सैनिकों को तैनात किया है. यह जानकारी भारतीय सेना के सूत्रों ने दी. जानकारी के अनुसार, पीओके में जवानों को बाग और कोटली सेक्टर में रखा गया है. वहीं पीओके में हो रही बड़ी हलचल से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं.
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जवानों को तैनात करने संबंधी यह गतिविधि भारत के साथ बढ़े तनाव के मद्देनजर पाकिस्तान का एक रक्षात्मक कदम हो सकता है. स्थानीय इनपुट सहित विभिन्न खुफिया स्रोतों के माध्यम से जवानों की तैनाती व स्थान की पुष्टि हुई है.'
सुरक्षा एजेंसियां रख रही हैं कड़ी नजर
सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान में सेना के आवागमन पर कड़ी नजर रख रहा हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे भारत के लिए तत्काल कोई खतरा तो नहीं है.
पाकिस्तानी सेना के इस कदम का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को भारत द्वारा निरस्त किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने की बात कही है. पाकिस्तान ने घाटी में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कश्मीरियों के साथ खड़े होने का वादा किया है.

ब्रिटेन में 15 अक्टूबर को हो सकते चुनाव
5 September 2019
लंदन। ब्रेक्जिट को लेकर ब्रिटेन में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने साफ शब्दों में कहा है कि 31 अक्टूबर को ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन (EU) से अलगाव की प्रस्तावित योजना में रुकावट आती है तो वह 15 अक्टूबर को देश में मध्यावधि चुनाव करवा सकते हैं। प्रधानमंत्री की बिना शर्त ब्रेक्जिट की योजना के विरोध में एकजुट विपक्ष को सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के 21 सांसदों का समर्थन मिलने से सरकार बहुमत खो बैठी है। बिना शर्त ब्रेक्जिट रोकने के लिए हाउस ऑफ कामंस में विपक्ष का प्रस्ताव बुधवार को 329-300 के बहुमत से पारित हो गया।
इससे पहले मंगलवार को ही साफ हो गया था कि संसद में जॉनसन सरकार बहुमत खो बैठी है और अब बिना शर्त यूरोपीय यूनियन से अलग हो पाना आसान नहीं रह गया है।
सशर्त अलगाव के लिए यूरोपीय यूनियन से वार्ता प्रक्रिया की जरूरत पड़ेगी और संसद की स्वीकृति भी लेनी होगी। इसमें और इस प्रक्रिया में ज्यादा समय लग सकता है। ब्रेक्जिट के लिए निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर से महज 57 दिन पहले विपक्ष के इस कदम से पीएम जॉनसन को अब अपना रास्ता मुश्किल नजर आ रहा है। इसीलिए उन्होंने अब 15 अक्टूबर को मध्यावधि चुनाव कराने और अलगाव प्रक्रिया को 31 जनवरी, 2020 को पूरा करने की बात कही है।
माना जा रहा है कि चुनाव की बात कहकर जॉनसन ने अपनी पार्टी के उन 21 सांसदों पर दबाव बनाने की कोशिश की है जो विपक्षी लेबर पार्टी के साथ चले गए हैं। पार्टी ऐसे सांसदों का भविष्य के चुनाव में टिकट काटने की चेतावनी पहले ही दे चुकी है। संसद में मतदान के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा कि पार्टी ह्विप का उल्लंघन करने के कारण सभी 21 सांसद कंजरवेटिव पार्टी के संसदीय दल से अपनेआप बाहर हो गए हैं।

परमाणु समझौते पर ईरान ने दिया यूरोप को दो महीने का समय, इस प्रस्ताव पर भी रखी शर्त
5 September 2019
दुबई। अमेरिका द्वारा ईरान की अंतरिक्ष एजेंसी पर भी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका की तरफ से लगातार लगाए जा रहे प्रतिबंधों के बाद ईरान ने 2015 के परमाणु समझौते से अलग होने की धमकी दी है। समझौते को बचाने के लिए उसने यूरोप के देशों को दो महीने का वक्त दिया है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि अगर यूरोप के देश अमेरिकी प्रतिबंधों के मद्देनजर उसके तेल की बिक्री के लिए कोई रास्ता नहीं निकालते हैं तो ईरान 2015 के परमाणु समझौते से अलग राह अख्तियार कर लेगा। रूहानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के अधिकारियों ने 15 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) के कर्ज के फ्रांस के प्रस्ताव पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। साल के आखिर तक दी जाएगी उसे यह रकम फ्रांस ने कहा कि अगर ईरान परमाणु समझौते को पूरी तरह से पालन करता है तो इस साल के आखिर तक उसे यह रकम दी जाएगी। लेकिन ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा है कि अगर चार महीने के भीतर यह रकम मिल जाती है तो उनका देश समझौता का पूरी तरह से पालन करेगा। 2015 में परमाणु समझौता किया था अमेरिका और यूरोप के ताकतवर देशों के साथ ईरान ने 2015 में परमाणु समझौता किया था। इसके तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ा था और बदले में उससे पाबंदियां हटा ली गई थी। लेकिन पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति इस समझौते से अलग हो गए थे और ईरान पर कई तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की थी। तेल टैंकर के सात सदस्यों को रिहा करेगा ईरान ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिटेन के ध्वज वाले जब्त तेल टैंकर स्टेना इंपेरो के चालक दल के 23 में से सात सदस्यों को रिहा किया जाएगा। ईरान ने अपने जल क्षेत्र के उल्लंघन के आरोप में इस तेल टैंकर को फारस की खाड़ी में जब्त किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने कहा कि मानवीय नीति के तहत चालक दल के सात सदस्यों को रिहा करने का फैसला किया गया है। कैप्टन ने भारत के रहने वाले चालक के सात सदस्यों को रिहा करने को कहा है।
भारत ने शर्तें मानीं तभी दी जाधव को काउंसलर एक्सेस : पाक सेना
5 September 2019
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान आर्मी ने बुधवार को एक बयान जारी किया। पाक सेना का कहना है कि भारत ने जब उसकी 5 शर्तें स्वीकार कर कीं, तभी कुलभूषण जाधव (49) को काउंसलर एक्सेस दी गई।
अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) के आदेश के मुताबिक पाकिस्तान में भारतीय उपउच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने सोमवार को जाधव से दो घंटे की मुलाकात की थी। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात के लिए पांच शर्तें रखी थीं जिन्हें भारत ने स्वीकार किया। हालांकि उन्होंने इन शर्तों के बारे में जानकारी देने से इन्कार कर दिया।

करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान श्रद्धालुओं से लेगा 20 डॉलर, भारत ने जताया विरोध
4 September 2019
नई दिल्ली: करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान के बीच तीसरे दौर की वार्ता बुधवार को खत्म हो गई. बैठक में अघिकारियों के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बनी. हालांकि, दो मामलों पर पाकिस्तान के साथ सहमति नहीं बन पाई. बताया जा रहा है कि श्रद्धालु बिना वीजा के करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे. रोजाना 5000 श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने की अनुमति होगी. करतारपुर कॉरिडोर के जरिये भारतीय मूल के वे लोग जिनके पास OCI (Overseas Citizenship of India) कार्ड है, वो भी करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आ-जा सकेंगे.
इन सबके बीच सबसे बड़ी बात है, पाकिस्तान की ओर से यात्रा पर लगाई जाने वाली सर्विस फीस. दरअसल, इस मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. दरअसल, पाकिस्तान द्वारा श्रद्धालुओं से 20 डॉलर सर्विस फीस के रूप में लिए जाने की मांग की गई है. इस पर भारतीय अधिकारियों ने सवाल उठाए. इसके साथ ही प्रोटोकॉल अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ भेजने के फैसले पर भी आम सहमति नहीं बन सकी है.
पाकिस्तान ने 20 डॉलर प्रति श्रद्धालू सर्विस फीस की मांग की है. भारत की ओर से कहा गया कि यह एक पब्लिक प्रोजेक्ट है और इसके लिए इस तरह की फीस ठीक नहीं है. अटारी बॉर्डर पर हुई दोनों देशों की बैठक में पाकिस्तान करतारपुर समझौते को अंतिम रूप देने में विफल रहा है. बैठक में फैसला लिया गया कि सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच संचार की एक सीधी रेखा स्थापित की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, खास मौके पर 5 हजार से अधिक श्रद्धालु करतारपुर साहिब जा सकेंगे. साथ ही भारत ने पाकिस्‍तान से भारत ने विशेष मौकों पर दस हजार श्रद्धालुओं के जाने की मंजूरी मांगी है. यह फैसला भी हुआ है कि अंतरराष्‍ट्रीय सीमा तक 4 लेन का हाइवे बनाया जाएगा. दोनों ओर से सड़कों की अलाइनमेंट के लिए, इमरजेंसी के लिए, वीजा फ्री रखने का फैसला हुआ है और भारतीय विदेशी नागरिकता (ओसीआई) कार्ड होल्डर भी यात्रा कर सकेंगे.
यह तय हुआ है कि रावी दरिया पर दोनों ओर पुल बनाया जाएगा. क्रॉसिंग प्वाइंट के लिए फिलहाल सर्विस लेन बनाई जाएगी. प्रोटोकॉल आफिसर के जाने की मांग को भी पाकिस्‍तान ने रद्द कर दिया है, लेकिन भारत ने पाकिस्तान को फिर से इस पर विचार करने के लिए कहा है. भारत की तरफ से पिछली बैठकों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया और उन संगठनों के बारे बात की जो श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को भड़का सकते हैं, इस बार भी इस बारे बात की गई है. भारत की तरफ से 19 अक्टूबर तक कॉरिडोर का काम पूरा कर लिया जाएगा, जबकि सितम्बर अंत तक हाईवे पूरा कर लिया जाएगा.

ईरान में पकड़े गए 3 भारतीय युवकों को छुड़ाने के लिए सांसद ने MEA को लिखा पत्र
4 September 2019
आगरा: ईरान में तीन भारतीय युवकों की गिरफ्तारी को लेकर फेतहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है. यूएई की ऑयल कंपनी में काम करने वाले इन युवकों को ईरान में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गये तीनों भारतीय युवकों के नाम राजवीर (फतेहपुर सीकरी), राजकुमार चौधरी (भरतपुर) और मिथुन देशपांडे (महाराष्ट्र) हैं. इन युवकों की रिहाई के लिए सांसद राजकुमार चाहर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है.
अपने पत्र में सांसद ने इन युवकों को भारतीय दूतावास की मदद से ईरान में कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए लिखा है.
बता दें कि ये तीनों युवक यूएई की ऑयल कंपनी में करते है. यह तीनों अपने 12 मेंबर्स के साथ ऑयल टैंकर को समुद्र के रास्ते शारजहां से दुबई लेकर जा रहे थे. इसी दौरान ईरानी कोस्ट गार्डों ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में ईरानी कोस्टगार्ड ने 9 को छोड़ दिया लेकिन 3 युवकों को जेल में डाल दिया.
गिरफ्तार किए गए तीनों भारतीय राजवीर कैप्टन के पद पर कार्यरत है वहीं राजकुमार चीफ इंजीनियर और मिथुन कार्गो मैनेजर है. ये तीनों 14 जुलाई से ईरान की जेल में बंद है.

रूस के व्लादिवोस्तोक में पीएम मोदी और पुतिन मिले, दोनों के बीच होनी है द्विपक्षीय चर्चा
4 September 2019
व्लादिवोस्तोकः दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज व्लादिवोस्तोक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी रूस के एक प्रमुख पोत निर्माण यार्ड का संयुक्त दौरा किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
रूस के एक प्रमुख पोत निर्माण यार्ड पर जाने से पहले राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे के गले लगाया. आज दोपहर दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक होगी. इसके बाद डेलिगेशन लेवल की बातचीत भी होगी.
पीएम मोदी बुधवार सुबह रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचे. जहां उन्हें एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
अपने दो दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री यहां ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) व दोनों देशों के बीच के 20वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.
रूस पहंचने पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया, 'रूस के सुदूर पूर्व की राजधानी व्लादिवोस्तोक पहुंच गए हैं. इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने की आशा है.'
इसके बाद मोदी व्लादिवोस्तोक के सुदूर पूर्वी संघीय विश्वविद्यालय (FEFU) पहुंचे, जहां भारतीय प्रवासियों ने शानदार स्वागत किया.
रूस रवाना होने से पहले पीएम मोदी का ट्वीट
मेरी इस यात्रा का उद्देश्य व्लादिवोस्तोक में 5वीं पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेना और उनके साथ भारत और रूस के बीच 20वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक करना है .
4 सितंबर का कार्यक्रम
- 9:30 AM : ज़्वेज़्दा जहाज निर्माण संयंत्र का दौरा
- 11:30 AM : 20वां सालाना भारत-रूस सम्मेलन
प्रतिनिधिमंडल की बातचीत
- 1:30 PM : समझौतों पर दस्तखत
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 4:30 PM : 'स्ट्रीट ऑफ द फार ईस्ट' प्रदर्शनी का दौरा
- 5:30 PM : रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के रात्रि भोज में शामिल
5 सितंबर का कार्यक्रम
6:00 AM – 6:30 AM : जापान के पीएम शिंजो अबे के साथ बैठक
6:45 AM – 7:15 AM : मंगोलिया के राष्ट्रपति खाल्त्मागिन बाटुल्गा के साथ बैठक
9:30 AM : भारतीय बिजनेस पवेलियन का दौरा
11:30 AM : 5वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में शामिल
3:00 PM : फेटिसोव एरिना में जूडो टूर्नामेंट का दौरा
4:30 PM : भारत के लिए रवाना

कार बम विस्फोट में 16 लोगों की मौत, 100 घायल; तालिबान ने ली हमले की जिम्मेदारी
3 September 2019
काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात हुए कार बम विस्फोट में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। 100 घायल हो गए। हमला ग्रीन विलेज के आवासीय इलाके में हुआ, जहां सहायता एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय हैं। धमाके की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है।
हमले से कुछ समय पहले ही स्थानीय न्यूज एजेंसी ‘टोलो न्यूज’ ने अमेरिकी राजनयिक जलमय खलीलजाद के साथ एक इंटरव्यू प्रसारित किया था, जिसमें वे तालिबान के साथ एक संभावित समझौते पर चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति बनती तो हम अफगानिस्तान के पांच सैन्य ठिकानों से 135 दिनों में अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर देंगे।
ग्रीन विलेज पर पहले भी हुए हैं आतंकी हमले
काबुल में ग्रीन विलेज हमेशा आतंकियों के निशाने पर रहा है। यहां कई विदेशी रहते हैं। जनवरी में भी एक आत्मघाती कार हमलावर ने इस कंपाउंड को निशाना बनाया था। तब चार लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। यह विस्फोट भी तब हुआ था जब अमेरिकी दूत जाल्मे खलीलजाद अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने के लिए तालिबान के साथ अपनी वार्ता पर अफगान सरकार को जानकारी देने के लिए राजधानी का दौरा कर रहे थे।
वेडिंग हॉल में हुए हमले में 63 की गई थी जान
काबुल में 17 अगस्त की रात एक शादी में आत्मघाती धमाका हुआ था। इसमें करीब 63 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 182 घायल हुए थे। दारुलमान इलाके में यह घटना हुई। यहां अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं। 8 अगस्त को भी 14 लोग मारे गए थे, जबकि 145 घायल हुए थे।
28 सितंबर को होना हैं चुनाव
अफगानिस्तान में 28 सितंबर को चुनाव होना हैं। इसे लेकर अमेरिका और तालिबान के बीच चल रही वार्ता के साथ ही हिंसा बढ़ गई है। तालिबान के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जल्माय खलीलजाद की 8वें चरण की वार्ता हो चुकी है। खलीलजाद ने इस शांति वार्ता को बहुत सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका किसी भी हाल में अफगानिस्तान की धरती पर तालिबान नियंत्रण वाले क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का अड्डा नहीं बनने देगा।

सिख युवती का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने वाला युवक है हाफिज सईद के JuD का सदस्य
3 September 2019
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सिख लड़की का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद उससे निकाह का वीडियो वायरल करने वाले शख्स के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मोहम्मद हसन नाम का वह शख्स साल 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (JuD) का सदस्य है। पाकिस्तान की पुलिस ने हसन को अभी तक गिरफ्तार भी नहीं किया है। वहीं पीड़ता को लाहौर के दारुल-उलूम (इस्लामिक शिक्षण संस्थान) में अगले एक हफ्ते तक रखा जाएगा।
पीड़िता के परिजन और सिख समाज के प्रतिनिधि सरकार से मांग कर रहे हैं कि पीड़िता को उसके परिजनों को सौंपा जाए। लड़की को सोमवार को भी कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका था और कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 9 सितंबर की तारीख तय की है। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सह-संस्थापक हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ने आतंकवादी घोषित किया है और उसके सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के दबाव में कार्रवाई करते हुए, पाकिस्तान पंजाब के ननकाना साहिब पुलिस ने शनिवार को सिख लड़की से शादी करने वाले युवक के पिता सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि यह और भी चौंकाने वाला है कि पीड़िता को दारूल उलूम में भेजा गया है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य कुरान की शिक्षा का प्रसार करना है। बताते चलें कि पाकिस्तान के लाहौर के ननकाना साहिब इलाके में उसका एक वीडियो बनाया गया था, जिसमें उसका जबरन धर्म परिवर्तन करते हुए दिखाया गया था। वीडियो में देखा जा सकता था कि वह लड़की उस वक्त कितनी दहशत में थी और उसने अपना नाम जगजीत कौर से बदलकर 'आयशा' करने की बात स्वीकार की थी।
पीड़िता के परिवार ने तुरंत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सिख समुदाय तक मामले को पहुंचाया था, जिसने इस कृत्य की निंदा की। वैश्विक सिख समुदाय के सदस्यों ने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने के बाद पाकिस्तान सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया।
कई लोगों ने शनिवार से लाहौर में शुरू होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सिख सम्मेलन का बहिष्कार करने की धमकी दी। जिससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने पहले से ही फाटा की ग्रे लिस्ट में शामिल देश पाकिस्तान की छवि और खराब हो सकती थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी शुक्रवार को पाकिस्तानी अधिकारियों से घटना में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा। पाकिस्तान में नाबालिग सिख लड़की के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की रिपोर्टों के आधार पर, मंत्रालय को भारत में सिख धार्मिक निकायों सहित भारत में नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों से समर्थन मिला था।

चीन में हमलावर ने चाकू मारकर आठ बच्चों को मौत के घाट उतारा, दो घायल
3 September 2019
बीजिंग। मध्य चीन के एक स्कूल में चाकू से किए गए हमले में कम से कम आठ बच्चों की मौत हो गई है और दो गंभीर रूप से घायल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले 40 वर्षीय एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि देश में एक शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाकर किया गया यह सबसे ताजा मामला है। हालांकि, चीन में कई बार छूरे-बाजी की घटनाएं देखने को मिली है और शिक्षण संस्थानों में किए जाने वाले हमलों की संख्या बढ़ रही है।
हुबेई प्रांत के चाओयांग्पो गांव में सोमवार की घटना के बाद पुलिस द्वारा इस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। बयान में कहा गया है कि स्थानीय सरकार मनोवैज्ञानिक परामर्श सहित घायलों के पुनर्वास और उपचार के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि छात्रों को कैसे मारा गया, लेकिन चीन में हाल के वर्षों में चाकूबाजी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। लिहाजा, अधिकारियों को सुरक्षा बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अप्रैल में मध्य हुनान प्रांत के एक प्राथमिक स्कूल में एक हमलावर ने चाकू मारकर दो लोगों की हत्या कर दी और दो छात्रों को घायल कर दिया था। मगर, उस समय मृतकों की उम्र का खुलासा नहीं किया गया था।
पिछले साल अक्टूबर में चीन के दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में एक स्कूल में एक महिला ने चाकू से हमला कर 14 छोटे बच्चों को घायल कर दिया था। अप्रैल 2018 में एक व्यक्ति ने नौ मिडिल स्कूल के छात्रों की उस वक्त हत्या कर दी थी जब वे घर लौट रहे थे। हाल के वर्षों में वह देश के सबसे घातक चाकू हमलों में से एक था।

टेक्सास में गोलीबारी में 5 लोगों की मौत, 21 घायल
2 September 2019
वॉशिंगटन. अमेरिका के टेक्सास में मिडलैंड और ओडेसा शहर के बीच शनिवार को हुई गोलीबारी में 5 लोग मारे गए, जबकि 21 घायल हुए हैं। मिडलैंड के सिनर्जी फिल्म थियेटर के पास पुलिस ने हमलावर का पीछा करते हुए उसे मार गिराया। फिलहाल, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। ओडेसा शहर के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर बाइक पर आया और अमेरिकी पोस्टल विभाग की गाड़ी को हाइजैक कर लिया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इसमें दो कानून प्रवर्तन अधिकारी भी घायल हो गए। ओडेसा सिटी के पुलिस प्रमुख माइकल गेरके के हवाले से मीडिया ने बताया कि टेक्सास के एक अधिकारी ने जब हमलावर को रोकने की कोशिश की तो उसने अफसर को भी गोली मार दी।
‘फिलहाल कोई शूटर सक्रिय नहीं’
शुरुआत में पुलिस को यह संदेह था कि गोलीबारी में दो लोग शामिल थे। पुलिस के मुताबिक- हमें लगा कि एक हमलावर गोल्ड/सफेद रंग की टोयोटा में है, जबकि दूसरा चोरी की हुई यूएस पोस्टल सर्विस की वैन चला रहा है। फेसबुक पोस्ट में मिडलैंड पुलिस विभाग ने कहा कि इलाके में फिलहाल कोई भी सक्रिय शूटर नहीं है। सभी एजेंसियां संभावित संदिग्धों की रिपोर्ट की जांच कर रही हैं।
टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि टेक्सास राज्य और जनसुरक्षा विभाग जरूरत के अनुसार प्रभावितों को हर तरह की मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं।
अगस्त में गोलीबारी में 29 लोग मारे गए थे
पिछले महीने भी टेक्सास में गोलीबारी हुई थी, जिसमें हमलावर समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2017 में गोलीबारी में अमेरिका में लगभग 40,000 मौतें हुई हैं। यह आंकड़ा 50 सालों में सबसे ज्यादा है।
राष्ट्रपति ने कहा- घटना की जांच जारी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा, ‘‘अटॉर्नी जनरल विलियम द्वारा उन्हें टेक्सास में हुई गोलीबारी की जानकारी दी गई है। एफबीआई और कानून इस पर पूरी तरह से काम कर रहे हैं।”

ट्रंप ने फेडरल जज के लिए शिरीन मैथ्यूज को नामित किया, इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतवंशी होंगी
2 September 2019
वाशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैलिफोर्निया में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के लिए फेडरल जज के पद पर भारतीय मूल की अमेरिकी अटॉर्नी शिरीन मैथ्यूज को नामित किया है। एशियाई-अमेरिकी संस्था नेशनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन बार एसोसिएशन (एनएपीएबीए) ने कहा कि यदि उनके नाम पर सहमति बनती है तो वह एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की पहली महिला होंगी, जो इस पद पर काबिज होंगी। इसके साथ ही वह पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी जो आर्टिकल थर्ड फेडरल जज बनेंगी।
‘आर्टिकल थर्ड जज’ अच्छे व्यवहार के कारण ये पद धारण करते हैं। इसका मतलब यह है कि कुछ परिस्थितियों को छोड़कर जीवन पर्यंत जज के पद पर नियुक्त रहना। आर्टिकल थर्ड जज को हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव द्वारा महाभियोग से और सीनेट में दोषी पाए जाने के बाद ही हटाया जा सकता है। वर्तमान में मैथ्यूज सैन डिएगो में देश की पांचवीं बड़ी लॉ फर्म जॉन्स डे की पार्टनर हैं।
एनएपीएबीए ने मैथ्यूज को नामित किए जाने पर ट्रंप की सराहना की
व्हाइट हाउस ने एक बयान में बताया कि इस फर्म से जुड़ने से पहले मैथ्यूज कैलिफोर्निया में असिस्टेंट यूनाईटेड स्टेट्स अटॉर्नी के पद पर थीं। पूरे सरकारी सेवा से पहले मैथ्यूज सैन डिएगो में लाथम और वाटकिन्स एलएलपी से भी जुड़ीं हुईं थीं। एनएपीएबीए ने मैथ्यूज को नामित किए जाने पर ट्रंप की सराहना की।
एनएपीएबीए ने उन्हें फेडरल जज के लिए बेहतर उम्मीदवार बताया
एनएपीएबीए के अध्यक्ष डेनियल साकागुची ने कहा, “शिरीन मैथ्यूज एक अनुभवी अटॉर्नी हैं। उन्हें सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का ज्ञान है। वह कैलिफोर्निया की बेंच से जुड़ने के लिए बेहतर उम्मीदवार हैं।” मैथ्यूज ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और ड्यूक यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की थी।

चीन ने अमेरिकी अखबार के पत्रकार को निकाला, जिनपिंग के भाई के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा किया था
2 September 2019
बीजिंग. चीन ने अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के एक पत्रकार को देश से बाहर निकाल दिया। सिंगापुर मूल के पत्रकार चुन हान वोंग (33) ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के चचेरे भाई मिंग चाई के खिलाफ 30 जुलाई को एक रिपोर्ट लिखी थी। इसमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति के भाई के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में गैम्बलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर जांच चल रही है।
एक चीनी अधिकारी ने बताया कि चुन हान वोंग की प्रेस की मान्यता रद्द कर दी गई और इसे रिन्यू नहीं किया जाएगा। अखबार के पब्लिशर के प्रवक्ता ने कहा कि चीन के अधिकारियों ने चुन हान की मान्यता आगे नहीं बढ़ाई है। हम इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। चीन में यह पहला मौका है जब ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के किसी पत्रकार पर ऐसी कार्रवाई की गई।
पत्रकार वोंग हांगकांग रवाना हो गए
चुन हान वोंग ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के लिए बीजिंग ब्यूरो में 2014 से काम कर रहे थे और उन्हें चीन में राजनीति कवरेज के लिए जाना जाता था। वे 2011 से जर्नल के लिए बतौर स्टाफ रिपोर्टर काम कर रहे थे। चीन आने से पहले वे सिंगापुर में काम करते थे। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वोंग शुक्रवार शाम को हांगकांग रवाना हो गए।
30 जुलाई को मिंग चाई पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी
वोंग उन दो पत्रकारों में शामिल थे, जिन्होंने 30 जुलाई को जर्नल में जिनपिंग के चचेरे भाई और ऑस्ट्रेलियन नागरिक मिंग चाई पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चाई किस प्रकार ऑस्ट्रेलिया में अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह साफ नहीं था कि क्या जिनपिंग निजी तौर पर अपराध में शामिल हैं या उन्हें भाई के गतिविधियों की जानकारी थी।
चीनी विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट को खारिज किया था
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की इस रिपोर्ट को चीनी विदेश मंत्री ने बेबुनियाद करार दिया था। हाल ही में जर्नल के अन्य पत्रकार और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक फिलिप वेन को चीन ने सिर्फ तीन महीने का वीजा दिया था, जबकि यहां आमतौर पर विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा अवधि कम से कम 12 महीने है।

तालिबान का हमला, अफगानिस्तान में अस्पताल के मरीजों को बनाया बंधक
31 August 2019
काबुल तालिबान ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहर कुंदुज पर हमला कर अस्पताल में मरीजों को बंधक बना लिया है। अफगानिस्तान सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। तालिबान ने यह हमला ऐसे समय किया है जब वह 18 साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ वार्ता कर रहा है। आतंकवादियों की मांग है कि सभी विदेशी बल अफगानिस्तान से बाहर जाएं।
तालिबान का देश के करीब आधे हिस्से में कब्जा या दबदबा है और वह अमेरिका के नेतृत्व में 2001 में हुई लड़ाई में हार के बाद से सबसे मजबूत स्थिति में है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता सादिक सिद्दीकी ने बताया कि अफगान सुरक्षा बल शहर में हमलों का जवाब दे रहे हैं। प्रांतीय परिषद सदस्य गुलाम रब्बानी रब्बानी ने बताया कि तालिबान ने कुंदुज अस्पताल पर कब्जा कर लिया है और युद्धरत दोनों पक्षों के लोग हताहत हुए हैं।
हालांकि वह सटीक संख्या नहीं बता पाए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रूहुल्ला अहमदजई ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवादियों ने मरीजों को बंधक बना लिया है। प्रवक्ता ने बताया कि हवाई हमले में 26 तालिबान आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने आम नागरिकों या अफगान सुरक्षा बलों की जान गई है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने एक ट्वीट में इस हमले को बड़े स्तर पर किया हमला करार दिया।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे पर तमिलों के लिए काम नहीं करने के आरोप लगाए
31 August 2019
कोलंबो, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की पार्टी पर अल्पसंख्यक तमिल समुदाय की समस्याओं को सुलझाने के लिए संविधान में बदलाव के लिए पर्याप्त कार्य नहीं करने का आरोप लगाया। तमिल मुद्दे के समाधान के लिए नया संविधान बनाने के इरादे से वर्ष 2015 में राष्ट्रपति सिरिसेना और प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने गठबंधन सरकार बनाई। तमिल बहुल जाफना में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिरिसेना ने कहा, ‘‘सरकार के इस सज्जन ने नया संविधान बनाने की कोशिश में चार साल बर्बाद कर दिए। वे तमिल जनता की उम्मीदों को पूरा करने में असफल रहे। यह मेरी गलती नहीं है।’’ उनका इशारा विक्रमसिंघे की पार्टी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) की तरफ था। सिरिसेना ने संविधान में हुए 19वें संशोधन की भी आलोचना की जिसके जरिये राष्ट्रपति के अधिकारों में कटौती की गई है। सिरिसेना ने कहा, 19ए ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद के अध्यक्ष की तीन समानांतर सरकारें बना दी है। वर्ष 2015 में हुए चुनाव में सिरिसेना का यह अहम चुनावी मुद्दा था। सिरिसेना का यह बयान आठ दिसंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले आया है। गौरतलब है कि श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी इलाके को अलग कर अलग देश बनाने के लिए लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) 30 साल से सैन्य अभियान चला रहा था, 2009 में श्रीलंका की सेना के हाथों वेलुपिल्लई प्रभाकरण की मौत के बाद यह गृहयु्द्ध समाप्त हुआ।
मधुमक्खी के काटने से बिगड़ी बेयर ग्रिल्स की तबीयत, डॉक्टरों ने बचाया
31 August 2019
वॉशिंगटन टीवी पर अपने अडवेंचर शो के लिए मशहूर होस्ट बेयर ग्रिल्स की जान उस समय मुश्किल में फंस गई जब उन्हें एक मधुमक्खी ने काट लिया। उस समय वह प्रशांत महासागर में एक द्वीप पर अपने टेलिविजन शो 'ट्रेजर आइलैंड विद बेयर ग्रिल्स' की शूटिंग कर रहे थे। दरअसल, 45 साल के बेयर को मधुमक्खी के डंक से गंभीर ऐलर्जी है। शुरुआत में तो उन्होंने शूटिंग जारी रखी लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ने लगी। फौरन डॉक्टरों को उन्हें इंजेक्शन देना पड़ा।
शो में भाग ले रहे ब्रेन सर्जन मनो षणमुगनाथन ने कहा कि उनकी जान बचाने के लिए फौरन उपचार शुरू कर दिया गया। 2008 में ही ग्रेल्स के मधुमक्खी से गंभीर ऐलर्जी की बात पता चली थी। रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब बेयर को मधुमक्खी ने काटा है। एक शो के दौरान उन्होंने मधुमक्खी के छत्ते से शहद निकालने की कोशिश की थी तब भी उन्हें मधुमक्खी ने काट लिया था।
आपको बता दें कि जंगल में संसाधनों के अभाव में सर्वाइव करने को लेकर शो बनाने वाले बेयर ग्रिल्स ने हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कार्यक्रम किया था। यह प्रोग्राम काफी चर्चा में रहा और बेयर के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शो में शामिल था। भारत में इस प्रोग्राम को करोड़ों लोगों ने देखा।

हथियारों का आधुनिकीकरण करना नहीं बंद करेंगे: उत्तर कोरिया
30 August 2019
उत्तर कोरिया (North Korea) ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी पर आरोप लगाया है कि वे आत्मरक्षा (Self Defense) के लिए हथियारों के आधुनिकीकरण (Modernization) के उसके कदमों में हस्तक्षेप कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने कहा कि ऐसा सोचने से बड़ी और कोई गलती नहीं होगी कि प्योंगयांग हथियार रखने के अपने अधिकारों को छोड़ देगा. उत्तर कोरिया ने साफ कह दिया है कि वह हथियारों का आधुनिकीकरण करना बंद नहीं करेगा. प्योंगयांग का कहना है कि शांति सुनिश्चित करने के लिए हथियार जरूरी है. उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने किम सोन ग्योंग की ओर से एक बयान जारी किया है. इसमें साफ किया गया कि उत्तर कोरिया की शांति सुनिश्चित करने के लिए हथियार जरूरी हैं. ग्योंग कोरिया-यूरोप एसोसिएशन के सलाहकार हैं. अमेरिका के तीनों महत्वपूर्ण यूरोपीय सहयोगी देशों ने मंगलवार को उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को लेकर उसकी निंदा की थी. उन्होंने कहा था कि प्योंगयांग उकसावे के लिए ये परीक्षण कर रहा है. इन यूरोपीय देशों का आरोप है कि उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है. वहीं इन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से अमेरिका के साथ निरस्त्रीकरण को लेकर हुई बातचीत में प्रगति लाने को कहा. उनका कहना था कि उत्तर कोरिया में सुरक्षा और स्थिरता को सुनिश्चित करने का यही एक मात्र उपाय है. उत्तर कोरिया ने बयान में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना तब और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब आपने ऐसे देश देखें हों जिनके भविष्य को पश्चिम शक्तियों ने टुकड़े टुकड़े कर दिया हो.
ट्रंप ने ‘डोरियन’ तूफान के मद्देनजर पौलैंड की यात्रा को किया रद्द, उनकी जगह जायेंगे माइक पेंस
30 August 2019
अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को बताया कि हरिकेन डोरियन (Hurricane Dorian) तूफान के फ्लोरिडा (Florida) तट के करीब पहुंचने के मद्देनजर उन्होंने पौलैंड की अपनी इस सप्ताहांत की यात्रा को रद्द कर दिया है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए इस सप्ताहांत अपनी जगह उप राष्ट्रपति माइक पेंस को पोलैंड भेजने का निर्णय लिया है कि संघीय सरकार के सभी संसाधन तूफान से निपटने के कार्य में लगे हैं या नही. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यहां होना बहुत जरूरी है. ऐसा लगता है कि यह तूफान बहुत बड़ा खतरा होगा. डोरियन के सोमवार तक फ्लोरिडा तट पर पहुंचने की आशंका है. यह तूफान अपने साथ मूसलाधार बारिश और 209 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा लेकर आएगा. ट्रंप शुक्रवार को पोलैंड रवाना होने वाले थे. उन्होंने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से यात्रा के रद्द होने के संबंध में बातचीत कर ली है. अमेरिका के राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने कहा है कि श्रेणी एक का तूफान प्यूर्टो रिको से बढ़ता हुआ सोमवार को तूफान के रूप में फ्लोरिडा पहुंचेगा जिससे कई लोगों के प्रभावित होने की आशंका है. मौसम विभाग ने डोरियन के आने वाले दिनों में मजबूत होने और इससे बेहमास तथा फ्लोरिडा के कई हिस्सों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया है. हालांकि तूफान का मार्ग अभी स्पष्ट नहीं है इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तत्काल जाने के आदेश अभी नहीं दिए गए हैं. यह तूफान भीषण तबाही मचा सकता है. इससे पहले साल 2017 में अमेरिका के फ्लोरिडा में तूफान इरमा ने तबाही मचाई थी. इसमें कई लोगों की मौत भी हो गई थी.
अमेरिका पहले प्रतिबंध हटाए फिर होगी बातचीत: ईरान
30 August 2019
ईरान (Iran) के विदेश मंत्री जावद जरीफ (Javad Zarif) ने गुरुवार को कहा कि अगर अमेरिका (America), ईरान के साथ वार्ता करना चाहता है तो उसे आवश्यक रूप से ऐतिहासिक परमाणु समझौते (Nuclear Deal) का अनुपालन करना होगा और उसके खिलाफ 'आर्थिक आतंकवाद' को रोकना होगा.
पिछले साल से ईरान और अमेरिका के बीच तीखी तकरार चल रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 2015 के इस समझौते से वाशिंगटन को एकपक्षीय तरीके से बाहर कर लिया था. गौरतलब है कि इस समझौते के तहत ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक के एवज में प्रतिबंधों से राहत दी गई थी.
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से कुछ हफ्तों में मिलने को तैयार हैं. फ्रांस के तटीय शहर बियारित्ज में जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की गई थी. जावद जरीफ भी फ्रांस गए थे और उन्होंने जी 7 शिखर सम्मेलन से इतर बैठकें की थी.
पहले प्रतिबंध हटाए अमेरिका
हालांकि, रूहानी ने कहा है कि अमेरिका को पहले प्रतिबंधों को हटाने की जरूरत है. विदेश मंत्री मोहम्मद जावद जरीफ ने भी इस संदेश को दोहराया है. ईरान के विदेश मंत्री जावद जरीफ ने मलेशिया की अपनी यात्रा पर संवाददाताओं से कहा, "अमेरिका ईरानी अवाम के खिलाफ आर्थिक युद्ध कर रहा है और हमारे लिए वाशिंगटन से बात करना तब तक संभव नहीं होगा, जब तक कि वे ईरानियों पर युद्ध थोपना बंद नहीं करते और ईरान के लोगों के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद नहीं रोकते."
उन्होंने कहा, "हमने अमेरिका से लंबी बात की, हम एक समझौते पर पहुंचे और उन्हें समझौते को लागू करने की जरूरत है जो हमारे बीच हुआ था, इसके बाद ही वे आगे की वार्ता की उम्मीद करें."
अमेरिका को करना होगा समझौते का अनुपालन
जावद जरीफ ने कहा कि ईरान इस समझौते में शामिल विश्व की अन्य शक्तियों से वार्ता कर रहा है. यदि अमेरिका इसमें लौटना चाहता है तो उसे समझौते का अनुपालन करना होगा. अमेरिकी रक्षा मंत्रा मार्क एस्पर ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव दूर करने के लिए बुधवार को ईरान से वार्ता की अपील की थी. उन्होंने कहा, "हम ईरान के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं. हम उनसे कूटनीतिक वार्ता चाहते हैं."

इमरान के एक साल में अर्थव्यवस्था 39 साल के सबसे बुरे दौर में, राजकोषीय घाटा बढ़कर 34 खरब रु. हुआ
29 August 2019
इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इमरान खान सरकार का एक साल पूरा हो चुका है। पाक वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 30 जून वित्त वर्ष की समाप्ति पर राजकोषीय घाटा 34 खरब 44 अरब रुपए पहुंच गया। पिछले 39 साल में अर्थव्यवस्था का यह सबसे बुरा दौर है। पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्तीय घाटा 1979-80 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा है। राजकोषीय घाटा सरकार की आय और खर्च के बीच का अंतर होता है। जून में इमरान सरकार ने वित्तीय घाटे को जीडीपी के 7.1% पर लाने की संभावना जताई थी। जबकि, साल की शुरुआत में लक्ष्य 4.9% था।
इमरान सरकार अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधारने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। जियो न्यूज के मुताबिक, सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए पिछले महीने पेट्रोल के दाम 5.15 रुपए और डीजल के 5.65 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद पेट्रोल की कीमत 117.83 रुपए प्रति लीटर, जबकि डीजल की 132.4 रुपए प्रति लीटर हो गई।
वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही राजस्व वसूली में भारी गिरावट इस वर्ष 30 जून को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान खर्च और राजस्व मामलों समेत सभी प्रमुख वित्तीय सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, खर्च घटाने के सभी प्रयास विफल साबित हुए और वित्तीय वर्ष की पहले तिमाही में ही राजस्व वसूली में भारी गिरावट आ गई। पाकिस्तान के पूर्व आर्थिक सलाहकार डॉ. अशफाक हसन खान ने कहा कि इतना अधिक राजकोषीय घाटा कभी नहीं देखा।
चीन और कतर समेत कई देशों ने बेलआउट पैकेज दिए
पाकिस्तान अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधारने में लगा हुआ है। चीन और कतर समेत कई देशों ने पाक को बेलआउट पैकेज दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मई में पाक को 6 अरब डॉलर (43 हजार करोड़ रुपए) दिए थे। इस वित्त वर्ष में अब तक पाकिस्तान को 9.1 अरब डॉलर (63 हजार करोड़ रुपए) की मदद मिल चुकी है।

प्रत्यर्पण कानून समाप्ति की मांग के आंदोलन के 80 दिन पूरे, प्रदर्शनकारियों का पुलिस पर यौन शोषण का आरोप
29 August 2019
हॉन्गकॉन्ग. यहां प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन को 80 दिन पूरे हो गए हैं। इसके साथ ही यह 2014 में 79 दिनों तक चले अंब्रेला आंदोलन से भी बड़ा हो गया है। जून से अब तक 800 से ज्यादा प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। करीब 5 हजार प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को कैथे एयरपोर्ट पर जाम लगा दिया। इसका असर करीब 1000 उड़ानों पर पड़ा।
प्रदर्शनकारी आंदोलन के समर्थन में आए 20 क्रू मेंबर्स की बर्खास्तगी का विरोध कर रहे थे। रात को प्रदर्शनकारियों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब थानों में प्रदर्शकारियों का यौन उत्पीड़न कर रही है। उधर, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने उद्योगपतियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सब देशभक्ति का झंडा ऊंचा रखें।
तीन महीने में तीन बड़े पड़ाव
शांति: आंदोलन 9 जून को शुरू हुआ। इस दिन रैली में 10 लाख पहुंचे।
उग्रता: प्रदर्शनकारी 1 जुलाई को संसद में घुस गए थे।
हिंसा: 25 अगस्त को आंदोलन हिंसक हुआ। पुलिस पर रॉकेट बम भी फेंके।

प्रधानमंत्री की मांग पर महारानी ने भंग की संसद, विपक्ष का आरोप- ईयू मुद्दे पर जॉनसन बहस नहीं चाहते
29 August 2019
लंदन. ब्रेग्जिट को लेकर चल रही बहस के बीच ब्रिटेन की महारानी ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रस्ताव का सर्मथन करते हुए 14 अक्टूबर तक के लिए ब्रिटेन की संसद को स्थगित करने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने ब्रेग्जिट डेडलाइन के कुछ दिन पहले संसद भंग करने की सिफारिश की थी। विपक्ष ने इस फैसले के बाद आरोप लगाया कि जॉनसन ब्रेग्जिट पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं।
जॉनसन ने कहा कि संसद भंग होने के बाद 14 अक्टूबर को महारानी का भाषण होगा। इसमें वह एक रोमांचक एजेंडे की रूपरेखा तैयार करेंगी। इस बीच, विपक्षी नेताओं ने महारानी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई और तत्काल बैठक करने को कहा। जॉनसन ने कहा, “ईयू और अन्य मुद्दों पर बहस को लेकर संसद के पास पर्याप्त समय है।”
जॉनसन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है
जॉनसन के कहा, “हमें नए कानून की जरूरत है। हम नए और महत्वपूर्ण बिल आगे लाने वाले हैं इसीलिए हम महारानी का भाषण रखने जा रहे हैं।” उन्होंने सांसदों के इस आरोप से इनकार किया कि वह ईयू के मुद्दे पर सांसदों की भागीदारी को खत्म करना चाहते हैं। संसद को भंग करने के फैसले ने ब्रिटेन में विवाद पैदा कर दिया है। आलोचकों का कहना है कि ये ब्रेग्जिट मामले में सांसदों को उनकी लोकतांत्रिक भागदारी निभाने से रोकेगा। प्रधानमंत्री के इस फैसले से जॉनसन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
पिछले महीने ही प्रधानमंत्री बने थे जॉनसन
इससे पहले, पिछले महीने ही बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुने गए थे। ब्रिटेन की यूरोपियन यूनियन के साथ ब्रेग्जिट डील कराने में नाकाम रहने पर 7 जून को थेरेसा मे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जॉनसन के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद सरकार के कई मंत्रियों ने इस्तीफे भी दिए थे।

हांगकांग पर जी-7 के प्रस्ताव पर चीन ने जताया सख्त एतराज
28 August 2019
बीजिंग। फ्रांस में विकसित देशों के समूह जी-7 के सम्मेलन में हांगकांग को लेकर आए प्रस्ताव पर चीन ने सख्त एतराज जताया है। हांगकांग के वर्तमान हालात को देखते हुए जी-7 देशों ने चीन को 1984 में हुए ब्रिटेन-चीन समझौते की जिम्मेदारियों की याद दिलाई है। सोमवार को संपन्न हुए सम्मेलन में हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के पक्ष में प्रस्ताव रखा गया। जी-7 के प्रस्ताव में कहा गया, 'जी-7 1984 में चीन-ब्रिटेन के बीच हांगकांग को लेकर हुए समझौते के महत्व को मानता है और हिंसा से बचने की अपील करता है।' समूह के सातों देशों ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया।
इस प्रस्ताव को हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थन माना जा रहा है। जी-7 देशों के इस प्रस्ताव से चीन की बैचेनी बढ़ गई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने इसे चीन के आंतरिक मामलों में जी-7 का हस्तक्षेप बताया है। प्रवक्ता ने कहा, 'हांगकांग के मामले में जी-7 देशों के बयान पर सख्त आपत्ति जताते हुए हम इसका विरोध करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सामान्य नियमों के अनुसार किसी भी देश को चीन-ब्रिटेन संयुक्त घोषणापत्र के तहत हांगकांग के मामले में दखल का अधिकार नहीं है।'
1984 के चीन-ब्रिटेन घोषणापत्र के अंतर्गत हांगकांग में एक देश, दो प्रशासन की व्यवस्था पर सहमति बनी थी। इसके तहत विदेश एवं रक्षा मामलों के अतिरिक्त हांगकांग को पर्याप्त स्वायत्तता देने की बात थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि हांगकांग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन (एचकेएसएआर) के मूलभूत कानूनों में 50 साल तक कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। एचकेएसएआर की सरकार ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था संभालेगी। चीन की केंद्रीय सरकार द्वारा रक्षा कारणों से हांगकांग में तैनात सेना यहां के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जी7 नेताओं को दी रीसाइकिल्ड प्लास्टिक से बनी घड़ियां
28 August 2019
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित जी-7 जलवायु सत्र में भाग लेने वाले नेताओं और अतिथि राष्ट्रों के नेताओं को सोमवार एक घड़ी उपहार में दी। मीडिया ने रिपोर्ट के अनुसार, खास बात यह है कि इस घड़ी को बनाने के लिए दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में एकत्र किए गए महासागरों की प्लास्टिक को रीसाइकिल किया गया था। ये घड़ियां सोलर एनर्जी से चलती हैं, लिहाजा इनमें बैट्री की जरूरत नहीं होगी।
फ्रांस के बीएफएमटीवी चैनल के अनुसार, घड़ियों को बास्क क्षेत्र में रीसाइक्लिड ओशन प्लास्टिक से बनाया गया था। दरअसल, इन घड़ियों को देने का उद्देश्य विश्व नेताओं को यह बताना था कि समुद्री प्रदूषण से निपटना कितना अहम है। एक अनुमान के अनुसार, रोजाना करीब 22 हजार टन प्लास्टिक समुद्रों और महासागरों में पहुंच रहा है।
फ्रांस की फर्म अवेक के अनुसार, उन्होंने घड़ियों के केस को रीसाइकिल किए गए प्लास्टिक नेट से बनाया है। कई छोड़ दिए गए नेट में फंसने की वजह से हर साल करीब 6.50 लाख समुद्री जीवों की मौत हो जाती है। बताते चलें कि G7 शिखर सम्मेलन के मेजबान के रूप में मैक्रों ने जलवायु को वार्षिक सभा के केंद्रीय विषयों में से एक के रूप में चुना था।
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और जर्मनी के नेताओं के साथ पहले से निर्धारित बैठकों के कारण इस सत्र में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ सदस्य को सदन में भेजा गया था। बताते चलें कि ट्रंप ने 2017 में ऐतिहासिक पेरिस समझौते से अमेरिका को बाहर निकाल लिया है।

प्रदूषण से जूझ रहे और डूब रहे जकार्ता की जगह बोर्नियो को राजधानी बनाएगा इंडोनेशिया
28 August 2019
जकार्ता। इंडोनेशनिया की राजधानी डूब रही है, प्रदूषित हो रही है और यहां लोगों की आबादी का बोझ बढ़ता जा रहा है। लिहाजा, राष्ट्रपति जोको विडोडो ने घोषणा की है कि वह बोर्नियो द्वीप को नई राजधानी बनाएंगे। पूर्वी कालिमानतंन प्रांत के बोर्नियो द्वीप को अपने वर्षा वनों और ऑरेंगुटेन्स (वनमानुषों) के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में गहन अध्ययन के परिणामस्वरूप द्वीप के पूर्वी हिस्से को राजधानी बनाने के लिए चुना गया है।
जोको विडोडो ने कहा कि नए राजधानी शहर का अभी तक नाम नहीं दिया गया है। यह विशाल द्वीपसमूह राष्ट्र के बीच में होगा और पहले से ही इसका पूरा बुनियादी ढांचा बना हुआ है, क्योंकि यह बालिकपपान और समरिन्दा शहरों के पास है। उन्होंने कहा कि जावा द्वीप पर बसे जकार्ता में सरकार के केंद्र, वित्त, व्यापार और सेवाओं के साथ-साथ देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे और बंदरगाह होने से यहां बोझ बहुत बढ़ गया है।
विडोडो ने कहा कि राजधानी को जावा द्वीप पर कहीं और स्थानांतरित करने का फैसला नहीं किया गया है क्योंकि देश की संपत्ति और लोग वहीं पर काफी हद तक केंद्रित हैं और इसे फैलाना चाहिए। वर्तमान में देश के लगभग 27 करोड़ लोगों में से करीब 54 फीसद लोग जावा में रहते हैं, जो देश का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है।
जकार्ता के प्रेसिडेंशियल पैलेस में एक संवाददाता सम्मेलन में विडोडो ने कहा कि हम जनसंख्या घनत्व के संदर्भ में जकार्ता और जावा द्वीप पर और बोझ बढ़ाने की अनुमति नहीं दे सकते। इससे जावा और अन्य जगहों के बीच आर्थिक असमानता भी बढ़ेगी। पिछले महीने राष्ट्रपति ने कहा कि वह जकार्ता में देश के व्यापार और आर्थिक केंद्र से सरकार को अलग करना चाहते हैं।
जकार्ता एक एशियाई मेगा-शहर है, जिसमें करीब एक करोड़ लोग या इसके महानगरीय क्षेत्र को मिलाकर तीन करोड़ लोग रहते हैं। यहां भूकंप और बाढ़ का खतरा है और भूजल को अनियंत्रित तरीके से निकाले जाने की वजह से यह तेजी से डूब रहा है। भूजल और यहां की नदियां अत्यधिक प्रदूषित है।
वहीं, खनिज से समृद्ध पूर्वी कालिमंतन लगभग पूरी तरह से वर्षावनों से घिरा है। मगर, जंगलों की अवैध कटाई ने इसके मूल विकास को खत्म कर दिया है। यहां करीब 35 लाख लोगों रहते हैं। यह कुताई नेशनल पार्क से घिरा हुआ है, जो संतरे, ओरेंगुटेन और अन्य वनमानुषों व स्तनधारियों के लिए जाना जाता है।
विडोडो ने कहा कि करीब चार लाख 44 हजार 780 एकड़ की साइट पर राजधानी को स्थानांतरित करने में करीब एक दशक का समय लगेगा और इसमें करीब 32.5 अरब डॉलर का खर्च होगा। इसमें से 19 फीसद राशि राज्य के बजट से दी जाएगी और बाकी सरकार व व्यापार संस्थाओं के बीच सहयोग से वित्त पोषित होगी।

आदिवासियों की आपसी लड़ाई में 37 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा जख्मी
27 August 2019
खार्तूम. सूडान के पूर्वी क्षेत्र में आदिवासियों के दो गुटों के बीच लड़ाई में 37 लोगों को मार दिया गया, जबकि 200 से ज्यादा जख्मी हो गए। यह संघर्ष किस कारण से हुआ, इसका पता नहीं चल सका। दो गुटों के बीच संघर्ष बीते एक हफ्ते से हो रहा था, सोमवार को मरने वालों की संख्या सामने आई।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यह खूनी संघर्ष बानी अमेर और नुबा आदिवासी समुदाय के बीच हुआ था। देश की नवगठित सोवेरिन काउंसिल (संप्रभु परिषद) ने लाल सागर राज्य के गवर्नर को बर्खास्त कर दिया। साथ ही संघर्ष के बाद राज्य में आपातकाल घोषित कर दिया गया।
बाढ़ में 60 की मौत, 100 से ज्यादा घायल
वहीं, सूडान में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अब तक बाढ़ से देशभर में 60 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 100 से ज्यादा घायल हैं। 900 से ज्यादा घर गिर गए हैं। 32 हजार से ज्यादा परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

किम के हथियार परीक्षणों से ट्रम्प नाखुश, जापान ने कहा- मिसाइल टेस्ट यूएन के नियमों का उल्लंघन
27 August 2019
प्योंगयांग. उत्तर कोरिया ने तानाशाह किम जोंग-उन की मौजूदगी में रविवार को नए सुपर-लार्ज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण किया। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कोरियाई प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया। इससे पहले शनिवार को भी दो मिसाइलों का सफल परीक्षण किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उ.कोरिया के परीक्षणों से खुश नहीं हैं।
जी-7 समिट के इतर राष्ट्रपति ट्रम्प ने किम जोंग के मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ''मैं इससे नाखुश हूं, लेकिन इस बार भी समझौते का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।'' उधर, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा कि उत्तर कोरिया के हथियार परीक्षण साफ तौर पर संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है।
शनिवार को कम दूरी की दो मिसाइल दागी गई थीं
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को दागी गईं दोनों बैलिस्टिक मिसाइल कम दूरी की मारक क्षमता वाली थीं। साउथ कोरियन जॉइंट चीफ ऑफिसर ने कहा है कि दोनों मिसाइलें 380 किमी की दूरी तय करते हुए 97 किमी की ऊंचाई तक गई थीं।
अमेरिका-द.कोरिया के युद्धाभ्यास से किम नाराज
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने 5 से 20 अगस्त के बीच युद्धाभ्यास किया गया था। जहां यह अभ्यास हुआ था, उसी स्थान पर उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया। उत्तर कोरिया ने कहा था कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे युद्धाभ्यास से वह नाराज था और इसके विरोध में ही टेस्टिंग की जा रही है। वहीं, ट्रम्प ने कहा था कि मेरे ख्याल से किम जोंग काफी सीधे हैं। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। उन्हें मिसाइल परीक्षण करने में मजा आता है।

इस्लामिक संगठन की महिलाओं से अपील- जब तक सरकार आदेश नहीं देती, तब तक बुर्का न पहनें
27 August 2019
कोलंबो. श्रीलंका में इस्लाम के सबसे बड़े संगठन ऑल सीलोन जमीयतुल उलमा ने मुस्लिम महिलाओं से बुर्का न पहनने की अपील की है। संस्था के प्रवक्ता फजिल फारूक ने मंगलवार को कहा कि जब तक सरकार आदेश नहीं देती, तब तक महिलाएं बुर्का पहनने और सार्वजनिक जगह पर किसी भी तरह से चेहरा ढंकने से बचें। दरअसल, इसी साल 21 अप्रैल को ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों में 11 भारतीय समेत 258 लोगों की जान गई थी।
फारूक ने कहा, ईस्टर बम धमाकों के बाद मुस्लिमों खासकर मौलवियों के साथ हिंसा की घटनाएं हुईं थीं। यह फिर से शुरू हो गई हैं। हम मुस्लिम महिलाओं से अपील करते हैं कि वे अपने धार्मिक लिबास पहनने में जल्दबाजी न करें। सरकार के आदेश का इंतजार करें। हाल ही में सरकार ने पिछले चार महीनों से लगा आपातकाल खत्म किया है।
श्रीलंका में चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध
श्रीलंका में महिलाओं के किसी भी तरह से चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने 29 अप्रैल को आदेश जारी कर मुस्लिम महिलाओं को किसी भी तरह से चेहरा ढंकने और बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के मुताबिक- प्रतिबंध का ताल्लुक देश की सुरक्षा से है। व्यक्ति का चेहरा ढंका होने से उसकी पहचान में मुश्किल होती है।
ईस्टर के दिन 8 सीरियल धमाके हुए थे
ईस्टर के दिन तीन चर्च और पांच होटलों में कुल 8 सीरियल बम धमाके हुए थे। धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक जिहादी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) और इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी। इसके बाद से ही श्रीलंका में इस्लामी कट्टरपंथ खत्म करने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। सरकार ने 11 मई को दिए नए आदेश में कहा था कि देश में मौजूद सभी मस्जिदों में जो उपदेश सुनाए जाते हैं, उनकी एक कॉपी जमा कराना जरूरी है।

यूएई में फंसे 100 नाविकों को आइसीडब्ल्यूएफ के जरिए भारत भेजा
26 August 2019
दुबई। संयुक्त अरब अमीरात में फंसे 100 नाविकों को इस साल जुलाई के अंत तक वतन वापसी हो चुकी है। दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत विपुल ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की सहायता करना मिशन की पहली प्राथमिकता है। महावाणिज्य दूत ने खलीज टाइम्स को बताया कि इस साल 31 जुलाई तक भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (आइसीडब्ल्यूएफ) के जरिए महावाणिज्य दूतावास ने 375 लोगों को हवाई टिकट प्रदान किए हैं।
उन्होंने बताया कि ईद के दिन हुई बस दुर्घटना में मारे गए 12 भारतीयों और हादसे में घायल लोगों के परिजनों को मदद दी गई। जिस कंपनी में सभी पीड़ित काम करते थे, उस कंपनी द्वारा लंबित वेतन का कुछ हिस्सा देने के लिए राजी होने के बाद इन सभी को भारत भेज दिया गया। बस हादसे में घायल विकास मिश्रा ने बताया कि यहां बच पाना काफी कठिन था। इससे भी ज्यादा कठिन स्थिति में मेरे परिवार के सामने भारत में थी। मेरे पिता किसान हैं। पैसा नहीं भेज पाने से मेरे पिता को खेत बेचकर अपना इलाज कराना पड़ा। हालांकि अब बुरे दिन खत्म हो गए हैं।

दिग्‍गज मोबाइल निर्माता कंपनियों Apple और Samsung के खिलाफ मुकदमा, यह है वजह
26 August 2019
सैन फ्रांसिस्को। दुनिया की दो सबसे बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनियों Apple और Samsung पर अमेरिका में मुकदमा कर दिया गया है। यह मुकदमा नुकसानदायक रेडियो तरंगों के उत्सर्जन को लेकर किया गया है। मुकदमे में एपल के वर्जन आइफोन-7 प्लस, आइफोन-8 और आइफोन-10 के साथ सैमसंग के गैलेक्सी एस-8 और गैलेक्सी नोट-8 का नाम शामिल किया गया है।
मुकदमे का यह बनाया आधार
कैलिफोर्निया की जिला अदालत में दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि इन कंपनियों के स्मार्टफोन निर्धारित मानकों से ज्यादा रेडियो तरंगों का उत्सर्जन करते हैं। इससे पहले शिकागो ट्रिब्यून द्वारा की गई एक अलग जांच में आइफोन के मॉडल का उत्सर्जन सुरक्षित स्तर से कहीं ज्यादा पाया गया था। यह उत्सर्जन एपल द्वारा एजेंसियों को बताए गए स्तर से दोगुना था।
जानवरों को होता है नुकसान
हाल में कई ऐसे वैज्ञानिक लेखों में बताया जा चुका है कि मोबाइल फोन से होने वाला उत्सर्जन जीव-जंतुओं पर बहुत बुरा असर डालता है। जिस स्तर को सुरक्षित बताया जा रहा है, कुछ वैज्ञानिक उसे भी हानिकारक बताते रहे हैं।
इंसानों के लिए भी घातक
इसके अलावा इससे ह्यूमन टिश्यू, अनुवांशिकी और शारीरिक अंगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि एपल की ओर से कहा गया है कि वह निर्धारित गाइडलाइन मानने को तैयार है।

ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अमीरों को लगा एंबुलेंस का चस्का, किराए पर पानी की तरह बहा रहे पैसे
26 August 2019
तेहरान। आमतौर पर एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों को जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए होता है। मगर, इन दिनों ईरान की राजधानी में अनोखा ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां के अमीर लोग ट्रैफिक से छुटकारा पाने के लिए एंबुलेंस का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस बारे में एक खबर भी प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि धनाड्य लोग जाम से बचने के लिए कितना पैसा देने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, यह काम गैर-कानूनी है। पिछले सप्ताह फोन पर पहुंची सभी एम्बुलेंस कंपनियों ने इसे लेकर चिंता जाहिर की थी। उनका कहना था कि आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के दुरुपयोग से लोगों का इन पर विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, एम्बुलेंस लाल बत्ती को भी पार कर जाती है और ट्रैफिक के बीच से उन्हें निकलने के लिए भी रास्ता दिया जाता है, ताकि रोगियों को घर से अस्पताल पहुंचाने में कोई देरी नहीं हो।
मगर, एम्बुलेंस को मिली इसी छूट का गलत फायदा ईरान के धनाड्य लोग उठा रहे हैं। ईरान के कई लोगों ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा है कि वे इस गलत प्रथा पर रोक लगाएं। मगर, गैर-आपातकालीन उद्देश्यों के लिए एम्बुलेंस को किराए पर लेना अभी भी बदस्तूर जारी है। घटना पिछले हफ्ते उस वक्त सुर्खियों में आई, जब तेहरान में एम्बुलेंस सेवाओं के प्रमुख ने इस बारे में बात की। हालांकि, एम्बुलेंस कंपनियों ने कहा कि उन्हें एक साल से इसके अनुरोध मिल रहे हैं।
तेहरान में नाजी नाजी एम्बुलेंस सर्विस के प्रमुख महमूद रहीमी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें इस तरह के कॉल मिलते हैं। अमीर लोगों से लेकर अभिनेताओं और एथलीट्स जैसी हस्तियां इस तरह से आपात-कालीन सुविधा के दुरुपयोग के लिए कहती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान के एक प्राइवेट एंबुलेंस सेंटर पर जब फोन की घंटी बजी, तो ईरान के एक प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी की आवाज ऑपरेटर ने सुनी। ऑपरेटर ने उसे तुरंत पहचान लिया और आपातकाल परिस्थिति के लिए सहानुभूति जाहिर की।
फुटबाल स्टार ने हंसते हुए कहा कि कोई भी बीमार नहीं है। वह शहर में कुछ काम के लिए एक एम्बुलेंस के लिए एक दिन के लिए रिजर्व करना चाहता था। फुटबॉलर ने कहा दरअसल, वह चोकिंग ट्रैफिक से बचना चाहता था, जिसमें 10 मिनट के सफर के लिए दो घंटे तक का समय लग सकता है। रिपोर्ट में बताया गया था कि उसने निजी एंबुलेंस ऑपरेटर को जितनी राशि की पेशकश की थी, वह एक टीचर की एक महीने की सैलरी के बराबर थी।
अमीर ईरानियों और यहां तक ​​कि राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करने वाले निजी ट्यूटर्स के बीच एम्बुलेंस को किराए पर लेने का चलन देखने को मिल रहा है। इस देश में किसी के पास भी समय की कोई कमी नहीं है। लिहाजा, समय की बर्बादी वाले ट्रैफिक जाम से रोजाना लोगों को दो-चार होना पड़ता है।

सर्वोच्च नागरिक सम्मान Order Of Zayed से सम्मानित किए गए मोदी
24 August 2019
अबू धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों के दौरे के दूसरे पड़ाव में यूएई पहुंच चुके हैं। भारतीय समयानुसार देर रात प्रधानमंत्री अबू धाबी पहुंचे। अबू धाबी पहुंचने पर पीएम मोदी को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां पहुंचने के बाद शनिवार को पीएम मोदी क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मिले। इसके बाद क्राउन प्रिंस ने उन्हें यूएई के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया।
इस साल अप्रैल में यूएई ने पीएम मोदी को इस पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री को यह सम्मान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और संयुक्त रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया है। इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान का नाम यूएई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के नाम पर रखा गया है। खाड़ी नेता के जन्मशती वर्ष पर पीएम मोदी को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और क्राउन प्रिंस से मुलाकात की और द्विपक्षीय वार्ता की।
RuPay कार्ड होगा लॉन्च
इसके अलावा PM नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान UAE अपने यहां 'रुपे कार्ड' लॉन्च करेगा। रुपे भारतीय पेमेंट गेटवे कार्ड है। यह मास्टरकार्ड और वीजा जैसे अंतरराष्ट्रीय पेमेंट गेटवे कार्ड की ही तरह काम करता है। यूएई इस कार्ड को अपने यहां लांच करने वाला पहला पश्चिम एशियाई देश होगा।

ट्रंप का चीन को एक और झटका, कईं उत्पादों पर 5 प्रितशत बढ़ाया टैरिफ
24 August 2019
वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा गटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के कईं उत्पादों पर 5 प्रतिशत टैरिफ बढ़ा दिया है। ट्रंप का यह कदम चीन द्वारा अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर लगाए गए टैक्स की घोषणा के जवाब में आया है।
व्हाइट हाउस में प्रेस को दिए एक बयान में ट्रंप ने कहा है कि 1 अक्टूबर से अमेरिका, चीन के 250 बिलियन डॉलर के प्रोडक्ट्स और गुड्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ ले रहा है। वहीं 300 बिलियन डॉलर के गुड्स और प्रोडक्ट्स पर 1 सितंबर से 10 प्रतिशत टैक्स लिया जा रहा है। अब इन पर 5 प्रतिशत अधिक यानी कुल 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
चीन के काफी खिलाफ नजर आ रहे अपने बयान में ट्रंप ने दूसरे देशों को भी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि पिछले कईं सालों से अमेरिका और दूसरे देश मिलकर यूनाइटेड स्टेट का व्यापार, बौद्धिक संपदा चोरी और कईं मामलों में फायदा उठा रहे हैं।
बयान में कहा गया है, हमारे देश का सालाना सैकड़ों बिलियन डॉलर्स चीन को जा रहा है जिसका कोई अंत नजर नहीं था। दुखद है कि पूर्व के प्रशासकों ने चीन को काफी दूर निकल जाने दिया। अब यह अमेरिकी टैक्स पेयर्स के लिए एक बड़ा बोझ बन चुका है।
इसमें आगे कहा गया है कि एक राष्ट्रपति के रूप में मैं इसे और नहीं होने दे सकता। एक उचित व्यापार को पाने के लिए हमे यह अनैतिक व्यापार को बैलेंस करना होगा। चीन ने अमेरिका के 75 बिलियन डॉलर के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ नहीं लगाना चाहिए था।
ट्रंप का यह कदम चीन के उस फैसले का बाद आया है जिसमें उसने शुक्रवार को अमेरिका उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।

श्रीलंका के बाद अब मालदीव ने भी कहा- अनुच्छेद 370 खत्म करना भारत का आंतरिक मामला
24 August 2019
माले. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में श्रीलंका के बाद अब मालदीव भी भारत के समर्थन में आया। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच शुक्रवार को फोन पर बात हुई। इस दौरान अब्दुल्ला ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाना भारत का आंतरिक मामला है।
शाहिद ने कुरैशी से यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही मालदीव के करीबी दोस्त और द्विपक्षीय साझेदार हैं। पड़ोसी देशों के आपस में जितने भी विवाद हैं, उनको शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए।
सार्क और यूएन में भी पाक को निराशा मिली
सार्क देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका भी इस मुद्दे पर पाक के साथ नहीं है। सार्क देशों ने भी माना है कि अनुच्छेद 370 खत्म करना भारत का आंतरिक मामला है। पाक और चीन के कहने पर 16 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आपात बैठक बुलाई गई थी। यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि अनुच्छेद 370 के मामले में भारत की जो स्थिति पहले थी, वही बरकरार है। यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मसला है और इसका कोई बाहरी संबंध नहीं है। अगर पाक को बातचीत करनी हो तो पहले आतंकवाद रोके।
श्रीलंका ने कहा- कश्मीर मुद्दे पर कोई टिप्पणी ही नहीं
पाकिस्तान के उच्चायुक्त मेजर जनरल शाहिद अहमद हशमत ने बुधवार को दावा किया था कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की है। इसके बाद श्रीलंकाई राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में इसका खंडन कर दिया गया। सिरिसेना की तरफ से स्पष्ट किया गया कि कश्मीर मुद्दे पर कोई टिप्पणी ही नहीं की जाएगी।

भारत को परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तानी मंत्री की लंदन में हुई पिटाई
23 August 2019
लंदन। भारत सरकार ने जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया, तो भार को परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद की लंदन में जमकर पिटाई की गई है। भीड़ ने उन्हें लात-घूसों से पीटा और अंडे फेंक कर मारे। हमलावरों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और रशीद की पिटाई करने के बाद वे मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद बुधवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी से संबद्ध पीपुल्स यूथ ऑर्गनाइजेशन यूरोप के अध्यक्ष आसिफ अली खान और पार्टी की ग्रेटर लंदन महिला शाखा की अध्यक्ष समाह नाज ने एक बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि रशीद ने पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसके विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने रशीद पर केवल अंडा फेंकने की बात अपने बयान में कही।दोनों नेताओं ने कहा कि शेख रशीद को उनका अहसानमंद होना चाहिए कि उन्होंने उनके खिलाफ विरोध जताने के लिए ब्रिटेन में अंडा फेंकने के सभ्य तरीके का ही केवल इस्तेमाल किया। अवामी मुस्लिम लीग ने कहा है कि इस घटना का कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है, लेकिन दोनों नेताओं ने खुद ही हमले की बात मानी है। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों में बताया गया है कि अवामी मुस्लिम लीग के प्रमुख और रेल मंत्री शेख रशीद पर उस समय हमला किया गया जब वह लंदन के एक होटल में एक पुरस्कार समारोह में भाग लेकर निकल रहे थे।
पेरिस पहुंचे मोदी ने राष्‍ट्रपति मैक्रो से की वार्ता, आज होंगे UAE रवाना
23 August 2019
नई दिल्ली। PM नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर देर रात फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंच गये। उनकी राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रो के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हो गई। मोदी शुक्रवार को फ्रांस से UAE और बहरीन की यात्रा पर जाएंगे। UAE और बहरीन में तीन दिन रुक कर पुन: रविवार को वे फ्रांस वापस लौटेंगे। तब वह फ्रांस के शहर बियारित में समूह-7 देशों की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस मसले पर हो सकती है बातचीत
फ्रांस, UAE और बहरीन की यात्रा की योजना काफी पहले से चल रही थी लेकिन जिस हिसाब से हाल के हफ्तों में दक्षिण एशिया में हालात बदले हैं उसे देखते हुए उक्त तीनों देशों के दौरान कश्मीर मुद्दा काफी अहम रहेगा।
तय हुई दोनों की बैठक
ट्रंप और मोदी के बीच मुलाकात को लेकर पहले से ही कोई तैयारी नहीं थी क्योंकि इनके बीच हाल ही में बैंकाक में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी और अगले महीने (सितंबर, 2019) मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान भी ट्रंप से द्विपक्षीय बैठक होनी है।
दो दिन पहले जॉनसन से बात की थी
PM की समूह -7 देशों की बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप के अलावा ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन के साथ भी मुलाकात हो सकती है। मोदी ने दो दिन पहले जॉनसन से बात की थी और ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग के समक्ष पाकिस्तान समर्थक भीड़ की तरफ से किये गये उत्पात पर अपनी नाराजगी जताई थी।
भारतीय समुदाय के लोगों ने किया स्वागत
फ्रांस के दो दिवसीय दौरे के लिए PM मोदी पेरिस पहुंचे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युल मैक्रों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पेरिस के चार्ल्स द गाउल एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
बहरीन यात्रा के बारे में लिखा
गुरुवार को सुबह में पेरिस रवाना होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल साइट ट्विटर के जरिए यात्रा के बारे में अहम जानकारी दी।
बहरीन यात्रा के बारे में PM ने लिखा है कि यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली बहरीन यात्रा होगी।
PM ने बताया है कि बहरीन में वह खाड़ी क्षेत्र के सबसे प्राचीन मंदिर भगवान श्रीनाथ जी के नए सिरे से विकास से जुड़ी योजना का भी शुभारंभ करेंगे।

ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा के मारे जाने की पुष्टि
23 August 2019
वॉशिंगटन। अमेरिका ने ओसामा बिल लादेन के बेटे हमजा बिन लादेन की मारे जाने की पुष्टि कर दी है। इससे पहले अगस्त के पहले हफ्ते में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से हमजा के एयर स्ट्राइक में मारे जाने की खबर आई थी।
बता दें, अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा के मारे जाने के बाद हमजा ही अल कायदा की कमान संभाल रहा था। इससे पहले तीन अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि उन्हें हमजा बिन लादेन की मौत की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जगह या तारीख का कोई ब्योरा नहीं दिया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने बाद में दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पुष्टि की थी कि हमजा बिन लादेन पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए एक ऑपरेशन में मार दिया गया था, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल था।
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में अमेरिका ने हमजा की नागरिकता छीनते हुए उस पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया था। अमेरिका ने उसे अल कायदा का मुख्य सरगना बताते हुए उनकी जानकारी देने पर इनाम देने की घोषणा की थी। 30 साल के हमजा का अंतिम बयान अल कायदा की मीडिया विंग ने 2018 में जारी किया था। इसमें उसने सऊदी अरब को धमकी दी थी। हमजा ने वहां के लोगों को सऊदी अरब के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाया था।
लंबे समय से उसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। हालांकि, उसके शादी करने की बात सामने आई थी। उसने हमजा ने 9/11 आतंकी हमले के लिए विमान हाइजैक करने वाले मोहम्मद अता की बेटी से की थी। ओसामा के परिवार ने भी इसकी पुष्टि की थी।
ओसामा का उत्तराधिकारी बनाने कि लिए किया गया था तैयार
ओसामा बिन लादेन के 20 बच्चों में से 15वें और उसकी तीसरी पत्नी का बेटा हमजा (30) अल-कायदा के उत्तराधिकारी के रूप में उभर रहा था। उसकी ट्रेनिंग भी इसी तरह से की गई थी कि वह ओसामा बिन लादेन की जगह ले सके। अमेरिकी विदेश विभाग ने 'जिहादी राजकुमार' के सिर पर इनाम रखा था।
हमजा ने मई 2011 में पाकिस्तान में अमेरिकी सेना द्वारा अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों पर हमले के लिए ऑडियो और वीडियो संदेश जारी किए थे।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा-उम्मीद करते हैं भारत कश्मीर पर न्यायपूर्ण नीति लाएगा
22 August 2019
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से दुनियाभर की निगाहें भारत और पाकिस्तान पर टिकी हुई हैं. इन सबके बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई ने कश्मीर में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. सैयद अली ने कहा है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कश्मीर में उठाए गए इस कदम से मुसलमानों में डर बना हुआ है.
ट्विटर पर ख़ामेनेई ने लिखा, हम कश्मीर में मुसलमानों की स्थिति के बारे में जानकार चिंतित हैं. भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार कश्मीर के कुलीन लोगों के प्रति न्यायपूर्ण नीति अपनाएगी और इस क्षेत्र में मुसलमानों के उत्पीड़न को रोकेगी.
उन्होंने ब्रिटेन को भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का दोषी ठहराया. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने जान-बूझकर कश्मीर में संघर्ष बनाए रखने के लिए उस क्षेत्र में कई ऐसे काम किए जो आज भी दोनों देशों को दिक्कत में डालते हैं. गौरतलब है कि सभी मोर्चों पर निराशा हाथ लगने के बाद अब पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने बुधवार को कहा कि इस्लामाबाद कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उठाने की योजना बना रहा है.
कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान मामलों की सीनेट कमेटी को फैसल ने अवगत कराया कि यूएनएचआरसी फोरम के इस्तेमाल सहित विभिन्न विकल्पों को लेकर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए उपलब्ध दूसरा विकल्प मुद्दे को इस्लामी सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में उठाने का है.

इमरान खान ने दी परमाणु युद्ध की गीदड़भभकी, बोले- भारत से बातचीत का कोई मतलब नहीं
22 August 2019
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह भारत के साथ बातचीत जारी नहीं रखना चाहते हैं. अमेरिकी अखबार The New York Times को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने परमाणु हमले की गीदड़भभकी भी दी.
NYT के अनुसार इमरान ने कहा- 'उनसे (भारत) बात करने का कोई मतलब नहीं है. मेरा मतलब है, मैंने सब कुछ कर लिया. दुर्भाग्य से, अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो शांति और संवाद के लिए जो मैं कर रहा था, मुझे लगता है उन्होंने इसे तुष्टीकरण माना.'
NYT के अनुसार इमरान खान ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की तो पाकिस्तान जवाब देने के लिए मजबूर होगा.
इमरान खान ने कहा कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराने के लिए कश्मीर में झूठा अभियान शुरू कर सकता है. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया,'मेरी चिंता यह है कि यह बढ़ सकता है और दो परमाणु-सशस्त्र देशों के लिए, यह दुनिया के लिए खतरनाक होगा.'

डोनाल्ड ट्रंप ने किया आगाह, अफगानिस्तान के आतंकियों से लड़ने को तैयार रहे भारत
22 August 2019
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को आगाह किया कि भारत , ईरान, रूस और तुर्की जैसे देशों को कभी-न-कभी अफगानिस्तान में आतंकवादियों से लड़ना ही होगा. ट्रंप ने कहा कि केवल अमेरिका ही करीब सात हज़ार मील दूर आतंकवाद से लड़ने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि अन्य देश फिलहाल अफगानिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ बहुत कम प्रयास कर रहे हैं.
अफगानिस्तान में आईएसआईएस के फिर से उभरने के सवाल पर ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, कभी-न-कभी रूस, अफगानिस्तान, भारत, ईरान, इराक, तुर्की को अपनी लड़ाई लड़नी होगी. हमने पूरी तरह से खिलाफत को खत्म कर दिया. मैंने यह रिकॉर्ड समय में किया है, लेकिन ये सभी अन्य देश जहां आईएसआईएस उभर रहा है, कभी न कभी उससे प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा, इन सभी देशों को उनसे लड़ना होगा क्योंकि क्या हम और 19 साल वहां रुकना चाहते हैं? मैं नहीं समझता हूं कि ऐसा है.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने संकेत दिए है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह से वापसी नहीं होगी. ट्रंप कहना है कि अमेरिका को इस युद्ध ग्रस्त देश में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी ही होगी. ट्रंप ने अपने ओवल कार्यालय में कहा, हमारे पास खुफिया जानकारी रहेंगी और हमारा कोई न कोई वहां हमेशा मौजूद रहेगा. उन्होंने कहा कि हमने अफगानिस्तान से सैनिकों की संख्या कम की है. हम अपने कुछ सैनिकों को वापस ला रहे हैं लेकिन पूरी तरह से कभी भी अफगानिस्तान को अमेरिका खाली नहीं छोड़ेगा.

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को पूरी तरह नहीं निकालेगा अमेरिका : डोनाल्ड ट्रंप
21 August 2019
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की पूरी तरह वापसी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को युद्धग्रस्त देश में उपस्थिति रहना होगा। ट्रंप ने मंगलवार को अपने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा कि हमारे पास हमेशा खुफिया जानकारी होगी और हमारे पास हमेशा कोई न कोई होगा, जो वहां मौजूद रहेगा। राष्ट्रपति ट्रंप, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ चल रही शांति वार्ता के सवालों का जवाब दे रहे थे।
ट्रंप ने कहा कि वह विभिन्न विकल्पों को देखना चाहेंगे। इन विकल्पों में से एक पर अभी विचार चल रहा है और हम एक योजना के बारे में बात कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि यह योजना मुझे स्वीकार्य होगी या नहीं। शायद यह योजना उनके लिए स्वीकार्य नहीं होगी, लेकिन हम बात कर रहे हैं। हमारी बातचीत अच्छी चल रही है और हम देखेंगे कि इस मामले में क्या होता है। अन्य राष्ट्रपतियों ने जो किया है, यह उसकी तुलना में अधिक है।
ट्रंप ने अफगानिस्तान से सैनिकों की पूरी तरह से वापसी की बात को खारिज करते हुए कहा कि हमने अपने कुछ सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस निकाला है। मगर, हमारी वहां उपस्थिति होनी चाहिए। राष्ट्रपति से पत्रकारों ने पूछा था- क्या हम अफगानिस्तान में तालिबान के पूर्ण और कुल नियंत्रण के साथ 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले से पहले की स्थित पर वापस आ सकते हैं? इस पर ट्रंप ने कहा- हमें यह देखना होगा। और अगर तालिबान जो कह रहे हैं, उस पर वे खरे उतरते हैं, तो वे ऐसा होने से रोकेंगे क्योंकि वे इसे बहुत आसानी से होने से रोक सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि अभी अमेरिका अफगान सरकार के साथ और तालिबान के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम देखेंगे कि इसमें क्या होता है, इस बातचीत से क्या निकलता है। तालिबान हमसे लड़ाई करना बंद करना चाहेगा क्योंकि उसने बहुत कुछ खो दिया है। मगर, हम देखेंगे कि क्या होता है। अफगानिस्तान, एक मुश्किल जगह है। अफगानिस्तान की ही वजह से सोवियत संघ का विघटन हुआ और वह रूस बन गया।
कोई कहेगा अच्छा, क्या रूस अफगानिस्तान में जाएगा? मैंने कहा, अगर वे चाहते हैं, तो उन्हें करने दो। मुझे लगता है कि उन्होंने इससे पहले भी कोशिश की थी, लेकिन इसके अच्छे नतीजे नहीं निकले। ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका विभिन्न चीजों और विकल्पों को देख रहा है। हमें वहां 18 साल हो गए हैं और यह हास्यास्पद है। अभी हमारे करीब 13,000 लोग वहां हैं।

फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से कहा- कश्मीर के मामले में संयम बरतें और कम करें तनाव
21 August 2019
पेरिस। फ्रांस के विदेशमंत्री ने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी को फोन कर उनसे कश्मीर के मामले में संयम बरतने और तनाव को कम करने का आह्वान किया। फ्रांस के प्रवक्ता ने पाकिस्तान से कहा है कि उसे तनाव को बढ़ाने वाले किसी भी कदम को उठाने से बचने की जरूरत है। प्रवक्ता ने मंगलवार को विदेश मामलों के मंत्री जीन-यवेस ली ड्रियन की उनके पाकिस्तानी समकक्ष से हुई बातचीत के बाद यह बात कही।
फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा- दोनों मंत्रियों ने जम्मू और कश्मीर की स्थिति के बारे में बात की। ड्रियन ने कश्मीर के मुद्दे पर फ्रांस की लगातार चली आ रही स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि यह दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) पर निर्भर है। इसे उनके द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता के ढांचे के तहत इस तरह से किया जाना चाहिए, ताकि इस विवाद को हल कर स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
बयान में कहा गया है कि फ्रांस ने दोनों ही देशों को संयम बरतने, तनाव को कम करने और स्थिति को आसान बनाने के लिए फोन किया था। तनाव को बढ़ाने वाले किसी भी कदम को उठाने से बचने की जरूरत है। बताते चलें कि जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के भारत के कदम के खिलाफ पाकिस्तान दुनिया भर से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहा है।
भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है। मंगलवार को इस्लामाबाद ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख करेगा। बताते चलें कि इसी कोर्ट में पाकिस्तान में भारतीय कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाने के मामले में भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना हुआ था।
फ्रांस का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कश्मीर के मामले में मध्यस्थता करने की पेशकश की थी। ट्रंप ने कहा था कि कश्मीर बहुत जटिल मसला है। आपके पास हिंदू और मुसलमान हैं और मैं नहीं कहूंगा कि वे साथ में अच्छे से रहे हैं। मैं मध्यस्थता में अपना सर्वक्षश्रेष्ठ कर सकता हूं। आपके पास दो काउंटीज हैं, जो लंबे समय तक अच्छी तरह से साथ नहीं मिली हैं और स्पष्ट रूप से यह एक बहुत ही विस्फोटक स्थिति है।
बताते चलें कि इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के साथ एक दिन पहले ही फोन पर बात की थी। उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए थे कि वह इस विषय को सप्ताहांत में फ्रांस में होने वाली जी7 इंडस्ट्रियलाइज्ड नेशन्स की समिट के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उठाएंगे। ट्रंप ने कहा कि उनके दोनों प्रधानमंत्रियों (नरेंद्र मोदी और इमरान खान) के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन वे दोनों इस वक्त दोस्त नहीं हैं।

फिलीपींस बगैर अनुमति अपने क्षेत्र में घुसने वाले जहाजों पर करेगा कार्रवाई
21 August 2019
मनीला। फिलीपींस ने अपने जलक्षेत्र में बगैर अनुमति के प्रवेश करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति रोड्रिगो दुर्तेते के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि फिलीपींस के अधिकार क्षेत्र वाले दक्षिण चीन सागर के इलाके से गुजरने से पहले विदेशी पोत को अनुमति लेना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले के खिलाफ सरकार सख्ती करेगी। फिलीपींस ने यह बयान उसके अधिकार क्षेत्र वाले दक्षिण चीन सागर में चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर दिया है।
दक्षिण चीन सागर में अपने दबदबे को दिखाते हुए इस साल चीन के युद्धपोत कई बार फिलीपींस की जलसीमा में प्रवेश कर चुके हैं। फिलीपींस द्वीप समूह के समुद्री इलाके में चीन के तटरक्षक बल, नौसेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से वह राजनयिक स्तर पर कई बार विरोध जता चुका है। राष्ट्रपति की तरफ से जारी बयान में हालांकि चीन का नाम लिया नहीं गया है। दुर्तेते 28 अगस्त से दो सितंबर के बीच चीन के दौरे पर भी जाने वाले हैं।

अमेरिका और कनाडा में भी मना जश्न, पोस्टरों पर लिखा- अनुच्छेद 370 हटाना मतलब अखंड भारत
20 August 2019
ओटावा. अमेरिका और कनाडा में भारतवंशियों ने रविवार को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाते हुए मार्च निकाला। इस दौरान लोग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 खत्म करने का भी समर्थन किया। कनाडा के ओटावा में लोगों ने बैनर पर लिखा- ‘‘धर्मनिरपेक्षता मतलब समावेशी और अनुच्छेद 370 खत्म मतलब अखंड भारत। धन्यवाद पीएम मोदी और अमित शाह।’’
5 अगस्त को हटाया गया था अनुच्छेद 370
1. ओटावा के मेयर जिम वॉट्सन, कनाडा की मंत्री लीसा मैक्लॉड और भारतीय राजदूत विकास स्वरूप भी परेड में शामिल हुए। वहीं, न्यूयॉर्क के मेडिशन एवेन्यू में आयोजित परेड में बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी, हिना खान और गुलशन ग्रोवर मौजूद रहे।
2. वॉट्सन ने ट्वीट किया, ‘‘भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चौथे वार्षिक भारतीय दिवस और झंडावंदन कार्यक्रम में उपस्थित होकर काफी खुश हूं।’’ वहीं, स्वरूप ने कहा, ‘‘हमने मेयर जिम वॉट्सन के साथ ओटावा सिटी हॉल में तिरंगा फहराया।’’
3. न्यूयॉर्क में फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसियएशन (एफआईए) ने कार्यक्रम आयोजित किया था। यहां परेड में एक व्यक्ति महात्मा गांधी की वेशभूषा में नजर आया। परेड में वंदे मातरम और जय हिंद के नारे लगाए गए।
4. 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इसके कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अधिसूचना जारी कर दी। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।

डोनाल्ड ट्रंप की इमरान खान को फटकार, कहा- कश्मीर पर जुबान संभाल के
20 August 2019
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trumph) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान उन्हें कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयानबाजी को लेकर एहतियात बरतने को कहा है. ट्रम्प ने मौजूदा हालात को ‘‘मुश्किल’’ बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा.
इमरान को नसीहत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद उन्होंने खान से बात की. मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा ‘‘भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे’’ का मुद्दा उठाया. व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रम्प ने खान से जम्मू-कश्मीर मामले पर भारत के खिलाफ बयानबाजी में संयम बरतने और तनाव कम करने को लेकर चर्चा की.
व्हाइट हाउस ने कहा, खान के साथ बातचीत के दौरान, ट्रम्प ने दोनों पक्षों के तनाव बढ़ाने से बचने और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया. उसने कहा, दोनों नेताओं ने अमेरिका-पाकिस्तान आर्थिक एवं व्यापार सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने पर भी सहमति जतायी.
दो अच्छे दोस्तों से बातचीत
मोदी और खान से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ट्वीट किया, ‘‘अपने दो अच्छे दोस्तों, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और सबसे अधिक महत्वपूर्ण भारत और पाकिस्तान के कश्मीर में तनाव कम करने को लेकर बात की.’’
क्या कहा था इमरान खान ने
कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए खान ने रविवार को भारत सरकार को ‘फासीवादी’ और ‘श्रेष्ठतावादी’ करार दिया था और आरोप लगाया था कि ये पाकिस्तान और भारत में अल्पसंख्यकों के लिए खतरा है. उन्होंने ये भी कहा था कि दुनिया को भारत के परमाणु आयुध की सुरक्षा पर भी गौर करना चाहिए क्योंकि ये न केवल इस क्षेत्र पर बल्कि विश्व पर असर डालेगा.

जाकिर नाइक पर मलेशिया सरकार भी हुई सख्त, 'सांप्रदायिक सद्भाव' की खातिर तकरीरों पर लगाया बैन
20 August 2019
विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक (Zakir Naik ) के खिलाफ मलेशिया (Malaysia) की सरकार ने सख्त कदम उठाया है. मलेशिया सरकार (Government of Malaysia) ने कहा है कि जाकिर नाइक देश में कहीं भी तकरीर नहीं कर सकता. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मलेशिया के हिन्दू नागरिकों के खिलाफ टिप्पणी करने पर पुलिस ने उससे 10 घंटे की पूछताछ की. इसके बाद सरकार ने यह फैसला किया.
53 वर्षीय जाकिर नाइक ने अमेरिका में 9/11 को हुए आतंकवादी हमलों को 'अमेरिकी सरकार की है साजिश' करार दिया था. वह तीन साल पहले भारत से भागकर मुस्लिम बहुल मलेशिया चले गए, जहां उन्हें स्थायी निवासी बना दिया गया.
मलेशिया पुलिस (Malaysian police) ने कहा कि जाकिर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में प्रतिबंध लगाया गया है. दातुक असमावती अहमद, द कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के प्रमुख, द रॉयल मलेशिया पुलिस, ने मलय मेल को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. नाइक पर मलेशियाई राज्यों जाहिर, सेलांगोर, पेनांग, केदाह और सारावाक से पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है.
मलेशियाई हिन्दुओं और चीनियों के खिलाफ टिप्पणी
(Islamic preacher) नाइक पर आरोप है कि उन्होंने 3 अगस्त को कोटा बारू में एक तक़रीर के दौरान मलेशियाई हिंदुओं और मलेशियाई चीनियों के खिलाफ विवादित टिप्पणी की. मलेशिया से उनके निर्वासन के आह्वान का जवाब देते हुए मलेशियाई चीनी ने कहा कि पहले उन्हें देश छोड़ देना चाहिए, क्योंकि वे 'पुराने मेहमान' हैं.'
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 'जाकिर ने कहा कि मलेशिया में जातीय हिंदुओं को भारत में मुसलमानों की तुलना में '100 गुना अधिक अधिकार' मिले हुए हैं. उन्होंने कहा था कि वह मलेशियाई सरकार से ज्यादा भारत सरकार में विश्वास करते हैं.'
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा
इस्लामिक उपदेशक (Islamic Preacher) जाकिर नाइक की विवादास्पद टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (Prime Minister Mahathir Mohammed) ने रविवार को कहा कि यह 'काफी स्पष्ट' था कि नाइक नस्लीय राजनीति करना चाहता था. महातिर ने कहा, टवह नस्लीय भावनाओं को भड़का रहे हैं. पुलिस को जांच करनी होगी कि क्या इससे तनाव पैदा हो रहा है? जाहिर है, यह हो रहा है.'
महातिर ने कहा कि 'स्थायी निवासी के रूप में नाइक को राजनीति में भाग लेने की अनुमति नहीं है.' उन्होंने कहा 'आप (धार्मिक रूप से) प्रचार कर सकते हैं लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे थे.' मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा, 'वह चीनी नागरिकों के चीन वापस जाने की बात कर रहे थे और भारतीयों के वापस भारत जाने की. मैंने कभी इस तरह की बातें नहीं कीं, लेकिन उन्होंने यही किया है.'

ISIS ने ली काबुल की शादी में हुए धमाके की जिम्मेदारी, 182 घायल और 63 की हुई थी मौत
19 August 2019
काबुल। अफगानिस्तान में शनिवार देर शाम एक शादी समारोह में हुए जबरदस्त बम धमाके की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। इस विस्फोट में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 182 लोग घायल हो गए थे और 63 से अधिक की मौत हो गई है। आईएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए बयान में दावा किया कि उसके लड़ाके ने काबुल में इस समारोह में खुद को उड़ा लिया था। वहीं, अन्य ने सुरक्षा बलों के पहुंचने पर विस्फोटकों से भरे वाहन में धमाका किया।
इस इलाके में इस्लामिक स्टेट का प्रभुत्व बढ़ता जा रहा है। आतंकियों ने समय-समय पर अफगान शादियों को निशाना बनाया है। दरअसल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की कमी की वजह से शादी समारोह को निशाना बनाना आसान होता है। 12 जुलाई को पूर्वी अफगान प्रांत में आईएस के एक आतंकी ने शादी समारोह पर हमला कर दिया था, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए।
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार रात स्थानीय समय के अनुसार 10.40 (भारतीय समयानुसार रात 11.40) बजे अफगानिस्तान में एक शादी की पार्टी के दौरान होटल में यह धमाका किया गया था। करीब 20 मिनट के लिए हॉल धुएं से भर गया था। विस्फोट के दो घंटे बाद भी शवों को हॉल से बाहर निकालने के लिए अधिकारी मशक्कत कर रहे थे।
बताते चलें कि अमेरिका अपने 14 हजार सैनिकों को अफगानिस्तान से निकालने के लिए तालिबान के साथ एक समझौता करने जा रहा है। इस बीच आईएस के उदय ने वहां के स्थानीय निवासियों के मन में शंका पैदा कर दी है। उन्हें डर है कि अमेरिकी सैनिकों को निकलने के बाद अफगानिस्तान की हालत सीरिया जैसी न हो जाए।

चीन ने हांगकांग में दखल को लेकर कनाडा को दी चेतावनी
19 August 2019
ओटावा। हांगकांग को लेकर चीन ने कनाडा को आगाह किया है कि वह इस मामले में दखलंदाजी बंद करे। यह बात ओटावा स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने रविवार को कही। उन्होंने कहा कि कनाडा को वर्तमान परिस्थिति में हांगकांग मुद्दे पर अपने बयान और कार्यों को लेकर सजग रहना चाहिए। हांगकांग में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के मद्देनजर यूरोपीय संघ और कनाडा ने रविवार के विरोध प्रदर्शन से पहले एक संयुक्त बयान जारी कर लोगों की मूलभूत स्वतंत्रता को बनाए रखने की वकालत की थी। कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड और यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख फेडेरिका मोघेरिनी ने कहा था कि मूलभूत स्वतंत्रता के तहत लोगों को शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा होने का अधिकार जारी रहना चाहिए। इसके साथ ही प्रदर्शनों के चलते हांगकांग में हिंसा की बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई गई थी। साथ ही तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत की अपील भी की गई थी।
ढाका में आग से 15 हजार झुग्गियां खाक, 50 हजार लोग हुए बेघर
19 August 2019
ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार देर रात एक बड़ी झुग्गी बस्ती में आग लगने से करीब 50 हजार लोग बेघर हो गए हैं। आग में 15 हजार झुग्गियां जलकर राख हो गईं। झुग्गियों में आगजनी की घटना मीरपुर के चलंतिका इलाके में हुई। आग से कई लोग झुलस गए हैं लेकिन किसी की मौत की फिलहाल कोई खबर नहीं है। पुलिस प्रमुख गुलाम रब्बानी ने कहा कि बकरीद को मनाने के लिए झुग्गीवासी अपने गांव गए हुए थे,इस वजह से ज्यादा लोग हताहत नहीं हुए। ज्यादातर झुग्गियां प्लास्टिक से ढकी होने की वजह से आग तेजी से फैली और देखते-ही-देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल कर्मियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया।
पाकिस्तान ने यूएन में मुंह की खाई, अमेरिका-रूस-यूके ने भारत का साथ दिया
17 August 2019
संयुक्त राष्ट्र। कश्मीर मुद्दा शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पहुंच गया, लेकिन यहां भी पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान से दोस्ती निभाने के लिए चीन ने यह मुद्दा उठा तो दिया, बंद कमरे में 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्यों की बैठक हुई, लेकिन यहां चीन को छोड़कर बाकी सभी देश भारत के साथ खड़े नजर आए। रूस ने तो साफ शब्दों में कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के अंदरूनी मामला है।
1971 के बाद यह पहला मौका है जब बंद कमरे में इस मुद्दे पर बात हुई। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने United Nations Security Council को चिट्ठी लिखी थी, जिसका समर्थन करते हुए चीन ने इस पर बैठक बुलाने की मांग की थी।
बैठक शुरू होने से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को फोन लगाया और कश्मीर मुद्दे पर यूएन में सहयोग मांगा। खबर है कि दोनों नेताओं के बीच करीब 12 मिनट तक बात हुई। हालांकि पाकिस्तान को अमेरिका का साथ नहीं मिला।
बैठक में प्रवेश करते समय रूस के प्रतिनिधि ने साफ कहा कि कश्मीर विवाद में संयुक्क राष्ट्र का कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय विवाद है।
हाल ही में जब कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा तो संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने दोनों से अधिकतम संयम बरतने की अपील करते हुए कहा था कि वे ऐसे कदम उठाने से बचें जिनसे जम्मू-कश्मीर की स्थिति प्रभावित होती हो।

भूटान की राजधानी में लगे मोदी-मोदी के नारे, आम लोगों से मिले पीएम
17 August 2019
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान दौरे के लिए पहुंच गए हैं। भूटान की राजधानी थिम्पू में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। थिंपू के होटल ताज ताशी के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत भारतीयों ने किया। इस दौरान लोग मोदी-मोदी के नारे लगाते दिखाई दिए। पीएम मोदी ने लोगों से मुलाकात की। यह उनका भूटान का दूसरा दौरा है। उन्होंने भूटान रवाना होने से पहले उम्मीद जतायी कि भूटान के नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत सार्थक रहेगी।
सूत्रों के अनुसार,दोनों देशों के बीच इस दौरान कम से कम दस करारों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है और पांच परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा। मेंगदेछू पनबिजली परियोजना का भी इसी दौरान उद्घाटन किया जा सकता है। भारतीय रूपे कार्ड का भी उद्घाटन किया जाएगा। इससे पहले रूपे कार्ड सिंगापुर में भी लांच किया जा चुका है। प्रधानमंत्री भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक ग्राउंड स्टेशन का भी शुभारंग करेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी का भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के पूर्व नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मिलने का कार्यक्रम है। वह प्रधानमंत्री लोतेय शेरिंग के साथ विभिन्न विषयों पर द्विपक्षीय वातार् करेंगे। प्रधानमंत्री भूटान के रॉयल विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित भी करेंगे। वह राष्ट्रीय स्मारक पर भी जाएंगे।

इजराइल: भ्रष्टाचार के आरोपों से नाराज कल्याण मंत्री ने दिया इस्तीफा, कहा- झूठा है दावा
17 August 2019
येरुशलम। इजराइल के एक मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच ने इस्तीफा दे दिया है। देश के कल्याण मंत्री ने अटॉर्नी जनरल द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। इस बारे में स्थानीय मीडिया से जानकारी मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल के कल्याण मंत्री और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के सदस्य हैम कैट्ज ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा है।
निराधार हैं आरोप: कल्याण मंत्री
हैम कैट्ज ने इस संबंध में दिए अपने बयान में कहा, 'मुझे बदनाम करने और मेरे इरादों को गलत साबित करने का प्रयास किया गया है। मैंने सांसद के रूप में हमेशा मेरा काम ईमानदारी और अच्छे विश्वास के साथ किया है। मेरे ऊपर लगे निराधार है।' बताया जा रहा है कि इजराइल के अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने बुधवार को घोषणा की थी कि कैट्ज पर धोखाधड़ी और विश्वास भंग करने का आरोप लगाया जाएगा।
क्या था आरोप?
अटॉर्नी जनरल ने अपने नोटिस में दावा किया था कि कैट्ज ने अपने करीबी सहयोगी और वित्तीय सलाहकार के स्वामित्व वाली एक प्रमुख इजरायली कंपनी एक्विटल को वित्तीय लाभ प्रदान किया है। गौरतलब है कि इजराइली पीएम नेतन्याहू खुद भी भ्रष्टाचार के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं।

बलूचिस्तान के कुचालक में मस्जिद में बम धमाका, 4 की मौत, 15 घायल
16 August 2019
क्वेटा। बलूचिस्तान में क्वेटा के नजदीक कुचालक में आज मस्जिद में बम धमाका हो गया है। इस बम धमाके में मस्जिद में मौजूद 4 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है। इस बम धमाके बाद मस्जिद और आसपास के इलाके में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। मौके पर पुलिस पहुंची है, वहीं घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भेजा जा रहा है। बम धमाका कैसे हुआ फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। अभी किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
रूस में पायलट ने मक्के के खेत में उतारा विमान, बाल-बाल बचे 233 यात्री
16 August 2019
मास्को। रूस के विमान में सवार यात्रियों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उनके विमान से उड़ान भरते ही पक्षियों का झुंड टकरा गया। विमान के दोनों इंजन में खराबी आ गई। विमान को आगे ले जाना संभव नहीं था। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला किया। आनन-फानन में विमान को पायलट ने साहस के साथ मक्के के खेत में ही उतार दिया। पायलट ने इतनी समझदारी से इस पूरे काम को अंजाम दिया कि किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति नहीं पैदा हुई। पायलट की हर तरफ सराहना हो रही है। उसे हीरो बताया जा रहा है। रूसी सरकार ने उसे सम्मानित करने का फैसला किया है। विमान में 226 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे।
रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक विमान में सवार 17 बच्चे समेत 55 लोगों को मामलू चोट आई थी। लेकिन किसी भी यात्री की मौत की खबर नहीं है। घायल यात्रियों में से भी एक को छोड़कर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यूराल एयरलाइंस के विमान एयरबस 321 ने मॉस्को झुकोवस्की इंटरनैशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।
रूस के सरकारी टेलिविजन ने भी इस घटना को चमत्कार बताया है। रूस की मीडिया ने पायलट दामिर युसुपोव को "हीरो" बताते हुए कहा है कि उन्होंने 233 जिंदगियों को बचा लिया। रूस के एक अखबार ने लिखा, "इंजन फेल होने की स्थिति में पायलट ने मक्के के खेत में विमान को सूझबूझ से उतारा।"
इस घटना की तुलना लोग 2009 में अमेरिका के एक विमान की आपातकालीन लैंडिंग से कर रहे हैं। तब विमान से पक्षियों के टकराने के चलते हडसन नदी के किनारे ही पायलट ने विमान को उतार दिया था। इस हादसे पर "सूली" नामक फिल्म भी बनी थी, जिसमें टॉम हाक ने मूख्य भूमिका निभाई थी।
रूसी उड्डयन मंत्रालय की प्रवक्ता एलेना मिखेयेवा ने कहा कि इंजन बंद हो गया था और फिर उसके बाद पायलट ने किसी तरह से इमरजेंसी लैंडिंग को अंजाम दिया।
उड़ान भरते ही हिचकोले लेने लगा विमान
एक यात्री ने नाम उजागर न करते हुए बताया कि टेक ऑफ करने के बाद से ही विमान बुरी तरह से हिचकोले लेने लगा था। इसके पांच सेकेंड बाद ही विमान में दाहिनी तरफ की लाइटें जलने-बुझने लगी। जलने की दुर्गंध भी आने लगी और उसके तुरंत बाद विमान रूक गया और आपात दरवाजे से सभी लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया।
पायलट ने बंद कर दिया था इंजन
एयरलाइन के मुताबिक विमान में 16 टन ईंधन भरा था। मुश्किल से पांच सौ लीटर ईंधन ही जला था। ऐसे में विमान में आग लगने की आशंका थी। लेकिन पायलट ने समझदारी दिखाते हुए विमान के दोनों इंजन बंद कर दिए, ताकि आग की घटना को टाला जा सके।

पाक ने अब भारतीय कलाकारों वाले विज्ञापनों पर भी लगाई रोक
16 August 2019
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से बौखलाया पाक जहां दुनिया के देशों से मदद की भीख मांगता फिर रहा है वहीं भारतीय चीजों पर प्रतिबंध लगाने का काम भी कर रहा है। अब की बार पाकिस्तान में भारतीय कलाकारों वाले विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले के विरोध की कड़ी में यह रोक लगाई गई है।
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी की तरफ से 14 अगस्त को जारी पत्र में इस पाबंदी की घोषणा की है। अथॉरिटी ने कहा है कि पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल अक्टूबर के निर्देशों के बाद उसने भारतीय चैनलों और कार्यक्रमों को दिखाने पर पहले ही रोक लगा दी थी।
लेकिन यह देखने को मिल रहा था कि भारतीय कलाकारों या भारत में तैयार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विभिन्न उत्पादों के विज्ञापनों का प्रसारण हो रहा था, जो सरकार की नीति के खिलाफ था। अथॉरिटी ने कंपनियों से कहा है कि उनके विज्ञापनों का प्रसारण तभी जारी रखा जाएगा, जब भारतीय कलाकारों को बदल दिया जाए।
इस कदम को लेकर पाक मीडिया ने प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहयोगी फिरदौस आशिक अवान के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान में भारतीय विज्ञापनों पर रोक लगाने के साथ ही भारतीय फिल्मों की सीडी बेचने वाली दुकानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

जाकिर नाइक का भारत में नहीं होगा प्रत्यर्पण, किसी और देश को दे सकते हैं : मलेशियन पीएम
14 August 2019
कुआलालंपुर। विवादास्पद मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाईक को लेकर मलेशिया के प्रधानमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जाकिर नाइक को भारत वापस नहीं भेजा जाएगा। उसे किसी और देश में भेजा जा सकता है। बताते चलें कि मलेशिया सरकार के एक मंत्री ने नाइक को भारत वापस भेजने की मांग की थी। दरअसल, नाइक के खिलाफ उस वक्त मलेशिया में नाराजगी फैल गई, जब उसने कहा कि मलय हिंदू पीएम मोदी के प्रति वफादार हैं।
इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को भारत वापस भेजने के लिए मलेशिया में मंत्री ने नए सिरे से आह्वान किया है। हालांकि, देश के प्रधानमंत्री ने उनकी मांग को खारिज कर दिया और कहा कि वह मलेशिया में रहेंगे क्योंकि उनकी जान को खतरा है। मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम. कुलसेगरन ने कहा कि मलेशिया के एक स्थायी निवासी जाकिर नाइक को देश में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें मलेशियाई मामलों की आलोचना करने या स्थानीय समुदायों से आकांक्षाएं रखने के लिए खड़े नहीं होना चाहिए।
न्यू स्ट्रेट टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया के पीएम महाथिर बिन मोहम्मद ने कहा- वह आज यहां हैं, लेकिन अगर कोई भी देश उन्हें चाहता है, तो उनका स्वागत है। जाकिर नाइक मलेशिया में एक ताजा विवाद के बाद चर्चा में आ गया, जब उसने कहा कि मलेशिया के हिंदू मलय पीएम की बजाए भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति अधिक वफादार थे।
इस टिप्पणी के बाद कुलसेगरन ने नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विवादास्पद उपदेशक भारत में आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में वांछित है। भारत वर्तमान में जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल के साथ बातचीत के लिए दबाव बना रहा है। हालांकि, मलेशिया ने इस आधार पर भारत में इस्लामिक उपदेशक को प्रत्यर्पित करने से इंकार कर दिया कि वहां जाकिर नाइक के मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है।

भारत विरोधी और हिंदू विरोधी हो गई है लेबर पार्टी : ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन
14 August 2019
लंदन। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने के भारत सरकार के फैसले पर सियासत सिर्फ भारत और पाकिस्तान में ही नहीं हो रही है। ब्रिटेन की संसद में भी इस मुद्दे पर गर्मागरम बहस जारी है। ब्रिटिश सांसदों के बीच सोशल मीडिया में भारत के फैसले को लेकर हो रही तनातनी के बीच कंजर्वेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जोर दिया कि संविधान में बदलाव भारत का अंतरिक मामला है।
भारत के समर्थन में ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन को संबोधित पत्र में कड़े शब्द में बॉब ब्लैकमैन ने कहा- एक व्यापक रूप से सम्मानित परंपरा है कि हम एक तीसरे देश के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं, विशेष रूप से एक लंबे समय से दोस्त रहे और सहयोगी के मामले में।
ब्रिटिश सांसदों के बीच विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष जेरेमी कॉर्बिन के रविवार को किए गए ट्वीट से शुरू हुई थी। इसमें उन्होंने लिखा था- इस क्षेत्र की स्थिति "परेशान" करने वाली है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने भारत सरकार के फैसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने का आह्वान किया।
कॉर्बिन के ट्वीट में ब्रिटिश लेबर सांसद का एक पत्र को भी फॉलो किया गया था, जिन्होंने जॉनसन से नई दिल्ली द्वारा किए गए तथाकथित "अवैध" कार्यों के खिलाफ कदम उठाने का आग्रह किया था।
कड़े शब्दों में दिया जवाब
लेबर सांसद द्वारा उत्तेजक पत्र के जवाब में ब्लैकमैन ने कहा- यह बहुत अजीब लगता है कि लेबर सांसद सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देने के लिए उठाए गए भारत सरकार के कदम की आलोचना कर रहे हैं। निश्चित रूप से इस तरह के कदम का किसी भी लोकतंत्र में स्वागत किया जाना चाहिए।
ब्लैकमैन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार अपने चुनावी घोषणापत्र को लागू करने के लिए पूरी तरह से हकदार है, जिसने अनुच्छेद 370 और 35ए में संवैधानिक बदलावों को प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि अगर एक चुनी गई सरकार अपने वादों को निभाती है, तो लेबर सांसदों को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इन बदलावों से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा में सुधार होगा और निवेश को आकर्षित करके इस क्षेत्र में समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
कश्मीरी पंडितों को भागने को मजबूर किया गया था
पत्र में यह भी लिखा गया है कि यह ब्रिटिश सरकारों की लंबे समय से चली आ रही स्थिति है कि कश्मीर से संबंधित कोई भी मामला भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है। ब्लैकमैन ने यह भी कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों और संप्रदायों का सम्मान करने की एक लंबी परंपरा है। क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों के बाद भारत के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियों पर लेबर सांसद पर हमला करते हुए ब्लैकमैन ने जोर देकर कहा- 'विशेष हिंदू बस्तियों' को बढ़ावा देने के बारे में की गई टिप्पणियां अत्यधिक उत्तेजक हैं। वे इस क्षेत्र के दुखद इतिहास की उपेक्षा करते हैं जहां हजारों कश्मीरी पंडितों को अपनी मातृभूमि से भागने के लिए मजबूर किया गया।
ब्लैकमैन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि लेबर पार्टी भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी पार्टी बन गई है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने में दिलचस्पी नहीं रखती है। उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी उपमहाद्वीप की राजनीति को ब्रिटेन में लेकर आना चाहती है, ताकि अपने संकीर्ण और सांप्रदायिक हितों को साध सके।

Sri Lanka: आस्था के नाम पर, 70 साल की बीमार हथिनी को फेस्टिवल में चलने पर किया मजबूर
14 August 2019
वर्ल्ड एलिफेंट डे मनाने के दो दिन बाद, टिकिरी नाम की एक 70 साल की हथिनी की दिल दहला देने वाली तस्वीरें ऑनलाइन सामने आईं। इन तस्वीरों में, टिकिरी को श्रीलंका में परेरा फेस्टिवल के दौरान सड़कों पर परेड करने के लिए मजबूर किया गया। लगातार 10 रातों तक परेड करते रहते हुए यह बेजुबान जानवर अपनी पीठ पर सवार एक आदमी के साथ रंग-बिरंगे परिधानों के साथ तैयार था।
तस्वीरों को एक चैरिटी 'सेव एलीफेंट फाउंडेशन' द्वारा अपने फेसबुक पेज पर जारी किया गया। चैरिटी के मुताबिक शोरशराबे, जोरदार आतिशबाजी और भारी धुएं के बीच टिकिरी इस परेड में शामिल होती है। उसे कथित तौर पर त्योहार के दौरान हर रात कई किलोमीटर चलने के लिए मजबूर किया जाता है ताकि लोग समारोह के दौरान धन्य महसूस करें। उसे भारी कपड़े और लाइट्स के साथ तैयार किया जाता है ताकि कोई भी उसके हड्डियां दिखने वाला शरीर या उसकी कमजोर स्थिति न देख सके।
एक रिपोर्ट के अनुसार, सेव एलिफेंट फाउंडेशन के संस्थापक लेक चैलर्ट ने कहा कि टिकरी लगभग 60 हाथियों में से एक है, जो श्रीलंका के कैंडी में बौद्ध त्योहार एसला परेरा में भाग लेने के लिए मजबूर है।
चैरिटी प्रमुख ने कहा कि उन्हें फेस्टिवल मनाने या आस्था का जश्न मनाने वाले लोगों के साथ कोई समस्या नहीं थी, लेकिन इसका इस्तेमाल जानवरों के कल्याण और खुशी में बाधा नहीं डालना चाहिए। चैरिटी द्वारा फेसबुक पोस्ट में उल्लेख किया गया है कि 'प्रेम करना, कोई हानि न करना, दया और करुणा के मार्ग पर चलना, यही बुद्ध का मार्ग है। यह पालन करने का समय है।'
सेव एलिफेंट फाउंडेशन एक थाई नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है जो थाईलैंड में कैद हाथियों आबादी की देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित है। वे स्थानीय उनके बचाव और पुनर्वास कार्यक्रमों, और एजुकेशनल ईकोटूरिज्म से जुड़े एक बहुमुखी दृष्टिकोण के माध्यम से लक्ष्य प्राप्त करते हैं।
एसला परेरा भगवान बुद्ध का त्योहार है और यह त्योहार श्रीलंका में भव्यता के साथ आयोजित किया जाता है। परेरा, जिसे दुनिया के सबसे पुराने, धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, केंद्रीय पहाड़ियों के बीच में स्थित है। इस दौरान, हाथियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों से कलाबाज, बाजीगर, और नर्तकियों के साथ रंगीन कपड़ों और चमकदार रोशनी की चादरें पहनाई जाती हैं।

ह्यूस्टन में होगा पीएम मोदी का 'हाउडी, मोदी' सम्मेलन, सुनने के लिए 40 हजार लोगों ने लिया पास
13 August 2019
वॉशिंगटन। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के शिखर सम्मेलन 'हाउडी, मोदी!' के लिए लगभग 40,000 लोगों रजिस्ट्रेशन करा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के लिए अमेरिका की यात्रा के दौरान 22 सितंबर को इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा- 'हाउ डू यू डू?' को संक्षेप में 'हाउडी' कहा जाता है और और दक्षिण-पश्चिम अमेरिका में आमतौर पर एक दूसरे का हाल-चाल पूछने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
समिट में आना फ्री है, लेकिन इसके लिए पास लेने होंगे। कार्यक्रम के होस्ट ह्यूस्टन स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था 'टेक्सास इंडिया फोरम' को उम्मीद है कि इस आयोजन में करीब 50,000 लोग भारतीय प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए आएंगे। इसे NRG फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा, जो कि अमेरिका के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले शहर में स्थित है।
अमेरिका में पांच लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सबसे बड़ी आबादी ह्यूस्टन में रहती है। यह दुनिया की ऊर्जा राजधानी है और प्रधानमंत्री मोदी के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि मैं पीएम मोदी का ह्यूस्टन में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं, जो अमेरिका में सबसे बड़े और सबसे जीवंत भारतीय समुदायों में से एक घर है।
यह ऐतिहासिक यात्रा व्यापार, संस्कृति और पर्यटन के मामले में ह्यूस्टन और भारत के बीच पहले से ही मजबूत संबंधों को और मजबूत करेगी, जिससे ह्यूस्टन के सभी लोगों को लाभा होगा। टेक्सास इंडिया फोरम ने कहा कि इस आयोजन के लिए 1,000 से अधिक स्वयंसेवक और 650 वेलकम पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन हैं। पहले दो हफ्तों में 39,000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर चुके हैं।

विरोध प्रदर्शनों के बाद खुला हांग कांग एयरपोर्ट, 200 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल
13 August 2019
हांग कांग। हांग कांग की नेता कैरी लैम ने मंगलवार को कहा कि लंबे समय से हो रहे विरोध प्रदर्शनों से एशियाई वित्तीय केंद्र पिछड़ गया है और इसके वापस पटरी में आने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा की घटानाओं के कम होने के बाद वह अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए वह जिम्मेदार होंगी। अभूतपूर्व कदम उठाते हुए शहर के हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया था, जिसकी वजह से 200 से ज्यादा उड़ानों को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
उसकी टिप्पणियां पिछले सप्ताह से बढ़े संकट के गंभीर घटनाक्रम के बाद आई हैं। बीजिंग ने कहा कि सोमवार को विरोध प्रदर्शन में 'आतंकवाद के बीज' दिखाने लगे हैं। पत्रकारों से बात करते समय उनका गला रूंध रहा था और शब्द अटक रहे थे। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 4 जनवरी के बाद से एक फीसद गिरकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद सूचकांक जल्द ही लगभग 1.5 फीसद और नीचे चला गया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की हिंसा की वजह से हांग कांग आतंक और अराजकता की स्थिति में पहुंच गया था।
उन्होंने कहा कि हांगकांग एक खुले, मुक्त, बहुत सहनशील, आर्थिक रूप से स्थिर शहर गंभीर घावों को देखेगा। इसके पटरी पर वापस लौटने में काफी समय लगेगा। चीनी शासित क्षेत्र को बीते दशकों में अपने सबसे गंभीर संकट में पहुंच गया है। चीनी नेता शी जिनपिंग के साल 2012 में सत्ता में आने के बाद से हांग कांग सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे 'एक देश, दो प्रणाली' को खत्म करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। साल 1997 में जब चीन ने इसे ब्रिटेन से वापस लिया था, तब हांगकांग के लिए कुछ स्वायत्तता सुनिश्चित की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पुलिस ने अत्यधिक बल का उपयोग किया है। आंसू गैस और बीन बैग छर्रों को पास के दागा जा रहा है। उन्होंने इसकी स्वतंत्र जांच का आह्वान किया।
लैम ने कहा कि मैं हर किसी से अपने मतभेदों को अलग करने और शांत होने की गुजारिश करती हूं। एक मिनट हमारे शहर, हमारे घर को देखने के लिए ले। क्या हम इसे रसातल में धकेलने और इसे टुकड़े-टुकड़े होते देख सकते हैं? हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने लैम के इस्तीफे की मांग की है।

वॉलमार्ट में हुए हमले के बाद टेक्सास के लोगों में मची बंदूक खरीदने की होड़
13 August 2019
टेक्सास। इस महीने वॉलमार्ट में गोलीबारी की घटना में 22 निर्दोष लोगों की मौत के बाद लोग खौफ में हैं। लिहाजा, लोग अपनी सुरक्षा के लिए परेशान हैं। ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर बंदूक लेकर चलने के लिए लाइसेंस लेने के लिए टेक्सास के अल पासो में एक वीकेंड क्लास में कई लोग पहुंचे।
गुआडालुपे सेगोविया (35) भी अपने दो बच्चों के साथ इस क्लास में पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति सेना में हैं और लंबे समय से उन्हें कपड़ों के नीचे या पर्स में छुपाकर ले जाई जा सकने वाली बंदूक का लाइसेंस हासिल करने के लिए कहते रहे थे।
सेगोविया ने कहा कि अब उनके घर के पास हुए हमले के बाद उन्हें बंदूक चलाने के लिए प्रशिक्षण करने की जरूरत महसूस हो रही है। कक्षाओं में अधिकांश लोग हिस्पैनिक थे। एल पासो मुख्यतः लातीनी शहर है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बंदूकधारी ने वालमार्ट में जानबूझकर हिस्पैनिक्स लोगों पर हमला किया था।
एल पासो की सबसे बड़ी बंदूक की दुकानों में से एक गन सेंट्रल के महाप्रबंधक माइकल मैकइंटायर ने इस क्लास को आयोजित किया था। उन्होंने बताया कि उनके स्टोर में हमले के बाद सप्ताह में बंदूकों की बिक्री सामान्य संख्या दोगुनी हो गई। टेक्सास में पिछली बार बड़े पैमाने पर हुई गोलीबारी के बाद भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था।
ज्यादातर बिक्री हैंडगन की हुई थी, जिसे कपड़ों के नीचे टखने या कंधे में बांधा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को बंदूक चलाने के बारे में सीखने वाले करीब 50 लोग क्लास में आए थे। सामान्यतौर पर इनकी संख्या सात होती है। यहां दो लोग वास्तव में बंदूक खरीदने आए थे, जो वॉलमार्ट शूटिंग वाले दिन वहां वास्तव में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अन्य लोग कह रहे थे कि इस तरह की किसी घटना के समय में मैं खुद को सुरक्षित रखने के काबिल बनना चाहता हूं।
हालांकि, माइकल मानते हैं कि ज्यादातर लोग एल पासो जैसे हमले में जवाबी कार्रवाई नहीं कर पाएंगे, फिर चाहें उनके पास हथियार हो या नहीं हो। कक्षा में कई लोग भी इस बात को स्वीकार करते हैं। लिहाजा, छात्रों को बंदूक चलाने से पहले दौड़ना सिखाया जाता है, ताकि ऐसी स्थिति होने पर वे मौके से भाग सकें। उन्होंने कहा कि केवल एक फीसदी लोग ही जवाबी गोलीबारी करेंगे।
माइकल ने कहा कि सौ में से सिर्फ एक ही गोली चालएगा, बाकी के 99 लोग मौके से भाग जाएंगे।

हांग कांग एयरपोर्ट को प्रदर्शनकारियों ने घेरा, सोमवार को सारी फ्लाइट्स हुईं रद्द
12 August 2019
हांग कांग। हांग कांग हवाई अड्डे के अधिकारियों ने सोमवार को प्रमुख यात्रा केंद्र पर सभी शेष प्रस्थान और आगमन उड़ानों को रद्द कर दिया। दरअसल, हजारों प्रदर्शनकारियों ने अराइवल हॉल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक बयान में कहा कि वहां से उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइट्स, जो चेक-इन प्रक्रिया को पूरा कर चुकी हैं और अराइवल फ्लाइट्स, जो पहले ही हांग कांग की तरफ आ रही हैं उनको छोड़कर अन्य सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।
हजारों लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के हवाई अड्डे पर पहुंचकर प्रदर्शन करने के बाद यह फैसला किया गया है। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर "हांगकांग सुरक्षित नहीं है" और "पुलिस शर्म करो" के नारे लगा रहे थे। बयान में कहा गया है कि हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई अड्डे का संचालन सोमवार को प्रदर्शनकारियों की वजह से गंभीर रूप से बाधित हो गया था।
अधिकारियों ने यह चेतावनी दी कि हवाई अड्डे के लिए आने वाले ट्रैफिक में काफी भीड़ है और कार पार्किंग पूरी तरह से भरी हुई थी। लोगों को हवाई अड्डे पर नहीं आने की सलाह दी जाती है।
चीन पर हांगकांग को लेकर वैश्विक दबाव पड़ रहा है। वहीं, चीन ने हांगकांग के मामले में ब्रिटेन से दखल नहीं देने को कहा है। चीन ने कहा कि कोई भी विदेशी हांगकांग के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, यह चीन का आंतरिक मामला है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अब हांगकांग अब चीनी गणराज्य का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है और अब यह ब्रिटेन का उपनिवेश नहीं है। हांगकांग पर ब्रिटेन का नियंत्रण नहीं है और प्रशासन व निगरानी का अधिकार भी उसके पास नहीं है।

सिंगापुर में 2021 से बंद हो जाएगी हाथी दांत और उससे बने सामानों की ब्रिक्री
12 August 2019
सिंगापुर। अवैध वन्यजीवों के शिकार और उनके अंगों के अवैध व्यापार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने अपने अभियान को सख्त कर दिया है। इसके साथ ही देश में 2021 से हांथी दात और उनसे बने सामानों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। गैर-सरकारी समूहों, हाथी दांत के खुदरा विक्रेताओं और जनता के साथ दो साल तक हुए विचार-विमर्श के बाद विश्व हाथी दिवस पर सिंगापुर ने यह घोषणा की।
सोमवार को जारी किए गए एक बयान में सिंगापुर के राष्ट्रीय पार्क बोर्ड ने हाथी दांत और उनसे बने उत्पादों की बिक्री पर 1 सितंबर 2021 से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसका उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की जेल की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। बोर्ड ने कहा कि व्यापारी अपने स्टॉक को संस्थानों को दान कर सकते हैं या प्रतिबंध के प्रभावी होने के बाद अपने पास रख सकते हैं। सरकार को पिछले साल सार्वजनिक सलाह के बाद पता चला कि जवाब देने वालों में से 99 प्रतिशत लोग इस प्रतिबंध के पक्ष में थे।
शहर और राज्य के अधिकारियों ने पिछले महीने तस्करी कर लाए गए हाथी दांत की सबसे बड़ी खेप को जब्त किया था। एक अनुमान के मुताबिक करीब 300 अफ्रीकी हाथियों का शिकार कर करीब नौ टन हाथी दांतों की इस खेप का मूल्य करीब 129 लाख डॉलर था। अवैध रूप से लाए गए कार्गो को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से एक कंटेनर में सिंगापुर के रास्ते वियतनाम में भेजा जा रहा था।
बताते चलें कि सिंगापुर ने साल 1990 के बाद से हाथी दांत और उससे बने सभी प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय उत्पादों के व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसी वस्तुओं को घरेलू स्तर पर तभी बेचा जा सकता है, जब व्यापारी साबित कर सके कि उन्हें उस वर्ष से पहले आयात किया गया था या लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हाथी की प्रजातियों को शामिल करने से पहले अधिग्रहण किया गया था।
कंघी, पेंडेंट और अन्य आभूषण जैसी फैशन की वस्तुओं को बनाने में इस्तेमाल होने के कारण हाथी दांत की देश-दुनिया में काफी मांग है। लिहाजा, उनका अवैध तरीके से शिकार किया जाता है। 1980 के दशक के मध्य से 20 वीं सदी के मध्य से लेकर तक शिकार की वजह से हाथियों की संख्या घटकर करीब छह लाख तक पहुंचने के बाद साल 1989 में दुर्लभ अफ्रीकी हाथियों के दांत के वैश्विक व्यापार को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।


जर्मनी के मंत्री तैयार कर रहे हैं प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाने का कानून, जानिए क्यों उठाया कदम
12 August 2019
फ्रैंकफर्ट। जर्मनी में मंत्री प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के लिए योजना बना रहे हैं। दरअसल, शुरू में रिटेलर्स के साथ स्वेच्छा से इनके इस्तेमाल को बंद करने की योजना थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। पर्यावरण मंत्री स्वेन्या शुल्ज ने रविवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेरा मंत्रालय इस तरह से प्लास्टिक बैन को लागू करेगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई टाइम टेबल नहीं दिया। शुल्ज ने कहा कि उनका मकसद है कि हम थ्रो अवे सोसाइटी (फेंक देने वाले समाज) से निकलें और कुल मिलाकर प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करें।
बताते चलें कि यूरोपियन यूनियन एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उत्पादों जैसे स्ट्रॉ, चाकू और कांटों के इस्तेमाल को साल 2021 से बंद करने जा रहा है। हालांकि, अन्य सामानों में प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए कुछ समय जरूर दिया जाएगा।
दुनियाभर के देशों में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की पहल हो रही है। दरअसल, यह कभी गलती नहीं है और पर्यावरण को जबरदस्त नुकसान पहुंचाती है। दुनिया में सबसे ज्यादा प्लास्टिक वेस्ट निकालने के मामले में चीन का पहला स्थान है।
वहीं, दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया है। इंडोनेशनिया ने कहा है कि वह साल 2025 तक समुद्र में जाने वाले प्लास्टिक के कचरे में करीब 70 फीसदी की कमी करेगा। इसके लिए वहां की सरकार ने काम करना भी शुरू कर दिया है और प्लास्टिक का कचरा देने पर मुफ्त में बस में सफर देने की योजना चलाई जा रही है। साथ ही लोगों को भी प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने के बारे में जागरुक किया जा रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक हर साल करीब 80 लाख टन प्लास्टिक का कचरा महासागरों में जाता है। एलेन मैकआर्थर फाउंडेशन की साल 2016 की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि समुद्र में 2050 तक वजन के हिसाब से मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगी।

धारा 370 पर भारत के पक्ष में रूस, कहा-संवैधानिक दायरे में लिया गया फैसला
10 August 2019
नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का रूस ने भी समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत सरकार ने जो भी परिवर्तन किए हैं, वह संविधान के ढांचे के तहत किया है। रूसी मंत्रालय का कहना है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के समान्य होने के समर्थक है।
मतभेद जल्द खत्म हो जाएंगे
रूसी मंत्रालय का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों के बीच मतभेद जल्द खत्म हो जाएंगे। यह मसला राजनीतिक और राजनयिक स्तर पर हल हो सकता है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान भारत के फैसले से तिलमिलाया हुआ है। उसके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी बीते शुक्रवार को चीन पहुंचे और इस मुद्दे को उठाया। चीन ने जम्मू-कश्मीर के हालिया हालात पर चिंता व्यक्त की।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी पाकिस्तान के अनुरोध को खारिज कर दिया है। उसने शिमला समझौते के तहत समस्या को सुलझाने की सलाह दी है। उसने भी कश्मीर मसले को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताया है। इसमें तीसरा पक्ष हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
पाकिस्तान को अमरीका से भी राहत नहीं मिली। यहां पर विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर पर अमरीकी नीति में कोई बदलाव नहीं है। वह प्रत्यक्ष तौर पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए कहता है। अंत में चीन ने भी पाकिस्तान को इस मामले में समर्थन करने का आश्वासन दिया है। उसने कहा कि वह चाहता है कि कश्मीर मसले को यूएन के प्रस्ताव और शिमला समझौते के तहत सुलझाया जाए।

उत्तर कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण, अमरीका ने नहीं दी प्रतिक्रिया
10 August 2019
सियोल। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण कर सबको चौंका दिया। इस बार दो प्रोजेक्टाइल मिसाइल छोड़ी गईं। यह मिसाइल पूर्वी सागर में छोड़ी गई हैं।गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने बीते माह दो मध्यम दूरी की मिसाइलें दागीं थी। इन्हें समुद्र में छोड़ा गया था। दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की थी।
दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित असैन्य क्षेत्र में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद ये दूसरा मिसाइल परीक्षण है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले बीते माह यह परीक्षण किया था। तब सियोल के एक अधिकारी ने बताया था कि एक मिसाइल ने 430 किलोमीटर से अधिक की उड़ान भरी, जबकि दूसरी मिसाइल ने 690 किलोमीटर तक की उड़ान भरी। उन्होंने कहा था यह अपने आप में एक अलग तरह की मिसाइल है।
दक्षिण कोरिया अत्याधुनिक हथियार लेना बंद करे
उस दौरान उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग का कहना था कि दक्षिण कोरिया और अमरीका अपने सैन्य अभ्यासों को बंद करे। इसके साथ दक्षिण कोरिया अत्याधुनिक हथियारों को भी लेना बंद करे। उत्तर कोरिया ने आगाह किया था कि इन युद्ध अभ्यासों से वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण की वार्ता बहाल होने की योजना प्रभावित हो सकती है।
वहीं जापान के रक्षा मंत्री ने किम के इस कदम को ‘अत्यधिक खेदजनक’ बताया। मगर अमरीकी राष्ट्रपति ने इसे महज एक इत्तेफाक बताया है। उनका कहना है कि वह जानते हैं कि किम अपने देश की प्रगति के लिए बेहतर सोच रखते हैं। हालांकि नए परीक्षण के बाद ट्रंप का कोई बयान सामने नहीं आया है।

अमरीका: विमान दुर्घटना में भारतीय डॉक्टर दंपति और उनकी बेटी की मौत
10 August 2019
वाशिंगटन। अमरीका में एक भारतीय डॉक्टर दंपति और उनकी बेटी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वे अपने निजी विमान से सफर कर रहे थे। ये घटना फिलाडेल्फिया में गुरुवार को हुई। इस बात की जानकारी अमरीकी राहत कर्मियों ने दी। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय डॉक्टर जसवीर खुराना और उनकी पत्नी 54 वर्षीय डॉक्टर दिव्या खुराना और उनकी बेटी किरण खुराना के तौर पर हुई है।
खुराना एक लाइसेंसड पायलट थे
इस हादसे में उनकी एक और बेटी के जीवित रहने की सूचना है। वह विमान में सवार नहीं हुई थी। खुराना एक लाइसेंसड पायलट थे। वह 44 साल पुराने विमान को उड़ा रहे थे। यह विमान उनके नाम रजिस्टर्ड था। बताया जा रहा है कि दोनों पति और पत्नी रिसर्चर थे। दोनों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) में प्रशिक्षिण लेकर करीब दो दशक पहले ही अमरीका आ गए थे।
एयरपोर्ट से करीब छह बजे उड़ान भरी
नेशनल ट्रांस्पोर्टेशन सिक्योरिटी बोर्ड (एनडीएसबी)के अनुसार विमान ने नॉर्थ फिलाडेल्फिया एयरपोर्ट से करीब छह बजे उड़ान भरी थी। यह ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर जा रहा था। घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें घटना के बारे में करीब शाम छह बजे पता चल सका। परिवार के तीनों सदस्यों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
घटनास्थल पर यह विमान पेड़ों में फंसा दिखाई दिया। चारों ओर मलबा बिखरा हुआ था। इस दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ। जांच में शामिल एक अधिकारी का कहना है कि यहां बहुत से घर हैं और एक रिहायशी इलाका था। मगर यह विमान किसी भी घर से नहीं टकराया।

टेरर फाइनेंसिंग ब्लैकलिस्ट से बचने के लिए चीन की मदद चाहता है पाकिस्तान
9 August 2019
इस्लामाबाद। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उसे डर है कि टेरर फाइनेंसिंग ब्लैकलिस्ट में उसका नाम शामिल हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो उसे मिलने वाली आर्थिक मदद पूरी तरह से बंद हो जाएगी। लिहाजा, उसने अपने सदाबहार दोस्त चीन से एक बार फिर मदद की गुहार लगाई है। इस मामले से जुड़े जानकारों ने बताया कि पाकिस्तान ने चीन और दो अन्य विकासशील देशों से सख्त वित्तीय प्रतिबंधों से बचने के लिए समर्थन देने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि ग्लोबल एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और काउंटर टेरेरिज्म फाइनेंसिंग स्टैंडर्ड्स को पूरा करने की समय सीमा पाकिस्तान के हाथ से निकलती जा रही है। पाक सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर में अंतिम समीक्षा से पहले पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATA) द्वारा निर्धारित 27 एक्शन आइटम्स का पालन करने में वह विफल रहेगी। इस स्थिति में कुछ FATA सदस्य देश, खासतौर पर चिर प्रतिद्वंद्वी भारत, उसका नाम संगठन की ब्लैकलिस्ट में डालने के लिए कदम उठा सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद कम हो जाएगी और इसका असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाले 6 अरब डॉलर के कार्यक्रम पर भी पड़ेगा। इसकी वजह से पाकिस्तान के सामने बकाया भुगतान का संकट खड़ा हो जाएगा। दरअसल, अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों ने आतंकवादियों से निपटने के लिए और आतंकवादी समूहों को वित्तपोषण बंद करने के लिए एक अभियान चलाया था। इसके बाद FATA ने पाकिस्तान को पिछले साल ग्रे मॉनीटरिंग लिस्ट में डाल दिया था।
तब से पाकिस्तान को 27 उपायों की एक सूची का पालन करने के लिए कहा गया है। इसमें आतंक के वित्तपोषण के जोखिमों की पहचान करना और उनकी निगरानी करना और अवैध मुद्रा पर नियंत्रण को बढ़ाना शामिल है। ऐसा नहीं करने पर वह ईरान और उत्तर कोरिया की तरह ब्लैकलिस्ट में शामिल हो सकता है।

Article 370 पर पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए पत्र पर UNSC की अध्यक्ष ने कहा- नो कमेंट्स
9 August 2019
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष जोआना रोनेका ने भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के संबंध में पाकिस्तान की तरफ से लिखे गए पत्र पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। न्यूयॉर्क में जब एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा- नो कमेंट्स।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतरेस को पत्र लिखकर दावा किया था कि जम्मू और कश्मीर में धारा 370 को रद्द करने से यूएनएससी के प्रस्ताव का उल्लंघन हुआ है। इससे पहले गुतरेस ने भारत और पाकिस्तान दोनों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की थी और कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर में स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा- महासचिव ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर 1972 के समझौते को भी याद किया, जिसे शिमला समझौते के रूप में भी जाना जाता है। उसमें कहा गया था कि यूनाइटेड नेशन्स के चार्टर के अनुसार, जम्मू और कश्मीर की अंतिम स्थिति को शांतिपूर्ण तरीकों से तय किया जाना है।
बयान में कहा गया- महासचिव ने सभी दलों से जम्मू-कश्मीर की स्थिति को प्रभावित करने वाले कदम उठाने से परहेज करने का आह्वान किया। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस वक्त बढ़ गया, जब भारत सरकार ने मंगलवार को अनुच्छेद 370 को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने वाले विधेयक का प्रस्ताव पारित किया। नई दिल्ली के फैसलों से हताश इस्लामाबाद ने इस कदम को खारिज कर दिया और कहा कि इन कदमों का सामना करने के लिए वह सभी संभव विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।
पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कम करने और जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने के बाद पड़ोसी देश के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापार गतिविधियों को निलंबित करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार शांति और स्थिरता बनी रहे।

ईरान से तनाव के बीच सऊदी अरब ने हज यात्रियों से कहा, सियासत से रहें दूर
9 August 2019
मक्का। सऊदी अरब के मक्का में इस हफ्ते शुरू होने वाली सालाना हज यात्रा के लिए दुनियाभर से लाखों मुस्लिम पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इस साल करीब 25 लाख से अधिक मुस्लिम हज यात्रा के लिए सऊदी अरब पहुंच सकते हैं। इस मौके पर सऊदी अरब ने हज यात्रियों को आगाह किया है कि वे सियासत से दूर रहें और सिर्फ हज पर ध्यान दें। यह सलाह ऐसे समय पर दी गई है जब सुन्नी बहुल सऊदी अरब और शिया बहुल ईरान के बीच तनाव चरम पर है।
बताते चलें कि इस साल क्षेत्र में तेल के टैंकरों पर हमले और ड्रोन हमले बढ़ने को लेकर पैदा हुए तनाव के बीच हज यात्रा हो रही है। खाड़ी के अग्रणी देश सऊदी अरब और उसके साथी देश अमेरिका ने ईरान को इन हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, सऊदी अरब के चिर प्रतिद्वंद्वी ईरान ने इससे इनकार किया है। बताया जा रहा है कि सउदी अरब और ईरान के बीच कूटनीति रिश्ते बंद होने के बावजूद ईरान के करीब 88,550 ईरानियों के इस साल हज यात्रा में कर सकते हैं।
मक्का की ग्रांड मस्जिद के इमाम अब्दुलरहमान अल-सुदैस ने गुरुवार को यहां कहा, "हज सियासी संघर्ष या सांप्रदायिक नारे लगाने के लिए स्थान नहीं है।" इस हफ्ते की शुरुआत में मक्का के गवर्नर प्रिंस खालिद अल-फैसल ने भी हज यात्रियों से कहा था कि वे सभी मसलों को अपने मुल्कों में छोड़कर आएं और यहां से लौटने के बाद ही उन पर चर्चा करें।
18 लाख हज यात्री पहुंचे सऊदी
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 18 लाख से ज्यादा हज यात्री मक्का पहुंच चुके हैं। मक्का पहुंचने के बाद हज यात्री काबा की परिक्रमा करते हैं। हज यात्रा पांच दिनों की होती है। तीसरे दिन बकरीद के बाद हज यात्री मुजदलिफा की तरफ जाएंगे और शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा करेंगे।

आर्टिकल 370 हटने से पाकिस्तान की छटपटाहट जारी, 'हमेशा के लिए बंद' की समझौता एक्सप्रेस
8 August 2019
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के भारत के फैसले से तिलमिलाया पाकिस्तान एक-एक करके बड़े कदम उठा रहा है। भारत से राजनयिक संबंध खत्म करने और एक एयरस्पेस बंद करने के बाद अब पाकिस्तान ने एक और बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, अब पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच चलने वाले समझौता एक्सप्रेस की सेवाएं बंद करने का फैसला किया है। नहीं भेजा गार्ड और ड्राइवर पाकिस्तानी मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने ट्रेन ड्राइवर और गार्ड को समझौता एक्सप्रेस के साथ न भेजने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि समझौता एक्सप्रेस भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली साप्ताहिक ट्रेन है। यह ट्रेन गुरुवार और सोमवार को भारत में दिल्ली से पाक के लाहौर दौड़ती है।
पाकिस्तान के रेलवे मंत्री शेख राशिद अहमद ने इस बारे में ऐलान किया। अहमद ने कहा कि, 'रेलवे मंत्रालय के फैसले के अनुसार समझौता एक्सप्रेस की सेवाएं हमेशा के लिए बंद कर दी गई हैं। यह गाड़ी हफ्तेे में दो बार चलाई जाती थी। जिन लोगों ने टिकट खरीद लिया है वे लाहौर के कार्यालय से वापस कर पैसे ले सकते हैं।'
भारत को पाकिस्तान ने भेजा ये संदेश
इस बारे में अटारी अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन के सुपरिटेंडेंट अरविंद कुमार गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को पाकिस्तान से समझौता एक्सप्रेस को भारत आना था, लेकिन पाकिस्तान ने संदेश भेजा कि भारतीय रेल अपना ड्राइवर और क्रू मेंबर भेजे और समझौता एक्सप्रेस को ले जाए। अरविंद कुमार के मुताबिक पाकिस्तानी रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। पाकिस्तान के संदेश के बाद भारतीय रेल अपना ड्राइवर और गार्ड समझौता एक्सप्रेस को लेने भेजेगा।
आपको बता दें कि सोमवार भारत के कदम के बाद पाकिस्तान ने एक के बाद एक कई कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने भारत के फैसले को एकतरफा और गैरकानूनी बताते हुए कई एकपक्षीय फैसले किए है। एक नजर अब तक पाकिस्तान द्वारा लिए गए फैसलों पर
- भारत के साथ राजनायिक संबंध तोड़ा
- भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली वापस भेजने का फैसला किया
- भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म किए
- भारत की सीमा से लगे एक एयरस्पेस को बंद किया
- भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कम करने का फैसला
- कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की धमकी दी

आर्टिकल 370: UAE ने मोदी सरकार के फैसले पर जताया समर्थन, बताया भारत का आंतरिक मामला
8 August 2019
दुबई। केंद्र की मोदी सरकार ने एक एतिहासिक फैसला करते हुए जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 और 35ए को समाप्त कर दिया। इसके बाद देश-दुनिया से तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी।
जहां एक ओर पाकिस्तान और चीन ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है वहीं श्रीलंका ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है। इसी कड़ी में संयुक्त अरब अमीरात ने भी एक बयान देते हुए मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
भारत में UAE के राजदूत डॉ. अहमद अल बन्ना ( Dr. Ahmad Al Banna ) ने कहा कि भारतीय सरकार ने जम्मू और कश्मीर राज्य से संबंधित भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ उपबंधों को हटाया है।
उन्होंने कहा कि हमने भारतीय संसद में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक की शुरुआत पर भी ध्यान दिया, जिसका उद्देश्य अनुच्छेद 370 को खत्म कर लद्दाख क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर राज्य को भारत के दो नए केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में बनाना है। बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करते हुए केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है।
जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है: बन्ना
डॉ. अहमद अल बन्ना ने टिप्पणी की कि उनकी समझ से राज्यों के पुनर्गठन स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अनोखी घटना नहीं है और इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय असमानता को कम करना और दक्षता में सुधार करना था।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य से संबंधित इस नवीनतम निर्णय को भारतीय संविधान द्वारा निर्धारित आंतरिक मामले के रूप में देखा है।

खाड़ी देशों में पाकिस्तानी डॉक्टरों की डिग्री अमान्य, भारतीय डॉक्टरों को ग्रीन सिग्नल
8 August 2019
रियाद। आतंकी पनाहगाही और आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान पहले ही अलग-थलग पड़ चुका है, अब उसके मित्र कहे जाने वाले अरब देशों से भी उसके लिए बुरी खबरें ही आ रही हैं। इन देशों में काम कर रहे पाकिस्तानी डॉक्टरों के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल, सऊदी अरब और कुछ अन्य अरब देशों ने पाकिस्तान की डॉक्टरी डिग्री को अस्वीकार कर दिया है। सैकड़ों पाकिस्तानी डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा
जानकारी मिल रही है कि इन देशों में सदियों पुराने स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रम- एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) और एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) को अस्वीकार करने की घोषणा की है। ऐसे में उन्‍होंने ऐसी डिग्री धारक डॉक्‍टरों को भी उच्चतम भुगतान की पात्रता सूची से बाहर करने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद कथित तौर पर पाकिस्‍तान के सैकड़ों उच्च योग्यता वाले डॉक्‍टरों की नौकरी पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है।
डॉक्टरों को देश छोड़ने का आदेश
पाकिस्तान के ज्यादातर डॉक्टर सऊदी अरब में हैं। प्रशासन ने उन्हें इस फैसले के बाद देश छोड़ने का निर्देश दिया है, साथ ही चेतावनी भी दी है कि ऐसा न करने पर उन्‍हें निर्वासित कर दिया जाएगा। सऊदी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तान के एमएस/एमडी की डिग्री बिना संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम के ही दी जाती है। लेकिन महत्वपूर्ण पदों के लिए यह कार्यक्रम एक अनिवार्यता है, ऐसे में पाकिस्तान की डिग्री को अस्वीकार की जाती है।
गौरतलब है कि सऊदी के स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम ने साल 2016 में अधिकतर ऐसे डॉक्टरों को काम पर रखा था, जिनकी डिग्री इस फैसले के बाद अस्वीकार है। इन डॉक्टरों की नियुक्ती ऑनलाइन आवेदन से हुई थी। बाद में कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में इंटरव्यू के जरिए इनका चयन हुआ था।
भारत समेत इन देशों की डिग्री वैध
सऊदी सरकार के फैसले के बाद, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी डिग्री रद्द करने की घोषणा की। हालांकि, इन्होंने भारत, मिस्‍त्र, सूडान और बांग्‍लादेश की डिग्रियों को वैधता प्रदान की है। इसका मतलब इन देशों के डिग्रीधारक डॉक्‍टर मेडिकल प्रैक्टिस जारी रख सकते हैं।

आतंकी फंडिंग के मामले में कोर्ट ने आतंकी हाफिज सईद को ठहराया दोषी
7 August 2019
इस्लामाबाद। लाहौर से 17 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को पाकिस्तान की गुजरांवाला अदालत ने दोषी करार दिया है। पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद देने के आरोप में हाफिज सईद को गिरफ्तार किया था। उसका केस को अब पाकिस्तान के गुजरात में शिफ्ट कर दिया गया है। ये जानकारी पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कही जा रही है।
मुंबई 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और उसे सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। हालांकि, बाद में 24 जुलाई को उसे 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था। भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने में मास्टर माइंड की भूमिका निभा चुके सईद के मामले में कोर्ट ने काउंटर टेरेरिज्म डिपार्टमेंट को आदेश दिया कि वह 7 अगस्त तक पूरी चार्जशीट दायर करे।
बताते चलें कि तीन जुलाई को हाफिज सईद और नायब अमीर अब्दुल रहमान मक्की सहित प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के शीर्ष 13 नेताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून, 1997 के तहत आतंक के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए लगभग दो दर्जन मामले दर्ज किए गए थे। काउंटर टेरेरिज्म डिपार्टमेंट ने पाकिस्तान में पंजाब के पांच शहरों में यह मामले दर्ज किए थे। अधिकारियों ने कहा था कि जमात उद दावा अपने धर्मार्थ संगठनों अल-अनफाल ट्रस्ट, दावतुल इरशाद ट्रस्ट और मुआज बिन जबल ट्रस्ट में जमा होने वाले धन का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग करने में शामिल था।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब हाफिज सईद को गिरफ्तार किया गया हो। उसे पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन हर बार उसे रिहा कर दिया जाता रहा है। मगर, इस बार भारत की कूटनीतिक दांव और अमेरिकी दबाव में उस पर कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान बाध्य हो गया है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी अमेरिकी दौरे के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में अभी भी 40 हजार आतंकी मौजूद हैं।

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